Author: bharati

  • बर्डवॉचिंग लवर्स के लिए खास, सर्दियां खत्म होने से पहले घूम आएं ये 4 जगह

    बर्डवॉचिंग लवर्स के लिए खास, सर्दियां खत्म होने से पहले घूम आएं ये 4 जगह


    नई दिल्ली । हर सर्दियों में उत्तर भारत परिंदों का स्वर्ग बन जाता है। साइबेरिया और दूसरे ठंडे इलाकों से हजारों पक्षी यहां की झीलों तालाबों और वेटलैंड्स में आकर डेरा डालते हैं। सर्दियों के खत्म होने से पहले इन परिंदों का दीदार करने के लिए आप उत्तर भारत की कुछ बेहतरीन जगहों पर जाने का प्लान कर सकते हैं।

    ​परिंदों का स्वर्ग​

    साइबेरियन क्रेन बार हेडेड गीज फ्लेमिंगो और अलग अलग तरह की बतखें सर्दियों में उत्तर भारत की रौनक बढ़ा देती हैं। लेकिन ये नजारा हमेशा नहीं रहता। मार्च आते आते ये मेहमान पक्षी फिर से अपने देश की ओर उड़ान भरने लगते हैं।

    ​घूमने का बना लें प्लान​

    धुंध के बीच से उड़ते बेहद खूबसूरत पक्षी को देखने के लिए सुबह का समय सबसे बढ़िया रहता है। आइए जानते हैं उत्तर भारत की कुछ बेहतरीन जगहों के बारे में जहां आप सर्दियों के खत्म होने से पहले इन परिंदों का दीदार कर सकते हैं।

    ​केओलादेव राष्ट्रीय उद्यान​
    राजस्थान के भरतपुर में स्थित यह नेशनल पार्क देश के सबसे मशहूर बर्ड सैंक्चुअरी में से एक है। पहले इसे भरतपुर बर्ड सैंक्चुअरी के नाम से जाना जाता था। यह जगह यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट भी है।

    ​हरियाणा में सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान​
    मध्य एशिया यूरोप और साइबेरिया से हजारों पक्षी यहां आते हैं। यहां आप पेंटेड स्टॉर्क पेलिकन क्रेन कई तरह की बतखें और शिकारी पक्षी आसानी से देख सकते हैं।

    ​पोंग बांध झील हिमाचल प्रदेश​
    पोंग बांध झील जिसे महाराणा प्रताप सागर के नाम से भी जाना जाता है सर्दियों के महीनों में प्रवासी जलपक्षियों का एक विशाल ठिकाना बन जाती है। धौलाधार पर्वत श्रृंखला से घिरी यह झील एक सुंदर वातावरण प्रदान करती है।

    ​हरिके आर्द्रभूमि पंजाब​
    हरिके आर्द्रभूमि ब्यास और सतलुज नदियों के संगम पर स्थित है। इसे उत्तर भारत की सबसे बड़ी आर्द्रभूमियों में से एक माना जाता है। पक्षी प्रेमियों को यहां गुच्छेदार बत्तखें पोचार्ड और दलदली बाज देखने को मिलते हैं।

  • अमेरिका-ईरान युद्ध का भारत पर पड़ सकता है असर, जानिए क्‍या-क्‍या होंगे प्रभावित?

    अमेरिका-ईरान युद्ध का भारत पर पड़ सकता है असर, जानिए क्‍या-क्‍या होंगे प्रभावित?



