भोपाल: बशीर बद्र की याद में जुटेगा साहित्यिक जगत, राज सदन में होगी श्रद्धांजलि सभा


भोपाल  भोपाल का साहित्यिक और सांस्कृतिक वातावरण एक बार फिर भावनात्मक माहौल में डूबने जा रहा है, क्योंकि शहर के ख्यात पद्मश्री शायर Bashir Badr को श्रद्धांजलि देने के लिए एक सामूहिक सभा का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 30 मई को शाम 5 बजे दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय के राज सदन में आयोजित होगा।

28 मई को उनके निधन के बाद से ही देशभर के साहित्यिक जगत में शोक की लहर है। भोपाल, जो उनकी साहित्यिक कर्मभूमि में से एक रहा है, वहां विभिन्न साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्थाएं मिलकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी।

इस श्रद्धांजलि सभा में दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय, मध्यप्रदेश लेखक संघ, वनमाली सृजन पीठ, मध्यप्रदेश लेखिका संघ, हिन्दी भवन, अभिनव कला परिषद, प्रभात साहित्य परिषद, कला मंदिर, अखिल भारतीय साहित्य परिषद, वरिष्ठ नागरिक मंच और अंतरराष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच सहित कई प्रमुख संस्थाएं शामिल होंगी। शहर के वरिष्ठ साहित्यकार, कवि और शायर भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल औपचारिक श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि शायर Bashir Badr के रचनात्मक योगदान को याद करना और उनकी शायरी की विरासत को जीवंत रखना है। इस दौरान उनकी प्रसिद्ध गजलों और शेर-ओ-शायरी के माध्यम से उन्हें याद किया जाएगा, जिससे माहौल पूरी तरह साहित्यिक और भावुक हो उठेगा।

दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय की निदेशक करुणा राजूकर ने शहर के सभी साहित्य प्रेमियों और सांस्कृतिक संस्थाओं से अपील की है कि वे इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर शायर को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करें। उनका कहना है कि यह अवसर न केवल एक महान शायर को याद करने का है, बल्कि हिंदी और उर्दू साहित्य की समृद्ध परंपरा को भी सम्मान देने का है।

भोपाल हमेशा से साहित्य और शायरी का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, और Bashir Badr की उपस्थिति ने इस शहर को एक विशेष पहचान दी है। ऐसे में उनकी स्मृति में आयोजित यह सभा साहित्यिक दुनिया के लिए एक भावपूर्ण क्षण साबित होगी, जहां शब्दों के जरिए उनके योगदान को सलाम किया जाएगा।