Author: bharati

  • आज का राशिफल 15 मई: जानें किस राशि को होगा लाभ और किसे रहना होगा सतर्क

    आज का राशिफल 15 मई: जानें किस राशि को होगा लाभ और किसे रहना होगा सतर्क


    नई दिल्ली।15 मई 2026 शुक्रवार को ग्रहों की विशेष स्थिति कई राशियों के लिए धन लाभ, करियर ग्रोथ और रिश्तों में मजबूती लेकर आ रही है, जबकि कुछ राशियों को स्वास्थ्य, खर्च और विवादों से सतर्क रहने की जरूरत है। जानिए सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल।

    मेष राशि
    आज आत्मविश्वास और ऊर्जा चरम पर रहेगी। करियर में नेतृत्व करने का मौका मिल सकता है। बिजनेस में नए निर्णय लाभ दिलाएंगे। प्रेम संबंध मजबूत होंगे।
    शुभ रंग: लाल
    लकी नंबर: 9

    वृषभ राशि
    अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में विरोधियों से सतर्क रहें। मानसिक तनाव महसूस हो सकता है। निवेश सोच-समझकर करें।
    शुभ रंग: सफेद
    लकी नंबर: 6

    मिथुन राशि
    आर्थिक लाभ और करियर में तरक्की के मजबूत योग हैं। नई योजनाएं सफल होंगी। दोस्तों और परिवार का सहयोग मिलेगा।
    शुभ रंग: हरा
    लकी नंबर: 5

    कर्क राशि
    कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। मेहनत का फल मिलेगा। परिवार का सहयोग रहेगा, लेकिन तनाव से बचें।
    शुभ रंग: सिल्वर
    लकी नंबर: 2

    सिंह राशि
    भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। रुके हुए काम पूरे होंगे। यात्रा और निवेश दोनों लाभदायक रह सकते हैं।
    शुभ रंग: सुनहरा
    लकी नंबर: 1

    कन्या राशि
    आज सावधानी जरूरी है। स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों में लापरवाही नुकसान पहुंचा सकती है। वाहन चलाते समय सतर्क रहें।
    शुभ रंग: नीला
    लकी नंबर: 7

    तुला राशि
    साझेदारी में लाभ मिलेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। नौकरी और बिजनेस दोनों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।
    शुभ रंग: गुलाबी
    लकी नंबर: 6

    वृश्चिक राशि
    प्रतिस्पर्धियों पर जीत मिलेगी। पुराने विवाद खत्म हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
    शुभ रंग: मरून
    लकी नंबर: 8

    धनु राशि
    विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन शानदार रहेगा। नई योजनाओं में सफलता मिलेगी। प्रेम जीवन में मधुरता बढ़ेगी।
    शुभ रंग: पीला
    लकी नंबर: 3

    मकर राशि
    परिवार और संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। भावनाओं में बहकर निर्णय न लें।
    शुभ रंग: ग्रे
    लकी नंबर: 4

    कुंभ राशि
    साहस और आत्मविश्वास बढ़ेगा। करियर में बड़ी उपलब्धि मिल सकती है। यात्रा और नए संपर्क लाभकारी रहेंगे।
    शुभ रंग: आसमानी
    लकी नंबर: 11

    मीन राशि
    धन लाभ के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में सराहना मिलेगी। रिश्तों में गंभीरता और स्थिरता आएगी।
    शुभ रंग: क्रीम
    लकी नंबर: 7

  • भोजशाला विवाद पर MP हाईकोर्ट की टिप्पणी चर्चा में, नमाज की अनुमति संबंधी मांग खारिज

    भोजशाला विवाद पर MP हाईकोर्ट की टिप्पणी चर्चा में, नमाज की अनुमति संबंधी मांग खारिज


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के भोजशाला को लेकर दशकों से चला आ रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। इंदौर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने हालिया फैसले में भोजशाला को देवी वाग्देवी यानी मां सरस्वती का मंदिर माना है। अदालत ने अपने निर्णय में ऐतिहासिक तथ्यों, पुरातात्विक साक्ष्यों और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की वैज्ञानिक रिपोर्ट को अहम आधार बनाया। फैसले के बाद जहां हिंदू संगठनों में उत्साह का माहौल है, वहीं मुस्लिम पक्ष ने इस पर आपत्ति जताई है।

