Author: bharati

  • थलापति विजय की विदाई फिल्म ‘जना नायगन’ को लेकर जबरदस्त दीवानगी, एडवांस बुकिंग में रिकॉर्ड मांग, 2500 रुपये तक पहुंची टिकट कीमत

    थलापति विजय की विदाई फिल्म ‘जना नायगन’ को लेकर जबरदस्त दीवानगी, एडवांस बुकिंग में रिकॉर्ड मांग, 2500 रुपये तक पहुंची टिकट कीमत


    नई दिल्ली ।
    दक्षिण भारतीय सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता थलापति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जना नायगन’ की रिलीज से पहले ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। लंबे इंतजार के बाद 23 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही इस फिल्म की एडवांस बुकिंग ने कई शहरों में रिकॉर्ड स्तर की मांग दर्ज की है। विजय की कथित तौर पर आखिरी फिल्म मानी जा रही इस परियोजना को लेकर प्रशंसकों में खासा उत्साह है, जिसका असर टिकट बिक्री और सिनेमाघरों में बढ़ती भीड़ के रूप में दिखाई दे रहा है।

    फिल्म के लिए देश के कई प्रमुख शहरों में एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी है। बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली, केरल और अन्य स्थानों पर शुरुआती शो के टिकट तेजी से बिक रहे हैं। कई सिनेमाघरों में बुकिंग खुलते ही सुबह के शो हाउसफुल हो गए, जबकि कुछ स्थानों पर प्रीमियर शो के टिकट कुछ ही समय में समाप्त हो गए। दर्शकों की भारी मांग को देखते हुए अतिरिक्त शो जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हो रही है।

    फिल्म की टिकट कीमतें भी इस समय चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई हैं। अधिकांश सिनेमाघरों में टिकट की कीमत लगभग 100 रुपये से 800 रुपये के बीच रखी गई है, लेकिन कुछ प्रीमियम स्क्रीन और विशेष श्रेणी की सीटों के लिए कीमत इससे कहीं अधिक है। बेंगलुरु के एक मल्टीप्लेक्स में रिक्लाइनर सीट का टिकट 2500 रुपये तक पहुंच गया है, जिसे इस फिल्म के लिए अब तक की सबसे महंगी टिकटों में गिना जा रहा है। वहीं कुछ प्रीमियर शो के टिकट 800 से 1000 रुपये के बीच उपलब्ध कराए गए, जो बुकिंग शुरू होते ही तेजी से बिक गए।

    दूसरी ओर चेन्नई में टिकटों की कीमत अपेक्षाकृत नियंत्रित रखी गई है। यहां सामान्य टिकट लगभग 190 रुपये में उपलब्ध हैं, जबकि सबसे कम कीमत 54 रुपये निर्धारित की गई है। शुरुआती शो के दौरान भीड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। एक प्रमुख सिनेमाघर ने दावा किया कि उसने कुछ ही मिनटों में लगभग 10 हजार टिकटों की बिक्री दर्ज की, जिससे फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    फिल्म की लोकप्रियता केवल भारत तक सीमित नहीं है। आधिकारिक रिलीज की घोषणा से पहले ही विदेशों में इसकी एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी थी। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी फिल्म को अच्छा प्रतिसाद मिला है और शुरुआती चरण में ही बड़ी संख्या में टिकट बिकने की जानकारी सामने आई है। इससे संकेत मिलते हैं कि फिल्म को घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में मजबूत शुरुआत मिल सकती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि थलापति विजय के बड़े प्रशंसक वर्ग, फिल्म को लेकर लंबे समय से बनी उत्सुकता और इसे अभिनेता की आखिरी फिल्म बताए जाने की चर्चाओं ने दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ा दी है। रिलीज से पहले जिस तरह एडवांस बुकिंग के आंकड़े सामने आ रहे हैं, उससे फिल्म के शुरुआती दिनों में शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। अब सभी की निगाहें 23 जुलाई पर टिकी हैं, जब यह बहुप्रतीक्षित फिल्म सिनेमाघरों में दर्शकों के बीच पहुंचेगी और बॉक्स ऑफिस पर अपनी वास्तविक परीक्षा देगी।

  • ग्रहों की बदलती चाल से करियर में मिल सकते हैं नए अवसर, जानिए किन 5 राशियों के लिए अनुकूल रहेगा आगामी पखवाड़ा

    ग्रहों की बदलती चाल से करियर में मिल सकते हैं नए अवसर, जानिए किन 5 राशियों के लिए अनुकूल रहेगा आगामी पखवाड़ा

    नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की स्थिति को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों पर प्रभाव डालने वाला महत्वपूर्ण कारक माना जाता है। वर्तमान ग्रह गोचर के आधार पर आगामी 15 दिनों का समय कुछ राशियों के लिए करियर, नौकरी और आर्थिक प्रगति के लिहाज से अनुकूल संकेत दे रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार सूर्य, बृहस्पति, मंगल और बुध की वर्तमान स्थिति कई लोगों के लिए नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। हालांकि ज्योतिष केवल संभावनाओं का संकेत देता है और किसी भी व्यक्ति के वास्तविक परिणाम उसकी जन्म कुंडली, परिस्थितियों तथा प्रयासों पर निर्भर करते हैं।

    मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से सकारात्मक माना जा रहा है। बुध के प्रभाव से नौकरी बदलने की इच्छा रखने वालों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। इंटरव्यू में प्रदर्शन बेहतर रहने की संभावना है और मीडिया, सूचना प्रौद्योगिकी, शिक्षा, डिजिटल तथा संचार क्षेत्र से जुड़े लोगों को नई जिम्मेदारियां या आकर्षक प्रस्ताव प्राप्त हो सकते हैं। नए व्यावसायिक संपर्क भविष्य में भी लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं।

    सिंह राशि के लोगों के लिए आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि के संकेत हैं। कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने की संभावना बन रही है। लंबे समय से लंबित पदोन्नति, नई जिम्मेदारी या करियर में सकारात्मक बदलाव का अवसर मिल सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ने के भी संकेत माने जा रहे हैं, जिससे पेशेवर जीवन में नई ऊर्जा का अनुभव हो सकता है।

    कन्या राशि के जातकों के लिए भी आगामी पखवाड़ा अनुकूल रहने की संभावना व्यक्त की गई है। प्रतियोगी परीक्षाओं या नौकरी के इंटरव्यू की तैयारी कर रहे लोगों को मेहनत का संतोषजनक परिणाम मिल सकता है। नई कौशल सीखने, कार्यस्थल पर बेहतर प्रदर्शन करने और वरिष्ठों से प्रशंसा प्राप्त करने के अवसर बन सकते हैं। यह समय करियर में आगे बढ़ने के लिए उपयोगी माना जा रहा है।

    तुला राशि के लोगों के लिए नौकरी और व्यापार दोनों क्षेत्रों में नए अवसर बनने के संकेत हैं। यदि कोई लंबे समय से नई नौकरी की तलाश कर रहा है या बदलाव की योजना बना रहा है, तो मनचाहा प्रस्ताव मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है। व्यापार करने वालों को नए ग्राहक मिल सकते हैं और प्रभावशाली लोगों से संपर्क भविष्य में लाभदायक साबित हो सकता है। आय में सुधार और नए निर्णय लेने के लिए भी यह समय सकारात्मक माना गया है।

    मकर राशि के जातकों के लिए मंगल और बृहस्पति का प्रभाव मेहनत को बेहतर परिणाम में बदलने का संकेत दे रहा है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए भी उन्नति के अवसर बन सकते हैं। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने, इंटरव्यू में सफलता मिलने और आर्थिक स्थिति मजबूत होने की संभावना व्यक्त की गई है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार करियर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए प्रतिदिन उगते सूर्य को जल अर्पित करना, बुधवार को भगवान गणेश की पूजा करना, ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करना तथा गुरुवार को जरूरतमंद लोगों को पीली वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही निरंतर परिश्रम, सकारात्मक सोच और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण को सफलता का सबसे महत्वपूर्ण आधार माना गया है। ज्योतिषीय संकेत प्रेरणा दे सकते हैं, लेकिन स्थायी सफलता के लिए नियमित प्रयास, कौशल विकास और सही निर्णय ही सबसे प्रभावी भूमिका निभाते हैं।

  • शिवपुरी में संदिग्ध मौत से सनसनी, पेड़ पर लटका मिला युवक; पुलिस हर पहलू की जांच में जुटी

    शिवपुरी में संदिग्ध मौत से सनसनी, पेड़ पर लटका मिला युवक; पुलिस हर पहलू की जांच में जुटी


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र के लुकवासा चौकी अंतर्गत रामपुरी गांव में एक 23 वर्षीय युवक का शव पेड़ से फंदे पर लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक के परिजनों ने इस मामले में पत्नी के मायके पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि युवक के साथ पहले मारपीट की गई और इसके बाद उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वहीं पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के बाद जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

