Author: bharati

  • SIR विवाद पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगा फैसला…. जानें क्या है पूरा मामला?

    SIR विवाद पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगा फैसला…. जानें क्या है पूरा मामला?


    नई दिल्ली।
    देश में मतदाता सूची (Voter List) के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Review.- SIR) को लेकर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) बुधवार को अहम फैसला सुनाने जा रहा है। मामला इस सवाल पर केंद्रित है कि क्या चुनाव आयोग ने अपने संवैधानिक अधिकारों की सीमा लांघते हुए वोटर लिस्ट को लगभग नए सिरे से तैयार करने की कोशिश की। याचिकाकर्ताओं ने अदालत में दावा किया कि आयोग की यह प्रक्रिया लाखों वैध मतदाताओं को मताधिकार से वंचित कर सकती है और इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

    याचिकाओं में कहा गया कि संविधान के अनुच्छेद 326, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और मतदाता पंजीकरण नियम 1960 के तहत चुनाव आयोग को इतनी व्यापक कार्रवाई का अधिकार नहीं है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि SIR के जरिए मतदाता सूचियों का पूरी तरह नया पुनर्गठन किया जा रहा है, जो सामान्य संशोधन प्रक्रिया से अलग है। इस दौरान आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसे दस्तावेजों को स्वीकार नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं।


    चुनाव आयोग का क्या है पक्ष

    दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए जरूरी है। आयोग का कहना है कि मताधिकार केवल पात्र नागरिकों को ही मिलना चाहिए और फर्जी या अपात्र नाम हटाना उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है। आयोग ने यह भी दलील दी कि वोट देने का अधिकार संविधान और कानून में तय योग्यताओं के अधीन है, इसलिए अपात्र लोगों को सूची से हटाना लोकतंत्र के हित में है।

    इस पूरे विवाद का राजनीतिक असर भी दिखाई दे रहा है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के जरिए बड़े पैमाने पर असली मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं, जबकि सत्तापक्ष इसे चुनावी पारदर्शिता के लिए जरूरी कदम बता रहा है। बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में यह मुद्दा पहले ही राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है। अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, क्योंकि यह निर्णय भविष्य में देशभर में मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की शक्तियों की सीमा तय कर सकता है।

  • PM मोदी की मितव्ययिता की अपील पर मारुति सुजुकी में लागू किया वर्क फ्रॉम होम

    PM मोदी की मितव्ययिता की अपील पर मारुति सुजुकी में लागू किया वर्क फ्रॉम होम


    नई दिल्ली।
    देश की सबसे बड़ी कार कंपनी (Country Largest Car Maker) मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल) (Maruti Suzuki India Limited – MSIL) ने वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) को लागू कर दिया है। सप्ताह के दूसरे दिन यानी मंगलवार को कहा कि कंपनी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की मितव्ययिता की अपील और पश्चिम एशिया में युद्ध के प्रभाव को कम करने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए कई कदम उठाए हैं, जिनमें संभव होने पर ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू करना और विदेशी यात्राओं पर रोक शामिल है।


    क्या कहा कंपनी ने?

    कंपनी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि वह प्रधानमंत्री की मितव्ययिता की अपील और पश्चिम एशिया युद्ध के संभावित प्रभाव को कम करने के आह्वान को अत्यधिक महत्व देती है। मारुति सुजुकी ने कहा कि यह सभी प्रक्रियाओं की समीक्षा करने और उन्हें अधिक कुशल बनाने का उपयुक्त समय है, ताकि राष्ट्रीय उद्देश्यों के साथ-साथ कारोबार के स्वास्थ्य को भी बेहतर किया जा सके।

    कंपनी के अनुसार, प्रबंधन ने कर्मचारियों को कई उपायों को संस्थागत रूप देने का संदेश दिया है। इसके तहत जहां संभव हो वहां पर ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू किया जा रहा है, ताकि आवागमन से जुड़े ईंधन की खपत कम की जा सके। कंपनी ने कहा कि यह कदम उसकी मौजूदा रिमोट वर्किंग नीति के अनुरूप है।


    विदेश यात्रा पर क्या कहा?

