Author: bharati

  • ISRO ने की अगले चंद्र मिशन की तैयारी…. चंद्रयान 4 और 5 को लेकर आई बड़ी खुशखबरी

    ISRO ने की अगले चंद्र मिशन की तैयारी…. चंद्रयान 4 और 5 को लेकर आई बड़ी खुशखबरी


    नई दिल्ली।
    देश के अगले चंद्र मिशन (Lunar Mission) को लेकर दोहरी खुशखबरी सामने आई है। भारत चंद्रयान-4 (Chandrayaan 4) के तहत चांद से सैंपल इकट्ठा करके उन्हें धरती पर वापस लाने की योजना बना रहा है, जबकि चंद्रयान-5 (Chandrayaan 5) में ज्यादा वजन वाला लैंडर होगा, जिसकी मिशन लाइफ ज्यादा। यह जानकारी इसरो चेयरमैन वी नारायणन (ISRO Chairman V Narayanan) ने बुधवार को दी। उन्होंने ISRO के भविष्य के मिशनों के बारे में भी बात की, जिसमें वीनस की स्टडी और दूसरा मार्स लैंडिंग मिशन शामिल है। इसरो के स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी अवेयरनेस ट्रेनिंग (START 2026) प्रोग्राम के चौथे एडिशन के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा, “अब हम चंद्रयान प्रोग्राम को जारी रखने पर काम कर रहे हैं। चंद्रयान-4 में, हम सैंपल इकट्ठा करके उन्हें वापस लाने की योजना बना रहे हैं। चंद्रयान-5 में ज्यादा वजन वाला लैंडर होगा, जिसकी मिशन लाइफ ज्यादा होगी।”

    उन्होंने याद दिलाया कि चंद्रयान-3 में लैंडर की मिशन लाइफ सिर्फ 14 दिन थी। नारायणन ने कहा, “आने वाले मिशन में, हम लगभग 100 दिनों की लाइफ की बात कर रहे हैं। रोवर भी भारी होगा। चंद्रयान-3 में लगभग 25 किलो का रोवर था, जबकि आने वाले मिशन में लगभग 350 किलो का रोवर होगा।” वीनस ऑर्बिटर मिशन जैसे इसरो के आने वाले प्रोग्राम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “हमने मार्स ऑर्बिटर मिशन पहले ही पूरा कर लिया है, और अब हम मार्स लैंडिंग मिशन पर काम कर रहे हैं।”

    उन्होंने आगे कहा, “ये कुछ ऐसे प्रोजेक्ट हैं जिन पर सरकार की मंजूरी के लिए बात हो रही है। इसलिए साइंस एरिया में बहुत दिलचस्पी है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तहत, स्पेस प्रोग्राम के विजन को बढ़ाया गया है और कहा, “हम अभी गगनयान प्रोग्राम पर काम कर रहे हैं और अपने एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस में भेजने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने की प्लानिंग कर रहे हैं, शायद अगले दो सालों में।” उन्होंने आगे कहा, “हम 2035 तक अपना स्पेस स्टेशन बनाने की भी प्लानिंग कर रहे हैं। इसके अलावा, हम भारतीयों को चांद पर उतारने और 2040 तक उन्हें सुरक्षित वापस लाने पर काम कर रहे हैं। ब्रेनस्टॉर्मिंग एक्टिविटीज पहले ही शुरू हो चुकी हैं। इसलिए स्पेस सेक्टर में कई एक्टिविटीज हो रही हैं। नागरिकों के लिए फ़ूड सिक्योरिटी, वॉटर सिक्योरिटी, कम्युनिकेशन और सेफ्टी पक्का करने वाली एप्लीकेशन से जुड़ी एक्टिविटीज के अलावा, साइंस एरिया में भी कई इनिशिएटिव प्लान किए गए हैं।”

    नारायणन ने बताया कि भारत के स्पेस प्रोग्राम ने अब तक 10 साइंटिफिक मिशन पूरे किए हैं, जिसमें एस्ट्रोसैट भी शामिल है, जिसने हाल ही में ऑर्बिट में एक दशक पूरा किया है और अभी भी बहुत अच्छी तरह से काम कर रहा है। उन्होंने भारत के अलग-अलग लूनर एक्सप्लोरेशन मिशन – चंद्रयान-1, चंद्रयान-2, और चंद्रयान-3- के बारे में भी बताया और कहा कि इनसे कई साइंटिफिक खोजें हुईं। उन्होंने आगे कहा, “हम बहुत आगे बढ़ रहे हैं।” साल 2023 में चंद्रयान-3 मिशन की सफलता के बारे में बताते हुए, इसरो चेयरमैन ने कहा कि भारत चांद के साउथ पोल के पास सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला पहला देश बन गया है।

