Author: bharati

  • अदिति शर्मा-हम्द खान का नया गाना ‘इश्क जालिम है’ रिलीज, फैंस ने की विक्की कौशल के ‘पछताओगे’ से तुलना; सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल

    अदिति शर्मा-हम्द खान का नया गाना ‘इश्क जालिम है’ रिलीज, फैंस ने की विक्की कौशल के ‘पछताओगे’ से तुलना; सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल



    नई दिल्ली। टीवी एक्ट्रेस अदिति शर्मा और एक्टर हम्द खान का नया म्यूजिक वीडियो ‘इश्क जालिम है’ रिलीज हो गया है, जिसमें दोनों की नई ऑन-स्क्रीन जोड़ी और इमोशनल कहानी दर्शकों को पसंद आ रही है।

    इस गाने को अंसारी मोहसिन ने गाया है और इसे Venus Originals के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है। वीडियो में अदिति शर्मा के डांस और इमोशनल परफॉर्मेंस की काफी तारीफ हो रही है, जबकि हम्द खान की एक्टिंग को भी दर्शक सराह रहे हैं।

    गाने का निर्देशन रिदम सनाढ्य ने किया है, जिन्होंने इसे एक इमोशनल और ड्रामेटिक टच दिया है। शुरुआती रिएक्शंस में फैंस ने इस गाने की तुलना विक्की कौशल के सुपरहिट सॉन्ग ‘पछताओगे’ से भी की है, जिससे इसकी लोकप्रियता और बढ़ गई है।

    सोशल मीडिया पर गाना तेजी से वायरल हो रहा है और कुछ ही समय में इसे हजारों व्यूज मिल चुके हैं। दर्शक लगातार वीडियो पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और गाने को खूब शेयर कर रहे हैं।

    अदिति शर्मा ने बताया कि इस वीडियो में काम करना उनके लिए एक खास अनुभव रहा और इमोशनल सीन में उन्होंने पूरी मेहनत से परफॉर्म किया।

  • भोजशाला निर्णय के बाद बड़वानी में आतिशबाजी, माहौल हुआ उत्साहपूर्ण

    भोजशाला निर्णय के बाद बड़वानी में आतिशबाजी, माहौल हुआ उत्साहपूर्ण


    बड़वानी।
    धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मामले में हाईकोर्ट द्वारा आए फैसले के बाद बड़वानी शहर सहित पूरे जिले में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। फैसले में भोजशाला को मंदिर के रूप में मान्यता मिलने के बाद सकल हिंदू समाज के लोगों ने शुक्रवार देर रात बड़े पैमाने पर जश्न मनाया।

    शहर के पाटी नाका, मोटी माता चौक, रणजीत चौक सहित कई प्रमुख स्थानों पर लोग एकत्रित हुए और आतिशबाजी की गई। आसमान में रंग-बिरंगी रोशनी से पूरा वातावरण जगमगा उठा। इस दौरान लोगों ने एक-दूसरे को मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया।

    जय श्रीराम के नारों से गूंजा शहर
    जश्न के दौरान पूरे शहर में “जय श्रीराम” और “भारत माता की जय” के जोरदार नारे लगाए गए। युवाओं की बड़ी संख्या चौराहों पर मौजूद रही, जहां उन्होंने उत्साहपूर्वक आतिशबाजी की और खुशी साझा की। कई स्थानों पर सामूहिक रूप से माहौल पूरी तरह उत्सव जैसा बन गया। स्थानीय लोगों ने मां वाग्देवी और भारत माता की पूजा-अर्चना करते हुए महाआरती भी की। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर धार्मिक आस्था व्यक्त की और फैसले को ऐतिहासिक बताया।

    वर्षों के संघर्ष का परिणाम बताया फैसला
    समाज के लोगों ने कहा कि यह निर्णय लंबे समय से चल रहे संघर्ष और जनजागरण का परिणाम है। उनका कहना था कि वर्षों से विभिन्न स्तरों पर आंदोलन और प्रयास किए जा रहे थे, जिनका परिणाम अब सामने आया है। स्थानीय नागरिकों ने इस फैसले को केवल एक कानूनी निर्णय नहीं बल्कि आस्था और भावनाओं से जुड़ा ऐतिहासिक क्षण बताया। लोगों के अनुसार यह निर्णय समाज की एकजुटता और संघर्ष की जीत का प्रतीक है।

