Author: bharati

  • अधिकमास 2026 की शुरुआत: विवाह और मुंडन पर विराम, पूजा-पाठ रहेगा फलदायी

    अधिकमास 2026 की शुरुआत: विवाह और मुंडन पर विराम, पूजा-पाठ रहेगा फलदायी


    नई दिल्ली । हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार ज्येष्ठ मास में ही अधिकमास लग रहा है, जिसके कारण यह महीना सामान्य 30 दिनों का न होकर लगभग 60 दिनों तक चलेगा। 16 मई तक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष रहेगा और 17 मई से अधिकमास की शुरुआत होगी। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है क्योंकि यह भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस समय में किए गए धार्मिक कार्य कई गुना फल देते हैं।

    अधिकमास 2026 की तारीखें
     प्रारंभ: 17 मई 2026
    समाप्ति: 15 जून 2026
    सामान्य ज्येष्ठ मास: 22 मई से 29 जून 2026
    विशेष स्थिति: दोनों मास एक-दूसरे के साथ ओवरलैप करेंगे
    यह वर्ष 13 महीनों का माना जाएगा (हिंदू पंचांग अनुसार)
    कौन से कार्य रहेंगे वर्जित?

    अधिकमास को धार्मिक दृष्टि से “मलमास” भी कहा जाता है, इसलिए इस अवधि में कुछ मांगलिक कार्य नहीं किए जाते:
    विवाह संस्कार
    गृह प्रवेश
    मुंडन
    जनेऊ संस्कार
    नया व्यापार या शुभ शुरुआत
    मान्यता है कि इस समय किए गए शुभ कार्यों का अपेक्षित फल नहीं मिलता।

     अधिकमास में क्या करना शुभ माना जाता है?
    इस पवित्र महीने में धार्मिक कार्यों का विशेष महत्व होता है:

    पूजा-पाठ और मंत्र जाप
    भगवान विष्णु की आराधना
    सत्यनारायण कथा
    “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र जाप
    श्रीमद्भागवत और रामायण पाठ

     दान-पुण्य
    अनाज, कपड़े और धन का दान
    गरीबों और जरूरतमंदों की मदद
    मंदिरों में दान
    गायों को भोजन कराना
    विशेष धार्मिक कार्य
    तीर्थ स्नान
    शिवलिंग पर अभिषेक
    यज्ञ और अनुष्ठान
    ब्रजभूमि और तीर्थ स्थलों की यात्रा
    अधिकमास का धार्मिक महत्
    मान्यता है कि सौर और चंद्र कैलेंडर के अंतर को संतुलित करने के लिए हर कुछ वर्षों में एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है। इसी कारण इसे अधिकमास कहा जाता है।

    कथा के अनुसार, जब महीनों का बंटवारा हुआ तो अधिकमास को स्थान नहीं मिला, तब भगवान विष्णु ने इसे “पुरुषोत्तम मास” का नाम देकर अपना प्रिय मास घोषित किया।

    अधिकमास 2026 आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण समय है। यह अवधि भले ही मांगलिक कार्यों के लिए वर्जित हो, लेकिन पूजा, तप, दान और सेवा के लिए इसे सबसे शुभ माना गया है। जो लोग इस दौरान भक्ति और संयम से जीवन व्यतीत करते हैं, उन्हें विशेष आध्यात्मिक फल प्राप्त होता है।

  • शनिवार की सुबह करें ये 3 काम, दूर होंगी परेशानियां और बढ़ेगी सफलता

    शनिवार की सुबह करें ये 3 काम, दूर होंगी परेशानियां और बढ़ेगी सफलता


    नई दिल्ली । शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार इस दिन सुबह कुछ सरल उपाय करने से जीवन में चल रही रुकावटें कम होती हैं और रुके हुए कामों में गति आने लगती है।

     1. घर के मुख्य द्वार की साफ-सफाई करें
    वास्तु शास्त्र में मुख्य द्वार को ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना गया है।
    अगर यह जगह साफ और व्यवस्थित रहती है तो घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

    क्या करें:
    सुबह उठकर दरवाजे की अच्छे से सफाई करें
    पानी छिड़ककर हल्के कपड़े से पोछा लगाएं
    चाहें तो हल्दी या कुमकुम से शुभ चिन्ह बनाएं

     2. पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाए
    शनिवार को पीपल के पेड़ का विशेष महत्व माना जाता है।