  • West Asia में जारी संघर्ष के बीच EU ने 19 ईरानी अधिकारियों पर लगाए नए प्रतिबंध

    West Asia में जारी संघर्ष के बीच EU ने 19 ईरानी अधिकारियों पर लगाए नए प्रतिबंध


    तेहरान।
    पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी संघर्ष के बीच यूरोपीय संघ (European Union) ने ईरान (Iran) पर दबाव बढ़ाते हुए 19 ईरानी अधिकारियों और संस्थाओं पर नए प्रतिबंधों को मंजूरी दी है। इन पर गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन और घरेलू दमन में शामिल होने के आरोप हैं। यूरोपीय संघ की विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि काजा कल्लास ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के राजदूतों द्वारा लिया गया यह निर्णय तेहरान को जवाबदेह ठहराने के लिए ब्लॉक की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    कल्लास ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि यूरोपीय संघ ईरान को जवाबदेह ठहराना जारी रखेगा। आज सदस्य देशों के राजदूतों ने मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के लिए जिम्मेदार 19 अधिकारियों और संस्थाओं को लक्षित करते हुए नए प्रतिबंधों को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि ये प्रतिबंध उन व्यक्तियों और संगठनों पर केंद्रित हैं जिन पर ईरान में घरेलू दमन और मानवाधिकार हनन के आरोप हैं। हालांकि, इन प्रतिबंधों को लागू होने से पहले यूरोपीय संघ परिषद की औपचारिक मंजूरी अभी आवश्यक है।

    कल्लास की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई खाड़ी देशों और इजरायल में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे समुद्री मार्ग प्रभावित हुए और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर असर पड़ा।


    ईरान का पलटवार

    इससे पहले मंगलवार को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने यूरोपीय नेताओं की कड़ी आलोचना करते हुए उन पर ‘पाखंड और दोहरे मापदंड’ अपनाने का आरोप लगाया था। बगाई की यह टिप्पणी यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और काजा कल्लास के बयानों के जवाब में आई। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए वॉन डेर लेयेन पर आरोप लगाया कि वह हमेशा ‘इतिहास के गलत पक्ष’ में खड़ी रही हैं।

    ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि यूरोपीय नेताओं को पाखंड बंद करना चाहिए और आरोप लगाया कि वे अमेरिका और इजरायल की कार्रवाइयों को वैध ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मीनाब शहर में कथित अमेरिकी हमलों के कारण बच्चों की मौत का भी जिक्र किया और इस पर यूरोपीय संघ की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए।


    लेबनान को लेकर बयानबाजी तेज

    यूरोपीय संघ के राजदूतों की बैठक में उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा था कि ईरान के लोग स्वतंत्रता, गरिमा और अपने भविष्य का फैसला करने के अधिकार के हकदार हैं। उन्होंने चेतावनी दी थी कि मौजूदा युद्ध व्यापक क्षेत्रीय अस्थिरता का कारण बन सकता है। वहीं काजा कल्लास ने कहा कि लेबनान ईरान से जुड़े संघर्ष का नया मोर्चा बनने के खतरे में है। उन्होंने कहा कि ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह द्वारा इजरायल पर हमले पूरे क्षेत्र को और अधिक अस्थिर कर सकते हैं।

    कल्लास ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इजरायल को आत्मरक्षा का अधिकार है, लेकिन तनाव बढ़ने से लेबनान में संघर्ष और गहरा सकता है। इसके जवाब में इस्माइल बगाई ने कहा कि यह ‘दोहरे मापदंड का चरम उदाहरण’ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब इजरायल गाजा और लेबनान में सैन्य कार्रवाई कर रहा था, तब यूरोपीय संघ ने उदासीन रुख अपनाया और उसके कुछ सदस्य देशों ने इजरायल को हथियार भी उपलब्ध कराए।

  • रसोई से कारोबार तक असर: एमपी में LPG की भारी कमी, सिर्फ इमरजेंसी सेवाओं को सप्लाई

    रसोई से कारोबार तक असर: एमपी में LPG की भारी कमी, सिर्फ इमरजेंसी सेवाओं को सप्लाई



    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में एलपीजी गैस की कमी अब आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगी है। पिछले तीन दिनों से प्रदेश में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई लगभग ठप पड़ी है, जबकि घरेलू सिलेंडर के लिए भी लोगों को 5 से 7 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। ऑयल कंपनियों के अनुसार फिलहाल प्रदेश में सिर्फ करीब 15 प्रतिशत एलपीजी ही उपलब्ध है, जिसे प्राथमिकता के आधार पर इमरजेंसी सेवाओं और घरेलू उपयोग के लिए रखा गया है। ऐसे में गुरुवार से प्रदेश में गैस संकट और गहराने की आशंका जताई जा रही है।

