Author: bharati

  • सीरीज जीत की जंग शुरू लॉर्ड्स वनडे में इंग्लैंड पहले बल्लेबाजी पर उतरा बुमराह की गैरमौजूदगी बढ़ाएगी भारत की चुनौती

    सीरीज जीत की जंग शुरू लॉर्ड्स वनडे में इंग्लैंड पहले बल्लेबाजी पर उतरा बुमराह की गैरमौजूदगी बढ़ाएगी भारत की चुनौती


    नई दिल्ली । भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का निर्णायक मुकाबला लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में शुरू हो गया है। सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है और ऐसे में तीसरा मुकाबला दोनों टीमों के लिए करो या मरो जैसा बन गया है। टॉस जीतकर इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। उनका मानना है कि पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल दिखाई दे रही है और पहले बड़ा स्कोर बनाकर टीम दबाव बनाने की कोशिश करेगी।

    टॉस के दौरान हैरी ब्रूक ने बताया कि इंग्लैंड की टीम में एक बदलाव किया गया है। साकिब महमूद की जगह तेज गेंदबाज जोश टंग की टीम में वापसी हुई है। इंग्लैंड की कोशिश होगी कि घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाकर सीरीज अपने नाम की जाए।

    भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि यदि टॉस उनके पक्ष में आता तो वह भी पहले गेंदबाजी करना पसंद करते। उन्होंने बताया कि टीम को बड़ा झटका लगा है क्योंकि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने की चोट के कारण इस अहम मुकाबले का हिस्सा नहीं हैं। उनकी जगह टीम में अर्शदीप सिंह को मौका दिया गया है जबकि केएल राहुल और प्रिंस यादव भी अंतिम एकादश में शामिल किए गए हैं।

    बुमराह की अनुपस्थिति भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है। डेथ ओवरों में उनकी सटीक गेंदबाजी और शुरुआती सफलता दिलाने की क्षमता टीम के लिए बेहद अहम रही है। अब अर्शदीप सिंह प्रसिद्ध कृष्णा और अन्य युवा गेंदबाजों पर इंग्लैंड के मजबूत बल्लेबाजी क्रम को रोकने की जिम्मेदारी होगी।

    भारतीय बल्लेबाजी की बात करें तो अनुभवी रोहित शर्मा और विराट कोहली पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। रोहित शर्मा पिछले दोनों मुकाबलों में बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे हैं जबकि विराट कोहली से भी निर्णायक मुकाबले में अहम योगदान की उम्मीद रहेगी। कप्तान शुभमन गिल और मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर तथा ईशान किशन की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण होगी।

    दूसरी ओर इंग्लैंड की बल्लेबाजी में जो रूट सबसे बड़े खतरे के रूप में मौजूद हैं। उन्होंने पिछले दोनों मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया है और दूसरे वनडे में नाबाद 99 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई थी। इसके अलावा कप्तान हैरी ब्रूक जोस बटलर और बेन डकेट भी इंग्लैंड की बल्लेबाजी को मजबूती देते हैं।

    अब सभी की नजरें इस निर्णायक मुकाबले पर हैं जहां जीतने वाली टीम सीरीज अपने नाम करेगी। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर की उम्मीद की जा रही है।

  • मेसी या यामल किसके सिर सजेगा ताज फीफा वर्ल्ड कप फाइनल से पहले फैंस की भविष्यवाणियों ने बढ़ाया रोमांच

    मेसी या यामल किसके सिर सजेगा ताज फीफा वर्ल्ड कप फाइनल से पहले फैंस की भविष्यवाणियों ने बढ़ाया रोमांच


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले को लेकर दुनिया भर के साथ भारत में भी फुटबॉल प्रेमियों का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले खिताबी मुकाबले से पहले प्रशंसक अपनी अपनी पसंदीदा टीम की जीत की भविष्यवाणी कर रहे हैं। किसी को लियोनेल मेसी के अनुभव और जादुई खेल पर भरोसा है तो कोई स्पेन की युवा टीम और मजबूत डिफेंस को ट्रॉफी का सबसे बड़ा दावेदार मान रहा है।

