Author: bharati

  • क्या अब डेंगू से नहीं जाएगी जान भारत की पहली QDENGA वैक्सीन पर जानिए कैसे करती है काम और कितनी है प्रभावी

    क्या अब डेंगू से नहीं जाएगी जान भारत की पहली QDENGA वैक्सीन पर जानिए कैसे करती है काम और कितनी है प्रभावी


    नई दिल्ली । मानसून का मौसम अपने साथ राहत लेकर आता है लेकिन इसी दौरान डेंगू जैसी गंभीर बीमारी का खतरा भी तेजी से बढ़ जाता है। हर वर्ष लाखों लोग डेंगू की चपेट में आते हैं और कई मरीजों की जान भी चली जाती है। ऐसे समय में भारत के लिए बड़ी राहत की खबर यह है कि देश में पहली बार डेंगू से बचाव के लिए QDENGA वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है। विशेषज्ञ इसे डेंगू के खिलाफ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रहे हैं क्योंकि यह बीमारी के गंभीर रूप और अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को काफी हद तक कम करने की क्षमता रखती है।

    QDENGA जापान की दवा कंपनी टाकेडा द्वारा विकसित एक लाइव एटेन्यूएटेड वैक्सीन है। इसमें डेंगू वायरस के कमजोर स्वरूप का उपयोग किया जाता है ताकि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली वायरस को पहचानकर उसके खिलाफ सुरक्षा विकसित कर सके। बाद में यदि वास्तविक डेंगू वायरस शरीर पर हमला करता है तो प्रतिरक्षा तंत्र तेजी से सक्रिय होकर गंभीर संक्रमण की आशंका को कम करने में मदद करता है।

    इस वैक्सीन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह डेंगू वायरस के चारों प्रमुख प्रकारों से सुरक्षा देने के उद्देश्य से विकसित की गई है। पहले उपलब्ध कुछ वैक्सीन में टीकाकरण से पहले यह जांच जरूरी होती थी कि व्यक्ति को पहले डेंगू हुआ है या नहीं। लेकिन QDENGA के लिए ऐसी जांच आवश्यक नहीं है जिससे बड़े स्तर पर टीकाकरण करना अधिक आसान हो सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार यह वैक्सीन 6 वर्ष से 60 वर्ष तक की आयु के लोगों के लिए उपयुक्त मानी गई है। इसे दो डोज में लगाया जाता है और दोनों डोज के बीच लगभग तीन महीने का अंतर रखा जाता है। पहली डोज शरीर में प्रारंभिक प्रतिरक्षा तैयार करती है जबकि दूसरी डोज लंबे समय तक सुरक्षा को मजबूत बनाती है।

    क्लिनिकल परीक्षणों में इस वैक्सीन के उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। अध्ययनों के अनुसार इससे डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती होने का खतरा लगभग 84 प्रतिशत तक कम देखा गया जबकि संक्रमण का जोखिम भी काफी हद तक घटा। हालांकि यह वैक्सीन संक्रमण की पूरी तरह गारंटी नहीं देती लेकिन गंभीर बीमारी और मृत्यु के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

    भारत में इसकी कीमत का आधिकारिक ऐलान अभी नहीं हुआ है लेकिन शुरुआती अनुमान के अनुसार इसकी एक डोज की कीमत लगभग चार से पांच हजार रुपये के बीच हो सकती है। शुरुआत में यह निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में उपलब्ध होने की संभावना है। भविष्य में इसे सरकारी टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा या नहीं इस पर निर्णय बाद में लिया जाएगा।

    अच्छी बात यह भी है कि भारत की दवा कंपनी जायडस लाइफसाइंसेज के साथ हुए समझौते के तहत भविष्य में इस वैक्सीन का निर्माण भारत में भी किया जाएगा। इससे इसकी उपलब्धता बढ़ने और कीमत कम होने की संभावना जताई जा रही है।

    हालांकि विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि केवल वैक्सीन ही डेंगू की समस्या का पूर्ण समाधान नहीं है। मच्छरों की रोकथाम साफ सफाई घर और आसपास पानी जमा न होने देना पूरी बाजू के कपड़े पहनना मच्छरदानी और रिपेलेंट का उपयोग करना तथा बुखार आने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना आज भी उतना ही जरूरी है।

