Author: bharati

  • DIY होम डेकोर ट्रिक: 20 लीटर की पुरानी पानी की केन से बनाएं मिनी पॉन्ड, फ्री में मिलेगा गार्डन जैसा लुक

    DIY होम डेकोर ट्रिक: 20 लीटर की पुरानी पानी की केन से बनाएं मिनी पॉन्ड, फ्री में मिलेगा गार्डन जैसा लुक

    नई दिल्ली।आजकल लोग अपने घर और गार्डन को सजाने के लिए महंगे डेकोरेशन आइटम खरीदते हैं लेकिन कई बार घर में मौजूद बेकार सामान से भी बेहद खूबसूरत सजावट की जा सकती है। अगर आप भी घर को नेचुरल और यूनिक लुक देना चाहते हैं तो एक साधारण 20 लीटर की पानी की केन से शानदार मिनी पॉन्ड बनाया जा सकता है। यह एक आसान और क्रिएटिव DIY आइडिया है जो कम मेहनत में आपके घर की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा सकता है।

    सोशल मीडिया पर इन दिनों ऐसे कई DIY आइडिया वायरल हो रहे हैं जिनमें बेकार सामान को इस्तेमाल कर नई चीजें बनाई जा रही हैं। इसी तरह एक वीडियो में दिखाया गया है कि किस तरह साधारण वाटर केन को एक खूबसूरत प्लांटेड मिनी पॉन्ड में बदला जा सकता है। अगर आप गार्डनिंग के शौकीन हैं तो यह आइडिया आपके लिए बेहद काम का साबित हो सकता है।

    मिनी पॉन्ड बनाने के लिए सबसे पहले एक खाली 20 लीटर की पानी की केन लें और उसे अच्छी तरह साफ कर लें। केन जितनी साफ होगी अंदर का दृश्य उतना ही साफ और आकर्षक दिखाई देगा। इसके बाद केन के निचले हिस्से को सावधानी से काट लें ताकि वह खुला टैंक जैसा दिखने लगे।

    इसके बाद केन के ढक्कन में एक छोटा सा छेद करें और उसमें एक प्लास्टिक की टोटी फिट कर दें। यह टोटी बाद में पानी निकालने और सफाई करने के काम आएगी। जब टोटी फिट हो जाए तो ढक्कन को केन में अच्छी तरह बंद कर दें।

    मिनी पॉन्ड बनाते समय सबसे बड़ी समस्या पानी के रिसाव की हो सकती है। इसलिए ढक्कन को बंद करने से पहले उस पर टेफ्लॉन टेप अच्छी तरह लपेट दें ताकि पानी बाहर न निकले। इसके अलावा सुरक्षा के लिए ढक्कन और टोटी वाली जगह को एम सील से भी सील कर सकते हैं। इससे पानी का रिसाव पूरी तरह रुक जाता है।

    इसके बाद केन को उल्टा करके सेट करें और उसमें पानी भर दें। अब इसमें छोटे-छोटे जलीय पौधे लगाए जा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर रोटाला रोटुंडिफोलिया ग्रीन नाम का पौधा छोटे प्लास्टिक कंटेनर में एक्वेरियम सॉइल के साथ लगाया जा सकता है। इसके अलावा एनुबियास जैसे पौधे भी इसमें लगाए जा सकते हैं। एनुबियास की खासियत यह है कि इसे मिट्टी की जरूरत नहीं होती और यह पत्थर या लकड़ी के सहारे भी आसानी से बढ़ जाता है।

    अगर आप चाहें तो इस मिनी पॉन्ड में छोटी मछलियां और झींगे भी रख सकते हैं। लेकिन चूंकि इसमें कोई फिल्टर नहीं लगाया जाता इसलिए बहुत ज्यादा जीव नहीं रखने चाहिए। इसमें एम्बर टेट्रा जैसी छोटी मछलियां और कुछ झींगे रखना बेहतर माना जाता है ताकि पानी ज्यादा गंदा न हो और बायोलोड कम बना रहे।

    पौधों को सही तरीके से बढ़ने के लिए रोशनी भी जरूरी होती है। इसके लिए एक साधारण एक्वेरियम एलईडी लाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है जिसे रोजाना लगभग सात घंटे तक जलाया जा सकता है। इससे पौधे स्वस्थ रहते हैं और मिनी पॉन्ड देखने में भी बेहद खूबसूरत लगता है।

    पानी की सफाई के लिए केन में लगी टोटी काफी मददगार होती है। जब भी पानी बदलना हो तो नीचे लगे टैप को खोलकर आसानी से पानी निकाला जा सकता है और नया पानी डाला जा सकता है।

