Author: bharati

  • यमुना एक्सप्रेसवे बनेगा यूपी के 5 बड़े एक्सप्रेसवे का मुख्य कनेक्टिंग हब, नोएडा-ग्रेटर नोएडा को मिलेगा सीधा नेटवर्क

    यमुना एक्सप्रेसवे बनेगा यूपी के 5 बड़े एक्सप्रेसवे का मुख्य कनेक्टिंग हब, नोएडा-ग्रेटर नोएडा को मिलेगा सीधा नेटवर्क

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विस्तार को नई दिशा देते हुए यमुना एक्सप्रेसवे को राज्य के पांच प्रमुख एक्सप्रेसवे से जोड़ने की व्यापक योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य पूरे क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना और औद्योगिक विकास को नई गति देना है। प्रस्तावित नेटवर्क के पूरा होने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र देश के सबसे महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी हब के रूप में उभर सकते हैं, जहां सड़क, उद्योग और लॉजिस्टिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र विकसित होगा।

    ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने ग्रेटर नोएडा को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 37 किलोमीटर लंबे सड़क विस्तार को मंजूरी दी है। यह परियोजना आठ लेन कॉरिडोर के रूप में विकसित की जाएगी, जो हापुड़ तक सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इस मार्ग के बनने से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम हो जाएगा। साथ ही यह कॉरिडोर स्थानीय और अंतरराज्यीय यातायात के दबाव को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे विकास की गति और तेज होगी।

    योजना के तहत यमुना एक्सप्रेसवे को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ा जाएगा। इस विस्तृत नेटवर्क से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा, जिससे न केवल यात्रा आसान होगी बल्कि व्यापार, निवेश और औद्योगिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। इस तरह का मजबूत कनेक्टिविटी ढांचा उत्तर प्रदेश को देश के सबसे विकसित इंफ्रास्ट्रक्चर राज्यों में शामिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

    इस पूरे प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास का क्षेत्र आने वाले समय में बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित हो सकता है। विशेष रूप से जेवर एयरपोर्ट के संचालन के बाद इस पूरे क्षेत्र की रणनीतिक और आर्थिक महत्ता और बढ़ जाएगी। एयरपोर्ट के साथ बेहतर सड़क और रेल कनेक्टिविटी होने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कार्गो संचालन को भी नया विस्तार मिलेगा।

    इसके अलावा इस क्षेत्र को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर भी काम चल रहा है, जिससे दिल्ली और एयरपोर्ट के बीच यात्रा का समय और कम हो सकेगा। औद्योगिक क्षेत्रों और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के एकीकृत विकास से रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

    योजना के तहत हाथरस और आसपास के क्षेत्रों में भी शहरी विकास की बड़ी रूपरेखा तैयार की जा रही है, जहां लगभग 4700 एकड़ भूमि पर एक आधुनिक अर्बन सिटी विकसित करने का प्रस्ताव है। इस शहर में आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक सुविधाओं का संतुलित विकास किया जाएगा, जिससे यह क्षेत्र भविष्य में एक नए आर्थिक केंद्र के रूप में पहचान बना सके। यमुना एक्सप्रेसवे का यह विस्तारित नेटवर्क आगरा तक सीधी कनेक्टिविटी स्थापित करेगा और पूरे क्षेत्र के समग्र विकास को गति देगा।

    कुल मिलाकर यह पूरा एक्सप्रेसवे नेटवर्क उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को एक नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है, जिससे राज्य न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि वैश्विक निवेश और व्यापार के केंद्र के रूप में भी अपनी स्थिति मजबूत कर सकेगा।

  • बकरीद 2026 की छुट्टी को लेकर बड़ा अपडेट, दिल्ली से यूपी तक 28 मई को बंद रहेंगे सरकारी दफ्तर, स्कूल और बैंक

    बकरीद 2026 की छुट्टी को लेकर बड़ा अपडेट, दिल्ली से यूपी तक 28 मई को बंद रहेंगे सरकारी दफ्तर, स्कूल और बैंक

