Author: bharati

  • आज का शेयर बाजार 8 जुलाई 2026: बैंकिंग और आईटी शेयरों से उम्मीद, वैश्विक संकेत तय करेंगे बाजार की दिशा

    आज का शेयर बाजार 8 जुलाई 2026: बैंकिंग और आईटी शेयरों से उम्मीद, वैश्विक संकेत तय करेंगे बाजार की दिशा

    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार में 8 जुलाई का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए काफी अहम माना जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से बाजार में लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिला है और अब निवेशकों की नजर घरेलू आर्थिक संकेतों के साथ साथ वैश्विक बाजारों की गतिविधियों पर भी टिकी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आज बाजार की शुरुआत हल्के उतार चढ़ाव के साथ हो सकती है लेकिन कारोबार के दौरान कई सेक्टरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिल सकती है।

    बाजार की दिशा तय करने में विदेशी संस्थागत निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। यदि विदेशी निवेशकों की खरीदारी बनी रहती है तो सेंसेक्स और निफ्टी को मजबूती मिल सकती है। वहीं यदि मुनाफावसूली का दौर बढ़ता है तो बाजार पर दबाव भी देखने को मिल सकता है।

    आज बैंकिंग आईटी ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर के शेयर निवेशकों के रडार पर रह सकते हैं। बैंकिंग शेयरों में स्थिरता और आईटी कंपनियों में वैश्विक मांग के संकेत बाजार को समर्थन दे सकते हैं। ऑटो सेक्टर में भी अच्छी बिक्री के आंकड़ों की उम्मीद निवेशकों का भरोसा बढ़ा सकती है। वहीं मानसून की अच्छी प्रगति का असर कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े शेयरों पर भी दिखाई दे सकता है।

    रुपये की चाल और कच्चे तेल की कीमतें भी आज बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बनी रहती है तो इसका फायदा भारतीय बाजार को मिल सकता है। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूती विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा सकती है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को आज जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए। बाजार खुलने के शुरुआती एक घंटे के दौरान रुझान स्पष्ट होने के बाद ही नई खरीदारी करना अधिक सुरक्षित माना जा सकता है। जिन निवेशकों का नजरिया लंबी अवधि का है वे मजबूत कंपनियों में गिरावट आने पर चरणबद्ध निवेश की रणनीति अपना सकते हैं।

    आज मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी हलचल देखने को मिल सकती है लेकिन इनमें जोखिम अपेक्षाकृत अधिक रहता है। ऐसे में केवल मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में ही निवेश करना बेहतर रहेगा। इंट्राडे ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों को स्टॉप लॉस का सख्ती से पालन करना चाहिए ताकि अचानक आने वाले उतार चढ़ाव से नुकसान सीमित रखा जा सके।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद और लगातार बढ़ते निवेश के कारण लंबी अवधि में शेयर बाजार की तस्वीर सकारात्मक बनी हुई है। हालांकि अल्पकाल में वैश्विक घटनाक्रम ब्याज दरों के संकेत और विदेशी बाजारों की चाल के कारण अस्थिरता बनी रह सकती है।

    कुल मिलाकर 8 जुलाई का कारोबारी दिन अवसर और सावधानी दोनों का संकेत दे रहा है। निवेशकों को अफवाहों या अपुष्ट जानकारी के आधार पर निवेश करने से बचना चाहिए और केवल विश्वसनीय आंकड़ों तथा अपनी वित्तीय योजना के अनुसार ही निर्णय लेना चाहिए। समझदारी और धैर्य के साथ किया गया निवेश भविष्य में बेहतर रिटर्न देने की संभावना बढ़ा सकता है।

  • चंपत राय ने राम भक्तों के नाम लिखी चिट्ठी, जानिए अपने ऊपर लगे आरोपों पर क्‍या कहा?

    चंपत राय ने राम भक्तों के नाम लिखी चिट्ठी, जानिए अपने ऊपर लगे आरोपों पर क्‍या कहा?


    लखनऊ । ऐसा लग रहा था कि ट्रस्ट की मीटिंग में चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद अयोध्या का माहौल शांत पड़ जाएगा, माहौल थोड़ा शांत होता दिख भी रहा था तभी चंपत राय ने अचानक पूरे माहौल को गर्मा दिया.

