Author: bharati

  • सावधान! बचपन का असामान्य वजन बढ़ा सकता है युवावस्था में बीमारियों का खतरा, नई स्टडी में बड़ा खुलासा

    सावधान! बचपन का असामान्य वजन बढ़ा सकता है युवावस्था में बीमारियों का खतरा, नई स्टडी में बड़ा खुलासा


    नई दिल्ली। हर माता पिता अपने बच्चे की लंबाई और वजन को लेकर चिंतित रहते हैं। अक्सर घरों में बच्चे के दुबलेपन या मोटापे को केवल खान पान और खराब लाइफस्टाइल से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन हाल ही में आई एक नई रिसर्च ने इस धारणा को आंशिक रूप से बदल दिया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि बच्चों के वजन और बॉडी मास इंडेक्स BMI में होने वाले बदलावों का एक बड़ा हिस्सा उनके जीन्स पर निर्भर करता है।

    ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित द्वारा की गई इस स्टडी में करीब 6 300 बच्चों और वयस्कों के 66 000 से अधिक BMI मापों का विश्लेषण किया गया। शोध में पाया गया कि 10 वर्ष की आयु तक बच्चे का वजन और 18 वर्ष तक उसकी ग्रोथ की रफ्तार भविष्य में होने वाली बीमारियों का संकेत दे सकती है। यदि बचपन में वजन असामान्य रूप से बढ़ता या घटता है तो आगे चलकर डायबिटीज हाई कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोगों का जोखिम बढ़ सकता है।

    अध्ययन में यह भी सामने आया कि अलग अलग उम्र में अलग जेनेटिक फैक्टर्स सक्रिय होते हैं। यानी छोटे बच्चों के शारीरिक आकार को प्रभावित करने वाले आनुवंशिक कारक किशोरावस्था में असर डालने वाले कारकों से अलग हो सकते हैं। इसका अर्थ यह है कि बचपन में हल्का फुल्का मोटापा हमेशा भविष्य में गंभीर मोटापे का संकेत नहीं होता लेकिन लगातार असामान्य ग्रोथ चिंता का विषय हो सकती है।

    शोधकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल जीन्स ही जिम्मेदार नहीं हैं। पर्यावरण खान पान शारीरिक गतिविधि और पारिवारिक जीवनशैली भी बच्चे के विकास को प्रभावित करते हैं। यानी जेनेटिक प्रवृत्ति और जीवनशैली मिलकर स्वास्थ्य की दिशा तय करते हैं।

    यह अध्ययन आंशिक रूप से ब्रिटेन की प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी ऑफ़ ब्रिस्टल के 90 के दशक के बच्चे स्टडी के डेटा पर भी आधारित है जिसे वैज्ञानिकों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य डेटाबेस माना जाता है। इस लंबे समय तक चले अध्ययन ने बच्चों के विकास और भविष्य के स्वास्थ्य जोखिमों को समझने में अहम भूमिका निभाई है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि किस उम्र में हस्तक्षेप सबसे अधिक प्रभावी हो सकता है। यदि सही समय पर पोषण व्यायाम और स्वास्थ्य निगरानी की जाए तो भविष्य में मोटापे और उससे जुड़ी गंभीर बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है।

    इस स्टडी का संदेश स्पष्ट है बच्चों के वजन को लेकर न तो अनावश्यक घबराहट जरूरी है और न ही लापरवाही। नियमित स्वास्थ्य जांच संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर बचपन से ही बेहतर स्वास्थ्य की नींव रखी जा सकती है।

  • 315 एमवीए ट्रांसफॉर्मर से बदली औद्योगिक तस्वीर, जापानी प्रतिनिधिमंडल ने सराहा प्रोजेक्ट

    315 एमवीए ट्रांसफॉर्मर से बदली औद्योगिक तस्वीर, जापानी प्रतिनिधिमंडल ने सराहा प्रोजेक्ट


