Author: bharati

  • राम मंदिर विवाद पर धीरेंद्र शास्त्री की दो टूक, बोले- सरकारी सजा से नहीं बचेंगे, ईश्वर का न्याय भी होगा

    राम मंदिर विवाद पर धीरेंद्र शास्त्री की दो टूक, बोले- सरकारी सजा से नहीं बचेंगे, ईश्वर का न्याय भी होगा

    छतरपुर। अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चढ़ावा गड़बड़ी के मामले को लेकर देशभर में चर्चा जारी है। इस बीच बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने भगवान के मंदिर और श्रद्धालुओं की आस्था के साथ छल किया है तो वह केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ विश्वासघात है। ऐसे लोगों को कानून के साथ-साथ ईश्वरीय न्याय का भी सामना करना पड़ेगा।

    इंडोनेशिया में आयोजित हनुमान कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि मंदिर में चढ़ाए गए दान में कथित गड़बड़ी केवल धन की चोरी नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की श्रद्धा और विश्वास की चोरी है। उन्होंने कहा कि जो लोग भगवान के नाम पर चढ़ाई गई राशि में अनियमितता करते हैं वे महापाप के भागीदार बनते हैं।

    उन्होंने अपने संबोधन में रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि माता सीता का हरण करने वाले रावण का पूरा वंश नष्ट हो गया था। उसी प्रकार यदि कोई भगवान श्रीराम के मंदिर की पवित्रता और श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ खिलवाड़ करता है तो उसे भी उसके कर्मों का परिणाम अवश्य भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को केवल सरकारी कार्रवाई ही नहीं बल्कि ईश्वर के न्याय का भी सामना करना होगा।

    धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि मामले में प्राथमिकी दर्ज होना एक महत्वपूर्ण कदम है लेकिन जांच को पूरी गंभीरता और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उनके अनुसार यदि निष्पक्ष जांच होगी तो पूरे प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों और जिम्मेदार लोगों का भी खुलासा होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक संस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

    राम मंदिर में कथित चढ़ावा गड़बड़ी का मुद्दा उस समय सामने आया जब इस मामले को लेकर शिकायतें और आरोप सार्वजनिक हुए। इसके बाद जांच की मांग तेज हुई और विभिन्न स्तरों पर बैठकों तथा प्रशासनिक कार्रवाई का दौर शुरू हुआ। बाद में विशेष जांच के आधार पर संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई और कई लोगों को नामजद किया गया।

    मामले के बीच ट्रस्ट में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के पद छोड़ने की खबर भी सामने आई। हालांकि पूरे प्रकरण की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों की रिपोर्ट तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सत्य देर-सवेर सामने आता है और न्याय की प्रक्रिया पर विश्वास रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान के दरबार में किसी भी दोषी को उसके कर्मों का फल अवश्य मिलता है।


  • अंधविश्वास बना मौत की वजह? झाड़-फूंक के दौरान युवक की मौत, मौलवी पर बलि देने का आरोप

    अंधविश्वास बना मौत की वजह? झाड़-फूंक के दौरान युवक की मौत, मौलवी पर बलि देने का आरोप


    बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बुखार से पीड़ित एक युवक की कथित झाड़-फूंक के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने मौलवी पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि झाड़-फूंक के नाम पर युवक की जीभ काट दी गई, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उसकी जान चली गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

    यह मामला टिकैतनगर थाना क्षेत्र के सिहोरिया गांव का है। मृतक की पहचान सुकई गौतम के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक सुकई पिछले चार दिनों से तेज बुखार से पीड़ित था। इसी दौरान उसके एक परिचित ने इलाज के लिए खजुरी गांव के मौलवी गुल्ले हिदायत रसूल को बुलाने की सलाह दी। परिवार का कहना है कि मौलवी ने घर पहुंचकर युवक पर किसी प्रेत बाधा का साया होने की बात कही और झाड़-फूंक से उसे ठीक करने का दावा किया।

    परिजनों के अनुसार अगले दिन रात करीब आठ बजे मौलवी दोबारा घर पहुंचा और झाड़-फूंक शुरू की। उस समय परिवार के कुछ सदस्य गांव में ताजिया देखने गए हुए थे जबकि घर पर केवल सुकई और उसका भाई राजेश मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान मौलवी ने युवक को नहलाया, फूल-पत्ती चढ़ाई, कुछ मंत्र पढ़े और ताबीज का पानी पिलाया। इसके बाद उसने धारदार हथियार से युवक की जीभ काट दी। परिजनों का आरोप है कि इस घटना के बाद मौलवी मौके से फरार हो गया।

