Author: bharati

  • फुटबॉल वर्ल्ड कप में बड़ा उलटफेर: जर्मनी का सफर राउंड ऑफ 32 में समाप्त, रोमांचक मुकाबले में जापान को हराकर अंतिम-16 में पहुंचा ब्राजील

    फुटबॉल वर्ल्ड कप में बड़ा उलटफेर: जर्मनी का सफर राउंड ऑफ 32 में समाप्त, रोमांचक मुकाबले में जापान को हराकर अंतिम-16 में पहुंचा ब्राजील

    बोस्टन: फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में फुटबॉल जगत का एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही चार बार की विश्व विजेता जर्मनी का सफर इस बार बेहद निराशाजनक तरीके से समाप्त हो गया। पराग्वे की टीम ने मैदान पर शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से शिकस्त देकर टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही पराग्वे ने प्री-क्वार्टर फाइनल यानी अंतिम-16 में अपनी जगह सुरक्षित कर ली है। दोनों टीमों के बीच निर्धारित समय और एक्स्ट्रा टाइम तक मुकाबला 1-1 की बराबरी पर छूटा था।

    मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। गेंद पर अधिकांश समय जर्मनी के खिलाड़ियों का नियंत्रण रहा, लेकिन पराग्वे के मजबूत डिफेंस और सटीक रणनीति के आगे जर्मनी की आक्रामक पंक्ति पूरी तरह बेअसर साबित हुई। मैच के पहले हाफ के अंतिम क्षणों में पराग्वे को एक कॉर्नर मिला, जिस पर जर्मनी के गोलकीपर ने गेंद को रोकने की कोशिश की, मगर पराग्वे ने दोबारा गेंद पर नियंत्रण पा लिया। मटियास गलार्सा के बेहतरीन क्रॉस पर जूलियो एनसिसो ने एक शानदार हेडर लगाकर अपनी टीम को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी। विश्व कप के नॉकआउट चरण में पराग्वे का यह पहला गोल भी दर्ज हुआ।

    एक गोल से पिछड़ने के बाद दूसरे हाफ में जर्मनी ने अपनी रणनीति बदली और अधिक आक्रामक होकर मैच में वापसी की। खेल के 54वें मिनट में फ्लोरियन विर्ट्ज के बाएं छोर से आए एक सटीक क्रॉस पर काई हैवर्ट्ज ने दमदार हेडर लगाकर स्कोर को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। इस बराबरी के बाद जर्मनी ने विजयी गोल की तलाश में पराग्वे के पाले पर लगातार कई तीखे हमले किए, लेकिन पराग्वे की रक्षात्मक पंक्ति दीवार की तरह डटी रही और उन्होंने जर्मनी को बढ़त बनाने का कोई दूसरा मौका नहीं दिया।

    तय समय तक नतीजा न निकलने पर मुकाबला अतिरिक्त समय में चला गया। जर्मनी के मुख्य कोच ने मैच को पेनल्टी शूटआउट में जाने से रोकने के लिए अपने सभी प्रमुख फॉरवर्ड खिलाड़ियों को मैदान पर उतार दिया। एक्स्ट्रा टाइम के दौरान जर्मनी के जोनाथन ताह ने गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचा भी दिया था, लेकिन रेफरी ने उनके साथी खिलाड़ी द्वारा पराग्वे के गोलकीपर पर किए गए फाउल के कारण इस गोल को अमान्य घोषित कर दिया। 120 मिनट के खेल के बाद भी जब स्कोर 1-1 रहा, तो मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट के जरिए करने का निर्णय लिया गया।

    पेनल्टी शूटआउट का रोमांच बेहद चरम पर था। जर्मनी की तरफ से पहली किक लेने आए काई हैवर्ट्ज के शॉट को पराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने शानदार तरीके से रोककर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिला दी। इसके बाद दोनों टीमों की तरफ से गोल करने और चूकने का सिलसिला जारी रहा। अंत में पराग्वे के जोसे कनाले ने बेहद शांत अंदाज में निर्णायक पेनल्टी को गोल में तब्दील कर अपनी टीम को 4-3 से ऐतिहासिक जीत दिला दी। शानदार गोलकीपिंग के लिए ऑरलैंडो गिल को मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। अब पराग्वे की टीम चार जुलाई को फिलाडेल्फिया में फ्रांस और स्वीडन के बीच होने वाले मैच के विजेता से मुकाबला करेगी।

    इसी दौरान टूर्नामेंट के एक अन्य रोमांचक मुकाबले में ब्राजील ने जापान को 2-1 से हराकर अंतिम-16 में अपनी जगह पक्की की। इस मैच में जापान ने 29वें मिनट में काइशु सानो के बेहतरीन गोल की मदद से 1-0 की शुरुआती बढ़त बनाकर ब्राजील को संकट में डाल दिया था। इसके बाद ब्राजील ने वापसी करते हुए कासेमिरो के हेडर की मदद से स्कोर बराबर किया। मैच के आखिरी मिनटों तक दोनों टीमें बढ़त बनाने के लिए संघर्ष कर रही थीं, लेकिन इंजरी टाइम में गैब्रियल完整 मार्टिनेली ने ब्राजील के लिए विजयी गोल दागकर अपनी टीम को प्री-क्वार्टर फाइनल का टिकट दिला दिया।

