Author: bharati

  • सेवा तीर्थ से चलेगा देश का शासन: PM मोदी ने नए PMO का किया उद्घाटन, साउथ ब्लॉक में 78 साल बाद आखिरी कैबिनेट बैठक

    सेवा तीर्थ से चलेगा देश का शासन: PM मोदी ने नए PMO का किया उद्घाटन, साउथ ब्लॉक में 78 साल बाद आखिरी कैबिनेट बैठक



    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में बने अत्याधुनिक प्रधानमंत्री कार्यालय परिसर ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन किया। करीब 78 वर्षों तक रायसीना हिल स्थित साउथ ब्लॉक से संचालित होने के बाद अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) नए कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट हो गया है। पुराने दफ्तर में शुक्रवार शाम 4 बजे केंद्रीय कैबिनेट की विशेष बैठक आयोजित की जाएगी, जिसे इस ऐतिहासिक इमारत में आखिरी कैबिनेट बैठक माना जा रहा है।

    उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने ‘सेवा तीर्थ’ की पट्टिका का अनावरण किया। भवन पर देवनागरी लिपि में ‘सेवा तीर्थ’ और उसके नीचे ‘नागरिक देवो भव’ अंकित है, जो शासन की नागरिक-केंद्रित सोच को दर्शाता है। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने नए कार्यालय में महिलाओं, युवाओं, किसानों और कमजोर वर्गों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों की फाइलों पर हस्ताक्षर किए।

    इन फैसलों में पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा, ‘लखपति दीदी’ योजना का लक्ष्य 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करना, कृषि अवसंरचना कोष की राशि 1 लाख करोड़ से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ करना और 10,000 करोड़ के कोष के साथ स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को मंजूरी देना शामिल है। सरकार का दावा है कि इन कदमों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी।

    नई दिल्ली के दारा शिकोह रोड स्थित एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव में बना ‘सेवा तीर्थ’ परिसर लगभग 2.26 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में फैला है और इसे करीब 1189 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। पहले इस परियोजना का नाम ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ था, जिसे दिसंबर 2025 में बदलकर ‘सेवा तीर्थ’ कर दिया गया। परिसर में तीन इमारतें हैंसेवा तीर्थ-1 में PMO, सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सचिवालय (NSCS) तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का कार्यालय स्थित है।

    यह पूरा कॉम्प्लेक्स केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का हिस्सा है। इसी परियोजना के तहत नया संसद भवन और कर्तव्य पथ का निर्माण किया गया है। कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि सहित कई प्रमुख मंत्रालयों को स्थान दिया गया है। भवनों को 4-स्टार GRIHA ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है, जिनमें नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, वेस्ट मैनेजमेंट और स्मार्ट सुरक्षा प्रणालियां शामिल हैं।

    सरकार का कहना है कि पहले कई मंत्रालय अलग-अलग पुराने भवनों में फैले हुए थे, जिससे तालमेल की कमी, देरी और रखरखाव पर अधिक खर्च जैसी समस्याएं सामने आती थीं। नए एकीकृत परिसर से प्रशासनिक कार्यों में तेजी, समन्वय और पारदर्शिता बढ़ेगी।

    आने वाले समय में नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक की ऐतिहासिक इमारतों को ‘युगे-युगेन भारत नेशनल म्यूजियम’ में बदलने की योजना है, जहां भारत की सभ्यता और विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। इस बदलाव के साथ केंद्र सरकार का प्रशासनिक ढांचा एक नए और आधुनिक दौर में प्रवेश कर गया है।

  • 30 फीट गहरे तालाब में गिरी तेज रफ्तार कार, 3 बारातियों की मौत और 7 घायल

    30 फीट गहरे तालाब में गिरी तेज रफ्तार कार, 3 बारातियों की मौत और 7 घायल


    विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में गुरुवार देर रात बारातियों से भरी तेज रफ्तार टवेरा कार अनियंत्रित होकर 30 फीट गहरे सूखे तालाब में जा गिरी। हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 7 अन्य लाेग घायल हो गए, घायलाें में दाे की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है।