    करीब 30 वर्षों से भोजशाला विवाद धार्मिक और राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ था। हिंदू पक्ष का दावा रहा कि यह स्थल परमार राजा भोज द्वारा स्थापित मां वाग्देवी का प्राचीन मंदिर और संस्कृत शिक्षा का प्रमुख केंद्र था। दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता रहा। प्रशासन ने वर्षों तक संतुलन बनाए रखने के लिए मंगलवार को हिंदू पूजा और शुक्रवार को मुस्लिम नमाज की व्यवस्था लागू की थी।

    विवाद ने नया मोड़ तब लिया जब वर्ष 2024 में हाईकोर्ट के आदेश पर ASI ने भोजशाला परिसर का 98 दिन तक वैज्ञानिक सर्वे किया। सर्वे के दौरान मिली तस्वीरों और अवशेषों ने पूरे मामले को नई दिशा दे दी। रिपोर्ट में प्राचीन मंदिर स्थापत्य शैली, देवी-देवताओं की आकृतियों वाले स्तंभ, संस्कृत शिलालेख, कमल और हाथी जैसे हिंदू प्रतीक चिन्हों का उल्लेख किया गया। कई स्तंभों पर टूटी मूर्तियों और नक्काशी के प्रमाण भी मिले, जिन्हें हिंदू पक्ष मंदिर के साक्ष्य के रूप में पेश कर रहा है।

    हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ऐतिहासिक साहित्य और पुरातात्विक रिपोर्ट यह दर्शाती है कि विवादित स्थल का संबंध भोजशाला और देवी सरस्वती की आराधना से रहा है। अदालत ने यह भी माना कि यहां हिंदू पूजा की परंपरा पूरी तरह कभी समाप्त नहीं हुई। कोर्ट ने ASI को परिसर का प्रशासन जारी रखने और केंद्र सरकार को प्रबंधन संबंधी निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।

    फैसले के बाद धार में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। संवेदनशील इलाकों में पुलिस और RAF की तैनाती की गई तथा भोजशाला परिसर के बाहर बैरिकेडिंग की गई। हिंदू संगठनों ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे “ऐतिहासिक न्याय” बताया, जबकि मुस्लिम पक्ष ने कहा कि वे कानूनी विकल्पों पर विचार करेंगे।

    यह फैसला केवल एक धार्मिक स्थल का मामला नहीं, बल्कि इतिहास, आस्था और पुरातात्विक साक्ष्यों के बीच लंबे समय से चल रही बहस का महत्वपूर्ण अध्याय बन गया है।

  • हरिद्वार में होगा प्रतीक यादव का अस्थि विसर्जन, अपर्णा यादव परिवार संग होंगी रवाना; यादव परिवार में पसरा मातम

    हरिद्वार में होगा प्रतीक यादव का अस्थि विसर्जन, अपर्णा यादव परिवार संग होंगी रवाना; यादव परिवार में पसरा मातम



    नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के निधन के बाद अब परिवार हरिद्वार में अस्थि विसर्जन की तैयारी में जुट गया है। जानकारी के मुताबिक, उनकी पत्नी अपर्णा यादव जल्द ही पूरे परिवार के साथ हरिद्वार रवाना होंगी, जहां गंगा घाट पर विधि-विधान के साथ अस्थियों का विसर्जन किया जाएगा।

    प्रतीक यादव का बुधवार तड़के निधन हो गया था। उन्हें गंभीर हालत में लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। गुरुवार को लखनऊ के भैंसाकुंड धाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार शुक्रवार को फूल चुनने की रस्म पूरी की गई, जिसके बाद अब परिवार हरिद्वार जाकर गंगा में अस्थि विसर्जन करेगा।