  • नगर निकाय चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक बदलाव बैतूल को नगर निगम बनाने की तैयारी तेज 26 पंचायतों का सर्वे शुरू

    नगर निकाय चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक बदलाव बैतूल को नगर निगम बनाने की तैयारी तेज 26 पंचायतों का सर्वे शुरू


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में अगले वर्ष प्रस्तावित नगरीय निकाय चुनाव से पहले बैतूल को नगर निगम का दर्जा दिए जाने की तैयारी तेज हो गई है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने प्रस्तावित नगर निगम की सीमा तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कलेक्टर को उन ग्राम पंचायतों का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है जिन्हें नई नगर निगम सीमा में शामिल किया जाना प्रस्तावित है। इसी रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार अंतिम निर्णय लेगी।

    बैतूल को नगर निगम बनाने की चर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और स्थानीय विधायक हेमंत खंडेलवाल का विधानसभा क्षेत्र है। प्रशासनिक स्तर पर इस दिशा में गतिविधियां तेज होने के बाद इस प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर भी चर्चाएं बढ़ गई हैं।

    नगर निगम गठन की प्रक्रिया के तहत जनपद पंचायत बैतूल की मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने प्रस्तावित ग्राम पंचायतों में कार्यरत कर्मचारियों का विस्तृत ब्यौरा तैयार कराया है। इसमें पंचायत सचिव रोजगार सहायक और अन्य कर्मचारियों की जानकारी एकत्र की गई है। यह रिपोर्ट संबंधित एसडीएम और राजस्व अधिकारियों के माध्यम से कलेक्टर को भेजी जा चुकी है ताकि प्रशासनिक मूल्यांकन पूरा किया जा सके।

    जानकारी के अनुसार इस विषय पर जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बैठक भी आयोजित की गई है जिसमें प्रस्तावित क्षेत्रों को नगर निगम सीमा में शामिल करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसके बाद संबंधित गांवों की प्रशासनिक स्थिति आबादी और अन्य आवश्यक मानकों का परीक्षण शुरू किया गया है।

    प्रस्ताव के अनुसार कुल 26 ग्राम पंचायतों को बैतूल नगर निगम की सीमा में शामिल किया जा सकता है। इनमें कढ़ाई दनोरा बड़ोरा आरूल बाजपुर भैंसदेही खेड़ली मरामझिरी टेमनी जामठी खेड़ला डहरगांव खेड़ी सांवलीगढ़ महदगांव भड़ूस कुम्हारटेक भोगीतेड़ा रोढ़ा सूरगांव भरकावाड़ी खंडारा मलकापुर मिलानपुर बयावाड़ी ढोड़वाड़ा और खड़ला शामिल हैं। इन क्षेत्रों के शामिल होने से नगर निगम की आबादी और क्षेत्रफल दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

    यदि राज्य सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो नगर निगम गठन से पहले कैबिनेट की स्वीकृति आवश्यक होगी। इसके बाद संबंधित ग्राम पंचायतों को पंचायत क्षेत्र से हटाकर नगर निगम सीमा में शामिल किया जाएगा। साथ ही इन क्षेत्रों के मतदाताओं के नाम पंचायत मतदाता सूची से हटाकर नगर निगम की मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे। पूरी प्रक्रिया समय पर पूरी करना आवश्यक होगा ताकि अगले नगरीय निकाय चुनाव नई व्यवस्था के तहत कराए जा सकें।

    वर्तमान में मध्य प्रदेश में 16 नगर निगम हैं। इनमें भोपाल इंदौर ग्वालियर जबलपुर उज्जैन सागर रीवा सतना सिंगरौली छिंदवाड़ा रतलाम मुरैना कटनी देवास खंडवा और बुरहानपुर शामिल हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री पहले ही विदिशा को नगर निगम बनाने की घोषणा कर चुके हैं हालांकि वहां प्रक्रिया अभी अंतिम चरण तक नहीं पहुंची है। अब बैतूल को लेकर भी प्रशासनिक प्रक्रिया तेज होने से आने वाले महीनों में महत्वपूर्ण फैसला होने की संभावना जताई जा रही है।

  • शहरी रोजगार रिपोर्ट: देश के 46 बड़े शहरों में सात साल में तेजी से घटी बेरोजगारी दर, महिलाओं की स्थिति में भी बड़ा सुधार

    शहरी रोजगार रिपोर्ट: देश के 46 बड़े शहरों में सात साल में तेजी से घटी बेरोजगारी दर, महिलाओं की स्थिति में भी बड़ा सुधार