    जानकारी के अनुसार गैरतगंज के जाफरखेड़ी निवासी दशरथ सिंह के यहां बारात आ रही थी। टवेरा कार में कुल 10 लोग सवार थे। देर रात अंधेरा होने और तेज रफ्तार के कारण ड्राइवर वाहन से नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते कार सड़क से फिसलकर करीब 30 फीट नीचे सूखे तालाब में जा गिरी। हादसे में 35 वर्षीय राजेश लोधी, 30 वर्षीय सोनू लोधी (ड्राइवर) और 35 वर्षीय चंद्रशेखर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं घायलों में अशोक लोधी (25) का बायां हाथ फ्रैक्चर हुआ है। 14 वर्षीय राज बोधी के पेट में गंभीर चोट आई है। बृजेश लोधी (27) और सुदीप लोधी (20) के सीने में गंभीर चोटें हैं। 45 वर्षीय भावसिंह लोधी और 10 वर्षीय ऋतुराज लोधी की हालत नाजुक बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को विदिशा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इनमें से एक घायल को देर रात गंभीर हालत में भोपाल रेफर करना पड़ा।

    ग्रामीणों ने दिखाई मानवता
    हादसा शादी वाले घर से करीब एक किलोमीटर दूर हुआ। तेज धमाके की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कार में फंसे घायलों को बाहर निकालकर निजी वाहनों से जिला अस्पताल पहुंचाया। कई घायल खून से लथपथ थे—किसी के माथे से तो किसी के हाथ से लगातार खून बह रहा था।

    कलेक्टर पहुंचे अस्पताल
    घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अंशुल गुप्ता जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने घटनास्थल का भी निरीक्षण किया। एडीएम, तहसीलदार, सीएसपी, कोतवाली और सिविल लाइन थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। सिविल सर्जन डॉ. अनूप वर्मा के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया। डॉ. वर्मा ने बताया कि दो घायलों की हालत गंभीर है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है और वे फिलहाल खतरे से बाहर हैं।
  • भारतीय सेना आयोजित करेगी इंटरनेशनल मिलिट्री एडवेंचर चैलेंज कप 2026, 8 देशों की टीमें लेंगी भाग

    भारतीय सेना आयोजित करेगी इंटरनेशनल मिलिट्री एडवेंचर चैलेंज कप 2026, 8 देशों की टीमें लेंगी भाग


    नई दिल्ली: भारतीय सेना पहली बार इंटरनेशनल मिलिट्री एडवेंचर चैलेंज कप IMACC2026 का आयोजन करने जा रही है। यह प्रतियोगिता 18 से 23 फरवरी तक पूर्वी हिमालय की तलहटी में आयोजित होगी। इस एक सप्ताह के आयोजन में भारत और मित्र देशों की सैन्य टीमें साहसिक और सहनशक्ति से जुड़ी कठिन प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेंगी।

    प्रतियोगिता में सात मित्र देशों-भूटान, ब्राजील, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और सऊदी अरब-की सैन्य टीमें शामिल होंगी। इनके साथ भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, भारतीय तटरक्षक बल और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस ITBPकी टीमें भी हिस्सा लेंगी। आयोजन में शामिल गतिविधियां सैनिकों की शारीरिक फिटनेस, मानसिक दृढ़ता, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और दबाव में निर्णय लेने की योग्यता की परीक्षा लेंगी। यह गतिविधियां कठिन पहाड़ी और फील्ड इलाके में आयोजित होंगी, जिससे वास्तविक सैन्य अभियानों जैसी परिस्थितियों का अनुभव होगा।

    अंतरराष्ट्रीय सैन्य खेल लंबे समय से दुनिया भर की सेनाओं के बीच विश्वास और सहयोग बढ़ाने का माध्यम रहे हैं। ये प्रतियोगिताएं इंटरनेशनल मिलिट्री स्पोर्ट्स काउंसिल CISMके “खेल के माध्यम से मित्रता” के सिद्धांत के तहत आयोजित होती हैं। भारत इस परंपरा में लंबे समय से सक्रिय भागीदार रहा है। वर्ष 2007 में भारत ने चौथे CISM मिलिट्री वर्ल्ड गेम्स की भी मेजबानी की थी।

    IMACC इस परंपरा में एक नया और अभिनव कदम है। पारंपरिक स्टेडियम खेलों के विपरीत, यह प्रतियोगिता साहसिक गतिविधियों, सहनशक्ति और फील्ड कौशल पर केंद्रित है। यह आधुनिक सैन्य प्रशिक्षण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और सैनिकों में उच्च स्तरीय क्षमता, रणनीतिक सोच और आपसी भरोसा विकसित करने में मदद करेगी।

