Author: bharati

  • दीपू चंद्र दास की बांग्लादेश में जलाए जाने की घटना पर जाह्नवी कपूर का गुस्सा बोलीं यही पाखंड हमें तबाह कर देगा

    दीपू चंद्र दास की बांग्लादेश में जलाए जाने की घटना पर जाह्नवी कपूर का गुस्सा बोलीं यही पाखंड हमें तबाह कर देगा


    नई दिल्ली। हाल ही में बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास को जिंदा जला दिया गया था। इस बर्बरता ने हर किसी को हिला दिया। अब जाह्नवी कपूर ने बांग्लादेश लिंचिंग पर रिएक्शन दिया है। जाह्नवी कपूर ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा चौड़ा नोट लिखकर बांग्लादेश में हुई दर्दनाक घटनाक पर गुस्सा जाहिर किया है। इस घटना ने एक्ट्रेस को अंदर तक हिला दिया है। उन्होंने सवाल उठाया है।

    बांग्लादेश लिंचिंग पर बोलीं जाह्नवी कपूर

    जाह्नवी कपूर ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा बांग्लादेश में जो हो रहा है वह बर्बर है। यह नरसंहार है और यह कोई अकेली घटना नहीं है। अगर आपको इस अमानवीय पब्लिक लिंचिंग के बारे में नहीं पता तो इसके बारे में पढ़ें वीडियो देखें सवाल पूछें। और अगर इन सबके बावजूद आपको गुस्सा नहीं आता तो यही पाखंड हमें तबाह कर देगा। हम दुनिया के दूसरे कोने में होने वाली चीजों पर रोते रहेंगे जबकि हमारे अपने भाई-बहनों को जिंदा जला दिया जाएगा।

    जाह्नवी कपूर ने आगे कहा किसी भी और हर तरह के उग्रवाद को हमारी इंसानियत भूलने से पहले ही सामने लाना और उसकी निंदा करना जरूरी है। हम प्यादे हैं जो मानते हैं कि हम एक अनदेखी लाइन के दोनों तरफ रहते हैं। इसे पहचानें और खुद को ज्ञान से लैस करें ताकि आप उन मासूम जिंदगियों के लिए आवाज उठा सकें जो इस सांप्रदायिक क्रॉस फायर में लगातार खत्म हो रही हैं और आतंकित हो रही हैं।

    जाह्नवी कपूर की अपकमिंग फिल्म
    बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर इन दिनों अपनी फिल्म होमबाउंड को लेकर चर्चा में हैं जो ऑस्कर 2026 में जाने के लिए सिलेक्ट हुई है। आखिरी बार एक्ट्रेस को वरुण धवन के साथ फिल्म सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी में देखा गया था। वह राम चरण के साथ पेड्डी मूवी में नजर आएंगी।

  • बिना काम के पूरे दिन थकान अनदेखा न करें हो सकती है इस विटामिन की कमी

    बिना काम के पूरे दिन थकान अनदेखा न करें हो सकती है इस विटामिन की कमी


    नई दिल्ली । काम के बाद थकान होना स्वाभाविक होता है लेकिन अगर इसका अहसास पूरे दिन बना रहता है तो इसे नजरअंदाज न करें। थकान के पीछे कई कारण हो सकते हैं लेकिन बार-बार होने वाली थकान कमजोरी की निशानी है जो पूरे शरीर को बेजान बना देती है। शरीर की कमजोरी विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी का संकेत देती है।

    विटामिन बी कॉम्प्लेक्स बाकी विटामिन की तरह ही हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। विटामिन बी कॉम्प्लेक्स में एक नहीं बल्कि आठ अलग-अलग तरह के विटामिन होते हैं जिनमें विटामिन बी-1 बी-2 बी-3 बी-5 बी-6 बी-7 बी-9 और बी-12 होते हैं जो पूरे शरीर का ऊर्जा हाउस है। हर विटामिन शरीर के अलग-अलग हिस्सों को ऊर्जा देने का काम करता है।

    अगर इसमें से किसी भी विटामिन की कमी शरीर में होती है तो थकान बाल झड़ना चक्कर आना मस्तिष्क की नसों का कमजोर होना याददाश्त की समस्या स्किन से जुड़ी परेशानी हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन एनीमिया आंखों की रोशनी कमजोर होना डिप्रेशन रक्त वाहिकाओं में अत्याधिक जोर पड़ना और मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होते हैं।