    बताया गया कि युवक की चीख-पुकार सुनकर उसका भाई मौके पर पहुंचा और अन्य परिजनों को सूचना दी। परिवार ने तुरंत उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौत हो गई।

    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आरोपी मौलवी गुल्ले बाबा उर्फ हिदायत रसूल को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित सभी वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और घटना की परिस्थितियों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

     

  • संदिग्ध हालात में युवती की मौत, बिना सूचना अंतिम संस्कार की कोशिश ने बढ़ाए सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    संदिग्ध हालात में युवती की मौत, बिना सूचना अंतिम संस्कार की कोशिश ने बढ़ाए सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार


    मुगलसराय। कोतवाली क्षेत्र के सुभाष नगर में शुक्रवार देर रात एक 19 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। युवती का शव घर के एक कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। मृतका की पहचान खुशी सिंह के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहती थी।

    बताया गया कि खुशी के पिता ऑटो चालक हैं और परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वह पांच बहनों में चौथे स्थान पर थी। घटना के बाद परिजन बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए। इसी दौरान किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही मुगलसराय कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और अंतिम संस्कार रुकवाकर शव को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई।

    प्रारंभिक जांच में मामला फंदे से लटककर आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

    पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों की पूरी जानकारी मिल सके। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि परिजन बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार क्यों करना चाहते थे। इसी वजह से मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि युवती कुछ समय पहले अपने दोस्तों के साथ बिना परिवार को बताए दार्जिलिंग घूमने गई थी। घर लौटने पर उसे इस बात को लेकर डांट भी पड़ी थी। हालांकि पुलिस ने इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि जांच केवल तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। यदि जांच में किसी प्रकार की संदिग्ध परिस्थिति सामने आती है तो उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की हर संभावित दिशा में जांच कर रही है और सभी तथ्यों को एकत्र किया जा रहा है।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026: स्पेन ने उरुग्वे को हराकर नॉकआउट में बनाई जगह, उरुग्वे बाहर

    फीफा वर्ल्ड कप 2026: स्पेन ने उरुग्वे को हराकर नॉकआउट में बनाई जगह, उरुग्वे बाहर


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उरुग्वे को 1-0 से हराकर नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली। ग्रुप एच के इस अहम मुकाबले में स्पेन ने पूरे मैच के दौरान संतुलित खेल दिखाया और एकमात्र गोल के दम पर जीत दर्ज की। इस हार के साथ ही दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया।

    गुआडालाहारा में खेले गए मुकाबले में दोनों टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। उरुग्वे ने शुरुआती मिनटों में स्पेन पर दबाव बनाने की कोशिश की जबकि स्पेन ने भी लगातार आक्रमण किए और सेट पीस के जरिए गोल करने के अवसर बनाए। स्पेन के डिफेंडर पाउ क्यूबार्सी को पहले हाफ में गोल करने के कुछ अच्छे मौके मिले लेकिन वे उन्हें भुना नहीं सके।

    उरुग्वे की ओर से फेडेरिको वाल्वरडे और डार्विन नुनेज ने भी स्पेनिश रक्षा पंक्ति को चुनौती दी लेकिन दोनों खिलाड़ी अपने अवसरों को गोल में नहीं बदल पाए। दोनों टीमों के गोलकीपरों ने पहले हाफ में कई शानदार बचाव किए जिससे मुकाबला लंबे समय तक बराबरी पर बना रहा।

    मैच का निर्णायक पल 42वें मिनट में आया जब स्पेन के मिडफील्डर एलेक्स बेना ने बॉक्स के बाहर से शानदार शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। उनका यह गोल उरुग्वे के अनुभवी गोलकीपर फर्नांडो मुस्लेरा को चकमा देता हुआ जाल में समा गया। खास बात यह रही कि उस समय मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ी उपचार ले रहे थे लेकिन खेल जारी था और बेना ने मिले मौके का पूरा फायदा उठाया।

    दूसरे हाफ में उरुग्वे ने वापसी की भरपूर कोशिश की और गेंद पर अधिक नियंत्रण भी रखा लेकिन स्पेन का मजबूत डिफेंस उसके सामने दीवार बनकर खड़ा रहा। सब्स्टीट्यूट फेडेरिको विनास को बराबरी का बेहतरीन मौका मिला लेकिन उनका शॉट गोलपोस्ट के ऊपर से निकल गया।