    डेंगू के खिलाफ यह वैक्सीन भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जरूर है लेकिन इसके साथ जागरूकता और बचाव के उपाय अपनाना भी आवश्यक है। यदि टीकाकरण और मच्छर नियंत्रण दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जाए तो आने वाले वर्षों में डेंगू से होने वाले गंभीर मामलों और मौतों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

  • दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी पर मप्र में प्रदर्शन, विधानसभा में धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक

    दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी पर मप्र में प्रदर्शन, विधानसभा में धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक


    भोपाल।
    दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को मध्य प्रदेश में कांग्रेस का प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा। प्रदेशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच विधानसभा में मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर कांग्रेस विधायक देर रात तक धरने पर बैठे हुए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी उनके साथ धरने में शामिल हैं।

    मंगलवार को जीतू पटवारी लोकभवन के सामने धरने पर बैठे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं को वहां से हटाकर वाहन में बैठा लिया। कुछ देर बाद वे सीधे विधानसभा पहुंचे और धरना दे रहे विधायकों का समर्थन किया।

    दरअसल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के पास प्रदर्शन किया था। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। इसी के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी प्रदेश में प्रदर्शन किया।

    विधानसभा में मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर धरना जारी

    मंगलवार को शाम तक विधानसभा की कार्यवाही के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। कुछ विधायक विरोध जताने के लिए फर्श पर भी लेट गए। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने धरना खत्म कराने की कोशिश की लेकिन विधायक नहीं माने। बाद में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी बातचीत के लिए पहुंचे। इस दौरान उनकी नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से तीखी बहस हुई और कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी की।

    भोपाल के अलावा इंदौर, जबलपुर, कटनी, खंडवा, हरदा, शाजापुर, टीकमगढ़, रतलाम, डबरा और खरगोन समेत कई जिलों में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन, रैली और नारेबाजी की। कुछ जगह चक्काजाम और पुलिस से धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। देर रात तक अधिकांश जिलों में प्रदर्शन समाप्त हो गए, जबकि विधानसभा में कांग्रेस विधायकों का धरना जारी है।

  • उज्जैन में महाकाल की श्रावस मास की सवारी 3 अगस्त को, अधिकारियों ने लिया तैयारियों का जायजा

    उज्जैन में महाकाल की श्रावस मास की सवारी 3 अगस्त को, अधिकारियों ने लिया तैयारियों का जायजा


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश के उज्जैन में विश्वर प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर की श्रावाण मास की पहली सवारी आगामी 3 अगस्त को निकलेगी। उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने मंगलवार रात्रि में प्रशासनिक एवं पुलिस अमले के साथ भगवान महाकाल के सवारी मार्ग का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया।

    कलेक्टर ने सर्वप्रथम पालकी द्वार का का निरीक्षण किया और वहां ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। सवारी मार्ग के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्य एवं मरम्मत कार्यों के साथ सड़क, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, बैरिकेडिंग, पेयजल, सुरक्षा तथा श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया।

    कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रावण-भादौ मास की सवारियों से पूर्व सभी आवश्यक कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सवारी मार्ग पर स्वच्छता, विद्युत एवं पेयजल व्यवस्था, बैरिकेडिंग सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं, ताकि भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

    कलेक्टर सिंह ने रामघाट क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने, और सवारी मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्यों की शीघ्र लेवलिंग पूर्ण कर मार्ग को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। ढाबा रोड पर स्थित जीर्ण शीर्ण भवनों एवं निर्माणाधीन भवनों के आसपास सवारी के दौरान कड़ा बीन का उपयोग न करने के सख्त निर्देश दिए गए।

    निर्माणाधीन मकानों के आसपास बेरीकेट्स लगाने तथा साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए ताकि कोई व्यक्ति अंदर प्रवेश ना करें । लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जीर्ण शीर्ण चिन्हित मकानों के आसपास पर्याप्त चेतावनी के साइन बोर्ड लगाए जाने के निर्देश दिए गए। ढाबा रोड पर खुले ट्रांसफार्मरों के आसपास जाली लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट निर्देश दिए कि अब कोई नया निर्माण कार्य प्रारंभ न किया जाए तथा जो निर्माण कार्य चल रहे हैं, उन्हें तेज गति से पूरा किया जाए।

