Author: bharati

  • धुरंधर 2 में बड़ा ट्विस्ट: मेजर इकबाल लीड विलेन, चौधरी के साथ आएंगे स्क्रीन पर

    धुरंधर 2 में बड़ा ट्विस्ट: मेजर इकबाल लीड विलेन, चौधरी के साथ आएंगे स्क्रीन पर


    दिल्ली । रणवीर सिंह स्टाररफिल्म धुरंधर ने बॉक्स ऑफिस पर रिलीज होते ही तहलका मचा दिया था। आदित्य धर के निर्देशन में बनी यह फिल्म साल के अंत की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई। दमदार कहानी शानदार एक्शन और जबरदस्त परफॉर्मेंस के चलते फिल्म ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। अब जब फैंस धुरंधर 2 का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं उसी बीच सोशल मीडिया पर कुछ अनदेखी तस्वीरें वायरल हो गई हैं जिन्होंने उत्सुकता को और बढ़ा दिया है।

    वायरल हो रही इन तस्वीरों को धुरंधर 2 की शूटिंग के दौरान की बताया जा रहा है। इन फोटोज में संजय दत्त और अर्जुन रामपाल एक साथ नजर आ रहे हैं। संजय दत्त जहां फिल्म में एसपी चौधरी के किरदार में दिखाई दिए थे वहीं अर्जुन रामपाल ने मेजर इकबाल का रोल निभाया था। दिलचस्प बात यह है कि धुरंधर के पहले पार्ट में ये दोनों किरदार कभी आमने सामने नहीं आए थे। ऐसे में पार्ट 2 में दोनों का साथ नजर आना कहानी में बड़े ट्विस्ट की ओर इशारा कर रहा है।

    इन लीक तस्वीरों के सामने आने के बाद दावा किया जा रहा है कि धुरंधर 2 में मेजर इकबाल का किरदार इस बार लीड विलेन के तौर पर उभरेगा। एक रिपोर्ट के अनुसार दूसरे पार्ट की कहानी रहमान डकैत की मौत के बाद से शुरू होगी। बताया जा रहा है कि बड़े साहब की ओर से हमजा को एक नई और खतरनाक चुनौती मिलेगी जिसका जिक्र पहले पार्ट में नहीं किया गया था। वायरल तस्वीरों को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि एसपी चौधरी और मेजर इकबाल के बीच कुछ गंभीर डील्स या साजिशें दिखाई जाएंगी जो कहानी को और गहरा बना देंगी।

    बताया जा रहा है कि आदित्य धर शुरुआत में धुरंधर को एक ही फिल्म में खत्म करना चाहते थे। हालांकि प्रोडक्शन टीम की सलाह पर इसे दो भागों में रिलीज करने का फैसला लिया गया। यह फैसला पूरी तरह सही साबित हुआ क्योंकि पहला पार्ट जबरदस्त हिट रहा। दिलचस्प बात यह भी है कि धुरंधर 2 की ज्यादातर शूटिंग पहले ही पूरी की जा चुकी है। अब सिर्फ कुछ अतिरिक्त सीन जोड़े जा रहे हैं जिसके बाद फिल्म को 19 मार्च को रिलीज करने की तैयारी है। पहले पार्ट के पोस्ट क्रेडिट सीन में भी इसके संकेत दिए गए थे।

    धुरंधर हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई है और वहां भी इसे जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। रिलीज के 24 घंटे के भीतर यह प्लेटफॉर्म की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फिल्म बन गई। हालांकि कुछ दर्शकों ने फिल्म के विजुअल्स और कलर ग्रेडिंग को लेकर सवाल उठाए हैं जिस पर मेकर्स का कहना है कि थिएटर और ओटीटी फॉर्मेट के तकनीकी अंतर की वजह से ऐसा महसूस हो रहा है। कुल मिलाकर धुरंधर 2 को लेकर लीक तस्वीरों ने फैंस की एक्साइटमेंट को दोगुना कर दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि रणवीर सिंह संजय दत्त और अर्जुन रामपाल की यह तिकड़ी पर्दे पर कितना बड़ा धमाका करती है।

  • धुरंधर 2 से पहले रणवीर सिंह की बड़ी छलांग, शंकर के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘वेलपारी’ में एंट्री की चर्चा

    धुरंधर 2 से पहले रणवीर सिंह की बड़ी छलांग, शंकर के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘वेलपारी’ में एंट्री की चर्चा


