Author: bharati

  • पाकिस्तान ने घटाए पेट्रोल-डीजल के दाम, फिर भी भारत और पड़ोसी देशों में ईंधन की कीमतें अलग-अलग क्यों?

    पाकिस्तान ने घटाए पेट्रोल-डीजल के दाम, फिर भी भारत और पड़ोसी देशों में ईंधन की कीमतें अलग-अलग क्यों?



    नई दिल्ली। पाकिस्तान सरकार ने आम जनता को राहत देते हुए पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। नई दरें 16 मई 2026 से लागू हो गई हैं। कटौती के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 409.78 पाकिस्तानी रुपये और डीजल 409.58 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर हो गया है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 140–141 रुपये प्रति लीटर के आसपास बैठता है।

    हालांकि यह कटौती राहत देने वाली है, फिर भी पाकिस्तान में ईंधन की कीमतें भारत के मुकाबले अधिक बनी हुई हैं। इससे पहले वहां पेट्रोल और डीजल में करीब 15 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी भी की गई थी, जिससे आम लोगों पर बोझ और बढ़ गया था।

    पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें (भारत की तुलना में)
    भारत में हाल ही में पेट्रोल-डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल करीब 97.77 रुपये और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर है, जबकि मुंबई में पेट्रोल 106 रुपये के पार पहुंच चुका है।

    नेपाल में ईंधन भारत से महंगा है, जहां पेट्रोल करीब 134 रुपये और डीजल लगभग 139 रुपये प्रति लीटर पड़ता है। बांग्लादेश में पेट्रोल लगभग 109 रुपये और डीजल करीब 90 रुपये प्रति लीटर है। श्रीलंका में डीजल की कीमत 137 रुपये प्रति लीटर के आसपास है, जबकि भूटान में पेट्रोल-डीजल भारत के लगभग बराबर, यानी 98 से 102 रुपये के बीच मिलता है।

    कीमतें क्यों बदल रही हैं लगातार?
    दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, मध्य-पूर्व में तनाव और समुद्री व्यापार मार्गों (जैसे होर्मुज स्ट्रेट) में अस्थिरता के कारण ईंधन सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसी वजह से भारत, पाकिस्तान और अन्य पड़ोसी देश अपनी घरेलू नीतियों और टैक्स ढांचे के अनुसार समय-समय पर कीमतों में बदलाव कर रहे हैं।

  • इंदौर में तापमान में हल्की गिरावट, फिर भी गर्मी से नहीं मिली राहत

    इंदौर में तापमान में हल्की गिरावट, फिर भी गर्मी से नहीं मिली राहत


    इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में मई के तीसरे सप्ताह में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन इसके बावजूद भीषण गर्मी से राहत नहीं मिल पाई है। शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 2 डिग्री गिरकर 41.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से अभी भी करीब 2 डिग्री अधिक है। दिन में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बचते नजर आए। वहीं, रात का तापमान भी 3 डिग्री गिरकर 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन उमस और गर्मी का असर लगातार बना रहा।

    दोपहर में हालत सबसे खराब, अलर्ट जारी
    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इंदौर में दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच सबसे ज्यादा गर्मी का असर रहेगा। इस दौरान लू जैसे हालात बन सकते हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि केवल जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें और पर्याप्त पानी पिएं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 4 दिन यानी 16 से 19 मई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा, जिसमें इंदौर संभाग भी प्रभावित रहेगा।

    तापमान में उतार-चढ़ाव, लेकिन राहत नहीं
    हालांकि पिछले कुछ दिनों में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन यह गिरावट लोगों को राहत देने में नाकाम रही है। 41 से 43 डिग्री के बीच लगातार बना तापमान गर्मी को और ज्यादा असहनीय बना रहा है। इंदौर में हाल के दिनों में तापमान 43 डिग्री से ऊपर भी पहुंच चुका है, जिससे शहरवासियों को लगातार गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा है।

    मानसून से उम्मीद, जल्दी पहुंचने के संकेत
    भीषण गर्मी के बीच राहत की एक उम्मीद मानसून से जुड़ी है। मौसम विभाग के अनुसार इस बार मानसून सामान्य से पहले आगे बढ़ सकता है। संकेत हैं कि मानसून 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है और मध्य प्रदेश में 12 जून तक प्रवेश कर सकता है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो इस बार लोगों को जल्दी बारिश की राहत मिल सकती है।