    SIT की शुरुआती रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के एक दिन बाद चंपत राय का एक सोशल मीडिया पोस्ट सामने आया, जिसमें उनकी अब तक की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया थी. इस ट्वीट में राम भक्तों के नाम उनकी एक चिट्ठी थी. उस चिट्ठी में उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को मनगढ़ंत करार दिया और कहा कि जल्द ही वो अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का क्रमवार ढंग से जवाब देंगे. उन्होंने अपने 41 वर्षों के प्रचारक जीवन और 1991 से अयोध्या राम मंदिर से जुड़े होने का जिक्र किया.

    चंपत राय से जुड़ी दूसरी खबर उनके एक्स पोस्ट के बाद तुरंत ही सामने आ गई. एसआईटी के सामने जो उन्होंने अपना लिखित बयान दिया था. इसका एक हिस्सा लीक हो गया और इस लीक पेपर में चंपत राय ने सीधे-सीधे दान पात्रों में रकम की गिनती और बैंक में जमा होने के जिम्मेदारियों से अपने को अलग कर दिया.

    उन्होंने कहा कि बैंक के साथ जो एमओयू साइन हुआ है. उसमें उनका साइन ही नहीं है. बैंक के अधिकारियों के साथ मिलकर कैसे नोट गिनने की प्रक्रिया में फेरबदल किया. कैसे उसकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया उन्हें इसकी जानकारी भी नहीं है और वह इस पूरे प्रॉसेस का हिस्सा भी नहीं थे.

    उन्होंने इशारों में चढ़ावा चोरी और दान पत्र की गड़बड़ियों को अनिल मिश्रा के मत्थे डाल दिया है क्योंकि बैंक के साथ हुए एमओयू के सिग्नेटरी अनिल मिश्रा ही है और चंपत राय को इसकी जानकारी भी नहीं थी. चंपत राय ने अब नए सिरे से पूरे माहौल को गरमा दिया है अब आरोप और प्रत्यारोपों का नया दौर शुरू हो गया है जिससे ट्रस्ट के भीतर नए सिरे से कलह शुरू हो सकता है. पूरे मामले में अब अनिल मिश्रा फंसते हुए दिखाई दे रहे हैं क्योंकि एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट में भी अनिल मिश्रा पर गंभीर सवाल खड़े हैं और अब उनको नोटिस भेज कर उसे पूछताछ की तैयारी हो रही है.

    उधर, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी ने मीडिया से बातचीत में चंपत राय को निष्कलंक लेकिन जिद्दी बताते हुए यह माना कि उनके स्तर से लापरवाही जैसी गलतियां हुई है, लेकिन वह दोषी नहीं हो सकते उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है. एक तरफ ट्रस्ट की बैठक में अब तक के मंदिर के लिए किए गए चंपत राय के काम को सभी ने खुलकर सराहा दूसरी तरफ SIT की शुरुआती रिपोर्ट में क्लीन चिट मिल जाने पर चंपत राय ने इस पूरे मुद्दे पर अपना लंबा मौन तोड़ दिया है.

    जिस तरीके से ट्रस्ट ने चंपत राय का बचाव किया है और SIT में क्लीनचिट मिलती दिखाई दे रही है. उससे साफ है कि अब चंपत राय भी खुलकर सामने आएंगे. अब बस इंतजार एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट का है. इससे पहले ट्रस्ट की बैठक को लेकर कई मतभेद उभरे थे मसलन ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास नाराज थे, अब तक उन्हें ट्रस्ट के लोग पूछते तक नहीं थे लेकिन जब चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफा की बात आई तो उन्हें मनाकर बैठक में लाना पड़ा.

    राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक के पहले छोटी छावनी में हाई वोल्टेज ड्रामा चला था. अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को मनाने पहुंचे बड़े पदाधिकारी, घंटों मंथन हुआ तब महंत नृत्य गोपाल दास आने को तैयार हए थे. यही नहीं बाहर से आने वाले ट्रस्ट के कई साधु संतों को भी मुश्किल से इस मीटिंग के लिए तैयार किया गया. बैठक से पहले महंत नृत्य गोपाल दास की ओर से एक पत्र भी जारी किया गया, जिसमें उन्होंने दान चोरी की घटना पर गहरा आघात व्यक्त किया और कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पूरा भरोसा है कि दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होगी.

