Author: bharati

  • गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी में रबाडा का दबदबा, सबा करीम ने बताया टीम का नेतृत्वकर्ता

    गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी में रबाडा का दबदबा, सबा करीम ने बताया टीम का नेतृत्वकर्ता


    नई दिल्ली।  आईपीएल 2026 में मंगलवार को खेले गए मुकाबले में गुजरात टाइटंस (जीटी) ने सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) को हराकर अंकतालिका में पहला स्थान हासिल कर लिया है। जीटी की जीत में तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा की अहम भूमिका रही। भारतीय टीम के पूर्व विकेटकीपर सबा करीम ने रबाडा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह गुजरात की तेज गेंदबाजी के नेतृत्वकर्ता बन गए हैं।

    जियो हॉटस्टार पर सबा करीम ने कहा, “रबाडा बेहतरीन फॉर्म में हैं और जीटी की तेज गेंदबाजी के नेतृत्वकर्ता बन गए हैं। एसआरएच के खिलाफ उन्होंने अपनी ताकत का शानदार इस्तेमाल किया और पिच से अतिरिक्त बाउंस पैदा किया। वह पूरे स्पेल में शानदार दिखे। अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की विकेट के लिए जिस तरह से उन्होंने योजना बनाई, वह देखने में बहुत बढ़िया था। कुल मिलाकर, वह बाकी बॉलर्स के लिए टोन सेट करते हैं और गेंदबाजी की योजना का नेतृत्व करते हैं। अन्य गेंदबाज उन्हें फॉलो करते हैं। एसआरएच के खिलाफ रबाडा ने 4 ओवर में 28 रन देकर 3 विकेट लिए।

    रबाडा का पूरे सीजन में बेहतरीन प्रदर्शन रहा है। वह सीजन के दूसरे सफल गेंदबाज हैं और 12 मैचों में 21 विकेट ले चुके हैं। मैच पर नजर डालें तो टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात टाइटंस ने साई सुदर्शन के 61 और वाशिंगटन सुंदर के 50 रनों की मदद से गुजरात ने 5 विकेट पर 168 रन बनाए। 169 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी एसआरएच की बल्लेबाजी बिखर गई। टीम 14.5 ओवर में 86 रन पर सिमट गई और 82 रन से मैच हार गई।

    जीटी के लिए कगिसो रबाडा के अलावा जेसन होल्डर ने 4 ओवर में 20 रन देकर 3 विकेट लिए। प्रसिद्ध कृष्णा ने 3 ओवर में 23 रन देकर 2 विकेट लिए। सिराज और राशिद को 1-1 विकेट मिला। रबाडा प्लेयर ऑफ द मैच रहे।

  • Mohun Bagan Super Giant के पूर्व अध्यक्ष टूटू बोस नहीं रहे, नेताओं और खेल जगत ने जताया दुख

    Mohun Bagan Super Giant के पूर्व अध्यक्ष टूटू बोस नहीं रहे, नेताओं और खेल जगत ने जताया दुख



    नई दिल्ली। मोहन बागान फुटबॉल क्लब के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय फुटबॉल के सबसे प्रभावशाली खेल प्रशासकों में से एक टूटू बोस का कोलकाता में 78 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और मोहन बागान क्लब ने शोक व्यक्त किया है।

    मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने उनके निधन पर शोक जताते हुए एक्स पर लिखा, “मोहन बागान क्लब के पूर्व प्रेसिडेंट, पूर्व संसद सदस्य और सीनियर खेल प्रशासक स्वपन साधन बोस (टूटू बसु) के निधन से मुझे बहुत दुख हुआ है।”

    उन्होंने लिखा, “मोहन बागान क्लब और टूटू बसु एक-दूसरे के पूरक थे। कई सालों तक खेल प्रशासन में उनका असाधारण योगदान हमेशा यादगार रहेगा। उनका नेतृत्व, विजन और खेल के लिए सच्चा प्यार आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। मैं उनके दुखी परिवार, प्रियजनों, शुभचिंतकों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं सर्वशक्तिमान ईश्वर से उनकी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।”