    प्रतियोगिता के दौरान भाग लेने वाले सैनिक कठिन पहाड़ी मार्ग, बाधा दौड़, जलवायु-संबंधी चुनौतियों और टीम आधारित मिशन में अपनी दक्षता का प्रदर्शन करेंगे। आयोजक अधिकारी बताते हैं कि यह आयोजन सिर्फ प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं है बल्कि रक्षा सहयोग, आपसी सम्मान और सैनिकों के बीच भाईचारे को बढ़ावा देने का अवसर भी प्रदान करेगा।

    मुख्य समन्वयक अधिकारियों ने कहा कि IMACC 2026 भारतीय सेना के लिए मित्र देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और खेल के माध्यम से विश्वास और सहयोग को बढ़ावा देने का एक शानदार अवसर है। इस आयोजन के माध्यम से भारत न केवल आधुनिक सैन्य कौशल का प्रदर्शन करेगा, बल्कि एशिया और विश्व स्तर पर सैन्य प्रशिक्षण और सहयोग में अपनी भूमिका को भी और सुदृढ़ करेगा।

    इस पहले IMACC आयोजन की मेजबानी कर भारतीय सेना ने अपने सैन्य संबंधों को मजबूत करते हुए खेल के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मित्रता और सामूहिक साहसिक कौशल के महत्व को उजागर किया है।

  • लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने श्रीमती सरोजिनी नायडू की जयंती पर दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में सम्मान और स्मरण

    लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने श्रीमती सरोजिनी नायडू की जयंती पर दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में सम्मान और स्मरण


    नई दिल्ली । आज 13 फरवरी 2026 को संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने हमारे देश की महान स्वतंत्रता सेनानी कवयित्री तथा समाज सुधारक श्रीमती सरोजिनी नायडू की जयंती के अवसर पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर गहरी श्रद्धा व्यक्त की। इस भावपूर्ण कार्यक्रम में राज्य सभा के उपसभापति श्री हरिवंश कई संसद सदस्य पूर्व सदस्य और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे और उन्होंने भी सरोजिनी नायडू को याद करते हुए उनके योगदान को सम्मान दिया।

    लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि सरोजिनी नायडू ने न केवल स्वतंत्रता संग्राम में एक प्रखर भूमिका निभाई बल्कि उन्होंने अपनी कविताओं वक्तृत्व और महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किया। उन्हें भारत कोकिला के नाम से भी संबोधित किया जाता है जो उनकी साहित्यिक प्रतिभा और देशभक्ति की भावना का प्रतीक है।

    उपस्थित गणमान्य लोगों की मौजूदगी से सजी संविधान सदन की केंद्रीय कक्ष में पुष्पांजलि अर्पण की यह रस्म बेहद गंभीर और सम्मानपूर्वक संपन्न हुई। लोक सभा महासचिव श्री उत्पल कुमार सिंह ने भी श्रीमती सरोजिनी नायडू के चित्र पर श्रद्धांजलि दी जबकि कई सांसदों ने उनके जीवन विचारों और सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला।

    सरोजिनी नायडू का जन्म 13 फरवरी 1879 को हैदराबाद में हुआ था। वे एक प्रतिभाशाली वक्ता सुप्रसिद्ध कवयित्री और प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थीं जिन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की। उनके नेतृत्व लेखन और देशप्रेम ने महिलाओं के शिक्षा और सशक्तिकरण को एक नई दिशा प्रदान की। उन्होंने दिल्ली में लेडी इरविन कॉलेज फॉर विमेन की स्थापना की जिससे उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिला।

    स्वतंत्रता के बाद श्रीमती सरोजिनी नायडू ने संयुक्त प्रांत अब उत्तर प्रदेश की पहली महिला राज्यपाल के रूप में भी सेवा की। उनका जीवन देश की सेवा के प्रति समर्पण और समाज की भलाई के लिए निरंतर प्रयास का आदर्श रहा है। वे महिलाओं के अधिकारों और समानता की प्रबल समर्थक थीं जिनके विचार आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

    विशेष रूप से यह भी उल्लेखनीय है कि पहले भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 16 दिसंबर 1959 को संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में सरोजिनी नायडू के चित्र का अनावरण किया था जो उनके योगदान और स्मरण को स्थायी रूप से सम्मानित करता है।

    इस अनुष्ठान में सदन के नेताओं ने उनके साहित्यिक सामाजिक और राजनीतिक योगदान को याद करते हुए कहा कि सरोजिनी नायडू का जीवन और कार्य भारतीय जनता के लिए आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं। इस कार्यक्रम ने न केवल उनके स्मरण को सम्मान दिया बल्कि यह याद दिलाया कि स्वतंत्रता और सामाजिक समानता के प्रति उनके आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक और प्रेरणादायी हैं।