    नई दिल्ली । देश में बकरीद 2026 के अवसर पर सरकारी अवकाश की तारीख को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। पहले यह अवकाश कई राज्यों में 27 मई को निर्धारित किया गया था, लेकिन चांद दिखने में देरी और इस्लामी कैलेंडर में बदलाव के कारण अब इसे संशोधित कर 28 मई 2026 कर दिया गया है। इस बदलाव के बाद दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र और अन्य कई राज्यों में ईद-उल-अजहा का सार्वजनिक अवकाश 28 मई को ही लागू रहेगा।

    सरकारी निर्देशों के अनुसार दिल्ली स्थित सभी केंद्रीय प्रशासनिक कार्यालय 28 मई को बंद रहेंगे। इसके साथ ही विभिन्न राज्यों के सरकारी दफ्तर, स्कूल और कॉलेज भी इस दिन अवकाश पर रहेंगे। इस बदलाव के बाद कर्मचारियों और छात्रों के लिए छुट्टी की तारीख एक समान हो गई है, जिससे पूरे देश में त्योहार की तैयारियां अधिक व्यवस्थित तरीके से की जा सकेंगी।

    उत्तर प्रदेश सरकार ने भी पहले घोषित 27 मई की छुट्टी को संशोधित करते हुए 28 मई को बकरीद का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। राज्य के सभी सरकारी विभाग इस दिन बंद रहेंगे और प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। लखनऊ सहित प्रमुख शहरों में त्योहार को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

    देशभर में ईद-उल-अजहा को लेकर धार्मिक तैयारियां भी जोर पकड़ रही हैं। लखनऊ की प्रमुख ईदगाह में 28 मई की सुबह नमाज अदा की जाएगी। धार्मिक नेताओं ने लोगों से अपील की है कि कुर्बानी केवल निर्धारित स्थानों पर ही की जाए और सभी नियमों का पालन किया जाए। त्योहार को शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से मनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    बैंकों की छुट्टियों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट हो गई है। संशोधित अवकाश सूची के अनुसार कई राज्यों में 28 मई को बैंक बंद रहेंगे, जिनमें प्रमुख महानगर और राज्यीय राजधानी शामिल हैं। इस दिन बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी, हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी, जिससे आम जनता को आंशिक राहत मिलेगी।

    त्योहार के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि सभी समुदायों के बीच शांति और सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    इस प्रकार बकरीद 2026 को लेकर देशभर में अवकाश की स्थिति अब स्पष्ट हो चुकी है और अधिकांश राज्यों में 28 मई को ही सार्वजनिक छुट्टी रहेगी। इससे लोगों को अपने पारिवारिक और धार्मिक कार्यक्रमों की योजना बनाने में सुविधा मिलेगी और पूरे देश में एक ही दिन ईद-उल-अजहा मनाई जाएगी।

  • रेत माफिया का कहर: चेकिंग के दौरान आरक्षक पर चढ़ाया ट्रैक्टर, हालत गंभीर

    रेत माफिया का कहर: चेकिंग के दौरान आरक्षक पर चढ़ाया ट्रैक्टर, हालत गंभीर


    भोपाल । बालाघाट जिले के लालबर्रा थाना क्षेत्र में अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान रेत माफिया की दबंगई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कामथी क्षेत्र में मंगलवार देर शाम चेकिंग के दौरान एक ट्रैक्टर चालक ने पुलिस आरक्षक पर वाहन चढ़ा दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    जानकारी के अनुसार, लालबर्रा थाने में पदस्थ आरक्षक सुनील और राजेश्वर रहांगडाले को मुखबिर से सूचना मिली थी कि क्षेत्र में अवैध रेत का परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर दोनों आरक्षक मौके पर पहुंचे और कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान जब पुलिस टीम घटनास्थल का वीडियो बनाने लगी, तभी ट्रैक्टर चालक ने अचानक वाहन आरक्षक राजेश्वर रहांगडाले पर चढ़ा दिया।

    घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल आरक्षक को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत नाजुक देखते हुए उन्हें गोंदिया रेफर कर दिया गया। फिलहाल उनका इलाज जारी है और स्थिति गंभीर बनी हुई है।

    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। देर रात आईजी ललित शाक्यवार और एसपी आदित्य मिश्रा जिला अस्पताल पहुंचे और घायल आरक्षक का हाल जाना। अधिकारियों ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

    आईजी ललित शाक्यवार ने बताया कि घटना के तुरंत बाद आरोपी ट्रैक्टर चालक को पुलिस अभिरक्षा में ले लिया गया है और वाहन को जब्त कर लिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर अवैध रेत खनन और माफिया के बढ़ते हौसले पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।

  • बकरीद को लेकर सख्त हुए नियम, फ्लैट के अंदर कुर्बानी पर पूरी तरह रोक, नगर निगम और RWA ने तय किए कड़े दिशा-निर्देश

    बकरीद को लेकर सख्त हुए नियम, फ्लैट के अंदर कुर्बानी पर पूरी तरह रोक, नगर निगम और RWA ने तय किए कड़े दिशा-निर्देश

    नई दिल्ली । बकरीद के मौके पर देश के कई हिस्सों में कुर्बानी को लेकर हाउसिंग सोसायटी और नगर निगम स्तर पर सख्त नियम और दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। मुंबई, दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में हाल के दिनों में सोसायटी परिसरों में कुर्बानी को लेकर विवाद की स्थिति सामने आने के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में फ्लैट के अंदर पशु की कुर्बानी की अनुमति नहीं दी जा सकती। नियमों के अनुसार घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, सफाई और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह प्रतिबंध लागू किया गया है।

    प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के अनुसार फ्लैट या अपार्टमेंट के अंदर किसी भी प्रकार की कुर्बानी करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। नगर निगम और न्यायिक प्रावधानों के मुताबिक छोटे बंद स्थानों में इस प्रकार की गतिविधियों से स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी इस तरह की अनुमति नहीं दी जाती है।

    यदि किसी सोसायटी में सामूहिक रूप से कुर्बानी की व्यवस्था की जाती है तो इसके लिए सख्त प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। इसके तहत संबंधित हाउसिंग सोसायटी या आरडब्ल्यूए को नगर निगम और स्थानीय प्रशासन से अनुमति प्राप्त करनी होती है। साथ ही यह सुनिश्चित करना होता है कि परिसर के आसपास किसी भी धार्मिक स्थल या सार्वजनिक मार्ग के निकट यह गतिविधि न की जाए, जिससे किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।

    नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी आवासीय सोसायटी के भीतर खुले स्थान या कॉमन एरिया में भी बिना अनुमति कुर्बानी नहीं की जा सकती। यदि किसी क्षेत्र में पहले से ही निर्धारित बूचड़खाना या अधिकृत सुविधा उपलब्ध है, तो उसी का उपयोग करना आवश्यक है। इससे न केवल नियमों का पालन सुनिश्चित होता है, बल्कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में अनावश्यक तनाव की स्थिति भी नहीं बनती।

    सफाई व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। कुर्बानी के बाद किसी भी प्रकार के अवशेष या खून को खुले नालों या सार्वजनिक स्थानों में बहाने की अनुमति नहीं है। सभी अपशिष्ट पदार्थों को सुरक्षित तरीके से पैक कर नगर निगम की निर्धारित गाड़ियों या डंपिंग साइट तक पहुंचाना अनिवार्य किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

    हाउसिंग सोसायटी स्तर पर भी आरडब्ल्यूए को यह अधिकार दिया गया है कि वे अपने परिसर में किसी भी धार्मिक या विशेष आयोजन के लिए नियम तय कर सकते हैं। यदि किसी सोसायटी में पशु लाने या अस्थायी ढांचा बनाने पर रोक है, तो सभी निवासियों को उसका पालन करना होगा। यह व्यवस्था सामुदायिक शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से लागू की गई है।