    मृतक की पहचान रामपुरी निवासी मर्दन सिंह आदिवासी (23) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात मर्दन का अपनी पत्नी के साथ चरित्र शंका को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के बाद शनिवार सुबह स्थिति और बिगड़ गई। मृतक के पिता गोविंद सिंह आदिवासी का आरोप है कि उनकी बहू ने अपने मायके वालों को गांव बुला लिया था। इसके बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने मर्दन के साथ मारपीट की और उसकी पत्नी को अपने साथ ले गए।

    परिजनों का कहना है कि घटना के बाद दोनों पक्ष लुकवासा पुलिस चौकी पहुंचे थे। उनका आरोप है कि बाद में पुलिस ने मर्दन को भी चौकी बुलाया, जहां उसके साथ मारपीट की गई। हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शाम के समय मर्दन अपने घर लौट आया था और अपने तीन वर्षीय बेटे को भी अपने साथ लेकर आया था।

    रविवार सुबह मर्दन घर से निकला, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटा। कुछ समय बाद ग्रामीणों ने गांव के बाहर स्थित एक नर्सरी में पेड़ से उसका शव फंदे पर लटका देखा। सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    लुकवासा चौकी प्रभारी बैजनाथ मिश्रा ने बताया कि शनिवार को दोनों पक्ष चौकी आए थे, जहां बातचीत के बाद आपसी सहमति से समझौता कराया गया था। इसके बाद मृतक की पत्नी अपने मायके वालों के साथ चली गई थी, जबकि उनका तीन वर्षीय बेटा मर्दन अपने साथ घर ले गया था। रविवार सुबह युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराकर मर्ग कायम कर लिया गया है।

    पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर लगाया जाएगा। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी तरह की आपराधिक भूमिका सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल इस घटना के बाद गांव में शोक और तनाव का माहौल है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की है।

  • बरसात के मौसम में बढ़ा बुखार का खतरा, जानिए कब सामान्य फीवर है और कब तुरंत डेंगू की जांच कराना बन जाता है जरूरी

    बरसात के मौसम में बढ़ा बुखार का खतरा, जानिए कब सामान्य फीवर है और कब तुरंत डेंगू की जांच कराना बन जाता है जरूरी

    नई दिल्ली । मानसून के आगमन के साथ देश के कई हिस्सों में बुखार और संक्रमण से जुड़े मामलों में तेजी देखी जाती है। बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं यह मच्छरों और वायरस जनित बीमारियों के फैलने के लिए भी अनुकूल वातावरण तैयार करता है। ऐसे समय में अधिकांश लोगों को होने वाला बुखार सामान्य वायरल संक्रमण का परिणाम होता है, लेकिन कई मामलों में यही बुखार डेंगू जैसी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। इसलिए केवल बुखार को देखकर निष्कर्ष निकालने के बजाय उसके साथ दिखाई देने वाले अन्य लक्षणों पर भी ध्यान देना आवश्यक है।

    सामान्य मौसमी बुखार की शुरुआत प्रायः हल्के लक्षणों के साथ होती है। इसमें हल्का या मध्यम बुखार, शरीर में दर्द, गले में खराश, हल्की खांसी, थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। पर्याप्त आराम, पर्याप्त पानी पीने, हल्का भोजन और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवाओं से अधिकांश लोगों की स्थिति दो से तीन दिनों में बेहतर होने लगती है। इस दौरान भूख कम लगना और सामान्य कमजोरी महसूस होना भी आम बात है, लेकिन गंभीर लक्षण आमतौर पर नहीं दिखाई देते।

    इसके विपरीत डेंगू का बुखार अक्सर अचानक और तेज तापमान के साथ शुरू होता है। मरीज को तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में अत्यधिक पीड़ा महसूस हो सकती है। कई मामलों में शरीर पर लाल रंग के छोटे-छोटे दाने दिखाई देने लगते हैं, जो डेंगू का महत्वपूर्ण संकेत माने जाते हैं। बीमारी बढ़ने पर अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, मसूड़ों या नाक से खून आना और प्लेटलेट्स की संख्या में कमी जैसी गंभीर समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार यदि बुखार लगातार तीन दिन से अधिक बना रहे, बार-बार तेज हो जाए, शरीर पर दाने उभर आएं या खून आने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। ऐसे मामलों में रक्त जांच और प्लेटलेट्स की निगरानी से बीमारी की समय पर पहचान संभव होती है, जिससे जटिलताओं का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    मानसून के दौरान बीमारी से बचाव के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। घर और आसपास पानी जमा न होने दें ताकि मच्छरों का प्रजनन न हो सके। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें, मच्छरदानी या रिपेलेंट का उपयोग करें और स्वच्छ भोजन व पर्याप्त पानी का सेवन करें। यदि बुखार हो जाए तो स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना अधिक सुरक्षित रहता है, क्योंकि समय पर सही उपचार ही डेंगू जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