    इस तरह घर में पड़ी एक साधारण और बेकार पानी की केन को इस्तेमाल कर आप बेहद खूबसूरत मिनी पॉन्ड बना सकते हैं। यह न केवल घर की सजावट को खास बनाता है बल्कि गार्डनिंग के शौकीनों के लिए भी एक शानदार और किफायती आइडिया साबित होता है।

  • Women’s Day Special: पैरों की थकान से राहत दिलाएगा टोगा योगा, 5 मिनट की ये एक्सरसाइज देगी शरीर और दिमाग को एनर्जी

    Women’s Day Special: पैरों की थकान से राहत दिलाएगा टोगा योगा, 5 मिनट की ये एक्सरसाइज देगी शरीर और दिमाग को एनर्जी


    नई दिल्ली। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में महिलाएं एक साथ कई जिम्मेदारियां निभाती हैं। घर संभालना, ऑफिस का काम करना और परिवार की देखभाल करना उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। ऐसे में अक्सर महिलाएं अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं। दिनभर खड़े रहना, ज्यादा चलना या लंबे समय तक बैठकर काम करना पैरों में दर्द, सूजन और थकान का कारण बन सकता है।

    इन्हीं समस्याओं से राहत दिलाने के लिए एक बेहद आसान और असरदार एक्सरसाइज है टोगा योगा। यह एक सरल फुट एक्सरसाइज है जो पैरों की उंगलियों और तलवों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करती है। टोगा शब्द Toe यानी पैर की उंगलियों और Yoga यानी योग से मिलकर बना है। इसे करने के लिए किसी विशेष उपकरण या ज्यादा समय की जरूरत नहीं होती। दिन में सिर्फ पांच मिनट इस एक्सरसाइज को करने से शरीर और दिमाग दोनों को नई ऊर्जा मिल सकती है।

    टोगा योगा में पैरों की उंगलियों को अलग अलग तरीके से हिलाया और स्ट्रेच किया जाता है। देखने में यह एक्सरसाइज बहुत आसान लगती है लेकिन इसके फायदे काफी प्रभावी होते हैं। हमारे पैरों में कई छोटी छोटी मांसपेशियां होती हैं जो शरीर के संतुलन, चलने फिरने और खड़े रहने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। टोगा योगा इन मांसपेशियों को सक्रिय और मजबूत बनाने में मदद करता है।

    इस एक्सरसाइज का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। जब पैरों की मसल्स मजबूत होती हैं तो लंबे समय तक खड़े रहने या चलने के दौरान थकान कम महसूस होती है। खासतौर पर उन महिलाओं के लिए यह एक्सरसाइज काफी फायदेमंद हो सकती है जिन्हें काम के दौरान लंबे समय तक खड़ा रहना पड़ता है।

    टोगा योगा करने से पैरों में ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है। जब पैरों की उंगलियों को हिलाया और स्ट्रेच किया जाता है तो रक्त प्रवाह में सुधार होता है जिससे सूजन और भारीपन की समस्या कम हो सकती है। बेहतर ब्लड सर्कुलेशन पूरे शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में भी मदद करता है।

    यह एक्सरसाइज मानसिक तनाव और थकान को कम करने में भी सहायक मानी जाती है। जब हम ध्यानपूर्वक पैरों की मांसपेशियों को स्ट्रेच करते हैं तो शरीर में रिलैक्सेशन का एहसास होता है। इससे दिनभर की थकान कम होती है और मन भी शांत महसूस करता है।

    टोगा योगा करने के लिए कुछ आसान एक्सरसाइज अपनाई जा सकती हैं। इसमें टो स्प्रेड एक्सरसाइज के तहत पैरों की सभी उंगलियों को फैलाकर कुछ सेकंड तक उसी स्थिति में रखा जाता है। बिग टो लिफ्ट में पैर की बाकी उंगलियों को जमीन पर रखते हुए केवल अंगूठे को ऊपर उठाने की कोशिश की जाती है। टो कर्ल एक्सरसाइज में पैरों की उंगलियों को अंदर की ओर मोड़कर फिर सीधा किया जाता है। टो टैपिंग में उंगलियों को धीरे धीरे जमीन पर टैप किया जाता है। वहीं तौलिया ग्रिप एक्सरसाइज में जमीन पर रखे छोटे तौलिये को पैरों की उंगलियों से पकड़कर अपनी ओर खींचा जाता है।

