Author: bharati

  • रीठी में हंगामा: महिलाओं सहित ग्रामीणों का आरोप-नशे का अवैध कारोबार और पुलिस पर हफ्ता वसूली

    रीठी में हंगामा: महिलाओं सहित ग्रामीणों का आरोप-नशे का अवैध कारोबार और पुलिस पर हफ्ता वसूली


    कटनी । कटनी जिले के रीठी थाना क्षेत्र अंतर्गत इमलाज और बांधा गांवों में अवैध शराब और गांजे की बिक्री के खिलाफ मंगलवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने लिखित शिकायत सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

    ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में अवैध नशे का कारोबार बड़े पैमाने पर चल रहा है, जिससे युवाओं और नाबालिगों पर बुरा असर पड़ रहा है। गांव का माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है और महिलाओं-बेटियों के लिए घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है।

    स्थानीय लोगों ने कई नामों पर लगाए आरोप
    प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सुरेश चौधरी ने आरोप लगाया कि फूलबाई यादव, घीसल काछी और लता चौधरी सहित कुछ लोग खुलेआम अवैध शराब और गांजे का कारोबार कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से तस्करों के हौसले बुलंद हैं।

    पुलिस पर भी गंभीर आरोप, जांच की मांग
    ग्रामीणों ने रीठी थाना पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस गश्ती दल गांव में आता है, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय कथित रूप से अवैध कारोबारियों से साठगांठ करता है। यहां तक कि कुछ पुलिसकर्मियों पर हफ्ता वसूली और नशा करने तक के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि ग्रामीणों ने इन आरोपों को लेकर कोई ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं किए हैं, लेकिन उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    प्रशासन का जवाब: जांच और कार्रवाई के निर्देश
    एएसपी डॉ. डेहरिया ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत प्राप्त हुई है और तत्काल पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर अवैध गतिविधियों की बात कही गई है, वहां पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस पर लगाए गए आरोपों को लेकर उन्होंने कहा कि यदि शिकायतकर्ता साक्ष्य उपलब्ध कराते हैं तो विभागीय जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।

  • पारिवारिक विवाद पहुंचा पुलिस के पास: बेटों और बहुओं की शिकायत लेकर एसपी ऑफिस पहुंचे माता-पिता

    पारिवारिक विवाद पहुंचा पुलिस के पास: बेटों और बहुओं की शिकायत लेकर एसपी ऑफिस पहुंचे माता-पिता

     
    झाबुआ । झाबुआ जिले के पेटलावद तहसील अंतर्गत ग्राम हिरानिनामापाड़ा से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग दंपति ने अपने ही बेटों और बहुओं पर लगातार मारपीट, प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित रतनीबाई और उनके पति नाकु डांगी मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई।

    जमीन बांटने के बाद भी नहीं थमी प्रताड़ना
    दंपति ने बताया कि उन्होंने अपनी पूरी जमीन-जायदाद पहले ही अपने तीनों बेटों धनसिंग, डूंगरसिंग और एक अन्य पुत्र के बीच बांट दी थी। इसके बावजूद अब उनके पास केवल एक बीघा जमीन बची है, जिससे वे किसी तरह जीवनयापन कर रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी बेटों और बहुओं द्वारा उनके साथ लगातार दुर्व्यवहार किया जा रहा है।

    शराब के नशे में मारपीट और मकान तोड़ने का आरोप
    पीड़ित दंपति के अनुसार, बीते रविवार और 23 मई को बेटों और उनकी पत्नियों ने शराब के नशे में उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। नाकु डांगी ने आरोप लगाया कि उन्हें पत्थर मारकर घायल किया गया, जिससे उनके पैर में चोट आई है। वहीं, रतनीबाई ने बताया कि आरोपियों ने उनका मकान तोड़ दिया, जिसके चलते उन्हें भीषण गर्मी में खुले बरामदे में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।

    ‘पुलिस भी कुछ नहीं बिगाड़ सकती’ कहकर धमकी का आरोप
    दंपति ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने विरोध किया तो बेटों ने कहा कि अब जमीन और मकान उनके हैं और पुलिस भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने थाने में शिकायत करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और उनका पीछा भी किया।

