Author: bharati

  • नागदा और शाहपुर में दर्दनाक सड़क हादसे, बुजुर्ग और युवक की मौत

    नागदा और शाहपुर में दर्दनाक सड़क हादसे, बुजुर्ग और युवक की मौत

    नागदा /मध्यप्रदेश के नागदा और बैतूल जिले से सड़क हादसों की दुखद खबरें सामने आई हैं, जिन्होंने एक बार फिर रफ्तार के खतरों को उजागर किया है। नागदा में हुई पहली घटना में देर रात एक बुजुर्ग बाइक सवार की जान चली गई। घटना नागदा के 17 नंबर हाईवे स्टेट पर हुई, जब तेज़ रफ्तार ट्रक ने बुजुर्ग की बाइक को टक्कर मार दी। बुजुर्ग घर लौट रहे थे और अचानक हुए इस हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और आरोपी ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और मंडी थाना क्षेत्र में मामला दर्ज किया गया।

    इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों और आम आदमी पार्टी के नेता चेतन परमार ने सड़क पर प्रदर्शन करते हुए हाईवे पर स्पीड ब्रेकर और डिवाइडर बनाने की मांग की। लोगों ने चक्का जाम किया, जिसे पुलिस ने समझा-बुझाकर लगभग डेढ़ घंटे बाद खोलवाया। लोग सड़क सुरक्षा के लिए प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

    दूसरी दर्दनाक घटना बैतूल जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में हुई। यहां गुरुवार की रात अधूरी पुलिया पर तूफान जीप और यात्री बस के बीच भीषण टक्कर हुई। चिचोली से पचमढ़ी जा रहे श्रद्धालुओं से भरी जीप को बस ने टक्कर मारी, और हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच मरीज लेने आई तेज़ रफ्तार हाईवे पेट्रोलिंग एम्बुलेंस ने घटनास्थल पर खड़े श्रद्धालुओं को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

    इस पूरे हादसे में दो एम्बुलेंस कर्मियों समेत कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन और स्थानीय लोगों का कहना है कि रफ्तार और सड़क सुरक्षा पर गंभीर कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि ऐसे हादसों से आम जनता की जान बचाई जा सके।

    ये घटनाएं मध्यप्रदेश में सड़क सुरक्षा की अनदेखी को उजागर करती हैं। तेज़ रफ्तार वाहन, अधूरी पुलिया, और सुरक्षित इंतजामों की कमी ने न केवल परिवारों को अपूरणीय क्षति पहुंचाई बल्कि आम लोगों में भय और असुरक्षा की भावना भी पैदा कर दी है। हादसे के बाद लोगों की मांग है कि सड़कों पर स्पीड ब्रेकर और डिवाइडर की व्यवस्था की जाए, और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

    मध्यप्रदेश के नागदा और शाहपुर की ये घटनाएं सबको सचेत करती हैं कि सड़क पर रफ्तार को नियंत्रित करना अब जीवन बचाने का सबसे बड़ा उपाय है। सुरक्षा की अनदेखी महंगी पड़ रही है, और प्रशासन एवं जनता दोनों को मिलकर कदम उठाने होंगे।

  • POCSO केस का साया, इंदौर में वेदांत तिवारी पर नया विवाद, पुलिस जांच में जुटी

    POCSO केस का साया, इंदौर में वेदांत तिवारी पर नया विवाद, पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर में राऊ थाना क्षेत्र के एक विवादित मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। जानकारी के अनुसार, वेदांत तिवारी और उनके दो साथियों पर रविवार की अलसुबह प्रखर और नयन नामक युवकों के साथ मारपीट का आरोप लगा। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर शिकायत दर्ज कराई और मामला अब पुलिस की जांच के दायरे में है।

    सूत्रों का कहना है कि यह कोई नया मामला नहीं है। वेदांत तिवारी पहले भी विवादों में रह चुके हैं। अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में उन्होंने पहले एक नाबालिग लड़की के खिलाफ POCSO एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण का सामना किया था। उस समय आरोप था कि कोचिंग से लौट रही 13 वर्षीय बच्ची के साथ वेदांत द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया, लेकिन आगे की कार्रवाई की जानकारी स्पष्ट नहीं है। परिवार का आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव के चलते सख्त कार्रवाई नहीं हो पाई।