    महिलाएं अक्सर अपने परिवार और काम की जिम्मेदारियों के बीच खुद को समय नहीं दे पातीं। लेकिन दिन में सिर्फ कुछ मिनट का यह छोटा सा प्रयास सेहत के लिए बड़ा बदलाव ला सकता है। टोगा योगा एक ऐसी आसान और प्रभावी एक्सरसाइज है जिसे रोजाना अपनाकर पैरों की मजबूती, बेहतर ब्लड सर्कुलेशन और मानसिक राहत हासिल की जा सकती है।

  • Women’s Day Special: साइलेंट बोन लॉस से बचना है तो अपनाएं ये 6 हेल्थ टिप्स, 30 के बाद महिलाओं के लिए बेहद जरूरी

    Women’s Day Special: साइलेंट बोन लॉस से बचना है तो अपनाएं ये 6 हेल्थ टिप्स, 30 के बाद महिलाओं के लिए बेहद जरूरी


    नई दिल्ली। हर साल 8 मार्च को दुनिया भर में विमेंस डे मनाया जाता है। यह दिन केवल महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए ही नहीं बल्कि उनकी सेहत के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए भी खास माना जाता है। अक्सर महिलाएं परिवार और काम की जिम्मेदारियों में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं। खासतौर पर 30 की उम्र के बाद शरीर में कई ऐसे बदलाव शुरू हो जाते हैं जिनका असर हड्डियों की मजबूती पर भी पड़ता है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कई महिलाओं में 30 साल की उम्र के बाद बोन डेंसिटी धीरे धीरे कम होने लगती है। हड्डियों के कमजोर होने की इस प्रक्रिया को मेडिकल भाषा में ऑस्टियोपोरोसिस या साइलेंट बोन लॉस कहा जाता है। इसे साइलेंट बीमारी इसलिए कहा जाता है क्योंकि शुरुआती दौर में इसके लक्षण साफ दिखाई नहीं देते। जब तक इसका पता चलता है तब तक कई बार हड्डियां काफी कमजोर हो चुकी होती हैं और मामूली चोट में भी फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक महिलाओं में हड्डियों के कमजोर होने का सबसे बड़ा कारण शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का कम होना है। यह हार्मोन हड्डियों को मजबूत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जैसे जैसे उम्र बढ़ती है और खासकर मेनोपॉज के दौरान इसका स्तर तेजी से घटने लगता है। इसके अलावा कैल्शियम और विटामिन D की कमी भी हड्डियों को कमजोर बना सकती है।

    आज की लाइफस्टाइल भी इस समस्या को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रही है। लंबे समय तक बैठकर काम करना, एक्सरसाइज न करना और शारीरिक गतिविधियों की कमी हड्डियों को कमजोर कर सकती है। वहीं धूम्रपान और अधिक शराब का सेवन भी शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को प्रभावित करता है जिससे हड्डियों की ताकत धीरे धीरे कम होने लगती है।

    कुछ मामलों में पारिवारिक इतिहास भी इस समस्या का कारण बन सकता है। अगर परिवार में किसी को पहले से ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या रही है तो महिलाओं में इसका खतरा ज्यादा हो सकता है। इसके अलावा बहुत कम वजन वाली महिलाओं में भी हड्डियों के कमजोर होने की संभावना अधिक रहती है।

    साइलेंट बोन लॉस का खतरा इसलिए भी ज्यादा माना जाता है क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण आसानी से समझ नहीं आते। कई बार हल्की चोट में भी हड्डी टूट जाना, कमर या पीठ में लगातार दर्द रहना, शरीर का झुकना या उम्र के साथ लंबाई का धीरे धीरे कम होना इसके संकेत हो सकते हैं। इसलिए विशेषज्ञ समय समय पर बोन डेंसिटी टेस्ट कराने की सलाह देते हैं ताकि हड्डियों की स्थिति का सही पता चल सके।

    हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए सही खानपान और स्वस्थ जीवनशैली बेहद जरूरी है। कैल्शियम और विटामिन D से भरपूर आहार जैसे दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां, बादाम, अखरोट और मछली का सेवन हड्डियों के लिए फायदेमंद माना जाता है। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह से सप्लीमेंट भी लिए जा सकते हैं।

    इसके अलावा नियमित व्यायाम भी हड्डियों की मजबूती के लिए बहुत जरूरी है। रोजाना वॉकिंग, योग, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और हल्की एक्सरसाइज करने से हड्डियां मजबूत रहती हैं और शरीर भी एक्टिव बना रहता है।

    विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि कैफीन और शराब का अधिक सेवन करने से बचना चाहिए और धूम्रपान से दूरी बनाकर रखना चाहिए। साथ ही मानसिक तनाव को कम करने के लिए योग और मेडिटेशन जैसी आदतें अपनाना भी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है।

