Author: bharati

  • जयपुर में छिपा था कफ सिरप तस्करी का आरोपी, बैतूल पहुंचते ही STF ने दबोचा

    जयपुर में छिपा था कफ सिरप तस्करी का आरोपी, बैतूल पहुंचते ही STF ने दबोचा


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में कफ सिरप तस्करी के बड़े नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच में राज्य एसटीएफ को एक और बड़ी सफलता मिली है। भोपाल में 49,920 ऑनरेक्स कफ सिरप की भारी मात्रा में बरामदगी के मामले में फरार चल रहे 30 हजार रुपए के इनामी आरोपी अर्जुन मालवीय उर्फ निखिल को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए राजस्थान के जयपुर में छिपा हुआ था।

    जानकारी के अनुसार, आरोपी की गतिविधियों और संभावित ठिकानों पर एसटीएफ लगातार नजर बनाए हुए थी। इसी दौरान पता चला कि वह अपने एक परिचित से मिलने के लिए बैतूल आने वाला है। जैसे ही आरोपी बैतूल पहुंचा, एसटीएफ की टीम ने उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।

    एसटीएफ भोपाल के एसपी राजेश सिंह भदौरिया के अनुसार, गांधी नगर इलाके में पकड़ी गई अवैध कफ सिरप फैक्ट्री के खुलासे के बाद अर्जुन मालवीय का नाम जांच में सामने आया था। इसके बाद से ही उसकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही थी और उसकी तलाश तेज कर दी गई थी।

    जांच में सामने आया है कि आरोपी ने बागसेवनिया क्षेत्र के सुरेंद्र पैलेस में ‘अर्जुन ट्रेडर्स’ के नाम से ड्रग लाइसेंस हासिल किया था। इसी लाइसेंस का इस्तेमाल कथित तौर पर कफ सिरप की खरीद-फरोख्त से जुड़े कागजी रिकॉर्ड तैयार करने और अवैध सप्लाई को वैध दिखाने के लिए किया जा रहा था। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था।

    एसटीएफ की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जिस स्थान पर लाइसेंस के तहत दुकान संचालित दिखाई गई थी, वह केवल कागजी दिखावे के लिए बनाई गई थी। करीब 10 महीने पहले यह दुकान लाइसेंस लेने के उद्देश्य से खोली गई थी, लेकिन वहां कभी भी ऑनरेक्स कफ सिरप की कोई वास्तविक स्टॉक मौजूद नहीं पाया गया।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। अब एसटीएफ उससे पूरे नेटवर्क, सप्लाई चैन और इस अवैध कारोबार में जुड़े अन्य लोगों के बारे में गहन पूछताछ कर रही है।

    अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से कफ सिरप तस्करी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हो सकता है और आने वाले दिनों में कई और नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई हैं।

  • भारत इनोवेट्स 2026 में आईआईटी मद्रास की बड़ी मौजूदगी, 15 स्टार्टअप्स और अत्याधुनिक शोध परियोजनाएं होंगी प्रदर्शित

    भारत इनोवेट्स 2026 में आईआईटी मद्रास की बड़ी मौजूदगी, 15 स्टार्टअप्स और अत्याधुनिक शोध परियोजनाएं होंगी प्रदर्शित

    नई दिल्ली । भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास वैश्विक स्तर पर भारतीय तकनीकी नवाचारों और स्टार्टअप इकोसिस्टम की क्षमता को प्रदर्शित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। फ्रांस में आयोजित होने वाले ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम में संस्थान अपने डीप-टेक अनुसंधान, उभरती प्रौद्योगिकियों और नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करेगा। इस आयोजन को भारत और फ्रांस के बीच तकनीकी सहयोग तथा नवाचार साझेदारी को मजबूत करने के एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

    यह कार्यक्रम 14 से 16 जून के बीच आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारत के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों और तकनीकी संगठनों से जुड़े नवाचारों को वैश्विक समुदाय के सामने रखा जाएगा। आयोजन का उद्देश्य उभरती तकनीकों और स्टार्टअप्स को निवेशकों, नीति निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों, शोध संस्थानों और तकनीकी साझेदारों से जोड़ना है, ताकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार के अवसर मिल सकें।

    आईआईटी मद्रास इस कार्यक्रम में प्रमुख भूमिका निभाते हुए दो महत्वपूर्ण विषयगत क्षेत्रों का नेतृत्व करेगा। संस्थान अपने साथ जुड़े 15 स्टार्टअप्स को भी प्रदर्शित करेगा, जो विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में अभिनव समाधान विकसित कर रहे हैं। इसके अलावा पांच प्रमुख शोध परियोजनाओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा, जो भारत की स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं और अनुसंधान आधारित विकास को रेखांकित करेंगी।