    इंदौर। जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी जीका के एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी एमपी ट्रांसको की जिका द्वितीय योजना के तहत संचालित बिजली परियोजनाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। दो सदस्यीय दल में मूल्यांकनकर्ता हिसाए ताकाहाशी और जीका के भारत प्रतिनिधि कुणाल गुप्ता शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने परियोजनाओं के निर्माण कार्य गुणवत्ता उपयोगिता और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रियान्वयन की बारीकी से समीक्षा की।

    निरीक्षण के दौरान टीम ने पीथमपुर स्थित 400 केवी सबस्टेशन का दौरा किया जहां जीका की सहायता से 315 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया गया है। अधिकारियों ने ट्रांसफॉर्मर की तकनीकी विशेषताओं और इसके संचालन से जुड़े पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इसके साथ ही 132 केवी मंगल्या से दक्षिण जोन इंदौर ट्रांसमिशन लाइन का भी मूल्यांकन किया गया। यह लाइन राज्य के पहले 132 केवी जीआईएस सबस्टेशन महालक्ष्मी के लिए लाइन इन लाइन आउट व्यवस्था के तहत विकसित की गई है जिससे बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

    एमपी ट्रांसको के अधिकारियों ने बताया कि नए ट्रांसफॉर्मर और ट्रांसमिशन लाइन के चालू होने से पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और स्थिरता में बड़ा सुधार हुआ है। पहले जहां उद्योगों को वोल्टेज में उतार चढ़ाव और अनियमित सप्लाई की समस्या का सामना करना पड़ता था वहीं अब उन्हें चौबीसों घंटे निर्बाध और उच्च गुणवत्ता वाली बिजली मिल रही है। इससे उत्पादन प्रक्रिया अधिक सुचारु हुई है और लागत में भी कमी आई है।

    मूल्यांकनकर्ता हिसाए ताकाहाशी ने केवल आधिकारिक प्रस्तुतियों तक सीमित न रहते हुए जमीनी हकीकत जानने का निर्णय लिया। उन्होंने पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न इकाइयों में काम कर रहे लोगों और उद्योग संचालकों से सीधे बातचीत की। प्रतिनिधिमंडल ने बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता विश्वसनीयता और परियोजना के वास्तविक प्रभाव को लेकर फीडबैक लिया ताकि मूल्यांकन व्यावहारिक आधार पर किया जा सके।

    पीथमपुर धार क्षेत्र में चार संयंत्र संचालित करने वाली अग्रणी पैकेजिंग कंपनी एसआरएफ लिमिटेड ने भी अपने अनुभव साझा किए। कंपनी प्रतिनिधियों ने बताया कि नए पावर ट्रांसफॉर्मर के संचालन के बाद बिजली आपूर्ति पूरी तरह स्थिर हो गई है और उत्पादन में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आ रही है। कंपनी के विधिक प्रमुख ने कहा कि बेहतर बिजली उपलब्धता के कारण अब वे 132 केवी स्तर पर अपना लोड लगभग 15 एमवीए तक बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं जिससे दो नई उत्पादन इकाइयों को समर्थन मिल सकेगा।

    इस निरीक्षण ने यह स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग से विकसित बिजली अवसंरचना परियोजनाएं न केवल तकनीकी रूप से सुदृढ़ हैं बल्कि औद्योगिक विकास को भी नई गति दे रही हैं। पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थिर और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति ने निवेश और उत्पादन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है जिससे क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को बल मिला है।

  • ग्वालियर में बाबा ने परिवार को डराकर ठगा 30 हजार, बेटे और बुजुर्गों पर मंडराया अनिष्ट का डर

    ग्वालियर में बाबा ने परिवार को डराकर ठगा 30 हजार, बेटे और बुजुर्गों पर मंडराया अनिष्ट का डर


