Author: bharati

  • मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव की शुभकामनाएं, देश की ताकत बताया पूर्वोत्तर का विकास

    मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव की शुभकामनाएं, देश की ताकत बताया पूर्वोत्तर का विकास


    मध्य प्रदेश। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के स्थापना दिवस के अवसर पर इन राज्यों के नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत के ये राज्य न केवल प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध हैं, बल्कि देश की एकता और विविधता का भी सशक्त प्रतीक हैं। उन्होंने कामना की कि आने वाले वर्षों में ये राज्य विकास के नए आयाम स्थापित करें और यहां के नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि और उल्लास बना रहे।

    मेघालय का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य भारत का गौरव है। पर्वतमालाओं से घिरा, हरियाली और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर मेघालय अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेघालय की सांस्कृतिक विविधता और पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवनशैली देश के अन्य हिस्सों के लिए प्रेरणास्रोत है।मणिपुर को लेकर उन्होंने कहा कि यह राज्य भारत के गहने के रूप में प्रसिद्ध है। मणिपुर की कला, नृत्य और सांस्कृतिक विरासत ने इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मणिपुर की पहचान उसकी अद्वितीय संस्कृति, खेल प्रतिभा और सामाजिक समरसता से जुड़ी हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य शांति, विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।

    त्रिपुरा के संदर्भ में डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह राज्य माँ त्रिपुरसुंदरी की कृपा से अभिसिंचित है और अपने नैसर्गिक सौंदर्य के लिए सुविख्यात है। उन्होंने त्रिपुरा की सांस्कृतिक परंपराओं ऐतिहासिक धरोहरों और जनजीवन की सरलता को सराहा। मुख्यमंत्री के अनुसार, त्रिपुरा ने सीमित संसाधनों के बावजूद विकास और सामाजिक संतुलन का उदाहरण प्रस्तुत किया है।मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का भी उल्लेख किया और कहा कि बाबा महाकाल से यही मंगलकामना है कि प्रकृति की गोद में बसे ये तीनों राज्य निरंतर प्रगति करें। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्यों के समन्वय से पूर्वोत्तर भारत विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और आने वाला समय इन राज्यों के लिए और अधिक अवसर लेकर आएगा।

    राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में मुख्यमंत्री के इस संदेश को राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब देश के अलग-अलग हिस्सों में क्षेत्रीय पहचान के साथ-साथ राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।स्थापना दिवस के अवसर पर मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सरकारी आयोजनों और जनउत्सव की तैयारियां की गई हैं। इन आयोजनों के माध्यम से राज्यों की विकास यात्रा, सांस्कृतिक धरोहर और भविष्य की योजनाओं को जनता के सामने रखा जा रहा है।

  • भोपाल आज: नाटक, टेक फेस्ट और क्रिकेट का संगम, बिजली कटौती का खाका भी जारी

    भोपाल आज: नाटक, टेक फेस्ट और क्रिकेट का संगम, बिजली कटौती का खाका भी जारी


    भोपाल में आज कला, संस्कृति, खेल और टेक्नोलॉजी का संगम देखने को मिलेगा। महाभारत समागम के तहत नाट्य प्रस्तुतियों का आयोजन होगा। MANIT में चार दिवसीय टेक्नोसर्च 2026 का आगाज होगा, वहीं बैरागढ़ क्रिकेट ग्राउंड में जैन लिगेसी क्रिकेट टूर्नामेंट की शुरुआत होगी। इस दौरान कई इलाकों में बिजली कटौती रहेगी।

    बिजली कटौती सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक हमीदिया रोड, इब्राहिमगंज, सज्जाद कॉलोनी, बाल विहार, दवा बाजार, नादरा बस स्टैंड, चेतन मार्केट, मलिक मार्केट और आसपास के क्षेत्रों में होगी। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक रानी अमन बाई कॉलोनी, तुलसी नगर, सोनिया कॉलोनी नवीन नगर, फूटी बावड़ी, राजीव नगर बी-सी सेक्टर और इंद्रलोक, प्रकाश नगर, भेल नगर बसंतकुंज, भारत आजाद नगर, छत्तीसगढ़ कॉलोनी, वर्धमान नगर, राज सम्राट फेस-3, सुरभि मोहिनी, युगांतर, कंचन नगर, इंडस प्रज्ञा, विद्यासागर, सिद्धार्थ पैलेस, आधारशिला ईस्ट ब्लॉक आधारशिला एक्सटेंशन, सुभालय व आसपास बिजली गुल रहेगी।

