Author: bharati

  • MP में स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट के संकेत: स्टाइपेंड को लेकर जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन तेज, जस्टिस मार्च

    MP में स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट के संकेत: स्टाइपेंड को लेकर जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन तेज, जस्टिस मार्च


    भोपाल ।मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका के बीच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन तेज हो गया है। स्टाइपेंड में बढ़ोतरी और लंबित भुगतान को लेकर नाराज रेजिडेंट डॉक्टरों ने विरोध का नया चरण शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर काली पट्टी बांधकर ड्यूटी कर रहे हैं और अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। इस आंदोलन का नेतृत्व Junior Doctors Association जूडा कर रही है जिसने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो सोमवार से नॉन इमरजेंसी सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा।

    आंदोलन का सबसे बड़ा केंद्र प्रदेश की राजधानी Bhopal सहित अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेज बन गए हैं। जूडा के पदाधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार के 7 जून 2021 के आदेश के अनुसार 1 अप्रैल 2025 से CPE के आधार पर स्टाइपेंड में बढ़ोतरी लागू होनी थी और साथ ही लंबित एरियर का भुगतान भी किया जाना था। लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी इस संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। डॉक्टरों का आरोप है कि बार बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद भुगतान और संशोधन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है।

    जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि स्टाइपेंड में देरी केवल आर्थिक समस्या नहीं है बल्कि इसका असर उनके मानसिक और पेशेवर मनोबल पर भी पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेजों में लंबे समय तक ड्यूटी करने और मरीजों की जिम्मेदारी संभालने के बावजूद उन्हें अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। इसी वजह से अब उन्होंने चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति अपनाई है।

    जूडा के अनुसार विरोध की शुरुआत काली पट्टी बांधकर काम करने से की गई है ताकि मरीजों की सेवा भी जारी रहे और सरकार तक उनकी आवाज भी पहुंचे। इसके बाद रविवार को डॉक्टर जस्टिस मार्च निकालेंगे जिसमें बड़ी संख्या में रेजिडेंट डॉक्टर शांतिपूर्ण तरीके से शामिल होंगे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे। इस मार्च का उद्देश्य शासन और प्रशासन को यह संदेश देना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और अब इस पर तुरंत निर्णय लिया जाना चाहिए।

    डॉक्टरों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि इसके बाद भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो सोमवार से नॉन इमरजेंसी सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा। इसमें ओपीडी रूटीन चेकअप और सामान्य चिकित्सा सेवाएं शामिल होंगी। हालांकि जूडा ने भरोसा दिलाया है कि इमरजेंसी सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी ताकि गंभीर मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो।

    गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में भी जूनियर डॉक्टर इसी मुद्दे को लेकर विरोध जता चुके हैं लेकिन स्टाइपेंड संशोधन का मामला अब भी अटका हुआ है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल एजुकेशन विभाग की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर पड़ सकता है।

  • पुलिया से 20 फीट नीचे गिरी गर्भवती महिला, अस्पताल पहुंचते ही दिया बच्ची को जन्म; हादसे के बाद भी मां-बेटी सुरक्षित

    पुलिया से 20 फीट नीचे गिरी गर्भवती महिला, अस्पताल पहुंचते ही दिया बच्ची को जन्म; हादसे के बाद भी मां-बेटी सुरक्षित


    खरगोन । मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक गंभीर सड़क हादसे के बाद भी मां और नवजात की जान सुरक्षित बच गई। जिले के भगवानपुरा क्षेत्र में स्थित सिरवेल के पास शुक्रवार को एक पुलिया पर बड़ा हादसा हो गया। एक अज्ञात बाइक की टक्कर के बाद बाइक सवार दंपती पुलिया से करीब 20 फीट नीचे जा गिरे। हादसे में गर्भवती महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही उसने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।