    देश के विभिन्न हिस्सों में इस मुद्दे को लेकर समय-समय पर विवाद देखने को मिले हैं, जहां अलग-अलग समुदायों के बीच समझ और नियमों के पालन को लेकर मतभेद सामने आए हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी नागरिकों को कानून और स्थानीय नियमों का सम्मान करते हुए धार्मिक गतिविधियां करनी चाहिए ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे।

    इस प्रकार बकरीद के अवसर पर कुर्बानी को लेकर लागू किए गए ये नियम सार्वजनिक व्यवस्था, स्वास्थ्य और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से बनाए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय दिशा-निर्देशों का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • उज्जैन रेलवे ट्रैक पर बड़ी वारदात वंदे भारत ट्रेन पर पथराव से मचा हड़कंप

    उज्जैन रेलवे ट्रैक पर बड़ी वारदात वंदे भारत ट्रेन पर पथराव से मचा हड़कंप


    उज्जैन । उज्जैन में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब तेज रफ्तार वंदे भारत सुपरफास्ट ट्रेन पर अज्ञात बदमाशों ने पथराव कर दिया। यह घटना उज्जैन रेलवे स्टेशन से करीब 200 मीटर दूर गदा पुलिया और नीलगंगा रेलवे ट्रैक के बीच हुई, जिसमें ट्रेन के पांच से अधिक कोचों के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए।

    जानकारी के अनुसार घटना शाम लगभग 7:30 बजे की है, जब वंदे भारत ट्रेन अपने निर्धारित रफ्तार से गुजर रही थी। इसी दौरान ट्रैक किनारे मौजूद कुछ युवकों ने अचानक ट्रेन पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। पथराव इतना तेज था कि कोच C/6, C/7, C/8, C/9, E/1 और E/2 के विंडो ग्लास और पिलर ग्लास टूट गए। अचानक हुए हमले से ट्रेन में बैठे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।

    हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आई। इसके बावजूद अचानक कांच टूटने की आवाजों से कई यात्री घबरा गए और कुछ देर के लिए कोचों में भय का माहौल बना रहा। यात्रियों ने तुरंत रेलवे हेल्पलाइन और अधिकारियों को घटना की सूचना दी। ट्रेन को रोकने की आवश्यकता नहीं पड़ी और यह अपने तय समय पर आगे रवाना हो गई।

    घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल RPF मौके पर पहुंचा और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। उप निरीक्षक जयवीर सिंह के नेतृत्व में टीम ने प्रभावित कोचों की जांच की और यात्रियों के बयान दर्ज किए। इसके साथ ही आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

    सामने आए CCTV फुटेज में कुछ संदिग्ध युवक ट्रेन के आने से पहले ट्रैक के आसपास घूमते दिखाई दे रहे हैं। जैसे ही ट्रेन पास आई, वे पथराव कर मौके से फरार हो गए। प्रारंभिक जांच में इसे अचानक किया गया हमला माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी संभावित एंगल से जांच कर रही है।

    इस घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है, क्योंकि पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि दोषियों की जल्द पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और ट्रैक के आसपास निगरानी व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा।

  • NGT का बड़ा आदेश: भोपाल में प्रदूषण रोकने के लिए 100 दिन की विंटर एक्शन प्लान तैयारी अनिवार्य

    NGT का बड़ा आदेश: भोपाल में प्रदूषण रोकने के लिए 100 दिन की विंटर एक्शन प्लान तैयारी अनिवार्य


    भोपाल । भोपाल की लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल NGT ने मध्यप्रदेश सरकार और नगर निगम को सख्त निर्देश जारी किए हैं। एनजीटी ने कहा है कि राजधानी में सर्दियों के दौरान एयर क्वालिटी इंडेक्स कई बार 300 के पार पहुंच जाता है, जो गंभीर स्थिति का संकेत है। इसी को देखते हुए ठंड शुरू होने से पहले 100 दिन का विस्तृत विंटर एक्शन प्लान तैयार करने के आदेश दिए गए हैं।