    एसपी से सख्त कार्रवाई की मांग
    लगातार प्रताड़ना से परेशान बुजुर्ग दंपति ने पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार से निवेदन किया है कि उनके बेटों और बहुओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि वे अपना शेष जीवन भयमुक्त होकर जी सकें।

  • अमेरिका में फिर दहला भारतीय समुदाय, वर्जीनिया में भारतीय महिला की हत्या से बढ़ी सुरक्षा चिंताएं

    अमेरिका में फिर दहला भारतीय समुदाय, वर्जीनिया में भारतीय महिला की हत्या से बढ़ी सुरक्षा चिंताएं

    नई दिल्ली । अमेरिका के वर्जीनिया में भारतीय मूल की एक महिला की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने प्रवासी भारतीय समुदाय को झकझोर दिया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार महिला गुजरात के मेहसाणा जिले की रहने वाली थीं और लंबे समय से अमेरिका में रह रही थीं। घटना के बाद स्थानीय भारतीय समुदाय में गहरा दुख और चिंता का माहौल देखा जा रहा है। पिछले कुछ समय में भारतीय मूल के लोगों से जुड़ी हिंसक घटनाओं की बढ़ती संख्या ने विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

    बताया जा रहा है कि यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब अमेरिका में भारतीय समुदाय लगातार अपनी सामाजिक और आर्थिक उपस्थिति को मजबूत कर रहा है। व्यापार, तकनीक, शिक्षा और चिकित्सा जैसे कई क्षेत्रों में भारतीय मूल के लोगों की भूमिका लगातार बढ़ी है। लेकिन हाल की कुछ घटनाओं ने सुरक्षा को लेकर चिंता भी पैदा कर दी है। विशेष रूप से गुजराती समुदाय के बीच इस घटना को लेकर भावनात्मक माहौल बना हुआ है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मामले की जांच एजेंसियों द्वारा विभिन्न पहलुओं से की जा रही है। घटना से जुड़े कई तथ्य जुटाए जा रहे हैं और आसपास के इलाकों की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना के पीछे क्या कारण रहे और क्या इसमें किसी प्रकार की पूर्व योजना शामिल थी। जांच प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

    इस घटना ने एक बार फिर विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चा शुरू कर दी है। पिछले एक वर्ष के दौरान अमेरिका में भारतीय मूल के कुछ नागरिकों से जुड़ी हिंसक घटनाओं की खबरों ने समुदाय के भीतर असुरक्षा की भावना को बढ़ाया है। कई सामाजिक संगठनों और समुदाय प्रतिनिधियों ने ऐसी घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई है।

    प्रवासी भारतीय समुदाय के लोगों का कहना है कि विदेशों में रह रहे भारतीयों की संख्या लगातार बढ़ रही है और ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण हो जाता है। कई समुदाय संगठन समय-समय पर स्थानीय प्रशासन के साथ संवाद स्थापित कर सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर चर्चा करते रहे हैं। इस घटना के बाद भी समुदाय के स्तर पर बैठकें और आपसी संवाद बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं होती, बल्कि सामाजिक समावेश और सामुदायिक जागरूकता भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसी घटनाएं केवल एक परिवार को नहीं, बल्कि पूरे समुदाय को भावनात्मक रूप से प्रभावित करती हैं। यही कारण है कि इस मामले को लेकर भारतीय समुदाय के बीच गहरी संवेदनाएं देखी जा रही हैं।

    फिलहाल सभी की नजर जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर बनी हुई है। उम्मीद की जा रही है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस घटना ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि दुनिया के किसी भी हिस्से में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा और विश्वास सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है।

  • पानी के लिए हाहाकार: अवल्दा गांव में संकट, पाइपलाइन खराब और ट्यूबवेल बंद होने से लोग परेशान

    पानी के लिए हाहाकार: अवल्दा गांव में संकट, पाइपलाइन खराब और ट्यूबवेल बंद होने से लोग परेशान


