Author: bharati

  • NEET मुद्दे पर देशभर में तेज हुआ आंदोलन, शहर-शहर सड़कों पर उतरी कांग्रेस, जंतर-मंतर पर CJP का धरना जारी

    NEET मुद्दे पर देशभर में तेज हुआ आंदोलन, शहर-शहर सड़कों पर उतरी कांग्रेस, जंतर-मंतर पर CJP का धरना जारी


    नई दिल्ली। शिक्षा व्यवस्था और NEET परीक्षा से जुड़े कथित घोटाले को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब राष्ट्रीय स्तर पर फैलता नजर आ रहा है। जंतर-मंतर से शुरू हुए आंदोलन में अब छात्रों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों के साथ कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल भी शामिल हो गए हैं। संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और राहुल गांधी की हिरासत के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है।

    जंतर-मंतर से शुरू होकर कई राज्यों तक पहुंचा आंदोलन
    दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ प्रदर्शन अब कई राज्यों में फैल चुका है। प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इस दौरान कई स्थानों पर धक्का-मुक्की और लाठीचार्ज की स्थिति बनी तथा कई लोगों को हिरासत में लिया गया। सोशल मीडिया पर घायल छात्रों के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद इस मुद्दे पर देशभर में चर्चा तेज हो गई।

    राहुल गांधी की हिरासत के बाद बढ़ा सियासी तापमान
    मंगलवार शाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी को प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया। इसके बाद कांग्रेस ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। वहीं, सरकार का कहना है कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है।

    संसद में भी गूंजा मामला
    संसद के मानसून सत्र में भी NEET और शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा प्रमुखता से उठा। विपक्ष ने परीक्षा प्रणाली और प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा। जवाब में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्रों का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है और प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना नियमों के विरुद्ध है।

    बारिश के बीच भी जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारी
    बुधवार सुबह दिल्ली में बारिश के बावजूद जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या पहले से अधिक दिखाई दी। आयोजकों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

    अहमदाबाद सहित कई शहरों में प्रदर्शन
    दिल्ली के अलावा अहमदाबाद में करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। वहीं हैदराबाद, मुंबई, प्रयागराज सहित कई शहरों में भी प्रदर्शन आयोजित किए गए, जिनमें विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया।

    प्रीति जिंटा ने दी प्रतिक्रिया
    बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने कहा कि छात्रों का समर्थन करना और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उचित है, लेकिन यह भी जरूरी है कि शांतिपूर्ण आंदोलन का दुरुपयोग देशविरोधी तत्व न कर सकें। उन्होंने सोशल मीडिया पर बढ़ती नफरत और विभाजनकारी माहौल पर भी चिंता जताई।

    राज्यसभा में चर्चा की मांग
    आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सदन का कामकाज स्थगित कर NEET-UG पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली की कथित विफलता, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई और सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर चर्चा कराने की मांग की है।

    आंदोलन जारी रखने का ऐलान
    जंतर-मंतर पर धरना दे रहे आयोजकों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं कांग्रेस ने भी राहुल गांधी की हिरासत के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज करने के संकेत दिए हैं।

  • अगले 6 महीने इन 3 राशियों पर रहेगा शनि का प्रभाव, साढ़ेसाती के दौरान बरतनी होगी विशेष सावधानी

    अगले 6 महीने इन 3 राशियों पर रहेगा शनि का प्रभाव, साढ़ेसाती के दौरान बरतनी होगी विशेष सावधानी


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में शनि देव को कर्मों का फल देने वाला और न्याय का देवता माना गया है। शनि की चाल सबसे धीमी होने के कारण उनका प्रभाव भी लंबे समय तक बना रहता है। जब शनि किसी राशि के बारहवें, प्रथम और दूसरे भाव से गोचर करते हैं, तो इस अवधि को शनि की साढ़ेसाती कहा जाता है। इसे व्यक्ति के धैर्य, अनुशासन और कर्मों की परीक्षा का समय माना जाता है।

    ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आने वाले महीनों में मेष, कुंभ और मीन राशि के जातकों को धन, स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। आइए जानते हैं इन तीनों राशियों पर साढ़ेसाती का क्या प्रभाव रहेगा और कब इससे राहत मिलेगी।