    हालिया विवाद में दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। प्रखर और नयन के परिवार का कहना है कि उनके बच्चों को चोटें आई हैं और वेदांत द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। दूसरी ओर, वेदांत ने भी आरोप लगाया कि उनके वाहन पर पथराव किया गया और उनके साथ मारपीट की गई। इस पर उन्होंने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

    पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतों की गंभीरता से जांच की जा रही है। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में पूर्व मामलों का प्रभाव मौजूदा विवादों पर भी पड़ सकता है। वेदांत तिवारी का नाम पहले से ही POCSO केस में दर्ज होने के कारण समाज और मीडिया में संवेदनशील माना जाता है। इस कारण से हालिया मारपीट का मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि विवाद के बढ़ने से इलाके में तनाव की स्थिति बन सकती है। इसलिए पुलिस ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी लगातार मामले की निगरानी कर रहे हैं और सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई कर रहे हैं।

    इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि कैसे पूर्व विवादों का असर नए मामलों पर पड़ता है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या राजनीतिक प्रभाव या सामाजिक दबाव मामलों की जांच और निष्पक्षता को प्रभावित करता है या नहीं।

    वर्तमान में मामला जांच के दायरे में है और जैसे ही पुलिस जांच पूरी होती है, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। तब तक दोनों पक्षों की आपसी शिकायतों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह विवाद सुर्खियों में बना रहेगा।

  • कुबेरेश्वर धाम रुद्राक्ष महोत्सव में पहुंचेंगे लाखों श्रद्धालु, होटल-लॉज फुल

    कुबेरेश्वर धाम रुद्राक्ष महोत्सव में पहुंचेंगे लाखों श्रद्धालु, होटल-लॉज फुल

    सीहोर। मध्य प्रदेश के कुबेरेश्वर धाम में आगामी 14 फरवरी से रुद्राक्ष महोत्सव का आगाज होने जा रहा है। यह महोत्सव 20 फरवरी तक चलेगा। इसके लिए श्री विठ्ठलेश सेवा समिति और प्रशासन ने इस आयोजन के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं।

    महोत्सव को लेकर दो दिन पहले से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है। वहीं जिला प्रशासन ने आयोजन की सफलता के लिए सैकड़ों की संख्या में अधिकारियों और पुलिस बल तैनात किया है, इसके अलावा विठलेश सेवा समिति ने भी यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं के भोजन और अन्य व्यवस्था के लिए 12 सौ से अधिक सेवादार सेवा के लिए व्यवस्था की है। विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित समीर शुक्ला और पंडित विनय मिश्रा आदि ने यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भोजन प्रसादी की व्यवस्था की।

    विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने गुरुवार को बताया कि सात दिवसीय ऐतिहासिक रुद्राक्ष महोत्सव आयोजित होगा। इसमें दुनिया भर के शिवभक्त शामिल होंगे। इस महोत्सव को लेकर शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के सभी होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशाला हाउस फुल हैं। शहर में भी सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने भी श्रद्धालुओं के ठहराने की व्यवस्था की है। नगर के अनेक मंदिर और संगठन ऐसे है जिन्होंने गत दिनों कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा का संकल्प निस्वार्थ रूप से लिया था। पूर्व में कांवडा यात्रा के दौरान भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए पूरे एक माह तक भोजन, पेयजल और चाय-नाश्ते आदि की व्यवस्था की गई थी, इसी तर्ज पर पूरा क्षेत्र श्रद्धालुओं की सेवा के लिए तैयार है।

    इस आयोजन के लिए जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। कथा के लिए स्थाई रूप से एक लाख 80 हजार स्कावर फीट का पंडाल तैयार किया गया है। अनुमान के मुताबिक, करीब एक लाख श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा भी तीन पंडाल लगाए गए है ताकि किसी को भी खुले आसमान के नीचे बैठकर कथा सुनने को मजबूर न होना पड़े। आयोजन स्थल पर ऐसी तैयारियां की जा रही हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न उठाना पड़े।