  • आमिर खान के नाम कथित धमकी से बढ़ी सुरक्षा चिंता, सोशल मीडिया पोस्ट और ऑडियो संदेश की मुंबई पुलिस कर रही जांच

    आमिर खान के नाम कथित धमकी से बढ़ी सुरक्षा चिंता, सोशल मीडिया पोस्ट और ऑडियो संदेश की मुंबई पुलिस कर रही जांच

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के नाम पर कथित धमकी मिलने का मामला सामने आने के बाद मुंबई पुलिस सतर्क हो गई है। अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया पर प्रसारित एक पोस्ट और उससे जुड़े ऑडियो संदेश की जांच की जा रही है। हालांकि, इस मामले में अभी तक अभिनेता आमिर खान या उनकी ओर से किसी प्रतिनिधि ने पुलिस के पास कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और संदेश की प्रामाणिकता सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।

    मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट और ऑडियो संदेश का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदेश किसने जारी किया, उसका वास्तविक स्रोत क्या है और उसमें किए गए दावों की सत्यता कितनी है। जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते आकलन किया जा सके।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह कथित संदेश आरजू बिश्नोई और टायसन बिश्नोई नाम से जुड़े सोशल मीडिया खातों के माध्यम से साझा किया गया है। इन व्यक्तियों ने स्वयं को लॉरेंस बिश्नोई का सहयोगी बताया है। संदेश में आमिर खान पर कथित रूप से “लव जिहाद” को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है। यह दावा अभिनेता के निजी जीवन और हाल के वैवाहिक संबंधों का उल्लेख करते हुए किया गया है। हालांकि, इन आरोपों या संदेश में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इन्हें जांच के दायरे में रखकर आगे बढ़ रही है।

    कथित ऑडियो संदेश में राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक किशोरी से जुड़े आपराधिक मामले का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही कुछ राजनीतिक नेताओं को चेतावनी देने जैसी बातें भी कही गई हैं। पुलिस इन सभी संदर्भों की अलग-अलग जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संदेश का उद्देश्य क्या था और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

    यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इससे पहले अभिनेता सलमान खान को भी लंबे समय से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की ओर से धमकियां मिलने के कई मामले सामने आ चुके हैं। वर्ष 1998 के काले हिरण शिकार प्रकरण के बाद से सलमान खान का नाम इस विवाद से जुड़ता रहा है। पिछले कुछ वर्षों में उनके आवास के बाहर गोलीबारी की घटना और लगातार मिलती धमकियों के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था भी कई स्तरों पर मजबूत की गई थी।

    आमिर खान से जुड़ी कथित धमकी के मामले में फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार का आपराधिक तत्व सामने आता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर सतर्कता बनाए हुए है और किसी भी संभावित सुरक्षा जोखिम को गंभीरता से देखते हुए सभी आवश्यक कदम उठा रही है।

  • '10 मिनट तक थम गई थी धड़कन', श्रेयस तलपड़े ने सुनाया जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाई का दर्दनाक अनुभव

    '10 मिनट तक थम गई थी धड़कन', श्रेयस तलपड़े ने सुनाया जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाई का दर्दनाक अनुभव

    नई दिल्ली । अभिनेता श्रेयस तलपड़े ने हाल ही में अपने जीवन के सबसे कठिन दौर को याद करते हुए उस घटना का जिक्र किया, जब उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आया था। उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि उनकी दिल की धड़कन करीब 10 मिनट तक बंद रही थी। यह अनुभव उनके लिए जीवन बदल देने वाला साबित हुआ और इसके बाद उन्होंने स्वास्थ्य को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बना लिया।

    श्रेयस ने कहा कि घटना से पहले उन्हें लगातार थकान महसूस हो रही थी, लेकिन व्यस्त दिनचर्या के कारण उन्होंने इन संकेतों को गंभीरता से नहीं लिया। काम पूरा करने के बाद उन्हें बेचैनी, सांस लेने में परेशानी और हाथ में दर्द महसूस हुआ। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य समस्या समझा, लेकिन कुछ ही देर में उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। समय रहते अस्पताल पहुंचने के कारण उन्हें तुरंत आपातकालीन उपचार मिल सका।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को गंभीर देखते हुए तुरंत आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया शुरू की। उपचार के दौरान उनकी एंजियोप्लास्टी की गई और लगातार प्रयासों के बाद उनकी जान बचाई जा सकी। होश में आने के बाद जब उन्हें पूरी घटना के बारे में जानकारी मिली तो उन्हें एहसास हुआ कि वह मौत के बेहद करीब पहुंच चुके थे। उन्होंने कहा कि उस पल ने उन्हें जीवन की असली अहमियत समझा दी।