    मेष राशि
    मेष राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। इस दौरान आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लेने की जरूरत होगी। अनावश्यक खर्च बजट बिगाड़ सकते हैं और कुछ लोगों पर कर्ज का दबाव भी बढ़ सकता है। स्वास्थ्य के लिहाज से मानसिक तनाव, सिरदर्द, आंखों की परेशानी और अनिद्रा जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। इसलिए सेहत को लेकर लापरवाही न बरतें। पंचांग के अनुसार, मेष राशि के जातकों को 31 मई 2032 को साढ़ेसाती से पूरी तरह मुक्ति मिलेगी।

    कुंभ राशि
    कुंभ राशि वालों पर इस समय साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। पंचांग के अनुसार, 3 जून 2027 को शनि के पूर्ण राशि परिवर्तन के साथ यह प्रभाव समाप्त हो जाएगा। इस अवधि में आर्थिक लेन-देन में सावधानी रखने की जरूरत है। रुका हुआ धन मिलने में देरी हो सकती है या उधार दिया गया पैसा समय पर वापस न मिले। पारिवारिक और कार्यस्थल पर गलतफहमियां भी बढ़ सकती हैं। ऐसे में वाणी और क्रोध पर नियंत्रण रखना लाभकारी माना गया है।

    मीन राशि
    मीन राशि के जातकों पर इस समय साढ़ेसाती का दूसरा और सबसे प्रभावशाली चरण चल रहा है। इस दौरान करियर और स्वास्थ्य दोनों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। व्यापार में साझेदारों के साथ मतभेद हो सकते हैं, जबकि नौकरीपेशा लोगों की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से सीने से जुड़ी समस्याएं या मौसमी बीमारियां परेशान कर सकती हैं। साथ ही सामाजिक और पेशेवर जीवन में अपनी छवि एवं व्यवहार को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। द्रिक पंचांग के अनुसार, मीन राशि के जातकों को 8 अगस्त 2029 को साढ़ेसाती से पूरी तरह राहत मिलेगी।

    साढ़ेसाती के दौरान क्या करें?
    ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, शनि का प्रभाव हमेशा प्रतिकूल नहीं होता। यह समय व्यक्ति को अनुशासन, परिश्रम और जिम्मेदारी का महत्व सिखाता है। नियमित पूजा-पाठ, जरूरतमंदों की सहायता, संयमित जीवनशैली, खर्चों पर नियंत्रण और धैर्य बनाए रखने से साढ़ेसाती के संभावित दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

  • एमपी में आज 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी, अगले चार दिन तेज बारिश के आसार

    एमपी में आज 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी, अगले चार दिन तेज बारिश के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले 36 घंटों से प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र के अनुसार, आगामी चार दिनों तक प्रदेश में तेज बारिश का दौर बना रहेगा। बुधवार को उज्जैन, धार, गुना समेत 15 जिलों के लिए भारी और अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी भोपाल में भी रात से लगातार रिमझिम बारिश हो रही है।

    चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट
    मौसम विभाग ने शिवपुरी, गुना, सागर और डिंडौरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है। वहीं श्योपुर, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, धार और बड़वानी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

    इन जिलों में भी बारिश का दौर रहेगा जारी
    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    बारिश बढ़ने से सुधरे आंकड़े
    लगातार हुई बारिश का असर प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर भी दिखाई दिया है। एक ही दिन की बारिश से प्रदेश का कुल वर्षा घाटा 3 प्रतिशत कम हो गया है। सोमवार तक जहां मध्य प्रदेश में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, वहीं मंगलवार को यह घटकर 14 प्रतिशत रह गई।

    मौसम विभाग के अनुसार, अब तक प्रदेश में 286.8 मिमी (11.3 इंच) वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस अवधि तक 335.3 मिमी (13.2 इंच) बारिश होनी चाहिए थी। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 11 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।

    41 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश
    प्रदेश के 41 जिलों में अब भी औसत से कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में निवाड़ी को छोड़कर लगभग सभी जिलों में वर्षा सामान्य से कम रही है। वहीं 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम विशेषज्ञ ने क्या कहा
    मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में मानसून फिलहाल सक्रिय अवस्था में है। यदि बंगाल की खाड़ी से नमी की आपूर्ति और मौजूदा मौसमीय तंत्र बने रहते हैं, तो प्रदेश के मध्य हिस्सों में आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश जारी रह सकती है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति जल संसाधनों और कृषि के लिए लाभदायक होगी, हालांकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव और यातायात संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं।