    क्या करें:
    स्नान के बाद सरसों के तेल का दीपक जलाएं
    दीपक जलाते समय मन शांत रखें और अच्छी कामना करें
    यदि पेड़ न मिले तो घर के मंदिर में दीपक जला सकते हैं

     3. घर के कोनों से बेकार सामान हटाएं
    घर के कोनों में जमा कबाड़ और पुरानी चीजें नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाती हैं।

    क्या करें:
    टूटे-फूटे सामान को हटा दें
    कोनों की अच्छे से सफाई करें
    घर को खुला और व्यवस्थित रखें
    इससे घर हल्का और सकारात्मक महसूस होता है।

    शनिवार की सुबह किए गए ये छोटे-छोटे उपाय जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। साफ-सफाई, सकारात्मक सोच और श्रद्धा के साथ किए गए ये काम घर में शांति और स्थिरता लाने में मदद करते हैं।

  • 16 मई 2026 आज का राशिफल: किस राशि को मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सतर्क

    16 मई 2026 आज का राशिफल: किस राशि को मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सतर्क


    नई दिल्ली । 16 मई 2026, शनिवार आज का दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल के अनुसार कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आ रहा है, जबकि कुछ लोगों को काम, स्वास्थ्य और रिश्तों में सावधानी बरतनी पड़ सकती है। शनिवार होने के कारण Hanuman और Shani Dev की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का राशिफल।

    मेष राशि
    दिन भागदौड़ भरा रहेगा लेकिन मेहनत का अच्छा फल मिलेगा। ऑफिस में तारीफ हो सकती है। पुराने संपर्क से लाभ मिलेगा। खर्च बढ़ सकते हैं। रिश्तों में धैर्य रखें।

    वृषभ राशि
    कामकाज में सुधार होगा और रुका पैसा वापस मिल सकता है। परिवार का सहयोग मिलेगा। सेहत में आंखों की जलन या कमजोरी परेशान कर सकती है।

    मिथुन राशि
    मानसिक तनाव कम होगा। नौकरी और बिजनेस में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। मीडिया और टीचिंग से जुड़े लोगों को फायदा होगा।

    कर्क राश
    रुके काम पूरे होने के योग हैं। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा।

    सिंह राशि
    काम का दबाव बढ़ सकता है। ऑफिस में विरोधियों से सतर्क रहें। निवेश से फायदा होगा लेकिन जल्दबाजी नुकसान दे सकती है।

    कन्या राशि
    दिन फायदेमंद रहेगा। नौकरी और बिजनेस दोनों में सफलता मिलेगी। रुका हुआ पैसा मिलने के संकेत हैं। रिश्तों में मिठास बनी रहेगी।

    तुला राशि
    दिन व्यस्त रहेगा। नौकरी बदलने का विचार बन सकता है। खर्च बढ़ेंगे। रिश्तों में गलतफहमियों से बचने की जरूरत है।

    वृश्चिक राशि
    भावनात्मक उतार-चढ़ाव रह सकते हैं। ऑफिस में तारीफ मिलेगी लेकिन गुस्से पर कंट्रोल रखना जरूरी होगा।

    धनु राशि
    रुके हुए काम पूरे होंगे। धन लाभ के योग हैं। परिवार और पार्टनर का सहयोग मिलेगा। सेहत पहले से बेहतर रहेगी।

    मकर राशि
    मेहनत का फायदा मिलेगा लेकिन खर्च बढ़ सकते हैं। ऑफिस में बोलचाल में सावधानी रखें। आराम की कमी से थकान रह सकती है।

    कुंभ राशि
    काम में सफलता मिलेगी। सीनियर खुश रहेंगे। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।

    मीन राशि
    भावुकता ज्यादा रह सकती है। नौकरी और बिजनेस में नए मौके मिलेंगे। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।

  • शनि साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत के लिए करें ये ज्योतिषीय उपाय

    शनि साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत के लिए करें ये ज्योतिषीय उपाय


    नई दिल्ली । शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव को समर्पित माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार शनिदेव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। अगर कर्म अच्छे हों तो जीवन में सफलता मिलती है, लेकिन गलत कर्मों के कारण शनि की ढैय्या और साढ़ेसाती के प्रभाव से जीवन में संघर्ष बढ़ सकता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शनिवार का व्रत और विशेष उपाय करने से शनि दोष का प्रभाव काफी हद तक कम होता है और जीवन में अनुशासन, धैर्य और स्थिरता आती है।