    विटामिन बी कॉम्प्लेक्स हमारे भोजन को ऊर्जा में बदलने का काम करता है। ये पानी में घुलनशील विटामिन हैं जो शरीर को तेजी से ऊर्जा देने का काम करते हैं। अगर भोजन ऊर्जा में नहीं बदल पाता तो शरीर में बाकी पोषक तत्वों की कमी होती है। ऐसे में मन और तन दोनों की थकान महसूस होती है।

    अब सवाल आता है कि विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी को कैसे पूरा किया जा सकता है। आहार में बहुत कम ही विटामिन बी कॉम्प्लेक्स पाया जाता है। शाकाहारी भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां साबुत अनाज दूध दही और कुछ फलों में ही विटामिन बी कॉम्प्लेक्स पाया जाता है जबकि मांसाहारी भोजन में मांस मछली चिकन और अंडे में पाया जाता है।

    शरीर में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स का अवशोषण सही तरीके से हो सकता है। इसके लिए चाय और कॉफी का सेवन कम करें। डिब्बा बंद उत्पादों का सेवन भी करने से बचें और अगर फिर भी विटामिन की पूर्ति नहीं होती है तो डॉक्टर की सलाह के बाद सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।

  • नया रेलवे फीस स्ट्रक्चर आज से लागू स्थिरता और अफोर्डेबिलिटी में बैलेंस बनाए रखने में मिलेगी मदद

    नया रेलवे फीस स्ट्रक्चर आज से लागू स्थिरता और अफोर्डेबिलिटी में बैलेंस बनाए रखने में मिलेगी मदद


    नई दिल्ली । नया रेलवे पैसेंजर फीस स्ट्रक्चर शुक्रवार को लागू हो गया है। इसमें स्लीपर और फर्स्ट क्लास साधारण क्लास में उपनगरीय क्षेत्रों से बाहर की यात्राओं के लिए किराए में एक पैसा प्रति किलोमीटर का इजाफा किया गया है। रेलवे मंत्रालय के मुताबिक इस कदम का उद्देश्य स्थिरता के साथ अफोर्डेबिलिटी को संतुलित करना है।

    रेलवे ने साधारण नॉन-एसी गैर-उपनगरीय सेवाओं के लिए सेकंड क्लास ऑर्डिनरी स्लीपर क्लास ऑर्डिनरी और फर्स्ट क्लास ऑर्डिनरी में किराए को श्रेणीबद्ध तरीके से बढ़ाया है। सेकंड क्लास ऑर्डिनरी का किराया 215 किलोमीटर तक की यात्राओं के लिए अपरिवर्तित रहेगा जिससे कम दूरी और दैनिक यात्रियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

    216 किलोमीटर से 750 किलोमीटर की दूरी के लिए किराए में 5 रुपए की वृद्धि की गई है। 751 किलोमीटर से 1250 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 10 रुपए की वृद्धि की गई है। 1251 किलोमीटर से 1750 किलोमीटर की दूरी के लिए 15 रुपए की वृद्धि की गई है और 1751 किमी से 2250 किमी की दूरी के लिए 20 रुपए की वृद्धि की गई है।

    मंत्रालय ने कहा कि उपनगरीय सेवाओं और सीजन टिकटों पर जिसमें उपनगरीय और गैर-उपनगरीय रूट शामिल हैं कोई असर नहीं पड़ेगा। मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में नॉन-एसी और एसी क्लास जिसमें स्लीपर फर्स्ट क्लास एसी चेयर कार एसी 3-टियर एसी 2-टियर और एसी फर्स्ट क्लास शामिल हैं सभी में प्रति किलोमीटर 2 पैसे की मामूली बढ़ोतरी की गई है।

    बयान में कहा गया है कि लंबी यात्राओं के लिए जैसे कि 500 ​​किलोमीटर की नॉन-एसी मेल या एक्सप्रेस यात्रा पर लगभग 10 रुपए अधिक लगेंगे।
    तेजस राजधानी राजधानी शताब्दी दुरंतो वंदे भारत हमसफर अमृत भारत तेजस महामना गतिमान अंत्योदय गरीब रथ जन शताब्दी युवा एक्सप्रेस नमो भारत रैपिड रेल और सामान्य नॉन-सबअर्बन सेवाओं जहां लागू हो एस मेमू को छोड़कर सहित प्रमुख ट्रेन सेवाओं के मौजूदा बेसिक किराए को अप्रूव्ड क्लास-वाइज बेसिक किराए में बढ़ोतरी के हिसाब से रिवाइज किया गया है।