    देश के अलग अलग राज्यों से फुटबॉल प्रेमियों ने फाइनल को लेकर अपनी राय साझा की है। केरल के मलप्पुरम के एक प्रशंसक का मानना है कि स्पेन शानदार प्रदर्शन करते हुए अर्जेंटीना को 2-1 से हराकर विश्व चैंपियन बनेगा। उनका कहना है कि स्पेन की टीम पूरे टूर्नामेंट में संतुलित और आक्रामक फुटबॉल खेलती नजर आई है और फाइनल में भी वही लय बरकरार रहेगी।

    वहीं कई प्रशंसकों को भरोसा है कि अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतकर नया इतिहास रचेगा। उनका मानना है कि लियोनेल मेसी बड़े मुकाबलों के खिलाड़ी हैं और फाइनल में एक बार फिर अपने अनुभव और शानदार खेल से टीम को जीत दिला सकते हैं। कुछ फैंस का कहना है कि यदि यह मेसी का आखिरी विश्व कप है तो वह इसे यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

    राजस्थान के कोटा के एक युवा प्रशंसक ने स्पेन की युवा ब्रिगेड की तारीफ करते हुए कहा कि टीम का डिफेंस बेहद मजबूत है और युवा स्टार लामिन यामल फाइनल में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। वहीं कुछ अन्य प्रशंसकों का मानना है कि स्पेन की तेज रफ्तार और अनुशासित फुटबॉल अनुभवी अर्जेंटीना पर भारी पड़ सकती है।

    दूसरी ओर गुजरात के राजकोट की फुटबॉल प्रशंसक दिशा ने अर्जेंटीना की जीत की भविष्यवाणी की है। वहीं कुंजल नाम के एक अन्य प्रशंसक ने कहा कि अर्जेंटीना की जीत की संभावना लगभग 60 प्रतिशत है जबकि स्पेन के जीतने के 40 प्रतिशत अवसर हैं। उनका मानना है कि अर्जेंटीना ने पूरे टूर्नामेंट में कठिन परिस्थितियों से उबरकर कई शानदार जीत दर्ज की हैं और टीम का आत्मविश्वास काफी मजबूत है।

    कुछ फुटबॉल प्रेमियों का यह भी कहना है कि स्पेन के युवा खिलाड़ी इस बार बड़ा उलटफेर कर सकते हैं और विश्व फुटबॉल में नए युग की शुरुआत कर सकते हैं। वहीं अर्जेंटीना समर्थकों का विश्वास है कि मेसी की कप्तानी में टीम लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतकर इतिहास रचने में सफल रहेगी।

    अब सभी की निगाहें इस महामुकाबले पर टिकी हैं जहां एक ओर स्पेन 16 साल बाद विश्व कप ट्रॉफी जीतने की कोशिश करेगा तो दूसरी ओर अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने के इरादे से मैदान में उतरेगा। आखिरकार ट्रॉफी किसके हाथ लगेगी इसका फैसला मैदान पर दोनों टीमों के प्रदर्शन से होगा।

  • परिसीमन विधेयक पर कांग्रेस ने किया रुख स्पष्ट, जयराम रमेश बोले- समर्थन की खबरें पूरी तरह झूठी और भ्रामक

    परिसीमन विधेयक पर कांग्रेस ने किया रुख स्पष्ट, जयराम रमेश बोले- समर्थन की खबरें पूरी तरह झूठी और भ्रामक

    नई दिल्ली । संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रस्तावित परिसीमन विधेयक को लेकर राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। आगामी सत्र में इस विधेयक को पेश किए जाने की संभावनाओं के बीच कांग्रेस ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा है कि पार्टी इस प्रस्ताव का समर्थन नहीं कर रही है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने उन दावों का खंडन किया है जिनमें कहा जा रहा था कि सर्वदलीय बैठक के दौरान कांग्रेस ने परिसीमन विधेयक के पक्ष में अपनी सहमति दे दी है। उन्होंने ऐसे सभी दावों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है।