    नई दिल्ली । बॉलीवुड सुपरस्टार रणवीर सिंह इन दिनों अपने करियर के सबसे मजबूत और सुनहरे दौर से गुजर रहे हैं। आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म धुरंधर में उनके दमदार अभिनय ने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि समीक्षकों से भी जमकर तारीफ बटोरी। फिल्म की जबरदस्त बॉक्स ऑफिस सफलता ने यह साबित कर दिया कि रणवीर सिंह आज भी बड़े पर्दे पर दर्शकों को खींचने की पूरी ताकत रखते हैं। इसी कामयाबी के साथ रणवीर के खाते में एक के बाद एक बड़े प्रोजेक्ट्स जुड़ते नजर आ रहे हैं।

    जहां एक ओर धुरंधर 2 को लेकर चर्चाएं तेज हो चुकी हैं, वहीं अब रणवीर सिंह के हाथ एक और बेहद खास और महत्वाकांक्षी फिल्म लगने की खबर सामने आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, साउथ इंडस्ट्री के दिग्गज फिल्ममेकर शंकर अपनी ऐतिहासिक फिल्म वेलपारी के लिए रणवीर सिंह को कास्ट करने की योजना बना रहे हैं। शंकर, जिन्हें नायक और अन्नियन जैसी आइकॉनिक फिल्मों के लिए जाना जाता है, लंबे समय से इस प्रोजेक्ट को बड़े पर्दे पर लाने का सपना देख रहे हैं। वेलपारी को उनका ड्रीम प्रोजेक्ट माना जा रहा है जिसे वह बेहद भव्य स्तर पर बनाने की तैयारी में हैं।

    बताया जा रहा है कि यह फिल्म मशहूर लेखक एस. वेंकटेशन के चर्चित नॉवेल पर आधारित होगी। कहानी प्राचीन तमिल शासक वेल पारी के जीवन, संघर्ष और उनके साहसिक फैसलों को दर्शाएगी। यह एक ऐसी ऐतिहासिक गाथा होगी, जिसमें सत्ता, युद्ध, त्याग और नेतृत्व की कहानी बड़े पैमाने पर दिखाई जाएगी। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि इस फिल्म में रणवीर सिंह के साथ तमिल सिनेमा के सुपरस्टार विक्रम भी अहम भूमिका में नजर आ सकते हैं। अगर यह कास्टिंग फाइनल होती है, तो यह फिल्म नॉर्थ और साउथ सिनेमा के बीच एक मजबूत सिनेमैटिक पुल बन सकती है।

    मिड-डे की रिपोर्ट के अनुसार धुरंधर की शूटिंग पूरी करने के बाद रणवीर सिंह अपने अगले बड़े किरदार की तैयारी में जुट चुके हैं। वह अपने रोल को लेकर बेहद गंभीर बताए जा रहे हैं और स्क्रिप्ट से लेकर अपने लुक और बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन तक पर खास ध्यान दे रहे हैं। दूसरी ओर शंकर भी अपनी पिछली फिल्म गेम चेंजर के बाद अब पूरी तरह वेलपारी पर फोकस करने के मूड में हैं और जल्द ही इस फिल्म का प्री-प्रोडक्शन शुरू किया जा सकता है।

    गौरतलब है कि इससे पहले भी रणवीर सिंह और शंकर के साथ काम करने की चर्चाएं सामने आ चुकी हैं। साल 2021 में अन्नियन के हिंदी रीमेक को लेकर दोनों के बीच बातचीत हुई थी लेकिन वह प्रोजेक्ट किसी कारणवश आगे नहीं बढ़ सका। ऐसे में अगर वेलपारी के जरिए यह सहयोग साकार होता है, तो यह फैंस के लिए किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं होगा।

    फिलहाल इस फिल्म को लेकर न तो रणवीर सिंह और न ही निर्देशक शंकर की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा की गई है। हालांकि जिस तरह से इस प्रोजेक्ट को लेकर चर्चाएं तेज हैं और इसके बड़े बजट की बातें सामने आ रही हैं, उससे साफ है कि वेलपारी आने वाले समय की सबसे चर्चित और बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक बन सकती है। रणवीर सिंह के फैंस भी उन्हें एक ऐतिहासिक किरदार में देखने के लिए पहले से ही उत्साहित नजर आ रहे हैं।

  • भोपाल में दर्दनाक हादसा: पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने दौड़ी 6 साल की मासूम, तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत

    भोपाल में दर्दनाक हादसा: पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने दौड़ी 6 साल की मासूम, तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत


    भोपाल। राजधानी के ईटखेड़ी थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक मर्मांतक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार के कहर ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। अपने पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने की कोशिश कर रही 6 वर्षीय बच्ची को एक बेकाबू कार ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल बच्ची ने अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    इलाज कराकर लौट रहे थे घर मृतक बच्ची की पहचान 6 वर्षीय आसिया अली के रूप में हुई है, जो परेवा खेड़ा (पतलोन) की रहने वाली थी। परिजनों के अनुसार, आसिया पिछले तीन दिनों से वायरल फीवर (बुखार) से पीड़ित थी। शनिवार रात करीब 10 बजे उसके पिता इकबाल अली उसे हाईवे स्थित एक क्लीनिक पर डॉक्टर को दिखाने ले गए थे। डॉक्टर से दवाई लेने के बाद पिता-पुत्री पैदल ही अपने घर की ओर लौट रहे थे। उन्हें क्या मालूम था कि घर पहुँचने से पहले ही काल उनके सामने खड़ा है।

    एक पल की चूक और मातम में बदली रात हादसा परेवा खेड़ा के पास मुख्य मार्ग पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिता इकबाल ने बच्ची का हाथ पकड़ रखा था, लेकिन अचानक आसिया ने पिता का हाथ छुड़ाया और सड़क के दूसरी तरफ जाने के लिए दौड़ लगा दी। इसी दौरान अंधेरे में आ रही एक तेज रफ्तार कार ने मासूम को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्ची सड़क पर काफी दूर जाकर गिरी और लहूलुहान हो गई।

    ड्राइवर ही लेकर पहुँचा अस्पताल हादसे के बाद कार चालक ने इंसानियत दिखाते हुए भागने के बजाय अपनी ही कार से घायल बच्ची और उसके पिता को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुँचाया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने जांच के बाद मासूम आसिया को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की सूचना पर ईटखेड़ी पुलिस मौके पर पहुँची और कार को जब्त कर लिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। इस घटना के बाद से ही गांव में मातम पसरा हुआ है।

    भोपाल के ईटखेड़ी में पिता के साथ डॉक्टर के पास से लौट रही 6 साल की आसिया की कार की टक्कर से मौत हो गई। सड़क पार करते समय पिता का हाथ छूटने से यह हादसा हुआ। कार चालक बच्ची को अस्पताल ले गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। पुलिस जांच जारी है।

  • ईशान किशन बने जीत के जश्न के हीरो, सूर्यकुमार यादव ने निभाई कप्तानी की खास परंपरा

    ईशान किशन बने जीत के जश्न के हीरो, सूर्यकुमार यादव ने निभाई कप्तानी की खास परंपरा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर अपने दमदार प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि मौजूदा दौर में वह टी20 क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पांचवें और आखिरी टी20 मुकाबले में भारत ने 46 रन की शानदार जीत दर्ज करते हुए सीरीज को 4-1 से अपने नाम कर लिया। इस जीत के बाद टीम इंडिया का जश्न देखने लायक था, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां उस पल ने बटोरीं जब ट्रॉफी सौंपने की बारी आई।

    मैच खत्म होने के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान कप्तान सूर्यकुमार यादव जब ट्रॉफी लेकर टीम के खिलाड़ियों की ओर बढ़े, तो हर किसी की नजर इस बात पर थी कि आखिर यह ट्रॉफी किसे सौंपी जाएगी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए बीसीसीआई के वीडियो में देखा गया कि रिंकू सिंह ट्रॉफी लेने के लिए आगे बढ़ते हैं, लेकिन सूर्यकुमार यादव उन्हें मुस्कुराते हुए रोक देते हैं और पास खड़े दूसरे खिलाड़ी को बुलाते हैं। यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि तिरुवनंतपुरम टी20 के हीरो ईशान किशन थे।

    दरअसल, भारतीय टीम में एक पुरानी और खास परंपरा रही है, जिसकी शुरुआत पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने की थी। इस परंपरा के तहत सीरीज जीतने के बाद ट्रॉफी टीम के सबसे युवा खिलाड़ी या फिर सीरीज में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी को सौंपी जाती है। समय के साथ इस परंपरा को विराट कोहली, रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या और अब सूर्यकुमार यादव ने भी आगे बढ़ाया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ इस टी20 सीरीज में कोई भी खिलाड़ी डेब्यू करता नजर नहीं आया, ऐसे में कप्तान ने उस खिलाड़ी को चुना जिसने निर्णायक मुकाबले में टीम को जीत दिलाने में सबसे अहम भूमिका निभाई।

    ईशान किशन का प्रदर्शन इस मैच में अविस्मरणीय रहा। उन्होंने पांचवें टी20 मुकाबले में 103 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 10 लंबे छक्के शामिल थे। उनकी इस तूफानी बल्लेबाजी के दम पर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 272 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की टीम 225 रन पर ही सिमट गई। ईशान किशन को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से भी नवाजा गया।

    लंबे समय बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले ईशान किशन ने यह साबित कर दिया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं। घरेलू क्रिकेट में शानदार फॉर्म दिखाने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी लय बरकरार रखी है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले उनकी यह फॉर्म भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

