Author: bharati

  • आबकारी नीति केस: केजरीवाल-सिसोदिया को मिली राहत पर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी सीबीआई

    आबकारी नीति केस: केजरीवाल-सिसोदिया को मिली राहत पर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी सीबीआई


    नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को निचली अदालत द्वारा आरोपमुक्त किए जाने के फैसले को चुनौती देने का निर्णय लिया है। एजेंसी इस आदेश के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील दायर करेगी।

    यह कदम राउज एवेन्यू कोर्ट के उस फैसले के बाद उठाया गया है जिसमें केजरीवाल सिसोदिया सहित 21 अन्य आरोपियों को आबकारी नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में आरोपों से मुक्त कर दिया गया था। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने चार्जशीट में नामित किसी भी आरोपी के विरुद्ध आरोप तय करने से इनकार कर दिया था।

    सीबीआई के प्रवक्ता का कहना है कि निचली अदालत ने जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर पर्याप्त विचार नहीं किया। इसी आधार पर एजेंसी ने उच्च न्यायालय में अपील करने का फैसला लिया है।

    अदालत ने अपने आदेश में टिप्पणी की थी कि सीबीआई ने वरिष्ठ नेताओं को बिना किसी ठोस सामग्री के आरोपी बनाया। न्यायालय ने आरोपपत्र में कई खामियों की ओर संकेत करते हुए कहा कि सिसोदिया के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला नहीं बनता। साथ ही केजरीवाल को भी पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में इस प्रकरण में शामिल किया गया। अदालत ने जांच प्रक्रिया में कमियों को लेकर एजेंसी को फटकार भी लगाई।

    फैसले के बाद केजरीवाल ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए इसे उनकी पार्टी को कमजोर करने की राजनीतिक साजिश बताया। वहीं सिसोदिया ने कहा कि अदालत का निर्णय संविधान और कानून के शासन में उनके विश्वास को मजबूत करता है।

  • सोने-चांदी के दामों में जोरदार उछाल, निवेशकों की मांग बढ़ी.

    सोने-चांदी के दामों में जोरदार उछाल, निवेशकों की मांग बढ़ी.


    नई दिल्ली। शुक्रवार सुबह घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। Multi Commodity Exchange यानी MCX पर सोने के भाव 500 रुपये से अधिक बढ़ गए और चांदी के भाव में 9,000 रुपये से भी अधिक की उछाल दर्ज की गई। सुबह के शुरुआती कारोबार में अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 525 रुपये बढ़कर 1,60,234 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। इसी तरह मई डिलीवरी वाली चांदी में 9,547 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी के बाद भाव 2,77,500 रुपये तक जा पहुंचा। हालांकि दिन के मध्य में थोड़ी मुनाफावसूली देखने को मिली, लेकिन कुल मिलाकर बाजार में तेजी की लहर मजबूत बनी रही।

    विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी की इस तेजी के पीछे वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक तनाव मुख्य कारण हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती अनिश्चितता, अमेरिकी टैरिफ को लेकर निवेशकों की चिंताएं और वैश्विक बाजार में सॉलिडिटी की तलाश ने कीमती धातुओं में मांग बढ़ा दी है। निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ते हुए सोने-चांदी को प्राथमिकता दे रहे हैं।

    विशेष रूप से चांदी की कीमत में इतनी तेज बढ़ोतरी देखी गई है कि यह फिर से 2.75 लाख रुपये प्रति किलो के पार चली गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक तनाव और बढ़ता रहा तो यह रुझान आगे भी जारी रह सकता है। सोने में निवेशकों की मजबूत रुचि के कारण एमसीएक्स पर सोने के कारोबार में भी जोरदार तेजी बनी रही।

    इस तेजी का असर सिर्फ निवेशकों तक सीमित नहीं रहा बल्कि ज्वेलरी मार्केट और स्थानीय सोने-चांदी व्यापारियों के भाव में भी असर दिखा। व्यापारियों ने कहा कि खरीदारी में तेजी के चलते कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। विशेषकर त्योहार और शादी के सीजन में सोने-चांदी की कीमतों में इतनी तेज बढ़ोतरी आम लोगों के बजट को प्रभावित कर सकती है।