  • हाइवा ने बाइक सवार दो युवकों को कुचला, गुस्साए ग्रामीणों ने चालक को पीटा, पुलिस पर किया पथराव

    हाइवा ने बाइक सवार दो युवकों को कुचला, गुस्साए ग्रामीणों ने चालक को पीटा, पुलिस पर किया पथराव

    कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले के स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र में गुरुवार रात बंधी रेलवे फाटक के पास एक तेज रफ्तार हाइवा ने बाइक सवार दो युवकों को कुचल दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने हाइवा चालक की पिटाई की और मौके पर पहुंची पुलिस टीम पर भी हमला कर दिया।

    जानकारी के अनुसार, गुरुवार की रात करीब 7 बजे बंधी स्टेशन के पास रेलवे फाटक की ओर से बाइक से आ रहे आ रहे राजेंद्र कोल (30) और राजा भैया कोल (30) को बेकाबू हाइवा ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दोनों युवक धरवारा गांव के रहने वाले थे। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजन और सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतर आए।

    घटना के बाद गुस्सा इतना ज्यादा था कि जब डायल 112 वाहन मौके पर पहुंचा, तो भीड़ ने उस पर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में वाहन में सवार दो पुलिसकर्मी और पायलट को चोट आईं। पुलिसकर्मियों को जान बचाकर वहां से भागना पड़ा। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने पकड़े गए हाइवा चालक के साथ भी मारपीट की।

    तनावपूर्ण स्थिति की सूचना मिलते ही एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी, स्लीमनाबाद थाना प्रभारी सुदेश सुमन और माधवनगर थाना प्रभारी संजय दुबे भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को काफी देर तक समझाया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया, तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी ने बताया कि हाइवा को जब्त कर लिया गया है और चालक को हिरासत में ले लिया गया है। भीड़ के हमले में दो पुलिसकर्मियों और वाहन पायलट को चोट आई हैं, हालांकि अब स्थिति नियंत्रण में है। एहतियात के तौर पर गांव में देर रात तक पुलिस बल तैनात रखा गया है।

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 फरवरी को असम दौरे पर विकास परियोजनाओं का शुभारंभ, ईएलएफ पर ऐतिहासिक लैंडिंग और रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर को देंगे नई दिशा

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 फरवरी को असम दौरे पर विकास परियोजनाओं का शुभारंभ, ईएलएफ पर ऐतिहासिक लैंडिंग और रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर को देंगे नई दिशा


    नई दिल्ली । देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 फरवरी 2026 को असम के एक व्यापक और महत्वपूर्ण विकास दौरे पर रहेंगे जो पूरे पूर्वोत्तर भारत में रणनीतिक आर्थिक और सामाजिक प्रगति को नई गति देगा। प्रधानमंत्री का यह दौरा सुबह लगभग 10:30 बजे डिब्रूगढ़ के मोरान बाईपास पर स्थित आपातकालीन लैंडिंग सुविधा ईएलएफ पर उनके विमान के उतरने के साथ शुरू होगा जहाँ वे लड़ाकू विमानों परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों के एरियल डिस्प्ले का अवलोकन करेंगे।

    यह ईएलएफ पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की पहली आपातकालीन लैंडिंग सुविधा है जिसे भारतीय वायुसेना के समन्वय से डिज़ाइन और निर्मित किया गया है। यह सुविधा न केवल सैन्य और नागरिक विमानों के उतार चढ़ाव को सक्षम करेगी बल्कि प्राकृतिक आपदाओं या रणनीतिक आवश्यकताओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों की त्वरित तैनाती को भी सुनिश्चित करेगी। इस ड्यूल यूज़ इंफ्रास्ट्रक्चर में 40 टन तक के लड़ाकू विमान और 74 टन अधिकतम टेक ऑफ वजन वाले परिवहन विमान आसानी से संचालित हो सकते हैं जिससे क्षेत्र की सामरिक क्षमता और आपदा प्रतिक्रिया सुदृढ़ होगी।

