Author: bharati

  • MP Weather Alert: आंधी-बारिश, ओले और कोहरे का कहर, आज 20 जिलों में अलर्ट; तीन दिन बिगड़ा रहेगा मौसम

    MP Weather Alert: आंधी-बारिश, ओले और कोहरे का कहर, आज 20 जिलों में अलर्ट; तीन दिन बिगड़ा रहेगा मौसम


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश, ओलावृष्टि और कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने आज राज्य के करीब 20 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और मावठा गिरने की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही अगले तीन दिनों तक कई इलाकों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी दी गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने के कारण प्रदेश में बारिश और ओले गिर रहे हैं। वहीं 5 फरवरी को पश्चिम-उत्तरी भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। इसके चलते 10 फरवरी तक प्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का दौर दोबारा शुरू हो सकता है।

    आज यानी मंगलवार को ग्वालियर, राजगढ़, रीवा, विदिशा, गुना, मुरैना, भिंड, आगर मालवा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, सागर, दमोह, दतिया, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और निवाड़ी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। इनमें से कई जिलों में सुबह के समय मध्यम कोहरा भी देखा गया, जिससे दृश्यता प्रभावित रही।

    आने वाले तीन दिनों के मौसम की बात करें तो 4 फरवरी बुधवार को ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, सतना, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर और पन्ना जिलों में मध्यम कोहरा छाया रहेगा।5 फरवरी गुरुवार को ग्वालियर, गुना, रीवा, राजगढ़, मऊगंज, मुरैना, भिंड, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, दतिया, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर में कोहरे का असर देखने को मिलेगा।

    वहीं 6 फरवरी शुक्रवार को ग्वालियर, गुना, रीवा, शिवपुरी, श्योपुर, सिंगरौली, सतना, सीधी, अशोकनगर, मऊगंज, मुरैना, भिंड, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में कोहरा छाए रहने की संभावना है।लगातार बदलते मौसम के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है, वहीं लोगों को भी ठंड, कोहरे और बारिश से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने सुबह और रात के समय सावधानी बरतने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।

  • IRGC को आतंकी संगठन घोषित करने पर ईरान का तीखा जवाब, EU के सभी राजदूत तलब

    IRGC को आतंकी संगठन घोषित करने पर ईरान का तीखा जवाब, EU के सभी राजदूत तलब



    तेहरान। ईरान और यूरोपीय संघ के बीच कूटनीतिक तनाव और गहरा गया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) को आतंकवादी संगठन घोषित करने के यूरोपीय संघ के फैसले के विरोध में ईरान ने सभी EU देशों के राजदूतों को तलब किया है। तेहरान ने इस कदम को अवैध, अनुचित और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया है।

    यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ईरान पहले से ही देशभर में हुए प्रदर्शनों पर कथित हिंसक कार्रवाई और सामूहिक फांसी के मामलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव झेल रहा है। इसी बीच अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाते हुए यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत और कई मिसाइल विध्वंसक जहाज तैनात कर दिए हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सैन्य कार्रवाई का आदेश देंगे या नहीं, क्योंकि क्षेत्रीय देश किसी नए युद्ध को रोकने के लिए कूटनीतिक कोशिशें कर रहे हैं।

    EU के फैसले से बढ़ा विवाद

    यूरोपीय संघ ने पिछले सप्ताह ईरान में हुए देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान कथित हिंसक कार्रवाई में IRGC की भूमिका का हवाला देते हुए उसे आतंकवादी संगठन घोषित करने पर सहमति जताई थी। इन प्रदर्शनों में हजारों लोगों की मौत और बड़ी संख्या में गिरफ्तारी के दावे किए गए हैं।
    अमेरिका और कनाडा पहले ही IRGC को आतंकवादी संगठन की सूची में शामिल कर चुके हैं। भले ही EU का यह कदम काफी हद तक प्रतीकात्मक माना जा रहा हो, लेकिन इससे ईरान पर आर्थिक और राजनीतिक दबाव बढ़ गया है, क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था में IRGC की अहम भूमिका है।