    विशेषज्ञ यह भी सलाह दे रहे हैं कि निवेशक भावों में अचानक उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर निवेश करें। हालांकि सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोना और चांदी हमेशा आकर्षक रहे हैं, लेकिन मौजूदा समय में वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के कारण उतार-चढ़ाव अधिक देखने को मिल रहा है।

    इस बीच, घरेलू वायदा बाजार में एमसीएक्स के आंकड़े बताते हैं कि सोना और चांदी में तेजी की शुरुआत सुबह के शुरुआती कारोबार से ही हुई थी और निवेशकों ने इसी लहर का फायदा उठाया। अप्रैल डिलीवरी वाले सोने का भाव लगातार बढ़कर 1,60,234 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया जबकि मई डिलीवरी वाली चांदी ने 2,77,500 रुपये प्रति किलो का स्तर छू लिया।

    वैश्विक निवेशकों की नजरों में बढ़ते तनाव और टैरिफ अस्थिरता ने सोने-चांदी को सुरक्षित निवेश का प्रमुख साधन बना दिया है। इसलिए घरेलू बाजार में भी तेजी की यह लहर मजबूत बनी हुई है। निवेशक और व्यापारी इस उछाल का लाभ उठाने की रणनीति बना रहे हैं।

  • भोपाल में हाईवोल्टेज ड्रामा: ई-रिक्शा रोकने पर पत्नी ने निगली चूहामार दवा, बेकाबू पति ने पुलिस की बाइकें तोड़ीं!

    भोपाल में हाईवोल्टेज ड्रामा: ई-रिक्शा रोकने पर पत्नी ने निगली चूहामार दवा, बेकाबू पति ने पुलिस की बाइकें तोड़ीं!


    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गुरुवार दोपहर उस वक्त कोहराम मच गया जब एक ई-रिक्शा चालक की पत्नी ने पुलिस की कथित बदसलूकी से तंग आकर सरेराह जहर खा लिया। घटना पुराने पुलिस कंट्रोल रूम तिराहे की है जहाँ नवल कुशवाह नामक युवक अपनी पत्नी पूजा के साथ जा रहा था। आरोप है कि वहां तैनात दो पुलिसकर्मियों ने सिग्नल तोड़ने का हवाला देते हुए रिक्शा रोका और नवल के साथ अभद्रता की। विवाद इतना बढ़ा कि पुलिसकर्मियों ने जब थाने चलने की धमकी दी तो घबराहट और गुस्से में आकर पूजा ने अपने पर्स में रखी चूहामार दवा निगल ली।

    पत्नी की बिगड़ती हालत देख नवल का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। उसने बीच सड़क पर रिक्शा खड़ा कर जाम लगा दिया और उन पुलिसकर्मियों पर टूट पड़ा। हालात बिगड़ते देख दोनों जवान अपनी जान बचाकर पुराने कंट्रोल रूम के भीतर जा छिपे। बदहवास नवल ने वहीं ट्रैफिक चौकी के बाहर खड़ी पुलिस की बाइकों को पलट दिया और उनमें तोड़फोड़ शुरू कर दी। करीब 10 मिनट तक चले इस ड्रामे के दौरान पूजा रिक्शे में तड़पती रही” लेकिन नवल अड़ा रहा कि जब तक दोषी पुलिसकर्मी बाहर नहीं आते” वह अस्पताल नहीं जाएगा। अंततः” साथी पुलिसकर्मियों की समझाइश के बाद वह पत्नी को लेकर जेपी अस्पताल रवाना हुआ” जहाँ उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। हालांकि” पुलिस प्रशासन का दावा है कि विवाद के बाद घर जाकर दंपति में झगड़ा हुआ और जहर घर पर खाया गया” जो कि घटनाक्रम को नया मोड़ दे रहा है।

    दूसरी ओर मध्य प्रदेश के ही धार जिले से भी प्रशासन पर जनता के आक्रोश की एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ एक चूना पत्थर खदान के सर्वे के लिए पहुँची प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने जानलेवा हमला कर दिया। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और तहसीलदार सहित पुलिस की गाड़ियों पर पत्थरों की बारिश कर दी। नौ थानों की पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद ग्रामीणों ने सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया और तहसीलदार की गाड़ी पलटने की कोशिश की। पत्थरबाजी के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं” जो सरकारी अमले और आम जनता के बीच बढ़ते टकराव की गवाह दे रहे हैं।

  • इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026: एआई और लैंगिक सशक्तिकरण पर केसबुक जारी

    इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026: एआई और लैंगिक सशक्तिकरण पर केसबुक जारी


    नई दिल्ली। 17 फरवरी 2026 को इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में एआई और लैंगिक सशक्तिकरण पर केंद्रित केसबुक का विमोचन किया गया। यह पहल इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और यूएन वीमेन की संयुक्त पहल है जबकि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने इसका समर्थन किया। इस केसबुक में ग्लोबल साउथ के 23 चुनिंदा एआई समाधानों को शामिल किया गया है जो महिलाओं और लड़कियों के सशक्तिकरण में ठोस प्रभाव दिखाते हैं।

    विमोचन समारोह में इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव श्री एस. कृष्णन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव श्री अनिल मलिक और यूएन वीमेन की एशिया पैसिफिक क्षेत्रीय निदेशक सुश्री क्रिस्टीन अरब उपस्थित थीं।

    इस केसबुक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता भी मिली। 20 फरवरी को संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने जनएआई एक्सपो में यूएन वीमेन के स्टॉल का दौरा किया। इस अवसर पर महासचिव ने वी एसटीईएम परियोजना के तहत ग्रामीण युवाओं को एसटीईएम करियर में प्रशिक्षित करने वाली महिलाओं से बातचीत की। यह परियोजना मध्य प्रदेश गुजरात और महाराष्ट्र की सरकारों यूरोपीय संघ माइक्रोन नोकिया और हेड हेल्ड हाई फाउंडेशन के सहयोग से संचालित की जा रही है।

    महिलाओं ने बताया कि वे एआई का उपयोग करके नए कौशल सीख रही हैं शिक्षा को अधिक सुलभ बना रही हैं और रोजगार के अवसर तलाश रही हैं। केसबुक की एक प्रति यूएन वीमेन की एआई कंट्री रिप्रेजेंटेटिव कांता सिंह ने महासचिव को भेंट की। अवर महासचिव और प्रौद्योगिकी मामलों पर महासचिव के दूत अमनदीप सिंह गिल भी उपस्थित थे।

    यह केसबुक 50 से अधिक देशों से प्राप्त 233 आवेदनों में से चयनित 23 एआई समाधानों को शामिल करती है। चयन प्रक्रिया बहु स्तरीय मूल्यांकन पर आधारित थी जिसमें उपयोगिता लैंगिक प्रभाव और साक्ष्य आधारित परिणामों को परखा गया। इसमें स्वास्थ्य आर्थिक सशक्तिकरण डिजिटल सुरक्षा जलवायु लचीलापन न्याय शिक्षा और नीति निर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।

    केसबुक नीति निर्माताओं शोधकर्ताओं और प्रौद्योगिकी विकासकर्ताओं के लिए व्यापक ज्ञान संसाधन के रूप में कार्य करती है जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि एआई सिस्टम नैतिक समावेशी और महिलाओं की वास्तविकताओं के प्रति उत्तरदायी हों। यह प्रकाशन भारत के लोकतांत्रिक एआई प्रसार दृष्टिकोण और इंडियाएआई मिशन के लिंग संवेदनशील सिद्धांतों को भी सुदृढ़ करता है।

    इस पहल में भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों की प्रभावी साझेदारी दिखाई देती है। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने रणनीतिक दिशा प्रदान की यूएन वीमेन ने वैश्विक समन्वय और तकनीकी विशेषज्ञता उपलब्ध कराई जबकि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने लैंगिक संवेदनशीलता सुनिश्चित की।

    इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन 16 से 20 फरवरी के बीच हुआ। इसका उद्देश्य जिम्मेदार समावेशी और प्रभावशाली एआई को प्रोत्साहित करना था जिससे भारत वैश्विक एआई शासन ढांचे के सह निर्माता के रूप में स्थापित हो सके।