    श्रेयस के अनुसार इस घटना के बाद उनकी सोच पूरी तरह बदल गई। पहले वह लगातार काम को प्राथमिकता देते थे, लेकिन अब परिवार, स्वास्थ्य और मानसिक शांति को सबसे अधिक महत्व देते हैं। उन्होंने अपनी दिनचर्या में नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को शामिल किया है। उनका मानना है कि शरीर के छोटे-छोटे संकेतों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

    उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, अत्यधिक थकान या किसी भी तरह की असामान्य शारीरिक परेशानी महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। उनके अनुसार कई बार लोग व्यस्तता या लापरवाही के कारण शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है। समय पर इलाज मिलने से कई गंभीर परिस्थितियों से बचा जा सकता है।

    अभिनेता ने यह भी कहा कि इस अनुभव ने उन्हें परिवार और रिश्तों की अहमियत पहले से कहीं अधिक समझाई। अब वह हर दिन को एक नए अवसर की तरह जीने की कोशिश करते हैं और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने माना कि सफलता और व्यस्तता से कहीं अधिक जरूरी स्वस्थ रहना है, क्योंकि अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। कार्डियक अरेस्ट से उबरने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे अपने पेशेवर जीवन में वापसी की और अब अपने अनुभव के जरिए लोगों को हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दे रहे हैं।

  • विश्व कप फाइनल में खेल के साथ दिखेगी सियासी हलचल, ट्रंप करेंगे स्पेनिश प्रधानमंत्री की मेजबानी, अर्जेंटीना के राष्ट्रपति ने बनाई दूरी

    विश्व कप फाइनल में खेल के साथ दिखेगी सियासी हलचल, ट्रंप करेंगे स्पेनिश प्रधानमंत्री की मेजबानी, अर्जेंटीना के राष्ट्रपति ने बनाई दूरी


    नई दिल्ली ।
    फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल मुकाबला खेल के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीतिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। न्यूयॉर्क के मेटलाइफ स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले में जहां मैदान पर स्पेन और अर्जेंटीना विश्व खिताब के लिए आमने-सामने होंगे, वहीं स्टेडियम के वीआईपी क्षेत्र में विश्व नेताओं की मौजूदगी वैश्विक राजनीति के कई दिलचस्प पहलुओं को सामने लाएगी। इस आयोजन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका भी विशेष रूप से चर्चा में है, क्योंकि उन्हें ऐसे नेता की मेजबानी करनी है जिनके साथ उनके संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं।

    स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज अपनी राष्ट्रीय टीम का उत्साह बढ़ाने के लिए अमेरिका पहुंच रहे हैं। उनके साथ स्पेन के शाही परिवार के सदस्य भी मौजूद रहेंगे। ट्रंप और सांचेज के बीच विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर लंबे समय से मतभेद रहे हैं। रक्षा व्यय, नाटो की भूमिका, मध्य पूर्व की स्थिति और अन्य वैश्विक विषयों पर दोनों नेताओं की सार्वजनिक टिप्पणियां कई बार चर्चा का विषय बन चुकी हैं। ऐसे में विश्व कप फाइनल के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात केवल औपचारिक नहीं बल्कि कूटनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    यदि स्पेन खिताब जीतता है तो पुरस्कार वितरण समारोह में ट्रंप की मौजूदगी और स्पेनिश प्रतिनिधिमंडल के साथ उनका मंच साझा करना भी विशेष महत्व रखेगा। ऐसे अवसर पर खेल और कूटनीति का संगम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतीकात्मक संदेश देने वाला माना जाता है। यही कारण है कि इस मुलाकात पर राजनीतिक विश्लेषकों और वैश्विक मीडिया की विशेष नजर बनी हुई है।

    दूसरी ओर अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेविएर मिलेई ने विश्व कप फाइनल में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया है। उनके इस फैसले के पीछे कोई आधिकारिक कार्यक्रम या राजनीतिक कारण नहीं, बल्कि व्यक्तिगत अंधविश्वास बताया जा रहा है। मिलेई का मानना है कि जिस तरह उन्होंने अब तक अपनी टीम के सभी मुकाबले अपने आधिकारिक आवास से एक निश्चित स्थान पर बैठकर देखे हैं, उसी क्रम को बनाए रखना टीम के लिए शुभ साबित हुआ है। उनका विश्वास है कि यदि वे इस परंपरा को बदलेंगे तो टीम के प्रदर्शन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

