Author: bharati

  • वाराणसी के संत रविदास मंदिर में अचानक लगी आग,बड़ा हादसा टला

    वाराणसी के संत रविदास मंदिर में अचानक लगी आग,बड़ा हादसा टला


    वाराणसी।
    उत्तर प्रदेश के वाराणसी सीर गोवर्धनपुर स्थित संत शिरोमणि रविदास की जन्मस्थली स्थित रविदास मंदिर परिसर में सोमवार सुबह आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम, लंका पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दमकल कर्मियों ने मंदिर प्रबंधन के सहयोग से तत्परता दिखाते हुए आग पर शीघ्र काबू पा लिया। हादसे में किसी श्रद्धालु के झुलसने की सूचना नहीं है। मंदिर में स्थापित संत शिरोमणि रविदास की मूर्ति तथा मुख्य द्वार पूरी तरह सुरक्षित हैं।

    मंदिर प्रशासन ने बताया कि सतर्कता बरतते हुए सभी श्रद्धालुओं को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि या गंभीर नुकसान नहीं हुआ। घटना की जानकारी लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने मंदिर प्रबंधन और मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं से पूछताछ की। सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि मंदिर के पिछले हिस्से में स्थित एक कमरे में सुबह करीब 6:30 बजे शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी। समय पर कार्रवाई से आग को फैलने से रोक लिया गया और मंदिर का मुख्य हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित है। फिलहाल स्थिति सामान्य है ।

  • केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह असम पहुंचे, हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री ने किया स्वागत

    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह असम पहुंचे, हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री ने किया स्वागत


    गुवाहाटी।
    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज गुवाहाटी पहुंचे।। गृहमंत्री का लोकप्रिय गोपीनाथ बरदलै अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा ने गर्मजोशी से स्वागत किया। हवाई अड्डे से गृह मंत्री सीधे हेलीकॉप्टर के जरिए श्रीमंत शंकरदेव के जन्म स्थान बटद्रबा थान के लिए रवाना हुए। वहां वो भव्य सांस्कृतिक प्रकल्प का उद्घाटन करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने अमित शाह को असम की पुण्यभूमि का आत्मिक शुभचिंतक बताते हुए कहा कि उनकी यह यात्रा राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री असम की विरासत और विकास से जुड़े कई अहम परियोजनाओं को प्रदेशवासियों को समर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि अमित शाह की यह यात्रा असम के लिए विकास और सांस्कृतिक नवजागरण के एक नए दौर की शुरुआत करेगी।

  • सोमवार व्रत: राशि अनुसार शिव पूजा से बढ़ती है विशेष कृपा, जानें कौन-सा उपाय किसके लिए लाभकारी

    सोमवार व्रत: राशि अनुसार शिव पूजा से बढ़ती है विशेष कृपा, जानें कौन-सा उपाय किसके लिए लाभकारी


    नई दिल्ली।सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किया गया व्रत, अभिषेक और पूजा विशेष फल देती है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि यदि शिव पूजा राशि के अनुसार की जाए तो इसका प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है। सोमवार का दिन चंद्रमा से भी जुड़ा है, जिससे यह दिन भावनाओं, मानसिक स्थिति और स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। यही कारण है कि कई लोग सोमवार व्रत को मनोकामना पूर्ति, शांति और आर्थिक स्थिरता से जोड़कर देखते हैं।

    राशि अनुसार पूजा का महत्व
    ज्योतिष के अनुसार हर राशि पर अलग ग्रहों का प्रभाव होता है। जब पूजा सामग्री और मंत्र राशि के अनुरूप होते हैं, तो साधक का ध्यान केंद्रित रहता है और पूजा अधिक प्रभावी मानी जाती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि विशेष रूप से मेष, कर्क, सिंह, कन्या, मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों के लिए सोमवार व्रत अत्यंत फलदायी होता है।

    मेष से मिथुन राशि के उपाय

    मेष राशि: शिवलिंग पर जल में गुड़ या शहद मिलाकर अभिषेक करना शुभ माना जाता है। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और रुके कार्यों में गति आती है।

    वृषभ राशि: दूध, दही या चंदन से अभिषेक करना लाभकारी है। इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और पारिवारिक जीवन में संतुलन आता है।