    नई दिल्ली। अमेरिका और Iran के बीच बढ़ते सैन्य टकराव का असर सिर्फ इन देशों या Israel तक सीमित नहीं है। मध्य पूर्व के अन्य देशों जैसे सऊदी अरब, यूएई, कतर और बहरीन पर भी इसके प्रभाव दिख रहे हैं। युद्ध के विस्तार की स्थिति में भारत पर इसका व्यापक आर्थिक असर पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि किस तरह सोना-चांदी, शेयर बाजार और बासमती चावल प्रभावित हो सकते हैं।

    क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल
    पूरा मध्य पूर्व क्षेत्र तेल का प्रमुख उत्पादक है और भारत कच्चे तेल के आयात पर पूरी तरह निर्भर है। हाल के महीनों में रूस की जगह सऊदी अरब से तेल खरीद बढ़ी थी, लेकिन युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्ध लंबा खिंचता है तो क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।

    शेयर बाजार पर दबाव
    अमेरिका-ईरान युद्ध की अनिश्चितता का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ रहा है। शुक्रवार को बाजार में गिरावट देखी गई, और विशेषज्ञों का अनुमान है कि सोमवार को यह गिरावट जारी रह सकती है। वैश्विक तनाव हमेशा शेयर बाजार में भारी दबाव डालता है, और निवेशक सतर्क हो जाते हैं।

    सोने और चांदी की कीमतों में तेजी
    शेयर बाजार में गिरावट के बीच निवेशक सुरक्षित विकल्प की ओर रुख करते हैं। इससे सोने और चांदी की कीमतों में इजाफा होने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार सोने का भाव 1,70,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 30 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकता है।

    बासमती चावल के निर्यात पर असर
    भारत मध्य पूर्व के कई देशों को बासमती चावल निर्यात करता है, जिसमें ईरान भी शामिल है। युद्ध के कारण इस निर्यात पर असर पड़ सकता है, जिससे किसानों और निर्यातकों की आमदनी प्रभावित हो सकती है।

    डॉलर मजबूत, रुपये कमजोर
    तेल की बढ़ती कीमतों का असर डॉलर और रुपये पर भी पड़ेगा। डॉलर की मांग युद्ध के कारण बढ़ेगी, जिससे अमेरिकी मुद्रा और मजबूत होगी। वहीं, रुपये में गिरावट देखने को मिल सकती है।

    महंगाई पर दबाव
    क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी सीधे देश में महंगाई को बढ़ा सकती है। ईंधन और परिवहन लागत बढ़ने से अन्य वस्तुओं की कीमतों में भी इजाफा होगा, जिससे आम नागरिक पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा।

    अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मध्य पूर्व में संघर्ष जारी रहा, तो भारत की आर्थिक स्थिरता और उपभोक्ताओं की जेब पर इसका असर लंबी अवधि तक महसूस होगा।

  • अफगान सीमा पर बढ़ा सैन्य टकराव, पाकिस्तान का बड़ा दावा- 352 तालिबानी मारे, 130 चौकियां तबाह

    अफगान सीमा पर बढ़ा सैन्य टकराव, पाकिस्तान का बड़ा दावा- 352 तालिबानी मारे, 130 चौकियां तबाह



    इस्लामाबाद । पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर जारी संघर्ष अब गंभीर और खतरनाक मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने न सिर्फ क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, बल्कि कूटनीतिक संबंधों पर भी इसका असर साफ नजर आने लगा है। सीमा पर तेज होती झड़पों के बीच पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसने हवाई और जमीनी कार्रवाई में 352 अफगान तालिबान लड़ाकों और उनके सहयोगी आतंकी तत्वों को मार गिराया है।

    पाकिस्तान का दावा—भारी नुकसान पहुंचाया
    पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार के अनुसार अब तक 352 तालिबान सदस्य मारे गए हैं, जबकि 535 घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने 130 सैन्य चौकियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है और 26 सीमा चौकियों पर कब्जा कर लिया है। इसके अलावा 171 टैंक और बख्तरबंद वाहनों को नष्ट करने का भी दावा किया गया है। पाकिस्तान ने यह भी कहा है कि 41 ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए गए, जिनमें तालिबान के ठिकानों को निशाना बनाया गया।