    सूत्रों के मुताबिक, प्रतीक यादव लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्हें फेफड़ों से जुड़ी दिक्कत बताई जा रही थी और कुछ समय पहले उनका इलाज मेदांता अस्पताल में भी चला था। वहीं, पोस्टमॉर्टम से पहले उनके शरीर पर चोट के निशान मिलने की चर्चा भी सामने आई, जिसके बाद मामले को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि परिवार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

    बताया जा रहा है कि घटना के समय अपर्णा यादव लखनऊ में मौजूद नहीं थीं। वह असम के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गई थीं। पति के निधन की सूचना मिलते ही वह तुरंत लखनऊ लौट आईं।

    प्रतीक और अपर्णा यादव की शादी साल 2011 में हुई थी। दोनों एक-दूसरे को स्कूल के दिनों से जानते थे और बाद में यह दोस्ती रिश्ते में बदल गई। परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक, दोनों के बीच गहरी समझ और मजबूत रिश्ता था। अब प्रतीक यादव के निधन से परिवार और समर्थकों में शोक का माहौल है।

  • भोजशाला मामले में सामने आईं ऐतिहासिक तस्वीरें, हिंदू पक्ष ने बताए मंदिर से जुड़े प्रमाण

    भोजशाला मामले में सामने आईं ऐतिहासिक तस्वीरें, हिंदू पक्ष ने बताए मंदिर से जुड़े प्रमाण


    नई दिल्ली । मध्यप्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर दशकों से चला आ रहा विवाद एक बार फिर राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन गया है। इंदौर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने हालिया फैसले में भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर हिंदू पक्ष के दावों को महत्वपूर्ण आधार दिया है। हिंदू संगठनों का कहना है कि भोजशाला राजा भोज द्वारा स्थापित मां वाग्देवी यानी मां सरस्वती का प्राचीन मंदिर है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद मानता रहा है।

    यह विवाद 1990 के दशक से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। पूजा और नमाज के अधिकार को लेकर कई बार तनाव की स्थिति भी बनी। प्रशासन ने हालात को संभालने के लिए अलग-अलग दिनों में पूजा और नमाज की व्यवस्था लागू की थी। मंगलवार को हिंदू पक्ष को पूजा की अनुमति दी जाती थी, जबकि शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष नमाज अदा करता था।

    मामले ने नया मोड़ तब लिया जब वर्ष 2024 में हाईकोर्ट के आदेश पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने भोजशाला परिसर का वैज्ञानिक सर्वे कराया। लंबे समय तक चली इस जांच में परिसर से कई ऐसे अवशेष मिले, जिन्हें हिंदू धार्मिक और स्थापत्य परंपरा से जुड़ा बताया गया। रिपोर्ट में देवी-देवताओं की आकृतियां, प्राचीन मूर्तिकला, स्तंभों पर उकेरी गई कलाकृतियां और संस्कृत शिलालेखों का उल्लेख सामने आया।

    हिंदू पक्ष का दावा है कि ये सभी प्रमाण स्पष्ट करते हैं कि भोजशाला मूल रूप से मां वाग्देवी का मंदिर था, जिसे बाद में मस्जिद के रूप में उपयोग किया गया। ASI की रिपोर्ट में परिसर के कई स्तंभों और संरचनाओं को मंदिर वास्तुकला से जुड़ा बताया गया है। यही वजह है कि हाईकोर्ट का फैसला हिंदू पक्ष के लिए बड़ी कानूनी और धार्मिक जीत माना जा रहा है।

    वहीं, मुस्लिम पक्ष ने ASI रिपोर्ट और अदालत में पेश किए गए कई तथ्यों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भोजशाला लंबे समय से मस्जिद के रूप में उपयोग होती रही है और धार्मिक स्वरूप को लेकर केवल एक पक्ष के दावों के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

    फैसले के बाद धार जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार का तनाव न फैले। संवेदनशील इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

    भोजशाला विवाद केवल धार्मिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक महत्व का विषय बन चुका है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब देशभर में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह मामला और भी बड़े कानूनी और सामाजिक विमर्श का केंद्र बन सकता है।

  • झांसी में रफ्तार का कहर: ट्रक ने चाचा-भतीजे को 100 मीटर तक घसीटा, सड़क पर बिखरे शव के टुकड़े, घर में मचा कोहराम