    कमर्शियल गैस की सीमित सप्लाई के कारण अब सिलेंडर केवल अस्पतालों, सेना और पुलिस की कैंटीन, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बस स्टैंड की कैंटीन जैसे जरूरी स्थानों को ही दिए जाएंगे। इसके लिए खाद्य विभाग को जरूरत के हिसाब से ऑयल कंपनियों को सूची भेजनी होगी। दूसरी ओर होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन और छोटे कारोबारियों को फिलहाल कमर्शियल गैस नहीं मिल सकेगी। इससे खानपान और अन्य व्यवसायों पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है।

    राजधानी भोपाल में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की चिंता बढ़ गई है। भोपाल होटल एसोसिएशन के अनुसार शहर में करीब डेढ़ हजार होटल और रेस्टोरेंट हैं, जहां रोजाना दो से ढाई हजार कमर्शियल सिलेंडर की खपत होती है। जिन संस्थानों के पास कुछ स्टॉक बचा है, वे अधिकतम 48 घंटे तक ही काम चला पाएंगे। इसके बाद गैस सप्लाई नहीं मिलने पर कई होटल और रेस्टोरेंट बंद करने की नौबत आ सकती है। होटल संचालकों ने सरकार से कमर्शियल गैस की आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।

    सरकारी स्तर पर घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। राजधानी के कई इलाकों में लोगों को सिलेंडर बुकिंग के बाद कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ जगहों पर लोगों के बीच सिलेंडर को लेकर भाग-दौड़ की स्थिति भी बनी है।

    इस बीच अधिकारियों का कहना है कि अब एक सिलेंडर की बुकिंग के बाद अगली बुकिंग करीब 25 दिन बाद ही की जा सकेगी। साथ ही सर्वर की तकनीकी समस्या और कुछ लोगों द्वारा अतिरिक्त सिलेंडर जमा करने की वजह से भी एजेंसियों के बाहर भीड़ बढ़ रही है।

    गैस संकट का असर शादी समारोहों पर भी पड़ सकता है। मार्च महीने में प्रदेश में करीब 20 हजार से ज्यादा शादियां होने वाली हैं, जिनमें बड़े पैमाने पर कमर्शियल गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होता है। पिछले तीन दिनों से सिलेंडर नहीं मिलने के कारण कैटरिंग और भोजन व्यवस्था करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    उधर अंतरराष्ट्रीय हालात का असर भोपाल के बाजारों में भी दिखाई देने लगा है। व्यापारियों के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कई खाद्य वस्तुओं और ड्राई फ्रूट्स के दाम बढ़ गए हैं। दालों की कीमतों में तेजी आई है, जबकि मिर्च और धनिया जैसे मसाले भी महंगे हुए हैं। पिस्ता, अंजीर और केसर जैसे ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है क्योंकि इनका आयात बड़े पैमाने पर ईरान के रास्ते होता है।

    कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर पैकेजिंग उद्योग पर भी पड़ा है। प्लास्टिक और पैकेजिंग से जुड़े सामानों के दामों में करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी बताई जा रही है। वहीं खाद्य तेल के बाजार में भी तेजी देखी जा रही है। सोयाबीन तेल की कीमतों में पिछले पंद्रह दिनों में लगभग 14 रुपए प्रति किलो तक वृद्धि हुई है, जबकि मूंगफली तेल के 15 लीटर जार की कीमत भी तेजी से बढ़ी है।

    इधर गैस और जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी रोकने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 को लागू कर दिया है। इसके तहत गैस की सप्लाई को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर वितरण की व्यवस्था की जा रही है, ताकि जरूरी सेवाओं और घरेलू उपयोग के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

    प्रदेश सरकार ने लोगों से घबराने की बजाय अधिकृत जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी पेट्रोल, डीजल और गैस की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

  • MP: खरगोन में महिला ने पहले 3 मासूमों को कुएं में फेंका, फिर खुद भी कूदी…. तीनों बच्चों की मौत

    MP: खरगोन में महिला ने पहले 3 मासूमों को कुएं में फेंका, फिर खुद भी कूदी…. तीनों बच्चों की मौत


