Author: bharati

  • सपनों को उड़ान और मां की नम आंखें: बच्चों की बड़ी कामयाबी पर भावुक हुईं फराह खान

    सपनों को उड़ान और मां की नम आंखें: बच्चों की बड़ी कामयाबी पर भावुक हुईं फराह खान


    नई दिल्ली। जिंदगी में कुछ पल ऐसे होते हैं, जो केवल खुशियां नहीं लाते बल्कि भावनाओं का समंदर भी साथ लेकर आते हैं। खासतौर पर माता-पिता के लिए बच्चों की सफलता से बड़ा कोई जश्न नहीं होता। ऐसा ही एक बेहद खास और भावुक पल उस समय देखने को मिला जब एक मां ने अपने बच्चों को जिंदगी के एक महत्वपूर्ण पड़ाव को पार करते देखा। खुशी, गर्व और भावनाओं से भरे इस पल ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

    बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य को लेकर माता-पिता हमेशा कई सपने संजोते हैं। जब वे बच्चे अपनी मेहनत और लगन से किसी बड़ी उपलब्धि तक पहुंचते हैं तो वह पल पूरे परिवार के लिए बेहद यादगार बन जाता है। हाल ही में ऐसा ही एक अवसर सामने आया, जहां परिवार के लिए जश्न और भावनाओं का अनोखा संगम देखने को मिला। हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद बच्चों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी, वहीं एक मां की आंखों में गर्व के साथ भावनाएं भी साफ नजर आईं।

    समारोह के दौरान परिवार के कई खूबसूरत पल कैमरे में कैद हुए। तस्वीरों और वीडियो में खुशी का माहौल साफ दिखाई दे रहा था। बच्चों की उपलब्धि पर पूरे परिवार की मुस्कान इस बात की गवाही दे रही थी कि यह दिन उनके लिए कितना खास था। पढ़ाई पूरी करना केवल एक शैक्षणिक उपलब्धि नहीं बल्कि जीवन की नई शुरुआत का संकेत भी माना जाता है। यही कारण है कि इस तरह के अवसर परिवारों के लिए बेहद भावनात्मक बन जाते हैं।

    इस खास अवसर पर एक भावुक संदेश ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। उस संदेश में एक मां के मन की भावनाएं साफ दिखाई दीं। बच्चों को बड़ा करना, उन्हें सही दिशा देना और फिर उन्हें अपने सपनों की उड़ान भरने के लिए तैयार करना किसी भी माता-पिता के लिए आसान नहीं होता। एक तरफ बच्चों की सफलता की खुशी होती है तो दूसरी तरफ उनसे जुड़ी यादें मन को भावुक भी कर देती हैं। यही भावनाएं उस संदेश में साफ तौर पर महसूस की गईं।

    माता-पिता और बच्चों का रिश्ता हमेशा बेहद खास माना जाता है। बच्चे जैसे-जैसे बड़े होते हैं, उनके सपने भी आकार लेने लगते हैं। एक समय ऐसा आता है जब माता-पिता उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होते देखते हैं और गर्व महसूस करते हैं। लेकिन इसी के साथ यह एहसास भी जुड़ा होता है कि अब बच्चे अपनी जिंदगी की नई दिशा की ओर आगे बढ़ रहे हैं। यही बदलाव भावनाओं को और गहरा बना देता है।

    आज की तेज रफ्तार जिंदगी में ऐसे पारिवारिक पल लोगों को रिश्तों की अहमियत का एहसास कराते हैं। सफलता केवल डिग्री या उपलब्धियों से नहीं मापी जाती, बल्कि उन भावनाओं से भी जुड़ी होती है जो उसके साथ चलती हैं। यह पल केवल एक ग्रेजुएशन समारोह नहीं बल्कि एक मां के सपनों, संघर्ष और गर्व की खूबसूरत कहानी बन गया, जिसने लोगों के दिलों को छू लिया।

  • झांसी: नयागांव में राशन दुकान आवंटन पर विवाद, धांधली के आरोप, निरस्त करने की मांग

    झांसी: नयागांव में राशन दुकान आवंटन पर विवाद, धांधली के आरोप, निरस्त करने की मांग



