Author: bharati

  • ऋषि कपूर की ‘कर्ज’: फ्लॉप फिल्म, लेकिन सुपरहिट म्यूजिक और मानसिक तनाव की सच्ची कहानी

    ऋषि कपूर की ‘कर्ज’: फ्लॉप फिल्म, लेकिन सुपरहिट म्यूजिक और मानसिक तनाव की सच्ची कहानी



    नई दिल्ली। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर की 1980 में आई फिल्म कर्ज आज भले ही एक कल्ट क्लासिक मानी जाती है, लेकिन रिलीज के समय यह बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी। दिलचस्प बात यह है कि फिल्म की असफलता नहीं, बल्कि उसके गानों की भारी सफलता ने उस दौर में ऋषि कपूर को भावनात्मक रूप से प्रभावित किया था।

    क्या थी फिल्म की खासियत?
    फिल्म का निर्देशन सुभाष घई ने किया था और यह एक म्यूजिकल थ्रिलर के रूप में बनाई गई थी। कहानी के साथ-साथ इसके संगीत पर खास फोकस किया गया था।इस फिल्म के संगीत को तैयार किया था लक्ष्मीकांत–प्यारेलाल की जोड़ी ने, और गानों को आवाज दी थी किशोर कुमार और मोहम्मद रफ़ी जैसे महान गायकों ने।

    सुपरहिट हुए गाने
    फिल्म के गाने जैसे
    ओम शांति ओम
    एक हसीना थी
    पैसा ये पैसा
    दर्द-ए-दिलइतने लोकप्रिय हुए कि वे आज भी याद किए जाते हैं।

    बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप
    जहां फिल्म का संगीत सुपरहिट रहा, वहीं सिनेमाघरों में फिल्म दर्शकों को आकर्षित नहीं कर पाई और फ्लॉप हो गई। शुरुआती हफ्तों के बाद इसकी कमाई तेजी से गिर गई।इसके कुछ समय बाद रिलीज हुई कुर्बानी ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और कर्ज पीछे छूट गई।

    क्यों परेशान हुए ऋषि कपूर?
    रिपोर्ट्स और ऋषि कपूर की आत्मकथा के अनुसार, उन्हें इस बात का मानसिक दबाव महसूस हुआ कि उनकी फिल्म भले ही असफल रही, लेकिन उसके गाने हर जगह लोकप्रिय हो रहे थे। इस वजह से वे भावनात्मक तनाव में आ गए थे।कई रिपोर्ट्स में यह भी उल्लेख मिलता है कि वे उस समय काफी परेशान रहे और यह दौर उनके लिए चुनौतीपूर्ण था।

    आज क्या है स्थिति?
    समय के साथ कर्ज को दर्शकों ने एक आइकॉनिक फिल्म के रूप में स्वीकार किया और आज इसे बॉलीवुड की सबसे यादगार म्यूजिकल फिल्मों में गिना जाता है।

  • कंगना रनौत ने फेक न्यूज पर जताई नाराजगी: राहुल गांधी संग शादी वाली अफवाह को बताया पूरी तरह झूठा दावा

    कंगना रनौत ने फेक न्यूज पर जताई नाराजगी: राहुल गांधी संग शादी वाली अफवाह को बताया पूरी तरह झूठा दावा



    नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर वायरल एक फर्जी पोस्ट को लेकर अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने कड़ा रुख अपनाया है। इस पोस्ट में यह झूठा दावा किया गया था कि उनका नाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ जोड़कर शादी से जुड़ी टिप्पणी की गई है, जो पूरी तरह असत्य और भ्रामक पाया गया।

    क्या था वायरल दावा?
    इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हुआ, जिसमें यह गलत दावा किया गया कि कंगना रनौत ने कहा है कि अगर राहुल गांधी किसी शर्त को पूरा करते हैं तो वह उनसे शादी कर सकती हैं। इस पोस्ट ने लोगों के बीच भ्रम फैलाया।

    कंगना ने दी सख्त प्रतिक्रिया
    कंगना रनौत ने इस खबर को पूरी तरह फर्जी बताते हुए सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और यह सिर्फ अफवाह है।कंगना ने फेक न्यूज फैलाने वालों की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह की झूठी खबरें न केवल गलत हैं बल्कि सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं।