    डिब्रूगढ़ कार्यक्रम के पश्चात् प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 1 बजे ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन और निरीक्षण करेंगे। लगभग 3,030 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह 6 लेन एक्स्ट्राडोज्ड प्रेस्ट्रेस्ड कंक्रीट पीएससी पुल गुवाहाटी को उत्तर गुवाहाटी से जोड़ता है और पूर्वोत्तर भारत का पहला ऐसा पुल है। यह पुल यात्रा समय को मात्र 7 मिनट तक घटाएगा और क्षेत्र की कनेक्टिविटी में एक बड़ी क्रांति लाएगा। भूकंपीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए इसमें फ्रिक्शन पेंडुलम बियरिंग्स के साथ बेस आइसोलेशन तकनीक का प्रयोग किया गया है और ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम सुरक्षा तथा दीर्घकालिक विश्वसनीयता सुनिश्चित करेगा।

    तत्पश्चात् दोपहर लगभग 1:30 बजे प्रधानमंत्री गुवाहाटी के लचित घाट पर एक मुख्य समारोह में 5,450 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ करेंगे। इनमें प्रधानमंत्री ईबस सेवा योजना के अंतर्गत 225 इलेक्ट्रिक बसों का हरी झंडी दिखाकर रवाना करना शामिल है जिससे चार प्रमुख शहरों गुवाहाटी नागपुर भावनगर और चंडीगढ़ में स्वच्छ सुलभ और किफायती सार्वजनिक परिवहन सेवाएँ शुरू होंगी।

    प्रधानमंत्री मोदी असम के कामरूप जिले के अमिंगाँव में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय डेटा केंद्र का भी उद्घाटन करेंगे जिसकी स्वीकृत क्षमता 8.5 मेगावॉट है और यह मिशन क्रिटिकल एप्लिकेशन होस्ट करेगा साथ ही डिजास्टर रिकवरी केंद्र के रूप में कार्य करेगा। इससे पूर्वोत्तर की सरकारी और नागरिक डिजिटल सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

    डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण के अनुरूप प्रधानमंत्री आईआईएम गुवाहाटी का भी उद्घाटन करेंगे जिससे उच्च शिक्षा और प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रोत्साहन मिलेगा। यह संस्थान पूर्वोत्तर के युवाओं को नेतृत्व और उद्यमिता के अवसर प्रदान करेगा।  इस व्यापक दौरे के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी न केवल पूर्वोत्तर को रणनीतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर का उद्घाटन कर रहे हैं बल्कि क्षेत्र की सामाजिक आर्थिक और तकनीकी प्रगति को भी नई ऊँचाइयों तक ले जाने का संकल्प व्यक्त कर रहे हैं।

  • Valentine Day 2026: दिल्ली-NCR के इन 7 रोमांटिक ठिकानों पर सजाएं प्यार की शाम, कपल्स के लिए परफेक्ट डेट स्पॉट्स

    Valentine Day 2026: दिल्ली-NCR के इन 7 रोमांटिक ठिकानों पर सजाएं प्यार की शाम, कपल्स के लिए परफेक्ट डेट स्पॉट्स



    नई दिल्ली। वैलेंटाइन डे आते ही कपल्स ऐसी जगह की तलाश में रहते हैं, जहां वे भीड़भाड़ से दूर सुकून भरे पल बिता सकें या फिर शानदार डिनर और म्यूजिक के साथ अपनी डेट को खास बना सकें। दिल्ली-एनसीआर में ऐसे कई लोकेशन हैं जो हर तरह के कपलनेचर लवर, हिस्ट्री प्रेमी या पार्टी एंथूज़ियास्टके लिए बेहतरीन विकल्प देते हैं। आइए जानते हैं 7 ऐसी लोकप्रिय जगहों के बारे में, जहां आप इस वैलेंटाइन डे को खास बना सकते हैं।

    1. हरियाली के बीच सुकून भरी डेट
    अगर आप शांत और प्राकृतिक माहौल में समय बिताना चाहते हैं, तो लोधी गार्डन और Garden of Five Senses बेहतरीन विकल्प हैं। ऐतिहासिक मकबरों के बीच फैली हरियाली और खुले लॉन यहां रोमांटिक वॉक और लंबी बातचीत के लिए आदर्श माहौल बनाते हैं।

    2. इतिहास की खूबसूरती के साथ रोमांस
    दिल्ली की ऐतिहासिक धरोहरें भी डेट के लिए शानदार बैकड्रॉप देती हैं। हुमायूं का मकबरा, कुतुब मीनार और लाल किला जैसी यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स पर आप इतिहास और रोमांस का अनोखा संगम महसूस कर सकते हैं।

