Author: bharati

  • गाजियाबाद में दिल दहला देने वाली वारदात: 80 वर्षीय पति ने कुल्हाड़ी से पत्नी की हत्या, खुद पहुंचा थाने

    गाजियाबाद में दिल दहला देने वाली वारदात: 80 वर्षीय पति ने कुल्हाड़ी से पत्नी की हत्या, खुद पहुंचा थाने


    गाजियाबाद । गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 80 वर्षीय बुजुर्ग ने अपनी 72 वर्षीय पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा और पुलिस को बताया कि उसने अपनी पत्नी को मार दिया है और उसे गिरफ्तार किया जाए।

    घटना शनिवार सुबह की बताई जा रही है। आरोपी हरपाल रावली कला गांव का रहने वाला है। वह सुबह करीब 5 बजे रावली चौकी पहुंचा और पुलिस को स्पष्ट शब्दों में बताया कि उसने पत्नी उर्मिला की हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत आरोपी को साथ लेकर उसके घर पहुंची, जहां कमरे में चारपाई पर महिला का शव खून से लथपथ पड़ा मिला।

    पुलिस ने मौके पर फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था।

    परिवार के सदस्यों के अनुसार, आरोपी की मानसिक स्थिति भी पूरी तरह ठीक नहीं बताई जा रही है। मृतका के परिजनों और बच्चों ने बताया कि दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे, लेकिन इस तरह की घटना की किसी को उम्मीद नहीं थी।

    जानकारी के मुताबिक, घटना के समय घर में दो नाती भी मौजूद थे, जो कमरे में सो रहे थे और उन्हें वारदात की जानकारी नहीं हुई। बाद में सुबह जब परिवार के अन्य सदस्य घर पहुंचे तो घटना का खुलासा हुआ।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ जारी है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • रीवा सड़क हादसा: खड़े ट्रक से टकराकर दो युवकों की मौके पर मौत

    रीवा सड़क हादसा: खड़े ट्रक से टकराकर दो युवकों की मौके पर मौत

    रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब रीवा से बैकुंठपुर जा रही एक तेज रफ्तार बाइक सगरा के पास सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    मृतकों की पहचान, गांव में पसरा मातम
    हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान पंकज साकेत (निवासी बैकुंठपुर) और आकाश साकेत (निवासी जुइला, रायपुर कर्चुलियान) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक किसी जरूरी काम से बैकुंठपुर जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक का माहौल फैल गया।

    पुलिस ने शुरू की जांच, वाहन जब्त
    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही दुर्घटनाग्रस्त बाइक और ट्रक को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    तेज रफ्तार और अंधेरे पर शक, जांच जारी
    प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि हादसा तेज रफ्तार या सड़क पर पर्याप्त रोशनी न होने के कारण हुआ होगा। हालांकि पुलिस का कहना है कि वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

    सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
    नीय लोगों ने इस हादसे के बाद सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों पर कार्रवाई और हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे हादसे लगातार हो रहे हैं, लेकिन सुधार के प्रयास नाकाफी हैं।

    रीवा का यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा की लापरवाही और तेज रफ्तार के खतरों को उजागर करता है। दो युवकों की असमय मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।

  • अजगरहा में बिजली समस्या को लेकर बवाल, सड़क जाम से यातायात प्रभावित

    अजगरहा में बिजली समस्या को लेकर बवाल, सड़क जाम से यातायात प्रभावित


    रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा शहर के अजगरहा इलाके में शुक्रवार देर रात बिजली की लगातार समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कम वोल्टेज और बार-बार बिजली कटौती से परेशान रहवासियों ने मुख्य सड़क पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

    लंबे समय से जारी समस्या, शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं
    प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से बिजली आपूर्ति की समस्या बनी हुई है। बार-बार बिजली गुल होने और कम वोल्टेज की वजह से घरेलू जीवन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

    मौके पर पहुंची पुलिस, प्रदर्शनकारियों से हुई तीखी बहस
    सूचना मिलने के बाद विश्वविद्यालय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जाम हटवाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। काफी देर तक चले तनाव के बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए सड़क खाली करवाई और यातायात बहाल कराया।

