Author: bharati

  • उदयनिधि स्टालिन के बयान पर फिर विवाद, सफाई में क्या बोले DMK नेता?

    उदयनिधि स्टालिन के बयान पर फिर विवाद, सफाई में क्या बोले DMK नेता?


    चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति एक बार फिर ‘सनातन धर्म’ को लेकर गर्म हो गई है। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) नेता और राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने अपने पुराने बयान पर उठे विवाद के बाद सफाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी धर्म या आस्था का विरोध करना नहीं है, बल्कि उस सामाजिक व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाना है जो लोगों को ऊंच-नीच और जातियों में बांटती है।

    उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि जब उन्होंने विधानसभा में सनातन धर्म को लेकर टिप्पणी की थी, तब उनका आशय समाज में मौजूद जाति आधारित भेदभाव और असमानता से था। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी बातों को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उनके अनुसार, समाज में समानता और न्याय स्थापित करना ही उनका मुख्य उद्देश्य है।

    उन्होंने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी और विचारधारा किसी भी धार्मिक आस्था के खिलाफ नहीं है। उन्होंने लिखा कि द्रविड़ आंदोलन की परंपरा हमेशा से सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांतों पर आधारित रही है। उन्होंने पेरियार, डॉ. भीमराव अंबेडकर, सी.एन. अन्नादुरई और एम. करुणानिधि जैसे नेताओं के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सोच इन्हीं मूल्यों से प्रेरित है।

    उदयनिधि ने कहा कि मंदिरों या धार्मिक स्थलों पर किसी को रोकने का सवाल ही नहीं उठता। उनका कहना था कि हर व्यक्ति को समाज और धार्मिक स्थलों में समान अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं, जिससे अनावश्यक विवाद पैदा हो रहा है।

    गौरतलब है कि यह विवाद नया नहीं है। इससे पहले सितंबर 2023 में भी उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को लेकर एक विवादित टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने इसकी तुलना कुछ सामाजिक बुराइयों से करते हुए इसे खत्म करने की बात कही थी। उस बयान के बाद देशभर में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भारी विरोध हुआ था और मामला अदालत तक भी पहुंचा था, जहां उन्हें कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था।

    हाल ही में तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपने पहले भाषण में उन्होंने एक बार फिर इस मुद्दे को उठाया, जिससे विवाद दोबारा भड़क गया। विपक्षी दलों ने उनके बयान को धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया, वहीं डीएमके ने इसे सामाजिक न्याय की लड़ाई करार दिया।

    अब बढ़ते राजनीतिक दबाव और आलोचनाओं के बीच उदयनिधि स्टालिन ने अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है। हालांकि, उनके बयान के समर्थन और विरोध में राजनीतिक माहौल लगातार गरमाया हुआ है।

  • प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में मध्य प्रदेश बना देश का अग्रणी राज्य

    प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में मध्य प्रदेश बना देश का अग्रणी राज्य


    भोपाल।
    हर जरूरतमंद परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराने के संकल्प को साकार करते हुए मध्य प्रदेश ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के क्रियान्वयन में देशभर में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में 10 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिससे आवास निर्माण एवं हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराने में देश के अग्रणी राज्यों में मध्य प्रदेश ने अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

    नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अंतर्गत मध्य प्रदेश ने आवासों की ग्राउंडिंग में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश में 98.04 प्रतिशत आवासों की ग्राउंडिंग पूर्ण हो चुकी है। यह प्रभावी क्रियान्वयन, सतत मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध कार्यप्रणाली का परिणाम है। वहीं 9 लाख से अधिक आवार्सी का निर्माण पूर्ण कर पात्र हितग्राहियों को सौंपा जा चुका है। योजना के माध्यम से हजारों परिवारों का अपने पक्के घर का सपना साकार हुआ है, जिससे उनके जीवन स्तर, सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मान में सकारात्मक बदलाव आया है।

    उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, निम्न आय वर्ग एवं मध्यम आय वर्ग के शहरी परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। योजना अंतर्गत हितग्राहियों को आवास निर्माण हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे मूलभूत सुविधाओं से युक्त पक्के घर में जीवन यापन कर सकें।

    गौरतलब है कि मध्य प्रदेश शासन द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, सतत मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध निर्माण कार्यों के चलते प्रदेश लगातार राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। नगरीय विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक पात्र शहरी परिवार को आवास योजना का लाभ समय पर प्राप्त हो सके। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के माध्यम से प्रदेश में न केवल आवास निर्माण को गति मिली है, बल्कि शहरी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, रोजगार सृजन एवं सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिला है। राज्य शासन द्वारा भविष्य में भी योजना के प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन हेतु निरंतर प्रयास किए जाते रहेंगे।

  • फातिमा सना का ऐतिहासिक धमाका: 15 गेंदों में फिफ्टी ठोक WT20I में रचा नया वर्ल्ड रिकॉर्ड

    फातिमा सना का ऐतिहासिक धमाका: 15 गेंदों में फिफ्टी ठोक WT20I में रचा नया वर्ल्ड रिकॉर्ड


    नई दिल्ली। पाकिस्तान महिला टीम की कप्तान फातिमा सना ने जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए तीसरे और आखिरी टी20 मैच में विस्फोटक बल्लेबाज़ी करते हुए क्रिकेट इतिहास में अपना नाम दर्ज करा दिया। इस मुकाबले में फातिमा ने सिर्फ 15 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया और महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

    मैच में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 223 रन बनाए। फातिमा सना ने 19 गेंदों में 62 रनों की नाबाद पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 2 शानदार छक्के शामिल रहे। उनकी इस आक्रामक बल्लेबाज़ी ने जिम्बाब्वे के गेंदबाज़ों को पूरी तरह बेबस कर दिया।

    224 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम पाकिस्तान की घातक गेंदबाज़ी के सामने टिक नहीं सकी और मात्र 90 रनों पर सिमट गई। पाकिस्तान ने यह मुकाबला 133 रनों से जीतकर सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। इससे पहले पाकिस्तान ने वनडे सीरीज में भी जिम्बाब्वे को 3-0 से हराया था।

    फातिमा सना से पहले महिला टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड भारत की ऋचा घोष, न्यूजीलैंड की सोफी डिवाइन और ऑस्ट्रेलिया की फोबे लिचफील्ड के नाम संयुक्त रूप से था, जिन्होंने 18 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी। लेकिन अब यह रिकॉर्ड 15 गेंदों पर पहुंच गया है।

    फातिमा का यह कारनामा सिर्फ WT20I तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला टी20 क्रिकेट के इतिहास में भी वह संयुक्त रूप से सबसे तेज फिफ्टी लगाने वाली खिलाड़ियों में शामिल हो गई हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड मैरी केली और लॉरा हैरिस के नाम था।

    पाकिस्तान के लिए इससे पहले सबसे तेज टी20 फिफ्टी का रिकॉर्ड निदा डार के नाम था, जिन्होंने 2019 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 20 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। लेकिन फातिमा सना ने इस रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ दिया।

  • तेल संकट की टेंशन खत्म? रणनीतिक भंडारण बढ़ाने की नई योजना

    तेल संकट की टेंशन खत्म? रणनीतिक भंडारण बढ़ाने की नई योजना


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बने अनिश्चित माहौल के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की प्रमुख ऊर्जा कंपनी अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) ने भारत में कच्चे तेल का रणनीतिक भंडारण बढ़ाने पर सहमति जताई है, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।

    भारत का कच्चा तेल रिजर्व 70% तक बढ़ेगा
    नई डील के तहत ADNOC भारत में अपने क्रूड स्टोरेज को बढ़ाकर लगभग 3 करोड़ बैरल तक ले जाएगा। इससे भारत के कुल रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार में करीब 70 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने का अनुमान है।

