Author: bharati

  • सिंहस्थ 2028 की तैयारी: उज्जैन में शंकराचार्य मठ की तीन मंजिला इमारत पर चला बुलडोजर, अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई

    सिंहस्थ 2028 की तैयारी: उज्जैन में शंकराचार्य मठ की तीन मंजिला इमारत पर चला बुलडोजर, अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई


    उज्जैन । उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर नगर निगम ने व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू कर दिया है। बुधवार को जोन क्रमांक 03 क्षेत्र में नृसिंह घाट से लालपुल ब्रिज मार्ग तक 2016 के बाद बने पक्के निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की गई। निगम अमले ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया। प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ मेले के दौरान साधु संतों के डेरों टेंट व्यवस्था और श्रद्धालुओं की पार्किंग के लिए पर्याप्त स्थान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

    कार्रवाई के दौरान नर्मदा घाट क्षेत्र स्थित शंकराचार्य मठ में पुण्यानंद गिरी महाराज के आश्रम पर भी बुलडोजर चला। यहां 54 कमरों का तीन मंजिला भवन निर्मित किया गया था जिसमें एसी और नॉन एसी कमरे उपलब्ध थे। प्रशासन के अनुसार इस भवन में अवैध रूप से होटल का संचालन किया जा रहा था। करीब 10 से 15 हजार वर्गफुट क्षेत्र में बने इस स्थायी ढांचे को नगर निगम की टीम ने ध्वस्त करना शुरू किया।

    इसी क्रम में नरसिंह घाट रोड पर लगभग 60×80 फीट क्षेत्र में बने माधवानंद आश्रम को हटाया गया। साथ ही करीब 80×150 फीट में निर्मित कलोता समाज की धर्मशाला पर भी कार्रवाई की गई। बागली समाज सहित अन्य स्थानों पर बने अवैध निर्माणों को भी चिह्नित कर हटाया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सिंहस्थ क्षेत्र में 2016 के बाद बने सभी स्थायी निर्माणों की सूची तैयार कर ली गई है और नियमों के विरुद्ध खड़े किए गए ढांचों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा।

    नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने कहा कि सिंहस्थ क्षेत्र में किसी भी प्रकार के स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद यदि निर्माण किए गए हैं तो वे नियमों का उल्लंघन हैं और उन्हें हटाया जाना अनिवार्य है। अपर आयुक्त संतोष टैगोर ने बताया कि जिला प्रशासन से प्राप्त सूची के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। सिंहस्थ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं और साधु संतों की आवाजाही रहती है इसलिए सुरक्षा यातायात और व्यवस्था बनाए रखने के लिए खुला क्षेत्र आवश्यक है।

    प्रशासन के अनुसार सिंहस्थ क्षेत्र लगभग 180 हेक्टेयर में फैला हुआ है और इस पूरे क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई किसी विशेष संस्था या व्यक्ति के खिलाफ नहीं बल्कि मेला व्यवस्था को सुचारु और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। सिंहस्थ 2028 को लेकर शासन प्रशासन पहले से ही तैयारियों में जुटा है और अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जा रहा है। आने वाले दिनों में अन्य चिन्हित स्थलों पर भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।

  • राजधानी में दो सगी बहनें नौकरी का झांसा देकर कर रही थीं धर्मांतरण और देह व्यापार

    राजधानी में दो सगी बहनें नौकरी का झांसा देकर कर रही थीं धर्मांतरण और देह व्यापार

    भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस ने भोपाल में नौकरी का झांसा देकर धर्मांतरण और देह व्यापार का धंधा चलाने के आरोप में दो सगी बहनों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि वे लड़कियों का धर्मांतरण करवाकर अमीर युवकों को गुजरात और मुंबई तक सप्लाई करती थीं।

    अमरीन और आफरीन नाम की ये दोनों सगी बहनों ने इतना पैसा कमाया कि भोपाल की अब्बास नगर की एक झुग्गी से निकलकर आशिमा मॉल के पास सागर रॉयल विला में आलीशान विला खरीद लिया। अमरीन और आफरीन नाम की ये बहनें लग्जरी लाइफ स्टाइल जीती थीं।