    ग्वालियर  ग्वालियर में एक परिवार बाबा के झांसे में आकर 30 हजार रुपए का शिकार बन गया। राधा विहार कॉलोनी निवासी विवेक शर्मा के घर अचानक दस्तक देने वाला यह बाबा दावा करता था कि उसके परिवार पर अनिष्ट है और उनके बुजुर्गों और बेटे के साथ बड़ा खतरा मंडरा रहा है। बाबा ने घर में प्रवेश करके परिवार को डराना शुरू किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग विवेक के परिवार को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं और उसकी प्रॉपर्टी पर नजरें गड़ाई हुई हैं। बाबा ने आगे कहा कि उनकी दादी बोल रही हैं कि नाती को बचाना है, जिससे पूरे परिवार में भय का माहौल बन गया।

    विवेक शर्मा के अनुसार बाबा ने आंखें बंद करके मंत्र पढ़े और परिवार को सम्मोहित करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि रंगपंचमी तक बहुत बुरा होने वाला है और केवल बिना लहसुन-प्याज खाने वाला ही पूजा कर सकता है। परिवार डर और भ्रम की स्थिति में आ गया और बाबा के कहने पर सात दिन की पूजा कराने के लिए प्रतिदिन 4 हजार रुपए देने पड़े। इस तरह पूरे सात दिनों के लिए बाबा ने कुल 30 हजार रुपए ठग लिए। बाबा और उसका साथी पूजा के दौरान बाहर पहरेदारी करते रहे और पूरी घटना के दौरान परिवार भय और दबाव में रहा।

    बाबा ने परिवार को डराने के लिए कई भविष्यवाणियां कीं, खासकर विवेक शर्मा के बेटे और परिवार के बुजुर्गों के बारे में। उन्होंने परिवार को यह भरोसा दिलाया कि केवल उनके बताए नियमों का पालन करने से ही परिवार की रक्षा होगी। बाबा ने परिवार से बार-बार कहा कि अगर पूजा नहीं की गई तो अनिष्ट बढ़ सकता है। विवेक और उनके परिवार ने डर के चलते बाबा की शर्तें मान ली और पूरी राशि बाबा को दे दी।

    घटना दो दिन पहले की बताई जा रही है, और जब परिवार ने देखा कि बाबा की बातें झूठी हैं और उनकी समस्याएं जस की तस हैं, तो उन्होंने हजीरा थाना जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी है। हजीरा थाना प्रभारी जितेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि शिकायत के आधार पर बाबा और उसके साथी की तलाश की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। पुलिस ने कहा कि इस तरह के ठगी और डराने के मामलों में जल्द कार्रवाई की जाती है।

    यह मामला ग्वालियर में बढ़ती हुई ठगी और झूठे बाबा के जाल में फंसने की घटनाओं पर भी प्रकाश डालता है। पुलिस लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रही है और कहा है कि किसी अज्ञात व्यक्ति पर विश्वास करने से पहले उसकी शिनाख्त और मंशा को समझना बेहद जरूरी है। बाबा के जरिए परिवार को डराना और पैसे वसूलना स्पष्ट रूप से धोखाधड़ी का मामला है। परिवारों को सलाह दी जा रही है कि इस तरह के लोगों के झांसे में आने से बचें और किसी भी अप्राकृतिक धमकी या भविष्यवाणी पर भरोसा न करें।

    इस पूरे मामले में यह स्पष्ट है कि बाबा ने परिवार की भावनाओं का फायदा उठाकर उन्हें डराया और पैसा ठगने का प्रयास किया। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि दोषियों को जल्दी से जल्दी गिरफ्तार किया जा सके और भविष्य में ऐसे मामलों पर रोक लगाई जा सके।

  • बड़वानी में यात्री बस अनियंत्रित होकर खेत में गिरी, 16 घायल; हादसा CCTV में कैद

    बड़वानी में यात्री बस अनियंत्रित होकर खेत में गिरी, 16 घायल; हादसा CCTV में कैद


    बड़वानी। खंडवा-बड़ौदा स्टेट हाईवे पर राजपुर के पास एक यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेत में जा गिरी। इस हादसे में लगभग 16 यात्री घायल हो गए जिन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल 9 यात्रियों को जिला अस्पताल बड़वानी रेफर किया गया। हादसा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया जिससे बस के सड़क से खेत में उतरने की पूरी घटना सामने आ गई।

