Author: bharati

  • MP: भोपाल में नाबालिगों के यौन शोषण मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला…78 वर्षीय प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद

    MP: भोपाल में नाबालिगों के यौन शोषण मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला…78 वर्षीय प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद


    भोपाल।
    भोपाल (Bhopal) में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत (Special POCSO Court) ने पहले एक अखबार चलाने वाले मालिक प्यारे मियां (Pyare Miyan) को 10 बार उम्रकैद (Life imprisonment) की सजा सुनाई है. एजेंसी के मुताबिक अदालत ने उस पर 77.64 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. इस मामले में उसकी सहयोगी राबिया बी को भी 20 साल जेल की सजा सुनाई गई है. अभियोजन पक्ष के मुताबिक, प्यारे मियां पांच नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार और यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी ठहराया गया है।


    नौकरी का लालच देकर बुलाने का आरोप

    अभियोजन पक्ष के अनुसार 78 वर्षीय प्यारे मियां साल 2014 से नाबालिग लड़कियों को निशाना बना रहा था. आरोप था कि वह लड़कियों को हर महीने 10 हजार रुपये की नौकरी देने का लालच देकर अपने पास बुलाता था. इसके बाद उनका यौन शोषण और बलात्कार करता था. मामले में राबिया बी पर भी उसके अपराधों में मदद करने का आरोप साबित हुआ।


    काउंसलिंग के दौरान सामने आया था मामला

    यह मामला 11 जुलाई 2020 को सामने आया था. अभियोजन पक्ष के मुताबिक काउंसलिंग के दौरान एक पीड़िता ने अपने साथ हुए यौन शोषण की जानकारी दी थी. उसने बताया कि उसे भोपाल के शाहपुरा इलाके में स्थित एक फ्लैट पर जन्मदिन मनाने के बहाने बुलाया गया था।

    पीड़िता के आरोप के अनुसार, वहां उसे जबरन शराब पिलाई गई और प्यारे मियां ने उसका यौन उत्पीड़न किया. इसके बाद अन्य नाबालिग लड़कियों ने भी इसी तरह के शोषण की घटनाओं के बारे में खुलासा किया।


    आठ मामलों में मृत्यु तक उम्रकैद

    अभियोजन पक्ष के अधिकारी के मुताबिक, विशेष पॉक्सो अदालत ने प्यारे मियां को पॉक्सो एक्ट और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई. उसे आठ मामलों में मृत्यु तक उम्रकैद और दो मामलों में उम्रकैद की सजा दी गई है. ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

    सरकारी वकील पीएन सिंह राजपूत के अनुसार, पुलिस ने मामले की जांच के बाद प्यारे मियां को गिरफ्तार किया था. इसके बाद राबिया बी और अन्य सहयोगियों के खिलाफ भी मुकदमा चलाया गया. अदालत ने आरोप साबित होने के बाद प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद की सजा सुनाईष

  • MP: ग्वालियर में बाइक पार्क करने गया पति…. चिडियाघर के बाहर से गायब हो गई नवविवाहिता

    MP: ग्वालियर में बाइक पार्क करने गया पति…. चिडियाघर के बाहर से गायब हो गई नवविवाहिता


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां चिड़ियाघर (Zoo) के बाहर से लापता हुई 18 साल की नवविवाहिता (Newlywed Woman) को पुलिस ने करीब 20 दिन बाद दस्तयाब किया. महिला अपने 21 वर्षीय पति के साथ शिवपुरी जिले (Shivpuri district) के नरवर से ग्वालियर घूमने आई थी. पति का कहना था कि वह बाइक पार्क करने गया था और पत्नी को चिड़ियाघर के गेट के पास छोड़ गया था. जब वह वापस लौटा तो पत्नी वहां नहीं मिली. इसके बाद उसकी तलाश शुरू हुई. पुलिस ने आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली तो महिला एक दूसरे युवक की बाइक पर बैठकर जाती दिखाई दी. अब महिला मिल गई है और उसने पुलिस को बताया है कि वह रास्ता भटक गई थी और उसने एक शख्स से लिफ्ट ली थी. पुलिस अब उसके बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया अपना रही है।

    यह मामला ग्वालियर के पड़ाव थाना क्षेत्र का है. शिवपुरी जिले के नरवर क्षेत्र का रहने वाला 21 वर्षीय युवक अपनी 18 वर्षीय पत्नी को बाइक से ग्वालियर घुमाने और रिश्तेदारों से मिलवाने आया था. पत्नी की इच्छा पर दोनों चिड़ियाघर पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि चिड़ियाघर पहुंचने के बाद पति बाइक पार्क करने चला गया. इस दौरान उसने पत्नी को गेट के पास ही छोड़ दिया था. कुछ देर बाद जब वह वापस आया तो पत्नी वहां मौजूद नहीं थी. उसने आसपास तलाश की, लेकिन पत्नी का कोई पता नहीं चला।


    CCTV फुटेज में दूसरे युवक की बाइक पर जाती दिखी महिला

    तलाश के दौरान उसे जानकारी मिली कि उसकी पत्नी किसी दूसरे युवक की बाइक पर बैठकर वहां से चली गई है. इसके बाद पति अपने चाचा के साथ थाने पहुंचा और पुलिस को घटना की जानकारी दी. अचानक पत्नी के गायब होने से वह परेशान था और उसने पुलिस से उसे तलाशने की मांग की. महिला के लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. चिड़ियाघर और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई।

    पति ने फुटेज देखकर पत्नी को पहचाना. उसने बाइक सवार युवक की पहचान अरमान खान के रूप में बताते हुए उसके साथ प्रेम संबंध होने का दावा भी किया. पति की तरफ से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है. पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर महिला की तलाश शुरू की थी. मामले में CCTV फुटेज अहम कड़ी बनी, क्योंकि इसमें महिला को एक अन्य युवक के साथ जाते हुए देखा गया था. हालांकि, फुटेज में दिखाई देने वाली घटना के पीछे की पूरी वजह उस समय स्पष्ट नहीं थी।