    खरगोन।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के खरगोन जिले (Khargone District) के सनावद थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां पर एक महिला (Woman) ने अपने तीन मासूम बच्चों ( 3 Innocent Children) को कुएं में फेंक दिया और फिर खुद भी कुएं में कूद गई। जिसके बाद तीनों बच्चों की तो पानी में डूबने से मौत हो गई, लेकिन महिला बच गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधर पति का कहना है कि महिला के साथ उसका कोई विवाद नहीं हुआ था।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला नानी बाई ने अपने दो साल के बेटे अर्जुन और चार वर्षीय पुत्र करण को खेत में बने कुएं में फेंक दिया। इसके बाद वह खुद भी अपने लगभग 15 दिन के शिशु को लेकर कुएं में कूद गई। पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा ने बताया कि यह घटना सनावद थाना क्षेत्र के ग्राम मलगांव और भोमवाड़ा के बीच स्थित एक खेत में हुई।


    खुद बाहर निकली, बच्चों की हो गई मौत

    हालांकि बताया जा रहा है कि नानी बाई तैरना जानती थी। उसने कुएं के भीतर मौजूद रस्सी और सीढ़ी के सहारे किसी तरह बाहर निकलने में सफलता पा ली, लेकिन उसके तीनों बच्चों की पानी में डूबने से मौत हो गई।


    घटना के समय महिला का पति काम पर गया था

    घटना की सूचना मिलते ही सनावद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। घटना के समय महिला का पति कालू मजदूरी के लिए खेतों में गया हुआ था। कालू ने पुलिस को बताया कि वह अपने लगभग 20 साथियों के साथ खंडवा जिले के पिपलूद क्षेत्र से मजदूरी के लिए यहां आया हुआ था और सभी मजदूर गेहूं काटने का काम कर रहे थे। मजदूर खेत के पास ही अस्थायी रूप से रह रहे हैं।


    पति बोला- पत्नी के साथ नहीं हुआ था कोई विवाद

    महिला के पति ने बताया कि बुधवार सुबह करीब सात बजे वह अन्य मजदूरों के साथ खेत में गेहूं काटने चला गया था। कुछ समय बाद उसे घटना की सूचना मिली। कालू के अनुसार उसका अपनी पत्नी नानी बाई के साथ किसी प्रकार का विवाद नहीं हुआ था। पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि महिला ने ऐसा कदम क्यों उठाया। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच की जा रही है।

  • बैंक पर हमले पर भड़का ईरान, मुस्लिम देशों को दी चेतावनी, सिटी बैंक ने दुबई में अपनी कई शाखाएं कीं बंद

    बैंक पर हमले पर भड़का ईरान, मुस्लिम देशों को दी चेतावनी, सिटी बैंक ने दुबई में अपनी कई शाखाएं कीं बंद



    नई दिल्ली। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने गुरुवार को देश के सबसे पुराने बैंक की शाखा पर हुए बम हमले की निंदा की और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। इससे पहले ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने मिडिल ईस्ट में बैंक और वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाने की योजना का ऐलान किया था। इस खतरे को देखते हुए सिटी बैंक ने संयुक्त अरब अमीरात में केवल एक शाखा को छोड़कर अपनी सभी शाखाएं बंद रखने का निर्णय लिया। सुरक्षा चिंताओं के चलते अन्य कई अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों ने भी अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह दी है।
    अराघची ने जताया दुख
    ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि देश के सबसे पुराने बैंक की शाखा पर हमला उस समय हुआ, जब यह कर्मचारियों से भरी हुई थी। ये कर्मचारी ईरानी नए साल से पहले लोगों की मदद में लगे हुए थे। अराघची ने कड़े शब्दों में कहा कि ईरान के सशस्त्र बल इस अपराध का प्रतिशोध जरूर लेंगे। उनका यह बयान खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे विदेशी बैंकों के बीच डर का माहौल पैदा कर गया।

    घटना तेहरान के बैंक सेपाह की एक इमारत या डेटा सेंटर पर कथित इजरायली-अमेरिकी हमले के बाद सामने आई। ईरानी मीडिया के अनुसार, यह हमला रात में हुआ और बैंक उस समय सैन्य कर्मचारियों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया में काम कर रहा था।

    ज्वाइंट सैन्य कमान का ऐलान
    ईरान की ज्वाइंट सैन्य कमान खतम अल-अनबिया हेडक्वाटर ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि अब मिडिल ईस्ट में बैंक और वित्तीय संस्थान उनके निशाने पर होंगे। कमान ने मुस्लिम देशों को चेतावनी दी कि अब उनके निशाने पर मिडिल ईस्ट के बैंक और वित्तीय संस्थान हैं, और इनके लिए आवश्यक तैयारी कर ली गई है। स्थानीय लोगों को सलाह दी गई कि वे बैंकों से एक किलोमीटर की दूरी बनाए रखें।