    जानकारी के अनुसार खरगोन से बड़वानी की ओर जा रही अमन ट्रेवल्स की बस अचानक अनियंत्रित हो गई। प्राथमिक जांच में पता चला कि बस का स्टीयरिंग सिस्टम फेल हो गया था जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। बस सड़क से नीचे खेत में उतर गई और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

    घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रारंभ किया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और सड़क सुरक्षा अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। हादसे के कारण और सुरक्षा उपायों की जांच जारी है। साथ ही यात्रियों और अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए हाईवे पर सुरक्षा दिशा-निर्देश और यातायात नियमों को कड़ाई से लागू करने की बात कही जा रही है।

    स्थानीय लोग और यात्रियों ने बताया कि बस की अचानक अनियंत्रित स्थिति ने कई लोगों को डराया। हादसे का वीडियो सीसीटीवी में कैद होने से यह स्पष्ट हुआ कि तकनीकी खराबी ही मुख्य वजह थी।

    हादसे के बाद प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बसों और अन्य भारी वाहन संचालन में नियमित निरीक्षण और रखरखाव आवश्यक है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए बस मालिकों और परिवहन कंपनियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।

     खंडवा-बड़ौदा स्टेट हाईवे पर राजपुर के पास एक यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेत में जा गिरी। इस हादसे में लगभग 16 यात्री घायल हो गए जिन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल 9 यात्रियों को जिला अस्पताल बड़वानी रेफर किया गया। हादसा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया जिससे बस के सड़क से खेत में उतरने की पूरी घटना सामने आ गई।

    जानकारी के अनुसार खरगोन से बड़वानी की ओर जा रही अमन ट्रेवल्स की बस अचानक अनियंत्रित हो गई। प्राथमिक जांच में पता चला कि बस का स्टीयरिंग सिस्टम फेल हो गया था जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। बस सड़क से नीचे खेत में उतर गई और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

    घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रारंभ किया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और सड़क सुरक्षा अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। हादसे के कारण और सुरक्षा उपायों की जांच जारी है। साथ ही यात्रियों और अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए हाईवे पर सुरक्षा दिशा-निर्देश और यातायात नियमों को कड़ाई से लागू करने की बात कही जा रही है।

    स्थानीय लोग और यात्रियों ने बताया कि बस की अचानक अनियंत्रित स्थिति ने कई लोगों को डराया। हादसे का वीडियो सीसीटीवी में कैद होने से यह स्पष्ट हुआ कि तकनीकी खराबी ही मुख्य वजह थी।

    हादसे के बाद प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बसों और अन्य भारी वाहन संचालन में नियमित निरीक्षण और रखरखाव आवश्यक है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए बस मालिकों और परिवहन कंपनियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।

  • होली खेलने से पहले करें त्वचा की सही तैयारी वरना रंग छोड़ सकते हैं जिद्दी दाग

    होली खेलने से पहले करें त्वचा की सही तैयारी वरना रंग छोड़ सकते हैं जिद्दी दाग


    नई दिल्ली/वाराणसी। फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाने वाली रंगभरी एकादशी के अवसर पर शिवनगरी काशी भक्ति और रंगों के अनोखे संगम में डूब जाती है। होली से ठीक चार दिन पहले पड़ने वाला यह पर्व काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को विशेष स्वरूप देता है। मान्यता है कि इस दिन बाबा विश्वनाथ माता पार्वती को उनके मायके से काशी लेकर आते हैं और इसी उपलक्ष्य में पूरा शहर उत्सव में सराबोर हो उठता है।

    पौराणिक परंपरा के अनुसार रंगभरी एकादशी के दिन भगवान शिव माता गौरा के साथ गौना बारात लेकर काशी पहुंचते हैं। सदियों से चली आ रही इस परंपरा के कारण काशीवासी इस दिन बाबा विश्वनाथ और माता पार्वती का भव्य स्वागत करते हैं। शहर की गलियों से लेकर प्रमुख मंदिरों तक नमः पार्वती पतये हर हर महादेव के जयकारों की गूंज सुनाई देती है। जहां अन्य स्थानों पर होली की केवल तैयारियां होती हैं वहीं काशी में इस दिन से विधिवत रंगोत्सव की शुरुआत मानी जाती है। भक्त बाबा और माता से अनुमति लेकर गुलाल अबीर और फूलों की वर्षा के साथ होली खेलना आरंभ करते हैं।