    स्थानीय लोगों का आरोप: समस्याओं पर नहीं होती सुनवाई
    प्रदर्शन के दौरान स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया। एक महिला ने कहा कि जब आम लोग अपनी समस्या लेकर सड़क पर आते हैं तो पुलिस तुरंत सख्ती दिखाती है, लेकिन असली समस्या पर कोई ध्यान नहीं देता।

    स्थानीय निवासियों की नाराजगी बढ़ी
    स्थानीय निवासी रमेश कुशवाहा ने बताया कि कई दिनों से बिजली बार-बार जा रही है, जिससे बच्चे और बुजुर्ग परेशान हैं। वहीं सीमा पटेल ने कहा कि मजबूरी में सड़क पर उतरना पड़ा क्योंकि समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा।

    आगे आंदोलन की चेतावनी
    प्रदर्शन समाप्त होने के बाद भी इलाके में नाराजगी बनी हुई है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे फिर से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

    रीवा के अजगरहा में हुआ यह विरोध प्रदर्शन बिजली व्यवस्था की खामियों को उजागर करता है। स्थानीय लोगों की नाराजगी यह संकेत देती है कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।

  • कन्नौज में हाई-वोल्टेज ड्रामा, 100 फीट टावर पर चढ़ी किशोरी

    कन्नौज में हाई-वोल्टेज ड्रामा, 100 फीट टावर पर चढ़ी किशोरी



    नई दिल्ली। प्रेम-प्रसंग और परिवार के विरोध के बीच तीन घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, कन्नौज जिले से घटनासामने आई, जहां एक प्रेम प्रसंग के चलते 16 वर्षीय किशोरी 100 फीट ऊंचे हाईटेंशन बिजली टावर पर चढ़ गई। यह घटना सिकंदरपुर चौकी क्षेत्र के अकबरपुर गांव के पास की बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, किशोरी का एक युवक से प्रेम संबंध था, लेकिन परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। परिजनों ने उसकी शादी कहीं और तय करने की बात कही, जिससे नाराज होकर वह घर से निकल गई और सीधे बिजली के टावर पर चढ़ गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस व परिजन मौके पर पहुंच गए।

    करीब तीन घंटे तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे में पुलिस अधिकारियों ने किशोरी को समझाने की कोशिश की। बाद में उसके प्रेमी को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने शादी का आश्वासन दिया। इसके बाद समझाने-बुझाने के बाद किशोरी सुरक्षित नीचे उतर आई।पुलिस और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया और स्थिति पर काबू पा लिया गया।

  • यूपी के हरदोई में बैंक मैनेजर के कमरे में डांस का वीडियो वायरल, जांच में जुटी पुलिस

    यूपी के हरदोई में बैंक मैनेजर के कमरे में डांस का वीडियो वायरल, जांच में जुटी पुलिस



    नई दिल्ली। तीन क्लिप्स सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर मचा हड़कंप, अधिकारी के व्यवहार पर उठे सवाल उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवती बैंक के मैनेजर के कमरे में फिल्मी गाने “तुझे मैं प्यार करूं…” पर डांस करती नजर आ रही है। यह वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और मामले ने तूल पकड़ लिया है।

    जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में तीन अलग-अलग क्लिप्स हैं जिनकी अवधि लगभग 28 सेकंड, 38 सेकंड और 58 सेकंड बताई जा रही है। इन वीडियो में एक युवती कमरे के भीतर नृत्य करती दिख रही है, जबकि सामने बैठा एक पुरुष बैंक अधिकारी बताया जा रहा है, जिसे स्थानीय स्तर पर एक बैंक शाखा का मैनेजर कहा जा रहा है।

    बताया जा रहा है कि यह वीडियो किसी कमरे या कार्यालय जैसे स्थान का है, जहां युवक ऊनी जैकेट पहने नजर आ रहा है, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि वीडियो सर्दियों के समय का हो सकता है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वीडियो किस बैंक शाखा का है और इसमें दिखाई दे रहे लोग कौन हैं।

    स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच इस वीडियो को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति के व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे किसी निजी या कार्यक्रम से जुड़ा मामला बता रहे हैं। फिलहाल किसी भी पक्ष से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    मामले में पुलिस ने भी संज्ञान लिया है। टड़ियावां थाना पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो की जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वीडियो किस बैंक और किस स्थान का है। अधिकारियों के अनुसार अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब का है और इसमें शामिल लोग कौन हैं।

