Author: bharati

  • कंटेनर के अचानक ब्रेक से बड़ा हादसा: ट्रक के केबिन में फंसा चालक, रस्सियों से गेट तोड़कर बचाई जान

    कंटेनर के अचानक ब्रेक से बड़ा हादसा: ट्रक के केबिन में फंसा चालक, रस्सियों से गेट तोड़कर बचाई जान


    देवास । देवास जिले के टोंककला क्षेत्र में शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया जिसमें ट्रक चालक की जान बाल बाल बच गई। कंटेनर के अचानक ब्रेक लगाने के कारण पीछे से आ रहा ट्रक उससे जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक केबिन के भीतर स्टेयरिंग और बॉडी के बीच बुरी तरह फंस गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई और आसपास मौजूद ग्रामीणों तथा राहगीरों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया।

    जानकारी के अनुसार अनीश पाल नामक चालक ट्रक लेकर देवास से मक्सी की ओर जा रहा था। इसी दौरान आगे चल रहे कंटेनर के सामने अचानक मवेशी आ गए। मवेशियों को बचाने के प्रयास में कंटेनर चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए। पीछे चल रहा ट्रक समय पर नहीं रुक सका और तेज रफ्तार में कंटेनर से जा भिड़ा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक का केबिन बुरी तरह पिचक गया और चालक अंदर ही फंस गया।

    हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर मदद के लिए मौके पर पहुंचे। चालक को बाहर निकालने के कई प्रयास किए गए लेकिन केबिन पूरी तरह दब जाने के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बाद लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए रस्सियों की मदद से केबिन और उसके गेट को बांधकर खींचने का प्रयास किया। करीब आधे घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गेट खुल सका और चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    हादसे में चालक के पैर में गंभीर चोट आई है। प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए देवास जिला अस्पताल भेजा गया जहां उसका उपचार जारी है। समय पर राहत कार्य शुरू होने और स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण चालक की जान बचाई जा सकी।

    टोंककला चौकी प्रभारी मलखान सिंह भाटी ने बताया कि कंटेनर और ट्रक दोनों देवास से मक्सी की ओर जा रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कंटेनर के सामने अचानक मवेशी आने के कारण ब्रेक लगाए गए जिससे पीछे से आ रहा ट्रक टकरा गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

  • विंबलडन का दिल है सेंटर कोर्ट: 104 साल का गौरवशाली इतिहास, यहीं लिखी गई टेनिस की सबसे बड़ी दास्तानें

    विंबलडन का दिल है सेंटर कोर्ट: 104 साल का गौरवशाली इतिहास, यहीं लिखी गई टेनिस की सबसे बड़ी दास्तानें


    नई दिल्ली । टेनिस की दुनिया में विंबलडन सिर्फ एक ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट नहीं बल्कि परंपरा प्रतिष्ठा और इतिहास का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। वर्ष 1877 में शुरू हुए इस टूर्नामेंट ने दुनिया को अनगिनत यादगार मुकाबले और महान खिलाड़ी दिए हैं लेकिन इसकी सबसे बड़ी पहचान सेंटर कोर्ट है जिसे विंबलडन का दिल कहा जाता है। यही वह मंच है जहां हर टेनिस खिलाड़ी खेलने और जीत दर्ज करने का सपना देखता है।

    सेंटर कोर्ट का इतिहास भी उतना ही दिलचस्प है जितना यहां खेले गए मुकाबलों का। शुरुआती दौर में विंबलडन के कोर्ट अलग-अलग बनाए गए थे लेकिन वर्ष 1881 में दो कोर्ट को मिलाकर एक मुख्य कोर्ट तैयार किया गया जो परिसर के बिल्कुल मध्य में स्थित था। इसी वजह से इसका नाम सेंटर कोर्ट रखा गया। बाद में वर्ष 1922 में जब ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस एंड क्रोके क्लब नए परिसर में स्थानांतरित हुआ तब आधुनिक सेंटर कोर्ट का निर्माण हुआ और तभी से यह विंबलडन की सबसे बड़ी पहचान बन गया।