    स्पेन की ओर से डैनी ओल्मो और फेरान टोरेस ने भी बढ़त दोगुनी करने के लिए कई प्रयास किए लेकिन उरुग्वे के गोलकीपर और डिफेंडरों ने उन्हें सफल नहीं होने दिया। मुकाबले के अंतिम मिनटों में उरुग्वे ने लगातार हमले किए लेकिन स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन ने शानदार बचाव करते हुए अपनी टीम की बढ़त सुरक्षित रखी।

    स्टॉपेज टाइम में उरुग्वे की मुश्किलें और बढ़ गईं जब अगस्टिन कैनोबियो को रेड कार्ड दिखाया गया। इसके बाद टीम के लिए वापसी की सभी उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं और अंतिम सीटी के साथ स्पेन ने 1-0 की महत्वपूर्ण जीत दर्ज कर ली।

    इस जीत के साथ स्पेन ने दो जीत और एक ड्रॉ के दम पर सात अंक हासिल करते हुए ग्रुप एच में शीर्ष स्थान पर कब्जा किया। वहीं विश्व कप में पदार्पण करने वाली केप वर्डे तीन ड्रॉ के साथ दूसरे स्थान पर रहकर नॉकआउट चरण में पहुंच गई। उरुग्वे केवल दो अंक ही जुटा सका और ग्रुप चरण से ही बाहर हो गया।

  • सेशेल्स में पीएम मोदी के स्वागत को लेकर भारतीय समुदाय उत्साहित, बोले- ऐतिहासिक होगा यह दौरा

    सेशेल्स में पीएम मोदी के स्वागत को लेकर भारतीय समुदाय उत्साहित, बोले- ऐतिहासिक होगा यह दौरा


    नई दिल्ली/विक्टोरिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय सेशेल्स दौरे को लेकर वहां रह रहे भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री के आगमन से पहले ही प्रवासी भारतीयों ने भव्य स्वागत की तैयारियां पूरी कर ली हैं। भारतीय समुदाय का मानना है कि यह दौरा केवल कूटनीतिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि भारत और सेशेल्स के बीच सांस्कृतिक तथा सामाजिक रिश्तों को भी नई ऊंचाई देने वाला साबित होगा।

    आईएएनएस से बातचीत में सेशेल्स में पिछले 15 वर्षों से रह रहे प्रवासी भारतीय भरत ईरानी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए भारतीय समुदाय ने विशेष तैयारियां की हैं। उन्होंने कहा कि कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि भारतीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत की जा सके। उनके अनुसार पूरे भारतीय समुदाय में उत्साह का माहौल है और इस खुशी को शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है।

    एक अन्य प्रवासी भारतीय ने बताया कि वह वर्ष 2019 से सेशेल्स में रह रहे हैं और पहली बार उन्हें किसी भारतीय प्रधानमंत्री के स्वागत का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बेहद गौरव और सम्मान का क्षण है। उनका विश्वास है कि प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के बाद भारत और सेशेल्स के संबंध पहले से अधिक मजबूत होंगे और दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर खुलेंगे।

    भारतीय मूल के एक अन्य नागरिक ने भी अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि उन्हें विदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने और उनका स्वागत करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने इसे अपने जीवन का यादगार पल बताया और कहा कि यह दौरा भारतीय समुदाय के लिए गर्व का विषय है।

    उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2016 से सेशेल्स में रह रहे हैं और यहां के लोग भारतीय समुदाय का पूरा सम्मान करते हैं। स्थानीय समाज भारतीय संस्कृति और परंपराओं को अपनाने का भी प्रयास करता है, जिससे दोनों देशों के लोगों के बीच आत्मीयता और विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

    प्रवासी भारतीयों ने भारत और सेशेल्स के बीच सीधी हवाई सेवा शुरू करने की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि डायरेक्ट फ्लाइट शुरू होने से पर्यटन, व्यापार और लोगों के बीच संपर्क को नई गति मिलेगी। इससे दोनों देशों के आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे।

    भारतीय समुदाय का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी और सेशेल्स के नेतृत्व के बीच पहले से ही मजबूत संबंध हैं। सेशेल्स के राष्ट्रपति भी भारत का दौरा कर चुके हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा द्विपक्षीय रिश्तों को नई दिशा देने के साथ-साथ हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को भी और मजबूत करेगी।

