Author: bharati

  • भोजशाला विवाद पर बड़ा फैसला: हाईकोर्ट ने सुनाया आदेश, क्षेत्र में बढ़ी हलचल

    भोजशाला विवाद पर बड़ा फैसला: हाईकोर्ट ने सुनाया आदेश, क्षेत्र में बढ़ी हलचल


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद में आज हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने अपने आदेश में भोजशाला को मंदिर स्वरूप स्थल माना है और हिंदू पक्ष की याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया है।

    कोर्ट का अहम फैसला
    हाई कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि उपलब्ध ऐतिहासिक तथ्यों और एएसआई (ASI) रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होता है कि यह स्थल परमार वंश के राजा भोज से जुड़ा संस्कृत शिक्षा केंद्र और देवी वाग्देवी (सरस्वती) से संबंधित मंदिर रहा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस स्थान पर हिंदू पूजा-अर्चना की निरंतरता ऐतिहासिक रूप से बनी रही है।

     फैसले की प्रमुख बातें
    भोजशाला परिसर को मंदिर स्वरूप माना गया
    हिंदू पक्ष को पूजा-अर्चना का अधिकार दिया गया
    ASI को परिसर का प्रशासनिक नियंत्रण जारी रखने का निर्देश
    केंद्र सरकार और ASI को प्रबंधन और धार्मिक स्वरूप से जुड़े निर्णय लेने होंगे
    विवादित स्थल 1958 अधिनियम के तहत संरक्षित स्मारक बना रहेगा

     ASI रिपोर्ट का हवाल
    कोर्ट ने अपने फैसले की विस्तृत रिपोर्ट को अहम माना, जिसमें कहा गया था कि:

    परिसर में मिले 106 स्तंभ और 82 संरचनात्मक अवशेष प्राचीन मंदिर के प्रतीक हैं
    कई स्तंभों पर देवी-देवताओं की मूर्तियां और आकृतियां पाई गईं
    परमार कालीन शिलालेख और अवशेष मिले हैं
    स्थल का मूल स्वरूप हिंदू मंदिर होने के संकेत देता है

    विवाद की पृष्ठभूम
    यह विवाद वर्षों से हिंदू और मुस्लिम पक्ष के बीच चला आ रहा था। हिंदू पक्ष का दावा था कि यह मां सरस्वती का प्राचीन मंदिर है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद मानता था। वसंत पंचमी पर पूजा और नमाज को लेकर यहां अक्सर तनाव की स्थिति बनी रहती थी।

    सुरक्षा व्यवस्था
    फैसले से पहले प्रशासन ने धारा 163 लागू कर दी थी और भीड़ जुटाने पर रोक लगाई गई थी। सोशल मीडिया पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को भी कड़ा किया गया था।

    हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद भोजशाला विवाद में एक नया मोड़ आ गया है। हालांकि, प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे के निर्देश अभी केंद्र और ASI के फैसलों पर निर्भर करेंगे।

  • सलकनपुर में सनसनी: रोज दंडवत कर दर्शन करने वाले साधु की संदिग्ध मौत

    सलकनपुर में सनसनी: रोज दंडवत कर दर्शन करने वाले साधु की संदिग्ध मौत


    नई दिल्ली । सीहोर जिले के प्रसिद्ध सलकनपुर देवी धाम के जंगल क्षेत्र में एक अज्ञात साधु का क्षत-विक्षत शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। शव जंगल में लावारिस अवस्था में मिला था और उसे जंगली जानवरों द्वारा नुकसान पहुंचाया गया था।

    सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और पुलिस ने आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पहचान न होने के कारण बाद में कानूनी प्रक्रिया के तहत अंतिम संस्कार कर दिया गया।

    वर्षों से मंदिर क्षेत्र में रह रहे थे साधु
    स्थानीय लोगों के अनुसार यह साधु लंबे समय से सलकनपुर क्षेत्र में रह रहे थे। वे रोजाना मंदिर मार्ग पर दंडवत करते हुए माता के दर्शन करने जाते थे और दर्शन के बाद आसपास के लोगों से भोजन स्वीकार करते थे।

    व्यापारी दिलीप मालवीय ने बताया कि बाबा ने कभी भी अपने परिवार या मूल निवास के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की। वे पूरी तरह भक्ति और तपस्या में लीन रहते थे।

    पुलिस जांच जारी
    जानकारी के अनुसार, कोरोना लॉकडाउन के बाद से साधु इसी तरह जीवन व्यतीत कर रहे थे। पुलिस अब उनकी पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी है।

  • Cannes 2026 में तारा सुतारिया का विंटेज ग्लैमर लुक बना चर्चा का केंद्र.