    इस जीत के साथ भारतीय टीम का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है। अब टीम इंडिया 7 फरवरी को यूएसए के खिलाफ अपने टी20 वर्ल्ड कप 2026 अभियान की शुरुआत करेगी। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज जीत, कप्तान सूर्यकुमार यादव की नेतृत्व क्षमता और ईशान किशन जैसी पारियों ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय टीम आने वाली चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है।

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर अपने दमदार प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि मौजूदा दौर में वह टी20 क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पांचवें और आखिरी टी20 मुकाबले में भारत ने 46 रन की शानदार जीत दर्ज करते हुए सीरीज को 4-1 से अपने नाम कर लिया। इस जीत के बाद टीम इंडिया का जश्न देखने लायक था, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां उस पल ने बटोरीं जब ट्रॉफी सौंपने की बारी आई।

    मैच खत्म होने के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान कप्तान सूर्यकुमार यादव जब ट्रॉफी लेकर टीम के खिलाड़ियों की ओर बढ़े, तो हर किसी की नजर इस बात पर थी कि आखिर यह ट्रॉफी किसे सौंपी जाएगी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए बीसीसीआई के वीडियो में देखा गया कि रिंकू सिंह ट्रॉफी लेने के लिए आगे बढ़ते हैं, लेकिन सूर्यकुमार यादव उन्हें मुस्कुराते हुए रोक देते हैं और पास खड़े दूसरे खिलाड़ी को बुलाते हैं। यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि तिरुवनंतपुरम टी20 के हीरो ईशान किशन थे।

    दरअसल, भारतीय टीम में एक पुरानी और खास परंपरा रही है, जिसकी शुरुआत पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने की थी। इस परंपरा के तहत सीरीज जीतने के बाद ट्रॉफी टीम के सबसे युवा खिलाड़ी या फिर सीरीज में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी को सौंपी जाती है। समय के साथ इस परंपरा को विराट कोहली, रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या और अब सूर्यकुमार यादव ने भी आगे बढ़ाया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ इस टी20 सीरीज में कोई भी खिलाड़ी डेब्यू करता नजर नहीं आया, ऐसे में कप्तान ने उस खिलाड़ी को चुना जिसने निर्णायक मुकाबले में टीम को जीत दिलाने में सबसे अहम भूमिका निभाई।

    ईशान किशन का प्रदर्शन इस मैच में अविस्मरणीय रहा। उन्होंने पांचवें टी20 मुकाबले में 103 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 10 लंबे छक्के शामिल थे। उनकी इस तूफानी बल्लेबाजी के दम पर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 272 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की टीम 225 रन पर ही सिमट गई। ईशान किशन को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से भी नवाजा गया।

    लंबे समय बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले ईशान किशन ने यह साबित कर दिया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं। घरेलू क्रिकेट में शानदार फॉर्म दिखाने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी लय बरकरार रखी है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले उनकी यह फॉर्म भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

    इस जीत के साथ भारतीय टीम का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है। अब टीम इंडिया 7 फरवरी को यूएसए के खिलाफ अपने टी20 वर्ल्ड कप 2026 अभियान की शुरुआत करेगी। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज जीत, कप्तान सूर्यकुमार यादव की नेतृत्व क्षमता और ईशान किशन जैसी पारियों ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय टीम आने वाली चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • Budget 2026: टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, कैंसर दवाइयों पर कस्टम ड्यूटी हटाई, 3 आयुर्वेदिक AIIMS का ऐलान

    Budget 2026: टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, कैंसर दवाइयों पर कस्टम ड्यूटी हटाई, 3 आयुर्वेदिक AIIMS का ऐलान


    नई दिल्ली। संसद के पटल पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना लगातार 9वां बजट पेश किया। 85 मिनट के अपने संबोधन में उन्होंने देश की आर्थिक नींव को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हालांकि, इस बार इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव न करके मध्यम वर्ग को थोड़ा निराश जरूर किया है, लेकिन टैक्स फाइलिंग की समय सीमा बढ़ाकर और ‘न्यू इनकम टैक्स एक्ट’ की घोषणा कर भविष्य में प्रक्रिया को सरल बनाने का वादा किया है।

    1. स्वास्थ्य क्षेत्र: कैंसर और दुर्लभ बीमारियों का इलाज होगा सस्ता
    बजट की सबसे मानवीय और बड़ी घोषणा स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी है। सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 महत्वपूर्ण दवाओं पर से 5% बेसिक कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह हटा दिया है। इसके अलावा, हीमोफिलिया और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाएं भी अब ड्यूटी फ्री होंगी। आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए देश में 3 नए आयुर्वेदिक एम्स (AIIMS) खोले जाएंगे, जो भारत को ‘बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