    गोपाल मंदिर पहुंचकर वहां निरीक्षण के दौरान कलेक्टर सिंह ने निर्देश दिए कि रीगल टॉकीज क्षेत्र के आसपास सवारी के दौरान किसी भी व्यक्ति को खड़ा नहीं होने दिया जाए तथा पर्याप्त बैरिकेडिंग की जाए। निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कूमट, महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक, एडीएम अत्येंद्र सिंह गुर्जर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • डॉ. हेडगेवार के जीवन पर केंद्रित महानाट्य का भोपाल के रविंद्र भवन में मंचन

    डॉ. हेडगेवार के जीवन पर केंद्रित महानाट्य का भोपाल के रविंद्र भवन में मंचन


    डॉ. हेडगेवार ने देशभक्ति के साथ दिया समानता का विचार : मोहन यादव

    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रवादी विचारधारा के संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने देशभक्ति के साथ समानता का दर्शन दिया था। वे देश को मिलने जा रही स्वतंत्रता को कायम रखने के महत्व को पहले ही जान चुके थे, इस नाते उन्होंने राष्ट्र हित में अपनी भूमिका का निर्वाह किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार शाम भोपाल के रवींद्र भवन में संस्कार भारती द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष होने के अवसर पर हुए महानाट्य “युग प्रवर्तक डॉ. हेडगेवार” के मंचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार दूरदर्शी सोच के साथ रचनात्मक प्रकल्प संचालित करते थे। उनके समता के भाव को आज राष्ट्र भी अंगीकार कर रहा है। समान नागरिक संहिता लागू करने की पहल भी इस भाव को दृष्टिगत रखते हुए की गई है।

    उन्होंने कहा कि भारत की पहचान एक विधान है। हमारा मूल दर्शन समानता का है। डॉ. हेडगेवार ने स्वतंत्रता के पहले चुनौती भरे दौर में राष्ट्र प्रेम और राष्ट्र सर्वोपरि के भाव का प्रकटीकरण ही नहीं किया, बल्कि लाखों लाख नागरिकों को राष्ट्र सेवा की प्रेरणा भी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कार भारती को डॉ. हेडगेवार के योगदान को नाटक के माध्यम से मंचित किये जाने के लिए बधाई दी। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मध्य प्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक पारित होने का उल्लेख करते हुए बधाई और शुभकामनाएं दी गईं।

    कार्यक्रम को राष्ट्रीय सेवक संघ के पदाधिकारी हेमंत मुक्तिबोध ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने राष्ट्र को वैभव की ओर ले जाने के भरसक प्रयास किए। यह नाटक उनके जीवन के समर्पण,राष्ट्र निष्ठा और कर्म आधारित जीवन के स्वरूप को सामने लाने का माध्यम है।

    इस अवसर पर मंच पर संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी अशोक पांडे, फिल्म अभिनेता और रंगमंच निर्देशक राजीव वर्मा भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में शशि भाई सेठ, पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, संस्कृति संचालक एनपी नामदेव और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत किया गया। आभार प्रदर्शन रविंद्र सहस्त्रबुद्धे ने किया।

    कार्यक्रम में नागपुर की संस्था नादब्रह्म के कलाकारों द्वारा डॉ. हेडगेवार के जीवन और कार्यों पर केंद्रित महानाट्य प्रस्तुत किया गया। नागपुर की नादब्रम्ह संस्था द्वारा तैयार इस नाटक का निर्देशन सुबोध सुरजीकर ने किया। नाटक के लेखक डॉ. अजय प्रधान हैं। संस्कृति विभाग मध्य प्रदेश शासन के सहयोग से हुए नाटक में दक्ष कलाकारों ने प्रभावी अभिनय कर नाट्य प्रस्तुति को सफल बनाया। देश के अनेक नगरों में नाटक का मंचन हुआ है।

  • मप्र में 1000 करोड़ रुपये निवेश करेगी श्याम सेल एंड पॉवर कम्पनी, मुख्यमंत्री से मिले पदाधिकारी

    मप्र में 1000 करोड़ रुपये निवेश करेगी श्याम सेल एंड पॉवर कम्पनी, मुख्यमंत्री से मिले पदाधिकारी