    इसी बीच, पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी और अगर कोई नियमों का उल्लंघन पाया गया तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

  • महाकाल की भस्म आरती में अद्भुत नजारा, शनिवार को उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

    महाकाल की भस्म आरती में अद्भुत नजारा, शनिवार को उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

    उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के भस्म आरती के दौरान अलौकिक और दिव्य वातावरण देखने को मिला। सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित सभी देवी-देवताओं का विधिवत पूजन किया और धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई।

    पंचामृत अभिषेक और वैदिक विधि से पूजन
    इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया और दूध, दही, घी, शक्कर तथा फलों के रस से बने पंचामृत से विशेष अभिषेक संपन्न हुआ। प्रथम घंटाल बजाकर “हरि ओम” के उच्चारण के साथ आरती की शुरुआत हुई, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।

    रजत मुकुट और दिव्य श्रृंगार से सजा बाबा महाकाल का स्वरू
    भगवान महाकाल को रजत ॐ, बिल्वपत्र मुकुट, रुद्राक्ष माला, मुण्डमाल और सुगंधित पुष्पों से भव्य रूप से श्रृंगारित किया गया। मस्तक पर त्रिपुण्ड, त्रिशूल, डमरू और शेषनाग स्वरूप रजत मुकुट ने बाबा के स्वरूप को अत्यंत दिव्य बना दिया। श्रृंगार के बाद बाबा का अलौकिक रूप भक्तों को मंत्रमुग्ध करता रहा और पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

    चिता भस्म अर्पण से संपन्न हुई भस्म आरती
    आरती के अंतिम चरण में भगवान महाकाल को चिता भस्म अर्पित की गई। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से यह भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इसके साथ ही कपूर आरती के बाद भस्म आरती विधिवत संपन्न हुई।

     श्रद्धालुओं की भारी भीड़, गूंजे जयकारे
    भस्म आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में मौजूद रहे और बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे परिसर में “जय श्री महाकाल” के जयघोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बन गया।

    उज्जैन की यह भस्म आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आस्था, परंपरा और दिव्यता का अद्भुत संगम है। पंचामृत अभिषेक से लेकर चिता भस्म तक की यह प्रक्रिया भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा और विश्वास से भर देती है।

  • उज्जैन में टीम इंडिया की जीत का जश्न, नंदी के कान में मांगी मनोकामना

    उज्जैन में टीम इंडिया की जीत का जश्न, नंदी के कान में मांगी मनोकामना

    उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार सुबह आस्था और खेल का अनोखा संगम देखने को मिला, जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बाबा महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाई। टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और कोच सहित पूरी टीम तड़के करीब 3 बजे मंदिर पहुंची और भस्म आरती में शामिल होकर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया।

    भस्म आरती में दो घंटे तक डूबी रही टीम, श्रद्धा और भावनाओं का दृश्य
    महाकालेश्वर मंदिर में आयोजित भस्म आरती के दौरान खिलाड़ी पूरी तरह भक्ति भाव में नजर आईं। करीब दो घंटे तक टीम आरती में शामिल रही और मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।

    नंदी हॉल में विशेष पूजा, नंदी के कान में कही मनोकामना
    आरती के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर, कोच और अन्य खिलाड़ियों ने नंदी हॉल में पहुंचकर पूजन-अभिषेक किया। परंपरा के अनुसार खिलाड़ियों ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना भी कही और इसके बाद चांदी द्वार से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

    टीम का भव्य स्वागत, मंदिर समिति ने किया सम्मान
    मंदिर में मौजूद श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम का स्वागत और सम्मान किया। इस दौरान टीम के कई प्रमुख खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ भी मौजूद रहे, जिन्होंने धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया।

    आस्था और खेल का संगम बना महाकाल धाम
    इस अवसर पर महाकाल मंदिर में आस्था और खेल का अद्भुत संगम देखने को मिला। खिलाड़ियों की मौजूदगी ने मंदिर परिसर को और अधिक विशेष बना दिया, जहां भक्ति और श्रद्धा का वातावरण पूरे समय बना रहा।