    करीब 20 दिन तक तलाश किए जाने के बाद पुलिस ने महिला को दस्तयाब कर लिया. महिला के मिलने के बाद मामले में नया मोड़ आया है. पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को बताया कि वह रास्ता भटक गई थी. इसके बाद उसने एक व्यक्ति से लिफ्ट मांगी थी और उसके साथ चली गई थी. महिला के इस बयान के बाद पुलिस अब पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है. महिला ने जिस तरह रास्ता भटकने और लिफ्ट लेने की बात कही है, उसकी परिस्थितियों की विस्तृत पूछताछ की जाएगी. पुलिस यह भी स्पष्ट करेगी कि महिला अपनी मर्जी से गई थी या उसके साथ किसी तरह की जबरदस्ती हुई थी।


    CSP बोले, न्यायालय में बयान दर्ज होने के बाद होगी कार्रवाई

    सीएसपी रॉबिन जैन ने बताया कि कुछ दिन पहले पड़ाव थाना क्षेत्र से एक महिला के लापता होने की सूचना मिली थी. उसके पति ने इस संबंध में मामला दर्ज कराया था. बाद में CCTV फुटेज में महिला एक युवक के साथ मोटरसाइकिल पर जाती दिखाई दी थी. सीएसपी के मुताबिक, महिला को दस्तयाब कर लिया गया है. उसने बताया है कि वह रास्ता भटक गई थी और किसी से लिफ्ट मांगकर चली गई थी. पुलिस उससे और विस्तृत पूछताछ करेगी. उन्होंने बताया कि महिला बालिग है. यदि उसे जबरदस्ती नहीं ले जाया गया है, तो वह अपनी मर्जी से जा सकती है. अब न्यायालय में महिला के बयान दर्ज कराए जाएंगे. इसके बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    महिला के मिलने के बाद पुलिस की जांच अब अगले चरण में पहुंच गई है. पुलिस महिला के बयान, उसके लापता रहने के दौरान की परिस्थितियों और CCTV फुटेज में दिखाई देने वाले युवक की भूमिका की जांच करेगी. फिलहाल महिला ने रास्ता भटकने और लिफ्ट लेने की बात कही है. वहीं, पति ने पहले युवक पर संदेह जताते हुए उसके साथ प्रेम संबंध होने का दावा किया था. इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. न्यायालय में महिला के बयान दर्ज होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

  • ग्रेटर नोएडा के PNB में करोड़ों की FD गायब होने का आरोप, मैनेजर समेत 5 कर्मचारी सस्पेंड

    ग्रेटर नोएडा के PNB में करोड़ों की FD गायब होने का आरोप, मैनेजर समेत 5 कर्मचारी सस्पेंड


    ग्रेटर नोएडा। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की सेक्टर पाई-1 शाखा में कई खाताधारकों की करोड़ों रुपये की जमा रकम कथित तौर पर गायब होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि खाताधारकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) समय से पहले तोड़कर रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गई। मामले में अब तक 16 लोग पुलिस से शिकायत कर चुके हैं। बैंक प्रबंधन ने शाखा प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है, जबकि पुलिस और बैंक की एंटी करप्शन टीम मामले की जांच कर रही हैं।

    खाते में 94 लाख रुपये थे, बचे सिर्फ 16 हजार

    मामले का खुलासा ग्रेटर नोएडा के बिरोंडी गांव के रहने वाले गौतम की शिकायत के बाद हुआ। गौतम के मुताबिक, उनके पिता का खाता सेक्टर पाई-1 स्थित PNB शाखा में है। परिवार को 50 हजार रुपये की जरूरत थी। चेकबुक नहीं होने के कारण वह पैसे निकालने के लिए बैंक पहुंचे और निर्धारित प्रक्रिया के तहत निकासी फॉर्म भरकर कर्मचारियों को दिया।

    गौतम का आरोप है कि बैंक कर्मचारियों ने खाते में पर्याप्त रकम नहीं होने की बात कही। इसके बाद जब उन्होंने खाते की जानकारी ली तो पता चला कि उसमें करीब 94 लाख रुपये होने के बावजूद सिर्फ 16 हजार रुपये बचे हैं। इस जानकारी के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की। गौतम के अनुसार, बैंक अधिकारियों ने उन्हें रकम वापस दिलाने का आश्वासन दिया है।

    जमीन अधिग्रहण के मुआवजे के 1.29 करोड़ रुपये भी गायब होने का आरोप

    एक अन्य खाताधारक ने बताया कि उनकी मां के खाते में जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण के मुआवजे के रूप में करीब 1 करोड़ 29 लाख रुपये आए थे। परिवार ने जरूरत के अनुसार इसमें से लगभग 10 से 12 लाख रुपये निकाले थे। इसके बाद खाते में करीब 1 करोड़ 18 लाख रुपये शेष रहने चाहिए थे।

    खाताधारक के मुताबिक, जब परिवार को रकम की जरूरत पड़ी तो खाते में एक रुपया भी नहीं मिला। इसी दौरान परिचितों के जरिए उन्हें बैंक में कथित गड़बड़ी की जानकारी हुई। उनका कहना है कि बैंक की ओर से 10 से 15 दिन के भीतर रकम लौटाने का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, परिवार पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है।

    पांच कर्मचारी निलंबित, शाखा में नया स्टाफ तैनात

    मामला सामने आने के बाद PNB के वरिष्ठ अधिकारी शाखा पहुंचे और खाताधारकों से बातचीत कर उन्हें आश्वासन दिया। बैंक प्रबंधन ने शाखा प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही शाखा में नए कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