    प्रदर्शित की जाने वाली प्रमुख तकनीकों में हाइपरलूप परिवहन प्रणाली, लैब-ग्रोन डायमंड तकनीक, स्वदेशी 5जी और 6जी संचार समाधान, स्मार्ट पोर्ट ऑटोमेशन तथा कम कंप्यूटिंग संसाधनों पर आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल शामिल हैं। ये सभी परियोजनाएं भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित की जा रही हैं और इनमें वैश्विक स्तर पर उपयोग की संभावनाएं देखी जा रही हैं।

    संस्थान के अनुसार, हाइपरलूप तकनीक भारत की अगली पीढ़ी की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा दे सकती है। इसी प्रकार स्वदेशी 5जी और 6जी समाधान देश को दूरसंचार क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। वहीं, कम कंप्यूटिंग क्षमता पर कार्य करने वाले एआई मॉडल्स को ऐसे क्षेत्रों के लिए उपयोगी माना जा रहा है जहां संसाधन सीमित हैं लेकिन डिजिटल समाधान की आवश्यकता तेजी से बढ़ रही है।

    कार्यक्रम में ब्लू इकोनॉमी से जुड़े नवाचारों को भी विशेष स्थान मिलेगा। समुद्री और ऑफशोर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए विकसित स्वायत्त प्रणालियां, अंडरवॉटर निरीक्षण तकनीकें और समुद्री शैवाल आधारित टिकाऊ उत्पाद इस क्षेत्र की प्रमुख आकर्षण परियोजनाओं में शामिल होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी तकनीकें पर्यावरणीय स्थिरता और औद्योगिक दक्षता दोनों को बढ़ावा दे सकती हैं।

    आईआईटी मद्रास के नेतृत्व का मानना है कि यह आयोजन केवल तकनीकी प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत और फ्रांस के बीच शोध, नवाचार, स्टार्टअप सहयोग और प्रतिभा आदान-प्रदान के नए अवसर भी पैदा करेगा। विशेष रूप से दूरसंचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उन्नत विनिर्माण और सतत विकास से जुड़े क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

    तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस दौर में भारतीय संस्थानों की अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भागीदारी देश के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को नई पहचान दिला रही है। आईआईटी मद्रास की भागीदारी इस बात का संकेत है कि भारतीय अनुसंधान संस्थान अब केवल शिक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वैश्विक तकनीकी विकास और उद्योग परिवर्तन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

    ‘भारत इनोवेट्स 2026’ जैसे आयोजन भारतीय स्टार्टअप्स और शोध परियोजनाओं को अंतरराष्ट्रीय निवेश, साझेदारी और तकनीकी सहयोग के नए अवसर उपलब्ध करा सकते हैं। इससे भारत की नवाचार क्षमता को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।

  • राजधानी में विधायक का सरकारी बंगला भी नहीं सुरक्षित, चोरों ने की बड़ी वारदात

    राजधानी में विधायक का सरकारी बंगला भी नहीं सुरक्षित, चोरों ने की बड़ी वारदात


    मध्यप्रदेश । राजधानी भोपाल में विधायकों के सरकारी आवासों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। मऊगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रदीप पटेल के सरकारी रेस्ट हाउस स्थित कमरे में अज्ञात चोरों ने सेंध लगाकर लैपटॉप, नकदी, एटीएम कार्ड, पेन ड्राइव, घड़ी और विधानसभा से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी कर लिए। घटना अरेरा हिल्स थाना क्षेत्र में स्थित विधायक रेस्ट हाउस की है, जहां सुरक्षा व्यवस्था के बीच दिनदहाड़े चोरी होने से हड़कंप मच गया।

    जानकारी के अनुसार विधायक प्रदीप पटेल के निजी सहायक (पीए) डॉ. रामानंद पटेल 7 जून को मऊगंज से भोपाल आए थे। वे विधायक रेस्ट हाउस के खंड-3 स्थित कमरा नंबर-74 में ठहरे हुए थे। डॉ. पटेल ने पुलिस को बताया कि सुबह करीब 10:30 बजे वे कमरे को बाहर से बंद कर पानी लेने गए थे। इसके बाद वे अपने एक परिचित के कमरा नंबर-39 में बैठकर बातचीत करने लगे।

