Author: bharati

  • MP: ग्वालियर में BJP पार्षद ने गंदे पानी की आपूर्ति के विरोध में निकाली दंडवत यात्रा, दी ये चेतावनी

    MP: ग्वालियर में BJP पार्षद ने गंदे पानी की आपूर्ति के विरोध में निकाली दंडवत यात्रा, दी ये चेतावनी


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर शहर (Gwalior City) में गंदे पानी की आपूर्ति (Contaminated Water Supply) और विभिन्न अव्यवस्थाओं के विरोध में भाजपा पार्षद बृजेश श्रीवास (BJP councilor Brijesh Shriwas) ने सोमवार को दंडवत यात्रा निकालकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। इस यात्रा का उद्देश्य महापौर और नगर निगम प्रशासन का ध्यान नागरिकों की समस्याओं की ओर आकर्षित करना था।

    दंडवत यात्रा श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा से शुरू होकर परिषद कार्यालय तक पहुंची। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में “स्वच्छ पानी दो”, “गंदे पानी से परेशान जनता” और “जल समस्या का समाधान करो” जैसे नारे लिखी तख्तियां थीं।

    प्रदर्शनकारियों का कहना था कि क्षेत्र में पीने योग्य पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। गंदे और बदबूदार पानी के कारण लोगों को गंभीर बीमारियों का खतरा बना हुआ है, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। यात्रा के दौरान लगाए गए बैनरों में केवल जल संकट ही नहीं, बल्कि शहर की बदहाल स्थिति को भी दर्शाया गया। इनमें टूटी सड़कें, खराब सफाई व्यवस्था, उफनते सीवर और कॉलोनियों में अंधेरे जैसी समस्याओं का उल्लेख किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह मार्च नगर सरकार और महापौर को “जगाने” के लिए किया गया है।

    इस मौके पर पार्षद बृजेश श्रीवास ने कहा कि यह आंदोलन जनता की पीड़ा और नाराजगी को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने नगर निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द ठोस कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, हालांकि लोगों में गहरी नाराजगी साफ नजर आई।

    महापौर शोभा सिकरवार का कहना था कि यह सब सिर्फ मीडिया में आने की स्टंटबाजी है। इंदौर में जो घटनाक्रम हुआ वहां बीजेपी के महापौर हैं, जो खुद कह रहे हैं कि अधिकारी उनकी सुनते नहीं हैं। जब सत्ता सरकार में होने के बाद भी बीजेपी महापौर की बात नहीं सुनी जाती तो यहां गलती महापौर की कैसे हो सकती है। इस तरह के स्टंट से विपक्ष के पार्षद सिर्फ ध्यान भटकाने का प्रयास करते हैं। यहां सब मिलकर काम कर रहे हैं और समस्या का समाधान करने का प्रयास कर रहे हैं।

  • MP: गुना के चौचौड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस टीम पर हमला… कांस्टेबल को बंधक बनाकर पीटा

    MP: गुना के चौचौड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस टीम पर हमला… कांस्टेबल को बंधक बनाकर पीटा


    गुना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में पुलिस टीम (Police team) पर हमला करने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की भीड़ ने पुलिस पर लाठी डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। भीड़ ने पहले एक कांस्टेबल को बंधक बनाकर पीटा। उसे छुड़ाने पहुंची पुलिस टीम पर भी ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस दौरान एक ASI गंभीर रूप से घायल हो गया।

    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के गुना जिले (Guna district) के चांचौड़ा थाना क्षेत्र के पेंची गांव में ग्रामीणों की भीड़ ने पुलिस पर लाठी डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। भीड़ ने पहले एक कांस्टेबल को बंधक बनाया, जिसे छुड़ाने पहुंची पुलिस टीम पर भी हमला करदिया। इस दौरान एक ASI गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं कॉन्स्टेबल भी घायल हुआ।

    घटना की पृष्ठभूमि 28 दिसंबर को दर्ज एक युवती की गुमशुदगी से जुड़ी है। मोहम्मदपुर निवासी लोधा समाज की युवती एक मीना समाज के युवक के साथ लापता हो गई थी। दोनों ने 1 जनवरी को प्रेम विवाह कर लिया था। सोमवार को इसी मामले को लेकर ग्रामीण और समाजबंधु बीनागंज चौकी पहुंचे और युवती को परिवार के सुपुर्द करने की मांग करने लगे।

    युवती के बालिग होने के कारण पुलिस ने उसके बयान दर्ज किए। युवती ने युवक के साथ रहने और अपनी सुरक्षा की मांग की। इसके बाद पुलिस ने उसे वन-स्टॉप सेंटर भेज दिया। यह फैसला होने के बाद ग्रामीण चौकी से लौट गए। पेंची गांव पहुंचने के बाद कुछ लोगों ने एनएच-46 पर चक्काजाम की कोशिश शुरू कर दी। इसी दौरान युवक के घर में आग लगाने की धमकियां भी दी गईं, जिससे तनाव और बढ़ गया। स्थिति बिगड़ने की सूचना पर एक कांस्टेबल मौके पर पहुंचा, लेकिन भीड़ ने उसे घेर लिया और बंधक बनाकर लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी।

    कांस्टेबल को छुड़ाने चौकी प्रभारी के साथ पुलिस और एसएएफ के आधा दर्जन जवान गांव पहुंचे। इसी दौरान खेतों और घरों की आड़ से आई भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव और लाठियों से हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल गांव में तैनात किया गया है। घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • MP: शिवपुरी में रोड शो के दौरान चोटिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन

    MP: शिवपुरी में रोड शो के दौरान चोटिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन


    शिवपुरी।
    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के पुत्र और एमपीसीए अध्यक्ष महाआर्यमन सिंधिया (Mahaaryaman Scindia) शिवपुरी दौरे (Shivpuri Tour) के दौरान मामूली रूप से चोटिल हो गए। स्टेडियम में लोगों का अभिवादन करते समय गाड़ी में अचानक ब्रेक लगने से उनके सीने में चोट आई जिसके बाद वह जिला अस्पताल पहुंचे। वहां उनका इलाज हुआ। अपने दौरे के दौरान उन्होंने महिला क्रिकेट खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और खुद भी क्रिकेट खेली। महाआर्यमन ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में क्रिकेट को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए तीन स्तरीय रणनीति साझा की जिसमें स्काउटिंग बेहतर बनाने, एकेडमी विकसित करने और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए डेटा कलेक्शन पर जोर दिया गया है।


    सीने में लगी चोट

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुत्र और मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष महाआर्यमन सिंधिया जब शिवपुरी के स्टेडियम में लोगों को अभिवादन कर रहे थे तभी गाड़ी में अचानक ब्रेक लगाने से उन्हें मामूली चोट आई। सीने में चोट से दर्द की शिकायत के बाद महाआर्यमन सिंधिया जिला अस्पताल पहुंचे जहां उन्होंने सीटी स्कैन कराकर प्राथमिक उपचार लिया।


    भव्य रोड शो में हुए शामिल

    महाआर्यमन सिंधिया पहली बार शिवपुरी दौरे पर है। उनका दूसरा दिन रहा एमपीसीए अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला शिवपुरी आगमन रहा। इससे पहले रविवार शाम को शिवपुरी पहुंचने पर वह भव्य रोड शो में शामिल हुए। इस रोड शो में बड़ी संख्या में सिंधिया समर्थक मौजूद रहे।


    खेली क्रिकेट

    दौरे के दूसरे दिन महाआर्यमन सिंधिया श्रीमंत माधवराव सिंधिया खेल परिसर पहुंचे। उन्होंने शिवपुरी में आयोजित 69वीं महिला अंडर-19 क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग ले रहीं खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने महिला खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और खेल को लेकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने क्रिकेट खेला और खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया।

    सूबे कैसे मजबूत होगी क्रिकेट? बताया प्लान
    महाआर्यमन सिंधिया ने बताया कि मध्य प्रदेश में क्रिकेट को मजबूत करने के लिए तीन स्तरीय रणनीति तैयार की गई है। पहले चरण में डिविजन और जिला स्तर के टूर्नामेंट्स कराए जाएंगे और स्काउटिंग सिस्टम को बेहतर बनाया जाएगा। दूसरे चरण में हर डिविजन में मजबूत क्रिकेट एकेडमी और कोचिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा ताकि स्थानीय प्रतिभाओं पर निरंतर नजर रखी जा सके। तीसरे चरण में खिलाड़ियों के प्रदर्शन से जुड़ा डेटा कलेक्शन किया जाएगा, जिसमें रन, विकेट, फील्डिंग और ऐतिहासिक रिकॉर्ड शामिल होंगे ताकि चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी हो सके।

  • दिल्ली विधानसभा में आज पेश होंगे कई अहम विधेयक, फांसी घर और CAG रिपोर्ट पर हो सकता है हंगामा

    दिल्ली विधानसभा में आज पेश होंगे कई अहम विधेयक, फांसी घर और CAG रिपोर्ट पर हो सकता है हंगामा


    नई दिल्ली।
    दिल्ली विधानसभा (Delhi Legislative Assembly) में मंगलवार यानी आज प्रश्नकाल, अहम विधेयक (Important bill) और कई महत्वपूर्ण रिपोर्ट पेश की जानी हैं। साथ ही सीएजी रिपोर्ट (CAG report) और फांसी घर विवाद (Gallows house dispute) से जुड़ा मामला भी सदन में उठाए जाने की संभावना है। यदि ये मुद्दे सदन में आते हैं तो विपक्ष की ओर से विरोध और हंगामे की स्थिति बन सकती है। खासतौर पर प्रदूषण के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए कमर कस ली है। मंगलवार की कार्यवाही के हंगामेदार होने के आसार सियासी पंडित भी जता रहे हैं।

    कार्यसूची के मुताबिक सदन की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी, जिसमें तारांकित प्रश्नों (जिन पर मौखिक जवाब दिए जाते हैं) और अतारांकित प्रश्नों (जिनके लिखित जवाब सदन में रखे जाते हैं) पर चर्चा होगी। इसके बाद सदस्य अध्यक्ष की अनुमति से विशेष उल्लेख के तहत जनहित से जुड़े विषय उठा सकेंगे। हालांकि, सदन की कार्यवाही नियमित कामकाज तक सीमित रहेगी या नहीं, इसे लेकर संशय बना है। सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को सदन में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी सीएजी की रिपोर्ट पेश की जा सकती है। यदि रिपोर्ट पेश होती है तो विपक्षी आम आदमी पार्टी की ओर से तीखे विरोध की संभावना जताई जा रही है।

    सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच नोक झोंक संभव : फांसी घर विवाद से जुड़ा मामला भी सदन में उठाया जा सकता है। इस मुद्दे पर पहले से सियासी तीन एक दूसरे की ओर चलाए जा रहे हैं। सत्ता पक्ष इन दोनों मुद्दों के जरिये पिछली सरकार में रहे विपक्ष को कटघरे में खड़ा करने की तैयारी में है। राजधानी में वायु गुणवत्ता को लेकर सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल खड़े किए जा सकते हैं। ऐसे में सदन में तीखी बहस देखने को मिल सकती है।


    सदन में कई अहम दस्तावेज पेश होंगे :