    चाक-चौबंद व्यवस्था बनाने में जुटा प्रशासन

    उन्होंने कहा कि चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में स्थित कार्यक्रम स्थल तक के रास्ते पर सभी आवश्यक व्यवस्था करने के लिए एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जा चुके है। कार्यक्रम स्थल पर चाक-चौबंद व्यवस्था के लिए अधिकारियों को कहा गया। उन्होंने बताया कि इस साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु भव्य महोत्सव में शामिल होंगे। जिसको लेकर प्रशासन व्यवस्था पूरी कर चुका है।

    महाराष्ट्र से आ रहे हैं 500 से अधिक स्वयंसेवक, अखंड हिंद फौज बालक-बालिका भी रहेंगे तैनातमध्य प्रदेश के सीहोर स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आयोजित भव्य शिवपुराण कथा और रुद्राक्ष महोत्सव 2026 के लिए सेवाभावी सदस्यों का उत्साह चरम पर है। आगामी 14 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में देश के विभिन्न कोनों से भक्तों का तांता लगेगा, जिनकी सुविधा और सेवा के लिए महाराष्ट्र से एक विशाल जत्था रवाना हो रहा है। सेवा ही परम धर्म का संकल्प ‘श्री शिवाय नमस्तुभ्यंÓ सेवाभावी ग्रुप संस्था के अध्यक्ष देविदास पाटिल और उपाध्यक्ष राजेंद्र सोनवणे के कुशल मार्गदर्शन में मालेगांव, नासिक और जलगांव सहित महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से 500 से अधिक सदस्य सीहोर पहुंचेंगे। संस्था का मूल मंत्र ‘सेवा ही परम धर्मÓ है, जिसके तहत ये सदस्य निस्वार्थ भाव से अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं।

    विशेषताएं और व्यवस्थाएं:-स्वयं का खर्च इस ग्रुप की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सभी सदस्य अपने व्यक्तिगत खर्च पर कथा स्थल तक यात्रा करते हैं।अनुशासन: ग्रुप का एक निर्धारित ड्रेस कोड है, जिससे सेवा कार्य में एकरूपता और अनुशासन बना रहता है।बड़ा नेटवक:र् वर्तमान में इस संस्था से महाराष्ट्र और देश के अन्य राज्यों के 1,000 से अधिक सदस्य जुड़ चुके हैं।

    कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा बाची जाने वाली इस शिवपुराण कथा में सेवा देने के लिए मालेगांव के सदस्यों में विशेष उत्साह है। ग्रुप के पदाधिकारियों—सचिव कुणाल भावसार, सेक्रेटरी ऋषिकेश भंडारी, सदस्य जनार्दन धनवटे और पत्रकार प्रा. दिलीप एस. सोनवणे ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की सहायता के लिए ग्रुप पूरी तरह तैयार है।

  • नोरा फतेही का डबल वर्ल्ड कप धमाका, FIFA से T20 तक बनीं ग्लोबल स्टेज की शान

    नोरा फतेही का डबल वर्ल्ड कप धमाका, FIFA से T20 तक बनीं ग्लोबल स्टेज की शान


    नई दिल्ली ।बॉलीवुड की ग्लैमरस और दमदार परफॉर्मर नोरा फतेही ने एक ऐसा इतिहास रच दिया है जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर विशिष्ट पहचान दिला दी है। नोरा अब उन चुनिंदा कलाकारों में शुमार हो गई हैं जिन्होंने फुटबॉल के सबसे बड़े महाकुंभ FIFA World Cup 2022 और क्रिकेट के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट ICC Men s T20 World Cup 2026 दोनों के मंच पर अपनी शानदार प्रस्तुति दी है। खास बात यह है कि वह ऐसा करने वाली बॉलीवुड की अकेली आर्टिस्ट बताई जा रही हैं।

    FIFA वर्ल्ड कप 2022 के क्लोजिंग सेरेमनी में नोरा की मौजूदगी सिर्फ एक परफॉर्मर तक सीमित नहीं रही। उन्होंने आधिकारिक एंथम Light The Sky में अपनी आवाज भी दी और लाइव मंच पर डांस के साथ गाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। दुनिया के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले स्पोर्टिंग इवेंट्स में से एक के मंच पर हिंदी में गाना गाकर उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया और वैश्विक दर्शकों के सामने भारतीय संस्कृति की झलक पेश की। उनकी स्टेज प्रेजेंस कॉन्फिडेंस और एनर्जी ने यह साबित कर दिया कि वह इंटरनेशनल लेवल की परफॉर्मर हैं जो किसी भी मंच पर अपनी अलग छाप छोड़ सकती हैं।

