Author: bharati

  • फीफा फाइनल का जुनून, केरल में सोमवार को स्कूल-कॉलेज बंद; छात्रों की मांग पर सरकार का बड़ा फैसला

    फीफा फाइनल का जुनून, केरल में सोमवार को स्कूल-कॉलेज बंद; छात्रों की मांग पर सरकार का बड़ा फैसला


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल मुकाबले से पहले केरल में फुटबॉल का जुनून अपने चरम पर पहुंच गया है। स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले खिताबी मुकाबले को लेकर राज्यभर में ऐसा माहौल है, मानो कोई बड़ा त्योहार मनाया जा रहा हो। फुटबॉल प्रेमियों के इसी उत्साह को देखते हुए केरल सरकार ने सोमवार को सभी सरकारी स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है।

    मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन के निर्देश पर लिया गया यह फैसला छात्रों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद सामने आया। सोशल मीडिया पर हजारों छात्रों ने देर रात होने वाले फाइनल मुकाबले के कारण अगले दिन छुट्टी देने की अपील की थी। सरकार ने छात्रों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया, ताकि वे बिना किसी चिंता के विश्व कप फाइनल का आनंद ले सकें और अगली सुबह कक्षाओं में उपस्थित होने की परेशानी न झेलें।

    भारतीय समयानुसार स्पेन और अर्जेंटीना के बीच विश्व कप फाइनल सोमवार तड़के 12:30 बजे शुरू होगा। इसी वजह से सरकार ने जनरल एजुकेशन विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों और हायर एजुकेशन विभाग के सभी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों तथा प्रोफेशनल संस्थानों में अवकाश घोषित किया है।

    उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन ने कहा कि यह फैसला छात्रों की सुविधा और खेल के प्रति उनके उत्साह को ध्यान में रखकर लिया गया है। वहीं, सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शमसुद्दीन ने सोशल मीडिया पर मजाकिया अंदाज में लिखा, “अब खुश हो, बच्चों?” इस संदेश के साथ उन्होंने छुट्टी की आधिकारिक घोषणा भी की।

    केरल में फुटबॉल की लोकप्रियता किसी परिचय की मोहताज नहीं है। राज्य के शहरों और गांवों में स्पेन और अर्जेंटीना के खिलाड़ियों के विशाल कटआउट लगाए गए हैं। सड़कों और चौराहों पर दोनों टीमों के झंडे, बैनर और सजावटी तोरण द्वार नजर आ रहे हैं। विभिन्न फैन क्लबों ने सार्वजनिक स्क्रीनिंग, एलईडी स्क्रीन, रैलियों और जश्न के विशेष कार्यक्रमों की तैयारियां भी पूरी कर ली हैं। पूरे राज्य में विश्व कप फाइनल को लेकर उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।

    सरकारी घोषणा से पहले एर्नाकुलम सहित कई जिलों के कुछ निजी और सरकारी स्कूल छात्रों तथा अभिभावकों की मांग पर पहले ही छुट्टी घोषित कर चुके थे। राज्य सरकार के फैसले के बाद पूरे केरल में एक समान व्यवस्था लागू हो गई, जिससे किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति भी समाप्त हो गई।

    फीफा विश्व कप फाइनल को लेकर केरल में दिख रहा यह उत्साह एक बार फिर साबित करता है कि यहां फुटबॉल सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि लोगों की संस्कृति, भावना और पहचान का अहम हिस्सा है। लाखों फुटबॉल प्रेमी अब देर रात होने वाले इस महामुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

  • रोहित-कोहली की ऐतिहासिक साझेदारी, 400 अंतरराष्ट्रीय मैच साथ खेलने वाली पहली भारतीय जोड़ी बनी

    रोहित-कोहली की ऐतिहासिक साझेदारी, 400 अंतरराष्ट्रीय मैच साथ खेलने वाली पहली भारतीय जोड़ी बनी

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के दो सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले जा रहे तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले में मैदान पर उतरते ही दोनों खिलाड़ियों ने एक साथ 400 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का रिकॉर्ड बना दिया। इसके साथ ही रोहित और विराट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह मुकाम हासिल करने वाली पहली भारतीय जोड़ी बन गए हैं।

    दोनों दिग्गज पिछले डेढ़ दशक से भारतीय क्रिकेट की रीढ़ रहे हैं। कई यादगार जीत, बड़े टूर्नामेंट और ऐतिहासिक साझेदारियों के गवाह रहे रोहित और विराट की यह उपलब्धि उनकी निरंतरता, फिटनेस और लंबे समय तक टीम में अहम भूमिका निभाने का प्रमाण है।

