Author: bharati

  • बिहार सरकार का बड़ा फैसला: 9 लाख कर्मचारियों-पेंशनर्स का DA बढ़ाकर 60% किया

    बिहार सरकार का बड़ा फैसला: 9 लाख कर्मचारियों-पेंशनर्स का DA बढ़ाकर 60% किया


    नई दिल्ली। पटना Samrat Choudhary सरकार ने बिहार के करीब 9 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाने का फैसला किया है। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में डीए को 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने को मंजूरी दे दी गई। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
    वित्त विभाग के अनुसार, इस फैसले से राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की मासिक आय में बढ़ोतरी होगी। महंगाई और बढ़ती जरूरतों के बीच इसे कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
    कैबिनेट बैठक में पांचवें वेतनमान के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भी फायदा दिया गया है। उनका महंगाई भत्ता 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इस कदम से पुरानी वेतन संरचना वाले कर्मचारियों को भी आर्थिक राहत मिलेगी।
    हाल ही में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आयोजित यह पहली कैबिनेट बैठक थी, जिसमें कुल 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें प्रशासनिक, शिक्षा, पुलिस व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई फैसले शामिल हैं।
    गृह विभाग के प्रस्ताव पर सरकार ने पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सीवान जिलों में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (SP) के पांच नए पद सृजित करने का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।
    इसके अलावा वैशाली जिले में 100 एकड़ भूमि पर राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) स्थापित करने के लिए भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से शिक्षा, रिसर्च और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
    शिक्षा विभाग से जुड़े एक मामले में सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए भोजपुर, आरा के तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मो. इरशाद अंसारी को गबन और अनियमितताओं के आरोप सिद्ध होने पर बर्खास्त कर दिया है।
    कैबिनेट ने बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति 2026 को भी मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि नई नीति से राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी। सरकार के इन फैसलों को प्रशासनिक सुधार और कर्मचारियों को राहत देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

  • दुखद खबर: Akhilesh Yadav के भाई प्रतीक यादव का निधन, डॉक्टरों ने कही बड़ी बात

    दुखद खबर: Akhilesh Yadav के भाई प्रतीक यादव का निधन, डॉक्टरों ने कही बड़ी बात


    नई दिल्ली। लखनऊ  समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav के छोटे भाई Prateek Yadav का बुधवार सुबह निधन हो गया। 38 वर्षीय प्रतीक को सुबह करीब 6 बजे गंभीर हालत में लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर फैल गई।

    सिविल अस्पताल के चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. डीसी पांडेय के अनुसार, जब प्रतीक यादव को अस्पताल लाया गया, तब तक उनकी धड़कन पूरी तरह बंद हो चुकी थी और पल्स भी डाउन थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए लखनऊ मेडिकल कॉलेज भेजा गया। प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम में शरीर पर किसी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि मौत के कारण स्पष्ट नहीं होने की वजह से डॉक्टरों ने बिसरा सुरक्षित रख लिया है, ताकि आगे की जांच की जा सके।

    घटना के समय उनकी पत्नी और भाजपा नेता Aparna Yadav असम में थीं। वे मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गुवाहाटी गई थीं। पति के निधन की सूचना मिलते ही वे तुरंत लखनऊ पहुंचीं और सीधे घर रवाना हुईं।

    इस दौरान Dimple Yadav, Shivpal Singh Yadav समेत कई बड़े नेता और परिवारजन प्रतीक यादव के आवास पहुंचे। Akhilesh Yadav भी पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे और परिवार के सदस्यों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि यह परिवार के लिए बेहद दुखद क्षण है और आगे जो भी निर्णय परिवार लेगा, वही मान्य होगा।

    जानकारी के अनुसार, प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्हें 30 अप्रैल को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक वे पल्मोनरी एम्बोलिज्म जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे, जिसमें फेफड़ों की नसों में खून का थक्का जम जाता है और ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है।

    Prateek Yadav राजनीति से दूर रहते थे और रियल एस्टेट व फिटनेस बिजनेस से जुड़े थे। उन्होंने करीब 14 साल पहले Aparna Yadav से लव मैरिज की थी। दोनों की दो बेटियां हैं।

    फिलहाल उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों का पहुंचना जारी है। प्रशासन और पुलिस भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

  • बिजली उत्पादन को झटका: बॉयलर लीकेज के चलते 500 मेगावाट यूनिट ठप, 72 घंटे बाद शुरू होने की उम्मीद

    बिजली उत्पादन को झटका: बॉयलर लीकेज के चलते 500 मेगावाट यूनिट ठप, 72 घंटे बाद शुरू होने की उम्मीद


    नई दिल्ली। उमरिया (बिरसिंहपुर) उमरिया जिले के बिरसिंहपुर स्थित संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र की 500 मेगावाट क्षमता वाली एक यूनिट तकनीकी खराबी के कारण बंद कर दी गई है। बॉयलर ट्यूब में लीकेज सामने आने के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यूनिट का संचालन रोक दिया गया, जिससे बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है।
    ताप विद्युत केंद्र के मुख्य अभियंता एच.के. त्रिपाठी ने बताया कि नियमित निरीक्षण के दौरान बॉयलर ट्यूब में लीकेज की समस्या पाई गई। तकनीकी टीम ने स्थिति का आकलन करने के बाद तत्काल यूनिट को शटडाउन करने का निर्णय लिया, ताकि किसी बड़े तकनीकी हादसे से बचा जा सके।
    यूनिट बंद होने के बाद मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम लगातार सुधार कार्य में जुटी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी खराबी को पूरी तरह दूर कर यूनिट को दोबारा शुरू करने में लगभग 70 से 72 घंटे का समय लग सकता है।
    भीषण गर्मी के मौसम में बिजली की मांग पहले से ही काफी बढ़ी हुई है। ऐसे समय में 500 मेगावाट यूनिट बंद होने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि बिजली विभाग वैकल्पिक स्रोतों से सप्लाई संतुलित रखने की कोशिश कर रहा है।
    ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी उत्पादन क्षमता वाली यूनिट बंद होने से ग्रिड प्रबंधन और सप्लाई सिस्टम पर असर पड़ सकता है, खासकर पीक आवर्स में बिजली कटौती की स्थिति भी बन सकती है।
    फिलहाल बिजली उत्पादन को जल्द बहाल करने के लिए तकनीकी टीम लगातार निगरानी और मरम्मत कार्य में लगी हुई है।

  • ‘इशिता’ की तारीफ में बोलीं रुहानिका धवन: दिव्यांका त्रिपाठी हैं असली आयरन वुमन..

    ‘इशिता’ की तारीफ में बोलीं रुहानिका धवन: दिव्यांका त्रिपाठी हैं असली आयरन वुमन..


    नई दिल्ली । लोकप्रिय टीवी शो ‘ये है मोहब्बतें’ में मां-बेटी की भावनात्मक कहानी से दर्शकों का दिल जीतने वाली जोड़ी आज भी लोगों की यादों में ताजा है। इसी बीच शो में ‘रूही भल्ला’ का किरदार निभाने वाली रुहानिका धवन ने अपनी ऑन-स्क्रीन मां ‘इशिता भल्ला’ यानी दिव्यांका त्रिपाठी को लेकर दिल से निकली हुई तारीफ साझा की है।

    रुहानिका ने दिव्यांका को ‘आयरन वुमन’ बताते हुए कहा कि उनके अंदर एक ऐसी मजबूती है, जो हर चुनौती का सामना सहजता से कर सकती हैं। उनके अनुसार दिव्यांका न केवल एक बेहतरीन कलाकार हैं, बल्कि एक ऐसे व्यक्तित्व की मालकिन भी हैं जो मुश्किल परिस्थितियों में भी धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखना सिखाती हैं।

    उन्होंने यह भी बताया कि शूटिंग के दौरान दिव्यांका उनके लिए सिर्फ एक सह-कलाकार नहीं थीं, बल्कि एक मार्गदर्शक और मां जैसी थीं। छोटे-छोटे सीन से लेकर भावनात्मक दृश्यों तक, हर जगह दिव्यांका ने उन्हें समझाया और सिखाया कि कैसे बिना घबराए खुद को संभालते हुए परफॉर्म करना चाहिए। इस अनुभव ने उनके आत्मविश्वास को काफी मजबूत किया।

    रुहानिका के अनुसार शो के दौरान दोनों के बीच एक ऐसा रिश्ता बन गया था, जो कैमरे से परे भी कायम रहा। आज भी वह दिव्यांका का उतना ही सम्मान करती हैं और उनके प्रति वही अपनापन महसूस करती हैं, जैसा शूटिंग के दिनों में था।

    गौरतलब है कि रुहानिका ने बेहद कम उम्र में इस शो से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी, जबकि दिव्यांका ने ‘इशिता अय्यर भल्ला’ के किरदार से घर-घर में पहचान बनाई। यह शो लंबे समय तक दर्शकों के बीच लोकप्रिय रहा और इसकी कहानी और किरदारों ने गहरी छाप छोड़ी।

    अब बड़ी हो चुकी रुहानिका ने यह भी बताया है कि वह जल्द ही एक रियलिटी शो में नजर आने वाली हैं, जिसमें वह सबसे कम उम्र की प्रतिभागियों में से एक होंगी। उनके इस नए सफर को लेकर भी दर्शकों में उत्साह देखने को मिल रहा है।

  • झुरही जंगल में भीषण आग से हड़कंप, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

    झुरही जंगल में भीषण आग से हड़कंप, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल


    नई दिल्ली। सिंगरौली जिले के झुरही क्षेत्र स्थित सजहर जंगल में बुधवार को भीषण आग लगने से वन क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आग इतनी भयावह थी कि घंटों तक जंगल धधकता रहा और कई इमारती व हरे-भरे पेड़ जलकर राख हो गए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
    स्थानीय लोगों के अनुसार, जंगल में सुबह से ही आग लगी हुई थी, लेकिन शुरुआती समय में उस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं पाया जा सका। दोपहर बाद तेज हवाओं के चलते आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। दूर-दूर तक उठती आग की लपटें और काले धुएं का गुबार साफ दिखाई दे रहा था।
    घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें जंगल के कई पेड़ों को जलते हुए देखा जा सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम किए जाते तो इतना बड़ा नुकसान टाला जा सकता था।
    यह जंगल बरगवां, जियावन और सरई वन क्षेत्रों के बीच स्थित है, जहां बड़ी संख्या में वन संपदा और वन्य जीव मौजूद हैं। आग के कारण पेड़ों के साथ-साथ वन्य जीवों और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
    स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए वन विभाग की लापरवाही पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों में आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन रोकथाम के लिए प्रभावी इंतजाम नजर नहीं आते।
    उधर, उपवन मंडल अधिकारी ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई थी और आग पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास किए गए। विभाग की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आग लगने के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। अधिकारी ने कहा कि जांच में यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

  • उज्जैन में प्रदीप पांडे चिंटू ने किए महाकाल दर्शन, बोले-जीवन का सबसे दिव्य पल

    उज्जैन में प्रदीप पांडे चिंटू ने किए महाकाल दर्शन, बोले-जीवन का सबसे दिव्य पल

    नई दिल्ली । आस्था और भक्ति के पवित्र संगम के रूप में प्रसिद्ध उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग एक बार फिर सुर्खियों में रहा, जहां भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के लोकप्रिय अभिनेता Pradeep Pandey Chintuने बाबा महाकाल के दर्शन कर आध्यात्मिक अनुभव साझा किया। अपनी फिल्मों में रोमांस, एक्शन और भावनात्मक किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले चिंटू इस बार पूरी तरह भक्ति भाव में डूबे नजर आए।

    उज्जैन पहुंचने के बाद उन्होंने मंदिर परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना की और बाबा महाकाल के दरबार में शीश नवाया। इस दौरान उन्होंने भस्म आरती में भी भाग लिया, जिसे हिंदू धर्म में अत्यंत दिव्य और दुर्लभ माना जाता है। सुबह के समय होने वाली इस आरती में शामिल होने के लिए देशभर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

    दर्शन के बाद अपने अनुभव को साझा करते हुए अभिनेता ने कहा कि यह उनकी पहली महाकाल यात्रा थी और यह पल उनके जीवन में हमेशा याद रहने वाला है। उन्होंने बताया कि भस्म आरती का दृश्य इतना अद्भुत और आध्यात्मिक था कि उसे शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। पूरे वातावरण में गूंजते मंत्रोच्चार, भक्तों की आस्था और दिव्यता ने उनके मन को गहराई तक प्रभावित किया।

    उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर में मौजूद ऊर्जा और शांति ने उन्हें एक अलग ही अनुभूति कराई, जिसे वह जीवन भर नहीं भूल पाएंगे। उनके अनुसार, यह यात्रा केवल एक धार्मिक अनुभव नहीं बल्कि आत्मिक शांति का भी माध्यम बनी।

    महाकाल मंदिर की भस्म आरती को लेकर यह मान्यता है कि यह आरती भगवान शिव को समर्पित सबसे विशेष अनुष्ठानों में से एक है। इसमें शामिल होने वाले श्रद्धालु इसे जीवन का सौभाग्य मानते हैं। यही कारण है कि यहां हर साल लाखों भक्त देश और विदेश से पहुंचते हैं।

    इस पवित्र स्थल पर केवल आम श्रद्धालु ही नहीं, बल्कि फिल्म और मनोरंजन जगत की कई प्रसिद्ध हस्तियां भी समय-समय पर दर्शन के लिए आती रहती हैं। हाल के वर्षों में कई कलाकार यहां आकर महाकाल के दर्शन कर चुके हैं और अपने अनुभव साझा कर चुके हैं, जिससे इस मंदिर की लोकप्रियता और भी बढ़ी है।

    अगर अभिनेता के करियर की बात करें तो उन्होंने वर्ष 2009 में अपने अभिनय सफर की शुरुआत की थी। शुरुआती सफलता के बाद उन्होंने लगातार कई लोकप्रिय फिल्मों में काम किया और भोजपुरी सिनेमा में अपनी मजबूत पहचान बनाई। उनकी फिल्मों ने दर्शकों के बीच खास जगह बनाई है और वह आज इंडस्ट्री के प्रमुख कलाकारों में गिने जाते हैं।

    उनकी हालिया आध्यात्मिक यात्रा ने एक बार फिर यह दिखाया कि व्यस्त फिल्मी जीवन के बीच भी कलाकार आस्था और संस्कृति से जुड़े रहते हैं। उज्जैन की यह यात्रा उनके लिए केवल एक धार्मिक पड़ाव नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और आत्मिक अनुभव बनकर सामने आई।

  • देवसर में चोरी की कोशिश नाकाम, मकान में घुसे युवक को पकड़कर दी चेतावनी

    देवसर में चोरी की कोशिश नाकाम, मकान में घुसे युवक को पकड़कर दी चेतावनी


    सिंगरौली (देवसर बाजार) सिंगरौली जिले के जियावन थाना क्षेत्र अंतर्गत देवसर बाजार बस स्टैंड रोड पर बुधवार सुबह दिनदहाड़े चोरी की कोशिश का मामला सामने आया। सूने मकान में घुसे एक युवक को मकान मालिक और स्थानीय लोगों ने मौके पर पकड़ लिया। हालांकि बाद में समझाइश और चेतावनी देकर उसे छोड़ दिया गया।
    जानकारी के मुताबिक, मकान मालिक जोजो गुप्ता किसी रिश्तेदार के निधन के बाद नदी स्नान के लिए घर से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान अकौरी गांव निवासी एक युवक ने घर को सूना देखकर उसमें प्रवेश कर लिया। बताया जा रहा है कि युवक घर के अंदर सामान खंगाल रहा था और चोरी की कोशिश कर रहा था।
    इसी बीच अचानक मकान मालिक वापस लौट आए। घर के अंदर युवक को देखकर उन्होंने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और युवक को पकड़ लिया। घटना के दौरान इलाके में कुछ देर के लिए हड़कंप जैसी स्थिति बन गई।
    स्थानीय लोगों ने युवक से पूछताछ की, जिसमें उसने नशे की लत के कारण चोरी करने की बात स्वीकार कर ली। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी की जेब से कुछ पैसे निकलते दिखाई दे रहे हैं।
    हालांकि, पूछताछ और समझाइश के बाद मकान मालिक और ग्रामीणों ने युवक को पुलिस के हवाले करने के बजाय चेतावनी देकर छोड़ दिया। इस मामले में जियावन थाने में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
    मकान मालिक जोजो गुप्ता ने बताया कि युवक नशे की हालत में था और पहली बार इस तरह पकड़ा गया था। इसी वजह से मानवता के आधार पर उसे छोड़ दिया गया। लेकिन घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ती नशाखोरी को लेकर लोगों में चिंता का माहौल है।
    स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार और रिहायशी इलाकों में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।
  • दर्द से जूझ रहे पराग त्यागी को मिला भावनात्मक सहारा, शेफाली के जाने के बाद बताया किसने दिया साथ

    दर्द से जूझ रहे पराग त्यागी को मिला भावनात्मक सहारा, शेफाली के जाने के बाद बताया किसने दिया साथ

    नई दिल्ली । दिवंगत अभिनेत्री Shefali Jariwala के निधन के बाद उनके पति Parag Tyagi गहरे सदमे में चले गए थे। यह समय उनके लिए बेहद कठिन और भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन इस मुश्किल दौर में एक खास साथी ने उन्हें संभालने में अहम भूमिका निभाई।

    पराग त्यागी ने बताया कि पत्नी के अचानक चले जाने के बाद वह पूरी तरह टूट गए थे और खुद को संभाल पाना उनके लिए आसान नहीं था। इसी दौरान उनके पालतू कुत्ते सिम्बा ने उन्हें भावनात्मक सहारा दिया। पराग के अनुसार, सिम्बा केवल एक पालतू जानवर नहीं बल्कि उनके परिवार का हिस्सा है, जिसने उनके दर्द को न सिर्फ महसूस किया बल्कि उनके साथ हर पल मौजूद रहकर उन्हें संभाला।

    पराग ने यह भी कहा कि यह रिश्ता केवल मालिक और पालतू का नहीं रहा, बल्कि एक गहरे भावनात्मक जुड़ाव में बदल गया। उन्होंने बताया कि कठिन समय में सिम्बा की मौजूदगी और उसका व्यवहार उन्हें मानसिक रूप से स्थिर रखने में मदद करता रहा। दोनों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर इस दर्द को धीरे-धीरे सहना सीखा।

    उन्होंने यह भी साझा किया कि सिम्बा भी उस माहौल और बदलाव से प्रभावित था, जिससे दोनों के बीच एक अनोखा भावनात्मक रिश्ता और मजबूत हुआ। पराग के अनुसार, यह अनुभव उन्हें यह समझने में मदद करता है कि भावनात्मक समर्थन सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं होता, बल्कि जानवर भी गहरे स्तर पर संवेदनाएं महसूस कर सकते हैं।

    शेफाली जरीवाला का निधन एक अचानक हुई घटना थी, जिसने उनके परिवार और चाहने वालों को गहरे शोक में डाल दिया था। इस घटना के बाद पराग त्यागी अक्सर अपने पुराने पलों और यादों को साझा करते रहे हैं, जिससे यह साफ झलकता है कि यह नुकसान उनके जीवन में कितना बड़ा था।

  • फर्जी आदेश के बाद अब असली नियुक्ति: वीरेंद्र गोयल को मिली सिंगरौली विकास प्राधिकरण की कमान

    फर्जी आदेश के बाद अब असली नियुक्ति: वीरेंद्र गोयल को मिली सिंगरौली विकास प्राधिकरण की कमान


    सिंगरौली सिंगरौली विकास प्राधिकरण (SDA) के नए अध्यक्ष को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा असमंजस आखिरकार खत्म हो गया। नगरीय विकास एवं आवास विभाग, भोपाल ने भाजपा के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र गोयल को सिंगरौली विकास प्राधिकरण का नया अध्यक्ष नियुक्त करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। वे अब निवर्तमान अध्यक्ष दिलीप शाह का स्थान लेंगे।
    इस नियुक्ति को लेकर 9 और 10 मई को सोशल मीडिया पर एक कथित आदेश वायरल हुआ था, जिसे बाद में विभाग ने फर्जी घोषित कर दिया था। उस फर्जी पत्र के सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भ्रम की स्थिति बन गई थी। हालांकि अब विभाग की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के बाद सभी अटकलों पर विराम लग गया है।
    नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपसचिव सी.के. सद्भाव द्वारा जारी आदेश में वीरेंद्र गोयल की नियुक्ति की औपचारिक पुष्टि की गई है। आदेश जारी होते ही सिंगरौली विकास प्राधिकरण में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी हो गई।
    नवनियुक्त अध्यक्ष वीरेंद्र गोयल ने नियुक्ति के बाद कहा कि पार्टी और शासन ने उन पर जो भरोसा जताया है, वे उस विश्वास पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि पहले नियुक्ति को लेकर जो देरी हुई, वह तकनीकी कारणों और गलतफहमी के चलते हुई थी। अब उनकी प्राथमिकता सिंगरौली शहर के विकास कार्यों को तेजी देना और प्राधिकरण की योजनाओं को प्रभावी तरीके से जमीन पर उतारना होगी।
    वहीं, निवर्तमान अध्यक्ष दिलीप शाह ने भी सोशल मीडिया के जरिए वीरेंद्र गोयल को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए नेतृत्व में सिंगरौली विकास प्राधिकरण विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।
    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वीरेंद्र गोयल की नियुक्ति से क्षेत्रीय राजनीति और विकास कार्यों में नई सक्रियता देखने को मिल सकती है। फिलहाल शहर में इस नियुक्ति को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।

  • भोपाल में सनसनी: रिटायर्ड जज की गर्भवती बहू ने लगाई फांसी, आखिरी कॉल में कहा- अब और सहन नहीं होता

    भोपाल में सनसनी: रिटायर्ड जज की गर्भवती बहू ने लगाई फांसी, आखिरी कॉल में कहा- अब और सहन नहीं होता

     
    भोपाल (कटारा हिल्स) राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां रिटायर्ड महिला जज की 31 वर्षीय प्रेग्नेंट बहू ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर मानसिक प्रताड़ना और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
    मृतका की पहचान ट्विशा शर्मा (31) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं। उनकी शादी करीब एक साल पहले भोपाल निवासी वकील सामर्थ शर्मा से हुई थी। बताया जा रहा है कि ट्विशा गर्भवती थीं और इसी दौरान यह दुखद घटना हुई।

    परिजनों के अनुसार, मंगलवार रात ट्विशा ने अपने भाई, जो भारतीय सेना में मेजर पद पर कार्यरत हैं, को फोन किया था। बातचीत के दौरान उन्होंने भावुक होकर कहा था कि वह अब और बर्दाश्त नहीं कर पा रही हैं और उन्हें वहां से ले जाया जाए। परिवार का दावा है कि वह लंबे समय से मानसिक तनाव में थीं और ससुराल पक्ष से प्रताड़ना झेल रही थीं।

    भाई मेजर हर्षित शर्मा के मुताबिक, पिछले करीब 8 दिनों से लगातार पति द्वारा मानसिक रूप से परेशान किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि छोटी-छोटी बातों पर उन्हें अपमानित किया जाता था और उनका मानसिक उत्पीड़न बढ़ता जा रहा था।

    परिवार का यह भी आरोप है कि नौकरी छोड़ने के बाद ट्विशा को ससुराल पक्ष द्वारा “नाकारा” जैसे शब्दों से अपमानित किया जाता था। इसके साथ ही प्रेग्नेंसी को लेकर भी दबाव बनाए जाने की बात सामने आई है। परिजनों का कहना है कि ट्विशा अनियोजित गर्भावस्था के कारण पहले से मानसिक दबाव में थीं, जबकि ससुराल पक्ष बच्चे को लेकर लगातार दबाव बना रहा था।

    परिवार के अनुसार, फोन कॉल के कुछ ही समय बाद सास ने संपर्क कर बताया कि ट्विशा ने आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही मायके पक्ष भोपाल पहुंचा और मामले की गंभीर जांच की मांग की।

    पुलिस को अभी तक घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मानकर सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    कटारा हिल्स पुलिस का कहना है कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। बयान, डिजिटल साक्ष्य और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।