    जयराम रमेश ने कहा कि कुछ माध्यमों में कांग्रेस के रुख को लेकर गलत जानकारी प्रसारित की जा रही है। उनके अनुसार पार्टी ने न तो सर्वदलीय बैठक में इस विधेयक का समर्थन किया और न ही ऐसा कोई संकेत दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का आधिकारिक रुख वही है जो पार्टी की ओर से सार्वजनिक रूप से रखा गया है और किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर पर विश्वास नहीं किया जाना चाहिए। इस बयान के बाद परिसीमन विधेयक को लेकर विपक्ष की रणनीति पर चल रही अटकलों को नया मोड़ मिल गया है।

    राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि केंद्र सरकार मॉनसून सत्र के दौरान महिला आरक्षण से जुड़े प्रावधानों के साथ लोकसभा और विधानसभा सीटों के पुनर्गठन के उद्देश्य से परिसीमन विधेयक को फिर से सदन में ला सकती है। माना जा रहा है कि इस बार सभी राज्यों में सीटों की संख्या बढ़ाने से संबंधित संशोधित प्रस्ताव भी शामिल किया जा सकता है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

    संविधान संशोधन से जुड़े ऐसे किसी भी विधेयक को पारित कराने के लिए संसद में विशेष बहुमत आवश्यक होता है। वर्तमान लोकसभा की कुल 543 सीटों में कुछ स्थान रिक्त होने के बावजूद विधेयक को पारित कराने के लिए लगभग 360 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता मानी जा रही है। इसी कारण सरकार और विपक्ष दोनों अपने-अपने राजनीतिक समीकरणों को मजबूत करने में जुटे हुए हैं।

    संसद के भीतर बदलते राजनीतिक घटनाक्रमों ने भी इस विषय को और महत्वपूर्ण बना दिया है। विभिन्न दलों के सांसदों के समर्थन, संभावित राजनीतिक पुनर्संरेखण और गठबंधनों में बदलाव की चर्चाओं के बीच यह आकलन लगाया जा रहा है कि यदि कुछ क्षेत्रीय दल सरकार के साथ आते हैं तो सत्ता पक्ष का संख्याबल पहले की तुलना में अधिक मजबूत हो सकता है। दूसरी ओर विपक्षी दल भी साझा रणनीति बनाकर इस मुद्दे पर एकजुट रहने का प्रयास कर रहे हैं।

    परिसीमन का विषय लंबे समय से राजनीतिक और संवैधानिक बहस का केंद्र रहा है क्योंकि इसका सीधा संबंध संसदीय प्रतिनिधित्व, राज्यों के बीच सीटों के वितरण और लोकतांत्रिक संतुलन से जुड़ा माना जाता है। यही कारण है कि इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों की अलग-अलग राय सामने आती रही है। मॉनसून सत्र के दौरान यदि सरकार यह विधेयक पेश करती है तो संसद में इस पर व्यापक चर्चा और तीखी राजनीतिक बहस होने की संभावना है। फिलहाल कांग्रेस ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए यह संकेत दे दिया है कि परिसीमन विधेयक पर विपक्ष की रणनीति को लेकर फैल रही अटकलों को सही नहीं माना जाना चाहिए। आने वाले दिनों में सरकार की आधिकारिक घोषणा और संसद में होने वाली कार्यवाही के बाद ही इस महत्वपूर्ण विधेयक की दिशा और राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

  • बेंगलुरु में देर रात तक फुटबॉल का जश्न फीफा फाइनल की स्क्रीनिंग को हरी झंडी पुलिस ने बढ़ाई फूड सर्विस की समय सीमा