    मोहन बागान सुपर जायंट ने सोशल मीडिया पर लिखा, “आपकी विरासत हमेशा मोहन बागान का हिस्सा रहेगी। रेस्ट इन पीस, टूटू बोस।”

    टूटू बोस का वास्तविक नाम स्वपन सदा बोस था। वह राज्यसभा के सांसद रहे थे। उनके नेतृत्व में भारतीय फुटबॉल ने बदलाव का दौर देखा। टूटू बोस पहली बार 1989-90 में मोहन बागान एसी के पोर्टफोलियो होल्डर बने। यह भारतीय क्लब फुटबॉल में सबसे लंबे अध्यक्षीय कार्यकाल में से एक रहा। उन्होंने फीफा क्लब टास्क फोर्स के सदस्य के रूप में भी काम किया, जिससे मोहन बागान और भारतीय फुटबॉल को वैश्विक प्रशासन चर्चाओं में एक आवाज मिली।

    खराब स्वास्थ्य की वजह से उन्होंने 2017 में अपना पद छोड़ दिया था। मई 2022 में, उन्हें फिर से अध्यक्ष चुना गया था। उनके नेतृत्व में मोहन बागान नेशनल टूर्नामेंट में टॉप दावेदार बना रहा। टीम ने अपनी ब्रांड वैल्यू और फैन एंगेजमेंट को बढ़ाया और आधुनिक फुटबॉल के हिसाब से खुद को ढालते हुए एक हेरिटेज क्लब के तौर पर अपनी पहचान बनाए रखी। अप्रैल 2025 में, टूटू बोस ने मोहन बागान में सभी पदों से आधिकारिक रूप से सेवानिवृत्ति ले ली थी।

  • बीएफआई के नए नियमों पर भड़के कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट मनोज कुमार

    बीएफआई के नए नियमों पर भड़के कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट मनोज कुमार


    नई दिल्ली।  कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीत चुके मुक्केबाज मनोज कुमार ने बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) के नए एथलीट मूल्यांकन नियम की पारदर्शिता पर सवाल उठाया है। इस नए सिस्टम के तहत 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2026 एशियन गेम्स के लिए मुक्केबाजों का चयन होना है।

    बॉक्सर मूल्यांकन के बारे में फेडरेशन के नए नोटिफिकेशन पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज ने मॉनिटरिंग प्रोसेस से पुराने खिलाड़ियों, अर्जुन अवॉर्डी, द्रोणाचार्य अवॉर्डी और ओलंपियन के न होने पर सवाल उठाए।

    मनोज कुमार ने एक्स पर लिखा, “पूरी चयन प्रक्रिया सिर्फ हेड कोच, जज और फेडरेशन तक ही सीमित है। पुराने अर्जुन अवॉर्डी, द्रोणाचार्य अवॉर्डी, ओलंपियन और सीनियर खिलाड़ियों को ऑब्जर्वर या चयन मॉनिटर के तौर पर क्यों शामिल नहीं किया गया?”

    ओलंपिक कांस्य पदक विजेता विजेंदर सिंह और कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण पदक विजेता अखिल कुमार जैसे अनुभवी नामों की मौजूदगी से यह प्रक्रिया और बेहतर हो सकती थी।

    उन्होंने कहा कि जब चयन प्रक्रिया में खिलाड़ियों के लिए पारदर्शिता और भरोसे की बात आती है, तो विजेंदर सिंह और अखिल कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी जरूर पक्की होनी चाहिए थी।

    बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) ने पहले 13 से 15 मई तक एनएस एनआईएस पटियाला में होने वाले एलीट नेशनल कैंपर्स के लिए एक बदले हुए मूल्यांकन नियम की घोषणा की थी।

    नए सिस्टम के तहत, मूल्यांकन ‘5-जज स्कोरिंग सिस्टम’ के आधार पर किया जाएगा। ऐसा बेहतर परिणाम के लिए किया गया है।