    ढैय्या और साढ़ेसाती का प्रभाव क्या होता है?
    जब किसी व्यक्ति पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चलती है, तो उसे आर्थिक समस्याएं, नौकरी में बाधा, मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह और मान-सम्मान में कमी जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। ज्योतिष शास्त्र में माना गया है कि इस समय शनिवार का व्रत रखने से शनि के अशुभ प्रभाव को शांत किया जा सकता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगते हैं।

    शनिवार व्रत का महत्व
    शनिदेव को कर्मफलदाता कहा गया है। उनका व्रत व्यक्ति को सही दिशा में चलने की प्रेरणा देता है। यह व्रत केवल कष्ट दूर करने के लिए नहीं बल्कि जीवन में संयम, अनुशासन और धैर्य बढ़ाने के लिए भी महत्वपूर्ण माना गया है। लाल किताब और पारंपरिक ज्योतिष के अनुसार, शनिदेव की कृपा से पुराने रोग, कर्ज और कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में भी धीरे-धीरे राहत मिलती है।

    शनिवार व्रत और पूजा विध
    शनिवार के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और पूजा स्थल को स्वच्छ करें। इसके बाद शनिदेव की प्रतिमा या शनि यंत्र स्थापित करें। पूजा के दौरान “ॐ शं शनैश्चराय नमः” और “ॐ सूर्यपुत्राय नमः” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। शनिदेव को काले तिल, काले वस्त्र और सरसों का तेल अर्पित करें। सरसों के तेल का दीपक जलाना भी विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। इसके बाद शनि चालीसा का पाठ करें और आरती करें। व्रत के दौरान सादे भोजन का सेवन करना उत्तम माना गया है।

    पीपल पूजन और विशेष उपाय
    मान्यता है कि पीपल के वृक्ष में शनिदेव का वास होता है। ऐसे में हर शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और उसकी परिक्रमा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ ही जरूरतमंदों को काले तिल, काले कपड़े, उड़द दाल और तेल का दान करने से शनि दोष में कमी आती है।

    शनिवार व्रत केवल धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि जीवन में संतुलन और अनुशासन लाने का माध्यम माना जाता है। श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए उपायों से शनि के अशुभ प्रभाव को कम कर जीवन में स्थिरता, सफलता और शांति प्राप्त की जा सकती है।

  • टैरो राशिफल 16 मई: किस्मत बदलेगी इन राशियों की, मिलेगा धन और सफलता का संकेत

    टैरो राशिफल 16 मई: किस्मत बदलेगी इन राशियों की, मिलेगा धन और सफलता का संकेत


    नई दिल्ली । 16 मई 2026 का दिन टैरो कार्ड रीडिंग के अनुसार सभी राशियों के लिए अलग-अलग परिणाम लेकर आया है। कहीं आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं तो कहीं स्वास्थ्य और रिश्तों में सतर्क रहने की जरूरत है। प्रसिद्ध टैरो एक्सपर्ट के अनुसार आज का दिन कर्म, धैर्य और समझदारी से फैसले लेने का है।

    मेष से मीन तक टैरो राशिफल

    मेष राशि
    मेष राशि वालों को आज दोस्तों और रिश्तेदारों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आर्थिक मामलों में नुकसान की स्थिति बन सकती है, इसलिए बचत पर ध्यान दें।

    वृषभ राशि
    वृषभ राशि के जातकों को मानसिक तनाव और निर्णय लेने में कठिनाई हो सकती है। किसी पर आंख मूंदकर भरोसा करना नुकसानदायक साबित हो सकता है।

    मिथुन राशि
    व्यापारियों और उद्यमियों के लिए दिन चुनौतीपूर्ण रहेगा, लेकिन किया गया निवेश भविष्य में लाभ दे सकता है।

    कर्क राशि
    कर्क राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों में दिन शुभ है। नई योजनाएं सफल हो सकती हैं और लाभ के योग बन रहे हैं।

    सिंह राशि
    सिंह राशि के लोगों के लिए सहयोग और साझेदारी के कार्य लाभदायक रहेंगे। नौकरी में तरक्की के संकेत भी हैं।

    कन्या राशि
    सेहत को लेकर सावधानी जरूरी है। सर्दी-जुकाम और संक्रमण की संभावना है। पारिवारिक तनाव भी हो सकता है।

    तुला राशि
    मेहनत का पूरा फल मिलेगा। तरक्की के नए रास्ते खुल सकते हैं, हालांकि स्वास्थ्य और दवाओं पर खर्च बढ़ सकता है।