    इसके अलावा, विदेश यात्राओं को केवल बेहद जरूरी व्यावसायिक जरूरतों तक सीमित करने के निर्देश दिए गए हैं। कंपनी ने कर्मचारियों को बैठकों के लिए वर्चुअल माध्यम को प्राथमिकता देने और घरेलू यात्राओं को भी न्यूनतम रखने को कहा है। मारुति सुजुकी ने कर्मचारियों को भी कार पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग जैसे उपाय अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है।

    साथ ही, कार्यालय और घर दोनों जगह ऊर्जा संरक्षण पर जोर देते हुए एयर कंडीशनर, पंखे और रोशनी के बचत के हिसाब से इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। कंपनी ने कहा कि इन सभी उपायों की जानकारी आंतरिक कर्मचारियों और व्यावसायिक भागीदारों तक व्यापक रूप से पहुंचाई जा रही है।


    हरियाणा में मैन्युफैक्चरिंग लैब

    इस बीच, मारुति सुजुकी ने सरकार के कौशल विकास मिशन के तहत हरियाणा के रोहतक में अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग लैब स्थापित की है। कंपनी ने बयान में कहा कि रोहतक स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) हसनगढ़ में स्थापित इस मैन्युफैक्चरिंग लैब में पहले वर्ष में लगभग 200 छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस लैब में छात्रों को वाहन असेंबली, वेल्डिंग और रंगाई जैसे कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    मारुति सुजुकी के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (कॉरपोरेट मामले) राहुल भारती ने कहा- इस लैब में आधुनिक मशीनों और कार्यस्थल जैसे वातावरण का उपयोग किया जाएगा। कौशल विकास मिशन के अनुरूप यह पहल छात्रों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार होने और बदलते वाहन परिवेश के लिए प्रतिभा को निखारती है। मारुति सुजुकी देशभर में 31 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को सहयोग दे रही है और अब तक 18 ऐसी लैब स्थापित कर चुकी है।

  • घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के लिए जानिए तुलसी रखने की 3 सबसे शुभ जगहें

    घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के लिए जानिए तुलसी रखने की 3 सबसे शुभ जगहें


    नई दिल्ली। भारतीय संस्कृति में तुलसी के पौधे को विशेष महत्व दिया जाता है। यह केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं माना जाता, बल्कि वास्तु शास्त्र में भी इसे सकारात्मक ऊर्जा और शुभ प्रभाव से जोड़कर देखा जाता है। कई घरों में तुलसी का पौधा नियमित पूजा और परंपराओं का हिस्सा होता है। मान्यता है कि सही स्थान पर रखा गया तुलसी का पौधा घर के वातावरण को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है और परिवार में सुख-शांति बनाए रखने में योगदान दे सकता है।

    घर के वातावरण पर विशेष प्रभाव
    वास्तु शास्त्र के अनुसार तुलसी के पौधे को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां उसे पर्याप्त धूप और स्वच्छ वातावरण मिल सके। माना जाता है कि स्वस्थ और हरा-भरा तुलसी का पौधा घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाने का काम करता है। इसी वजह से लोग तुलसी को केवल सजावट का हिस्सा नहीं बल्कि शुभता से जुड़ी मान्यताओं का केंद्र भी मानते हैं।

    पूर्व दिशा को माना गया शुभ स्थान
    तुलसी रखने के लिए घर की पूर्व दिशा को काफी शुभ माना जाता है। यह दिशा नई शुरुआत और प्रकाश का प्रतीक मानी जाती है। सुबह की पहली धूप इस दिशा में आसानी से पहुंचती है, जिससे पौधे को प्राकृतिक ऊर्जा मिलती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिशा में रखा गया तुलसी का पौधा घर के वातावरण को शांत और सकारात्मक बनाए रखने में मदद करता है।