    ऐतिहासिक रिकॉर्ड और बदलता मौसम
    इंदौर में मई का तापमान कई बार 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। 31 मई 1994 को शहर में 46.6 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था, जो अब तक का सर्वाधिक तापमान माना जाता है। हाल के वर्षों में मई के महीने में बारिश भी देखने को मिली है, जिससे मौसम में अचानक बदलाव आते रहे हैं।

    इंदौर में तापमान भले ही थोड़ा घटा हो, लेकिन गर्मी का प्रकोप अभी भी चरम पर है। आने वाले दिनों में राहत की कोई बड़ी संभावना नजर नहीं आ रही है। ऐसे में सावधानी और स्वास्थ्य सुरक्षा ही सबसे जरूरी उपाय बने हुए हैं।

  • इंदौर हादसा: प्लास्टिक दाना बनाने वाली फैक्ट्री में लगी आग, इलाके में अफरा-तफरी

    इंदौर हादसा: प्लास्टिक दाना बनाने वाली फैक्ट्री में लगी आग, इलाके में अफरा-तफरी

    इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब धार रोड स्थित प्लास्टिक दाना बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि फैक्ट्री से उठता काला धुआं कई किलोमीटर दूर से साफ दिखाई देने लगा।

    आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 7 दमकल गाड़ियों के साथ-साथ पोकलेन मशीन और फायर फाइटिंग रोबोट भी मंगाया गया है।

    4 घंटे से लगातार जंग, 35 टैंकर पानी का इस्तेमाल
    फायर ब्रिगेड की टीमें पिछले 4 घंटे से लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं। अब तक लगभग 35 टैंकर पानी का उपयोग किया जा चुका है, लेकिन आग पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पाया जा सका है। अधिकारियों के अनुसार फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक दाना मौजूद होने के कारण आग तेजी से फैलती गई और स्थिति गंभीर हो गई। टीन शेड हटाकर और मलबा साफ कर आग बुझाने का प्रयास किया जा रहा है।

    आसपास का इलाका खाली, प्रशासन अलर्ट पर
    आग की भयावहता को देखते हुए एहतियातन आसपास के क्षेत्र को खाली करा दिया गया है ताकि किसी भी तरह की जनहानि से बचा जा सके। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सांवेर रोड स्थित एक अन्य फैक्ट्री में भी आग लगने की सूचना मिलने से प्रशासन और सतर्क हो गया है।

     पानी की कमी बनी बड़ी चुनौती
    RRCAT के डिप्टी फायर ऑफिसर अजय कुमार ने बताया कि इलाके में पानी के पर्याप्त स्रोत न होने से आग बुझाने में दिक्कत आ रही है। दूर-दूर से टैंकर बुलाकर दमकल वाहनों को बार-बार भरा जा रहा है, जिससे राहत कार्य धीमा पड़ रहा है। नगर निगम कमिश्नर भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

     आग लगने का कारण: शॉर्ट सर्किट की आशंका
    फैक्ट्री संचालक के अनुसार प्रारंभिक जांच में डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन पैनल) में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का कारण माना जा रहा है। प्लास्टिक सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैली और पूरी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आग के वास्तविक कारणों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

     राहत की बात: कोई हताहत नहीं
    अच्छी बात यह है कि घटना के समय फैक्ट्री में मजदूर मौजूद नहीं थे, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। फैक्ट्री में आमतौर पर 30 से 35 लोग दिन और रात की शिफ्ट में काम करते हैं।

    इंदौर की यह भीषण आग एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और बिजली व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। हालांकि राहत की बात यह है कि बड़ा हादसा टल गया, लेकिन फैक्ट्री को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • मध्य प्रदेश में वीआईपी काफिले पर सियासी घमासान, दिल्ली तक पहुंचा मामला

    मध्य प्रदेश में वीआईपी काफिले पर सियासी घमासान, दिल्ली तक पहुंचा मामला

    भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और सादगी की अपील के बावजूद मध्य प्रदेश में बड़े वाहन काफिलों के साथ निकाली गई रैलियों ने अब सियासी हलचल बढ़ा दी है। पार्टी संगठन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए सख्त रुख अपनाया है और ऐसे नेताओं को 17 मई को भोपाल स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में तलब किया गया है।