    प्रवासी भारतीयों ने उम्मीद जताई कि यह दौरा भारत और सेशेल्स के बीच व्यापार, निवेश, समुद्री सुरक्षा, पर्यटन और सांस्कृतिक सहयोग जैसे कई क्षेत्रों में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। उनका कहना है कि दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंध इस यात्रा के बाद और अधिक प्रगाढ़ होंगे तथा भारतीय समुदाय को भी इससे नई पहचान और सम्मान मिलेगा।

  • वेस्टइंडीज ने संकट से की शानदार वापसी, जांगू-चेज की शतकीय साझेदारी बनी सहारा

    वेस्टइंडीज ने संकट से की शानदार वापसी, जांगू-चेज की शतकीय साझेदारी बनी सहारा


    नई दिल्ली । एंटीगुआ के सर विवियन रिचर्ड्स क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे वेस्टइंडीज और श्रीलंका के बीच पहले टेस्ट मुकाबले में दूसरे दिन का खेल मेजबान टीम के नाम रहा। शुरुआती झटकों के बाद आमिर जांगू और कप्तान रोस्टन चेज ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज की पारी को संभाला। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 5 विकेट पर 271 रन बना लिए हैं और अब वह श्रीलंका के पहली पारी के स्कोर से केवल 37 रन पीछे है।

    दिन की शुरुआत वेस्टइंडीज के सलामी बल्लेबाजों ने सकारात्मक अंदाज में की। जॉन कैंपबेल और ब्रैंडन किंग ने पहले विकेट के लिए 58 रन जोड़कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। हालांकि अच्छी शुरुआत के बावजूद ब्रैंडन किंग 31 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद कैंपबेल भी 39 रन बनाकर पवेलियन लौट गए और वेस्टइंडीज की पारी लड़खड़ाने लगी।

    मध्यक्रम में केवम हॉज 16 रन बनाकर आउट हुए जबकि जोशुआ दा सिल्वा भी 20 रन से आगे नहीं बढ़ सके। इसके बाद जस्टिन ग्रीव्स केवल 3 रन बनाकर चलते बने। 168 रन के स्कोर तक पांच विकेट गिरने के बाद ऐसा लग रहा था कि श्रीलंका मैच पर पूरी तरह पकड़ बना लेगा।

    यहीं से आमिर जांगू और कप्तान रोस्टन चेज ने शानदार जिम्मेदारी निभाई। दोनों बल्लेबाजों ने संयम और धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों को सफलता से दूर रखा। जांगू ने 174 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 78 रन बनाए। उनकी पारी में सात चौके शामिल रहे। दूसरी ओर कप्तान रोस्टन चेज ने भी धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी करते हुए 105 गेंदों में नाबाद 42 रन बनाए।

    दोनों बल्लेबाजों के बीच छठे विकेट के लिए अब तक 103 रन की अटूट साझेदारी हो चुकी है जिसने वेस्टइंडीज को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। तीसरे दिन कैरेबियाई टीम की कोशिश बढ़त हासिल कर मैच पर नियंत्रण बनाने की होगी।

    श्रीलंका की ओर से गेंदबाजी में असिथा फर्नांडो और मिलन रत्नायके ने दो-दो विकेट हासिल किए। शुरुआती सफलता के बावजूद दोनों गेंदबाज बाद में जांगू और चेज की साझेदारी को नहीं तोड़ सके।

    इससे पहले श्रीलंका ने अपनी पहली पारी में 308 रन बनाए थे। टीम के लिए धनंजय डी सिल्वा ने शानदार शतक जड़ते हुए 168 गेंदों में 120 रन बनाए। दिनेश चांदीमल ने 54 रन का योगदान दिया जबकि सोनल दिनुशा ने 43 और मदुशंका ने 23 रन की उपयोगी पारी खेली थी।

    अब मुकाबला बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। वेस्टइंडीज के पास पहली पारी में बढ़त लेने का सुनहरा मौका है जबकि श्रीलंका तीसरे दिन शुरुआती विकेट लेकर मैच में फिर से वापसी करना चाहेगा।

  • भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव से प्रभावित अमेरिका, मार्को रुबियो बोले- पीएम मोदी के नेतृत्व में नई ऊंचाइयों पर देश

    भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव से प्रभावित अमेरिका, मार्को रुबियो बोले- पीएम मोदी के नेतृत्व में नई ऊंचाइयों पर देश


    नई दिल्ली /वाशिंगटन। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की खुलकर सराहना करते हुए कहा है कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से उभरती वैश्विक शक्तियों में शामिल हो चुका है और इस बदलाव के पीछे पीएम मोदी का नेतृत्व महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन भारत को अमेरिका के सबसे करीबी और भरोसेमंद रणनीतिक साझेदारों में गिनता है तथा दोनों देशों के संबंध लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहे हैं।

    व्हाइट हाउस में दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में रुबियो ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आर्थिक विकास की नई गति हासिल की है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी भूमिका पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। उनके अनुसार आज वैश्विक स्तर पर होने वाले बड़े फैसलों में भारत की राय को गंभीरता से सुना और महत्व दिया जाता है। यह बदलाव केवल आर्थिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है बल्कि कूटनीति सुरक्षा तकनीक और वैश्विक रणनीति के स्तर पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

    रुबियो ने कहा कि अमेरिका भारत को केवल एक सहयोगी देश नहीं बल्कि एक दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मजबूत व्यक्तिगत संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों नेताओं के बीच विश्वास और संवाद ने द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती दी है। उनके मुताबिक दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बेहतर तालमेल भविष्य में भी साझेदारी को नई दिशा देगा।

    अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका लोकतांत्रिक मूल्यों को साझा करते हैं और यही समानता दोनों देशों के रिश्तों की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है जबकि अमेरिका सबसे पुराना लोकतंत्र है। ऐसे में दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं और कई अहम क्षेत्रों में मिलकर काम किया जा रहा है।

    रुबियो ने बताया कि दोनों देश अर्थव्यवस्था आपूर्ति श्रृंखला महत्वपूर्ण खनिज ऊर्जा सुरक्षा रक्षा सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा जैसे विषयों पर लगातार साझेदारी मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी क्षेत्रों में साझा हित मौजूद हैं और दोनों सरकारें मिलकर भविष्य की चुनौतियों का समाधान तलाश रही हैं।

    उन्होंने भारतीय मूल के अमेरिकी समुदाय की भी सराहना करते हुए कहा कि यह समुदाय दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। उनके अनुसार भारतीय अमेरिकी समाज ने अमेरिका के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक तथा आर्थिक संबंधों को नई ऊर्जा प्रदान की है।

    रुबियो ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत और अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि रक्षा व्यापार अत्याधुनिक तकनीक ऊर्जा सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा रणनीति जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों का सहयोग लगातार विस्तार पा रहा है। यही वजह है कि वाशिंगटन भारत को 21वीं सदी का सबसे महत्वपूर्ण साझेदार मानता है और दोनों देशों के संबंध भविष्य में वैश्विक स्थिरता तथा आर्थिक विकास के लिए अहम भूमिका निभाएंगे।

  • अटापट्टू की कप्तानी पारी से श्रीलंका की शानदार जीत, सेमीफाइनल की उम्मीदें बरकरार

    अटापट्टू की कप्तानी पारी से श्रीलंका की शानदार जीत, सेमीफाइनल की उम्मीदें बरकरार

    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 में श्रीलंका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कॉटलैंड को रोमांचक मुकाबले में 3 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को कायम रखा। मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में श्रीलंका ने 152 रन के लक्ष्य को 19.5 ओवर में 7 विकेट खोकर हासिल कर लिया। कप्तान चमारी अटापट्टू ने तेजतर्रार पारी खेलकर टीम की जीत की नींव रखी जबकि नीलाक्षी डी सिल्वा ने अंत तक टिककर जीत सुनिश्चित की।

    152 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही। इमेशा दुलानी केवल 4 रन बनाकर आउट हो गईं। इसके बाद हसीनी परेरा ने तेज शुरुआत करते हुए 17 गेंदों में 23 रन बनाए लेकिन अपनी पारी को बड़ी नहीं बना सकीं। हर्षिता समरविक्रमा ने 23 गेंदों में 27 रन बनाकर पारी को संभाला और मध्यक्रम को मजबूती दी।

    कप्तान चमारी अटापट्टू ने एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने केवल 16 गेंदों में 33 रन की विस्फोटक पारी खेली जिसमें 6 चौके और एक शानदार छक्का शामिल रहा। उनकी तेज बल्लेबाजी से श्रीलंका ने रन गति बनाए रखी और लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़त बनाई।

