Author: bharati

  • सोना फिर हुआ महंगा, 24 कैरेट 1.46 लाख रुपये के पार; खरीदारी से पहले जानें 22K, 18K और चांदी के ताजा भाव

    सोना फिर हुआ महंगा, 24 कैरेट 1.46 लाख रुपये के पार; खरीदारी से पहले जानें 22K, 18K और चांदी के ताजा भाव

    नई दिल्ली । घरेलू सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने की कीमतों में मजबूती देखने को मिली, जबकि चांदी के दाम स्थिर बने रहे। ताजा कारोबार में 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम 480 रुपये की बढ़त के साथ 1,46,135 रुपये पर पहुंच गया। वहीं 22 कैरेट सोने का भाव लगभग 440 रुपये बढ़कर 1,33,960 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। दूसरी ओर चांदी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ और यह 2,36,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती रही। लगातार बदलते भावों के बीच ज्वेलरी खरीदने और निवेश की योजना बना रहे लोगों के लिए बाजार की चाल पर नजर रखना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    देश के प्रमुख शहरों में सोने के दाम लगभग समान स्तर पर बने रहे। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ, जयपुर, गुरुग्राम, चंडीगढ़, पुणे और नागपुर सहित अधिकांश शहरों में 24 कैरेट सोना 1,46,135 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता रहा। कुछ शहरों जैसे इंदौर, अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा में यह मामूली अंतर के साथ 1,46,035 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। 22 कैरेट सोने की कीमत अधिकांश शहरों में 1,33,960 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। वहीं 18 कैरेट सोने के दाम भी अंतरराष्ट्रीय रुझानों के अनुरूप बढ़त के साथ कारोबार करते रहे, हालांकि इनमें स्थानीय बाजार और ज्वेलर्स के अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

    चांदी के बाजार में आज स्थिरता देखने को मिली। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, जयपुर, लखनऊ, अहमदाबाद, पुणे, बेंगलुरु और अन्य प्रमुख शहरों में चांदी का भाव 2,36,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर बना रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक मांग और वैश्विक कमोडिटी बाजार की स्थिति के आधार पर आने वाले दिनों में चांदी की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

    बाजार विश्लेषकों के अनुसार सोने और चांदी की कीमतों पर कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों का प्रभाव पड़ता है। वैश्विक बाजार में कीमती धातुओं की मांग, अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी, प्रमुख केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों से जुड़ी नीतियां, अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक परिस्थितियां और रुपये की विनिमय दर जैसे कारक कीमतों को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा त्योहारी सीजन, शादी-ब्याह की मांग और निवेशकों की खरीदारी भी घरेलू बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि केवल प्रति ग्राम या प्रति 10 ग्राम कीमत देखकर आभूषण खरीदने का निर्णय नहीं लेना चाहिए। खरीदारी के समय मेकिंग चार्ज, वस्तु एवं सेवा कर (GST), हॉलमार्क प्रमाणन और शुद्धता की जांच करना भी उतना ही आवश्यक है। निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदने वाले लोगों को अलग-अलग विक्रेताओं के दामों की तुलना करने और बाजार की मौजूदा स्थिति का आकलन करने के बाद ही निर्णय लेना चाहिए।

    बाजार जानकारों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और निवेशकों की धारणा में बदलाव के कारण आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों और उपभोक्ताओं के लिए यह जरूरी होगा कि वे नियमित रूप से बाजार के रुझानों पर नजर रखें और अपनी आवश्यकता तथा वित्तीय योजना के अनुसार ही खरीदारी का निर्णय लें।

  • डिजिटल भुगतान में आने वाली बड़ी क्रांति, बिना इंटरनेट के UPI पेमेंट की तैयारी, खराब नेटवर्क वाले क्षेत्रों में भी मिलेगा निर्बाध भुगतान

    डिजिटल भुगतान में आने वाली बड़ी क्रांति, बिना इंटरनेट के UPI पेमेंट की तैयारी, खराब नेटवर्क वाले क्षेत्रों में भी मिलेगा निर्बाध भुगतान

    नई दिल्ली । भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था को और अधिक सुलभ एवं विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ऐसी नई तकनीक विकसित कर रहा है, जिसकी मदद से इंटरनेट उपलब्ध न होने पर भी UPI के माध्यम से भुगतान किया जा सकेगा। यह सुविधा विशेष रूप से उन परिस्थितियों में उपयोगी होगी, जहां नेटवर्क की समस्या के कारण डिजिटल लेनदेन प्रभावित होता है। प्रस्तावित तकनीक के लागू होने के बाद फ्लाइट, अंडरग्राउंड मेट्रो, दूरदराज के क्षेत्रों और कमजोर नेटवर्क वाले स्थानों पर भी UPI भुगतान करना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगा।

    नई व्यवस्था नियर फील्ड कम्युनिकेशन (NFC) तकनीक पर आधारित होगी। इस प्रणाली में उपयोगकर्ता को QR कोड स्कैन करने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि स्मार्टफोन में NFC की सुविधा उपलब्ध है, तो केवल उसे भुगतान मशीन के पास टैप करने से लेनदेन पूरा किया जा सकेगा। इस प्रक्रिया के दौरान न तो ग्राहक के मोबाइल में सक्रिय इंटरनेट कनेक्शन आवश्यक होगा और न ही व्यापारी के भुगतान टर्मिनल को इंटरनेट से जुड़े रहने की जरूरत होगी। इससे भुगतान प्रक्रिया अधिक तेज, सरल और सुविधाजनक बनने की उम्मीद है।

    इस सुविधा के शुरुआती चरण में एक बार में अधिकतम 2,000 रुपये तक का भुगतान किया जा सकेगा। इसके लिए उपयोगकर्ताओं को इंटरनेट उपलब्ध होने के दौरान पहले अपने UPI Lite वॉलेट में राशि जोड़नी होगी। बाद में उसी बैलेंस का उपयोग ऑफलाइन भुगतान के लिए किया जा सकेगा। सीमित राशि वाले इन लेनदेन में बार-बार UPI पिन दर्ज करने की आवश्यकता भी कम हो सकती है, जिससे छोटी खरीदारी पहले से अधिक तेज गति से पूरी की जा सकेगी।

    इस नई तकनीक का सबसे बड़ा लाभ उन स्थानों पर मिलेगा, जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी अस्थायी रूप से उपलब्ध नहीं होती। हवाई यात्रा के दौरान विमान में इंटरनेट की सीमित उपलब्धता या अंडरग्राउंड मेट्रो में नेटवर्क बाधित होने जैसी परिस्थितियों में भी यात्री आसानी से डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। इसी तरह ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में, जहां मोबाइल नेटवर्क अक्सर कमजोर रहता है, वहां भी यह सुविधा डिजिटल भुगतान को अधिक भरोसेमंद बना सकती है।

    हालांकि इस तकनीक का लाभ उठाने के लिए केवल ग्राहकों के स्मार्टफोन में NFC सुविधा होना पर्याप्त नहीं होगा। व्यापारियों के पॉइंट ऑफ सेल (POS) टर्मिनलों को भी नए मानकों के अनुसार प्रमाणित किया जाएगा। इसके बाद बैंक और विभिन्न UPI एप्लीकेशन अपने प्लेटफॉर्म पर इस सुविधा को चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराएंगे। इससे पूरे डिजिटल भुगतान नेटवर्क को नए तकनीकी मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

    फिलहाल यह सुविधा विकास और परीक्षण के चरण में है तथा आम उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसकी आधिकारिक लॉन्च तिथि की भी अभी घोषणा नहीं हुई है। हालांकि तकनीक पर तेजी से काम जारी है और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुविधा शुरू होने के बाद भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली और अधिक मजबूत होगी तथा नेटवर्क संबंधी समस्याओं के कारण होने वाले भुगतान विफल होने की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आ सकती है। इससे डिजिटल लेनदेन का दायरा और बढ़ेगा तथा उपयोगकर्ताओं को हर परिस्थिति में सुरक्षित और सहज भुगतान का नया विकल्प मिलेगा।