    सोशल मीडिया पर बढ़ती फेक न्यूज की समस्या
    यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सोशल मीडिया पर बिना जांच के खबरें कितनी तेजी से फैल जाती हैं। कई यूजर्स ने भी इस पोस्ट को गलत बताया और कहा कि यह राजनीतिक और सार्वजनिक हस्तियों को बदनाम करने की कोशिश है।

    फिलहाल क्या स्थिति है?
    इस पूरे मामले पर राहुल गांधी की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, यह स्पष्ट हो चुका है कि वायरल दावा पूरी तरह फर्जी था।वर्क फ्रंट की बात करें तो कंगना रनौत हाल ही में फिल्म इमरजेंसी में नजर आई थीं और आने वाले समय में वे अपने नए प्रोजेक्ट्स को लेकर भी चर्चा में बनी हुई हैं।

  • सलमान–करीना की सुपरहिट जोड़ी फिर करेगी धमाका? राज & डीके की सुपरहीरो फिल्म को लेकर बड़ा अपडेट

    सलमान–करीना की सुपरहिट जोड़ी फिर करेगी धमाका? राज & डीके की सुपरहीरो फिल्म को लेकर बड़ा अपडेट


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान एक बार फिर बड़े प्रोजेक्ट के साथ वापसी की तैयारी में हैं। चर्चा है कि वह निर्देशक जोड़ी राज निदिमोरू और कृष्णा डी.के. की आने वाली सुपरहीरो फिल्म का हिस्सा होंगे। इस फिल्म को लेकर अब सबसे बड़ा अपडेट यह सामने आया है कि इसमें करीना कपूर खान की भी एंट्री हो सकती है।

    क्या है पूरा मामला?
    रिपोर्ट्स के मुताबिक सलमान खान इस हाई-वोल्टेज सुपरहीरो प्रोजेक्ट के लिए खुद करीना कपूर से बातचीत कर चुके हैं। अगर यह कास्ट फाइनल होती है, तो यह दोनों की पांचवीं फिल्म साथ होगी।इससे पहले यह जोड़ी बॉडीगार्ड, बजरंगी भाईजान, मैं और मिसेज खन्ना और क्योंकि जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी है।

    सुपरहीरो फिल्म का कॉन्सेप्ट
    यह फिल्म एक इमोशनल और एक्शन से भरपूर सुपरहीरो स्टोरी बताई जा रही है। सलमान खान इसमें एक उम्रदराज सुपरहीरो के किरदार में नजर आएंगे, जो लंबे समय बाद फिर से एक्शन में लौटता है और एक बड़े मिशन में फंस जाता है।

    प्रोडक्शन और शूटिंग अपडेट
    इस फिल्म को सलमान के जीजा अतुल अग्निहोत्री और मैत्री मूवी मेकर्स मिलकर प्रोड्यूस कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार इसकी शूटिंग अक्टूबर–नवंबर 2026 के आसपास शुरू हो सकती है और फिल्म 2027 में रिलीज होने की संभावना है।

    राज & डीके की वापसी
    वेब सीरीज की दुनिया में हिट देने वाले राज & डीके इस बार बड़े पर्दे पर एक अलग सुपरहीरो यूनिवर्स लेकर आ रहे हैं। यह प्रोजेक्ट उनके लिए भी काफी अहम माना जा रहा है।वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान खान फिलहाल कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। उनकी पिछली फिल्म सिकंदर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थी, ऐसे में फैंस को उनकी अगली बड़ी हिट का इंतजार है।अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या सलमान और करीना की यह जोड़ी एक बार फिर बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा पाएगी या नहीं।

  • क्षौर कर्म के नियम: भद्रा, श्राद्ध और आयु से जुड़ी मान्यताओं का सच, जानिए क्या है परंपरा

    क्षौर कर्म के नियम: भद्रा, श्राद्ध और आयु से जुड़ी मान्यताओं का सच, जानिए क्या है परंपरा


    नई दिल्ली। हिंदू परंपरा में क्षौर कर्म को केवल शरीर की सफाई नहीं, बल्कि एक शुद्धिकरण और अनुशासन से जुड़ी धार्मिक क्रिया माना गया है। इसमें बाल कटवाना, दाढ़ी-मूंछ बनवाना और नाखून काटना शामिल होता है। शास्त्रों और परंपराओं में इससे जुड़े कई नियम बताए गए हैं, जिन्हें लोग आस्था के आधार पर मानते हैं।

    क्या है क्षौर कर्म?
    क्षौर कर्म का अर्थ है शरीर की स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियाँ जैसे