    एनजीटी ने स्पष्ट कहा है कि अगर अभी से प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली सर्दियों में वायु प्रदूषण की स्थिति और भी भयावह हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवा में मौजूद पीएम 2.5 और धूल के महीन कण स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं और ये हार्ट अटैक, स्ट्रोक, अस्थमा तथा अन्य श्वसन रोगों का बड़ा कारण बन रहे हैं।

    मामले में याचिकाकर्ता राशिद नूर खान ने बताया कि विशेषज्ञों ने खुले में कचरा, पत्तियां, बायोमास और फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। साथ ही पारंपरिक अलाव को भी प्रदूषण का बड़ा कारण बताया गया है, जिसके विकल्प के रूप में एलपीजी और इलेक्ट्रिक हीटर को बढ़ावा देने की बात कही गई है।

    एनजीटी ने अपने निर्देशों में खुले में कचरा जलाने, लकड़ी और कोयले के तंदूरों के उपयोग तथा निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल पर सख्त नियंत्रण लगाने को कहा है। इसके अलावा होटल, ढाबों और रेस्तरां में लकड़ी-कोयले के उपयोग को सीमित करने की सिफारिश भी की गई है। ट्रिब्यूनल ने शहर में भारी वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और लो-इमिशन जोन विकसित करने जैसे उपायों पर जोर दिया है।

    साथ ही ई-रिक्शा, साइकिल और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की भी बात कही गई है, ताकि निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो सके। निर्माण स्थलों पर उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए ग्रीन नेट लगाना अनिवार्य करने, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने और नागरिकों की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
    नगर निगम को नियमित सड़क सफाई, पानी का छिड़काव और डिवाइडरों की सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। एनजीटी ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल योजना बनाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि हर कदम की निगरानी के लिए एक मॉनिटरिंग कमेटी गठित की जाएगी, जो लगातार कार्रवाई की समीक्षा करेगी।

  • शिवराज सिंह चौहान ने सुनाया दिलचस्प राजनीतिक किस्सा, मोदी की डिजिटल सोच और शुरुआती दौर की यादें फिर चर्चा में

    शिवराज सिंह चौहान ने सुनाया दिलचस्प राजनीतिक किस्सा, मोदी की डिजिटल सोच और शुरुआती दौर की यादें फिर चर्चा में

    नई दिल्ली । केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए कई दिलचस्प किस्से सुनाए। इस मौके पर उन्होंने अपनी संस्मरण पुस्तक ‘अपनापन, नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ का विमोचन किया, जिसमें उनके लंबे राजनीतिक जीवन और विभिन्न दौर की स्मृतियों का उल्लेख किया गया है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एक ऐसा किस्सा भी साझा किया जिसने पूरे सभागार में हल्का-फुल्का माहौल बना दिया और उपस्थित लोग मुस्कुराने लगे।

    शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि वर्ष 1998 के आसपास, जब मध्य प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज थीं, उस समय एक बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी नेताओं से पूछा था कि किसके पास ईमेल आईडी है। उस समय डिजिटल तकनीक उतनी सामान्य नहीं थी, जिसके कारण कई नेता इस शब्द से परिचित नहीं थे और कुछ समय के लिए कमरे में सन्नाटा छा गया था।

    उन्होंने आगे बताया कि इसी दौरान एक वरिष्ठ नेता ने मजाकिया अंदाज में ईमेल को ‘फीमेल’ समझ लिया और सवाल पूछ दिया कि यह क्या होता है। इस छोटी सी गलतफहमी के बाद पूरे कमरे में हंसी का माहौल बन गया और गंभीर बैठक कुछ देर के लिए हल्के-फुल्के अंदाज में बदल गई। यह किस्सा उस दौर की तकनीकी जागरूकता और शुरुआती डिजिटल बदलावों की स्थिति को दर्शाता है।

    शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उस समय से ही नरेंद्र मोदी टेक्नोलॉजी को लेकर काफी सजग थे और नई व्यवस्थाओं को समझने में गहरी रुचि रखते थे। उन्होंने बताया कि युवा मोर्चा अध्यक्ष के रूप में मोदी अक्सर कंप्यूटर और आधुनिक तकनीक पर काम करते नजर आते थे और भविष्य की जरूरतों को लेकर पहले से ही सोच रखते थे।

    उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती दौर में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के महत्व को बहुत कम लोग समझ पाते थे, लेकिन मोदी ने इन माध्यमों की उपयोगिता को पहले ही पहचान लिया था। बाद में यही सोच प्रशासनिक और राजनीतिक कार्यशैली का अहम हिस्सा बन गई और समय के साथ इसका प्रभाव और भी बढ़ता गया।

    शिवराज ने अपने अनुभवों में यह भी साझा किया कि गुजरात के विकास मॉडल को समझने के दौरान उन्होंने देखा कि नरेंद्र मोदी हर विषय पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान देते थे और बैठकों में योजनाओं की बारीकियों को विस्तार से समझते थे। यह उनकी कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है, जिसने निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया।

    कार्यक्रम के अंत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नेतृत्व केवल निर्णय लेने की क्षमता नहीं होता, बल्कि समय से पहले भविष्य की जरूरतों को समझने और उसके अनुसार तैयारी करने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि उनकी पुस्तक इन्हीं अनुभवों और सीखों का संग्रह है, जिसे उन्होंने जनता के साथ साझा किया है।

  • लालच का वायरस, बना कारण जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग में 59 लाख की गड़बड़ी उजागर

    लालच का वायरस, बना कारण जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग में 59 लाख की गड़बड़ी उजागर


    जबलपुर । जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग एक बड़े वित्तीय घोटाले को लेकर चर्चा में है, जहां करीब 59 लाख रुपये के कथित गबन का मामला सामने आया है। इस पूरे प्रकरण को लेकर विभाग में हड़कंप मच गया है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।

    यह मामला संजीवनी क्लीनिकों के कायाकल्प और NQAS सर्टिफिकेशन की तैयारियों के लिए जारी की गई राशि से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, 58 संजीवनी क्लीनिकों को एक-एक लाख रुपये की राशि दी गई थी, ताकि रंगाई-पुताई और आवश्यक सुधार कार्य किए जा सकें, लेकिन आरोप है कि यह काम प्रस्तावित तरीके से पूरा नहीं हुआ।

    मामले के सामने आने के बाद यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि निर्धारित कार्यों के बिना ही पूरी राशि का उपयोग कर लिया गया। इसके चलते संजीवनी अस्पतालों और क्लीनिकों के सुधार कार्य अधूरे रह गए, जबकि सरकारी फंड खर्च हो चुका था।

    इस वित्तीय अनियमितता के उजागर होने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने सख्त रुख अपनाते हुए चार अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। इनमें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नवीन कोठारी, सहायक शहरी कार्यक्रम प्रबंधक संदीप नामदेव, जिला क्वालिटी मॉनिटर शिखा गर्ग और लेखा प्रबंधक रेखा साहू शामिल हैं।

    अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि अगर तय मानकों के अनुसार NQAS सर्टिफिकेशन प्राप्त नहीं हुआ, तो संबंधित राशि की वसूली की कार्रवाई भी की जा सकती है। इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासनिक स्तर पर जांच की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

  • IPL 2026 क्वालीफायर 1 में RCB का तूफान, विराट कोहली ने बनाया अनोखा रिकॉर्ड, गुजरात टाइटंस पर 92 रन की बड़ी जीत

    IPL 2026 क्वालीफायर 1 में RCB का तूफान, विराट कोहली ने बनाया अनोखा रिकॉर्ड, गुजरात टाइटंस पर 92 रन की बड़ी जीत

    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के क्वालीफायर 1 मुकाबले में धर्मशाला के मैदान पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुजरात टाइटंस को बड़े अंतर से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में टीम के प्रदर्शन के साथ-साथ विराट कोहली ने एक बार फिर अपने निरंतर खेल से इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। भले ही उनकी पारी लंबी नहीं रही, लेकिन उन्होंने एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया जो आईपीएल इतिहास में पहले कभी किसी बल्लेबाज ने हासिल नहीं किया था।