    महाकालेश्वर धाम में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की यह उपस्थिति न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रही, बल्कि यह भी दिखाती है कि खेल जगत के दिग्गज भी आध्यात्मिक ऊर्जा से प्रेरणा लेते हैं। बाबा महाकाल के दरबार में यह क्षण हमेशा यादगार बन गया।

  • भक्ति और संगीत का संगम: वृंदावन में गूंजा “बम लहरी”, प्रेमानंद महाराज हुए भावविभोर

    भक्ति और संगीत का संगम: वृंदावन में गूंजा “बम लहरी”, प्रेमानंद महाराज हुए भावविभोर



    नई दिल्ली। वृंदावन में भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला जब प्रसिद्ध सूफी एवं भजन गायक Kailash Kher ने केलीकुंज आश्रम में संत Premanand Maharaj से भेंट की। इस मुलाकात के दौरान पूरा वातावरण भक्ति भाव और आनंद से भर गया। कैलाश खेर ने महाराज का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया और उन्हें मोरपंखी हार पहनाकर सम्मान प्रकट किया।

    आश्रम में बातचीत के दौरान प्रेमानंद महाराज ने सबसे पहले कैलाश खेर का हाल-चाल पूछा, जिस पर गायक ने सहज भाव से कहा कि वे पूरी तरह “मस्त” हैं। इसके बाद कैलाश खेर ने माइक लेकर अपने प्रसिद्ध भजन “बम लहरी” का गायन शुरू किया। अपने खास अंदाज में उन्होंने न केवल भजन प्रस्तुत किया बल्कि भावपूर्ण नृत्य भी किया, जिससे वहां मौजूद श्रद्धालु और संतगण भी भावविभोर हो उठे। यह भजन लगभग डेढ़ मिनट तक चला, लेकिन इस दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

    भजन समाप्त होते ही Premanand Maharaj मुस्कुराए और उन्होंने कैलाश खेर की प्रस्तुति की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह बहुत सुंदर और अत्यंत प्रभावशाली था। उनके चेहरे की मुस्कान ने वहां मौजूद सभी लोगों को और भी उत्साहित कर दिया। इसके बाद कैलाश खेर ने एक और भजन प्रस्तुत करने की इच्छा जताई, जिस पर महाराज ने सहमति दी।

    इसके बाद उन्होंने “5 वर्ष की मीरा लाडली हो…” और “सखियां में खेला जाए री…” जैसे भावपूर्ण भजन अपनी विशेष शैली में सुनाए। इन भजनों ने आश्रम के वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया। प्रेमानंद महाराज ने उनकी आवाज की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी गायकी अत्यंत प्रभावशाली है और इसमें भक्ति का गहरा भाव झलकता है।

    इससे पहले कैलाश खेर ने वृंदावन स्थित Banke Bihari Temple में भगवान श्री बांके बिहारी जी के दर्शन किए। मंदिर में उन्होंने लगभग 30 मिनट बिताए और फूल बंगले में विराजमान भगवान की छवि को एकटक निहारते रहे। उन्होंने मंदिर की देहरी पर इत्र भी अर्पित किया और श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना की। इस दौरान सेवायत मोहित गोस्वामी ने उन्हें भगवान का प्रसाद और अंगवस्त्र भेंट किया।

    कैलाश खेर के आगमन से वृंदावन में भक्ति का माहौल और अधिक गहरा हो गया। उनके भजन और प्रेमानंद महाराज के साथ संवाद ने यह संदेश दिया कि संगीत और आध्यात्मिकता एक-दूसरे के पूरक हैं। इस पूरे आयोजन ने श्रद्धालुओं को भक्ति के नए अनुभव से जोड़ा और वातावरण को दिव्यता से भर दिया।

  • त्रिवेणी शनि मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब, सुबह से शिप्रा स्नान जारी

    त्रिवेणी शनि मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब, सुबह से शिप्रा स्नान जारी

      उज्जैन। मध्य प्रदेश के धार्मिक नगरी उज्जैन में शनिवार को आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब 13 साल बाद शनि जयंती और शनिचरी अमावस्या का विशेष महासंयोग बना। इस अवसर पर त्रिवेणी स्थित प्राचीन शनि मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देशभर से आए भक्तों ने शिप्रा नदी में स्नान कर शनिदेव के दर्शन किए और तेल, काले तिल, नारियल तथा काले वस्त्र अर्पित कर पूजा-अर्चना की।