    उत्तर-पूर्व दिशा का भी है विशेष महत्व

    वास्तु मान्यताओं के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा को आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति की दिशा माना जाता है। इसलिए इस हिस्से में तुलसी रखने को भी शुभ बताया जाता है। कहा जाता है कि यह स्थान घर में संतुलन और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने से जुड़ा माना जाता है। कई लोग इसी कारण घर के इस हिस्से में तुलसी स्थापित करना पसंद करते हैं।

    उत्तर दिशा से जुड़ी समृद्धि की मान्यता
    कुछ वास्तु मान्यताओं में उत्तर दिशा को धन और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। इस कारण कई लोग तुलसी को इस दिशा में रखने को लाभकारी मानते हैं। हालांकि इसके साथ यह भी जरूरी माना जाता है कि पौधे की नियमित देखभाल हो और उसे पर्याप्त पानी व धूप मिलती रहे। पौधे की स्वच्छता और देखरेख को भी उतना ही महत्वपूर्ण बताया जाता है।
    तुलसी का पौधा केवल धार्मिक परंपरा का हिस्सा नहीं बल्कि भारतीय जीवनशैली में एक विशेष स्थान रखता है। चाहे इसे आस्था के रूप में देखा जाए या सकारात्मक वातावरण से जोड़कर, लोग आज भी इसे घर की शुभता और शांति का प्रतीक मानते हैं।

  • जून 2026 का धार्मिक कैलेंडर तैयार परमा एकादशी से संत कबीर जयंती तक पूरे महीने रहेंगे पर्व और पूजा के खास संयोग

    जून 2026 का धार्मिक कैलेंडर तैयार परमा एकादशी से संत कबीर जयंती तक पूरे महीने रहेंगे पर्व और पूजा के खास संयोग


    नई दिल्ली । जून 2026 का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास और पुण्यदायी माना जा रहा है। इस महीने एक साथ कई बड़े व्रत त्योहार और धार्मिक आयोजन होने जा रहे हैं जिनका इंतजार श्रद्धालु पूरे साल करते हैं। ज्येष्ठ मास और अधिक मास के विशेष संयोग के कारण इस बार परमा एकादशी सोमवती अमावस्या निर्जला एकादशी वट पूर्णिमा और संत कबीर जयंती जैसे पर्व पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाए जाएंगे। वहीं असम के प्रसिद्ध कामाख्या देवी मंदिर में लगने वाला अंबुबाची मेला भी लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा।

    जून महीने की शुरुआत ही धार्मिक अनुष्ठानों के माहौल के साथ होगी। 11 जून को परमा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। अधिक मास में आने वाली इस एकादशी को अत्यंत फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और व्यक्ति को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।

    इसके बाद 15 जून को सोमवती अमावस्या का विशेष संयोग बन रहा है। सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण दान और स्नान का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन किए गए धार्मिक कार्यों से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख समृद्धि बनी रहती है। इसी दिन पुरुषोत्तम मास का समापन भी होगा।

    17 जून को रंभा तृतीया व्रत रखा जाएगा। यह व्रत विशेष रूप से महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए यह व्रत करती हैं जबकि अविवाहित कन्याएं अच्छे जीवनसाथी की इच्छा लेकर पूजा करती हैं।

    20 जून को मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर की पूजा का विशेष पर्व मनाया जाएगा। मान्यता है कि मां विंध्यवासिनी अपने भक्तों को भय और संकटों से मुक्ति दिलाती हैं। इस दिन देवी की पूजा अर्चना करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

    22 जून को दुर्गाष्टमी और धूमावती जयंती का पर्व मनाया जाएगा। इसी दिन से 26 जून तक असम के प्रसिद्ध कामाख्या देवी मंदिर में अंबुबाची मेले का आयोजन होगा। यह मेला शक्ति साधना और देवी उपासना का सबसे बड़ा आयोजन माना जाता है जहां देश विदेश से साधु संत और श्रद्धालु पहुंचते हैं।