    नोरा का यह ग्लोबल सफर यहीं नहीं थमा। अपने होम ग्राउंड मुंबई में आयोजित ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 की ओपनिंग सेरेमनी में भी उन्होंने जबरदस्त प्रस्तुति दी। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले खचाखच भरे स्टेडियम में उन्होंने ऐसा जोश भरा कि दर्शक झूम उठे। उनकी एनर्जी डांस मूव्स और आत्मविश्वास ने पूरे माहौल को रोमांच से भर दिया। यह परफॉर्मेंस इस बात का सबूत थी कि नोरा सिर्फ इंटरनेशनल मंच पर ही नहीं बल्कि भारतीय दर्शकों के बीच भी उतनी ही लोकप्रिय और प्रभावशाली हैं।

    इस खास मौके की खुशी उन्होंने सोशल मीडिया पर भी साझा की। इंस्टाग्राम पर इवेंट के वीडियो पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा T20 वर्ल्ड कप की ओपनिंग सेरेमनी और मेरा बर्थडे सेलिब्रेशन मैं लकी महसूस कर रही हूं! जय हिंद! उनके इस पोस्ट पर फैंस ने जमकर प्यार लुटाया और उन्हें बधाइयों से भर दिया। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो तेजी से वायरल हुए और उनकी उपलब्धि चर्चा का विषय बन गई।

    इस भव्य आयोजन में नोरा के साथ मशहूर रैपर बादशाह ने भी अपनी आवाज का जादू बिखेरा जबकि युवा सितार वादक ऋषभ रिखीराम शर्मा ने अपनी मधुर धुनों से कार्यक्रम को खास बना दिया। सभी कलाकारों की प्रस्तुति ने समारोह में चार चांद लगा दिए लेकिन नोरा की परफॉर्मेंस खास आकर्षण का केंद्र रही।

    नोरा फतेही की यह उपलब्धि सिर्फ व्यक्तिगत सफलता नहीं बल्कि भारतीय मनोरंजन जगत के लिए भी गर्व का क्षण है। FIFA और क्रिकेट वर्ल्ड कप जैसे दो वैश्विक आयोजनों में अपनी कला का प्रदर्शन कर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि भारतीय कलाकार अब विश्व मंच पर पूरी मजबूती से अपनी पहचान दर्ज करा रहे हैं।

  • समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव गिरफ्तार, दो दिन से थे लापता, पत्नी ने की थी गुमशुदगी की रिपोर्ट

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव गिरफ्तार, दो दिन से थे लापता, पत्नी ने की थी गुमशुदगी की रिपोर्ट

    नई दिल्‍ली । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव को बाराबंकी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले दो दिन तक उनकी कोई खबर नहीं थी और उनकी पत्नी ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार सुबह अपने एक्स हैंडल पर जानकारी साझा करते हुए कहा था कि उनके टीवी पैनलिस्ट मनोज यादव पिछले रात से लापता हैं, जो कि बेहद गंभीर मामला है। अब बाराबंकी की पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

    मेडिकल के बाद लखनऊ भेजा गया
    इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद सियासी गलियारे में हलचल मच गई। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मनोज यादव का मेडिकल परीक्षण बड़ागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया। परीक्षण के तुरंत बाद पुलिस की टीम उन्हें लखनऊ ले गई। बाराबंकी की सफदरगंज पुलिस ने बताया कि मनोज यादव उर्फ बबलू ने धमकी देने और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल में शामिल होने के मामले में गिरफ्तारी के बाद कानूनी कार्रवाई के तहत हिरासत में लिया गया। भगोलापुरवा निवासी मनोज यादव के खिलाफ 11 फरवरी को मामला दर्ज किया गया था।

    बता दें कि इससे पहले परिवार के लोगों ने बताया था कि मनोज यादव काकोरी में एक तिलक समारोह में शामिल होने गए थे, लेकिन वहां से लौटने के बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। रात भर संपर्क न होने पर पत्‍नी ने लखनऊ के गोमती नगर विस्तार थाना में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। परिवार का दावा है कि मनोज बिना बताए कहीं नहीं जाते और किसी से उनकी कोई दुश्मनी भी नहीं थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और समारोह के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन को खंगाला। हालांकि, बाराबंकी पुलिस ने बाद में स्पष्ट किया कि मनोज यादव को धमकी देने और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के मामले में सफदरगंज क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही गोमती नगर विस्तार पुलिस ने परिजनों को पूरे मामले की जानकारी दी है।