      शिप्रा स्नान के लिए विशेष इंतजाम, फव्वारों से स्नान कर रहे श्रद्धालु

      श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने शिप्रा नदी के त्रिवेणी घाट पर विशेष व्यवस्था की है। नदी में जल स्तर कम होने के कारण नर्मदा जल से फव्वारे लगाए गए हैं, जिससे श्रद्धालु स्नान कर सकें।

      सुबह से ही भक्त स्नान कर शुद्धि प्राप्त कर मंदिर पहुंच रहे हैं और शनिदेव के दर्शन कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस, होमगार्ड और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं।

      मंदिर में विशेष अनुष्ठान, 24 घंटे तेल अभिषेक जारी
      त्रिवेणी शनि मंदिर में सुबह तड़के ही पंचामृत अभिषेक और विशेष पूजा के साथ दिन की शुरुआत हुई। मंदिर को फूलों और विद्युत सज्जा से भव्य रूप दिया गया है। महंत राकेश बैरागी के अनुसार गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं की एंट्री बंद रखी गई है, जबकि शनि प्रतिमा पर 24 घंटे तक तिल के तेल का अभिषेक जारी रहेगा।

      श्रद्धालुओं की आस्था, दान और परंपराओं का पालन
      श्रद्धालु शिप्रा स्नान के बाद पुराने वस्त्र और जूते-चप्पल मंदिर परिसर में दान कर रहे हैं। भक्त अपने साथ लाए काले तिल, नारियल और तेल शनिदेव को अर्पित कर रहे हैं। मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।

      धार्मिक अनुष्ठानों और उपायों का महत्व
      पंडितों के अनुसार शनि जयंती के दिन पीपल वृक्ष पर जल अर्पण, काले तिल चढ़ाना और तेल का दीपक जलाना विशेष फलदायी माना जाता है। शनि स्तोत्र, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ भी शनि दोष शांति के लिए लाभकारी बताया गया है। इसके साथ ही जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और दान देना अत्यंत शुभ माना जाता है।

      उज्जैन में बना यह दुर्लभ संयोग न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि आस्था और परंपरा के अद्भुत संगम का प्रतीक भी बन गया। त्रिवेणी शनि मंदिर में उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर साबित किया कि शनिदेव के प्रति श्रद्धा जनमानस में गहराई से स्थापित है।
  • गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास, CM योगी बोले– यूपी अब विकास का मॉडल बन चुका है

    गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास, CM योगी बोले– यूपी अब विकास का मॉडल बन चुका है



    गोरखपुर। गोरखपुर में शनिवार को इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का भव्य शिलान्यास किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी मौजूद रहे। करीब 393 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह स्टेडियम CM योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जा रहा है, जिसे 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

    “उत्तर प्रदेश अब सिर्फ संभावनाओं का नहीं, परिणामों का राज्य है” – हरदीप पुरी
    केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में जिस तरह विकास कार्यों ने रफ्तार पकड़ी है, वह देश के लिए उदाहरण बन गया है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था में सुधार से निवेश बढ़ा है और गोरखपुर का यह स्टेडियम युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा।

    18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य, अंतरराष्ट्रीय मैच की उम्मीद
    मंत्री पुरी ने दावा किया कि स्टेडियम का निर्माण तेजी से पूरा होगा और 18 महीने के भीतर इसे तैयार करने की कोशिश होगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में यहां IPL और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच आयोजित किए जा सकेंगे, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश को नई पहचान मिलेगी।

    VIP कारपूल से पहुंचे रवि किशन, नेताओं ने दिखाई एकजुटता
    शिलान्यास समारोह में सांसद रवि किशन केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान और अन्य नेताओं के साथ कारपूल करके पहुंचे। इस दौरान गोरखपुर में खेल सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण स्तर पर स्टेडियम विकसित करने की योजनाओं पर भी चर्चा हुई।

    स्टेडियम से बदल जाएगी गोरखपुर की पहचान
    केंद्रीय राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश के हर जिले में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि गोरखपुर का यह स्टेडियम भविष्य में कई बड़े क्रिकेट सितारे तैयार करेगा और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती देगा।