    मिथुन राशि: गंगाजल में दूर्वा मिलाकर अभिषेक करने से मानसिक तनाव में कमी आती है और वाणी में मधुरता बढ़ती है।

    कर्क से कन्या राशि के उपाय
    कर्क राशि: दूध या घी से अभिषेक और  ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप मन को शांति देता है।

    सिंह राशि: गुड़ या शहद मिले जल से अभिषेक और दीपक जलाना मान-सम्मान और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करता है।

    कन्या राशि: गन्ने के रस या भांग के पत्तों से अभिषेक करना कार्यक्षेत्र में सफलता दिलाने वाला माना जाता है।

    तुला से मीन राशि के उपाय
    तुला राशि: इत्र मिले जल या शुद्ध घी से पूजा करने से दांपत्य जीवन में मधुरता आती है।

    वृश्चिक राशि: सुगंधित दूध या गंगाजल से अभिषेक आत्मबल बढ़ाता है।

    धनु राशि: केसर युक्त दूध से अभिषेक करने से भाग्य पक्ष मजबूत होता है।

    मकर राशि: काले तिल मिले जल से अभिषेक और दान करने से शनि संबंधी बाधाओं में राहत मिलती है।

    कुंभ राशि: सफेद तिल या गन्ने के रस से शिव पूजन लाभकारी है।

    मीन राशि: दूध और भांग के पत्तों से अभिषेक शुभ माना जाता है।

    ध्यान रखने योग्य बातें
    धार्मिक जानकारों का कहना है कि पूजा और व्रत में श्रद्धा, संयम और नियमितता सबसे जरूरी हैं। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले अपनी राशि, ग्रह स्थिति और आस्था के अनुसार निर्णय लेना चाहिए।विशेषज्ञों का मानना है कि राशि अनुसार सोमवार व्रत और शिव पूजन करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि जीवन में स्थिरता, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा भी बढ़ती है। पूजा के साथ संयमित आहार और ध्यान का पालन करने से लाभ और अधिक बढ़ जाता है।सोमवार व्रत को नियमित रूप से करने से मानसिक संतुलन, पारिवारिक सुख और आर्थिक प्रगति में सहायक सिद्ध होता है। इसके अलावा, यह उपाय जीवन में अनुशासन और सकारात्मक सोच को भी मजबूत करता है।

  • नोएडा एक्सप्रेसवे पर चलती हुई कार में लगी आग, बाल बाल बचा चालक

    नोएडा एक्सप्रेसवे पर चलती हुई कार में लगी आग, बाल बाल बचा चालक


    नोएडा।
    उत्तर प्रदेश के नोयडा में थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र के नोएडा एक्सप्रेसवे पर रविवार की देर रात को चलती हुई टाटा पंच कार में अज्ञात कारण से भयंकर आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। लोगों ने इसकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने वालों के अनुसार सूचना देने के एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। इस घटना के चलते हाईवे पर देर रात को काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।

    मुख्यदमकल अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि मायचा गांव के रहने वाले भूपेंद्र अपनी टाटा पंच कार में सवार होकर रविवार की रात को नोएडा एक्सप्रेसवे के रास्ते ग्रेटर नोएडा से नोएडा जा रहे थे, तभी उनकी कार में अचानक आग लग गई। उन्होंने चलती कार से कूदकर अपनी जान बचाई। उन्होंने बताया कि आग की सूचना पाकर मौके पर दमकल विभाग की गाड़ी पहुंची, तथा आग पर काबू पाया। आग के चलते कार पूरी तरह से जल गई है। दमकल विभाग के अधिकारी आग लगने के कारण का पता लगा रहे हैं। वहीं इस घटना के चलते मौके पर अफरा- तफरी का माहौल हो गया। काफी वाहन चालक घटनास्थल के आसपास अपनी गाड़ियों को खड़ा करके वीडियो बनाने लगे। लोगों ने वीडियो में इस बात का जिक्र किया है की घटना की सूचना के 1 घंटे बाद दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंची। इस घटना के चलते हाईवे पर देर रात को काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही।