    हालांकि वैश्विक स्तर पर इस सूची में अभी भी श्रीलंका के दिग्गज खिलाड़ियों का दबदबा कायम है। कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने की जोड़ी 550 अंतरराष्ट्रीय मैचों के साथ पहले स्थान पर है। दूसरे स्थान पर महेला जयवर्धने और तिलकरत्ने दिलशान की जोड़ी है, जिसने 426 मुकाबले साथ खेले। तीसरे स्थान पर कुमार संगकारा और तिलकरत्ने दिलशान 418 मैचों के साथ मौजूद हैं, जबकि सनथ जयसूर्या और मुथैया मुरलीधरन की जोड़ी 408 मैचों के साथ चौथे स्थान पर है। दक्षिण अफ्रीका के जैक्स कैलिस और मार्क बाउचर ने 407 मुकाबले साथ खेले हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली 400 मैचों के साथ इस प्रतिष्ठित सूची में छठे स्थान पर पहुंच गए हैं। भारत के ही सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ की जोड़ी 391 मैचों के साथ सातवें स्थान पर है।

    इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बीच भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में सीरीज का निर्णायक मुकाबला खेला जा रहा है। इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। भारतीय टीम को इस मैच में बड़ा झटका तब लगा जब तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने में सूजन के कारण फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर सके और उन्हें अंतिम एकादश से बाहर होना पड़ा। वहीं हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वॉशिंगटन सुंदर भी उपलब्ध नहीं रहे।

    भारतीय टीम ने बुमराह और वॉशिंगटन सुंदर की जगह युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव और अर्शदीप सिंह को मौका दिया, जबकि इंग्लैंड ने अपनी प्लेइंग इलेवन में साकिब महमूद की जगह जोश टंग को शामिल किया।

    रोहित शर्मा और विराट कोहली की 400 मैचों की यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है। दोनों खिलाड़ियों ने वर्षों तक अपने शानदार प्रदर्शन, निरंतरता और अनुभव से टीम इंडिया को कई यादगार जीत दिलाई हैं। यह रिकॉर्ड उनकी महान क्रिकेट यात्रा का एक और स्वर्णिम पड़ाव माना जा रहा है।

  • क्रिकेट जगत ने महान ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स को किया नमन, लॉर्ड्स वनडे से पहले रखा गया मौन

    क्रिकेट जगत ने महान ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स को किया नमन, लॉर्ड्स वनडे से पहले रखा गया मौन


    नई दिल्ली । क्रिकेट इतिहास के महानतम ऑलराउंडरों में शुमार सर गारफील्ड गैरी सोबर्स को रविवार को लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ियों, मैच अधिकारियों और मैदान पर मौजूद हजारों दर्शकों ने एक मिनट का मौन रखकर महान क्रिकेटर को अंतिम सम्मान दिया। पूरे मुकाबले के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ी काली पट्टी बांधकर मैदान पर उतरे।

    89 वर्ष की आयु में शुक्रवार को सर गैरी सोबर्स के निधन से पूरे क्रिकेट जगत में शोक की लहर है। वेस्टइंडीज क्रिकेट के स्वर्णिम दौर के सबसे बड़े सितारों में शामिल सोबर्स ने अपने खेल से जिस तरह दुनिया को प्रभावित किया, उसकी छाप आज भी क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में कायम है। लॉर्ड्स में दी गई यह श्रद्धांजलि उनके इसी असाधारण योगदान का सम्मान थी।

    इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने सोबर्स को याद करते हुए कहा कि वे वेस्टइंडीज क्रिकेट समुदाय के लिए एक महान प्रेरणा थे और अब तक के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडरों में गिने जाते हैं। आर्चर ने बताया कि कुछ महीने पहले बारबाडोस में उनकी सोबर्स से मुलाकात हुई थी और उस दौरान भी वे बेहद उत्साही और सकारात्मक नजर आए थे। उनके निधन की खबर ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से गहरा दुख पहुंचाया।

    इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल ने भी सर गैरी सोबर्स को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें एक असाधारण व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि सोबर्स केवल महान क्रिकेटर ही नहीं बल्कि बेहद विनम्र इंसान भी थे। उनके साथ बिताया गया हर पल सीख और प्रेरणा से भरा रहता था। बेथेल ने कहा कि जहां भी सोबर्स मौजूद रहते थे वहां का माहौल अपने आप जीवंत हो जाता था।