    झांसी में रफ्तार का कहर: ट्रक ने चाचा-भतीजे को 100 मीटर तक घसीटा, सड़क पर बिखरे शव के टुकड़े, घर में मचा कोहराम

    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। झांसी-कानपुर हाईवे पर चिरगांव थाना क्षेत्र के बाईपास के पास तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रक ने बाइक सवार चाचा-भतीजे को कुचल दिया। हादसा इतना भयावह था कि दोनों को ट्रक करीब 100 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। टक्कर और घसीटने की वजह से एक युवक का सिर धड़ से अलग हो गया, जबकि शव के कई टुकड़े सड़क पर बिखर गए। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।

    जानकारी के अनुसार, दोनों रिश्तेदार बाजार से सब्जी खरीदकर बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन रोकने के बजाय भागने की कोशिश करता रहा और बाइक समेत दोनों युवकों को काफी दूर तक घसीटता चला गया। सड़क पर खून और शव के टुकड़े बिखरने से वहां मौजूद लोग सहम गए।

    बताया जा रहा है कि हादसे में जान गंवाने वाले भतीजे की शादी दो दिन पहले ही तय हुई थी। घर में शादी की तैयारियों और खुशियों का माहौल था, लेकिन एक पल में मातम छा गया। परिवार को जैसे ही हादसे की खबर मिली, घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है।

    हादसे के बाद बाइक ट्रक के नीचे फंस गई, जिससे चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से सड़क पर बिखरे शव के टुकड़ों को इकट्ठा कर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा। हादसे की भयावह तस्वीरें देखकर पुलिसकर्मी भी स्तब्ध रह गए।

    पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और जल्द ही चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं स्थानीय लोगों ने हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लापरवाह ड्राइविंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण होने वाले हादसे कई परिवारों की खुशियां छीन रहे हैं। झांसी की यह घटना भी उन दर्दनाक हादसों में शामिल हो गई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।

  • मध्य प्रदेश में बड़ा हादसा: पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में 5 की मौत, यूपी-बिहार के मजदूर थे शिकार

    मध्य प्रदेश में बड़ा हादसा: पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में 5 की मौत, यूपी-बिहार के मजदूर थे शिकार


    नई दिल्ली । मध्यप्रदेश के देवास जिले के टोंककलां इलाके में गुरुवार सुबह हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। सुबह करीब 11:30 बजे हुए इस धमाके में अब तक 5 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसा इतना भयावह था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे और फैक्ट्री की दीवारें पूरी तरह धराशायी हो गईं। आसपास के मकानों तक धमाके की कंपन महसूस की गई। मृतक मजदूर उत्तर प्रदेश और बिहार के बताए जा रहे हैं।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ब्लास्ट के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। झुलसे हुए मजदूर बदहवास हालत में बाहर भागते नजर आए। कई लोगों के कपड़े शरीर की त्वचा से चिपक गए थे। फैक्ट्री के बाहर जले हुए अवशेष, बाल और विस्फोटक सामग्री बिखरी पड़ी मिली। हादसे के बाद भी लंबे समय तक पटाखे फूटने की आवाजें आती रहीं।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री में दो केमिकल मिलाकर बारूद तैयार किया जा रहा था। आशंका है कि केमिकल का अनुपात बिगड़ने या मैग्नीशियम पाउडर के पानी के संपर्क में आने से विस्फोट हुआ। श्रम विभाग की शुरुआती रिपोर्ट में यह भी संभावना जताई गई कि बारूद की हैंडलिंग के दौरान स्टैटिक चार्ज बनने से ‘सेल्फ इग्निशन’ हुआ होगा। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से केमिकल के सैंपल जुटाए हैं।

    सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि जिस फैक्ट्री में विस्फोट हुआ, उसका निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ था। बावजूद इसके वहां बड़े स्तर पर पटाखा निर्माण किया जा रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर निर्माणाधीन यूनिट में ही विस्फोटक सामग्री का उत्पादन शुरू कर दिया गया था। फैक्ट्री के पास विस्फोटक लाइसेंस तो था, लेकिन फैक्ट्री एक्ट के तहत जरूरी पंजीकरण और सुरक्षा अनुमतियां नहीं ली गई थीं।