    दिलचस्प बात यह है कि इस कोर्ट का उपयोग पूरे वर्ष में केवल दो सप्ताह के लिए किया जाता है। बाकी समय इसकी घास और सतह की विशेष देखभाल की जाती है ताकि टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों को सर्वोत्तम गुणवत्ता का कोर्ट मिल सके। यहां केवल बारहमासी राई घास का इस्तेमाल किया जाता है और उसकी लंबाई करीब 8 मिलीमीटर रखी जाती है जिससे खेल की गति और गुणवत्ता बनी रहती है।

    सेंटर कोर्ट की एक और खास पहचान इसका रॉयल बॉक्स है जहां ब्रिटिश शाही परिवार और विशेष अतिथि बैठकर मुकाबलों का आनंद लेते हैं। वर्ष 2009 में यहां आधुनिक रिट्रैक्टेबल रूफ लगाया गया जिससे बारिश के दौरान भी मुकाबले बिना ज्यादा बाधा के जारी रखे जा सकते हैं। महज कुछ मिनटों में छत बंद कर खेल दोबारा शुरू कर दिया जाता है।

    इस कोर्ट पर खेलने के लिए खिलाड़ियों को पूरी तरह सफेद पोशाक पहनना अनिवार्य होता है। इसके अलावा कोर्ट के आसपास किसी भी प्रकार के व्यावसायिक विज्ञापन बोर्ड लगाने की अनुमति नहीं दी जाती ताकि विंबलडन की पारंपरिक गरिमा और ऐतिहासिक स्वरूप बरकरार रहे।

    सेंटर कोर्ट ने टेनिस इतिहास के कई स्वर्णिम पल देखे हैं। रोजर फेडरर ने अपने आठ विंबलडन खिताब इसी कोर्ट पर जीते। वर्ष 2008 में फेडरर और राफेल नडाल के बीच खेला गया ऐतिहासिक फाइनल आज भी टेनिस इतिहास के सबसे महान मुकाबलों में गिना जाता है। वहीं वर्ष 2019 में नोवाक जोकोविच और फेडरर के बीच खेला गया विंबलडन इतिहास का सबसे लंबा पुरुष एकल फाइनल भी इसी कोर्ट का हिस्सा बना।

    आज सेंटर कोर्ट केवल एक खेल मैदान नहीं बल्कि उत्कृष्टता परंपरा और गौरव का प्रतीक बन चुका है। यहां जीत हासिल करना किसी भी खिलाड़ी के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल माना जाता है। यही वजह है कि जब भी विंबलडन का नाम लिया जाता है तो सबसे पहले सेंटर कोर्ट की भव्यता और उससे जुड़ी ऐतिहासिक यादें लोगों के सामने उभर आती हैं।

  • मुंबई: मुहर्रम जुलूस के दौरान 14,900 जहरीले कैप्सूल जब्त, पुलिस ने बड़ी साजिश की आशंका जताई

    मुंबई: मुहर्रम जुलूस के दौरान 14,900 जहरीले कैप्सूल जब्त, पुलिस ने बड़ी साजिश की आशंका जताई


    मुंबई। मुहर्रम जुलूस के दौरान मुंबई पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर उसके पास से जहर मिले चूहे मारने वाले 14,900 कैप्सूल बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी बिना किसी अनुमति के लोगों में कैप्सूल बांटता हुआ मिला था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और इसे संभावित बड़ी साजिश के रूप में भी देख रही है।

    डीसीपी जयंत मीणा ने बताया कि मुहर्रम जुलूस के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति पर पुलिस की नजर पड़ी। पूछताछ में पता चला कि वह बिना अनुमति कैप्सूल वितरित कर रहा था। इसी बीच सुबह करीब चार बजे सूचना मिली कि एक व्यक्ति को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई है। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि उसका उद्देश्य मुहर्रम जुलूस को निशाना बनाना था।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान फैयाज प्रेमजी के रूप में हुई है, जो पुणे का निवासी है और पेंट के कारोबार से जुड़ा बताया गया है। जांच में सामने आया कि उसने कथित तौर पर 50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड मंगाया था और अपने ठिकाने पर कैप्सूल में करीब एक-एक ग्राम जहर भरने का काम कर रहा था। पुलिस का कहना है कि आरोपी वर्ष 2025 में ईरान और इराक भी गया था।