    28 जुलाई 1936 को बारबाडोस के ब्रिजटाउन में जन्मे सर गैरी सोबर्स ने 1954 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। बाएं हाथ के बल्लेबाज और बहुमुखी गेंदबाज के रूप में उन्होंने दो दशकों तक वेस्टइंडीज क्रिकेट का नेतृत्व किया। 93 टेस्ट मैचों में उन्होंने 8032 रन बनाए, जिसमें 26 शतक और 30 अर्धशतक शामिल रहे। उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर नाबाद 365 रन रहा, जो लंबे समय तक विश्व रिकॉर्ड भी रहा। गेंदबाजी में उन्होंने 235 टेस्ट विकेट भी अपने नाम किए और अपने हरफनमौला प्रदर्शन से क्रिकेट इतिहास में अमिट पहचान बनाई।

    सर गैरी सोबर्स प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक ओवर में लगातार छह छक्के लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज भी थे। उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि 1968 में हासिल की थी। टेस्ट क्रिकेट में 8000 से अधिक रन और 200 से ज्यादा विकेट लेने वाले चुनिंदा महान ऑलराउंडरों में उनका नाम आज भी सम्मान के साथ लिया जाता है।

    लॉर्ड्स में भारत और इंग्लैंड के खिलाड़ियों द्वारा दी गई श्रद्धांजलि ने यह साबित कर दिया कि सर गैरी सोबर्स केवल वेस्टइंडीज ही नहीं बल्कि पूरी क्रिकेट दुनिया की अमूल्य धरोहर थे। उनका योगदान और विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

  • डंपिंग यार्ड नहीं तो कचरा कहां जाए? विदिशा में नगर पालिका और रहवासियों के बीच बढ़ा विवाद

    डंपिंग यार्ड नहीं तो कचरा कहां जाए? विदिशा में नगर पालिका और रहवासियों के बीच बढ़ा विवाद


    विदिशा । विदिशा शहर में कचरा निस्तारण की समस्या अब गंभीर संकट का रूप ले चुकी है। स्थायी डंपिंग यार्ड नहीं होने के कारण नगर पालिका के सामने रोजाना शहर से निकलने वाले कचरे के निपटान की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। हालात ऐसे हैं कि जहां भी कचरा डंप करने की कोशिश की जाती है, वहां स्थानीय लोगों का विरोध शुरू हो जाता है। रविवार को भी हर्ष विहार कॉलोनी में ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब रहवासियों ने कचरा लेकर पहुंचे नगर पालिका के वाहनों को रोक दिया और इलाके में कचरा डालने का विरोध किया।

    रहवासियों का कहना है कि कॉलोनी के पास कचरा डंप होने से पूरे क्षेत्र में तेज दुर्गंध फैल रही है। मक्खियों और मच्छरों की संख्या बढ़ने से संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों का आरोप है कि बदबू के कारण घरों में रहना मुश्किल हो गया है और बच्चे, बुजुर्ग तथा मवेशी सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि घरों में भोजन करना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा एफआईआर कराने की धमकी दी जा रही है।

    दरअसल, जिला प्रशासन ने पहले सोठिया गांव के पास डंपिंग यार्ड के लिए जमीन उपलब्ध कराई थी, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते वहां कचरा डालने की व्यवस्था बंद करनी पड़ी। इसके बाद नगर पालिका ने जतरापुरा और मिर्जापुर की खंतियों का विकल्प चुना, लेकिन लगातार बारिश के कारण वहां तक पहुंचने का रास्ता बंद हो गया। नतीजतन शहर से कचरा उठाने की व्यवस्था भी प्रभावित होने लगी और कचरे से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा डंपर नगर पालिका परिसर में ही खड़े रहने लगे।

    इसके बाद नगर पालिका ने सुआखेड़ी, गेहूंखेड़ी और फिर डाबर रोड स्थित एक खंती में कचरा डालने का प्रयास किया, लेकिन हर स्थान पर ग्रामीणों और स्थानीय रहवासियों ने विरोध दर्ज कराया। इससे स्पष्ट हो गया कि शहर में कचरा निस्तारण की समस्या अब केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी चिंता का विषय भी बन गई है।