    सिटी बैंक ने शाखाएं बंद कीं
    बदलते हालात को देखते हुए सिटी बैंक ने यूएई में अपनी अधिकांश शाखाओं को बंद करने का निर्णय लिया।

    बैंक ने कहा कि देश में बदलती स्थिति के कारण यह कदम उठाया गया है, हालांकि विस्तार से जानकारी नहीं दी गई।

    अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों पर असर
    ईरान की धमकी ने खासकर दुबई, सऊदी अरब और बहरीन के आर्थिक हितों को जोखिम में डाल दिया है। दुबई, जो कई वैश्विक वित्तीय संस्थानों का केंद्र है, वहां सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि वित्तीय संस्थानों को युद्ध के दायरे में लाने से वैश्विक बैंकिंग क्षेत्र पर गंभीर असर पड़ सकता है।

  • भोपाल में सड़क सुधार के बीच बड़ा संकट: ज्योति कॉम्प्लेक्स की दुकानों में भरा सीवेज, लगा जाम

    भोपाल में सड़क सुधार के बीच बड़ा संकट: ज्योति कॉम्प्लेक्स की दुकानों में भरा सीवेज, लगा जाम


    भोपाल भोपाल के व्यस्त एमपी नगर इलाके में स्थित ज्योति टॉकीज चौराहे के पास धंसी सड़क की मरम्मत का काम शुरू होते ही बुधवार को बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। सीवेज लाइन के काम के दौरान नाले का पानी बंद किए जाने से ज्योति कॉम्प्लेक्स की करीब 150 दुकानों में गंदा पानी भर गया, जिससे व्यापारियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। बदबूदार पानी अचानक बेसमेंट और दुकानों में घुसने से दुकानदारों को दुकानें छोड़कर बाहर आना पड़ा।

    स्थिति बिगड़ती देख आक्रोशित व्यापारियों ने ज्योति टॉकीज से बोर्ड ऑफिस जाने वाले एकमात्र रास्ते को कुछ समय के लिए बंद कर दिया। पहले से ही बोर्ड ऑफिस से ज्योति टॉकीज की ओर आने वाला मार्ग सड़क मरम्मत के कारण बंद है, ऐसे में दोनों तरफ से रास्ते बाधित होने से इलाके में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। चेतक ब्रिज, एमपी नगर जोन-1 और जोन-2 से आने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और लोगों को लगभग दो किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।

    दरअसल, सड़क मरम्मत के दौरान पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने नाले का पानी बंद कर दिया था। इससे सीवेज लाइन पर दबाव बढ़ गया और पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। देखते ही देखते चेंबर ओवरफ्लो हो गए और गंदा पानी सीधे कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में भरने लगा। ज्योति कॉम्प्लेक्स में कई मोबाइल और अन्य व्यापारिक दुकानें बेसमेंट में संचालित होती हैं, इसलिए व्यापारियों को बड़ा नुकसान होने की आशंका भी जताई जा रही है।

    घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और टैंकरों की मदद से बेसमेंट में भरे गंदे पानी को बाहर निकालने का काम शुरू किया। देर रात तक मरम्मत और सफाई का काम चलता रहा। गुरुवार को ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए नगर निगम की टीम पूरे दिन मौके पर नजर रखेगी।

    वहीं ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने के लिए पुलिस ने इलाके में ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया है, ताकि मरम्मत कार्य के दौरान यातायात प्रभावित न हो। अधिकारियों का कहना है कि सड़क और सीवेज लाइन को स्थायी रूप से ठीक करने के लिए यह काम किया जा रहा है।

    गौरतलब है कि पिछले साल भारी बारिश के दौरान एमपी नगर की इसी मुख्य सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया था। उस समय सड़क पर करीब 8 फीट गहरा और लगभग 10 फीट चौड़ा गड्ढा बन गया था, जिसमें एक कार तक समा सकती थी। तब अस्थायी मरम्मत कराई गई थी, लेकिन बाद में पीडब्ल्यूडी ने पूरे हिस्से को मजबूती से दोबारा बनाने का फैसला किया। कई बार टेंडर प्रक्रिया के बाद अब जाकर सड़क सुधार का काम शुरू हुआ है।

  • आज का दिन निवेश, शिक्षा और यात्रा के लिए अनुकूल – 12 मार्च 2026 पंचांग

    आज का दिन निवेश, शिक्षा और यात्रा के लिए अनुकूल – 12 मार्च 2026 पंचांग


    नई दिल्ली।12 मार्च 2026, बुधवार का दिन उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश के साथ शुरू होगा। इस दिन का वार बुधवार है, जो बुध देवता और व्यापार, ज्ञान तथा बुद्धिमत्ता का प्रतीक माना जाता है। योग वैधृति और करण गर हैं, जो विशेष रूप से नए कार्यों की शुरुआत और मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं।