    रिजर्वेशन फीस सुपरफास्ट सरचार्ज और अन्य चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है जबकि जीएसटी की वैघता पर कोई असर नहीं पड़ेगा और किराए को मौजूदा नियमों के अनुसार राउंड ऑफ किया जाता रहेगा। संशोधित किराए सिर्फ 26 दिसंबर 2025 को या उसके बाद बुक किए गए टिकटों पर लागू होंगे और पहले से बुक किए गए टिकटों पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा। मंत्रालय ने कहा कि नए रेट दिखाने के लिए स्टेशन किराए की लिस्ट को अपडेट किया जाएगा।

  • 2025 इस साल दुनिया के कई प्रमुख विश्वविद्यालय विवादों में बड़े नाम भी रहे शामिल

    2025 इस साल दुनिया के कई प्रमुख विश्वविद्यालय विवादों में बड़े नाम भी रहे शामिल


    नई दिल्ली । यह साल अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। इस साल दुनियाभर में कई घटनाएं देखने को मिलीं कुछ अच्छी तो कुछ बुरी। इस साल विवादों का एक दौर भी देखने को मिला। दुनियाभर में इस साल अलग-अलग तरह के विवाद सामने आए। विवादों में दुनिया के कई विश्वविद्यालयों का नाम भी रहा है। आइए जानते हैं कि इस साल दुनिया के कौन-कौन से विश्वविद्यालय विवादों में रहे।

    अमेरिका का हावर्ड यूनिवर्सिटी विवादों में रहा। इसकी वजह फिलिस्तीन में इजरायल के साथ हो रहा गाजा युद्ध था। यूनिवर्सिटी में गाजा युद्ध को लेकर छात्र प्रदर्शन कैंपस में यहूदी-विरोध और अभिव्यक्ति की आजादी पर बहस देखने को मिली। यह मुद्दा इजरायल को युद्ध के लिए फंडिंग सेफ स्पेस बनाम फ्री स्पीच रहा। अमेरिका का कोलंबिया यूनिवर्सिटी भी इस साल विवादों में घिरा रहा। यहां भी मुद्दा फिलिस्तीन से जुड़ा था। प्रो-फिलिस्तीन छात्र आंदोलन कैंपस में टेंट प्रोटेस्ट क्लास बाधित होना यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा पुलिस बुलाना और छात्रों की गिरफ्तारी चर्चा में रहे।

    ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भी इस साल विवादों की लिस्ट में अपनी जगह बना ली। यहां औपनिवेशिक इतिहास से जुड़े कोर्स मूर्तियों और नामों में बदलाव की मांग को लेकर विवाद देखने को मिला। इसके अलावा ‘डिकॉलोनाइज द सिलेबस’ अभियान भी चला। ब्रिटेन का मशहूर कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी भी विवादों से घिरा जिसका मुख्य कारण इजरायल और फिलिस्तीन के बीच संघर्ष को लेकर छात्रों और फैकल्टी की राजनीतिक बयानबाजी रहा।

    फ्रांस के साइंसेज पो में मिडिल ईस्ट के मुद्दों को लेकर छात्रों का भारी प्रदर्शन देखने को मिला। हालात पर काबू पाने के लिए क्लास को सस्पेंड करने और कैंपस लॉकडाउन करने का फैसला लिया गया। जर्मनी के फ्री यूनिवर्सिटी बर्लिन में इजरायल और फिलिस्तीन के मुद्दे पर विवाद देखने को मिला। इसका परिणाम यह निकला कि इजरायल-फिलिस्तीन विषय पर आयोजित कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा। इसके अलावा जर्मनी के सख्त एंटी-हेट और एंटी-सेमिटिज्म कानून को लेकर भी विवाद हुआ।

    ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी में भी इन संघर्षों को लेकर छात्रों का गुस्सा देखने को मिला। छात्रों ने विदेशी संघर्षों को लेकर यूनिवर्सिटी में नारे लगाए और विरोध प्रदर्शन भी किया। कुछ गतिविधियों पर प्रशासनिक कार्रवाई भी देखने को मिली।कनाडा का यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो भी विवादों की लिस्ट में शामिल रहा। राजनीतिक गतिविधियों को लेकर प्रोफेसरों और छात्रों के बीच तीखी बयानबाजी और कैंपस में माहौल को लेकर शिकायतें विवादों का हिस्सा रहीं।