    मिलेई ने यह भी बताया कि प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने एक विशेष जैकेट पहनने की आदत भी नहीं बदली है। उनका मानना है कि यह क्रम टीम की जीत से जुड़ गया है और फाइनल जैसे महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले वह किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं करना चाहते। अर्जेंटीना में खेल से जुड़े ऐसे व्यक्तिगत विश्वास और परंपराएं पहले भी चर्चा का विषय रही हैं और कई खेल प्रेमी इन्हें टीम के सौभाग्य से जोड़कर देखते हैं।

    अर्जेंटीना के राजनीतिक इतिहास में भी यह धारणा समय-समय पर सामने आती रही है कि मौजूदा राष्ट्रपति का स्टेडियम में उपस्थित होना टीम के लिए शुभ नहीं माना जाता। इसी पृष्ठभूमि में मिलेई ने अपने पूर्व निर्धारित तरीके से ही फाइनल देखने का निर्णय लिया है। हालांकि इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह अपनी मान्यता में कोई बदलाव नहीं करेंगे।

    विश्व कप फाइनल इस बार केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों, राजनीतिक संकेतों और व्यक्तिगत मान्यताओं का भी अनूठा संगम बन गया है। मैदान पर खिलाड़ियों का प्रदर्शन जितना महत्वपूर्ण होगा, उतनी ही चर्चा विश्व नेताओं की मौजूदगी, उनकी मुलाकातों और उनसे जुड़े प्रतीकात्मक संदेशों की भी रहने की संभावना है।

  • इंस्टाग्राम की लव स्टोरी पहुंची कोर्ट, कैंसर पीड़ित पति की शिकायत पर पत्नी के खिलाफ वारंट

    इंस्टाग्राम की लव स्टोरी पहुंची कोर्ट, कैंसर पीड़ित पति की शिकायत पर पत्नी के खिलाफ वारंट


    रतलाम । रतलाम में सोशल मीडिया से शुरू हुई एक प्रेम कहानी अब कानूनी विवाद का बड़ा मामला बन गई है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे युवक ने अपनी पत्नी पर बिना कानूनी तलाक लिए दूसरी शादी करने का आरोप लगाया है। मामले में न्यायालय ने प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 82(1) के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अदालत ने आरोपी महिला को 25 जुलाई 2026 को पेश होने के निर्देश दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार रतलाम की राजस्व कॉलोनी निवासी आकाश जाट की मुलाकात इंस्टाग्राम के माध्यम से साक्षी नकुम से हुई थी। दोनों के बीच करीब छह महीने तक बातचीत चली और फिर परिवारों की सहमति के बाद 20 नवंबर 2022 को इंदौर के आर्य समाज मंदिर में विवाह किया गया। इसके बाद 13 दिसंबर 2022 को रतलाम में सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ दोबारा विवाह संपन्न हुआ। शुरुआती दिनों में दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य रहा लेकिन शादी के कुछ ही महीनों बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं।

    आकाश के अनुसार अप्रैल 2023 में उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें सांस की नली का कैंसर होने की पुष्टि की। बीमारी का पता चलते ही पत्नी का व्यवहार बदल गया और उसने साथ निभाने के बजाय दूरी बनानी शुरू कर दी। आकाश का आरोप है कि पत्नी ने यह तक कहा कि यदि उनकी मृत्यु हो गई तो उसका भविष्य क्या होगा। इसी दौरान उसने महिला थाने में मारपीट की शिकायत भी दर्ज कराई, हालांकि मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में पत्नी ने फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर कर दी।

    इसी बीच विवाद तब और गहरा गया जब तलाक का मामला अदालत में लंबित रहने के बावजूद महिला ने 10 जून 2024 को छतरपुर निवासी युवक से दूसरी शादी कर ली। इस विवाह से एक बेटी भी होने की बात सामने आई है। जब आकाश को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाकर अदालत का दरवाजा खटखटाया।

    इस मामले में फैमिली कोर्ट ने 18 अप्रैल 2026 को महिला की तलाक याचिका खारिज कर दी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पत्नी के लगाए गए कई आरोप उपलब्ध रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते। न्यायालय ने यह भी माना कि जब पति गंभीर बीमारी से जूझ रहा था तब उसके खिलाफ लगाए गए कुछ आरोप परिस्थितियों के अनुरूप प्रतीत नहीं होते।

    इसके बाद आकाश ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) अदालत में आपराधिक परिवाद दायर किया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर महिला के खिलाफ बिना वैध तलाक दूसरी शादी करने के आरोप में मामला दर्ज किया। कई बार समन जारी होने के बावजूद अदालत में पेश नहीं होने पर न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।