    बैठक में ट्रस्ट सदस्य और निर्मोही अखाड़े के महंत महंत दिनेंद्र दास की मौजूदगी को लेकर भी दिनभर सस्पेंस बना रहा, लेकिन वे बैठक में शामिल हुए. SIT रिपोर्ट सामने आने के बाद अब ट्रस्ट से जुड़े लोग थोड़े निश्चित हो गए हैं क्योंकि चंपत राय को लगभग क्लीन चिट मिल चुकी है और ट्रस्ट ने चढ़ावे में उपहार स्वरूप मिले सभी आभूषण और कीमती उपहार का पूरा रिकॉर्ड भी जारी कर दिया है, जिसके बाद उपहार वाले चढ़ावों के चोरी की चर्चा बंद हो चुकी है हालांकि अनिल मिश्रा सवालों के घेरे में हैं जांच के बाद उन पर गाज गिर सकती है.

    नए तरीके से ट्रस्ट में होने वाले बदलाव की रूपरेखा तैयार हो चुकी है जल्द ही ट्रस्ट को नया सीईओ मिलने वाला है जिसके लिए तीन लोगों की एक कमेटी बना दी गई है और 22 को होने वाली अगली मीटिंग में ट्रस्ट के पुनर्गठन और नए सीईओ के नाम के ऐलान की उम्मीद है. चंपत राय को लगभग क्लीन चिट मिल जाना और उपहार की पूरी सूची और प्रदर्शनी के साथ सामने आने के बाद ट्रस्ट को थोड़ी राहत मिली है नए कार्यकारी महासचिव कृष्ण मोहन की नियुक्ति ने भी थोड़ा माहौल को ठंडा किया है लेकिन अभी जांच में और खुलासे होने बाकी हैं.

    अनिल मिश्रा को नोटिस भेजा जा चुका है अब जल्द ही SIT उनसे पूछताछ करेगी. उधर अयोध्या पुलिस लगातार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ में जुटी है. उम्मीद है इसमें बचे हुए खुलासे और होंगे.

  • PM मोदी ने इंडोनेशिया में छेड़ा बॉलीवुड कनेक्शन, ‘कुछ कुछ होता है’ के जिक्र से खुश हुए करण जौहर

    PM मोदी ने इंडोनेशिया में छेड़ा बॉलीवुड कनेक्शन, ‘कुछ कुछ होता है’ के जिक्र से खुश हुए करण जौहर


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इंडोनेशिया के जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए दोनों देशों के पुराने सांस्कृतिक रिश्तों का जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने भारत और इंडोनेशिया के बीच बॉलीवुड के खास जुड़ाव को भी याद किया और शाहरुख खान की साल 1998 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ का उल्लेख किया।

    पीएम मोदी ने कहा कि इंडोनेशिया में भारतीय फिल्मों और संगीत की लोकप्रियता काफी गहरी है। उन्होंने बताया कि आज भी वहां ‘कुछ कुछ होता है’ के गाने लोगों के बीच काफी पसंद किए जाते हैं। उन्होंने भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को केवल वर्तमान समय तक सीमित नहीं बताया, बल्कि इसे सदियों पुराने सांस्कृतिक और भावनात्मक जुड़ाव का हिस्सा बताया।

    पीएम मोदी ने अपने अंदाज में जोड़ा बॉलीवुड कनेक्शन
    भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बॉलीवुड के इस रिश्ते को खास अंदाज में पेश किया। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया में भारत का गाना ‘कुछ कुछ होता है’ काफी लोकप्रिय है। उन्होंने राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो से बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि जब भारत और इंडोनेशिया जैसे दो बड़े देश साथ मिलकर आगे बढ़ते हैं, तो यह सिर्फ ‘कुछ कुछ’ नहीं रहता, बल्कि ‘बहुत कुछ होता है’ बन जाता है। इस दौरान पीएम मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो को गर्मजोशी से किए गए स्वागत के लिए धन्यवाद भी दिया।

    करण जौहर की प्रोडक्शन कंपनी ने जताई खुशी
    प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अपनी फिल्म का अंतरराष्ट्रीय मंच पर जिक्र किए जाने से फिल्ममेकर करण जौहर भी काफी उत्साहित नजर आए। उनकी प्रोडक्शन कंपनी धर्मा प्रोडक्शंस ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर पीएम मोदी के भाषण की एक वीडियो क्लिप साझा की।