    मिली जानकारी के अनुसार दंपती बाइक से अस्पताल की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि महिला गर्भवती थी और उसकी तबीयत ठीक नहीं लग रही थी, इसलिए परिवार के सदस्य उसे अस्पताल लेकर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में सिरवेल के पास बनी पुलिया पर सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक का संतुलन बिगड़ गया और दंपती सीधे पुलिया से नीचे जा गिरे।

    करीब 20 फीट नीचे गिरने के कारण दोनों को चोटें आईं, वहीं गर्भवती महिला की हालत को लेकर आसपास मौजूद लोगों में चिंता बढ़ गई। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल दंपती की मदद की। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए महिला को उठाकर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।

    अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने महिला का प्राथमिक उपचार शुरू किया। इसी दौरान महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने तुरंत जरूरी इंतजाम किए और कुछ ही देर में महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। यह खबर सुनते ही वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली, क्योंकि हादसे की गंभीरता को देखते हुए सभी को मां और बच्चे की सुरक्षा को लेकर चिंता थी।

    डॉक्टरों के अनुसार हादसे के बावजूद मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं। फिलहाल महिला का अस्पताल में उपचार चल रहा है और डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। परिवार के सदस्यों ने भी राहत जताई है कि इतने बड़े हादसे के बाद भी मां और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं।

    इस घटना के बाद पूरा मामला इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोग इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं कि इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद महिला ने सुरक्षित बच्ची को जन्म दिया। वहीं पुलिस अज्ञात बाइक चालक की तलाश में जुटी हुई है और मामले की जांच की जा रही है।

  • ईरान-इजराइल युद्ध का असर रसोई तक: LPG सिलेंडर 60 रुपये महंगा, कमर्शियल गैस में भी बड़ी बढ़ोतरी

    ईरान-इजराइल युद्ध का असर रसोई तक: LPG सिलेंडर 60 रुपये महंगा, कमर्शियल गैस में भी बड़ी बढ़ोतरी


    जबलपुर । मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और Iran–Israel conflict का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय हालात और कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव के बीच देश में रसोई गैस के दामों में बढ़ोतरी कर दी गई है। तेल कंपनियों ने घरेलू Liquefied Petroleum Gas (LPG) cylinder की कीमतों में 60 रुपये का इजाफा किया है, जबकि कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 115 रुपये तक बढ़ा दिए गए हैं। नई कीमतें तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई हैं और तेल कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपडेट कर दी गई हैं।

    इस बढ़ोतरी के बाद आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है। खासकर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी बड़ी चिंता बन सकती है, क्योंकि रसोई गैस पहले ही घरेलू बजट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से घरों का मासिक खर्च बढ़ना तय है।

    मध्यप्रदेश की बात करें तो यहां गैस सिलेंडर की कीमतें देश के कई बड़े शहरों से ज्यादा हो गई हैं। प्रदेश के शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी के बाद अब इसकी कीमत करीब 920 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 114 रुपये का इजाफा हुआ है, जिसके बाद इसकी कीमत 2100 रुपये से भी ज्यादा हो गई है।

    दिलचस्प बात यह है कि कई मामलों में मध्यप्रदेश के उपभोक्ताओं को देश के बड़े महानगरों से भी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। उदाहरण के तौर पर New Delhi और Mumbai जैसे महानगरों की तुलना में मध्यप्रदेश के कई शहरों में गैस सिलेंडर महंगा मिल रहा है। परिवहन लागत और टैक्स संरचना के कारण अक्सर राज्यों में गैस के दामों में अंतर देखने को मिलता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है। यदि हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहे तो आने वाले समय में ईंधन और ऊर्जा से जुड़ी अन्य चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं। इसका असर परिवहन, खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की जरूरतों पर भी देखने को मिल सकता है।

    कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने का असर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों पर भी पड़ने की संभावना है। इससे खाने पीने की चीजों की कीमतों में भी धीरे धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। यानी गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी सिर्फ घर की रसोई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बाजार में भी महंगाई का दबाव बढ़ा सकती है।