  • सीहोर पुलिस की बड़ी कामयाबी, वाहन चोर गिरफ्तार; दो घरों की चोरी का खुलासा, लाखों के गहने बरामद

    सीहोर पुलिस की बड़ी कामयाबी, वाहन चोर गिरफ्तार; दो घरों की चोरी का खुलासा, लाखों के गहने बरामद


    सीहोर । सीहोर जिले की भैरूंदा थाना पुलिस को अपराध नियंत्रण अभियान के तहत बड़ी सफलता हाथ लगी है। वाहन चोरी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दो घरों में हुई नकबजनी और दो मोटरसाइकिल चोरी की वारदातों का भी खुलासा कर दिया। आरोपी की निशानदेही पर करीब एक लाख रुपए कीमत के चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई से थाना क्षेत्र में दर्ज कुल चार मामलों की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद उपजेल भेज दिया है, जबकि उससे जुड़े अन्य मामलों की भी जांच जारी है।

    पुलिस के अनुसार, 21 और 24 मार्च को भैरूंदा निवासी अंकित तिवारी और कामिल खान ने अपने घरों में चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। दोनों मामलों में अज्ञात बदमाश रात के समय मकानों के ताले तोड़कर अंदर घुसे और अलमारियों में रखी नकदी तथा कीमती गहने लेकर फरार हो गए थे। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की और आरोपियों तक पहुंचने के लिए विशेष टीम का गठन किया।

    एसडीओपी रोशन कुमार जैन के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी निरीक्षक घनश्याम दांगी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम लगातार संदिग्धों पर नजर बनाए हुए थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर भैरूंदा निवासी मुहास उर्फ मुहाज खान को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पहले वाहन चोरी और बाद में घरों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली।

    आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने करीब एक लाख रुपए मूल्य के चांदी के आभूषण बरामद किए। जब्त सामान में चांदी का हार, बच्चों के दो कड़े, दो पायजेब, दो चांदी की पट्टियां और चार बिछिया शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि चोरी गया अन्य सामान और आरोपी के संभावित साथियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

    पूछताछ के दौरान आरोपी ने यह भी कबूल किया कि उसने गुड़ बाजार और कॉलोनी क्षेत्र से दो मोटरसाइकिलें भी चोरी की थीं। इस खुलासे के बाद पुलिस ने वाहन चोरी के दोनों मामलों को भी सुलझा लिया। एक ही आरोपी की गिरफ्तारी से चोरी और वाहन चोरी से जुड़े कुल चार मामलों का पर्दाफाश होना पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।

    पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे चारों मामलों में न्यायिक अभिरक्षा में उपजेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि उसने अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं। पुलिस का मानना है कि आगे की पूछताछ में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।

  • एक्वाकल्चर और तंबाकू किसानों को मिलेगा बेहतर बाजार, उचित दाम और निर्यात बढ़ाने पर केंद्र का जोर: पीयूष गोयल

    एक्वाकल्चर और तंबाकू किसानों को मिलेगा बेहतर बाजार, उचित दाम और निर्यात बढ़ाने पर केंद्र का जोर: पीयूष गोयल

    नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने एक्वाकल्चर और तंबाकू क्षेत्र से जुड़े किसानों की आय बढ़ाने तथा निर्यात क्षमता को मजबूत करने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना, बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और वैश्विक बाजारों में भारतीय उत्पादों की पहुंच बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि तटीय क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

    पीयूष गोयल ने आंध्र प्रदेश के एक्वाकल्चर और तंबाकू उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के बाद कहा कि विभिन्न पक्षों के साथ व्यापक चर्चा के दौरान क्षेत्र की मौजूदा चुनौतियों और संभावनाओं पर विचार किया गया। उन्होंने बताया कि सरकार ऐसे समाधान तलाश रही है, जिनसे उत्पादन क्षमता बढ़े, निर्यात को प्रोत्साहन मिले और किसानों को बाजार में बेहतर अवसर प्राप्त हों। उनका कहना था कि एक्वाकल्चर भारत की निर्यात अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश देश के प्रमुख एक्वाकल्चर उत्पादक राज्यों में शामिल है और भारतीय सीफूड निर्यात में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में इस क्षेत्र को मजबूत करना केवल राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और निर्यात वृद्धि के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार और उद्योग जगत के बीच समन्वय से इस क्षेत्र में नए निवेश और रोजगार के अवसर भी विकसित होंगे।

    बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों, उत्पादन लागत, निर्यात संभावनाओं और उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने इस बात पर जोर दिया कि नीतिगत सहयोग और समयबद्ध निर्णयों से किसानों को सीधा लाभ पहुंचाया जा सकता है।

    इसी क्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी केंद्र सरकार से एक्वाकल्चर और तंबाकू किसानों के हितों की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उन्होंने बढ़ती उत्पादन लागत और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का उल्लेख करते हुए किसानों को राहत देने के उद्देश्य से आवश्यक नीतिगत कदम उठाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने संबंधित केंद्रीय मंत्रियों को पत्र लिखकर एक्वाकल्चर उद्योग से जुड़ी प्रमुख आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने की मांग की।

    मुख्यमंत्री ने झींगा चारा तैयार करने वाली इकाइयों के लिए जेनेटिकली मॉडिफाइड सोयाबीन मील के आयात की अनुमति देने, घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए फिश मील के निर्यात को विनियमित करने, तंबाकू निर्यात को प्रोत्साहन देने, एक्वाकल्चर से जुड़े प्रमुख इनपुट पर जीएसटी में राहत प्रदान करने तथा अमरावती में राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना जैसे सुझाव भी रखे हैं। उनका मानना है कि इन कदमों से किसानों की लागत कम होगी और उत्पादन क्षमता में सुधार आएगा।

    केंद्र सरकार का कहना है कि किसानों की आय बढ़ाने और निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए राज्यों के साथ समन्वय बनाकर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। सरकार का फोकस ऐसी नीतियों पर है, जिनसे कृषि और मत्स्य क्षेत्र दोनों को दीर्घकालिक लाभ मिले। आने वाले समय में इन प्रस्तावों पर विचार के बाद संबंधित क्षेत्रों के लिए नए निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

  • वैश्विक अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की सतर्कता से शेयर बाजार दबाव में, सेंसेक्स 77,500 के नीचे बंद, लार्जकैप शेयरों में बढ़ी बिकवाली

    वैश्विक अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की सतर्कता से शेयर बाजार दबाव में, सेंसेक्स 77,500 के नीचे बंद, लार्जकैप शेयरों में बढ़ी बिकवाली

    नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे आज अपना 84वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सत्ता और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से जारी संदेशों में उनके स्वस्थ, दीर्घायु और सक्रिय सार्वजनिक जीवन की कामना की गई। जन्मदिन के मौके पर नेताओं के शुभकामना संदेशों ने लोकतांत्रिक परंपराओं और राजनीतिक शिष्टाचार की भावना को भी रेखांकित किया।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मल्लिकार्जुन खरगे को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि ईश्वर उन्हें स्वस्थ और लंबा जीवन प्रदान करें। प्रधानमंत्री के संदेश के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी अपने-अपने स्तर पर उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी मल्लिकार्जुन खरगे को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद, स्वस्थ और मंगलमय जीवन की कामना की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उन्हें बधाई संदेश भेजते हुए स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं व्यक्त कीं। सत्ता पक्ष के वरिष्ठ नेताओं की ओर से आए इन संदेशों को राजनीतिक सौहार्द का सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है।

    कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। पार्टी नेताओं ने उनके लंबे राजनीतिक जीवन, संगठनात्मक क्षमता और सामाजिक न्याय, संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में पार्टी जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

    उत्तर प्रदेश कांग्रेस सहित पार्टी की विभिन्न प्रदेश इकाइयों ने भी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व को करोड़ों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक बताया। संदेशों में उनके सार्वजनिक जीवन के लंबे अनुभव, संगठन निर्माण में योगदान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का उल्लेख किया गया। साथ ही उनके स्वस्थ, यशस्वी और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की गई।