    वीडियो के साथ धर्मा प्रोडक्शंस ने लिखा कि सिनेमा और संगीत में सीमाओं को पार कर दुनिया के लोगों को जोड़ने की अनोखी ताकत होती है। कंपनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जकार्ता में फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ को दुनियाभर में मिले प्यार और सराहना का उल्लेख करना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है।

    ‘कुछ कुछ होता है’ रही थी बड़ी ब्लॉकबस्टर
    गौरतलब है कि करण जौहर ने साल 1998 में फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ से बतौर निर्देशक अपने करियर की शुरुआत की थी। शाहरुख खान, काजोल और रानी मुखर्जी अभिनीत यह फिल्म उस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल रही।

    फिल्म के गाने दुनियाभर में लोकप्रिय हुए और शाहरुख-काजोल की जोड़ी को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली। भारत के अलावा यह फिल्म ब्रिटेन, अमेरिका और इंडोनेशिया समेत कई देशों में काफी पसंद की गई और इसने बॉलीवुड को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

  • उत्तराखंड में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, 32 सड़कें बंद, नदियां उफान पर

    उत्तराखंड में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, 32 सड़कें बंद, नदियां उफान पर


    नई दिल्ली। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में भूस्खलन की घटनाओं के कारण पहाड़ों से चट्टानें और मलबा सड़क पर आ गया है, जिससे आवागमन बाधित हो गया है। वहीं, लगातार बारिश से अलकनंदा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और वे उफान पर बह रही हैं।

    राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, भूस्खलन और मलबा आने की वजह से प्रदेश में फिलहाल 32 सड़कें बंद हैं। प्रशासन ने बताया कि प्रभावित मार्गों से चट्टानें और मलबा हटाने का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जा सके। इसके लिए संबंधित विभागों की टीमें लगातार मौके पर जुटी हुई हैं।

    मंगलवार को राज्य के कई इलाकों में भारी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के मुताबिक सबसे अधिक 107 मिमी बारिश पंतनगर में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा चोरगलिया में 79.5 मिमी, रुद्रपुर में 43.5 मिमी, यमकेश्वर में 38 मिमी और किच्छा में 32.5 मिमी वर्षा हुई। खानपुर में 27 मिमी, जबकि देहरादून और लक्सर में 19-19 मिमी बारिश दर्ज की गई। अन्य क्षेत्रों में हाथीबड़कला में 15 मिमी, पिथौरागढ़ में 8.9 मिमी और लोहाघाट में 8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

    मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। साथ ही देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया गया है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।

  • पंजाब कांग्रेस में बढ़ी सियासी खींचतान: भूपेश बघेल की बैठकों से दूर रहा चन्नी खेमा, संगठन में मतभेद हुए उजागर

    पंजाब कांग्रेस में बढ़ी सियासी खींचतान: भूपेश बघेल की बैठकों से दूर रहा चन्नी खेमा, संगठन में मतभेद हुए उजागर


    नई दिल्ली। पंजाब में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर जारी गुटबाजी अब खुलकर सामने आने लगी है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थक नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के नेतृत्व को लेकर असहमति जताई है। इसी बीच पार्टी के पंजाब प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल संगठनात्मक हालात संभालने के लिए चंडीगढ़ पहुंचे, लेकिन उनकी अब तक चन्नी गुट के नेताओं से मुलाकात नहीं हो सकी है।

    मंगलवार को भूपेश बघेल ने पंजाब कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और विभिन्न समितियों के पदाधिकारियों के साथ बैठकें कीं, हालांकि चन्नी समर्थक नेताओं ने इन बैठकों से दूरी बनाए रखी। प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चन्नी का समर्थन कर रहे नेताओं की बघेल से मुलाकात नहीं होने के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

    इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अगले एक-दो दिनों में भूपेश बघेल से मुलाकात करेंगे। उन्होंने बताया कि बघेल अधिकांश समितियों के अध्यक्षों से चर्चा कर चुके हैं और अब केवल चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष चरणजीत सिंह चन्नी तथा कोर कमेटी के प्रमुख सुखजिंदर सिंह रंधावा से बैठक बाकी है।