    देर रात तक बना रहा जश्न का माहौल
    शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे से शुरू हुआ जश्न देर रात तक जारी रहा। शहर के कई हिस्सों में लोग समूहों में एकत्रित होकर खुशी मनाते रहे। पूरे बड़वानी में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और चौराहों पर युवाओं की भारी भीड़ रही। प्रशासनिक स्तर पर भी स्थिति सामान्य रही और कहीं से किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

  • अमजद खान की इंडस्ट्री में सोच को लेकर बयान चर्चा में, शादाब ने कहा- छोटे-बड़े सभी के शोषण के खिलाफ थे अमजद खान, आज वैसा प्रभावशाली कोई नहीं

    अमजद खान की इंडस्ट्री में सोच को लेकर बयान चर्चा में, शादाब ने कहा- छोटे-बड़े सभी के शोषण के खिलाफ थे अमजद खान, आज वैसा प्रभावशाली कोई नहीं

    नई दिल्ली। अभिनेता अमजद खान को लेकर दिए गए एक बयान ने फिल्म इंडस्ट्री की पुरानी कार्यशैली और व्यवहार पर फिर से चर्चा छेड़ दी है। शादाब ने कहा कि अमजद खान का मानना था कि इंडस्ट्री में सिर्फ एक्ट्रेसेस ही नहीं, बल्कि छोटे डायरेक्टर, बड़े एक्टर्स और दिहाड़ी मजदूर तक का कई तरह से शोषण होता था।

    उन्होंने बताया कि अमजद खान इस “ऊंच-नीच” वाली मानसिकता के खिलाफ थे और हमेशा कमजोर माने जाने वाले लोगों के अधिकारों के लिए आवाज उठाते थे। शादाब के अनुसार, अमजद खान का प्रभाव इतना मजबूत था कि उनकी बातों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था।

    शादाब ने आगे कहा कि अमजद खान अपने समय में एक ऐसे शख्स थे जिनकी साख और व्यक्तित्व के कारण लोग उनकी बात सुनने को मजबूर होते थे। उन्होंने यह भी कहा कि आज के दौर की फिल्म इंडस्ट्री में ऐसा प्रभावशाली और सिद्धांतों पर अडिग व्यक्ति शायद ही देखने को मिलता है। 

  • शनि अमावस्या का विशेष आयोजन, नर्मदा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने की पूजा

    शनि अमावस्या का विशेष आयोजन, नर्मदा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने की पूजा


    नई दिल्ली। बड़वानी जिले में शनिवार को शनि अमावस्या और शनि जयंती के दुर्लभ संयोग पर धार्मिक आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक स्थित शनि मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। साईं शनेश्वर शनि मंदिर, सेंगाव बाईपास स्थित शनि मंदिर और अंजड़ के श्री नवग्रह शनि मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए।

    पूरे दिन मंदिर परिसर “जय शनिदेव” के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजते रहे। भक्तों ने तेल, फूल, काली उड़द और प्रसाद अर्पित कर शनिदेव की विशेष पूजा की।

    51 किलो तेल से शनिदेव का अभिषेक, नवग्रह पूजन भी सम्पन्न
    साईं शनेश्वर शनि मंदिर समिति के अनुसार, सुबह से ही वैदिक विधि-विधान के साथ शनिदेव का 51 किलो तेल से अभिषेक किया गया। इसके बाद नवग्रह पूजन, हवन और विशेष आरती संपन्न हुई। अंजड़ स्थित श्री नवग्रह शनि मंदिर, जिसे जिले का प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है, वहां भी सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। यहां नवग्रह देवताओं का विशेष पूजन कर हवन किया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया।

    भंडारे और प्रसादी से भक्तों का स्वागत
    श्रद्धालुओं के लिए कई स्थानों पर भंडारे और प्रसादी का आयोजन किया गया। अंजड़ मंदिर में लगभग एक क्विंटल पूरी-चना प्रसाद वितरित किया गया, जबकि सेंगाव बाईपास मंदिर में छप्पन भोग के साथ प्रसादी बांटी गई। कुछ स्थानों पर साबूदाने की खिचड़ी भी श्रद्धालुओं को दी गई। मंदिरों में दिनभर भक्तों का आना-जाना जारी रहा और शाम तक माहौल पूरी तरह भक्ति में डूबा रहा।