    रेल यात्रियों के लिए भी खबर है कि नांदेड़ के लिए दो स्पेशल ट्रेनें चंडीगढ़-नांदेड़-चंडीगढ़ और हजरत निजामुद्दीन-नांदेड़-हजरत निजामुद्दीन चलेंगी। चंडीगढ़-नांदेड़-चंडीगढ़ स्पेशल 23 व 24 जनवरी को चंडीगढ़ से प्रस्थान करेगी और 25 व 26 जनवरी को नांदेड़ से लौटेगी। भोपाल आगमन रात 9:50 बजे और प्रस्थान सुबह 9:55 बजे होगा। हजरत निजामुद्दीन-नांदेड़-हजरत निजामुद्दीन ट्रेन 23 व 24 जनवरी को निजामुद्दीन से रवाना होगी और नांदेड़ से 24 व 25 जनवरी को लौटेगी।

    महाभारत समागम में आज सुबह 5 बजे पूर्वरंग में छत्तीसगढ़ के शिव शर्मा द्वारा पंडवानी गायन होगा। शाम 6 बजे अंतरंग सत्र में ‘सौगंधिक वधम्’ नाट्य प्रस्तुति होगी, जिसका निर्देशन विशाल मजुमदार करेंगे और प्रस्तुति चित्राशा कलालय, कोलकाता द्वारा दी जाएगी। शाम 7:30 बजे बहिरंग सत्र में ‘स्वर्गारोहण’ नाटक का मंचन कंकण पॉप आर्ट्स ट्रस्ट, नई दिल्ली द्वारा किया जाएगा।

    जनजातीय संग्रहालय में दोपहर 12 बजे से शलाका चित्र प्रदर्शनी शुरू होगी। वहीं, MANIT में आज से चार दिवसीय मैफिक एक्स टेक्नोसर्च 2026 का आयोजन होगा। यह फेस्ट टेक्नोलॉजी, इनोवेशन ई-स्पोर्ट्स, ऑटो-शो, साइंस मॉडल और कल्चरल नाइट्स का बड़ा मंच बनेगा। इसमें इनो-फेस्ट फिन-स्पार्क, ऑटो-एक्सपो और ‘गिग-ए-नाइट’ जैसे इवेंट आकर्षण का केंद्र होंगे।बैरागढ़ क्रिके ग्राउंड पर आज से जैन लिगेसी कप 2.0 शुरू होगा। 10 टीमें मैदान में उतरेंगी। लीग मुकाबले 22 से 25 जनवरी तक होंगे और फाइनल 26 जनवरी शाम 4 बजे खेला जाएगा। टूर्नामेंट का उद्देश्य खेल के साथ सामाजिक सरोकार को जोड़ना है और आईपीएल की तर्ज पर ऑक्शन के बाद टीमें बनाई गई हैं।

    आज भोपाल में नाटक, टेक्नोलॉजी, क्रिकेट और बिजली कटौती की पूरी लिस्ट को ध्यान में रखते हुए लोगों को समय और कार्यक्रम के अनुसार योजना बनानी होगी। शहर भर में कला और खेल प्रेमियों के लिए यह दिन खास रहेग

  • एमपी नगर में खाद्य भवन निर्माण पर विरोध तेज: 150 पुराने पेड़ों की कटाई के खिलाफ कर्मचारी और पर्यावरणविद करेंगे ‘चिपको आंदोलन’

    एमपी नगर में खाद्य भवन निर्माण पर विरोध तेज: 150 पुराने पेड़ों की कटाई के खिलाफ कर्मचारी और पर्यावरणविद करेंगे ‘चिपको आंदोलन’