    सूत्रों के मुताबिक, इन नेताओं से सीधे सवाल-जवाब किए जाएंगे कि पीएम की अपील के बावजूद उन्होंने बड़े काफिले और शक्ति प्रदर्शन वाली रैलियां क्यों निकालीं। इस पूरे मामले की रिपोर्ट दिल्ली स्थित भाजपा हाईकमान ने भी तलब की है, जिससे संगठन स्तर पर दबाव और बढ़ गया है।

    8-9 जगहों पर रैलियां, आलाकमान नाराज
    जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री की 10 मई की अपील के बाद भी प्रदेश में कम से कम 8 से 9 स्थानों पर बड़े वाहन काफिलों के साथ स्वागत रैलियां निकाली गईं। इसे पार्टी नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है और इसे सीधे तौर पर अनुशासन और निर्देशों की अनदेखी माना जा रहा है। अब पार्टी का स्पष्ट संदेश है कि संगठनात्मक अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

    कई नेताओं पर पहले ही गिरी गाज
    इस मामले में कुछ नेताओं पर पहले ही कार्रवाई हो चुकी है-
    सज्जन सिंह यादव (भिंड किसान मोर्चा अध्यक्ष) – 100 वाहनों के काफिले के साथ रैली, नियुक्ति रद्द
    सौभाग्य सिंह ठाकुर (पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष) – 700 वाहनों के काफिले पर कारण बताओ नोटिस, अधिकारों में कटौती इसके अलावा कई अन्य नेताओं पर भी सवाल उठे हैं, जिनमें बड़े काफिलों के साथ दौरे और कार्यक्रम शामिल हैं।

    किन नेताओं को भोपाल तलब किया गया
    अब जिन नेताओं से जवाब मांगा जा रहा है, उनमें शामिल हैं-
    टिकेंद्र प्रताप सिंह – 200 वाहनों के काफिले के साथ जिला कार्यालय पहुंचे
    पवन पाटीदार – 24 वाहनों के साथ चंबल दौरे पर गए
    वीरेंद्र गोयल – 30 से अधिक वाहनों का काफिला, ई-रिक्शा में भी मौजूद
    रेखा यादव – सैकड़ों वाहनों की रैली, छतरपुर में ट्रैफिक जाम
    सत्येंद्र भूषण सिंह – ई-रिक्शा से पहुंचे, लेकिन बड़ा काफिला साथ रहा
    राकेश सिंह जादौन – ई-रिक्शा के साथ वाहन काफिला चर्चा में

    सीएम भी सख्त, काफिला घटाया
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस संदेश को गंभीरता से लेते हुए अपने काफिले से 5 वाहन कम कर दिए हैं। वहीं, डिप्टी सीएम और अन्य मंत्रियों ने भी अपने-अपने काफिलों में कटौती की है। पार्टी अब यह संदेश दे रही है कि प्रधानमंत्री की अपील सिर्फ बयान नहीं, बल्कि संगठनात्मक निर्देश है जिसे हर स्तर पर लागू किया जाना चाहिए।

     17 मई को होगी ‘क्लास’, हो सकती है कार्रवाई
    17 मई को भोपाल में होने वाली बैठक में नेताओं से विस्तृत जवाब मांगा जाएगा। अगर स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिला तो संगठनात्मक कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। पार्टी नेतृत्व अनुशासन और छवि को लेकर किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं दिख रहा है।

    वाहन काफिला विवाद ने मध्य प्रदेश बीजेपी संगठन में हलचल बढ़ा दी है। पीएम मोदी की सादगी और ईंधन बचत की अपील के बाद अब पार्टी खुद अपने नेताओं पर सख्त होती दिख रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े फैसले संभव हैं।

  • MP में महंगा पेट्रोल-डीजल: यूपी से ₹14 तक ज्यादा रेट, एक्सपर्ट ने बताए कारण

    MP में महंगा पेट्रोल-डीजल: यूपी से ₹14 तक ज्यादा रेट, एक्सपर्ट ने बताए कारण

    भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों ने आम जनता की जेब पर सीधा असर डाला है। ऑयल कंपनियों द्वारा हाल ही में किए गए रेट संशोधन के बाद राज्य में ईंधन की कीमतों में 3 से 3.50 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 15 मई से लागू नई दरों के बाद कई शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम ऐतिहासिक स्तर के करीब पहुंच गए हैं।