    बाल कटवाना या मुंडन कराना

    दाढ़ी और मूंछ बनवाना

    नाखून काटना

    धार्मिक दृष्टि से इसे शुद्धता और नए आरंभ का प्रतीक माना जाता है।

    किन दिनों में इसे टालने की परंपरा है?
    परंपरागत मान्यताओं में कुछ तिथियों और दिनों को क्षौर कर्म के लिए कम शुभ माना गया है, जैसे—

    एकादशी, अमावस्या और पूर्णिमा

    कुछ धार्मिक पर्व और व्रत के दिन

    संक्रांति के समय

    कुछ परंपराओं में मंगलवार और शनिवार को भी इसे टालने की सलाह दी जाती है, लेकिन यह सभी जगह समान नहीं है और क्षेत्रीय परंपराओं पर निर्भर करता है।

    भद्रा और मुहूर्त का महत्व
    शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार भद्रा काल में कोई भी शुभ कार्य, जिसमें क्षौर कर्म भी शामिल है, करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसलिए कई लोग शुभ मुहूर्त देखकर ही यह कार्य करते हैं।

    श्राद्ध से जुड़ी परंपरा
    श्राद्ध कर्म के समय शुद्धता और नियमों का विशेष महत्व माना गया है। इसी कारण श्राद्ध करने से पहले शरीर की स्वच्छता पर ध्यान देने की परंपरा रही है, जिसमें क्षौर कर्म को भी शामिल किया जाता है।

    आयु से जुड़ी मान्यताएं
    कुछ परंपराओं में अलग-अलग दिनों में क्षौर कर्म करने को लेकर आयु बढ़ने या घटने जैसी मान्यताएं प्रचलित हैं। लेकिन यह पूरी तरह धार्मिक आस्था और लोकविश्वास पर आधारित है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

  • ‘जन नायकन’ की रिलीज पर लगा ब्रेक: विवादों में घिरी Jana Nayagan, क्या अब इस तारीख को सिनेमाघरों में आएगी?

    ‘जन नायकन’ की रिलीज पर लगा ब्रेक: विवादों में घिरी Jana Nayagan, क्या अब इस तारीख को सिनेमाघरों में आएगी?


    नई दिल्ली। साउथ सिनेमा के सुपरस्टार Thalapathy Vijay ने राजनीति में कदम रखने के बाद अपने फिल्मी करियर को अलविदा कह दिया है। उनकी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam की चुनावी सफलता के बीच अब फैंस की नजरें उनकी आखिरी फिल्म पर टिक गई हैं, जिसे फिलहाल ‘थलापति 69’ के नाम से जाना जा रहा है।

    ‘थलापति 69’ नहीं, असली नाम है ‘जन नायकन’

    विजय की इस बहुप्रतीक्षित फिल्म का असली नाम Jana Nayagan है। चूंकि यह उनके करियर की 69वीं फिल्म है, इसलिए फैंस इसे ‘थलापति 69’ कहकर बुला रहे हैं। इस फिल्म का निर्देशन H. Vinoth ने किया है, जो अपने दमदार कंटेंट के लिए जाने जाते हैं।

    क्या था विवाद, क्यों टली रिलीज?

    फिल्म की रिलीज में देरी के पीछे कई बड़े कारण रहे। सबसे पहले, Central Board of Film Certification (CBFC) ने फिल्म के कुछ दृश्यों और धार्मिक संदर्भों पर आपत्ति जताई थी। मामला इतना बढ़ा कि इसे Madras High Court तक ले जाना पड़ा।

    इसके अलावा, अप्रैल 2026 में फिल्म का HD वर्जन ऑनलाइन लीक होने की खबरों ने मेकर्स को बड़ा झटका दिया। वहीं ट्रेलर रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर इसे Bhagavanth Kesari का रीमेक बताया जाने लगा, हालांकि निर्देशक ने इसे अपनी मौलिक प्रस्तुति बताया।

    कब रिलीज हो सकती है फिल्म?

    पहले यह फिल्म पोंगल 2026 पर रिलीज होने वाली थी, लेकिन विवादों के चलते इसे टाल दिया गया। अब खबरें हैं कि ‘जन नायकन’ 8 मई 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक दे सकती है। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

    फिल्म में क्या होगा खास?