    फिलहाल भारत के पास:
    लगभग 5.3 मिलियन टन (करीब 38 मिलियन बैरल) का रणनीतिक तेल भंडार है
    जो विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पादुर जैसे स्थानों पर स्थित है नए समझौते के बाद इसमें कई मिलियन बैरल का अतिरिक्त तेल स्टोरेज जुड़ जाएगा।

    संकट के समय भारत को मिलेगी बड़ी सुरक्षा
    यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल आपूर्ति को लेकर अस्थिरता बनी हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह कदम भारत को किसी भी वैश्विक संकट, युद्ध या सप्लाई बाधा के समय मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करेगा। यूएई पहले से ही भारत के शीर्ष तेल आपूर्तिकर्ता देशों में शामिल है, और अब यह साझेदारी और गहरी होती जा रही है।

    LPG और ऊर्जा सहयोग भी बढ़ा
    सिर्फ कच्चे तेल ही नहीं, बल्कि यूएई की कंपनी ADNOC ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के साथ LPG (रसोई गैस) सप्लाई और ट्रेडिंग को लेकर भी समझौता किया है।
    इससे:
    भारत में LPG सप्लाई मजबूत होगी
    दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होगी
    गैस की उपलब्धता पर दबाव कम होगा

    आगे की बड़ी योजनाएं
    भारत सरकार पहले से ही रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व को बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत:
    ओडिशा (चंडीखोल)
    कर्नाटक (पादुर)
    में नए स्टोरेज प्रोजेक्ट्स तैयार किए जा रहे हैं।
    इसके साथ ही देश 20–30 दिनों का LPG रिजर्व बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।

    वैश्विक ऊर्जा रणनीति में भारत की मजबूत स्थिति
    UAE की यह पहल दिखाती है कि भारत वैश्विक ऊर्जा साझेदारी में तेजी से एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। आने वाले वर्षों में यह साझेदारी न केवल तेल आपूर्ति को स्थिर करेगी, बल्कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी बड़ा कदम साबित हो सकती है।

  • Multani Mitti: गर्मियों में स्किन को देगा नेचुरल ग्लो, जानिए इस्तेमाल के तरीके

    Multani Mitti: गर्मियों में स्किन को देगा नेचुरल ग्लो, जानिए इस्तेमाल के तरीके


    नई दिल्ली । गर्मी के मौसम में त्वचा पर तेल, पसीना और धूल जमने से चेहरा dull और चिपचिपा लगने लगता है। ऐसे में मुल्तानी मिट्टी एक पारंपरिक और असरदार स्किनकेयर उपाय माना जाता है, जो त्वचा को साफ, ठंडा और फ्रेश रखने में मदद कर सकती है।

     मुल्तानी मिट्टी के असली फायदे


    1. अतिरिक्त तेल को कम करती है
    मुल्तानी मिट्टी त्वचा से एक्स्ट्रा ऑयल (sebum) को सोख लेती है, जिससे चेहरा कम ऑयली और ज्यादा साफ दिखता है।

    2. गहरी सफाई (Deep cleansing)
    यह स्किन पोर्स से धूल, गंदगी और टॉक्सिन्स को हटाने में मदद करती है, जिससे ब्लैकहेड्स और पिंपल्स की समस्या कम हो सकती है।

    3. ठंडक का एहसास
    गर्मी में इसका कूलिंग इफेक्ट चेहरे को राहत देता है और जलन या रैशेज में भी आराम मिल सकता है।

    4. स्किन टोन को बेहतर बनाती है
    नियमित इस्तेमाल से स्किन ज्यादा फ्रेश और even-toned दिख सकती है।

    मुल्तानी मिट्टी इस्तेमाल करने के आसान तरीके
     1. ऑयली स्किन फेस पैक
    2 चम्मच मुल्तानी मिट्टी
    गुलाब जल
    1 चुटकी हल्दी

     2. ग्लो के लिए फेस पैक
    मुल्तानी मिट्टी
    शहद
    दूध या मलाई

     3. पिंपल कंट्रोल पैक
    मुल्तानी मिट्टी
    नींबू का रस (कुछ बूंदें)
    गुलाब जल

