Author: bharati

  • पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन की जयंती पर CM मोहन यादव ने किया स्मरण, शिक्षा और गरीब कल्याण को बताया जीवन लक्ष्य

    पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन की जयंती पर CM मोहन यादव ने किया स्मरण, शिक्षा और गरीब कल्याण को बताया जीवन लक्ष्य


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत रत्न से सम्मानित पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. जाकिर हुसैन का जीवन शिक्षा, सामाजिक न्याय और गरीब कल्याण के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि डॉ. जाकिर हुसैन ने देश के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए जो योगदान दिया, वह सदैव याद रखा जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि डॉ. जाकिर हुसैन शिक्षा के क्षेत्र में विशेष रूप से सक्रिय रहे और उन्होंने शिक्षा को समाज के विकास का मूलाधार माना। उनकी सोच में शिक्षा को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता साफ झलकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी शिक्षा और सामाजिक कल्याण के लिए की गई मेहनत और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि डॉ. जाकिर हुसैन का जीवन हमें यह संदेश देता है कि देश की प्रगति में शिक्षा और सामाजिक न्याय का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि हम सभी को उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की आवश्यकता है और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास करने चाहिए।

  • सात फेरों का खूनी अंत: शराबी पति ने पत्नी पर दागीं 3 गोलियां, मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया।

    सात फेरों का खूनी अंत: शराबी पति ने पत्नी पर दागीं 3 गोलियां, मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया।

    ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र स्थित दर्पण कॉलोनी उस वक्त दहल उठी जब शनिवार रात करीब 10 बजे गोलियों की तड़तड़ाहट से सन्नाटा चीर गया। यह आवाज किसी बाहरी हमले की नहीं बल्कि घर के भीतर पनप रहे उस गुस्से की थी जिसने एक सुहागिन का सुहाग ही कातिल बना दिया। सोनू तोमर नाम के युवक ने अपनी पत्नी रुचि तोमर के साथ हुए मामूली विवाद के बाद आपा खो दिया और अपनी पिस्टल से एक के बाद एक आधा दर्जन राउंड फायर झोंक दिए। रुचि के शरीर में तीन गोलियां लगीं और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में कोहराम मच गया। जब परिजन कमरे की ओर भागे तो वहां का मंजर खौफनाक था। रुचि खून से लथपथ जमीन पर पड़ी थी और आरोपी सोनू मौके से फरार हो चुका था। मृतका के ससुर ने तत्काल पुलिस को सूचना दी जिसके बाद एफएसएल (FSL) की टीम और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सोनू तोमर शराब की लत का शिकार था और कोई काम-धंधा नहीं करता था। घर का खर्च उसके पिता की पेंशन और किराये की आय से चलता था।

    आरोपी ने पुलिस पूछताछ में जो दलील दी वह चौंकाने वाली है। उसका कहना था कि घर में आए दिन कलेश होता था और उसे खुद खाना बनाने से लेकर साफ-सफाई तक का काम करना पड़ता था। शनिवार की रात भी खाना बनाने की बात को लेकर शुरू हुआ विवाद धक्का-मुक्की तक जा पहुंचा और अंततः हत्या में बदल गया। हालांकि पुलिस इस थ्योरी की गहनता से जांच कर रही है क्योंकि हत्या के पीछे की असल वजह अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

    इस वारदात ने दो मासूम बच्चों के सिर से मां का साया छीन लिया है। 11 साल का आदित्य और 14 साल की राधिका अब उस सदमे में हैं जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को घर के पास से ही गिरफ्तार कर लिया है लेकिन वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल अभी बरामद होना बाकी है। ग्वालियर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है।

  • इंदौर: शादी का झांसा देकर युवती से कई बार दुष्कर्म, आरोपी रितिक कुशवाह गिरफ्तार; पॉक्सो एक्ट में भी केस दर्ज

    इंदौर: शादी का झांसा देकर युवती से कई बार दुष्कर्म, आरोपी रितिक कुशवाह गिरफ्तार; पॉक्सो एक्ट में भी केस दर्ज