    बड़वानी। बड़वानी जिले की ग्राम पंचायत अवल्दा के पुनर्वास स्थल पर पिछले एक सप्ताह से गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है। नर्मदा जल आपूर्ति की पाइपलाइन जगह-जगह से टूट जाने के कारण बसाहट में पानी की सप्लाई पूरी तरह बाधित हो गई है। स्थिति यह है कि करीब 150 परिवारों को रोजाना दूर-दराज से कुएं, खेतों और नदी से पानी ढोना पड़ रहा है।

    इस गंभीर समस्या को लेकर मंगलवार को सरपंच धर्मेंद्र मंडलोई के नेतृत्व में ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचे और स्थायी समाधान की मांग की।

    चार ट्यूबवेल में से एक भी नहीं दे रहा पानी
    सरपंच ने बताया कि पुनर्वास स्थल पर खोदे गए चार ट्यूबवेलों में से एक भी सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। दो ट्यूबवेल का जलस्तर काफी नीचे चला गया है, तीसरे में से मोटर पंप के पाइप निकाल लिए गए हैं, जबकि चौथे ट्यूबवेल में बार-बार मोटर जल जाने के कारण पानी की आपूर्ति ठप है। इस वजह से ग्रामीणों को मजबूरी में रोजाना कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है।

    पुनर्वास स्थल हैंडओवर नहीं, अस्थायी व्यवस्था पर निर्भर पंचायत
    सरपंच धर्मेंद्र मंडलोई ने यह भी बताया कि पुनर्वास स्थल अभी तक ग्राम पंचायत को आधिकारिक रूप से हैंडओवर नहीं किया गया है। इसके बावजूद पंचायत टैंकरों के माध्यम से किसी तरह पानी उपलब्ध कराने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नर्मदा पाइपलाइन की मरम्मत और स्थायी जल आपूर्ति व्यवस्था के बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है।

    पशुओं के लिए भी पानी का संकट, होद निर्माण की मांग
    गांव में केवल इंसानों ही नहीं, बल्कि पशुओं के लिए भी गंभीर जल संकट पैदा हो गया है। बसाहट स्थल पर मवेशियों के लिए एक भी होद (पानी पीने का स्थान) नहीं बनाया गया है, जिससे गर्मी के मौसम में पशुधन भी प्रभावित हो रहा है। सरपंच ने एनवीडीए विभाग से पशुओं के लिए होद निर्माण कराने की मांग की है।

    ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
    ग्रामीण गौरी बाई सहित अन्य लोगों ने बताया कि उन्हें रोजाना खेतों और कुओं से पानी लाना पड़ता है। शिकायत करने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकल रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पेयजल व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

    प्रशासन ने दिए कार्रवाई के निर्देश
    मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, ताकि पाइपलाइन की मरम्मत और जल आपूर्ति बहाल की जा सके।

  • सेंधवा में बड़ा आरोप-प्रत्यारोप: विधायक ने लगाया वसूली का आरोप, जिला पंचायत CEO ने बताया बेबुनियाद

    सेंधवा में बड़ा आरोप-प्रत्यारोप: विधायक ने लगाया वसूली का आरोप, जिला पंचायत CEO ने बताया बेबुनियाद


    बड़वानी  बड़वानी जिले के सेंधवा क्षेत्र में विधायक मोंटू सोलंकी और जिला पंचायत सीईओ काजल जावला के बीच विवाद सामने आया है। ग्राम पाड़छा के दौरे के दौरान ग्रामीणों के बीच खड़े होकर विधायक ने सीईओ पर पंचायत सचिवों से 10-10 लाख रुपये की अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामला सुर्खियों में आ गया।

    विधायक ने आरोप लगाया कि पंचायत सचिवों को निलंबन की धमकी देकर उनसे अवैध वसूली की जा रही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनकी विधानसभा क्षेत्र में प्रशासनिक दौरे और बैठकों की जानकारी उन्हें नहीं दी जाती, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।

