Author: bharati

  • कूनो नदी में 10 घड़ियाल और कछुए करेंगे आज सुबह प्राकृतिक आवास में प्रवेश, CM मोहन यादव करेंगे उद्धार अभियान का शुभारंभ

    कूनो नदी में 10 घड़ियाल और कछुए करेंगे आज सुबह प्राकृतिक आवास में प्रवेश, CM मोहन यादव करेंगे उद्धार अभियान का शुभारंभ


    मध्यप्रदेश के मोहन यादव आज 1 मार्च 2026 को श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में वन्यजीव संरक्षण अभियान के तहत घड़ियाल और कछुए छोड़ने के कार्यक्रम में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री दोपहर करीब एक बजे हेलीकॉप्टर से कूनो पहुंचेंगे। यहां कूनो नदी में 10 घड़ियालों और कुछ कछुओं को प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा। यह पहल राज्य सरकार की वन्यजीव संरक्षण नीति का हिस्सा है और इसका उद्देश्य कूनो नेशनल पार्क में जैव विविधता को मजबूत करना तथा नदी पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित बनाए रखना है।

    बताया गया है कि यह कार्यक्रम पहले 28 फरवरी को प्रस्तावित था, लेकिन उस दिन मुख्यमंत्री उपस्थित नहीं हो सके थे। उस समय बोत्सवाना से लाए गए नौ चीतों को कूनो में छोड़ने की योजना थी, जिसमें केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री ने भाग लिया। आज का कार्यक्रम पुनर्निर्धारित रूप से घड़ियाल और कछुए संरक्षण अभियान को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया है।

    सीएम के आगमन को देखते हुए कूनो क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि किसी भी स्तर पर सुरक्षा में कोई चूक न हो।

    विशेषज्ञों के अनुसार घड़ियाल और कछुए नदी पारिस्थितिकी तंत्र के महत्वपूर्ण घटक हैं। इनकी उपस्थिति से जलाशयों का प्राकृतिक संतुलन बना रहता है। इस तरह के संरक्षण प्रयास लुप्तप्राय प्रजातियों की सुरक्षा में मदद करते हैं और क्षेत्र को इको-टूरिज्म के रूप में पहचान दिलाने में भी सहायक होते हैं।

    कूनो में लगभग एक घंटे का प्रवास पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव हेलीकॉप्टर से अशोकनगर के लिए रवाना होंगे। यह कार्यक्रम न केवल वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि राज्य में जैव विविधता और पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देने का प्रतीक भी माना जा रहा है।

  • MP Morning News: सीएम ग्वालियर-श्योपुर दौरे पर, बसों की हड़ताल रद्द, कूनो पहुंचे 9 नए चीते और मार्च में खुलेंगे सभी बिजली बिल केंद्र

    MP Morning News: सीएम ग्वालियर-श्योपुर दौरे पर, बसों की हड़ताल रद्द, कूनो पहुंचे 9 नए चीते और मार्च में खुलेंगे सभी बिजली बिल केंद्र


    भोपाल। मध्य प्रदेश की सुबह की ताज़ा खबरों में रविवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के दौरे से लेकर बसों की हड़ताल रद्द होने और कूनो नेशनल पार्क में नए चीते के आगमन तक की जानकारी शामिल है। साथ ही मार्च में सभी छुट्टियों में बिजली बिल भुगतान केंद्र खुले रहेंगे।

    सीएम डॉ मोहन यादव का दौरा

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज रविवार को कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे सुबह 11:00 बजे भोपाल से ग्वालियर के लिए रवाना होंगे। ग्वालियर में स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दोपहर 12:50 बजे श्योपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। श्योपुर में घड़ियाल और कछुओं का रिलीज कार्यक्रम होगा। इसके बाद दोपहर 2:40 बजे अशोकनगर में स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेंगे और शाम 4:25 बजे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे।

    2 मार्च को बसों की हड़ताल रद्द
    मध्य प्रदेश में 2 मार्च को बसों की हड़ताल नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की बैठक के बाद बस ऑपरेटरों ने हड़ताल रद्द करने का फैसला लिया। परिवहन विभाग से जुड़े विवादित राजपत्र फिलहाल होल्ड पर रहेंगे। इस फैसले के बाद राज्य में बसों का संचालन सामान्य रूप से जारी रहेगा और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

    चार साल में 56,128 आत्महत्या के मामले

    मध्य प्रदेश में 1 जनवरी 2022 से अब तक 56,128 लोगों ने खुदकुशी की है। डिप्रेशन से जुड़े मामलों में 7,000 से अधिक मौतें हुई हैं। पारिवारिक कलह, नशे की लत, आर्थिक तंगी और कर्ज जैसे कारणों से यह संख्या बढ़ी है। आंकड़े इस प्रकार हैं:

    14% डिप्रेशन से

    11% लंबी बीमारियों से

    9% नशे की लत से

    7% कर्ज/आर्थिक तंगी से

    5% अकेलेपन के कारण

    4% प्रेम प्रसंग में असफलता

    कूनो नेशनल पार्क में 9 नए चीते

    बोत्सवाना से 6 मादा और 3 नर चीते शनिवार को मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क पहुंचे। अब देश में चीतों की कुल संख्या 48 हो गई है, जिसमें 45 कूनो में और 3 गांधीसागर में हैं।

    मार्च में सभी छुट्टियों में खुलेंगे बिजली बिल केंद्र

    मार्च में राज्य के सभी अवकाशों पर भी बिजली बिल भुगतान केंद्र खुले रहेंगे। इसमें शनिवार, रविवार और त्योहार जैसे होली 3 मार्च गुड़ी पड़वां 19 मार्च जमात उल विदा ईद उल-फितर 20 मार्च रानी अवंती बाई का बलिदान दिवस, रामनवमीं 27 मार्च और महावीर जयंती 31 मार्च शामिल हैं।मध्य प्रदेश में ये फैसले और कार्यक्रम नागरिकों के लिए राहत और सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिए गए हैं।

  • ईरान-इजरायल जंग का असर: अबू धाबी के हिंदू मंदिर पर लटके ताले, आसमानी हमलों से दहला रेगिस्तान

    ईरान-इजरायल जंग का असर: अबू धाबी के हिंदू मंदिर पर लटके ताले, आसमानी हमलों से दहला रेगिस्तान


    नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में छिड़ा भीषण युद्ध अब आस्था के केंद्रों तक पहुँच गया है। ईरान द्वारा अमेरिका और उसके सहयोगियों पर किए जा रहे विनाशकारी पलटवार का सीधा असर अब अबू धाबी स्थित भव्य हिंदू मंदिर पर भी देखने को मिला है। ताजा सुरक्षा हालातों और आसमान से बरसती मिसाइलों के खतरे को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मंदिर को दर्शनार्थियों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की तरफ से संयुक्त अरब अमीरात UAE को निशाना बनाकर लगातार दागी जा रही मिसाइलों और ‘शाहेद’ ड्रोन्स की बढ़ती संख्या ने सुरक्षा व्यवस्था को डिलीट कर नई चुनौतियाँ पेश कर दी हैं। मंदिर प्रशासन ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा दिशानिर्देशों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं और इस कठिन समय में शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

    दूसरी ओर, युद्ध की विभीषिका थमने का नाम नहीं ले रही है। ईरान की तरफ से आ रही मिसाइलों की दूसरी बड़ी खेप की पुष्टि खुद संयुक्त अरब अमीरात की रक्षा प्रणालियों ने की है। अमीरात के सैन्य अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने कई ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया है, लेकिन मलबे के गिरने और संभावित खतरों को देखते हुए यूएई ने अपना हवाई क्षेत्र भी अस्थाई तौर पर बंद कर दिया है। मंदिर बंद होने से वहां पहुँचने वाले श्रद्धालुओं में भारी निराशा है, लेकिन सुरक्षा सर्वोपरि होने के कारण प्रशासन ने किसी भी प्रकार की ढील देने से मना कर दिया है।

    अबू धाबी का यह मंदिर न केवल वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है बल्कि वैश्विक शांति का प्रतीक भी माना जाता है, लेकिन वर्तमान में युद्ध के बादलों ने इसकी रौनक को अस्थाई रूप से ढक दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यूएई सरकार पल-पल की निगरानी कर रही है और नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की जा रही है। मंदिर के द्वार फिर कब खुलेंगे, यह पूरी तरह से आगामी सैन्य घटनाक्रमों और क्षेत्र की शांति बहाली पर निर्भर करेगा।

  • ईरान का 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' पर पलटवार: बुर्ज खलीफा के पास गिरे ड्रोन, यूएई में हाई अलर्ट और दहशत का माहौल

    ईरान का 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' पर पलटवार: बुर्ज खलीफा के पास गिरे ड्रोन, यूएई में हाई अलर्ट और दहशत का माहौल


    नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है, जहाँ खाड़ी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले शहर दुबई में भी अब युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के जवाब में ईरान ने भीषण पलटवार किया है, जिसका सीधा असर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के प्रमुख शहरों पर देखने को मिला है। सबसे चौंकाने वाली खबर दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा से जुड़ी है, जहाँ सुरक्षा कारणों और आसपास हुए विस्फोटों के चलते पूरी इमारत को खाली करा लिया गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि बुर्ज खलीफा को अभी तक सीधे तौर पर निशाना नहीं बनाया गया है और न ही इसे कोई भौतिक नुकसान पहुँचा है, लेकिन एहतियातन इसे खाली कराना शहर में व्याप्त गहरी चिंता और डर का प्रतीक बन गया है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बुर्ज खलीफा के आसपास के क्षेत्र में भारी विस्फोट और काला धुआं उठता हुआ साफ़ देखा जा सकता है। कुछ वीडियो में ईरानी ‘शाहेद’ ड्रोन दो बड़ी इमारतों के बीच गिरते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे वहां भी जोरदार धमाका हुआ। ईरान ने इस जवाबी कार्रवाई के तहत खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को अपना लक्ष्य बनाया है, लेकिन इसकी चपेट में दुबई और अबू धाबी जैसे नागरिक इलाके भी आ गए हैं। अबू धाबी में मिसाइल का मलबा गिरने से एक नागरिक की मौत की खबर है, जबकि दुबई के मशहूर ‘पाम जुमेराह’ इलाके में एक होटल के पास हुए विस्फोट में चार लोग घायल हुए हैं। यूएई की अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणाली ने कई मिसाइलों को बीच हवा में ही नष्ट करने में सफलता पाई है, लेकिन गिरते हुए मलबे ने शहर की शांति को डिलीट कर दहशत फैला दी है।

    ईरानी विदेश मंत्रालय ने इस हमले को जायज ठहराते हुए कहा है कि वे आक्रामकों के खिलाफ निर्णायक जवाब देना जारी रखेंगे। इस हमले के बाद दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन पूरी तरह रोक दिया गया है और पूरे शहर में लोग डर के मारे अपने घरों में दुबक गए हैं। दुबई मीडिया ऑफिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर अफवाहें न फैलाएं और शांति बनाए रखें। यह घटना न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन गई है, बल्कि कुवैत, कतर, बहरीन और सऊदी अरब जैसे पड़ोसी देशों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। फिलहाल, बुर्ज खलीफा को खाली कराने और शहर में हुए इन विस्फोटों ने दुबई की वैश्विक छवि और सुरक्षा दावों को भी प्रभावित किया है। आने वाले समय में यह संघर्ष कितना और फैलता है, यह पूरी तरह से वैश्विक शक्तियों की अगली कार्रवाई पर निर्भर करेगा।

  • NH-72A पर आपत्तिजनक नारेबाजी से तनाव, पुलिस ने दर्ज किया केस; नफरती एजेंडे के खिलाफ सहारनपुर पुलिस का एक्शन

    NH-72A पर आपत्तिजनक नारेबाजी से तनाव, पुलिस ने दर्ज किया केस; नफरती एजेंडे के खिलाफ सहारनपुर पुलिस का एक्शन


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से एक बेहद गंभीर और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाला मामला सामने आया है, जहाँ दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवेNH-72Aकी रेलिंग पर मुस्लिम विरोधी आपत्तिजनक नारे लिखे पाए गए। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और सोशल मीडिया पर इस कृत्य का एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो युवतियां स्प्रे पेंट के जरिए हाईवे के एक ऊंचे हिस्से पर लगी रेलिंग की दीवार पर नफरती भाषा का इस्तेमाल करते हुए लिख रही हैं कि “यह सड़क मुसलमानों के लिए नहीं है।

    इस मामले की गंभीरता को देखते हुए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया NHAIके एक कर्मचारी ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर सहारनपुर की बिहारीगढ़ पुलिस ने ‘हिंदू रक्षा दल’ नामक संगठन के अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता BNSकी धारा 353(2के तहत मामला दर्ज कर लिया है। यह धारा मुख्य रूप से ऐसे बयानों या कृत्यों पर लगाई जाती है जो समाज के विभिन्न वर्गों के बीच गलतफहमी, नफरत या वैमनस्य पैदा करने की क्षमता रखते हैं।

    पुलिस अधीक्षकग्रामीणसागर जैन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता की गहनता से जांच कर रही है। वीडियो फुटेज में एक कार भी दिखाई दे रही है, जिसकी नंबर प्लेट उत्तराखंड में पंजीकृत है। पुलिस अब इस वाहन के मालिक और वीडियो में दिख रही युवतियों की पहचान करने में जुटी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संपत्ति पर इस तरह की नफरती बयानबाजी और सांप्रदायिक तनाव भड़काने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इंटेलिजेंस की मदद से आरोपियों की तलाश कर रही है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने भी स्पष्ट किया है कि हाईवे किसी एक समुदाय विशेष का नहीं, बल्कि देश की साझा संपत्ति है। इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए फैलाई जा रही नफरत और कट्टरपंथी संगठनों की सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और नागरिक समाज ने भी इस घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • T20 World Cup: आज WI से भिड़ेगी टीम इंडिया, जो जीतेगा…. वह सेमीफाइनल में…