    बिजली मंत्री आशीष सूद दिल्ली विद्युत नियामक आयोग से जुड़े संशोधित नियमों, वार्षिक रिपोर्ट और नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित अधिसूचनाएं सदन के पटल पर रखेंगे। दिल्ली तकनीकी विवि और नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विवि की वार्षिक और ऑडिट रिपोर्ट भी पेश की जाएगी। विभिन्न समितियों की रिपोर्ट भी सदन में रखी जाएंगी। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की तीसरी रिपोर्ट और विशेषाधिकार समिति की पहली रिपोर्ट पेश होने का कार्यक्रम है। इसमें फांसी घर का मामला उठना तय है। विधायी कार्य मंत्री प्रवेश साहिब सिंह कोर्ट फीस (दिल्ली संशोधन) विधेयक 2026 को सदन में पेश करेंगे।

    निर्धारित एजेंडे से सदन चलाने की चुनौती : कानून मंत्री कपिल मिश्रा गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत वर्षगांठ पर सदन में चर्चा करेंगे। आखिर में उपराज्यपाल वीके सक्सेना के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव भी लाया जाएगा।

  • Venezuela: काराकास में फिर गूंजी धमाकों की आवाज… राष्ट्रपति भवन पर दोबारा हुआ हमला

    Venezuela: काराकास में फिर गूंजी धमाकों की आवाज… राष्ट्रपति भवन पर दोबारा हुआ हमला


    काराकास।
    वेनेजुएला (Venezuela) पर अमेरिकी अटैक (American Attack) के महज कुछ ही घंटों बाद राजधानी काराकास (Capital Caracas) एक बार फिर धमाकों की आवाजों से गूंज रहा है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि सोमवार देर रात (स्थानीय समय) वेनेजुएला के काराकास में राष्ट्रपति भवन पर हमला हुआ है। सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़े कई वीडियो सामने आए हैं जिनमें राष्ट्रपति भवन के पास भारी गोलीबारी देखी जा सकती है।

    सूत्रों के मुताबिक काराकास में मिराफ्लोरेस पैलेस के ऊपर अज्ञात ड्रोन देखे गए हैं। सुरक्षा बलों ने रात 8 बजे के आसपास जवाबी गोलीबारी भी की। बीते शनिवार को काराकास में अमेरिकी हमलों और राष्ट्रपति मादुरो को कैदी बनाए जाने के महज कुछ ही घंटों बाद अब देश में इस तरह कर हमलों के बाद लोगों में अफरा तफरी मची हुई है। हालांकि सरकार के करीबी एक सूत्र ने एएफपी को बताया है फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

    सोशल मीडिया पर सामने आए विडियोज में बताया गया है कि काराकास की सड़कें सुरक्षा बलों से भरी हुई हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए विडियोज में बताया गया है कि काराकास की सड़कें सुरक्षा बलों से भरी हुई हैं। एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया गया, “वेनेजुएला की राजधानी काराकास का डाउनटाउन इलाका सशस्त्र झड़पों से भरा हुआ है, कई सुरक्षा बल भारी गोलीबारी कर रहे हैं। काराकास की सड़कें अलर्ट पर हैं।”

  • Bihar: समस्तीपुर के पास डिरेल हुआ मालगाड़ी का टैंक वैगन…

    Bihar: समस्तीपुर के पास डिरेल हुआ मालगाड़ी का टैंक वैगन…


    समस्तीपुर।
    बिहार (Bihar) में मालगाड़ी (Freight Train) एक बार फिर बेपटरी हो गई। समस्तीपुर-खगड़िया रेलखंड (Samastipur-Khagaria railway section) पर रुसेराघाट रेलवे स्टेशन के समीप सोमवार की शाम मालगाड़ी का टैंक वैगन डिरेल (Tank Wagon Derailed) हो गया। घटना के बाद कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई, हालांकि किसी तरह की जान-माल की क्षति नहीं हुई। जानकारी के अनुसार मालगाड़ी समस्तीपुर से खगड़िया की ओर जा रही थी। घटना की सूचना मिलते ही रुसेराघाट स्टेशन के अधिकारियों ने समस्तीपुर रेल मंडल को अवगत कराया। इसके बाद समस्तीपुर से पहुंचे रेल अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।

    रेलवे अधिकारियों ने बताया कि टैंक वैगन के पहिये में तकनीकी खराबी आने के कारण यह हादसा हुआ। वैगन को दुरुस्त करने का कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया है, ताकि रेल परिचालन जल्द सामान्य किया जा सके। गड़बड़ी के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। मंडल के पीआरओ आरके सिंह ने बताया कि रुसेराघाट स्टेशन के समीप मालगाड़ी का टैंक वैगन डिरेल हुआ था।

    आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले बिहार के जमुई जिले के सिमुलतला में एक मालगाड़ी के आठ डिब्बों के पटरी से उतरने के कारण हावड़ा-पटना मार्ग पर रेल सेवाएं बाधित रहीं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। यहां मालगाड़ी के आठ डिब्बों के पटरी से उतरने के कारण कई एक्सप्रेस और अन्य ट्रेन का समय पुनर्निर्धारित किया गया था। पूर्वी रेलवे के आसनसोल डिवीजन के अंतर्गत लाहाबोन और सिमुलतला रेलवे स्टेशन के बीच हुई दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।

  • पाकिस्तान में धुरंधर के गानों की धूम, शादी में शरारत गाने पर नाचीं महिलाएं, वीडियो वायरल

    पाकिस्तान में धुरंधर के गानों की धूम, शादी में शरारत गाने पर नाचीं महिलाएं, वीडियो वायरल