    पानी, सड़क और विकास कार्यों पर भी उठाए सवाल
    ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए विधायक ने क्षेत्र में पीने के पानी, खराब सड़कों और पुलियों की स्थिति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी विकास कार्यों की बजाय वसूली और मनमानी में लगे हुए हैं, जिससे जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

    सीईओ का पलटवार: आरोप पूरी तरह निराधार
    जिला पंचायत सीईओ काजल जावला ने विधायक के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि ग्राम पाड़छा में आयोजित गंगा दशहरा के शासकीय कार्यक्रम में विधायक को विधिवत आमंत्रित किया गया था, लेकिन सभी कार्यक्रमों में हर जनप्रतिनिधि की मौजूदगी संभव नहीं होती।

    सीईओ ने यह भी स्पष्ट किया कि जिला पंचायत का प्रभार उनके पास है, इसलिए वे नियमित रूप से समीक्षा बैठकें और पंचायतों का निरीक्षण करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि बैठकों के लिए किसी विशेष अनुमति की आवश्यकता नहीं होती।

    निलंबित सचिव का मामला भी जुड़ा
    सीईओ ने बताया कि संबंधित पंचायत में एक सचिव को जल गंगा अभियान के तहत कार्य में अनियमितता के कारण निलंबित किया गया है। आरोप है कि बिना कार्य पूर्ण किए भुगतान प्रमाणित किया गया था, जिसके चलते सरपंच और जीआरएस को भी नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इसी कार्रवाई के कारण यह विवाद उत्पन्न हुआ है।

  • तुर्की-पाकिस्तान समीकरण के बीच भारत की बढ़ती रक्षा ताकत, साइप्रस ने दिखाई रणनीतिक हथियारों में गहरी रुचि

    तुर्की-पाकिस्तान समीकरण के बीच भारत की बढ़ती रक्षा ताकत, साइप्रस ने दिखाई रणनीतिक हथियारों में गहरी रुचि


    नई दिल्ली । वैश्विक भू-राजनीति के बदलते परिदृश्य में रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारियां लगातार नई दिशा ले रही हैं। ऐसे समय में भारत की रक्षा क्षमताओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती रुचि एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। हाल के घटनाक्रमों ने यह संकेत दिया है कि भारतीय रक्षा तकनीक अब केवल घरेलू सुरक्षा तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक समीकरणों में भी उसकी भूमिका तेजी से मजबूत हो रही है। इसी कड़ी में साइप्रस की ओर से भारतीय रक्षा प्रणालियों में बढ़ती दिलचस्पी ने नई चर्चाओं को जन्म दिया है।

    हाल ही में साइप्रस के राष्ट्रपति Nikos Christodoulides की भारत यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस दौरान कई उच्चस्तरीय मुलाकातें हुईं, जिनमें द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक सहयोग पर विचार-विमर्श किया गया। माना जा रहा है कि इस यात्रा ने दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में संभावित साझेदारी के लिए नई संभावनाएं खोल दी हैं।

    सूत्रों के अनुसार साइप्रस विशेष रूप से भारत की उन रक्षा प्रणालियों में रुचि दिखा रहा है, जिन्होंने हाल के सैन्य अभियानों के दौरान अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया था। चर्चा है कि भारत की उन्नत मिसाइल तकनीक और स्वदेशी ड्रोन प्रणालियां साइप्रस के रणनीतिक हितों के केंद्र में हैं। हालांकि अभी तक किसी औपचारिक समझौते की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को लेकर संभावनाएं लगातार मजबूत होती दिखाई दे रही हैं।

    भारत की रक्षा क्षमता में सबसे अधिक चर्चा जिस प्रणाली को लेकर हो रही है, वह है BrahMos मिसाइल। अपनी सटीकता और तेज मारक क्षमता के कारण यह प्रणाली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। इसके अलावा स्वदेशी ड्रोन और आधुनिक रक्षा तकनीकों ने भी कई देशों का ध्यान आकर्षित किया है। रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि भारतीय प्रणालियां अब विश्व बाजार में एक भरोसेमंद और प्रभावी विकल्प के रूप में उभर रही हैं।