    T20 World Cup: आज WI से भिड़ेगी टीम इंडिया, जो जीतेगा…. वह सेमीफाइनल में…


    नई दिल्ली ।
    सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) की अगुवाई वाली टीम इंडिया (Team India) आज टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026 ) सुपर-8 में अपना आखिरी मैच वेस्टइंडीज (West Indies) से खेलने वाली है। IND vs WI का यह मैच एक तरह का वर्चुअल क्वार्टर फाइनल है। जो टीम आज जीतेगी वह सेमीफाइनल (Semi-finals.) के लिए क्वालीफाई करेगी। ग्रुप-1 से साउथ अफ्रीका पहले ही नॉकआउट स्टेज में जगह बना चुका है। वहीं ग्रुप-2 से इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की टीम क्वालीफाई कर चुकी है। आज इंडिया वर्सेस वेस्टइंडीज मुकाबले के जरिए सेमीफाइनल में पहुंचने वाली चौथी टीम की तस्वीर साफ हो जाएगी। सवाल यह है कि अगर भारत सेमीफाइनल में पहुंचता है तो उनका सामना इंग्लैंड या न्यूजीलैंड किससे होगा। आईए समझते हैं-

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 का पहला सेमीफाइनल सुपर-8 ग्रुप-1 की टॉपर टीम और ग्रुप-2 में दूसरे पायदान पर रहने वाली टीम के बीच होगा। वहीं दूसरे सेमीफाइनल में ग्रुप-2 की टॉपर टीम और ग्रुप-1 में दूसरे पायदान पर रहने वाली टीम भिड़ेगी। पहला सेमीफाइनल 4 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा। वहीं दूसरा सेमीफाइनल मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होस्ट किया जाएगा। T20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल 8 मार्च को अहमदाबाद में खेला जाएगा।

    इंग्लैंड और न्यूजीलैंड का तो तय हो चुका है कि वह कौन सा सेमीफाइनल खेलने वाली है। इंग्लैंड ग्रुप-2 की टेबल टॉपर रही है तो उनका मुकाबला वानखेड़े में ग्रुप-1 में दूसरे पायदान पर रहने वाली टीम से होगा। वहीं न्यूजीलैंड अपना सेमीफाइनल मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेलेगी।

    ग्रुप-1 से साउथ अफ्रीका अभी तक नंबर-1 है, उनके खाते में 4 अंक है। वहीं भारत और वेस्टइंडीज 2-2 पॉइंट्स के साथ रेस में है। आज IND vs WI मैच में जो टीम जीत दर्ज करेगी, वो सेमीफाइनल का टिकट कटाएगी। भारत और वेस्टइंडीज में से कोई एक टीम साउथ अफ्रीका के बराबर 4 अंक कर पाएगी। ऐसे में सेमीफाइनल का शेड्यूल नेट रन रेट पर जाकर अटक जाएगा। दरअसल, 4-4 पॉइंट्स होने की वजह से नेट रन रेट के आधार पर तय किया जाएगा कि ग्रुप-1 की टेबल टॉपर कौन सी टीम बनेगी।

    साउथ अफ्रीका का सुपर-8 का आज आखिरी मुकाबला जिम्बाब्वे से है, अफ्रीकी टीम जिस फॉर्म में है उसे देखकर यही उम्मीद लगाई जा रही है कि वह इस मैच को आसानी से अपने नाम कर लेगा। अगर भारत आज वेस्टइंडीज को हराता है तो वह दूसरे नंबर पर ही रहेगा क्योंकि टीम इंडिया नेट रन रेट के मामले में मुश्किल ही साउथ अफ्रीका से आगे निकल पाएगी। ऐसे में कोलकाता के ईडन गार्डन्स पर इंग्लैंड के खिलाफ भारत के सेमीफाइनल मुकाबला होने की उम्मीदें अधिक है। ऐसे में साउथ अफ्रीका की टीम 4 मार्च को न्यूजीलैंड से भिड़ेगी।

    वहीं वेस्टइंडीज के पास नंबर-1 बनने का मौका है। अगर वेस्टइंडीज बड़े अंतर से भारत को हराता है तो वह ना सिर्फ सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेगा, बल्कि टेबल टॉपर भी बन जाएगा। ऐसे में वेस्टइंडीज का सामना न्यूजीलैंड से तो साउथ अफ्रीका का इंग्लैंड से होगा।

  • होली से पहले महंगा हुआ कॉमर्शियल LPG सिलेंडर… घरेलू गैस के दाम में कोई बदलाव नहीं