    मध्यक्रम में कविशा दिलहारी ने 18 रन का योगदान दिया जबकि नीलाक्षी डी सिल्वा ने दबाव के समय संयम दिखाते हुए 21 रन की उपयोगी नाबाद पारी खेली। उनके साथ सुगंधिका कुमारी 7 रन बनाकर नाबाद लौटीं और दोनों बल्लेबाजों ने अंतिम ओवर में टीम को जीत दिला दी।

    स्कॉटलैंड की ओर से कप्तान कैथरीन ब्राइस राहेल स्लेटर और कैथरीन फ्रेजर ने दो-दो विकेट हासिल किए लेकिन वे टीम को जीत नहीं दिला सकीं।

    इससे पहले बल्लेबाजी करते हुए स्कॉटलैंड ने निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट पर 151 रन बनाए। टीम के लिए सारा ब्राइस ने सबसे ज्यादा 47 रन की नाबाद पारी खेली। उन्होंने 33 गेंदों का सामना करते हुए 6 चौके लगाए। डार्सी कार्टर ने 34 रन बनाए जबकि ऐल्सा लिस्टर ने 17 गेंदों में 26 रन और कप्तान कैथरीन ब्राइस ने 23 रन का योगदान दिया।

    श्रीलंका की ओर से गेंदबाजी में मिताली अयोध्या सबसे सफल रहीं। उन्होंने 34 रन देकर 2 विकेट झटके जबकि कविशा दिलहारी को एक विकेट मिला। गेंदबाजों ने अंतिम ओवरों में स्कॉटलैंड की रन गति पर अंकुश लगाकर टीम को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया।

    इस जीत के साथ श्रीलंका के पांच मैचों में छह अंक हो गए हैं और टीम ग्रुप बी की अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। अब श्रीलंका की नजर अगले मुकाबलों में जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बनाने पर होगी।

  • पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप अच्छे मित्र, दोनों की सोच और कार्यशैली में समानता: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

    पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप अच्छे मित्र, दोनों की सोच और कार्यशैली में समानता: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर


    नई दिल्ली । भारत और अमेरिका के बीच लगातार मजबूत होते रणनीतिक संबंधों के बीच भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मित्रता को दोनों देशों की साझेदारी की सबसे मजबूत आधारशिला बताया है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच वर्षों पुराना भरोसा और व्यक्तिगत तालमेल ही द्विपक्षीय रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    व्हाइट हाउस में दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर चल रही किसी भी तरह की नकारात्मक अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध बेहद मजबूत स्थिति में हैं और इस मजबूती का सबसे बड़ा कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच गहरी मित्रता है। उनके अनुसार दोनों नेता लंबे समय से एक-दूसरे के अच्छे मित्र हैं और यह रिश्ता आने वाले समय में भी इसी तरह मजबूत बना रहेगा।

    गोर ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच नियमित संवाद और सीधे संपर्क ने व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सकारात्मक प्रगति सुनिश्चित की है। उन्होंने बताया कि भारत आने के बाद से उनका उद्देश्य भी दोनों देशों के बीच लगातार संवाद बनाए रखना और ऐसे अवसर तलाशना रहा है जो दोनों पक्षों के लिए समान रूप से लाभदायक हों।

    उन्होंने हाल ही में फ्रांस में हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात का भी उल्लेख किया। गोर स्वयं उस बैठक में मौजूद थे। उनके अनुसार यह बैठक एक घंटे से अधिक समय तक चली और बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी तथा कई अन्य द्विपक्षीय विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने इसे अत्यंत सार्थक और सकारात्मक बैठक बताया।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की सराहना करते हुए सर्जियो गोर ने कहा कि वे अत्यंत ऊर्जावान, सक्रिय और परिणाम देने वाले नेता हैं। उन्होंने कहा कि कई मामलों में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की कार्यशैली काफी मिलती-जुलती है। दोनों स्वयं हर महत्वपूर्ण विषय पर सक्रिय रहते हैं, तेज निर्णय लेने में विश्वास रखते हैं और काम को परिणाम तक पहुंचाने पर विशेष जोर देते हैं।

    गोर के अनुसार यदि प्रधानमंत्री मोदी किसी कार्य को पूरा करना चाहते हैं तो वे तुरंत उस दिशा में आगे बढ़ते हैं और राष्ट्रपति ट्रंप भी इसी तरह काम करना पसंद करते हैं। उनका मानना है कि यही समान सोच दोनों नेताओं के बीच मजबूत विश्वास और मित्रता का आधार बनी हुई है।