    भोपाल।
    श्याम सेल एंड पावर कम्पनी लिमिटेड के पदाधिकारियों ने मंगलवार को मध्य प्रदेश प्रवास के दौरान भोपाल में विधानसभा पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भेंट की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में 1000 करोड़ रुपये निवेश की इच्छा जताई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त की है कि उद्योगपति और निवेशक प्रदेश में निवेश में रूचि दर्शा रहे है। उन्होंने कहा कि समृद्धशाली देश के दिल में निवेश करने के इच्छुक प्रत्येक निवेशक का दिल से स्वागत है।

    मप्र विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में मुलाकात के दौरान श्याम सेल एंड पावर कम्पनी के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर संजय अग्रवाल एवं चीफ आपरेटिंग आफिसर दीपक कुमार गौर ने मुख्यमंत्री को अपनी कम्पनी की भावी परियोजनाओं की जानकारी दी।

    पॉवर कंपनी के निवेशकों ने बताया कि उनकी कंपनी स्टेनलेस स्टील बनाती है। धार जिले के औद्योगिक प्रक्षेत्र पीथमपुर में उनकी एक निर्माण इकाई पहले से संचालित है। इस निर्माण इकाई में कंपनी ने 550 करोड़ रुपये का निवेश कर 1300 लोगों को रोजगार दिया है। कंपनी पीथमपुर में ही अपनी दूसरी उत्पादन इकाई प्रारंभ करना चाहती है। कंपनी इसमें करीब 1000 करोड़ रुपये का निवेश कर 1000 हजार से अधिक लोगों को रोजगार देने की मंशा रखती है। इसके लिए उन्हें पीथमपुर में ही अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है। कंपनी पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से उन्हें अतिरिक्त भूमि आवंटित करने का अनुरोध किया।

    औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि कम्पनी को प्रदेश की सभी नवीन औद्योगिक नीतियों की जानकारी दी गई है। कम्पनी ने अपनी दूसरी निर्माण इकाई की स्थापना के लिए भी पीथमपुर को ही चुना है। कम्पनी को इस दूसरी निर्माण इकाई के लिए 25 एकड़ भूमि पहले ही दी जा चुकी है, परंतु कंपनी को इससे भी अधिक भूमि की आवश्यकता है। इस अवसर पर मप्र औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक चन्द्रमौली शुक्ला एवं अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • संसद मार्च में पुलिस-प्रदर्शनकारी के बीच झड़प, 118 जवान घायल, 70 हिरासत में

    संसद मार्च में पुलिस-प्रदर्शनकारी के बीच झड़प, 118 जवान घायल, 70 हिरासत में


    नई दिल्ली।
    संसद के मानसून सत्र के पहले दिन राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान भारी हंगामा हुआ। जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई जगह हिंसक झड़पें हुईं। जनपथ, रायसीना रोड और संसद मार्ग पर पथराव, बैरिकेड तोड़ने और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा। दिनभर चले हंगामे के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटा दिया लेकिन देर शाम वे फिर लौट आए। इस बीच सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने आंदोलन और संसद मार्च मंगलवार को भी जारी रहने का ऐलान किया।

    जंतर-मंतर व उसके आसपास पिछली रात से ही इकट्ठा हो रहे प्रदर्शनकारी और उनके समर्थकों की भीड़ मंगलवार शाम तक करीब 16 हजार हो गई।प्रदर्शनकारियों ने पूरे दिन पुलिसकर्मियों को इधर से उधर भगाया। देर शाम तक एनडीएमसी भवन के पास अचानक चार हजार से ज्यादा

    की भीड़ जमा हो गई। पुलिस बार-बार रोड को खाली करने का अनुरोध करती रही और लोग उग्र होते दिखे। इस बीच प्रदर्शन करने वाले लोगों ने पुलिस टीम पर पानी की बोतल भी फेंकी।

    इससे पहले साेमवार काे प्रदर्शनकारियों ने बार-बार चेतावनी और कानूनी निर्देशों के बावजूद लागू धारा-163 का उल्लंघन किया। भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। पुलिस का दावा है कि उपद्रव के दौरान 15 से 20 सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हुए, जबकि जनपथ इलाके में कई दुकानों में भी तोड़फोड़ की गई। हिंसा में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इनमें स्पेशल कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर, डीसीपी, एडिशनल डीसीपी और एसीपी रैंक के अधिकारी समेत पांच से अधिक आईपीएस अधिकारी शामिल हैं। कई महिला पुलिसकर्मी भी घायल हुई हैं।