    होली से पहले महंगा हुआ कॉमर्शियल LPG सिलेंडर… घरेलू गैस के दाम में कोई बदलाव नहीं


    नई दिल्ली।
    होली (Holi) से पहले 1 मार्च को LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस-Liquefied Petroleum Gas) के रेट अपडेट हो गए हैं। उपभोक्ताओं को होली से पहले ही महंगाई का झटका लगा है। कॉमर्शियल एलपीजी (Commercial LPG) (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) सिलेंडर (Cylinder) के उपभोक्ताओं को दिल्ली से पटना तक करीब 28 से 31 रुपये का झटका लगा है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत कि बात यह है कि 14 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। कॉमर्शियल सिलेंडर का मार्च ट्रेंड नहीं बदला। इस बार मार्च ने झटका दे ही दिया।

    दिल्ली में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर आज से 1768.50 पर मिलेगा। इससे पहले 1740.50 में मिल रहा था। कोलकाता में पहले 1844.50 रुपये का था और अब 1875.50 रुपये का हो गया है। मुंबई में कॉमर्शियल सिलेंडर 1692 रुपये की जगह आज से 1720 रुपये में मिलेगा। चेन्नई में अब आज से कॉमर्शियल सिलेंडर 1929 रुपये में मिलेगा। पहले यह 1899.50 रुपये का था।


    घरेलू एलपीजी के रेट

    भारत में इंडियन ऑयल (Indian Oil) के डेटा के आधार पर एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) की कीमतों की बात करें तो आज 14.2 किग्रा वाला घरेलू सिलेंडर दिल्ली में ₹853 में मिल रहा है। जबकि, पटना में इसकी कीमत ₹951 है। मुंबई में ₹852.50 और लखनऊ में ₹890.50 में मिल रहा है। कारगिल में ₹985.5, पुलवामा में ₹969, बागेश्वर में ₹890.5 का है।


    मार्च में महंगाई का ट्रेंड: पिछले 5 सालों का हाल

    पिछले 5 सालों के आंकड़े बताते हैं कि मार्च का महीना एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए अक्सर महंगाई लेकर आया है। खासकर कॉमर्शियल सिलेंडर हर बार इस महीने में महंगा हुआ है, जबकि घरेलू सिलेंडर के रेट जब भी बदले, उपभोक्ताओं को झटका ही लगा। फिलहाल फरवरी 2026 के अंत में दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 853 रुपये, कोलकाता में 879 रुपये, मुंबई में 852.50 रुपये और चेन्नई में 868.50 रुपये में मिल रहा है। वहीं, कॉमर्शियल सिलेंडर दिल्ली में 1740.50 रुपये, कोलकाता में 1844.50 रुपये, मुंबई में 1692 रुपये और चेन्नई में 1899.50 रुपये का भाव है। आइए, साल-दर-साल देखते हैं कि मार्च में कैसे बढ़े दाम।


    2021: दोहरा झटका

    साल 2021 की शुरुआत में ही उपभोक्ताओं को दोहरा झटका लगा। 1 मार्च 2021 को घरेलू एलपीजी सिलेंडर 25 रुपये महंगा होकर दिल्ली में 819 रुपये, कोलकाता में 845.50, मुंबई में 819 और चेन्नई में 835 रुपये पर पहुंच गया। इसी दिन कॉमर्शियल सिलेंडर ने भी रफ्तार पकड़ी और 95 से 98 रुपये की बढ़ोतरी के साथ दिल्ली में 1614, कोलकाता में 1681.50, मुंबई में 1564 और चेन्नई में 1731 रुपये पर पहुंच गया।


    2022: दो बार बढ़े दाम

    2022 में मार्च ने एक नहीं, दो बार रेट अपडेट हुए। 1 मार्च को कॉमर्शियल सिलेंडर ने 105 से 108 रुपये की तक छलांग लगाई। दिल्ली में यह 2012, कोलकाता में 2095, मुंबई में 1963 और चेन्नई में 2146 रुपये पर पहुंच गया। इसके बाद 22 मार्च को घरेलू सिलेंडर पर गाज गिरी और 50 रुपये की बढ़ोतरी के साथ दिल्ली में 949.50, कोलकाता में 976, मुंबई में 949.50 और चेन्नई में 965.50 रुपये हो गए।


    2023: इस साल भी लगा बड़ा झटका

    2023 का मार्च सबसे महंगा साबित हुआ। 1 मार्च को घरेलू सिलेंडर 50 रुपये उछलकर दिल्ली में 1103, कोलकाता में 1129, मुंबई में 1102.50 और चेन्नई में 1118.50 रुपये पर पहुंच गया। वहीं, कॉमर्शियल सिलेंडर ने तो कमर ही तोड़ दी। दिल्ली में 105 रुपये बढ़कर 2120, कोलकाता में 108 रुपये बढ़कर 2222, मुंबई में 106 रुपये बढ़कर 2072 और चेन्नई में 106 रुपये बढ़कर 2268 रुपये पर पहुंच गए।