    सूर्योदय और सूर्यास्त
    आज सूर्योदय सुबह 6:25 बजे होगा, जो दिन के आरंभ में सकारात्मक ऊर्जा का संकेत देता है। सूर्यास्त शाम 6:25 बजे तक रहेगा, जिससे दिनभर की गतिविधियों में संतुलन और नियमितता बनी रहेगी।

    चंद्र उदय और नक्षत्र प्रभाव
    चंद्रमा सुबह 6:50 बजे उदय होगा। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र की विशेषता है कि यह मानसिक स्थिरता, अध्ययन और रणनीतिक कार्यों के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जाती है। इस नक्षत्र में किए गए धार्मिक, शिक्षा और निवेश संबंधी कार्य सफलता की ओर बढ़ते हैं।

    अमृतकाल और शुभ समय
    आज का अमृतकाल सुबह 9:30 बजे से 11:15 बजे तक रहेगा। यह समय स्वास्थ्य, शिक्षा, पूजा-पाठ और धन संबंधी कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक का समय भी शुभ है। इस समय नई योजनाओं की शुरुआत और महत्वपूर्ण बैठकें लाभकारी साबित हो सकती हैं।

    राहु काल और अशुभ समय
    आज दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे तक का राहु काल है। इस अवधि में किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय, निवेश या यात्रा को टालना बेहतर रहेगा। साथ ही रात 8:00 बजे से 9:30 बजे तक का समय अशुभ माना गया है, इसलिए व्यक्तिगत और व्यापारिक निर्णय इस समय से परहेज करें।

    गुलिक काल
    सुबह 10:00 बजे से 11:30 बजे तक का गुलिक काल है। इस समय कुछ सीमित और सावधानीपूर्वक कार्य किए जा सकते हैं, लेकिन निवेश या बड़े फैसले टालना हितकर रहेगा।

    विशेष टिप्स और सावधानियां
    बुधवार का दिन बुद्ध और व्यापार से जुड़े कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। आज शिक्षा, निवेश, यात्रा, नए प्रोजेक्ट्स और पूजा-पाठ में लाभ मिलने की संभावना अधिक है। वहीं राहु काल और अशुभ समय में कोई भी महत्वपूर्ण कार्य या यात्रा टालना लाभकारी रहेगा। ध्यान रखें कि स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन बनाए रखना भी इस दिन आवश्यक है।

    आर्थिक और व्यक्तिगत निर्णय
    आज निवेश, व्यापारिक सौदे या नए आर्थिक कार्य शुरू करना शुभ रहेगा। किसी भी नई योजना में भागीदारी के लिए सुबह के शुभ समय का लाभ उठाना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में अध्ययन और नए विषय सीखना लाभकारी रहेगा।

    सामाजिक और धार्मिक गतिविधियां
    इस दिन पूजा, धार्मिक अनुष्ठान और सामाजिक कार्यों में भाग लेने से मानसिक संतोष मिलेगा। परिवार और मित्रों के साथ समय बिताना सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाएगा।

    12 मार्च 2026 का दिन न केवल कार्य और निवेश के लिए शुभ है, बल्कि शिक्षा, यात्रा और धार्मिक गतिविधियों में सफलता के संकेत भी देता है। शुभ समय का पालन करते हुए महत्वपूर्ण कार्य करना लाभकारी रहेगा, जबकि राहु काल और अशुभ समय में सतर्क रहना आवश्यक है। आज का दिन संतुलन, सोच-समझ और सकारात्मक दृष्टिकोण के लिए अनुकूल है।

  • फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमले की कोशिश, आरोपी ने तानी पिस्तौल, बोला- 20 साल से मारने की थी योजना

    फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमले की कोशिश, आरोपी ने तानी पिस्तौल, बोला- 20 साल से मारने की थी योजना



    नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार देर रात एक शादी समारोह के दौरान जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई। हालांकि सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता के कारण यह हमला नाकाम हो गया और फारूक अब्दुल्ला सुरक्षित बच गए। पुलिस ने हमलावर को तुरंत पकड़कर हिरासत में ले लिया है।

