Author: bharati

  • गोरखपुर में दर्दनाक घटना: इंजीनियर ने पत्नी से विवाद के बाद फांसी लगाकर दी जान

    गोरखपुर में दर्दनाक घटना: इंजीनियर ने पत्नी से विवाद के बाद फांसी लगाकर दी जान



    नई दिल्ली। गोरखपुर में एक 33 वर्षीय इंजीनियर ने पत्नी से चल रहे विवाद और मानसिक तनाव से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान कुशीनगर निवासी प्रद्युमन यादव के रूप में हुई है, जो इंदौर की एक निजी कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे।

    जानकारी के अनुसार, प्रद्युमन यादव की शादी 2017 में अर्पिता यादव से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच अनबन शुरू हो गई और पत्नी मायके जाकर रहने लगी। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया और मामला दहेज उत्पीड़न तक पहुंच गया, जो पिछले 6 सालों से कोर्ट में विचाराधीन था।

    परिजनों के अनुसार, लगातार विवाद और मानसिक तनाव के कारण प्रद्युमन काफी परेशान रहने लगे थे। बीते दिनों कोर्ट की तारीख पर आने के बाद वे गोरखपुर पहुंचे थे और फिर अपने बहनोई के घर हाटा में रुके थे। इसके बाद वह कुसमी जंगल स्थित बुढ़िया माई मंदिर दर्शन के लिए गए।

    इसी दौरान उन्होंने करीब 1 मिनट 48 सेकंड का एक वीडियो रिकॉर्ड कर अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर डाला, जिसमें उन्होंने भावुक होकर अपनी परेशानी साझा की। वीडियो में उन्होंने कहा कि वह अब पूरी तरह टूट चुके हैं और पत्नी के विवादों से परेशान हैं।

    वीडियो में उन्होंने अपने परिवार को संबोधित करते हुए कहा—“भाई, माफ करना… अब माता-पिता को समझा देना कि उनका अब एक ही बेटा है।” साथ ही उन्होंने अपनी बेटी को भी संदेश दिया और भावुक शब्दों में कहा कि वह अब और नहीं सह सकते।

    सबसे दर्दनाक पल वह था जब उन्होंने फंदे की ओर इशारा करते हुए कहा—“देखो मेरा सेहरा तैयार है, मैं अब जा रहा हूं।” इसके बाद उन्होंने पेड़ से लटककर अपनी जान दे दी।

    घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मामला घरेलू विवाद और मानसिक तनाव से जुड़ा प्रतीत होता है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

  • 1500 किमी दूर से आए मजदूरों की हालत गंभीर, देवास हादसे में बढ़ा मौत का खतरा

    1500 किमी दूर से आए मजदूरों की हालत गंभीर, देवास हादसे में बढ़ा मौत का खतरा


    देवास ।  देवास जिले के टोंककलां क्षेत्र में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया है। इस हादसे में जहां पांच मजदूरों की मौत हो चुकी है, वहीं करीब 25 लोग घायल हुए हैं। इनमें तीन मजदूरों की हालत बेहद चिंताजनक है, जो 99 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं और जिंदगी-मौत की जंग लड़ रहे हैं। घायलों का इलाज देवास के अमलतास हॉस्पिटल की बर्न यूनिट में किया जा रहा है, जहां डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

    डॉक्टरों ने बताया- शरीर के कई अंग फेल होने का खतर
    अस्पताल के विशेषज्ञों के अनुसार इतने गंभीर बर्न केस में शरीर की स्थिति तेजी से बिगड़ती है। डॉक्टरों ने बताया कि 99% तक जलने की स्थिति में मरीज के फेफड़े सबसे पहले प्रभावित होते हैं, जिससे सांस लेने में गंभीर दिक्कत होती है।