    बैंक स्तर पर यह जांच की जा रही है कि कथित गड़बड़ी कैसे हुई और इसमें किन कर्मचारियों की भूमिका रही। हालांकि, बैंक की ओर से अब तक मामले में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि कुल कितने खाताधारक प्रभावित हुए हैं, कितनी रकम का लेनदेन संदिग्ध है और पैसा किन खातों में ट्रांसफर किया गया।

    पुलिस ने ACP ग्रेटर नोएडा को सौंपी जांच

    नोएडा पुलिस कमिश्नरेट के प्रवक्ता के अनुसार, थाना बीटा-2 क्षेत्र में स्थित बैंक से जुड़ी शिकायतों के मामले में बैंक प्रबंधन ने खाताधारकों को समाधान का आश्वासन दिया है। प्रकरण में शाखा प्रबंधक सहित कई कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए एसीपी ग्रेटर नोएडा को निर्देश दिए हैं।

    पुलिस के मुताबिक, अब तक 16 लोग शिकायत दे चुके हैं। फिलहाल शिकायतों के आधार पर जांच की जा रही है। जांच में सामने आएगा कि खाताधारकों की रकम किस तरह निकाली गई या दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई और कथित गड़बड़ी में किन लोगों की भूमिका थी।

  • इजरायल चुनाव के रुझानों में फंसा बहुमत का पेंच, नेतन्याहू गठबंधन को सरकार के लिए 2 सीटों की जरूरत

    इजरायल चुनाव के रुझानों में फंसा बहुमत का पेंच, नेतन्याहू गठबंधन को सरकार के लिए 2 सीटों की जरूरत


    नई दिल्ली। इजरायल के राष्ट्रीय चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता पर पकड़ को चुनौती मिलती दिख रही है। मंगलवार को मतदान खत्म होने के बाद आए एग्जिट पोल में पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को मामूली बढ़त दिखाई गई है। हालांकि, दोनों खेमे बहुमत के जरूरी आंकड़े से दूर हैं। इजरायल की 120 सदस्यीय संसद में सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की जरूरत है। ऐसे में छोटे दलों का समर्थन और गठबंधन की बातचीत अगली सरकार का फैसला कर सकती है।

    एग्जिट पोल में दोनों गठबंधन बहुमत से दूर
    इजरायल के चुनाव में नेतन्याहू के लिकुड गठबंधन और विपक्षी खेमे के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। विभिन्न टीवी चैनलों के एग्जिट पोल में नेतन्याहू के समर्थक गठबंधन को करीब 50 सीटें, जबकि आइजनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को 52 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया। अरब दलों को मिलाकर करीब 18 सीटें मिलने का अनुमान है।

    ये आंकड़े एग्जिट पोल के अनुमान हैं, आधिकारिक अंतिम नतीजे नहीं। मतगणना और विशेष श्रेणी के मतों की गिनती के बाद सीटों का वितरण बदल सकता है। फिलहाल किसी भी मुख्य गठबंधन के पास सरकार बनाने के लिए जरूरी 61 सीटें नहीं हैं।

    लिकुड सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन सरकार बनाना आसान नहीं
    प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरती दिखाई दे रही है। दूसरी ओर, गादी आइजनकोट की याशर पार्टी विपक्ष के प्रमुख दलों में शामिल है। पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट भी नेतन्याहू के सामने विपक्षी खेमे के प्रमुख चेहरों में हैं।

    हालांकि, इजरायल की संसदीय व्यवस्था में सबसे बड़ी पार्टी बनना अपने आप सरकार बनाने की गारंटी नहीं है। किसी भी नेता को संसद में बहुमत का समर्थन जुटाना होगा। यदि छोटे दलों के साथ समझौता नहीं हो पाया, तो सरकार गठन की प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है।

    77.7 प्रतिशत मतदान, 25 साल में सबसे ज्यादा
    इजरायल के केंद्रीय चुनाव आयोग के अनुसार, इस बार मतदान 77.7 प्रतिशत रहा। यह 1999 के बाद मतदान समाप्त होने के समय दर्ज सबसे ऊंचे आंकड़ों में से एक है और 2022 के चुनाव की तुलना में करीब सात प्रतिशत अंक अधिक है।

    7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले और उसके बाद गाजा, लेबनान तथा ईरान से जुड़े संघर्षों के बाद यह पहला राष्ट्रीय चुनाव था। इस वजह से देश की सुरक्षा, सैन्य रणनीति और नेतन्याहू के नेतृत्व को लेकर मतदाताओं की राय चुनाव के केंद्र में रही।

    अरब दलों के समर्थन पर नेतन्याहू का विरोध
    नेतन्याहू ने अरब दलों के समर्थन से सरकार बनाने की संभावना का विरोध किया है। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने विपक्ष पर अरब पार्टियों के सहारे सरकार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया और इजरायल में एकजुट जायोनी बहुमत की वकालत की।

    दूसरी ओर, अरब दलों को मिलने वाली संभावित सीटें सरकार गठन में अहम भूमिका निभा सकती हैं। हालांकि, विपक्षी खेमे के लिए भी इन दलों का समर्थन हासिल करना आसान नहीं है। इस मुद्दे पर अलग-अलग दलों के रुख से गठबंधन बनाने की प्रक्रिया और जटिल हो सकती है।

    अंतिम नतीजों के बाद शुरू होगी सरकार बनाने की कवायद
    मतदान के बाद सामने आए एग्जिट पोल किसी स्पष्ट विजेता की तस्वीर पेश नहीं करते। अंतिम मतगणना के बाद भी यदि कोई गठबंधन 61 सीटों तक नहीं पहुंचता है, तो राजनीतिक दलों को समर्थन जुटाने और साझा सरकार बनाने के लिए बातचीत करनी होगी।

    इस चुनाव का नतीजा केवल सबसे बड़ी पार्टी तय करने तक सीमित नहीं है। असली चुनौती संसद में बहुमत का समर्थन हासिल करना है। इसलिए नेतन्याहू और आइजनकोट, दोनों के लिए आने वाले दिन निर्णायक होंगे।