    करीब दो घंटे बाद जब वे दोपहर लगभग 12:30 बजे अपने कमरे में लौटे तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गए। कमरे में रखा उनका लैपटॉप गायब था और अलमारी का ताला टूटा हुआ मिला। जांच करने पर पता चला कि चोर अलमारी में रखे बैग से कई महत्वपूर्ण सामान भी ले गए हैं।

    चोरी हुए सामान में करीब 25 हजार रुपए कीमत का लैपटॉप, दो एटीएम कार्ड, नकदी, पेन ड्राइव, टाइटन और टाइमेक्स ब्रांड की घड़ियां तथा अन्य निजी दस्तावेज शामिल हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि लैपटॉप और पेन ड्राइव में विधानसभा कार्य से संबंधित महत्वपूर्ण डेटा और दस्तावेज सुरक्षित थे। ऐसे में यह मामला केवल सामान्य चोरी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि संवेदनशील सरकारी जानकारी के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    घटना के बाद विधायक रेस्ट हाउस की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल उठने लगे हैं। जिस परिसर में जनप्रतिनिधियों और उनके स्टाफ का आना-जाना रहता है तथा जहां सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षाकृत अधिक सख्त मानी जाती है, वहां दिन के समय चोरी की घटना होना प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

    पीड़ित की शिकायत के आधार पर अरेरा हिल्स थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस अब रेस्ट हाउस और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर जल्द आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

    फिलहाल पुलिस चोरी हुए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की बरामदगी के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। घटना ने एक बार फिर सरकारी परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता को लेकर बहस छेड़ दी है।

  • भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को मिल सकती है नई रफ्तार, जुलाई तक पहले चरण पर हस्ताक्षर की उम्मीद

    भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को मिल सकती है नई रफ्तार, जुलाई तक पहले चरण पर हस्ताक्षर की उम्मीद

    नई दिल्ली । भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति के संकेत मिले हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ता अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है और समझौते के पहले चरण पर जुलाई तक हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। इस बयान को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।

    भारत और अमेरिका दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं तथा पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापारिक और रणनीतिक सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। ऐसे में प्रस्तावित व्यापार समझौते को आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि समझौते के लागू होने से व्यापारिक प्रक्रियाएं अधिक सुगम होंगी और दोनों देशों के कारोबारियों को नए अवसर प्राप्त होंगे।

    हाल के समय में दोनों पक्षों के अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई है। इन बैठकों में व्यापारिक बाधाओं को कम करने, बाजार तक पहुंच बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर चर्चा की गई। सरकार का मानना है कि बातचीत में पर्याप्त प्रगति हुई है और अब केवल कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है।

    पीयूष गोयल ने संकेत दिया कि दोनों देशों की टीमें समझौते से जुड़े शेष बिंदुओं को अंतिम रूप देने के लिए लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जुलाई के मध्य तक पहले चरण को पूरा किया जा सकता है। उनके अनुसार यह समझौता केवल व्यापारिक दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि भविष्य में व्यापक आर्थिक सहयोग की मजबूत नींव भी तैयार करेगा।

    प्रस्तावित समझौते से भारतीय निर्यातकों को विशेष लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां भारतीय उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है और बेहतर बाजार पहुंच मिलने पर निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही निवेश, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

    अमेरिका के लिए भी यह समझौता महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में बदलाव और वैकल्पिक उत्पादन केंद्रों की तलाश के बीच भारत एक प्रमुख आर्थिक भागीदार के रूप में उभर रहा है। ऐसे में व्यापारिक सहयोग का विस्तार दोनों देशों के रणनीतिक हितों के अनुरूप माना जा रहा है।

    विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत और अमेरिका का बढ़ता सहयोग अंतरराष्ट्रीय व्यापार व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। दोनों देश तकनीक, ऊर्जा, रक्षा, विनिर्माण और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में पहले से ही साझेदारी बढ़ा रहे हैं। व्यापार समझौता इन संबंधों को और मजबूती प्रदान कर सकता है।

    सरकार का मानना है कि पहले चरण की सफलता भविष्य में अधिक व्यापक और विस्तृत व्यापार समझौते का मार्ग प्रशस्त करेगी। यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर समझौते पर हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो यह भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाएगी। साथ ही यह दोनों देशों की उस साझा प्रतिबद्धता को भी दर्शाएगा, जिसके तहत वे व्यापार, निवेश और आर्थिक विकास के नए अवसरों को आगे बढ़ाना चाहते हैं।

    आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल केवल व्यापार बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को भी नई दिशा देने में सहायक साबित हो सकती है।

  • मानसून आने से पहले मौसम का यू-टर्न, 18 जिलों में बारिश-आंधी और फिर पड़ेगी भीषण गर्मी

    मानसून आने से पहले मौसम का यू-टर्न, 18 जिलों में बारिश-आंधी और फिर पड़ेगी भीषण गर्मी


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक अब ज्यादा दूर नहीं है। मौसम विभाग और मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 से 18 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। अनुमान है कि मानसून की पहली एंट्री इंदौर और जबलपुर संभाग के छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, बैतूल, बड़वानी, खरगोन या बुरहानपुर जिले के रास्ते हो सकती है। इसके पहले पूरे प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय रहेंगी, जिससे कई क्षेत्रों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रहेगा।

    मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के करीब 20 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया और शहडोल सहित कई जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज हवा के साथ गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

    हालांकि बारिश के साथ गर्मी का असर भी बना रहेगा। मौसम विभाग ने 10 और 11 जून को भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। इससे साफ है कि प्रदेश में फिलहाल तीनों मौसम—गर्मी, आंधी-बारिश और बढ़ती नमी—एक साथ प्रभाव दिखा रहे हैं।

    सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। मंडला सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। छिंदवाड़ा, खजुराहो, दमोह, मलाजखंड, राजगढ़, नरसिंहपुर, दतिया और शाजापुर सहित कई शहरों में तापमान 41 डिग्री से ऊपर पहुंच गया। वहीं ग्वालियर में 41.6 डिग्री, जबलपुर में 40 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री, भोपाल में 38.7 डिग्री और इंदौर में 38.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश इस समय एक महत्वपूर्ण संक्रमण काल से गुजर रहा है। पूर्वी मध्य प्रदेश के रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट और सिवनी जिलों में अगले तीन से चार दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। महाकौशल क्षेत्र में कई स्थानों पर मध्यम वर्षा होने की संभावना है, जबकि बिजली गिरने और तेज हवाओं की घटनाओं में भी वृद्धि हो सकती है।

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा जैसे जिलों में दोपहर बाद बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। इससे पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं मालवा-निमाड़ क्षेत्र में अरब सागर से आने वाली नमी का असर दिखाई देगा, जिसके कारण बादलों की आवाजाही और उमस में बढ़ोतरी हो सकती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान मौसमीय परिस्थितियां मानसून के आगमन के लिए अनुकूल बन रही हैं। यदि अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रहती है, तो दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेजी से बढ़ सकती हैं। किसानों के लिए यह खरीफ सीजन की तैयारी का समय है, लेकिन विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि स्थायी और व्यापक वर्षा शुरू होने के बाद ही बुवाई का निर्णय लेना अधिक उचित रहेगा।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में सक्रिय प्री-मानसून सिस्टम, चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे कई क्षेत्रों में मौसम सुहावना होने की संभावना है।

  • भारत-चीन रिश्तों पर पाकिस्तान के प्रभाव के सवाल पर चीन का जवाब, राजदूत बोले- सभी पड़ोसी हमारे लिए समान रूप से महत्वपूर्ण

    भारत-चीन रिश्तों पर पाकिस्तान के प्रभाव के सवाल पर चीन का जवाब, राजदूत बोले- सभी पड़ोसी हमारे लिए समान रूप से महत्वपूर्ण

    नई दिल्ली । भारत और चीन के संबंधों में हाल के समय में दिखाई दे रही सकारात्मक गतिविधियों के बीच भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने दक्षिण एशिया में शांति, स्थिरता और संवाद को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को विशेष महत्व देता है और क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने के पक्ष में है।

    एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भारत, चीन और पाकिस्तान के त्रिकोणीय संबंधों को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए चीनी राजदूत ने कहा कि चीन की विदेश नीति का आधार पड़ोसी देशों के साथ मित्रता, सहयोग और पारस्परिक लाभ के सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया के देशों सहित सभी पड़ोसी राष्ट्र चीन के लिए महत्वपूर्ण हैं और उनके साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखना बीजिंग की प्राथमिकताओं में शामिल है।

    राजदूत ने भारत और पाकिस्तान के संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश न केवल एक-दूसरे के पड़ोसी हैं बल्कि चीन के भी पड़ोसी हैं। ऐसे में क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए संवाद का मार्ग सबसे उपयुक्त माना जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के माध्यम से अपने मतभेदों का समाधान खोजने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