    जांच एजेंसियों के मुताबिक, अब तक 14,900 कैप्सूल जब्त किए जा चुके हैं, जबकि आरोपी का लक्ष्य करीब 30,000 कैप्सूल तैयार करने का था। पुलिस का दावा है कि समय रहते कार्रवाई होने के कारण ये कैप्सूल लोगों तक नहीं पहुंच पाए।

    डीसीपी जयंत मीणा ने कहा कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ी त्रासदी टल गई। उन्होंने बताया कि आरोपी के मकसद, उसके संपर्कों और इस पूरे मामले के पीछे किसी बड़े नेटवर्क या साजिश की संभावना की गहन जांच की जा रही है। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं से मामले की पड़ताल कर रही है।

  • रायबरेली में बड़ा हादसा: चार्जर लगाते वक्त करंट की चपेट में आया हलवाई, अस्पताल में तोड़ा दम

    रायबरेली में बड़ा हादसा: चार्जर लगाते वक्त करंट की चपेट में आया हलवाई, अस्पताल में तोड़ा दम


    रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक दर्दनाक हादसे में मोबाइल चार्जर लगाते समय करंट लगने से रेस्टोरेंट में काम करने वाले एक हलवाई की मौत हो गई। घटना के बाद रेस्टोरेंट में अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से झुलसे युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मोबाइल चार्ज करते समय हुआ हादसा

    घटना लालगंज कोतवाली क्षेत्र स्थित प्रताप पैलेस रेस्टोरेंट की है। जानकारी के अनुसार, रेस्टोरेंट में पिछले कई वर्षों से भोजन बनाने का काम कर रहे अजय प्रजापति मोबाइल चार्ज करने के लिए बिजली के बोर्ड में चार्जर लगा रहे थे। इसी दौरान वह अचानक करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए।

    मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल उन्हें करंट से अलग किया और आनन-फानन में लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। हालांकि, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

    आठ वर्षों से कर रहे थे काम

    मृतक अजय प्रजापति पिछले करीब आठ वर्षों से प्रताप पैलेस रेस्टोरेंट में हलवाई के रूप में कार्यरत थे। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस रेस्टोरेंट संचालक और कर्मचारियों से पूछताछ कर हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

    प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा किस परिस्थिति में हुआ और कहीं बिजली व्यवस्था में कोई लापरवाही तो नहीं थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • ट्रॉसार्ड का डबल अटैक, डी ब्रूने का जलवा: बेल्जियम ने न्यूजीलैंड को 5-1 से हराकर कटाया नॉकआउट टिकट

    ट्रॉसार्ड का डबल अटैक, डी ब्रूने का जलवा: बेल्जियम ने न्यूजीलैंड को 5-1 से हराकर कटाया नॉकआउट टिकट


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप जी में बेल्जियम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 5-1 से करारी शिकस्त दी और शानदार अंदाज में राउंड ऑफ 32 का टिकट पक्का कर लिया। बीसी प्लेस स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में बेल्जियम ने शुरुआत से अंत तक पूरी तरह दबदबा बनाए रखा। स्टार विंगर लिएंड्रो ट्रॉसार्ड ने दो गोल दागकर जीत के हीरो की भूमिका निभाई, जबकि केविन डी ब्रूने ने शानदार खेल दिखाते हुए एक गोल और दो असिस्ट अपने नाम किए।