  • बुधवार को करें श्रीगणेश की विशेष आराधना, हर बाधा होगी दूर, घर में आएगी सुख, शांति और समृद्धि

    बुधवार को करें श्रीगणेश की विशेष आराधना, हर बाधा होगी दूर, घर में आएगी सुख, शांति और समृद्धि


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में बुधवार का दिन प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश को समर्पित माना जाता है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और बुद्धि के देवता कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो श्रद्धालु बुधवार के दिन पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करता है उसके जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और उसे सुख समृद्धि धन वैभव तथा सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले भगवान गणेश का स्मरण करने की परंपरा भी इसी कारण से चली आ रही है क्योंकि उनकी कृपा के बिना कोई भी कार्य पूर्ण नहीं माना जाता।

    बुधवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ हरे या हल्के रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थान की साफ-सफाई कर भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र को स्थापित करें। पूजा में दूर्वा घास लाल पुष्प सिंदूर चंदन धूप दीप अक्षत और मोदक या बेसन के लड्डू अवश्य अर्पित करें क्योंकि यह भगवान गणेश को अत्यंत प्रिय माने जाते हैं। इसके बाद शुद्ध घी का दीपक जलाकर भगवान गणेश का ध्यान करें और उनके मंत्रों का जाप करें।

    पूजा के दौरान गणपति अथर्वशीर्ष गणेश चालीसा अथवा ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि समय कम हो तो श्रद्धा पूर्वक भगवान गणेश का नाम स्मरण और आरती करना भी लाभकारी माना जाता है। पूजा के बाद परिवार के सभी सदस्यों में प्रसाद वितरित करें और जरूरतमंद लोगों को भोजन या हरे रंग की वस्तुओं का दान करें। इससे पुण्य फल की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुधवार का संबंध बुध ग्रह से भी माना जाता है। जिन लोगों की कुंडली में बुध ग्रह कमजोर होता है उन्हें इस दिन भगवान गणेश की पूजा के साथ हरे मूंग हरी सब्जियां या हरे वस्त्र का दान करना चाहिए। इससे बुध ग्रह मजबूत होता है और शिक्षा व्यापार नौकरी तथा वाणी से जुड़े क्षेत्रों में सफलता मिलने लगती है। विद्यार्थियों के लिए भी बुधवार का दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि भगवान गणेश की कृपा से स्मरण शक्ति और एकाग्रता बढ़ती है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार के दिन किसी भी प्रकार के झूठ छल कपट और क्रोध से दूर रहना चाहिए। इस दिन विवाद करने से बचना चाहिए और जितना संभव हो मधुर वाणी का प्रयोग करना चाहिए। भगवान गणेश विनम्रता और सद्भाव से प्रसन्न होते हैं इसलिए मन में सकारात्मक विचार रखते हुए उनकी आराधना करना सबसे अधिक फलदायी माना गया है।

    यदि लंबे समय से कोई कार्य अटका हुआ है आर्थिक परेशानियां बनी हुई हैं या करियर और व्यापार में लगातार बाधाएं आ रही हैं तो बुधवार के दिन भगवान गणेश के मंदिर जाकर दूर्वा और मोदक अर्पित करें। इसके साथ गरीबों की सहायता करें और गौ सेवा का संकल्प लें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से विघ्न दूर होते हैं और सफलता के नए मार्ग खुलते हैं।

    बुधवार की नियमित पूजा न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है बल्कि व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास सकारात्मक सोच और उन्नति के नए अवसर भी लेकर आती है। भगवान श्रीगणेश की कृपा से परिवार में सुख शांति बनी रहती है और हर शुभ कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण होता है।

  • Aaj Ka Rashifal 22 July 2026: कुंभ-मीन को अचानक धन लाभ, सिंह-कन्या के करियर में सफलता के नए अवसर

    Aaj Ka Rashifal 22 July 2026: कुंभ-मीन को अचानक धन लाभ, सिंह-कन्या के करियर में सफलता के नए अवसर


    नई दिल्ली । 22 जुलाई 2026, बुधवार का दिन कई राशियों के लिए आर्थिक लाभ, करियर में प्रगति और पारिवारिक खुशियां लेकर आया है। जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल।

    आज का राशिफल – 22 जुलाई 2026

    मेष (Aries)
    आज नई शुरुआत के लिए दिन शुभ है। साझेदारी में शुरू किया गया काम लाभ देगा। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी और परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा।

