शांतिपूर्ण लेकिन सख्त कार्रवाई
कलेक्टर ने 23 कॉलोनियों को रडार पर लिया
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
रजिस्ट्री-नामांतरण पर प्रतिबंध

शांतिपूर्ण लेकिन सख्त कार्रवाई
कलेक्टर ने 23 कॉलोनियों को रडार पर लिया
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
रजिस्ट्री-नामांतरण पर प्रतिबंध

आयुष मंत्रालय ने एक पोस्ट के माध्यम से इन चार आसान उपायों को साझा किया है जिनमें से पहला उपाय है आई पामिंग। इस विधि में दोनों हाथों की हथेलियों को आपस में रगड़कर गर्म किया जाता है और फिर इन्हें आंखों पर रखा जाता है। इससे आंखों की थकान कम होती है और आंखें रिलैक्स महसूस करती हैं। लगातार स्क्रीन पर काम करने से आंखों की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है और आई पामिंग इस दबाव को कम करने में मदद करता है।
दूसरा उपाय है त्राटक। यह एक अभ्यास है जिसमें मोमबत्ती की लौ को बिना पलक झपकाए कुछ देर तक देखा जाता है। यह अभ्यास आंखों की रोशनी को बेहतर करने आंखों की सफाई और आंखों की नमी को बनाए रखने में मदद करता है। त्राटक से आंखों की आंतरिक स्पष्टता बढ़ती है और यह आँखों की थकान को कम करता है।
तीसरा उपाय है गीले कॉटन पैड का इस्तेमाल। गीले कॉटन पैड से आंखों के तनाव को कम किया जा सकता है और सिर दर्द से भी राहत मिलती है। इसके लिए रूई को ठंडे पानी या गुलाब जल में भिगोकर आंखों पर कुछ देर के लिए रखा जाता है। यह उपाय आंखों के नीचे सूजन को कम करने और आंखों को ताजगी देने के लिए बहुत प्रभावी है। कुछ लोग इसकी जगह खीरे के टुकड़े भी इस्तेमाल करते हैं।
चौथा उपाय है भाप लेना। सर्दियों में कई बार आंखों में गंदगी जमा हो जाती है जिससे पलके चिपकने लगती हैं। हल्की भाप से आंखों को शुद्ध किया जा सकता है जिससे पलके चिपकने से बचती हैं। हालांकि ध्यान रखें कि अधिक भाप लेने से आंखों की ड्राइनेस बढ़ सकती है इसलिए इसे संतुलित मात्रा में लें।

लखनऊ की ब्यूटी एक्सपर्ट अमरीश कौर के अनुसार, सबसे पहला कदम है बार-बार मॉइस्चराइज करना। इसके लिए हैंड क्रीम और फेस मॉइस्चराइजर चुनते समय ऐसे प्रोडक्ट्स का चयन करें जिसमें शीया बटर, एलोवेरा या हयालूरोनिक एसिड हो। हर बार हाथ धोने और चेहरे को साफ करने के बाद मॉइस्चराइज करना बेहद जरूरी है।
रात में स्किन की देखभाल और भी ज्यादा असरदार होती है। सोने से पहले चेहरे और हाथों पर पेट्रोलियम जेली या विटामिन ई ऑयल लगाकर कॉटन ग्लव्स और मोज़े पहनें। इससे स्किन पूरी रात पोषित और मुलायम रहती है। हफ्ते में एक बार हल्का एक्सफोलिएशन करना भी जरूरी है। चीनी और ऑलिव ऑयल मिलाकर चेहरे और हाथों की मृत त्वचा को हटाएं और फिर मॉइस्चराइज करें।
नाखून और सनस्क्रीन का महत्व
सर्दियों में सिर्फ चेहरे और हाथ ही नहीं, बल्कि नाखूनों और क्यूटिकल की देखभाल भी जरूरी है। रात में क्यूटिकल ऑयल लगाकर हल्की मसाज करने से नाखून मजबूत रहते हैं। दिन में बाहर निकलते समय SPF वाली हैंड क्रीम और फेस सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना त्वचा को UV किरणों से बचाता है और झुर्रियों को रोकता है।
हवा और धूप दोनों ही त्वचा से नमी चुराते हैं, इसलिए ग्लव्स पहनना जरूरी है। घर में बर्तन धोते समय, सफाई करते समय या बगीचे में काम करते समय भी दस्ताने पहनें। माइल्ड साबुन का उपयोग करें और बहुत गर्म पानी की जगह गुनगुना पानी ही इस्तेमाल करें।
नेचुरल उपाय और पोषण
त्वचा की सुंदरता सिर्फ बाहरी देखभाल से नहीं आती। पर्याप्त पानी पीना, संतुलित आहार लेना और सही नींद लेना भी जरूरी है। गाजर, पालक, टमाटर और मेवे जैसी चीजें विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं और त्वचा को अंदर से पोषण देती हैं। इसके अलावा, घर पर तैयार नेचुरल फेस पैक और मास्क जैसे हल्दी और दूध, दही और शहद, एवोकैडो और शहद आदि का इस्तेमाल किया जा सकता है। ये न केवल त्वचा को मॉइस्चराइज करते हैं बल्कि उसे प्राकृतिक चमक भी देते हैं।
सर्दियों में त्वचा की देखभाल के लिए सही रूटीन अपनाना बेहद जरूरी है। बार-बार मॉइस्चराइज करना, रात की ओवरनाइट केयर, एक्सफोलिएशन, सनस्क्रीन का इस्तेमाल और ग्लव्स पहनना आपकी त्वचा को रूखेपन से बचाएगा। नेचुरल प्रोडक्ट्स और संतुलित जीवनशैली से त्वचा हमेशा मुलायम, नर्म और चमकदार बनी रहेगी। नियमित आदतों और सही प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से सर्दियों में भी त्वचा की खूबसूरती बरकरार रखी जा सकती है।