    महिलाओं के लिए जरूरी है कि वे अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और समय समय पर हेल्थ चेकअप कराएं। सही डाइट, एक्टिव लाइफस्टाइल और नियमित जांच की मदद से हड्डियों को लंबे समय तक मजबूत और स्वस्थ रखा जा सकता है।

  • आज रंग पंचमी पर लगाएं लड्डू गोपाल को ये प्रिय भोग, घर में बनी रहेगी सुख, समृद्धि और खुशहाली

    आज रंग पंचमी पर लगाएं लड्डू गोपाल को ये प्रिय भोग, घर में बनी रहेगी सुख, समृद्धि और खुशहाली


    नई दिल्ली । रंग पंचमी का त्योहार भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और उनकी लीलाओं से जुड़ा हुआ माना जाता है। होली के पांच दिन बाद आने वाला यह पर्व भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है और इस दिन कई घरों और मंदिरों में लड्डू गोपाल का श्रृंगार और पूजा होती है। माना जाता है कि जिस घर में लड्डू गोपाल की सेवा होती है वहां हमेशा सुख समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है।

    भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल को बच्चे की तरह ही समझा जाता है। उनकी देखभाल और पूजा भी उसी तरह की जाती है जैसे घर के छोटे बच्चों की। त्योहारों के समय उनके लिए विशेष मिठाइयाँ और व्यंजन बनाना एक परंपरा रही है। रंग पंचमी पर भी भक्त लड्डू गोपाल का श्रृंगार करते हैं और उन्हें स्वादिष्ट भोग अर्पित करते हैं।

    इस दिन लड्डू गोपाल को भोग लगाना बेहद शुभ माना जाता है। सबसे प्रिय माना जाने वाला भोग गुजिया है। होली के समय बनने वाली यह मिठाई भगवान को बहुत प्रिय मानी जाती है। कई घरों और मंदिरों में रंग पंचमी पर सबसे पहले गुजिया लड्डू गोपाल को अर्पित की जाती है। माना जाता है कि इससे भगवान प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। गुजिया के अलावा चंद्रकला और अन्य पारंपरिक मिठाइयाँ भी भोग में लगाई जाती हैं।

    भगवान श्रीकृष्ण को दही बहुत प्रिय है इसलिए इस दिन लड्डू गोपाल को दही या मीठी दही का भोग लगाना भी शुभ माना जाता है। अगर घर में दही से कोई व्यंजन उपलब्ध हो तो उसे भी अर्पित किया जा सकता है। केवल दही और चीनी मिलाकर भोग लगाना भी भगवान को प्रिय होता है और इससे परिवार में प्रेम और आपसी सद्भाव बना रहता है।

    जलेबी और मालपुए का भोग भी इस दिन लगाना विशेष लाभकारी माना जाता है। कई मंदिरों में रंग पंचमी पर जलेबी और मालपुए का भोग विशेष रूप से लगाया जाता है। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और भगवान की कृपा से घर में खुशहाली आती है।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान को भोग लगाने में सबसे महत्वपूर्ण तत्व श्रद्धा और भक्ति है। अगर भक्त सच्चे मन से भोग अर्पित करता है तो भगवान प्रसन्न होते हैं। इसलिए रंग पंचमी पर लड्डू गोपाल की सेवा करते समय प्रेम और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। भोग लगाने के बाद भगवान की आरती करना और प्रसाद को परिवार में बाँटना भी शुभ माना जाता है।

    रंग पंचमी का त्योहार ब्रज क्षेत्र की परंपराओं से जुड़ा है जहां इस दिन रंगों और गुलाल के साथ भगवान कृष्ण की पूजा होती है। मंदिरों में भजन-कीर्तन और उत्सव का आयोजन किया जाता है। यह पर्व प्रेम भक्ति और आनंद का प्रतीक है और भक्त इस दिन भगवान श्रीकृष्ण से सुख समृद्धि और शांति की कामना करते हैं।

    घर में लड्डू गोपाल की पूजा सुबह स्नान के बाद करें। सबसे पहले उनका श्रृंगार करें उन्हें नए वस्त्र पहनाएं और फूलों से सजाएं। इसके बाद मिठाइयाँ और दही का भोग लगाएं भगवान की आरती करें और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना करें। छोटे बच्चों को पूजा में शामिल करना भी शुभ माना जाता है क्योंकि इससे उनमें भगवान के प्रति श्रद्धा और भक्ति बढ़ती है।