    विवादों की इस लिस्ट में भारत के दो विश्वविद्यालय भी शामिल रहे। इसमें एक नाम जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और दूसरा दिल्ली विश्वविद्यालय का था। जेएनयू में छात्र राजनीति विचारधारात्मक टकराव कैंपस हिंसा और प्रशासनिक फैसले विवाद के कारण रहे। इसके अलावा डीयू में इतिहास और राजनीति से जुड़े सिलेबस में बदलाव कुछ विषयों को हटाने और जोड़ने पर विवाद देखने को मिला।

  • PMUY योजना में सब्सिडी प्राप्त करने वालों की संख्या 2025 में बढ़कर 10.35 करोड़ हुई

    PMUY योजना में सब्सिडी प्राप्त करने वालों की संख्या 2025 में बढ़कर 10.35 करोड़ हुई


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना पीएमयूवाई के तहत लाभ पाने वाले लोगों की संख्या 2025 में बढ़कर 10.25 करोड़ हो गई है। यह जानकारी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को दी गई। पीएमयूवाई के तहत सरकार गरीब परिवारों को 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर पर 300 रुपए की सब्सिडी देती है और एक साल में एक परिवार अधिकतम नौ सिलेंडर्स पर यह सब्सिडी ले सकता है।

    इससे देश में एलपीजी की खपत बढ़ाने में मदद मिली है। वित्त वर्ष 2024-25 में देश में प्रति परिवार औसत खपत बढ़कर 4.47 सिलेंडर हो गई है जो कि पहले वित्त वर्ष 2019-20 में 3 थी। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में इसके 4.85 प्रति परिवार तक पहुंचने की उम्मीद है।सरकार ने बयान में कहा कि बकाया आवेदन को निपटाने और ज्यादा परिवारों तक एलपीजी गैस को पहुंचाने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन जारी करने को मंजूरी दी है। आधार ऑथेंटिकेशन में तेजी लाकर सब्सिडी टारगेटिंग और पारदर्शिता में सुधार किया गया।

    1 दिसंबर 2025 तक बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन ने पीएमयूवाई के 71 प्रतिशत और नॉन-पीएमयूवाई के 62 प्रतिशत उपभोक्ताओं को कवर किया।सरकार ने बताया कि देश भर में चलाए गए ‘बेसिक सेफ्टी चेक’ अभियान ने ग्राहक सुरक्षा को मजबूत किया है। ग्राहकों के घरों पर 12.12 करोड़ से अधिक फ्री सेफ्टी इंस्पेक्शन किए गए और 4.65 करोड़ से अधिक एलपीजी होज रियायती दरों पर बदले गए जिससे घरेलू एलपीजी इस्तेमाल में जागरूकता और सेफ्टी स्टैंडर्ड में काफी सुधार हुआ।

    मंत्रालय ने पेट्रोलियम मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया। 90000 से अधिक रिटेल आउटलेट्स को डिजिटल पेमेंट की सुविधा दी गई जिन्हें 2.71 लाख से ज्यादा पीओएस टर्मिनलों का सपोर्ट मिला।मंत्रालय ने आगे कहा कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कवरेज बढ़कर 307 ज्योग्राफिकल इलाकों तक पहुंच गई है। सितंबर 2025 तक पीएमजी घरेलू कनेक्शन की संख्या बढ़कर 1.57 करोड़ और सीएनजी स्टेशन की संख्या बढ़कर 8400 से अधिक हो गई है।