    इस बड़ी जीत के साथ बेल्जियम ने ग्रुप जी में पांच अंक हासिल किए। मिस्र के भी पांच अंक रहे, लेकिन बेहतर गोल अंतर के आधार पर बेल्जियम ग्रुप विजेता बना। वहीं मिस्र ने दूसरे स्थान पर रहते हुए नॉकआउट चरण में जगह बनाई। ईरान तीन अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा और उसकी उम्मीदें अन्य नतीजों पर टिकी हैं, जबकि न्यूजीलैंड सिर्फ एक अंक के साथ टूर्नामेंट से बाहर हो गया।

    मैच की शुरुआत से ही बेल्जियम ने आक्रामक रुख अपनाया और गेंद पर लगातार नियंत्रण बनाए रखा। 11वें मिनट में ट्रॉसार्ड गोल करने के बेहद करीब पहुंचे, लेकिन उनका शॉट गोलपोस्ट से टकरा गया। कुछ देर बाद बेल्जियम को पेनल्टी भी मिली, लेकिन वीएआर समीक्षा के बाद रेफरी ने फैसला बदल दिया और पेनल्टी रद्द कर दी। इसके बावजूद बेल्जियम का दबाव कम नहीं हुआ।

    आखिरकार 28वें मिनट में केविन डी ब्रूने के शानदार क्रॉस पर लिएंड्रो ट्रॉसार्ड ने बेहतरीन फिनिश करते हुए टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ की शुरुआत में दोनों खिलाड़ियों की यह जोड़ी फिर चमकी। 49वें मिनट में डी ब्रूने के सटीक पास पर ट्रॉसार्ड ने अपना दूसरा गोल दागते हुए स्कोर 2-0 कर दिया।

    इसके बाद बेल्जियम ने न्यूजीलैंड को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। गोलकीपर थिबो कोर्टोइस ने विपक्ष के कुछ अच्छे प्रयासों को शानदार बचाव से नाकाम किया। 66वें मिनट में केविन डी ब्रूने ने खुद गोल दागकर बढ़त 3-0 कर दी। इस गोल के साथ 34 वर्षीय डी ब्रूने फीफा वर्ल्ड कप में बेल्जियम के लिए गोल करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भी बन गए।

    मैच के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड ने 84वें मिनट में एलिजा जस्ट के गोल से सम्मान बचाने की कोशिश की, लेकिन बेल्जियम ने तुरंत जवाब दिया। अगले ही मिनट रोमेलु लुकाकू ने शानदार हेडर के जरिए चौथा गोल कर मुकाबला पूरी तरह अपने नाम कर लिया। स्टॉपेज टाइम में एलेक्सिस सालेमेकर्स ने पांचवां गोल दागकर बेल्जियम की 5-1 की धमाकेदार जीत पर मुहर लगा दी।

    इस शानदार प्रदर्शन के साथ बेल्जियम ने न केवल नॉकआउट चरण में जगह बनाई बल्कि खिताब की मजबूत दावेदारी भी पेश कर दी। टीम का संतुलित आक्रमण, मजबूत मिडफील्ड और अनुभवी खिलाड़ियों का प्रदर्शन आने वाले मुकाबलों में विरोधी टीमों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

  • फ्रांस से भिड़ंत से पहले स्वीडन को तगड़ा झटका: डिफेंस की दीवार इसाक हिएन टूर्नामेंट से बाहर

    फ्रांस से भिड़ंत से पहले स्वीडन को तगड़ा झटका: डिफेंस की दीवार इसाक हिएन टूर्नामेंट से बाहर


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट मुकाबलों से पहले स्वीडन को बड़ा झटका लगा है। टीम के स्टार डिफेंडर इसाक हिएन हैमस्ट्रिंग चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। फ्रांस के खिलाफ होने वाले राउंड ऑफ 32 के अहम मुकाबले से पहले यह खबर स्वीडिश टीम के लिए बड़ी चिंता लेकर आई है, क्योंकि हिएन टीम की रक्षापंक्ति के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल थे।