    मुक्केबाजी प्रतियोगिता के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के हिसाब से हर स्पैरिंग बाउट के खत्म होने के तुरंत बाद स्कोर की घोषणा की जाएगी।

    बीएफआई ने यह भी कहा कि पहले अपनाया गया मार्किंग सिस्टम मौजूदा मूल्यांकन में लागू नहीं होगा।

    बीएफआई ने रविवार को मुक्केबाजों पर स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग टेस्ट किए थे, जिन्हें अब रद्द कर दिया जाएगा। स्पोर्ट्स साइंस टेस्ट, भार प्रबंधन, स्वास्थ्य प्रबंधन और अटेंडेंस में पहले मिले स्कोर वापस ले लिए जाएंगे और उन्हें रद्द माना जाएगा।

    बीएफआई के सचिव प्रमोद कुमार ने कहा, “कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और दूसरी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए मुक्केबाजों का चयन एनएस एनआईएस में चल रहे एलीट नेशनल कैंपर्स का 13 मई से 15 मई तक किया जाएगा। इसमें मूल्यांकन नए नियम के आधार पर होगा।”

  • डिजिटल मूल्यांकन के साथ आया CBSE 12वीं का रिजल्ट, पिछले साल के मुकाबले कम रहा पास प्रशत

    डिजिटल मूल्यांकन के साथ आया CBSE 12वीं का रिजल्ट, पिछले साल के मुकाबले कम रहा पास प्रशत

    नई दिल्ली ।केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष देशभर में कुल पास प्रतिशत 85.20 दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम रहा। परिणामों में गिरावट के बावजूद इस बार परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया की सबसे बड़ी खासियत पहली बार लागू की गई पूरी तरह डिजिटल ‘ऑन स्क्रीन मार्किंग’ प्रणाली रही, जिसने शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी बदलाव की नई दिशा दिखाई है।

    इस वर्ष लाखों विद्यार्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया और बड़ी संख्या में छात्र सफल घोषित किए गए। बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार लड़कियों ने एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन करते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया। छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत लड़कों की तुलना में अधिक दर्ज किया गया, जिससे यह साफ हुआ कि बोर्ड परीक्षाओं में लगातार उनका प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है।

    इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की गई। ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली के तहत उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर परीक्षकों तक ऑनलाइन पहुंचाया गया। इससे कॉपियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजने की आवश्यकता समाप्त हो गई और मूल्यांकन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और व्यवस्थित बन सकी।

    नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह रहा कि अंक जोड़ने, डेटा अपलोड करने और परिणाम तैयार करने में होने वाली मानवीय गलतियों को काफी हद तक कम किया जा सका। डिजिटल प्रणाली के कारण परीक्षक केवल उत्तरों की गुणवत्ता और निर्धारित मूल्यांकन मानदंडों पर ध्यान केंद्रित कर पाए, जिससे निष्पक्षता और सटीकता दोनों में सुधार देखने को मिला।

    बोर्ड के अनुसार इस तकनीकी बदलाव से देश और विदेश में मौजूद संबद्ध स्कूलों के शिक्षक अपने स्थान से ही मूल्यांकन कार्य कर सके। इससे समय की बचत हुई और मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित ढंग से पूरी की जा सकी। शिक्षा क्षेत्र में इसे एक बड़े तकनीकी परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है।

    वहीं, क्षेत्रीय प्रदर्शन की बात करें तो कुछ क्षेत्रों में छात्रों ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर परिणाम दर्ज किए। खासतौर पर महानगरों और बड़े शैक्षणिक केंद्रों में विद्यार्थियों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। बड़ी संख्या में छात्रों ने उत्कृष्ट अंक हासिल किए, जिससे प्रतिस्पर्धा और भी मजबूत होती दिखाई दी।

    हालांकि इस बार पास प्रतिशत में गिरावट ने छात्रों और अभिभावकों के बीच चर्चा को भी बढ़ा दिया है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा पैटर्न, मूल्यांकन प्रक्रिया और प्रतिस्पर्धा के बढ़ते स्तर का असर परिणामों पर दिखाई दे सकता है।