    भोपाल के एमपी नगर क्षेत्र में प्रस्तावित 6 मंजिला खाद्य भवन के निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस परियोजना में लगभग 150 पुराने पेड़ों को काटने की तैयारी है जिनमें पीपल और बरगद जैसे बड़े वृक्ष शामिल हैं। इन पेड़ों की उम्र 40 से 50 साल बताई जा रही है। पेड़ों की कटाई के विरोध में अब कर्मचारी संगठनों के साथ पर्यावरणविद भी मैदान में उतर आए हैं। वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा लगभग 64 करोड़ रुपये की लागत से नया भवन बनाने की योजना है। इस भवन में खाद्य संचालनालय वेयर हाउसिंग और नाप-तौल विभाग के दफ्तरों को एक ही परिसर में शिफ्ट किया जाएगा। सभी सुविधाओं को जोड़कर खर्च 90 से 100 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

    यह निर्माण एमपी नगर स्थित नाप-तौल नियंत्रक कार्यालय की डेढ़ एकड़ जमीन पर प्रस्तावित है। पुराने भवन को तोड़कर नया निर्माण होगा, जिसके चलते परिसर में मौजूद सैकड़ों पेड़ों को हटाना तय माना जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि नागरिक आपूर्ति निगम को छोड़ दें तो बाकी सभी विभागों के पास पहले से ही सरकारी भवन हैं। ऐसे में केवल एक विभाग के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च करना और इसके बदले 150 पेड़ों की बलि देना अनुचित है।

    मप्र नाप-तौल अधिकारी-कर्मचारी संघर्ष समिति ने मोर्चा खोल दिया है। समिति के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने बताया कि गुरुवार को भोजन अवकाश के समय कर्मचारी और पर्यावरण से जुड़े लोग पेड़ों से चिपककर चिपको आंदोलन करेंगे। विरोध के प्रतीक स्वरूप कर्मचारी काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि नए भवन के निर्माण में करीब तीन साल लगेंगे, इस दौरान मुख्यालय को किराए के भवन में शिफ्ट करना पड़ेगा जिससे लाखों रुपये अतिरिक्त खर्च होंगे।

    कर्मचारियों के अनुसार सात साल पहले जगह की कमी का हवाला देकर नाप-तौल मुख्यालय से कुछ कार्यालय 50 लाख रुपये खर्च कर जेके रोड स्थित किराए के भवन में भेजे गए थे, जहां आज भी स्टाफ और सामग्री के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। वहीं, मुख्यालय परिसर में टैंक लॉरी कैलिब्रेशन सुविधा विकसित करने के लिए पहले ही 5 करोड़ रुपये की स्वीकृति मांगी जा चुकी है।

    पर्यावरणविदों का कहना है कि शहर में हरियाली लगातार घट रही है, ऐसे में पुराने और बड़े पेड़ों को बचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अगर पेड़ कट गए तो न केवल शहर का हरित आवरण घटेगा बल्कि आसपास के तापमान और वायु गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा। कर्मचारियों और पर्यावरणविदों के इस आंदोलन से प्रशासन पर दबाव बढ़ सकता है।विरोध तेज होने के साथ ही यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। कर्मचारी संगठनों और पर्यावरणविदों का कहना है कि केवल प्रशासनिक फैसले से निपटने के बजाय सार्वजनिक हित और पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखना जरूरी है।

  • ग्वालियर में तेज रफ्तार ट्रक डिवाइडर पार कर बिजली पोल से टकराया चालक स्टेयरिंग में फंसा, गैस कटर से रेस्क्यू

    ग्वालियर में तेज रफ्तार ट्रक डिवाइडर पार कर बिजली पोल से टकराया चालक स्टेयरिंग में फंसा, गैस कटर से रेस्क्यू