    वृषभ (Taurus)
    करियर में उन्नति के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापारियों के लिए विदेश से जुड़े अवसर बनेंगे। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा और नई खरीदारी संभव है।

    मिथुन (Gemini)
    आज आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। नौकरी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए समय अनुकूल रहेगा। अनुभवी लोगों की सलाह लाभदायक होगी।

    कर्क (Cancer)
    परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। नौकरी में पदोन्नति और आय बढ़ने के योग हैं। संतान से शुभ समाचार मिल सकता है। रिश्तों में मिठास बनी रहेगी।

    सिंह (Leo)
    करियर में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। नौकरी और व्यवसाय दोनों में सफलता मिलेगी। इंजीनियरिंग, कला और व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर प्राप्त होंगे। पुराने मित्र से मुलाकात संभव है।

    कन्या (Virgo)
    आज बड़ी व्यावसायिक डील मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार और ससुराल पक्ष से सहयोग मिलेगा। अधिक काम के कारण थकान महसूस हो सकती है।

    तुला (Libra)
    मेहनत का पूरा फल मिलेगा। ऑफिस में वरिष्ठ अधिकारी आपके काम की सराहना करेंगे। व्यापार में लाभ होगा। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा।

    वृश्चिक (Scorpio)
    दिन मिला-जुला रहेगा। वकीलों और कानूनी क्षेत्र से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और बाहर का भोजन करने से बचें। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें।

    धनु (Sagittarius)
    आज अधिकांश कार्य सफल होंगे। कार्यस्थल पर सम्मान मिल सकता है। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और पारिवारिक माहौल सुखद रहेगा।

    मकर (Capricorn)
    बड़े फैसले सोच-समझकर लें। संपत्ति और निवेश से जुड़े मामलों में जल्दबाजी न करें। कारोबार में विशेषज्ञ की सलाह लाभ देगी। खानपान का विशेष ध्यान रखें।

    कुंभ (Aquarius)
    आज अचानक धन लाभ के प्रबल योग हैं। व्यापार में बड़ा फायदा मिल सकता है। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। निवेश करते समय सावधानी बरतें और वाणी पर संयम रखें।

    मीन (Pisces)
    व्यापार में सफलता और आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा और पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है।

  • डीजीपी ने भारतीय पुलिस सेवा में नियुक्त अधिकारियों को लगाई रैंक

    डीजीपी ने भारतीय पुलिस सेवा में नियुक्त अधिकारियों को लगाई रैंक


    भोपाल
    । भारत सरकार, गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार भारतीय पुलिस सेवा (चयन सूची-2025) के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य पुलिस सेवा के सात अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (मध्यप्रदेश कैडर) में नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय, भोपाल में अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा की रैंक लगाई।

    इस दौरान डीजीपी  कैलाश मकवाणा ने सभी अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि आपकी समर्पित एवं निष्ठापूर्ण सेवा का प्रतिफल है। प्रदेश में कानून एवं शांति व्यवस्था बरकरार रखने में आपने उत्कृष्ट कार्य किया है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि भविष्य में भी आप प्रदेश की प्रगति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय देंगे। आप अपनी कार्यप्रणाली एवं व्यवहार को ऐसा रखें कि वह अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बने।

    उन्होंने कहा कि समय पर योग्य अधिकारियों को अवसर प्रदान किया जाना सदैव सरकार की प्राथमिकता रही है, जिसका परिपालन करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा में नियुक्त किया गया है।

    डीजीपी  मकवाणा ने पुलिस मुख्यालय में  निमिषा पाण्डेय,  मलय जैन,  अमित सक्सेना, मनीषा पाठक सोनी, श्रीमती सुमन गुर्जर,  सब्यसाची सराफ तथा समर वर्मा को भारतीय पुलिस सेवा की रैंक लगाई।

    उल्लेखनीय है कि भारत सरकार, गृह मंत्रालय द्वारा दिनांक 17 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार भारतीय पुलिस सेवा (चयन सूची-2025) के इन अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा में परिवीक्षा पर नियुक्त करते हुए मध्यप्रदेश कैडर आवंटित किया गया है। भारतीय पुलिस सेवा (परिवीक्षा) नियम, 1954 के प्रावधानों के अनुसार सभी अधिकारी एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि पूर्ण करेंगे तथा निर्धारित इंडक्शन प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।

  • यूसीसी महिलाओं और बेटियों को समाज में सुरक्षा और बराबरी का अधिकार दिलाएगा ; हेमंत खण्डेलवाल

    यूसीसी महिलाओं और बेटियों को समाज में सुरक्षा और बराबरी का अधिकार दिलाएगा ; हेमंत खण्डेलवाल


    भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने मध्यप्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने यूसीसी लागू कर इतिहास रचा दिया है। भाजपा सरकार का यह निर्णय मध्यप्रदेश के इतिहास में सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों को सशक्त बनाने वाला ऐतिहासिक अध्याय है। यूसीसी महिलाओं और बेटियों को समाज में सुरक्षा और बराबरी का अधिकार दिलाएगा। इस कानून से सामाजिक समरसता, महिला सशक्तिरण के साथ संवैधानिक मूल्यों को नई मजबूती मिलेगी।

    मध्यप्रदेश ने समान न्याय, समान अधिकारों की भावना को साकार किया
    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि विधानसभा द्वारा यूसीसी विधेयक पारित कर मध्यप्रदेश ने समान न्याय, समान अधिकारों की भावना को साकार किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के समान न्याय और समान अधिकारों की भावना को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। लिव-इन रिलेशनशिप का 1 महीने में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करना दण्डनीय अपराध है। हमारी सरकार ने जनजातीय समाज को यूसीसी कानून के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा है। जनजातीय समुदाय की संस्कृति से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। मध्यप्रदेश में अब एक ही कानून चलेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक समरसता तथा पारदर्शी कानूनी व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में यह एक दूरगामी और प्रभावी निर्णय सिद्ध होगा।

    विधानसभा की स्वीकृति से संविधान की मूल भावना को मिली मजबूती
    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि समान नागरिक संहिता विधेयक का विधानसभा से पारित होना संविधान के नीति-निर्देशक तत्वों में निहित उस भावना को साकार करने वाला कदम है, जिसमें सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून की परिकल्पना की गई है। समान नागरिक संहिता समाज के सभी वर्गों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करेगी, जिससे नागरिकों के अधिकार एवं कर्तव्य किसी पंथ अथवा व्यक्तिगत परंपराओं के आधार पर अलग-अलग न होकर संविधान की भावना के अनुरूप समान रूप से लागू होंगे। यह निर्णय न्यायिक समानता, सामाजिक समरसता और सुशासन को नई मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों के कारण विशेषकर महिलाओं को न्याय प्राप्त करने में अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। समान नागरिक संहिता इन चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करते हुए महिलाओं को अधिक अधिकार-संपन्न बनाने तथा उनके हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समान नागरिक संहिता मध्यप्रदेश को अधिक समरस, न्यायपूर्ण और प्रगतिशील राज्य बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगी।
  • गुरु पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियां तेज, 24 जुलाई से शिव महापुराण कथा, 29 जुलाई को गुरु दीक्षा समारोह

    गुरु पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियां तेज, 24 जुलाई से शिव महापुराण कथा, 29 जुलाई को गुरु दीक्षा समारोह


    सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में हर साल की तरह इस साल भी गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव की शुरुआत 24 जुलाई से होगी। इस मौके पर दोपहर में कथा और 29 जुलाई को दीक्षा महोत्सव का आयोजन प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सानिध्य में किया जाएगा। मंदिर परिसर में होने वाली कथा की तैयारियां पूर्ण की जा रही है। इसको लेकर स्वयं अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित श्री मिश्रा ने यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को लेकर भोजनशाला सहित अन्य भव्य पंडालों का निरीक्षण कर यहां पर मौजूद विठलेश सेवा समिति के सेवादारों से चर्चा की। मंदिर परिसर में महोत्सव के लिए भव्य पंडाल स्थाई रूप से बना है।  इसको लेकर विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा और पंडित सहित अन्य ने मंदिर परिसर में भोजन, कथा स्थल आदि की व्यवस्था की।