    क्षेत्रीय समीकरणों को देखते हुए इस संभावित सहयोग को रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पश्चिम एशिया और यूरोप क्षेत्र में कई देशों के बीच बदलते रक्षा संबंधों के कारण ऐसे सहयोगों को व्यापक भू-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि रक्षा सहयोग आगे बढ़ता है तो इसका असर केवल सैन्य स्तर पर नहीं बल्कि क्षेत्रीय रणनीतिक संतुलन पर भी पड़ सकता है।

    भारत पिछले कुछ वर्षों में रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने पर लगातार जोर दे रहा है। स्वदेशी तकनीक और आत्मनिर्भरता पर आधारित रक्षा मॉडल ने कई देशों का ध्यान आकर्षित किया है। फिलहाल साइप्रस की बढ़ती दिलचस्पी इस बात का संकेत मानी जा रही है कि भारतीय रक्षा उद्योग अब वैश्विक मंच पर तेजी से अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। आने वाले समय में यह सहयोग किस दिशा में आगे बढ़ता है, इस पर अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक हलकों की नजर बनी रहेगी।

  • ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी को लेकर प्रशासन सक्रिय: खंडवा में 26 पंजीयन केंद्र बनाए गए

    ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी को लेकर प्रशासन सक्रिय: खंडवा में 26 पंजीयन केंद्र बनाए गए


    खंडवा  खंडवा जिले में ग्रीष्मकालीन मूंग की समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कलेक्टर ऋषव गुप्ता के निर्देश पर जिलेभर में 26 पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां किसान 25 मई से 15 जून 2026 तक अपना निशुल्क पंजीयन करा सकेंगे।प्रशासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक किसान समय पर रजिस्ट्रेशन कराकर अपनी फसल को सरकारी खरीदी व्यवस्था से जोड़ सकें और उन्हें उचित मूल्य मिल सके।

    26 केंद्रों पर मुफ्त पंजीयन की सुविधा
    किसानों की सुविधा के लिए बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों और मार्केटिंग संस्थाओं को पंजीयन केंद्र बनाया गया है। इनमें टेमीकला, सिहाड़ा, गुड़ीखेड़ा, सिंगोट, कालमुखी, अमलपुरा, छैगांवमाखन, पंधाना, मूंदी, भगवानपुरा, सुलगांव, पुनासा, मोहना, दौलतपुरा, छनेरा, बरूड़, सोमगांवखुर्द, किल्लौद, बड़केश्वर, खालवा, खेड़ी और आशापुर सहित कई केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा खालवा की कृषक सहकारी विपणन समिति और हरसूद की को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी में भी पंजीयन की व्यवस्था की गई है। सभी केंद्रों पर यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क होगी।

    ऑनलाइन भी कर सकेंगे पंजीयन
    निशुल्क केंद्रों के अलावा किसान एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), लोक सेवा केंद्र और साइबर कैफे के माध्यम से भी निर्धारित शुल्क देकर पंजीयन करा सकते हैं। इससे किसानों को अपने नजदीकी स्तर पर ही सुविधा उपलब्ध होगी।

    गांव-गांव पहुंचेगा प्रचार अभियान
    प्रशासन ने तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि कोटवारों और पटवारियों के माध्यम से गांवों में मुनादी कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित न रहे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी किसान समय पर रजिस्ट्रेशन कर सकें और खरीदी प्रक्रिया में शामिल हो सकें।

  • खंडवा कारोबारी की हिमाचल में दर्दनाक मौत: सतलज किनारे अंतिम संस्कार, विशेषज्ञों ने बताए पहाड़ों में सुरक्षा टिप्स

    खंडवा कारोबारी की हिमाचल में दर्दनाक मौत: सतलज किनारे अंतिम संस्कार, विशेषज्ञों ने बताए पहाड़ों में सुरक्षा टिप्स