    मामले का खुलासा तब हुआ, जब रविवार रात को भोपाल और छत्तीसगढ़ की रहने वाली दो युवतियां राजधानी के बाग सेवनिया थाने पहुंच गईं। दोनों ने थाने में अलग-अलग शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया। सोमवार को अमरीन, आफरीन और चंदन यादव को गिरफ्तार कर लिया। तीन अन्य आरोपी बिलाल, चानू और यासिर की तलाश की जा रही है।

    अमरीन और आफरीन ने पुलिस को बताया कि वे गरीब घरों की लड़कियों को टारगेट करती थीं। पहले मदद के नाम पर घरेलू काम के लिए रखती थीं। फिर हाई प्रोफाइल लाइफ स्टाइल का सपना दिखाकर बड़ी पार्टीज में ले जाती थीं। वहां उन्हें रईसजादों के आगे परोस दिया करती थीं।

    पीड़िताओं ने एफआईआर में बताया है कि चंदन यादव सागर रॉयल विला में अमरीन-आफरीन के साथ रहता है। वह दोनों बहनों के संपर्क में आने के बाद इस्लाम अपना चुका है। अमरीन और आफरीन दोनों पीड़िताओं को गुजरात और मुंबई ले गई थीं। वहां भी उन्होंने अनजान लोगों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। वे शराब पीने और एमडी ड्रग्स लेने के लिए भी दबाव डालती थीं। पुलिस ने अमरीन, आफरीन और चंदन के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। इनकी जांच कराई जाएगी। अमरीन के मोबाइल में कई संदिग्ध वॉट्सएप ग्रुप मिले हैं। उसमें कई युवतियों के फोटो भी हैं।

    पुलिस को अमरीन और आफरीन के देह व्यापार गिरोह से जुड़े होने के भी सबूत मिले हैं। उनके गिरोह में चंदन यादव के अलावा बिलाल और यासिर भी काम करते थे। दोनों पीड़िताओं से तीनों युवक कई बार रेप कर चुके। वे किसी को भी वारदात के बारे में बताने पर बदनाम करने की धमकी देते थे।

    भोपाल की रहने वाली पीड़िता ने पुलिस को बताया कि मैं अमरीन के घर काम करती थी। एक दिन चंदन और अमरीन के बीच विवाद हो गया। चंदन नाराज होकर कहीं चला गया। अमरीन ने मुझे कहा कि चंदन को तलाशने चलना है। मैं उसके साथ चली गई। हम दोनों नारायण नगर में रहने वाली चंदन की बहन के घर पहुंचे। वहां चंदन मिला। कुछ देर बाद अमरीन कहीं चली गई। इस दौरान चंदन ने पहली बार मेरे साथ दुष्कर्म किया। किसी को भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी। बदनामी का डर भी दिखाया। चंदन ने कहा कि मैं इस्लाम अपना चुका हूं। तुम भी मुस्लिम बन जाओ। तुम्हारी शादी अच्छी जगह करा दूंगा। चंदन की बातों में आकर मैं मुस्लिम बन गई। इसके बाद अमरीन ने मुझे बुर्का पहनने और नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया।

    छत्तीसगढ़ में मुंगेली जिले में रहने वाली पीड़िता ने पुलिस को बताया कि अमरीन काम के बहाने मुझे गुजरात के अहमदाबाद भी ले गई। वहां यासिर नाम के उसके रिश्तेदार ने भी मेरे साथ दुष्कर्म किया। इसी तरह अलग-अलग समय में अमरीन के भाई बिलाल और चानू ने भी दुष्कर्म किया। सभी के पास अमरीन किसी बहाने से मुझे लेकर पहुंची और अकेला छोड़कर चली गई थी। दोनों ही पीड़िताओं ने पुलिस को बताया कि अमरीन-आफरीन दोनों को अपने घर में रखती थीं। उन्हें 10 हजार रुपए महीना में घरेलू काम करने होते थे। खाना, घूमना और पबिंग-क्लबिंग फ्री में करने को मिलती थी।

    पीड़िताओं ने बताया कि जब हमने अमरीन के पास से काम छोड़ने की बात कही तो उसने धमकी दी कि किसी को हमारे संबंध में कुछ मत बताना। कभी मुंह खोलने की हिमाकत मत करना। हमारे संबंध कई बड़े लोगों से हैं। हमारे खिलाफ कभी भी कोई बात सुनने को मिली तो जान से हाथ तक धोना पड़ सकता है।

  • NCERT की 8वीं क्लास की किताब में ज्यूडिशियरी करप्शन पर CJI सूर्यकांत भड़के, बोले न्यायपालिका को बदनाम