    विश्व प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम में आयोजित होने वाले गुरु पूर्णिमा महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। आयोजन समिति एवं जिला प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक व्यवस्थाएं कर रहे हैं। महोत्सव में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
    विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि 24 जुलाई से 28 जुलाई तक प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक शिव महापुराण कथा का आयोजन होगा। इसके बाद 29 जुलाई को प्रात: 7 बजे से रात्रि 7 बजे तक भव्य गुरु दीक्षा समारोह एवं गुरु पूर्णिमा महोत्सव आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
    महोत्सव के एक दिन पहले से रुद्राक्ष वितरण रहेगा बंद
    महोत्सव की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए 24 जुलाई से रुद्राक्ष वितरण अस्थायी रूप से बंद रहेगा। इस अवधि में स्वयंसेवक आयोजन स्थल की व्यवस्था, श्रद्धालुओं के आवागमन, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक कार्यों में जुटे रहेंगे।
    होटल और धर्मशालाएं लगभग फुल
    गुरु पूर्णिमा महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया है। इसके चलते कुबेरेश्वरधाम सहित आसपास के होटल, धर्मशालाएं एवं अन्य आवासीय स्थल लगभग हाउसफुल हो चुके हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहले से ही अपने ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं।
    समिति और प्रशासन की संयुक्त तैयारियां
    आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति एवं जिला प्रशासन द्वारा यातायात, पार्किंग, सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, साफ-सफाई, बैरिकेडिंग एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यापक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
    मंगलवार को अपने प्रवचन के दौरान अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा  ने कहा कि महादेव कहते हैं धैर्य रखो, समय सबका बदलता है। जो मुझ पर विश्वास रखता है, उसका कभी अहित नहीं होता। इसलिए प्रतिदिन भगवान शिव का नाम जप करें और श्रद्धा के साथ एक लोटा जल अवश्य अर्पित करें। उन्होंने कहा कि भगवान शिव अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा से प्रसन्न होते हैं और उन पर सदैव अपनी कृपा बनाए रखते हैं। कुबेरेश्वरधाम में प्रतिदिन आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक भोजनशाला में निरंतर नि:शुल्क भोजन प्रसादी की व्यवस्था की जा रही है। विठलेश सेवा समिति के स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सेवा में निरंतर जुटे हुए हैं और बड़ी संख्या में भक्त प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं। हर वर्ष आयोजित होने वाला गुरु पूर्णिमा महोत्सव कुबेरेश्वरधाम का प्रमुख आध्यात्मिक आयोजन माना जाता है। इस वर्ष भी शिव महापुराण कथा, गुरु दीक्षा समारोह और विशाल सेवा व्यवस्थाओं के कारण देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
  • क्या अब डेंगू से नहीं जाएगी जान भारत की पहली QDENGA वैक्सीन पर जानिए कैसे करती है काम और कितनी है प्रभावी

    क्या अब डेंगू से नहीं जाएगी जान भारत की पहली QDENGA वैक्सीन पर जानिए कैसे करती है काम और कितनी है प्रभावी


    नई दिल्ली । मानसून का मौसम अपने साथ राहत लेकर आता है लेकिन इसी दौरान डेंगू जैसी गंभीर बीमारी का खतरा भी तेजी से बढ़ जाता है। हर वर्ष लाखों लोग डेंगू की चपेट में आते हैं और कई मरीजों की जान भी चली जाती है। ऐसे समय में भारत के लिए बड़ी राहत की खबर यह है कि देश में पहली बार डेंगू से बचाव के लिए QDENGA वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है। विशेषज्ञ इसे डेंगू के खिलाफ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रहे हैं क्योंकि यह बीमारी के गंभीर रूप और अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को काफी हद तक कम करने की क्षमता रखती है।

    QDENGA जापान की दवा कंपनी टाकेडा द्वारा विकसित एक लाइव एटेन्यूएटेड वैक्सीन है। इसमें डेंगू वायरस के कमजोर स्वरूप का उपयोग किया जाता है ताकि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली वायरस को पहचानकर उसके खिलाफ सुरक्षा विकसित कर सके। बाद में यदि वास्तविक डेंगू वायरस शरीर पर हमला करता है तो प्रतिरक्षा तंत्र तेजी से सक्रिय होकर गंभीर संक्रमण की आशंका को कम करने में मदद करता है।