    बेंगलुरु में देर रात तक फुटबॉल का जश्न फीफा फाइनल की स्क्रीनिंग को हरी झंडी पुलिस ने बढ़ाई फूड सर्विस की समय सीमा


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के बहुप्रतीक्षित फाइनल मुकाबले से पहले कर्नाटक सरकार ने फुटबॉल प्रशंसकों को बड़ी राहत देते हुए सार्वजनिक स्क्रीनिंग की अनुमति दे दी है। सरकार के इस फैसले के बाद बेंगलुरु सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में फुटबॉल प्रेमी बड़े पर्दे पर स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले खिताबी मुकाबले का आनंद ले सकेंगे। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने स्क्रीनिंग की मंजूरी की घोषणा करते हुए सभी प्रशंसकों से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है।

    मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बड़ी संख्या में युवाओं और खेल प्रेमियों की ओर से उन्हें लगातार संदेश और अनुरोध मिल रहे थे। लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए सरकार ने विश्व कप फाइनल की सार्वजनिक स्क्रीनिंग की अनुमति देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि लोग इस ऐतिहासिक मुकाबले का उत्साहपूर्वक आनंद लें लेकिन कानून व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।

    डी.के. शिवकुमार ने कहा कि सभी प्रशंसक जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें और किसी भी स्थिति में शांति भंग न होने दें। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी के लिए कैमरे लगाए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि जीत और हार को खेल भावना के साथ स्वीकार करें और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बेंगलुरु और कर्नाटक अपनी शांतिप्रिय संस्कृति के लिए जाने जाते हैं और फुटबॉल प्रेमियों को भी उसी पहचान को कायम रखना चाहिए। उन्होंने सभी युवाओं खेल प्रेमियों और फुटबॉल प्रशंसकों से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ मैच का आनंद लें और खेल को उत्सव की तरह मनाएं।

    विश्व कप फाइनल को लेकर बेंगलुरु पुलिस ने भी विशेष व्यवस्था की है। पुलिस प्रशासन ने शहर के रेस्तरां और फूड आउटलेट्स को रात देर तक भोजन सेवा जारी रखने की अनुमति दी है ताकि मैच देखने पहुंचे लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके तहत कई प्रतिष्ठानों को सुबह साढ़े तीन बजे तक फूड सर्विस जारी रखने की अनुमति दी गई है।

    फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला स्पेन और मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना के बीच सोमवार तड़के भारतीय समयानुसार रात 12 बजकर 30 मिनट पर खेला जाएगा। स्पेन ने सेमीफाइनल में फ्रांस को हराकर फाइनल में प्रवेश किया है जबकि अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी। पूरी दुनिया की नजर अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी और स्पेन की युवा टीम के प्रदर्शन पर टिकी हुई है।

  • सात साल का इंतजार खत्म पीवी सिंधु ने जापान ओपन जीतकर फिर बुलंद किया भारत का परचम

    सात साल का इंतजार खत्म पीवी सिंधु ने जापान ओपन जीतकर फिर बुलंद किया भारत का परचम


    नई दिल्ली । भारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया है। सिंधु ने जापान ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। टोक्यो में खेले गए फाइनल मुकाबले में उन्होंने मेजबान जापान की चार बार की चैंपियन अकाने यामागुची को सीधे गेमों में 21-17 और 21-17 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ सिंधु जापान ओपन का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय शटलर बन गई हैं।

    यह जीत सिंधु के करियर के लिए बेहद खास मानी जा रही है। दिसंबर 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल जीतने के बाद यह उनका पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब है। साथ ही सुपर 750 या उससे ऊपर के स्तर का खिताब जीतने का उनका सात वर्षों का लंबा इंतजार भी समाप्त हो गया।