  • MP में चक्रवाती सिस्टम से बदलेगा मौसम, आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट, 31 जिले होंगे प्रभावित

    MP में चक्रवाती सिस्टम से बदलेगा मौसम, आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट, 31 जिले होंगे प्रभावित


    भोपाल। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम का असर मध्य प्रदेश में भी दिखाई देने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया है। बुधवार को 31 जिलों में मौसम प्रभावित रह सकता है, जबकि सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश होने की आशंका है। मौसम का सबसे ज्यादा असर 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में देखने को मिल सकता है।

    29 अक्टूबर को बढ़ेगा बारिश का असर

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बुधवार को भोपाल, नर्मदापुरम, भिंड, दतिया, रायसेन, सीहोर, विदिशा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।

    वहीं, अगले 24 घंटे के दौरान सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। प्रदेश के पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में फिलहाल मौसम साफ रहने और धूप निकलने का अनुमान है।

    मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को चक्रवाती सिस्टम का असर ज्यादा रहने की संभावना जताई है। इस दिन प्रदेश में बादल छाने, तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बारिश का दौर रह सकता है। करवा चौथ भी इसी दिन है, ऐसे में बादलों के कारण कई इलाकों में चांद दिखाई देने में परेशानी हो सकती है। 30 और 31 अक्टूबर को भी मौसम में बदलाव जारी रहने का अनुमान है।

    पूर्वी MP में ज्यादा असर, पश्चिमी जिलों में धूप

    चक्रवाती सिस्टम का सबसे ज्यादा असर जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में देखने को मिल सकता है। दूसरी ओर, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर और राजगढ़ में बारिश या गरज-चमक की चेतावनी नहीं है। इन क्षेत्रों में धूप निकलने की संभावना है।

    धार में सुबह के तापमान में 4.2 डिग्री की गिरावट

    चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव के बीच प्रदेश के कुछ इलाकों में रात और सुबह के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। धार जिले में तेज हवाओं के बीच न्यूनतम तापमान मंगलवार के 15.4 डिग्री सेल्सियस से गिरकर बुधवार सुबह 11.2 डिग्री पर पहुंच गया। यानी एक दिन में 4.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।

    मंगलवार को धार में अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। मौसम में बदलाव के चलते दिन के तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है।

    बारिश से धान की फसल को नुकसान, गेहूं की बुआई पर भी असर संभव

    चक्रवाती सिस्टम से पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश होने पर किसानों की चिंता बढ़ सकती है। खेतों में खड़ी धान की फसल प्रभावित होने की आशंका है। जबलपुर संभाग के बालाघाट और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में धान की खेती होती है। ऐसे में लगातार या तेज बारिश से कटाई और फसल को सुरक्षित रखने के काम में परेशानी आ सकती है।

    रीवा संभाग में किसान गेहूं की बुआई में जुटे हैं। बारिश के कारण खेतों में नमी बढ़ने या कृषि कार्यों में बाधा आने से बुआई प्रभावित हो सकती है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में धान, सोयाबीन, मक्का, उड़द, अरहर, तिल और कुछ क्षेत्रों में मोटे अनाज प्रमुख खरीफ फसलें हैं। हालांकि, बारिश का वास्तविक असर उसकी मात्रा, अवधि और फसल की मौजूदा स्थिति पर निर्भर करेगा।

    पूर्वी हिस्से में मानसून के दौरान हुई थी ज्यादा बारिश

    दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अच्छी बारिश दर्ज की गई थी। अब चक्रवाती सिस्टम का असर भी इसी क्षेत्र में ज्यादा रहने का अनुमान है। बारिश से भूमिगत जलस्तर को फायदा मिल सकता है, हालांकि इसका लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि पानी का कितना हिस्सा जमीन में समाता है।

    शाजापुर में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री

    भारी बारिश की चेतावनी के बीच प्रदेश के कई इलाकों में रात की ठंडक बढ़ने लगी है। बीती रात शाजापुर जिले के गिरवर में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर और पचमढ़ी में 13.8 डिग्री, रायसेन में 14.5 डिग्री, कटनी के करौंदी में 14.7 डिग्री और दमोह में 15 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा।

    दूसरी ओर, दिन में कई शहरों का तापमान अब भी 34 से 35 डिग्री के आसपास बना हुआ है। उज्जैन, भोपाल के बैरसिया, धार, खंडवा, खजुराहो, सागर, मंदसौर और नीमच के मरुखेड़ा में अधिकतम तापमान 34.3 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

  • शुक्र-मंगल का पंचांक योग 28 अक्टूबर से इन पांच राशियों के लिए धन, करियर और रिश्तों में नए अवसरों के संकेत

    शुक्र-मंगल का पंचांक योग 28 अक्टूबर से इन पांच राशियों के लिए धन, करियर और रिश्तों में नए अवसरों के संकेत

    नई दिल्ली । ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 28 अक्टूबर 2026 की सुबह 2 बजकर 7 मिनट पर शुक्र और मंगल एक-दूसरे से 72 डिग्री के कोण पर होंगे। इन दोनों ग्रहों के बीच बनने वाले इस संबंध को पंचांक योग या क्विंटाइल आस्पेक्ट कहा जाता है। ज्योतिष में शुक्र को धन, सुख-सुविधाओं, कला और रिश्तों का कारक माना जाता है, जबकि मंगल साहस, ऊर्जा और प्रयासों से जुड़ा ग्रह है। मान्यता है कि इन ग्रहों का यह संयोग कुछ राशियों के लिए आर्थिक मामलों, करियर और व्यक्तिगत संबंधों में नए अवसरों के संकेत दे सकता है।