    नगर पालिका का कहना है कि डाबर रोड स्थित खंती के मालिक बंटी रघुवंशी की सहमति से वहां कचरा डाला जा रहा है। कर्मचारियों के अनुसार खंती में कचरा डालने के बाद उसे हाइड्रा मशीन से दबाकर ऊपर मिट्टी की परत डाली जा रही है, ताकि दुर्गंध और प्रदूषण न फैले। उनका दावा है कि कचरा खुले मैदान में नहीं फेंका जा रहा, बल्कि केवल खंती को भरने का काम किया जा रहा है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों ने कचरा वाहनों को वहां तक पहुंचने नहीं दिया।

    खंती के मालिक बंटी रघुवंशी का कहना है कि बरसात के दौरान उनकी करीब एक बीघा की खंती पानी से भर जाती है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसी कारण उन्होंने खंती भरवाने की अनुमति दी है। वहीं नगर पालिका का सवाल है कि जब हर स्थान पर विरोध हो रहा है, तो शहर से रोज निकलने वाले कचरे का निस्तारण आखिर कहां किया जाए। अब यह मामला केवल सफाई व्यवस्था का नहीं, बल्कि शहर के लिए स्थायी डंपिंग यार्ड विकसित करने की तत्काल आवश्यकता का संकेत बन गया है।

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  • सीहोर में तेज होगा मानसून का दौर, दो दिन भारी बारिश के आसार; किसानों के लिए राहत की खबर

    सीहोर में तेज होगा मानसून का दौर, दो दिन भारी बारिश के आसार; किसानों के लिए राहत की खबर


    सीहोर । सीहोर जिले में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और आगामी 48 घंटे जिले के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। मौसम विभाग ने 20 और 21 जुलाई को जिले में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी के कारण मध्य प्रदेश के मध्य हिस्सों में मजबूत मौसमी सिस्टम बन रहा है, जिसका असर सीहोर सहित आसपास के क्षेत्रों में साफ दिखाई देगा।

    जिला भू-अभिलेख शाखा के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 19 जुलाई तक जिले में औसतन 14 इंच वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि यह पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले कम है। पिछले साल 19 जुलाई तक जिले में 17.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी। इसके बावजूद हाल के दिनों में बारिश की रफ्तार बढ़ने से मौसम सुहावना हुआ है और किसानों के चेहरों पर उम्मीद की नई किरण दिखाई देने लगी है।

    ब्लॉकवार वर्षा के आंकड़ों पर नजर डालें तो आष्टा जिले का सबसे अधिक बारिश वाला क्षेत्र बनकर सामने आया है, जहां अब तक 19.6 इंच वर्षा दर्ज की गई है। इसके बाद जावर में 16.9 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। दूसरी ओर श्यामापुर क्षेत्र सबसे पीछे रहा, जहां केवल 7.7 इंच वर्षा हुई है। अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश के इस अंतर के कारण खेती और जल उपलब्धता पर भी अलग-अलग असर देखने को मिल रहा है।

    मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विभाग ने बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न होने, खुले मैदानों से दूर रहने और खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

    आगामी बारिश को खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभकारी माना जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पर्याप्त वर्षा होने से सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को आवश्यक नमी मिलेगी, जिससे उनकी बढ़वार बेहतर होगी। साथ ही जिले के बांधों, तालाबों और जलाशयों का जलस्तर भी बढ़ेगा, जिससे सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

    प्रशासन भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। संभावित भारी बारिश को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।

  • सीहोर में युवक ने आत्महत्या से पहले बनाया वीडियो, 6 लाख की ठगी और ब्लैकमेलिंग के लगाए आरोप; थाने के सामने शव रखकर प्रदर्शन

    सीहोर में युवक ने आत्महत्या से पहले बनाया वीडियो, 6 लाख की ठगी और ब्लैकमेलिंग के लगाए आरोप; थाने के सामने शव रखकर प्रदर्शन


    सीहोर । सीहोर जिले के गोपालपुर थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव में युवक मनीष पंवार की आत्महत्या के बाद मामला गरमा गया। रविवार को परिजनों ने शव को गोपालपुर थाने के सामने रखकर प्रदर्शन किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शन के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया और मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

    परिजनों का आरोप है कि मनीष की पत्नी कथित रूप से एक अन्य युवक के साथ चली गई थी। इस संबंध में 15 जुलाई को गोपालपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, लेकिन कई दिन बीतने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि इसी मानसिक तनाव के चलते मनीष ने शनिवार रात जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।