    फाइनल मुकाबले में सिंधु ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने शुरुआती अंक तेजी से जुटाकर बढ़त बनाई। हालांकि अकाने यामागुची ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबे और रोमांचक रैलियों का दौर चलता रहा। पहले गेम में एक समय स्कोर 17-17 से बराबर था लेकिन सिंधु ने दबाव में बेहतरीन संयम दिखाते हुए लगातार चार अंक हासिल किए और पहला गेम 21-17 से अपने नाम कर लिया।

    दूसरे गेम में भी भारतीय स्टार ने अपनी लय बरकरार रखी। उन्होंने शुरुआत में ही मजबूत बढ़त बना ली और लगातार आक्रामक स्मैश तथा सटीक शॉट्स से यामागुची पर दबाव बनाए रखा। जापानी खिलाड़ी ने वापसी की कोशिश करते हुए स्कोर 18-17 तक पहुंचाया लेकिन सिंधु ने अनुभव का शानदार परिचय दिया और लगातार तीन अंक जीतकर मुकाबला समाप्त कर दिया। 21-17 से दूसरा गेम जीतते ही सिंधु ने खिताब पर कब्जा जमा लिया।

    पूरे टूर्नामेंट में सिंधु का प्रदर्शन शानदार रहा। प्री क्वार्टर फाइनल में उन्होंने विश्व की पांचवें नंबर की खिलाड़ी हान यू को हराया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में उनकी प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों के चोटिल होकर हटने से उन्हें राहत जरूर मिली लेकिन फाइनल में उन्होंने अपने दमदार खेल से साबित कर दिया कि वह फिर से अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में लौट चुकी हैं।

    यह खिताबी जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए भी बड़ी उपलब्धि है। लंबे समय बाद सिंधु ने बड़े मंच पर खिताब जीतकर यह संदेश दिया है कि वह आने वाले विश्व स्तरीय टूर्नामेंटों में भी मजबूत दावेदार रहेंगी। उनकी इस सफलता से भारतीय बैडमिंटन को नई ऊर्जा मिली है और युवा खिलाड़ियों के लिए भी यह बड़ी प्रेरणा साबित होगी।

  • बेलिंगहम का ऐतिहासिक कारनामा हैरी केन और गैरी लाइनकर का रिकॉर्ड तोड़कर बनाया नया इतिहास

    बेलिंगहम का ऐतिहासिक कारनामा हैरी केन और गैरी लाइनकर का रिकॉर्ड तोड़कर बनाया नया इतिहास


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड के स्टार मिडफील्डर जूड बेलिंगहम ने अपने शानदार प्रदर्शन से इतिहास रच दिया है। तीसरे स्थान के मुकाबले में फ्रांस के खिलाफ गोल करते ही बेलिंगहम विश्व कप के एक ही संस्करण में इंग्लैंड की ओर से सबसे अधिक गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने इंग्लिश फुटबॉल के दो दिग्गज खिलाड़ियों हैरी केन और गैरी लाइनकर का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

    फ्रांस के खिलाफ खेले गए रोमांचक मुकाबले में बेलिंगहम ने इंजरी टाइम में इंग्लैंड का छठा गोल दागकर टीम की 6-4 की यादगार जीत पर मुहर लगा दी। यह उनके लिए केवल जीत का गोल नहीं था बल्कि इतिहास रचने वाला सातवां गोल भी साबित हुआ। इसी के साथ उन्होंने विश्व कप के एक संस्करण में इंग्लैंड के लिए सबसे अधिक गोल करने का नया कीर्तिमान अपने नाम कर लिया।

    इससे पहले यह रिकॉर्ड हैरी केन और गैरी लाइनकर के नाम संयुक्त रूप से दर्ज था। हैरी केन ने 2018 और 2026 विश्व कप में छह छह गोल किए थे जबकि गैरी लाइनकर ने 1986 विश्व कप में छह गोल दागे थे। बेलिंगहम ने सात गोल कर दोनों महान खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए नया इतिहास रच दिया।