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि वालों को विदेश या दूर स्थान से रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। निवेश से लाभ और धार्मिक रुचि बढ़ेगी।

    धनु राशि
    आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव रहेगा। चुनौतियां आएंगी लेकिन आप उनसे बाहर निकलने में सफल रहेंगे।

    मकर राशि
    विद्यार्थियों के लिए दिन बेहद शुभ है। किसी अच्छी खबर से मन प्रसन्न रहेगा और भविष्य को लेकर सकारात्मकता बढ़ेगी।

     कुंभ राशि
    सेहत को लेकर सतर्क रहें। पारिवारिक विवाद की स्थिति बन सकती है, इसलिए क्रोध पर नियंत्रण रखें।

    मीन राशि
    बातचीत में सावधानी जरूरी है। गलत शब्दों से अवसर हाथ से निकल सकते हैं, इसलिए सोच-समझकर बोलें।

    16 मई 2026 का टैरो राशिफल संकेत देता है कि यह दिन कुछ राशियों के लिए आर्थिक और शैक्षणिक रूप से लाभकारी रहेगा, जबकि कुछ को स्वास्थ्य और संबंधों में सावधानी बरतनी होगी। संयम और समझदारी से लिया गया निर्णय आज सफलता की कुंजी साबित होगा।

  • Rose Water for Skin: फायदे और गलतफहमियां-जानिए असली हकीकत

    Rose Water for Skin: फायदे और गलतफहमियां-जानिए असली हकीकत


    नई दिल्ली । गुलाब जल (Rose Water) को भारत में सदियों से “नेचुरल टोनर” और सौंदर्य का आसान उपाय माना जाता है। लेकिन आज के समय में सवाल यह है कि इसके फायदे कितने असली हैं और कितने पुराने सौंदर्य विश्वास (traditional beliefs) पर आधारित हैं।

     गुलाब जल: असली फायदे (Real Benefits)
    1. त्वचा को शांत करना (Soothing effect)
    गुलाब जल में हल्के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो जलन, लालपन और सनबर्न में राहत दे सकते हैं। यही कारण है कि इसे फेस टोनर की तरह इस्तेमाल किया जाता है।

    2. हल्का हाइड्रेशन
    यह त्वचा को तुरंत ठंडक और हल्की नमी देता है। बहुत ड्राई स्किन में यह अस्थायी राहत दे सकता है, लेकिन यह मॉइस्चराइज़र का पूरा विकल्प नहीं है।

    3. हल्का क्लेंज़िंग सपोर्ट
    गुलाब जल त्वचा की सतह की धूल और तेल को हल्का साफ करने में मदद कर सकता है, खासकर तब जब चेहरा पहले से साफ हो।

    4. खुशबू और रिलैक्सेशन
    इसकी प्राकृतिक खुशबू तनाव कम करने में मदद कर सकती है, जिससे स्किन-रूटीन थोड़ा रिलैक्सिंग महसूस होता है।

     पुराने सौंदर्य दावे (Traditional Beauty Beliefs)
     “चेहरे को गोरा बनाता है”
    यह दावा वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है। गुलाब जल त्वचा का रंग नहीं बदलता।

     “पिंपल्स हमेशा खत्म कर देता है”
    यह अकेले एक्ने का इलाज नहीं है। हल्का आराम दे सकता है, लेकिन एक्ने के लिए सही स्किनकेयर और जरूरत पड़ने पर डर्मेटोलॉजिस्ट जरूरी है।

     “एंटी-एजिंग का पूरा समाधान”
    गुलाब जल त्वचा को फ्रेश दिखा सकता है, लेकिन झुर्रियों को रोकने या खत्म करने की क्षमता सीमित है।

     असली तुलना: फायदा बनाम भ्रम
    सही उपयोग: टोनर, फ्रेशनेस, हल्की सूजन/जलन में राहत
    गलत उम्मीद: स्किन व्हाइटनिंग, पर्मानेंट एक्ने इलाज, एंटी-एजिंग सॉल्यूशन

    कैसे इस्तेमाल करें (Best Use)
    फेस वॉश के बाद कॉटन से लगाएं
    स्प्रे बोतल में डालकर टोनर की तरह इस्तेमाल करें
    गर्मी में फ्रिज में ठंडा करके इस्तेमाल करें
    चाहें तो फेस पैक में मिलाएं (मुल्तानी मिट्टी आदि)
    गुलाब जल एक अच्छा, सस्ता और सुरक्षित स्किन-सपोर्ट प्रोडक्ट है, लेकिन यह “जादुई इलाज” नहीं है। इसे बेसिक स्किनकेयर का हिस्सा मानना सही है, पूरी स्किन प्रॉब्लम का समाधान नहीं।
  • बकरीद से पहले अलीगढ़ में बयान पर विवाद, ट्रैफिक फ्री सड़क की मांग से गरमाई राजनीति