    NCERT की 8वीं क्लास की किताब में ज्यूडिशियरी करप्शन पर CJI सूर्यकांत भड़के, बोले न्यायपालिका को बदनाम


    नई दिल्ली । दिल्ली में नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग की 8वीं कक्षा की सोशल साइंस की किताब में पहली बार ज्यूडिशियरी करप्शन नामक चैप्टर शामिल किया गया है। इस चैप्टर में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार लंबित मुकदमों की बड़ी संख्या और जजों की पर्याप्त कमी जैसे मुद्दों को समझाया गया है। वहीं सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश CJI सूर्यकांत ने इस कदम पर कड़ा विरोध जताया और इसे न्यायपालिका को बदनाम करने की सोची-समझी कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की सामग्री देश में वकीलों और जजों के बीच चिंता का कारण बन रही है और वे न्यायपालिका की गरिमा को किसी भी तरह से प्रभावित नहीं होने देंगे।

    CJI सूर्यकांत ने यह प्रतिक्रिया बुधवार 25 फरवरी 2026 को तब दी जब वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने मामले को उनके समक्ष उठाया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायपालिका की छवि को बदनाम करने की किसी भी कोशिश को मंजूरी नहीं दी जाएगी। न्यायपालिका में पारदर्शिता बनाए रखने और भ्रष्टाचार के मामलों को नियंत्रित करने के लिए पहले से ही ठोस तंत्र मौजूद हैं और इनकी जानकारी बच्चों तक पहुंचाना इस तरह के ढंग में सही नहीं है।

    NCERT की नई किताब में हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका शीर्षक वाले चैप्टर में अदालतों के पदानुक्रम न्याय तक पहुंच और न्यायिक प्रणाली की चुनौतियों के समाधान का उल्लेख किया गया है। इस चैप्टर में यह भी बताया गया है कि जज एक आचार संहिता Code of Conduct के तहत बंधे होते हैं जो न केवल अदालत के भीतर बल्कि बाहर भी उनके आचरण को नियंत्रित करती है। गंभीर मामलों में जज को हटाने के संवैधानिक नियम पार्लियामेंट के इंपीचमेंट मोशन और केंद्रीय एवं राज्य स्तर पर पारदर्शिता बढ़ाने के उपायों का भी जिक्र है।

    किताब में CPGRAMS सेंट्रलाइज्ड पब्लिक ग्रिवांस रिड्रेस एंड मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए 2017 से 2021 के बीच लगभग 1,600 से अधिक शिकायतें प्राप्त होने का आंकड़ा भी साझा किया गया है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में 81,000 हाईकोर्ट्स में 62.40 लाख और जिला तथा अधीनस्थ न्यायालयों में 4.70 करोड़ लंबित मामले होने का विवरण भी दिया गया है।

    सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि न्यायपालिका के अलग-अलग स्तरों पर भ्रष्टाचार का सामना करने वाले मामले सही रूप में और संतुलित तरीके से प्रस्तुत किए जाने चाहिए। गरीब और वंचित वर्ग के लिए न्याय तक पहुंच का मुद्दा गंभीर है लेकिन इसे पाठ्यपुस्तक में इस तरह से दर्शाना न्यायपालिका की छवि को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की गरिमा बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है और वे किसी भी कदम को रोकने या संशोधित करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

    इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बच्चों को शिक्षा में वास्तविकता और संवेदनशील विषयों को कैसे प्रस्तुत किया जाए ताकि उन्हें जानकारी मिल सके लेकिन संस्थाओं की छवि को बदनाम किए बिना। NCERT ने इस एडिशन में मुख्य रूप से सिस्टम की कमजोरियों और सुधार प्रयासों को उजागर किया है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे संवेदनशील मानते हुए आगे कार्रवाई की संभावना जताई है।

  • दिल्ली सरकार ने बढ़ाया आयुष्मान भारत योजना का दायरा, विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों को मिलेगा कैशलेस स्वास्थ्य कवच

    दिल्ली सरकार ने बढ़ाया आयुष्मान भारत योजना का दायरा, विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों को मिलेगा कैशलेस स्वास्थ्य कवच