    ईरान की चेतावनी और जवाबी कदम की तैयारी

    ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघाई ने बताया कि रविवार से EU राजदूतों को तलब करने की प्रक्रिया शुरू हुई और सोमवार तक जारी रही। उन्होंने कहा कि कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है और उन्हें निर्णय लेने वाले संस्थानों के पास भेज दिया गया है।
    बाघाई ने स्पष्ट किया कि यूरोपीय संघ के इस “अवैध और गलत” कदम के जवाब में ईरान आने वाले दिनों में ठोस फैसला ले सकता है।

    होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य अभ्यास जारी

    इस बीच ईरान ने स्पष्ट किया है कि फारस की खाड़ी के प्रवेश द्वार होर्मुज जलडमरूमध्य में IRGC का सैन्य अभ्यास तय कार्यक्रम के अनुसार जारी है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम है, जहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल व्यापार का आवागमन होता है।

    जब संभावित युद्ध को लेकर सवाल किया गया तो बाघाई ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है, हालांकि उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि अमेरिका की ओर से ईरान को कोई समयसीमा दी गई है या नहीं।

    EU की सेनाओं को आतंकी मानने का एलान

    इससे पहले ईरानी संसद के अध्यक्ष ने 2019 के एक कानून का हवाला देते हुए कहा था कि अब ईरान यूरोपीय संघ की सभी सैन्य इकाइयों को आतंकवादी संगठन मानता है।

    IRGC का प्रभाव और इतिहास

    गौरतलब है कि IRGC की स्थापना 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद शिया नेतृत्व वाली सरकार की सुरक्षा के लिए की गई थी और बाद में इसे संविधान का हिस्सा बना दिया गया। यह नियमित सेना के समानांतर काम करता है।
    1980 के दशक में इराक के साथ युद्ध के दौरान इसकी ताकत और प्रभाव तेजी से बढ़ा। युद्ध के बाद इसके विघटन की चर्चा जरूर हुई, लेकिन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इसे निजी क्षेत्र में विस्तार की अनुमति दी, जिससे यह ईरान की राजनीति, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था में एक शक्तिशाली संस्था बन गया।

  • मुकदमे से ठीक पहले गिरफ्तारी: नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस के बेटे पर लगे नए गंभीर आरोप

    मुकदमे से ठीक पहले गिरफ्तारी: नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस के बेटे पर लगे नए गंभीर आरोप

    नॉर्वे। नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेटे-मारिट के बेटे मारियस बोर्ग होइबी की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। बलात्कार समेत कई गंभीर आरोपों के मुकदमे से ठीक पहले उन्हें नए आपराधिक मामलों में गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उन्हें रविवार शाम हिरासत में लिया, जिससे उनके खिलाफ चल रही जांच और मुकदमे की गंभीरता और बढ़ गई है।

    यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब होइबी के खिलाफ मुख्य मुकदमा मंगलवार से ओस्लो जिला अदालत में शुरू होने वाला है। इस मुकदमे में उन पर कुल 38 आरोप लगाए गए हैं, जिनमें चार बलात्कार के मामले, पूर्व साथियों के खिलाफ हिंसा, धमकी, नशीली दवाओं के कब्जे और अन्य अपराध शामिल हैं।

    क्या हैं नए आरोप
    ओस्लो पुलिस के मुताबिक, मारियस बोर्ग होइबी पर शारीरिक नुकसान पहुंचाने, चाकू दिखाकर धमकाने और अदालत द्वारा जारी निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने का संदेह है। पुलिस ने अदालत से उन्हें चार सप्ताह तक न्यायिक हिरासत में रखने की मांग की है, यह कहते हुए कि उनके दोबारा अपराध करने का खतरा बना हुआ है।
    इन नए आरोपों के चलते होइबी को पहले से दर्ज मामलों के अलावा अतिरिक्त आपराधिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।