    नर्मदा घाटों पर आस्था की डुबकी, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
    शनि अमावस्या के अवसर पर नर्मदा नदी के घाटों, विशेषकर राजघाट पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। लोगों ने पवित्र स्नान कर दान-पुण्य और पितरों के तर्पण की विधि पूरी की। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। प्रशासन द्वारा घाटों पर पुलिस और होमगार्ड जवानों की तैनाती की गई ताकि भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके और किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

    शाम को होगी महाआरती, दिनभर जारी रहा उत्सव
    शाम 7 बजे सभी प्रमुख शनि मंदिरों में संगीतमय महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। पूरे जिले में यह दिन पूरी तरह धार्मिक उल्लास और आस्था के रंग में रंगा रहा।

  • India-Pakistan Clash: ब्रह्मोस मिसाइल को लेकर जफर खान की टिप्पणी से विवाद, भारत पर ‘एस्केलेशन ट्रैप’ में फंसने का दावा; न्यूक्लियर डिटरेंस पर फिर छिड़ी बहस

    India-Pakistan Clash: ब्रह्मोस मिसाइल को लेकर जफर खान की टिप्पणी से विवाद, भारत पर ‘एस्केलेशन ट्रैप’ में फंसने का दावा; न्यूक्लियर डिटरेंस पर फिर छिड़ी बहस

    नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान संबंधों और सैन्य रणनीति को लेकर एक बार फिर तीखी बहस छिड़ गई है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय राजनीति प्रोफेसर जफर खान ने दावा किया है कि संकट की स्थिति में भारत द्वारा ब्रह्मोस मिसाइल जैसे परमाणु-सक्षम हथियारों का उपयोग “कमजोरी और जोखिम भरा कदम” हो सकता है, जिससे क्षेत्र “एस्केलेशन ट्रैप” में फंस सकता है।

    उन्होंने एक विश्लेषण का हवाला देते हुए कहा कि दक्षिण एशिया के दोनों परमाणु-संपन्न देशों के बीच किसी भी सीमित युद्ध की अवधारणा जटिल है और यह तेजी से बड़े संघर्ष में बदल सकती है। उनके अनुसार, पाकिस्तान के पास भी लंबी दूरी के सिस्टम मौजूद हैं, लेकिन उसने कुछ स्थितियों में जानबूझकर जवाबी हमले से परहेज किया, ताकि स्थिति परमाणु स्तर तक न पहुंचे।

    जफर खान ने यह भी तर्क दिया कि भारत-पाक संकट की तुलना अन्य वैश्विक हालातों से करना सही नहीं है, क्योंकि यहां “परमाणु डिटरेंस” सीधे युद्ध की रणनीति को प्रभावित करता है और किसी भी संघर्ष में नियंत्रण सीमित हो सकता है।

    वहीं, इस पूरे मुद्दे पर अलग-अलग रक्षा विशेषज्ञों के बीच मतभेद बना हुआ है। एक पक्ष इसे पाकिस्तान की “परमाणु धमकी की पुरानी रणनीति” बता रहा है, जबकि दूसरा इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के गंभीर जोखिम के रूप में देख रहा है।

    रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि हाल के तनावपूर्ण हालातों में भारत की ओर से किए गए मिसाइल और ड्रोन ऑपरेशंस को पाकिस्तान पूरी तरह रोक नहीं पाया, जिससे दोनों देशों के बीच सैन्य संतुलन पर भी सवाल उठे हैं।फिलहाल यह मुद्दा रणनीतिक बहस और राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित है, लेकिन इससे भारत-पाक संबंधों में तनाव और बयानबाजी फिर तेज हो गई है।

  • नीदरलैंड दौरे पर पीएम मोदी का संबोधन, 2014 के चुनाव नतीजे किए याद; बोले- ‘16 मई को कुछ खास हुआ था’, भारत की विकास यात्रा पर गिनाईं उपलब्धियां

    नीदरलैंड दौरे पर पीएम मोदी का संबोधन, 2014 के चुनाव नतीजे किए याद; बोले- ‘16 मई को कुछ खास हुआ था’, भारत की विकास यात्रा पर गिनाईं उपलब्धियां



    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीदरलैंड के आधिकारिक दौरे पर हैं, जो उनकी पांच देशों की यात्रा का दूसरा पड़ाव है। द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने 2014 लोकसभा चुनाव के नतीजों को याद किया और कहा कि 16 मई 2014 को देश में स्थिर और पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनने का रास्ता साफ हुआ था।