    डॉक्टरों के अनुसार विस्फोट में उठे धुएं और गर्म हवा के कारण लंग इंजरी की संभावना बढ़ जाती है। इससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी, खून की संरचना में बदलाव और “हेमोलिसिस” जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है, जिसमें रक्त कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं और खून पानी जैसा हो जाता है। इसके चलते किडनी फेलियर, लिवर डैमेज और शॉक में जाने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि यह ऐसी स्थिति है जिसमें मरीज की जान बचाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

    त्वचा के साथ सांस नली भी प्रभावित
    विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसे मामलों में केवल त्वचा ही नहीं, बल्कि श्वसन तंत्र भी गंभीर रूप से प्रभावित होता है। मरीजों को सांस लेने में भारी कठिनाई होती है और उन्हें लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा जाता है। शरीर में पानी की कमी, नसों की कार्यक्षमता में गिरावट और संक्रमण का खतरा भी तेजी से बढ़ता है। मरीजों को हाइपोथर्मिया और हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरती जा रही है।

    बिहार से आए थे मजदूर, परिवारों में मातम
    घायल मजदूरों में कई लोग बिहार से करीब 1500 किलोमीटर दूर काम करने आए थे। हादसे के बाद उनके परिवारों में चिंता और सदमे का माहौल है। कुछ मजदूरों की हालत इतनी गंभीर है कि डॉक्टरों ने उनके जीवित बचने की संभावना को बेहद कम बताया है।

    घटना की जांच जारी
    जिला प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है, जिसमें बिजली विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और औद्योगिक सुरक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हैं। टीम फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों, विस्फोट के कारणों और नियमों के उल्लंघन की जांच कर रही है।

    लापता मजदूरों की तलाश भी जारी
    घायलों के बयान के अनुसार दो मजदूर हादसे के बाद से लापता हैं। प्रशासन उनकी तलाश में जुटा हुआ है। वहीं, कई मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद उनके गृह राज्य भेजा गया है।

    देवास का यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 99% तक झुलसे मजदूरों की जिंदगी के लिए डॉक्टरों की जंग जारी है, लेकिन उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।

  • हमीरपुर में शादी बनी विवाद की वजह: दूल्हे ने ससुर को मारा थप्पड़, दुल्हन ने लौटाई बारात

    हमीरपुर में शादी बनी विवाद की वजह: दूल्हे ने ससुर को मारा थप्पड़, दुल्हन ने लौटाई बारात

    हमीरपुर। हमीरपुर में एक शादी समारोह उस समय हंगामे और विवाद में बदल गया जब बारातियों और घरातियों के बीच कहासुनी के बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। घटना सुमेरपुर ब्लॉक के विदोखर पुरई गांव की है, जहां महोबा से आई बारात के दौरान खुशियों का माहौल अचानक तनाव में बदल गया।

    जानकारी के अनुसार, द्वारचार और रस्मों के बाद जनवासे में कुछ महिलाएं पारंपरिक तरीके से डांस कर रही थीं। इसी दौरान कुछ बाराती भी उनके साथ जबरन डांस करने लगे, जिससे माहौल असहज हो गया। जब महिलाओं ने दूरी बनाई तो बारातियों ने उनके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की, जिसका घरातियों ने विरोध किया।

    विरोध करने पर विवाद और बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी होने लगी। इसी दौरान दूल्हे पर आरोप है कि उसने दुल्हन के पिता को थप्पड़ मार दिया, जिससे माहौल पूरी तरह बिगड़ गया। घटना से आहत होकर दुल्हन संजना ने तुरंत शादी से इनकार कर दिया और फेरे लेने से मना कर दिया।

    दुल्हन का कहना था कि जब उसके पिता के साथ अभद्रता हुई तो वह यह शादी आगे नहीं कर सकती। इसके बाद दोनों पक्षों में सुलह की कोशिश भी की गई, लेकिन बात नहीं बन सकी।

    सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक स्थिति काफी बिगड़ चुकी थी। अंततः बारात को बिना दुल्हन के वापस लौटना पड़ा। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे शादी में हुई गंभीर लापरवाही और बदसलूकी का नतीजा बता रहे हैं।