    फिलहाल नई दरें लागू हो चुकी हैं और उपभोक्ताओं को अब बढ़ी हुई कीमतों पर ही गैस सिलेंडर खरीदना होगा। ऐसे में मिडिल ईस्ट की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है, क्योंकि वहां के हालात का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है।

  • ट्रोलिंग के बीच अदनान शेख का बड़ा बयान पत्नी ने शादी से पहले खुद बदला धर्म किसी पर दबाव नहीं

    ट्रोलिंग के बीच अदनान शेख का बड़ा बयान पत्नी ने शादी से पहले खुद बदला धर्म किसी पर दबाव नहीं

    नई दिल्ली।फेमस यूट्यूबर और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर अदनान शेख एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनकी निजी जिंदगी से जुड़ा विवाद है। दरअसल अदनान की शादी के समय यह आरोप लगे थे कि उन्होंने अपनी हिंदू गर्लफ्रेंड का जबरन धर्म परिवर्तन करवाया और शादी के बाद उन्हें हिजाब पहनने के लिए मजबूर किया। अब इन सभी आरोपों पर अदनान शेख ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है और अपनी बात सामने रखी है।

    हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अदनान शेख ने कहा कि किसी का धर्म बदलवाने का अधिकार उनके पास नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि उनकी पत्नी ने शादी से पहले ही अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन किया था। अदनान के अनुसार भारत एक ऐसा देश है जहां हर व्यक्ति को अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीने की पूरी आजादी है और किसी को भी जबरदस्ती किसी पर फैसला थोपने का अधिकार नहीं है।

    अदनान ने कहा कि लोग बिना पूरी सच्चाई जाने कई तरह की बातें बना लेते हैं। उन्होंने बताया कि उनके आसपास भी ऐसे कई लोग हैं जिनके इंटरफेथ मैरिज हैं। कई परिवारों में पति हिंदू और पत्नी मुस्लिम हैं या फिर इसके उलट भी है। ऐसे में हर रिश्ते को शक की नजर से देखना सही नहीं है। अदनान का कहना है कि यह सब लोगों की छोटी सोच को दर्शाता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि प्यार और धर्म दोनों अलग चीजें हैं और दोनों का अपना महत्व होता है। किसी भी रिश्ते में सबसे जरूरी आपसी समझ और सम्मान होता है। उनके मुताबिक उन्होंने कभी भी अपनी पत्नी पर कोई दबाव नहीं डाला।

    दरअसल अदनान की पत्नी हिजाब पहनती हैं और सार्वजनिक रूप से अपना चेहरा भी नहीं दिखातीं। शादी के दौरान भी उन्होंने मास्क पहनकर ही अपना चेहरा छिपाकर रखा था। इसी वजह से सोशल मीडिया पर कई लोगों ने आरोप लगाया था कि अदनान ने उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया है।

    हालांकि अदनान का कहना है कि यह पूरी तरह उनकी पत्नी का व्यक्तिगत फैसला है। वह अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीना चाहती हैं और इस फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक अदनान की पत्नी का असली नाम रिद्धि बताया जाता है। धर्म परिवर्तन के बाद उन्होंने अपना नाम आयशा शेख रख लिया था। दोनों की शादी साल 2024 में हुई थी और अब वे एक बच्चे के माता पिता भी बन चुके हैं।

    अदनान शेख की बात करें तो वह सोशल मीडिया की दुनिया का जाना माना नाम हैं। यूट्यूब पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं और वे कई म्यूजिक वीडियो और रियलिटी शोज में भी नजर आ चुके हैं। हाल ही में वह द 50 शो को लेकर सुर्खियों में हैं और इससे पहले वह बिग बॉस ओटीटी 3 में भी दिखाई दे चुके हैं। फिलहाल अदनान का कहना है कि उनकी और उनकी पत्नी की जिंदगी खुशहाल है और वे लोगों की आलोचनाओं के बजाय अपने परिवार और काम पर ध्यान देना चाहते हैं।