    पीएम मोदी ने कहा, “आज से 12 वर्ष पहले 2014 में 16 मई को कुछ खास हुआ था। उस दिन भारतवासियों के विश्वास ने नई दिशा दी, जिसने उन्हें बिना रुके और बिना थके काम करने की ताकत दी।”

    अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना की और कहा कि नीदरलैंड का हेग आज भारत-नीदरलैंड मित्रता का जीवंत प्रतीक बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट और पता बदल सकता है, लेकिन भारतीयों का अपनी संस्कृति और देश के प्रति लगाव हमेशा बना रहता है।

    पीएम मोदी ने भारत की विकास यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि देश आज बड़े पैमाने पर सोलर पार्क, एक्सप्रेसवे, मेट्रो नेटवर्क, इलेक्ट्रिफाइड रेल नेटवर्क और सिविल एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार कर रहा है।

    उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर विकास वाले देशों में शामिल हो रहा है और नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

    प्रधानमंत्री की यह यात्रा डच प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के निमंत्रण पर हो रही है। नीदरलैंड में करीब 90,000 से अधिक भारतीय मूल के लोग रहते हैं और लगभग 3,500 भारतीय छात्र वहां उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

    पीएम मोदी 17 मई तक नीदरलैंड में रहेंगे और इस दौरान कई द्विपक्षीय और सामुदायिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

  • मालदीव में बड़ा डाइविंग हादसा, इटली के 5 गोताखोरों की मौत; गहरी समुद्री गुफाओं की खोज के दौरान लापता, अब तक सिर्फ एक शव बरामद

    मालदीव में बड़ा डाइविंग हादसा, इटली के 5 गोताखोरों की मौत; गहरी समुद्री गुफाओं की खोज के दौरान लापता, अब तक सिर्फ एक शव बरामद

    नई दिल्ली। मालदीव के वावू एटोल में एक दर्दनाक डाइविंग हादसे में इटली के 5 अनुभवी गोताखोरों की मौत हो गई। सभी गोताखोर समुद्र के करीब 50 मीटर गहराई में मौजूद अंडरवॉटर गुफाओं की खोज के लिए उतरे थे, लेकिन इसके बाद वे वापस नहीं लौट सके।

    स्थानीय अधिकारियों ने इस घटना को मालदीव के इतिहास का सबसे बड़ा डाइविंग हादसा बताया है। अब तक सिर्फ एक गोताखोर का शव बरामद किया गया है, जबकि बाकी चार के गुफा प्रणाली के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

    मृतकों की पहचान मोनिका मोंटेफाल्कोने, जॉर्जिया सोमाकाल, फेडेरिको गुआल्तिएरी, म्यूरियल ओडेनिनो और जियानलुका बेनेडेट्टी के रूप में की गई है। ये सभी ‘ड्यूक ऑफ यॉर्क’ नाम की बोट से समुद्र में डाइविंग के लिए गए थे।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, चार गोताखोर यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोवा से जुड़े हुए थे, जबकि एक बोट ऑपरेशंस मैनेजर था। इनमें वैज्ञानिक, मरीन बायोलॉजिस्ट और स्कूबा डाइविंग इंस्ट्रक्टर भी शामिल थे।

    रेस्क्यू टीम को खराब मौसम और तेज हवाओं (25 से 30 मील प्रति घंटे) के कारण ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समुद्र के अंदर कम विजिबिलिटी और गुफा प्रणाली की जटिल संरचना भी बचाव कार्य को चुनौतीपूर्ण बना रही है।

    अधिकारियों के अनुसार, जिस गुफा में डाइवर्स गए थे, उसमें तीन बड़े चैम्बर्स हैं जो संकरी सुरंगों से जुड़े हैं। टीम अब तक दो चैम्बर्स की तलाशी ले चुकी है, लेकिन बाकी हिस्सों में अब भी तलाशी जारी है।

    इटली सरकार और डाइविंग विशेषज्ञ संगठन मिलकर शवों को वापस लाने और हादसे की जांच में जुटे हैं। शुरुआती जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि खराब मौसम के कारण डाइवर्स रास्ता भटक गए होंगे या किसी एक डाइवर को बचाने के प्रयास में बाकी लोग भी फंस गए होंगे।

    डाइविंग विशेषज्ञ ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी जैसी संभावनाओं की भी जांच कर रहे हैं, जिसमें गहराई में गैस मिश्रण असंतुलित होने पर ऑक्सीजन जहरीली हो सकती है।

    फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन मौसम साफ होने के बाद फिर से शुरू किए जाने की तैयारी है, लेकिन गुफा के अंदर शेष चार गोताखोरों की स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है

  • ब्रिटेन में भारतीय मूल के पूर्व इमाम को उम्रकैद, 20 साल न्यूनतम सजा; ‘जिन्न’ का डर दिखाकर लड़कियों से यौन शोषण के मामले में 21 आरोपों में दोषी करार

    ब्रिटेन में भारतीय मूल के पूर्व इमाम को उम्रकैद, 20 साल न्यूनतम सजा; ‘जिन्न’ का डर दिखाकर लड़कियों से यौन शोषण के मामले में 21 आरोपों में दोषी करार

    नई दिल्ली। ब्रिटेन में भारतीय मूल के पूर्व इमाम अब्दुल हलीम खान को बच्चों और महिलाओं के यौन शोषण के गंभीर मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने उसे रेप, नाबालिगों के साथ यौन अपराध और यौन शोषण सहित कुल 21 मामलों में दोषी पाया है। 54 वर्षीय आरोपी को कम से कम 20 साल जेल में रहना होगा।

    लंदन पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को धार्मिक और आध्यात्मिक शक्ति वाला व्यक्ति बताकर पीड़ितों का विश्वास जीतता था। वह लड़कियों को यह कहकर डराता था कि उन पर ‘जिन्न’ या बुरी आत्मा का असर है और इसी बहाने उनका शारीरिक शोषण करता था।

    जांच में सामने आया कि 2004 से 2015 के बीच उसने ईस्ट लंदन की बांग्लादेशी मुस्लिम कम्युनिटी की 7 महिलाओं और लड़कियों को निशाना बनाया। इनमें 12 साल तक की बच्चियां भी शामिल थीं।

    पुलिस का कहना है कि आरोपी पीड़ितों को यह धमकी भी देता था कि अगर उन्होंने किसी को बताया तो उनके परिवार पर ‘काला जादू’ का असर होगा, जिसके डर से कई पीड़ित सालों तक चुप रहीं।

  • अमेरिका का बड़ा एंटी-ISIS ऑपरेशन: अफ्रीका में छिपा नंबर-2 कमांडर ढेर, ट्रम्प का दावा,संगठन की कमर टूटी

    अमेरिका का बड़ा एंटी-ISIS ऑपरेशन: अफ्रीका में छिपा नंबर-2 कमांडर ढेर, ट्रम्प का दावा,संगठन की कमर टूटी



    नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अफ्रीका में एक बड़े सैन्य ऑपरेशन के दौरान आतंकी संगठन ISIS का दूसरा सबसे बड़ा कमांडर अबू बिलाल अल मिनुकी मारा गया है। यह कार्रवाई अमेरिकी सेना और नाइजीरियाई सुरक्षा बलों के संयुक्त ऑपरेशन के तहत की गई, जिसमें लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।

    ट्रम्प के अनुसार, यह आतंकी संगठन के सबसे सक्रिय और रणनीतिक दिमागों में से एक था, जो फंडिंग नेटवर्क और हमलों की योजना बनाने में अहम भूमिका निभाता था। उसके मारे जाने से ISIS के कमांड स्ट्रक्चर और वित्तीय नेटवर्क को बड़ा नुकसान पहुंचा है। हालांकि इस ऑपरेशन की सटीक जगह और समय को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।

    सूत्रों के मुताबिक, अबू बिलाल अल मिनुकी का जन्म 1982 में नाइजीरिया के बोर्नो राज्य में हुआ था और वह लंबे समय से अफ्रीका में छिपकर ISIS की गतिविधियों को संचालित कर रहा था। उसे 2023 में अमेरिका ने “ग्लोबल टेररिस्ट” घोषित किया था, जिसके बाद उसकी संपत्तियां फ्रीज कर दी गई थीं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी गतिविधियों पर रोक लगा दी गई थी।

    ISIS के इस नंबर-2 कमांडर को संगठन के भीतर “शैडो ऑपरेटर” माना जाता था, क्योंकि वह सीधे सामने नहीं आता था और नेटवर्क व फंडिंग को नियंत्रित करता था। उसके कई नाम भी बताए जाते थे, लेकिन उसकी कोई आधिकारिक तस्वीर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं थी।