    राजा वडिंग के अनुसार, चन्नी ने पहले ही बघेल को सूचित कर दिया था कि वे एक-दो दिन के लिए शहर से बाहर रहेंगे। हालांकि चन्नी के करीबी नेताओं ने भी अब तक बघेल से मुलाकात नहीं की है। चन्नी के निकट माने जाने वाले भारत भूषण आशु भी बैठकों से दूर रहे।

    गौरतलब है कि भूपेश बघेल 6 जुलाई को पंजाब के पांच दिवसीय दौरे पर चंडीगढ़ पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने किया। चंडीगढ़ पहुंचने के बाद बघेल ने सबसे पहले प्रताप सिंह बाजवा के साथ बंद कमरे में बैठक की।

    मंगलवार सुबह बघेल ने पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार वेरका के साथ नाश्ते पर मुलाकात की। इसके बाद वेरका सीधे पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से मिलने पहुंचे। इसे कांग्रेस नेतृत्व की ओर से असंतुष्ट नेताओं के साथ संवाद बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

    उधर, प्रताप सिंह बाजवा ने भरोसा जताया कि पार्टी के भीतर मौजूद सभी मतभेद जल्द दूर कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी नेता को अपनी शिकायतों के बावजूद पार्टी की मर्यादा नहीं लांघनी चाहिए। बाजवा ने दावा किया कि पंजाब की जनता बदलाव चाहती है और कांग्रेस उसके लिए सबसे मजबूत विकल्प है। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी एकजुट होकर चुनाव लड़ती है तो जनता का विश्वास जरूर मिलेगा। मुख्यमंत्री पद को लेकर उन्होंने कहा कि इस पर फैसला चुनाव परिणाम आने और सरकार बनने की स्थिति में किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि महत्वाकांक्षा रखना गलत नहीं है, लेकिन ऐसे कदमों से बचना चाहिए जो पार्टी के लिए अनावश्यक विवाद का कारण बनें।

  • 16 जुलाई से शुक्र बदलेंगे नक्षत्र, 4 राशियों पर होगी धन और भाग्य की बरसात, जानें किसे मिलेगा लाभ

    16 जुलाई से शुक्र बदलेंगे नक्षत्र, 4 राशियों पर होगी धन और भाग्य की बरसात, जानें किसे मिलेगा लाभ


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार धन, वैभव, प्रेम और सुख-संपन्नता के कारक शुक्र देव 16 जुलाई 2026 को सिंह राशि में मघा नक्षत्र से निकलकर पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी स्वयं शुक्र हैं। ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक जब कोई ग्रह अपने ही नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो उसका प्रभाव और अधिक मजबूत हो जाता है तथा वह शुभ परिणाम देने की स्थिति में माना जाता है। इस नक्षत्र परिवर्तन का विशेष लाभ चार राशियों के जातकों को मिलने की संभावना जताई जा रही है।

    मेष राशि
    मेष राशि के जातकों के लिए यह गोचर आर्थिक और पारिवारिक दृष्टि से लाभकारी माना जा रहा है। लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलने की संभावना बन सकती है। आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारियां या पदोन्नति मिलने के संकेत हैं, जबकि कारोबारियों को लाभ मिलने की संभावना है। अविवाहित लोगों के जीवन में नए रिश्ते की शुरुआत हो सकती है और प्रेम संबंधों में भी मधुरता बढ़ सकती है।

    सिंह राशि
    सिंह राशि वालों के लिए यह नक्षत्र परिवर्तन व्यक्तित्व और आकर्षण में वृद्धि का संकेत दे सकता है। कार्यस्थल और सामाजिक जीवन में सम्मान बढ़ने की संभावना है। लोग आपके विचारों और निर्णयों से प्रभावित हो सकते हैं। इस दौरान वाहन, आभूषण या अन्य सुख-सुविधाओं से जुड़ी वस्तुओं पर खर्च हो सकता है। साझेदारी में व्यापार करने वालों को आर्थिक लाभ मिलने के योग बताए गए हैं।