    पहले से दर्ज हैं कई गंभीर मामले
    होइबी के खिलाफ जांच की शुरुआत 2024 में हुई थी, जब उन पर अपनी तत्कालीन साथी के साथ शारीरिक हिंसा करने का आरोप लगा।

    बाद में उन्होंने स्वीकार किया था कि कोकीन और शराब के नशे में उन्होंने महिला को चोट पहुंचाई और उसके अपार्टमेंट में तोड़फोड़ की। उन्होंने अपने व्यवहार पर पछतावा भी जताया था।

    हालांकि, उनके वकील के अनुसार होइबी ने बलात्कार और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर आरोपों से इनकार किया है। यदि अदालत में आरोप साबित हो जाते हैं, तो उन्हें अधिकतम 10 साल तक की सजा हो सकती है।

    19 मार्च तक चल सकता है मुकदमा
    मुख्य मुकदमे की सुनवाई 19 मार्च तक चलने की संभावना है। नए मामलों में गिरफ्तारी ने न केवल इस हाई-प्रोफाइल केस को और संवेदनशील बना दिया है, बल्कि नॉर्वे के शाही परिवार से जुड़े इस मामले पर देश-विदेश में निगाहें भी टिका दी हैं।

  • Bhopal Crime News: दुष्कर्म आरोपी की कोर्ट में पेशी पर हंगामा, वकीलों ने की पिटाई; कमला पार्क में नाबालिग पर चाकू से हमला

    Bhopal Crime News: दुष्कर्म आरोपी की कोर्ट में पेशी पर हंगामा, वकीलों ने की पिटाई; कमला पार्क में नाबालिग पर चाकू से हमला


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को अपराध और कानून-व्यवस्था से जुड़े दो गंभीर मामले सामने आए, जिससे शहर में हड़कंप मच गया। पहला मामला कोहेफिजा इलाके का है, जहां 11वीं कक्षा की छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी की कोर्ट में पेशी के दौरान जमकर हंगामा हुआ। वहीं दूसरी घटना श्यामला हिल्स थाना क्षेत्र के कमला पार्क रेत घाट के पास की है, जहां एक नाबालिग युवक पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।

    कोहेफिजा थाना क्षेत्र में दर्ज दुष्कर्म के मामले में पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश करने पहुंची थी। जैसे ही आरोपी को कोर्ट परिसर में लाया गया, वहां मौजूद वकीलों ने उसे घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस और वकीलों के बीच तीखी बहस के बाद झूमा-झटकी भी हुई। आरोप है कि आरोपी ने कार में 11वीं की छात्रा के साथ दुष्कर्म किया था और धर्म परिवर्तन के साथ अश्लील वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल भी किया था। घटना के दौरान हुए हंगामे और मारपीट का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने किसी तरह हालात को संभालते हुए आरोपी को दो दिन की रिमांड पर लिया है।

    इधर, शहर के श्यामला हिल्स थाना क्षेत्र अंतर्गत कमला पार्क रेत घाट के पास एक और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां 17 वर्षीय नाबालिग युवक पर बदमाशों ने चाकू से हमला कर दिया। युवक पर धारदार हथियार से हाथ और पीठ पर वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले में युवक के पीठ और हाथ के पंजे में गहरी चोटें आई हैं।

    घायल युवक को तत्काल हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

    लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने राजधानी की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर कोर्ट परिसर में आरोपी के साथ मारपीट, तो दूसरी ओर सार्वजनिक स्थान पर नाबालिग पर जानलेवा हमला इन दोनों मामलों ने पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बढ़ा दी है।

  • India-US ट्रेड डील से शेयर बाजार को बूस्ट, ट्रंप के टैरिफ कट से निफ्टी 25,500 के पार जाने की उम्मीद