    2. रेलवे और कनेक्टिविटी: 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर का जाल
    बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सरकार ने रेलवे को नई गति दी है। देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ने के लिए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया गया है। इसमें दिल्ली-वाराणसी और मुंबई-पुणे जैसे रूट शामिल हैं, जो न केवल यात्रा का समय घटाएंगे बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी तेज करेंगे। साथ ही, अगले 5 वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों का विकास किया जाएगा, जिससे माल ढुलाई सस्ती और सुगम होगी।

    3. रक्षा बजट: आधुनिकीकरण पर ₹2.19 लाख करोड़ का दांव
    बदलते वैश्विक परिवेश और जियो-पॉलिटिकल चुनौतियों को देखते हुए रक्षा बजट में 15.2% की भारी बढ़ोतरी की गई है। कुल ₹7.85 लाख करोड़ के रक्षा बजट में से ₹2.19 लाख करोड़ सीधे तौर पर सैन्य बलों के आधुनिकीकरण (Modernization) पर खर्च होंगे। इसमें स्वदेशी विमानों के इंजन विकास के लिए ₹64 हजार करोड़ का विशेष प्रावधान किया गया है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ की संकल्पना को साकार करेगा।

    4. महिला सशक्तिकरण और शिक्षा: हॉस्टल और SHE-मार्ट
    महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए ‘लखपति दीदी’ मॉडल को विस्तार देते हुए SHE-मार्ट (शी-मार्ट) योजना शुरू की गई है। ये स्टोर महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित होंगे, जहाँ वे बिना बिचौलियों के अपने उत्पाद बेच सकेंगी। शिक्षा के क्षेत्र में, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने और कॉलेजों में ‘कंटेंट क्रिएटर लैब्स’ स्थापित करने का निर्णय युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का प्रयास है।

    5. कृषि और लघु उद्योग: चंदन से लेकर काजू-कोको तक
    खेती को केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि मुनाफे का जरिया बनाने के लिए सरकार ने नारियल, चंदन और काजू-कोको उद्योग को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया है। ‘मछली पालन’ के लिए 500 नए तालाबों का विकास किया जाएगा। टेक्सटाइल सेक्टर में कारीगरों की मदद के लिए ‘नेशनल हैंडलूम पॉलिसी’ और ‘मेगा टेक्सटाइल पार्क’ के जरिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे।
    बजट 2026 में इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन रिवाइज्ड रिटर्न की तारीख 31 मार्च तक बढ़ाई गई है। कैंसर की 17 दवाएं सस्ती होंगी, 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और 3 आयुर्वेदिक एम्स बनेंगे। रक्षा बजट को बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ किया गया है, जिसमें सैन्य आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया गया है।

  • 15 साल की सबसे गर्म शुरुआत: फरवरी की ‘सर्द-गर्म’ से सावधान! इन 7 आसान उपायों से बचें फ्लू और बुखार से

    15 साल की सबसे गर्म शुरुआत: फरवरी की ‘सर्द-गर्म’ से सावधान! इन 7 आसान उपायों से बचें फ्लू और बुखार से


    नई दिल्ली। फरवरी का मौसम इस बार बेहद असामान्य है। जनवरी के बाद फरवरी की शुरुआत भी पिछले 15 सालों में सबसे गर्म रिकॉर्ड तोड़ रही है। दिन में तेज धूप और शाम को ठंडी हवा—इस ‘सर्द-गर्म’ के कारण शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है और लोग जल्दी बीमार पड़ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि धूप से लौटते ही पंखा/एसी चलाना या तुरंत ठंडा पानी पीना सर्द-गर्म का मुख्य कारण बन सकता है।

    फ्लू और सर्दी-जुकाम से बचने के लिए साफ-सफाई सबसे बड़ा हथियार है। विशेषज्ञों के अनुसार, हाथों को साबुन से धोना, खांसते/छींकते समय रुमाल का उपयोग और बार-बार नाक-आंख छूने से बचना जरूरी है। साथ ही घर का बना ताजा भोजन, हल्दी वाला दूध, गुनगुना पानी, और सही पहनावा इस मौसम में सेहत बनाए रखने में मददगार है।

    बच्चे और बुजुर्ग इस मौसम में ज्यादा प्रभावित होते हैं। अगर दो दिन से अधिक बुखार, कफ या कमजोरी बनी रहे तो इसे हल्के में न लें और डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।

  • Vijaya Ekadashi 2026: इस व्रत से मिलती है शत्रुओं पर जीत और सफलता, फरवरी में जानें शुभ मुहूर्त व पारण का सही समय