    बकरीद से पहले अलीगढ़ में बयान पर विवाद, ट्रैफिक फ्री सड़क की मांग से गरमाई राजनीति


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में ईद-उल-अजहा (बकरीद) को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। यहां एक मौलाना द्वारा नमाज के दौरान ट्रैफिक फ्री सड़क की मांग किए जाने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। मौलाना का कहना है कि बकरीद के दिन बड़ी संख्या में लोग ईदगाह और मस्जिदों में नमाज अदा करने पहुंचते हैं, जिससे सड़कों पर भीड़ और जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में कुछ समय के लिए ट्रैफिक को नियंत्रित या पूरी तरह डायवर्ट किया जाना चाहिए, ताकि लोगों को किसी तरह की असुविधा न हो।

    सुविधा और व्यवस्था को लेकर तर्क
    मौलाना ने अपने बयान में कहा कि यह कोई विशेष मांग नहीं है, बल्कि त्योहार के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। उनके अनुसार, प्रशासन अन्य बड़े आयोजनों में भी भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम करता है, इसलिए धार्मिक अवसरों पर भी इसी तरह की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ईदगाह और आसपास के क्षेत्रों में भीड़ अधिक होने से आम लोगों और नमाज पढ़ने वालों दोनों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है, जिसे बेहतर ट्रैफिक प्लानिंग से हल किया जा सकता है।

    बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज
    इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोगों ने इसे धार्मिक आयोजन की सामान्य प्रशासनिक मांग बताया है, जबकि कुछ वर्गों का कहना है कि सड़कें आम जनता के आवागमन के लिए होती हैं और उन्हें पूरी तरह बंद करना उचित नहीं है। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग राय देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे व्यवस्था सुधार की जरूरत बता रहे हैं, तो कुछ इसे अनुचित मांग मान रहे हैं।

    प्रशासन की भूमिका पर नजर
    फिलहाल स्थानीय प्रशासन की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है। हालांकि बकरीद को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है। संभावना जताई जा रही है कि भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने के लिए कुछ स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जा सकता है, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

    बकरीद जैसे बड़े धार्मिक अवसरों पर भीड़ प्रबंधन हमेशा एक चुनौती रहता है। ऐसे में प्रशासन और समाज के बीच संतुलन बनाकर ही समाधान निकाला जा सकता है, ताकि न तो आम लोगों को परेशानी हो और न ही धार्मिक आयोजन प्रभावित हों।

  • 16 मई का मौसम अलर्ट: 15 राज्यों में भारी बारिश-तूफान की चेतावनी, 85 km/h तक चलेंगी हवाएं

    16 मई का मौसम अलर्ट: 15 राज्यों में भारी बारिश-तूफान की चेतावनी, 85 km/h तक चलेंगी हवाएं

    नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 16 मई को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ने वाला है। पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के करीब 15 राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। कई जगहों पर हवा की रफ्तार 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग ने बताया है कि उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, झारखंड, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आंधी देखने को मिल सकती है। वहीं कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है, जिससे किसानों को फसलों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

    दिल्ली में 16 मई की शाम बादल छाने और हल्की आंधी चलने की संभावना है, जबकि तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 60–65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है, जहां 80–85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

    झारखंड, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा भी बढ़ सकता है। वहीं पंजाब और राजस्थान में भी गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश का असर देखने को मिलेगा।

    मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में जहां एक ओर तेज गर्मी और लू जैसी स्थिति बनी रहेगी, वहीं कुछ जिलों में तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

    दक्षिण-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण भी मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में बने चक्रवाती परिसंचरण का भी असर देश के मौसम पैटर्न पर पड़ रहा है।

    कुल मिलाकर 16 मई को देश के बड़े हिस्से में मौसम काफी अस्थिर रहने वाला है। तेज बारिश, आंधी और तूफानी हवाओं को देखते हुए प्रशासन और आम लोगों दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

  • ट्रंप का चीन दौरा रहा बेनतीजा! जिनपिंग के सामने ईरान, ताइवान और व्यापार पर नहीं बनी कोई सहमति