    श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में इस अवसर पर विशेष आयोजन होता है। बाबा विश्वनाथ और माता पार्वती का भव्य डोला निकाला जाता है जो संकरी गलियों से गुजरते हुए श्रद्धालुओं को दर्शन देता है। पूरा क्षेत्र रंगों और फूलों से भर जाता है। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र के अनुसार मंदिर परिसर में बेरिकेडिंग की जाएगी और स्पर्श दर्शन की व्यवस्था नहीं रहेगी ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    इस वर्ष एक विशेष आकर्षण मथुरा ब्रज की रास परंपरा का समावेश भी है। ब्रज के रसिया और रंग खेलने वाले कलाकार काशी पहुंचेंगे और यहां रास रचाएंगे जिससे उत्सव का उल्लास और भी बढ़ जाएगा। यह सांस्कृतिक संगम काशी की आध्यात्मिक गरिमा को नए रंगों से सजा देगा।

    स्थानीय निवासी प्रभुनाथ त्रिपाठी बताते हैं कि काशीवासी देवी देवताओं के साथ मिलकर बाबा और माता के आगमन की खुशी मनाते हैं। यह परंपरा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। इस दिन भक्त रंग अर्पित कर होली खेलने की अनुमति मांगते हैं और मान्यता है कि भगवान शिव माता पार्वती को उनके ससुराल का भ्रमण भी कराते हैं।

    धार्मिक दृष्टि से रंगभरी एकादशी का विशेष महत्व है। इस दिन शिव पार्वती की पूजा करने से मनचाहा जीवनसाथी मिलने और दांपत्य जीवन में सुख समृद्धि आने की मान्यता है। काशी के छोटे बड़े सभी मंदिरों को सजाया जाता है दीप जलाए जाते हैं और पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से भर उठता है। रंगभरी एकादशी काशी की उस जीवंत परंपरा का प्रतीक है जहां आस्था रंगों से मिलकर अनोखा उत्सव रचती है।

  • अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों के लिए बड़ी खुशखबरी, रेलवे में मिलेगा रोजगार और द्वितीय करियर का अवसर

    अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों के लिए बड़ी खुशखबरी, रेलवे में मिलेगा रोजगार और द्वितीय करियर का अवसर


    नई दिल्ली। भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने वाले जवानों और देश के पहले बैच के अग्निवीरों के लिए खुशखबरी है। सरकार और रेलवे ने मिलकर एक ऐसा सहयोग का ढांचा तैयार किया है जो सैन्य सेवा समाप्त होने के बाद जवानों को नागरिक जीवन में सम्मानजनक और स्थिर रोजगार यानी द्वितीय करियर उपलब्ध कराएगा।

    रेल मंत्रालय ने अपने नीतिगत ढांचे में बदलाव करते हुए पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए विशेष क्षैतिज आरक्षण लागू किया है। इसके तहत लेवल 1 के पदों में पूर्व सैनिकों को 20% और पूर्व अग्निवीरों को 10% कोटा मिलेगा। वहीं लेवल 2 और उससे ऊपर के पदों में पूर्व सैनिकों के लिए 10% और पूर्व अग्निवीरों के लिए 5% पद आरक्षित रहेंगे।

    आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 और 2025 की रेलवे भर्ती अधिसूचनाओं में पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए कुल 14 788 पद आरक्षित किए गए हैं। इनमें 6 485 पद लेवल 1 के हैं और 8 303 पद लेवल 2 या उससे ऊपर के श्रेणी के हैं। यह भर्ती रेलवे भर्ती बोर्ड और रेलवे भर्ती केंद्रों के माध्यम से आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं द्वारा की जाएगी।