    Vijaya Ekadashi 2026: इस व्रत से मिलती है शत्रुओं पर जीत और सफलता, फरवरी में जानें शुभ मुहूर्त व पारण का सही समय

    नई दिल्ली। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को ‘विजया एकादशी’ के नाम से जाना जाता है। जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है, यह एकादशी साधक को कठिन परिस्थितियों, शत्रुओं और मानसिक बाधाओं पर विजय दिलाने वाली मानी गई है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति इस दिन भगवान विष्णु की पूरी श्रद्धा के साथ उपासना करता है, उसे कार्यों में सिद्धि और अटके हुए कामों में सफलता प्राप्त होती है।

    विजया एकादशी का महत्व स्वयं भगवान श्रीराम से जुड़ा है। कहा जाता है कि जब प्रभु श्रीराम माता सीता की खोज में समुद्र तट पर पहुँचे और लंका पर चढ़ाई की चुनौती सामने थी, तब मुनि वकदालभ्य के निर्देश पर उन्होंने अपनी सेना सहित विजया एकादशी का व्रत किया था। इस व्रत के पुण्य प्रताप से ही उन्हें समुद्र पार करने और रावण पर विजय पाने में सफलता मिली। तभी से इसे ‘जीत’ का आशीर्वाद देने वाली एकादशी कहा जाता है।

    विजया एकादशी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
    पंचांग के अनुसार, इस वर्ष एकादशी तिथि दो दिनों तक व्याप्त रहेगी, लेकिन उदयातिथि की प्रधानता के कारण व्रत 13 फरवरी 2026 को रखा जाएगा।

    एकादशी तिथि प्रारंभ: 12 फरवरी 2026, दोपहर 12:22 बजे।

    एकादशी तिथि समाप्त: 13 फरवरी 2026, दोपहर 02:25 बजे।

    व्रत की तारीख: 13 फरवरी 2026 (शुक्रवार)।

    पूजा के विशेष मुहूर्त:

    ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:18 से 06:10 बजे तक।

    अमृत काल (सर्वोत्तम): सुबह 09:08 से 10:54 बजे तक।

    विजय मुहूर्त: दोपहर 02:27 से 03:11 बजे तक।

    पारण का समय और नियम
    एकादशी व्रत का पूर्ण फल तभी मिलता है जब इसका पारण (व्रत खोलना) शुभ समय और विधि के साथ किया जाए। विजया एकादशी का पारण 14 फरवरी 2026 को होगा।

    पारण समय: सुबह 07:00 बजे से 09:14 बजे तक।

    विशेष सावधानी: चूंकि हरि वासर सुबह 08:20 बजे समाप्त हो रहा है, इसलिए पारण के लिए सुबह 08:21 से 09:14 के बीच का समय सबसे उत्तम रहेगा।

    इस दिन साधक को पीले वस्त्र धारण कर भगवान विष्णु को पीले फूल, फल और तुलसी दल अर्पित करना चाहिए। व्रत के दौरान सात्विकता बनाए रखें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का निरंतर जाप करें।

    विजया एकादशी 2026 का व्रत 13 फरवरी को रखा जाएगा। यह व्रत शत्रुओं पर विजय और कार्यों में सफलता दिलाने वाला माना जाता है। भगवान राम ने भी लंका विजय के लिए यह व्रत किया था। 14 फरवरी की सुबह 07:00 से 09:14 के बीच व्रत का पारण करना शुभ रहेगा।

  • फरवरी की 'सर्द-गर्म' से रहें सावधान: 15 सालों में सबसे गर्म शुरुआत, बीमारियों से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स

    फरवरी की 'सर्द-गर्म' से रहें सावधान: 15 सालों में सबसे गर्म शुरुआत, बीमारियों से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स


    नई दिल्ली। फरवरी का महीना आते ही प्रकृति करवट बदलने लगती है। इस साल मौसम का मिजाज कुछ ज्यादा ही हैरान करने वाला है; जहाँ जनवरी पिछले छह सालों में सबसे गर्म रहा, वहीं फरवरी की शुरुआत ने भी पिछले 15 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दिन में चुभती धूप और शाम होते ही सर्द हवाओं का यह ‘डबल अटैक’ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) पर सीधा हमला करता है। ऐसे में थोड़ी सी भी लापरवाही आपको अस्पताल पहुँचा सकती है।