    राज्य के पांढुर्णा और मंडला जैसे जिलों में पेट्रोल की कीमत 111.29 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि मैहर, अलीराजपुर और अनूपपुर जैसे इलाकों में डीजल 96.50 रुपए प्रति लीटर तक बिक रहा है। इंदौर और भोपाल जैसे बड़े शहरों में भी पेट्रोल की कीमतें 109 रुपए प्रति लीटर के आसपास पहुंच चुकी हैं।

    पड़ोसी राज्यों से बड़ा अंतर, एमपी सबसे महंगा
    तुलनात्मक आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में ईंधन की कीमतें पड़ोसी राज्यों की तुलना में काफी अधिक हैं। उत्तर प्रदेश में पेट्रोल करीब ₹14 और डीजल ₹5 प्रति लीटर तक सस्ता मिल रहा है। गुजरात में पेट्रोल लगभग ₹13 और डीजल ₹3 तक कम है। राजस्थान में दोनों ईंधन करीब ₹2 तक सस्ते हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल की कीमतें लगभग ₹8 तक कम दर्ज की गई हैं। महाराष्ट्र में भी पेट्रोल ₹4 से ₹5 प्रति लीटर तक सस्ता मिल रहा है। इस बड़े अंतर ने राज्य में टैक्स संरचना को लेकर बहस को फिर से तेज कर दिया है।

    टैक्स स्ट्रक्चर पर उठे सवाल, एक्सपर्ट्स ने बताया वजह
    विशेषज्ञों के अनुसार मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की ऊंची कीमतों की एक बड़ी वजह वैट (VAT) और राज्य करों का अधिक होना है। इसी वजह से ऑयल कंपनियों द्वारा समान बेस प्राइस होने के बावजूद यहां अंतिम कीमत अन्य राज्यों से अधिक हो जाती है।

    विश्लेषकों का मानना है कि अगर टैक्स ढांचे में राहत दी जाए, तो उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से परिवहन, कृषि और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की लागत भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

    राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज
    पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जनता पर “महंगाई का बोझ” लगातार बढ़ाया जा रहा है। उनके अनुसार पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ CNG और गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़े हैं, जिससे आम लोगों का बजट बिगड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि सरकार को एक्साइज ड्यूटी और वैट में कमी कर जनता को राहत देनी चाहिए।

    आम जनता पर असर
    पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर ट्रांसपोर्ट, खेती, छोटे व्यापार और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है। ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन जैसे शहरों में पेट्रोल पंपों पर वाहनों की कतारें और बढ़ी हुई लागत लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं।

    मध्य प्रदेश में ईंधन की कीमतें अब पड़ोसी राज्यों की तुलना में काफी अधिक हो गई हैं, जिससे न सिर्फ आम उपभोक्ता बल्कि पूरा आर्थिक ढांचा प्रभावित हो रहा है। टैक्स नीति और कीमतों के अंतर को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक और प्रशासनिक बहस और तेज होने की संभावना है।
  • पोस्ट ऑफिस RD स्कीम: छोटे निवेश से बड़ा फंड बनाने का आसान तरीका

    पोस्ट ऑफिस RD स्कीम: छोटे निवेश से बड़ा फंड बनाने का आसान तरीका


    नई दिल्ली । आज के समय में जहां शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में उतार-चढ़ाव का डर बना रहता है, वहीं पोस्ट ऑफिस की RD स्कीम निवेशकों को सुरक्षित और स्थिर रिटर्न का भरोसा देती है। यह स्कीम खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद मानी जाती है जो हर महीने छोटी-छोटी बचत से बड़ा फंड बनाना चाहते हैं। इस योजना में मौजूदा समय में करीब 6.7% सालाना ब्याज दर मिल रही है और निवेश अवधि 5 साल (60 महीने) होती है।