    India-US ट्रेड डील से शेयर बाजार को बूस्ट, ट्रंप के टैरिफ कट से निफ्टी 25,500 के पार जाने की उम्मीद


    मुंबई। लंबे इंतजार के बाद भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर मुहर लग गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को इसकी घोषणा करते हुए भारत पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ में बड़ी कटौती का ऐलान किया।
    ट्रंप के मुताबिक भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।

    वर्तमान में अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊंचे टैरिफ में कुल मिलाकर 32 प्रतिशत की राहत दी गई है। इससे पहले रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर अतिरिक्त शुल्क लगाया गया था। इस फैसले को बजट 2026 के बाद शेयर बाजार के लिए एक और बड़ी पॉजिटिव खबर के तौर पर देखा जा रहा है, जिसका असर बाजार खुलते ही दिख सकता है।

    घरेलू शेयर बाजार पर क्या पड़ेगा असर
    मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह डील भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत संकेत है। चूंकि शेयर बाजार देश की आर्थिक सेहत को दर्शाता है, ऐसे में निफ्टी की गैप-अप ओपनिंग संभव है।

    विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी जल्द ही 25,500 का स्तर पार कर सकता है। फार्मा, आईटी, ऑटो, टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी जैसे सेक्टर्स में सबसे ज्यादा हलचल देखने को मिल सकती है।

    बैंक निफ्टी और सेंसेक्स भी दिखा सकते हैं तेजी
    SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज की सीनियर रिसर्च एक्सपर्ट सीमा श्रीवास्तव के मुताबिक, “जब दोनों सरकारों की ओर से डील का पूरा विवरण सामने आ जाएगा, तब FII और DII की ओर से खरीदारी तेज हो सकती है। इससे निफ्टी 50, सेंसेक्स और बैंक निफ्टी नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं।”

    लॉन्ग टर्म में भारत को होगा फायदा
    ग्रीन पोर्टफोलियो PMS के को-फाउंडर और फंड मैनेजर दिवम शर्मा का कहना है कि इंडिया-यूएस ट्रेड डील का असर सिर्फ शॉर्ट टर्म नहीं बल्कि लंबे समय तक देखने को मिलेगा।
    उनके मुताबिक, यह डील ऐसे समय में हुई है जब बाजार को पॉजिटिव ट्रिगर की सबसे ज्यादा जरूरत थी। बजट के बाद इस खबर के आने से विदेशी निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है और बड़ी संख्या में FII भारत की ओर रुख कर सकते हैं।

    आज किन शेयरों पर रहेगी नजर
    इंडिया-यूएस ट्रेड डील के बाद सेबी रजिस्टर्ड स्टॉक मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने आज के लिए 21 चुनिंदा शेयरों में निवेश की सलाह दी है। माना जा रहा है कि इन स्टॉक्स में ट्रेड डील का सीधा फायदा देखने को मिल सकता है।
  • चार दिन की लगातार गिरावट के बाद सोने और चांदी में फिर उछाल

    चार दिन की लगातार गिरावट के बाद सोने और चांदी में फिर उछाल

    नई दिल्‍ली। लगातार चार कारोबारी दिनों की गिरावट के बाद सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर मजबूती देखने को मिली है। मंगलवार, 3 फरवरी को दोनों कीमती धातुओं ने तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत की, जिससे निवेशकों को राहत मिली है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 4 प्रतिशत की तेजी के साथ बढ़कर 4,830 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया। वहीं स्पॉट सिल्वर ने भी जोरदार छलांग लगाते हुए लगभग 8 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की और इसका भाव 82.74 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया।

    30 जनवरी को 10% लुढ़का था भाव
    गोल्ड की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।

    30 जनवरी 2026 को गोल्ड का रेट 10 प्रतिशत लुढ़क गया था। इस गिरावट के बाद स्पॉट गोल्ड का रेट 5000 डॉलर प्रति आउंस के नीचे आ गया था। चांदी की स्थिति तो गोल्ड की तुलना में और खराब हो गई। इसी दिन चांदी का रेट 27 प्रतिशत कम हो गया था।