    समाजवादी पार्टी ने भी मल्लिकार्जुन खरगे को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ, प्रसन्न और दीर्घायु जीवन की कामना की। विभिन्न दलों के नेताओं द्वारा भेजे गए शुभकामना संदेशों ने यह भी दर्शाया कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बावजूद व्यक्तिगत सम्मान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का निर्वहन भारतीय राजनीति की महत्वपूर्ण परंपरा का हिस्सा है।

    मल्लिकार्जुन खरगे भारतीय राजनीति के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने लंबे समय तक संगठन और संसदीय राजनीति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वर्तमान में वह कांग्रेस अध्यक्ष के साथ-साथ राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। उनके राजनीतिक अनुभव और संसदीय कार्यशैली को राष्ट्रीय राजनीति में विशेष महत्व दिया जाता है।

    जन्मदिन के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया। कई स्थानों पर रक्तदान शिविर, पौधारोपण, जरूरतमंदों की सहायता और अन्य जनकल्याणकारी गतिविधियां आयोजित की गईं। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने संगठन को और मजबूत बनाने तथा जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

  • उज्जैन के फ्रीगंज में आधी रात धधकी ड्राई फ्रूट्स की दुकान, तीन दमकलों ने आधे घंटे में पाया काबू

    उज्जैन के फ्रीगंज में आधी रात धधकी ड्राई फ्रूट्स की दुकान, तीन दमकलों ने आधे घंटे में पाया काबू


    उज्जैन । उज्जैन के व्यस्त फ्रीगंज क्षेत्र में सोमवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक ड्राई फ्रूट्स और किराना सामान की दुकान में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया और आसपास के क्षेत्र में धुएं का गुबार फैल गया। रात के सन्नाटे में उठती लपटों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। राहत की बात यह रही कि समय रहते दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और बड़ी दुर्घटना होने से पहले ही आग पर काबू पा लिया गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात क्षेत्र से गुजर रहे एक दमकलकर्मी की नजर दुकान से निकल रहे धुएं और आग की लपटों पर पड़ी। उन्होंने बिना समय गंवाए फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां और एक पानी का टैंकर घटनास्थल पर पहुंच गए। दमकलकर्मियों ने तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया और करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया।

    दमकल विभाग की सतर्कता के कारण आग आसपास की दुकानों तक नहीं फैल सकी। जिस दुकान में आग लगी थी, उसके आसपास कपड़े और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान मौजूद थे। यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता तो पूरा बाजार इसकी चपेट में आ सकता था और करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका थी। दमकल कर्मियों की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।

    प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि फायर विभाग और संबंधित अधिकारी मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। आग से दुकान में हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है। माना जा रहा है कि ड्राई फ्रूट्स और किराना सामान होने के कारण आग तेजी से फैली, जिससे दुकान के अंदर रखा काफी सामान प्रभावित हुआ।

    फ्रीगंज क्षेत्र में इस तरह की घटना पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले सितंबर 2025 में घनालाल की चाल स्थित एक सूने मकान में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लगी थी। उस हादसे में करीब आठ लाख रुपये नकद, जेवर और घरेलू सामान जलकर राख हो गया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने एक बार फिर बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा और विद्युत व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि दुकानों और व्यावसायिक परिसरों में नियमित रूप से विद्युत वायरिंग की जांच, ओवरलोडिंग से बचाव और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। फायर विभाग ने भी व्यापारियों से अपील की है कि वे समय-समय पर अपने बिजली के उपकरणों और वायरिंग की जांच कराएं तथा सुरक्षा मानकों का पालन करें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

  • बाबा महाकाल के दरबार पहुंचे कार्तिक आर्यन, नंदी के कान में कही मनोकामना; भस्म आरती में शामिल हुए ओडिशा के मंत्री

    बाबा महाकाल के दरबार पहुंचे कार्तिक आर्यन, नंदी के कान में कही मनोकामना; भस्म आरती में शामिल हुए ओडिशा के मंत्री