    पुलिस ने फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय को गिरफ्तार कर लिया है। उसके समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। प्रशासन ने फैक्ट्री को सील कर दिया है। वहीं, उज्जैन संभाग कमिश्नर ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच में फैक्ट्री के लाइसेंस, सुरक्षा इंतजाम और नियमों के पालन की पड़ताल की जाएगी।

    देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने बताया कि घायलों का इलाज देवास, इंदौर के एमवाय, चोइथराम और अमलतास अस्पतालों में चल रहा है। कई मजदूर 80 से 90 प्रतिशत तक झुलस गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घायलों से मुलाकात कर मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री में पहले भी मार्च 2026 में विस्फोट हो चुका था, लेकिन प्रशासन ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों के मुताबिक, यहां 400 से 500 मजदूर काम करते थे और रोज करीब 18 लाख रुपए का माल तैयार होता था।

  • ब्रिक्स सम्मेलन में जयशंकर का सख्त संदेश, सुधार अब पसंद नहीं बल्कि जरूरत : विदेश मंत्री

    ब्रिक्स सम्मेलन में जयशंकर का सख्त संदेश, सुधार अब पसंद नहीं बल्कि जरूरत : विदेश मंत्री

    नई दिल्ली । वैश्विक मंच पर बदलते शक्ति संतुलन और बढ़ती जटिलताओं के बीच ब्रिक्स सम्मेलन 2026 का दूसरा दिन एक महत्वपूर्ण संदेश के साथ सामने आया, जहां भारत ने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को स्पष्ट और मजबूत तरीके से रखा। सम्मेलन में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया जिस दौर से गुजर रही है, उसमें बदलाव अब किसी विकल्प या पसंद का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है।

    उन्होंने कहा कि आज की वैश्विक परिस्थितियां उस समय से काफी अलग हैं, जब मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की नींव रखी गई थी। समय के साथ दुनिया अधिक आपस में जुड़ी हुई, जटिल और बहु-ध्रुवीय हो गई है, लेकिन वैश्विक शासन की मौजूदा संरचना इस परिवर्तन के साथ कदम नहीं मिला पाई है। यही कारण है कि वैश्विक स्तर पर निर्णय प्रक्रिया और उसकी प्रभावशीलता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

    जयशंकर ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा प्रणाली में सुधार केवल एक तकनीकी मुद्दा नहीं है, बल्कि यह वैश्विक संतुलन और न्याय से जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया के बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व ही पर्याप्त रूप से नहीं हो पाता, तो निर्णयों की वैधता और स्वीकार्यता पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है। इसी कारण वैश्विक संस्थाओं को अधिक समावेशी और प्रतिनिधिक बनाने की आवश्यकता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए बहुपक्षीय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना जरूरी है। आज कई देशों को विकास, सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन मौजूदा ढांचे इन चुनौतियों का समाधान करने में पूरी तरह सक्षम नहीं हैं। इसलिए सुधार की प्रक्रिया को तेज करना समय की मांग है।

    विदेश मंत्री ने विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक सदस्यता बढ़ने के बावजूद कई निर्णय लेने वाली संरचनाएं अब भी पुरानी दुनिया की तस्वीर दिखाती हैं, जिससे उभरते देशों और विकासशील क्षेत्रों को उचित स्थान नहीं मिल पाता। एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों की भागीदारी को बढ़ाना आवश्यक है ताकि वैश्विक व्यवस्था अधिक संतुलित हो सके।

    इसके साथ ही उन्होंने वैश्विक वित्तीय प्रणाली की चुनौतियों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान आर्थिक परिदृश्य में सप्लाई चेन की अस्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा पर दबाव और संसाधनों तक असमान पहुंच जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में बहुपक्षीय वित्तीय संस्थानों को और अधिक सक्षम और लचीला बनाना जरूरी है ताकि विकासशील देशों को समय पर और पर्याप्त सहायता मिल सके।