    शू फेइहोंग ने कहा कि भौगोलिक वास्तविकताओं को बदला नहीं जा सकता और पड़ोसी देशों के बीच बेहतर संबंध पूरे क्षेत्र के विकास और समृद्धि में योगदान दे सकते हैं। उनके अनुसार, आपसी विश्वास और सहयोग न केवल संबंधित देशों के नागरिकों के लिए लाभकारी साबित होगा बल्कि व्यापक क्षेत्रीय स्थिरता को भी मजबूती देगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक राजनीति और आर्थिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। एशिया में बढ़ते आर्थिक महत्व और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच क्षेत्रीय सहयोग को लेकर विभिन्न देशों की सक्रियता बढ़ी है। चीन भी अपने पड़ोसी देशों के साथ आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर लगातार जोर देता रहा है।

    राजदूत ने भारत और चीन के द्विपक्षीय संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच विभिन्न स्तरों पर संपर्क बढ़ा है। उन्होंने आर्थिक और व्यापारिक सहयोग में आई वृद्धि को सकारात्मक संकेत बताया। उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच व्यापार लगातार विस्तार कर रहा है और भविष्य में सहयोग की संभावनाएं और अधिक मजबूत हो सकती हैं।

    उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया की दो बड़ी एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के रूप में भारत और चीन के पास साझा विकास, निवेश, व्यापार और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के पर्याप्त अवसर मौजूद हैं। उनके अनुसार, आर्थिक साझेदारी का विस्तार दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है और क्षेत्रीय विकास को नई गति दे सकता है।

    राजनयिक हलकों में इस बयान को दक्षिण एशिया में संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने की चीन की सार्वजनिक नीति के अनुरूप माना जा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग का महत्व और बढ़ गया है। ऐसे में प्रमुख एशियाई देशों के बीच संवाद, व्यापारिक साझेदारी और विश्वास निर्माण की प्रक्रिया भविष्य की कूटनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

    भारत, चीन और पाकिस्तान जैसे महत्वपूर्ण देशों के बीच संबंधों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी रहती है। ऐसे में संवाद, कूटनीति और सहयोग पर दिया गया जोर क्षेत्रीय शांति और दीर्घकालिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।

  • राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अलर्ट, 62 विधायक स्पेशल फ्लाइट से बेंगलुरु रवाना

    राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अलर्ट, 62 विधायक स्पेशल फ्लाइट से बेंगलुरु रवाना


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। भाजपा द्वारा तीसरी राज्यसभा सीट पर उम्मीदवार उतारे जाने के बाद चुनावी मुकाबला रोचक हो गया है। इसी बीच कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने और संभावित क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने अपने सभी 62 विधायकों को कर्नाटक भेजने का निर्णय लिया है, जहां वे मतदान तक पार्टी के संपर्क और निगरानी में रहेंगे।

    मंगलवार को कांग्रेस विधायक भोपाल में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के निवास पर एकत्रित हुए। इसके बाद सभी विधायक अपनी-अपनी गाड़ियों से एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से उन्हें विशेष विमान के जरिए बेंगलुरु रवाना किया गया। कांग्रेस ने इसके लिए 72 सीटों वाला विशेष विमान बुक किया है। दिलचस्प बात यह रही कि कई विधायक अपने परिवार के सदस्यों के साथ भी इस यात्रा पर निकले, जिससे एयरपोर्ट पर अलग ही माहौल देखने को मिला।

    राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा ने महेश केवट को मैदान में उतारा है। इसी वजह से राजनीतिक समीकरणों और संभावित क्रॉस वोटिंग को लेकर दोनों दल सतर्क नजर आ रहे हैं।

    एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक पूरी तरह एकजुट हैं और पार्टी को अपने विधायकों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने विधायकों की चिंता नहीं है, बल्कि भाजपा को अपने विधायकों को संभालकर रखना चाहिए। सिंघार ने दावा किया कि कांग्रेस को 62 वोटों से भी अधिक समर्थन मिल सकता है और पार्टी पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी।

    उन्होंने विधायक निर्मला सप्रे को लेकर भी टिप्पणी की। सिंघार ने कहा कि यदि उन्हें अपनी विधानसभा सदस्यता बनाए रखनी है तो कांग्रेस का समर्थन करना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि निर्मला सप्रे हाल की पार्टी बैठकों में शामिल नहीं हुई हैं, जिससे राजनीतिक अटकलें और तेज हो गई हैं।