    झांसी। मऊरानीपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत नयागांव में सरकारी राशन दुकान के आवंटन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम पंचायत सदस्यों और ग्रामीणों ने आवंटन प्रक्रिया में धांधली और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी सहित मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर आवंटन को निरस्त करने की मांग की है।

    जल्दबाजी में बैठक का आरोप
    ग्रामीणों का कहना है कि गांव में मुनादी होने के महज दूसरे ही दिन जल्दबाजी में राशन दुकान आवंटन के लिए खुली बैठक आयोजित कर दी गई। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखी गई और नियमों की अनदेखी की गई।

    ग्राम पंचायत सदस्यों में नाराजगी
    ग्राम पंचायत सदस्यों ने भी आवंटन प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इसमें गांव के लोगों की सहमति नहीं ली गई और न ही उचित प्रक्रिया का पालन किया गया।

    जांच की मांग
    ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में राशन दुकान का आवंटन निरस्त कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच की बात कही जा रही है
    ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा।

  • पेट्रोल-डीजल से लेकर गैस तक पर जैकी श्रॉफ का बड़ा बयान, सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस

    पेट्रोल-डीजल से लेकर गैस तक पर जैकी श्रॉफ का बड़ा बयान, सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस


    नई दिल्ली। अभिनेता Jackie Shroff एक बार फिर अपने अलग अंदाज और बेबाक बयान की वजह से चर्चा में आ गए हैं। इस बार उन्होंने पेट्रोल, डीजल और गैस जैसे जरूरी संसाधनों को लेकर अपनी राय जाहिर की है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती चुनौतियों और ऊर्जा संकट को देखते हुए अभिनेता ने लोगों से ईंधन के जिम्मेदारीपूर्ण इस्तेमाल की अपील की है। उनके बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं और यह चर्चा का विषय बन गया है।

    हाल के दिनों में दुनियाभर में ऊर्जा संसाधनों को लेकर चिंता लगातार बढ़ी है। कई देशों में ईंधन की उपलब्धता और कीमतों से जुड़ी चुनौतियां सामने आ रही हैं। इसी बीच जैकी श्रॉफ ने लोगों को संदेश देते हुए कहा कि परिस्थितियों को समझने की जरूरत है और संसाधनों का इस्तेमाल सोच-समझकर किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि जब जरूरी चीजें उपलब्ध हैं तो उन्हें अनावश्यक रूप से बर्बाद करने के बजाय जिम्मेदारी के साथ उपयोग करना अधिक जरूरी है।

    उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi की उस अपील का समर्थन भी किया, जिसमें ईंधन की बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया गया था। अभिनेता ने अपने अंदाज में यह संदेश देने की कोशिश की कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में हर व्यक्ति की छोटी जिम्मेदारी भी बड़ा असर पैदा कर सकती है। उनका यह बयान अब तेजी से लोगों के बीच चर्चा का हिस्सा बन चुका है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं भी अलग-अलग नजर आ रही हैं। कुछ लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं और इसे जिम्मेदार सोच बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे लेकर अपनी अलग राय भी रख रहे हैं। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब जैकी श्रॉफ किसी सामाजिक मुद्दे पर खुलकर सामने आए हों। इससे पहले भी वह पर्यावरण, प्रकृति और सामाजिक विषयों पर अपने विचार व्यक्त करते रहे हैं।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो जैकी श्रॉफ जल्द ही अपनी नई फिल्म के जरिए दर्शकों के बीच दिखाई देने वाले हैं। उनकी आगामी फिल्म को लेकर भी दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है। लंबे समय से अपनी अलग शैली और अभिनय के लिए पहचान बनाने वाले जैकी श्रॉफ आज भी दर्शकों के बीच खास लोकप्रियता रखते हैं। इस बार उनका बयान मनोरंजन जगत से बाहर निकलकर सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है और ईंधन बचत जैसे मुद्दे पर नई बहस को जन्म देता दिखाई दे रहा है।

  • नदी बचाने की मुहिम: शिवना घाट पर कचरा हटाकर किया गया सफाई कार्य

    नदी बचाने की मुहिम: शिवना घाट पर कचरा हटाकर किया गया सफाई कार्य



    मंदसौर। मध्यप्रदेश के मंदसौर शहर में आस्था और पहचान मानी जाने वाली शिवना नदी को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा शिवना शुद्धिकरण जनअभियान रविवार को अपने 125वें दिन में भी जारी रहा। इस अभियान का नेतृत्व विधायक विपिन जैन कर रहे हैं, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और श्रमदानी लगातार हिस्सा ले रहे हैं।

    रविवार को अभियान के दौरान पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र के पास शिवना नदी तट पर श्रमदान किया गया। स्वयंसेवकों ने नदी किनारे फैली गाजर घास को हटाया और नदी के भीतर जमा कचरे को बाहर निकालने का कार्य किया। इस दौरान लगभग एक ट्रॉली कचरा नदी से निकाला गया, जिससे घाट क्षेत्र की स्थिति में सुधार देखा गया।

    सिर्फ सफाई ही नहीं, बल्कि घाटों को आकर्षक और स्वच्छ बनाने के लिए रंगरोगन का कार्य भी किया गया। श्रमदानियों ने घाट की दीवारों और सीढ़ियों को रंगकर उन्हें सुंदर स्वरूप देने में सहयोग दिया। साथ ही सभी ने नदी को प्रदूषण मुक्त रखने और स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया।

    अभियान के दौरान विधायक विपिन जैन ने कहा कि शिवना नदी केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि मंदसौर की आस्था, संस्कृति और पहचान है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नदी में कचरा न डालें और प्रत्येक रविवार को चल रहे इस श्रमदान अभियान में अधिक से अधिक लोग जुड़कर इसे जनआंदोलन का रूप दें।

    इस 125वें दिन के श्रमदान में समाजसेवी, स्थानीय नागरिक, महिलाएं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने मिलकर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और अभियान को आगे भी जारी रखने का संकल्प दोहराया।

  • झांसी में एंबुलेंस संचालकों की मनमानी: 30 किमी शव ले जाने के लिए मांगे 6000 रुपए, परिजनों ने DM से लगाई गुहार

    झांसी में एंबुलेंस संचालकों की मनमानी: 30 किमी शव ले जाने के लिए मांगे 6000 रुपए, परिजनों ने DM से लगाई गुहार



    झांसी। मेडिकल कॉलेज स्थित पोस्टमार्टम हाउस के बाहर एंबुलेंस संचालकों की मनमानी का गंभीर मामला सामने आया है। एक गरीब परिवार से मात्र 30 किलोमीटर दूर शव ले जाने के लिए 6000 रुपए की मांग की गई, जबकि दूसरी एंबुलेंस 1200 से 1500 रुपए में जाने को तैयार थी।

    परिजनों ने 4000 रुपए देने की बात कही, लेकिन एंबुलेंस चालक 6000 रुपए पर अड़ा रहा। अंततः परिजनों ने डीएम ऑफिस में फोन कर अपनी पीड़ा बताई, जिसके बाद मामला 4000 रुपए में तय हुआ और शव को रवाना किया गया।

    ट्रेन के बाथरूम में मिला शव
    मृतक महेंद्र सिंह (47), बबीना क्षेत्र के ठकरास मोहल्ले के रहने वाले थे और अहमदाबाद में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। वे अहमदाबाद से साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन से घर लौट रहे थे। यात्रा के दौरान ट्रेन के बाथरूम में उनकी तबीयत बिगड़ गई और वहीं उनकी मौत हो गई।ट्रेन जब झांसी स्टेशन पहुंची तो जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया।

    बबीना ले जाने को लेकर विवाद
    पोस्टमार्टम के बाद शव को बबीना ले जाने को लेकर एंबुलेंस संचालकों में मनमानी वसूली का आरोप लगा। परिजनों का कहना है कि बाहर खड़ी एंबुलेंस 1200–1500 रुपए में जाने को तैयार थी, लेकिन अंदर मौजूद संचालक अधिक पैसे की मांग पर अड़े रहे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    गरीब परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
    मृतक के परिवार में पत्नी, तीन बेटे और एक बेटी हैं। सभी अभी अविवाहित हैं। पिता की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और आर्थिक स्थिति भी बेहद कमजोर बताई जा रही है।