  • शनिवार पूजा शनि देव की टेढ़ी दृष्टि से बचने के लिए अपनाएं यह नियम

    शनिवार पूजा शनि देव की टेढ़ी दृष्टि से बचने के लिए अपनाएं यह नियम


    नई दिल्ली । शनिवार पूजा शनि की टेढ़ी दृष्टि से बचने के नियम धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनि देव की दृष्टि काफी महत्वपूर्ण होती है. शनि संतुलन और न्याय का ग्रह है. ऐसे में अक्सर शनि की शक्ति को ना पहचानने वाले लोग शनि देव की टेढ़ी दृष्टि का शिकार हो जाते हैं.कहा जाता है कि शनि देव की टेढ़ी नजर उन लोगों पर पड़ती है जो बुरे कर्मों से लिपटे रहते हैं चाहे वो काम जाने-अनजाने ही क्यों ना हुई हो. ऐसे में आइए जानते हैं
    शनि देव की टेढ़ी दृष्टि से बचने के नियम
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    शनिवार के दिन गलती से भी तामसिक भोजन ना करें. खासतौर पर इस दिन मदिरापान और नशीली चीजों से परहेज करें. जीवन में ईमानदार बनें सत्य बोलें और बड़े बुजुर्गों को सम्मान दें. इसके अलावा शनि देव को प्रसन्न करने के लिए किसी भी तरह का गलत कार्य नहीं करना चाहिए. क्योंकि बुरे कर्मों पर शनि कंगाल बना देंगे.
    मान्यता है कि अगर आप शनि देव कृपा की पाना चाहते हैं तो उनकी आराधना शाम के समय करें क्योंकि शाम के वक्त शनि देव की पूजा ज्यादा फलदायी मानी जाती है. शनिवार के दिन शाम को सरसों के तेल का दीपक पीपल के नीचे जलाएं और 7 बार उसकी परिक्रमा करें.
    खासतौर पर इस दिन शनि चालीसा पाठ करें और शनि देव के मूल मंत्र ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ का जाप करें. आरती के साथ पूजा का समापन करें. मान्यता है कि 7 शनिवार ऐसा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं साथ ही उनकी टेढ़ी दृष्टि भी कभी नहीं पड़ती है.

  • दोस्तों के साथ नए साल की शुरुआत को बनाएं यादगार भारत की इन 5 जगहों पर करें न्यू ईयर ट्रिप प्लान

    दोस्तों के साथ नए साल की शुरुआत को बनाएं यादगार भारत की इन 5 जगहों पर करें न्यू ईयर ट्रिप प्लान


    नई दिल्ली । नया साल आने में अब गिनती के ही दिन बचे हैं और ऐसे में घूमने-फिरने की प्लानिंग जोरों पर है. ज्यादातर लोग चाहते हैं कि साल की शुरुआत किसी ऐसी जगह से हो जहां मस्ती सुकून और नए अनुभव एक साथ मिलें

    मनाली कसोल

    बर्फ से ढकी वादियां बोनफायर और पहाड़ी कैफे मनाली और कसोल नए साल के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन हैं. यहां दिन में स्नो एक्टिविटीज और रात में म्यूजिक व पार्टी का माहौल मिलता है.

    उदयपुर

    राजस्थान का रॉयल अंदाज न्यू ईयर को यादगार बना देता है. महलों में खास डिनर लोक कलाकारों की प्रस्तुति और आतिशबाजी सेलिब्रेशन को अलग रंग देती है.

    पुडुचेरी

    यहां नया साल शोर से नहीं बल्कि सुकून और खूबसूरती से मनाया जाता है. बीच के किनारे जश्न और व्हाइट टाउन की गलियां अलग ही अनुभव देती हैं.
    ग्रेट रण ऑफ कच्छ
    अगर कुछ हटकर करना चाहते हैं तो रण उत्सव बेहतरीन विकल्प है. सफेद रेगिस्तान लोक संगीत और टेंट स्टे न्यू ईयर को खास बनाते हैं.

    गोकर्ण


    कम भीड़ और शांत माहौल पसंद करने वालों के लिए गोकर्ण सही जगह है. यहां बीच पर म्यूजिक बोनफायर और दोस्तों के साथ लंबी बातचीत का मजा लिया जा सकता है. चाहे पहाड़ हों समंदर या रेगिस्तान ये डेस्टिनेशन नए साल की शुरुआत को यादगार बना सकती हैं.

  • मुंबई-उत्तराखंड मुकाबले में रोहित शर्मा का फ्लॉप शो गोल्डन डक पर आउट हुए हिटमैन

    मुंबई-उत्तराखंड मुकाबले में रोहित शर्मा का फ्लॉप शो गोल्डन डक पर आउट हुए हिटमैन


    नई दिल्ली । विजय हजारे ट्रॉफी 2025–26 में मुंबई को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब टीम के स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा पहली ही गेंद पर शून्य पर आउट हो गए. उत्तराखंड के खिलाफ खेले जा रहे इस मुकाबले में रोहित का गोल्डन डक पर पवेलियन लौटना सभी के लिए चौंकाने वाला रहा. यह मैच सवाई मानसिंह स्टेडियम जयपुर में खेला जा रहा है जहां बड़ी संख्या में फैंस रोहित को बल्लेबाजी करते देखने पहुंचे थे.