    रेलवे की यह पहल विशेष रूप से 2026 बैच के अग्निवीरों के लिए महत्वपूर्ण है जिन्हें सीधा लाभ मिलेगा। इससे सेना छोड़ने के बाद उनके लिए स्थिर नौकरी का अवसर सुनिश्चित होगा और वे नागरिक जीवन में आत्मनिर्भर बन सकेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं है बल्कि देश के जवानों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूत करता है।

    रेलवे की ओर से यह भी कहा गया है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और प्रतियोगी परीक्षा आधारित होगी। आरक्षित पदों के तहत चयनित उम्मीदवारों को न केवल स्थिर रोजगार मिलेगा बल्कि वे रेलवे के विभिन्न विभागों में तकनीकी और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को संभाल सकेंगे।

    इस निर्णय के बाद अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों में उत्साह का माहौल है। कई युवा जवानों ने कहा कि यह न केवल उनके भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करता है बल्कि सेना में सेवा देने के बाद उन्हें नई दिशा और सम्मान भी प्रदान करता है।

    रेल मंत्रालय और भारतीय सेना की इस साझेदारी का उद्देश्य सैनिकों को सिर्फ सम्मान देना नहीं है बल्कि उन्हें स्थिर और सम्मानजनक जीवनयापन का अवसर देना भी है। इस पहल को देशभर में सेवा के बाद रोजगार की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

  • यूपी में सरकारी कर्मचारियों को होली का तोहफा, CM योगी ने फरवरी का वेतन पहले देने का किया ऐलान

    यूपी में सरकारी कर्मचारियों को होली का तोहफा, CM योगी ने फरवरी का वेतन पहले देने का किया ऐलान


    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली के पावन अवसर को देखते हुए प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों संविदाकर्मियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि फरवरी माह का वेतन और पेंशन होली से पहले यानी 28 फरवरी तक अनिवार्य रूप से भुगतान कर दिया जाए।

    इस आदेश का दायरा केवल नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। इसमें आउटसोर्सिंग कर्मी संविदाकर्मी और सफाईकर्मी भी शामिल हैं। वित्त विभाग ने इस संबंध में औपचारिक शासनादेश जारी कर दिया है जिसमें साफ कहा गया है कि किसी भी कर्मचारी के वेतन या पेंशन में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है कि भुगतान प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होगी। समय पर वेतन वितरण सुनिश्चित करने के लिए आगामी शनिवार को भी कार्यदिवस घोषित किया गया है। यह कदम प्रदेश सरकार की ओर से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को त्योहार से पहले वित्तीय सुरक्षा देने की पहल है।

    जानकारी के अनुसार यह व्यवस्था लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीधे लाभान्वित करेगी। वेतन और पेंशन समय पर मिलने से न केवल कर्मचारियों में उत्साह बढ़ेगा बल्कि होली के त्योहार की तैयारियों में भी मदद मिलेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन की स्थिति में तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।

    विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम राज्य सरकार की कर्मचारी-केंद्रित नीतियों का हिस्सा है जिसमें सरकारी कर्मचारियों की वित्तीय स्थिरता और मनोबल बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इससे प्रदेश में सरकारी सेवाओं के सुचारू संचालन को भी बल मिलेगा।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का यह प्रयास है कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को त्योहार के अवसर पर अतिरिक्त सुविधा मिले और वे अपने परिवार के साथ उत्साहपूर्वक होली मना सकें। इस पहल को लेकर कर्मचारियों में प्रसन्नता का माहौल देखा जा रहा है।

  • O Romeo 14वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर छाया, शाहिद कपूर-विशाल भारद्वाज की फिल्म ने कमाए 61.55 करोड़

    O Romeo 14वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर छाया, शाहिद कपूर-विशाल भारद्वाज की फिल्म ने कमाए 61.55 करोड़


    नई दिल्ली। शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज की नई फिल्म ‘ओ रोमियो’ ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है। 13 फरवरी को रिलीज हुई इस फिल्म में शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी लीड रोल में हैं और दोनों पहली बार स्क्रीन शेयर कर रहे हैं। फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स से शानदार प्रतिक्रिया मिली है।