  • राहुल गांधी के बयान पर सियासी संग्राम तेज, सदस्यता खत्म करने और चुनाव लड़ने पर रोक की मांग

    राहुल गांधी के बयान पर सियासी संग्राम तेज, सदस्यता खत्म करने और चुनाव लड़ने पर रोक की मांग


    नई दिल्ली ।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हालिया बयान को लेकर संसद और सियासत दोनों में घमासान मच गया है। भारत अमेरिका व्यापार समझौते पर केंद्र सरकार को घेरते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने अमेरिका के सामने पूरी तरह समर्पण कर दिया है और देश के किसानों के हितों को कुचल दिया है। उनके इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे देश को गुमराह करने वाला बताया है।

    भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ प्रस्ताव पेश करते हुए उनकी संसद सदस्यता समाप्त करने और उन्हें आजीवन चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करने की मांग की है। दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सोरोस जैसी विदेशी ताकतों के प्रभाव में आकर देश के खिलाफ माहौल बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान न केवल संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं बल्कि देश की छवि को भी नुकसान पहुंचाते हैं। उनके अनुसार राहुल गांधी लगातार तथ्यों को तोड़ मरोड़कर पेश कर रहे हैं और जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।

    इस विवाद पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एक गंभीर संवैधानिक पद पर हैं और उन्हें अपनी जिम्मेदारियों तथा शब्दों की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। पासवान ने कहा कि विशेषाधिकार प्रस्ताव लाना संसदीय प्रक्रिया का हिस्सा है और यदि कोई सदस्य तथ्यहीन या आपत्तिजनक टिप्पणी करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय संसदीय प्रक्रियाओं के तहत ही होगा।

    दरअसल बुधवार को सदन में बोलते हुए राहुल गांधी ने भारत अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा कि इस समझौते में भारत के किसानों के हितों की अनदेखी की गई है जैसा पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार को शर्म आनी चाहिए कि उसने भारत माता को बेच दिया। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि यदि इंडिया गठबंधन की सरकार होती तो अमेरिका के साथ बातचीत बराबरी के स्तर पर की जाती। उनके अनुसार भारतीय डेटा एक रणनीतिक संपत्ति है और अमेरिका के साथ किसी भी वार्ता में इसे केंद्र में रखा जाना चाहिए। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा और किसानों की रक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

    राहुल गांधी के इन बयानों ने संसद में तीखी बहस को जन्म दे दिया है। एक ओर भाजपा इसे राष्ट्रविरोधी मानसिकता करार दे रही है तो दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना और नीतियों की आलोचना करना है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रस्ताव पर क्या कार्रवाई होती है और क्या यह मामला विशेषाधिकार समिति तक पहुंचता है या सियासी बयानबाजी तक ही सीमित रहता है। फिलहाल इस मुद्दे ने संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।

  • कांग्रेस छोड़ने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी की सपा में एंट्री तय? सियासत में हलचल तेज

    कांग्रेस छोड़ने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी की सपा में एंट्री तय? सियासत में हलचल तेज

    नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस से हाल ही में इस्तीफा देने वाले वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी अब नई राजनीतिक पारी की तैयारी में बताए जा रहे हैं। चर्चाओं के मुताबिक, वह 15 फरवरी को समाजवादी पार्टी (सपा) की सदस्यता ले सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह कांग्रेस के लिए बड़ा झटका और सपा के लिए अहम सियासी संदेश माना जाएगा।

    अखिलेश यादव करा सकते हैं सदस्यता
    सूत्रों के अनुसार, सपा प्रमुख अखिलेश यादव खुद नसीमुद्दीन सिद्दीकी को पार्टी की सदस्यता दिला सकते हैं। बताया जा रहा है कि उनके साथ कुछ पूर्व विधायक और क्षेत्रीय नेता भी सपा में शामिल हो सकते हैं। ऐसे में यह केवल एक व्यक्ति का दल बदल नहीं, बल्कि एक छोटे राजनीतिक समूह का पुनर्संयोजन भी हो सकता है।