    आज से पहले बीते दो कारोबारी दिन में गोल्ड की कीमतों में 13 प्रतिशत और चांदी की कीमतों में 34 प्रतिशत की गिरावट इंटरनेशनल मार्केट में दर्ज की गई है।

    चांदी की कीमतें लगातार तीसरे दिन तेजी से गिरीं। सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में यह 52,000 रुपये टूटकर 2.60 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गई, जबकि कमजोर वैश्विक रुझानों और मजबूत डॉलर के बीच सोना टूटकर 1.52 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया।

    अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी 52,000 रुपये, या लगभग 17 प्रतिशत टूटकर 2,60,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) रह गई। शनिवार को, चांदी 19 प्रतिशत, या 72,500 रुपये गिरकर 3.12 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गई थी।

    पिछले तीन सत्रों में, चांदी की कीमतें 1,44,500 रुपये, या लगभग 36 प्रतिशत गिरकर 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर से नीचे आ गई हैं। 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर 29 जनवरी को दर्ज किया गया जो अब तक की सबसे ऊंची कीमत थी।

  • बारामती विमान हादसा: NCP नेता ने उठाए गंभीर सवाल, 6 मौतों में सिर्फ 5 शव क्यों?

    बारामती विमान हादसा: NCP नेता ने उठाए गंभीर सवाल, 6 मौतों में सिर्फ 5 शव क्यों?

    की सूची डिजिटल रूप से दर्ज की जाती है, तो यह विसंगति क्यों? पायलटों को बार-बार क्यों बदला गया?

    मिटकरी ने मांग की कि एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस संबंध में व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे।

    राजनीतिक जोड़-तोड़ और विवाद

    बाद में शिवसेना सांसद संजय राउत ने भी इस हादसे से जुड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अजित पवार की बारामती यात्रा और उनकी मौत भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समय पर हुई। राउत ने बताया कि अजित पवार भाजपा के भ्रष्टाचार और सिंचाई घोटाले से जुड़ी फाइलें अपने पास रखते थे।

    राउत ने राज्यसभा में कहा, “15 जनवरी को अजित पवार ने भाजपा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, और 10 दिनों के भीतर उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उनके पास 70,000 करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले की फाइल थी।”

    राजनीतिक और कानूनी प्रतिक्रिया

    भाजपा सांसदों और नेताओं ने राउत के बयान पर प्रतिक्रिया दी। अधिवक्ता उज्ज्वल निकम ने कहा कि न्यायाधीश लोया की मृत्यु जैसी घटनाओं में सच्चाई सामने आई थी। भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने कहा कि “अजित पवार विमान हादसे की जांच में भी सच्चाई सामने आएगी।”
    महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुद हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं और संजय राउत “अपने मानसिक संतुलन खोकर बयान दे रहे हैं।”

  • 2027 जनगणना में जाति जानकारी का सत्यापन सुनिश्चित किया जाए- SC ने केंद्र को दिया निर्देश

    2027 जनगणना में जाति जानकारी का सत्यापन सुनिश्चित किया जाए- SC ने केंद्र को दिया निर्देश


    नई दिल्ली।
    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को केंद्र सरकार (Central Government) और भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त को 2027 में होने वाली जनगणना (Census 2027) में जाति संबंधी आंकड़ों को दर्ज करने की प्रक्रिया पर पुनः विचार करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह सुझाव दिया कि जाति की गणना केवल स्व-घोषणा के बजाय सत्यापन प्रणाली के आधार पर की जाए, ताकि अधिक सटीक और पारदर्शी आंकड़े मिल सकें।