    2024: कॉमर्शियल में मामूली बढ़ोतरी

    2024 में घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर रहे, लेकिन कॉमर्शियल सिलेंडर ने हल्की बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं को राहत दी। 1 मार्च को 19 किलो वाले सिलेंडर दिल्ली और मुंबई में 26 रुपये, जबकि कोलकाता और चेन्नई में 24 रुपये महंगे हुए। नए दाम दिल्ली में 1795, मुंबई में 1749, कोलकाता में 1911 और चेन्नई में 1961 रुपये रहे।


    2025: हल्की सी बढ़ोतरी

    पिछले साल यानी 2025 में मार्च फिर कॉमर्शियल सिलेंडर पर भारी पड़ा, हालांकि बढ़ोतरी मामूली रही। 1 मार्च को दिल्ली में 6 रुपये की बढ़त के साथ सिलेंडर 1803 रुपये, कोलकाता में 1913, मुंबई में 1756 और चेन्नई में 1965 रुपये पर पहुंच गए। घरेलू सिलेंडर इस बार भी बदलाव से बचा रहा।

  • Char Dham Yatra की तैयारियां अंतिम दौर में…. 6 मार्च से शुरू हो रहे हैं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

    Char Dham Yatra की तैयारियां अंतिम दौर में…. 6 मार्च से शुरू हो रहे हैं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन


    देहरादून।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) में आस्था और अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा मानी जाने वाली चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra) को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra) के लिए इस बार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (Online Registration) 6 मार्च से शुरू होने जा रहा है। टूरिज्म सेक्रेटरी गरब्याल रजिस्ट्रेशन और ट्रैवल से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। तैयारिया अंतिम चरण में हैं और 6 मार्च से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होने जा रहा है। फिलहाल ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए कोई फीस नहीं लगेगी, हालांकि इस पर अभी आखिरी फैसला लेना बाकी है।’


    ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन वालों के लिए भी व्यवस्था

    एक खबर के मुताबिक, टूरिज्म सेक्रेटरी ने बताया है कि ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन यात्रा शुरू होने से कुछ दिन पहले शुरू किया जाएगा। इसके लिए 20 टीमें गठित की गई हैं जो क होटलों आश्रमों और धर्मशालाओं में जाकर ग्रुप में आने वाले भक्तों की बुकिंग में मदद करेंगी।’आपको बता दें कि हर साल लगभग 50 लाख तीर्थयात्री चारों धामों के दर्शन करते हैं। सरकार को उम्मीद है कि इसबार ये संख्या और भी ज्यादा बढ़ सकती है।


    कब खुलेंगे कपाट?

    अक्षय तृतीया के अवसर पर 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुलेंगे। इसके बाद केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। आमतौर पर बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तिथि बसंत पंचमी तथा केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि के पर्व पर घोषित की जाती है।


    मंदिर परिसरों में मोबाइल, कैमरे पर प्रतिबंध

    इस साल चार धाम के मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन और कैमरे पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे। बीते वर्षों में मंदिर परिसरों में स्मार्टफोन और कैमरा ले जाने से दर्शन व्यवस्था में कई समस्याएं सामने आई थीं और इसे देखते हुए मंदिर परिसरों में स्मार्टफोन और कैमरों को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया है। बीते महीने ही इस संबंध में जिलों के जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों तथा विभागीय अधिकारियों की बैठक हुई थी।

  • West Asia की जंग से दुनिया दो खेमों में विभाजित…. ट्रंप के सैन्य अभियान की घोषणा से गहरी हुई चिंता की लकीरें

    West Asia की जंग से दुनिया दो खेमों में विभाजित…. ट्रंप के सैन्य अभियान की घोषणा से गहरी हुई चिंता की लकीरें


    वॉशिंगटन।
    पश्चिम एशिया (West Asia) में भड़की भीषण जंग ने पूरी दुनिया को दो स्पष्ट कूटनीतिक ध्रुवों में विभाजित कर दिया है। शनिवार सुबह जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप (American President Donald Trump) ने ईरान (Iran) के मिसाइल उद्योग (Missile Industry) व उसकी नौसेना को नेस्तनाबूद करने के लिए बड़े सैन्य अभियान की घोषणा की, तो वैश्विक राजनीति की लकीरें और गहरी हो गईं। ईरान में हुए मिसाइल हमलों के बाद वाशिंगटन (Washington) ने इसे ईरानी शासन से खतरों को खत्म करने का मिशन बताया है। इस्त्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Israeli PM Benjamin Netanyahu) ने भी इसे अस्तित्व की रक्षा के लिए उठाया गया कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे ईरानी जनता को अपना भाग्य खुद चुनने का अवसर मिलेगा। संघर्ष शुरू होने के बाद भारत के कश्मीर से लेकर जर्मनी व ब्रिटेन तक कहीं इसके विरोध तो कहीं पक्ष में प्रदर्शन हुए हैं।