    आत्महत्या से पहले मनीष द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में उसने एक व्यक्ति पर ब्लैकमेलिंग, पत्नी के साथ अवैध संबंध और उससे करीब 6 लाख रुपए लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मनीष ने दावा किया कि आरोपी पहले परिवार का विश्वासपात्र बनकर घर आता-जाता था और पत्नी को बहन बताकर भरोसा जीत लिया था। बाद में उसे दोनों के संबंधों की जानकारी मिली।

    वीडियो में मनीष ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसकी पत्नी के फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया और पत्नी का पीछा छोड़ने के नाम पर उससे लाखों रुपए वसूल लिए। उसने यह भी कहा कि आरोपी के कहने पर उसने अपना व्यवसाय छोड़कर पशुपालन शुरू किया, लेकिन इसके बावजूद उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई। मनीष ने अपने परिवार के लिए न्याय और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

    घटना की सूचना मिलने पर एसडीओपी रोशन जैन मौके पर पहुंचे और परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा देकर प्रदर्शन समाप्त कराया। इसके बाद परिजनों ने युवक का अंतिम संस्कार किया।

    पुलिस का कहना है कि 15 जुलाई को दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट में ब्लैकमेलिंग या अन्य गंभीर आरोपों का उल्लेख नहीं था। अब आत्महत्या के बाद सामने आए वीडियो और परिजनों के बयानों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक वीडियो में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • भारतीय शेयर बाजार में बड़ी कंपनियों की दमदार वापसी, शीर्ष 10 में शामिल पांच दिग्गजों का मार्केटकैप 1.54 लाख करोड़ रुपये बढ़ा

    भारतीय शेयर बाजार में बड़ी कंपनियों की दमदार वापसी, शीर्ष 10 में शामिल पांच दिग्गजों का मार्केटकैप 1.54 लाख करोड़ रुपये बढ़ा


    नई दिल्ली ।
    भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता सप्ताह सकारात्मक संकेतों के साथ समाप्त हुआ। मजबूत निवेशक धारणा, चुनिंदा क्षेत्रों में खरीदारी और बेहतर कॉरपोरेट प्रदर्शन के कारण देश की शीर्ष 10 सूचीबद्ध कंपनियों में से पांच के बाजार पूंजीकरण में संयुक्त रूप से 1.54 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान सूचना प्रौद्योगिकी और बैंकिंग क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां निवेशकों के आकर्षण का केंद्र रहीं, जबकि कुछ बड़ी कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में गिरावट भी देखने को मिली।

    सप्ताह के दौरान सबसे अधिक लाभ टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज को मिला। कंपनी के बाजार पूंजीकरण में 72 हजार करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ, जिससे उसका कुल बाजार मूल्य 8.20 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया। कंपनी के बेहतर तिमाही नतीजों और आने वाली तिमाहियों में कारोबार की संभावनाओं को लेकर प्रबंधन के सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। इसके परिणामस्वरूप आईटी क्षेत्र में खरीदारी तेज हुई और कंपनी के शेयरों में मजबूती देखने को मिली।

    निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। सप्ताहभर में बैंक के बाजार पूंजीकरण में 29 हजार करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाजार मूल्य में भी लगभग 24 हजार करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। वित्तीय क्षेत्र की प्रमुख कंपनी बजाज फाइनेंस और सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने भी बाजार पूंजीकरण में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज कर निवेशकों को सकारात्मक रिटर्न दिया।

    हालांकि सभी बड़ी कंपनियों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा। इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की प्रमुख कंपनी लार्सन एंड टुब्रो के बाजार मूल्यांकन में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा भारतीय जीवन बीमा निगम, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक और हिंदुस्तान यूनिलीवर के बाजार पूंजीकरण में भी कमी देखने को मिली। इसके बावजूद इन कंपनियों की बाजार स्थिति मजबूत बनी रही और वे देश की सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल रहीं।

    सप्ताह के अंत तक रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे अधिक बाजार मूल्य वाली सूचीबद्ध कंपनी बनी रही। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम, लार्सन एंड टुब्रो और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा। यह क्रम भारतीय कॉरपोरेट जगत में इन कंपनियों की मजबूत उपस्थिति और निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है।