    ग्वालियर के व्यस्त बारादरी चौराहे पर बुधवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया जब तेज रफ्तार में जा रहा ट्रक अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर पर चढ़ा और फिर सड़क किनारे लगे बिजली के पोल से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक स्टेयरिंग में फंस गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची मुरार थाना पुलिस ने दमकल विभाग की मदद से गैस कटर से ट्रक का केबिन काटकर चालक को बाहर निकाला। गंभीर चोटों के साथ उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    घटना मुरार थाना क्षेत्र के बारादरी चौराहे पर बुधवार रात करीब बारह बजे हुई। ट्रक का पंजीयन क्रमांक MP07-HR-3553 बताया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रक तेज गति में सात नंबर क्षेत्र से सिरोल की ओर जा रहा था। चौराहे के पास ट्रक अचानक असंतुलित हुआ और डिवाइडर पर चढ़ गया। इसके बाद ट्रक बिजली के खंभे से जा टकराया। टक्कर के कारण खंभा झुक गया और आसपास के लोग सहम गए। राहत की बात यह रही कि बिजली आपूर्ति तुरंत बंद कर दी गई, जिससे करंट फैलने का खतरा टल गया।

    हादसे में ट्रक चालक स्टेयरिंग और सीट के बीच फंस गया। पैर और सीने में गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। गैस कटर की मदद से करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद चालक को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि चालक माल की डिलीवरी के लिए सिरोल जा रहा था।

    पुलिस पूछताछ में चालक ने दावा किया कि सामने से तेज हेडलाइट की वजह से उसकी आंखों पर रोशनी पड़ी और वह सड़क का सही अंदाजा नहीं लगा सका। इसी कारण ट्रक नियंत्रण खो बैठा। मुरार थाना प्रभारी मैना पटेल ने कहा कि प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रोशनी और वाहन नियंत्रण खोना बताया गया है, लेकिन ट्रक की तकनीकी स्थिति और गति को लेकर भी जांच जारी है। ट्रक को सड़क से हटाकर थाने में खड़ा कर दिया गया है।यह घटना रात में तेज रोशनी, भारी वाहनों की गति और सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर गई है। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि रात में हाई बीम लाइट का अनावश्यक उपयोग न करें और निर्धारित गति सीमा का पालन करें।

  • एयर इंडिया की अव्यवस्था से इंदौर के दंपती को 16 घंटे की परेशानी पुणे एयरपोर्ट पर रात कुर्सियों पर काटी

    एयर इंडिया की अव्यवस्था से इंदौर के दंपती को 16 घंटे की परेशानी पुणे एयरपोर्ट पर रात कुर्सियों पर काटी


    इंदौर से खबर है कि एयर इंडिया की उड़ानों में लगातार देरी और वैकल्पिक व्यवस्था की कमी के कारण खातीवाला टैंक निवासी आईटी पेशेवर योगेश वाधवानी और उनकी पत्नी खुशबू को केरल यात्रा से लौटते समय गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा। दंपती को न तो पुणे एयरपोर्ट पर ठहरने की सुविधा मिली और न ही भोजन उपलब्ध कराया गया। परिणामस्वरूप उन्हें पूरी रात एयरपोर्ट की कुर्सियों पर बितानी पड़ी और इंदौर की वापसी तय समय से करीब 16 घंटे बाद संभव हो सकी।

    योगेश और खुशबू सात दिन के केरल प्रवास के बाद सोमवार को कोच्चि से इंदौर लौट रहे थे। उनकी टिकट एयर इंडिया की कनेक्टिंग फ्लाइट-कोच्चि से दिल्ली और फिर दिल्ली से इंदौर-के लिए थी। यात्रा मंगलवार सुबह इंदौर पहुंचकर पूरी हुई। लेकिन कोच्चि से दिल्ली की फ्लाइट का समय कई बार बदला गया। पहले दोपहर 1:20 बजे, फिर 4:30 और 5:30 बजे का अपडेट दिया गया। अंततः विमान शाम 5:42 बजे रवाना हुआ और रात 8:21 बजे दिल्ली पहुंचा। इस देरी के कारण दंपती की दिल्ली–इंदौर कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गई।