  • आज महिला दिवस पर काशी विश्वनाथ मंदिर में महिलाओं के लिए खास पहल, वीआईपी दर्शन और फ्री एंट्री

    आज महिला दिवस पर काशी विश्वनाथ मंदिर में महिलाओं के लिए खास पहल, वीआईपी दर्शन और फ्री एंट्री


    नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर ने महिलाओं के लिए एक खास पहल की है। इस दिन मंदिर प्रशासन ने महिलाओं को विशेष वीआईपी दर्शन और मुफ्त प्रवेश की सुविधा देने की घोषणा की है, ताकि श्रद्धालु महिलाएं बाबा विश्वनाथ के दर्शन आसानी से कर सकें और महिला दिवस को एक आध्यात्मिक अनुभव के रूप में मना सकें।

    गेट नंबर 4-बी से मिलेगा निशुल्क प्रवेश

    मंदिर प्रशासन के अनुसार आज रविवार को सभी महिला श्रद्धालुओं के लिए गेट नंबर 4-बी से विशेष प्रवेश की व्यवस्था की गई है। चाहे महिलाएं काशी की निवासी हों या बाहर से आई हों, सभी को इस दिन निशुल्क दर्शन का अवसर मिलेगा। इस व्यवस्था के तहत महिलाएं सीधे बाबा विश्वनाथ की झांकी तक पहुँच सकेंगी और किसी भी प्रकार का टिकट लेने की आवश्यकता नहीं होगी।

    बच्चों के साथ आई महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता

    काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने यह भी कहा कि जो महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ आएंगी, उन्हें विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। बालक या बालिका के साथ आई महिलाओं को पहले प्रवेश मिलेगा। मंदिर में आने वाली महिलाओं को भीड़ से बचाने और सहज दर्शन कराने के लिए अलग व्यवस्था की गई है, ताकि लंबी कतारों में खड़े होने की परेशानी न हो।

    सीईओ ने दी जानकारी

    काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा ने बताया कि महिला दिवस पर सुबह चार बजे से पांच बजे तक और शाम चार बजे से पांच बजे तक का समय काशीवासियों के लिए आरक्षित रहेगा। इस दौरान पहले से चल रही विशेष दर्शन व्यवस्था जारी रहेगी। दिन के बाकी समय में महिलाओं के लिए वीआईपी प्रवेश और दर्शन की विशेष सुविधा लागू रहेगी।

    आसान और सम्मानजनक दर्शन का उद्देश्य

    मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को सम्मान देना और उन्हें सहज तरीके से दर्शन कराने का अवसर प्रदान करना है। हर साल बड़ी संख्या में महिलाएं काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने आती हैं और महिला दिवस पर यह सुविधा उनके लिए एक विशेष उपहार की तरह है।

    महिलाओं के लिए अनूठा अनुभव

    वीआईपी दर्शन और मुफ्त प्रवेश की यह व्यवस्था महिला श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार अनुभव साबित होगी। कई महिलाएं दूर-दूर से बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने आती हैं, और इस सुविधा के कारण उनकी यात्रा और भी सुखद और आरामदायक बन जाएगी।

    काशी विश्वनाथ मंदिर की धार्मिक महत्ता

    काशी विश्वनाथ मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध और पवित्र मंदिरों में से एक है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं। काशी को भगवान शिव की नगरी माना जाता है और मंदिर के पुनर्विकास के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और भी बढ़ गई है।

    मंदिर प्रशासन की सकारात्मक पहल

    महिला दिवस पर वीआईपी दर्शन की यह सुविधा मंदिर प्रशासन की एक सकारात्मक पहल मानी जा रही है। इससे न केवल महिलाओं को विशेष सम्मान मिलेगा, बल्कि यह दिखाता है कि धार्मिक स्थलों पर भी महिलाओं की सुविधा और सम्मान का ध्यान रखा जा रहा है।

  • ईरानी हमले में अमेरिकी THAAD डिफेंस सिस्टम क्षतिग्रस्त, जॉर्डन का रडार तबाह; अमेरिका को बड़ा सैन्य और आर्थिक नुकसान

    ईरानी हमले में अमेरिकी THAAD डिफेंस सिस्टम क्षतिग्रस्त, जॉर्डन का रडार तबाह; अमेरिका को बड़ा सैन्य और आर्थिक नुकसान



    नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। ईरान ने सऊदी अरब, UAE और जॉर्डन में तैनात अमेरिकी टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम को निशाना बनाया। जॉर्डन के ‘मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस’ पर तैनात THAAD का रडार सिस्टम पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यह रडार सिस्टम THAAD का सबसे अहम हिस्सा है, जो दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों की पहचान और ट्रैकिंग करता है।