    विराट कोहली ने इस सीजन में 600 से अधिक रनों का आंकड़ा पार करते हुए लगातार चौथे सीजन में यह उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही वह आईपीएल इतिहास के पहले ऐसे बल्लेबाज बन गए हैं जिन्होंने चार लगातार सीजनों में 600 या उससे अधिक रन बनाए हैं। यह उपलब्धि उनके लंबे और स्थिर प्रदर्शन को दर्शाती है, जिसमें वह वर्षों से लगातार उच्च स्तर की बल्लेबाजी करते आ रहे हैं और टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान देते रहे हैं।

    मैच के दौरान कोहली ने तेज शुरुआत करते हुए 25 गेंदों में 43 रन बनाए। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और आत्मविश्वास स्पष्ट दिखाई दिया और ऐसा लग रहा था कि वह एक बड़ी पारी खेल सकते हैं, लेकिन गुजरात टाइटंस के गेंदबाज जेसन होल्डर ने उन्हें क्लीन बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया। इसके बावजूद उनकी छोटी लेकिन प्रभावशाली पारी ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    दूसरी ओर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए रजत पाटीदार ने जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने मात्र 33 गेंदों में नाबाद 93 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें चौकों और छक्कों की बरसात देखने को मिली। उनकी इस पारी ने गुजरात टाइटंस के गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में डाल दिया और टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ गई। पाटीदार के साथ क्रुणाल पांड्या ने भी 43 रनों की अहम पारी खेलकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में योगदान दिया।

    आरसीबी ने निर्धारित ओवरों में 254 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो आईपीएल प्लेऑफ इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर बन गया। जवाब में गुजरात टाइटंस की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही और पूरी टीम 162 रनों पर सिमट गई। इस तरह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 92 रनों की बड़ी जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश कर लिया।

    विराट कोहली का यह रिकॉर्ड उनके करियर की निरंतरता और उत्कृष्टता का एक और प्रमाण है। लगातार चार सीजनों में 600 से अधिक रन बनाना यह दर्शाता है कि वह आज भी टी20 क्रिकेट में सबसे भरोसेमंद और प्रभावशाली बल्लेबाजों में से एक बने हुए हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके प्रशंसकों के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि पूरे क्रिकेट जगत में भी चर्चा का विषय बन गई है।

  • बकरीद से पहले खंडवा में पुलिस का बड़ा एक्शन , 200 बदमाश गिरफ्तार, दो जिला बदर

    बकरीद से पहले खंडवा में पुलिस का बड़ा एक्शन , 200 बदमाश गिरफ्तार, दो जिला बदर


    खंडवा । खंडवा में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद से पहले पुलिस ने कानून व्यवस्था को लेकर बड़ा और सख्त अभियान चलाया है। जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रही है। इसी के तहत व्यापक कॉम्बिंग गश्त और विशेष कार्रवाई करते हुए करीब 200 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो लोगों को जिला बदर भी किया गया है।

    पुलिस ने त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पहले से ही तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत थानों पर गुंडा परेड कराई जा रही है, जिसमें आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को पुलिस के सामने लाकर सख्त संदेश दिया जा रहा है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शहर में करीब 450 से 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। इसमें पुलिस बल के साथ होमगार्ड और वन विभाग की टीमें भी सहयोग कर रही हैं। इसके अलावा मोबाइल वैन लगातार गश्त कर रही हैं ताकि हर क्षेत्र में नजर रखी जा सके।

    पुलिस ने संवेदनशील इलाकों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ा दी है। गली मोहल्लों में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है, जबकि ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे शहर पर नजर रखी जा रही है। किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।

    इसके साथ ही साइबर सेल सोशल मीडिया पर भी नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के दौरान माहौल बिगाड़ने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

    खंडवा एसपी अगम जैन ने बताया कि पुलिस लगातार लोगों से संवाद कर रही है और शांति समिति की बैठक भी आयोजित की गई है, ताकि त्योहार सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।