  • तेल महंगा बेरोजगारी बढ़ी निवेशकों में डर अमेरिकी बाजार में भारी बिकवाली डाउ जोंस गिरा

    तेल महंगा बेरोजगारी बढ़ी निवेशकों में डर अमेरिकी बाजार में भारी बिकवाली डाउ जोंस गिरा

    नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते भू राजनीतिक तनाव का असर अब वैश्विक वित्तीय बाजारों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। ईरान और इजराइल के बीच बढ़ती तनातनी के बीच अमेरिकी शेयर बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की चिंता और अनिश्चितता के कारण 6 मार्च को कारोबार के अंत में प्रमुख अमेरिकी सूचकांक डाउ जोंस 453 अंक गिरकर 47,501 के स्तर पर बंद हुआ।

    केवल डाउ जोंस ही नहीं बल्कि अन्य प्रमुख इंडेक्स भी दबाव में नजर आए। टेक्नोलॉजी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाला नैस्डैक कंपोजिट 361 अंक यानी करीब 1.59 प्रतिशत गिरकर 22,387 पर बंद हुआ। वहीं व्यापक बाजार का संकेत देने वाला एस एंड पी 500 इंडेक्स 90 अंक की गिरावट के साथ 6,740 के स्तर पर आ गया। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों में बढ़ती अनिश्चितता और कमजोर आर्थिक संकेतकों ने निवेशकों का भरोसा कमजोर कर दिया है।

    मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का सीधा असर ऊर्जा बाजार पर भी देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई और कुछ समय के लिए 91 डॉलर से ऊपर भी चली गई। यह अप्रैल 2024 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है और यही कारण है कि निवेशक बाजार में सतर्क रुख अपना रहे हैं।

    इसी बीच अमेरिका से आए कमजोर रोजगार आंकड़ों ने भी निवेशकों की चिंता को बढ़ा दिया है। अमेरिकी श्रम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार पिछले महीने रोजगार वृद्धि उम्मीद से कम रही। गैर कृषि क्षेत्र में नौकरियों के अवसर घटे हैं जबकि बेरोजगारी दर बढ़कर 4.4 प्रतिशत तक पहुंच गई है। विश्लेषकों का मानना है कि श्रम बाजार की कमजोरी आर्थिक गतिविधियों में संभावित सुस्ती का संकेत हो सकती है।

    इन परिस्थितियों के बीच बाजार में स्टैगफ्लेशन को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। स्टैगफ्लेशन वह स्थिति होती है जब आर्थिक विकास धीमा पड़ जाता है लेकिन महंगाई लगातार बढ़ती रहती है। बढ़ती तेल कीमतें और कमजोर रोजगार आंकड़े इस आशंका को और मजबूत कर रहे हैं। यदि ऐसा होता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए यह चुनौतीपूर्ण स्थिति बन सकती है।

    इसके साथ ही अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि इस साल फेडरल रिजर्व कई बार ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। लेकिन महंगाई बढ़ने की संभावना के कारण अब दरों में कटौती सीमित रहने की संभावना जताई जा रही है। आमतौर पर ऊंची ब्याज दरें शेयर बाजार के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं क्योंकि इससे निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता कम हो जाती है।

    जहां अमेरिकी बाजारों में दबाव देखने को मिला वहीं एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख रहा। जापान दक्षिण कोरिया और हांगकांग के प्रमुख शेयर सूचकांक हल्की बढ़त के साथ बंद हुए।

    वैश्विक संकेतों का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा गिरकर 78,919 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी भी गिरावट के साथ 24,450 के स्तर पर आ गया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि जब वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ता है और महंगाई की आशंका मजबूत होती है तो निवेशक अक्सर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। ऐसे माहौल में शेयर बाजारों में अस्थिरता बढ़ना स्वाभाविक माना जाता है।
  • ‘केरल स्टोरी-2’ पर राहुल गांधी की टिप्पणी, बोले- ज्यादा लोग नहीं देख रहे, यह अच्छी बात