    नई दिल्ली। रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर कई सालों तक याद की जाने वाली फिल्म बन गई है। इस फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस को हिलाकर कर रख दिया है। वर्ल्डवाइड भी 1200 करोड़ पार कमाई पहुंच गई है। पाकिस्तानी पॉलिटिक्स पर बेस्ड फिल्म की कहानी और किरदार तारीफें बटोर रहे हैं। इस बीच फिल्म का गाना शरारत पाकिस्तान में भी पसंद किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें पाकिस्तान के के शादी के माहौल में दो महिलाएं शरारत गाने पर डांस करती देखी जा सकती हैं।
    पाकिस्तान में धुरंधर के गानों का जादू
    इस वीडियो में दो महिलाएं शरारा सूट पहने हुए ओरिजिनल डांस स्टेप फॉलो करते हुए शरारत गाने पर डांस कर रही हैं। शादी के इस फंक्शन में बैठे लोग गाने और इस डांस परफॉरमेंस को एन्जॉय कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो गया है। कई यूजर्स ने अपना रिएक्शन देते हुए कहा कि पाकिस्तान में भी धुरंधर पसंद की जा रही है।
    यूजर्स रिएक्शन
    एक यूजर ने लिखा कि पाकिस्तानी लड़कियां शरारत पर डांस कर रही हैं जबकि देश देश में धुरंधर बैन है। एक अन्य यूजर ने लिखा कि पाकिस्तान कितना भी मना करे लेकिन बॉलीवुड के गाने देखे और सुने जाते हैं। यूजर ने बताया कि ऐसे कई रील्स हैं जो पाकिस्तान में बने हैं। एक यूजर ने लिखा कि धुरंधर बहरीन, कुवैत, ओमान, क़तर, सऊदी अरबिया, पाकिस्तान और UAE में बैन है। इसके बाद भी फिल्म ने वर्ल्डवाइड शानदार कमाई की है।

    कमाई से हिला बॉक्स ऑफिस
    बता दें, धुरंधर ने बॉक्स ऑफिस हिलाकररख दिया है। भारत में फिल्म ने 800 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है वर्ल्डवाइड कलेक्शन 1200 करोड़ पार पहुंच गया है। फिल्म ने कमाई के साथ क्रिटिक्स,फिल्ममेकर्स और आम ऑडियंस से जबदरस्त तारीफें बटोरी है। फिल्म के गाने वायरल हो चुके हैं और कहानी हिट है। अब ऑडियंस धुरंधर 2 का इंतजार कर रही है। ये फिल्म 19 मार्च को थिएटर में दस्तक देने के लिए तैयार है।

  • देश का सबसे बेहतर इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली स्टेट है मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    देश का सबसे बेहतर इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली स्टेट है मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    जयपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश का सबसे युवा राज्य है। मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट है, चीता स्टेट है, फारेस्ट स्टेट है, मिनरल स्टेट है, बिजली सरप्लस स्टेट है और अब देश का सबसे बेहतर इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली स्टेट भी बन गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वर्ष 2025 में सबसे ज्यादा निवेश पाने वाला देश का तीसरा राज्य बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अनंत अवसर और संभावनायें लिए हुए है। मध्यप्रदेश में निवेश हर मायने में लाभ का सौदा है। देश के मध्य में होने के कारण मध्यप्रदेश व्यापार, व्यवसाय, उद्योग-धंधे और स्टार्ट-अप्स लगाने से लेकर अपने उत्पाद को निर्यात करने के लिए एक अनुपम केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को पिंक सिटी जयपुर में राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट 2026 में मध्यप्रदेश सेशन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और राजस्थान दोनों सदियों से इतिहास, विरासत और व्यापार-व्यवसाय की समझ के मामले में साझा भागीदार रहे हैं। राजस्थान के मारवाड़ी व्यापारी मध्यप्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। समिट में राजस्थान के उप मुख्यमंत्री श्री प्रेमचंद बैरवा भी उपस्थित थे। मध्यप्रदेश सरकार इस प्रतिष्ठित ग्लोबल समिट में ‘स्टेट पार्टनर’ के रूप में सहभागिता कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को विकास और अवसरों का केंद्र बताते हुए निवेशकों और उद्योगपतियों से कहा कि हमारा प्रदेश आज देश के उन चुनिंदा राज्यों में है, जहां प्राकृतिक संसाधन, उद्योग-अनुकूल नीतियां, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और सहयोगी सरकार सभी निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 18 नई उद्योग-अनुकूल नीतियां, विस्तृत लैंड बैंक, भरपूर जल उपलब्धता, स्किल्ड मानव संसाधन, उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और पारदर्शी प्रशासन निवेशकों को सर्वोत्तम सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर राजस्थान डिजिफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट के मध्यप्रदेश सेशन का विधिवत् शुभारंभ किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सभी राज्यों के बीच औद्योगिक विकास की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा चल रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के सभी राज्यों को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल रहा है। वैश्विक अर्थव्यवस्था आज भी उहापोह की स्थिति में है, ऐसी परिस्थिति में भी भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। भारत के लोकतंत्र में ‘जियो और जीने दो’ की भावना समाहित है। उद्योग-व्यापार से कई लोगों के जीवन में सवेरा आता है। इससे पवित्र काम कुछ नहीं हो सकता है। मध्यप्रदेश विकास के सभी सेक्टर्स में लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर भी कई बड़े पुरस्कार मिले हैं। हमारे टूरिज्म सेक्टर में सबसे अच्छे रिजल्ट देखने को मिल रहे हैं। पिछले दो साल में हमने प्रदेश में दो नए टाइगर रिजर्व बनाए हैं। मध्यप्रदेश टाइगर और वल्चर स्टेट तो है ही, हमारी धरती पर चीता भी तेजी से अपना कुनबा बढ़ा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। यहां 250 से अधिक नदियां बहती हैं। हमने राजस्थान के साथ जल बंटवारे का विवाद सुलझाया। हमारे कार्यों में परस्पर सौहार्द और बंधुता का भाव होना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मेक इन इंडिया और इंडिया फर्स्ट का आह्वान किया है। यह सिर्फ शब्द नहीं हैं, इसके लिए बड़े मन से काम करने का मानस होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों और उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करने के लिए शासकीय कामकाज को और भी सरल, सहज, पारदर्शी, आसान और सहयोगी बना रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में होटल, हास्पिटल, एआई, ड्रोन, सेमी कंडक्टर निर्माण एवं अन्य कई व्यवसाय स्थापित करने पर अनुदान दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने की शुरुआत की है। जिससे प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को गति मिलेगी और हमें पर्याप्त संख्या में डाक्टर्स भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा, आईटी और पेट्रो केमिकल्स जैसे सभी प्रमुख सेक्टर्स में निवेश के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों को औद्योगिक सहयोग के साथ-साथ शिक्षा, अनुसंधान, संस्कृति, कौशल विकास, अवसंरचना और पर्यटन में साझेदारी के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को विश्वास दिलाया कि मध्यप्रदेश निवेशकों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। आप सभी आइडिया को जमीन पर उतारिए, हमारी सरकार हमेशा आपके साथ है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और राजस्थान सरकार की संयुक्त भागीदारी से हुई इस समिट में हमारी सरकार ने आईटी और संबंधित सेक्टर्स के व्यवसायियों के बीच प्रदेश की औद्योगिक विशेषताओं और विलक्षणताओं को सबके समक्ष रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उम्मीद जताई कि मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश के लिए आईडियल स्टेट है। निवेशक मध्यप्रदेश में अपना व्यापार-व्यवसाय स्थापित करेंगे, तो हम सभी को पूरा सहयोग करेंगे। राजस्थान हमारा सहोदर भाई है। दोनों राज्यों में आईटी सेक्टर के उद्योग स्थापित हों, इसके लिए हमारी सरकार राजस्थान के साथ मिलकर काम करेगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना की सौगात दी। इससे राजस्थान के 15 और मध्यप्रदेश के 13 जिले लाभान्वित हो रहे हैं। इसी के साथ मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और महाराष्ट्र के साथ ताप्ती ग्राउंड वॉटर रीचार्ज मेगा परियोजना पर भी मिलकर काम कर रहा है।

    राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने निवेशकों, स्टार्ट-अप और युवाओं के लिए अधिक अवसर प्रदान करने के लिए राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच बढ़ते सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने आर्थिक विकास में डिजिटल परिवर्तन, नवाचार और उद्यमिता की भूमिका पर प्रकाश डाला और म.प्र. के मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के विकास संबंधी विजन की सराहना की। उन्होंने सक्षम नीतियों और प्रौद्योगिकी-आधारित शासन के प्रति राजस्थान की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

    अपर मुख्य सचिव, विज्ञान एवं तकनीकी श्री संजय दुबे ने मध्यप्रदेश की बेजोड़ खूबियों पर प्रकाश डालते हुए निवेशकों से कहा कि देश में टियर 2 सिटी टेक्नोलॉजी सेक्टर में लीडर बनकर उभर रही है। इनमें जयपुर, इंदौर और भोपाल भी शामिल हैं। टीयर 1 सिटीज में ट्रैफिक और प्रदूषण जैसी समस्याएं होती हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने अपनी नई नीतियों में उद्योग-व्यापार को सहज-सरल बनाने पर ध्यान दिया गया है। मध्यप्रदेश सांस्कृतिक विविधता, खानपान दृष्टि से समृद्ध है। प्रदेश में 9 हवाई अड्डे है और यहाँ से इंटरनेशनल उड़ानें उपलब्ध हैं। प्रदेश में 21 अभायरण्य, 12 नेशनल पार्क और 7 टाइगर रिजर्व और 3 यूनेस्को साइट हैं। मध्यप्रदेश टाइगर और चीता स्टेट भी है। प्रदेश में बिजली सबसे सस्ती दरों पर मिलती है। भोपाल में एयरपोर्ट के पास 200 एकड़ भूमि पर एआई एवं नॉलेज सिटी प्रस्तावित है। राज्य सरकार डेटा सेंटर स्थापित करने पर 2 रुपए प्रति यूनिट इलेक्ट्रिसिटी सब्सिडी दे रही है। हमने जीसीसी पॉलिसी 2025 के माध्यम से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का एक बेहतर माहौल तैयार किया है। प्रदेश में फिल्म निर्माण उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है। राज्य सरकार ने सेमी कंडक्टर पॉलिसी, स्टार्ट-अप पॉलिसी लॉन्च की हैं। प्रदेश में आईटी सेक्टर में 100 करोड़ निवेश करने पर 30 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी जा रही है। इसी प्रकार ड्रोन टेक्नोलॉजी सेक्टर में 100 करोड़ निवेश करने पर 34 करोड़ और सेमी कंडक्टर में 100 करोड़ निवेश करने पर 38 करोड़ सब्सिडी देने का प्रावधान किया है।

    समिट में मध्यप्रदेश की मजबूत उद्योग शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए, राज्य में मुख्यालय या परिचालन आधारित विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त कंपनियों द्वारा मध्यप्रदेश की प्रौद्योगिकी सफलता एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उद्यमों को सशक्त बनाने में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया।