    उज्जैन । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार देर रात आस्था और श्रद्धा का विशेष माहौल देखने को मिला। बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन भगवान महाकाल के दरबार पहुंचे और रात्रिकालीन शयन आरती में शामिल होकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने बाबा महाकाल से देश-दुनिया की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। वहीं मंगलवार तड़के ओडिशा सरकार के राज्य मंत्री गोकुला नंदा ने भी प्रातःकालीन भस्म आरती में शामिल होकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए।

    कार्तिक आर्यन साधारण वेशभूषा में नीली जींस और सफेद शर्ट पहनकर महाकाल मंदिर पहुंचे। उन्होंने नंदी हॉल में श्रद्धाभाव से हाथ जोड़कर शयन आरती में हिस्सा लिया। पूरे समय अभिनेता पूरी श्रद्धा और एकाग्रता के साथ आरती में शामिल रहे। आरती के बाद उन्होंने परंपरा के अनुसार नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना कही और भगवान महाकाल के चरणों में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया।

    जैसे ही मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और प्रशंसकों की नजर कार्तिक आर्यन पर पड़ी, उन्हें देखने और उनकी एक झलक पाने के लिए उत्साह बढ़ गया। हालांकि अभिनेता ने पूरी सादगी और शांत भाव से दर्शन किए तथा किसी तरह की औपचारिकता के बिना मंदिर से रवाना हो गए। उनकी मौजूदगी से मंदिर परिसर में कुछ देर तक खासा उत्साह बना रहा।

    कार्तिक आर्यन इन दिनों अपनी आगामी फिल्मों को लेकर भी चर्चा में हैं। उनकी आने वाली फिल्मों में फैंटेसी कॉमेडी ‘नागजिला’, एक देशभक्ति आधारित एक्शन ड्रामा और निर्देशक कबीर खान की स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म शामिल है। ‘चंदू चैंपियन’ के बाद यह उनकी अगली स्पोर्ट्स फिल्म होगी, जिसका प्रशंसकों को बेसब्री से इंतजार है।

    इधर मंगलवार तड़के ओडिशा सरकार के मत्स्य पालन एवं पशु संसाधन विकास तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गोकुला नंदा भी महाकाल मंदिर पहुंचे। उन्होंने प्रातःकालीन भस्म आरती में शामिल होकर विधि-विधान से भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना की और देश तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की।

    दर्शन के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से इंजीनियर शिवकांत पांडे ने राज्य मंत्री का सम्मान किया। उन्हें बाबा महाकाल का प्रसाद और सम्मान स्वरूप स्मृति-चिह्न भेंट किया गया।

    श्रावण मास के दौरान महाकाल मंदिर में देशभर से श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि, उद्योगपति, कलाकार और खिलाड़ी बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार रात अभिनेता कार्तिक आर्यन और मंगलवार सुबह ओडिशा के राज्य मंत्री की मौजूदगी ने श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण पैदा किया। महाकाल मंदिर में इन दिनों भक्ति, आस्था और धार्मिक उल्लास का माहौल चरम पर है।

  • बाबा महाकाल को चढ़े दुनिया के सबसे महंगे आम, 2.70 लाख रुपए किलो वाला मियाज़ाकी भी भोग में शामिल

    बाबा महाकाल को चढ़े दुनिया के सबसे महंगे आम, 2.70 लाख रुपए किलो वाला मियाज़ाकी भी भोग में शामिल


    उज्जैन । श्रावण मास में उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आस्था का एक अनोखा और आकर्षक दृश्य देखने को मिला। जबलपुर निवासी एवं महाकाल हाइब्रिड फार्म के संचालक संकल्प सिंह परिहार अपनी पत्नी रानी सिंह परिहार के साथ बाबा महाकाल के दरबार पहुंचे और उन्होंने भगवान को दुनिया की सबसे दुर्लभ तथा महंगी किस्मों के आम भोग स्वरूप अर्पित किए। इस बार भोग में कुल आठ विदेशी और प्रीमियम वैरायटी के आम शामिल रहे, जिनमें जापान का चर्चित मियाज़ाकी आम सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बना।