    एक पूरे THAAD सिस्टम की कीमत लगभग ₹22 हजार करोड़ होती है, जबकि केवल रडार सिस्टम की कीमत ही 2,700 करोड़ रुपए (लगभग 300 मिलियन डॉलर) तक है। अमेरिका के पास वैश्विक स्तर पर केवल 7-8 ऐसे सिस्टम हैं, इसलिए यह हमला उनके लिए गंभीर सैन्य और आर्थिक नुकसान के रूप में देखा जा रहा है। THAAD सिस्टम का नुकसान अमेरिका के क्षेत्रीय डिफेंस नेटवर्क पर भी बड़ा असर डाल सकता है।

    इस बीच, ईरान का युद्धपोत IRIS लावन भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है। तकनीकी खराबी के कारण 28 फरवरी को ईरान ने भारत से मदद मांगी थी, और भारतीय नौसेना ने 1 मार्च को इसे डॉक करने की अनुमति दी। जहाज पर मौजूद 183 क्रू मेंबर फिलहाल भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं। यह युद्धपोत हाल ही में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR 2026) और मिलान 2026 नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था। इससे पहले अमेरिका ने भारत लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS देना को श्रीलंका के पास हमला कर डुबा दिया था, जिसमें 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए थे।

    इजराइल ने भी ईरानी सेना के एयरफोर्स कमांड सेंटर पर हमला किया। इजराइली सेना ने दावा किया कि इस हमले में बैलिस्टिक मिसाइल निर्माण स्थल, एयर डिफेंस सिस्टम और सैन्य गोदाम को निशाना बनाया गया। यह हमला ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने और क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

    UAE के राष्ट्रपति Mohammed bin Zayed Al Nahyan ने कहा कि देश युद्ध जैसी स्थिति से गुजर रहा है, लेकिन वह अपने लोगों और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने में सक्षम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि UAE कमजोर नहीं है और किसी भी देश को आसानी से निशाना बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

    साथ ही, ईरान ने बताया कि अमेरिका ने केशम आइलैंड पर स्थित पानी की सफाई प्लांट पर हमला किया, जिससे लगभग 30 गांवों में पीने के पानी की सप्लाई ठप हो गई। ईरान ने इस हमले को गंभीर और खतरनाक कदम बताया, जिससे क्षेत्रीय संकट और गहरा गया।

    मध्य-पूर्व में बिगड़ते हालात के बीच जर्मनी ने क्षेत्रीय देशों की मदद के लिए 100 मिलियन यूरो (लगभग 972 करोड़ रुपए) की सहायता देने की घोषणा की। यह धन उन लोगों की मदद के लिए होगा जिन्हें लड़ाई के कारण अपने घर छोड़ने पड़े हैं।

    इस पूरी स्थिति के बीच अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष तेज होता जा रहा है। THAAD सिस्टम के नुकसान से अमेरिकी सुरक्षा नेटवर्क कमजोर हो सकता है, जबकि क्षेत्रीय देशों के नागरिकों के लिए खतरा लगातार बढ़ रहा है। मध्य-पूर्व में यह संघर्ष वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए भी चिंता का विषय बनता जा रहा है।

  • प्रयागराज-हडपसर के बीच 1 अप्रैल से साप्ताहिक विशेष ट्रेन: 16-16 फेरों में सुविधा, भोपाल मंडल से होकर गुजरेगी

    प्रयागराज-हडपसर के बीच 1 अप्रैल से साप्ताहिक विशेष ट्रेन: 16-16 फेरों में सुविधा, भोपाल मंडल से होकर गुजरेगी



    नई दिल्ली। यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए भारतीय रेलवे ने प्रयागराज और हडपसर के बीच साप्ताहिक विशेष ट्रेन चलाने का ऐलान किया है। यह ट्रेन भोपाल मंडल मार्ग से होकर गुजरेगी और 1 अप्रैल 2026 से 15 जुलाई 2026 तक कुल 16-16 फेरों में चलेगी। ट्रेन का संचालन यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है, ताकि भीड़ के समय में सफर आरामदायक और सुरक्षित रहे।

    गाड़ी संख्या 04107 प्रयागराज-हडपसर विशेष ट्रेन प्रत्येक बुधवार को प्रयागराज से सुबह 10:20 बजे रवाना होगी और अगले दिन शाम 7:30 बजे हडपसर पहुंचेगी। वहीं, गाड़ी संख्या 04108 हडपसर-प्रयागराज विशेष ट्रेन प्रत्येक गुरुवार को रात 10:40 बजे हडपसर से प्रस्थान कर शनिवार सुबह 6:30 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। इस ट्रेन में यात्रियों की सुविधा के लिए कुल 20 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें विभिन्न श्रेणियों की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