    नाइजीरिया और आसपास के पश्चिमी अफ्रीकी देशों में ISIS और उससे जुड़े संगठनों की गतिविधियां लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई हैं। बोको हराम और इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस जैसे संगठन इस क्षेत्र में लगातार हिंसा फैला रहे हैं, जिसमें हजारों लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार, इस ऑपरेशन को ISIS के खिलाफ एक बड़ी रणनीतिक सफलता माना जा रहा है, लेकिन संगठन के पूरी तरह खत्म होने की संभावना अभी भी नहीं है क्योंकि इसके नेटवर्क कई देशों में फैले हुए हैं और यह समय-समय पर नए नेतृत्व के साथ सक्रिय हो जाता है।

    कुल मिलाकर, यह कार्रवाई अफ्रीका में आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग का एक अहम उदाहरण मानी जा रही है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • भारत की वैश्विक उड़ान का संदेश: नीदरलैंड में मोदी बोले-स्टार्टअप से लेकर सेमीकंडक्टर तक, अब ग्रोथ इंजन बनेगा भारत

    भारत की वैश्विक उड़ान का संदेश: नीदरलैंड में मोदी बोले-स्टार्टअप से लेकर सेमीकंडक्टर तक, अब ग्रोथ इंजन बनेगा भारत



    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीदरलैंड के द हेग दौरे पर प्रवासी भारतीयों को संबोधित करने पहुंचे, जहां उन्होंने भारत की तेज आर्थिक और तकनीकी प्रगति पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बन चुका है और अब वैश्विक ग्रोथ इंजन बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस कार्यक्रम में भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और पीएम ने इसे भारत के किसी उत्सव जैसा माहौल बताया।

    अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि देश में स्टार्टअप्स की संख्या तेजी से बढ़ी है और आज यह संख्या 2 लाख से अधिक हो चुकी है। उन्होंने बताया कि भारत में यूनिकॉर्न कंपनियों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है और डिजिटल इंडिया अभियान ने इस विकास को नई गति दी है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत में UPI के जरिए होने वाले डिजिटल ट्रांजेक्शन ने दुनिया में एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जहां अरबों लेनदेन हर साल डिजिटल माध्यम से हो रहे हैं।

    पीएम मोदी ने सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी सेक्टर में हो रहे निवेश का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि देश में 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनमें से कुछ में उत्पादन भी शुरू हो चुका है। इससे भारत जल्द ही चिप डिजाइन और निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अब सिर्फ ट्रांसफॉर्मेशन नहीं बल्कि फास्टेस्ट और बेस्ट ग्रोथ मॉडल चाहता है।

    विदेशी निवेश और नवाचार पर जोर देते हुए पीएम ने कहा कि भारत के युवा आज स्टार्टअप, एआई, सेमीकंडक्टर और नई टेक्नोलॉजी में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब लोगों के सपने पूरे होते हैं। इसी वजह से देश में पेटेंट फाइलिंग और इनोवेशन में भी तेजी आई है।

    कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने नीदरलैंड में बसे भारतीय समुदाय की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रवासी अपनी मेहनत और प्रतिभा से नीदरलैंड की अर्थव्यवस्था और समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने डच नेतृत्व द्वारा भारतीय समुदाय की प्रशंसा का भी उल्लेख किया।

    मोदी ने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे बचपन से ही देशभक्ति की भावना से जुड़े रहे हैं और जनता का समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि 2014 में मिली स्थिर सरकार के बाद भारत ने विकास की नई गति पकड़ी है और यह यात्रा लगातार जारी है।

    इस यात्रा के दौरान एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पहल भी सामने आई, जब नीदरलैंड ने 11वीं सदी की ‘अनाइमंगलम कॉपर प्लेट्स’ भारत को वापस लौटाईं। ये प्राचीन तांबे की पट्टिकाएं चोल काल से जुड़ी हैं और इनमें दक्षिण भारत के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों का महत्वपूर्ण विवरण दर्ज है। इनका वजन लगभग 30 किलो है और इन्हें भारत की ऐतिहासिक धरोहर के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

    कुल मिलाकर पीएम मोदी का यह दौरा भारत-नीदरलैंड संबंधों को मजबूत करने, प्रवासी भारतीयों से जुड़ाव बढ़ाने और भारत की वैश्विक आर्थिक छवि को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।