    आकाश की व्यक्तिगत जिंदगी भी लगातार मुश्किलों से घिरी रही। कैंसर से उपचार के दौरान पहले पिता और फिर मां का निधन हो गया। अब वे अकेले रह रहे हैं और उनके इलाज तथा अन्य जरूरतों में दोस्त मदद कर रहे हैं। उनके अधिवक्ता भी बिना फीस लिए मुकदमा लड़ रहे हैं। आकाश का कहना है कि उन्हें अब न्यायपालिका से ही इंसाफ मिलने की उम्मीद है। वहीं मामले में आगे की सुनवाई 25 जुलाई को निर्धारित की गई है।

  • री-नीट में समान अंक के बावजूद अलग मिली AIR, जानिए कैसे एनटीए के टाई-ब्रेकिंग नियम ने तय की आर्यन और पांशुल की रैंक

    री-नीट में समान अंक के बावजूद अलग मिली AIR, जानिए कैसे एनटीए के टाई-ब्रेकिंग नियम ने तय की आर्यन और पांशुल की रैंक

    नई दिल्ली । री-नीट परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल चर्चा का केंद्र बन गए हैं। दोनों अभ्यर्थियों ने 720 में से 715 अंक हासिल किए, लेकिन इसके बावजूद मेरिट सूची में आर्यन गुप्ता को ऑल इंडिया रैंक-1 और पांशुल बंसल को ऑल इंडिया रैंक-2 प्रदान की गई। समान अंक होने के बावजूद अलग-अलग रैंक मिलने से अभ्यर्थियों और अभिभावकों के बीच यह सवाल उठने लगा कि आखिर ऐसी स्थिति में रैंक किस आधार पर तय की जाती है।

    दरअसल, मेडिकल प्रवेश परीक्षा में केवल कुल अंक ही अंतिम रैंक का आधार नहीं होते। जब दो या अधिक अभ्यर्थियों के कुल अंक समान होते हैं, तब एनटीए की निर्धारित टाई-ब्रेकिंग प्रक्रिया लागू की जाती है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य समान अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों के बीच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से मेरिट तय करना होता है। इसी नियम के कारण समान अंक होने के बावजूद दोनों अभ्यर्थियों की ऑल इंडिया रैंक अलग-अलग निर्धारित की गई।

    टाई-ब्रेकिंग प्रक्रिया के पहले चरण में अभ्यर्थियों के बायोलॉजी विषय के अंक देखे जाते हैं। इसमें बॉटनी और जूलॉजी दोनों के संयुक्त प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाता है। जिस उम्मीदवार के बायोलॉजी में अधिक अंक होते हैं, उसे बेहतर रैंक दी जाती है। यदि इस स्तर पर भी दोनों के अंक समान हों, तो अगले चरण में केमिस्ट्री के अंकों की तुलना की जाती है। यदि केमिस्ट्री में भी बराबरी बनी रहती है, तब फिजिक्स के अंकों के आधार पर रैंक तय की जाती है।

    यदि तीनों प्रमुख विषयों में भी दोनों अभ्यर्थियों का प्रदर्शन समान हो, तो आगे उत्तर देने के पैटर्न का विश्लेषण किया जाता है। इसमें सही और गलत उत्तरों के अनुपात को देखा जाता है। जिस अभ्यर्थी ने अपेक्षाकृत कम गलत उत्तर दिए होते हैं या जिसका गलत उत्तरों का अनुपात बेहतर होता है, उसे मेरिट सूची में प्राथमिकता दी जाती है। यह व्यवस्था परीक्षा की गुणवत्ता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है।

    इसके बाद भी यदि बराबरी बनी रहती है, तो अंतिम निर्णय एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति की निगरानी में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि किसी भी उम्मीदवार के साथ अन्याय न हो और पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष बनी रहे। यही कारण है कि समान अंक प्राप्त करने वाले सभी उम्मीदवारों की रैंक हमेशा एक जैसी नहीं होती।

    आर्यन गुप्ता और पांशुल बंसल के मामले में भी यही प्रक्रिया लागू की गई। दोनों के कुल अंक 715 रहे, लेकिन विषयवार प्रदर्शन और टाई-ब्रेकिंग के शुरुआती चरणों में आर्यन गुप्ता का प्रदर्शन बेहतर पाया गया। इसी आधार पर उन्हें ऑल इंडिया रैंक-1 और पांशुल बंसल को ऑल इंडिया रैंक-2 प्रदान की गई। यह निर्णय निर्धारित नियमों के अनुसार लिया गया और मेरिट सूची उसी आधार पर तैयार की गई।