    नई दिल्ली। देश के बड़े शहरों में रोजगार के मोर्चे पर एक राहत भरी और सकारात्मक खबर सामने आई है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक, 10 लाख से अधिक आबादी वाले देश के 46 प्रमुख शहरों में पिछले सात वर्षों के दौरान बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार, साल 2018 से 2025 के बीच इन शहरों की कुल बेरोजगारी दर 7.9 फीसदी से घटकर अब महज 4.9 फीसदी के स्तर पर आ गई है। यह बदलाव दर्शाते हैं कि देश के बड़े महानगरीय और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज हुई हैं, जिससे नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

    इस रिपोर्ट में महिला और पुरुष दोनों ही श्रेणियों में बेरोजगारी दर में निरंतर आ रही कमी का विशेष उल्लेख किया गया है। पुरुषों की बात करें तो उनकी बेरोजगारी दर जो साल 2017-18 में 7.5 प्रतिशत थी, वह लगातार गिरते हुए वर्ष 2025 में 4.5 प्रतिशत के स्तर पर आ गई है। इसी तरह महिलाओं के मामले में भी काफी बड़ा सुधार देखने को मिला है। साल 2018-19 में महिला बेरोजगारी दर बढ़कर 10.4 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, लेकिन इसके बाद इसमें लगातार गिरावट दर्ज की गई और साल 2025 में यह घटकर 6.1 प्रतिशत रह गई। यह आंकड़े कामकाजी महिलाओं के लिए शहरी क्षेत्रों में बढ़ते अवसरों को रेखांकित करते हैं।

    रिपोर्ट के अनुसार, इन 46 शहरों में रोजगार की सामान्य स्थिति 4.9 प्रतिशत रही, जबकि वर्तमान साप्ताहिक स्थिति के आधार पर यह 6.8 प्रतिशत दर्ज की गई। यह आंकड़े लगभग पूरे शहरी भारत के औसत के समान ही हैं, जहां क्रमशः यह दर 4.8 प्रतिशत और 6.8 प्रतिशत रही है। एक खास बात यह भी सामने आई है कि इन बड़े शहरों में काम करने वाले पुरुष और महिला श्रमिक पूरे देश के अन्य शहरी इलाकों के मुकाबले औसतन अधिक घंटे काम कर रहे हैं। इसके अलावा, 15 से 29 वर्ष के ऐसे युवाओं का अनुपात जो किसी भी प्रकार के रोजगार, शिक्षा या प्रशिक्षण का हिस्सा नहीं हैं, इन शहरों में 22.2 फीसदी रहा, जो पूरे शहरी भारत के औसत (25.0 फीसदी) से काफी बेहतर है।

    मंत्रालय की रिपोर्ट में श्रम बल से बाहर रहने के मुख्य कारणों का भी विश्लेषण किया गया है। पुरुषों के मामले में 53.5 प्रतिशत ने श्रम बल से बाहर रहने की मुख्य वजह अपनी पढ़ाई जारी रखना बताया। वहीं, महिलाओं के मामले में 68.7 प्रतिशत ने बच्चों की देखभाल और घरेलू जिम्मेदारियों को रोजगार न करने या उससे बाहर रहने का प्राथमिक कारण बताया। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर बढ़ते देश में शहर आर्थिक गतिविधियों, नवाचार और रोजगार सृजन के मुख्य केंद्र बन चुके हैं, इसलिए इनकी आर्थिक संरचना को समझना बेहद जरूरी है।

    इसके साथ ही, इन 46 बड़े शहरों में रहने वाले लोगों की औसत आय देश के अन्य शहरी हिस्सों की तुलना में काफी बेहतर पाई गई है। आंकड़ों के मुताबिक, स्वरोजगार से जुड़े लोगों की पिछले 30 दिनों की औसत आय 30,858 रुपये रही, जबकि नियमित वेतन पाने वाले कर्मचारियों की औसत आय 28,808 रुपये दर्ज की गई। दिहाड़ी या आकस्मिक श्रमिकों की बात करें तो वे रोजाना औसतन 624 रुपये कमा रहे हैं। इसके विपरीत, पूरे शहरी भारत में स्वरोजगार की औसत आय 23,013 रुपये, नियमित वेतनभोगियों की 26,258 रुपये और दिहाड़ी मजदूरों की कमाई 550 रुपये प्रतिदिन रही।

  • IPL क्रिकेटर शशांक सिंह और रिटायर्ड IPS पिता पर भोपाल में FIR कुक से मारपीट और गाली गलौज के आरोप जांच शुरू

    IPL क्रिकेटर शशांक सिंह और रिटायर्ड IPS पिता पर भोपाल में FIR कुक से मारपीट और गाली गलौज के आरोप जांच शुरू


    नई दिल्ली। भोपाल में आईपीएल क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता रिटायर्ड स्पेशल डीजी शैलेष सिंह के खिलाफ कुक से कथित मारपीट और गाली गलौज के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। रातीबड़ थाना पुलिस ने शिकायत और प्रारंभिक जांच के बाद भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