    रिलीज के पहले दिन फिल्म ने 8.5 करोड़ रुपये की कमाई से शुरुआत की थी और वीकेंड के दौरान रफ्तार बढ़ती रही। बुधवार और गुरुवार को 1.25 करोड़ की कमाई के साथ 14वें दिन तक फिल्म की कुल कमाई 61.55 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। बॉक्स ऑफिस पर इसे रानी मुखर्जी की ‘मर्दानी 3’, सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ और शनाया कपूर की ‘तू या मैं’ जैसी फिल्मों का मुकाबला भी मिला।

    फिल्म में नाना पाटेकर, अविनाश मिश्रा, फरीदा जलाल, दिशा पाटनी और तमन्ना भाटिया जैसे कलाकारों ने भी अहम भूमिका निभाई है। यह शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज की चौथी फिल्म है, इससे पहले दोनों ने ‘कमीने’, ‘हैदर’ और ‘रंगून’ में साथ काम किया था। आईएमडीबी रेटिंग 6.4 के साथ फिल्म ने दर्शकों को अपनी कहानी और प्रदर्शन से मंत्रमुग्ध कर दिया है।

    कुल मिलाकर, ‘ओ रोमियो’ ने अपने दमदार कंटेंट, स्टार कास्ट और शानदार बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के साथ 2027 की सबसे चर्चित फिल्मों में अपना नाम दर्ज कर लिया है।

  • रजक समाज ने भोपाल में किया जोरदार प्रदर्शन, एक प्रदेश, एक आरक्षण की मांग

    रजक समाज ने भोपाल में किया जोरदार प्रदर्शन, एक प्रदेश, एक आरक्षण की मांग


    भोपाल में गुरुवार को रजक समाज ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। एक प्रदेश, एक समुदाय, एक आरक्षण का नारा लगाते हुए प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री निवास के घेराव के लिए आगे बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। इसके बाद आंदोलनकारी वहीं धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया।

    प्रदर्शन के दौरान समाज के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक मुख्यमंत्री से सीधी मुलाकात नहीं होगी और ठोस आश्वासन नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। कुछ नेताओं ने आमरण अनशन की भी घोषणा की। इस मौके पर संयुक्त मोर्चा के प्रदेश संयोजक कैलाश नाहर ने बताया कि वर्तमान में रजक/धोबी जाति को केवल भोपाल, सीहोर और रायसेन जिलों में अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त है, जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में यही जाति पिछड़ा वर्ग में शामिल है।

    कैलाश नाहर ने कहा कि एक ही राज्य में एक ही समुदाय के लिए अलग-अलग आरक्षण व्यवस्था लागू करना सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। विवाह के बाद बच्चों की श्रेणी बदल जाना प्रशासनिक और सामाजिक विसंगति पैदा करता है, जिसे समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि 14 जुलाई 2006 को मध्यप्रदेश शासन ने रजक/धोबी समाज को पूरे प्रदेश में अनुसूचित जाति में शामिल करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा था, लेकिन आदिम जाति अनुसंधान संस्थान की टिप्पणी के आधार पर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

    प्रदेश संयोजक मोनू लक्ष्मण ने कहा कि समाज अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा। ज्ञापन में मुख्यमंत्री से यह मांग की गई है कि सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना को ध्यान में रखते हुए ऐतिहासिक निर्णय लिया जाए और केंद्र सरकार को पुनः प्रस्ताव भेजकर रजक/धोबी समाज को संपूर्ण मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति में शामिल किया जाए।

    प्रदर्शन के दौरान रजक समाज के लोग शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें प्रस्तुत करते रहे और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि आंदोलनकारियों ने यह स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक जवाब नहीं मिला तो आंदोलन तेज और व्यापक स्तर पर जारी रहेगा।

    इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश में सामाजिक न्याय और आरक्षण की नीति पर चर्चा को नया आयाम दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य में समान जाति के लिए अलग-अलग आरक्षण व्यवस्था सामाजिक असमानता पैदा कर सकती है और इसके समाधान के लिए स्पष्ट सरकारी कदम जरूरी हैं।

    रजक समाज का यह प्रदर्शन राजधानी में सामाजिक न्याय की मांग और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति सजगता को दर्शाता है। आमरण अनशन और ज्ञापन के माध्यम से उनका उद्देश्य सरकार को संवैधानिक और सामाजिक उत्तरदायित्व की याद दिलाना है।

  • राजामौली का दावा: 'वाराणसी' में बाहुबली से भी ज्यादा भव्य और दमदार सिनेमाई अनुभव

    राजामौली का दावा: 'वाराणसी' में बाहुबली से भी ज्यादा भव्य और दमदार सिनेमाई अनुभव



    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के दिग्गज निर्देशक एस. एस. राजामौली इन दिनों अपनी मेगा बजट फिल्म ‘वाराणसी’ को लेकर सुर्खियों में हैं। करीब 1300 करोड़ रुपये के बजट में बन रही यह एक्शन-एडवेंचर फिल्म अगले साल रिलीज के लिए तैयार बताई जा रही है। फिल्म में महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा जोनास और पृथ्वीराज सुकुमारन लीड रोल में नजर आएंगे। रिलीज से पहले ही यह प्रोजेक्ट देश-विदेश में जबरदस्त चर्चा बटोर रहा है।

    हैदराबाद स्थित अन्नपूर्णा स्टूडियो में हाल ही में शुरू हुई अत्याधुनिक मोशन कैप्चर फैसिलिटी में फिल्म के कई अहम सीक्वेंस शूट किए गए हैं। राजामौली का कहना है कि यह भारत की सबसे उन्नत मो-कैप लैब में से एक है, जहां हाई-प्रिसिजन टेक्नोलॉजी के जरिए बड़े और जटिल दृश्यों को पहले से ज्यादा प्रभावशाली ढंग से फिल्माया जा सकता है।

    इसी दौरान राजामौली ने अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म बाहुबली: द बिगिनिंग का जिक्र करते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर उस समय भारत में इतनी एडवांस मोशन कैप्चर तकनीक उपलब्ध होती, तो वे ‘बाहुबली’ और ‘ईगा’ जैसी फिल्मों को और भी बेहतर बना सकते थे। उनके मुताबिक भारत में टैलेंट की कभी कमी नहीं रही, लेकिन विश्वस्तरीय तकनीकी ढांचे की कमी के कारण कई बार विज़न को पूरी क्षमता के साथ पर्दे पर उतारना संभव नहीं हो पाता था।

    राजामौली ने बताया कि अब हालात बदल रहे हैं। नई तकनीक की बदौलत भारतीय फिल्मकारों को बड़े विजुअल सीक्वेंस के लिए विदेशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। ‘वाराणसी’ के कुछ जटिल एक्शन और फैंटेसी दृश्यों में इसी मोशन कैप्चर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसके परिणाम से टीम बेहद संतुष्ट है।

    फिल्म की पहली झलक पेरिस के प्रतिष्ठित सिनेमा हॉल Le Grand Rex में आयोजित एक ट्रेलर फेस्टिवल में दिखाई गई, जहां दर्शकों ने जबरदस्त प्रतिक्रिया दी। इससे साफ है कि ‘वाराणसी’ को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्सुकता बढ़ चुकी है।

    पोस्टर्स में महेश बाबू का ‘रुद्र’, पृथ्वीराज का ‘कुंभ’ और प्रियंका का ‘मंदाकिनी’ अवतार पहले ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन चुका है। अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा, तो यह फिल्म 7 अप्रैल 2027 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। राजामौली का मानना है कि नई तकनीक और बड़े विज़न का यह संगम भारतीय सिनेमा को एक नए स्तर पर ले जाएगा—और शायद यही वजह है कि वे आज भी मानते हैं, “बाहुबली को मैं और बेहतर बना सकता था।”