    ‘केरल स्टोरी-2’ पर राहुल गांधी की टिप्पणी, बोले- ज्यादा लोग नहीं देख रहे, यह अच्छी बात


    नई दिल्ली। राहुल गांधी ने फिल्म The Kerala Story 2 को लेकर बड़ा बयान दिया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह फिल्म ज्यादा लोग नहीं देख रहे हैं और उनके मुताबिक यह “अच्छी खबर” है।

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने यह बात Marian College Kuttikkanam में छात्रों से बातचीत के दौरान कही।

    चर्चा के दौरान एक छात्र ने फिल्मों को प्रचार के माध्यम के रूप में इस्तेमाल किए जाने को लेकर सवाल पूछा था, जिसके जवाब में राहुल गांधी ने अपनी राय रखी।

    ‘फिल्म खाली-खाली लग रही है’

    राहुल गांधी ने कहा कि अच्छी बात यह है कि केरल स्टोरी-2 को लेकर दर्शकों में खास रुचि दिखाई नहीं दे रही है। उनके मुताबिक यह दिखाता है कि कुछ लोग केरल की परंपराओं और संस्कृति को ठीक से समझ नहीं पाए हैं।

    उन्होंने कहा कि आज के समय में फिल्म, टेलीविजन और मीडिया को एक तरह से “हथियार” की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। राहुल के अनुसार इन माध्यमों का उपयोग लोगों को बदनाम करने, समाज में विभाजन पैदा करने और कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।

    शौक और निजी जीवन पर भी की बात

    छात्रों के सवालों के जवाब में राहुल गांधी ने अपने निजी शौकों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्हें पढ़ना पसंद है और वे जिन विषयों में रुचि रखते हैं, उन पर काफी अध्ययन करते हैं।

    राहुल गांधी ने कहा कि वे बहुत ज्यादा फिल्में नहीं देखते, लेकिन शतरंज खेलना, मार्शल आर्ट्स करना, तैराकी और दौड़ना उन्हें पसंद है और फिट रहने के लिए नियमित व्यायाम भी करते हैं।

    केरल से बहुत कुछ सीखा

    राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने करीब पांच साल तक संसद में वायनाड का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन फिर भी केरल को पूरी तरह समझ पाना आसान नहीं है। हालांकि वहां के लोगों से उन्होंने बहुत कुछ सीखा।

    उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जब वे पहली बार वहां पहुंचे थे, तब एक बड़ी भूस्खलन त्रासदी हुई थी। उस समय लोगों ने जिस तरह एक-दूसरे की मदद की, उससे वे काफी प्रभावित हुए।

    राहुल के अनुसार केरल की परंपराएं और सामाजिक मूल्य बेहद मजबूत हैं।

    शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

    राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि कई विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति किसी खास विचारधारा के आधार पर की जा रही है। उनके मुताबिक शिक्षा को किसी एक विचारधारा तक सीमित नहीं होना चाहिए।

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत अभी संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के स्तर तक नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि अगर भारत को एआई क्षेत्र में आगे बढ़ना है तो देश को अपने डेटा पर मजबूत नियंत्रण रखना होगा।
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  • एक महीने के लिए एकांतवास में जाएंगे बागेश्वर बाबा

    एक महीने के लिए एकांतवास में जाएंगे बागेश्वर बाबा


    छतरपुर। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक महीने के लिए सार्वजनिक जीवन से पूरी तरह दूर रहने वाले हैं। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने खुद बताया है कि वे गुरु आज्ञा से देवभूमि उत्तराखंड में स्थित बद्रीनाथ की पहाड़ियों में एक महीने का एकांतवास करेंगे, जहां वे तप और साधना में लीन रहेंगे।
    इस दौरान वे मोबाइल फोन, टीवी, इंटरव्यू, कथा और अपने प्रसिद्ध दिव्य दरबार से भी पूरी तरह दूर रहेंगे। यानी पूरे महीने तक वे किसी भी तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम या संपर्क में नहीं रहेंगे।