    वहीं, करीब 60 प्रदर्शनकारियों के भी जख्मी होने की सूचना है। घटनास्थल पर तैनात एक घायल पुलिस अधिकारी ने बताया कि क्लैरिजेस होटल के पास अचानक प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव शुरू हो गया। उनके मुताबिक ऐसा लगा कि पत्थरों का पहले से इंतजाम किया गया था और प्रदर्शन समाप्त होने के बाद बची भीड़ ने सुनियोजित तरीके से हिंसक रूप ले लिया।

    हिंसा के बाद पुलिस ने करीब 70 लोगों को हिरासत में लिया है। सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए कई लोग छात्र नहीं हैं। ऐसे में पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की सुनियोजित साजिश के एंगल से भी जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया पोस्ट और मोबाइल वीडियो भी जांच के दायरे में हैं।

    उधर, सड़क पर बवाल के बीच बातचीत का दौर भी चलता रहा। सीजेपी प्रतिनिधि सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से दो बार मुलाकात की। पहली बैठक में मंत्री ने उनकी मांगों का विवरण मांगा, जबकि दूसरी बैठक में प्रतिनिधियों ने लिखित ज्ञापन सौंपा। हालांकि सरकार की ओर से किसी भी मांग पर तत्काल कोई आश्वासन नहीं दिया गया। जेपी नड्डा ने आंदोलन समाप्त कर शांति बनाए रखने की अपील की।

    सरकारी सूत्रों के अनुसार, पूरे घटनाक्रम पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार नजर बनाए हुए थे। दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों को निर्देश दिए गए थे कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया जाए। इसके बावजूद हालात बिगड़ने पर पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। अब राजधानी में हुई इस हिंसा की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • राजधानी भोपाल को मिलेगा आधुनिक रेलवे स्टेशन निशातपुरा से शुरू होंगी मालवा और सोमनाथ एक्सप्रेस की सेवाएं

    राजधानी भोपाल को मिलेगा आधुनिक रेलवे स्टेशन निशातपुरा से शुरू होंगी मालवा और सोमनाथ एक्सप्रेस की सेवाएं


    भोपाल राजधानी भोपाल के लोगों का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार अब समाप्त होने जा रहा है। शहर के बहुप्रतीक्षित निशातपुरा रेलवे स्टेशन का लोकार्पण 26 जुलाई रविवार को किया जाएगा। इस फैसले के बाद भोपाल को उसका चौथा रेलवे स्टेशन मिलने जा रहा है जिससे शहर की रेल व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और लाखों यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    इस महत्वपूर्ण निर्णय के पीछे भोपाल सांसद आलोक शर्मा की सक्रिय पहल को अहम माना जा रहा है। संसद भवन में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात के दौरान सांसद ने निशातपुरा रेलवे स्टेशन का निर्माण पूरा होने के बावजूद उसके संचालन में हो रही देरी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने स्टेशन का जल्द से जल्द शुभारंभ कराने का आग्रह किया जिस पर रेल मंत्री ने तत्काल अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए और 26 जुलाई को लोकार्पण की तिथि तय कर दी।

    लोकार्पण कार्यक्रम रविवार सुबह 11 बजे आयोजित होगा। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल होकर स्टेशन का शुभारंभ करेंगे जबकि भोपाल में सांसद आलोक शर्मा सहित जनप्रतिनिधि और रेलवे अधिकारी स्टेशन परिसर में उपस्थित रहेंगे।

    निशातपुरा रेलवे स्टेशन का निर्माण करोड़ों रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं के साथ किया गया है। स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक प्लेटफॉर्म विशाल प्रतीक्षालय टिकट व्यवस्था पेयजल शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं। स्टेशन के शुरू होते ही आसपास के क्षेत्रों के लोगों को सीधे रेल सेवाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

    स्टेशन के शुभारंभ के साथ ही इंदौर जम्मूतवी मालवा एक्सप्रेस और जबलपुर वेरावल सोमनाथ एक्सप्रेस का संचालन निशातपुरा रेलवे स्टेशन से किए जाने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। इन दोनों महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव से भोपाल के यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। भविष्य में अन्य ट्रेनों के ठहराव और संचालन के लिए भी रेलवे से लगातार प्रयास किए जाएंगे ताकि स्टेशन का उपयोग और अधिक प्रभावी ढंग से हो सके।