    सीईओ इम्पेटस टेक्नोलॉजीज श्री संजीव अग्रवाल ने कहा कि वे पिछले 32 वर्षों से मध्यप्रदेश में कार्यरत हैं।उस समय राज्य में आईटी इको सिस्टम की शुरुआत हो रही थी। मध्यप्रदेश सरकार का व्यावहारिक सहयोग, संवाद के प्रति खुलापन, लागत-प्रभावशीलता पर जोर और गुणवत्तापूर्ण प्रतिभा पर ध्यान, ये सभी कारक मिलकर निवेश और विकास के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण का निर्माण करते हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि आज राज्य वैश्विक ग्राहकों के साथ सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है और निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।यदि कोई निवेशक सतत विकास, मजबूत सरकारी सहयोग और विश्वसनीय पारिस्थितिकी तंत्र की तलाश में है, तो मध्यप्रदेश इसके लिए सबसे उपयुक्त और आदर्श स्थान है।

    सह-संस्थापक इंफोबीन्स टेक्नोलॉजीज श्री सिद्धार्थ सेठी ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) की स्थापना हुई थी। इंदौर का आईटी पार्क दिन-प्रतिदिन तेज़ गति से विकसित हो रहा है। ड्रोन और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़ी समर्पित नीतियां सरकार की दूरदर्शी सोच तथा भविष्यपरक दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं।मध्यप्रदेश न केवल प्रगति कर रहा है, बल्कि इस क्षेत्र में नेतृत्व भी कर रहा है। उन्होंने सभी निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया।

    सह-संस्थापक यश टेक्नोलॉजीज श्री धर्मेंद्र जैन ने कहा कि वर्तमान में इंदौर में कंपनी के 1,500 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार के स्पष्ट दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि जब तक आवश्यकता नहीं होती, सरकार हस्तक्षेप नहीं करती; लेकिन उद्योग को आवश्यकता पड़ने पर पूरी मजबूती से साथ खड़ी रहती है। यहां समय पर वरिष्ठ अधिकारियों से मिलना और सीधा संवाद करना संभव है। सरकार द्वारा निर्मित मजबूत औद्योगिक इको सिस्टम का ही परिणाम है कि एक बार व्यवस्थित हों जाने के बाद उद्योग स्वतः गति पकड़ लेता है और निरंतर विकास करता है।

    निदेशक क्लिनिसप्लाइज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रेरिता बाहेती ने मध्यप्रदेश में क्लिनिसपलाइज़ के तेज़ी से विस्तार पर ज़ोर दिया, जिसमें उज्जैन के विक्रमादित्य मेडिकल डिवाइस पार्क में 100 करोड़ की मैन्युफ़ैक्चरिंग फ़ैसिलिटी शामिल है, जिससे 1,000 से ज़्यादा रोज़गार सृजित होंगे।इंदौर में भारत में अपना पहला ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित किया गया है। उन्होंने इस फैसले का श्रेय मज़बूत और स्थिर टैलेंट की उपलब्धता, सरकार के सक्रिय समर्थन, बिज़नेस करने में आसानी और अच्छी क्वालिटी की ज़िंदगी को दिया, और लंबे समय के निवेश के लिए राज्य की प्रगतिशील और भविष्य-केंद्रित नीतियों पर भरोसा जताया।

    राजस्थान के उद्योगपतिश्री रजत अग्रवाल, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, ग्रेविटा इंडिया लिमिटेड ने रीसाइक्लिंग को एक भविष्य-उन्मुख उद्योग के रूप में बताया जो पर्यावरणीय स्थिरता को आर्थिक विकास के साथ जोड़ता है। उन्होंने मध्यप्रदेश की रणनीतिक केंद्रीय स्थिति, लॉजिस्टिक्स का फायदा और विकसित हो रहे सरकार-उद्योग साझेदारी मॉडल पर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि सही नेतृत्व और नीतियों के साथ, राज्य में सर्कुलर इकोनॉमी के लिए एक राष्ट्रीय और वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने की क्षमता है।

    सुश्री कार्लिना मारानी, ​​मैनेजिंग डायरेक्टर, एक्सेंचर ने एडवांस्ड डिजिटल स्किल्स की वैश्विक कमी और जैसे क्षेत्रों में विशेष टैलेंट की बढ़ती मांग पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत के टियर-2 शहर, मज़बूत टैलेंट पूल, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर जीवन स्तर के साथ, भविष्य में टेक्नोलॉजी से होने वाली ग्रोथ में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश में विस्तार के अवसरों को तलाशने में रुचि दिखाई।

    समिट में एक विशेष एमपी पेवेलियन स्थापित किया गया जिसमे राज्य के प्रमुख स्टार्ट-अप्स एवं कंपनियों को प्रदर्शित किया गया।इस पेवेलियन में किंट्सुगी बिजनेस लैब्स प्राइवेट लिमिटेड, थ्रीवे स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड, कॉमन स्कूल (कॉमनफाई वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड), एसए डिजिटल (ग्रोबोट्स), यंगोवेटर एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड, Gradyn.ai तथा ज़ांगोह सहित कई प्रदर्शक शामिल थे। प्रौद्योगिकी, शिक्षा, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और उभरते क्षेत्रों में अपने अभिनव समाधानों का प्रदर्शन किया जिससे मध्यप्रदेश के तेजी से विकसित हो रहे स्टार्ट-अप एवं नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूती मिलेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीईओ, निवेशकों तथा वैश्विक उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ व्यक्तिगत बैठक कर मध्यप्रदेश में रणनीतिक निवेश के अवसरों एवं दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। दुबई के TECOM ग्रुप के कार्यकारी उपाध्यक्ष श्री अम्मार अल मलिक के साथ चर्चा दुबई के सफल डिजिटल क्लस्टर मॉडल से प्रेरणा लेते हुए संस्थागत सहयोग पर केंद्रित रही। विशेष रूप से प्रस्तावित भोपाल AI नॉलेज सिटी के विकास तथा मध्यप्रदेश स्थित टेक्नोलॉजी कंपनियों को वैश्विक बाजारों तक पहुंच प्रदान करने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