    3. हौज खास विलेज का ट्रेंडी माहौल
    झील किनारे की शाम और कैफे कल्चर का आनंद लेना हो तो हौज खास विलेज बढ़िया ऑप्शन है। यहां रूफटॉप रेस्टोरेंट, लाइव म्यूजिक और आर्टिस्टिक वाइब्स आपकी डेट को स्टाइलिश टच देते हैं।

    4. साइबर हब, गुरुग्राम में मॉडर्न डेट
    अगर आप इंटरनेशनल फूड, थीम कैफे और हाई-एनर्जी म्यूजिक का मजा लेना चाहते हैं, तो DLF Cyber Hub पर जा सकते हैं। यहां की नाइटलाइफ और प्रीमियम रेस्टोरेंट्स कपल्स के बीच काफी लोकप्रिय हैं।

    5. कनॉट प्लेस की क्लासिक रोमांटिक शाम
    दिल्ली का दिल कहे जाने वाला कनॉट प्लेस आज भी कपल्स की पहली पसंद में शामिल है। यहां के कैफे, रेस्टोरेंट और सेंट्रल पार्क का खुला माहौल डेट के लिए शानदार अनुभव देता है।

    6. नोएडा का गार्डन गैलेरिया
    नोएडा में रहने वाले कपल्स के लिए गार्डन गैलेरिया मॉल एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है। यहां क्लब, लाइव म्यूजिक और मल्टी-क्यूज़ीन रेस्टोरेंट्स के साथ आप डिनर डेट को यादगार बना सकते हैं।

    7. गुरुग्राम सेक्टर-29 की पार्टी वाइब
    अगर आप डांस, म्यूजिक और पार्टी के शौकीन हैं, तो सेक्टर 29 जाएं। यहां कई पॉपुलर क्लब और रेस्टोरेंट एक ही जगह पर मौजूद हैं, जिससे आपकी वैलेंटाइन नाइट और भी खास बन सकती है।

    दिल्ली-एनसीआर में वैलेंटाइन डे मनाने के लिए विकल्पों की कोई कमी नहीं है। चाहे आप शांत गार्डन में सुकून चाहते हों, ऐतिहासिक इमारतों के बीच यादगार तस्वीरें लेना चाहते हों या फिर मॉडर्न कैफे और क्लब में पार्टी करना चाहते होंहर कपल के लिए यहां एक परफेक्ट स्पॉट मौजूद है। बस अपनी पसंद चुनिए और इस वैलेंटाइन डे को बनाइए बेहद खास।

  • इंडिया-इजरायल एआई समिट 2026: खेती, डिजिटल नवाचार और जिम्मेदार एआई पर ध्यान

    इंडिया-इजरायल एआई समिट 2026: खेती, डिजिटल नवाचार और जिम्मेदार एआई पर ध्यान

    नई दिल्ली: भारत और इजरायल अगले सप्ताह होने वाले ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में एआई सहयोग को और मजबूत करने जा रहे हैं। दोनों देशों का सहयोग खेती, जलवायु नवाचार, डिजिटल बदलाव और भविष्य के लिए जरूरी कौशल तैयार करने जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित होगा। नई दिल्ली स्थित इजरायल दूतावास ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की।

    समिट में इजरायल से उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत आएगा। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पूर्व राजदूत और ईडीटीएस नीति समन्वयक इलान फ्लस करेंगे। दल में सरकारी अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, शोधकर्ता और नीति विशेषज्ञ शामिल हैं। उनका उद्देश्य एआई, जलवायु लचीलापन, ईएसजी निवेश, डिजिटल शासन और जिम्मेदार नवाचार में इजरायल-भारत सहयोग को गहरा करना है।

    इलान फ्लस ने बयान में कहा कि एआई जब दुनिया को बदल रहा है, तब भारत और इजरायल की जिम्मेदारी है कि नवाचार को नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी यह दिखाती है कि उन्नत तकनीक और मानवीय मूल्यों को साथ लेकर कैसे प्रगति की जा सकती है। उनका कहना है कि यह समिट दोनों देशों के रिश्तों में नए अध्याय की शुरुआत होगी।

    समिट में एआई के जरिए जलवायु परिवर्तन से निपटने, सटीक खेती, डिजिटल ढांचे, रोजगार में बदलाव और नई तकनीकों के जिम्मेदार उपयोग जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा टिकाऊ विकास के लिए नए निवेश मॉडल और सरकारी-निजी भागीदारी पर भी विचार किया जाएगा।