    इंदौर । मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के तेजाजी नगर थाना क्षेत्र से सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने दोस्ती का फायदा उठाते हुए एक युवती को शादी का झांसा दिया और उसके साथ कई बार दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है।

    तेजाजी नगर थाना प्रभारी देवेंद्र मरकाम के अनुसार पीड़िता शनिवार को अपनी मां के साथ थाने पहुंची थी और आपबीती सुनाई। शिकायत के मुताबिक आरोपी रितिक कुशवाह की पहचान युवती से साल 2022 में हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और आरोपी ने युवती को प्रेम जाल में फंसाकर शादी करने का वादा किया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उस समय भी उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए थे जब वह नाबालिग थी इसी आधार पर पुलिस ने मामले में दुष्कर्म की धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो ) एक्ट भी जोड़ा है।

    घटनाक्रम के विवरण के अनुसार आरोपी रितिक ने जुलाई 2025 में पीड़िता को अपने दोस्त रमन के कमरे पर ले जाकर पहली बार दुष्कर्म किया। इसके बाद नवंबर माह में उसने लिबोंदी क्षेत्र में अपने एक अन्य दोस्त के घर पर भी युवती के साथ गलत काम किया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर करीब 6 बार उसके साथ बलात्कार किया। जब भी युवती ने शादी का दबाव बनाया आरोपी टालमटोल करने लगा और अंततः मुकर गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रितिक कुशवाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अपराध में उसके दोस्तों की क्या भूमिका थी। इंदौर पुलिस का कहना है कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में कोई भी कोताही नहीं बरती जाएगी और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।

  • मध्य प्रदेश में बोर्ड पैटर्न लागू, नकल और लीक से निपटने की तैयारी

    मध्य प्रदेश में बोर्ड पैटर्न लागू, नकल और लीक से निपटने की तैयारी


    भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में इस साल 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं पूरी तरह से बोर्ड पैटर्न पर आयोजित की जा रही हैं। सबसे बड़ा बदलाव परीक्षा के प्रश्नपत्रों की सुरक्षा में किया गया है। अब प्रश्नपत्र स्कूलों में नहीं, बल्कि सीधे पुलिस थानों में सुरक्षित रखे जाएंगे। परीक्षा के दिन ही केंद्राध्यक्ष की निगरानी में इन बंडलों को थाने से परीक्षा केंद्र तक लाया जाएगा और परीक्षा शुरू होने से ठीक 60 मिनट पहले खोला जाएगा।

    इस कदम से नकल और प्रश्नपत्र लीक जैसी समस्याओं को रोकने की तैयारी की जा रही है। मध्य प्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा तैयार किए गए प्रश्नपत्र अब जिला शिक्षा अधिकारी और केंद्राध्यक्षों के माध्यम से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए जाएंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित हो।

    कक्षा 11वीं की परीक्षाएं 23 फरवरी से 17 मार्च 2026 तक आयोजित होंगी जबकि कक्षा 9वीं की परीक्षाएं 2 मार्च से 17 मार्च 2026 तक होंगी। दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं एक ही पाली में होंगी और दोपहर 1:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक चलेंगी।

    सभी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 23 मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। मूल्यांकन प्रक्रिया माध्यमिक शिक्षा मंडल की अंक योजना के अनुसार होगी, जिससे सभी छात्रों को निष्पक्ष अंक मिलें और मूल्यांकन में पारदर्शिता बनी रहे।

    विशेषज्ञों के अनुसार, प्रश्नपत्रों की थाने में सुरक्षा व्यवस्था से नकल की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे स्कूल स्तर पर लीक की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी। साथ ही, परीक्षा अधिकारियों और पुलिस की निगरानी यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी अनुचित गतिविधि न हो।

    अभिभावक और शिक्षक इस बदलाव से संतुष्ट हैं और उनका मानना है कि इससे परीक्षा का स्तर और विश्वसनीयता दोनों बढ़ेंगे। छात्रों को भी समय से पहले प्रश्नपत्र खोलने की प्रक्रिया से अतिरिक्त तनाव कम होगा और वे बेहतर तैयारी के साथ परीक्षा में शामिल हो पाएंगे।

    मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग का कहना है कि यह कदम राज्य में परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए उठाया गया है। भविष्य में इसे अन्य कक्षाओं और बोर्ड परीक्षाओं में भी लागू किए जाने की संभावना है।

    इस प्रकार इस साल 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं केवल पाठ्यक्रम की समझ ही नहीं, बल्कि अनुशासन और ईमानदारी की परीक्षा भी होंगी। छात्रों और शिक्षकों के लिए यह नई प्रणाली चुनौतीपूर्ण, लेकिन पारदर्शिता और सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

  • विदिशा में बैलगाड़ी बारात का जादू, भोपाल में काम वाली की संतान से लूट की सनसनी

    विदिशा में बैलगाड़ी बारात का जादू, भोपाल में काम वाली की संतान से लूट की सनसनी

    विदिशा में आज एक अनोखी बारात निकली जिसने सबका दिल जीत लिया। आधुनिक जमाने में जहां बारातें कार और बाइक्स से निकलती हैं, वहीं सिरोंज के मंडी रोड पर निकली इस बारात में पूरी तरह पुराने रीति-रिवाजों की झलक थी। आगे घोड़े पर सवार दूल्हा राजा की शानदार सवारी और पीछे फूलों से सजाई गई 10 से 12 बैलगाड़ियां, जिनमें बाराती बैठकर पुराने जमाने की यादें ताजा कर रहे थे। बैलगाड़ियां धीरे-धीरे चल रही थीं और ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ माहौल मनमोहक बन रहा था।

    दूल्हा डॉ. प्रशांत ने बताया कि उनके पापा ने इस बारात की प्लानिंग दो महीने पहले से की थी। उन्होंने कहा कि यह बारात अनोखी और सबके लिए यादगार रही। इस बारात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और यूजर्स इसे सादगी और संस्कृति की जीत बता रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि आधुनिकता के बीच भी अपनी जड़ों से जुड़े रहना कितना खूबसूरत अनुभव है।

    वहीं, भोपाल में टीटी नगर थाना इलाके के पॉश कॉलोनी 98 क्वार्टर में दिनदहाड़े एक सनसनीखेज लूट की घटना सामने आई। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी काम वाली बाई का बेटा निकला। जानकारी के अनुसार, आरोपी गोलू रैकवार अपने दोस्त के साथ पीड़िता के घर में घुसा और हाथ-पैर बांधकर चाकू की नोक पर अलमारी खोलने को कहा। चाबी देने से इंकार करने पर उन्होंने रॉड की मदद से अलमारी तोड़ी और डेढ़ लाख रुपए नकद, मोबाइल और लैपटॉप लेकर भाग गए।

    पीड़िता बीमार होने के कारण घर पर थी और माइनिंग विभाग में कार्यरत हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटे में आरोपी को पकड़ लिया। यह आरोपी कुछ दिन पहले 307 के केस में जमानत पर आया था। पुलिस अब आरोपी से नकदी और अन्य सामान की रिकवरी के बाद पूछताछ कर रही है। इस घटना ने शहर में सनसनी फैला दी है और लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

    मध्यप्रदेश में आज दो बिल्कुल अलग रंग देखने को मिले, विदिशा की बैलगाड़ी बारात ने संस्कृति और परंपरा का जश्न मनाया, वहीं भोपाल की लूट ने सुरक्षा और अपराध की गंभीरता को उजागर किया।

  • सरकारी भर्तियों का बदलेगा पैटर्न: अब ESB लेगा सिर्फ पात्रता परीक्षा, विभाग सीधे स्कोरकार्ड से करेंगे चयन


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार अब भर्तियों के मौजूदा पैटर्न को बदलने की तैयारी में है। प्रस्तावित नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी चयन मंडल अब केवल पात्रता परीक्षा यानी एलिजिबिलिटी टेस्ट आयोजित करेगा, जबकि संबंधित विभाग उम्मीदवारों के स्कोरकार्ड के आधार पर सीधे चयन प्रक्रिया पूरी करेंगे।

    इस नई प्रणाली को लेकर शासन स्तर पर सकारात्मक संकेत मिले हैं। मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्ताव का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया जा चुका है, जिसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग से इसे सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। अब इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। कैबिनेट की हरी झंडी मिलते ही प्रदेश में सरकारी भर्तियों का पूरा सिस्टम नए स्वरूप में लागू हो जाएगा।