    27 वर्षीय इसाक हिएन को गुरुवार को जापान के खिलाफ खेले गए ग्रुप मुकाबले के दौरान चोट लगी थी। यह मैच 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ था और इसी नतीजे के साथ स्वीडन ने तीसरे स्थान की सर्वश्रेष्ठ आठ टीमों में जगह बनाते हुए नॉकआउट चरण के लिए क्वालिफाई किया था। हालांकि मैच के दौरान लगी चोट अब इतनी गंभीर साबित हुई कि उन्हें पूरे टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा।

    स्वीडिश फुटबॉल एसोसिएशन ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि हिएन अब विश्व कप में आगे हिस्सा नहीं ले पाएंगे। मेडिकल जांच में उनके बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग में गंभीर चोट पाई गई है। टीम के डॉक्टर जोनास वर्नर ने बताया कि खिलाड़ी को तुरंत रिहैबिलिटेशन के लिए अपने क्लब लौटना होगा और पूरी तरह फिट होने में कुछ समय लगेगा। उन्होंने कहा कि इस चोट के कारण हिएन फिलहाल फुटबॉल से दूर रहेंगे।

    स्वीडन के मुख्य कोच ग्राहम पॉटर ने भी इसाक हिएन के बाहर होने पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि विश्व कप जैसे बड़े मंच पर किसी खिलाड़ी का चोट के कारण सफर खत्म होना बेहद दुखद होता है। टीम हिएन के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उन्हें विश्वास है कि वह पूरी तरह फिट होकर पहले से अधिक मजबूत वापसी करेंगे। कोच ने यह भी संकेत दिया कि फ्रांस के खिलाफ मुकाबले के लिए टीम को अपनी रक्षापंक्ति में बदलाव करना पड़ेगा।

    जापान के खिलाफ मैच में हिएन को चोट उस समय लगी थी जब उन्होंने पेनल्टी बॉक्स के अंदर युकिनारी सुगावारा के क्रॉस को रोकने के लिए लंबा स्ट्रेच किया। इसी प्रयास में उनकी हैमस्ट्रिंग खिंच गई और उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। उनकी जगह युवा मिडफील्डर लुकास बर्गवैल को उतारा गया, जबकि कप्तान विक्टर लिंडेलोफ ने सेंटर बैक की जिम्मेदारी संभाली।

    अब स्वीडन के सामने सबसे बड़ी चुनौती फ्रांस जैसी मजबूत टीम के खिलाफ अपनी रक्षापंक्ति को संतुलित रखना होगी। हिएन की गैरमौजूदगी निश्चित रूप से टीम की रणनीति और डिफेंस पर असर डालेगी। ऐसे में बाकी खिलाड़ियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी कि वे इस कमी को पूरा करते हुए टीम को नॉकआउट मुकाबले में जीत दिलाने का प्रयास करें।

  • अयोध्या के संत समाज को बड़ा झटका, हनुमानगढ़ी के महंत संत रामदास नहीं रहे

    अयोध्या के संत समाज को बड़ा झटका, हनुमानगढ़ी के महंत संत रामदास नहीं रहे


    अयोध्या। श्रीहनुमानगढ़ी के महंत संत रामदास का शनिवार को 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे महंत ने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही अयोध्या के संत समाज और श्रद्धालुओं में शोक की लहर दौड़ गई। उनका अंतिम संस्कार शाम 4 बजे नया घाट पर पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ किया जाएगा।

    महंत संत रामदास लंबे समय से उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। हाल ही में उन्हें इलाज के लिए मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के बाद वह तीन दिन पहले ही अयोध्या लौटे थे, लेकिन स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका और उनका निधन हो गया।

    मुख्यमंत्री योगी ने जताया गहरा शोक

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत संत रामदास के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। अपने शोक संदेश में उन्होंने कहा कि संत रामदास का आध्यात्मिक जीवन, धर्म और समाज के प्रति उनका समर्पण सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।

    मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम से प्रार्थना करते हुए दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा उनके अनुयायियों और श्रद्धालुओं को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