    जानकारी के अनुसार जम्मू के ग्रेटर कैलाश स्थित एक विवाह समारोह में यह घटना हुई। समारोह में फारूक अब्दुल्ला के साथ उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी भी मौजूद थे। इसी दौरान एक व्यक्ति अचानक उनके करीब पहुंचा और पिस्तौल तानकर गोली चलाने की कोशिश की। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हमले को विफल कर दिया और आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस ने उसके पास से पिस्तौल भी जब्त कर ली है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हमलावर को घेरकर कुछ लोग उसे पकड़ते और मारते-पीटते दिखाई दे रहे हैं।

    कौन है हमलावर?
    पुलिस के अनुसार हमलावर का नाम कमल सिंह जामवाल है, जो जम्मू के पुरानी मंडी क्षेत्र का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि उसका जन्म वर्ष 1963 में हुआ था। जम्मू के पुराने शहर इलाके में उसकी कई दुकानें हैं और वह उन्हीं दुकानों से मिलने वाले किराए से अपना गुजारा करता है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने दावा किया है कि वह पिछले 20 वर्षों से फारूक अब्दुल्ला को मारना चाहता था। उसने कहा कि यह उसका व्यक्तिगत उद्देश्य था। जिस पिस्तौल से गोली चलाई गई, वह भी उसी की बताई जा रही है।

    प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया?
    समारोह में मौजूद राकेश सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम एक राजनीतिक दल के विधि प्रकोष्ठ के अध्यक्ष की बेटी की शादी का था। उन्होंने कहा कि सभी लोग बैठे हुए थे। तभी डॉ. साहब (फारूक अब्दुल्ला) ने कहा कि अब चलना चाहिए। जैसे ही वे उठे, तभी एक व्यक्ति उनके पीछे आया और पिस्तौल तान दी। तभी किसी ने उसे हटाया और गोली ऊपर की ओर चल गई।

    सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
    घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के मंत्री सतीश शर्मा ने कहा कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी लोग सुरक्षित हैं। उन्होंने इसे सुरक्षा में बड़ी चूक बताया और कहा कि जिन नेताओं ने देश के लिए बड़ी कुर्बानियां दी हैं, उन्हें पूरी सुरक्षा मिलनी चाहिए।

    उमर अब्दुल्ला ने कही यह बात
    अपने पिता पर हमले के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ईश्वर की कृपा से उनके पिता एक बड़े खतरे से बच गए। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल लेकर उनके बेहद करीब तक पहुंच गया और उसने नजदीक से गोली चला दी। उन्होंने यह भी कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद एक पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब कोई व्यक्ति हथियार लेकर कैसे पहुंच गया। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

  • चैत्र नवरात्रि 2026: जानिए 9 दिनों में किस दिन कौन सा रंग पहनना है शुभ, पूरी लिस्ट यहां देखें

    चैत्र नवरात्रि 2026: जानिए 9 दिनों में किस दिन कौन सा रंग पहनना है शुभ, पूरी लिस्ट यहां देखें


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व बेहद श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च गुरुवार से हो रही है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व में मां दुर्गा के नौ अलग अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। भक्त इन दिनों व्रत रखते हैं पूजा अर्चना करते हैं और मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न धार्मिक नियमों का पालन करते हैं।

    धार्मिक मान्यताओं और शास्त्रों के अनुसार नवरात्रि के नौ दिनों में हर दिन एक विशेष रंग पहनने की परंपरा भी है। माना जाता है कि उस दिन से जुड़े शुभ रंग को पहनने से देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    नवरात्रि का पहला दिन सफेद

    नवरात्रि के पहले दिन का रंग सफेद माना जाता है। यह पवित्रता शांति और नई शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन देवी शैलपुत्री की पूजा की जाती है जो पर्वतराज हिमालय की पुत्री मानी जाती हैं।

    दूसरा दिन लाल

    नवरात्रि के दूसरे दिन लाल रंग पहनना शुभ माना जाता है। यह रंग प्रेम शक्ति और उत्साह का प्रतीक है। इस दिन देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है जो तपस्या और भक्ति की देवी मानी जाती हैं।

    तीसरा दिन रॉयल ब्लू
    तीसरे दिन का रंग रॉयल ब्लू होता है। यह दिव्य ऊर्जा स्थिरता और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता है। इस दिन देवी चंद्रघंटा की पूजा की जाती है जिनका स्वरूप साहस और वीरता का प्रतीक है।

    चौथा दिन पीला

    नवरात्रि के चौथे दिन पीला रंग पहनना शुभ माना जाता है। यह उत्साह उल्लास और सकारात्मकता का प्रतीक है। इस दिन देवी कुष्मांडा की पूजा की जाती है जिन्हें ब्रह्मांड की सृष्टि करने वाली देवी माना जाता है।