    राष्ट्रपति ट्रंप के भारत के प्रति दृष्टिकोण पर बोलते हुए गोर ने कहा कि ट्रंप आज भी भारत और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति बेहद सकारात्मक सोच रखते हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप अक्सर अपनी पहली भारत यात्रा को याद करते हैं और भारत की ऊर्जा, संस्कृति तथा यहां के लोगों की गर्मजोशी की चर्चा करते हैं। उनके अनुसार भारत यात्रा का अनुभव ट्रंप के लिए बेहद खास रहा है।

    सर्जियो गोर ने यह भी खुलासा किया कि हाल ही में ओवल ऑफिस में हुई मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने उनसे स्वयं पूछा कि वे भारत कब जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से निमंत्रण मिलने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप भारत आने को लेकर बेहद उत्साहित हैं और भविष्य में इस यात्रा को लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है।

    भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ वर्षों में व्यापार, रक्षा, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी, हिंद-प्रशांत क्षेत्र, आर्थिक सहयोग, सुरक्षा और उभरती तकनीकों जैसे क्षेत्रों में साझेदारी लगातार मजबूत हुई है। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच नियमित संवाद और आपसी विश्वास को ही इस रणनीतिक रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है।

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    भारत-अमेरिका रिश्तों को मिलेगी नई रफ्तार, अगले साल ट्रंप के भारत दौरे की तैयारी शुरू


    नई दिल्ली । भारत और अमेरिका के बीच लगातार मजबूत होते रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों के बीच एक बड़ी कूटनीतिक खबर सामने आई है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वर्ष 2027 की शुरुआत में भारत का दौरा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि ट्रंप प्रशासन इस संभावित यात्रा की तैयारियों पर काम कर रहा है और इसे दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

    व्हाइट हाउस में दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में मार्को रुबियो ने कहा कि वह स्वयं भी इस वर्ष के अंत से पहले भारत आने की योजना बना रहे हैं। उनका उद्देश्य राष्ट्रपति ट्रंप के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों की समीक्षा करना और दोनों देशों के बीच जारी रणनीतिक एवं आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि सभी तैयारियां तय समय पर पूरी होती हैं तो अगले वर्ष की शुरुआत में राष्ट्रपति ट्रंप भारत की यात्रा कर सकते हैं।

    रुबियो ने कहा कि अमेरिका इस दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है और दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद लगातार जारी है। उनके अनुसार भारत और अमेरिका के रिश्ते पहले से कहीं अधिक मजबूत स्थिति में हैं तथा हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

    उन्होंने हाल ही में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई मुलाकात का भी उल्लेख किया। रुबियो के अनुसार दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत बेहद सकारात्मक रही और इससे द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच व्यक्तिगत स्तर पर भी मजबूत संबंध हैं जो दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती प्रदान करते हैं।

    अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत और अमेरिका के बीच जारी व्यापार वार्ता पर भी सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने बताया कि दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। बातचीत अंतिम चरण में है और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। उनका मानना है कि यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देगा तथा निवेश और व्यापार के नए अवसर खोलेगा।

    रुबियो ने क्वाड देशों के सहयोग को भी भविष्य की वैश्विक रणनीति का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ता सहयोग हिंद प्रशांत क्षेत्र में शांति स्थिरता और सुरक्षित समुद्री व्यवस्था सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहा है। इसके अलावा उभरती प्रौद्योगिकी मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और रक्षा सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी चारों देश मिलकर काम कर रहे हैं।

    राष्ट्रपति ट्रंप का पिछला भारत दौरा फरवरी 2020 में हुआ था जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अहमदाबाद में आयोजित नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम में भाग लिया था। इसके बाद नई दिल्ली में दोनों नेताओं के बीच कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ताएं हुई थीं। उस यात्रा के बाद भी दोनों नेताओं के बीच नियमित संवाद जारी रहा और रक्षा तकनीक ऊर्जा व्यापार तथा हिंद प्रशांत क्षेत्र में सहयोग लगातार मजबूत होता गया।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राष्ट्रपति ट्रंप का प्रस्तावित भारत दौरा तय समय पर होता है तो यह केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं होगी बल्कि भारत अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक अवसर साबित हो सकता है। व्यापार समझौते से लेकर रक्षा सहयोग और वैश्विक भू-राजनीतिक मुद्दों तक कई महत्वपूर्ण विषय इस यात्रा के केंद्र में रहने की संभावना है।