    योगेश ने बताया कि दिल्ली पहुंचने पर उन्हें उसी रात इंदौर भेजा जा सकता था, लेकिन एयर इंडिया ने वैकल्पिक तौर पर उन्हें पुणे भेज दिया। रात करीब 2:30 बजे पुणे पहुंचने के बाद न तो एयरलाइन ने ठहरने की व्यवस्था की और न ही भोजन उपलब्ध कराया। मजबूरी में दोनों ने एयरपोर्ट की कुर्सियों पर रात बिताई। अगले दिन सुबह एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट से दंपती सुबह 9:10 बजे इंदौर पहुंचे।दंपती ने आरोप लगाया कि एयर इंडिया ने DGCA के दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया। नियमों के मुताबिक घरेलू उड़ान में दो घंटे से अधिक देरी होने पर यात्रियों को भोजन और रिफ्रेशमेंट देना अनिवार्य है। अगर देरी रातभर की हो तो होटल या लाउंज की व्यवस्था भी जरूरी है। इसके अलावा, ऑपरेशनल कारणों से हुई देरी पर यात्रियों को दूरी और समय के आधार पर 5,000 से 10,000 रुपये तक मुआवजा मिलने का प्रावधान है।

    पीड़ित दंपती ने बताया कि उन्होंने एयरलाइन अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस मामले ने एक बार फिर यात्रियों की सुविधा और एयरलाइनों की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती हवाई यात्राओं के बीच एयरलाइनों को वैकल्पिक व्यवस्था और ग्राहक सहायता पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए ताकि यात्रियों को अनावश्यक मानसिक और शारीरिक कष्ट न झेलना पड़े।

  • Border 2 सुपरहिट शुरुआत: शाहरुख और रणबीर की फिल्मों को चुनौती देती सनी देओल की फिल्म

    Border 2 सुपरहिट शुरुआत: शाहरुख और रणबीर की फिल्मों को चुनौती देती सनी देओल की फिल्म

    नई दिल्ली।  सनी देओल की अपकमिंग फिल्म ‘बॉर्डर 2’ 23 जनवरी को बड़े पर्दे पर रिलीज होने जा रही है। रिलीज से पहले ही फिल्म ने एडवांस बुकिंग में धमाल मचा दिया है और बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड बनाने की संभावनाओं को लेकर चर्चा में है। बॉर्डर 2 के कलेक्शन को लेकर अनुमान है कि यह कई हिट फिल्मों के ओपनिंग डे रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकती है।

    ओपनिंग डे पर टूट सकते हैं ये रिकॉर्ड

    बॉलीवुड की कई बड़ी फिल्मों के ओपनिंग डे कलेक्शन इस समय टॉप पर हैं। बॉर्डर 2 की उम्मीद है कि यह उन्हें कड़ी चुनौती देगी।

    जवान (Jawan): शाहरुख खान की यह फिल्म ओपनिंग डे पर 75 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर चुकी है और लिस्ट में पहले नंबर पर है।

    एनिमल (Animal): रणबीर कपूर और बॉबी देओल की फिल्म ने ओपनिंग डे पर 63.80 करोड़ रुपये कमाए थे।

    पठान (Pathaan): शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की फिल्म ने ओपनिंग डे पर 57 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया।

    स्त्री 2 (Stree 2): श्रद्धा कपूर और राजकुमार राव की फिल्म ने 55.40 करोड़ रुपये कमाए।

    वार (War): ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ की फिल्म का ओपनिंग डे कलेक्शन 53.35 करोड़ रुपये रहा।

    हैप्पी न्यू ईयर (Happy New Year): शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की फिल्म ने पहले दिन 44.97 करोड़ रुपये कमाए।

    टाइगर 3 (Tiger 3): सलमान खान और कटरीना कैफ की फिल्म का ओपनिंग डे कलेक्शन 44.50 करोड़ रुपये रहा।

    बॉर्डर 2 की उम्मीदें

    फिल्म बॉर्डर 2 की कहानी, एक्शन और स्टारकास्ट को लेकर दर्शकों में उत्साह है। खासतौर पर सनी देओल के फैंस एडवांस बुकिंग में सक्रिय रहे हैं। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि बॉर्डर 2 जवान, एनिमल और पठान जैसी बड़ी हिट फिल्मों की ओपनिंग डे कमाई को पीछे छोड़ सकती है।

    सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ 23 जनवरी को रिलीज हो रही है और यह बॉलीवुड की कई बड़ी फिल्मों के ओपनिंग डे रिकॉर्ड तोड़ने की संभावना रखती है।