    नई दिल्ली । दिल्ली सरकार ने आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि राजधानी के विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ा जाएगा। इस कदम से लगभग 3.96 लाख विधवा महिलाओं और 1.31 लाख दिव्यांग व्यक्तियों के परिवार अब स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ उठा सकेंगे।

    इस योजना के तहत ये लाभार्थी राजधानी के 208 सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार करा सकेंगे। राजधानी में योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है ताकि इलाज के खर्च का बोझ कम हो सके और गरीब नागरिक किसी बीमारी के चलते वंचित न रहें।

    रेखा गुप्ता ने बताया कि कैबिनेट के इस फैसले के बाद करीब 5.5 लाख अतिरिक्त परिवार अब आयुष्मान भारत योजना की सुरक्षा की छतरी के नीचे आ जाएंगे। ये परिवार पहले से योजना का लाभ ले रहे अंत्योदय अन्न योजना और प्राथमिकता PRS श्रेणी के परिवारों के अतिरिक्त होंगे। साथ ही 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक आशा कार्यकर्ता आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और हेल्पर्स भी इस योजना के दायरे में शामिल रहेंगे।

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली का कोई गरीब कमजोर या जरूरतमंद नागरिक इलाज के अभाव में वंचित न रहे। योजना लागू होने के बाद लाभार्थियों को निजी या सरकारी अस्पतालों में बिना किसी अग्रिम भुगतान के इलाज की सुविधा प्राप्त होगी।

    अब तक दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना के तहत 7,23,707 कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 2,74,620 कार्ड वरिष्ठ नागरिकों को प्रदान किए गए हैं। राजधानी में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 208 अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है जिसमें 156 निजी और 53 सरकारी अस्पताल शामिल हैं। दिल्ली राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के माध्यम से अब तक 29,120 से अधिक लाभार्थियों ने मुफ्त इलाज का लाभ प्राप्त किया है।

    इस योजना के विस्तार से न केवल विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों को सीधे लाभ मिलेगा बल्कि यह उनके परिवारों के लिए भी आर्थिक राहत का साधन बनेगी। कैबिनेट के निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है कि दिल्ली सरकार स्वास्थ्य सुरक्षा को उच्च प्राथमिकता देती है और जरूरतमंद वर्ग तक इलाज की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कदम उठा रही है।

    इस पहल से राजधानी के गरीब और कमजोर वर्ग को मुफ्त और विश्वसनीय स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त होगी। योजना के तहत लाभार्थी सूचीबद्ध अस्पतालों में अस्पताल में भर्ती इलाज और आपातकालीन सेवाओं के लिए कैशलेस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इससे स्वास्थ्य सुरक्षा का व्यापक जाल तैयार हुआ है और दिल्ली की स्वास्थ्य प्रणाली और अधिक समावेशी और प्रभावी बन रही है।

    इस तरह दिल्ली सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के दायरे में विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों को जोड़कर लगभग 5.5 लाख नए परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच प्रदान किया है। यह कदम राजधानी के कमजोर और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

  • भोपाल में जायका टीम ने महावड़िया सब स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन का किया सूक्ष्म मूल्यांकन, बिजली आपूर्ति में सुधार

    भोपाल में जायका टीम ने महावड़िया सब स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन का किया सूक्ष्म मूल्यांकन, बिजली आपूर्ति में सुधार


    भोपाल । भोपाल में जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी जायका ने मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी एमपी ट्रांसको के ट्रांसमिशन नेटवर्क सुदृढ़ीकरण के तहत हुए कार्यों का विस्तृत निरीक्षण और सूक्ष्म मूल्यांकन किया। जायका की इवैल्यूएटर सुश्री हिसाए ताकाहाशी और भारतीय प्रतिनिधि श्री कुनाल गुप्ता ने भोपाल में वित्त पोषित जायका 2 परियोजनाओं के निर्माण कार्यों गुणवत्ता उपयोगिता और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार क्रियान्वयन का बारीकी से परीक्षण किया।

    निरीक्षण के दौरान टीम ने सर्वप्रथम 132 केवी महावड़िया सब स्टेशन और इसके लिए निर्मित 132 केवी महावड़िया मुगलियाछाप डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन का निरीक्षण किया। सुश्री ताकाहाशी ने परियोजना की प्रारंभिक योजना क्रियान्वयन प्रक्रिया स्थापित उपकरणों की गुणवत्ता लागत और रखरखाव से संबंधित जानकारी प्राप्त की। सब स्टेशन के संचालन और संधारण पदस्थ कर्मचारियों की योग्यता दैनिक कार्य आपातकालीन स्थिति से निपटने की कार्ययोजना और पर्यावरणीय प्रभावों का भी जायका टीम ने मूल्यांकन किया। निरीक्षण के उपरांत टीम ने पाया कि सब स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन निर्माण अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं और इसके क्रियान्वयन में उच्च गुणवत्ता बनी हुई है।

