Author: bharati

  • बंगाल : घर की दहलीज से विधानसभा तक पहुंचीं रत्ना देवनाथ, बेटी को खोने का दर्द बना ताकत

    बंगाल : घर की दहलीज से विधानसभा तक पहुंचीं रत्ना देवनाथ, बेटी को खोने का दर्द बना ताकत


    कोलकाता । पश्चिम बंगाल में इस बार राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल गया। जहां एक ओर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई बड़े नेताओं को करारी हार का सामना करना पड़ा, वहीं दूसरी ओर आरजी कर मामले की पीड़िता की मां रत्ना देवनाथ ने अपनी पहली ही चुनावी पारी में बड़ी जीत दर्ज की। उन्होंने टीएमसी उम्मीदवार तीर्थंकर घोष को 28 हजार से अधिक वोटों से हराया।

    कौन हैं रत्ना देवनाथ
    रत्ना देवनाथ का राजनीति से कोई लंबा अनुभव नहीं था, लेकिन जीवन की एक बड़ी त्रासदी ने उन्हें जनता के बीच खड़ा कर दिया। 54 वर्षीय रत्ना देवनाथ, पति रंजन देवनाथ के साथ रहती हैं और चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके पास लगभग 74 लाख रुपये की संपत्ति है। बेटी के साथ हुई दर्दनाक घटना ने उन्हें व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने के लिए मजबूर किया। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर समाज में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया और इसी उद्देश्य के साथ राजनीति में कदम रखा।

    घर की दहलीज से चुनाव के मैदान तक
    साल 2024 में आरजी कर अस्पताल में मेडिकल छात्रा के साथ हुई दरिंदगी और हत्या ने पूरे राज्य को झकझोर दिया। इस घटना के बाद सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठे। इसी मुद्दे को लेकर बीजेपी ने महिला सुरक्षा को अपने चुनावी एजेंडे में प्रमुखता से शामिल किया और रत्ना देवनाथ को पानीहाट सीट से उम्मीदवार बनाया। यह कदम उनके जीवन का बड़ा मोड़ साबित हुआ।

    रत्ना के लिए पीएम मोदी ने की रैली
    चुनाव प्रचार के दौरान रत्ना देवनाथ ने खुलकर कहा कि उनका संघर्ष मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से है, क्योंकि पीड़िता के मामले में न्याय की उम्मीदें कमजोर पड़ीं। नामांकन के समय पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी मौजूद रहीं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल को पानीहाट में रैली कर उनके समर्थन में जनसभा की।

    चुनाव परिणाम
    इस बार पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। 293 सीटों में से बीजेपी ने 207 सीटें जीतकर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया, जबकि टीएमसी केवल 80 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस को 2 और लेफ्ट फ्रंट को भी 2 सीटें मिलीं। ममता बनर्जी अपनी भवानीपुर सीट भी नहीं बचा पाईं।

  • 90 दिन जंक फूड से दूरी ने बदली जिंदगी, शरीर ने खुद संभाला हेल्थ का बैलेंस..

    90 दिन जंक फूड से दूरी ने बदली जिंदगी, शरीर ने खुद संभाला हेल्थ का बैलेंस..

    नई दिल्ली।25 साल की पूजा की जिंदगी शहर में आने के बाद काफी बदल चुकी थी। पढ़ाई और नौकरी के बीच बाहर का खाना उसकी रोजमर्रा की आदत बन गया था। पिज्जा, बर्गर और फ्राइड फूड उसके लिए सामान्य विकल्प थे, क्योंकि तेज रफ्तार जिंदगी में यही सबसे आसान रास्ता लगता था। शुरुआत में उसे इस पर कोई खास ध्यान नहीं था, लेकिन धीरे-धीरे शरीर ने संकेत देने शुरू कर दिए। लगातार एसिडिटी, पेट में भारीपन, थकान और चेहरे की चमक कम होने जैसी समस्याएं उसे परेशान करने लगीं।