    इस फिल्म में विजय एक ईमानदार आईपीएस अधिकारी ‘वेट्री कोंडन’ की भूमिका निभा रहे हैं, जो भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ जंग छेड़ता है। उनके साथ फिल्म में Pooja Hegde, Bobby Deol और Mamitha Baiju अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का संगीत Anirudh Ravichander ने दिया है, जिनके गाने पहले ही चर्चा में हैं।

    फैंस के लिए इमोशनल विदाई

    ‘जन नायकन’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि विजय के शानदार फिल्मी करियर का आखिरी अध्याय है। ऐसे में फैंस इस फिल्म को लेकर बेहद भावुक और उत्साहित हैं। अब देखना होगा कि रिलीज के बाद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कितना बड़ा इतिहास रचती है।

  • Aaj Ka Panchang: आज अंगारकी एकदंत चतुर्थी, जानें चंद्रोदय समय और शुभ-अशुभ मुहूर्त

    Aaj Ka Panchang: आज अंगारकी एकदंत चतुर्थी, जानें चंद्रोदय समय और शुभ-अशुभ मुहूर्त


    नई दिल्ली। 5 मई 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है। आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जिसे एकदंत संकष्टी चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। खास बात यह है कि मंगलवार के दिन पड़ने वाली चतुर्थी को अंगारकी चतुर्थी कहा जाता है, जो अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन भगवान गणेश और हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व होता है।

    तिथि, वार और ग्रह स्थिति
    आज चतुर्थी तिथि सुबह 05:24 बजे से शुरू होकर पूरे दिन रहेगी। मंगलवार होने से यह दिन और अधिक पुण्यदायी बन गया है। चंद्रमा आज धनु राशि में गोचर कर रहा है, जिससे कई राशियों पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। साथ ही मंगल और गुरु के बीच केंद्र दृष्टि योग बन रहा है, जो विशेष फलदायी माना जाता है।

    नक्षत्र और योग का प्रभाव
    आज दोपहर 12:54 बजे तक ज्येष्ठा नक्षत्र रहेगा, इसके बाद मूल नक्षत्र शुरू हो जाएगा। पूरे दिन शिव योग का निर्माण हो रहा है, जो शुभ कार्यों और पूजा-पाठ के लिए उत्तम माना जाता है। इस योग में किए गए धार्मिक कार्य विशेष फल देते हैं।

    सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र दर्शन का समय
    सूर्योदय सुबह 05:55 बजे और सूर्यास्त शाम 06:52 बजे होगा। चंद्रोदय रात 10:20 बजे होगा, जबकि चंद्रास्त अगले दिन सुबह 08:57 बजे रहेगा। संकष्टी चतुर्थी व्रत रखने वाले श्रद्धालु चंद्रमा को अर्घ्य देकर रात 10:35 बजे तक व्रत का पारण कर सकते हैं।

    आज के शुभ मुहूर्त
    ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:18 बजे से 05:06 बजे तक रहेगा, जो साधना और पूजा के लिए सर्वोत्तम समय माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:57 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक रहेगा। आज अमृत काल नहीं है, लेकिन शिवयोग पूरे दिन शुभता प्रदान करेगा।

    आज के अशुभ काल (राहुकाल समेत)
    राहुकाल दोपहर 03:37 बजे से शाम 05:14 बजे तक रहेगा, इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। यमगंड सुबह 09:09 बजे से 10:46 बजे तक और कुलिक काल दोपहर 12:23 बजे से 02:00 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 08:30 बजे से 09:22 बजे तक और देर रात 11:17 बजे से 12:01 बजे तक रहेगा। इसके अलावा वर्ज्यम् काल रात 09:54 बजे से 11:42 बजे तक रहेगा।

    क्या करें आज के दिन?
    आज के दिन व्रत रखकर भगवान गणेश को दूर्वा, मोदक और लड्डू अर्पित करें। साथ ही हनुमान जी की पूजा कर हनुमान चालीसा का पाठ करें। रात में चंद्र दर्शन कर अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोलें। ऐसा करने से सभी विघ्न दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

  • IPL 2026: मुंबई इंडियंस की प्लेऑफ उम्मीदें जिंदा, LSG पर जीत के बाद बढ़ी हलचल

    IPL 2026: मुंबई इंडियंस की प्लेऑफ उम्मीदें जिंदा, LSG पर जीत के बाद बढ़ी हलचल


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है और हर मैच के साथ प्लेऑफ की तस्वीर साफ होती जा रही है। ऐसे में 5 बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस ने एक बार फिर अपने फैंस को उम्मीद की वजह दी है। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में मुंबई ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को 6 विकेट से हराकर प्लेऑफ की रेस में खुद को जीवित रखा है।
    हार्दिक पांड्या की कप्तानी वाली मुंबई इंडियंस इस सीजन में अब तक उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी है। टीम ने 10 मैचों में सिर्फ 3 जीत दर्ज की हैं और 7 मैचों में हार का सामना किया है। फिलहाल टीम अंक तालिका में 7 अंकों के साथ 9वें स्थान पर मौजूद है।

    खराब शुरुआत ने बिगाड़ा गणित, लेकिन उम्मीद बाकी
    सीजन की शुरुआत मुंबई के लिए बेहद निराशाजनक रही थी। लगातार हार ने टीम को अंक तालिका में नीचे धकेल दिया। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही विभागों में अस्थिरता देखने को मिली, जिससे टीम को लगातार दबाव झेलना पड़ा।
    हालांकि लखनऊ के खिलाफ मिली यह जीत टीम के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है। बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी दिखाई और गेंदबाजों ने भी अहम मौकों पर विकेट निकालकर मैच को मुंबई की झोली में डाल दिया।

    प्लेऑफ का पूरा गणित क्या कहता है?
    मुंबई इंडियंस के लिए प्लेऑफ की राह आसान नहीं है। टीम को अपने बाकी बचे सभी मुकाबले जीतने होंगे और साथ ही नेट रन रेट (NRR) पर भी ध्यान देना होगा। इसके अलावा अन्य टीमों के परिणाम भी मुंबई के पक्ष में आने जरूरी हैं।
    IPL के इतिहास में कई बार ऐसा हुआ है कि 12 से 14 अंकों वाली टीमें भी टॉप-4 में जगह बनाने में सफल रही हैं। ऐसे में अगर मुंबई अपने अगले मैचों में लगातार जीत दर्ज करती है, तो वह 13-15 अंकों तक पहुंच सकती है, जो प्लेऑफ की दौड़ में उन्हें मजबूती दे सकता है।

    आगे का सफर होगा निर्णायक
    मुंबई इंडियंस के लिए अब हर मैच ‘करो या मरो’ जैसा होगा। टीम को न सिर्फ जीत दर्ज करनी होगी, बल्कि बड़े अंतर से जीतकर रन रेट भी सुधारना होगा। कप्तान हार्दिक पांड्या पर अब रणनीति और टीम संयोजन को सही करने का बड़ा दबाव रहेगा।
    फैंस को उम्मीद है कि मुंबई इंडियंस एक बार फिर अपने पुराने चैंपियन अंदाज में वापसी करेगी और प्लेऑफ की दौड़ को रोमांचक बनाए रखेगी।

  • MP: गेहूं ऊपार्जन के लिए तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर किया गया रात 10 बजे तक

    MP: गेहूं ऊपार्जन के लिए तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर किया गया रात 10 बजे तक


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में अभी तक 7 लाख 48 हजार किसानों से 39 लाख 2 हजार मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। वहीं गेहूं उपार्जन के लिए तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 तक कर दिया गया है।

    यह जानकारी सोमवार को प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने दी। उन्होंने बताया कि अभी तक 14 लाख 75 हजार किसानों द्वारा गेहूँ उपार्जन के लिए स्लॉट बुक कराए गए हैं। किसानों के हित में गेहूँ उपार्जन की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 तक की गई। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही एनआईसी सर्वर की क्षमता एवं संख्या में वृद्धि कराई गई। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन की मॉनिटरिंग की जा रही है।

    मंत्री राजपूत ने बताया कि किसानों को 6490.56 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाए आदि की व्यवस्थाएँ की गई हैं।

    उन्होंने बताया कि किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके, इस हेतु समस्त आवश्यक व्यवस्थाएँ की गई हैं। इसमें बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि की व्यवस्था की गई है। उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध सुविधाओं के फोटो ग्राफ्स भारत सरकार के PCSAP पोर्टल पर अपलोड करने की कार्यवाही की जा रही है।

    खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ की भर्ती जूट बारदाने के साथ साथ पीपी एचडीपी बेग एवं जूट के एक भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये भण्डारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई, जिससे उपार्जित गेहूँ का सुरक्षित भण्डारण किया जा सके।

  • बंगाल में ममता का अभेद्य दुर्ग ढहाया….BJP की इस प्रचंड जीत का UP पर क्या होगा असर?