    इसके बावजूद बोर्ड का कहना है कि नई डिजिटल प्रणाली भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, तेज और विश्वसनीय बनाने में मदद करेगी। आने वाले वर्षों में तकनीक आधारित मूल्यांकन को शिक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को अधिक निष्पक्ष परिणाम मिल सकेंगे।

  • भोपाल में तनाव: ताजुल मस्जिद के बाहर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

    भोपाल में तनाव: ताजुल मस्जिद के बाहर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले


    नई दिल्ली। भोपाल राजधानी भोपाल के गौतम नगर इलाके में हिंदू युवती के साथ होटल में मिले एक मुस्लिम युवक से मारपीट और धार्मिक टिप्पणी के मामले ने मंगलवार रात बड़ा तनाव पैदा कर दिया। वायरल वीडियो के विरोध में हजारों लोग Taj-ul-Masajid, पीरगेट और इमामीगेट इलाके में जमा हो गए। देर रात तक प्रदर्शन, नारेबाजी और पुलिस के साथ झड़प का माहौल बना रहा।
    स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। वहीं पुराने शहर के संवेदनशील इलाकों में धारा 144 लागू कर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
    जानकारी के अनुसार, 9 मई को गौतम नगर स्थित एक होटल में हिंदू संगठन से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने एक मुस्लिम युवक और हिंदू युवती को पकड़ लिया था। आरोप है कि युवक के साथ मारपीट की गई, उसके चेहरे पर स्याही और गोबर पोता गया तथा अर्धनग्न अवस्था में पुलिस के हवाले किया गया। इस दौरान धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली कथित टिप्पणियां भी की गईं, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
    घटना के विरोध में मंगलवार दोपहर मुस्लिम समाज के लोग Taj-ul-Masajid के बाहर जुटे। बाद में शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी, विधायक Arif Masood और विधायक Atif Arif Aqueel ने पुलिस कमिश्नर संजय सिंह से मुलाकात कर आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की।
    रात करीब साढ़े आठ बजे प्रदर्शन और उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए आरोपियों पर एनएसए लगाने और बुल्डोजर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग कर रास्ते बंद किए और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।
    मोती मस्जिद क्षेत्र में कुछ युवकों द्वारा पुलिस पर पथराव किए जाने की भी सूचना सामने आई। पथराव में थाना तलैया का एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद पुलिस ने हालात संभालने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
    इधर, पूछताछ के दौरान युवती ने पुलिस को बताया कि वह पिछले करीब पांच वर्षों से युवक आरिफ खान के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही है और उसके साथ किसी प्रकार की जबरदस्ती नहीं हुई। युवती ने कहा कि वह युवक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहती।
    पुलिस के अनुसार, धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में थाना गोविंदपुरा में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है जबकि अन्य आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले में एक नाबालिग भी शामिल बताया गया है। शाहजहांनाबाद संभाग के एसीपी अनिल वाजपेयी ने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और संवेदनशील इलाकों में लगातार पुलिस गश्त की जा रही है।
    वहीं हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच ने भी बयान जारी कर कहा कि शहर का माहौल खराब नहीं किया जाना चाहिए और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना जरूरी है।

  • पीएम मोदी की अपील का असर, लग्जरी कार छोड़ साइकिल से दफ्तर पहुंचने लगे जीएसटी अधिकारी

    पीएम मोदी की अपील का असर, लग्जरी कार छोड़ साइकिल से दफ्तर पहुंचने लगे जीएसटी अधिकारी

    नई दिल्ली । देशभर में ईंधन बचत को लेकर जागरूकता बढ़ाने की कोशिशों के बीच अब इसका असर सरकारी अधिकारियों के व्यवहार में भी दिखाई देने लगा है। राजधानी में तैनात एक वरिष्ठ जीएसटी अधिकारी ने पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के उद्देश्य से अपनी लग्जरी कार का इस्तेमाल बंद कर दिया है और अब वह रोजाना साइकिल से दफ्तर पहुंच रहे हैं। उनकी यह पहल चर्चा का विषय बन गई है और लोग इसे एक सकारात्मक संदेश के रूप में देख रहे हैं।