    ऑपरेशन ‘ग़ज़ब-उल-हक’ के तहत कार्रवाई
    पाकिस्तान ने यह पूरी सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन ग़ज़ब-उल-हक’ के तहत शुरू की है। इस बारे में सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने बताया कि अफगान पक्ष ने 2,600 किलोमीटर लंबी सीमा पर 53 स्थानों पर एक साथ हमले किए थे, जिसके जवाब में यह व्यापक ऑपरेशन चलाया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अफगान तालिबान को तय करना होगा कि वह पाकिस्तान का साथ देगा या आतंकी संगठनों का, क्योंकि पाकिस्तान के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है।

    आतंक संगठनों को पनाह देने के आरोप
    पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगान तालिबान अपनी जमीन का इस्तेमाल तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए), दाएश और अल-कायदा जैसे संगठनों को करने देता है। हालांकि अफगान पक्ष इन आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है और उसका कहना है कि पाकिस्तान को अपनी आंतरिक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

    अमेरिका का समर्थन और बातचीत के संकेत
    इस बीच अमेरिका ने पाकिस्तान के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है। अमेरिका की अंडर सेक्रेटरी एलिसन हूकर ने कहा कि वे हालात पर करीबी नजर रखे हुए हैं और पाकिस्तान के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करते हैं। बढ़ते तनाव के बीच अफगान तालिबान ने बातचीत की इच्छा जताई है। अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने कहा कि अफगानिस्तान हमेशा आपसी समझ और सम्मान के आधार पर मुद्दों को सुलझाने का पक्षधर है। वहीं तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी स्पष्ट किया कि वे इस विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहते हैं।

  • इस होली कम समय में बनाए गुझिया, तलते वक्त फट जाती है तो यहां देखें आसान रेसिपी

    इस होली कम समय में बनाए गुझिया, तलते वक्त फट जाती है तो यहां देखें आसान रेसिपी


    नई दिल्ली । होली का त्योहार गुझिया के बिना अधूरी है। गुझिया की तैयारी कुछ दिनों पहले से ही शुरु हो जाती है। लेकिन ऑफिस और भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास समय की कमी है। ऐसे में काफी लोग होली के मौके पर गुझिया बना नहीं पाते हैं और बाजार से खरीद कर लाते हैं। बाजार की गुझिया का स्वाद घर जैसा नहीं होता है। साथ बाजार की गुझिया में चीनी की मात्रा काफी अधिक होती है जिसकी चलते यह सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकती है। कुछ आसान तरीके हैं जिनकी मदद से आप होली के मौके पर कम समय में गुझिया बना सकते हैं। इसके साथ ही गुझिया बनाने में लोगों को एक और समस्या रहती है कि तलते समय यह फट जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं किस तरह कम समय में गुझिया बनाएं और वह भी बिना फटे।

    गुझिया की सामग्री

    मैदा- दो कप
    घी- 1 कप
    पानी- 1 कप
    खोया- 1 कप
    चीनी- 1 कप
    1 छोटा चम्मच छोटी इलायची
    1 चम्मच कद्दूकस किया हुआ बादाम
    नारियल का बुरादा
    काजू
    किशमिश
    चिरौंजी
    गुझिया बनाने की विधि 
    मैदे में आधा कप घी और पानी मिलाकर अच्छे से गूंथकर आधे घंटे के लिए ढककर रख दें। खोए को हल्की आंच पर थोड़ी देर के लिए भून लें। खोया जब ठंडा हो जाए तो इसमें बादाम, इलायची पाउडर और चीनी मिला दें। गूंथे हुए मैदे की लोई बनाकर उसे गोल पूरी की तरह बेल लें। अब उसमें तैयार मिश्रण भरकर किनारों पर हल्का पानी लगाकर उसे बंद करें। फैंसी कटर की मदद से गुझिया के किनारों को शेप दे सकते हैं। एक कढ़ाई में घी डालकर गर्म कर लें। हल्की आंच पर गुझिया को तब तक तलें जब तक वह हल्के भूरे रंग की न हो जाए। एक बड़े प्लेट में टिश्यू पेपर बिछाकर उसपर गुझिया निकाल लें। जब ये ठंडा हो जाए तो उसे एक डिब्बे में बंद करके रख दें।
    फट जाती है तो अपनाएं ये तरीके