  • शाजापुर में बिजली कटौती का अलर्ट, कल 3 घंटे बाधित रहेगी सप्लाई

    शाजापुर में बिजली कटौती का अलर्ट, कल 3 घंटे बाधित रहेगी सप्लाई


    शाजापुर  शाजापुर शहर के निवासियों को रविवार, 17 मई 2026 को तीन घंटे की बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। विद्युत विभाग ने जानकारी दी है कि सुबह 7 बजे से 10 बजे तक लालघाटी उपकेंद्र से जुड़े कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी। यह कटौती आवश्यक तकनीकी रखरखाव और लाइन सुधार कार्य के चलते की जा रही है। विभाग के अनुसार, 33 केवी धनलक्ष्मी लाइन और न्यू कलेक्टर फीडर पर 11 केवी कंडक्टर बदलने एवं सुधार कार्य किया जाएगा। इस दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 11 केवी जेल फीडर और 11 केवी इमरजेंसी फीडर को भी अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा।

    इन प्रमुख इलाकों में रहेगा असर
    बिजली कटौती के दौरान शहर के कई महत्वपूर्ण क्षेत्र प्रभावित रहेंगे। इनमें हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, जिला जेल, डाइट कॉलेज, कलेक्ट्रेट सर्कल ऑफिस, मजिस्ट्रेट निवास, बापू की कुटिया, स्टेडियम, राजराजेश्वरी मंदिर, विजय नगर, ज्योति नगर, बस स्टैंड और ट्रॉमा सेंटर सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। इन इलाकों में सुबह के समय सामान्य जनजीवन, कार्यालय कार्य और घरेलू गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। विशेषकर सरकारी कार्यालयों और अस्पताल क्षेत्र में पहले से तैयारी करने की सलाह दी गई है।

    विद्युत विभाग की अपील: पहले से कर लें जरूरी काम
    विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि लोग बिजली कटौती के समय को ध्यान में रखते हुए अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि मेंटेनेंस कार्य समय से पहले पूरा हो जाता है, तो बिजली आपूर्ति निर्धारित समय से पहले भी बहाल की जा सकती है। स्थानीय प्रशासन ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और इस तकनीकी कार्य में सहयोग करें, ताकि भविष्य में बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

    तकनीकी सुधार से भविष्य में मिलेगी राहत
    विद्युत विभाग का कहना है कि यह मेंटेनेंस कार्य आने वाले दिनों में ट्रिपिंग, वोल्टेज उतार-चढ़ाव और लाइन फॉल्ट जैसी समस्याओं को कम करेगा। इससे शाजापुर शहर को अधिक स्थिर और मजबूत बिजली आपूर्ति प्रणाली का लाभ मिलेगा।

  • एमपी, यूपी और राजस्थान में पारा 47°C तक पहुंचने की आशंका, कई राज्यों में हीटवेव और बारिश दोनों के अलर्ट

    एमपी, यूपी और राजस्थान में पारा 47°C तक पहुंचने की आशंका, कई राज्यों में हीटवेव और बारिश दोनों के अलर्ट


    नई दिल्ली। मौसम विभाग के अनुसार इस बार मानसून सामान्य समय से पहले 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है, लेकिन इसके बावजूद देश में मौसम का मिजाज चिंताजनक बना हुआ है। अमेरिकी एजेंसी NOAA की रिपोर्ट के अनुसार इस साल सुपर अल-नीनो की स्थिति बनने की संभावना है, जिससे मानसून कमजोर रह सकता है और देश के कई हिस्सों में सूखा व भीषण गर्मी बढ़ सकती है।

    अल-नीनो एक जलवायु घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर का तापमान बढ़ने से मानसूनी हवाओं की दिशा प्रभावित होती है, जिससे भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया में बारिश कम होने और तापमान बढ़ने की आशंका रहती है। इसी कारण इस बार बारिश सामान्य से कम और गर्मी अधिक रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।