    जीएसटी विभाग में डिप्टी कमिश्नर के पद पर कार्यरत
    Narendra Yadav का मानना है कि मौजूदा समय में दुनिया कई आर्थिक और ऊर्जा संबंधी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने स्तर पर ऐसे कदम उठाए जिससे देश को लाभ पहुंच सके। उन्होंने कहा कि ईंधन की बचत केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए भी बेहद जरूरी है।

    उनके अनुसार, अगर लोग धीरे-धीरे छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाना शुरू करें तो इसका असर बड़े स्तर पर दिखाई दे सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि साइकिल का इस्तेमाल केवल ईंधन बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को भी बढ़ावा देता है। नियमित रूप से साइकिल चलाने से शरीर सक्रिय रहता है और स्वास्थ्य बेहतर होता है।

    उन्होंने लोगों से अपील की कि छोटी दूरी तय करने के लिए निजी वाहनों की बजाय साइकिल या सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग किया जाए। बाजार जाने, आसपास के काम निपटाने या छोटी यात्राओं के लिए साइकिल एक बेहतर विकल्प हो सकती है। इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या भी कम हो सकती है।

    फिटनेस अभियानों से जुड़े होने के कारण वह लंबे समय से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते रहे हैं। उनका कहना है कि आज का युवा देश का भविष्य है और वही विकसित भारत के सपने को साकार करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। यदि युवा पीढ़ी फिटनेस और पर्यावरण दोनों के प्रति जागरूक बनेगी, तो इसका असर पूरे समाज पर दिखाई देगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कई देशों में ऊर्जा संकट जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। ऐसे माहौल में हर व्यक्ति को यह सोचना चाहिए कि वह अपने स्तर पर क्या योगदान दे सकता है। उनके अनुसार बड़े बदलाव हमेशा छोटी शुरुआत से ही आते हैं और व्यक्तिगत प्रयास मिलकर एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकते हैं।

    उनकी यह पहल अब लोगों के बीच प्रेरणा का विषय बन रही है। सोशल मीडिया से लेकर आम चर्चा तक, लोग इसे एक जिम्मेदार नागरिक के उदाहरण के रूप में देख रहे हैं। यह संदेश भी सामने आ रहा है कि यदि आम लोग और सरकारी अधिकारी मिलकर छोटे-छोटे बदलाव अपनाएं, तो ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा असर पैदा किया जा सकता है।

  • संजय बांगड़ बोले- गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी सफलता के पीछे आशीष नेहरा की अहम भूमिका

    संजय बांगड़ बोले- गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी सफलता के पीछे आशीष नेहरा की अहम भूमिका


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में Gujarat Titans की शानदार गेंदबाजी चर्चा का विषय बनी हुई है। अब भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर और कोच Sanjay Bangar ने भी टीम की सफलता का बड़ा श्रेय हेड कोच Ashish Nehra को दिया है। उनका कहना है कि गुजरात टाइटंस के गेंदबाजों पर नेहरा का गहरा प्रभाव साफ दिखाई देता है।

    ईएसपीएनक्रिकइंफो से बातचीत में Sanjay Bangar ने कहा कि आशीष नेहरा गेंदबाजों को सही दिशा देने और उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलवाने में माहिर हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि Mohammed Siraj जब अपने शुरुआती दौर में थे, तब वे आज जैसे घातक गेंदबाज नहीं थे, लेकिन नेहरा के मार्गदर्शन में उनका खेल लगातार बेहतर हुआ।

    बांगड़ ने दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज Kagiso Rabada के प्रदर्शन में आए सुधार का श्रेय भी नेहरा को दिया। उन्होंने कहा कि 2019 और 2020 के बाद रबाडा का फॉर्म गिरा था, लेकिन गुजरात टाइटंस से जुड़ने के बाद वे फिर लय में लौटे हैं।