    खंडवा । खंडवा के प्रसिद्ध कपड़ा कारोबारी और ‘जींस हाउस’ के संचालक मनीष जैन की हिमाचल प्रदेश यात्रा के दौरान दुखद मौत हो गई। वे अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए भारत-चीन सीमा के पास स्थित ऊंचाई वाले क्षेत्र काजा पहुंचे थे, जहां अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार, ऑक्सीजन लेवल कम होने के कारण उन्हें सांस लेने में गंभीर परेशानी हुई। चालक उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    परिजन पहुंचे हिमाचल, कठिन परिस्थितियों में किया अंतिम संस्कार
    22 मई को मौत की सूचना मिलने के बाद उनके बेटे शांतनु जैन, भाई तपिश जैन और करीबी दोस्त तुरंत हिमाचल प्रदेश रवाना हुए। करीब 30 घंटे की कठिन यात्रा के बाद परिजन काजा पहुंचे, जहां बेहद दुर्गम परिस्थितियों में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। परिजनों ने बताया कि चारों ओर बर्फ, तेज ठंड और शून्य के आसपास तापमान के बीच अंतिम संस्कार करना बेहद कठिन था। बाद में सतलज नदी के किनारे उनका अंतिम संस्कार कर अस्थियां प्रवाहित की गईं।

    स्थानीय लोगों और पुलिस ने की मदद
    इस मुश्किल समय में स्थानीय निवासी केसन रेपचिक ने परिजनों की मदद करते हुए लकड़ी, वाहन और अन्य आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराई। वहीं हिमाचल पुलिस ने भी तत्परता दिखाते हुए सहयोग किया और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर तुरंत डेथ सर्टिफिकेट जारी किया। परिजनों ने स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद को अत्यंत संवेदनशील और मानवीय बताया।

    एक्सपर्ट की सलाह: ऊंचाई वाले इलाकों में बरतें विशेष सावधानी
    ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. मुनीश मिश्रा के अनुसार, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी के कारण हाई एल्टीट्यूड सिकनेस का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यात्रियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

    विशेषज्ञों की सलाह है कि-

    शरीर को ऊंचाई के अनुसार ढलने का समय दिया जाए
    सांस फूलना या सिरदर्द होने पर तुरंत नीचे के इलाके में लौटें
    पल्स ऑक्सीमीटर और पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर साथ रखें
    हृदय, बीपी और अस्थमा के मरीज बिना मेडिकल सलाह यात्रा न करें
    पर्याप्त पानी पिएं और शराब-धूम्रपान से बचें
    समुदाय में शोक की लहर
    इस अचानक हुई घटना से खंडवा में शोक का माहौल है। कारोबारी के निधन को व्यापारिक और सामाजिक दोनों ही क्षेत्रों में बड़ी क्षति माना जा रहा है।

  • खंडवा में सड़क पर हड़कंप: ट्रक-टैंकर की जोरदार टक्कर, आधे घंटे रेस्क्यू के बाद घायल बाहर निकाले गए

    खंडवा में सड़क पर हड़कंप: ट्रक-टैंकर की जोरदार टक्कर, आधे घंटे रेस्क्यू के बाद घायल बाहर निकाले गए


    खंडवा । खंडवा जिले के इंदौर-एदलाबाद नेशनल हाईवे पर मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। पंधाना थाना क्षेत्र की बोरगांव चौकी अंतर्गत एक निजी होटल के सामने ट्रक के ब्रेक फेल हो जाने से वह सामने खड़े टैंकर में जा घुसा। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक व क्लीनर केबिन में फंस गए। हादसा करीब दोपहर 2 बजे हुआ, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा।

    केबिन में फंसे ड्राइवर-क्लीनर, आधे घंटे तक चला रेस्क्यू
    हादसे में ट्रक चालक नासिर खान और क्लीनर राशिद खान गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर के बाद दोनों केबिन में बुरी तरह फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए पुलिस और स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सूचना मिलते ही बोरगांव चौकी प्रभारी अविनाश भोपले पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद केबिन का क्षतिग्रस्त हिस्सा काटकर दोनों घायलों को बाहर निकाला गया। इसके बाद डायल-100 की मदद से उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंधाना पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    तेज रफ्तार और ब्रेक फेल हादसे की वजह
    पुलिस के अनुसार ट्रक तेज रफ्तार में था, इसी दौरान अचानक उसके ब्रेक फेल हो गए। चालक नियंत्रण नहीं रख सका और ट्रक सीधे आगे चल रहे टैंकर से टकरा गया। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घटनास्थल पर दौड़ पड़े।