    फ्रांस के खिलाफ मुकाबले में इंग्लैंड ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। तीसरे मिनट में डेक्लान राइस ने शानदार गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद 18वें मिनट में एजरी कोन्सा ने दूसरा गोल किया। पहले हाफ में बुकायो साका ने दो गोल दागकर इंग्लैंड को 4-0 की मजबूत बढ़त दिला दी।

    हालांकि दूसरे हाफ में फ्रांस ने जोरदार वापसी की। कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने दो गोल किए जबकि ब्रैडली बारकोला ने भी एक गोल दागकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया। स्कोर 4-3 तक पहुंच गया लेकिन 87वें मिनट में साका ने पेनल्टी को गोल में बदलकर इंग्लैंड की बढ़त फिर मजबूत कर दी। इंजरी टाइम में उस्मान डेम्बेले ने फ्रांस के लिए चौथा गोल किया लेकिन अंतिम क्षणों में जूड बेलिंगहम ने गोल कर इंग्लैंड की जीत सुनिश्चित कर दी।

    इंग्लैंड ने यह मुकाबला 6-4 से जीतकर फीफा वर्ल्ड कप 2026 में तीसरा स्थान हासिल किया और ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। वर्ष 1966 में विश्व कप जीतने के बाद यह विश्व कप इतिहास में इंग्लैंड का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है। बेलिंगहम की रिकॉर्डतोड़ उपलब्धि ने इस जीत को और भी ऐतिहासिक बना दिया है।

  • फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने जीता ब्रॉन्ज मेडल 10 गोलों वाले रोमांचक मुकाबले में फ्रांस को 6-4 से हराया

    फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने जीता ब्रॉन्ज मेडल 10 गोलों वाले रोमांचक मुकाबले में फ्रांस को 6-4 से हराया


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 6-4 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया। दोनों टीमों के बीच खेला गया यह मुकाबला गोलों की बारिश और रोमांच से भरपूर रहा। पूरे मैच में कुल 10 गोल हुए जो विश्व कप इतिहास में लंबे समय बाद देखने को मिला। वर्ष 1982 के बाद यह पहला अवसर है जब विश्व कप के किसी एक मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलकर 10 गोल किए।

    इंग्लैंड ने मैच की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की और शुरुआती मिनटों से ही फ्रांस की रक्षा पंक्ति पर दबाव बनाए रखा। मुकाबले के तीसरे मिनट में डेक्लान राइस ने शानदार लंबी दूरी के शॉट से गोल कर इंग्लैंड को शुरुआती बढ़त दिला दी। इसके बाद 18वें मिनट में एजरी कोन्सा ने कॉर्नर किक पर बेहतरीन हेडर लगाकर स्कोर 2-0 कर दिया।

    पहले हाफ में इंग्लैंड का दबदबा पूरी तरह कायम रहा। बुकायो साका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा गोल दागा और फिर 43वें मिनट में अपना दूसरा गोल कर टीम की बढ़त 4-0 तक पहुंचा दी। पहले हाफ के अंत तक ऐसा लग रहा था कि मुकाबला पूरी तरह इंग्लैंड के नियंत्रण में है।

    दूसरे हाफ में फ्रांस ने जोरदार वापसी की। कोच द्वारा किए गए बदलावों का असर तुरंत देखने को मिला। 48वें मिनट में कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने गोल कर फ्रांस का खाता खोला। इसके बाद 58वें मिनट में ब्रैडली बारकोला ने गोल कर अंतर घटाकर 4-2 कर दिया। कुछ ही देर बाद एम्बाप्पे ने अपना दूसरा गोल दागते हुए स्कोर 4-3 कर दिया और मुकाबले को फिर से रोमांचक बना दिया।

    फ्रांस की वापसी के बीच इंग्लैंड ने धैर्य बनाए रखा। मैच के 87वें मिनट में मिले पेनल्टी अवसर को बुकायो साका ने सफलतापूर्वक गोल में बदलकर अपनी हैट्रिक पूरी की और इंग्लैंड को 5-3 की बढ़त दिला दी। हालांकि इंजरी टाइम में उस्मान डेम्बेले ने गोल कर फ्रांस की उम्मीदें एक बार फिर जगा दीं और स्कोर 5-4 हो गया।