     4. गर्मी में कूलिंग फेस पैक
    मुल्तानी मिट्टी
    खीरे का रस

     जरूरी सावधानियां
    बहुत ड्राई स्किन वाले लोग इसे ज्यादा न लगाएं
    हफ्ते में 2–3 बार से ज्यादा इस्तेमाल न करें
    लगाने के बाद मॉइस्चराइज़र जरूर लगाएं
    अगर एलर्जी हो तो तुरंत बंद करें

    मुल्तानी मिट्टी एक नेचुरल, सस्ता और असरदार उपाय है जो गर्मियों में त्वचा को साफ, ठंडा और फ्रेश रखने में मदद करता है। लेकिन यह कोई “मैजिक स्किन ट्रीटमेंट” नहीं है—इसे सही तरीके और संतुलन के साथ इस्तेमाल करना ही बेहतर परिणाम देता है।

  • चेन्नई: IT कंपनी टेक महिंद्रा परिसर में एक वैयरहाउस में लगी भीषण आग… दूर से देखे गए धुएं के गुबार

    चेन्नई: IT कंपनी टेक महिंद्रा परिसर में एक वैयरहाउस में लगी भीषण आग… दूर से देखे गए धुएं के गुबार


    चेन्नई।
    चेन्नई (Chennai) के शोलिंगनल्लूर (Sholinganallur) के पास करपक्कम (Karapakkam) में एलकॉट सेज के अंदर टेक महिंद्रा परिसर (Tech Mahindra Campus) में शुक्रवार को आग लग गई। सूत्रों के मुताबिक, आईटी सेवा कंपनी कैंपस (IT Services Company Campus.) में स्थित वेयरहाउस में भयंकर आग लगी। हालांकि किसी को चोट नहीं आई है। घटना के वक्त सभी कर्मचारियों को सुरक्षित रूप से निकाल लिया गया। दुर्घटना के बाद, शोलिंगनल्लूर के पूरे क्षेत्र में कैंपस में घना धुआं उठता देखा गया। इसके बाद वहां पर सड़कें भी खाली कर दी गईं। एक टेक महिंद्रा प्रवक्ता ने चेन्नई वेयरहाउस सुविधा में आग की घटना की पुष्टि की है।


    कंपनी ने क्या कहा

    प्रवक्ता द्वारा जारी बयान में कहा गया कि हम आग अपने कैंपस में आग लगने की घटना की पुष्टि करते हैं। हालांकि स्थानीय प्रशासन और इमरजेंसी टीम की मदद से खतरा टाल दिया गया। बयान में कहा गया है कि घटना के दौरान वहां मौजूद सभी कर्मचारियों और अन्य लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया था। प्रवक्ता ने आगे बताया कि हालात फिलहाल पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। हम चीजों पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए हैं और जरूरत में मुताबिक मदद मुहैया कराई जा रही है।


    काफी ज्यादा दहशत

    घटना के बारे में मिली जानकारी के मुताबिक आग बहुत तेजी से फैली। कुछ ही देर के बाद वहां पर घना धुआं उठने लगा। धुआं इतना घना और तेज था कि दूर से ही नजर आ रहा था। इस भीषण हादसे के चलते आसपास के इलाके में काफी ज्यादा दशहत फैल गई। लोग काफी ज्यादा डर गए थे। सिक्योरिटी के लिहाज से वहां की तमाम सड़कों को बंद कर दिया गया। इससे राहत और बचाव कार्य में काफी आसानी हुई। हालांकि घटना के बारे में जानकारी होते ही फायर ब्रिगेड और बचाव की टीमें पहुंच गई थीं।

  • मुरैना में मीठी रिश्वत… चॉकलेट लेकर अफसर के पास पहुंचा 6वीं का छात्र, बोला- बिना लेन-देन काम नहीं होता… सिस्टम शर्मसार

    मुरैना में मीठी रिश्वत… चॉकलेट लेकर अफसर के पास पहुंचा 6वीं का छात्र, बोला- बिना लेन-देन काम नहीं होता… सिस्टम शर्मसार