    इस दौरान शुक्र तुला राशि में और मंगल कर्क राशि में रहेंगे। शुक्र तुला में अपनी राशि में हैं, लेकिन वक्री और अस्त अवस्था में बताए गए हैं। वहीं, मंगल कर्क राशि में नीच के हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, इस स्थिति में रचनात्मक कामों, आर्थिक फैसलों और पुराने मामलों की समीक्षा करने के अवसर बन सकते हैं। हालांकि, मंगल की स्थिति भावनाओं में बहकर फैसले लेने और जल्दबाजी करने से बचने की सलाह भी देती है। चंद्र राशि के आधार पर वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला और कुंभ राशि वालों के लिए इस योग को विशेष रूप से अनुकूल बताया गया है।

    वृषभ राशि के लिए यह योग नौकरी, प्रतिस्पर्धा और व्यक्तिगत प्रयासों से जुड़े मामलों में उपयोगी रह सकता है। शुक्र छठे भाव और मंगल तीसरे भाव में रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, नौकरीपेशा लोगों को पुरानी समस्याओं को सुलझाने और लंबित जिम्मेदारियां पूरी करने का मौका मिल सकता है। कारोबारियों के लिए पुराने ग्राहकों से संपर्क करना और रुकी हुई बातचीत आगे बढ़ाना उपयोगी हो सकता है। अपनी कार्यशैली और कौशल में सुधार करने पर ध्यान देना बेहतर रहेगा। बातचीत में संयम रखने और पुराने समझौतों की शर्तें दोबारा जांचने की सलाह दी जाती है।

    मिथुन राशि वालों के लिए शुक्र पांचवें और मंगल दूसरे भाव में रहेंगे। यह स्थिति रचनात्मकता, शिक्षा, प्रेम संबंधों और आर्थिक मामलों से जोड़ी जाती है। लेखन, डिजाइन, मीडिया, मार्केटिंग और डिजिटल कंटेंट से जुड़े लोगों को पुराने विचारों में सुधार करने का अवसर मिल सकता है। विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई की रणनीति पर दोबारा विचार करना उपयोगी रह सकता है। आय बढ़ाने के विकल्प तलाशते समय खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। परिवार और रिश्तों में बातचीत के दौरान गुस्से या कड़वे शब्दों से बचना बेहतर रहेगा।

    कन्या राशि के लिए शुक्र दूसरे और मंगल ग्यारहवें भाव में रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, धन, बचत और आय से जुड़े मामलों पर ध्यान देने का समय हो सकता है। नौकरीपेशा लोग लंबित भुगतान या इंसेंटिव से संबंधित बातचीत आगे बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं। कारोबारियों को पुराने ग्राहकों से संपर्क करने और अधूरे सौदों की स्थिति समझने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, किसी भी आर्थिक प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले उसकी शर्तें और भुगतान की समयसीमा स्पष्ट कर लेना उचित रहेगा।

    तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं और इस दौरान शुक्र इसी राशि में रहेंगे। शुक्र पहले तथा मंगल दसवें भाव में होंगे। इसे व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और करियर से जुड़े मामलों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। नौकरीपेशा लोग अपने काम की गुणवत्ता और पेशेवर छवि सुधारने पर ध्यान दे सकते हैं। कारोबारियों के लिए ब्रांडिंग, सेवाओं और मार्केटिंग की समीक्षा उपयोगी हो सकती है। कला, फैशन, डिजाइन और मीडिया से जुड़े लोगों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, कार्यस्थल पर मतभेद होने पर जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए।

    कुंभ राशि के लिए शुक्र नौवें और मंगल छठे भाव में रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, शिक्षा, कौशल विकास, नौकरी और प्रतिस्पर्धा से जुड़े मामलों में योजनाओं को बेहतर बनाने का अवसर मिल सकता है। विद्यार्थी अपनी तैयारी की समीक्षा कर सकते हैं, जबकि नौकरी की तलाश कर रहे लोग आवेदन और जरूरी दस्तावेजों पर दोबारा काम कर सकते हैं। कारोबारियों के लिए नए बाजारों की जानकारी जुटाना उपयोगी हो सकता है। किसी भी बड़े फैसले से पहले पूरी जानकारी लेना और लगातार प्रयास करते रहना जरूरी होगा।

    ज्योतिषीय आकलन के अनुसार, यह पंचांक योग इन पांच राशियों के लिए आर्थिक योजनाओं, करियर और रिश्तों से जुड़े मामलों पर दोबारा ध्यान देने का अवसर माना जा रहा है। हालांकि, ज्योतिषीय भविष्यवाणियां संभावनाओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित होती हैं। वास्तविक आर्थिक लाभ, नौकरी या कारोबार के नतीजे निश्चित नहीं होते, इसलिए महत्वपूर्ण फैसले व्यावहारिक जानकारी और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही लेने चाहिए।

  • सेंसेक्स-निफ्टी मामूली गिरावट के साथ बंद, स्मॉलकैप शेयरों में जोरदार तेजी से बाजार में लौटी रौनक

    सेंसेक्स-निफ्टी मामूली गिरावट के साथ बंद, स्मॉलकैप शेयरों में जोरदार तेजी से बाजार में लौटी रौनक

    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को कारोबार के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी लगभग सपाट बंद हुए। प्रमुख सूचकांकों में मामूली गिरावट के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 2.69 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 50 में 2.67 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टरों में मीडिया इंडेक्स सबसे आगे रहा, जबकि बैंकिंग शेयरों पर दबाव बना रहा। अक्टूबर सीरीज के वायदा एवं विकल्प कारोबार की मासिक एक्सपायरी के दिन बाजार में अलग-अलग क्षेत्रों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।

    सेंसेक्स मंगलवार को 8.08 अंक यानी 0.01 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,598.67 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में इसने 73,762.98 का ऊपरी और 73,179.41 का निचला स्तर छुआ। दूसरी ओर, निफ्टी 3.45 अंक यानी 0.02 प्रतिशत फिसलकर 22,749.75 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी 22,636.85 से 22,829.75 के दायरे में रहा। दोनों प्रमुख सूचकांकों में सीमित उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की दिलचस्पी छोटे और मझोले शेयरों में अधिक दिखाई दी।