    प्रशासन पर उठे सवाल
    यह कोई पहला मामला नहीं है जब पोस्टमार्टम हाउस के बाहर एंबुलेंस संचालकों पर मनमानी वसूली के आरोप लगे हों। दूर-दराज से आने वाले परिजनों से कई गुना अधिक किराया वसूलने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं, लेकिन व्यवस्था सुधारने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

  • सिनेमा, संघर्ष और सपनों पर खुलकर बोलीं श्रेया पिलगांवकर, कहा- मुंबई ने लाखों कलाकारों को दी नई पहचान

    सिनेमा, संघर्ष और सपनों पर खुलकर बोलीं श्रेया पिलगांवकर, कहा- मुंबई ने लाखों कलाकारों को दी नई पहचान

    नई दिल्ली। सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सपनों, संघर्षों और भावनाओं को जोड़ने वाली एक ऐसी दुनिया है जो लाखों लोगों को नई पहचान देती है। इसी सोच को लेकर एक विशेष फिल्म कार्यक्रम के दौरान अभिनेत्री श्रेया पिलगांवकर ने अपने अनुभव, सिनेमा के बदलते स्वरूप और मुंबई से जुड़े भावनात्मक रिश्ते पर खुलकर बात की। इस दौरान उन्होंने फिल्मों, कलाकारों और नए दौर के कंटेंट को लेकर अपने विचार साझा किए, जिसने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

    अपने संबोधन के दौरान श्रेया ने मुंबई को केवल एक शहर नहीं बल्कि एक भावना बताया। उन्होंने कहा कि यह शहर वर्षों से लोगों को बड़े सपने देखने की प्रेरणा देता आया है और उन्हें पूरा करने की ताकत भी देता है। देशभर से आने वाले लाखों लोग यहां अपने करियर, पहचान और भविष्य की तलाश लेकर पहुंचते हैं और यही शहर उन्हें अवसर देने का काम करता है। मुंबई की यही खासियत इसे अन्य शहरों से अलग बनाती है।

    उन्होंने अपने निजी जीवन और पारिवारिक माहौल को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि बचपन से ही उनके आसपास कहानियों, अभिनय और सिनेमा का वातावरण रहा है। ऐसे माहौल में पले-बढ़ने से कला के प्रति स्वाभाविक लगाव पैदा हुआ। उन्होंने यह भी माना कि परिवार से मिली प्रेरणा ने उनके अभिनय सफर को दिशा देने में बड़ी भूमिका निभाई है। कलाकारों के लंबे और सक्रिय करियर को लेकर उन्होंने कहा कि जुनून और समर्पण के साथ कला से जीवनभर जुड़े रहना संभव है।

    बदलते दौर में मनोरंजन की दुनिया को लेकर भी उन्होंने अपनी राय रखी। उनका मानना है कि समय के साथ कंटेंट देखने और प्रस्तुत करने के तरीके में बड़ा बदलाव आया है। अब कलाकारों के सामने पहले की तुलना में ज्यादा अवसर मौजूद हैं। नए माध्यमों और नई कहानियों ने कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए विस्तृत मंच प्रदान किया है। इस बदलाव से युवा कलाकारों को भी अपनी पहचान बनाने का अवसर मिल रहा है।

    उन्होंने इस दौरान थिएटर और मंचीय कलाकारों के महत्व पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि दर्शकों को फिल्मों और डिजिटल माध्यमों के साथ-साथ रंगमंच और अन्य कला रूपों को भी समर्थन देना चाहिए। कला के हर रूप का अपना महत्व होता है और विविध मंचों को समर्थन मिलने से रचनात्मकता को नई दिशा मिलती है।

    सोशल मीडिया को लेकर भी उन्होंने संतुलित सोच रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि आज के समय में अक्सर नकारात्मक विषय अधिक चर्चा में रहते हैं, जबकि अच्छी कहानियों और सकारात्मक कार्यों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। दर्शकों के समर्थन से ही बेहतर और मजबूत कंटेंट आगे बढ़ सकता है।

    फिलहाल श्रेया पिलगांवकर अपने आगामी प्रोजेक्ट्स को लेकर भी उत्साहित नजर आ रही हैं। आने वाले समय में उनके नए काम दर्शकों के सामने होंगे, जिससे उनके प्रशंसकों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। सिनेमा और कला के प्रति उनका यह नजरिया कई युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।