    मुरैना।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना जिले (Morena district) की जनसुनवाई में उस वक्त सन्नाटा पसर गया, जब कक्षा 6 के एक छात्र ने भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों पर अपनी मासूमियत से प्रहार किया. संजय कॉलोनी के रहने वाले मानवेंद्र सिंह (Manvendra Singh) ने जिला पंचायत सीईओ (District Panchayat CEO) की मेज पर चार चॉकलेट रखीं और गुहार लगाई कि उसके घर के बाहर बह रहे गंदे सीवर को ठीक करा दिया जाए।

    दरअसल, छात्र मानवेंद्र सिंह पिछले कई दिनों से अपने घर के बाहर सीवर लीकेज की समस्या से जूझ रहा है. छात्र का कहना है कि सीवर के गंदे पानी की वजह से न तो वह बाहर खेल पा रहा है और न ही साइकिल चला पा रहा है. स्कूल आने-जाने में भी उसे काफी गंदगी का सामना करना पड़ता है. परिवार की ओर से 4 बार नगर निगम और संबंधित विभाग को शिकायत की गई, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी.

    गुल्लक तोड़ी और खरीदी ‘चॉकलेट रिश्वत’
    जब शिकायतों का कोई असर नहीं हुआ, तो मासूम मानवेंद्र के मन में यह बात बैठ गई कि ‘बिना लेन-देन के सरकारी काम नहीं होते.’ मानवेंद्र ने अपनी गुल्लक से 20 रुपये निकाले. इन पैसों से उसने 4 चॉकलेट खरीदीं और सीधा जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव के पास पहुंच गया।

    प्रतिक्रिया और शर्मिंदगी
    एक छोटे बच्चे के मुंह से ‘बिना लेन-देन के काम नहीं होता’ जैसी बात सुनकर वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी दंग रह गए. सीईओ कमलेश भार्गव ने बच्चे की बात को गंभीरता से सुना और तत्काल संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर सीवर दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

    भ्रष्टाचार की सामाजिक छवि पर सवाल
    बहरहाल, मध्य प्रदेश की यह घटना सिर्फ एक बच्चे की शिकायत नहीं है, बल्कि उस कड़वी सच्चाई का आइना है जो हमारी भावी पीढ़ी के मन में घर कर रही है. एक 6वीं कक्षा के छात्र का यह सोचना कि उसे अपना हक पाने के लिए भी ‘लेन-देन’ करना पड़ेगा, व्यवस्था के लिए एक बड़ा अलार्म है।

    मानवेंद्र ने बड़े ही आत्मविश्वास के साथ CEO से कहा कि यदि चॉकलेट देने के बाद भी सीवर ठीक नहीं हुआ, तो वह अपनी चॉकलेट वापस ले जाएगा।

  • शराबबंदी को लेकर सड़क पर उतरी भाजपा, सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन

    शराबबंदी को लेकर सड़क पर उतरी भाजपा, सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन


    नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में शुक्रवार को उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के आवास के बाहर शराबबंदी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और करीब 10 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।

    BJP का तीखा हमला, बयान ने बढ़ाया विवाद
    प्रदर्शन के दौरान बीजेपी नेताओं ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। पार्टी नेताओं ने कहा कि सरकार राजस्व (रेवेन्यू) के नाम पर शराब की बिक्री को बढ़ावा दे रही है, जो युवाओं के भविष्य के लिए नुकसानदायक है। बीजेपी महासचिव अनवर खान के एक बयान ने विवाद और बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि “अगर सरकार को सिर्फ रेवेन्यू की चिंता है तो हम मस्जिदों के बाहर बैठकर भीख मांग लेंगे।” इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं और इसे लेकर बहस तेज हो गई है।