    सुप्रीम कोर्ट ने जनगणना में नागरिकों की जाति संबंधी जानकारी को दर्ज करने, वर्गीकृत करने और सत्यापित करने के तरीकों पर सवाल उठाने वाली जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने यह निर्देश दिया कि इस विषय पर जनगणना अधिनियम 1958 के तहत संबंधित प्राधिकारियों को विचार करना चाहिए। अदालत ने याचिकाकर्ता आकाश गोयल से कहा कि इस मामले में उठाए गए मुद्दे महत्वपूर्ण हैं, लेकिन न्यायालय की तरफ से इसमें हस्तक्षेप करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

    मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने यह स्पष्ट किया कि जनगणना की प्रक्रिया जनगणना अधिनियम, 1958 और उसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार संचालित होती है। इसके तहत महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय को जनगणना के विवरण और तरीके तय करने का अधिकार प्राप्त है। अदालत ने याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए प्रतिवेदन में उठाए गए मुद्दों को विचार के लिए प्रासंगिक माना और सुझाव दिए कि इन पर महापंजीयक द्वारा गंभीरता से विचार किया जाए।

    CJI सूर्यकांत ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता और उनके जैसे अन्य व्यक्तियों द्वारा जताई गई चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय ने क्षेत्रीय विशेषज्ञों की सहायता से एक मजबूत और सुरक्षित प्रणाली विकसित की होगी, ताकि कोई गलती न हो सके। अदालत ने इस मामले में महापंजीयक को दिए गए सुझावों पर विचार करने का आदेश दिया और याचिका का निपटारा कर दिया।

    इससे पहले, याचिकाकर्ता आकाश गोयल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुक्ता गुप्ता ने अदालत से आग्रह किया था कि नागरिकों के जाति संबंधी विवरण को दर्ज करने, वर्गीकृत करने और सत्यापित करने के लिए एक पारदर्शी और सार्वजनिक प्रश्नपत्र तैयार किया जाए।

    वर्ष 2027 की जनगणना, 1931 के बाद पहली बार जातिगत गणना को शामिल करने वाली जनगणना होगी और यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना भी होगी, जो अपने आंकड़ों और प्रक्रिया में पूरी तरह से डिजिटल रूप से संचालित होगी। इस संस्करण में मैंने मूल खबर का सार और जानकारी समान रखते हुए शब्दों की संख्या में समानता बनाए रखी है। साथ ही, हेडिंग को आकर्षक और संक्षिप्त रखा है।

  • MP के इस जिले को मिली रोप-वे और म्यूजियम का तोहफा, शिवराज ने दी बड़ी खुशखबरी!

    MP के इस जिले को मिली रोप-वे और म्यूजियम का तोहफा, शिवराज ने दी बड़ी खुशखबरी!


    रायसेन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र (Vidisha-Raisen Parliamentary Constituency) में सोमवार को चल रहे सांसद खेल महोत्सव (MP Sports Festival) का समापन हुआ, और इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने रायसेन को एक महत्वपूर्ण सौगात दी। शिवराज ने घोषणा की कि उन्हें भारत सरकार से रायसेन के किले तक रोप-वे बनाने की अनुमति मिल गई है। इसके अलावा, किले के भीतर एक भव्य म्यूजियम भी बनेगा, जिसमें रायसेन के इतिहास और धरोहर को प्रदर्शित किया जाएगा।


    किले तक पहुँचने का आसान रास्ता मिलेगा: रोप-वे का निर्माण होगा

    रायसेन का किला एक ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है, जिससे वहां पहुंचना हमेशा ही चुनौतीपूर्ण रहा है। अब रोप-वे के निर्माण से श्रद्धालु और पर्यटक आसानी से किले तक पहुँच सकेंगे। शिवराज ने इस बारे में रायसेन के विधायक प्रभुराम चौधरी को भारत सरकार से प्राप्त आदेश की कॉपी भी सौंपी। उन्होंने इस अवसर पर बताया कि किले तक रोप-वे निर्माण के साथ-साथ वहां एक शानदार म्यूजियम भी स्थापित किया जाएगा, जो इलाके के समृद्ध इतिहास को संजोएगा। म्यूजियम में रायसेन की ऐतिहासिक धरोहर और संस्कृति की झलक मिल सकेगी, जो न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षण का केंद्र बनेगा।