    उन्होंने कहा कि नेहरा हमेशा “टेस्ट मैच लेंथ” पर गेंदबाजी करने पर जोर देते हैं। यही रणनीति टी20 क्रिकेट में भी गुजरात के गेंदबाजों को लगातार सफलता दिला रही है। बांगड़ के मुताबिक, नेहरा का प्रभाव अक्सर उतना चर्चा में नहीं आता, जितना आना चाहिए।

    Mohit Sharma, Mohammed Shami और Jason Holder जैसे गेंदबाजों का उदाहरण देते हुए बांगड़ ने कहा कि इन खिलाड़ियों ने भी नेहरा के मार्गदर्शन में बेहतरीन प्रदर्शन किया।

    आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी यूनिट सबसे मजबूत मानी जा रही है। टीम के कई गेंदबाज टॉप विकेट लेने वालों की सूची में शामिल हैं। Kagiso Rabada ने 12 मैचों में 21 विकेट, Rashid Khan ने 16 विकेट, Prasidh Krishna ने 14 विकेट, Jason Holder ने 13 विकेट और Mohammed Siraj ने भी 13 विकेट हासिल किए हैं। इन्हीं शानदार प्रदर्शनों के दम पर Gujarat Titans 16 अंकों के साथ अंकतालिका में शीर्ष स्थान पर बनी हुई है।

  • ‘दुनिया का दबाव भी भारत को झुका नहीं सका’, पीएम मोदी ने पोखरण परमाणु परीक्षण की याद दिलाकर दिया बड़ा संदेश

    ‘दुनिया का दबाव भी भारत को झुका नहीं सका’, पीएम मोदी ने पोखरण परमाणु परीक्षण की याद दिलाकर दिया बड़ा संदेश

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल ही में पोखरण परमाणु परीक्षण का जिक्र करते हुए भारत की ताकत और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि 1998 में जब भारत ने परमाणु परीक्षण किए थे, तब पूरी दुनिया की नजरें देश पर थीं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी दबाव बनाया गया था, लेकिन इसके बावजूद भारत अपने फैसले पर अडिग रहा। प्रधानमंत्री ने यह संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि कोई भी ताकत भारत को झुका नहीं सकती।

    प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में उस ऐतिहासिक पल को याद किया जब राजस्थान के पोखरण में भारत ने सफल परमाणु परीक्षण कर दुनिया को अपनी वैज्ञानिक और रणनीतिक क्षमता का एहसास कराया था। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक परीक्षण नहीं था, बल्कि भारत की मजबूत इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक था। उस समय वैश्विक दबाव और आलोचनाओं के बावजूद भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दी और दुनिया को यह दिखा दिया कि देश अपने फैसले खुद लेने की क्षमता रखता है।

    उन्होंने अपने संदेश में शक्ति और सामर्थ्य को लेकर एक संस्कृत श्लोक का भी उल्लेख किया और बताया कि केवल क्षमता होना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उसे सही दिशा और ऊर्जा के साथ उपयोग करना भी जरूरी है। उनके अनुसार शक्ति और सामर्थ्य का संतुलन ही किसी राष्ट्र को मजबूत बनाता है और यही भारत की सबसे बड़ी पहचान है।

    13 मई की तारीख भारत के इतिहास में विशेष महत्व रखती है क्योंकि इसी दिन पोखरण में परमाणु परीक्षणों की श्रृंखला को आगे बढ़ाया गया था। इससे पहले 11 मई 1998 को भारत ने पहली बार सफल परीक्षण कर दुनिया को चौंका दिया था। इसके बाद दो और परीक्षण किए गए, जिन्हें देश की वैज्ञानिक उपलब्धि और सुरक्षा नीति के लिहाज से बेहद अहम माना गया।

    इन परीक्षणों का उद्देश्य भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करना और भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए जरूरी आंकड़े जुटाना था। परीक्षण पूरी तरह नियंत्रित और भूमिगत तरीके से किए गए थे, जिससे किसी प्रकार का बाहरी खतरा पैदा नहीं हुआ। इस सफलता के बाद भारत को वैश्विक स्तर पर एक परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र के रूप में नई पहचान मिली।