  • समलैंगिकता ! इस देश में खुलेआम किस करने पर दो महिलाएं गिरफ्तार

    समलैंगिकता ! इस देश में खुलेआम किस करने पर दो महिलाएं गिरफ्तार

    कंपाला। दुनिया में आज भी कई ऐसे देश हैं, जिनमें समलैंगिकता को जघन्य अपराध माना जाता है। अफ्रीकी देश युगांडा भी उन्हीं देशों में से एक है। यहां पर दो युवा महिलाओं को खुले आम प्यार का इजहार करना महंगा पड़ गया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, दोनों महिलाओं को किस करते हुए देखा गया, चूंकि यह देश के कानून के खिलाफ है, इसलिए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

    पुलिस के बयान के मुताबिक एक महिला की उम्र करीब 22 साल है, जबकि दूसरी की उम्र करीब 21 साल है। दोनों को देश के अरुआ शहर से गिरफ्तार किया गया है, जहां पर वह खुले आम किस करने और असामान्य कृत्यों में संलिप्त थीं, जिन्हें यौन प्रकृति का माना जाता है।

    आपको बता दें, युगांडा में वर्ष 2023 में एंटी होमोसेक्सुएलिटी एक्ट लागू किया गया है। देश की सरकार द्वारा लागू किए गए इस कानून का पश्चिमी देशों ने भरपूर विरोध किया था लेकिन यहां की सरकार सबसे कठोर एलजीबीटीक्यू विरोधी कानून लागू करने पर लगी हुई है। इस कानून के तहत समलैंगिक संबंध रखने वाले लोगों को आजीवन कारावास की सजा दी जा सकती है, जबकि गंभीर मामलों में मृत्युदंड का भी प्रावधान है।

    बार-बार पकड़े जाने पर मृत्युदंड का प्रावधान
    समलैंगिक संबंधों को लेकर युगांड़ा का कानून सबसे ज्यादा कठोर है। 2023 में पारित किए गए कानून के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति बार-बार समलैंगिक संबंध बनाते पकड़ा जाता है, या ऐसा समलैंगिक संबंध जिससे लाइलाज बीमारी फैलती हो, नाबालिग, बुजुर्ग या दिव्यांग व्यक्ति के साथ समलैंगिक संबंध बनाने पर व्यक्ति को मृत्युदंड दिया जा सकता है।

    गौरतलब है कि युगांडा पूर्वी अफ्रीका का एक रूढ़िवादी और मुख्यतः ईसाई बहुल देश है। इस कानून के कारण मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में व्यापक आक्रोश फैल गया था और संयुक्त राष्ट्र तथा पश्चिमी देशों ने इसकी निंदा की थी। विश्व बैंक ने देश को दी जाने वाली वित्तीय सहायता निलंबित कर दी थी, हालांकि 2025 के मध्य में इसे फिर से बहाल कर दिया गया। इस महीने की शुरुआत में, एक युगांडा अदालत ने “गंभीर समलैंगिकता” श्रेणी के तहत आरोपित पहले व्यक्ति के खिलाफ मामला खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि लंबी न्यायिक हिरासत के कारण उसकी मानसिक स्थिति अस्थिर हो गई थी।

  • विदेश नीति पर फोकस, इजरायल यात्रा के अनुभव साझा करते हुए पीएम का बड़ा संदेश

    विदेश नीति पर फोकस, इजरायल यात्रा के अनुभव साझा करते हुए पीएम का बड़ा संदेश


    नई दिल्ली। दो दिवसीय इजरायल दौरे से लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि भारत–इजरायल साझेदारी आने वाले समय में और मजबूत होगी। उन्होंने दौरे की झलकियों वाला एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें एयरपोर्ट पर गर्मजोशी से स्वागत, भारतीय समुदाय से मुलाकात, सांस्कृतिक कार्यक्रम और इजरायली संसद में उनके संबोधन के दृश्य शामिल हैं।

    संसद में संबोधन से लेकर सर्वोच्च सम्मान तक
    वीडियो में इजरायली संसद में पीएम के स्वागत, तालियों की गूंज और दोनों देशों के बीच हुए अहम समझौतों के हस्ताक्षर के पल दिखाए गए। प्रधानमंत्री ने लिखा, “इजरायल की खास यात्रा की कुछ खास बातें… अच्छी बातचीत और मजबूत सहयोग। हमारी पार्टनरशिप आगे बढ़ती रहे!”