     ₹5,000 महीने निवेश करने पर कितना रिटर्न?
    अगर कोई निवेशक हर महीने ₹5,000 जमा करता है, तो:
    कुल निवेश: ₹3,00,000 (5 साल में)
    अनुमानित ब्याज: ₹56,830
    मैच्योरिटी राशि: लगभग ₹3,56,830
    यानी निवेशक को बिना किसी जोखिम के तय रिटर्न प्राप्त होता है।

     कैसे काम करती है यह स्कीम?
    पोस्ट ऑफिस RD में निवेशक हर महीने एक निश्चित राशि जमा करता है। यह राशि 5 साल तक लगातार जमा होती रहती है और उस पर कंपाउंडिंग के आधार पर ब्याज मिलता है। मैच्योरिटी पर पूरी राशि एक साथ वापस मिल जाती है।

    कौन कर सकता है निवेश?
    कोई भी भारतीय नागरिक
    10 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नाबालिग भी खाता खोल सकते हैं
    जॉइंट अकाउंट की सुविधा (3 लोगों तक) उपलब्ध

     क्यों है यह स्कीम खास?
    सरकार द्वारा गारंटीड सुरक्षा
    बाजार के उतार-चढ़ाव से कोई असर नहीं
    छोटे निवेश से बड़ा फंड बनाने का मौका
    मिडिल क्लास और सैलरीड लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प

    पोस्ट ऑफिस RD स्कीम उन निवेशकों के लिए मजबूत विकल्प है जो जोखिम से बचते हुए नियमित बचत करना चाहते हैं। ₹100 से शुरू होकर यह योजना धीरे-धीरे एक सुरक्षित भविष्य फंड तैयार करने में मदद करती है।

  • लखनऊ में आकाश सिंह का जलवा: धमाकेदार गेंदबाजी और वायरल सेलिब्रेशन

    लखनऊ में आकाश सिंह का जलवा: धमाकेदार गेंदबाजी और वायरल सेलिब्रेशन


     लखनऊ। आईपीएल 2026 के हाई-वोल्टेज मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के युवा तेज गेंदबाज आकाश सिंह ने अपने प्रदर्शन से पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान खींच लिया। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में उन्होंने न सिर्फ 3 अहम विकेट चटकाए, बल्कि अपने अनोखे “नोट सेलिब्रेशन” से भी मैदान पर और सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी।

    मैच की शुरुआत से ही आकाश सिंह ने अपनी सटीक लाइन-लेंथ और तेज़ गेंदबाज़ी से CSK के बल्लेबाज़ों पर दबाव बना दिया। पावरप्ले के दौरान उन्होंने कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ सहित दो और अहम बल्लेबाज़ों को पवेलियन भेजकर चेन्नई की कमर तोड़ दी। उनकी गेंदबाज़ी का आंकड़ा 3/26 रहा, जिसने CSK की मजबूत शुरुआत को पूरी तरह बिखेर दिया।

    ‘नोट सेलिब्रेशन’ बना चर्चा का विषय
    आकाश सिंह की गेंदबाज़ी जितनी खतरनाक रही, उतनी ही चर्चित रही उनकी सेलिब्रेशन स्टाइल। हर विकेट के बाद उन्होंने जेब से एक नोट निकालकर उसे पढ़ने जैसा इशारा किया, जिसने मैदान में मौजूद दर्शकों और टीवी ऑडियंस को चौंका दिया।

    यह ‘नोट सेलिब्रेशन’ तेजी से वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर फैंस ने इसे “चैंपियन माइंडसेट” का प्रतीक बताया। बाद में सामने आया कि यह नोट उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है, जिसे वह हर मैच में खुद को याद दिलाने के लिए रखते हैं।

    मैच का रुख पलटा, LSG को मिला बड़ा फायदा
    आकाश सिंह की घातक गेंदबाज़ी के चलते CSK की पारी शुरुआती ओवरों में ही लड़खड़ा गई। हालांकि बाद में चेन्नई ने वापसी करने की कोशिश की, लेकिन शुरुआती नुकसान इतना भारी था कि टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में पूरी तरह सफल नहीं हो सकी। LSG ने इस प्रदर्शन की बदौलत मैच पर पकड़ मजबूत कर ली और मुकाबले में निर्णायक बढ़त हासिल की। इस जीत ने लखनऊ की प्लेऑफ रेस में स्थिति और मजबूत कर दी।