    गुझिया तलने के लिए हमेशा मोटी तली वाली कढ़ाई लेना चाहिए। पतली कढ़ाई में गुझिया जल्दी जल जाती है। गुझिया तलने के लिए तेल न तो ज्यादा होना चाहिए और न ही कम। तेल को मध्यम आंच पर गर्म करें। तेल से धुआं नहीं उठना चाहिए। तेल तैयार हो जाए तो कढ़ाई के हिसाब से गुझिया डालें। गुझिया डालते ही उसे हिलाना नहीं चाहिए। इससे फटने का डर रहता है। गुझिया को 7-10 मिनट तक धीमी आंच पर पकाना चाहिए। तेज आंच पर पकाने से ये अंदर से कच्ची रह सकती है और साथ ही फट भी सकती है। जब गुझिया एक तरह से सुनहरी हो जाए तब इसे पलटें।

  • तनाव मुक्त जीवन के लिए योग: मन की 5 वृत्तियों का सरल ज्ञान..

    तनाव मुक्त जीवन के लिए योग: मन की 5 वृत्तियों का सरल ज्ञान..


    नई दिल्ली: शारीरिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए लोग जिम और कसरत का सहारा लेते हैं, लेकिन मन का स्वास्थ्य उतना ही जरूरी है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, मन को स्वस्थ रखने के लिए योग में चित्त की मुख्य 5 वृत्तियों का अभ्यास किया जाता है। इन वृत्तियों की समझ से मानसिक तनाव को कम किया जा सकता है और जीवनशैली सुधारने में मदद मिलती है।

    चित्त वृत्ति निरोध का अर्थ है मन का अध्ययन करना और उसे सभी प्रकार के बोझ और विकारों से मुक्त करना। योग में पांच प्रमुख वृत्तियां बताई गई हैं: प्रमाणवृत्ति, विपर्ययवृत्ति, विकल्प वृत्ति, निद्रावृत्ति और स्मृतिवृत्ति।

    1. प्रमाणवृत्ति: यह ध्यान का पहला चरण है। इसमें मन को सही ज्ञान और धारणा की स्थिति में लाया जाता है। आँखों और कानों से प्राप्त अनुभव के माध्यम से मन को वास्तविकता से जोड़ा जाता है।

    2. विपर्ययवृत्ति: इसमें मन में उत्पन्न भ्रम और गलत ज्ञान को दूर किया जाता है। विपर्ययवृत्ति का लक्ष्य मन के भीतर पल रहे विरोधाभासी विचारों को संशोधित करना है।

    3. विकल्प वृत्ति: यह कल्पनाशील ज्ञान से संबंधित है, जिसे वस्तु से कोई लेना-देना नहीं होता। इसे शब्द ज्ञान या कल्पना द्वारा प्राप्त ज्ञान कहा जा सकता है।

    4. निद्रावृत्ति: इसका अर्थ है ज्ञान की कमी। इस अवस्था में मन ज्ञान की स्थिति से दूर होता है और अज्ञान या तमस का अनुभव करता है।

    5. स्मृतिवृत्ति: जब मन बार-बार पुरानी यादों को याद करता है और अतीत के सुखद पलों में खुद को डुबो देता है।

    इन पांच वृत्तियों का अभ्यास मानसिक विकारों और तनाव को हटाने में सक्षम है। योग के माध्यम से इन पर ध्यान केंद्रित कर मन को शांत, सशक्त और बोझ-मुक्त बनाया जा सकता है। तन की तरह मन को भी स्वस्थ रखना जरूरी है, और चित्त की ये पाँच वृत्तियां इसे संभव बनाती हैं।

  • T20 World Cup: श्रीलंका को हराने के बाद भी PAK टूर्नामेंट से बाहर, सेमीफाइनल में NZ

    T20 World Cup: श्रीलंका को हराने के बाद भी PAK टूर्नामेंट से बाहर, सेमीफाइनल में NZ