    स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में खरीदारी बाजार की प्रमुख विशेषता रही। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 2.69 प्रतिशत, निफ्टी स्मॉलकैप 50 में 2.67 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 250 में 2.19 प्रतिशत की तेजी आई। निफ्टी नेक्स्ट 50 में 1.30 प्रतिशत और निफ्टी 500 में 0.58 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 भी 1.01 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी मिडकैप 50 में 0.90 प्रतिशत की तेजी रही। इससे संकेत मिला कि सेंसेक्स और निफ्टी की सुस्ती के बावजूद व्यापक बाजार में खरीदारी का रुझान मजबूत रहा।

    शेयर बाजार की मजबूती का असर कारोबार की व्यापकता में भी नजर आया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर कारोबार करने वाले 3,665 शेयरों में से 2,455 बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 1,103 शेयरों में गिरावट रही। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर कुल 4,547 शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें 2,936 शेयर चढ़े और 1,383 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इस आंकड़े से पता चलता है कि प्रमुख सूचकांकों के लगभग स्थिर रहने के बावजूद बाजार में बढ़त वाले शेयरों की संख्या अधिक रही।

    सेक्टरवार प्रदर्शन में निफ्टी मीडिया इंडेक्स 3.52 प्रतिशत उछलकर सबसे आगे रहा। निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर में 2.78 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 1.91 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा में 1.89 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में 1.65 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। निफ्टी ऑटो 1.48 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.20 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी 0.74 प्रतिशत बढ़कर बंद हुए। निफ्टी मेटल में भी 0.63 प्रतिशत की बढ़त रही।

    इसके विपरीत, बैंकिंग और कुछ अन्य क्षेत्रों में बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.73 प्रतिशत और निफ्टी बैंक 0.72 प्रतिशत गिर गया। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.62 प्रतिशत और निफ्टी आईटी में 0.26 प्रतिशत की कमजोरी रही। निफ्टी सीमेंट 1.80 प्रतिशत टूटकर कमजोर प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में शामिल रहा।

    बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला इंडिया वीआईएक्स 4.74 प्रतिशत गिरकर 16.35 पर आ गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का भाव उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 115.90 डॉलर प्रति बैरल रहा। कुल मिलाकर, मंगलवार को प्रमुख सूचकांकों में खास तेजी नहीं दिखी, लेकिन स्मॉलकैप, मिडकैप और मीडिया शेयरों की बढ़त ने बाजार के व्यापक रुझान को मजबूती दी।

  • उज्जैन में मिलने बुलाकर महिला से चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, दो आरोपियों पर एफआईआर दर्ज

    उज्जैन में मिलने बुलाकर महिला से चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, दो आरोपियों पर एफआईआर दर्ज


    इंदौर: की एक महिला ने उज्जैन में चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म और मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक, इंस्टाग्राम के जरिए उसकी दोस्ती उज्जैन के रहने वाले चक्रेश जैन से हुई थी। युवक ने उसे मिलने के लिए उज्जैन बुलाया था। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने चक्रेश जैन और एक अन्य आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। महिला ने इस घटना में कुल पांच लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने फिलहाल दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

    महिला के अनुसार, कुछ महीने पहले इंस्टाग्राम पर उसकी पहचान चक्रेश जैन से हुई थी। इसके बाद दोनों एक-दो बार मिल भी चुके थे। सोमवार को चक्रेश ने उसे मिलने के लिए उज्जैन बुलाया। महिला बस से उज्जैन पहुंची, जहां मेघदूत होटल के पास चक्रेश अपने एक साथी के साथ कार लेकर उससे मिला। महिला का आरोप है कि इसके बाद दोनों उसे कार में घुमाते रहे और कुछ समय बाद चक्रेश के चार अन्य दोस्त भी कार में सवार हो गए।

    महिला ने आरोप लगाया है कि कार में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म और मारपीट की गई। उसने यौन हिंसा के दौरान गंभीर चोट पहुंचाने का आरोप भी लगाया है। महिला के अनुसार, आरोपियों ने उसके प्राइवेट पार्ट में लकड़ी डालकर उसे घायल किया। घटना के संबंध में महिला ने एक वीडियो जारी कर अपने साथ हुई कथित हिंसा की जानकारी दी है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    महिला ने बताया कि घटना के बाद आरोपी उसे इंदौर में अरबिंदो अस्पताल के बाहर छोड़ गए। महिला के मुंहबोले नाबालिग भाई के मुताबिक, रात करीब नौ बजे उसके पास महिला का फोन आया था। फोन पर वह रो रही थी और उसने अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। इसके बाद भाई उसे लेने अरबिंदो अस्पताल पहुंचा। वहां से महिला अपने भाई के साथ उज्जैन के नानाखेड़ा थाने पहुंची और पुलिस को शिकायत दी।

    जानकारी के मुताबिक, महिला रात करीब 12 बजे थाने पहुंची थी। पुलिस ने उसका बयान दर्ज करने के बाद मेडिकल जांच के लिए भेजा। मामले में सीएसपी श्वेता गुप्ता और थाना प्रभारी नरेंद्र यादव ने महिला से पूछताछ की। महिला के लिखित आवेदन के आधार पर चक्रेश जैन और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    सीएसपी श्वेता गुप्ता के मुताबिक, महिला अपनी मर्जी से बस में सवार होकर उज्जैन आई थी। पुलिस ने उसकी शिकायत पर दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस मामले में महिला की ओर से बताए गए आरोपियों की संख्या और दर्ज एफआईआर में नामजद आरोपियों की संख्या अलग-अलग है। महिला ने वीडियो में चार से पांच लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने फिलहाल दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामले की जांच में आरोपों और घटना से जुड़े तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा।