    मौसम विभाग के मुताबिक इस बार मानसून केरल से 1 जून के बजाय 26 मई के आसपास प्रवेश कर सकता है, लेकिन इसके बाद अलग-अलग राज्यों में इसकी गति अलग-अलग रहेगी। अनुमान के अनुसार राजस्थान में 20 जून, मध्य प्रदेश में 12 जून, उत्तर प्रदेश में 18 जून और बिहार में 8 से 10 जून के बीच मानसून पहुंच सकता है।

    फिलहाल देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का असर जारी है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड और विदर्भ में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है, जहां तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। कई इलाकों में रात के समय भी लू चलने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    मध्य प्रदेश के भोपाल में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया, जिससे सड़कों का डामर तक पिघलने की स्थिति बन गई। वहीं राजस्थान के फलौदी में 44.8 डिग्री और महाराष्ट्र के अमरावती में 45.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जिससे कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।

    इसके साथ ही मौसम विभाग ने अलग-अलग राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान के अलर्ट भी जारी किए हैं। झारखंड में ऑरेंज अलर्ट, बिहार और हरियाणा के कुछ जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी है, जबकि जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

    वहीं उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और महाराष्ट्र में हीटवेव का असर अगले एक सप्ताह तक जारी रहने की आशंका है। कई राज्यों में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
     

  • रेलवे फाटक के पास विस्फोटक मिलने से पुलिस अलर्ट, CCTV खंगाल रही जांच

    रेलवे फाटक के पास विस्फोटक मिलने से पुलिस अलर्ट, CCTV खंगाल रही जांच


    शाजापुर (उज्जैन)। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के मक्सी थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब देवास रेलवे फाटक के पास संदिग्ध विस्फोटक सामग्री पड़ी मिली। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया।

    मौके से बरामद हुईं 6 पेटी जिलेटिन रॉड
    पुलिस ने मौके से करीब 6 पेटी जिलेटिन रॉड बरामद की हैं, जिनका उपयोग आमतौर पर खदानों में ब्लास्टिंग कार्य के लिए किया जाता है। संदिग्ध सामग्री मिलने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

    स्थानीय लोगों की सूचना से खुला मामला
    जानकारी के अनुसार, रेलवे फाटक के पास संदिग्ध पेटियां देख स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

    CCTV और जांच में जुटी पुलिस, हर एंगल से पड़ताल
    मक्सी थाना प्रभारी संजय वर्मा के अनुसार, बरामद सामग्री फिलहाल जिलेटिन रॉड जैसी प्रतीत हो रही है। सभी पेटियों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और जांच के लिए विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह सामग्री वहां कैसे और किसने रखी।

    ट्रक कटिंग से जुड़ने की आशंका भी जांच में शामिल
    प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि रतलाम क्षेत्र में विस्फोटक भंडारण स्थल से चोरी और ट्रक कटिंग की घटना हुई थी। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    मक्सी में विस्फोटक सामग्री की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। पुलिस हर संभावना को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसके पीछे कौन और क्या मकसद था।

  • प्रयागराज में पर्यटकों को बड़ी राहत: राही पर्यटक आवासों में 25% छूट की घोषणा

    प्रयागराज में पर्यटकों को बड़ी राहत: राही पर्यटक आवासों में 25% छूट की घोषणा



    प्रयागराज । प्रयागराज में पर्यटन विभाग ने पर्यटकों को आकर्षित करने और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब जिले के राही पर्यटक आवासों में ठहरने पर पर्यटकों को 25 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। यह योजना इसी माह से लागू होने जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, प्रयागराज में पर्यटन विभाग के दो प्रमुख राही पर्यटक आवास संचालित हैं, जिनमें Triveni Darshan Tourist Bungalow (बोट क्लब, पाल क्षेत्र) और Rahi Ilavart Hotel (सिविल लाइंस) शामिल हैं। इन दोनों स्थानों पर पर्यटक अब कम कीमत में ठहर सकेंगे।