    Cannes 2026 में तारा सुतारिया का विंटेज ग्लैमर लुक बना चर्चा का केंद्र.

    नई दिल्ली । कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 इस बार भी अपने ग्लैमर और फैशन मोमेंट्स को लेकर चर्चा में है, और इस पूरे इवेंट के बीच बॉलीवुड अभिनेत्री Tara Sutaria का नया लुक लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बन गया है। फ्रेंच रिवेरा में आयोजित इस प्रतिष्ठित आयोजन में तारा सुतारिया ने अपने विंटेज ग्लैमर अंदाज से एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह फैशन के मामले में हमेशा सुर्खियां बटोरने में कामयाब रहती हैं।

    इस खास मौके पर तारा सुतारिया ने आइवरी कलर का कॉर्सेट गाउन पहना, जो साटन फैब्रिक से तैयार किया गया था। इस गाउन की डिजाइनिंग बेहद क्लासिक और रॉयल स्टाइल में की गई थी, जिसमें ऑफ-शोल्डर नेकलाइन और सॉफ्ट ड्रेपिंग ने उनके पूरे लुक को एक एलिगेंट टच दिया। गाउन का फिटेड कॉर्सेट डिजाइन उनके स्टाइल को और अधिक ग्रेसफुल बना रहा था, जबकि इसका फ्लोइंग स्ट्रक्चर विंटेज फैशन की झलक दिखा रहा था।

    उनके इस पूरे लुक में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली चीज उनकी जूलरी रही। तारा ने पन्ना और हीरे से सजी भारी जूलरी का चयन किया, जिसमें एक स्टेटमेंट नेकलेस और मैचिंग ईयररिंग्स शामिल थे। यह जूलरी उनके आइवरी गाउन के साथ एक खूबसूरत कंट्रास्ट बना रही थी और उनके पूरे लुक को एक शाही अंदाज दे रही थी।

    तारा का यह पूरा लुक एक मशहूर स्टाइलिस्ट की देखरेख में तैयार किया गया था, जिसमें हर डिटेल को बेहद बारीकी से डिजाइन किया गया। मेकअप को भी बेहद सिंपल और क्लासी रखा गया, जिसमें सॉफ्ट स्मोकी आईज, न्यूड लिप्स और स्लीक बन हेयरस्टाइल शामिल थी। इस मिनिमल मेकअप ने उनके ओवरऑल लुक को और ज्यादा एलिगेंट और बैलेंस्ड बना दिया।

    इस खास इवेंट में तारा सुतारिया को सिनेमा में उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया, जिससे यह शाम उनके लिए और भी खास बन गई। इस सम्मान ने न सिर्फ उनके करियर को एक नई पहचान दी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय कलाकारों की उपस्थिति को भी मजबूत किया।

    इवेंट के दौरान उनकी मौजूदगी और उनका यह लुक लगातार कैमरों और दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचता रहा। जैसे ही उनकी तस्वीरें सामने आईं, सोशल मीडिया पर वह तेजी से वायरल हो गईं और लोगों ने उनके इस रॉयल और विंटेज स्टाइल की जमकर तारीफ की। कई लोगों ने इसे कान्स के सबसे बेहतरीन फैशन मोमेंट्स में से एक बताया।

  • सीहोर में ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: 8 किलो गांजा के साथ मां-बेटा गिरफ्तार

    सीहोर में ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: 8 किलो गांजा के साथ मां-बेटा गिरफ्तार


    नई दिल्ली । सीहोर जिले के शाहगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला और उसके बेटे को गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से कुल 8 किलो 459 ग्राम गांजा बरामद किया गया है।

    पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई बुदनी के अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) रवि शर्मा के मार्गदर्शन और शाहगंज थाना प्रभारी दिनेश सिंह चौहान के नेतृत्व में की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि इंदिरा कॉलोनी निवासी किरण कुचबंदिया अवैध रूप से गांजे की बिक्री कर रही है।

    सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में दबिश दी और तलाशी के दौरान भारी मात्रा में गांजा बरामद किया। इसके बाद आरोपी महिला को NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।

    जांच के दौरान पुलिस ने महिला के बेटे अजय कुचबंदिया को भी हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह गांजा कहां से लाया जा रहा था और किन क्षेत्रों में इसकी सप्लाई की जा रही थी।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए आगे की जांच तेज कर दी गई है।