    पाँचवाँ दिन हरा

    पाँचवें दिन का रंग हरा होता है जो उर्वरता विकास और समृद्धि का प्रतीक है। इस दिन देवी स्कंदमाता की पूजा की जाती है जो भगवान कार्तिकेय की माता हैं।

    छठवाँ दिन ग्रे

    छठे दिन स्लेटी यानी ग्रे रंग पहनना शुभ माना जाता है। यह संतुलन शक्ति और धैर्य का प्रतीक है। इस दिन देवी कात्यायनी की पूजा की जाती है जिन्हें शक्ति और साहस की देवी माना जाता है।

    सातवाँ दिन नारंगी

    सातवें दिन का रंग नारंगी है जो ऊर्जा उत्साह और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इस दिन देवी कालरात्रि की पूजा की जाती है जो दुर्गा का उग्र रूप मानी जाती हैं और बुराई का नाश करती हैं।

    आठवाँ दिन पीकॉक ग्रीन

    आठवें दिन का रंग पीकॉक ग्रीन यानी मोर हरा होता है। यह सुंदरता शालीनता और सकारात्मकता का प्रतीक है। इस दिन देवी महागौरी की पूजा की जाती है जिन्हें पवित्रता और शांति की देवी माना जाता है।

    नौवाँ दिन गुलाबी

    नवरात्रि के अंतिम दिन गुलाबी रंग पहनना शुभ माना जाता है। यह प्रेम करुणा और सद्भाव का प्रतीक है। इस दिन देवी सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है जो भक्तों को ज्ञान सिद्धि और सफलता का आशीर्वाद देती हैं। इस प्रकार नवरात्रि के नौ दिनों में निर्धारित रंग पहनकर मां दुर्गा की पूजा करने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति सकारात्मक ऊर्जा और देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

  • एमपी में गर्मी ने दिखाए तेवर, 40 डिग्री सेल्सियस पहुंचा पारा, भोपाल-इंदौर-उज्जैन में बढ़ी गर्मी

    एमपी में गर्मी ने दिखाए तेवर, 40 डिग्री सेल्सियस पहुंचा पारा, भोपाल-इंदौर-उज्जैन में बढ़ी गर्मी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने तेजी से असर दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार को इस सीजन में पहली बार प्रदेश में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रतलाम सबसे गर्म शहर रहा। वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई बड़े शहरों में भी गर्मी के तेवर तेज दिखाई दिए।

    मौसम विभाग के अनुसार, तेज गर्मी के बीच 14 और 15 मार्च को प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम बदल सकता है। इन दिनों बारिश, बादल छाने और गरज-चमक की स्थिति बनने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के प्रभाव के कारण विभाग ने दो दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है।

    बुधवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में गर्मी का असर देखने को मिला। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ग्वालियर और उज्जैन में 37.7 डिग्री, भोपाल में 36.4 डिग्री तथा जबलपुर में 36.5 डिग्री तापमान रहा।

    अन्य शहरों में भी पारा तेजी से बढ़ा। रतलाम में तापमान 40 डिग्री दर्ज किया गया। नर्मदापुरम में 39.9 डिग्री, धार में 39.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 38.4 डिग्री, खजुराहो में 38.2 डिग्री और गुना में 38.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा दमोह, मंडला, उमरिया, सागर, खरगोन, खंडवा और श्योपुर में भी अधिकतम तापमान 37 डिग्री या उससे अधिक रहा। मार्च में पहली बार इतना अधिक तापमान दर्ज किया गया है।

    दूसरे सप्ताह से तेज हुई गर्मी
    प्रदेश में मार्च के दूसरे सप्ताह से ही गर्मी का असर बढ़ने लगा है। ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और इंदौर संभाग के शहरों में तापमान अधिक दर्ज किया जा रहा है। आने वाले दिनों में भी इन क्षेत्रों में गर्मी का प्रभाव ज्यादा रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस समय हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से बदलकर पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हो गई है। हवा में नमी कम है और यह रेगिस्तानी इलाकों से होकर मध्य प्रदेश तक पहुंच रही है, जिससे गर्मी बढ़ रही है।

    इन जिलों में बदलेगा मौसम
    14 मार्च: ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, मुरैना, श्योपुर और भिंड।
    15 मार्च: ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम और बैतूल।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार अप्रैल और मई में प्रदेश में हीट वेव यानी लू चलने की संभावना है। अनुमान है कि करीब 15 से 20 दिन तक लू का असर रह सकता है। आमतौर पर पिछले 10 वर्षों में 15 मार्च के बाद गर्मी तेज होती थी, लेकिन इस बार मार्च की शुरुआत में ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।