  • मध्य प्रदेश के सरकारी पोर्टल्स पर साइबर हमले का खतरा, NIC का अलर्ट जारी, विशेषज्ञों की टीमें 24 घंटे निगरानी में जुटीं

    मध्य प्रदेश के सरकारी पोर्टल्स पर साइबर हमले का खतरा, NIC का अलर्ट जारी, विशेषज्ञों की टीमें 24 घंटे निगरानी में जुटीं

    मध्य प्रदेश: में सरकारी वेबसाइटों और ऑनलाइन पोर्टल्स की साइबर सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। PHP सॉफ्टवेयर में गंभीर सुरक्षा खामी सामने आने के बाद राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) ने राज्य के आईटी तंत्र को अलर्ट किया है। इस खतरे को देखते हुए प्रदेश में सरकारी वेबसाइटों और सर्वरों की निगरानी तेज कर दी गई है। कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम (CERT) की तकनीकी टीम लगातार 24 घंटे निगरानी कर रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की समय रहते पहचान की जा सके।

    प्रदेश में बिजली, राजस्व, नागरिक आपूर्ति और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी कई वेबसाइटें PHP तकनीक पर संचालित होती हैं। ऐसे में सॉफ्टवेयर की सुरक्षा में सामने आई कमी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, इस खामी का फायदा उठाकर हमलावर दूर से ही सरकारी सर्वर तक अनधिकृत पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते हैं। कुछ परिस्थितियों में इसके लिए सामान्य लॉगिन या पासवर्ड की आवश्यकता नहीं पड़ने का जोखिम भी बताया गया है।

    साइबर सुरक्षा से जुड़ी इस कमजोरी को गंभीर श्रेणी में रखा गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसकी गंभीरता का आकलन 10 में से 9.2 अंक के रूप में किया गया है। यह रेटिंग संभावित खतरे की गंभीरता को दर्शाती है। इंटरनेट पर उपलब्ध कुछ सर्वरों को निशाना बनाने की शुरुआती कोशिशें भी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन प्रयासों के मध्य प्रदेश में होने की पुष्टि नहीं हुई है।

    विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा खामी को समय रहते दूर नहीं किया गया, तो सरकारी विभागों के महत्वपूर्ण डेटा की चोरी होने और ऑनलाइन सेवाओं के बाधित होने का खतरा पैदा हो सकता है। सरकारी पोर्टल्स के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। ऐसे में सर्वर की सुरक्षा में सेंध लगने से विभागीय कामकाज के साथ-साथ आम लोगों को मिलने वाली डिजिटल सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।

    अलर्ट में पुराने सॉफ्टवेयर संस्करणों का इस्तेमाल करने वाले विभागों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत बताई गई है। जिन वेबसाइटों पर PHP के पुराने या अपडेट नहीं किए गए संस्करण चल रहे हैं, उनके अधिक जोखिम में होने की आशंका है। तकनीकी सलाह के मुताबिक, पुराने संस्करणों में मौजूद सुरक्षा कमजोरियों को दूर करना जरूरी है, ताकि हमलावर उनका फायदा न उठा सकें।

    इसी के तहत सरकारी वेबसाइटों और सर्वरों का प्रबंधन करने वाली तकनीकी टीमों को सॉफ्टवेयर अपडेट करने और उपलब्ध सुरक्षा पैच लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सर्वरों पर आने वाले इंटरनेट ट्रैफिक की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अनधिकृत पहुंच की कोशिश सामने आने पर तत्काल कार्रवाई करना इस निगरानी व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य है।

    प्रदेश में साइबर सुरक्षा की स्थिति को लेकर वैभव श्रीवास्तव, एसपी एटीएस एवं ज्वाइंट डायरेक्टर CERT ने बताया कि सुरक्षा संबंधी अलर्ट प्राप्त हुआ है और उनकी टीम लगातार सातों दिन, 24 घंटे निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में पिछले दो वर्षों से काम किया जा रहा है और अब तक ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई है। टीम लगातार स्थिति पर नजर रख रही है।

    सरकारी पोर्टल्स की सुरक्षा के लिए फिलहाल सॉफ्टवेयर अपडेट, सर्वर मॉनिटरिंग और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने को प्राथमिकता दी जा रही है। तकनीकी टीमों के सामने चुनौती यह है कि संभावित कमजोरियों को जल्द दूर किया जाए और सरकारी डिजिटल सेवाओं को सुरक्षित तथा सुचारु बनाए रखा जाए।

  • इजरायल चुनाव में नेतन्याहू और गादी आइजनकोट के बीच मुकाबला, बहुमत के लिए 61 सीटों का आंकड़ा अहम

    इजरायल चुनाव में नेतन्याहू और गादी आइजनकोट के बीच मुकाबला, बहुमत के लिए 61 सीटों का आंकड़ा अहम

    नई दिल्ली । इजरायल में 27 अक्टूबर 2026 को संसदीय चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। इस चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सामने पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजनकोट की चुनौती है। चुनाव से पहले सामने आए ओपिनियन पोल में दोनों पक्षों के बीच कड़े मुकाबले के संकेत मिले हैं। कुछ सर्वेक्षणों में आइजनकोट की यशार पार्टी को सबसे बड़ी पार्टी बनने की स्थिति में दिखाया गया है, लेकिन किसी भी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने का अनुमान नहीं है। ऐसे में चुनाव के बाद सरकार बनाने के लिए छोटे दलों का समर्थन महत्वपूर्ण हो सकता है।

    इजरायल की संसद में 120 सीटें, बहुमत के लिए 61 जरूरी

    इजरायल की संसद को नेसेट कहा जाता है, जिसमें कुल 120 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए किसी गठबंधन को कम से कम 61 सांसदों का समर्थन हासिल करना जरूरी है। देश की चुनाव व्यवस्था में मतदाता सीधे प्रधानमंत्री का चुनाव नहीं करते, बल्कि राजनीतिक दलों को वोट देते हैं। पार्टियों को मिले वोटों के अनुपात के आधार पर संसद में सीटें आवंटित होती हैं।

    नेतन्याहू की लिकुड पार्टी और उसके सहयोगी दलों का मुकाबला विपक्षी खेमे से है। विपक्ष में गादी आइजनकोट की यशार पार्टी के साथ नफ्ताली बेनेट और यायर लैपिड के नेतृत्व वाला टुगेदर गठबंधन तथा अन्य दल भी शामिल हैं। चुनाव के बाद सरकार बनाने के लिए इन दलों के बीच समर्थन जुटाने और गठबंधन तैयार करने की प्रक्रिया अहम होगी।

    ओपिनियन पोल में क्या संकेत मिले?