    तुला राशि
    तुला राशि के जातकों के लिए यह समय कई इच्छाओं की पूर्ति कराने वाला माना जा रहा है। निवेश से अच्छा लाभ मिलने की संभावना है, वहीं पैतृक संपत्ति से भी फायदा मिल सकता है। कला, मीडिया, डिजाइनिंग और ग्लैमर से जुड़े लोगों के लिए यह समय विशेष रूप से अनुकूल रह सकता है। प्रभावशाली लोगों से संपर्क बढ़ने के साथ करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर भी मिल सकते हैं।

    धनु राशि
    धनु राशि वालों के लिए शुक्र का यह नक्षत्र परिवर्तन भाग्य का साथ दिलाने वाला माना जा रहा है। इस दौरान व्यापारिक और धार्मिक यात्राएं सफल रह सकती हैं। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है और कई योजनाओं को गति मिल सकती है। विदेश में उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को भी सकारात्मक समाचार मिलने के संकेत हैं।

    शुक्र को मजबूत करने के लिए करें ये उपाय
    – प्रत्येक शुक्रवार सफेद रंग के वस्त्र पहनें या अपने पास सफेद रुमाल रखें।
    – छोटी कन्याओं को खीर या सफेद मिठाई का प्रसाद वितरित करें।
    – माता लक्ष्मी की नियमित पूजा करें और ‘ॐ शुं शुक्राय नमः’ मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें।

  • एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, अगले 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात

    एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, अगले 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। पन्ना, छतरपुर और खंडवा समेत कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मंगलवार को तेज बारिश के कारण कई सड़क मार्ग बंद हो गए, जबकि नदियां उफान पर रहीं।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र के अनुसार, प्रदेश में अगले चार दिनों तक भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक वर्षा हो सकती है।

    बुधवार के लिए श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सागर और टीकमगढ़ जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, दमोह, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, उज्जैन, इंदौर, धार, झाबुआ, नीमच और मंदसौर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

    इसके अलावा आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, भोपाल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर और सिंगरौली जिलों में हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है।

    कई जिलों में बारिश से बढ़ी परेशानी
    मंगलवार को हुई तेज बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात देखने को मिले। इंदौर के खुड़ैल रोड स्थित जेतकारण गांव में सड़क धंस जाने से स्कूली बच्चों की आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं, खजुराहो में कई मार्ग बंद हो गए और पन्ना में जलभराव की स्थिति बनी रही।

    मंगलवार को प्रदेश के 29 जिलों में वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक पौने दो इंच बारिश छतरपुर के खजुराहो में हुई। धार में डेढ़ इंच से अधिक, राजगढ़ में सवा इंच, रतलाम और उज्जैन में पौन इंच, जबकि भोपाल, सागर और खरगोन में करीब आधा इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई।

    बारिश से तापमान में आई गिरावट
    लगातार बारिश के चलते प्रदेशभर में मौसम सुहावना हो गया है और दिन के तापमान में भी कमी दर्ज की गई। पांच प्रमुख शहरों में इंदौर का अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस, जबलपुर 30.6 डिग्री, भोपाल 31 डिग्री, उज्जैन 31.5 डिग्री और ग्वालियर 33.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    सबसे अधिक तापमान श्योपुर में 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि मलाजखंड सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सिवनी, धार, नौगांव, दमोह, खंडवा, सागर, बैतूल, छिंदवाड़ा, खरगोन, टीकमगढ़ और सतना में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।

    सामान्य से 5 प्रतिशत अधिक हुई बारिश
    प्रदेश में जून महीने से ही आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। 6 जुलाई तक हुई वर्षा के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 200.5 मिमी (करीब 8 इंच) बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य 191.3 मिमी (7.7 इंच) वर्षा की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है। हालांकि प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सामान्य से 12 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

  • राशिफल 8 जुलाई 2026: तुला राशि वालों को आर्थिक फायदा, पढ़ें सभी राशियों का भविष्यफल

    राशिफल 8 जुलाई 2026: तुला राशि वालों को आर्थिक फायदा, पढ़ें सभी राशियों का भविष्यफल


    नई दिल्ली । 8 जुलाई 2026 का दैनिक राशिफल लेकर आए हैं। जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए करियर, कारोबार, धन, प्रेम और स्वास्थ्य के लिहाज से कैसा रहेगा आज का दिन।