    जायका टीम ने महावड़िया सब स्टेशन के आसपास के क्षेत्र के व्यापारियों से प्रत्यक्ष फीडबैक भी लिया। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि सब स्टेशन बनने के बाद बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब उन्हें पर्याप्त और निर्बाध बिजली मिल रही है जिससे व्यवसाय संचालन आसान हो गया है और आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में सुधार आया है।

    उदाहरण के तौर पर डेयरी संचालक श्री दिनेश यादव ने बताया कि 2021 से पहले मंडीदीप सब स्टेशन से आने वाली लंबी लाइन के कारण बार बार ट्रिपिंग और वोल्टेज उतार चढ़ाव की समस्या रहती थी। सब स्टेशन बनने के बाद यह समस्या समाप्त हो गई है। अब वह अपने फ्रिज और रेफ्रिजरेटर बिना रुकावट चलाकर दूध और दही जैसी सामग्री लंबे समय तक सुरक्षित रख पा रहे हैं जिससे दुकान की आय बढ़ी है।

    इसी तरह श्री बाबूलाल विश्वकर्मा ने बताया कि पहले बिजली कटौती और लाइन फॉल्ट के कारण वेल्डिंग कार्य रुक जाता था जिससे कार्य अवधि कम रहती थी। अब सतत और उच्च वोल्टेज की आपूर्ति से उनका कार्य सुचारु रूप से चल रहा है और ग्राहक समय पर सेवा प्राप्त कर पा रहे हैं।स्थानीय नागरिकों ने भी बताया कि सब स्टेशन के निर्माण से पहले क्षेत्र में लंबे समय तक विद्युत व्यवधान रहता था जो अब न्यूनतम हो गया है। इससे घरेलू और व्यावसायिक गतिविधियों को स्थिरता और गति मिली है।

    जायका टीम ने इस निरीक्षण में पाया कि महावड़िया सब स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन न केवल तकनीकी मानकों पर खरे उतरे हैं बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और नागरिक जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं। परियोजना के समग्र लाभों ने भोपाल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाई है और स्थानीय व्यवसायियों तथा उपभोक्ताओं को निरंतर लाभ पहुंचाया है।

  • 2026-27: 4.42 लाख से अधिक किसानों ने गेहूँ उपार्जन के लिए कराया पंजीयन, 7 मार्च तक जारी रहेगा अवसर

    2026-27: 4.42 लाख से अधिक किसानों ने गेहूँ उपार्जन के लिए कराया पंजीयन, 7 मार्च तक जारी रहेगा अवसर


    भोपाल । भोपाल में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिए पंजीयन की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक 4 लाख 42 हजार 288 किसानों ने पंजीयन करा लिया है और जो किसान अब तक पंजीयन नहीं करा पाए हैं उनके लिए अंतिम अवसर 7 मार्च तक है। मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे निर्धारित समय में पंजीयन अवश्य कराएं ताकि उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त हो सके।

    श्री राजपूत ने बताया कि पंजीयन प्रक्रिया को सरल और सहज बनाया गया है। प्रदेश में कुल 3186 पंजीयन केन्द्र बनाए गए हैं जिनमें किसान आसानी से पंजीयन कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के विभिन्न संभागों के पंजीयन आंकड़े भी साझा किए। इंदौर संभाग में 54 हजार 587 उज्जैन में एक लाख 48 हजार 905 ग्वालियर में 9695 चम्बल में 4692 जबलपुर में 39 हजार 885 नर्मदापुरम में 34 हजार 181 भोपाल में एक लाख 9 हजार 134 रीवा में 13 हजार 260 शहडोल में 2551 और सागर में 25 हजार 398 किसानों ने पंजीयन कराया है।

    केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। इससे किसानों को बेहतर लाभ मिलने की उम्मीद है।