    गुरु आज्ञा से करेंगे साधना

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि उन्हें गुरु की आज्ञा मिली है, इसलिए वे बद्रीनाथ की बर्फीली पहाड़ियों में तपस्या करने जा रहे हैं। उनके मुताबिक जिस मुकाम पर वे आज खड़े हैं, वहां खुद को साधना और आत्मसंयम बनाए रखना बेहद जरूरी है।

    मोबाइल, टीवी और कथा से रहेंगे दूर

    बागेश्वर बाबा ने कहा कि मई महीने में वे पूरी तरह एकांत में रहेंगे। इस दौरान वे मोबाइल फोन, टीवी, इंटरव्यू, कथा कार्यक्रम और लोगों से मुलाकात—सब कुछ त्याग देंगे, ताकि पूरी तरह भक्ति और साधना पर ध्यान दे सकें।

    साधना के बाद लौटेंगे नई ऊर्जा के साथ

    उन्होंने कहा कि यह साधना उनके लिए आत्ममंथन और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करने का समय होगा। एक महीने बाद जब वे लौटेंगे तो नई ऊर्जा, नए विचार और नई तैयारी के साथ समाज और सनातन के लिए फिर से काम शुरू करेंगे।

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि जो कुछ अब तक हासिल किया है, उसे बनाए रखने और सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए साधना जरूरी है, इसलिए वे कुछ समय के लिए दुनिया से दूर रहकर तप करना चाहते हैं।

  • डिजिटल फ्रॉड के शिकार हुए तो मिलेगी राहत, RBI देगा 25 हजार रुपये तक का मुआवजा

    डिजिटल फ्रॉड के शिकार हुए तो मिलेगी राहत, RBI देगा 25 हजार रुपये तक का मुआवजा

    नई दिल्ली। देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड के मामलों के बीच आम बैंक ग्राहकों को राहत देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ा कदम उठाया है। अब यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाता है तो उसे अधिकतम 25,000 रुपये तक का मुआवजा मिल सकता है।

    दरअसल, इसी साल फरवरी में RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए ग्राहकों को सुरक्षा देने के लिए इस योजना की घोषणा की थी। इसके तहत धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन की स्थिति में पीड़ित ग्राहक को शर्तों के साथ मुआवजा दिया जाएगा।

    एक बार ही मिलेगा मुआवजा

    RBI के प्रस्ताव के मुताबिक किसी ग्राहक को जीवन में केवल एक बार ही यह क्षतिपूर्ति दी जाएगी। यह भी तभी संभव होगा जब जांच में यह पाया जाए कि धोखाधड़ी जानबूझकर नहीं हुई और ग्राहक ने अनजाने में अपना पैसा गंवाया है।

    गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा था कि अगर किसी ग्राहक के साथ धोखाधड़ी हो जाती है, चाहे उसमें उसकी गलती हो या किसी और की, तब भी बिना ज्यादा सवाल पूछे 25,000 रुपये तक का भुगतान किया जा सकता है, बशर्ते ट्रांजैक्शन अनजाने में हुआ हो।

    ग्राहक को भी उठाना होगा कुछ नुकसान

    प्रस्ताव के अनुसार धोखाधड़ी की कुल राशि का 15 प्रतिशत हिस्सा खाताधारक को खुद वहन करना होगा। वहीं, अगर ठगी की रकम इससे ज्यादा है, तब भी मुआवजे की अधिकतम सीमा 25,000 रुपये ही रहेगी।