    इन बदलावों को महसूस करने के बाद उसने अपने खाने की आदतों पर ध्यान देना शुरू किया और एक दिन खुद को चुनौती दी कि वह 90 दिनों तक पूरी तरह जंक फूड से दूरी बनाए रखेगी। यह फैसला उसके लिए आसान नहीं था, क्योंकि यह उसकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका था। शुरुआत के दिन काफी कठिन रहे, जब बार-बार बाहर का स्वादिष्ट खाना खाने की इच्छा होती थी और पुरानी आदतें उसे बार-बार आकर्षित करती थीं।

    पहले हफ्ते में सबसे बड़ी चुनौती क्रेविंग्स थीं। शाम के समय खासकर तला-भुना या मसालेदार खाना खाने की इच्छा इतनी बढ़ जाती थी कि वह कई बार अपने निर्णय पर दोबारा सोचने लगती थी। लेकिन उसने खुद को व्यस्त रखने और घर के खाने पर ध्यान देने का तरीका अपनाया। धीरे-धीरे उसने घर पर ही हेल्दी और स्वादिष्ट विकल्प तैयार करने शुरू किए, जिससे उसका मन भी संतुष्ट रहने लगा और शरीर को भी बेहतर पोषण मिलने लगा।

    तीसरे हफ्ते तक पहुंचते-पहुंचते उसके शरीर में बदलाव दिखने लगे। पाचन पहले से बेहतर हो गया और पेट की समस्याएं काफी हद तक कम हो गईं। जो असहजता और भारीपन पहले रोज महसूस होता था, वह धीरे-धीरे खत्म होने लगा। इसके साथ ही उसकी ऊर्जा में भी सुधार आने लगा और वह पहले से ज्यादा हल्का महसूस करने लगी।

    एक महीने के बाद सबसे बड़ा बदलाव उसकी खाने की इच्छा में देखा गया। जो फूड पहले उसे बहुत आकर्षित करता था, अब उसकी क्रेविंग्स काफी कम हो चुकी थीं। उसे खुद भी आश्चर्य हुआ कि बिना जंक फूड के भी वह पूरी तरह संतुलित और सामान्य महसूस कर रही थी। धीरे-धीरे उसका शरीर नए पैटर्न के अनुसार ढल गया और पुरानी आदतें कमजोर पड़ने लगीं।

    90 दिनों का यह अनुभव उसके लिए सिर्फ एक डाइट चैलेंज नहीं रहा, बल्कि पूरी जीवनशैली बदलने वाली प्रक्रिया बन गया। इस दौरान उसने समझा कि शरीर को अगर सही पोषण और संतुलन मिले तो वह खुद ही अपने आप को बेहतर तरीके से संभाल सकता है। अब उसकी आदतें पहले से ज्यादा स्वस्थ हो चुकी थीं और वह अपनी दिनचर्या में अधिक ऊर्जा और संतुलन महसूस कर रही थी।

  • गर्मी का कहर: हीट स्ट्रोक से बचना है तो अपनाएं ये जरूरी उपाय

    गर्मी का कहर: हीट स्ट्रोक से बचना है तो अपनाएं ये जरूरी उपाय


    नई दिल्ली। गर्मी का मौसम अपने चरम पर पहुंचते ही सेहत पर गंभीर असर डालने लगता है। तेज धूप, लू और बढ़ता तापमान शरीर को कमजोर कर देता है, जिससे Heat Stroke यानी लू लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है। अगर समय रहते सावधानी न बरती जाए, तो यह स्थिति गंभीर भी हो सकती है।
    जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, शरीर का संतुलन बिगड़ने लगता है। मौसम विभाग भी आने वाले दिनों में और भीषण गर्मी की चेतावनी दे रहा है, ऐसे में खुद को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। सबसे पहली बात—गर्मी में अपनी सेहत को नजरअंदाज बिल्कुल न करें। यदि आप असहज महसूस करते हैं, तो तुरंत ठंडी जगह पर जाएं और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
    हीट स्ट्रोक के लक्षण पहचानें
    हीट स्ट्रोक के शुरुआती संकेतों को समझना बहुत जरूरी है। अचानक चक्कर आना, तेज सिरदर्द, मांसपेशियों में ऐंठन, अत्यधिक पसीना आना या पसीना बंद हो जाना, शरीर का तापमान बढ़ जाना ये सभी गंभीर संकेत हो सकते हैं। कई मामलों में व्यक्ति को कमजोरी, उलझन या बेहोशी भी महसूस हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
    हीट स्ट्रोक में तुरंत क्या करें?
    अगर किसी को लू लगने का शक हो, तो उसे तुरंत ठंडी और हवादार जगह पर ले जाएं। शरीर को ठंडा करने के लिए गीले कपड़े का इस्तेमाल करें और लगातार तापमान पर नजर रखें। इस दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए Oral Rehydration Solution (ओआरएस), नींबू पानी, छाछ या नमक-शक्कर का घोल देना फायदेमंद होता है।
    यदि हालत में सुधार न हो, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि गंभीर स्थिति में यह जानलेवा भी हो सकता है।
    बचाव ही सबसे बड़ा उपाय
    हीट स्ट्रोक से बचने के लिए दिन के समय, खासकर दोपहर में धूप में निकलने से बचें। हल्के और ढीले कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें और समय-समय पर पानी पीते रहें। खानपान में तरल पदार्थ और फल शामिल करें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
    कुल मिलाकर, गर्मी के इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। इसलिए सतर्क रहें, लक्षणों को पहचानें और समय रहते सही कदम उठाकर खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखें।
  • उज्जैन में सहकारी बैंक में रहस्यमयी चोरी: डेटा वाला CPU ले उड़े चोर, 85 लाख रुपए सुरक्षित

    उज्जैन में सहकारी बैंक में रहस्यमयी चोरी: डेटा वाला CPU ले उड़े चोर, 85 लाख रुपए सुरक्षित


    नई दिल्ली। उज्जैन के खाचरोद क्षेत्र स्थित जिला सहकारी बैंक में चोरों ने ताले तोड़कर अंदर घुसकर बड़ी वारदात को अंजाम दिया। हैरानी की बात यह रही कि चोरों ने बैंक में रखे लगभग 85 लाख रुपए को बिल्कुल भी नहीं छुआ।

     CPU और डेटा सिस्टम को बनाया निशाना

    चोरों ने बैंक में घुसते ही सबसे पहले CCTV कैमरों के तार काट दिए और रिकॉर्डिंग सिस्टम (DVR) भी चुरा लिया। इसके बाद वे कंप्यूटर सिस्टम से जुड़ा CPU अपने साथ ले गए, जिसमें बैंक का महत्वपूर्ण डेटा मौजूद था।

    सबूत मिटाने की कोशिश

    घटना से साफ संकेत मिलता है कि चोरों ने सुनियोजित तरीके से बैंक के इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को निशाना बनाया। CCTV कैमरे और DVR चोरी होने से पुलिस की जांच में शुरुआती दिक्कतें सामने आ रही हैं।

     संदिग्ध परिस्थितियां, जांच तेज

    पुलिस के अनुसार यह कोई सामान्य चोरी नहीं लग रही है, क्योंकि नकदी को छोड़कर सिर्फ डेटा सिस्टम को नुकसान पहुंचाया गया है। इससे किसी अंदरूनी जानकारी या साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा।

    स्टाफ पर भी उठे सवाल

    बैंक के चपरासी ने बताया कि रविवार को अवकाश होने के बावजूद वह बैंक आया था और शाम को ताला लगाकर गया था। इस बयान के बाद पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें स्टाफ की भूमिका भी शामिल है।

     पुलिस जांच जारी

    पुलिस आसपास के इलाकों में लगे अन्य CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि चोरों का कोई सुराग मिल सके। फिलहाल मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है।

    चोरी से ज्यादा रहस्य गहरा

    उज्जैन की यह घटना सामान्य चोरी से अलग एक रहस्यमयी मामला बन गई है, जिसमें नकदी सुरक्षित छोड़कर केवल डेटा सिस्टम को निशाना बनाया गया, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।

  • एमपी में 4 दिन आंधी-बारिश की चेतावनी, कई जिलों में चलेंगी तेज हवाएं, जाने मौसम का हाल?

    एमपी में 4 दिन आंधी-बारिश की चेतावनी, कई जिलों में चलेंगी तेज हवाएं, जाने मौसम का हाल?

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मई की शुरुआत इस बार तेज गर्मी के बजाय आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के साथ हो रही है। सोमवार को प्रदेश के 15 से अधिक जिलों में कहीं ओले गिरे तो कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। मौसम का यही रुख मंगलवार को भी जारी रहने की संभावना है।

    मौसम केंद्र भोपाल ने राज्य के 39 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ बारिश होने का अनुमान है। जबलपुर, कटनी, सिंगरौली, सीधी, शहडोल और उमरिया में हवा की रफ्तार सबसे अधिक रहने की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में बारिश के आसार हैं।

    वहीं इंदौर-उज्जैन संभाग के जिलों—इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम और हरदा—में मौसम सामान्य रहने की संभावना है, हालांकि सिस्टम के असर से कुछ स्थानों पर बदलाव हो सकता है।

    प्रदेश में मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच कई शहरों में गर्मी भी बनी हुई है। सोमवार को रायसेन में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो लगातार दूसरे दिन सबसे अधिक रहा। इसके अलावा खरगोन में 43 डिग्री, खंडवा में 42.1 डिग्री, मंडला में 41.9 डिग्री, नरसिंहपुर में 41 डिग्री, बैतूल में 40.7 डिग्री, रतलाम में 40.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 40.2 डिग्री और शाजापुर में 40.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    दूसरी ओर, खजुराहो सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पचमढ़ी से भी कम है। दतिया में 34.8 डिग्री और टीकमगढ़ में 35.5 डिग्री तापमान रहा। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में 34.8 डिग्री, इंदौर में 38.2 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री, जबलपुर में 40 डिग्री और भोपाल में 40.4 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।

    सोमवार को रीवा और आगर-मालवा जिलों में बारिश के साथ ओले भी गिरे, जबकि 15 से ज्यादा जिलों में आंधी और बारिश का असर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पास से गुजर रही दो ट्रफ लाइनों के कारण यह स्थिति बनी हुई है। इसी वजह से कहीं ओलावृष्टि तो कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। 8 मई तक प्रदेश में ऐसे ही मौसम के बने रहने का अनुमान है।

  • एक वोट ने पलटा चुनावी परिणाम, तमिलनाडु में मंत्री की हार, तिरुप्पत्तूर सीट बनी चर्चा का केंद्र

    एक वोट ने पलटा चुनावी परिणाम, तमिलनाडु में मंत्री की हार, तिरुप्पत्तूर सीट बनी चर्चा का केंद्र

    तिरुप्पत्तूर। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बीच एक ऐसा परिणाम सामने आया है, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। तमिलगा वेत्री कझगम की जीत के बीच तिरुप्पत्तूर विधानसभा सीट पर बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, जहां हार-जीत का फैसला सिर्फ एक वोट से हुआ।

    इस सीट पर के.आर. पेरियाकरुप्पन, जो द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के वरिष्ठ नेता और मंत्री हैं, उन्हें महज एक वोट के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। उनके खिलाफ टीवीके उम्मीदवार सीनिवास सेतुपति आर विजयी रहे। मतगणना पूरी होने के बाद सामने आया कि सीनिवास सेतुपति को कुल 83,375 वोट मिले, जो पेरियाकरुप्पन से सिर्फ एक वोट अधिक थे। इस बेहद करीबी मुकाबले ने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र में हर एक वोट की कितनी अहमियत होती है।

    कम अंतर से हुए इस नतीजे को हाल के चुनावों के सबसे कड़े मुकाबलों में गिना जा रहा है। यह परिणाम उन उदाहरणों में शामिल हो गया है, जहां जीत या हार का फैसला एक ही वोट से हुआ हो।

    पूरे राज्य के नतीजों की बात करें तो 234 विधानसभा सीटों की गिनती पूरी हो चुकी है, जिसमें तमिलगा वेत्री कझगम 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम 59 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम को 47 सीटें मिलीं। वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की और पीएमके के खाते में 4 सीटें आईं।

  • बंगाल-असम में BJP ने की बड़ी जीत दर्ज, केरल में UDF की वापसी, तमिलनाडु में TVK का कमाल

    बंगाल-असम में BJP ने की बड़ी जीत दर्ज, केरल में UDF की वापसी, तमिलनाडु में TVK का कमाल


    नई दिल्ली। देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों की मतगणना पूरी हो चुकी है, जिसमें कई बड़े राजनीतिक उलटफेर देखने को मिले हैं। पश्चिम बंगाल और असम में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए बड़ी जीत दर्ज की है। वहीं पुडुचेरी में एनडीए गठबंधन ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने वापसी करते हुए जीत हासिल की है, जबकि तमिलनाडु में नई पार्टी टीवीके ने दमदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत के करीब पहुंचकर सबको चौंका दिया है।

    पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने बहुमत के लिए जरूरी 148 सीटों के आंकड़े को पार करते हुए 206 सीटों पर जीत दर्ज की है। इस नतीजे के साथ ही राज्य में लंबे समय से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को बड़ा झटका लगा है और वह 81 सीटों पर सिमट गई। इसे राजनीतिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

    असम में भी बीजेपी ने कांग्रेस को बड़े अंतर से हराते हुए अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है। वहीं तमिलनाडु में नई राजनीतिक ताकत के रूप में उभरी टीवीके ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत के करीब पहुंचकर राज्य की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है। केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) बहुमत हासिल करने में सफल रहा है, जिससे राज्य में उसकी वापसी मानी जा रही है।

    बंगाल की पावन धरा पर एक नया सूर्योदय हुआ है- PM मोदी
    इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत को “नया सूर्योदय” बताते हुए इसे जनता का भरोसा करार दिया। उन्होंने कहा कि यह जीत कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के समर्थन का परिणाम है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि आज देश के 20 से अधिक राज्यों में बीजेपी-एनडीए की सरकारें हैं और पार्टी विकास व सुशासन के आधार पर जनता का विश्वास जीत रही है।

    ममता बनर्जी आज शाम 4 बजे करेंगी प्रेस कॉन्फ्रेंस
    उधर, पश्चिम बंगाल में करारी हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार शाम 4 बजे कालीघाट स्थित अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि ममता बनर्जी चुनाव नतीजों और हार के कारणों पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकती हैं। इससे पहले भी उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे।

  • ग्वालियर में दर्दनाक हादसा: पेड़ के नीचे बैठे मजदूर को कार ने कुचला, 24 घंटे बाद मौत

    ग्वालियर में दर्दनाक हादसा: पेड़ के नीचे बैठे मजदूर को कार ने कुचला, 24 घंटे बाद मौत


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। सिकंदर कंपू क्षेत्र में पेड़ के नीचे बैठकर आराम कर रहे 40 वर्षीय मजदूर शाकिर खान को तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया। शाकिर दिनभर काम करने के बाद थककर आराम कर रहा था, तभी यह हादसा हुआ।

    टक्कर के बाद मौके से फरार हुआ चालक

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद कार चालक वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।

     24 घंटे तक चला जिंदगी का संघर्ष

    अस्पताल में शाकिर खान ने करीब 24 घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष किया, लेकिन सोमवार रात इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

     CCTV फुटेज से जांच तेज

    पुलिस ने घटना के बाद आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच शुरू कर दी है। कुछ फुटेज मिल चुके हैं, जिनके आधार पर आरोपी की पहचान की कोशिश की जा रही है। माधौगंज थाना पुलिस के अनुसार, वाहन को कब्जे में ले लिया गया है और चालक की तलाश जारी है।

    पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस ने मामले में गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच तेज कर दी है। अधिकारी ने कहा है कि जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार किया जाएगा।

    सड़क सुरक्षा पर फिर सवाल

    यह हादसा एक बार फिर शहरों में तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग के खतरों को उजागर करता है। एक मेहनतकश मजदूर की जान ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • बंगाल में संघर्ष की जीत: घरों में काम करने वाली कल्पिता माझी बनीं विधायक, बदली जिंदगी की तस्वीर

    बंगाल में संघर्ष की जीत: घरों में काम करने वाली कल्पिता माझी बनीं विधायक, बदली जिंदगी की तस्वीर

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की औशग्राम विधानसभा सीट से इस बार एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां संघर्ष और मेहनत ने राजनीति में बड़ी सफलता दिलाई। कल्पिता माझी ने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक पद हासिल किया है।

    गुस्करा नगरपालिका के वार्ड नंबर 3 स्थित मझपुकुर पार की रहने वाली कल्पिता माझी पहले घरेलू कामगार के रूप में काम करती थीं। वह चार घरों में झाड़ू-पोछा और सफाई कर लगभग ₹2,500 प्रतिमाह कमाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करती थीं। अब वही कल्पिता जनता के वोट से विधायक बन गई हैं।

    चुनाव परिणामों के मुताबिक, उन्होंने औशग्राम सीट से 1,07,692 वोट हासिल किए और अपने प्रतिद्वंद्वी श्यामा प्रसन्ना लोहार को 12,535 वोटों के अंतर से हराया। यह जीत सिर्फ राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके लंबे संघर्ष की पहचान भी है। अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाली कल्पिता माझी ने अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के साथ ही सक्रिय चुनाव प्रचार शुरू कर दिया था।

    कल्पिता इससे पहले साल 2021 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरी थीं, लेकिन तब उन्हें तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी ने उन पर भरोसा कायम रखा, जो इस बार जीत में बदल गया।

    घरेलू काम से लेकर चुनावी मैदान तक का उनका सफर साधारण जीवन से उठकर जनप्रतिनिधि बनने की मिसाल है। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने घर-घर जाकर लोगों से संपर्क किया और अपने संघर्ष को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया।

    राज्य के चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार बड़ी जीत दर्ज करते हुए 206 सीटों पर कब्जा जमाया और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। वहीं ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस को 80 सीटें मिलीं और एक सीट पर बढ़त के साथ कुल 81 सीटों तक सीमित रहना पड़ा। कांग्रेस को 2 सीटें मिलीं, जबकि AJUP भी 2 सीटों पर सिमट गई। वाम दल CPI(M) और AIF को एक-एक सीट से संतोष करना पड़ा।

  • खंडवा: 28 खिलाड़ियों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन, विद्यालय ने खेलों में रचा इतिहास

    खंडवा: 28 खिलाड़ियों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन, विद्यालय ने खेलों में रचा इतिहास


    नई दिल्ली। खंडवा में आयोजित 28 से 30 अप्रैल 2026 की क्षेत्रीय खेलकूद प्रतियोगिता में पीएम केंद्रीय विद्यालय खंडवा के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विद्यालय के 80 छात्रों ने खो-खो, कबड्डी, शतरंज, टेबल टेनिस, लॉन टेनिस, योग और ताइक्वांडो जैसी विभिन्न स्पर्धाओं में भाग लिया।

    कबड्डी में दोहरी स्वर्ण जीत
    14 आयु वर्ग और 17 आयु वर्ग की बालक कबड्डी टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर विद्यालय का नाम रोशन किया। वहीं 17 आयु वर्ग की बालिका खो-खो टीम ने कांस्य पदक हासिल किया।

    व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी चमके खिलाड़ी

    शतरंज में आर्यन सोलंकी ने रजत पदक
    लॉन टेनिस में आराध्य जोशी ने रजत पदक
    टेबल टेनिस में आरव दुबे को रजत, प्रिंसी पटेल और नंदिनी दीलावरे को कांस्य
    योग में दिकांश जमरा ने कांस्य
    ताइक्वांडो में कई खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया
    शूटिंग में अश्विनी चौहान ने रजत पदक हासिल किया

    28 खिलाड़ियों का राष्ट्रीय चयन
    उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर कुल 28 खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए हुआ है। इनमें कबड्डी, लॉन टेनिस, टेबल टेनिस, शूटिंग और योग के खिलाड़ी शामिल हैं।
    कबड्डी से अंश कामटे, मोहम्मद मिस्बाह, तनिष्क पारखे, टेबल टेनिस से आरव दुबे और अन्य प्रमुख खिलाड़ी चयनित हुए हैं।

    विद्यालय में उत्साह का माहौल
    विद्यालय प्राचार्य धनीराम पटेल, उप प्राचार्य हरेंद्र प्रसाद, योग शिक्षक नितिन पाटीदार और खेल प्रशिक्षक बेनी प्रसाद बघेल सहित सभी शिक्षकों ने खिलाड़ियों की उपलब्धि पर खुशी जताई।

     खेल प्रतिभा का उभरता केंद्र
    पीएम केंद्रीय विद्यालय खंडवा ने एक बार फिर साबित किया है कि सही प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर छात्र राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकते हैं।