  • रूस- यूक्रेन युद्धः ट्रंप और जेलेंस्की यूक्रेन शांति योजना पर लगभग सहमत

    रूस- यूक्रेन युद्धः ट्रंप और जेलेंस्की यूक्रेन शांति योजना पर लगभग सहमत


    फ्लोरिडा।
    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने रविवार को संयुक्त बयान में कहा कि हम दोनों यूक्रेन शांति योजना पर लगभग सहमत हैं। दोनों नेताओं ने यहां के मार-ए-लागो में यूक्रेन-रूस के बीच शांति समझौते को लेकर अहम बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में यह बयान जारी किया। उन्होंने यूक्रेन-रूस युद्ध और संभावित शांति समझौते पर चर्चा की।

    सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा, “यह बैठक शानदार रही। मैंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी फोन पर लगभग दो घंटे से अधिक समय तक बातचीत की। अब लग रहा है कि हम शांति योजना पर बहुत करीब आ गए हैं। पुतिन और मैंने अभी यूरोपीय नेताओं से भी बात की। हमने यूक्रेन-रूस युद्ध को खत्म करने पर बहुत प्रगति की है। यह लड़ाई दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे घातक है।” जेलेंस्की ने कुछ दिन पहले इस मसले पर अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर से बातचीत कर चुके हैं।

    यहां यह महत्वपूर्ण है कि ट्रंप की 20 सूत्री योजना के मसौदे की अभी क्रेमलिन समीक्षा नहीं कर सका है। मॉस्को ने अब तक अपनी क्षेत्रीय मांगों पर कोई नरमी दिखाने के संकेत भी नहीं दिए हैं। जेलेंस्की ने जरूर रविवार को कहा कि वह और ट्रंप योजना पर 90 फीसद सहमत हैं। ट्रंप और जेलेंस्की ने डोनबास जैसे क्षेत्रीय मुद्दों को “बहुत कठिन सवाल” बताया। जेलेंस्की ने यूक्रेन के शुभचिंतक देशों से रूस के शनिवार को कीव पर हमला करने के बावजूद शांति योजना पर समर्थन जारी रखने का आग्रह किया।

    सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, जेलेंस्की ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राष्ट्रपति ट्रपं के जनवरी में वाशिंगटन में यूरोपीय नेताओं की मेजबानी करेंगे। इस बैठक में वह भी मौजूद रहेंगे। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने और जेलेंस्की ने फ्रांस, फिनलैंड, पोलैंड, नॉर्वे, इटली, यूके और जर्मनी के नेताओं के साथ नाटो और यूरोपीय आयोग के नेताओं से भी बात की। जेलेंस्की ने इस दौरान यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी के महत्व पर जोर दिया। युद्ध खत्म होने संभावित समय-सीमा के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि ” इसमें कुछ हफ्ते लग सकते हैं।

    ट्रंप और जेलेंस्की के बीच चली लगभग ढाई घंटे की बातचीत के दौरान मार-ए-लागो के डाइनिंग रूम में विटकॉफ और कुशनर, व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और युद्ध सचिव पीट हेगसेथ मौजूद रहे।

  • ट्रोलिंग पर नहीं, परिवार के लिए लिया ब्रेक, जेमी लीवर ने तान्या मित्तल मिमिक्री विवाद पर तोड़ी चुप्पी

    ट्रोलिंग पर नहीं, परिवार के लिए लिया ब्रेक, जेमी लीवर ने तान्या मित्तल मिमिक्री विवाद पर तोड़ी चुप्पी



    नई दिल्ली। कॉमेडियन और मिमिक्री आर्टिस्ट जेमी लीवर ने सोशल मीडिया से ब्रेक लेने की वजह साफ कर दी है। हाल ही में उन्होंने तान्या मित्तल की मिमिक्री वाला एक वीडियो शेयर किया था, जिस पर उन्हें ट्रोल किया गया। इस ट्रोलिंग के कारण उनके ब्रेक लेने की खबरें उड़ी थीं, लेकिन जेमी ने एक मीडिया को बताया कि उनका ब्रेक पूरी तरह व्यक्तिगत है और परिवार के लिए लिया गया है, न कि किसी ट्रोलिंग के कारण।
    इस दौरान उन्होंने महसूस किया कि उन्हें अपने परिवार के साथ समय बिताने की जरूरत है, इसलिए उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बनाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि तान्या मित्तल ने उनके वीडियो पर कोई रिएक्शन नहीं दिया और उनके बीच कोई कम्यूनिकेशन नहीं है।

    मिमिक्री को लेकर जेमी ने कहा कि यह एक कला है और इसे समझने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि मिमिक्री करते समय बॉडी लैंग्वेज, फेशियल एक्सप्रेशन और वॉइस टोन का इस्तेमाल जरूरी होता है।