    फिलहाल मध्यप्रदेश में किसी भी सरकारी भर्ती को पूरा होने में औसतन एक से डेढ़ साल का समय लग जाता है। परीक्षा, परिणाम, दस्तावेज सत्यापन और चयन प्रक्रिया लंबी होने के कारण न केवल विभागों में पद खाली रहते हैं, बल्कि अभ्यर्थियों को भी लंबे इंतजार और अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद इस पूरी प्रक्रिया को दो से ढाई महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    नई प्रणाली से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अभ्यर्थियों को अलग-अलग पदों और विभागों के लिए बार-बार परीक्षाएं नहीं देनी पड़ेंगी। एक बार पात्रता परीक्षा पास करने के बाद उनका स्कोरकार्ड मान्य रहेगा और विभिन्न विभाग अपनी जरूरत के अनुसार उसी स्कोरकार्ड के आधार पर उम्मीदवारों का चयन कर सकेंगे। इससे न केवल समय और खर्च की बचत होगी, बल्कि युवाओं पर परीक्षा का मानसिक दबाव भी कम होगा।

    सरकार का मानना है कि इस बदलाव से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और विवादों की संभावना भी कम होगी। साथ ही विभागों को भी समय पर योग्य उम्मीदवार मिल सकेंगे, जिससे प्रशासनिक कार्यों की रफ्तार तेज होगी। ESB की भूमिका अब परीक्षा आयोजन तक सीमित रहेगी, जबकि चयन की जिम्मेदारी सीधे संबंधित विभागों के पास होगी।

    प्रदेश के लाखों प्रतियोगी छात्रों के लिए यह बदलाव राहत भरी खबर माना जा रहा है। लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में देरी और बार-बार परीक्षा देने की समस्या को लेकर युवाओं में असंतोष था। यदि कैबिनेट से मंजूरी मिल जाती है, तो आने वाले समय में मध्यप्रदेश की सरकारी भर्तियां देश के सबसे तेज और सरल सिस्टम में गिनी जा सकती हैं।

  • इंदौर में भाजपा नेता की गुंडागर्दी: युवकों पर जानलेवा हमला, स्कॉर्पियो में तोड़फोड़; 20 दिन पुराने समझौते के बाद फिर भड़का विवाद

    इंदौर में भाजपा नेता की गुंडागर्दी: युवकों पर जानलेवा हमला, स्कॉर्पियो में तोड़फोड़; 20 दिन पुराने समझौते के बाद फिर भड़का विवाद


    इंदौर । इंदौर के राऊ इलाके में रविवार सुबह सत्ताधारी दल से जुड़े एक नेता की दबंगई एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई। भाजपा युवा मोर्चा के एक पदाधिकारी पर अपने साथियों के साथ मिलकर दो युवकों पर जानलेवा हमला करने और उनकी कार में जमकर तोड़फोड़ करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस हमले में दोनों युवक बुरी तरह घायल हो गए जिन्हें गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    पुलिस के मुताबिक हमलावर की पहचान भाजपा युवा मोर्चा के मंडल उपाध्यक्ष वेदांत तिवारी के रूप में हुई है। पीड़ित युवकों के नाम प्रखर शर्मा और नयन बाफना बताए गए हैं जो सुदामा नगर के निवासी हैं। रविवार सुबह दोनों युवक कैट रोड स्थित एक कैफे से चाय पीकर अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से लौट रहे थे। इसी दौरान वेदांत तिवारी अपने साथी समीर शर्मा और आदित्य के साथ उनका पीछा करने लगा।