    ट्रेन मार्ग में शंकरगढ़, डभौरा, मानिकपुर, चित्रकूट धाम, बांदा, महोबा, खजुराहो, छतरपुर, टीकमगढ़, ललितपुर, बीना, रानी कमलापति, इटारसी, खंडवा, भुसावल, मनमाड, कोपरगांव, बेलापुर, अहिल्यानगर और दौंड कॉर्ड लाइन जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव रहेगा।

    रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन की समय-सारणी और आरक्षण संबंधी जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, एनटीईएस पोर्टल या रेलवे हेल्पलाइन से अवश्य प्राप्त करें। इससे यात्रा सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगी।

  • तेज रफ्तार बनी मौत का कारण: भोपाल में कार फेंसिंग तोड़ खदान में गिरी, 24 साल के ड्राइवर की मौत

    तेज रफ्तार बनी मौत का कारण: भोपाल में कार फेंसिंग तोड़ खदान में गिरी, 24 साल के ड्राइवर की मौत


    भोपाल भोपाल के अयोध्या नगर इलाके में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। तेज रफ्तार कार कंचन खदान के पास टर्न पर अनियंत्रित होकर फेंसिंग का तार और खंभा तोड़ते हुए सीधे खदान में भरे पानी में जा गिरी। इस हादसे में 24 वर्षीय रोहित माली की मौत हो गई, जबकि उसके साथ कार में सवार दो दोस्त घायल हो गए। सूचना मिलते ही अयोध्या नगर पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

    पुलिस के अनुसार रोहित माली पेशे से ओला कैब चालक था। शनिवार शाम करीब 5:30 बजे वह सवारी छोड़ने के बाद पिपरिया जाहिर पीर इलाके से अपने दो दोस्तों को कार में बैठाकर अयोध्या नगर की ओर लौट रहा था। इसी दौरान अरेड़ी क्रेशर बस्ती के पास कंचन खदान के नजदीक एक टर्न पर कार की रफ्तार ज्यादा होने के कारण वह वाहन को मोड़ नहीं पाया। कार सीधे फेंसिंग तोड़ते हुए खदान में भरे करीब 8 से 10 फीट गहरे पानी में जा गिरी।

    हादसा होते ही आसपास के लोगों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों ने किसी तरह कार में सवार दोनों युवकों को पानी से बाहर निकाल लिया, लेकिन चालक रोहित माली सीट बेल्ट लगाए होने के कारण कार के अंदर ही फंस गया और बाहर नहीं निकल सका। पुलिस और नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे बाहर निकाला और तुरंत सीपीआर देने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

    इसके बाद उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं खदान में डूबी कार को नगर निगम की क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया। अयोध्या नगर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। रोहित के शव को पोस्टमार्टम के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज की मोर्चुरी में रखवाया गया है, जहां रविवार को उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा।

  • घर में एक्सपायर्ड दवाओं का स्मार्ट इस्तेमाल: बर्तन साफ करें, ब्लेड तेज करें और कीड़े भगाएं

    घर में एक्सपायर्ड दवाओं का स्मार्ट इस्तेमाल: बर्तन साफ करें, ब्लेड तेज करें और कीड़े भगाएं


    नई दिल्ली । आजकल हर घर में मेडिकल स्टॉक रहता है लेकिन एक्सपायर्ड दवाओं को ज्यादातर लोग सीधे डस्टबिन में फेंक देते हैं। दरअसल इनके रेपर यानी गोलियों और कैप्सूल की एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल घरेलू कामों में बेहद कारगर साबित हो सकता है।

    सबसे पहले रेपर से दवाओं को निकालकर अलग रख लें। यह कड़ाही तवा और अन्य बर्तनों की सफाई में काम आता है। हल्का रगड़ने पर बर्तन फिर से चमकने लगते हैं। इसके अलावा कैंची या मिक्सर ब्लेड की धार कम होने पर भी इन्हीं रेपर से इसे तेज किया जा सकता है। कैंची से रेपर को कई बार काटने पर धार बढ़ती है जबकि मिक्सर ब्लेड के लिए रेपर को छोटे टुकड़ों में काटकर पीस दें।