    मेष:
    आज कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखें।

    वृषभ:
    व्यापार में लाभ के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। यात्रा का योग बन सकता है।

    मिथुन:
    रुके हुए काम पूरे होंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। निवेश सोच-समझकर करें।

    कर्क:
    आज भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय न लें। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। सेहत का ध्यान रखें।

    सिंह:
    करियर में प्रगति के नए अवसर मिलेंगे। आत्मविश्वास बढ़ेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। धन संबंधी मामलों में सफलता मिलेगी।

    कन्या:
    कारोबार में नई योजनाओं से लाभ मिल सकता है। नौकरी में पदोन्नति के संकेत हैं। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। अनावश्यक विवाद से बचें।

    तुला:
    आज का दिन आर्थिक दृष्टि से बेहद शुभ रहेगा। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है या आय के नए स्रोत बन सकते हैं। व्यापार में लाभ होगा और निवेश से भी फायदा मिलने के योग हैं। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।

    वृश्चिक:
    कामकाज में व्यस्तता रहेगी। धैर्य और संयम बनाए रखें। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह लाभदायक साबित होगी। सेहत पर ध्यान दें।

    धनु:
    भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। नौकरी और व्यवसाय में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। यात्रा शुभ रहेगी।

    मकर:
    कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। निवेश के लिए दिन अच्छा है।

    कुंभ:
    नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है। खर्चों में संतुलन बनाए रखें।

    मीन:
    आज मानसिक शांति बनी रहेगी। नौकरी और व्यापार में सामान्य लाभ मिलेगा। परिवार के साथ संबंध मजबूत होंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

    शुभ रंग: सफेद, हरा, गुलाबी
    शुभ अंक: 3, 6, 9

  • रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस केस में सीबीआई का बड़ा एक्शन पहली चार्जशीट में दो कंपनियां और पांच पूर्व अधिकारी नामजद

    रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस केस में सीबीआई का बड़ा एक्शन पहली चार्जशीट में दो कंपनियां और पांच पूर्व अधिकारी नामजद

    नई दिल्ली । देश के चर्चित बैंक धोखाधड़ी मामलों में शामिल रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े 4097 करोड़ रुपए के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। विशेष सीबीआई अदालत में पेश किए गए आरोप पत्र में रिलायंस समूह की दो कंपनियों सहित कुल सात आरोपियों को नामजद किया गया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि सुनियोजित साजिश के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को हजारों करोड़ रुपए का वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया जबकि संबंधित कंपनियों और आरोपियों को अनुचित लाभ मिला।

    सीबीआई की चार्जशीट में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड के अलावा रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड के पांच पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं। इनमें तत्कालीन निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवांग प्रवीण मोदी निदेशक रविंद्र सोमयाजुला राव धनंजय भगवानप्रसाद तिवारी एग्जीक्यूटिव रिस्क ऑफिसर राजेश कृष्णमूर्ति और चीफ रिस्क ऑफिसर लव चतुर्वेदी शामिल हैं। सभी पर आपराधिक साजिश रचने धोखाधड़ी करने और सरकारी बैंकों को भारी नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं।

    जांच एजेंसी के अनुसार रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड ने बैंकों से प्राप्त ऋण राशि का उपयोग निर्धारित शर्तों के अनुरूप नहीं किया। आरोप है कि यह धनराशि विभिन्न मध्यस्थ और शेल कंपनियों के माध्यम से रिलायंस एडीए समूह की अन्य कंपनियों में स्थानांतरित कर दी गई। इस पूरी प्रक्रिया से बैंकिंग नियमों का उल्लंघन हुआ और सरकारी बैंकों को 4097 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा।

    सीबीआई ने बताया कि यह मामला बैंक ऑफ महाराष्ट्र सहित अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शिकायतों के आधार पर दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि कुल 13 सरकारी बैंकों के बैंकिंग कंसोर्टियम को इस कथित वित्तीय अनियमितता के कारण भारी नुकसान हुआ। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कथित साजिश में और कौन कौन शामिल था।

    मामले की जांच के दौरान सीबीआई अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी कर चुकी है। इनमें रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व उपाध्यक्ष अमिताभ झुनझुनवाला रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवांग मोदी तथा रिलायंस कैपिटल के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी अमित बापना शामिल हैं। वर्तमान में अमिताभ झुनझुनवाला और देवांग मोदी न्यायिक हिरासत में हैं जबकि अमित बापना सीबीआई की हिरासत में हैं।