प्राचीन सभ्यताओं में बाल धोने का कार्य केवल स्वच्छता से जुड़ा नहीं था बल्कि इसे आध्यात्मिक और प्राकृतिक दृष्टिकोण से भी देखा जाता था। मिस्र भारत और अन्य सभ्यताओं में बाल धोने के पीछे एक गहरी सोच और सिद्धांत था। उदाहरण के लिए हमारे पूर्वजों का मानना था कि बालों के साथ शरीर की ऊर्जा भी जुड़ी होती है और खास दिन जैसे पूर्णिमा अमावस्या या शनिवार को बाल धोने से शरीर की ऊर्जा में असंतुलन हो सकता है। इन दिनो को शुद्धता और मानसिक संतुलन के लिए अवकाश के रूप में देखा जाता था और इन दिनों को शरीर की ऊर्जा को पुनः संतुलित करने के लिए उपयोग किया जाता था।
बाल धोने को लेकर धार्मिक दृष्टिकोण भी काफी महत्वपूर्ण था। हिन्दू धर्म में शास्त्रों में बताया गया है कि विशेष अवसरों पर बाल धोने से पुण्य मिलता है। इसके अलावा बाल धोते वक्त शरीर और मस्तिष्क की शुद्धि के साथ-साथ नकारात्मक ऊर्जा से बचने का भी ध्यान रखा जाता था। कई बार पुराने जमाने में बाल धोने को एक मानसिक प्रक्रिया के रूप में देखा जाता था जिसे आंतरिक शांति और संतुलन प्राप्त करने के लिए अपनाया जाता था।
मिस्र में भी बाल धोने के दौरान रचनात्मक और आध्यात्मिक विचारों का एक मिश्रण था। वहाँ के लोग मानते थे कि बालों में शरीर की पवित्रता और आत्मा की शक्ति को भी संजोया जाता है और इसलिए विशेष अवसरों पर बाल धोने से आत्मा की शुद्धि होती थी। इस तरह से बाल धोने को एक आध्यात्मिक अनुष्ठान समझा जाता था न कि केवल स्वच्छता का एक साधारण काम।
यद्यपि आज के समय में इन नियमों को तर्कहीन या अंधविश्वास समझा जाता है फिर भी ये हमारे पूर्वजों की जीवन के साथ जुड़ी गहरी समझ और उनके ज्ञान का प्रतीक हैं। अब जबकि हम वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बहुत सी चीजों को समझने लगे हैं फिर भी हमें इन पारंपरिक मान्यताओं को सम्मान के साथ देखना चाहिए क्योंकि ये शारीरिक और मानसिक संतुलन के लिए एक रचनात्मक पहलू को प्रस्तुत करती हैं।

मकर संक्रांति का पर्व खासतौर पर सूर्य देव की पूजा दान और पुण्य के लिए प्रसिद्ध है। 14 जनवरी 2026 को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे और यह दिन विशेष रूप से स्नान दान और पूजा के लिए उत्तम रहेगा। दान और पुण्य का समयदोपहर 0307 बजे से शाम 0602 बजे तक रहेगा।
शुभ कार्यइस अवधि में तिल गुड़ अन्न और वस्त्र दान करना विशेष फलदायी माना जाता है। इसके अलावा मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान करना तिल और गुड़ का दान करना तथा पितरों के लिए तर्पण करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।
षटतिला एकादशी
माघ माह के कृष्ण पक्ष की षटतिला एकादशी भी 14 जनवरी को पड़ रही है जो भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है। इस दिन विशेष रूप से तिल का सेवन और तिल से संबंधित धार्मिक कार्य जैसे तिल का उबटन स्नान हवन और दान का महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से उनके आशीर्वाद की प्राप्ति होती है और यह संयोग मकर संक्रांति के साथ बहुत लाभकारी माना जाता है।
पोंगल और माघ बिहू
14 जनवरी से पोंगल और माघ बिहू जैसे कृषि पर्वों का भी आरंभ होगा। ये पर्व भारत के विभिन्न हिस्सों में बड़े धूमधाम से मनाए जाते हैं। पोंगल तमिलनाडु यह चार दिनों तक चलने वाला एक प्रमुख कृषि पर्व है जिसमें सूर्य देव और इंद्र देव की पूजा की जाती है।माघ बिहू असम असम में यह पर्व अग्नि देव की पूजा और नई फसल के स्वागत के रूप में मनाया जाता है।
इस महासंयोग पर क्या करें
इस दिन के धार्मिक महत्व को देखते हुए इन कार्यों को करना विशेष लाभकारी माना जाता हैमहा-दानतिल गुड़ खिचड़ी अन्न और गर्म कपड़ों का दान करें। यह आपके पुण्य को बढ़ाता है और पुराने पापों से मुक्ति दिलाने में सहायक होता है।पवित्र स्नान गंगा या किसी अन्य पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि संभव न हो तो घर में गंगाजल और तिल डालकर स्नान करें। तर्पणपितरों की शांति के लिए तिल से तर्पण करना भी अत्यधिक लाभकारी माना जाता है। यह आपके परिवार के लिए आशीर्वाद का कारण बनता है।