    इजरायली दूतावास की इनोवेशन अटैची माया शेरमैन ने कहा कि भारत और इजरायल दोनों ऐसी तकनीक में विश्वास रखते हैं जो लोगों के हित में काम करे। उन्होंने कहा कि समिट दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को और मजबूत करेगा।

    समिट से पहले ही दूतावास ने शिक्षा, उद्योग और सरकार से जुड़े विशेषज्ञों के बीच बातचीत बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए हैं। मुख्य समिट कार्यक्रम भारत मंडपम में आयोजित होंगे। इस दौरान दूतावास भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रोपड़ (IIT-Ropar), धीरूभाई अंबानी विश्वविद्यालय और तकनीकी नीति थिंक-टैंक द डायलॉग के साथ मिलकर एआई और नई तकनीकों में सहयोग को आगे बढ़ाएगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह समिट न केवल तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देगा बल्कि भारत और इजरायल के बीच ज्ञान, शोध और नीति निर्माण में भी साझेदारी को मजबूती देगा। कृषि, शिक्षा और डिजिटल क्षेत्रों में इस सहयोग से छोटे और बड़े व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही, युवा वर्ग को भविष्य के लिए तैयार करने और जिम्मेदार एआई के उपयोग को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।इस समिट से दोनों देशों के लिए यह संदेश जाएगा कि एआई और डिजिटल नवाचार को मानवीय मूल्यों के साथ लागू किया जा सकता है, जिससे सतत और समावेशी विकास को बल मिलेगा।

  • उज्जैन में महाशिवरात्रि से आरंभ होगा विक्रमोत्सव

    उज्जैन में महाशिवरात्रि से आरंभ होगा विक्रमोत्सव

    उज्जैन। विक्रमोत्सव 2026 का शुभारंभ उज्जैन में महाशिवरात्रि पर्व से होगा। यह महोत्सव देश-दुनिया में आयोजित होने वाला सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का अनूठा उत्सव होगा। महाशिवरात्रि पर प्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम की प्रस्तुति शिवोऽहम से होगी। विक्रमोत्सव में इस वर्ष सबसे महत्वपूर्ण और देश का सबसे बड़ा सम्मान ‘सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय सम्मान’ आकर्षण का केंद्र होगा। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक एवं मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी ने बताया कि विक्रमोत्सव की शुरूआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 2006 में की गयी थी। आज यह महोत्सव अंतरराष्ट्रीय स्तर का हो चला है। इस आयोजन में अब तक अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकारों की प्रस्तुतियां हो चुकी है। इस वर्ष टॉप रेंकिंग कलाकार प्रीतम 15 फरवरी को अपनी प्रस्तुति के लिए आ रहे हैं। इसी प्रकार हिंदू नववर्ष चैत्र प्रतिपदा 19 मार्च को विशाल मिश्रा अपने बैंड के साथ प्रस्तुति देने आएंगे।

    श्री तिवारी ने बताया कि महोत्सव में 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियां शिवरात्रि मेलों का समारंभ, महाकाल वन मेला, कृषि मेला, कलश यात्रा, विक्रम व्यापार मेला, संगीत, नृत्य, वादन, शिवपुराण, अनादि पर्व, विक्रम नाट्य समोराह, पुतुल समारोह, संगीत का उद्भव और विकास पर केंद्रित अनहद वैचारिक समागम, चित्र प्रदर्शनियां, संगोष्ठी, विक्रमादित्य का न्याय समागम, भारतीय इतिहास समागम, राष्ट्रीय विज्ञान समागम, वेद अंताक्षरी, कोटि सूर्योपासना, शिल्प कला कार्यशाला, प्रकाशन लोकार्पण, पौराणिक फिल्मों का अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, बोलियों एवं हिन्दी रचनाओं का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर मातृशक्ति कवयित्री सम्मेलन, ड्रोन शो आदि शामिल है।

    यह महत्वपूर्ण गतिविधियां सम्पन्न होंगी आयोजन के दौरान

    * महाशिवरात्रि पर प्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में मेलो का आयोजन होगा,जिसमें मंदिरों की साजसज्जा, साफ-सफाई एवं सांस्कृतिक गतिविधियां प्रमुख हैं।