    कब से लागू होगा नियम

    यह प्रस्तावित नियम 1 जुलाई 2026 या उसके बाद किए गए इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ट्रांजैक्शन पर लागू होंगे। केंद्रीय बैंक ने इस मसौदे पर 6 अप्रैल 2026 तक सभी हितधारकों से सुझाव और टिप्पणियां मांगी हैं।

    मुआवजा पाने के लिए जरूरी शर्त

    इस योजना का लाभ लेने के लिए पीड़ित ग्राहक को

    धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन की जानकारी अपने बैंक को देनी होगी

    साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल या हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करनी होगी

    यह शिकायत 5 कैलेंडर दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा

    ग्राहक सुरक्षा नियमों में भी बदलाव

    RBI ने डिजिटल बैंकिंग में ग्राहकों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए नियमों में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव भी दिया है। ड्राफ्ट के अनुसार OTP, PIN, CVV, पासवर्ड या अन्य इलेक्ट्रॉनिक ऑथेंटिकेशन के जरिए मंजूर किए गए ट्रांजैक्शन को अधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन माना जाएगा।

    इसमें ऐसे मामलों को भी शामिल किया जाएगा, जहां ठग खुद को वैध प्राप्तकर्ता बताकर या दबाव बनाकर ग्राहकों से पैसे ट्रांसफर करा लेते हैं।
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  • अयोध्या में अमिताभ बच्चन ने दो साल में चौथी जमीन खरीदी

    अयोध्या में अमिताभ बच्चन ने दो साल में चौथी जमीन खरीदी


    मुंबई। अमिताभ बच्‍चन ने भगवान राम की नगरी में एक और जमीन खरीदकर चर्चा बटोर ली है। सदी के महानायक ने पिछले दो वर्षों में यहां चौथी बार निवेश किया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने करीब 10,617 वर्ग मीटर जमीन लगभग 25.20 करोड़ रुपये में खरीदी है।
    यह जमीन The House of Abhinandan Lodha की परियोजना के पास स्थित है और सरयू नदी के तट के नजदीक विकसित हो रहे लक्जरी लैंड प्रोजेक्ट के आसपास बताई जा रही है। इस जमीन की खरीद एबी कॉर्प लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राजेश ऋषिकेश यादव ने पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए पूरी की।

    अयोध्या में तेजी से बढ़ रहा निवेश
    राम मंदिर अयोध्‍या के निर्माण और उद्घाटन के बाद से अयोध्या में पर्यटन, कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित हो रहा है। इसी वजह से बड़े उद्योगपति और फिल्मी हस्तियां भी यहां रियल एस्टेट में निवेश कर रही हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में अयोध्या सिर्फ धार्मिक पर्यटन ही नहीं बल्कि रियल एस्टेट निवेश का भी बड़ा केंद्र बन सकता है।

    पहले कहां-कहां खरीदी जमीन?
    अमिताभ बच्चन इससे पहले भी अयोध्या में तीन प्लॉट खरीद चुके हैं।
    2024: The Sarayu Project Ayodhya में लगभग 10,000 वर्ग फुट का प्लॉट करीब 14.5 करोड़ रुपये में खरीदा था।

    2025: सरयू नदी के पास ही 25,000 वर्ग फुट का प्लॉट लगभग 40 करोड़ रुपये में लिया।

    2025: उसी क्षेत्र के पास एक और जमीन में निवेश किया गया था, जो सरयू तट के आसपास विकसित हो रही परियोजनाओं से जुड़ी बताई जाती है।

    2026 (नया सौदा): सरयू किनारे के पास लक्जरी प्रोजेक्ट के आसपास 10,617 वर्ग मीटर जमीन 25.20 करोड़ रुपये में खरीदी गई है।

    यूपी से खास जुड़ाव

    अमिताभ बच्चन का उत्तर प्रदेश से पुराना रिश्ता है। उनका पैतृक संबंध Prayagraj से रहा है। ऐसे में अयोध्या में लगातार निवेश को उनके यूपी से भावनात्मक जुड़ाव के तौर पर भी देखा जा रहा है।