    एक्सपायर्ड दवाओं का इस्तेमाल कीड़े और बदबू दूर करने में भी होता है। इसके लिए रेपर को गर्म पानी में घोलें और हल्का मीठा सोडा मिलाकर सिंक में डाल दें। इससे कीड़े ब्लॉकेज और बदबू दूर होती है। यह मिश्रण पौधों में लगने वाले फंगस से छुटकारा पाने में भी मदद करता है।

    इस तरह घर में पड़े एक्सपायर्ड दवाओं को केवल फेंकने की बजाय उनका स्मार्ट इस्तेमाल करके आप पैसों की बचत भी कर सकते हैं और रसोई-सफाई ब्लेड तेज करना और कीट नियंत्रण जैसे कई काम कर सकते हैं। यह तरीका सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल भी माना जाता है।

  • पत्नी पर हाथ उठाने का आरोप! करोड़पति यूट्यूबर अनुराग डोबाल विवादों में, भाई ने खोली पोल

    पत्नी पर हाथ उठाने का आरोप! करोड़पति यूट्यूबर अनुराग डोबाल विवादों में, भाई ने खोली पोल


    नई दिल्ली। रियलिटी शो बिग बॉस 17 में नजर आए यूट्यूबर अनुराग डोबाल इन दिनों सोशल मीडिया पर बड़े विवाद में घिरे हुए हैं। 5 मार्च को अपने यूट्यूब चैनल पर दो घंटे लंबा वीडियो शेयर करते हुए अनुराग ने दावा किया कि उनके माता-पिता और भाईयों ने उन्हें परेशान किया और इसी वजह से उनकी पत्नी रितिका चौहान घर छोड़कर चली गई। वीडियो में उन्होंने अपने जीवन की परेशानियों का विवरण देते हुए सुसाइड की ओर इशारा भी किया।

    अनुराग के इस वीडियो के बाद उनके भाई कलम ने इसका जवाब दिया। कलम ने आरोप लगाया कि अनुराग यह सब व्यूज पाने के लिए कर रहे हैं और यह कहानी पूरी तरह झूठ पर आधारित है। कलम ने अपने इंस्टाग्राम चैनल K-Old World पर कई स्क्रीनशॉट शेयर किए, जिसमें अनुराग खुद अपनी पत्नी पर हाथ उठाने की बात कुबूल करते दिखाई दे रहे हैं। एक स्क्रीनशॉट में अनुराग अपनी करीबी दोस्त को बताते हैं कि उन्होंने रितिका को थप्पड़ मारा क्योंकि वह उन्हें परेशान कर रही थीं। इस चैट में अनुराग ने लिखा कि उन्हें रितिका को मारना नहीं चाहिए था लेकिन परिस्थितियों ने मजबूर कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने हंसने वाली इमोजी भी भेजी।

    भाई कलम ने अपनी स्टोरीज में लिखा कि अनुराग रोजाना इसी तरह का ड्रामा करते हैं और यह सब केवल सोशल मीडिया पर ट्रैक्शन पाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अनुराग ने परिवार और पेरेंट्स पर फेक केस भी किया था और कानूनी रूप से हारने के बाद उन्होंने यह वीडियो पोस्ट किया। कलम ने अपने फैंस से अपील की कि इस विवाद में न पड़ें।

    अनुराग डोबाल ने वीडियो में बड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में उनका जीवन पूरी तरह बदल गया और उन्हें उम्मीद नहीं थी कि परिवार और परिस्थितियां उन्हें ऐसे पीछे धकेलेंगी। उन्होंने बताया कि 14 साल की उम्र में उन्हें ब्रेन ट्यूमर निकाला गया और जीवन की चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को पूरा किया।

    यूट्यूबर ने यह भी दावा किया कि उनके माता-पिता ने उनकी शादी रितिका से जाति के कारण विरोध किया और विवाह समारोह में शामिल होने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि परिवार ने उन्हें अन्य रिश्तेदारों के सामने माफी मांगने पर मजबूर किया और कहा कि वे खुश नहीं रहेंगे और उन्हें भी खुश नहीं रहने देंगे। अनुराग ने आगे कहा कि रितिका को कई लोगों ने प्रभावित किया और झूठ बोला, लेकिन उन्होंने हमेशा अपनी पत्नी से प्यार किया।

    इस विवाद ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है और दोनों पक्षों के समर्थक अपने-अपने तर्कों के साथ सामने आ रहे हैं। अनुराग डोबाल और उनके भाई कलम के बीच सामने आए स्क्रीनशॉट और बयान इस कहानी को और विवादित बना रहे हैं। अब यह देखना बाकी है कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और यूट्यूबर परिवार और पत्नी के बीच सुलह कर पाते हैं या नहीं।