  • गंगा दशहरा पर अनोखी पहल: शिवना घाट पर श्रमदान और सफाई अभियान

    गंगा दशहरा पर अनोखी पहल: शिवना घाट पर श्रमदान और सफाई अभियान


    मंदसौर । मंदसौर में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को पशुपतिनाथ मंदिर परिसर के पास बहने वाली शिवना नदी के घाट पर यह आयोजन होगा, जिसमें नदी पूजन के साथ-साथ सामूहिक श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया जाएगा।

    कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8:30 बजे शिवना नदी के पूजन से होगी। इसके बाद घाट और आसपास के क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया जाएगा, जिसमें कचरे की सफाई, घाटों की मरम्मत और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां शामिल रहेंगी।

    जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शिवना नदी के संरक्षण, स्वच्छता और जनजागरूकता को बढ़ावा देना है। प्रशासन का मानना है कि जब आमजन स्वयं इस प्रकार के अभियानों में भाग लेते हैं, तो पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा और गति मिलती है।

    इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य और स्थानीय नागरिक शामिल होंगे। मुख्य अतिथि के रूप में सांसद सुधीर गुप्ता की उपस्थिति भी रहेगी, जो इस अभियान में श्रमदान कर लोगों को प्रेरित करेंगे।

    प्रशासन ने बताया कि यह नदी केवल जल स्रोत ही नहीं बल्कि शहर की आस्था, संस्कृति और पहचान का प्रतीक है। इसलिए इसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी हैं।

    जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस कार्यक्रम में शामिल होकर श्रमदान करें और स्वच्छता अभियान को सफल बनाएं। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के जनभागीदारी वाले प्रयासों से नदियों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

  • रेलवे परिसर में सनसनी: युवक का शव मिलने से हड़कंप, युवती का दर्दनाक मंजर

    रेलवे परिसर में सनसनी: युवक का शव मिलने से हड़कंप, युवती का दर्दनाक मंजर


    झाबुआ । झाबुआ जिले के बामनिया रेलवे परिसर में रविवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया। स्थानीय लोगों ने रेलवे फाटक से कुछ दूरी पर प्लेटफॉर्म के शुरुआती हिस्से के पास शव देखा और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।

    मृतक ने काली शर्ट और जींस पहन रखी थी। प्रारंभिक पहचान के अनुसार युवक की शिनाख्त ग्राम पीपलीपाडा, अंतर वेलिया चौकी (मेघनगर) क्षेत्र निवासी 18 वर्षीय सुखराम निनामा के रूप में हुई है। घटना स्थल की स्थिति ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया है, क्योंकि मौके पर एक युवती शव से लिपटकर रोती हुई देखी गई, जिससे वहां भीड़ जमा हो गई और तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

    स्थानीय लोगों के अनुसार यह दृश्य बेहद भावुक और रहस्यमयी था, जिसने घटना को और अधिक सवालों के घेरे में ला दिया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि युवक वहां कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है।

    चौकी प्रभारी हीरालाल मालीवाड़ ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है। पुलिस ने परिजनों और मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना के पीछे कोई हादसा है, आत्महत्या है या फिर किसी अन्य कारण से यह मौत हुई है।

    फिलहाल पुलिस मामले की तह तक पहुंचने के लिए तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी खंगाल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

  • यूपी के मदरसों में ‘वंदे मातरम’ लागू करने की तैयारी, ओपी राजभर के बयान से सियासत गरमाई

    यूपी के मदरसों में ‘वंदे मातरम’ लागू करने की तैयारी, ओपी राजभर के बयान से सियासत गरमाई



    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मदरसा शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया है। राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने संकेत दिए हैं कि यूपी के मदरसों में भी ‘वंदे मातरम’ को अनिवार्य करने की दिशा में तैयारी की जा रही है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में नई बहस शुरू हो गई है।

    राजभर ने एक मीडिया इंटरव्यू में कहा कि जिस तरह अन्य शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रगीत और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान कराया जाता है, उसी तरह मदरसों में भी ऐसी व्यवस्था लागू करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि विभाग उनके पास है और इस तरह की व्यवस्था लागू करने में कोई बुराई नहीं है।