    धूप से आकर तुरंत न चलाएं पंखा दोपहर के वक्त बाहर से आने पर अक्सर शरीर का तापमान बढ़ जाता है और हम तुरंत पंखा चला लेते हैं या एसी की तलाश करते हैं। डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि ऐसा करना ‘सर्द-गर्म’ का मुख्य कारण बनता है। जब आप बाहर से आएं, तो कम से कम 10-15 मिनट शांति से बैठें ताकि शरीर का तापमान प्राकृतिक रूप से सामान्य हो जाए। इसी तरह, तेज धूप से लौटकर तुरंत ठंडा पानी पीना गले के संक्रमण और तेज बुखार को न्योता देना है।

    साफ-सफाई: फ्लू से बचने का सबसे बड़ा हथियार बदलते मौसम में वायरस और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, संक्रमण से बचने के लिए हाथों की स्वच्छता (Hand Hygiene) सबसे महत्वपूर्ण है। अपनी हथेलियों, उंगलियों और नाखूनों को नियमित रूप से साबुन से धोएं। खांसते या छींकते समय रुमाल का प्रयोग करें और हाथों से बार-बार नाक या आंखों को छूने से बचें।

    सेहत बनाए रखने के अचूक उपाय: इस संक्रमण काल में खुद को सुरक्षित रखने के लिए अपनी दिनचर्या में ये छोटे बदलाव जरूर करें:
    बाहर के खुले या जंक फूड से परहेज करें और घर का बना ताजा भोजन ही लें।
    रात को सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध पिएं, यह प्राकृतिक एंटीबायोटिक का काम करता है।कफ या गले में खराश महसूस होने पर केवल गुनगुना पानी ही पिएं।

     सुबह और शाम की ठंड को हल्के में न लें; पूरी बाजू के कपड़े पहनें। पैरों में संक्रमण से बचने के लिए अब बंद जूतों की जगह खुली चप्पलों का चुनाव किया जा सकता है।

    डॉक्टर की सलाह कब लें? बदलते मौसम में बच्चे और बुजुर्ग सबसे जल्दी संक्रमण की चपेट में आते हैं। यदि आपको या परिवार में किसी को भी दो दिन से अधिक समय तक बुखार, लगातार कफ या शरीर में अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो इसे ‘मौसमी असर’ मानकर नजरअंदाज न करें। तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से परामर्श लें ताकि समय रहते सही उपचार शुरू हो सके।

    फरवरी में दिन की गर्मी और रात की ठंड के कारण ‘सर्द-गर्म’ की समस्या बढ़ रही है। 15 साल की सबसे गर्म शुरुआत के बीच सर्दी-जुकाम और फ्लू का खतरा है। बचाव के लिए धूप से आकर तुरंत ठंडा पानी न पिएं, स्वच्छता का ध्यान रखें और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए हल्दी वाले दूध का सेवन करें।

  • रिक्शा चालक पिता की बेटी से अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टार तक, अनुराधा देवी थोकचोम की संघर्ष और स्वर्णिम सफलता की कहानी

    रिक्शा चालक पिता की बेटी से अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टार तक, अनुराधा देवी थोकचोम की संघर्ष और स्वर्णिम सफलता की कहानी

    नई दिल्ली। मणिपुर बीते कुछ वर्षों में भारतीय खेल जगत का मजबूत केंद्र बनकर उभरा है। इस छोटे से राज्य ने देश को कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने अपने जज्बे और मेहनत से भारत का नाम रोशन किया। इन्हीं नामों में एक है अनुराधा देवी थोकचोम, जिन्होंने सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारतीय महिला हॉकी में अपनी अलग पहचान बनाई। अनुराधा न सिर्फ एक बेहतरीन खिलाड़ी रहीं, बल्कि उनकी जिंदगी की कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है।

    गरीबी से निकला हौसले का सफर
    अनुराधा देवी थोकचोम का जन्म 2 फरवरी 1989 को मणिपुर के तौबुल गांव में हुआ। उनके पिता थोकचोम चुरामणि पेशे से रिक्शा चालक थे और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद साधारण थी। खेती और मछली पालन से जुड़े इस परिवार में तीन बच्चे थे। बड़े भाई फुटबॉल खेलते थे और खेल का माहौल घर में पहले से मौजूद था। हालांकि मणिपुर में फुटबॉल ज्यादा लोकप्रिय रहा है, लेकिन अनुराधा ने बहुत कम उम्र में हॉकी को अपना सपना बना लिया।

    हॉकी स्टिक से बदली किस्मत
    भाई-बहनों के मार्गदर्शन और अपने जिद्दी इरादों के चलते अनुराधा ने हॉकी स्टिक थामी। उन्होंने तोबुल यूथ क्लब से अपने करियर की शुरुआत की और बाद में इम्फाल स्थित पोस्टीरियर हॉकी अकादमी में प्रशिक्षण लिया। संसाधनों की कमी के बावजूद उनका अनुशासन और मेहनत जल्द ही रंग लाने लगी और वे राज्य स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गईं।

    अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकी अनुराधा
    2006 में महिला हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के जरिए अनुराधा ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी में पदार्पण किया। फॉरवर्ड के रूप में खेलते हुए उन्होंने भारतीय टीम के लिए 80 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। 2014-15 महिला हॉकी वर्ल्ड लीग में उनके शानदार प्रदर्शन की खूब सराहना हुई, जहां भारत ने पांचवां स्थान हासिल कर रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। 2016 के रियो ओलंपिक में भारतीय महिला टीम की 36 साल बाद वापसी में भी अनुराधा टीम का अहम हिस्सा रहीं।

    एशिया में पदक, करियर का स्वर्णिम अध्याय
    अनुराधा 2013 क्वालालंपुर एशिया कप में कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रहीं। इसके बाद 2016 में सिंगापुर में आयोजित एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाली टीम में शामिल होकर उन्होंने अपने करियर को यादगार बना दिया। इसी ऐतिहासिक जीत के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास ले लिया।

    खेल के बाद नई जिम्मेदारी
    हॉकी को अलविदा कहने के बाद अनुराधा देवी थोकचोम वर्तमान में भारतीय रेलवे के लिपिक विभाग में कार्यरत हैं। उनका सफर यह साबित करता है कि हालात चाहे जैसे भी हों, अगर इरादे मजबूत हों तो गरीबी भी प्रतिभा की राह नहीं रोक सकती। अनुराधा आज भी मणिपुर और देश की युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं।

  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बूस्ट, वित्त मंत्री ने 40,000 करोड़ की स्कीम और ISM 2.0 का किया ऐलान

    मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बूस्ट, वित्त मंत्री ने 40,000 करोड़ की स्कीम और ISM 2.0 का किया ऐलान

    नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का ऐलान किया है। इसके जरिए सरकार की कोशिश सेमीकंडक्टर क्षेत्र में उभरते अवसरों का फायदा उठाना है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का परिव्यय बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपए कर दिया है।

    वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार ने इसके लिए 40,000 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। इसके जरिए कोशिश इंडस्ट्री के नेतृत्व में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में रिसर्च और ट्रेनिंग सेक्टर को आने बढ़ाना है।

    बजट भाषण में वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, “भारत के सेमीकंडक्टर मिशन 1.0 ने देश की सेमीकंडक्टर क्षमताओं का विस्तार किया है। इसी आधार पर सरकार उपकरण और सामग्री उत्पादन, पूर्ण-स्टैक भारतीय बौद्धिक संपदा (आईपी) विकास और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने के लिए आईएसएम 2.0 की शुरुआत करेगी। भारत के सेमीकंडक्टर विकास की गति का लाभ उठाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम काे परिव्यय को बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपए किया है।”

    वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, “हम प्रौद्योगिकी और कुशल कार्यबल के विकास के लिए उद्योग-नेतृत्व वाले अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्रों पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे। अप्रैल 2025 में 22,999 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ शुरू की गई इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (आईएसएम) को पहले ही लक्ष्य से दोगुने निवेश की प्रतिबद्धताएं मिल चुकी हैं।”

    इसके अलावा, केंद्रीय बजट 2026-27 में लघु एवं मध्यम उद्यम (एसएमई) विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपए के एक समर्पित कोष की शुरुआत का भी प्रस्ताव रखा गया है, जिसका उद्देश्य भविष्य में रोजगार सृजित करना और चुनिंदा मानदंडों के आधार पर उद्यमों को प्रोत्साहन देना है।

    श्रम प्रधान वस्त्र क्षेत्र के लिए वित्त मंत्री ने पांच प्रमुख घटकों वाले एक एकीकृत कार्यक्रम का प्रस्तावित किया गया है। पहला घटक – नेशनल फाइबर स्कीम है, जिसका लक्ष्य रेशम, ऊन और जूट जैसे प्राकृतिक फाइबर्स के साथ-साथ मानव निर्मित और नए औद्योगिक युग के फाइबर्स में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है।

    दूसरा घटक- वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना, जिसका उद्देश्य मशीनरी, प्रौद्योगिकी उन्नयन और साझा परीक्षण एवं प्रमाणन केंद्रों के लिए पूंजीगत सहायता प्रदान करके पारंपरिक क्लस्टरों का आधुनिकीकरण करना है।

    तीसरा घटक राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम (एनएचएचपी) है, जिसे बुनकरों और कारीगरों के लिए लक्षित समर्थन सुनिश्चित करते हुए मौजूदा योजनाओं को एकीकृत और मजबूत करने के लिए डिजाइन किया गया है।