    संकल्प सिंह परिहार और उनकी पत्नी ने विधि-विधान से भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना करने के बाद लगभग पांच किलोग्राम वजन के आठ अलग-अलग प्रीमियम आम अर्पित किए। श्रद्धालुओं के अनुसार यह परंपरा पिछले 12 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है। वर्ष 2014 से वे अपने बगीचे की पहली और सबसे श्रेष्ठ उपज सबसे पहले बाबा महाकाल को समर्पित करते हैं। उनका मानना है कि उनके 12 एकड़ में फैले महाकाल हाइब्रिड फार्म की सफलता बाबा महाकाल के आशीर्वाद का ही परिणाम है।

    इस बार चढ़ाए गए आमों में सबसे खास जापान के मियाज़ाकी प्रांत में उगाई जाने वाली प्रसिद्ध किस्म मियाज़ाकी रही। इसे दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिना जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 2.70 लाख रुपए प्रति किलोग्राम तक बताई जाती है। यह आम अपने गहरे लाल रंग, बेहतरीन मिठास, सुगंध और पोषण गुणों के कारण पूरी दुनिया में बेहद लोकप्रिय है। इसमें सामान्य आमों की तुलना में अधिक प्राकृतिक शर्करा, एंटीऑक्सीडेंट, बीटा-कैरोटीन और फोलिक एसिड पाया जाता है, जो इसे बेहद खास बनाता है।

    मियाज़ाकी के अलावा भोग में ऑस्ट्रेलिया की R2E2, अमेरिका, मलेशिया और भारत की प्रीमियम किस्मों के आम भी शामिल रहे। इनमें भारत की लोकप्रिय मल्लिका वैरायटी भी प्रमुख रही। सभी आमों का चयन विशेष रूप से उनके स्वाद, गुणवत्ता और दुर्लभता को ध्यान में रखकर किया गया।

    रानी सिंह परिहार ने बताया कि उनके लिए यह केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि गहरी आस्था का विषय है। उन्होंने कहा कि उनके फार्म का नाम भी महाकाल हाइब्रिड फार्म है और वे बाबा महाकाल को ही अपने बगीचे का वास्तविक स्वामी मानते हैं। इसी कारण हर वर्ष श्रावण मास में पहली और सबसे अच्छी फसल भगवान को अर्पित की जाती है। उनका विश्वास है कि महाकाल के आशीर्वाद से ही उनका बगीचा निरंतर प्रगति कर रहा है।

    श्रावण मास में बाबा महाकाल के दरबार में देश-विदेश से श्रद्धालु अपनी-अपनी श्रद्धा के अनुसार विशेष भेंट लेकर पहुंचते हैं। इस बार दुनिया के सबसे महंगे आमों का भोग चर्चा का विषय बन गया। मंदिर में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं ने भी इस अनोखी भेंट को आस्था और भक्ति का प्रतीक बताया।

    श्रावण के पावन अवसर पर महाकाल के चरणों में समर्पित यह विशेष भोग एक बार फिर यह संदेश देता है कि सच्ची श्रद्धा में भेंट का मूल्य नहीं, बल्कि भाव का महत्व सबसे बड़ा होता है।

  • सुबह तक सब कुछ सामान्य, कुछ घंटों बाद मातम; बच्चों को स्कूल भेजने के बाद महिला ने की आत्महत्या

    सुबह तक सब कुछ सामान्य, कुछ घंटों बाद मातम; बच्चों को स्कूल भेजने के बाद महिला ने की आत्महत्या


    देवास । मध्य प्रदेश के देवास शहर में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 38 वर्षीय महिला ने अपने ही घर में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना शुक्रवारिया हाट क्षेत्र की है। महिला ने सुबह अपने बच्चों को स्कूल भेजा, मंदिर में पूजा-अर्चना की और घर लौटने के कुछ समय बाद यह कदम उठा लिया। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में शोक और सनसनी का माहौल बन गया। फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है और पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

    मृतका की पहचान रिंकी पडियार (38) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार मंगलवार सुबह घर का माहौल सामान्य था। रिंकी ने रोज की तरह अपने बच्चों को स्कूल जाने के लिए तैयार किया और उन्हें ऑटो तक छोड़कर आईं। उस समय उनके पति मनोज पडियार सुबह की सैर पर गए हुए थे।