    कोलंबो।
    आईसीसी टी20 विश्‍व कप 2026 (ICC T20 World Cup 2026) के 50वें और सुपर-8 के अहम मैच में शनिवार को पाकिस्‍तान टीम की टक्‍कर श्रीलंका (Pakistan vs Sri Lanka) से हुई। यह मुकाबला पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। इस मैच में पाकिस्‍तान ने श्रीलंका 5 रन से हराया। पाकिस्‍तान भले ही मैच जीत गई हो पर न्‍यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में जगह बनाई है। दोनों टीमों के 3-3 अंक थे। पर कीवी टीम का नेट रन रेट पाकिस्‍तान से बेहतर था।

    श्रीलंका के कप्‍तान दासुन शनाका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैस‍ला लिया है। पहले बल्‍लेबाजी करने उतरी पाकिस्‍तान ने 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 212 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका टीम 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 207 रन ही बना सकी।

    इस जीत के बावजूद ग्रीन टीम सेमी-फाइनल की रेस से बाहर हो गई है. यहीं नहीं उसका टूर्नामेंट से भी बोरिया बिस्तर बंध चुका है. क्योंकि टीम को सेमी-फाइनल में प्रवेश करने के लिए विपक्षी टीम के खिलाफ आज 64 रनों से जीत हासिल करनी थी. मगर वह यह कारनामा नहीं कर पाई। वह श्रीलंका के खिलाफ आज के मैच में पांच रन से ही जीत पाई।

    पाकिस्तान की तरफ से जीत के लिए मिले 213 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए दसून शानका ने 31 गेंदों में 245.16 की स्ट्राइक रेट से 76 रनों की नाबाद विस्फोटक अर्धशतकीय पारी खेली. मगर वह भी टीम को जीत नहीं दिला सके. शानका के अलावा चौथे क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए पवन रत्नायके ने 37 गेंदों में 58 रनों का योगदान दिया. कामिल मिशारा 15 गेंद में 26 और चरित असलंका 18 गेंद में 25 रन बनाने में कामयाब रहे। पाकिस्तान की तरफ से आज के मुकाबले में सबसे सफल गेंदबाज अबरार अहमद रहे. जिन्होंने चार ओवरों में 23 रन खर्च करते हुए सर्वाधिक तीन सफलता प्राप्त की. उनके अलावा शाहीन शाह अफरीदी, नसीम शाह और मोहम्मद नवाज ने क्रमशः एक-एक विकेट चटकाए।

    इससे पहले पल्लेकेले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान की टीम 20 ओवरों में आठ विकेट के नुकसान पर 212 रन बनाने में कामयाब हुई थी. पारी का आगाज करते हुए साहबजादा फरहान सर्वोच्च स्कोरर रहे. जिन्होंने 60 गेंद में 100 रन की शतकीय पारी खेली. उनके अलावा फखर जमान ने 42 गेंदों में 200.00 की स्ट्राइक रेट से 84 रनों का योगदान दिया. बाकी के अन्य बल्लेबाज विपक्षी टीम के गेंदबाजों के सामने हमेशा रनों के लिए जुझते हुए ही नजर आए। श्रीलंका की तरफ से आज के मुकाबले में दिलशान मदुशंका ने सर्वाधिक तीन सफलता प्राप्त की. उनके अलावा दसून शानका ने दो और दुश्मांता चमीरा ने एक विकेट चटकाए।

  • SIR के बाद पश्चिम बंगाल में अंतिम मतदाता सूची जारी, 63 लाख नाम कटे

    SIR के बाद पश्चिम बंगाल में अंतिम मतदाता सूची जारी, 63 लाख नाम कटे


    कोलकाता।
    आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने शनिवार को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी। इस प्रक्रिया में करीब 63 लाख 66 हजार अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट नाम हटा दिए गए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने प्रेस वार्ता में बताया कि ड्राफ्ट सूची में दर्ज सात करोड़ 66 लाख मतदाताओं की संख्या अब सात करोड़ चार लाख रह गई है।