    ईरान के हमले की कई इस्लामी देशों ने भी आलोचना की है और अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हमले का समर्थन किया है। यूक्रेन, कतर, यूएई, बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब आदि देशों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। यूएई ने ईरान के हमले को कायराना हरकत करार देते हुए जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखने की बात कही है, जबकि सऊदी अरब ने इसके गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। यूक्रेन ने भी इस तनाव के लिए सीधे तौर पर ईरान के आंतरिक दमन और हालिया महीनों में प्रदर्शनकारियों पर हुई हिंसा को जिम्मेदार ठहराया है।


    शांति की अपील वाले देश

    यूरोपीय संघ, जर्मनी, फ्रांस व ब्रिटेन ने ईरान से अंधाधुंध सैन्य कार्रवाई रोकने व वार्ता दोबारा शुरू करने की अपील की। फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और ब्रिटेन के पीएम कीर स्टारमर ने संयुक्त बयान में कहा, हम पश्चिम एशियाई देशों पर ईरानी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। बेल्जियम ने कहा, ईरानी जनता अपनी सरकार के फैसलों की कीमत न चुकाए।


    रूस-चीन ईरान के पक्ष में

    कई ताकतवर देश ईरान के समर्थन में भी उतरे हैं। इनमें रूस, चीन, ओमान, तुर्किये व नॉर्वे शामिल हैं। रूस ने अमेरिका पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वाशिंगटन ने ईरान के साथ चल रही परमाणु वार्ता का इस्तेमाल केवल अपने सैन्य हमलों को छिपाने के लिए किया। रूस की सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने कहा, शांतिदूत (ट्रंप) ने एक बार फिर अपना चेहरा दिखाया है। चीन ने भी सैन्य कार्रवाई तत्काल रोकने व ईरान की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की मांग की है।

    ब्राजील की सरकार ने ईरान में हमलों की कड़ी निंदा की और क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर गंभीर चिंता जताई। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि ये हमले ऐसे समय में हुए, जब बातचीत की प्रक्रिया चल रही थी, जिसे शांति का एकमात्र व्यवहारिक रास्ता बताया गया। ब्राजील ने स्पष्ट किया कि विवादों के समाधान के लिए संवाद ही वैध और टिकाऊ माध्यम है।


    ईरान आतंक का प्रमुख स्रोत : कार्नी

    कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने पश्चिम एशिया पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और आतंक का मुख्य स्रोत है। उसे किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल करने या विकसित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। मुंबई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्नी ने कहा, ईरान का मानवाधिकार रिकॉर्ड दुनिया में सबसे खराब रिकॉर्डों में से एक है।

    कार्नी ने कहा, कनाडा और उसके अंतरराष्ट्रीय साझेदार लगातार ईरानी शासन से उसके परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने की अपील करते रहे हैं। उन्होंने कन्नानास्किस में हुए जी7 शिखर सम्मेलन और संयुक्त राष्ट्र की ओर से प्रतिबंधों की पुनः बहाली का भी उल्लेख किया। कार्नी ने मुंबई में नवाचार प्रदर्शनी में हिस्सा लिया और विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं से मुलाकात की। कार्नी ने शनिवार को मुंबई में भारत-कनाडा टैलेंट एंड इनोवेशन स्ट्रैटेजी की शुरुआत की।

  • Holi 2026: MP समेत देश के विभिन्न राज्यों में कब रहेगी होली की छुट्टी… 3 या 4 मार्च को? देखें लिस्ट

    Holi 2026: MP समेत देश के विभिन्न राज्यों में कब रहेगी होली की छुट्टी… 3 या 4 मार्च को? देखें लिस्ट


    भोपाल।
    रंगों का त्योहार होली (Holi) हर साल खुशियां लेकर आता है, लेकिन इस बार त्योहार की तारीख को लेकर अलग अलग राज्यों में अंतर होने से छात्रों और अभिभावकों के बीच थोड़ा भ्रम बन गया था। कहीं होली 3 मार्च को मनाई जा रही है तो कहीं 4 मार्च को। अब कई राज्य सरकारों (State Governments) और शैक्षणिक संस्थानों (Educational Establishments) ने स्थिति साफ कर दी है, जिसके बाद स्कूलों की छुट्टियों का कार्यक्रम भी सामने आने लगा है। होली भारत का ऐसा पर्व है जिसे पूरे देश में बेहद उत्साह और परंपराओं के साथ मनाया जाता है। लोग एक दूसरे को रंग लगाते हैं, घरों में मिठाइयां बनती हैं, खास तौर पर गुजिया और पारंपरिक पकवानों का स्वाद लिया जाता है। परिवार और रिश्तेदार एक साथ मिलकर त्योहार की खुशियां बांटते हैं।