    रायसेन में होगा किसान कुंभ और मेला

    कार्यक्रम के दौरान, शिवराज सिंह चौहान ने यह भी घोषणा की कि अप्रैल महीने में 12, 13 और 14 तारीख को रायसेन में ‘किसान कुंभ’ और किसानों का मेला आयोजित किया जाएगा। इसमें किसानों को खेती से जुड़ी नई तकनीकों और प्रशिक्षण के बारे में जानकारी दी जाएगी। शिवराज ने कहा, “रायसेन अब सिर्फ ऐतिहासिक नहीं, बल्कि एक आदर्श जिले के रूप में भी विकसित होगा।”

    शिवराज ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा, “रायसेन के लोग, आपकी मुस्कान ही मेरी जिंदगी है। मैं वचन देता हूँ कि आपकी खुशियों के लिए मामा कोई कसर नहीं छोड़ेगा।” उनका यह वक्तव्य कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के लिए उत्साहवर्धक था, और उन्होंने रायसेन के विकास की दिशा में और भी योजनाएं बनाने की बात की।


    प्रभुराम चौधरी ने दी रायसेन के विकास की दिशा में नई दिशा

    कार्यक्रम के दौरान रायसेन के विधायक और पूर्व मंत्री प्रभुराम चौधरी ने सोशल मीडिया पर खुशी व्यक्त करते हुए लिखा, “रायसेन के मेरे प्रिय भाई-बहनों, आज हमारे लिए ऐतिहासिक दिन है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के प्रयासों से हमें रायसेन किले में रोप-वे निर्माण की अनुमति मिली है। अब श्रद्धालु और पर्यटक रोप-वे के माध्यम से किले तक पहुंच सकेंगे। इसके साथ ही, किले में एक भव्य म्यूजियम भी बनेगा, जिससे रायसेन की समृद्ध विरासत को नई पहचान मिलेगी। हम अपने जिले के विकास और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

    रायसेन किला: ऐतिहासिक धरोहर का प्रतीक
    रायसेन का किला मध्य प्रदेश के प्रमुख किलों में से एक है, और यह राजधानी भोपाल से लगभग 40 किलोमीटर दूर एक ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। किले का निर्माण 11वीं शताब्दी में हुआ था, और यह पहले हिंदू राजाओं का गढ़ हुआ करता था। बाद में इस किले पर अफगान और मुग़ल शासकों का भी अधिकार रहा। किले में हिंदू और मुग़ल वास्तुकला का अद्भुत मिश्रण देखने को मिलता है। किले के अंदर कई महत्वपूर्ण स्थल हैं जैसे बादल महल, रानी महल, जलाशय, मंदिर और हजरत पीर फतेह उल्लाह शाह बाबा की दरगाह, जहां हर साल उर्स के मौके पर हजारों श्रद्धालु आते हैं।

    किले तक रोप-वे बनने से, न केवल किले तक पहुंचना आसान होगा, बल्कि यह क्षेत्र के पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। किले में बने म्यूजियम से रायसेन की ऐतिहासिक विरासत को एक नई पहचान मिलेगी, जो पर्यटकों को आकर्षित करेगी और स्थानीय संस्कृति को संजोने में मदद करेगी।


    समारोह में भारतीय क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की उपस्थिति

    मध्य प्रदेश में सांसद खेल महोत्सव के समापन समारोह में भारतीय टीम के स्टार क्रिकेटर रविंद्र जडेजा भी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने इस अवसर पर एक रोड शो में हिस्सा लिया और खेल महोत्सव में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम ने क्षेत्रीय खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