    पर्यटन अधिकारी कीर्तिमान श्रीवास्तव के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य लोगों को विदेश यात्रा के बजाय भारत के भीतर ही धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों की ओर आकर्षित करना है। प्रयागराज जैसे तीर्थ और सांस्कृतिक शहर में पर्यटन को नई गति देने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    इस योजना के तहत न केवल ठहरने की सुविधा सस्ती होगी, बल्कि रेस्टोरेंट और अन्य सेवाओं में भी विशेष छूट देने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए पर्यटन विभाग को रेस्टोरेंट एसोसिएशन के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से प्रयागराज आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय पर्यटन उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।

  • शाजापुर बस हादसा: आग लगने से मासूम की मौत, सुरक्षा पर उठे सवाल

    शाजापुर बस हादसा: आग लगने से मासूम की मौत, सुरक्षा पर उठे सवाल

    शाजापुर (उज्जैन)। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में शुक्रवार रात नेशनल हाईवे पर एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। इंदौर से ग्वालियर जा रही इंटरसिटी AC बस (MP-07 ZL 9090) में अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि बस कुछ ही मिनटों में आग के गोले में बदल गई और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।

    4 साल का मासूम जिंदा जला, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
    इस दर्दनाक हादसे में शिवपुरी निवासी अभिषेक जैन का 4 वर्षीय बेटा अनय बस के अंदर ही फंस गया और आग में जिंदा जल गया। परिजन और यात्रियों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। प्रशासन को मासूम का शव निकालने में करीब 2 घंटे लग गए।

     चेतावनी के बावजूद लापरवाही, यात्रियों ने सुनाई आपबीती
    यात्रियों के मुताबिक, सफर के दौरान बस में वायरिंग जलने की बदबू आ रही थी। कई लोगों ने इसकी शिकायत ड्राइवर से की, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया। रात करीब 12 बजे बस जब हाईवे पर एक ढाबे के पास रुकी, तभी कुछ ही मिनटों बाद आग लग गई और अफरा-तफरी मच गई।

    न इमरजेंसी गेट, न फायर सिस्टम-बचाव में बड़ी दिक्कत
    हादसे के समय बस में 50 से अधिक यात्री सवार थे। बताया गया कि बस में न तो इमरजेंसी एग्जिट ठीक से काम कर रहा था और न ही अग्निशमन यंत्र मौजूद था। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि लोगों को खिड़कियां और शीशे तोड़कर बाहर निकलना पड़ा।

    फायर ब्रिगेड पर भी सवाल, देर से पहुंची मदद
    स्थानीय लोगों के अनुसार, फायर ब्रिगेड करीब आधे घंटे बाद पहुंची और शुरुआती गाड़ी में पानी तक नहीं था। बाद में 5 दमकल गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।

    पिता ने बचाई कई जानें, पर बेटा नहीं बच सका
    दुखद घटना के बीच पिता अभिषेक जैन ने कई यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की और मिले लाखों के जेवर पुलिस को सौंपे। लेकिन अपने बेटे को नहीं बचा सके।

    शाजापुर का यह हादसा बस सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी जांच और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक मासूम की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

  • कानपुर में दरोगा पर युवक को थर्ड डिग्री देने का आरोप, 40 सेकेंड में 15 थप्पड़ जड़ने का दावा

    कानपुर में दरोगा पर युवक को थर्ड डिग्री देने का आरोप, 40 सेकेंड में 15 थप्पड़ जड़ने का दावा


    कानपुर। कानपुर में एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहां एक दरोगा पर युवक को थर्ड डिग्री देने और बेरहमी से मारपीट करने के आरोप लगे हैं। पीड़ित युवक कमल कश्यप, जो राम नारायण बाजार स्थित एक इलेक्ट्रिक दुकान में काम करता है, ने आरोप लगाया है कि उसे चोरी के शक में बहाने से चौकी बुलाकर बुरी तरह पीटा गया।