    शिकायतकर्ता रीवा निवासी विपेंद्र सिंह तोमर ने आरोप लगाया है कि उन्हें परिचित के माध्यम से भोपाल बुलाया गया था। उनके अनुसार उन्हें शैलेष सिंह के घर खाना बनाने की नौकरी का प्रस्ताव दिया गया था और भविष्य में सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा भी दिया गया था। तय वेतन के साथ रहने और खाने की व्यवस्था का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने काम शुरू किया।

    विपेंद्र का आरोप है कि काम शुरू करने के कुछ ही समय बाद उनसे लगातार काम कराया जाने लगा। उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने काम छोड़ने की इच्छा जताई तो उनके साथ गाली गलौज की गई। शिकायत के अनुसार उनका मोबाइल भी छीन लिया गया और उन्हें जबरन काम करने के लिए कहा गया। पीड़ित का कहना है कि वह डरकर कमरे में चला गया था लेकिन बाद में उनके साथ कथित रूप से मारपीट की गई।

    शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस दौरान शैलेष सिंह उनके बेटे शशांक सिंह और एक कर्मचारी ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने शरीर और चेहरे पर चोट आने का भी दावा किया है। घटना के बाद विपेंद्र ने रोते हुए एक वीडियो भी जारी किया जिसमें उन्होंने अपने साथ हुई कथित घटना का जिक्र किया। हालांकि वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    रातीबड़ थाना पुलिस के अनुसार शिकायत मिलने के बाद फरियादी और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर शैलेष सिंह शशांक सिंह और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

    इस मामले में एक और पहलू भी सामने आया है। इससे पहले विदिशा निवासी एक युवक ने भी रिटायर्ड अधिकारी शैलेष सिंह के खिलाफ नौकरी के दौरान कथित रूप से बंधक बनाने मारपीट करने और धमकी देने जैसी शिकायत दर्ज कराई थी। उस शिकायत में भी मोबाइल और सामान वापस नहीं करने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि उन आरोपों की कानूनी स्थिति और अंतिम निष्कर्ष अलग जांच प्रक्रिया का विषय हैं।

    क्रिकेट की बात करें तो शशांक सिंह ने आईपीएल में पंजाब किंग्स सहित कई टीमों का प्रतिनिधित्व किया है। उन्हें 2024 सीजन में शानदार प्रदर्शन के बाद पहचान मिली थी जबकि 2026 का सीजन उनके लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने इस सीजन में सीमित रन बनाए और टीम के लिए अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके।

    फिलहाल इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच जारी है। आरोपों की सत्यता का अंतिम फैसला पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • E20 पेट्रोल पर बढ़ीं वाहन मालिकों की चिंताएं लंबे समय तक खड़ी गाड़ियों में क्यों आ रही हैं फ्यूल सिस्टम की दिक्कतें जानिए

    E20 पेट्रोल पर बढ़ीं वाहन मालिकों की चिंताएं लंबे समय तक खड़ी गाड़ियों में क्यों आ रही हैं फ्यूल सिस्टम की दिक्कतें जानिए


    नई दिल्ली। देश में इथेनॉल मिश्रित ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार लगातार कदम उठा रही है। हाल ही में केंद्र सरकार ने 100 प्रतिशत इथेनॉल को ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने की मंजूरी दी है। इसके साथ ही देशभर में E20 यानी 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का उपयोग भी तेजी से बढ़ रहा है। इस पहल का उद्देश्य पेट्रोल पर निर्भरता कम करना विदेशी मुद्रा की बचत करना और प्रदूषण घटाना है। हालांकि इसके बढ़ते इस्तेमाल के बीच कुछ वाहन मालिकों और मैकेनिकों ने नई चिंताएं भी सामने रखी हैं।

    भोपाल के कई ऑटो मैकेनिकों का कहना है कि E20 पेट्रोल का उपयोग करने वाली कुछ गाड़ियों में पहले की तुलना में फ्यूल पंप जल्दी खराब होने की शिकायतें बढ़ी हैं। उनका दावा है कि जिन वाहनों में पहले फ्यूल पंप वर्षों तक बिना किसी समस्या के चलता था अब कुछ मामलों में उसे कम समय में बदलना पड़ रहा है। हालांकि यह अनुभव सभी वाहनों पर समान रूप से लागू नहीं होता और यह वाहन के मॉडल रखरखाव तथा निर्माता की तकनीक पर भी निर्भर करता है।

    मैकेनिकों के अनुसार जिन गाड़ियों का लंबे समय तक उपयोग नहीं होता उनमें फ्यूल टैंक में मौजूद इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नमी को अधिक आकर्षित कर सकता है। इससे कुछ परिस्थितियों में फ्यूल सिस्टम में जमाव या अन्य तकनीकी समस्याएं उत्पन्न होने की संभावना बढ़ जाती है। यदि वाहन कई सप्ताह या महीनों तक बिना चलाए खड़ा रहे तो फ्यूल लाइन और पंप पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि नई पीढ़ी की E20 अनुकूल गाड़ियों को इसी प्रकार के ईंधन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इन वाहनों में ऐसे रबर सील फ्यूल पाइप और अन्य पुर्जे लगाए जाते हैं जो इथेनॉल मिश्रित ईंधन के साथ बेहतर तरीके से काम कर सकें। लेकिन पुराने मॉडल के कुछ वाहनों में यदि निर्माता ने E20 की मंजूरी नहीं दी है तो वाहन मालिकों को कंपनी के दिशा निर्देशों का पालन करना चाहिए।