    गौरतलब है कि पहले समान अंक की स्थिति में अभ्यर्थियों की आयु को भी रैंक निर्धारण का आधार बनाया जाता था। अधिक आयु वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाती थी। हालांकि बाद में इस नियम को लेकर विवाद सामने आने के बाद इसे समाप्त कर दिया गया। वर्तमान व्यवस्था पूरी तरह विषयवार प्रदर्शन और निर्धारित टाई-ब्रेकिंग प्रक्रिया पर आधारित है, जिससे मेरिट सूची अधिक पारदर्शी और समान अवसर के सिद्धांत के अनुरूप तैयार की जा सके।

  • बैंक फ्रॉड की जांच तेज, 1109 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में सीबीआई ने चार राज्यों के छह ठिकानों पर चलाया सर्च अभियान

    बैंक फ्रॉड की जांच तेज, 1109 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में सीबीआई ने चार राज्यों के छह ठिकानों पर चलाया सर्च अभियान


    नई दिल्ली ।
    देश के बड़े बैंक धोखाधड़ी मामलों में शामिल 1109 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय अनियमितता प्रकरण में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने जांच को तेज करते हुए चार राज्यों में एक साथ व्यापक तलाशी अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य सामग्री जब्त की गई है, जिन्हें जांच के लिए अहम माना जा रहा है। एजेंसी अब इन दस्तावेजों के आधार पर पूरे लेनदेन, कर्ज के उपयोग और कथित धोखाधड़ी की प्रक्रिया की विस्तार से जांच कर रही है।

    जांच एजेंसी के अनुसार यह मामला एक निजी कंपनी द्वारा बैंक से वित्तीय सुविधाएं प्राप्त करने के दौरान कथित रूप से गलत और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करने से जुड़ा है। आरोप है कि कंपनी ने फंड आधारित और नॉन-फंड आधारित ऋण सुविधाएं हासिल करने के लिए अपने वित्तीय रिकॉर्ड में हेरफेर किया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कंपनी ने स्टॉक का मूल्य वास्तविक से अधिक दर्शाया, व्यापारिक बकाया को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया और वित्तीय स्थिति को वास्तविकता से बेहतर दिखाकर अधिक क्रेडिट सीमा प्राप्त करने का प्रयास किया।

    सीबीआई का कहना है कि बैंक से प्राप्त ऋण राशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप नहीं किया गया। जांच में यह आशंका भी व्यक्त की गई है कि धनराशि को अन्य संस्थाओं अथवा अलग-अलग व्यावसायिक गतिविधियों में स्थानांतरित किया गया। साथ ही खातों को नियमित दर्शाने के लिए कथित रूप से एवरग्रीनिंग जैसी वित्तीय प्रक्रिया अपनाई गई। इन अनियमितताओं के कारण संबंधित बैंक को लगभग 1109 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान होने का आरोप है।

    विशेष अदालत से प्राप्त तलाशी वारंट के आधार पर सीबीआई ने ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और उत्तराखंड में कुल छह स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की। इस दौरान कंपनी से जुड़े निदेशकों के आवासों, पंजीकृत कार्यालय तथा विभिन्न विनिर्माण इकाइयों की तलाशी ली गई। तलाशी अभियान के दौरान एजेंसी ने कई दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य अपने कब्जे में लिए हैं, जिनका परीक्षण किया जा रहा है।

    जांच अधिकारियों के अनुसार जब्त किए गए रिकॉर्ड से यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि बैंक से प्राप्त ऋण राशि का वास्तविक उपयोग किन गतिविधियों में हुआ, वित्तीय लेनदेन की प्रकृति क्या रही और कथित धोखाधड़ी में किन व्यक्तियों अथवा संस्थाओं की भूमिका रही। एजेंसी संबंधित वित्तीय दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का मिलान भी कर रही है ताकि पूरे मामले की सटीक तस्वीर सामने लाई जा सके।

    वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े बैंक ऋण मामलों में कथित अनियमितताओं की समयबद्ध और विस्तृत जांच बैंकिंग प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में दस्तावेजी साक्ष्य, धन के प्रवाह और वित्तीय लेनदेन का विश्लेषण जांच का प्रमुख आधार बनता है। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और जांच के दौरान प्राप्त होने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी का उद्देश्य पूरे प्रकरण में कथित वित्तीय अनियमितताओं की परत-दर-परत जांच कर जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट करना और बैंकिंग प्रणाली को हुए संभावित नुकसान के सभी पहलुओं का तथ्यात्मक आकलन करना है।