    बंगाल में ममता का अभेद्य दुर्ग ढहाया….BJP की इस प्रचंड जीत का UP पर क्या होगा असर?


    नई दिल्ली।
    बंगाल और असम (Bengal and Assam) में बीजेपी (BJP) की यह प्रचंड जीत 2026 की राजनीति का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट (Turning point) है. 4 मई 2026 के ये नतीजे न केवल पूर्वी भारत का भूगोल बदल रहे हैं, बल्कि इनका सीधा असर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सियासी समीकरणों पर पड़ना तय है. पश्चिम बंगाल (West Bengal.) में ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के अभेद्य दुर्ग को ढहाने के बाद ‘भगवा’ खेमे में जो उत्साह है, उसकी गूंज अब लखनऊ के सियासी गलियारों तक भी सुनाई दे रही है?

    पश्चिम बंगाल में बीजेपी की यह ‘ऐतिहासिक’ जीत महज एक राज्य की जीत नहीं है बल्कि यह 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए एक ‘लॉन्चपैड’ तैयार कर दिया है. बीजेपी ने जिस तरह बंगाल में ममता बनर्जी को मात दी है, उससे अखिलेश यादव के चैलेंज से निपटने में नई ऊर्जा मिलेगी।

    उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव ने 2024 के लोकसभा चुनाव में पीडीए फॉर्मूले से बीजेपी को तगड़ा झटका दिया था. बीजेपी ने दो साल में कमबैक किया है. ऐसे में बंगाल में ममता की हार विपक्ष के लिए बड़ा झटका है तो बीजेपी के लिए यूपी में ‘बुस्टर डोज’ की तरह है, जो सपा-कांग्रेस के लिए किसी सियासी टेंशन से कम नहीं है?


    बंगाल में ममता का सियासी किला ध्वस्त

    बंगाल चुनाव में अखिलेश यादव की पूरी तरह ममता बनर्जी के पक्ष में खड़े थे. यही वजह है कि बंगाल चुनाव के नतीजों को यूपी की सियासत से जोड़कर देखा जा रहा है. क्योंकि अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव होने हैं. बंगाल जैसे कठिन राज्य में जीत ने बीजेपी कैडर को यह संदेश दिया है कि ‘अजेय’ कुछ भी नहीं है।

    सियासत में कॉन्फिडेंस जरूरी है, लेकिन ओवर-कॉन्फिडेंस अक्सर घातक साबित होते हैं. अखिलेश यादव के लिए संकेत है कि उन्हें चुनावी आकलन में अधिक संतुलन और सतर्कता बरतनी होगी. 2024 के लोकसभा चुनाव में 37 लोकसभा सीटें जीतने के बाद अखिलेश यादव, उत्साह और आत्मविश्वास से लबरेज हैं, लेकिन कई बार उनका आत्मविश्वास, अतिआत्मविश्वास में बदलता दिखता है. बंगाल में ममता बनर्जी का ओवर-कॉन्फिडेंस ही महंगा पड़ा है।


    बंगाल चुनाव का यूपी की सियासत पर असर?

    बंगाल में मिली सफलता के बाद योगी आदित्यनाथ अब 2027 के लिए और भी अधिक आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेंगे. बंगाल के नतीजों ने साबित कर दिया कि बीजेपी का ‘हिंदुत्व कार्ड’ ने विपक्ष के सारे समीकरण को ध्वस्त कर दिया है।

    बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में मुस्लिम बहुल सीटों पर सेंधमारी ने ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ वाले नैरेटिव को धार देने के लिए ‘धार्मिक ध्रुवीकरण’ की बिसात बिछाई. इसका नतीजा था कि 30 फीसदी मुस्लिम बंगाल में होने के बाद भी बीजेपी जीतने में सफल रही है. बीजेपी अब सपा के ‘सामाजिक न्याय’ के जवाब में ‘सांस्कृतिक एकीकरण’ को और मजबूती से पेश करेगी।

    सपा प्रमुख अखिलेश यादव, जो अक्सर ममता बनर्जी को अपनी ‘बड़ी बहन’ और आदर्श मानते रहे हैं, उनके लिए बंगाल में टीएमसी की हार यह बड़ा झटका है. उत्तर प्रदेश में भाजपा उसी सियासी मॉडल को और आक्रामक तरीके से 2027 के विधानसभा चुनाव मैदान में उतर सकती है।