    कांग्रेस की यह सतर्कता वर्ष 2020 के राजनीतिक घटनाक्रम से भी जुड़ी हुई मानी जा रही है। उस समय ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में कई विधायकों के इस्तीफे के बाद कमलनाथ सरकार गिर गई थी। इसी अनुभव को देखते हुए कांग्रेस इस बार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही है।

    वर्तमान विधानसभा में कांग्रेस के 64 विधायक हैं, लेकिन न्यायालय के आदेश के चलते एक विधायक मतदान के पात्र नहीं हैं। वहीं कुछ विधायकों की गतिविधियों को लेकर भी पार्टी सतर्क है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव में हर वोट महत्वपूर्ण हो सकता है और इसी कारण कांग्रेस अपने विधायकों को पार्टी शासित राज्य में रखकर किसी भी संभावित राजनीतिक घटनाक्रम से बचना चाहती है।

    इस बीच भोपाल एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं और विधायकों की मौजूदगी ने राजनीतिक सरगर्मियां और बढ़ा दीं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी एयरपोर्ट पहुंचे, जबकि तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष महेश गौड़ ने उनसे मुलाकात की। आने वाले दिनों में राज्यसभा चुनाव को लेकर मध्यप्रदेश की राजनीति में और भी दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।

  • भोपाल में कचरा फैलाने और जलाने पर लगेगा जुर्माना, नए नियमों पर निगम परिषद में गरमाई बहस

    भोपाल में कचरा फैलाने और जलाने पर लगेगा जुर्माना, नए नियमों पर निगम परिषद में गरमाई बहस


    मध्यप्रदेश । भोपाल में स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नए नियम लागू करने की तैयारी कर रहा है। मंगलवार को आईएसबीटी स्थित नगर निगम मुख्यालय में आयोजित विशेष परिषद बैठक में इन नियमों को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। बैठक में बताया गया कि खुले में कचरा फेंकने, कचरा जलाने और बिना पूर्व सूचना बड़े आयोजनों के संचालन पर सख्त कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि इन प्रस्तावित नियमों को लेकर परिषद में लंबी बहस भी देखने को मिली।

    बैठक में विशेषज्ञ अतुल खरे ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत प्रस्तावित व्यवस्थाओं की जानकारी दी। प्रस्तुतीकरण के अनुसार यदि कोई व्यक्ति या संस्था खुले में कचरा फेंकती है या उसे जलाती है तो नगर निगम जुर्माना लगाएगा। इसके अलावा 100 या उससे अधिक लोगों के किसी भी सार्वजनिक आयोजन के लिए आयोजकों को कम से कम तीन दिन पहले निगम को सूचना देना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की जा सकेगी।

    नए नियमों को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने कई सवाल उठाए। वार्ड-16 के पार्षद मोहम्मद सरवर ने कहा कि पॉलीथिन पर प्रतिबंध के बावजूद शहर में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि जब तक मौजूदा नियमों का कड़ाई से पालन नहीं होगा, तब तक नए नियम भी केवल कागजों तक सीमित रह जाएंगे। उन्होंने सफाई व्यवस्था की खामियों का जिक्र करते हुए कहा कि कई क्षेत्रों में नालियों से निकाला गया कचरा दिनों तक सड़क किनारे पड़ा रहता है क्योंकि उसे उठाने की व्यवस्था नहीं होती।

    कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने निगम के संसाधनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि नए नियम लागू करने से पहले यह देखना होगा कि निगम के पास पर्याप्त बजट, वाहन और कर्मचारी हैं या नहीं। उन्होंने बताया कि कई वार्डों में कचरा वाहन खराब होने पर कई दिनों तक कचरा नहीं उठ पाता। कर्मचारियों की कमी के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है।

    वहीं भाजपा पार्षदों ने भी सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग की। भाजपा पार्षद विलास राव घाड़गे ने कहा कि हर वर्ष कर्मचारियों की संख्या कम होती जा रही है जबकि शहर में कचरे की मात्रा लगातार बढ़ रही है। दूसरी ओर भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव ने नए नियमों का समर्थन करते हुए कहा कि इससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से सख्ती से शुल्क एवं दंड वसूला जाना चाहिए।