    नए विकास की दिशा में शिवराज की पहल

    शिवराज सिंह चौहान ने इस मौके पर जोर दिया कि रायसेन में और भी विकास योजनाएं बनाई जा रही हैं, जिनसे जिले का समग्र विकास होगा। उन्होंने यह भी कहा कि रायसेन अब हिंदुस्तान के आदर्श जिलों में शामिल होगा, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और किसानों के लिए योजनाएं संचालित की जाएंगी। कुल मिलाकर, रायसेन को रोप-वे और म्यूजियम जैसी महत्वपूर्ण सौगातें मिल रही हैं, जो न केवल जिले के विकास को गति देंगी, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित करेंगी।

  • अंकिता भंडारी हत्याकांड में नया मोड…. CBI ने 'वीआईपी' पर दर्ज किया केस

    अंकिता भंडारी हत्याकांड में नया मोड…. CBI ने 'वीआईपी' पर दर्ज किया केस


    देहरादून।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) के बहुचर्चित अंकिता भंडारी (Ankita Bhandari) हत्याकांड में एक नया मोड़ आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) (Central Bureau of Investigation – CBI) ने कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका की जांच के लिए दिल्ली स्थित अपनी एससी-2 यूनिट में मामला दर्ज किया है। यह मुकदमा अज्ञात ‘वीआईपी’ पर दर्ज किया गया है, और अब सीबीआई इस हत्याकांड से जुड़ी सभी पुरानी जानकारियों की छानबीन करेगी।

    अंकिता भंडारी के माता-पिता ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की थी। अंकिता के पिता ने साफ तौर पर कहा था कि उनकी बेटी की हत्या एक ‘वीआईपी’ की वजह से हुई, जिसकी पहचान अब तक नहीं हो पाई है। उनके आग्रह पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की थी। इसके बाद सीबीआई ने पुलिस से इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली और अब एक विशेष टीम देहरादून पहुंच चुकी है।


    सीबीआई का टेकओवर: अब पुलिस से जांच ली अपने हाथ में

    सीबीआई की विशेष टीम ने राज्य पुलिस से केस से जुड़े सभी दस्तावेज और साक्ष्य अपने कब्जे में ले लिए हैं। सीबीआई का मुख्य ध्यान इस समय पुलिस द्वारा की गई जांच और उससे जुड़े तथ्यों, विशेष रूप से कथित ‘वीआईपी’ की पहचान और भूमिका की जांच पर केंद्रित होगा।


    हत्याकांड की टाइमलाइन

    यह मामला 18 सितंबर 2022 को शुरू हुआ, जब ऋषिकेश स्थित वंतारा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम कर रही अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई। लगभग एक सप्ताह बाद, 24 सितंबर 2022 को अंकिता का शव चीला नहर से बरामद हुआ था। इस मामले में रिज़ॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।


    वायरल वीडियो और ऑडियो के बाद मामला फिर सुर्खियों में

    इस मामले ने उस समय और अधिक तूल पकड़ा, जब सोशल मीडिया पर कुछ कथित ऑडियो और वीडियो क्लिप वायरल हो गए। इनमें ज्वालापुर से एक पूर्व भाजपा विधायक की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने एक ‘वीआईपी’ की संलिप्तता का उल्लेख किया था। इसके बाद राज्यभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए, और सीबीआई जांच की मांग जोर पकड़ने लगी। वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 जनवरी 2026 को इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। अब सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने कथित ‘वीआईपी’ के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, और जांच तेज कर दी है।

    अंकिता के माता-पिता इस वक्त सीबीआई से यह उम्मीद लगाए हुए हैं कि जांच में सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सख्त सजा मिलेगी। परिवार का मानना है कि अब जब सीबीआई ने मामले को अपने हाथ में लिया है, तो इस केस में नई दिशा में जांच हो सकती है और तथ्यों की गहराई से छानबीन की जा सकती है। यह जांच इस हत्याकांड के बाकी रहस्यों को उजागर करने और न्याय की उम्मीदों को पंख देने का एक बड़ा कदम हो सकता है।