    वर्तमान समय में भोपाल जंक्शन और रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर यात्रियों और ट्रेनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में निशातपुरा रेलवे स्टेशन शुरू होने से दोनों प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ कम होगी और ट्रेनों के संचालन में भी सुविधा मिलेगी। इससे रेलवे की परिचालन व्यवस्था अधिक सुचारु और व्यवस्थित बन सकेगी।

    निशातपुरा रेलवे स्टेशन का सबसे बड़ा लाभ भोपाल के साथ विदिशा रायसेन सीहोर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को मिलेगा। अनुमान है कि करीब तीन लाख से अधिक लोग सीधे इस स्टेशन की सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इससे यात्रियों का समय बचेगा शहर के भीतर अनावश्यक आवाजाही कम होगी और रेलवे यात्रा पहले की तुलना में अधिक आसान और सुविधाजनक बन जाएगी।

    सांसद आलोक शर्मा ने इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्टेशन भोपालवासियों की वर्षों पुरानी मांग थी जो अब पूरी होने जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में निशातपुरा रेलवे स्टेशन राजधानी भोपाल की रेल व्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा और यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करेगा।

  • एंटीलिया के मंदिर और भारतीय कला ने खींचा सबका ध्यान, वीडियो में दिखी भव्य सजावट और आध्यात्मिक विरासत की झलक

    एंटीलिया के मंदिर और भारतीय कला ने खींचा सबका ध्यान, वीडियो में दिखी भव्य सजावट और आध्यात्मिक विरासत की झलक

    नई दिल्ली ।देश के प्रमुख उद्योगपति मुकेश अंबानी का निवास एंटीलिया अपनी भव्यता, आधुनिक सुविधाओं और अनूठी वास्तुकला के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो में नीता अंबानी ने इस प्रतिष्ठित भवन के उस हिस्से की झलक दिखाई, जहां भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और शिल्पकला का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। वीडियो के सामने आने के बाद एंटीलिया के इस विशेष हिस्से की चर्चा सोशल मीडिया पर तेज हो गई।

    वीडियो की शुरुआत एंटीलिया के भव्य पूजा स्थल से होती है। मंदिर में चांदी की नक्काशी से सजे विशाल दरवाजे, भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक प्रतिमा और फूलों से सजी सजावट पूरे वातावरण को आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान करती है। सफेद संगमरमर से तैयार फर्श, विशाल झूमर और शांत वातावरण मंदिर की भव्यता को और अधिक प्रभावशाली बनाते हैं। यह स्थान केवल पूजा-अर्चना का केंद्र ही नहीं बल्कि भारतीय पारंपरिक कला का भी उत्कृष्ट उदाहरण दिखाई देता है।

    एंटीलिया के इंटीरियर में सफेद संगमरमर का व्यापक उपयोग किया गया है। दीवारों, स्तंभों और अन्य हिस्सों पर की गई बारीक नक्काशी भवन की शिल्पकला को अलग पहचान देती है। फर्श पर उकेरे गए आकर्षक डिजाइन और पारंपरिक शैली की सजावट पूरे परिसर को शाही महल जैसा स्वरूप प्रदान करती है। वास्तुकला में आधुनिकता और भारतीय परंपरा का संतुलित मेल स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

    वीडियो में एक विशाल दीवार पर बनी राधा-कृष्ण और कमल के फूलों से प्रेरित कलाकृति भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। हल्के रंगों और पारंपरिक शैली में तैयार यह पेंटिंग पूरे कक्ष को शांत और आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करती है। भारतीय संस्कृति और धार्मिक प्रतीकों को प्रमुखता देने वाली यह कलाकृति एंटीलिया की आंतरिक सजावट को विशिष्ट पहचान देती है।

    बैठक कक्ष में रखे गए क्लासिक शैली के फर्नीचर ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। सिल्वर फिनिश वाले सोफे, आकर्षक कुशन और नक्काशीदार डिजाइन आधुनिक विलासिता के साथ पारंपरिक सौंदर्य का संतुलन प्रस्तुत करते हैं। इसके अलावा दीवारों पर लगी भारतीय लोक जीवन और भगवान श्रीकृष्ण से प्रेरित पेंटिंग्स भवन के सांस्कृतिक पक्ष को और मजबूत बनाती हैं।