    शराबबंदी को लेकर BJP का अल्टीमेटम
    बीजेपी नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने शराबबंदी पर कोई कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पार्टी ने कहा कि यह विरोध काजीगुंड से लेकर करनाह (LoC क्षेत्र) तक फैलाया जाएगा। नेताओं का कहना है कि कश्मीर की पहचान सूफी और संत परंपरा से जुड़ी है, इसलिए यहां शराब की बिक्री का विरोध जरूरी है।

    सरकार और विपक्ष का जवाब
    इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पहले ही शराबबंदी की मांग को खारिज कर चुके हैं। उनका कहना है कि राजस्व और प्रशासनिक कारणों से इस तरह का फैसला आसान नहीं है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने भी संकेत दिया कि शराब पर प्रतिबंध लगाने से राज्य के राजस्व पर बड़ा असर पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बैन लगाने से अवैध तस्करी बढ़ सकती है।

    राजनीतिक टकराव तेज
    नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने पलटवार करते हुए कहा कि मौजूदा आबकारी नीति पहले की सरकारों के समय बनी थी, जिसमें BJP भी शामिल थी। पार्टी का कहना है कि आज जो मुद्दा उठाया जा रहा है, उसकी नींव पहले ही डाली जा चुकी थी।

  • NEET पेपर लीक कांड में CBI का बड़ा खुलासा, पुणे के लेक्चरर कुलकर्णी को बताया मास्टरमाइंड

    NEET पेपर लीक कांड में CBI का बड़ा खुलासा, पुणे के लेक्चरर कुलकर्णी को बताया मास्टरमाइंड


    नई दिल्ली।
    नीट यूजी पेपर लीक मामले (NEET-UG Paper leak case) ने परीक्षा सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के बाद एक बड़े नाम का खुलासा हुआ है, जिसे इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। आरोपी पीवी कुलकर्णी (PV Kulkarni.) पुणे के एक कॉलेज में लेक्चरर के रूप में तैनात है। आरोप है कि उसने परीक्षा प्रक्रिया की गोपनीयता का दुरुपयोग करते हुए पेपर लीक और नकल से जुड़ा एक नेटवर्क तैयार किया।

    जांच एजेंसियों के अनुसार, पीवी कुलकर्णी की भूमिका केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं थी। उसने कुछ छात्रों के लिए विशेष कोचिंग कक्षाएं भी चलाईं। इन कक्षाओं में कथित तौर पर परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों और उनके संभावित उत्तरों पर फोकस किया जाता था। बताया जा रहा है कि ये कोचिंग क्लासेस पुणे स्थित उनके आवास पर ही चलाई जाती थीं, जहां सीमित और चयनित छात्रों को ही प्रवेश दिया जाता था। इस गतिविधि ने परीक्षा की पारदर्शिता पर गंभीर संदेह पैदा कर दिया है।

    शुरुआती जांच में क्या आया सामने
    CBI की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क अकेले एक व्यक्ति की ओर से नहीं चलाया जा रहा था, बल्कि इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रहा था, जो परीक्षा से पहले ही छात्रों तक गोपनीय जानकारी पहुंचाने की कोशिश करता था। इसी वजह से NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है और प्रशासन पर भी सख्त कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।

    फिलहाल इस मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और CBI अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। सरकार और जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रणाली में किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला न केवल परीक्षा घोटाले का है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से भी जुड़ा गंभीर मुद्दा बन गया है।

  • देशभर में आज शनि जयंती की धूम… जानिए साढ़ेसाती-ढैय्या से मुक्ति के उपाय

    देशभर में आज शनि जयंती की धूम… जानिए साढ़ेसाती-ढैय्या से मुक्ति के उपाय


    नई दिल्ली।
    आज ज्येष्ठ मास (Jyeshtha month) की अमावस्या (Amavasya) है और आज के ही दिन शनि जयंती भी है। देशभर में आज शनि जयंती (Shani Jayanti 2026) धूमधाम से मनाई जा रही है। इस अवसर पर शनि मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुबह से ही मंदिर परिसर में यज्ञ अनुष्ठान का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां डालीं। भक्तों ने न्याय के देवता शनि देव को सरसों का तेल और काले तिल चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। इसी के साथ, बट सावित्री पर्व भी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जा रहा है।

    हिंदू धर्म में शनि देव (Shani Dev) को कर्मफल दाता और न्याय का देवता माना जाता है. मान्यता है कि आज ही के दिन सूर्य पुत्र शनि देव का जन्म हुआ था. आज शनिवार का दिन होने के कारण इस जयंती का महत्व अनंत गुना बढ़ गया है, क्योंकि शनिवार स्वयं शनि देव को समर्पित है.