    संत समाज में था विशेष सम्मान

    महंत संत रामदास अयोध्या के संत समाज के अत्यंत सम्मानित संतों में गिने जाते थे। धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका रही और श्रद्धालुओं के बीच उनका विशेष स्थान था। अयोध्या प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी समय-समय पर उनके आश्रम पहुंचकर उनका आशीर्वाद लेते रहे थे। उनके निधन को अयोध्या के संत समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। बड़ी संख्या में संत, श्रद्धालु और स्थानीय लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंच रहे हैं।
  • अलीगंज अग्निकांड में बड़ा एक्शन, LDA के वर्तमान और पूर्व अधिकारियों से होगी पूछताछ

    अलीगंज अग्निकांड में बड़ा एक्शन, LDA के वर्तमान और पूर्व अधिकारियों से होगी पूछताछ


    लखनऊ। अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। इस मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के 100 से अधिक वर्तमान और पूर्व अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल शुरू कर दी है। वर्ष 2014 से 2026 तक इस भवन से जुड़े अधिकारियों का रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है और सूची तैयार कर एसआईटी को सौंपी जाएगी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

    22 जून को अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित चार मंजिला कोचिंग कॉम्प्लेक्स में लगी भीषण आग में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। हादसे के बाद एलडीए ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की थी, जिसने अपनी रिपोर्ट प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को सौंप दी है।

    रिपोर्ट में सामने आईं कई गंभीर खामियां
    जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार भवन में निर्धारित मानकों से अधिक निर्माण किया गया था। इसके अलावा आने-जाने का रास्ता बेहद संकरा था, जबकि आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी और बचाव के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं थे। प्रारंभिक जांच में इन्हीं कमियों को हादसे की प्रमुख वजह माना गया है।

    अब एसआईटी यह जांच करेगी कि भवन निर्माण की स्वीकृति, निरीक्षण और मानकों के पालन में किन अधिकारियों की क्या भूमिका रही और कहीं प्रशासनिक लापरवाही तो नहीं हुई।

    हादसे का घटनाक्रम
    22 जून को दोपहर करीब 2:15 बजे अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित चार मंजिला इमारत में आग लग गई। स्थानीय लोगों ने शुरुआती स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलने लगी। दोपहर 2:30 बजे फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। करीब 3:10 बजे पहली दमकल मौके पर पहुंची और आग की गंभीरता को देखते हुए कुल 13 दमकल गाड़ियों को बुलाया गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद शाम लगभग 6:30 बजे आग पर काबू पाया गया। इस दर्दनाक हादसे में 15 युवाओं की मौत हो गई।

    कोचिंग संस्थानों पर भी कार्रवाई
    हादसे के बाद प्रशासन ने शहर के प्रमुख कोचिंग हब काकादेव में बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। जांच के दौरान भवन और अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पाए जाने पर फिजिक्स वाला समेत 22 कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले अन्य संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रहेगी।

    अब सभी की नजर एसआईटी जांच पर है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

  • NCERT की कक्षा 9 की नई किताब में SIR के बारे में पढ़ेंगे बच्चे, समाजवाद-धर्मनिरपेक्षता की पुरानी व्याख्या हटाई

    NCERT की कक्षा 9 की नई किताब में SIR के बारे में पढ़ेंगे बच्चे, समाजवाद-धर्मनिरपेक्षता की पुरानी व्याख्या हटाई


    नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 9 की नई पाठ्यपुस्तक में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इस बार छात्रों को चुनाव प्रक्रिया से जुड़े स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बारे में पढ़ाया जाएगा। वहीं, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र से संबंधित कुछ व्याख्याओं को पहले की तुलना में बदले हुए स्वरूप में प्रस्तुत किया गया है। नई सामग्री का उद्देश्य विद्यार्थियों को संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की व्यापक समझ देना बताया गया है। इन बदलावों को लेकर शिक्षा और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