    जांच एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह केवल पहली चार्जशीट है और जांच अभी जारी है। आने वाले समय में अन्य निदेशकों कंपनियों और संभावित सार्वजनिक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। यदि नए साक्ष्य सामने आते हैं तो पूरक चार्जशीट भी दाखिल की जाएगी।

    सीबीआई के अनुसार रिलायंस कम्युनिकेशंस रिलायंस होम फाइनेंस रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड से जुड़े मामलों में विभिन्न सरकारी बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम की शिकायतों पर कुल सात एफआईआर दर्ज की गई हैं। इससे पहले मई महीने में रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े मामले में भी पहली चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। एजेंसी का कहना है कि इन सभी मामलों की निष्पक्ष व्यापक और त्वरित जांच की जा रही है तथा पूरी प्रक्रिया पर सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी बनी हुई है।

  • Beetroot For Skin: चुकंदर से पाएं गुलाबी निखार, जानें त्वचा की देखभाल के आसान और असरदार तरीके

    Beetroot For Skin: चुकंदर से पाएं गुलाबी निखार, जानें त्वचा की देखभाल के आसान और असरदार तरीके

    नई दिल्ली । अगर आप बिना महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स के अपनी त्वचा को प्राकृतिक निखार देना चाहते हैं तो चुकंदर आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। विटामिन सी फोलेट आयरन पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर चुकंदर शरीर के साथ साथ त्वचा के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है। नियमित रूप से इसका सेवन और सही तरीके से त्वचा पर उपयोग करने से चेहरे की चमक बढ़ सकती है और त्वचा लंबे समय तक स्वस्थ बनी रह सकती है।

    चुकंदर में मौजूद विटामिन सी त्वचा में कोलेजन बनने में मदद करता है जिससे त्वचा की कसावट बनी रहती है और समय से पहले झुर्रियां आने का खतरा कम हो सकता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करते हैं जिससे त्वचा अधिक स्वस्थ और चमकदार दिखाई देती है।

    यदि त्वचा बेजान और रूखी हो गई है तो चुकंदर का रस उपयोगी हो सकता है। चुकंदर के ताजे रस में थोड़ा शहद मिलाकर चेहरे पर 15 से 20 मिनट तक लगाएं और फिर साफ पानी से धो लें। इससे त्वचा को नमी मिल सकती है और चेहरा ताजा महसूस होता है।

    दाग धब्बों और टैनिंग को कम करने के लिए चुकंदर के रस में दही या एलोवेरा जेल मिलाकर फेस पैक तैयार किया जा सकता है। इसे सप्ताह में एक या दो बार लगाने से त्वचा की रंगत में सुधार आने में मदद मिल सकती है। हालांकि इसका असर हर व्यक्ति की त्वचा के अनुसार अलग हो सकता है।

    फटे और रूखे होंठों के लिए भी चुकंदर एक लोकप्रिय घरेलू उपाय माना जाता है। रात में चुकंदर का थोड़ा सा रस होंठों पर लगाने से होंठ मुलायम दिखाई दे सकते हैं और उनमें हल्का प्राकृतिक गुलाबीपन भी आ सकता है।

    त्वचा की खूबसूरती केवल बाहरी देखभाल से नहीं बल्कि अंदरूनी पोषण से भी जुड़ी होती है। चुकंदर का जूस या सलाद नियमित रूप से संतुलित मात्रा में लेने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं जिससे त्वचा की प्राकृतिक चमक बनाए रखने में मदद मिल सकती है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना और अच्छी नींद लेना भी उतना ही जरूरी है।

    ध्यान रखें कि किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले त्वचा के एक छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर करें। यदि जलन खुजली या एलर्जी जैसी समस्या महसूस हो तो उसका उपयोग बंद कर दें। किसी गंभीर त्वचा समस्या में त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प होता है।

    सही खानपान नियमित देखभाल और चुकंदर जैसे प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को दिनचर्या में शामिल करके आप त्वचा को स्वस्थ चमकदार और तरोताजा बनाए रखने की दिशा में अच्छा कदम उठा सकते हैं।