    व्यापार व्यवस्था पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार को निष्पक्ष और नियम-आधारित बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने संकेत दिया कि कुछ गैर-न्यायसंगत प्रथाएं और आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भरता वैश्विक अर्थव्यवस्था को जोखिम में डाल रही हैं। इसलिए एक मजबूत और संतुलित व्यापार प्रणाली की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।

    अपने संबोधन के अंत में विदेश मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि वर्तमान समय का सबसे बड़ा संदेश सहयोग और सुधार है। उन्होंने कहा कि दुनिया को एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय ढांचे की आवश्यकता है जो अधिक लोकतांत्रिक, प्रतिनिधिक और न्यायपूर्ण हो, ताकि सभी देशों को समान अवसर मिल सके और वैश्विक चुनौतियों का समाधान सामूहिक रूप से किया जा सके।

  • देवास ब्लास्ट केस में चौंकाने वाली बातें सामने आईं, सुरक्षा नियमों की अनदेखी बनी वजह

    देवास ब्लास्ट केस में चौंकाने वाली बातें सामने आईं, सुरक्षा नियमों की अनदेखी बनी वजह


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के देवास जिले में टोंककलां स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट को लेकर श्रम विभाग की शुरुआती जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में हादसे की दो बड़ी संभावित वजहों का खुलासा हुआ है, साथ ही फैक्ट्री प्रबंधन की गंभीर लापरवाहियां भी उजागर हुई हैं।

    श्रम मंत्री प्रह्लाद पटेल ने बताया कि तकनीकी जांच के अनुसार हादसे के पीछे मैग्नीशियम पाउडर की केमिकल रिएक्शन मुख्य कारण हो सकती है। आशंका है कि निर्माण प्रक्रिया के दौरान मैग्नीशियम पानी के संपर्क में आ गया, जिससे जोरदार विस्फोट हुआ। दूसरी संभावना यह जताई गई है कि बारूद की हैंडलिंग के दौरान स्टैटिक चार्ज बना और उससे ‘सेल्फ इग्निशन’ यानी स्वतः आग लग गई।

    गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे हुए इस विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया था। धमाके के बाद फैक्ट्री से लगातार पटाखे फूटने की आवाजें आती रहीं और कई मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे में अब तक 5 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।

    जांच रिपोर्ट में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि फैक्ट्री का निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ था, लेकिन वहां पटाखा निर्माण शुरू कर दिया गया था। यानी जिस समय सुरक्षा व्यवस्था और ढांचे की टेस्टिंग होनी चाहिए थी, उस समय बारूद और विस्फोटक सामग्री के बीच मजदूरों से काम कराया जा रहा था।

    रिपोर्ट के अनुसार, फैक्ट्री प्रबंधन के पास जिला कलेक्टर द्वारा जारी विस्फोटक लाइसेंस तो था, लेकिन फैक्ट्री एक्ट के तहत जरूरी पंजीकरण और अन्य वैधानिक मंजूरियां नहीं ली गई थीं। बिना सुरक्षा मानकों और पर्याप्त इंतजामों के इस खतरनाक यूनिट का संचालन किया जा रहा था।

    श्रम विभाग ने फैक्ट्री में कई गंभीर खामियां पाई हैं, जिनमें अग्निशमन व्यवस्था का अभाव, इमरजेंसी प्लान तैयार न करना, श्रमिकों की हाजिरी और रिकॉर्ड न रखना, तथा मजदूरों को केमिकल सुरक्षा संबंधी जानकारी न देना शामिल है।

    इन सभी मामलों में फैक्ट्री प्रबंधन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। कई धाराओं के तहत 2 साल से लेकर 7 साल तक की सजा और लाखों रुपए के जुर्माने का प्रावधान बताया गया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी हादसे को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि घायलों के इलाज में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी और हादसे के जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

  • देवास फैक्ट्री विस्फोट: साथियों ने कहा- बिलिंग रूम में आखिरी बार दिखे थे दोनों मजदूर

    देवास फैक्ट्री विस्फोट: साथियों ने कहा- बिलिंग रूम में आखिरी बार दिखे थे दोनों मजदूर