    उस दौर में देश के नेतृत्व और वैज्ञानिकों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही थी। राजनीतिक इच्छाशक्ति और वैज्ञानिक कौशल के मेल ने भारत को दुनिया के उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल कर दिया, जिनके पास परमाणु क्षमता मौजूद है। यही वजह है कि आज भी पोखरण परीक्षण को भारत के आत्मसम्मान और रणनीतिक मजबूती के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है।

    प्रधानमंत्री के इस बयान को केवल एक ऐतिहासिक घटना की याद के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे वर्तमान समय में भारत की वैश्विक स्थिति और आत्मविश्वास के संदेश के तौर पर भी समझा जा रहा है।

  • पेट्रोल कार को CNG में कन्वर्ट कराना सही या गलत? खर्च से लेकर माइलेज तक पूरी जानकारी

    पेट्रोल कार को CNG में कन्वर्ट कराना सही या गलत? खर्च से लेकर माइलेज तक पूरी जानकारी


    नई दिल्ली। देश में लगातार बढ़ती पेट्रोल कीमतों के कारण अब बड़ी संख्या में लोग अपनी पेट्रोल कार को CNG में कन्वर्ट करवाने पर विचार कर रहे हैं। CNG कारें कम खर्च में ज्यादा माइलेज देती हैं, इसलिए रोजाना लंबी दूरी तय करने वालों के लिए यह किफायती विकल्प माना जा रहा है। हालांकि, पेट्रोल कार में CNG किट लगवाने से पहले खर्च, सरकारी नियम, फायदे और नुकसान को समझना बेहद जरूरी है।
     हर कार में नहीं लग सकती CNG किट
    सरकारी नियमों के अनुसार, केवल 3.5 टन से कम वजन वाले वाहनों में ही CNG किट लगाई जा सकती है। आमतौर पर हैचबैक, सेडान और कई SUV मॉडल में CNG किट आसानी से फिट हो जाती है। लेकिन यदि कार का इंजन बहुत पुराना या खराब स्थिति में है, तो CNG लगवाना नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए पहले वाहन की तकनीकी जांच कराना जरूरी माना जाता है।
    कितना आता है खर्च?
    पेट्रोल कार में CNG किट लगवाने का खर्च आमतौर पर 35 हजार रुपए से 80 हजार रुपए तक हो सकता है। यह कीमत कार के मॉडल, इंजन क्षमता और किट की क्वालिटी पर निर्भर करती है।
    अच्छी और ब्रांडेड किट महंगी जरूर होती है, लेकिन सुरक्षा और बेहतर परफॉर्मेंस के लिहाज से ज्यादा भरोसेमंद मानी जाती है। लोकल और सस्ती किट लगवाने से बाद में इंजन और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में दिक्कतें आ सकती हैं।
    CNG के बड़े फायद
    रनिंग कॉस्ट काफी कम हो जाती है
    1 किलो CNG में बेहतर माइलेज मिलता है
    पेट्रोल के मुकाबले प्रदूषण कम होता है
    रोजाना ज्यादा चलने वाली कारों में बचत तेजी से होती है
    विशेषज्ञों के अनुसार, CNG कार चलाने का खर्च लगभग 2 से 3 रुपए प्रति किलोमीटर तक आता है, जो पेट्रोल कार की तुलना में काफी कम है।
     ये नुकसान भी जानिए
    हालांकि CNG के कुछ नुकसान भी हैं।
    कार की डिक्की में सिलेंडर लगने से बूट स्पेस कम हो जाता है
    कुछ वाहनों में पिकअप और पावर थोड़ी कम महसूस होती है
    गलत तरीके से किट फिट होने पर इंजन और ECU में खराबी आ सकती है
    कई कंपनियां आफ्टरमार्केट CNG किट लगवाने पर वारंटी खत्म कर देती हैं