    25 जून को साल की सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में शामिल निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इसे भीमसेनी एकादशी और पांडव एकादशी भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन बिना जल ग्रहण किए उपवास करने से सभी एकादशियों का पुण्य फल प्राप्त होता है। भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए यह व्रत विशेष माना गया है।

    महीने के अंत में 29 जून को वट पूर्णिमा व्रत और संत कबीर दास जयंती मनाई जाएगी। वट पूर्णिमा पर सुहागन महिलाएं वट वृक्ष की पूजा कर पति की लंबी उम्र की कामना करेंगी। वहीं संत कबीर जयंती पर देशभर में भजन सत्संग और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। पूरे जून महीने में मंदिरों में विशेष पूजा पाठ भजन कीर्तन और धार्मिक आयोजनों की धूम देखने को मिलेगी। श्रद्धालुओं के लिए यह महीना भक्ति साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर रहने वाला है।

  • टैरो राशिफल 27 मई 2026: कर्क और मकर राशि वालों के लिए राहत भरा दिन, कई राशियों के इमोशंस रहेंगे भारी

    टैरो राशिफल 27 मई 2026: कर्क और मकर राशि वालों के लिए राहत भरा दिन, कई राशियों के इमोशंस रहेंगे भारी




    नई दिल्ली। 27 मई 2026 का टैरो राशिफल संकेत देता है कि आज का दिन कई राशियों के लिए इमोशनल उतार-चढ़ाव से भरा रह सकता है। किसी पुरानी याद, अचानक बातचीत या रिश्तों से जुड़ी स्थिति मन पर असर डाल सकती है। वहीं कुछ राशियों को करियर और भविष्य को लेकर क्लैरिटी मिलने के संकेत हैं। दिन के दूसरे हिस्से में कई लोग खुद को थोड़ा स्थिर और शांत महसूस कर सकते हैं।

    कुल मिलाकर टैरो कार्ड्स बताते हैं कि आज छोटी-छोटी बातें भी ज्यादा असर डाल सकती हैं, इसलिए बिना सोचे-समझे रिएक्शन देने से बचना बेहतर रहेगा। कुछ राशियों के लिए यह दिन धीरे-धीरे चीजों के बेहतर होने और सुकून पाने का संकेत भी दे रहा है।

    राशिवार टैरो संकेत
    मेष
    आज मन पूरी तरह शांत नहीं रहेगा, लेकिन धीरे-धीरे हालात में सुधार दिखेगा। पुरानी बातें बीच-बीच में परेशान कर सकती हैं, लेकिन कोई छोटी अच्छी खबर या बातचीत राहत दे सकती है।

    वृषभ
    दिन काफी व्यस्त रह सकता है। आप अपने शांत और मैच्योर व्यवहार से लोगों का ध्यान खींचेंगे। पुरानी गलतफहमियां अब धीरे-धीरे खत्म होती दिख सकती हैं।
    मिथुन
    रिश्तों और इमोशंस को लेकर ज्यादा सोच सकते हैं। जल्दबाजी से बचें, चीजें समय के साथ साफ होंगी।

    कर्क
    चीजें धीरे-धीरे बेहतर होती नजर आएंगी। मानसिक बोझ हल्का होगा और फ्यूचर को लेकर क्लैरिटी मिलेगी। अंदर से सुकून महसूस होगा।
    सिंह
    आज मानसिक तनाव बढ़ सकता है। काम और रिश्तों में थोड़ी थकान महसूस होगी, इसलिए खुद को आराम देना जरूरी है।

    कन्या
    मूड में उतार-चढ़ाव रहेगा, लेकिन पहले से बेहतर स्थिति दिखेगी। किसी करीबी की बातचीत राहत दे सकती है।

    तुला
    पुरानी यादें मन को प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन दिन आगे बढ़ने के साथ नया फोकस मिलेगा और मन हल्का होगा।