    बताया जा रहा है कि रास्ते में आरोपियों ने स्कॉर्पियो को जबरन रोका और युवकों पर हमला बोल दिया। लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से की गई इस मारपीट में दोनों युवकों के सिर में गंभीर चोटें आईं। इतना ही नहीं आरोपियों ने स्कॉर्पियो के शीशे भी तोड़ दिए जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से वर्चस्व को लेकर रंजिश चली आ रही है। यह पहला मौका नहीं है जब इस विवाद ने हिंसक रूप लिया हो। करीब 20 दिन पहले महूनाका चौराहे पर भी वेदांत तिवारी और उसके साथियों ने इन युवकों को घेरने की कोशिश की थी। उस समय युवक किसी तरह अपनी कार भगा कर मौके से निकलने में सफल रहे थे। मामला छत्रीपुरा थाने तक पहुंचा था जहां दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया था।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि उसी समझौते के बाद आरोपियों के हौसले और बुलंद हो गए जिसके चलते उन्होंने दोबारा हमला करने से भी परहेज नहीं किया। रविवार की घटना के बाद जब घायल युवक राऊ थाने पहुंचे तो वहां भी हंगामे की स्थिति बन गई। आरोप है कि सत्ताधारी दल से जुड़े नेताओं के दबाव के चलते पुलिस शुरुआत में एफआईआर दर्ज करने से बचती रही।

    हालांकि जब थाने पर भीड़ जुट गई और मामला तूल पकड़ने लगा तब पुलिस को मजबूरन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। पुलिस ने तोड़फोड़ मारपीट और जानलेवा हमले की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल घायलों का इलाज निजी अस्पताल में जारी है और उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर इंदौर में राजनीतिक रसूख और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई होती तो शायद यह हमला टल सकता था।

  • ब्राह्मण होना योग्यता नहीं, हिंदू होना जरूरी’ RSS प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान, अंग्रेजी और राजनीति पर भी रखी दो टूक

    ब्राह्मण होना योग्यता नहीं, हिंदू होना जरूरी’ RSS प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान, अंग्रेजी और राजनीति पर भी रखी दो टूक


    नई दिल्ली । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर मुंबई में आयोजित व्याख्यानमाला के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सरसंघचालक पद जाति भाषा राजनीति और राष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संघ प्रमुख बनने के लिए ब्राह्मण होना कोई योग्यता नहीं है बल्कि कोई भी हिंदू चाहे वह ब्राह्मण हो क्षत्रिय वैश्य शूद्र या फिर एससी-एसटी वर्ग से सरसंघचालक बन सकता है।

    कार्यक्रम के दौरान सवालों के जवाब देते हुए मोहन भागवत ने कहा कि RSS में पद जाति के आधार पर नहीं बल्कि काम और समर्पण के आधार पर तय होते हैं। उन्होंने कहा संघ में यह नहीं देखा जाता कि कौन किस जाति से है। जो काम करेगा वही आगे बढ़ेगा। एससी-एसटी होना अयोग्यता नहीं है और ब्राह्मण होना कोई विशेष योग्यता नहीं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संघ का नेतृत्व किसी जातीय पहचान से नहीं बल्कि हिंदू समाज की एकता से जुड़ा है।

    भाषा को लेकर भी संघ प्रमुख ने अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी कभी भी RSS की भाषा नहीं बनेगी क्योंकि यह भारतीय भाषा नहीं है। अंग्रेजी का उपयोग केवल आवश्यकता पड़ने पर किया जाएगा। संघ भारतीय भाषाओं विशेषकर हिंदी को प्राथमिकता देता है और आगे भी सिर्फ भारतीय भाषाओं में ही काम करेगा।

    राजनीति को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर मोहन भागवत ने कहा कि RSS सरकार नहीं चलाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि RSS और BJP दो अलग-अलग संगठन हैं। संघ का राजनीति से सीधा कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि संघ ने पहले ही तय कर लिया है कि उसका काम केवल समाज को जोड़ना है न कि सत्ता या शासन चलाना। स्वयंसेवक भले ही अलग-अलग क्षेत्रों में हों लेकिन संगठन का उद्देश्य सामाजिक एकता तक ही सीमित है।

    संघ की शुरुआत को याद करते हुए भागवत ने कहा कि प्रारंभिक दौर में संघ एक छोटी ब्राह्मण बस्ती से शुरू हुआ था इसलिए उस समय पदाधिकारी ब्राह्मण थे। इसी कारण लोगों में यह धारणा बनी कि संघ ब्राह्मणों का संगठन है। लेकिन जैसे-जैसे संघ का विस्तार हुआ यह धारणा स्वतः टूटती चली गई। आज संघ में हर जाति और वर्ग के लोग सक्रिय हैं।

    अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर संघ प्रमुख ने सरकार से और सख्त कदम उठाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि पहले इस दिशा में काम नहीं हो रहा था लेकिन अब पहचान और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू हुई है। जनगणना और SIR जैसी प्रक्रियाओं से ऐसे लोग सामने आते हैं जो भारत के नागरिक नहीं हैं। उन्होंने आम नागरिकों से भी सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना प्रशासन को देने की अपील की। भागवत ने कहा कि घुसपैठियों को रोजगार नहीं मिलना चाहिए जबकि देश के नागरिकों को चाहे वे किसी भी धर्म के हों काम मिलना चाहिए।

    बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर बोलते हुए भागवत ने कहा कि वहां करीब 1.25 करोड़ हिंदू रहते हैं। यदि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का निर्णय लेते हैं तो पूरी दुनिया के हिंदू उनके समर्थन में खड़े होंगे। भाषा विवाद को उन्होंने स्थानीय बीमारी” बताते हुए कहा कि इसे फैलने नहीं देना चाहिए। संघ के विस्तार को लेकर मोहन भागवत ने कहा कि अब संघ जाति के आधार पर नहीं बल्कि भौगोलिक आधार पर फैलता है। हर बस्ती हर मंडल और हर गांव तक संघ का काम पहुंच रहा है। इसी कारण आज संघ में सभी जातियों और वर्गों की सहभागिता स्वाभाविक रूप से देखने को मिलती है।

  • जनकपुरी हादसे के बाद एक्शन मोड में सरकार, खुदाई कार्यों पर सख्ती—CM रेखा गुप्ता ने दिए कड़े निर्देश

    जनकपुरी हादसे के बाद एक्शन मोड में सरकार, खुदाई कार्यों पर सख्ती—CM रेखा गुप्ता ने दिए कड़े निर्देश


    नई दिल्ली । जनकपुरी में हुए हादसे के बाद दिल्ली सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना को सुरक्षा व्यवस्था में एक गंभीर चूक बताते हुए साफ शब्दों में कहा है कि जनता की जान से जुड़ी जिम्मेदारियों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि किसी अधिकारी या ठेकेदार की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ न सिर्फ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी, बल्कि कठोर कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे।

    घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि दिल्ली में सड़कों और फुटपाथों पर जहां-जहां खुदाई का कार्य चल रहा है, उसकी विस्तृत रिपोर्ट तीन दिनों के भीतर सरकार को सौंपी जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजधानी में चल रहे विकास कार्यों के नाम पर नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि निर्माण और खुदाई कार्यों की निगरानी अब पहले से कहीं अधिक सख्ती से की जाएगी।

    मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद मुख्य सचिव ने एक आधिकारिक आदेश जारी किया है, जो लोक निर्माण विभाग दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम और सभी बिजली वितरण कंपनियों सहित हर संबंधित एजेंसी पर लागू होगा। इस आदेश के तहत दिल्ली में चल रहे सभी खुदाई कार्यों के लिए नए और कड़े सुरक्षा मानक अनिवार्य कर दिए गए हैं।

    अब हर खुदाई स्थल पर बड़े, स्पष्ट और पढ़ने योग्य चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा, ताकि राहगीरों को पहले से खतरे की जानकारी मिल सके। रात के समय सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत रिफ्लेक्टर लाइट, ब्लिंकर और चमकीली टेप का उपयोग जरूरी किया गया है, जिससे अंधेरे में भी खुदाई स्थल साफ नजर आए। इसके अलावा खुदाई वाली जगह को चारों तरफ से ऊंची और मजबूत बैरिकेडिंग से सुरक्षित करना होगा।