    चुनाव से पहले जारी सर्वेक्षणों में अलग-अलग दलों और गठबंधनों की स्थिति को लेकर अंतर दिखाई दिया है। 23 अक्टूबर तक के एक सर्वे औसत में नेतन्याहू के गठबंधन को लगभग 52 सीटें और उनके विरोधी जियोनिस्ट दलों को करीब 50 सीटें मिलने का अनुमान था। दूसरी ओर, कुछ अन्य सर्वेक्षणों में आइजनकोट की पार्टी को सबसे बड़ी पार्टी बनने की स्थिति में दिखाया गया।

    हालांकि, किसी पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिलना और उसके गठबंधन को सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत मिलना अलग-अलग बातें हैं। चुनाव के बाद छोटे दलों का समर्थन और राजनीतिक गठबंधन की बातचीत निर्णायक हो सकती है। इसलिए केवल ओपिनियन पोल के आधार पर नेतन्याहू की विदाई या आइजनकोट के प्रधानमंत्री बनने को तय नहीं माना जा सकता।

    चुनाव के चार प्रमुख मुद्दे

    पहला मुद्दा 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले से जुड़ी सुरक्षा चूक है। उस हमले के बाद इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया एजेंसियों की तैयारियों पर सवाल उठे थे। विपक्षी नेताओं ने सरकार से जवाबदेही की मांग की है। इस चुनाव में मतदाताओं के लिए यह अहम सवाल है कि भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए किस तरह की सुरक्षा नीति अपनाई जाएगी।

    दूसरा बड़ा मुद्दा अति-रूढ़िवादी यहूदी समुदाय के लोगों को सैन्य सेवा से मिलने वाली छूट है। इजरायल में अधिकांश यहूदी नागरिकों के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य है, लेकिन धार्मिक अध्ययन करने वाले हरेदी समुदाय के कई लोगों को इससे छूट मिलती रही है। इस व्यवस्था को लेकर देश में विवाद है। आइजनकोट सहित विपक्ष के कई नेता सैन्य सेवा की जिम्मेदारी अधिक व्यापक रूप से लागू करने के पक्ष में हैं, जबकि नेतन्याहू के गठबंधन को हरेदी दलों का समर्थन मिलता रहा है।

    तीसरा मुद्दा सुप्रीम कोर्ट की शक्तियों और न्यायपालिका में सुधार का है। नेतन्याहू सरकार के न्यायिक बदलावों के प्रस्तावों के विरोध में देश में बड़े प्रदर्शन हुए थे। विरोधियों ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर चिंता जताई, जबकि सरकार के समर्थकों ने बदलावों को सुधार की जरूरत से जोड़ा।

    चौथा प्रमुख विषय युद्ध, राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय संघर्षों का भविष्य है। मतदाताओं के सामने सुरक्षा सुनिश्चित करने, लंबे संघर्ष की कीमत और भविष्य की सैन्य रणनीति से जुड़े सवाल हैं। नेतन्याहू ने सुरक्षा को प्राथमिकता दी है, जबकि विपक्ष ने सरकार के फैसलों और युद्ध प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं।

    नेतन्याहू और आइजनकोट की सैन्य पृष्ठभूमि

    बेंजामिन नेतन्याहू ने इजरायली सेना की विशेष इकाई सायरेट मटकल में सेवा दी थी। उनके बड़े भाई योनातन नेतन्याहू की 1976 में युगांडा के एंटेबे में बंधकों को छुड़ाने के अभियान के दौरान मौत हो गई थी।

    गादी आइजनकोट ने 1978 में गोलानी ब्रिगेड में सैनिक के रूप में अपना सैन्य करियर शुरू किया। करीब चार दशक की सेवा के बाद वह 2015 में इजरायली सेना के प्रमुख बने और 2019 तक इस पद पर रहे। दिसंबर 2023 में गाजा में युद्ध के दौरान उनके बेटे गैल की मौत हो गई थी। अगले दिन उनके भतीजे माओर कोहेन आइजनकोट भी दक्षिणी गाजा में लड़ाई के दौरान मारे गए थे।

    चुनाव के बाद सरकार बनाने की चुनौती

    मतदान के बाद तस्वीर इस बात से स्पष्ट होगी कि कौन-से दल कितनी सीटें हासिल करते हैं और कौन बहुमत के लिए जरूरी समर्थन जुटा पाता है। यदि कोई गठबंधन 61 सीटों का समर्थन हासिल नहीं कर पाता, तो सरकार गठन की प्रक्रिया कठिन हो सकती है। छोटे दलों और अरब समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाली पार्टियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है, हालांकि अलग-अलग दलों के बीच राजनीतिक मतभेद गठबंधन की राह में बाधा बन सकते हैं।

    इसलिए इजरायल के चुनाव का परिणाम केवल सबसे बड़ी पार्टी तय नहीं करेगा। सरकार किसकी बनेगी, यह संसद में बहुमत जुटाने और चुनाव के बाद होने वाली राजनीतिक बातचीत पर निर्भर करेगा।