    उत्तर प्रदेश में तीन दिन की छुट्टी का ऐलान

    उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) ने होली के मौके पर तीन दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के अनुसार 2 मार्च से 4 मार्च तक सरकारी दफ्तरों और शिक्षण संस्थानों में अवकाश रहेगा। साथ ही सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि फरवरी महीने का वेतन और पेंशन त्योहार से पहले जारी कर दिया जाए ताकि कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी न हो। प्रशासनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 28 फरवरी 2026, जो शनिवार है, उसे कार्य दिवस रखा गया है जबकि 3 मार्च को अवकाश रहेगा।


    दिल्ली में परीक्षा कार्यक्रम के कारण अलग व्यवस्था

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस समय अधिकतर स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं। इसलिए परीक्षा कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए होली के दिन कोई भी परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। सीबीएसई ने भी निर्णय लिया है कि 4 मार्च को कोई बोर्ड परीक्षा नहीं रखी जाएगी, ताकि विद्यार्थी बिना किसी तनाव के त्योहार मना सकें।


    किन राज्यों में 3 मार्च को मनाई जाएगी होली

    देश के कई राज्यों में होली 3 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। इन राज्यों में उसी दिन स्कूलों के बंद रहने की संभावना है।
    महाराष्ट्र
    मध्य प्रदेश
    उत्तराखंड
    असम
    तेलंगाना
    राजस्थान
    पश्चिम बंगाल
    गोवा
    झारखंड
    केरल
    आंध्र प्रदेश

    इन राज्यों में स्थानीय प्रशासन और स्कूल प्रबंधन द्वारा अवकाश की औपचारिक सूचना जारी की जा रही है।


    बिहार में दो दिन बंद रहेंगे स्कूल

    बिहार शिक्षा विभाग के शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार राज्य में 3 और 4 मार्च दोनों दिन स्कूल बंद रहेंगे। यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि यहां होली का उत्सव दो दिनों तक अलग अलग परंपराओं के अनुसार मनाया जाता है।


    इन राज्यों में 4 मार्च को मनाई जाएगी होली

    कुछ राज्यों में पंचांग और स्थानीय मान्यताओं के आधार पर होली 4 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। इन क्षेत्रों में उसी दिन स्कूलों में अवकाश रहेगा।
    गुजरात
    मिजोरम
    ओडिशा
    चंडीगढ़
    मणिपुर
    अरुणाचल प्रदेश
    जम्मू और कश्मीर
    उत्तर प्रदेश
    दिल्ली
    बिहार
    छत्तीसगढ़
    मेघालय
    हिमाचल प्रदेश
    छुट्टी को लेकर स्कूल अलग से जारी करेंगे नोटिस

    हालांकि राज्य स्तर पर अवकाश घोषित किए जा रहे हैं, लेकिन अंतिम निर्णय संबंधित स्कूल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचना पर निर्भर करेगा। कई निजी स्कूल अपने परीक्षा कार्यक्रम, वार्षिक गतिविधियों और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार छुट्टी की तारीख तय करते हैं। इसलिए छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने स्कूल से जारी नोटिस जरूर जांच लें और केवल सोशल मीडिया की जानकारी पर भरोसा न करें।


    क्यों अलग अलग तारीखों पर पड़ रही है होली

    दरअसल होली की तारीख फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि और स्थानीय पंचांग गणना पर आधारित होती है। देश के विभिन्न हिस्सों में सूर्योदय और तिथि परिवर्तन के समय में अंतर होने से त्योहार की तारीख में एक दिन का फर्क आ जाता है। यही कारण है कि हर साल कुछ राज्यों में होली अलग दिन मनाई जाती है।


    त्योहार के साथ परीक्षाओं का भी ध्यान

    मार्च का महीना स्कूलों के लिए परीक्षा का समय होता है। ऐसे में शिक्षा विभाग इस बात का विशेष ध्यान रख रहे हैं कि त्योहार और परीक्षा एक ही दिन न पड़ें। इसी वजह से कई बोर्ड और स्कूलों ने परीक्षा तिथियों में बदलाव किया है या उस दिन परीक्षा नहीं रखने का निर्णय लिया है।