    रोहित शर्मा गोल्डन डक पर हुए आउट

    पहले राउंड में सिक्किम के खिलाफ 155 रनों की धमाकेदार पारी खेलने वाले रोहित से एक बार फिर बड़ी पारी की उम्मीद थी लेकिन इस बार कहानी बिल्कुल उलट रही. पारी की पहली ही ओवर की आखिरी गेंद पर दाएं हाथ के मध्यम गति के गेंदबाज बोरा ने रोहित को फंसाया. रोहित ने गेंद को फाइन लेग की दिशा में खेला जहां जगमोहन नागरकोटी ने एक बेहतरीन कैच पकड़ा. हालांकि नागरकोटी से गेंद पहले छूट गई लेकिन उन्होंने दूसरे प्रयास में अपना कैच पूरा कर लिया.
    रोहित के आउट होते ही स्टेडियम में मौजूद फैंस मायूस नजर आए. घरेलू क्रिकेट में रोहित की वापसी को लेकर जो उत्साह था उसे यह झटका किसी को भी रास नहीं आया.

    युवा बल्लेबाजों पर जिम्मेदारी

    रोहित के जल्दी आउट होने के बाद मुंबई की पारी को संभालने की जिम्मेदारी युवा बल्लेबाजों पर आ गई है. अंगकृष रघुवंशी और मुशीर खान क्रीज पर टिके हुए हैं और पारी को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. टीम की कमान इस मैच में शार्दुल ठाकुर के हाथों में है जबकि सरफराज खान अभी बल्लेबाजी के लिए आना बाकी हैं. मुंबई के लिए यह मुकाबला काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि टीम मजबूत शुरुआत के इरादे से उतरी थी. रोहित का जल्दी आउट होना न सिर्फ रणनीति पर असर डालता है बल्कि टीम के मनोबल के लिए भी चुनौती बन सकता है. वहीं उत्तराखंड की टीम ने शुरुआती सफलता हासिल कर मैच में दबाव बनाने की कोशिश की है.

  • कुमार विश्वास ने बिना नाम लिए गांधी परिवार को बताया 'फर्जी गांधी' सीएम योगी के सामने कसा तंज

    कुमार विश्वास ने बिना नाम लिए गांधी परिवार को बताया 'फर्जी गांधी' सीएम योगी के सामने कसा तंज


    नई दिल्ली ।
    देश के जाने-माने कवि और पूर्व नेता कुमार विश्वास ने एक बार फिर अपने तीखे अंदाज में कांग्रेस पर निशाना साधा है. इस बार उनका तंज सीधे देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल और महात्मा गांधी को लेकर था. लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान कुमार विश्वास ने कांग्रेस की विचारधारा और इतिहास को लेकर व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि कांग्रेस ने कभी सरदार पटेल को अपना बताया ही नहीं.उन्होंने कहा ये लोग तो इतने तेज हैं कि कांग्रेस कार्यालय के बाहर एक पुरखा बिठा रखा था. सरदार पटेल बाहर बैठे थे तो बीजेपी वाले उठा लाए. कांग्रेस बोली पटेल तो हमारे थे.

    नामों में ही उलझी रही कांग्रेस

    कुमार विश्वास ने आगे कहा कि कांग्रेस अपने ही परिवार और नामों में उलझी रही. उन्होंने कहा तुम तो अपने नानाजी पापाजी मम्मीजी चाचीजी में ही लगे रहे. पटेल बाहर बैठे थे तो कोई पूछने वाला ही नहीं था कुमार विश्वास का इशारा कांग्रेस के परिवारवाद की ओर था जिस पर वे पहले भी कई बार सवाल उठा चुके हैं.अपने बयान में कुमार विश्वास यहीं नहीं रुके. उन्होंने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी को गांधी जी को भी ले आना चाहिए. उन्होंने कहा गांधी जी स्वदेशी भी कह रहे हैं आयुर्वेद भी गीता भी पढ़ रहे हैं खादी भी पहन रहे हैं. सारा काम तो वही है जो बीजेपी वाले कहते हैं.