    * विक्रमोत्सव अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ परिसर एवं कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक, जनजातीय विषयों पर 7 विभिन्न प्रदर्शनियां लगेंगी। जिसमें सम्राट विक्रमादित्य और अयोध्या, आर्ष भारत, महाभारतकालीन अस्त्र-शस्त्र, चक्रव्यूह, पताकाएं, शंख, 84 महादेव, जनजातीय देवलोक, श्रीकृष्ण प्रभात एवं रागमाला प्रमुख है। इन प्रदर्शनियों को महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा तैयार किया गया है।

    * राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुकी नाट्य प्रस्तुतियों पर केन्द्रित दस दिवसीय विक्रम नाट्य समारोह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा तैयार की गई प्रस्तुतियों जटायुवध, चारूदत्तम, भरतवाक्य, जाति जीवन, अभिज्ञान शाकुन्तलम् और चतुर्भाणी शामिल है। अंधायुग, भूमि सूर्य वीरगाथा, आदि-अनंत, अभंग नाद, सौगंधिकाहरणं का भी मंचन होगा।

  • राजधानी को दहलाने वाला 'थार रेप केस': आरोपी माज और ओसाफ की मोबाइल लोकेशन ने खोली पोल, सीडीआर से पुख्ता हुई गुनाह की साजिश

    राजधानी को दहलाने वाला 'थार रेप केस': आरोपी माज और ओसाफ की मोबाइल लोकेशन ने खोली पोल, सीडीआर से पुख्ता हुई गुनाह की साजिश


    भोपाल के खानूगांव में 11वीं कक्षा की एक नाबालिग हिंदू छात्रा के साथ हुई दरिंदगी के मामले में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस सनसनीखेज कांड के मुख्य किरदारों मोहम्मद माज खान और ओसाफ अली खान की घेराबंदी अब एसआईटी SIT ने तेज कर दी है। जांच में तकनीकी साक्ष्यों विशेषकर सीडीआर Call Detail Record से यह पुख्ता हो गया है कि घटना के वक्त दोनों आरोपी एक ही स्थान पर मौजूद थे। पुलिस की तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि जब ओसाफ अली खान लग्जरी थार कार के भीतर नाबालिग से दुष्कर्म कर रहा था तब माज खान बाहर पहरा दे रहा था। इतना ही नहीं माज ने न केवल बाहर से इस कृत्य का वीडियो बनाया बल्कि छात्रा को अश्लील मैसेज भेजकर छेड़छाड़ भी की।

    आरोपी माज खान जो खुद को एक प्रतिष्ठित जिम का संचालक और बिल्डर बताता है ने पूछताछ में कबूला है कि उसने पूरी घटना की प्लानिंग पहले ही कर ली थी। उसने चोरी-छिपे बनाए गए वीडियो के जरिए छात्रा को ब्लैकमेल किया और उसकी इज्जत नीलाम करने की धमकी देकर उससे 40 हजार रुपए भी वसूले। पुलिस ने उस थार कार को सीहोर के एक गांव से बरामद कर लिया है जिसका इस्तेमाल इस जघन्य अपराध में किया गया था। इसके अलावा तीन अन्य लग्जरी कारें भी जब्त की गई हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने साक्ष्य मिटाने के लिए उस आईफोन को राजस्थान के जंगलों में तोड़कर फेंकने का दावा किया है जिससे वीडियो शूट किया गया था।

    इस मामले के तार पुलिस विभाग के भीतर फैले भ्रष्टाचार से भी जुड़े नजर आ रहे हैं। कोहेफिजा थाने के प्रधान आरक्षक ज्ञानेंद्र दिवेदी को इस मामले में सस्पेंड कर दिया गया है। आरोप है कि उसने महज 50 हजार रुपए की रिश्वत लेकर आरोपी माज को गोपनीय सूचनाएं लीक कीं और उसके साथ होटल में लंच किया जिसकी वजह से उसकी गिरफ्तारी में देरी हुई। अब ज्ञानेंद्र के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो चुकी है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी अंकिता खातरकर के नेतृत्व में चार सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। टीम अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि क्या इन आरोपियों ने अन्य लड़कियों को भी अपना शिकार बनाया है। साथ ही माज और उसके भाई मोनिस के पास महज 8-10 वर्षों में आई करोड़ों की संपत्ति भी जांच के दायरे में है। मोनिस पहले से ही एमडी ड्रग की तस्करी के मामले में जमानत पर है। पुलिस अब धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम पॉस्को और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कस रही है ताकि इस संगठित अपराध के सिंडिकेट को जड़ से खत्म किया जा सके।