    वीडियो में नीता अंबानी पारंपरिक परिधान में नजर आईं। उन्होंने हल्के रंग की साड़ी पहनी थी, जिस पर श्रीकृष्ण, कमल और भारतीय संस्कृति से जुड़े कलात्मक डिजाइन बने हुए थे। साधारण मेकअप, हीरे के आभूषण और फूलों से सजा जूड़ा उनके पारंपरिक और शालीन व्यक्तित्व को और निखारता दिखाई दिया। उनका यह लुक एंटीलिया की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक थीम के अनुरूप नजर आया।

    वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एंटीलिया के मंदिर, वास्तुकला, कलात्मक सजावट और भारतीय विरासत से प्रेरित इंटीरियर की व्यापक चर्चा हो रही है। कई लोगों ने इसकी भव्यता के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को प्रमुखता देने वाले डिजाइन की सराहना की। यह झलक बताती है कि एंटीलिया केवल आधुनिक सुविधाओं वाला आलीशान भवन ही नहीं, बल्कि भारतीय कला, संस्कृति और परंपराओं को सहेजने वाला एक विशिष्ट स्थापत्य भी है।

  • 'ये आवारापन' के साथ लौटी पुरानी यादों की कसक, अरिजीत सिंह की भावुक आवाज और इमरान हाशमी की दमदार मौजूदगी ने बढ़ाया 'आवारापन 2' का इंतजार

    'ये आवारापन' के साथ लौटी पुरानी यादों की कसक, अरिजीत सिंह की भावुक आवाज और इमरान हाशमी की दमदार मौजूदगी ने बढ़ाया 'आवारापन 2' का इंतजार

    नई दिल्ली । अभिनेता इमरान हाशमी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘आवारापन 2’ का टाइटल ट्रैक ‘ये आवारापन’ रिलीज होने के साथ ही दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। लंबे समय से इस गीत का इंतजार कर रहे प्रशंसकों ने रिलीज के तुरंत बाद इसे सोशल मीडिया पर जमकर सराहा। फिल्म के पहले भाग से जुड़ी भावनात्मक यादों को ताजा करता यह गीत रोमांस, बिछड़ने के दर्द और अधूरे रिश्तों की संवेदनाओं को नए अंदाज में प्रस्तुत करता है। इसके साथ ही मशहूर गायक अरिजीत सिंह ने कई महीनों बाद बॉलीवुड प्लेबैक सिंगिंग में वापसी की है, जिसे संगीत प्रेमियों ने खास तौर पर पसंद किया है।

    इस गीत में अरिजीत सिंह की भावपूर्ण आवाज और संगीतकार अमाल मलिक की धुनों का प्रभाव साफ दिखाई देता है। गीत के बोल रश्मि-विराग ने लिखे हैं, जिनमें प्रेम, इंतजार और यादों की गहराई को सहज भाषा में पिरोया गया है। संगीत और शब्दों का संतुलन ऐसा है कि यह गीत पहली बार सुनने पर ही श्रोताओं से भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करने में सफल नजर आता है। यही वजह है कि रिलीज के कुछ ही समय बाद यह गाना विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से लोकप्रिय होने लगा।

    म्यूजिक वीडियो में इमरान हाशमी एक बार फिर शिवम पंडित के किरदार में दिखाई दे रहे हैं। उनका किरदार अपने अतीत की यादों और अधूरे प्रेम की कसक के साथ जीवन बिताता नजर आता है। वीडियो में भावनात्मक दृश्यों के माध्यम से उस संघर्ष और अकेलेपन को दिखाया गया है, जिसने पहली फिल्म के इस किरदार को दर्शकों के बीच लोकप्रिय बनाया था। इमरान हाशमी की संयमित अदाकारी और उनके चेहरे के भाव इस गीत की संवेदनशीलता को और प्रभावशाली बनाते हैं।

    फिल्म के पहले भाग में इस कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा रही अभिनेत्री श्रिया सरन की याद भी इस गीत के माध्यम से ताजा होती है। हालांकि इस बार फिल्म की मुख्य अभिनेत्री दिशा पाटनी की झलक टाइटल ट्रैक में देखने को नहीं मिली। इसे लेकर कई दर्शकों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी और फिल्म में उनके किरदार को लेकर उत्सुकता भी जाहिर की। इसके बावजूद गीत की भावनात्मक प्रस्तुति और इमरान हाशमी की स्क्रीन मौजूदगी ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर बनाए रखा।