    वृश्चिक
    इमोशंस अस्थिर रह सकते हैं। कुछ दूरी बनाकर रखना आपके लिए बेहतर रहेगा।

    धनु
    काम में देरी या कम मोटिवेशन से थोड़ी निराशा हो सकती है, लेकिन दिन के अंत में क्लैरिटी मिलेगी।

    मकर
    चीजें धीरे-धीरे बेहतर दिशा में जाएंगी। मन अब ज्यादा प्रैक्टिकल और शांत महसूस करेगा, सुकून मिलेगा।

    कुंभ
    पुरानी बातें अब उतनी भारी नहीं लगेंगी। कॉन्फिडेंस धीरे-धीरे वापस आएगा।

    मीन
    इमोशंस और थॉट्स ज्यादा रहेंगे, लेकिन दिन के अंत में किसी की सराहना मन को राहत दे सकती है।आज का टैरो राशिफल बताता है कि दिन इमोशनली एक्टिव रहेगा, लेकिन कई राशियों के लिए यह धीरे-धीरे सुधार और मानसिक शांति की ओर बढ़ने का संकेत भी दे रहा है।

  • मुजफ्फरनगर में बर्थडे पार्टी के दौरान सनसनीखेज वारदात, करोड़पति दामाद ने ससुराल में की अंधाधुंध फायरिंग, 3 महिलाएं गंभीर घायल

    मुजफ्फरनगर में बर्थडे पार्टी के दौरान सनसनीखेज वारदात, करोड़पति दामाद ने ससुराल में की अंधाधुंध फायरिंग, 3 महिलाएं गंभीर घायल



    नई दिल्ली। मुजफ्फरनगर के पॉश इलाके पंचशील कॉलोनी में सोमवार रात उस समय हड़कंप मच गया जब एक बर्थडे पार्टी के दौरान करोड़पति दामाद ने अपने ही ससुराल में अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस घटना में सास, सरहज और चाची सास समेत तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। वारदात के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे।

    सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को मौके से ही पकड़ लिया। वह हाथ में लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर वहीं खड़ा था। पुलिस ने हथियार जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया और घायल महिलाओं को अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत में उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी अनंत मित्तल देहरादून का रहने वाला है और अपनी पत्नी से तलाक व बच्चे की कस्टडी को लेकर चल रहे विवाद के चलते ससुराल आया था। बर्थडे पार्टी के दौरान पुराने विवाद को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक हो गई।

    जानकारी के अनुसार आरोपी ने करीब 12 मिनट में 5 राउंड फायरिंग की। इस दौरान एक गोली सास के कंधे में, दूसरी सरहज के पेट में लगी, जबकि बीच-बचाव करने आई चाची सास भी गोली लगने से घायल हो गईं। पुलिस ने मौके से 8 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।

    एसएसपी के अनुसार, फायरिंग के दौरान रिवॉल्वर जाम हो गई, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। घटना के बाद पुलिस ने एफएसएल टीम की मदद से मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की गहन जांच जारी है।

  • इबोला वायरस का कहर: 900 से ज्यादा संदिग्ध केस, WHO ने घोषित किया Global Health Emergency; भारत में अलर्ट

    इबोला वायरस का कहर: 900 से ज्यादा संदिग्ध केस, WHO ने घोषित किया Global Health Emergency; भारत में अलर्ट



    नई दिल्ली। अफ्रीकी देशों डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में इबोला वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने इसे अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है। इस बार संक्रमण दुर्लभ बुंडीबुग्यो स्ट्रेन से फैल रहा है, जिसके लिए फिलहाल कोई स्वीकृत वैक्सीन या विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है।

    WHO की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 900 से ज्यादा संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें 101 मामलों की पुष्टि हुई है। कांगो के इटुरी प्रांत को इसका केंद्र बताया जा रहा है, जहां लाखों लोग संघर्ष और अस्थिरता के बीच रह रहे हैं।