    अगर किसी को वीडियो पसंद नहीं आता, तो उन्हें बस इसे देखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि मिमिक्री को मजाक या बॉडीशेमिंग समझना गलत है।

    भविष्य की योजनाओं के बारे में जेमी ने कहा कि फिलहाल वह सिर्फ परिवार के साथ समय बिताना चाहती हैं। उनके रिश्तेदार अलग-अलग शहरों से आए हैं और वह उनके साथ क्वालिटी टाइम बिताना चाहती हैं। उन्होंने संकेत दिया कि अगले साल वह सोशल मीडिया पर वापसी करेंगी और अपने फैंस को फिर से एंटरटेन करेंगी। इस तरह जेमी ने साफ कर दिया कि उनका ब्रेक व्यक्तिगत जरूरतों और परिवार के लिए है, न कि किसी ट्रोलिंग के कारण।

  • सागर के हिलगन के जंगल में मृत मिला बाघ, वन विभाग में मचा हड़कंप

    सागर के हिलगन के जंगल में मृत मिला बाघ, वन विभाग में मचा हड़कंप

    सागर। मध्‍य प्रदेश के सागर जिले के ढाना वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम हिलगन के जंगल में रविवार को एक बाघ मृत अवस्था में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया। दोपहर करीब 2 बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच प्रक्रिया शुरू की गई।

    ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना पर प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव का एक ग्रामीण जंगल की ओर गया हुआ था। इसी दौरान उसकी नजर जंगल में पड़े एक मृत बाघ पर पड़ी। बाघ को इस हालत में देखकर वह घबरा गया और तत्काल गांव लौटकर अन्य ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को जानकारी दिए जाने पर अधिकारी और कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे।

    मृत शेर का शरीर काफी फूला हुआ पाया

    मौके पर मौजूद अधिकारियों के अनुसार, मृत बाघ का शरीर काफी फूला हुआ पाया गया है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि उसकी मौत एक या दो दिन पहले हो चुकी होगी। हालांकि बाघ की मौत किन कारणों से हुई, इसका स्पष्ट खुलासा फिलहाल नहीं हो सका है। वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही संभव हो पाएगी

    समीप ही रानी वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का क्षेत्र

    वन विभाग ने बताया कि जिस स्थान पर बाघ मृत मिला है, उसके समीप ही रानी वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का क्षेत्र आता है। इस रिजर्व में बाघ, तेंदुआ सहित कई बड़े वन्य जीवों की मौजूदगी रहती है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यह बाघ टाइगर रिजर्व क्षेत्र से भटककर हिलगन के जंगल तक पहुंचा होगा।

    वरिष्ठ वन अधिकारी भी मौके पर

    घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ वन अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया है और आसपास के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वन विभाग द्वारा सभी संभावित पहलुओं पर जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बाघ की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है।

    वन विभाग का क्या है कहना?वन विभाग के अनुसार प्राथमिक जांच में मृत बाघ के शरीर पर किसी तरह की बाहरी चोट या संघर्ष के निशान नहीं पाए गए हैं। ऐसे में बाघ की मौत को लेकर रहस्य बना हुआ है। फिलहाल मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। ढाना रेंजर प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि मृत बाघ की उम्र करीब 8 से 10 वर्ष है और वह मादा है। बाघ का शव हिलगन गांव के पास जंगल क्षेत्र में मिला है। वन विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही शेर की मौत के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी। फिलहाल यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • मप्र में खेती बनी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़, टमाटर कर रहा किसानों को समृद्ध

    मप्र में खेती बनी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़, टमाटर कर रहा किसानों को समृद्ध

     अब यह सिर्फ जीवन-यापन का साधन नहीं रही है, राज्‍य में खेती करना मतलब किसानों की समृद्धि, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन बनना है। खासतौर पर टमाटर की खेती ने प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है।

    निरंतर बढ़ते रकबे, रिकॉर्ड उत्पादन, आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकार की दूरदर्शी नीतियों के चलते आज देश का सबसे बड़ा टमाटर उत्पादक राज्य बनकर मप्र उभरा है। दिसंबर 2025 के संदर्भ में देखें तो मध्य प्रदेश सब्जी उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर अपनी स्थिति और मजबूत कर चुका है। प्रदेश में अब लगभग 13 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सब्जियों की खेती हो रही है, जिसमें टमाटर का योगदान सबसे अधिक है।

    वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआत तक टमाटर की खेती का रकबा बढ़कर करीब 1 लाख 35 हजार हेक्टेयर के आसपास पहुँच चुका था। अनुमान है कि इससे 38 से 40 लाख मीट्रिक टन तक टमाटर उत्पादन हो रहा है, जोकि देश की कुल सब्जी आपूर्ति में मध्य प्रदेश की अहम भूमिका को दर्शाता है। इसके साथ ही स्‍वभाविक तौर पर दिसम्‍बर तक उत्‍पादन का आंकड़ा ओर ऊपर गया है। पिछले पाँच वर्षों में टमाटर के रकबे में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2021-22 में जहाँ टमाटर की खेती लगभग 1.10 लाख हेक्टेयर में होती थी, वहीं दिसंबर 2025 तक यह आंकड़ा लगभग 25 हजार हेक्टेयर की बढ़ोतरी के साथ नए रिकॉर्ड पर पहुँच गया है। यह विस्तार सिर्फ क्षेत्रफल तक सीमित नहीं रहा है गुणवत्ता, उत्पादकता और बाजार में विश्वसनीयता का भी प्रमाण है।

    उल्‍लेखनीय है कि प्रदेश के टमाटर की मांग महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के अलावा दिल्ली-एनसीआर, गुजरात और पूर्वी भारत के कई बड़े मंडी केंद्रों तक है। ताजगी, बेहतर आकार, लंबी शेल्फ लाइफ और स्वाद के कारण मध्य प्रदेश का टमाटर थोक व्यापारियों और प्रोसेसिंग उद्योगों की पहली पसंद बन गया है। उत्पादकता के मामले में भी राज्‍य ने अच्‍छी प्रगति की है। दिसंबर 2025 तक टमाटर की औसत उत्पादकता लगभग 29 से 30 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर तक पहुँच गई है, जोकि प्रदेश की औसत उद्यानिकी उत्पादकता से लगभग दोगुनी है। यह सफलता उन्नत बीजों, वैज्ञानिक फसल प्रबंधन, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई तथा समय पर तकनीकी मार्गदर्शन का परिणाम है।

    प्रदेश में कुल उद्यानिकी फसलों का रकबा अब लगभग 27 लाख हेक्टेयर तक पहुँच गया है, जिसमें सब्जियों का हिस्सा लगातार बढ़ रहा है। टमाटर के साथ-साथ धनिया और लहसुन के उत्पादन में भी मध्य प्रदेश दिसंबर 2025 तक देश में प्रथम स्थान बनाए हुए है। इससे राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को बहुआयामी मजबूती मिली है। राज्य सरकार की योजनाओं ने इस परिवर्तन में निर्णायक भूमिका निभाई है। टमाटर के प्रमाणित बीजों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान, सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं में सब्सिडी, फसल बीमा और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के माध्यम से सामूहिक विपणन ने किसानों का जोखिम कम किया है। साथ ही प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना के तहत टमाटर आधारित प्रसंस्करण इकाइयों की संख्या भी 2025 तक तेजी से बढ़ी है।

    अनूपपुर जिला इस सफलता की जीवंत मिसाल बनकर उभरा है। दिसंबर 2025 तक जिले में लगभग 16 हजार किसान टमाटर की खेती से जुड़े हैं और उत्पादन 1.5 लाख मीट्रिक टन के करीब पहुँच गया है। जैतहरी, अनूपपुर और पुष्पराजगढ़ के क्लस्टरों से टमाटर अब मध्यप्रदेश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के बड़े बाजारों में भेजा जा रहा है। किसानों की आमदनी में भी बड़ा बदलाव आया है। जहाँ पहले पारंपरिक फसलों से सीमित आय होती थी, वहीं अब टमाटर की खेती से प्रति एकड़ औसतन 80 हजार से एक लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ संभव हो रहा है। महिला किसानों की भागीदारी भी बढ़ी है, जिससे सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिला है।