    अग्रवाल ने विस्तार से कहा, “विशेष गहन पुनरीक्षण के पहले चरण में ड्राफ्ट सूची से तीन लाख 75 हजार मतदाता हटाए गए, जबकि एक लाख 82 हजार नए मतदाता शामिल किए गए। इसके अलावा 60 लाख मतदाता ‘विचाराधीन’ श्रेणी में हैं, जिनके मताधिकार पर स्थानीय न्यायिक अधिकारी निर्णय लेंगे।”

    उन्होंने इस विशाल अभियान में हुई छोटी-मोटी गलतियों को स्वीकार करते हुए कहा कि आयोग ने तुरंत सुधार किया। दिसंबर में जारी ड्राफ्ट सूची से पहले ही 58 लाख से अधिक नाम हटा चुके थे, और ‘विचाराधीन’ नामों के फैसले के बाद यह संख्या और बढ़ेगी।

    प्रक्रिया में कुल सात करोड़ आठ लाख लोगों ने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा किया था, जिनमें से एक करोड़ 50 लाख से अधिक मतदाताओं, जिनमें तार्किक विसंगतियों और अननियोजित श्रेणी वाले शामिल थे, की विभिन्न केंद्रों पर सुनवाई की गई। सूत्रों के अनुसार, शनिवार दोपहर से सभी जिलों में मतदाता सूची की भौतिक प्रतियां वितरित हो रही हैं, और शाम तक यह ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएगी।

    ममता बनर्जी के भवानीपुर क्षेत्र में 47 हजार नाम हटे

    मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दक्षिण कोलकाता स्थित भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र (कुल एक लाख 61 हजार मतदाता) से 47 हजार 111 अनुपस्थित-स्थानांतरित-मृत-डुप्लिकेट नाम हटा दिए गए। साथ ही 14 हजार 154 नाम ‘विचाराधीन’ हैं, जिनका फैसला न्यायिक अधिकारियों को करना है। अप्रैल के अंत में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले यह तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो के लिए गंभीर चुनौती है। ममता ने हाल ही में स्थानीय नेताओं, बूथ स्तरीय एजेंटों और कार्यकर्ताओं के साथ कई बैठकें की हैं।

    शुभेंदु के विधानसभा में कटे 11 हजार नाम

    वहीं, विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के पूर्वी मिदनापुर जिले के नंदीग्राम क्षेत्र से करीब 11 हजार नाम हटे। 2021 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु ने ममता को महज 1900 वोटों के मामूली अंतर से हराया था। कोलकाता उत्तर जिले से चार लाख से अधिक और कोलकाता दक्षिण (भवानीपुर सहित) से दो लाख 15 हजार नाम हटाए गए। कुल मिलाकर दो प्रमुख कोलकाता जिलों से छह लाख से अधिक मतदाता सूची से बाहर हो गए।

    राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आरोप-प्रत्यारोप

    केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री व पूर्व बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने मीडिया से कहा, “अभी तक हटे 65 लाख नामों में 24 लाख मृत मतदाता हैं। तृणमूल कांग्रेस इन मृत वोटरों के नाम पर झूठे वोट डलवाकर चुनाव जीतती रही है। इस बार सत्ताधारी दल की यह मशीनरी फेल हो जाएगी।” भाजपा ने इसे स्वच्छ चुनाव की दिशा में बड़ा कदम बताया।

    उल्लेखनीय है कि नवंबर 2024 से शुरू हुई यह तीन माह की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरे राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप, सड़क प्रदर्शनों और अदालती लड़ाइयों के बीच संपन्न हुई। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध बनाना था, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव निष्पक्ष हों। निर्वाचन आयोग का यह कदम चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

  • मध्य पूर्व में संघर्ष के बीच एयरलाइंस को पश्चिम एशिया के 11 देशों में उड़ान न भरने की सलाह