  • चारधाम यात्रा में टूटे सभी रिकॉर्ड: केदारनाथ में भक्तों की भारी भीड़

    चारधाम यात्रा में टूटे सभी रिकॉर्ड: केदारनाथ में भक्तों की भारी भीड़


    नई दिल्ली । उत्तराखंड की पवित्र भूमि पर चल रही चारधाम यात्रा 2026 इस बार आस्था और श्रद्धा के नए रिकॉर्ड बना रही है। शुरुआती चरण में ही 12.60 लाख से अधिक श्रद्धालु बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के दर्शन कर चुके हैं, जिससे यह यात्रा ऐतिहासिक मानी जा रही है।

     केदारनाथ में सबसे ज्यादा भीड़
    इस वर्ष सबसे अधिक श्रद्धालु केदारनाथ धाम में पहुंच रहे हैं। कठिन चढ़ाई, कम ऑक्सीजन और बदलते मौसम के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हो रहा है। बाबा केदार के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज रहा है।

     अन्य धामों में भी लगातार भीड़
    बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों में भी सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। देश ही नहीं, विदेशों से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

    कठिन परिस्थितियों के बीच अटूट आस्था
    चारधाम यात्रा हमेशा से अपनी दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जानी जाती है।

    तेज ठंड और बारिश
    ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी
    खड़ी और पथरीली चढ़ाई

    इन सब चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था भारी पड़ रही है। हर तरफ “हर-हर महादेव” और “जय बदरीविशाल” के जयकारे सुनाई दे रहे हैं।

    प्रशासन की मजबूत व्यवस्थ
    भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं:

    मार्गों पर सीसीटीवी और सुरक्षा बलों की तैनाती
    जगह-जगह हेल्थ कैंप और ऑक्सीजन सुविधा
    ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था
    भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष नियंत्रण प्रणाली

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रफ्तार बनी रही तो चारधाम यात्रा 2026 इतिहास में एक नए ‘स्वर्ण युग’ के रूप में दर्ज हो सकती है, जहां आस्था ने हर चुनौती को पीछे छोड़ दिया।

  • ईरान-यूएई तनाव और होर्मुज संकट के बीच अबू धाबी में पीएम मोदी की अहम कूटनीति, ऊर्जा-रक्षा साझेदारी पर बड़ा फोकस

    ईरान-यूएई तनाव और होर्मुज संकट के बीच अबू धाबी में पीएम मोदी की अहम कूटनीति, ऊर्जा-रक्षा साझेदारी पर बड़ा फोकस



    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने खाड़ी दौरे के पहले चरण में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुंचे, जहां अबू धाबी एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पीएम मोदी और यूएई राष्ट्रपति के बीच द्विपक्षीय वार्ता में ऊर्जा सुरक्षा, निवेश, व्यापार और रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई।

    यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में ईरान-यूएई तनाव, समुद्री मार्गों में अनिश्चितता और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की चिंता बढ़ी हुई है। भारत के लिए यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से बेहद अहम है, क्योंकि उसकी बड़ी ऊर्जा जरूरतें खाड़ी देशों पर निर्भर हैं।

    दोनों देशों के बीच बातचीत में एलपीजी सप्लाई, रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण, शिपिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। साथ ही रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

    सूत्रों के मुताबिक, यूएई की ओर से भारत में बड़े निवेश प्रस्तावों और ऊर्जा साझेदारी को विस्तार देने पर भी चर्चा हुई है, जिससे दोनों देशों के आर्थिक संबंध और गहरे होने की उम्मीद है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की ‘वेस्ट एशिया स्ट्रैटेजी’ का अहम हिस्सा है। होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव के बीच भारत को ऊर्जा सुरक्षा और कूटनीतिक संतुलन दोनों को साथ लेकर चलना होगा।

    रक्षा और अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों के अनुसार, भारत के लिए चुनौती यह है कि वह UAE, ईरान और सऊदी अरब जैसे प्रमुख देशों के साथ अपने संबंधों को संतुलित रखे, क्योंकि यह पूरा क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा और व्यापार का केंद्र है।

  • श्रीलंका ने तमिलनाडु सरकार से की अपील, मछुआरा विवाद खत्म करने के लिए बॉटम ट्रॉलिंग पर सख्त बैन की मांग