    लेकिन अंतिम क्षणों में जूड बेलिंगहम ने शानदार गोल कर इंग्लैंड की जीत पर मुहर लगा दी। उनके गोल के साथ ही इंग्लैंड ने 6-4 से मुकाबला अपने नाम किया और विश्व कप में तीसरे स्थान के साथ अभियान का शानदार समापन किया।

    यह उपलब्धि इंग्लैंड के लिए बेहद खास मानी जा रही है। वर्ष 1966 में विश्व कप जीतने के बाद यह टूर्नामेंट में टीम का अब तक का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है। इस जीत ने इंग्लैंड के युवा खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई दी है और भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों के लिए टीम को मजबूत संदेश दिया है।

  • इंदौर में संपत्ति विवाद पर रिश्तेदारों का तांडव शिकायत के बाद फिर घर पहुंचकर किया हमला सीसीटीवी में कैद वारदात

    इंदौर में संपत्ति विवाद पर रिश्तेदारों का तांडव शिकायत के बाद फिर घर पहुंचकर किया हमला सीसीटीवी में कैद वारदात


    इंदौर । इंदौर में पुश्तैनी मकान के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। शहर के एमआईजी थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के बीच संपत्ति विवाद इतना बढ़ गया कि महिला और उसके परिजनों पर दो अलग अलग स्थानों पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के कुछ ही समय बाद आरोपी दोबारा उसके पुश्तैनी घर पहुंचे और लाठी डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान महिला के साथ मारपीट की गई और उसके कपड़े तक फट गए। बीच बचाव करने आए उसके भाई को भी गंभीर चोटें आई हैं।

    पुलिस के अनुसार 32 वर्षीय महिला ने शिकायत में बताया कि उसके चाचा के निधन के बाद नेहरू नगर स्थित पुश्तैनी मकान को लेकर परिवार के कुछ सदस्यों के बीच विवाद शुरू हो गया था। शनिवार दोपहर इसी विवाद के चलते हीरा नगर क्षेत्र में महिला और उसकी मां के साथ कथित रूप से मारपीट की गई जिसमें दोनों घायल हो गईं। घटना के बाद महिला ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई जबकि उसकी मां उपचार और चिकित्सीय परीक्षण के लिए अस्पताल चली गई।

    पीड़िता का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के कुछ ही समय बाद आरोपी अपने कई साथियों के साथ नेहरू नगर स्थित पुश्तैनी मकान पहुंच गए। वहां उन्होंने दोबारा विवाद शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर महिला अपने भाई के साथ घर पहुंची तो आरोपियों ने कथित रूप से लाठी डंडों से हमला कर दिया। महिला ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसके कपड़े तक फट गए जबकि उसके भाई के हाथ में गंभीर चोट आई।

    घटना के दौरान आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए। बताया जा रहा है कि पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। पुलिस अब इन फुटेज की जांच कर रही है ताकि घटना के क्रम और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट की जा सके।

    एमआईजी थाना पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर नामजद आरोपियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पारिवारिक संपत्ति से जुड़े विवाद कई बार गंभीर रूप ले लेते हैं। ऐसे मामलों में हिंसा का रास्ता अपनाने के बजाय कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से समाधान निकालना आवश्यक है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी पक्षों से पूछताछ की जा रही है।

  • इंदौर में फैली सनसनी घर की पहली मंजिल पर मिला कारोबारी का शव पुलिस हर एंगल से कर रही जांच

    इंदौर में फैली सनसनी घर की पहली मंजिल पर मिला कारोबारी का शव पुलिस हर एंगल से कर रही जांच