    सपा का पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) फार्मूला से 2024 में बीजेपी को मात देने में सफल रहे थे. बंगाल चुनाव के बाद बीजेपी यूपी में सपा के पीडीए फॉर्मूले को काउंटर करने के लिए धार्मिक ध्रुवीकरण के लिए बंगाल मॉडल को आजमाने का दांव चल सकती है।


    धार्मिक ध्रवीकरण के दांव से पीडीए को मात

    बीजेपी उत्तर प्रदेश में 2014 के बाद से लेकर लगातार जीतती आ रही थी, लेकिन उसे 2024 में अखिलेश ने बड़ा झटका दिया था. ऐसे में बीजेपी के लिए सत्ता की हैट्रिक लगाना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन पीएम मोदी की अगुवाई में जिस तरह पार्टी कमबैक कर रही है, उससे यूपी में भी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को सियासी हौसला मिला है। बंगाल में बीजेपी ने जिस तरह घुसपैठ के मुद्दे को हिंदुत्व के साथ जोड़ा, वो सियासी संजीवनी बना. अब वही फॉर्मूला यूपी में 2027 के लिए ‘ब्लूप्रिंट’ बनेगा।

  • विजय थलापति की निजी जिंदगी पर चर्चा तेज: कौन हैं संगीता सोर्नालिंगम और क्यों उड़ी अफेयर की अफवाहें?

    विजय थलापति की निजी जिंदगी पर चर्चा तेज: कौन हैं संगीता सोर्नालिंगम और क्यों उड़ी अफेयर की अफवाहें?


    नई दिल्ली। विजय थलापति की पत्नी संगीता सोर्नालिंगम मूल रूप से श्रीलंकाई तमिल परिवार से ताल्लुक रखती हैं और यूनाइटेड किंगडम में पली-बढ़ी हैं। दोनों की मुलाकात एक फिल्म सेट के दौरान हुई थी, जब संगीता खुद विजय की बड़ी फैन थीं। साल 1999 में दोनों ने शादी की और उनके दो बच्चे हैं बेटा जेसन संजय और बेटी दिव्या साशा। शादी के बाद संगीता हमेशा लाइमलाइट से दूर रही हैं और परिवार को प्राथमिकता देती रही हैं।

    तलाक की अर्जी और रिश्ते में दरार की खबर

    रिपोर्ट्स के अनुसार, संगीता ने चेन्नई के चेंगलपट्टू फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर की है। इसमें कथित तौर पर विवाह में दूरी, भावनात्मक तनाव और उपेक्षा को कारण बताया गया है।

    सूत्रों के मुताबिक, दोनों पिछले कुछ समय से अलग रह रहे हैं और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी साथ नजर नहीं आते।

     तृषा कृष्णन के साथ अफेयर की चर्चा क्यों?

    अफवाहों की जड़ में एक्ट्रेस तृषा कृष्णन का नाम सामने आ रहा है। फिल्म ‘लियो’ के बाद से दोनों के बीच नजदीकियों की चर्चा तेज हो गई थी।

    हाल ही में तृषा को विजय के घर और मंदिर में प्रार्थना करते देखा गया, जिससे सोशल मीडिया पर अटकलें और बढ़ गईं। हालांकि दोनों कलाकारों ने कभी भी अपने रिश्ते को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और हमेशा इसे दोस्ती बताया है।

    राजनीतिक सफलता के बीच निजी जीवन पर सवाल

    विजय थलापति हाल ही में अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की जीत के बाद राजनीति में मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं। ऐसे समय में उनकी निजी जिंदगी को लेकर उठे सवालों ने उनके समर्थकों को भी हैरान कर दिया है।

     अफवाह या सच्चाई? अब भी सस्पेंस कायम

    अब तक न तो विजय और न ही संगीता की ओर से तलाक या रिश्ते में दरार की आधिकारिक पुष्टि की गई है। ऐसे में यह मामला फिलहाल अफवाहों और अटकलों के बीच ही बना हुआ है।

     स्टारडम और निजी जिंदगी की उलझन

    विजय थलापति की लोकप्रियता जहां राजनीति और सिनेमा दोनों में बढ़ रही है, वहीं उनकी निजी जिंदगी पर उठे सवाल लगातार चर्चा में बने हुए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले पर उनका रुख ही स्थिति को साफ करेगा।