    ट्रंप का चीन दौरा रहा बेनतीजा! जिनपिंग के सामने ईरान, ताइवान और व्यापार पर नहीं बनी कोई सहमति


    नई दिल्ली।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बहुचर्चित चीन यात्रा इस बार किसी बड़े नतीजे के बिना खत्म हो गई। बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद ईरान, ताइवान और व्यापार जैसे अहम मुद्दों पर कोई ठोस समझौता सामने नहीं आया।

    दोनों नेताओं ने बातचीत को सकारात्मक बताया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों के अनुसार इस दौरे से कोई बड़ा कूटनीतिक या आर्थिक ऐलान नहीं हुआ। ट्रंप लगभग 40 घंटे से ज्यादा बीजिंग में रहे और कई बैठकों में शामिल हुए, फिर भी दोनों देशों के बीच रणनीतिक मतभेद जस के तस बने रहे।

    सबसे बड़ा मुद्दा ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य रहा, जहां ऊर्जा आपूर्ति और सैन्य तनाव को लेकर अमेरिका और चीन की स्थिति अलग-अलग दिखाई दी। अमेरिकी पक्ष ने दावा किया कि दोनों देश ऊर्जा प्रवाह को लेकर सहमत हैं, लेकिन चीन की ओर से इस पर कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता सामने नहीं आई।

    ताइवान को लेकर स्थिति और भी सख्त नजर आई, जहां शी जिनपिंग ने इसे चीन की “रेड लाइन” बताते हुए किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को अस्वीकार्य करार दिया। इस बयान को अमेरिका के लिए एक स्पष्ट कूटनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

    व्यापार और आर्थिक सहयोग के मोर्चे पर भी कोई बड़ा समझौता नहीं हो सका। उम्मीद थी कि चीन बड़ी मात्रा में अमेरिकी कृषि और औद्योगिक उत्पादों की खरीद बढ़ाने का ऐलान करेगा, लेकिन ऐसा कोई महत्वपूर्ण निर्णय सामने नहीं आया।

    कुल मिलाकर इस दौरे को विशेषज्ञों ने “बिना ठोस नतीजे वाली कूटनीतिक मुलाकात” बताया है, जहां दोनों देशों ने रिश्तों में सुधार की बात जरूर कही, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा।

  • RSS-पाकिस्तान संवाद पर सियासी घमासान: प्रियंका चतुर्वेदी ने BJP-आरएसएस पर साधा निशाना, विपक्ष हुआ आक्रामक

    RSS-पाकिस्तान संवाद पर सियासी घमासान: प्रियंका चतुर्वेदी ने BJP-आरएसएस पर साधा निशाना, विपक्ष हुआ आक्रामक


    नई दिल्ली।
    आरएसएस द्वारा पाकिस्तान से संवाद की वकालत किए जाने को लेकर देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) की नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस तरह के रुख से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के पीड़ितों को न्याय की उम्मीद छोड़ देनी चाहिए।

    प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर टिप्पणी करते हुए इसे “RSS और पाकिस्तान की जुगलबंदी” बताया और आरोप लगाया कि यह बीजेपी के “अमन की आशा” वाले दृष्टिकोण की ओर इशारा करता है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।

    यह विवाद तब और बढ़ा जब आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने पाकिस्तान के साथ बातचीत की आवश्यकता पर जोर दिया और संवाद को आगे बढ़ाने की बात कही। उनके इस रुख का पाकिस्तान ने भी स्वागत किया और कहा कि शांति, सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बातचीत जरूरी है।

    इस मुद्दे पर पूर्व सेना प्रमुख मनोज नरवणे ने भी आरएसएस नेता के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संवाद जरूरी है, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बातचीत का मतलब सुरक्षा विकल्पों को छोड़ना नहीं है।

    इसके अलावा नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने भी बातचीत के विचार का समर्थन करते हुए कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और दोनों देशों के बीच संवाद जारी रहना चाहिए।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस पूरे विवाद ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान नीति को लेकर अलग-अलग विचारधाराओं को सामने ला दिया है। एक तरफ जहां कुछ नेता बातचीत को समाधान मानते हैं, वहीं दूसरी ओर इसे आतंकवाद के पीड़ितों के साथ न्याय से जोड़कर विरोध भी किया जा रहा है।

    कुल मिलाकर यह मुद्दा अब केवल कूटनीति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि देश की घरेलू राजनीति में भी तीखी बहस का कारण बन गया है, जहां संवाद बनाम सख्त रुख की लड़ाई साफ दिखाई दे रही है।