पिछले सात दिनों से दोनों एनसीपी गुटों के बीच संभावित गठबंधन पर चर्चा चल रही थी, लेकिन बातचीत अंततः असफल रही।
अजित पवार ने 68 सीटों का प्रस्ताव ठुकराया
अजित पवार ने तर्क दिया कि 2017 के PMC चुनाव में एनसीपी एकजुट थी, तब केवल 43 सीटें जीती थीं। इसलिए 68 सीटों की मांग अव्यवहारिक है।
इस इनकार के बाद सुप्रिया सुले और जयंत पाटिल सहित NCP-SP के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि PMC चुनाव एमवीए के साथ मिलकर लड़ा जाएगा।
शरद पवार गुट की MVA में वापसी
पहले शरद पवार गुट और अजित पवार के गठबंधन की संभावना ने एमवीए में दरार पैदा कर दी थी जिसके चलते कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) अलग होकर चुनाव लड़ने की योजना बना रहे थे। लेकिन अब एनसीपी-एसपी के एमवीए में लौटने से तीनों दलों के बीच समन्वय बैठकें फिर शुरू हो गई हैं।
अजित पवार ने इस बीच शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे और पुणे में उनके नेतृत्व वाली शिवसेना नेताओं से संपर्क साधा। सूत्रों के मुताबिक एनसीपी की शिवसेना नेता उदय सामंत के साथ भी बातचीत चल रही है और अजित पवार समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।

टीज़र की खास बातें
टीज़र की शुरुआत सलमान की आवाज़ से होती है, जिसमें वे अपने सैनिकों को दुश्मन से लड़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
फिल्म की टीम और रिलीज़ डेट
बैटल ऑफ़ गलवान 17 अप्रैल, 2026 को थिएटर्स में रिलीज़ होगी।
फैंस की प्रतिक्रिया
टीज़र रिलीज़ होने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने इसे शानदार प्रतिक्रिया दी। एक फैन ने लिखा, सलमान खान 2026 में वापसी कर रहे हैं एक प्यूअर ब्लॉकबस्टर फिल्म के साथ। एक अन्य ने कहा, अब यह कहा जाएगा कमबैक फिल्म।
सलमान खान का कहना
सलमान ने पहले इंटरव्यू में बताया कि फिल्म शारीरिक रूप से बेहद demanding है। उन्होंने कहा, फिल्म के लिए ट्रेनिंग करना बहुत कठिन है। पहले मैं एक-दो हफ्तों में तैयार हो जाता था, अब मुझे रोज़ दौड़ना, किक, पंच और हर तरह की ट्रेनिंग करनी पड़ती है। इस फिल्म में यही सब करना जरूरी है।

सलमान खान का धूमधाम से 60वां जन्मदिन
सलमान ने अपने जन्मदिन की पार्टी पनवेल स्थित फार्महाउस में मनाई। इस मौके पर बॉलीवुड और क्रिकेट जगत के कई बड़े सितारे मौजूद थे, जिनमें हिमा क़ुरैशी, संगीता बिजलानी, एमएस धोनी और मीका सिंह शामिल थे।
वर्क फ्रंट की खबरें
वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान की पिछली फिल्म Sikandar बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। इसके बाद उन्होंने अपने बेटे आर्यन खान के वेब शो The Ba*ds of Bollywood** में कैमियो किया, जिसे फैन्स ने खूब पसंद किया।
सलमान अगली बार फिल्म Battle of Galwan में नजर आएंगे। इस फिल्म में चितरंगदा सिंह मुख्य भूमिका में हैं।
सलमान खान का 60वां जन्मदिन केवल उम्र का आंकड़ा नहीं, बल्कि उनके फैंस के लिए बॉलीवुड के सुपरस्टार की यादगार झलक और पलों की खुशी लेकर आया। कटरीना का यह प्यार भरा संदेश इस खास मौके को और यादगार बना गया।