    पंजीयन की व्यवस्था नि:शुल्क और सशुल्क दोनों प्रकार से की गई है। नि:शुल्क पंजीयन ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों तहसील कार्यालयों सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित केन्द्रों पर किया जा सकता है। वहीं सशुल्क पंजीयन एम.पी. ऑनलाइन कियोस्क कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क लोक सेवा केन्द्र और निजी साइबर कैफे के माध्यम से किया जा सकता है।

    किसानों को समय पर पंजीयन के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं उन्हें एसएमएस के माध्यम से सूचना भेजी जा रही है। इसके अलावा ग्राम पंचायतों में डोंडी पिटवाकर सूचना प्रदर्शित की जा रही है और मंडी या समिति स्तर पर बैनर लगवाए जा रहे हैं।

    मंत्री श्री राजपूत ने स्पष्ट किया कि पंजीयन की प्रक्रिया को किसानों के लिए आसान बनाया गया है और सभी प्रयास यह सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे हैं कि कोई भी किसान समर्थन मूल्य का लाभ चूक न जाए। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे पंजीयन केंद्रों पर समय पर पहुँचकर अपने दस्तावेजों के साथ पंजीयन कराएं और इस वर्ष के रबी सीजन में बेहतर लाभ सुनिश्चित करें।

    इस प्रकार 4.42 लाख से अधिक किसानों ने अपने गेहूँ उपार्जन के लिए पंजीयन करा लिया है और अब शेष किसानों के पास अंतिम अवसर 7 मार्च तक है। समर्थन मूल्य में वृद्धि और पंजीयन की सरल प्रक्रिया ने किसानों को उत्साहित किया है।

  • PM मोदी के इजरायल दौरे से पहले FTA पर नई पहल, भारत-इजरायल के बीच फिर शुरू हुई व्यापार वार्ता

    PM मोदी के इजरायल दौरे से पहले FTA पर नई पहल, भारत-इजरायल के बीच फिर शुरू हुई व्यापार वार्ता


    नई दिल्ली। भारत और इजरायल के बीच मुक्त व्यापार समझौते FTA को लेकर एक बार फिर सकारात्मक हलचल शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बुधवार को दो दिवसीय इजरायल दौरे से ठीक पहले दोनों देशों ने FTA पर औपचारिक चर्चा का पहला दौर शुरू कर दिया है।

    मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान में पुष्टि की गई कि द्विपक्षीय वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करने और निवेश को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से वार्ता आगे बढ़ाई जा रही है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष नवंबर में दोनों देशों ने इस समझौते के लिए संदर्भ की शर्तों टीओआर पर हस्ताक्षर किए थे।

    23 फरवरी से नई दिल्ली में शुरू हुई वार्ता

    वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार भारत-इजरायल FTA के लिए बातचीत का पहला दौर 23 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में शुरू हुआ जो 26 फरवरी तक चलेगा। इससे पहले दोनों देशों के बीच आठ दौर की बातचीत हो चुकी थी लेकिन अक्टूबर 2021 के बाद यह प्रक्रिया ठप पड़ गई थी। अब एक बार फिर इसे आगे बढ़ाया जा रहा है।

    तकनीकी स्तर पर गहन चर्चा

    इस दौर में दोनों देशों के तकनीकी विशेषज्ञ अलग-अलग सत्रों में समझौते के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श करेंगे। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव अजय भादू कर रहे हैं जबकि इजरायल की ओर से वरिष्ठ निदेशक यिफ़ात अलोन पेरेल वार्ता की अगुवाई कर रही हैं।

    व्यापार में गिरावट समझौते से उम्मीद

    ऐसे मुक्त व्यापार समझौतों में आमतौर पर अधिकतम वस्तुओं पर आयात शुल्क में भारी कटौती या पूरी तरह समाप्ति की व्यवस्था की जाती है। साथ ही सेवाओं और निवेश से जुड़े नियमों को भी आसान बनाया जाता है।

    वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान भारत से इजरायल को निर्यात 52% घटकर 2.14 अरब डॉलर रह गया जबकि आयात भी 26.2% की गिरावट के साथ 1.48 अरब डॉलर पर आ गया। ऐसे में FTA से दोनों देशों के व्यापार को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

  • अमेरिका ने भारत के सोलर पैनलों पर लगाया 126% टैरिफ, निर्यात और व्यापार वार्ता पर पड़ेगा असर