    कांग्रेस के पास फर्जी गांधी कुमार विश्वास
    इसके साथ ही उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस के पास पहले से ही तीन फर्जी गांधी’ है इसलिए असली गांधी को लेने में बीजेपी को क्या दिक्कत है.कुमार विश्वास का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में इतिहास और महापुरुषों की विरासत को लेकर राजनीति तेज है. उनके इस तंज को कांग्रेस पर सीधा हमला माना जा रहा है. समर्थक जहां इसे सटीक व्यंग्य बता रहे हैं वहीं कांग्रेस समर्थकों को यह बयान नागवार गुजर रहा है.

  • जोमाटो-स्विगी को बाजार में भी मिलेगी टक्कर होश उड़ाने आ रहा Zepto IPO

    जोमाटो-स्विगी को बाजार में भी मिलेगी टक्कर होश उड़ाने आ रहा Zepto IPO


    नई दिल्ली । जहां एक ओर जोमाटो और स्विगी को डिलीवरी के मोर्चे पर सड़क पर तगड़ी टक्कर मिल रही है. वहीं अब शेयर बाजार में भी बड़ी चुनौती का सामना भी करना पड़ सकता है. दोनों कंपनियों का होश उड़ाने के लिए रोजमर्रा की जरूरत के सामान डिलीवर करने वाली कंपनी जेप्टो अपना आईपीओ लेकर आ रही है. शुक्रवार यानी आज कंपनी गुपचुप तरीके से अपना ड्राफ्ट पेपर सेबी दफ्तर में दाखिल करेगी. जानकारों का कहना है कि जेप्टो आईपीओ का साइज 11 हजार करोड़ या उससे ऊपर जा सकता है.
    लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. अभी तक जितनी भी जानकारी सामने आई है वो सभी सूत्रों के हवाले से की गई है.कंपनी का अगले साल शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने का इरादा है. मामले से परिचित सूत्रों ने जानकारी देते हुए कहा कि जेप्टो 26 दिसंबर को सेबी के पास निर्गम संबंधी मसौदा प्रस्ताव डीआरएचपी दाखिल करने जा रही है.

    जोमैटो-स्विगी की राह पर जेप्टो

    आईपीओ संबंधी मसौदा प्रस्ताव को सेबी की मंजूरी मिलने की स्थिति में जेप्टो भारतीय शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने वाले सबसे नई स्टार्टअप फर्मों में से एक बन जाएगी. आईपीओ लाने के साथ ही जेप्टो वह अपने क्षेत्र के प्रतिद्वंद्वियों जोमैटो एवं स्विगी की कतार में खड़ी हो जाएगी जो पहले से ही शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं. कंपनी का अगले साल शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने का इरादा है. मामले से परिचित सूत्रों ने जानकारी देते हुए कहा कि जेप्टो 26 दिसंबर को सेबी के पास निर्गम संबंधी मसौदा प्रस्ताव डीआरएचपी दाखिल करने जा रही है. अभी तक कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.
    गुपचुप तरीका अपना आईपीओ
    सूत्रों के मुताबिक जेप्टो गोपनीय मार्ग से आईपीओ के लिए आवेदन करने की तैयारी में है. इस मार्ग के तहत कंपनी सेबी के साथ अपने मसौदा दस्तावेज को सार्वजनिक किए बगैर उस पर शुरुआती चर्चा कर सकती है. हाल के वर्षों में गोपनीय मार्ग से आईपीओ लाने का तरीका उन कंपनियों के बीच लोकप्रिय हुआ है जो आईपीओ से पहले बाजार की स्थिति को देखते हुए अधिक लचीलापन चाहती हैं और नियामक से प्रारंभिक सुझाव लेना चाहती हैं.
    कंपनी कितना जुटा सकी पैसा
    जेप्टो का मौजूदा मूल्यांकन सात अरब अमेरिकी डॉलर आंका गया है. कंपनी अपने गठन से लेकर अब तक कुल 1.8 अरब डॉलर करीब 16000 करोड़ रुपये का कोष जुटा चुकी है. कंपनी ने अगस्त 2023 में एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाली कंपनी यानी यूनिकॉर्न होने का दर्जा हासिल किया था. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई अधूरी छोड़ने वाले युवाओं आदित पलिचा और कैवल्य वोहरा ने इस कंपनी की स्थापना की थी. जेप्टो ने 10 मिनट में किराना के सामान की आपूर्ति का मॉडल अपनाकर बड़े भारतीय शहरों में तेजी से विस्तार किया.