    वाहन विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि गाड़ी लंबे समय तक खड़ी रखनी हो तो समय समय पर इंजन स्टार्ट करना और कुछ दूरी तक चलाना बेहतर रहता है। इससे फ्यूल सिस्टम सक्रिय रहता है और ईंधन के लंबे समय तक एक ही स्थान पर रहने से होने वाली संभावित समस्याओं का जोखिम कम हो सकता है। साथ ही समय पर सर्विस कराना फ्यूल फिल्टर की जांच कराना और केवल भरोसेमंद पेट्रोल पंप से ईंधन भरवाना भी जरूरी है।

    सरकार का मानना है कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन से कार्बन उत्सर्जन कम होगा किसानों को गन्ने और अन्य फसलों का बेहतर बाजार मिलेगा तथा कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटेगी। दूसरी ओर वाहन उद्योग भी लगातार ऐसे इंजन विकसित कर रहा है जो E20 और भविष्य में अधिक इथेनॉल मिश्रित ईंधन के साथ बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

    ऐसे में यदि आपका वाहन नया है और निर्माता ने E20 ईंधन की अनुमति दी है तो सामान्य रूप से चिंता की जरूरत नहीं है। वहीं यदि वाहन पुराना है तो कंपनी की गाइडलाइन के अनुसार ही ईंधन का चयन करना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है। नियमित रखरखाव और समय पर जांच किसी भी ईंधन के साथ वाहन की बेहतर कार्यक्षमता बनाए रखने की सबसे महत्वपूर्ण शर्त है।

  • ट्विशा शर्मा केस में जांच तेज CBI ने कोर्ट से मांगी आरोपियों की हिरासत बढ़ाने की अनुमति डिजिटल सबूतों की जांच जारी

    ट्विशा शर्मा केस में जांच तेज CBI ने कोर्ट से मांगी आरोपियों की हिरासत बढ़ाने की अनुमति डिजिटल सबूतों की जांच जारी


    नई दिल्ली। बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में मंगलवार को एक बार फिर अदालत में सुनवाई हुई जहां केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की। मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट आरती आदित्य बांदिल की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान ट्विशा शर्मा के पिता और भाई भी अदालत पहुंचे और पूरी कार्यवाही के दौरान मौजूद रहे। इस संवेदनशील मामले पर अब सभी की नजर अदालत के अंतिम आदेश पर टिकी हुई है।

    सीबीआई ने अदालत से आरोपी पति समर्थ सिंह और सास रिटायर्ड जज गिरिबाला की न्यायिक हिरासत 14 जुलाई तक बढ़ाने का अनुरोध किया। एजेंसी ने अदालत को बताया कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच जारी है। ऐसे में आरोपियों का न्यायिक अभिरक्षा में रहना जांच की निष्पक्षता और प्रगति के लिए आवश्यक है।

    जांच एजेंसी के अनुसार मामले में अभी कई गवाहों के बयान दर्ज किए जाने बाकी हैं। इसके साथ ही जब्त किए गए मोबाइल फोन लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी जारी है। सीबीआई का कहना है कि इन डिजिटल साक्ष्यों से जांच को नई दिशा मिल सकती है इसलिए सभी तकनीकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

    सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत को यह भी बताया कि समर्थ सिंह के लैपटॉप तक पहुंच जांच का अहम हिस्सा है लेकिन उसका पासवर्ड अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। एजेंसी के अनुसार लैपटॉप में मौजूद संभावित डिजिटल जानकारी और अन्य दस्तावेजों की जांच के लिए पासवर्ड जरूरी है। इसके बिना कई महत्वपूर्ण जानकारियों तक पहुंचना संभव नहीं हो पा रहा है जिससे जांच प्रभावित हो सकती है।

    सीबीआई ने अदालत को यह भी संकेत दिया कि यदि जांच के दौरान जरूरत महसूस हुई तो दोनों आरोपियों की दोबारा पुलिस रिमांड भी मांगी जा सकती है। एजेंसी का कहना है कि जांच लगातार आगे बढ़ रही है और सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    इससे पहले अदालत ने 16 जून को दोनों आरोपियों को 30 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा था। अब एजेंसी ने हिरासत की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया है ताकि लंबित जांच पूरी की जा सके। अदालत के आदेश के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों आरोपी आगे भी न्यायिक हिरासत में रहेंगे या नहीं।