    स्थानीय पार्षद बाली घोषी के मुताबिक बच्चों को स्कूल भेजने के बाद रिंकी पास के मंदिर में दर्शन और पूजा करने गई थीं। पूजा के बाद वह घर लौटीं, लेकिन इसके कुछ ही समय बाद उन्होंने घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

    जब पति मनोज पडियार सुबह घर लौटे तो उन्होंने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कई बार आवाज लगाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद उन्होंने दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया। अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। रिंकी फंदे पर लटकी हुई थीं। उन्होंने तत्काल आसपास के लोगों को सूचना दी, जिसके बाद क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि घटनास्थल से किसी सुसाइड नोट की जानकारी सामने नहीं आई है।

    कोतवाली थाना प्रभारी श्यामचंद शर्मा ने बताया कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि महिला ने इतना बड़ा कदम किन परिस्थितियों में उठाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। सुबह तक सामान्य दिनचर्या निभाने वाली महिला के अचानक इस तरह आत्महत्या करने से परिवार और पड़ोसी भी सदमे में हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

  • गमी में गया परिवार, पीछे से चोरों ने साफ किया घर; देवास में लाखों की ज्वेलरी और नकदी पर हाथ साफ

    गमी में गया परिवार, पीछे से चोरों ने साफ किया घर; देवास में लाखों की ज्वेलरी और नकदी पर हाथ साफ

    देवास  मध्य प्रदेश के देवास जिले में चोरों ने एक बार फिर सूने मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। शहर के अलकापुरी क्षेत्र में रहने वाला एक परिवार रिश्तेदारी में गमी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बाहर गया था। इसी दौरान बदमाशों ने मकान का ताला तोड़कर घर में रखी सोने की ज्वेलरी और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। मंगलवार सुबह पड़ोसियों की सूचना पर चोरी का खुलासा हुआ, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

    जानकारी के अनुसार, मकान मालिक चेतनपुरी गोस्वामी 17 जुलाई की दोपहर करीब दो बजे अपने परिवार के साथ रिश्तेदारी में आयोजित शोक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शहर से बाहर गए थे। घर कई दिनों तक बंद रहने का फायदा उठाकर अज्ञात बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। मंगलवार सुबह करीब छह बजे पड़ोसियों ने घर का मुख्य दरवाजा खुला देखा तो उन्हें शक हुआ। इसके बाद उन्होंने तत्काल मकान मालिक को फोन कर घटना की जानकारी दी।

    सूचना मिलने पर चेतनपुरी गोस्वामी के भाई मनीष गोस्वामी सबसे पहले मौके पर पहुंचे। घर के अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। पूरे मकान का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था और अलमारी के ताले टूटे हुए थे। अलमारी में रखे मंगलसूत्र समेत कई सोने के आभूषण और नकदी गायब थी। मनीष गोस्वामी ने वीडियो कॉल के माध्यम से चेतनपुरी गोस्वामी को घर की स्थिति दिखाई, जिसके बाद चोरी की पुष्टि हुई।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बदमाश लाखों रुपये मूल्य की ज्वेलरी और नकदी लेकर फरार हुए हैं। हालांकि चोरी की वास्तविक राशि और सामान का सही आकलन मकान मालिक के लौटने के बाद ही हो सकेगा। चेतनपुरी गोस्वामी का शहर में व्यवसाय है और फिलहाल वे परिवार के साथ बाहर होने के कारण विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं करा सके हैं।

    घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने घर से साक्ष्य जुटाए और फोरेंसिक जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि बदमाशों की पहचान की जा सके और उनके आने-जाने के रास्तों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चोरी गए सामान की विस्तृत सूची मिलने के बाद प्रकरण में आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के लिए आसपास के संदिग्धों और हाल के दिनों में सक्रिय चोरी के गिरोहों की गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।

    लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि लंबे समय के लिए घर से बाहर जा रहे हों तो इसकी जानकारी विश्वसनीय पड़ोसियों या स्थानीय पुलिस को दें तथा घरों में सीसीटीवी कैमरे और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि इस तरह की वारदातों पर अंकुश लगाया जा सके।