    ‘आवारापन 2’ का निर्माण विशाल फिल्म्स और मुकेश भट्ट के बैनर तले किया गया है। फिल्म का निर्देशन नितिन कक्कड़ ने किया है, जबकि इसकी कहानी बिलाल सिद्दीकी ने लिखी है। निर्माता विशेष भट्ट हैं। फिल्म की स्टार कास्ट में इमरान हाशमी और दिशा पाटनी के अलावा शबाना आजमी, सुविंदर विक्की, विजयंत कोहली, अतुल कुमार और अनिरुद्ध रावल भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। निर्माताओं को उम्मीद है कि यह फिल्म भावनात्मक कहानी और मजबूत संगीत के दम पर दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाएगी।

    फिल्म 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। टाइटल ट्रैक को मिली शुरुआती सकारात्मक प्रतिक्रिया ने फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। संगीत प्रेमियों का मानना है कि अरिजीत सिंह की वापसी, अमाल मलिक का संगीत और इमरान हाशमी की भावनात्मक प्रस्तुति इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है। अब दर्शकों की नजरें फिल्म की रिलीज पर टिकी हैं, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि ‘आवारापन’ की विरासत को इसका सीक्वल किस तरह आगे बढ़ाता है।

  • ओपी राजभर ने सपा पर लगाए गंभीर आरोप, दलितों के उत्पीड़न और आपराधिक मामलों को लेकर अखिलेश यादव को दी नसीहत

    ओपी राजभर ने सपा पर लगाए गंभीर आरोप, दलितों के उत्पीड़न और आपराधिक मामलों को लेकर अखिलेश यादव को दी नसीहत

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी पार्टी के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि दलितों, पिछड़ों और गरीबों के साथ होने वाली घटनाओं को लेकर समाजवादी पार्टी को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है। राजभर के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है।

    ओपी राजभर ने सार्वजनिक रूप से अखिलेश यादव से सवाल करते हुए कहा कि क्या उनकी पार्टी के लोगों को गरीबों, पिछड़ों और दलितों को परेशान करने में आनंद आता है। उनका दावा था कि प्रदेश में जब भी हत्या, मारपीट, जमीन विवाद, चोरी या अन्य आपराधिक घटनाओं की जांच होती है तो कई मामलों में समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों के नाम सामने आने की बात कही जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों के खिलाफ पार्टी स्तर पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, जिससे गलत संदेश जाता है।

    राजभर ने आजमगढ़ जिले का उल्लेख करते हुए समाजवादी पार्टी के एक सांसद पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि संबंधित सांसद और उनके परिजनों पर जमीन कब्जाने तथा स्थानीय लोगों को धमकाने जैसे आरोप लगे हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो पार्टी नेतृत्व को इस पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए और ऐसे मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कथित तौर पर गरीब और दलित परिवारों की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की गई है।

    अपने बयान में राजभर ने एक दलित महिला की जमीन से जुड़े विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला की भूमि पर कब्जा करने के लिए दबाव बनाया गया और कथित रूप से धमकी तथा दुर्व्यवहार की घटनाएं हुईं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि विवादित जमीन के चारों ओर बिजली का करंट प्रवाहित करने वाले तार लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष की ओर से भी इस मामले में विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    राजभर ने समाजवादी पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि विपक्ष को भविष्य में प्रभावी भूमिका निभानी है तो उसे अपने संगठन के भीतर अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने अखिलेश यादव को सलाह देते हुए कहा कि यदि पार्टी ऐसे विवादों पर समय रहते नियंत्रण नहीं करती है तो उसे राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में एक मजबूत और जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।

    उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों के बीच इस तरह के बयान राजनीतिक माहौल को और गर्माने वाले माने जा रहे हैं। एक ओर सत्ता पक्ष विपक्ष पर कानून-व्यवस्था और सामाजिक न्याय के मुद्दों को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं विपक्ष भी सरकार की नीतियों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर लगातार हमलावर है। ऐसे में आने वाले दिनों में इन आरोपों और उनके जवाब को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना बनी हुई है। फिलहाल ओपी राजभर के बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया है, जबकि आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच और संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।