    रक्षा, तकनीक और व्यापार में नई गति
    दौरे के दौरान रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, तकनीक और कृषि जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए इंडि‍या-मिडिल ईस्‍ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) और भारत-इजरायल-यूएई-यूएसए (आई2यू2) पहल को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

    अहम एमओयू: खनिज, समुद्री विरासत और यूपीआई
    खनिज अन्वेषण में उन्नत जियोफिजिकल और एआई तकनीक के उपयोग पर सहयोग के लिए समझौता हुआ। गुजरात के लोथल स्थित नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स के विकास को लेकर भी सहमति बनी, जिससे साझा समुद्री विरासत को बढ़ावा मिलेगा।

    डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में बड़ी पहल के तहत एनपीसीआई इंटरनेशनल और इजरायल की एमएएसएवी के बीच यूपीआई को लागू करने पर समझौता हुआ। इससे दोनों देशों के बीच सीमा-पार रेमिटेंस को आसान बनाने की दिशा में कदम बढ़ेगा।

    कृषि, शिक्षा और वित्तीय सहयोग
    भारत-इजरायल इनोवेशन सेंटर फॉर एग्रीकल्चर की स्थापना के लिए आईसीएआर और एमएएसएचएवी के बीच समझौता हुआ। मत्स्य पालन और जलीय कृषि में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी।

    वित्तीय क्षेत्र में International Financial Services Centres Authority और Israel Securities Authority के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इसके अलावा एआई आधारित शिक्षा, वाणिज्यिक मध्यस्थता और विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक सहयोग को लेकर भी कई समझौते हुए, जिनमें Nalanda University और Hebrew University of Jerusalem के बीच एमओयू प्रमुख है।

  • बिकिनी पहनी दो महिलाओं के बीच लेटे दिखे स्टीफन हॉकिंग

    बिकिनी पहनी दो महिलाओं के बीच लेटे दिखे स्टीफन हॉकिंग

    वॉशिंगटन। अमेरिकी फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों के एक नए बैच के सार्वजनिक होने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर बहस छिड़ गई है। इन दस्तावेजों के साथ सामने आई एक तस्वीर में प्रख्यात वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग दिखाई दे रहे हैं, जिससे सोशल मीडिया और मीडिया जगत में व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।

    तस्वीर में हॉकिंग दो महिलाओं के बीच लेटे हुए नजर आते हैं। दोनों महिलाओं ने स्विमवियर पहन रखा है और उनकी पहचान छिपाने के लिए चेहरों को काले रंग से ढका गया है। तीनों के हाथों में पेय पदार्थ दिखाई दे रहे हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि फोटो कब और किस संदर्भ में ली गई थी।

    अमेरिकी मीडिया, जिनमें New York Post भी शामिल है, ने इस तस्वीर का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी पृष्ठभूमि और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

    परिवार ने आरोपों को बताया निराधार
    हॉकिंग के परिवार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि प्रोफेसर हॉकिंग ने 20वीं सदी में भौतिकी के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया और वे मोटर न्यूरॉन बीमारी से दशकों तक जूझते रहे। बयान में किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार के संकेतों को “पूरी तरह गलत” बताया गया।


    स्टीफन हॉकिंग का 2018 में 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। वे लंबे समय तक गंभीर बीमारी के बावजूद वैज्ञानिक अनुसंधान और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे।

    2006 के सम्मेलन से जुड़ा संदर्भ
    रिपोर्ट्स के अनुसार, हॉकिंग उन वैज्ञानिकों के समूह में शामिल थे जिन्होंने मार्च 2006 में कैरिबियन क्षेत्र के सेंट थॉमस द्वीप पर आयोजित एक सम्मेलन में भाग लिया था। यह कार्यक्रम एपस्टीन द्वारा वित्तपोषित बताया जाता है और उस समय हुआ था जब उनके खिलाफ बाद में सामने आए आपराधिक आरोप सार्वजनिक नहीं हुए थे।