    कांग्रेस से अलग होने के बाद सिद्दीकी के अगले कदम को लेकर अटकलें तेज थीं। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन अब सपा में संभावित एंट्री की खबरों ने यूपी की राजनीतिक फिजा बदल दी है।

    बसपा से कांग्रेस और अब सपा की ओर
    नसीमुद्दीन सिद्दीकी का राजनीतिक सफर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। वे कभी बहुजन समाज पार्टी का बड़ा चेहरा रहे और पार्टी प्रमुख मायावती के करीबी सहयोगी माने जाते थे। 2017 में बसपा से निष्कासन के बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा था।

    हालांकि कांग्रेस में उनकी पारी लंबी नहीं चली। 24 जनवरी को उन्होंने पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी। उनके इस फैसले ने कांग्रेस संगठन में भी हलचल मचा दी थी। अब सपा में संभावित शामिल होने की चर्चा ने इसे और ज्यादा सियासी रंग दे दिया है।

    इस्तीफे के पीछे क्या वजह?
    सिद्दीकी ने कांग्रेस छोड़ते समय संकेत दिए थे कि वह पार्टी की कार्यप्रणाली और अंदरूनी माहौल से संतुष्ट नहीं थे। चर्चा यह भी रही कि उन्हें अपेक्षित सम्मान और भूमिका नहीं मिल पा रही थी। ऐसे में उनका असंतोष धीरे-धीरे सार्वजनिक फैसले में बदल गया।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह घटनाक्रम अहम साबित हो सकता है। उत्तर प्रदेश में मुस्लिम वोट बैंक और पारंपरिक समीकरणों को लेकर दलों की रणनीति पहले से ही तेज है। ऐसे में सिद्दीकी जैसे अनुभवी नेता का सपा के साथ जाना विपक्षी राजनीति में नए समीकरण बना सकता है।

    बदलते सियासी समीकरण
    यूपी की राजनीति में दल-बदल नई बात नहीं है, लेकिन चुनाव से पहले बड़े चेहरों की हलचल हमेशा संकेत देती है कि जमीन पर तैयारी शुरू हो चुकी है। यदि 15 फरवरी को सिद्दीकी की सपा में औपचारिक एंट्री होती है, तो यह आने वाले महीनों में और राजनीतिक पुनर्संयोजन का रास्ता खोल सकती है।

  • Gold-Silver Rates: 26000 सस्‍ती हुई चांदी… फिर आई तेजी, आज इतने महंगे हुए गोल्‍ड-सिल्‍वर

    Gold-Silver Rates: 26000 सस्‍ती हुई चांदी… फिर आई तेजी, आज इतने महंगे हुए गोल्‍ड-सिल्‍वर

    नई दिल्ली। सोना और चांदी के भाव में गुरुवार को ग्‍लोबल स्‍तर पर गिरावट देखने को मिली, लेकिन अब इनके दाम में तेजी देखी जा रही है. यह तेजी निवेशकों की निचले स्‍तर पर खरीदारी के बाद आई है.
    सोने और चांदी की कीमतों में गुरुवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली थी. अमेरिका से लेकर भारतीय बाजार तक सोने और चांदी के भाव तेजी से गिरे थे. अमेरिकी बाजार में चांदी करीब 9 फीसदी और सोना 2 फीसदी से ज्‍यादा गिरकर बंद हुए थे.

    इधर, मल्‍टी कमोडिटी मार्केट (MCX) पर गुरुवार को अप्रैल वायदा के लिए सोना 6,400 रुपये सस्‍ते हुए थे और 1.52 लाख रुपये पर आ गए थे. वहीं चांदी की कीमत देर रात करीब 26000 रुपये गिरी थी, जिस कारण वायदा बाजार में एक किलो चांदी का भाव 2.37 लाख रुपये पर आ गया.
    सोने और चांदी के भाव में तेजी

    सुबह 10.30 बजे MCX पर मार्च वायदा के लिए चांदी 6196 रुपये चढ़कर 2,42,599 रुपये पर कारोबार कर रही थी. वहीं अप्रैल वायदा के लिए गोल्‍ड 1464 रुपये चढ़कर 1.54 लाख रुपये पर आ गया. सोने और चांदी के भाव में यह तेजी एक दिन पहले आई बड़ी गिरावट के बाद आई है.

    कल क्‍यों गिरे थे सोने और चांदी के भाव
    सोने और चांदी के भाव में गिरावट की वजह मजबूत अमेरिकी बेरोजगारी डाटा और फेडरल रिजर्व बैंक की ओर से रेट कटौती की उम्‍मीदें कमजोर होना माना जा रहा है. जिस कारण डॉलर के मजबूत होने के संकेत मिले हैं और सोना और चांदी के दाम गिरे हैं. हालांकि शुक्रवार को एमसीएक्‍स पर गिरावट के बाद खरीदारी होने से तेजी देखी जा रही है.
    रिकॉर्ड हाई से इतने सस्‍ते हुए सोना-चांदी
    29 जनवरी 2026 को सोने की कीमत 1.93 लाख रुपये पर थे और चांदी का भाव 4.20 लाख रुपये थे, जो इनका रिकॉर्ड हाई लेवल है. सोने की कीमत शुक्रवार को 1.54 लाख रुपये पर आ गए और चांदी की कीमत 2.42 लाख रुपये पर आ गए. इसका मतलब है कि सोने की कीमत 40 हजार रुपये और चांदी की कीमत 1.82 लाख रुपये सस्‍ती हो चुकी है.

    इंटरनेशनल मार्केट में सोने और चांदी के भाव
    अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी दोनों के भाव गिरकर बंद हुए. अमेरिका (COMEX/Spot) में सोना लगभग 2.3–2.8% गिरकर लगभग $4,980–$4,940 प्रति औंस पर आ गया और चांदी लगभग 8.8% तक टूट गई, जो $75–$76 पर पहुंच गई.

  • फिल्मी जुदाई जैसी हकीकत: महिला अधिकारी ने 1.5 करोड़ में खरीदा पति, प्रेमिका ने दी दाम की रकम

    फिल्मी जुदाई जैसी हकीकत: महिला अधिकारी ने 1.5 करोड़ में खरीदा पति, प्रेमिका ने दी दाम की रकम


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर कोई भी हैरान रह जाएगा। फिल्मी कहानी जैसी यह घटना असल जिंदगी में भी हुई जहां एक महिला अधिकारी ने अपने प्रेमी को उसकी पत्नी से खरीद लिया। मामला इतना चौंकाने वाला है कि इसे भोपाल का पहला ऐसा केस कहा जा रहा है जहां तलाक के बदले डेढ़ करोड़ रुपए की बड़ी डील हुई।

    यह पूरा मामला कुटुंब न्यायालय में दर्ज हुआ। 42 वर्षीय पति का दिल अपने दफ्तर में साथ काम करने वाली 54 वर्षीय महिला अधिकारी पर आ गया। वह अपनी पत्नी से 10 साल बड़ी है। पत्नी और पति के बीच कई बार काउंसलिंग भी हुई लेकिन पति ने अपनी नई प्रेमिका के साथ रहने का फैसला कर लिया। पत्नी ने भी यह बात समझ ली कि पति वापस नहीं आएगा लेकिन अपने और अपनी बेटियों के भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा की शर्त रखी। पत्नी ने पति से कहा कि वह उसे छोड़ दे लेकिन इसके बदले 27 लाख रुपए कैश चाहिए।

    यह सुनते ही प्रेमिका ने तुरंत सहमति दे दी। उसने यह भी नहीं चाहा कि प्रेमी का परिवार सड़क पर आ जाए और उनकी जिंदगी बर्बाद हो। प्रेमिका ने अपनी गाढ़ी कमाई से यह रकम चुकाने को तैयार हो गई। धीरे धीरे बातचीत आगे बढ़ी और दोनों पक्षों के बीच सौदा तय हो गया। कुल मिलाकर करीब डेढ़ करोड़ रुपए मकान + कैश में मामला सुलझा लिया गया। दोनों पक्षों ने सहमति से अलग होने का फैसला किया और कुटुंब न्यायालय में यह मामला भी दर्ज हुआ।