    बैठक के दौरान कांग्रेस पार्षद देवांशु कंसाना ने अपने वार्ड में गिरे पेड़ को हटाने में छह दिन लगने का उदाहरण देते हुए निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इस पर भाजपा पार्षदों ने आपत्ति जताई और कहा कि उनके क्षेत्रों में ऐसी समस्याएं नहीं हैं। इस मुद्दे पर परिषद में कुछ देर तक तीखी नोकझोंक भी हुई।

    महापौर मालती राय ने चर्चा के दौरान कहा कि सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति वही पार्षद बेहतर जानते हैं जो नियमित रूप से अपने वार्डों का निरीक्षण करते हैं। उन्होंने रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था और जमीनी निगरानी की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

    नए नियमों के तहत अब बड़ी इमारतों, स्कूलों, कॉलेजों और व्यावसायिक परिसरों को अपने स्तर पर गीले कचरे के निपटान की व्यवस्था करनी होगी। बड़े आयोजनों और प्रदर्शनियों के लिए ऑनलाइन पंजीयन भी अनिवार्य किया जाएगा। नगर निगम 30 जून तक इन नियमों को लागू करने की तैयारी कर रहा है। निगम का दावा है कि नई व्यवस्था से शहर में कचरे के परिवहन में लगभग 25 प्रतिशत तक कमी आएगी और कचरा प्रबंधन अधिक वैज्ञानिक एवं जवाबदेह बन सकेगा।

    बैठक के दौरान एक दिलचस्प दृश्य भी देखने को मिला। भीषण गर्मी और परिषद हॉल में एयर कंडीशनर बंद होने के कारण कई पार्षद एजेंडे की प्रतियों से खुद को हवा करते नजर आए। यह दृश्य बैठक की चर्चा के साथ-साथ लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना रहा।

  • MP पुलिस की बेटी ने रचा इतिहास, माउंट किलिमंजारो फतह करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं दीपिका गौतम

    MP पुलिस की बेटी ने रचा इतिहास, माउंट किलिमंजारो फतह करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं दीपिका गौतम


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश पुलिस की एक महिला अधिकारी ने अपने साहस, दृढ़ संकल्प और जुनून से ऐसा इतिहास रच दिया है, जिस पर पूरा प्रदेश गर्व कर सकता है। भोपाल स्थित एससीआरबी (SCRB) पुलिस मुख्यालय में पदस्थ इंस्पेक्टर दीपिका गौतम ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो को फतह कर मध्यप्रदेश पुलिस के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। इस उपलब्धि के साथ वह प्रदेश पुलिस की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं, जिन्होंने इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पर्वत अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया है।

    तंजानिया में स्थित माउंट किलिमंजारो समुद्र तल से लगभग 5,895 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इसे दुनिया के सबसे प्रसिद्ध पर्वत अभियानों में गिना जाता है। दीपिका गौतम ने 29 मई को इस ऊंची चोटी पर पहुंचकर तिरंगा लहराया और अपनी उपलब्धि से देश तथा प्रदेश का नाम रोशन किया।

    इस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण दल में दीपिका भारत की एकमात्र प्रतिभागी थीं। कठिन मौसम, ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी और लगातार बदलती प्राकृतिक परिस्थितियों के बीच उन्होंने यह चुनौती स्वीकार की और सफलता हासिल की।

    दीपिका बताती हैं कि नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अक्सर लोग अपने सपनों को अधूरा छोड़ देते हैं, लेकिन उन्होंने अपने सपनों को कभी पीछे नहीं छोड़ा। उनका मानना है कि जीवन में लक्ष्य और सपने होना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही व्यक्ति को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। इसी सोच ने उन्हें अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी तक पहुंचने का हौसला दिया।

    माउंट किलिमंजारो का यह अभियान आसान नहीं था। पांच दिनों तक चले इस कठिन सफर में उन्हें तीन अलग-अलग बेस कैंप पार करने पड़े। अंतिम चरण की चढ़ाई रात के समय शुरू हुई, जब तापमान माइनस 10 से 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। ऊंचाई बढ़ने के साथ मौसम लगातार बदल रहा था और हर कदम पर नई चुनौती सामने थी। इसके बावजूद दीपिका ने धैर्य, शारीरिक क्षमता और मानसिक मजबूती का परिचय देते हुए अपने लक्ष्य को हासिल किया।

    हालांकि यह उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय पर्वत अभियान था, लेकिन रोमांच और ट्रेकिंग के क्षेत्र में उनका अनुभव पहले से ही काफी समृद्ध रहा है। वह कई बार अमरनाथ और केदारनाथ जैसी कठिन धार्मिक यात्राएं पूरी कर चुकी हैं। पर्वतारोहण और साहसिक गतिविधियों के प्रति उनका विशेष लगाव रहा है, जिसने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।