    शिक्षा और राष्ट्रभक्ति से जोड़ने की बात
    मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य मदरसा संस्थानों के छात्रों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर देना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अमन, चैन और भाईचारे के साथ आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।उनके अनुसार, “राष्ट्रगीत का सम्मान किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह देश के प्रति सम्मान का प्रतीक है।”

    विपक्ष पर तीखा हमला
    ओपी राजभर ने अपने बयान में विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे केवल राजनीति के लिए समाज में नफरत फैलाने की बात करते हैं।

    उन्होंने कहा कि मुसलमानों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया है और उन्हें शिक्षा एवं विकास से दूर रखा गया है। राजभर ने दावा किया कि उनकी सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए काम कर रही है।

    विवाद की पृष्ठभूमि
    यह मुद्दा ऐसे समय पर सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में भी कुछ मदरसों में ‘वंदे मातरम’ को लेकर बहस चल रही है। वहां कई मुस्लिम संगठनों ने इसका विरोध किया है, जबकि कुछ राजनीतिक दलों ने इसे समर्थन दिया है।अब उत्तर प्रदेश में भी इस तरह का प्रस्ताव सामने आने के बाद राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। विपक्षी दलों के साथ-साथ धार्मिक संगठनों की प्रतिक्रिया आने की संभावना है।

    सियासी माहौल गर्म
    उत्तर प्रदेश में पहले से ही 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हैं। ऐसे में ओपी राजभर का यह बयान राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। इसे सरकार की शिक्षा नीति और सामाजिक संतुलन की दिशा में एक बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

    मदरसा शिक्षा प्रणाली में ‘वंदे मातरम’ लागू करने की चर्चा ने राज्य में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। जहां सरकार इसे राष्ट्रभक्ति और एकता से जोड़कर देख रही है, वहीं विरोधी इसे संवेदनशील मुद्दा मान रहे हैं। आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।

  • झाबुआ में खौफनाक वारदात: सड़क किनारे मिला शव, पुलिस ने आरोपी दबोचा

    झाबुआ में खौफनाक वारदात: सड़क किनारे मिला शव, पुलिस ने आरोपी दबोचा


    झाबुआ । झाबुआ जिले के पेटलावद थाना क्षेत्र में सामने आए अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। बामनझीरी मोड़ पर 18 मई को मिले खून से लथपथ शव की पहचान शांतु पारगी के रूप में हुई थी, जिसके बाद से पुलिस लगातार मामले की जांच में जुटी हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

    जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से मिले तकनीकी साक्ष्यों और शराब की बोतलों के आधार पर शक की सुई मृतक के ही दोस्त दिनेश उर्फ दितिया मोरी की ओर घूमाई। इसी आधार पर पुलिस ने अपनी जांच तेज करते हुए कई टीमों का गठन किया और आरोपी की तलाश शुरू की।

    मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर 23 मई को पुलिस ने आरोपी दिनेश मोरी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने हत्या की पूरी वारदात कबूल कर ली, जिससे पुलिस भी हैरान रह गई। आरोपी और मृतक दोनों आपस में मित्र थे और साथ में हम्माली का काम करते थे।

    आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे किसी ने बताया था कि उसकी गैरमौजूदगी में मृतक उसके घर आता-जाता है। इसी बात को लेकर उसके मन में गहरी नाराजगी और शक पैदा हो गया। यही रंजिश धीरे-धीरे हत्या की वजह बन गई।

    घटना वाले दिन यानी 17 मई को आरोपी ने शांतु पारगी को शराब पीने के बहाने एक सुनसान जगह पर बुलाया। दोनों ने वहां बैठकर शराब का सेवन किया। इसी दौरान शराब लाने को लेकर कहासुनी हो गई, जो धीरे-धीरे विवाद में बदल गई।

    इसी बहस का फायदा उठाकर आरोपी ने पहले से छिपाकर रखी हुई टामी (नुकीला हथियार) निकाली और शांतु पारगी पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गया।

    पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है, वहीं लोगों में दोस्ती के रिश्ते में हुई इस निर्मम हत्या को लेकर गहरा आक्रोश और हैरानी का माहौल है।