    यह घटना कई सवाल खड़े करती है। क्या यह प्यार है या केवल पैसों का सौदा? क्या कानून की नजर में यह समझौता सही है? इस मामले में पत्नी ने अपने भविष्य और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जबकि प्रेमिका ने अपने प्रेमी को पाने के लिए आर्थिक दांव खेला। कुटुंब न्यायालय में इस तरह की पैसे से तलाक की डीलें दुर्लभ हैं लेकिन यह मामला एक बार फिर सामाजिक और नैतिक सीमाओं पर बहस को बढ़ा देगा।

    किसी भी मामले में यह स्पष्ट है कि पति पत्नी के बीच रिश्तों का टूटना केवल परिवार को ही नहीं बल्कि समाज को भी प्रभावित करता है। वहीं इस घटना से यह भी संदेश जाता है कि आर्थिक स्थिति मजबूत होने पर लोग रिश्तों को अपनी मर्जी से बदलने से नहीं चूकते। अब इस मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और कुटुंब न्यायालय में यह केस कैसे निपटता है यह देखने वाली बात होगी।

  • Valentine Day 2026 पर प्यार जताने के लिए 7 रोमांटिक गाने, अरिजीत सिंह के सॉन्ग भी लिस्ट में शामिल

    Valentine Day 2026 पर प्यार जताने के लिए 7 रोमांटिक गाने, अरिजीत सिंह के सॉन्ग भी लिस्ट में शामिल

    नई दिल्ली। Valentine Day 2026 Romantic Songs: वैलेंटाइन वीक को और खास बनाने के लिए आप अपने पार्टनर को बॉलीवुड के रोमांटिक गाने डेडिकेट कर सकते हैं. इन गानों को आप अपनी वैलेंटाइन डे की प्लेलिस्ट में भी शामिल कर सकते हैं. इस लिस्ट में अरिजीत सिंह और जुबिन नौटियाल के गाने भी शामिल हैं. चलिए लिस्ट पर एक नजर डालते हैं.
    ‘आशिकी 2’ फिल्म का ‘तुम ही हो’ गाना बॉलीवुड के आइकॉनिक गानों में शामिल है. इस गाने को अरिजीत सिंह ने अपनी आवाज में बखूबी गाया है. वहीं ये गाना आशिकों की पहली पसंद बन गया है.

    ‘मरजावां’ फिल्म का ‘तुम ही आना’ गाना भी वैलेंटाइन डे की प्ले लिस्ट में शामिल है. इस गाने को जुबिन नौटियाल ने गाया है. वहीं सोशल मीडिया पर भी ये गाना काफी पॉपुलर है. पार्टनर को डेडिकेट करने के लिए ये परफेक्ट चॉइस है.

    जुबिन नौटियाल का एल्बम सॉन्ग ‘हमनवा मेरे’ भी काफी पॉपुलर है. साल 2018 में आए इस गाने को काफी पसंद किया गया था. सोशल मीडिया पर भी इसे मिलियन में व्यूज मिले थे. अभी भी फैंस इसे काफी पसंद करते हैं.

    ‘डंकी’ फिल्म का ‘ओ माही’ गाना भी इस लिस्ट में शामिल है. इस गाने को अरिजीत सिंह ने गाया है. वहीं इस गाने को शाहरुख खान और तापसी पन्नू पर फिल्माया गया है. फैंस भी इसे काफी पसंद करते हैं.

    ‘भेड़िया’ फिल्म का ‘अपना बना ले’ गाना भी इस लिस्ट में शामिल है. इस गाने को अरिजीत सिंह ने गाया है. वहीं ‘भेड़िया’ फिल्म के इस गाने को वरुण धवन और कृति सेनन पर फिल्माया गया है.

    शाहरुख खान की ‘जवान’ फिल्म का ‘चलेया’ गाना भी काफी पॉपुलर है. वैलेंटाइन डे पर पार्टनर को डेडिकेट करने के लिए ये परफेक्ट चॉइस है. सोशल मीडिया पर भी ये काफी वायरल हुआ था.

    ऋतिक रोशन की ‘काबिल’ फिल्म का ‘काबिल हूं’ गाना भी वैलेंटाइन डे की प्ले लिस्ट में शामिल है. इस गाने को जुबिन नौटियाल ने बेहद प्यारे तरीके से गाया है. इस गाने को ऋतिक रोशन और यामी गौतम पर फिल्माया गया है.