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के देवास जिले में टोंककलां स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। हादसे में अब तक 5 मजदूरों की मौत हो चुकी है, वहीं अब दो और मजदूरों के लापता होने की खबर सामने आने से परिजनों और साथी मजदूरों की चिंता बढ़ गई है।

    घायल मजदूरों का कहना है कि ब्लास्ट के बाद से उनके साथी राजू और बाबुल का कोई पता नहीं चल पाया है। दोनों बिहार के अरहरिया जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं और कुछ महीने पहले ही रोज़गार की तलाश में देवास आए थे।

    देवास जिला अस्पताल में भर्ती घायल मजदूर शशि कुमार ने बताया कि हादसे से पहले उनकी दोनों साथियों से खाना खाते समय बातचीत हुई थी। इसके बाद वे आखिरी बार फैक्ट्री के बिलिंग रूम के पास दिखाई दिए। धमाके के बाद से दोनों न तो अस्पतालों में मिले और न ही किसी से संपर्क हो पाया।

    साथी मजदूरों को आशंका है कि कहीं दोनों भी हादसे का शिकार तो नहीं हो गए। मजदूर लगातार प्रशासन से घटना स्थल पर जाकर तलाश करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अस्पतालों, आसपास के इलाकों और रिश्तेदारों से संपर्क कर लिया, लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं मिला।

    इस दर्दनाक हादसे में अब तक जिन मजदूरों की मौत हुई है, उनमें बिहार के सुमित, धीरज, अमर और गुड्डू शामिल हैं, जबकि उत्तर प्रदेश के लखनऊ निवासी सनी की भी जान गई है। मृतकों के शव देर रात परिजनों को सौंप दिए गए।

    वहीं हादसे में घायल कई मजदूरों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। देवास जिला अस्पताल में 11 लोग भर्ती हैं, जबकि गंभीर घायलों को निजी अस्पतालों में रेफर किया गया है।

    प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री पूरी तरह तैयार होने से पहले ही वहां पटाखा निर्माण शुरू कर दिया गया था। श्रम विभाग की रिपोर्ट में यह भी आशंका जताई गई है कि मैग्नीशियम पाउडर के पानी के संपर्क में आने या स्टैटिक चार्ज बनने से विस्फोट हुआ होगा।

    रिपोर्ट में सुरक्षा नियमों की भारी अनदेखी, फैक्ट्री एक्ट के तहत जरूरी लाइसेंस का अभाव, अग्निशमन व्यवस्था में कमी और इमरजेंसी प्लान न होने जैसी गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं। इन मामलों में फैक्ट्री प्रबंधन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

  • शाजापुर में गोदाम से 12 इलेक्ट्रिक पोल चोरी, ठेकेदार ने दर्ज कराई शिकायत

    शाजापुर में गोदाम से 12 इलेक्ट्रिक पोल चोरी, ठेकेदार ने दर्ज कराई शिकायत


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के लालघाटी क्षेत्र में चोरी की एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जहां एक इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रैक्टर के गोदाम से 12 लोहे के इलेक्ट्रिक पोल गायब हो गए। पीड़ित हेमकांत शर्मा, जो ग्वालियर के निवासी हैं और वर्तमान में शाजापुर में कार्यरत हैं, ने बताया कि उन्होंने ये सिल्वर रंग के लोहे के पोल निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के लिए गोदाम में सुरक्षित रखे थे।
    गुरुवार रात करीब 8 बजे तक सभी पोल मौजूद थे, लेकिन अगले दिन शुक्रवार सुबह 9:30 बजे जब वे गोदाम पहुंचे तो पूरा सामान गायब मिला। घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में तलाश की गई, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    कॉन्ट्रेक्टर ने आशंका जताई है कि यह चोरी किसी योजनाबद्ध तरीके से की गई है, क्योंकि पोल भारी और निर्माण कार्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामान थे। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित बिल और दस्तावेज इंजीनियर से लेकर जल्द पुलिस को उपलब्ध कराए जाएंगे।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज तथा संदिग्ध गतिविधियों की जांच की जा रही है।