    समूचे शेयर बाजार का प्रदर्शन भी उत्साहजनक रहा। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स में 582 अंकों से अधिक की बढ़त दर्ज हुई, जबकि निफ्टी भी 127 अंकों से अधिक मजबूत होकर बंद हुआ। विभिन्न सेक्टरों में सूचना प्रौद्योगिकी सबसे अधिक लाभ देने वाला सूचकांक रहा। इसके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मीडिया, प्राइवेट बैंक, ऑयल एंड गैस, ऑटो, सर्विसेज, सार्वजनिक उपक्रम और ऊर्जा क्षेत्रों में भी सकारात्मक बढ़त देखने को मिली।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत कॉरपोरेट नतीजों, बेहतर आर्थिक संकेतकों और निवेशकों के बढ़ते विश्वास के कारण भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। यदि आने वाले समय में कंपनियों के तिमाही परिणाम अपेक्षाओं के अनुरूप रहते हैं और वैश्विक परिस्थितियां स्थिर बनी रहती हैं, तो बाजार में यह सकारात्मक रुझान आगे भी जारी रह सकता है। फिलहाल शीर्ष कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में आई यह बढ़ोतरी भारतीय इक्विटी बाजार की मजबूती और निवेशकों के भरोसे का महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।

  • सीहोर में सीवेज खुदाई से फूटी पेयजल पाइपलाइन, हजारों लीटर पानी बहा; दलदल बनी सड़कें, लोग परेशान

    सीहोर में सीवेज खुदाई से फूटी पेयजल पाइपलाइन, हजारों लीटर पानी बहा; दलदल बनी सड़कें, लोग परेशान


    सीहोर । सीहोर के मंडी क्षेत्र स्थित फ्रीगंज में सीवेज लाइन बिछाने का कार्य स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत का कारण बन गया है। निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार की लापरवाही से पेयजल आपूर्ति की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे रोजाना नलों की सप्लाई के समय हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। पानी की बर्बादी के साथ-साथ सड़कों पर कीचड़ और दलदल जैसी स्थिति बन गई है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क खोदने के बाद एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक मरम्मत का काम पूरा नहीं किया गया। ठेकेदार ने केवल मिट्टी डालकर खानापूर्ति कर दी, जिससे सड़कें ऊबड़-खाबड़ और कीचड़ से भर गई हैं। बारिश और पानी के रिसाव के कारण हालात और खराब हो गए हैं।

    क्षेत्र में दोपहिया और चारपहिया वाहन आए दिन कीचड़ में फंस रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और पैदल आने-जाने वाले लोगों को हो रही है। घरों के सामने गंदगी और पानी जमा रहने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

    वार्डवासियों ने नगर पालिका पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जिम्मेदार इंजीनियर मौके का निरीक्षण नहीं करते, जिससे ठेकेदार मनमानी कर रहा है। पाइपलाइन टूटने के बाद भी समय पर मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे लगातार पानी की बर्बादी हो रही है।

    मामले पर सीहोर नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) सुधीर सिंह ने कहा कि संबंधित ठेकेदार और इंजीनियर को तत्काल पाइपलाइन की मरम्मत के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पानी की बर्बादी रोकी जाएगी और सड़क की स्थिति भी जल्द सुधारी जाएगी, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।

  • सूचीबद्ध कंपनियों की निगरानी होगी और सख्त, सेबी ने फोरेंसिक ऑडिट पैनल का किया विस्तार, 18 नई विशेषज्ञ फर्मों को मिली जिम्मेदारी

    सूचीबद्ध कंपनियों की निगरानी होगी और सख्त, सेबी ने फोरेंसिक ऑडिट पैनल का किया विस्तार, 18 नई विशेषज्ञ फर्मों को मिली जिम्मेदारी

    नई दिल्ली । भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने पूंजी बाजार में पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सूचीबद्ध कंपनियों के फोरेंसिक ऑडिट के लिए अपने अधिकृत पैनल का विस्तार किया है। नियामक ने 18 नई पेशेवर फर्मों को इस पैनल में शामिल किया है, जिससे वित्तीय अनियमितताओं की जांच की क्षमता और संस्थागत निगरानी दोनों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह निर्णय बाजार में विश्वास बनाए रखने और निवेशकों के हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