    अमेरिका ने भारत के सोलर पैनलों पर लगाया 126% टैरिफ, निर्यात और व्यापार वार्ता पर पड़ेगा असर


    नई दिल्ली। संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आयात होने वाले सोलर पैनलों पर 126% की शुरुआती टैरिफ लगाने का फैसला किया है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग का आरोप है कि भारत सरकार ने घरेलू निर्माताओं को अनुचित सब्सिडी दी, जिससे वे कम कीमत पर उत्पाद बेचकर अमेरिकी कंपनियों को नुकसान पहुंचा रहे थे। इसी कार्रवाई के तहत इंडोनेशिया पर 86% से 143% और लाओस पर 81% तक शुल्क लगाने का प्रस्ताव भी रखा गया है।

    भारतीय निर्यात पर असर

    ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले से भारतीय सोलर कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार में कारोबार करना कठिन हो सकता है। वर्ष 2024 में भारत ने अमेरिका को 792.6 मिलियन डॉलर करीब 6,500 करोड़ रुपये के सोलर उत्पाद निर्यात किए, जो 2022 की तुलना में नौ गुना अधिक है। दूसरी ओर, अमेरिका में सोलर प्रोजेक्ट विकसित करने वाली कंपनियों और उपभोक्ताओं के लिए लागत बढ़ने की आशंका है।

    सामान्य टैरिफ से अलग कदम

    यह शुल्क ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए उन सामान्य टैरिफ से अलग है, जिन्हें हाल ही में अदालत ने खारिज कर दिया था। अदालत के फैसले के बाद ट्रंप ने नए 10% शुल्क लागू किए थे। मौजूदा सोलर टैरिफ एक अलग जांच प्रक्रिया के तहत प्रस्तावित हैं।

    अंतिम फैसला 6 जुलाई तक
    अमेरिका की कुछ सोलर निर्माता कंपनियों के समूह ने घरेलू उद्योग की सुरक्षा के लिए जांच की मांग की थी। इस मामले में अंतिम निर्णय 6 जुलाई तक आने की संभावना है। गौरतलब है कि 2025 की पहली छमाही में अमेरिका में आयात होने वाले 57% सोलर मॉड्यूल भारत, इंडोनेशिया और लाओस से आए थे। ऐसे में भारी शुल्क का असर अमेरिकी सौर ऊर्जा क्षेत्र पर भी पड़ सकता है।

    भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर असर

    यह फैसला ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि अमेरिका में टैरिफ की स्थिति स्पष्ट होते ही भारत वार्ता दोबारा शुरू करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि भारत और कनाडा के बीच मुक्त व्यापार समझौते एफटीए के लिए संदर्भ की शर्तों टीओआर को इस सप्ताह के अंत तक अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी 26 फरवरी को भारत दौरे पर आ रहे हैं, और इसी दौरान एफटीए वार्ता औपचारिक रूप से शुरू हो सकती है। उल्लेखनीय है कि 22 फरवरी को भारत और अमेरिका ने वाशिंगटन में प्रस्तावित मुख्य वार्ताकारों की बैठक स्थगित कर दी थी, जिसमें अंतरिम व्यापार समझौते के मसौदे को अंतिम रूप दिया जाना था।

  • चक्रवाती सिस्टम से MP में बदला रहा मौसम, मार्च की शुरुआत में फिर बारिश के आसार

    चक्रवाती सिस्टम से MP में बदला रहा मौसम, मार्च की शुरुआत में फिर बारिश के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ सिस्टम के असर से मौसम लगातार करवट ले रहा है। पिछले दो दिनों में 20 से अधिक जिलों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई जबकि कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई। इसका सीधा असर गेहूं और चने की फसलों पर पड़ा है। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को मौसम साफ रहने की संभावना है लेकिन मार्च की शुरुआत में फिर से बारिश हो सकती है। मंगलवार को छिंदवाड़ा सिवनी बैतूल पांढुर्णा रतलाम उज्जैन बालाघाट मंडला खंडवा सीहोर रायसेन इंदौर अनूपपुर और डिंडौरी में कहीं तेज हवा के साथ बारिश तो कहीं ओले गिरे।

    इन जिलों में भी बरसे बादल

    पिछले 24 घंटों के दौरान श्योपुर शिवपुरी ग्वालियर अलीराजपुर बड़वानी धार अशोकनगर टीकमगढ़ छतरपुर पन्ना सतना मैहर रीवा मऊगंज सीधी सिंगरौली दमोह जबलपुर मंडला और बालाघाट में हल्की बारिश दर्ज की गई। शिवपुरी टीकमगढ़ छतरपुर मैहर सीधी और सिंगरौली में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा।