    पुराने आरोपों का भी हुआ जिक्र
    दस्तावेजों में अमेरिकी नागरिक वर्जीनिया गिउफ्रे के पूर्व आरोपों का भी उल्लेख मिलता है, जिनमें उन्होंने एपस्टीन नेटवर्क से जुड़े कई प्रभावशाली लोगों पर सवाल उठाए थे। हालांकि, हॉकिंग के खिलाफ किसी भी आपराधिक कृत्य का आधिकारिक आरोप कभी सिद्ध नहीं हुआ।

  • दिल्ली शराब नीति केस में बड़ा फैसला, केजरीवाल–सिसोदिया को मिली राहत

    दिल्ली शराब नीति केस में बड़ा फैसला, केजरीवाल–सिसोदिया को मिली राहत

    नई दिल्ली।  दिल्ली की चर्चित आबकारी नीति मामले में शुक्रवार को बड़ा मोड़ आया। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को सीबीआई केस में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने बरी कर दिया। अदालत ने इस मामले में नामजद सभी 23 आरोपियों को भी राहत देते हुए अभियोजन पक्ष की दलीलों को पर्याप्त आधारहीन माना। फैसले के दौरान दोनों नेता अदालत में मौजूद थे, जबकि कुछ अन्य आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए।

    कोर्ट की कड़ी टिप्पणी: जांच में कमियां
    राऊज एवेन्यू कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सीबीआई की चार्जशीट में गंभीर खामियां हैं और कथित साजिश के समर्थन में ठोस साक्ष्य पेश नहीं किए गए। अदालत ने टिप्पणी की कि अभियोजन पक्ष अनुमान के आधार पर कहानी गढ़ता नजर आया, जो न्यायिक कसौटी पर टिक नहीं सकी।

    जज जीतेंद्र सिंह ने सीबीआई द्वारा कथित कबूलनामे की कॉपी दाखिल न करने पर नाराजगी जताई। साथ ही चार्जशीट में ‘साउथ लॉबी’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर भी आपत्ति दर्ज की। अदालत ने स्पष्ट कहा कि आबकारी नीति के निर्माण में किसी बड़ी आपराधिक साजिश या दुर्भावनापूर्ण इरादे के पर्याप्त प्रमाण नहीं मिले।

    क्या था पूरा मामला?
    यह केस दिल्ली सरकार की 2021-22 की आबकारी नीति से जुड़ा था, जिस पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगे थे। दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव की रिपोर्ट के बाद उपराज्यपाल ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। इसके बाद Central Bureau of Investigation ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

    26 फरवरी 2023 को मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया गया था, जबकि 21 मार्च 2024 को प्रवर्तन निदेशालय ने अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। बाद में सीबीआई ने भी उन्हें हिरासत में लिया था।

    राजनीतिक असर और आगे की राह
    इस फैसले को आम आदमी पार्टी के लिए बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है। हालांकि यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बना रहेगा। अदालत के फैसले के बाद अब निगाहें इस बात पर होंगी कि क्या जांच एजेंसियां ऊपरी अदालत में चुनौती देती हैं या नहीं।

  • पाकिस्तान के हवाई हमलों के जवाब में अफगानिस्तान की जवाबी कार्रवाई, 15 चौकियां कब्जे में लेने का दावा

    पाकिस्तान के हवाई हमलों के जवाब में अफगानिस्तान की जवाबी कार्रवाई, 15 चौकियां कब्जे में लेने का दावा

    नई दिल्ली।  पाकिस्तान द्वारा कथित हवाई हमलों के बाद अफगानिस्तान ने सीमा क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान के उप प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने बयान जारी कर कहा कि गुरुवार रात शुरू किए गए अभियान में दुश्मन की 15 चौकियों पर कब्जा कर लिया गया है। उनके मुताबिक इस कार्रवाई में कई पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जबकि कुछ को जिंदा पकड़ने का भी दावा किया गया है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    डूरंड लाइन पर ऑपरेशन, रणनीतिक बढ़त का दावा
    अफगान पक्ष का कहना है कि डूरंड लाइन के आसपास तैनात विशेष इकाइयों ने अत्याधुनिक उपकरणों के साथ अभियान चलाया। बयान में कहा गया कि रात के अंधेरे में दुश्मन की गतिविधियों को निशाना बनाया जा रहा है और सीमा पर रणनीतिक बढ़त हासिल की जा रही है। क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बताए जा रहे हैं।