     सोशल मीडिया पर छाए आकाश सिंह
    आकाश सिंह की यह परफॉर्मेंस और उनका अनोखा सेलिब्रेशन लगातार ट्रेंड करता रहा। क्रिकेट विशेषज्ञों से लेकर फैंस तक, हर कोई उनकी गेंदबाज़ी और आत्मविश्वास की तारीफ करता नजर आया। टीम मैनेजमेंट ने भी उनके प्रदर्शन को “मैच टर्निंग स्पेल” बताया।

    LSG vs CSK मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं रहा, बल्कि यह आकाश सिंह के उभरते स्टारडम की कहानी बन गया। उनकी धारदार गेंदबाज़ी और आत्मविश्वास से भरा ‘नोट सेलिब्रेशन’ आने वाले मैचों के लिए एक बड़ा संकेत है कि IPL 2026 में एक नया मैच विनर तैयार हो चुका है।

  • ईरान युद्ध सवाल पर ट्रम्प पत्रकार पर भड़के, रिपोर्टिंग को बताया ‘देशद्रोह’, कहा- सच नहीं लिखते

    ईरान युद्ध सवाल पर ट्रम्प पत्रकार पर भड़के, रिपोर्टिंग को बताया ‘देशद्रोह’, कहा- सच नहीं लिखते


    नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान युद्ध से जुड़े एक सवाल पर उस समय भड़क उठे जब एक पत्रकार ने सैन्य अभियान और राजनीतिक लक्ष्यों को लेकर सवाल पूछा। ट्रम्प ने पत्रकार को झूठा बताते हुए उसकी रिपोर्टिंग को देशद्रोह जैसा करार दिया और कहा कि वह सच नहीं लिखते तथा उनके एडिटर जो कहते हैं, वही वह लिखते हैं।

    ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान में पूरी तरह सैन्य जीत हासिल कर ली है और यह बात सभी मानते हैं। उन्होंने पत्रकार से नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसे लोग देश के खिलाफ काम कर रहे हैं और उन्हें अपनी रिपोर्टिंग पर शर्म आनी चाहिए।

    दरअसल यह सवाल एक पत्रकार डेविड सेंगर ने पूछा था, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने सैन्य जीत हासिल कर ली है तो फिर राजनीतिक लक्ष्य पूरे क्यों नहीं हुए और संघर्ष अभी भी क्यों जारी है। इसी सवाल के बाद ट्रम्प ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

    इस बीच ईरान संघर्ष को लेकर वैश्विक स्तर पर भी कई बड़े अपडेट सामने आए हैं। ट्रम्प और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बातचीत में माना गया कि युद्ध को खत्म करने की जरूरत है और होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखा जाना चाहिए। हालांकि चीन की भूमिका को लेकर कोई ठोस संकेत नहीं मिले हैं।

    वहीं ब्रिक्स देशों की बैठक में भी ईरान मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी और सदस्य देशों के अलग-अलग रुख सामने आए। भारत में हुई बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि इस मुद्दे पर देशों की सोच अलग-अलग है।

    अमेरिकी ऊर्जा मंत्री ने दावा किया है कि चीन अमेरिका से तेल खरीद बढ़ा सकता है, जबकि चीन ने कहा है कि समाधान केवल बातचीत और कूटनीति से ही संभव है। जर्मनी ने भी ईरान से तुरंत बातचीत शुरू करने और परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने की मांग की है।

  • CIBIL Score खराब हो गया? क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए जरूरी गाइड

    CIBIL Score खराब हो गया? क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए जरूरी गाइड


    नई दिल्ली । क्रेडिट कार्ड की गलत आदतों से CIBIL स्कोर गिर सकता है, लेकिन सही वित्तीय अनुशासन अपनाकर इसे सिर्फ 3 महीनों में सुधारा जा सकता है। CIBIL स्कोर किसी भी व्यक्ति की क्रेडिट हिस्ट्री को दर्शाता है। क्रेडिट कार्ड का गलत इस्तेमाल इस स्कोर को तेजी से नीचे ला सकता है।

    मुख्य कारण:
    समय पर क्रेडिट कार्ड बिल न भरना
    कार्ड लिमिट का 30% से ज्यादा इस्तेमाल करना
    सिर्फ मिनिमम ड्यू पेमेंट करना
    बार-बार लोन या कार्ड के लिए आवेदन करना
    पुराने लोन/EMI में डिफॉल्ट करना