    1. आज का शुभ मुहूर्त (Shani Jayanti 2026 Muhurat)

    आज 16 मई को पूजा के लिए कई शुभ संयोग बन रहे हैं. ज्योतिष गणना के अनुसार अमावस्या तिथि का विवरण इस प्रकार है:
    – अमावस्या तिथि का आरंभ: 15 मई 2026 को दोपहर से.
    – अमावस्या तिथि का समापन: आज 16 मई 2026 को शाम 05:40 बजे तक.
    – अमृत काल (पूजा के लिए श्रेष्ठ): सुबह 09:15 से 10:45 तक.
    – संध्या काल पूजा: शाम 06:30 से रात 08:30 तक (शनि देव की पूजा सूर्यास्त के बाद विशेष फलदायी होती है.


    2. शनि जयंती पूजा विधि

    आज के दिन शनि देव की कृपा पाने के लिए भक्त इन चरणों का पालन करें.
    – ब्रह्म मुहूर्त में स्नान: आज सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी या घर के पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें.
    – संकल्प: हाथ में जल लेकर शनि देव के व्रत या विशेष पूजा का संकल्प लें.
    – मंदिर दर्शन: पास के शनि मंदिर जाएं. यदि मंदिर जाना संभव न हो, तो घर के पश्चिम कोने में एक चौकी पर काला कपड़ा बिछाकर शनि देव की यंत्र या प्रतिमा स्थापित करें.
    – तैल अभिषेक: शनि देव की शिला या प्रतिमा पर सरसों का तेल अर्पित करें. ध्यान रहे कि तेल चढ़ाते समय उनकी आंखों में न देखें, बल्कि चरणों की ओर दृष्टि रखें.
    – नैवेद्य: उन्हें नीले फूल, काले तिल, अक्षत और भोग में इमरती या काली उड़द की खिचड़ी अर्पित करें.
    – मंत्र जाप: आज कम से कम 108 बार “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः” इस मंत्र का जाप करें.


    3. शनि दोष से मुक्ति के अचूक उपाय (Effective Remedies)

    अगर आपकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष है, तो आज 16 मई को ये उपाय जरूर करें.
    – पीपल के पेड़ की पूजा: आज शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाएं और सात बार परिक्रमा करें.
    – छाया दान: एक कटोरी में सरसों का तेल लें, उसमें अपना चेहरा देखें, फिर उस तेल को दान कर दें या मंदिर में रख आएं.
    – हनुमान जी की भक्ति: शनि देव ने हनुमान जी को वचन दिया था कि वह उनके भक्तों को परेशान नहीं करेंगे. इसलिए आज हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ अवश्य करें.


    4. क्या दान करें? (Donation Guide)

    आज के दिन दान का फल कई जन्मों तक मिलता है. इन वस्तुओं का दान करना शुभ है.
    – काले वस्त्र और छाता.
    – लोहे के बर्तन या जूते-चप्पल.
    – काली उड़द की दाल और काले तिल.
    – जरूरतमंदों और कुष्ठ रोगियों को भोजन कराना.


    5. राशि अनुसार विशेष लाभ (Zodiac Insights)

    आज का दिन विशेष रूप से कुंभ, मकर और मीन राशि (साढ़ेसाती के प्रभाव वाली), कर्क और वृश्चिक राशि (ढैय्या के प्रभाव वाली) के जातकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. इन राशियों के जातकों को आज सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए ताकि शनि देव के प्रतिकूल प्रभाव कम हो सकें.