    यूएस CDC के अनुसार कांगो में अब तक 119 संदिग्ध मौतें और 10 पुष्ट मौतें दर्ज की गई हैं, जबकि युगांडा में भी नए मामले सामने आने के बाद स्थिति गंभीर बनी हुई है। वायरस अब स्थानीय समुदायों में फैलता जा रहा है, जिससे नियंत्रण और मुश्किल हो गया है।

    इसी बीच भारत सरकार ने भी एहतियात के तौर पर एडवाइजरी जारी की है। कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग बढ़ा दी गई है और एयरपोर्ट्स पर निगरानी कड़ी कर दी गई है। हालांकि भारत में अभी तक इबोला का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है।

  • 36 घंटे में बदलेगा मौसम का मिजाज, 17 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट; 90 किमी रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

    36 घंटे में बदलेगा मौसम का मिजाज, 17 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट; 90 किमी रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं


    नई दिल्ली ।
    भीषण गर्मी से जूझ रहे देश के कई हिस्सों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। आगामी 36 घंटों के दौरान मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं के साथ बारिश का यह दौर कई इलाकों में सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकता है। किसानों को भी फसलों की सुरक्षा को लेकर सावधान रहने की चेतावनी दी गई है।

    गर्मी के बीच मौसम ने बदली चाल

    लगातार बढ़ते तापमान और लू के हालात के बीच मौसम में यह बदलाव राहत लेकर आ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण बिहार और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ ही पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और आसपास के इलाकों में भी एक मजबूत मौसम प्रणाली विकसित हुई है। इन प्रणालियों के प्रभाव से पूर्वी और उत्तरी भारत में मौसम तेजी से बदलने की संभावना है।

    मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, असम, मेघालय, त्रिपुरा और पश्चिमी मध्य प्रदेश सहित 17 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

    पूर्वी राज्यों में ज्यादा असर की आशंका

    मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार पूर्वी भारत के राज्यों में मौसम का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। इसके साथ ही बिजली गिरने और वज्रपात का भी खतरा बना रहेगा। ऐसे हालात में लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

    बिहार के कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी की संभावना जताई गई है। राजधानी पटना में तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं झारखंड के कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश का असर दिखाई दे सकता है। पश्चिम बंगाल के दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों में भी मौसम का प्रभाव बना रहेगा।

    दिल्ली-यूपी समेत उत्तर भारत पर नजर

    राष्ट्रीय राजधानी और उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी मौसम तेजी से बदल सकता है। दिल्ली में फिलहाल तापमान ऊंचा बना रहेगा, लेकिन आने वाले दिनों में तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई गई है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी जिलों में बारिश के साथ तेज हवा चलने के संकेत हैं। कई शहरों में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

    उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भी मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं और बारिश के चलते यात्रा करने वाले लोगों को मौसम अपडेट देखने के बाद ही सफर करने की सलाह दी गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस बदलाव से कई क्षेत्रों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है, हालांकि तेज हवाओं और वज्रपात के कारण सतर्कता बेहद जरूरी रहेगी।

  • कानपुर सेंट्रल पर 24 घंटे ‘नो ट्रेन डे’, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसे में 6 की मौत; यूपी में बड़े घटनाक्रमों से हलचल

    कानपुर सेंट्रल पर 24 घंटे ‘नो ट्रेन डे’, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसे में 6 की मौत; यूपी में बड़े घटनाक्रमों से हलचल



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में 21 जून को रेलवे और सड़क दोनों से जुड़ी बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर 21 जून का दिन पूरी तरह ‘नो ट्रेन डे’ रहेगा, यानी 24 घंटे तक स्टेशन से कोई भी ट्रेन नहीं गुजरेगी। रेलवे की इंटरलॉकिंग व्यवस्था के चलते राजधानी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति, पुरुषोत्तम और दुरंतो जैसी प्रमुख ट्रेनों का रूट बदला गया है। ये सभी ट्रेनें अब चंदारी मार्ग से होकर गोविंदपुरी स्टेशन पर रुकेंगी। इससे पहले कोविड काल में ऐसा दृश्य देखने को मिला था, जब लंबे समय तक स्टेशन से ट्रेन संचालन बंद रहा था।