    CIBIL स्कोर सुधारने के 5 आसान तरीके-

     पूरा बिल समय पर चुकाएं
    हर महीने क्रेडिट कार्ड का पूरा बकाया समय पर चुकाना सबसे जरूरी है। सिर्फ मिनिमम ड्यू भरने से स्कोर सुधरता नहीं, बल्कि ब्याज बढ़ता है और स्कोर गिरता है।

    क्रेडिट लिमिट का कम उपयोग करें

    कोशिश करें कि कार्ड लिमिट का केवल 30% तक ही खर्च करें।
    उदाहरण: अगर लिमिट ₹50,000 है, तो खर्च ₹15,000 के भीतर रखें।

     पुराने कार्ड बंद न करें
    पुराने क्रेडिट कार्ड आपके क्रेडिट इतिहास को मजबूत बनाते हैं। इन्हें बंद करने से स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

     बार-बार लोन के लिए अप्लाई न करें
    कम समय में कई जगह लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने से आपका स्कोर गिर सकता है। जरूरत हो तभी अप्लाई करें।

     CIBIL रिपोर्ट चेक करे
    कई बार रिपोर्ट में तकनीकी गलती भी स्कोर खराब कर देती है। ऐसी गलतियों को तुरंत ठीक करवाना जरूरी है।
     कितने समय में सुधार दिखता है?
    अगर आप लगातार 2–3 महीने तक:
    समय पर भुगतान करते हैं
    लिमिट में खर्च रखते हैं
    तो CIBIL स्कोर में सुधार दिखने लगता है। हालांकि बड़ा सुधार आने में 6 महीने या उससे ज्यादा समय भी लग सकता है।

     क्यों जरूरी है अच्छा CIBIL स्कोर?
    अच्छा CIBIL स्कोर होने से:
    आसानी से लोन मिलता है
    कम ब्याज दर पर होम/कार लोन मिलता है
    क्रेडिट कार्ड पर ज्यादा लिमिट मिलती है
    बैंक का भरोसा बढ़ता है

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  • फिल्म ‘जन नायकन’ लीक मामले में बड़ा एक्शन, साइबर क्राइम जांच में तेज़ी

    फिल्म ‘जन नायकन’ लीक मामले में बड़ा एक्शन, साइबर क्राइम जांच में तेज़ी


    नई दिल्ली।
    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता विजय की बहुचर्चित फिल्म ‘जन नायकन’ लीक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर कानून के तहत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में असिस्टेंट एडिटर प्रशांत, सेल्वम और बालाकृष्णन शामिल हैं, जिन्हें इस अवैध लीक का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार फिल्म को 3 अप्रैल को अवैध तरीके से ऑनलाइन लीक किया गया था, जिसके बाद साइबर क्राइम यूनिट ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी और अब तक कुल 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

    सूत्रों के मुताबिक यह फिल्म विजय के करियर की आखिरी फिल्म मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने राजनीति में सक्रिय होने के लिए फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली है। ‘जन नायकन’ का निर्देशन एच. विनोथ ने किया है और इसकी शूटिंग पहले ही पूरी हो चुकी थी। फिल्म को पोंगल 2026 में रिलीज किया जाना था, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता और कुछ तकनीकी कारणों से इसकी रिलीज टाल दी गई। सेंसर बोर्ड की कमेटी अभी भी फिल्म का रिव्यू कर रही है और प्रमाणपत्र जारी होने का इंतजार किया जा रहा है।

    फिल्म में विजय के साथ बॉबी देओल, पूजा हेगड़े, प्रकाश राज और गौतम वासुदेव मेनन जैसे बड़े कलाकार नजर आने वाले हैं। प्रोड्यूसर के. वेंकट नारायण ने पहले ही स्पष्ट किया था कि जैसे ही सेंसर सर्टिफिकेट मिलेगा, फिल्म को रिलीज कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनके लिए एक नया अध्याय है और फिल्म को लेकर दर्शकों में भारी उत्साह है।

    इधर फिल्म लीक मामले ने इंडस्ट्री में सुरक्षा और डिजिटल पाइरेसी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर आगे की जांच में जुटी हुई है।