    जानकारी के अनुसार, युवक को एक मुखबिर और उसके साथी के जरिए पटकापुर चौकी ले जाया गया, जहां चौकी इंचार्ज प्रशांत सिंह सोमवंशी पर आरोप है कि उन्होंने पूछताछ के दौरान महज 30 से 40 सेकेंड में युवक के गालों पर लगभग 15 थप्पड़ मारे। इसके बाद आरोप है कि उसकी उंगलियों में सूजा फंसाकर उसे जमीन पर दबाया गया और जूतों से प्रताड़ित किया गया। इस दौरान मौजूद मुखबिर और उसका साथी कथित तौर पर पूरे घटनाक्रम पर हंसते रहे और दरोगा को उकसाते रहे।

    पीड़ित का यह भी आरोप है कि जब उसने खुद को बेकसूर बताया तो मारपीट और तेज कर दी गई। बाद में करीब तीन घंटे तक चौकी में रखने के बाद उसे छोड़ा गया। इस घटना की जानकारी जब इलाके के व्यापारियों को मिली तो वे चौकी पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज की मांग की, लेकिन उन्हें वहां से वापस लौटा दिया गया।

    इसके बाद शुक्रवार को राम नारायण बाजार के व्यापारियों ने घटना के विरोध में अपनी दुकानें बंद कर दीं और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और जांच का आश्वासन देकर स्थिति को शांत कराया।

    पीड़ित के अनुसार, घटना के दौरान चौकी में मौजूद मुखबिर ने यहां तक कहा कि “आंख में मिर्च डालो तो सच बताएगा”, जिससे पूरे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया। वहीं आरोप यह भी है कि दरोगा पहले भी सोशल मीडिया पर वर्दी में रील बनाने को लेकर चर्चा में रह चुके हैं।

    फिलहाल मामले में एसीपी कोतवाली का कहना है कि लगाए गए सभी आरोपों की जांच की जा रही है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन की भूमिका को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश बना हुआ है।

  • राजगढ़ के प्राचीन शनि मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, शनि जयंती पर विशेष पूजा

    राजगढ़ के प्राचीन शनि मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, शनि जयंती पर विशेष पूजा

    राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर नाहरदा क्षेत्र में स्थित प्राचीन शनि मंदिर में शनिवार को आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। 105 साल पुराने इस मंदिर में शनि जयंती और शनिचरी अमावस्या का दुर्लभ संयोग बनने के कारण सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 11 बजे के बाद मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तों से भर गया और दूर-दराज के गांवों के साथ-साथ राजस्थान से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे।

    जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर, चढ़ाया गया तेल और काली उड़द
    पूरे मंदिर परिसर में “जय शनिदेव” के जयकारों और घंटियों की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु अपने हाथों में सरसों का तेल, काली उड़द, नारियल, दीपक और फूल लेकर कतारों में खड़े होकर दर्शन कर रहे हैं। मंदिर समिति द्वारा इस विशेष अवसर पर शनिदेव का चांदी के आभूषणों से भव्य श्रृंगार किया गया, जो भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।

    श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई विशेष पूजा-अर्चना
    इस दुर्लभ संयोग का लाभ लेने के लिए श्रद्धालु अपने परिवार सहित मंदिर पहुंचे और शनिदेव की विशेष पूजा-अर्चना की। भक्तों ने सुख-शांति, व्यापार में उन्नति और शनि दोष से मुक्ति की कामना की। मंदिर में दर्शनार्थियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाएं भी सुचारू की गईं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    राजगढ़ का यह शनि मंदिर एक बार फिर आस्था और विश्वास का केंद्र बन गया है, जहां दुर्लभ खगोलीय और धार्मिक संयोग ने भक्तों की भारी भीड़ आकर्षित की है।