    अधिकृत सेंटर से ही लगवाएं किट
    विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि CNG किट हमेशा सरकार से प्रमाणित और अधिकृत डीलर से ही लगवानी चाहिए। किट फिट होने के बाद उसका प्रमाणपत्र और बिल लेना जरूरी होता है। इसके बाद वाहन की RC में फ्यूल टाइप अपडेट करवाना पड़ता है। साथ ही इंश्योरेंस कंपनी को भी इसकी जानकारी देना जरूरी होता है, ताकि भविष्य में क्लेम से जुड़ी कोई परेशानी न आए।

     फैक्ट्री फिटेड CNG ज्यादा सुरक्षित
    आजकल कई ऑटो कंपनियां फैक्ट्री फिटेड CNG मॉडल लॉन्च कर रही हैं। इन्हें आफ्टरमार्केट किट की तुलना में ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद माना जाता है। नई कार खरीदने वाले लोग अब सीधे CNG मॉडल को प्राथमिकता दे रहे हैं।

  • वरुण धवन और समय रैना का मजेदार वीडियो वायरल, गाने के प्रमोशन पर हुई हंसी-ठिठोली

    वरुण धवन और समय रैना का मजेदार वीडियो वायरल, गाने के प्रमोशन पर हुई हंसी-ठिठोली


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म के प्रमोशन में व्यस्त हैं, और इसी दौरान उनका एक मजेदार वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। इस वीडियो में वह कॉमेडियन समय रैना के साथ नजर आ रहे हैं, जहां दोनों के बीच हल्की-फुल्की बातचीत और मजाकिया अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है।

    वीडियो में वरुण धवन अपने नए गाने की कुछ लाइनें गुनगुनाते हुए दिखाई देते हैं और उत्साह में समय रैना से भी साथ देने की उम्मीद करते हैं। लेकिन समय रैना अपने खास ह्यूमर अंदाज में तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए माहौल को हल्का-फुल्का बना देते हैं।

    जैसे ही वरुण गाना शुरू करते हैं, समय मुस्कुराते हुए कहते हैं कि इस तरह से प्रमोशन काम नहीं करेगा। उनका यह जवाब सुनकर वरुण कुछ पल के लिए हैरान हो जाते हैं, लेकिन तुरंत माहौल को हंसी में बदल देते हैं।

    इसके बाद बातचीत और भी मजेदार हो जाती है, जब समय रैना यह कहते हैं कि अगर कोई गाना वाकई अच्छा होगा तो वह अपने आप ही लोगों तक पहुंच जाएगा। इस बात पर वरुण धवन भी हंस पड़ते हैं और मजाकिया अंदाज में अपनी प्रतिक्रिया देते हैं, जिससे पूरा माहौल और हल्का हो जाता है।

    दोनों की यह नोकझोंक न केवल मनोरंजक है, बल्कि यह भी दिखाती है कि प्रमोशन के आधुनिक तरीकों को लेकर कलाकारों के बीच भी अलग-अलग सोच हो सकती है। वीडियो में जिम का माहौल, दोनों की सहज बातचीत और बिना किसी औपचारिकता के किया गया संवाद दर्शकों को काफी वास्तविक और मजेदार लगा।

    फैंस ने इस वीडियो को काफी पसंद किया है और सोशल मीडिया पर इसे तेजी से शेयर किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि वरुण और समय की यह केमिस्ट्री बेहद स्वाभाविक और मनोरंजक है, जो बिना किसी स्क्रिप्ट के भी दर्शकों को जोड़ने में सक्षम है।

    वरुण धवन इन दिनों अपनी आगामी फिल्म के गानों और प्रमोशन में लगातार सक्रिय हैं। फिल्म एक रोमांटिक और कॉमेडी से भरपूर प्रोजेक्ट बताई जा रही है, जिसमें उनके साथ कई लोकप्रिय कलाकार भी नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन उनके पिता कर रहे हैं, जिससे इस प्रोजेक्ट को लेकर दर्शकों में पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है।

    इसी बीच समय रैना के साथ उनका यह हल्का-फुल्का वीडियो प्रमोशन का एक नया और दिलचस्प अंदाज पेश करता है, जिसने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।