    27 फरवरी से नया सिस्टम सक्रिय

    मौसम विभाग के अनुसार 27 फरवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है। इसका असर प्रदेश में भी दिखाई देगा। अनुमान है कि 1 और 2 मार्च को प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिर से बारिश हो सकती है।

    फरवरी में चौथी बार बदला मौसम

    फरवरी की शुरुआत से ही प्रदेश में अस्थिर मौसम बना हुआ है। महीने की शुरुआत में दो बार आंधी-बारिश और ओले गिरे जिससे फसलों को नुकसान हुआ और सरकार को सर्वे कराना पड़ा। इसके बाद 18 फरवरी से तीसरी बार मौसम बदला और 19 से 21 फरवरी तक असर रहा। अब 23-24 फरवरी को चौथी बार ओले-बारिश का दौर देखने को मिला।

    तापमान का हाल

    जिन जिलों में बारिश हुई वहां दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है लेकिन बाकी इलाकों में पारा 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। रात के तापमान में भी ठंड का खास असर नहीं है। सोमवार-मंगलवार की रात प्रदेश के पांच बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। सबसे कम तापमान पचमढ़ी में 10.8 डिग्री दर्ज किया गया। मंदसौर में 10.9 डिग्री शाजापुर में 11.5 डिग्री चित्रकूट में 11.7 डिग्री राजगढ़ में 12 डिग्री खजुराहो में 12.2 डिग्री और दतिया में 12.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

  • जबलपुर: कैफे में महिला के साथ दुष्कर्म, वॉल्यूम तेज कर वारदात को अंजाम

    जबलपुर: कैफे में महिला के साथ दुष्कर्म, वॉल्यूम तेज कर वारदात को अंजाम


    जबलपुर । जबलपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां एक कैफे में महिला के साथ दुष्कर्म की घटना ने सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि मुख्य आरोपी जुनैद ने महिला को कैफे में बुलाया और उसे केबिन में ले जाकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार महिला की शिकायत पर तुरंत मामला दर्ज किया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है।

    जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता महिला की एक युवती के माध्यम से आरोपी जुनैद से परिचित हुई थी। पुलिस ने बताया कि जुनैद ने महिला को कैफे में मिलने के लिए बुलाया। जैसे ही महिला कैफे पहुंची आरोपी ने उसे केबिन में खींचकर अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। महिला ने विरोध किया लेकिन आरोपी ने धमकी दी और कैफे के कर्मचारी से साउंड सिस्टम का वॉल्यूम बढ़वाया ताकि महिला की आवाज बाहर न जा सके। इसके बाद आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म किया।

    इस मामले में कैफे के संचालक और एक कर्मचारी भी आरोपी बनाए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अधारताल ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कैफे जैसी सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा और निगरानी की कमी का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया गया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में सिर्फ पुलिस ही नहीं बल्कि समाज और स्थानीय प्रशासन की सतर्कता भी आवश्यक है। महिला सुरक्षा के दृष्टिकोण से सार्वजनिक स्थानों में सीसीटीवी कैमरा सुरक्षा गार्ड और साउंड अलर्ट जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य होनी चाहिए। वहीं आम नागरिकों को भी इस तरह की परिस्थितियों में सतर्क रहने और तुरंत मदद लेने की शिक्षा देने की जरूरत है।

    महिला अधिकार संगठन और समाजसेवी इस घटना की निंदा कर रहे हैं और प्रशासन से आग्रह कर रहे हैं कि ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई हो और आरोपी कठोर दंड के दायरे में आएं। इससे न केवल पीड़ित को न्याय मिलेगा बल्कि समाज में सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी।

    अधारताल पुलिस ने कहा कि वे सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं जिसमें आरोपी के नेटवर्क घटना के समय कैफे की स्थिति और वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों की भूमिका शामिल है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी को घटना के संदर्भ में जानकारी हो तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करें। जबलपुर का यह मामला यह साफ करता है कि सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा की कमजोरियां कितनी घातक हो सकती हैं। महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन समाज और आम नागरिकों को मिलकर कदम उठाना जरूरी है।