    गौरतलब है कि ट्विशा शर्मा की 11 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्यों गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी बीच हाल ही में आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला के घर चोरी की घटना भी सामने आई थी जिसमें कुछ दस्तावेज और जेवरात चोरी करने का प्रयास किया गया था हालांकि पुलिस की सक्रियता के चलते आरोपी सामान छोड़कर फरार हो गए थे। अब पूरे मामले में अदालत के फैसले का इंतजार है क्योंकि उसी के आधार पर जांच की अगली दिशा तय होगी।

  • भोपाल में धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान राम मंदिर दान मामले की निष्पक्ष जांच की मांग इंडोनेशिया मॉडल का किया जिक्र

    भोपाल में धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान राम मंदिर दान मामले की निष्पक्ष जांच की मांग इंडोनेशिया मॉडल का किया जिक्र


    नई दिल्ली। भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने राम मंदिर से जुड़े दान विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम ने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि भगवान राम के धाम से जुड़ा कोई भी मामला केवल एक मंदिर तक सीमित नहीं होता बल्कि यह पूरे सनातन समाज की भावनाओं और विश्वास से जुड़ा विषय है। उनके अनुसार यदि किसी ने भगवान के धाम में रहकर अनुचित कार्य किया है तो उसे कानून के साथ साथ ईश्वर का भी महादंड मिलेगा।

    उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच पहले से विशेष जांच एजेंसियां और एसआईटी कर रही हैं इसलिए बिना तथ्यों के किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए। जब उनसे राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े आरोपों और कुछ नामों पर एफआईआर नहीं होने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है इसलिए जांच एजेंसियों को निष्पक्ष तरीके से अपना काम करने देना चाहिए।

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सनातन परंपरा से जुड़े लोगों के मन में इस पूरे प्रकरण को लेकर पीड़ा है। उन्होंने बताया कि विदेश यात्रा के दौरान भी उनसे इस विषय पर चर्चा हुई थी और उन्होंने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में भी इस मुद्दे का उल्लेख किया था। उनके अनुसार भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत दुनिया भर के लोगों के लिए प्रेरणा का विषय है इसलिए इससे जुड़े मामलों में पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखना जरूरी है।

    मंदिरों के प्रबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि देश में कुछ धर्म विरोधी ताकतें ऐसा माहौल तैयार कर रही हैं जिससे मंदिरों और संत समाज पर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंदिरों की सेवा और प्रबंधन ऐसे लोगों के हाथ में होना चाहिए जो पूरी निष्ठा के साथ सनातन परंपरा भगवान और धार्मिक मूल्यों के प्रति समर्पित हों। इससे मंदिरों की गरिमा और श्रद्धालुओं का विश्वास दोनों सुरक्षित रहेंगे।

    अपने संबोधन के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भारत के मुसलमानों के संदर्भ में इंडोनेशिया का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया में बड़ी संख्या में मुस्लिम आबादी होने के बावजूद वहां धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक समरसता देखने को मिलती है। उनके अनुसार वहां पांच वक्त की नमाज पढ़ने वाले लोग दीपावली जैसे त्योहार भी मनाते हैं और रामकथा जैसे धार्मिक आयोजनों में भी शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में भी सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान की भावना को मजबूत करने की जरूरत है।

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भोपाल में हबीबगंज स्थित कैंसर हीलर सेंटर के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि समय पर जांच और बेहतर इलाज से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। कार्यक्रम में चिकित्सा विशेषज्ञों समाजसेवियों जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आयोजकों के अनुसार यह सेंटर भोपाल सहित आसपास के जिलों के मरीजों को आधुनिक कैंसर उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • मंगलवार के इन आसान वास्तु उपायों से दूर होगी नकारात्मक ऊर्जा घर में आएगी सुख समृद्धि और बजरंगबली की कृपा

    मंगलवार के इन आसान वास्तु उपायों से दूर होगी नकारात्मक ऊर्जा घर में आएगी सुख समृद्धि और बजरंगबली की कृपा


    नई दिल्ली। मंगलवार का दिन भगवान हनुमान और मंगल ग्रह को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र के अनुसार इस दिन किए गए कुछ विशेष उपाय घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने के साथ सुख समृद्धि और मानसिक शांति लाने में सहायक माने जाते हैं। मान्यता है कि यदि मंगलवार को घर और आसपास के वातावरण को व्यवस्थित रखते हुए कुछ छोटे लेकिन महत्वपूर्ण नियमों का पालन किया जाए तो जीवन में आने वाली कई परेशानियों को कम किया जा सकता है और परिवार में खुशहाली बनी रहती है।

    वास्तु शास्त्र के अनुसार मंगलवार की शुरुआत घर की साफ सफाई से करनी चाहिए। मुख्य द्वार को विशेष रूप से स्वच्छ रखना शुभ माना जाता है क्योंकि यही स्थान सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश का मार्ग माना जाता है। मुख्य द्वार पर स्वस्तिक बनाना या शुभ प्रतीक अंकित करना भी मंगलकारी माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है और नकारात्मक प्रभाव कम होने की मान्यता है।