    पहले हुए थे हवाई हमले, नागरिक हताहत
    तनाव की पृष्ठभूमि में हालिया हवाई हमलों की घटना है। United Nations Assistance Mission in Afghanistan (यूएनएएमए) ने पुष्टि की थी कि पाकिस्तान के सैन्य हमलों में अफगानिस्तान के नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में 13 नागरिकों की मौत हुई। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, जबकि सात अन्य घायल हुए थे। ये हमले 21-22 फरवरी की दरमियानी रात नंगरहार के बेहसूद और खोगियानी जिलों में किए गए बताए गए।

    स्कूल और मस्जिद भी निशाने पर
    स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पक्तिका के बरमल क्षेत्र में एक स्कूल और मस्जिद को निशाना बनाया गया, जबकि ओर्गुन जिले में एक रिहायशी घर पर भी एयर स्ट्राइक की गई। इन घटनाओं के बाद दोनों देशों के बीच पहले से जारी सीमा विवाद और अधिक गहरा गया है।

    आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
    अफगानिस्तान के दावों और पाकिस्तान की चुप्पी के बीच स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है। स्वतंत्र स्रोतों से 15 चौकियों पर कब्जे की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि हालात नहीं संभले तो क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर असर पड़ सकता है।

  • टी20 विश्व कप 2026: आलोचना से आक्रामकता तक, तिलक वर्मा का दमदार जवाब

    टी20 विश्व कप 2026: आलोचना से आक्रामकता तक, तिलक वर्मा का दमदार जवाब

    नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 में अपनी धीमी बल्लेबाजी को लेकर आलोचना झेल रहे युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ विस्फोटक पारी खेलकर सभी को करारा जवाब दिया। टीम मैनेजमेंट ने इस मुकाबले में उन्हें तीसरे नंबर की बजाय छठे स्थान पर उतारा और तिलक ने इस भूमिका को पूरी तरह भुनाया।

    16 गेंदों में 44 रन, मैच का रुख बदला
    बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने महज 16 गेंदों में नाबाद 44 रन ठोक दिए, जिसमें 4 छक्के और 3 चौके शामिल रहे। उनकी इस ताबड़तोड़ पारी ने भारत के स्कोर को 256 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। तेज फिनिशिंग ने न सिर्फ टीम का मनोबल बढ़ाया, बल्कि यह भी दिखा दिया कि तिलक परिस्थिति के मुताबिक खुद को ढालने में माहिर हैं।

    “हर गेंद पर हिट के लिए तैयार”
    मैच के बाद तिलक ने कहा कि जब ओपनर मजबूत शुरुआत देते हैं तो उसका आत्मविश्वास मध्यक्रम तक पहुंचता है। उन्होंने माना कि टीम की रणनीति साफ थी-पावरप्ले में विकेट गिरने के बावजूद आक्रामक रवैया बनाए रखना। उनका कहना था कि विरोधी गेंदबाजों में यह डर बैठाना जरूरी है कि भारतीय बल्लेबाज हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने को तैयार हैं।

    रोल बदला, इरादा नहीं
    तिलक ने अपने बदले बल्लेबाजी क्रम पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि टीम को जहां जरूरत हो, वह वहां खेलने के लिए तैयार हैं। आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए भी वह इसी तरह की भूमिका निभा चुके हैं और भारतीय टीम में भी अलग-अलग स्थानों पर खेल चुके हैं। उनका मानना है कि विकेट गिरने के तुरंत बाद दबाव तोड़ने के लिए आक्रामक शॉट जरूरी होते हैं।

    250 के पार जाने का लक्ष्य
    तिलक ने साफ किया कि टीम का इरादा सिर्फ बड़ा स्कोर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि 250 के आंकड़े को लगातार पार करने का है। उन्होंने बताया कि मैच से पहले टीम ने पिछले साल की अपनी टी20 बल्लेबाजी के वीडियो देखे, जिससे आत्मविश्वास बढ़ा। अब यही आक्रामक सोच आगे के मुकाबलों में भी जारी रखने की तैयारी है।

    युवा बल्लेबाज का यह आत्मविश्वास साफ संकेत देता है कि भारतीय टीम सिर्फ जीतने नहीं, बल्कि दबदबा बनाने के इरादे से मैदान में उतर रही है।