    यह विस्तार उस चयन प्रक्रिया के बाद किया गया है जिसे सार्वजनिक आमंत्रण के माध्यम से शुरू किया गया था। नियामक द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, नई फर्मों को पहले से मौजूद अधिकृत सूची में शामिल किया गया है और उनका पंजीकरण तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि के दौरान आवश्यकता पड़ने पर इन फर्मों को सूचीबद्ध कंपनियों के वित्तीय मामलों की गहन फोरेंसिक जांच की जिम्मेदारी सौंपी जा सकेगी।

    नई सूची में कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की ऑडिट एवं परामर्श फर्मों के साथ विभिन्न अनुभवी पेशेवर संस्थानों को भी स्थान दिया गया है। इन फर्मों के शामिल होने से जटिल वित्तीय मामलों, लेखा संबंधी विसंगतियों, संदिग्ध लेनदेन और संभावित कॉरपोरेट अनियमितताओं की जांच अधिक विशेषज्ञता और दक्षता के साथ किए जाने की संभावना बढ़ेगी। इससे नियामकीय जांच की गुणवत्ता में भी सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।

    फोरेंसिक ऑडिट सामान्य वित्तीय ऑडिट से अलग प्रक्रिया होती है। इसका उद्देश्य केवल खातों की जांच करना नहीं, बल्कि संभावित धोखाधड़ी, वित्तीय गड़बड़ियों, धन के दुरुपयोग, लेखांकन में हेरफेर या अन्य संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों का गहराई से परीक्षण करना होता है। जब किसी सूचीबद्ध कंपनी के वित्तीय विवरणों या लेनदेन को लेकर गंभीर संदेह उत्पन्न होता है, तब ऐसे मामलों में फोरेंसिक ऑडिट कराया जाता है ताकि वास्तविक स्थिति सामने लाई जा सके।

    पूंजी बाजार में निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी उद्देश्य से नियामक समय-समय पर अपनी प्रक्रियाओं और विशेषज्ञ संसाधनों को मजबूत करता है। विस्तारित पैनल से उम्मीद है कि जांच संबंधी मामलों का निपटारा अधिक व्यवस्थित, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से किया जा सकेगा। साथ ही कॉरपोरेट प्रशासन के मानकों को भी बेहतर बनाने में यह पहल सहायक सिद्ध हो सकती है।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत फोरेंसिक व्यवस्था से सूचीबद्ध कंपनियों में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। इससे कंपनियों के प्रबंधन की जवाबदेही बढ़ेगी और निवेशकों को अधिक विश्वसनीय कारोबारी वातावरण उपलब्ध होगा। नियामकीय संस्थाओं की ऐसी पहल से पूंजी बाजार की साख मजबूत होने के साथ-साथ दीर्घकालिक निवेश को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। आने वाले समय में यह कदम वित्तीय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और निवेशक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

  • सलकनपुर मंदिर मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ से 2 घंटे जाम, गुप्त नवरात्रि पर वाहनों की लगी लंबी कतार

    सलकनपुर मंदिर मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ से 2 घंटे जाम, गुप्त नवरात्रि पर वाहनों की लगी लंबी कतार


    सीहोर । सीहोर जिले के बुधनी स्थित प्रसिद्ध सलकनपुर विजयासन देवी धाम में गुप्त नवरात्रि और रविवार के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दर्शन के लिए पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं के कारण पहाड़ी पर मंदिर जाने वाले सड़क मार्ग पर लंबा जाम लग गया। करीब दो घंटे तक चार पहिया वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    स्थिति की जानकारी मिलते ही सलकनपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने यातायात को व्यवस्थित करने के लिए लगातार प्रयास किए और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद मार्ग को सुचारु कराया। इसके बाद धीरे-धीरे वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सकी।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, जाम लगने की बड़ी वजह सूर्य द्वार सीढ़ी मार्ग के आसपास सड़क किनारे लगी अस्थायी दुकानें हैं। आरोप है कि कुछ दुकानदार श्रद्धालुओं की कारों को बीच चढ़ाई में ही रुकवाकर सड़क किनारे खड़ा करवा देते हैं और उन्हें सीढ़ियों से मंदिर जाने की सलाह देते हैं। इससे सड़क संकरी हो जाती है और पीछे आने वाले वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।

    रविवार, अवकाश और विशेष धार्मिक अवसरों पर सलकनपुर मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में अव्यवस्थित पार्किंग और सड़क किनारे अतिक्रमण यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए और सड़क किनारे लगने वाली अस्थायी दुकानों को व्यवस्थित किया जाए, ताकि भविष्य में श्रद्धालुओं को जाम की समस्या से राहत मिल सके।