    इस दिन भगवान हनुमान की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और भय तथा मानसिक तनाव दूर होने की मान्यता है। पूजा में सिंदूर चमेली का तेल और लाल फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। साथ ही गुड़ और भुने हुए चने का भोग लगाने के बाद उनका प्रसाद बांटना भी मंगलकारी माना जाता है।

    वास्तु शास्त्र में दक्षिण दिशा का संबंध मंगल ग्रह से माना जाता है। इसलिए मंगलवार को इस दिशा की विशेष सफाई करने और यहां किसी प्रकार का कबाड़ या टूटा फूटा सामान न रखने की सलाह दी जाती है। घर में लंबे समय से खराब पड़े इलेक्ट्रॉनिक सामान जंग लगे लोहे के उपकरण या बेकार वस्तुओं को हटाना भी सकारात्मक ऊर्जा के लिए लाभकारी माना जाता है।

    मंगलवार को जरूरतमंद लोगों की सहायता करना भी शुभ माना गया है। लाल मसूर की दाल लाल वस्त्र या गुड़ का दान करने से मंगल ग्रह की शुभता बढ़ने की मान्यता है। वहीं बंदरों या गाय को भोजन कराना भी कई लोग शुभ मानते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसे कार्यों से जीवन में आने वाली बाधाएं कम होती हैं और सौभाग्य में वृद्धि होती है।

    घर के मंदिर में नियमित रूप से दीपक जलाना और शाम के समय मुख्य द्वार पर दीप प्रज्ज्वलित करना भी वास्तु के अनुसार शुभ माना जाता है। इससे घर का वातावरण शांत और सकारात्मक बना रहता है। इसके अलावा मंगलवार के दिन क्रोध विवाद और कटु वचन से बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि शांत व्यवहार को ही मंगल ग्रह की कृपा प्राप्त करने का सबसे सरल उपाय माना गया है।

    वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार इन उपायों को किसी अंधविश्वास के बजाय आस्था और सकारात्मक जीवनशैली के रूप में अपनाना चाहिए। नियमित साफ सफाई अनुशासित दिनचर्या पूजा पाठ और सेवा भाव जैसे कार्य न केवल मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं बल्कि परिवार के भीतर सौहार्द और सकारात्मक वातावरण भी मजबूत करते हैं।

  • भारतीय सिनेमा का गौरव: पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्रियां, कला के क्षेत्र में अमूल्य योगदान की पूरी सूची

    भारतीय सिनेमा का गौरव: पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्रियां, कला के क्षेत्र में अमूल्य योगदान की पूरी सूची

    नई दिल्ली। भारतीय फिल्म जगत यानी बॉलीवुड में ऐसे कई प्रतिभावान कलाकार हुए हैं, जिन्होंने अपने बेहतरीन अभिनय और कला के प्रति समर्पण से न केवल दर्शकों के दिलों में जगह बनाई, बल्कि देश का नाम भी रोशन किया है। सिनेमा के क्षेत्र में उत्कृष्ट और अमूल्य योगदान देने वाले इन सितारों को भारत सरकार द्वारा समय-समय पर देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म श्री’ से अलंकृत किया गया है। इस प्रतिष्ठित सूची में फिल्म उद्योग की कई ऐसी दिग्गज अभिनेत्रियों के नाम शामिल हैं, जिन्होंने अपनी कलात्मक यात्रा से भारतीय सिनेमा को एक नया आयाम दिया है। इनमें से कुछ अभिनेत्रियां आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी विरासत हमेशा अमर रहेगी।

    इस प्रतिष्ठित सम्मान को पाने वाली अभिनेत्रियों में बॉलीवुड की ‘ड्रीम गर्ल’ कही जाने वाली हेमा मालिनी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। अपनी बेहतरीन अदाकारी और नृत्य कला के लिए प्रसिद्ध हेमा मालिनी को भारत सरकार द्वारा साल 2000 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। वहीं, हिंदी सिनेमा की पहली महिला सुपरस्टार मानी जाने वाली दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी को कला के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए साल 2013 में इस गौरवपूर्ण नागरिक सम्मान से नवाजा गया था। भले ही वे अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्में आज भी सिनेप्रेमियों के दिलों में जिंदा हैं।

    समीक्षकों द्वारा सराहे गए अभिनय और अपनी बेबाक शैली के लिए जानी जाने वाली अभिनेत्री और निर्माता कंगना रनौत को साल 2020 में पद्म श्री पुरस्कार प्रदान किया गया था। सत्तर और अस्सी के दशक की अपनी संजीदा अदाकारी से समां बांधने वाली सदाबहार अभिनेत्री रेखा को साल 2010 में इस सम्मान से विभूषित किया गया था। उन्होंने ‘उमराव जान’ और ‘खूबसूरत’ जैसी यादगार फिल्मों में दमदार भूमिकाएं निभाई हैं। नब्बे के दशक की लोकप्रिय और सफल अभिनेत्रियों में शामिल रवीना टंडन को हाल ही में वर्ष 2023 में महामहिम राष्ट्रपति द्वारा इस राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