    सरकार ने मलबा प्रबंधन और धूल नियंत्रण को भी सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। सड़क पर मिट्टी या निर्माण सामग्री बिखरी नहीं होनी चाहिए और प्रदूषण को रोकने के लिए प्रभावी उपाय किए जाएंगे। पैदल यात्रियों और वाहनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित वैकल्पिक रास्ता सुनिश्चित करना भी अब अनिवार्य होगा। साथ ही संबंधित इंजीनियरों को रोजाना साइट का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की जांच करनी होगी और ट्रैफिक बाधित न हो, इसके लिए उचित डायवर्जन और प्रबंधन करना होगा।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दिल्ली सरकार एक सख्त निगरानी तंत्र विकसित कर रही है। उन्होंने दोहराया कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ बिना किसी दबाव के कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद राजधानी में चल रहे सभी निर्माण और खुदाई प्रोजेक्ट्स का सुरक्षा ऑडिट शुरू कर दिया गया है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि ऑडिट के दौरान पाई जाने वाली किसी भी खामी पर तत्काल और सख्त कदम उठाए जाएंगे।

  • सालाना इनकम 12 लाख रुपये से ज्यादा है तो आज ही करें ये 4 निवेश, रिटायरमेंट भी रहेगा सुरक्षित और टैक्स भी जीरो!

    सालाना इनकम 12 लाख रुपये से ज्यादा है तो आज ही करें ये 4 निवेश, रिटायरमेंट भी रहेगा सुरक्षित और टैक्स भी जीरो!


    नई दिल्ली । अगर आपकी सालाना आमदनी 12 लाख रुपये से ज्यादा है और हर साल इनकम टैक्स आपकी जेब पर भारी पड़ता है, तो अब चिंता छोड़ दीजिए। सही टैक्स प्लानिंग और स्मार्ट निवेश से न सिर्फ टैक्स का बोझ काफी हद तक कम किया जा सकता है, बल्कि रिटायरमेंट के लिए एक मजबूत फाइनेंशियल फंड भी तैयार किया जा सकता है। खास बात यह है कि कुछ निवेश ऐसे हैं, जो टैक्स बचत और भविष्य की सुरक्षा दोनों का डबल फायदा देते हैं।
    नेशनल पेंशन सिस्टम
    नेशनल पेंशन सिस्टम हाई इनकम वालों के लिए सबसे असरदार टैक्स सेविंग टूल माना जाता है। सेक्शन 80CCD के तहत इसमें 50,000 रुपये की अतिरिक्त टैक्स छूट मिलती है, जो 80C की 1.5 लाख रुपये की सीमा से अलग है। यानी सीधे-सीधे टैक्सेबल इनकम कम। NPS में इक्विटी, डेट और सरकारी बॉन्ड में निवेश होता है, जिससे लंबे समय में 10-12% तक रिटर्न की उम्मीद की जाती है। रिटायरमेंट के समय 60% राशि टैक्स-फ्री निकाली जा सकती है, जबकि बाकी रकम से नियमित पेंशन मिलती है।

    पब्लिक प्रोविडेंट फंड

    जो लोग रिस्क से दूर रहना चाहते हैं, उनके लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड बेहतरीन ऑप्शन है। इसमें 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है। मौजूदा समय में PPF पर 7.1% का फिक्स्ड और टैक्स-फ्री रिटर्न मिलता है। 15 साल की लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का फायदा इसे रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए बेहद मजबूत बनाता है।

    इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम

    इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम उन निवेशकों के लिए है, जो टैक्स बचाते हुए ज्यादा रिटर्न चाहते हैं। इसमें भी 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है। 3 साल के लॉक-इन के साथ ELSS फंड्स इक्विटी में निवेश करते हैं और लंबे समय में 12–15% तक रिटर्न दे सकते हैं। हालांकि इसमें बाजार का रिस्क रहता है, इसलिए निवेश से पहले प्रोफाइल समझना जरूरी है।

    ULIP और पेंशन प्लान
    ULIP और लाइफ इंश्योरेंस पेंशन प्लान्स भी हाई इनकम वालों के लिए फायदेमंद हैं। 80C/80CCC के तहत टैक्स छूट और 10 के तहत टैक्स-फ्री मैच्योरिटी इन्हें अट्रैक्टिव बनाती है। ULIP में निवेश और इंश्योरेंस दोनों का लाभ मिलता है, जबकि पेंशन प्लान रिटायरमेंट के बाद नियमित आय सुनिश्चित करते हैं।