    इंदौर । इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक कारोबारी का खून से सना शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान 50 वर्षीय कमल कुमावत के रूप में हुई है जो अलमारी बनाने का कारखाना संचालित करते थे। प्रारंभिक जांच में उनके शरीर पर चोट के कई निशान मिले हैं। कमरे में बिखरा सामान और शव के पास खून से सना चाकू मिलने के बाद पुलिस हत्या की आशंका को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है।

    पुलिस के अनुसार घटना का पता उस समय चला जब रविवार सुबह कमल कुमावत काफी देर तक अपने कमरे से नीचे नहीं आए। इस पर उनके भाई शेखर उन्हें देखने पहली मंजिल पर पहुंचे। कमरे का दरवाजा खोलते ही उन्होंने अंदर खून फैला हुआ देखा और कमल कुमावत का शव जमीन पर पड़ा मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख पुकार मच गई और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

    सूचना मिलते ही चंदन नगर थाना पुलिस और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। प्रारंभिक जांच में कमरे का सामान अस्त व्यस्त मिला जिससे संघर्ष होने की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि वारदात से पहले मृतक और किसी व्यक्ति के बीच झड़प हुई हो सकती है।

    जांच के दौरान शव के पास खून से सना एक चाकू भी बरामद हुआ है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यही हथियार वारदात में इस्तेमाल किया गया या नहीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारण और चोटों की प्रकृति स्पष्ट हो सकेगी।

    परिजनों ने बताया कि कमल कुमावत लंबे समय से अलमारी बनाने का कारखाना चला रहे थे। उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है। उनके दो बच्चे घटना के समय गांव गए हुए थे। परिवार में उनके तीन भाई भी हैं। पुलिस परिवार के सदस्यों रिश्तेदारों और आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि किसी संभावित रंजिश या अन्य कारणों का पता लगाया जा सके।

    इसके साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

    फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट पोस्टमार्टम और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह सुनियोजित हत्या थी या घटना के पीछे कोई अन्य वजह है।

  • तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह चाय की गुमटी में घुसी कार सीसीटीवी के आधार पर ड्राइवर की तलाश जारी

    तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह चाय की गुमटी में घुसी कार सीसीटीवी के आधार पर ड्राइवर की तलाश जारी


    इंदौर । इंदौर में तेज रफ्तार का एक और मामला सामने आया है जहां रविवार तड़के एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी चाय की गुमटी में जा घुसी। हादसे के बाद चालक ने कार को बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन रिवर्स लेते समय वहां खड़ी दो बाइकों को भी टक्कर मार दी। घटना के बाद इलाके में अफरा तफरी मच गई और लोगों ने चालक को पकड़ने का प्रयास किया लेकिन वह कार लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर वाहन और चालक की पहचान करने में जुटी है।

    यह हादसा लसूडिया थाना क्षेत्र के स्कीम नंबर 78 स्थित टेलीपरफॉर्मेंस कार्यालय के बाहर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज रफ्तार से आ रही एक अर्टिगा कार अचानक असंतुलित हो गई और सीधे सड़क किनारे स्थित चाय की गुमटी में जा घुसी। टक्कर इतनी तेज थी कि गुमटी को नुकसान पहुंचा और आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि चालक नशे की हालत में था। हादसे के बाद उसने कार को रिवर्स कर निकालने की कोशिश की लेकिन इस दौरान पास में खड़ी दो मोटरसाइकिलें उसकी चपेट में आ गईं। इतना ही नहीं कार सड़क किनारे खड़े लोगों की ओर भी बढ़ गई जिससे लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे। हालांकि इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।

    घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने चालक को रोकने और पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह तेजी से कार लेकर वहां से भाग निकला। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार सीसीटीवी फुटेज की मदद से कार के पंजीकरण नंबर और चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि चालक नशे की हालत में वाहन चला रहा था तो उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दुर्घटना के कारण हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है।

    यह घटना एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के खतरों की याद दिलाती है। पुलिस ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की अपील की है ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।