    श्रीलंका ने तमिलनाडु सरकार से की अपील, मछुआरा विवाद खत्म करने के लिए बॉटम ट्रॉलिंग पर सख्त बैन की मांग


    नई दिल्ली। श्रीलंका ने भारत के तमिलनाडु राज्य से बॉटम ट्रॉलिंग फिशिंग पर रोक लगाने की अपील की है, ताकि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चला आ रहा मछुआरों का विवाद कम किया जा सके। श्रीलंका के मत्स्य मंत्री रामलिंगम चंद्रशेखर ने कहा कि यह तरीका समुद्री पर्यावरण और मछली संसाधनों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है, इसलिए इसे नियंत्रित करना जरूरी है।

    बॉटम ट्रॉलिंग मछली पकड़ने की एक विवादित तकनीक है, जिसमें भारी जालों को समुद्र तल तक खींचकर मछलियां, झींगे और अन्य समुद्री जीव पकड़े जाते हैं। श्रीलंका ने इस तकनीक पर 2017 से ही प्रतिबंध लगाया हुआ है, लेकिन तमिलनाडु के कुछ मछुआरों द्वारा इस क्षेत्र में प्रवेश करने पर श्रीलंकाई नौसेना द्वारा गिरफ्तारियां की जाती हैं, जिससे कई बार तनाव की स्थिति बन जाती है।

    श्रीलंकाई मंत्री ने संकेत दिया कि वे जल्द ही तमिलनाडु का दौरा कर मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर चर्चा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि समाधान केवल कूटनीतिक बातचीत से ही संभव है और दोनों पक्षों को नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा।

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मछुआरों की गिरफ्तारी का कारण अवैध रूप से समुद्री सीमा पार करना और प्रतिबंधित मछली पकड़ने की तकनीक का उपयोग करना है। श्रीलंका का कहना है कि उसके उत्तरी और पूर्वी तटीय क्षेत्रों में बड़ी आबादी आजीविका के लिए मछली पालन पर निर्भर है, और ऐसे तरीकों से उनके संसाधनों पर असर पड़ता है।

    भारत की ओर से भी इस मुद्दे को लेकर लगातार कूटनीतिक स्तर पर बातचीत होती रही है, ताकि मछुआरों की सुरक्षा और आजीविका दोनों के बीच संतुलन बनाया जा सके।

  • भारत के चीनी निर्यात पर रोक से नेपाल में बढ़ी टेंशन, त्योहारों से पहले सप्लाई संकट का डर, बालेन शाह सरकार के सामने नई चुनौती

    भारत के चीनी निर्यात पर रोक से नेपाल में बढ़ी टेंशन, त्योहारों से पहले सप्लाई संकट का डर, बालेन शाह सरकार के सामने नई चुनौती



    नई दिल्ली। भारत के चीनी निर्यात पर अस्थायी रोक से नेपाल में चिंता बढ़ गई है। भारत सरकार ने घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए कच्ची, सफेद और रिफाइंड चीनी के निर्यात पर 30 सितंबर तक रोक लगा दी है। इस फैसले का सीधा असर पड़ोसी देश नेपाल पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, खासकर त्योहारों के सीजन में जब चीनी की मांग सबसे ज्यादा रहती है।

    नेपाल में दशैन, तिहार और छठ जैसे बड़े त्योहारों के दौरान चीनी की खपत तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में भारत से सप्लाई बाधित होने पर बाजार में कमी और कीमतों में उछाल की स्थिति बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहले से ही मौसम और कृषि उत्पादन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, ऐसे में यह कदम नेपाल की खाद्य आपूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।

    काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के इस फैसले से नेपाली बाजारों में अस्थिरता की स्थिति बन सकती है। नेपाल के अधिकारी भी मानते हैं कि भारत के व्यापारिक फैसलों का सीधा असर उनकी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है, क्योंकि नेपाल कई जरूरी वस्तुओं के लिए भारत पर निर्भर है।

    नेपाल के उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक सप्लाई स्रोत तलाशने की कोशिश करेंगे। साथ ही भारत से सरकारी स्तर पर बातचीत की संभावना भी जताई गई है, ताकि त्योहारों के समय आवश्यक आपूर्ति बाधित न हो।

    व्यापार विशेषज्ञों का कहना है कि नेपाल की सबसे बड़ी चुनौती लॉजिस्टिक्स और सीमित विकल्प हैं। भारत के अलावा अन्य देशों से आयात करना महंगा साबित होता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर भी दबाव बढ़ता है। इसी वजह से नेपाल की खाद्य सुरक्षा नीति को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।

    विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले महीनों में नेपाल में चीनी की कमी और महंगाई दोनों बढ़ सकती हैं।

  • Vat Savitri Vrat: इस बार कब रखा जाएगा व्रत, जानिए पूरी पूजा विधि और सामग्री

    Vat Savitri Vrat: इस बार कब रखा जाएगा व्रत, जानिए पूरी पूजा विधि और सामग्री


    नई दिल्ली । वट सावित्री व्रत हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत ज्येष्ठ अमावस्या के दिन रखा जाता है और इस बार इसकी तिथि को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार वट सावित्री व्रत 2026 का पालन 16 मई को किया जाएगा।

    तिथि और अमावस्या का समय
    ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 16 मई 2026 को सुबह 5:11 बजे शुरू होकर 17 मई 2026 को सुबह 1:30 बजे तक रहेगी। इसी कारण व्रत और पूजा 16 मई को ही करना शुभ माना गया है।

     पूजा का शुभ मुहूर्त
    सुबह 6:00 बजे से 10:30 बजे तक का समय पूजा के लिए अत्यंत शुभ रहेगा।
    सूर्योदय लगभग सुबह 5:30 बजे के आसपास माना गया है, इसलिए महिलाएं प्रातःकाल स्नान करके व्रत की शुरुआत करती हैं।

    वट सावित्री पूजा विधि (संक्षेप मे
    व्रत के दिन सुहागिन महिलाएं बरगद (वट) वृक्ष की पूजा करती हैं।

    वट वृक्ष के चारों ओर कच्चा सूत लपेटा जाता है
    7 परिक्रमा की जाती हैं, जो सात जन्मों के दांपत्य सुख का प्रतीक मानी जाती हैं
    कुछ स्थानों पर 11 या 108 परिक्रमा भी की जाती हैं
    सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी जाती है
    पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना की जाती है

    व्रत का महत्
    पौराणिक मान्यता के अनुसार देवी सावित्री ने अपने तप और संकल्प से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। इसी कारण यह व्रत स्त्रियों के लिए अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

    इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर पूरे श्रद्धा भाव से वट वृक्ष की पूजा करती हैं और वैवाहिक सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।

  • सतना में खसरा का प्रकोप: 15 से अधिक बच्चे संक्रमित, स्वास्थ्यकर्मियों से मांगा जवाब

    सतना में खसरा का प्रकोप: 15 से अधिक बच्चे संक्रमित, स्वास्थ्यकर्मियों से मांगा जवाब


    नई दिल्ली । सतना जिले के नागौद विकासखंड के ग्राम गिंजारा में मीजल्स (खसरा) संक्रमण के कई मामले सामने आने के बावजूद समय पर इसकी सूचना उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंचाने पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज शुक्ला ने उपस्वास्थ्य केंद्र बसुधा की आशा सुपरवाइजर महेश्वरी सिंह, आशा कार्यकर्ता विमला पारासर और एएनएम प्रभा बागरी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीनों से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।

    जानकारी के अनुसार, 25 अप्रैल को गिंजारा गांव में एक बच्चे में बुखार और शरीर पर दाने के लक्षण पाए गए थे। बच्चे को सिविल अस्पताल नागौद में भर्ती कराया गया था, जहां मीजल्स की जांच की गई। बाद में विभागीय समीक्षा और आईडीएसपी पोर्टल की रिपोर्ट से पता चला कि मई महीने में गांव में 15 से अधिक बच्चे इस संक्रमण की चपेट में आ चुके थे।

    स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस में स्पष्ट कहा है कि यह एक अत्यंत संक्रामक बीमारी है, जो खांसने, छींकने और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से तेजी से फैलती है। ऐसे मामलों में तत्काल सूचना और सक्रिय निगरानी अनिवार्य होती है, लेकिन संबंधित कर्मचारियों ने समय पर रिपोर्टिंग नहीं की।

    विभाग का कहना है कि न केवल सूचना देने में देरी हुई, बल्कि क्षेत्र में संक्रमण नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था भी कमजोर पाई गई। आईडीएसपी और आईएचआईपी पोर्टल पर भी मामलों की एंट्री समय पर नहीं की गई।

    सीएमएचओ ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    यह मामला अब जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था और संक्रामक रोगों की रिपोर्टिंग प्रणाली की गंभीरता पर सवाल खड़े कर रहा है।