    बताया जा रहा है कि अयोध्या में तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन के कारण यहां जमीन की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे बड़े निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ती जा रही है।

  • सोनू सूद के ऑफिस पहुंचे राजपाल यादव ने एक्टर को लगाया गले

    सोनू सूद के ऑफिस पहुंचे राजपाल यादव ने एक्टर को लगाया गले

    मुंबई। बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव ने सोनू सूद के ऑफिस जाकर उनसे मुलाकात की है। सोशल मीडिया पर ये वीडियो वायरल हो रहा है। दोनों ने पैपराजी के सामने हंसकर पोज दिए।
    राजपाल यादव इस समय बेल पर जेल से बाहर हैं। अब एक्टर का एक नया वीडियो सामने आया है जिसमें उन्हें एक्टर सोनू सूद के साथ पोज देते हुए देखा जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक राजपाल ने सोनू सूद के ऑफिस जाकर उनसे मुलाकात की।
    वीडियो में देखा जा सकता है कि दोनों एक्टर बाहर आते हैं, मुस्कुराते हैं, एक दूसरे को गले लगाते हैं और पैपराजी के सामने पोज देकर चले जाते हैं। सोशल मीडिया पर ये वीडियो वायरल हो रहा है।
    राजपाल ने दिया था ऐसा बयान

    पिछले महीने फरवरी में दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद राजपाल यादव ने चेक बाउंस मामले में खुद को सरेंडर कर दिया था। इसी के बाद सोनू सूद वो पहले शख्स थे जिन्होंने एक्टर के समर्थन में ट्वीट किया और उन्हें अपनी फिल्म में कास्ट किए जाने के बारे में लिखा था। सोनू ने अन्य लोगों से भी मदद कर उन्हें एडवांस पेमेंट करने की बात कही थी।

    एक्टर की इस मुहीम के बाद कई सेलेब्रिटी आगे आए और राजपाल यादव को मदद ऑफर की। हालांकि, जब राजपाल यादव बाहर आए तो उन्होंने उलट बयान देते हुए सभी को हैरान कर दिया। राजपाल ने कहा कि उन्हें लेकर गलतफहमी है कि उनके पास काम नहीं है। एक्टर ने ये भी कहा कि उनके पास आने वाले सालों में 1200 करोड़ का काम है और जब से वो इंडस्ट्री में हैं काम की कमी नहीं हुई।
    सोनू सूद और राजपाल यादव की मुलाकात

    राजपाल के इस बयान पर सोनू सूद ने अपना रिएक्शन दिया था। एक्टर ने कहा था कि उन्होंने कभी भी ये नहीं कहा कि एक्टर के पास काम नहीं है। उन्होंने बस एडवांस पैसे देकर मदद करने की बात कही थी। इन बयानों के बाद लग रहा था कि शायद ये दोनों एक्टर साथ नहीं नजर आएंगे।

    लेकिन राजपाल यादव वर्सोवा में सोनू सूद के प्रोडक्शन हाउस शक्ति सागर पहुंच गए। दोनों एक्टर्स ने मुलाकात की और फिर पैपराजी के सामने पोज भी दिए। इस मुलाकात की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। हालांकि, ये मीटिंग उनकी आने वाली फिल्म से जुड़ी थी या वजह कुछ और थी? इस बारे में कोई जानकारी नहीं सामने आई है। दोनों एक्टर्स को साथ देखकर फैंस खुश हैं।
    मदद करने वालों के पैसे वापस करेंगे राजपाल

    राजपाल यादव ने चेक बाउंस केस में बेल पर बाहर हैं। एक्टर पर 9 करोड़ का कर्जा था। इस पूरे मामले पर उन्होंने हाल की प्रेस कांफ्रेंस में अपना पक्ष रखा था। एक्टर ने मदद करने वाले लोगों का आभार जताते हुए कहा उनके पैसे चुकाने की बात कही थी।