    अपनी खूबसूरती और बेहतरीन अभिनय क्षमता के बल पर वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने वाली पूर्व विश्व सुंदरी ऐश्वर्या राय बच्चन को साल 2009 में पद्म श्री की उपाधि दी गई थी। वहीं, लीक से हटकर किरदारों को पर्दे पर जीवंत करने वाली सशक्त अभिनेत्री विद्या बालन को साल 2014 में इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया। इसके अतिरिक्त, बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी कला का परचम लहराने वाली ग्लोबल आइकन प्रियंका चोपड़ा को साल 2016 में भारत सरकार द्वारा पद्म श्री पुरस्कार से अलंकृत किया गया था।

    गंभीर और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं को सहजता से निभाने वाली उत्कृष्ट अभिनेत्री तब्बू और अपनी चुलबुली अदाकारी से करोड़ों फैंस के दिलों पर राज करने वाली अभिनेत्री काजोल को साल 2011 में एक साथ इस सर्वोच्च सम्मान के लिए चुना गया था। अपने जमाने की बेहद खूबसूरत और बोल्ड अभिनेत्री मानी जाने वाली शर्मिला टैगोर को सिनेमाई दुनिया में उनके विशेष योगदान हेतु साल 2005 में इस उपाधि से विभूषित किया गया था। इस सूची में भारतीय समानांतर सिनेमा की मजबूत स्तंभ रहीं दिवंगत अभिनेत्री स्मिता पाटिल का नाम भी शामिल है, जिन्हें बहुत कम उम्र में, साल 1985 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। कला जगत में इन सभी महिलाओं का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत बना रहेगा।

  • देवेंद्र फडणवीस को PM पद पर समर्थन देने का ऐलान उद्धव ठाकरे के बयान से सियासी पारा चढ़ा

    देवेंद्र फडणवीस को PM पद पर समर्थन देने का ऐलान उद्धव ठाकरे के बयान से सियासी पारा चढ़ा


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय नई हलचल पैदा हो गई जब शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर बड़ा बयान दिया। ठाकरे ने कहा कि यदि फडणवीस भविष्य में प्रधानमंत्री पद की दावेदारी करते हैं तो उनकी पार्टी उनका समर्थन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह फडणवीस के विरोधी नहीं बल्कि हितैषी हैं और महाराष्ट्र से यदि कोई नेता देश का प्रधानमंत्री बनता है तो उसका समर्थन किया जाना चाहिए।

    शिरडी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उद्धव ठाकरे ने दावा किया कि कुछ राजनीतिक ताकतें ऐसी रणनीति बना रही हैं जिससे देवेंद्र फडणवीस 2029 में प्रधानमंत्री पद की दौड़ में शामिल न हो सकें। उन्होंने कहा कि अगर महाराष्ट्र का कोई नेता प्रधानमंत्री बनने की स्थिति में पहुंचता है तो उनकी पार्टी उसके साथ खड़ी होगी।

    हालांकि समर्थन की बात कहने के साथ ठाकरे ने भाजपा की आंतरिक राजनीति पर भी तंज कसा। उनका कहना था कि यदि फडणवीस सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री पद की महत्वाकांक्षा जाहिर करते हैं तो यह उनके लिए राजनीतिक रूप से नुकसानदायक साबित हो सकता है। ठाकरे ने सवाल उठाया कि ऐसी घोषणा के बाद क्या वह अपनी ही पार्टी में उसी स्थिति में बने रह पाएंगे।

    शिरडी में आयोजित रैली के दौरान ठाकरे ने हाल में दल बदलकर एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए सांसदों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के छह सांसदों के पाला बदलने के पीछे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका रही। ठाकरे ने यह भी कहा कि साईं बाबा के दर्शन के दौरान उन्होंने देवेंद्र फडणवीस की कुर्सी सुरक्षित रहने की प्रार्थना की।

    इससे पहले भी उद्धव ठाकरे ने ऑपरेशन टाइगर को लेकर बयान देते हुए दावा किया था कि इसका वास्तविक उद्देश्य ऑपरेशन देवेंद्र था। उनके अनुसार यह कथित रणनीति फडणवीस के राजनीतिक कद को सीमित रखने और उन्हें भविष्य में प्रधानमंत्री पद की दौड़ से दूर रखने के लिए बनाई गई थी।

    उधर देवेंद्र फडणवीस ने इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें महाराष्ट्र के 14 करोड़ लोगों और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व का आशीर्वाद प्राप्त है इसलिए कोई भी उनके राजनीतिक पंख नहीं काट सकता। उन्होंने हाल में उद्धव ठाकरे के साथ एक ही विमान में यात्रा करने को लेकर उठी अटकलों को भी महज संयोग बताया।

    महाराष्ट्र में हाल के दिनों में लगातार राजनीतिक उठापटक देखने को मिल रही है। शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में संभावित टूट तथा दल बदल की चर्चाओं के बीच उद्धव ठाकरे का यह बयान राज्य की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाओं को और तेज कर गया है।