    दीपिका स्वयं को मल्टीटास्किंग व्यक्ति मानती हैं और उनका विश्वास है कि जीवन में नई चुनौतियों को स्वीकार करना ही सफलता का मार्ग बनाता है। उनकी यह उपलब्धि न केवल महिला पुलिस अधिकारियों के लिए प्रेरणा है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए भी एक संदेश है जो जिम्मेदारियों के बीच अपने सपनों को जीवित रखना चाहते हैं।

    माउंट किलिमंजारो फतह करने के बाद अब दीपिका का अगला लक्ष्य भी तय हो चुका है। हालांकि उन्होंने अपने आगामी अभियान का खुलासा नहीं किया है, लेकिन संकेत दिए हैं कि अगले वर्ष वह विदेश में एक और बड़े पर्वतारोहण मिशन का हिस्सा बन सकती हैं। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और साहस का प्रतीक बन गई है।

  • भोपाल मेट्रो पर बढ़ा खर्च, कैबिनेट ने दी 10,033 करोड़ की संशोधित मंजूरी; मंडी शुल्क में भी बड़ा बदलाव

    भोपाल मेट्रो पर बढ़ा खर्च, कैबिनेट ने दी 10,033 करोड़ की संशोधित मंजूरी; मंडी शुल्क में भी बड़ा बदलाव

    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य की महत्वाकांक्षी भोपाल मेट्रो रेल परियोजना को लेकर बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी प्रदान कर दी गई। लागत में करीब 4 हजार करोड़ रुपए की वृद्धि के बाद अब भोपाल मेट्रो परियोजना की कुल लागत 10,033 करोड़ रुपए पहुंच गई है। इसके साथ ही सरकार ने कृषि क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेते हुए मंडी शुल्क व्यवस्था में भी बदलाव किया है।

    कैबिनेट बैठक के बाद एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि भोपाल मेट्रो परियोजना का प्रारंभिक स्वरूप वर्ष 2016 में तैयार किया गया था। उस समय इसकी अनुमानित लागत लगभग 6,241 करोड़ रुपए आंकी गई थी। हालांकि समय के साथ निर्माण सामग्री की कीमतों, तकनीकी आवश्यकताओं और अन्य कारणों से परियोजना की लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब संशोधित लागत 10,033 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है, जिसे कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।

    सरकार का मानना है कि संशोधित बजट से परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आएगी और आगामी दो वर्षों में मेट्रो परियोजना का स्वरूप अधिक स्पष्ट रूप से सामने दिखाई देगा। भोपाल मेट्रो को राजधानी के सार्वजनिक परिवहन ढांचे को मजबूत करने वाली प्रमुख परियोजना माना जा रहा है, जिससे यातायात व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

    बैठक में किसानों से जुड़ा एक अहम निर्णय भी लिया गया। सरकार ने कपास उत्पादक किसानों को राहत देते हुए कपास पर लगने वाले मंडी शुल्क को घटाकर 0.50 प्रतिशत कर दिया है। मंत्री काश्यप ने बताया कि पहले अधिक मंडी शुल्क के कारण किसानों और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता था। महाराष्ट्र में भी कपास पर इसी दर से शुल्क लिया जाता है, इसलिए प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

    इसके विपरीत सरकार ने अन्य कृषि उपज पर मंडी शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है। कुछ वर्ष पहले इसे डेढ़ प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत किया गया था, लेकिन अब फिर से इसे बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार का अनुमान है कि इस निर्णय से राज्य को लगभग 800 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। यह राशि सड़क विकास, ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विस्तार और गौ-संवर्धन जैसी योजनाओं पर खर्च की जाएगी।

    कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में भी पहल की गई है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यशालाओं का आयोजन कर किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों और उसके लाभों के बारे में जागरूक किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे कृषि लागत में कमी आएगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और शासन के 12 वर्ष पूर्ण होने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे देश के विकास का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए 5 जून से 21 जून तक प्रदेशभर में जनकल्याण और विकास कार्यों से जुड़े विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की जानकारी दी।

    इसके अलावा राज्य के लगभग एक लाख संविदा कर्मचारी-अधिकारियों को 4.5 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि दिए जाने के फैसले का भी स्वागत किया गया। कुल मिलाकर कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों को राज्य के बुनियादी ढांचे, कृषि क्षेत्र और कर्मचारी हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।