    मध्य पूर्व में संघर्ष के बीच एयरलाइंस को पश्चिम एशिया के 11 देशों में उड़ान न भरने की सलाह


    नई दिल्ली।
    ईरान-इजरायल के बीच जारी संघर्ष और मध्य पूर्व में बढ़ते टकराव के मद्देनजर विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बड़ा फैसला लिया है। डीजीसीए ने शनिवार को भारतीय एयरलाइंस कंपनियों को ईरान, सऊदी अरब और यूएई सहित 11 देशों के हवाई क्षेत्रों का उपयोग 2 मार्च तक न करने की सलाह दी है।

    डीजीसीए ने भारतीय एयरलाइंस कंपनियों को जारी निर्देश में कहा कि वे 11 देशों के ऊपर से उड़ान भरने से बचें। विमानन नियामक का जारी आदेश सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। डीजीसीए के निर्देश वाले इन 11 देशों में ईरान, इजराइल, लेबनान, यूएई, सऊदी अरब, बहरीन, ओमान, इराक, जॉर्डन, कुवैत और कतर शामिल हैं। यह नया सुरक्षा परामर्श (एडवायजरी) तुरंत लागू कर दिया गया है।

    फिलहाल यह रोक 2 मार्च तक प्रभावी रहेगी। इस पाबंदी के कारण भारतीय एयरलाइंस ने मध्य पूर्व जाने वाली अपनी कई उड़ानें कुछ समय के लिए निलंबित कर दी है। वहीं, कई फ्लाइट्स के रास्ते बदले गए हैं, जबकि कुछ को रद्द करना पड़ा है। सीधे रास्ते बंद होने से विमानों को घूमकर जाना होगा, जिससे सफर का समय बढ़ जाएगा। उड़ान के समय बढ़ने से तेल का खर्च बढ़ेगा, जिसका सीधा बोझ यात्रियों की जेब पर पड़ सकता है।

    उल्लेखनीय है कि विमानन कंपनियां प्रभावित यात्रियों को टिकट के पैसे वापस करने यानी दूसरी तारीख पर यात्रा करने का विकल्प दे रही हैं। डीजीसीए ने एयरलाइंस को लगातार पल-पल की जानकारी (नोटम) पर नजर रखने को कहा है, ताकि किसी भी तरह के खतरे से बचा जा सके। इसके साथ ही यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी एयरलाइन की वेबसाइट पर उड़ान का स्टेटस जरूर चेक कर लें।

  • आंध्र प्रदेश में भीषण हादसा: पटाखा फैक्ट्री में धमाके से दहल उठा काकीनाडा, 20 की मौत, दूर-दूर तक बिखरे शव

    आंध्र प्रदेश में भीषण हादसा: पटाखा फैक्ट्री में धमाके से दहल उठा काकीनाडा, 20 की मौत, दूर-दूर तक बिखरे शव


    नई दिल्ली । काकीनाडा, आंध्र प्रदेश: शनिवार की दोपहर आंध्र प्रदेश का काकीनाडा जिला एक ऐसे हृदयविदारक हादसे का गवाह बना, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। जिले के वेटलापलेम गांव स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट ने हंसते खेलते परिवारों की खुशियां पल भर में मातम में बदल दीं। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 20 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 6 अन्य कर्मचारी जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

    धमाका दोपहर करीब 2 बजे उस वक्त हुआ जब फैक्ट्री के भीतर 20 से अधिक कर्मचारी अपने काम में मशगूल थे। विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी गूंज 5 किलोमीटर के दायरे में सुनाई दी। स्थानीय निवासियों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की धरती डोल गई और आसमान में धुएं का गुबार छा गया। जैसे ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे, वहां का मंजर किसी डरावने सपने जैसा था। फैक्ट्री का ढांचा पूरी तरह जमींदोज हो चुका था और चारों ओर चीख पुकार मची थी।