    हाईवे पर बढ़ते हादसों से चिंता
    स्थानीय लोगों ने बताया कि इंदौर-एदलाबाद हाईवे पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। भारी वाहनों की तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और तकनीकी खराबी इसके प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।

    लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर नियमित वाहन जांच, स्पीड कंट्रोल और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

  • कांग्रेस में बदलाव की सुगबुगाहट? डीके शिवकुमार की बढ़ती दावेदारी के बीच तेज हुआ मंथन

    कांग्रेस में बदलाव की सुगबुगाहट? डीके शिवकुमार की बढ़ती दावेदारी के बीच तेज हुआ मंथन

    नई दिल्ली । कर्नाटक की राजनीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर राजनीतिक गलियारों में लगातार अटकलें तेज होती दिखाई दे रही हैं। कांग्रेस के भीतर संभावित बदलाव और सत्ता की कमान को लेकर चल रहे मंथन ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। हाल के घटनाक्रमों और दिल्ली में शीर्ष स्तर पर जारी बैठकों के बाद यह चर्चा और अधिक तेज हो गई है कि राज्य में नेतृत्व से जुड़ा कोई बड़ा फैसला आने वाले समय में सामने आ सकता है।

    सूत्रों के हवाले से सामने आ रही चर्चाओं के अनुसार, पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर नए समीकरणों पर विचार किया जा रहा है। ऐसी चर्चा है कि कुछ वरिष्ठ नेता मौजूदा नेतृत्व व्यवस्था में बदलाव के पक्ष में अपनी राय रख रहे हैं। इसी बीच उपमुख्यमंत्री पद संभाल रहे D. K. Shivakumar का नाम संभावित नेतृत्व विकल्प के रूप में तेजी से चर्चा में आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के भीतर उनकी सक्रियता और संगठनात्मक पकड़ उन्हें मजबूत दावेदार बना सकती है।

    बताया जा रहा है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने इस विषय पर लगातार विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक के बाद एक बैठकों ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दी है। इन बैठकों में पार्टी के कई बड़े नेताओं की मौजूदगी को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि अब तक पार्टी की ओर से किसी आधिकारिक निर्णय या बयान की घोषणा नहीं की गई है।

    राजनीतिक चर्चाओं के बीच यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस महासचिव Priyanka Gandhi इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और नेतृत्व से जुड़े मंथन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वहीं पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की बैठकों और विचार-विमर्श को भी बेहद अहम माना जा रहा है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और राजनीतिक चर्चाएं अभी सूत्रों पर आधारित हैं।

    दिल्ली में हुई बैठकों ने पूरे मामले को और अधिक दिलचस्प बना दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, Rahul Gandhi और अन्य वरिष्ठ नेताओं के बीच हुई चर्चाओं को कर्नाटक के राजनीतिक भविष्य से जोड़कर देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार अलग-अलग चरणों में कई बैठकें हुईं, जिनमें राज्य नेतृत्व और संगठनात्मक पहलुओं पर चर्चा किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

    कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन और नेतृत्व बदलाव का विषय पहले भी राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बनता रहा है। राज्य की राजनीति में क्षेत्रीय समीकरण, संगठनात्मक संतुलन और नेतृत्व की भूमिका हमेशा अहम रही है। ऐसे में यदि भविष्य में किसी तरह का निर्णय सामने आता है तो उसका असर केवल राज्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी उसके राजनीतिक मायने निकाले जाएंगे।

    फिलहाल पार्टी की ओर से किसी अंतिम निर्णय का संकेत नहीं दिया गया है, लेकिन लगातार हो रही बैठकों और बढ़ती राजनीतिक चर्चाओं ने कर्नाटक की राजनीति को फिर से राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में इस विषय पर होने वाली गतिविधियों पर सभी की नजर बनी रहेगी।