    कृषि विशेषज्ञों का इस संबंध में मानना है कि यदि दिसंबर 2025 के बाद कोल्ड स्टोरेज, परिवहन, निर्यात और बड़े स्तर के प्रसंस्करण ढांचे को और सशक्त किया जाए, तो मध्य प्रदेश न केवल भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी टमाटर उत्पादन का प्रमुख केंद्र बन सकता है। इस तरह देखें तो दिसंबर 2025 में टमाटर मध्य प्रदेश के किसानों के लिए ‘लाल सोना’ साबित हुआ है, जिसने उनकी आय, आत्मविश्वास और भविष्य तीनों को नई दिशा दी है।

  • इंदौरः दो कारों के बीच जोरदार भिंड़त, एक की मौत और सात घायल

    इंदौरः दो कारों के बीच जोरदार भिंड़त, एक की मौत और सात घायल


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में ग्राम उमरीखेड़ा के पास सोमवार सुबह दो कारों के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    तेजाजी नगर थाना पुलिस के अनुसार, उमरीखेड़ा के पास सोमवार सुबह दो कारों के बीच टक्कर हो गई। इनमें से एक कार सनावद से इंदौर आ रही थी। उसमें एक मरीज था, जिसे इलाज के लिए इंदौर लाया जा रहा था। वहीं दूसरी कार उज्जैन से ओंकारेश्वर जा रही थी। यहां उज्जैन की कार के ड्राइवर को झपकी लग गई। वह सामने से आ रही कार से जा टकराया। सूचना के बाद तेजाजी नगर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

    इंदौर के तेजाजी नगर थाना प्रभारी देवेन्द्र मरकाम ने बताया कि सोमवार सुबह उमरीखेड़ा के पास उज्जैन से ओंकारेश्वर जा रही कार और सनावद से इंदौर आ रही कार आपस में टकरा गई। हादसे में मुंबई निवासी निखिल कोठारी, उनकी पत्नी सलोनी, अमन पुत्र रशीद खान निवासी उज्जैन, ओमप्रकाश पुत्र आलोक चंद निवासी सनावद, चेतराम पुत्र बारेलाल निवासी सनावद, अरबाज निवासी सनावद और पवन निवासी सदरसर घायल हैं। वहीं भैयालाल (45 वर्ष) पुत्र लक्ष्मलाल निवासी सनावद की अस्पताल में मौत हो गई है।

    परिवार के लोगों ने बताया कि इंदौर आ रही कार में ओमप्रकाश, चेतराम और मरीज भैयालाल सवार थे। भैयालाल को इंदौर इलाज के लिए लाया जा रहा था। हादसे में भैयालाल की मौत हो गई है। वहीं ओमप्रकाश को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चेतराम और भैयालाल आपस में रिश्तेदार हैं। मुंबई के दंपत्ति ने बताया कि वह उज्जैन-ओंकारेश्वर में दर्शन करने आए थे। यहां पर उज्जैन में रविवार को रुके थे। टैक्सी किराए से ली थी और ओंकारेश्वर के लिए निकले थे, तभी रास्ते में हादसा हो गया। दंपत्ति मुंबई में ही जॉब करते हैं। वे मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं।

  • आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अयोध्या में किए श्रीरामलला के दर्शन

    आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अयोध्या में किए श्रीरामलला के दर्शन

    आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को रामजन्मभूमि में दर्शन पूजन कर श्रीरामलला का आशीर्वाद लिया। उन्होंने मन्दिर की यज्ञशाला के अनुष्ठान में भाग लिया और श्रीराम लला का दर्शन पूजन करने के साथ ही उन्होंने सम्पूर्ण निर्माण को उत्सुकता से निहारा।

    मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जगतगुरु माधवाचार्य का भी आशीर्वाद लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आज मुझे अयोध्या के दिव्य और भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन और प्रार्थना करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यहां एक बार फिर आना मेरे लिए शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक रूप से उत्थानकारी अनुभव रहा।

    भगवान श्रीराम के मूल्य और आदर्श हम सभी के लिए शाश्वत शिक्षा हैं। ईश्वर करे कि वे हमें सदा मार्गदर्शन और प्रेरणा देते रहें। राम जन्मभूमि में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट महामंत्री चम्पत राय ने मुख्यमंत्री का स्वागत कर निर्माण की बारीकियों को बताया। इस अवसर पर ट्रस्ट सदस्य डाॅ. अनिल मिश्र, गोपाल राव, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही उपस्थित रहे। इसके बाद मुख्यमंत्री आंध्र प्रदेश वापस लौट गए।