    ग्रेविटा इंडिया लिमिटेड के श्री रजत अग्रवाल एवं इंसोलेशन एनर्जी लिमिटेड के श्री विकास जैन के साथ बातचीत सर्कुलर इकोनॉमी, मेटल रीसाइक्लिंग और रिन्यूएबल एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में विस्तार एवं निवेश के अवसरों पर केंद्रित रही।डेटा ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक श्री अजय डेटा के साथ ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs), डेटा सेंटर्स और GPU-आधारित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, KGeN के संस्थापक श्री मनीष अग्रवाल और पर्पल टेक्नोलॉजीज के संस्थापक श्रीधर मुप्पिडी के साथ विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी AI एवं गेमिंग-आधारित AVGC इको सिस्टम के निर्माण, वन-टू-वन फाइनेंस के संस्थापक एवं CEO डॉ. रवि मोदानी के साथ फिनटेक-आधारित MSME फाइनेंसिंग के अवसर, फ्रैक्टल एनालिटिक्स के उपाध्यक्ष श्रीकांत वेलामाकन्नी के साथ एडवांस्ड एनालिटिक्स तथा AI-आधारित गवर्नेंस, शुभाशीष ग्रुप के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री जय कृष्ण जाजू के साथ मध्यप्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स तथा शहरी विकास के संभावित अवसरों पर केंद्रित रही। ये वन-टू-वन बैठकें मध्यप्रदेश को नवाचार, सतत विकास तथा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।

  • केन्द्र और राज्य के बेहतर समन्वय से म.प्र. में सड़क परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आई उल्लेखनीय गति : केन्द्रीय मंत्री गडकरी

    केन्द्र और राज्य के बेहतर समन्वय से म.प्र. में सड़क परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आई उल्लेखनीय गति : केन्द्रीय मंत्री गडकरी


    नई दिल्‍ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी ने सिंहस्थ-2028 को दृष्टिगत रखते हुए प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन के लिए सुदृढ़, सुरक्षित और सुगम सड़क कनेक्टिविटी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने मध्यप्रदेश में सड़क परियोजनाओं की संतोषजनक प्रगति के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य के बेहतर समन्वय से सड़क परियोजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय गति आई है। यह बात केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री गडकरी ने, मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार, सुदृढ़ीकरण एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को नई गति प्रदान करने के उद्देश्य से दिल्ली में समीक्षा बैठक में कही। बैठक में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव एवं म.प्र. विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर भी शामिल हुए।

    केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के अंतर्गत ब्यूटीफिकेशन, ब्रिज निर्माण, पुलिया निर्माण तथा ब्लैक स्पॉट रेक्टिफिकेशन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सड़कें केवल यातायात का माध्यम नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास और जनसुविधा का आधार होती हैं, इसलिए इनके सौंदर्यीकरण और सुरक्षा उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर सुधारात्मक कार्य किए जाएं।

    सड़क निर्माण की गुणवत्ता को दें सर्वोच्च प्राथमिकता

    केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क परियोजनाओं में वृक्ष कटाई को न्यूनतम रखते हुए आधुनिक तकनीकों के माध्यम से ट्री ट्रांसप्लांट को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिससे विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कॉन्ट्रैक्टर्स से सीधे संवाद कर प्रत्येक परियोजना की समीक्षा की और कहा कि सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप ही किए जाएं।

    केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने पेचवर्क सहित सड़क रख-रखाव कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि टोल टैक्स वाली सड़कों की स्थिति उत्कृष्ट होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि किसी टोल रोड पर सड़क की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है, तो संबंधित टोल संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश देते हुए समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया।

    दिल्ली में हुआ मंथन राजमार्ग परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति और गुणवत्ता करेंगी सुनिश्चित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह मंथन बैठक केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच संस्थागत समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करेगी तथा राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गति और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि इस समीक्षा के माध्यम से लंबित एवं प्रगतिरत परियोजनाओं से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों-जैसे भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय स्वीकृतियां, निर्माण गुणवत्ता और समयबद्धता-पर समन्वित निर्णय लिए गए हैं, जिससे कार्यों को शीघ्रता से धरातल पर उतारा जा सकेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक मजबूत, आधुनिक और सुरक्षित सड़क नेटवर्क प्रदेश की आर्थिक प्रगति, औद्योगिक विकास, निवेश आकर्षण और पर्यटन विस्तार की आधारशिला है। राष्ट्रीय राजमार्गों के सुदृढ़ीकरण से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि व्यापार, लॉजिस्टिक्स, कृषि विपणन और रोजगार सृजन को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार के सहयोग और राज्य सरकार की सक्रिय भूमिका से मध्यप्रदेश में सड़क अवसंरचना को नई दिशा मिलेगी तथा आम नागरिकों को सुरक्षित, सुगम और विश्वस्तरीय यातायात सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा।

    लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में राज्य में सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का निर्माण कार्य तेज़ गति से प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं से आवागमन सुगम होगा, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और आम नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। उन्होंने राज्य में राष्ट्रीय राज्यमार्ग परियोजनाएँ तीव्र गति से प्रस्तावित करने के लिए केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने राज्य सरकार की परियोजनाओं में विकासात्मक उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की।

    मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करने लिए में प्रति माह परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए हरसंभव सहयोग दिया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के लिए भूमि अर्जन, फॉरेस्ट क्लियरेंस आदि कार्यों में गति लाई जा रही है। सिंहस्थ-2028 के लिए परियोजनाओं को पूर्ण करने के लिए समय सीमा दिसम्बर-2027 रखी गई है। संभाग एवं जिला प्रशासन को राष्ट्रीय परियोजनाओं के कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

    समीक्षा बैठक में ये भी रहे प्रमुख बिन्दु

    • समीक्षा बैठक में अवगत कराया गया कि मध्यप्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की कोई भी परियोजना तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित नहीं है, जो प्रभावी परियोजना प्रबंधन, सतत निगरानी और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया को दर्शाता है।

    • केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री गडकरी ने खंडवा बायपास, जबलपुर रिंग रोड, इंदौर-हरदा, रीवा बायपास सहित प्रदेश की सभी प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    • बैठक में जानकारी दी गई कि वर्तमान में मध्यप्रदेश में NHAI के अंतर्गत 33 तथा MoRTH-PWD के अंतर्गत 28 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं प्रगतिरत हैं। इस प्रकार कुल 61 परियोजनाएं विभिन्न चरणों में क्रियान्वयन की अवस्था में हैं।

    • इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना, यातायात को सुगम बनाना और क्षेत्रीय विकास को नई गति प्रदान करना है।

    • वर्ष 2025-26 की वार्षिक योजना के अंतर्गत प्रस्तावित एवं प्रगतिरत राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया।

    • आगामी वित्तीय वर्ष में परियोजनाओं की गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने तथा केंद्र-राज्य समन्वय आधारित निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ करने पर सहमति बनी।

    • बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 9,300 किलोमीटर से अधिक है, जो राज्य की आर्थिक प्रगति, औद्योगिक विकास, पर्यटन विस्तार और सुरक्षित यातायात व्यवस्था का मजबूत आधार है।

    • प्रदेश की भविष्य की राष्ट्रीय राजमार्ग विकास योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिससे सड़क अवसंरचना को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित एवं व्यापक बनाते हुए विकास की गति को निरंतर बनाए रखा जा सके।

  • नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर फिक्स्ड रिटर्न और टैक्स छूट निवेश करने का बेहतरीन अवसर

    नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर फिक्स्ड रिटर्न और टैक्स छूट निवेश करने का बेहतरीन अवसर


    नई दिल्ली । भारत सरकार की एक प्रमुख बचत योजना नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट भारतीय निवेशकों के लिए एक सुरक्षित निवेश विकल्प साबित हो रही है। इस स्कीम पर मिलने वाली ब्याज दर 7.7% सालाना है जो आपके निवेश पर अच्छा रिटर्न देती है। एनएससी की विशेष बात यह है कि इसका ब्याज हर साल कंपाउंड होता है और भुगतान पूरी तरह से मेच्योरिटी 5 साल के बाद ही किया जाता है।
    कंपाउंडिंग इंटरेस्ट से मिलने वाला फिक्स्ड रिटर्न
    एनएससी पर रिटर्न कंपाउंडिंग इंटरेस्ट फ़ॉर्मूला से कैलकुलेट किया जाता है। अगर आप ₹250000 का निवेश करते हैं तो पांच साल के बाद आपको ₹116062 का फिक्स रिटर्न मिलेगा। इसका मतलब है कि आपके ₹250000 निवेश के ऊपर 5 साल बाद ₹366062 तैयार होंगे। यह निवेश आपके भविष्य के लिए एक सुरक्षित और स्थिर विकल्प हो सकता है खासकर उन लोगों के लिए जो अपनी बचत को सुरक्षित रखना चाहते हैं।
    टैक्स छूट का लाभ
    एनएससी में निवेश करने पर आपको ₹1.5 लाख तक के निवेश पर 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है। लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि एनएससी पर मिलने वाला ब्याज आखिरी वर्ष तक टैक्स फ्री होता है इसके बाद उस पर टैक्स लगाया जाता है। इस तरह एनएससी निवेशकों को टैक्स छूट के रूप में अतिरिक्त लाभ देता है।
    कौन कर सकता है निवेश
    एनएससी स्कीम में कोई भी भारतीय नागरिक निवेश कर सकता है। हालांकि नॉन-रेजिडेंट इंडियन्स एनआरआई इस स्कीम में निवेश नहीं कर सकते। यदि कोई निवासी भविष्य में एनआरआई बन जाता है तो वह अपने एनएससी निवेश को परिपक्वता तक रख सकता है। वयस्क नाबालिग और मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों के अभिभावक भी इस योजना में निवेश कर सकते हैं। 10 वर्ष से ऊपर के नाबालिग भी एनएससी में निवेश कर सकते हैं।

    निवेश का तरीका और प्रक्रिया
    एनएससी में निवेश करने के लिए आपको नजदीकी डाकघर में जाकर आवेदन करना होगा। यहां आपको एक फॉर्म भरने के बाद अपनी पहचान पते और अन्य जरूरी दस्तावेज़ों की जानकारी देनी होगी। एनएससी पर निवेश करने की कोई भी अधिकतम सीमा नहीं है लेकिन आपको टैक्स लाभ 80C के तहत ₹1.5 लाख तक ही मिलेगा।नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट एक बेहतरीन निवेश विकल्प है जो आपको टैक्स लाभ सुरक्षित रिटर्न और कंपाउंडिंग इंटरेस्ट प्रदान करता है। यदि आप एक स्थिर और जोखिम-मुक्त निवेश की तलाश में हैं तो एनएससी एक आदर्श विकल्प हो सकता है। इसके साथ ही आप अपनी बचत को भी सुरक्षित रख सकते हैं और अच्छा रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं।