Author: bharati

  • कानून और तकनीक का संगम: जबलपुर में CJI और जजों की अहम बैठक, सीएम-कानून मंत्री भी शामिल

    कानून और तकनीक का संगम: जबलपुर में CJI और जजों की अहम बैठक, सीएम-कानून मंत्री भी शामिल



    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश का जबलपुर शनिवार को देश की न्यायपालिका के एक महत्वपूर्ण आयोजन का केंद्र बनने जा रहा है। हाईकोर्ट द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सहित सुप्रीम कोर्ट के 9 न्यायाधीश शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय कानून मंत्री और मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे।

    यह सेमिनार “फ्रेगमेंटेशन टू फ्यूजन: एम्पॉवरिंग जस्टिस वाया यूनाइटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म इंटीग्रेशन” विषय पर आधारित है, जिसका उद्देश्य न्याय व्यवस्था में तकनीक और डिजिटल एकीकरण को मजबूत करना है। कार्यक्रम सुबह 10:30 बजे से नेताजी सुभाषचंद्र बोस कल्चरल एंड इन्फॉर्मेशन सेंटर में आयोजित किया जाएगा।

    मुख्य अतिथि के रूप में CJI की उपस्थिति रहेगी, जबकि राज्य के मुख्यमंत्री और केंद्रीय कानून मंत्री विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के कई वरिष्ठ न्यायाधीश भी इस सेमिनार का हिस्सा बनेंगे।

    इस आयोजन में ई-कोर्ट सिस्टम, डेटा इंटीग्रेशन, यूनिफाइड डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक तकनीक के माध्यम से न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सेमिनार देश में डिजिटल न्याय प्रणाली के भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    कार्यक्रम को देखते हुए जबलपुर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

  • शेयर बाजार में सीमित उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स-निफ्टी हल्की बढ़त के साथ खुले, मिड और स्मॉलकैप पर दबाव

    शेयर बाजार में सीमित उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स-निफ्टी हल्की बढ़त के साथ खुले, मिड और स्मॉलकैप पर दबाव


    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत वैश्विक संकेतों के मिले-जुले रुख के बीच लगभग सपाट स्तर पर की। शुरुआती कारोबार में बाजार में सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जहां प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी हल्की बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे मिश्रित संकेतों के कारण निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है, जिससे शुरुआती गति सीमित रही।

    सुबह के शुरुआती सत्र में सेंसेक्स में हल्की मजबूती देखी गई और यह मामूली बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी भी सीमित बढ़त के साथ हरे निशान में बना रहा। हालांकि इस दौरान लार्जकैप शेयरों में स्थिरता देखने को मिली, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में दबाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में गिरावट यह संकेत देती है कि छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की रुचि थोड़ी कमजोर रही।

    सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो आईटी और ऑटो सेक्टर ने बाजार को सपोर्ट देने का काम किया। इन सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे निफ्टी को सहारा मिला। इसके अलावा सर्विसेज, एफएमसीजी, हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर भी सकारात्मक दायरे में रहे। इसके विपरीत डिफेंस, मेटल, कमोडिटीज, रियल्टी, ऑयल एंड गैस और पीएसयू बैंकिंग सेक्टर में दबाव देखने को मिला, जिससे समग्र बाजार में असंतुलित रुझान बना रहा।

    वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशिया के कई प्रमुख बाजारों में कमजोरी का रुख देखने को मिला, जबकि कुछ बाजारों में हल्की मजबूती बनी रही। अमेरिकी बाजारों ने पिछले कारोबारी सत्र में अच्छी तेजी के साथ बंद होकर सकारात्मक संकेत दिए थे, लेकिन एशियाई बाजारों की सुस्ती ने भारतीय बाजार की दिशा को सीमित रखा। इसी कारण घरेलू निवेशकों ने भी शुरुआत में सतर्क रुख अपनाया।

    विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों में बदलाव भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत रहा। लंबे समय बाद विदेशी निवेशकों की ओर से भारतीय बाजार में खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को कुछ सपोर्ट मिला। इसके साथ ही घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी लगातार निवेश जारी रखा, जो बाजार में स्थिरता बनाए रखने में मददगार साबित हुआ।

    इसके अलावा आर्थिक मोर्चे पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर भी बाजार की धारणा पर देखा गया। ईंधन कीमतों में वृद्धि से महंगाई और लागत दबाव को लेकर चिंता बढ़ सकती है, जिसका असर आने वाले दिनों में उपभोक्ता आधारित सेक्टरों पर पड़ सकता है।

  • कानपुर में अमानवीयता की हद! चाची ने मासूम बच्चों को हीटर से जलाया, पुलिस भी देख कांप उठी

    कानपुर में अमानवीयता की हद! चाची ने मासूम बच्चों को हीटर से जलाया, पुलिस भी देख कांप उठी



    नई दिल्ली। कानपुर के महाराजपुर क्षेत्र से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला पर अपने ही चार मासूम भतीजे-भतीजियों को हीटर से जलाने और बेरहमी से पिटाई करने का गंभीर आरोप लगा है। बच्चों के शरीर पर जले और चोटों के निशान देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।

    घटना उस वक्त सामने आई जब गुरुवार शाम करीब 5:25 बजे यूपी-112 पर एक 14 वर्षीय बच्चे ने रोते हुए कॉल कर मदद मांगी। उसने बताया कि उसकी छोटी बहन को चाची हीटर से जला रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत गांव पहुंची, जहां 14, 11, 9 और 4 साल के चार बच्चे मौजूद मिले।

    पुलिस के पहुंचते ही बच्चों ने अपने शरीर पर पड़े घाव दिखाए और आरोप लगाया कि उनके माता-पिता की मौत के बाद वे चाचा-चाची के साथ रह रहे हैं, लेकिन यहां उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जाता है। बच्चों ने कहा कि खाना मांगने पर बेल्ट से पिटाई की जाती है और कई बार हीटर से जलाया जाता है। पीठ, हाथ, हथेली, जांघ और सिर पर चोटों के निशान देख पुलिस भी स्तब्ध रह गई।

    स्थानीय ग्रामीणों ने भी बच्चों के आरोपों की पुष्टि की। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे अक्सर प्रताड़ना की शिकायत करते थे, लेकिन डर के कारण कोई खुलकर सामने नहीं आता था।

    वहीं, पूछताछ में चाची ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि बच्चे स्कूल नहीं जाते और उन्होंने चोरी की थी, जिसके कारण उन्हें डांटा-पीटा गया। हालांकि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

    मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने बच्चों की स्थिति देखते हुए उन्हें भोजन और जरूरी सामान उपलब्ध कराया। अधिकारियों ने चाची को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि बच्चों के साथ किसी भी तरह की अमानवीयता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    डीसीपी पूर्वी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और दोबारा शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बच्चों को सुरक्षा में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

  • पेट्रोल-डीजल के दामों में बड़ा उछाल, देशभर में बढ़ी महंगाई की मार..

    पेट्रोल-डीजल के दामों में बड़ा उछाल, देशभर में बढ़ी महंगाई की मार..


    नई दिल्ली । देश में एक बार फिर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में जारी नई दरों के अनुसार पेट्रोल और डीजल के दामों में उल्लेखनीय इजाफा दर्ज किया गया है, जिससे परिवहन से लेकर दैनिक जीवन तक महंगाई का असर महसूस किया जा रहा है। बढ़ती कीमतों ने न केवल उपभोक्ताओं पर आर्थिक दबाव बढ़ाया है, बल्कि बाजार में अन्य वस्तुओं की लागत पर भी असर डालना शुरू कर दिया है।

    राजधानी दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में पेट्रोल और डीजल के नए रेट लागू हो गए हैं, जिसके बाद पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर 3.14 रुपये और डीजल की कीमत में 3.11 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल और डीजल के दाम नए स्तर पर पहुंच गए हैं, जिससे रोजमर्रा की आवाजाही और परिवहन लागत में सीधा असर देखने को मिल रहा है।

    इसके साथ ही सीएनजी की कीमतों में भी वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे सार्वजनिक परिवहन और निजी वाहनों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति में अस्थिरता और उसकी बढ़ती कीमतों को माना जा रहा है। वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल के दाम लंबे समय से ऊंचे बने हुए हैं, जिसका सीधा प्रभाव भारतीय बाजार पर पड़ रहा है।

    तेल कंपनियों का कहना है कि बढ़ती लागत और अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा था, जिसके चलते कीमतों में संशोधन आवश्यक हो गया। विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतें लगातार उच्च स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे ईंधन के उत्पादन और वितरण की लागत में वृद्धि हो रही है। इसका प्रभाव अंततः उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है।

    सरकारी स्तर पर भी इस स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी मुद्रास्फीति को और बढ़ा सकती है। पहले से ही बढ़ती महंगाई से जूझ रही जनता के लिए यह एक अतिरिक्त आर्थिक बोझ साबित हो सकता है। परिवहन लागत बढ़ने से सब्जियों, अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

    इस बीच, रुपये की कमजोरी ने भी स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट के कारण आयातित कच्चा तेल और महंगा हो गया है। इससे तेल कंपनियों की लागत और बढ़ गई है और इसका सीधा असर खुदरा कीमतों पर देखने को मिल रहा है।

    आने वाले समय में ईंधन की कीमतों में और उतार-चढ़ाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति, मुद्रा विनिमय दर और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा तय करेंगे। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए स्थिति अभी और चुनौतीपूर्ण बनी रह सकती है।

  • हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: आयुष चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक

    हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: आयुष चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने आयुष चिकित्सा अधिकारियों (आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी) की भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश 31 दिसंबर 2025 को जारी विज्ञापनों के तहत चल रही भर्ती प्रक्रिया पर लागू होगा, जिससे फिलहाल सभी आगे की कार्रवाई रोक दी गई है।

    मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने यह फैसला तीन याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दिया। अदालत ने राज्य सरकार और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 23 जून 2026 तय की गई है।

    विवाद का मुख्य मुद्दा 50 प्रतिशत आरक्षण से जुड़ा है, जो उन संविदा आयुष चिकित्सा अधिकारियों को देने का प्रावधान है जिन्होंने पांच साल की सेवा पूरी कर ली है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि समान पद पर कार्यरत होने के बावजूद उन्हें इस लाभ से वंचित किया जा रहा है।

    सरकार की 11 मार्च 2025 की अधिसूचना में यह प्रावधान किया गया था कि ऐसे संविदा चिकित्सक, जो निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर चुके हैं, उन्हें नियमित भर्ती में आरक्षण का लाभ मिलेगा, बशर्ते वे समकक्ष पद पर कार्यरत हों।

    याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि वे उसी पद पर काम कर रहे हैं, जिसके लिए भर्ती निकाली गई है, और केवल वेतनमान के आधार पर भेदभाव उचित नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार पहले ही कुछ मामलों में संविदा चिकित्सकों के वेतनमान को नियमित स्तर पर लाने की प्रक्रिया स्वीकार कर चुकी है।

    हाईकोर्ट के इस अंतरिम आदेश से प्रदेश भर के हजारों संविदा आयुष चिकित्सकों को फिलहाल राहत मिली है, जबकि भर्ती प्रक्रिया अनिश्चितकाल के लिए रुक गई है। अब सरकार के जवाब के बाद ही इस मामले में आगे की दिशा तय होगी।

  • उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: लापरवाही से प्रसूता की मौत, अस्पताल को देना होगा मुआवजा

    उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: लापरवाही से प्रसूता की मौत, अस्पताल को देना होगा मुआवजा


    नई दिल्ली । ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने एक निजी अस्पताल की गंभीर लापरवाही को साबित मानते हुए उस पर आर्थिक दंड लगाया है। मामला न्यू लाइफ लाइन हॉस्पिटल का है, जहां प्रसव के बाद एक महिला की हालत बिगड़ने पर समय पर उचित उपचार नहीं दिया गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

    परिजनों के अनुसार महिला को 30 सितंबर 2023 को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सिजेरियन डिलीवरी के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और ऑक्सीजन स्तर तेजी से गिरकर 80 तक पहुंच गया। इसके बावजूद समय पर न तो उचित ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया और न ही उसे बड़े अस्पताल रेफर किया गया।

    स्थिति गंभीर होने पर मरीज को कमला राजा अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में न तो योग्य विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद थे और न ही वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम जैसी बुनियादी सुविधाएं थीं। यहां तक कि अस्पताल का रजिस्ट्रेशन और व्यवस्थाएं भी संदिग्ध पाई गईं।

    उपभोक्ता आयोग ने इसे “सेवा में गंभीर कमी” मानते हुए अस्पताल पर कुल ₹3.12 लाख का मुआवजा लगाने का आदेश दिया है। इसमें ₹3 लाख आर्थिक क्षतिपूर्ति, ₹10 हजार मानसिक क्षति और ₹2 हजार कानूनी खर्च शामिल हैं। आदेश के अनुसार यह राशि 45 दिनों के भीतर देनी होगी, अन्यथा 6% वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

    आयोग ने स्पष्ट कहा कि यदि मरीज को समय पर बेहतर अस्पताल रेफर किया जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। बिना बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं के अस्पताल चलाना मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है।

  • ट्रक से छलांग लगाते ही गई जान: होमगार्ड जवान की हाईवे पर दर्दनाक मौत

    ट्रक से छलांग लगाते ही गई जान: होमगार्ड जवान की हाईवे पर दर्दनाक मौत


    नई दिल्ली । ग्वालियर जिले के घाटीगांव क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां शिवपुरी में पदस्थ 25 वर्षीय होमगार्ड जवान धर्मेन्द्र आदिवासी की चलती पुलिस ट्रक से कूदने के बाद मौत हो गई। यह घटना आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर सिमरिया मोड़ के पास हुई।

    जानकारी के अनुसार, जवान अपने साथियों के साथ सरकारी कार्य के लिए राइफल जमा करने ग्वालियर आ रहा था। इसी दौरान वह पुलिस के मिनी ट्रक में सवार था। रास्ते में उसके मोबाइल पर घर से एक कॉल आया, जिसके बाद उसका व्यवहार अचानक बदल गया।

    साथी जवानों के मुताबिक, फोन पर लंबी बातचीत के बाद वह तनावग्रस्त और उत्तेजित दिखाई देने लगा। जैसे ही वाहन सिमरिया मोड़ के पास पहुंचा, उसने अचानक चिल्लाते हुए चलती गाड़ी से छलांग लगा दी। सिर के बल गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    साथियों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया।

    पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है और जवान के मोबाइल की कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिरी कॉल में क्या बातचीत हुई थी, जिससे वह मानसिक रूप से विचलित हुआ।

    फिलहाल पुलिस इसे संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत मानकर सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

  • झांसी में भीषण गर्मी का कहर: पारा 44°C पार, अगले हफ्ते 47°C तक पहुंचने की आशंका

    झांसी में भीषण गर्मी का कहर: पारा 44°C पार, अगले हफ्ते 47°C तक पहुंचने की आशंका



    नई दिल्ली। झांसी में एक बार फिर भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर में तापमान लगातार बढ़ते हुए 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा जैसा माहौल देखने को मिल रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

    मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है। शुक्रवार से लू चलने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। वहीं अगले सप्ताह स्थिति और गंभीर हो सकती है, जब अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।

    कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आदित्य कुमार सिंह के अनुसार, दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं का असर और बढ़ेगा। दोपहर 1 से 3 बजे के बीच सड़कों पर आवाजाही काफी कम देखी जा रही है, क्योंकि तेज धूप में बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

    बृहस्पतिवार को झांसी में अधिकतम तापमान 44.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान भी 27.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं और आने वाले दिनों में लोगों को भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ेगा।

  • ग्वालियर में बढ़े पेट्रोल-डीजल रेट: लोगों की जेब पर भारी पड़ा असर

    ग्वालियर में बढ़े पेट्रोल-डीजल रेट: लोगों की जेब पर भारी पड़ा असर


    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर अब ग्वालियर में भी साफ दिखाई दे रहा है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है, जिसके बाद शहर में पेट्रोल ₹109.74 प्रति लीटर और डीजल ₹94.93 प्रति लीटर तक पहुंच गया है।

    एक दिन पहले तक पेट्रोल ₹106.45 और डीजल ₹91.83 प्रति लीटर बिक रहा था। अचानक हुई इस बढ़ोतरी से आम लोगों के बजट पर सीधा असर पड़ा है। खासकर दैनिक यात्रियों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।

    पेट्रोल पंपों पर इसका असर भी देखने को मिला है। पहले जहां लंबी कतारें लगती थीं, अब वहां भीड़ काफी कम हो गई है। पेट्रोल पंप कर्मचारियों के अनुसार बिक्री में लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है।

    ग्राहकों का कहना है कि बढ़ती कीमतों के कारण अब वाहन का उपयोग सोच-समझकर करना पड़ेगा। कुछ लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को बेहतर विकल्प मान रहे हैं, जबकि कई लोगों ने महंगाई को सीधे आम जनता पर बोझ बताया है।

    विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने से यह बढ़ोतरी हुई है। युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के चलते तेल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं, जिसका असर भारत के ईंधन बाजार पर भी पड़ रहा है।

    ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी इसका असर दिखने लगा है और आने वाले समय में किराए और वस्तुओं की कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।

  • इंदौर में रिश्तों को लेकर बढ़े विवाद, पंचायत में सामने आए अहम सामाजिक मुद्दे

    इंदौर में रिश्तों को लेकर बढ़े विवाद, पंचायत में सामने आए अहम सामाजिक मुद्दे


    नई दिल्ली । इंदौर में सिंधी समाज द्वारा शुरू की गई मध्यस्थता पहल लगातार चर्चा में है। समाज की पंचायत ने अब तक 800 से अधिक पारिवारिक और वैवाहिक विवादों को सुलझाया है, जिनमें कई मामले तलाक तक पहुंचने की कगार पर थे। लेकिन बातचीत, काउंसलिंग और आपसी समझ के जरिए कई परिवारों को टूटने से बचा लिया गया।

    एक मामले में एक महिला अपने वैवाहिक जीवन से बेहद असंतुष्ट थी और तलाक चाहती थी। विवाद बढ़ने पर मामला समाज की पंचायत तक पहुंचा, जहां दोनों पक्षों को सुना गया और मेडिकल व काउंसलिंग सहायता भी ली गई। इसके बाद दोनों को साथ रहने के लिए तैयार किया गया।

    पंचायत से जुड़े सदस्यों के अनुसार, अब तक सामने आए कुल मामलों में लगभग 48% विवाद वैवाहिक जीवन से जुड़े हैं। इनमें एक बड़ा हिस्सा निजी और दाम्पत्य जीवन में असंतुष्टि से जुड़ा पाया गया है। इसके अलावा संपत्ति, आर्थिक और पारिवारिक विवाद भी बड़ी संख्या में सामने आए हैं।

    विशेषज्ञों और समाज के डॉक्टरों की मदद से कई मामलों में काउंसलिंग भी कराई जाती है, ताकि समस्याओं को चिकित्सकीय और मानसिक दृष्टिकोण से भी समझा जा सके। पंचायत का दावा है कि हर मामला अलग होता है और उसका समाधान भी व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुसार किया जाता है।

    इसके अलावा समाज ने विवाह योग्य युवाओं का एक सर्वे भी किया है, जिसमें 22 से 29 और 30 से 40 वर्ष के आयु वर्ग में अविवाहित युवक-युवतियों का आंकड़ा भी सामने आया है। यह डेटा सामाजिक बदलाव और विवाह संबंधी प्रवृत्तियों को भी दर्शाता है।

    इस पहल को समाज में परिवारों को जोड़कर रखने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, जो आधुनिक समय में बदलते रिश्तों की जटिलताओं को समझने की दिशा में एक उदाहरण बन रही है।