    पुलिस और चश्मदीदों ने बताया कि धमाके के दबाव के कारण कर्मचारियों के शव पास के धान के खेतों में जाकर गिरे। हरे भरे खेतों के बीच बिखरे हुए अंग और जली हुई लाशें सुरक्षा मानकों की अनदेखी की भयावह कहानी बयां कर रही थीं। स्थिति इतनी विकट थी कि स्थानीय लोगों को शवों को इकट्ठा करने के लिए ‘बाराकालू’ खाद की बोरियों से बनी चादरें का सहारा लेना पड़ा। पुलिस प्रशासन ने खेतों में दूर तक छिटके शरीर के हिस्सों को खोजने के लिए अत्याधुनिक ड्रोन कैमरों की मदद ली है, ताकि शिनाख्त की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

    काकीनाडा सरकारी अस्पताल के सुपरिटेंडेंट के अनुसार, अस्पताल लाए गए घायल 90 से 100 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं, जिससे उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम उन्हें बचाने का भरसक प्रयास कर रही है, लेकिन गृह मंत्री वंगालपुडी अनीता ने आशंका जताई है कि हताहतों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।

    मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने तत्काल संबंधित मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को घटनास्थल पर पहुंचने और राहत कार्यों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फैक्ट्री के पास आवश्यक लाइसेंस थे या नहीं और वहां सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। फिलहाल, पूरा गांव शोक में डूबा है और अपनों को खोने वाले परिवारों का रो रोकर बुरा हाल है।

  • समीर वानखेड़े की मुश्किलें बढ़ीं: दिल्ली हाई कोर्ट ने कॉर्डेलिया क्रूज केस में अनुशासनात्मक कार्रवाई को दी हरी झंडी

    समीर वानखेड़े की मुश्किलें बढ़ीं: दिल्ली हाई कोर्ट ने कॉर्डेलिया क्रूज केस में अनुशासनात्मक कार्रवाई को दी हरी झंडी


    नई दिल्ली। कॉर्डेलिया क्रूज ड्रग्स केस के चर्चित और विवादित चेहरा रहे आईआरएस IRS अधिकारी समीर वानखेड़े की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने साल 2021 के इस हाई-प्रोफाइल मामले में वानखेड़े के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी रखने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की खंडपीठ ने केंद्र सरकार की उस याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण कैट के उस पुराने फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसने वानखेड़े को बड़ी राहत दी थी। कोर्ट के इस ताजा आदेश के बाद अब केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर व सीमा शुल्क बोर्ड CBIC द्वारा जारी चार्जशीट के आधार पर जांच का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

    समीर वानखेड़े, जो 2008 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं, उस समय वैश्विक सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने मुंबई एनसीबी NCB के जोनल डायरेक्टर रहते हुए अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्य खान को ड्रग्स केस में गिरफ्तार किया था। हालांकि, बाद में उन पर गंभीर आरोप लगे कि उन्होंने आर्यन खान को फंसाने की धमकी दी और मामले को रफा-दफा करने के बदले उनके परिवार से कथित तौर पर 25 करोड़ रुपये की मांग की थी। इसके अलावा, उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने जांच की दिशा मोड़ने की कोशिश की और एनसीबी से कार्यमुक्त होने के बावजूद विभाग के विधिक अनुभाग से गोपनीय जानकारियां हासिल करने का प्रयास किया था।

    गौरतलब है कि इससे पहले ‘कैट’ ने 18 अगस्त 2025 को वानखेड़े को जारी किए गए आरोपपत्र चार्जशीट को रद्द कर दिया था, जिसे केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। सरकार का तर्क था कि अधिकारी के आचरण की गहन जांच जरूरी है। हाई कोर्ट की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए माना कि अनुशासनात्मक कार्यवाही को रोकना उचित नहीं है। इस फैसले से साफ हो गया है कि सरकारी संस्थानों की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए किसी भी स्तर के अधिकारी के खिलाफ आरोपों की जांच अनिवार्य है। अब वानखेड़े को इन गंभीर विभागीय आरोपों का सामना करना होगा, जो उनके करियर के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।