  • सनी देओल की बॉर्डर-2 का बॉक्स ऑफिस धमाका तय, 23 जनवरी से 35-40 करोड़ ओपनिंग की उम्मीद

    सनी देओल की बॉर्डर-2 का बॉक्स ऑफिस धमाका तय, 23 जनवरी से 35-40 करोड़ ओपनिंग की उम्मीद


    नई दिल्ली। सनी देओल की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘बॉर्डर 2’ 23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है। 24 जनवरी को शनिवार, 25 जनवरी को रविवार और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की छुट्टी होने के कारण फिल्म को चार दिनों के लॉन्ग वीकेंड का भरपूर फायदा मिलने की उम्मीद है।

    यह फिल्म 1997 में आई कल्ट क्लासिक ‘बॉर्डर’ का सीक्वल है और बॉक्स ऑफिस पर धुआंधार ओपनिंग की उम्मीदें बढ़ा रहा है।

    एडवांस बुकिंग में रिकॉर्ड कमाई
    ‘बॉर्डर 2’ की एडवांस बुकिंग 19 जनवरी से शुरू हुई थी। सिर्फ 72 घंटे के भीतर ही फिल्म की 1 लाख से ज्यादा टिकटें बिक चुकी थीं।
    Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार तक 1,75,982 टिकट्स की एडवांस बुकिंग हो चुकी है और 5.65 करोड़ रुपये (ग्रॉस) की कमाई दर्ज की गई है।

    यदि ब्लॉक सीट्स को भी जोड़ा जाए तो यह आंकड़ा करीब 9.94 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच जाता है, जो प्री-सेल की ताकत को दिखाता है।

    पहले दिन कितनी कमाई की उम्मीद?
    ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि ‘बॉर्डर 2’ ओपनिंग डे पर 35 से 40 करोड़ रुपये का बिजनेस कर सकती है।
    अगर यह अनुमान सही साबित होता है तो सनी देओल की फिल्म पहले दिन ही ‘धुरंधर’ की ओपनिंग (28 करोड़) को पीछे छोड़ सकती है।

    फिल्म की कहानी और कास्ट
    ‘बॉर्डर 2’ में सनी देओल के साथ वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म 1971 के भारत-पाक युद्ध पर आधारित है, जिसमें भारतीय थल सेना, वायु सेना और नौसेना ने मिलकर पाकिस्तान को पराजित किया था।

    फिल्म के प्री-लॉन्च buzz और एडवांस बुकिंग की रिकॉर्ड कमाई को देखते हुए यह साफ दिख रहा है कि बॉक्स ऑफिस पर ‘बॉर्डर 2’ का आगमन जोरदार होने वाला है।

  • केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा तीन दिवसीय दौरे पर जबलपुर सामाजिक सांस्कृतिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में रहेंगे व्यस्त

    केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा तीन दिवसीय दौरे पर जबलपुर सामाजिक सांस्कृतिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में रहेंगे व्यस्त


    जबलपुर से खबर है कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा आज गुरुवार शाम से तीन दिवसीय दौरे पर जबलपुर में हैं। उनका यह दौरा राजनीतिक सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ा है। शाम करीब 5 बजे नड्डा विशेष विमान से डुमना एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उनका स्वागत करेंगे।

    हवाई अड्डे से केंद्रीय मंत्री सीधे लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के सिविल लाइन स्थित निवास पहुंचेंगे। इसके बाद वे सांसद आशीष दुबे के राइट टाउन स्थित कार्यालय में मुलाकात और चर्चा के लिए जाएंगे। रात्रि में उनका शहर के वरिष्ठ भाजपा नेताओं और सामाजिक प्रतिनिधियों से संवाद प्रस्तावित है। इस दौरान स्थानीय मुद्दों संगठनात्मक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर अनौपचारिक चर्चा होने की संभावना है।

    शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री नड्डा सुबह शहर के करमचंद चौक स्थित सिटी बंगाली क्लब पहुंचेंगे। यहां वे सिद्धि बाला बोस लाइब्रेरी एसोसिएशन के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस आयोजन में साहित्य, शिक्षा और सामाजिक योगदान से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्ध नागरिक, शिक्षाविद और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे।दोपहर में नड्डा जबलपुर से कटनी के लिए रवाना होंगे। कटनी में वे पार्टी और प्रशासन से जुड़े कुछ स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। बताया गया है कि वहां संगठनात्मक बैठक और जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद का एजेंडा है। शाम तक वे पुनः जबलपुर लौटेंगे।

    शुक्रवार शाम नड्डा ग्वारीघाट में मां नर्मदा की महाआरती में शामिल होंगे। यह धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संत समाज की मौजूदगी में होने वाली इस आरती में वे प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। प्रशासनिक स्तर पर इस कार्यक्रम की तैयारियां पहले से पूरी की जा रही हैं।तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन शनिवार को केंद्रीय मंत्री का जबलपुर में सीमित कार्यक्रम रहेगा। दोपहर लगभग 1 बजे वे डुमना एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। दौरे को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए भाजपा संगठन और जिला प्रशासन ने समन्वय स्थापित किया है।

    राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से यह दौरा अहम माना जा रहा है। नड्डा का दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य और केंद्र स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियां तेज हैं। स्थानीय नेतृत्व के साथ बैठकें और सामाजिक आयोजनों में सहभागिता भाजपा की जनसंपर्क रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। इस दौरे से संगठन की मजबूती और आगामी राजनीतिक रणनीतियों को बल मिलने की उम्मीद है।

  • बलात्कार पीड़िता को हाईकोर्ट से बड़ी राहत ग्वालियर खंडपीठ ने IG को दिए सुरक्षा निर्देश

    बलात्कार पीड़िता को हाईकोर्ट से बड़ी राहत ग्वालियर खंडपीठ ने IG को दिए सुरक्षा निर्देश


    ग्वालियर हाईकोर्ट खंडपीठ ने एक बलात्कार पीड़िता को राहत देते हुए उसकी और उसके परिवार की सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। न्यायालय ने ग्वालियर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक को आदेश दिया है कि ट्रायल समाप्त होने तक पीड़िता सहित सभी गवाहों को पूर्ण सुरक्षा मुहैया कराई जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की संवैधानिक और कानूनी जिम्मेदारी है।

    यह आदेश न्यायमूर्ति मिलिंद रमेश फडके ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दायर याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे और उसके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं और पुलिस ने प्रारंभिक स्तर पर एफआईआर दर्ज करने में लापरवाही बरती। पीड़िता ने हाईकोर्ट का रुख कर सुरक्षा की मांग की थी ताकि वह बिना भय के न्यायिक प्रक्रिया में भाग ले सके।याचिकाकर्ता के अनुसार वह एक गंभीर आपराधिक मामले में पीड़िता है और आरोपी पक्ष की ओर से लगातार दबाव और धमकियां मिल रही हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी हालात नहीं बदले और पीड़िता व उसके परिवार में भय का माहौल बना रहा। ऐसे में हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त आदेश दिए कि गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित होना न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता के लिए अनिवार्य है।

    कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर गवाह सुरक्षित नहीं होंगे तो ट्रायल पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। किसी भी आपराधिक मुकदमे में निष्पक्ष सुनवाई तभी संभव है जब पीड़ित और गवाह बिना भय दबाव या प्रलोभन के बयान दे सकें। हाईकोर्ट ने IG को निर्देश दिए कि वे स्वयं या किसी सक्षम वरिष्ठ अधिकारी के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करें।

    हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों में पीड़िता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और सुरक्षा में कोई चूक हुई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। आवश्यक होने पर अतिरिक्त सुरक्षात्मक कदम उठाने का भी आदेश दिया गया है।इसके पहले भी हाईकोर्ट ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए थे लेकिन याचिकाकर्ता ने बताया कि जमीनी स्तर पर उन आदेशों का प्रभावी पालन नहीं हुआ था। लगातार मिल रही धमकियों के कारण पीड़िता और उसके परिवार में डर का माहौल बना हुआ था जिससे ट्रायल प्रभावित होने का खतरा था।

    अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस प्रशासन पर यह जिम्मेदारी है कि पीड़िता, उसके परिवार और सभी गवाहों की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं। ट्रायल सत्र न्यायालय में जारी है और हाईकोर्ट के निर्देशों के पालन की रिपोर्ट नियमित रूप से दी जाएगी।यह फैसला न केवल पीड़िता के लिए राहत लेकर आया है बल्कि यह संदेश भी देता है कि न्याय प्रक्रिया में किसी भी स्थिति में डर और दबाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन का कर्तव्य है।

  • हिंदुत्व मामले पर कांग्रेस का उपवास पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का बीजेपी पर हमला रोशनपुरा में शंकराचार्य की पूजा करेंगे

    हिंदुत्व मामले पर कांग्रेस का उपवास पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का बीजेपी पर हमला रोशनपुरा में शंकराचार्य की पूजा करेंगे

    भोपाल से शिखिल ब्यौहार की रिपोर्ट मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के रोशनपुरा उपवास और शंकराचार्य पूजा कार्यक्रम का ऐलान किया उन्होंने कहा कि 24 जनवरी को कांग्रेस एक दिन उपवास रखेगी और शंकराचार्य की पूजा करेगी इस अवसर पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता साधु संत सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी मौजूद रहेंगे पीसी शर्मा ने कहा कि अंग्रेजों ने कभी यह नहीं पूछा कि शंकराचार्य कौन हैं लेकिन बीजेपी की सरकार ने ऐसा अपमान किया शिष्यों के साथ मारपीट की गई और हिंदुओं की भावनाओं का ठेस पहुंचाई गई उन्होंने आरोप लगाया कि वाराणसी के मणिकर्णिका घाट को भी तहस नहस किया गया और मोक्ष की जगह को भी उजाड़ दिया गया उन्होंने कहा कि भोपाल में गौ माता का अपमान हुआ और गौमाता काटी जा रही है

    पूर्व मंत्री ने कहा कि बीजेपी सरकार रावणी तत्वों की तरह कार्य कर रही है और यह लोग कभी राम के पदचिन्हों पर नहीं चल सकते उन्होंने अयोध्या की प्राण प्रतिष्ठा के दो साल पूरे होने पर कहा कि मुझे वहां जाना पड़ा और सरकार को सद्बुद्धि की जरूरत है उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार व्याप्त है सड़क धसने के मामलों में ठेकेदारों पर कार्रवाई होती है लेकिन अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती और सीएम हेल्पलाइन भी पूरी तरह असहाय हो गई है उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में हर जगह भ्रष्टाचार और मनमानी फैली हुई है

    पीसी शर्मा ने SIR में कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल की कार्रवाई का जिक्र किया उन्होंने कहा कि 7 नंबर फॉर्म हटा रहे हैं और बीजेपी कार्यालय से फर्म के जरिए अल्पसंख्यकों को जबरन फॉर्म दिए जा रहे हैं आदिवासी के नाम काटे जा रहे हैं उन्होंने आरोप लगाया कि पहले फर्जीवाड़े से चुनाव जीते गए अब नाम जबरन काटने का काम किया जा रहा है कांग्रेस इस मामले में कड़ा एक्शन लेगीइसके अलावा उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ जारी जमानती वारंट का भी जिक्र किया और कहा कि पुलिस को उनका पता नहीं मिल रहा है उन्होंने यह संकेत दिया कि बीजेपी की सरकार राजनीतिक एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए सभी तरह के हथकंडे अपना रही है पीसी शर्मा ने कहा कि हार जीत राजनीति में होती है लेकिन हिंदुओं की भावनाओं का अपमान किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है

    पूर्व मंत्री ने प्रेस वार्ता में प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार और सरकारी लापरवाही की ओर भी ध्यान आकर्षित किया उन्होंने कहा कि प्रशासनिक ढांचा और कानून व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है और आम जनता को सरकारी मदद नहीं मिल रहीकांग्रेस के उपवास और शंकराचार्य पूजा कार्यक्रम को लेकर शहर भर में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है और नेताओं और साधु संतों के शामिल होने से इसे और अधिक जोर मिलने की संभावना है