    इसी बीच उन्नाव जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जहां बस पलटने से 6 लोगों की मौत हो गई और कई यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रशासन मामले की जांच में जुटा है।

    वहीं प्रदेश में बिजली संकट और लापरवाही के मामलों पर सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए जेई, एसडीओ और एक्सईएन स्तर के अधिकारियों पर गाज गिराई है। उपभोक्ताओं की शिकायतों और बढ़ते आक्रोश को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

    राजनीतिक मोर्चे पर भी हलचल देखने को मिली। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग महंगी गाड़ियों से आकर छोटी चीजें भी उठा लेते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं बकरीद और नमाज व्यवस्था को लेकर भाजपा सांसद राजकुमार चाहर के बयान ने भी राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में व्यवस्था और परंपराओं पर चर्चा जरूरी है, साथ ही बढ़ती महंगाई और तेल की कीमतों पर भी सरकार का रुख सामने रखा।

    कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में एक तरफ जहां बुनियादी ढांचे से जुड़ी बड़ी व्यवस्थाएं बदली जा रही हैं, वहीं हादसे और राजनीतिक बयानबाजी भी लगातार सुर्खियों में बनी हुई है।

  • निराश्रित बच्चों ने रचा सफलता का इतिहास: यूपी के 213 बच्चों ने बोर्ड परीक्षा पास की, 107 ने 60% से ज्यादा अंक हासिल किए

    निराश्रित बच्चों ने रचा सफलता का इतिहास: यूपी के 213 बच्चों ने बोर्ड परीक्षा पास की, 107 ने 60% से ज्यादा अंक हासिल किए




    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशील नीतियों और बाल कल्याण के लिए चल रही योजनाओं का असर उत्तर प्रदेश के बाल देखरेख संस्थानों में साफ नजर आने लगा है। इन संस्थानों में रह रहे निराश्रित बच्चों ने इस साल बोर्ड परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर सबको चौंका दिया है। महिला कल्याण विभाग के संरक्षण में रह रहे कुल 213 बच्चों ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा सफलतापूर्वक पास की है, जिनमें से 107 बच्चों ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर प्रथम श्रेणी में अपनी जगह बनाई है।

    सरकार का कहना है कि ये परिणाम केवल परीक्षा का आंकड़ा नहीं हैं, बल्कि यह इस बात का प्रमाण हैं कि सही मार्गदर्शन, शिक्षा और माहौल मिलने पर कठिन परिस्थितियों में रहने वाले बच्चे भी बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं। बाल देखरेख संस्थानों को अब सिर्फ आश्रय स्थल नहीं बल्कि एक मजबूत शैक्षणिक और संस्कारयुक्त वातावरण में बदला जा रहा है, जहां बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जा रहा है।

    इन संस्थानों में बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए स्मार्ट क्लास, ऑनलाइन कोचिंग और नियमित शैक्षिक मार्गदर्शन की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही अनुभवी शिक्षकों द्वारा लगातार पढ़ाई में सहायता दी जा रही है, ताकि बच्चे किसी भी विषय में पीछे न रहें। बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास के लिए काउंसलिंग और मोटिवेशनल सेशन भी नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे उनमें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित हो सके।

    महिला कल्याण विभाग की निदेशक सी. इंदुमति के अनुसार, कठिन परिस्थितियों के बावजूद बच्चों का यह प्रदर्शन बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि पारिवारिक सहयोग के बिना भी इन बच्चों ने मेहनत और अनुशासन के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है, जो पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।

    सरकार अब इन बच्चों के भविष्य को और सुरक्षित बनाने की दिशा में काम कर रही है। बोर्ड परीक्षा के बाद उच्च शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जुड़ी योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि ये बच्चे आगे चलकर आत्मनिर्भर बन सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर देश के विकास में योगदान दे सकें।