    इस वैक्सीन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह डेंगू वायरस के चारों प्रमुख प्रकारों से सुरक्षा देने के उद्देश्य से विकसित की गई है। पहले उपलब्ध कुछ वैक्सीन में टीकाकरण से पहले यह जांच जरूरी होती थी कि व्यक्ति को पहले डेंगू हुआ है या नहीं। लेकिन QDENGA के लिए ऐसी जांच आवश्यक नहीं है जिससे बड़े स्तर पर टीकाकरण करना अधिक आसान हो सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार यह वैक्सीन 6 वर्ष से 60 वर्ष तक की आयु के लोगों के लिए उपयुक्त मानी गई है। इसे दो डोज में लगाया जाता है और दोनों डोज के बीच लगभग तीन महीने का अंतर रखा जाता है। पहली डोज शरीर में प्रारंभिक प्रतिरक्षा तैयार करती है जबकि दूसरी डोज लंबे समय तक सुरक्षा को मजबूत बनाती है।

    क्लिनिकल परीक्षणों में इस वैक्सीन के उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। अध्ययनों के अनुसार इससे डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती होने का खतरा लगभग 84 प्रतिशत तक कम देखा गया जबकि संक्रमण का जोखिम भी काफी हद तक घटा। हालांकि यह वैक्सीन संक्रमण की पूरी तरह गारंटी नहीं देती लेकिन गंभीर बीमारी और मृत्यु के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

    भारत में इसकी कीमत का आधिकारिक ऐलान अभी नहीं हुआ है लेकिन शुरुआती अनुमान के अनुसार इसकी एक डोज की कीमत लगभग चार से पांच हजार रुपये के बीच हो सकती है। शुरुआत में यह निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में उपलब्ध होने की संभावना है। भविष्य में इसे सरकारी टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा या नहीं इस पर निर्णय बाद में लिया जाएगा।

    अच्छी बात यह भी है कि भारत की दवा कंपनी जायडस लाइफसाइंसेज के साथ हुए समझौते के तहत भविष्य में इस वैक्सीन का निर्माण भारत में भी किया जाएगा। इससे इसकी उपलब्धता बढ़ने और कीमत कम होने की संभावना जताई जा रही है।

    हालांकि विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि केवल वैक्सीन ही डेंगू की समस्या का पूर्ण समाधान नहीं है। मच्छरों की रोकथाम साफ सफाई घर और आसपास पानी जमा न होने देना पूरी बाजू के कपड़े पहनना मच्छरदानी और रिपेलेंट का उपयोग करना तथा बुखार आने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना आज भी उतना ही जरूरी है।

    डेंगू के खिलाफ यह वैक्सीन भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जरूर है लेकिन इसके साथ जागरूकता और बचाव के उपाय अपनाना भी आवश्यक है। यदि टीकाकरण और मच्छर नियंत्रण दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जाए तो आने वाले वर्षों में डेंगू से होने वाले गंभीर मामलों और मौतों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

  • दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी पर मप्र में प्रदर्शन, विधानसभा में धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक

    दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी पर मप्र में प्रदर्शन, विधानसभा में धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक


    भोपाल।
    दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को मध्य प्रदेश में कांग्रेस का प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा। प्रदेशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच विधानसभा में मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर कांग्रेस विधायक देर रात तक धरने पर बैठे हुए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी उनके साथ धरने में शामिल हैं।

    मंगलवार को जीतू पटवारी लोकभवन के सामने धरने पर बैठे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं को वहां से हटाकर वाहन में बैठा लिया। कुछ देर बाद वे सीधे विधानसभा पहुंचे और धरना दे रहे विधायकों का समर्थन किया।

    दरअसल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के पास प्रदर्शन किया था। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। इसी के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी प्रदेश में प्रदर्शन किया।

    विधानसभा में मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर धरना जारी

    मंगलवार को शाम तक विधानसभा की कार्यवाही के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। कुछ विधायक विरोध जताने के लिए फर्श पर भी लेट गए। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने धरना खत्म कराने की कोशिश की लेकिन विधायक नहीं माने। बाद में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी बातचीत के लिए पहुंचे। इस दौरान उनकी नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से तीखी बहस हुई और कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी की।

    भोपाल के अलावा इंदौर, जबलपुर, कटनी, खंडवा, हरदा, शाजापुर, टीकमगढ़, रतलाम, डबरा और खरगोन समेत कई जिलों में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन, रैली और नारेबाजी की। कुछ जगह चक्काजाम और पुलिस से धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। देर रात तक अधिकांश जिलों में प्रदर्शन समाप्त हो गए, जबकि विधानसभा में कांग्रेस विधायकों का धरना जारी है।