    संविधान की व्याख्या का बदला स्वरूप
    नई पुस्तक में संविधान को समझाने का तरीका भी बदला गया है। इसमें संविधान निर्माण की प्रक्रिया, संविधान सभा की भूमिका और देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं के कार्यों पर अधिक जोर दिया गया है। इसके अलावा समानता, स्वतंत्रता, अधिकार और नागरिकों की जिम्मेदारियों जैसे विषयों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है।

    पहले की पुस्तकों में संविधान की प्रस्तावना और उसमें शामिल शब्दों की विस्तृत व्याख्या दी जाती थी, जबकि नई किताब में प्रस्तावना को सीधे तौर पर शामिल नहीं किया गया है। साथ ही समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता जैसे शब्दों को भी पहले की तरह विस्तार से प्रस्तुत नहीं किया गया है।

    पहली बार कक्षा 9 के पाठ्यक्रम में इमरजेंसी
    नई किताब में पहली बार वर्ष 1975 की इमरजेंसी को भी शामिल किया गया है। इसमें बताया गया है कि उस दौर में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा और उस समय लिए गए फैसलों को लेकर किस तरह की चर्चाएं हुईं। इसे लोकतंत्र के सामने आने वाली चुनौतियों के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

    SIR को पाठ्यक्रम में क्यों मिली जगह
    पुस्तक में चुनाव आयोग की जिम्मेदारियों के साथ स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया को भी समझाया गया है। इसमें बताया गया है कि मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाए रखने की प्रक्रिया किस प्रकार पूरी की जाती है।

    चार विषय अब एक ही पुस्तक में
    इस बार इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र को अलग-अलग पुस्तकों के बजाय एकीकृत कर एक ही पुस्तक में शामिल किया गया है। NCERT का उद्देश्य विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों के बीच आपसी संबंधों की समग्र समझ प्रदान करना है।

    शिक्षा मंत्री का बयान
    केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि विद्यार्थियों को देश के इतिहास और लोकतंत्र से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी होना आवश्यक है। उनके अनुसार, ऐसे विषयों का अध्ययन करने से नई पीढ़ी में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और इतिहास के प्रति बेहतर समझ विकसित होगी।

  • अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति का कल्याण ही लक्ष्य', प्रशिक्षण महाअभियान में बोले CM योगी

    अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति का कल्याण ही लक्ष्य', प्रशिक्षण महाअभियान में बोले CM योगी


    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर में दो दिवसीय ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की विकास यात्रा को समर्पित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को भाजपा की वैचारिक नींव बताया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रशिक्षण शिविर केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों और आदर्शों को कार्यकर्ताओं के जीवन में उतारने का अभियान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में मिले संस्कारों के आधार पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय जनसंघ के संगठन महामंत्री के रूप में संगठन को मजबूत आधार प्रदान किया।

    अंत्योदय को बताया विकास की मूल अवधारणा
    सीएम योगी ने कहा कि भारतीय राजनीति में ‘अंत्योदय’ का विचार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की सबसे बड़ी देन है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की नीतियों का केंद्र समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति होना चाहिए। जब तक विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंचता, तब तक सुशासन की अवधारणा अधूरी रहती है।

    उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय आर्थिक चिंतन को नई दिशा देते हुए अंत्योदय का सिद्धांत दिया, जिसे भारतीय जनता पार्टी अपने संगठन और शासन दोनों में आत्मसात करने का प्रयास कर रही है।

    कार्यकर्ताओं को दिए संगठनात्मक मूल्यों के संदेश
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश में चलाया जा रहा यह प्रशिक्षण महाअभियान कार्यकर्ताओं को राष्ट्रसेवा, संगठन, पारदर्शिता और जनकल्याण के मूल्यों से जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता इन आदर्शों को अपने व्यवहार और कार्यशैली का हिस्सा बनाए, यही इस अभियान का उद्देश्य है।

    सोशल मीडिया पर भी दी शुभकामनाएं
    कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि भारतीय जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के महापुरुषों के आदर्श आज भी सार्वजनिक जीवन में शुचिता, पारदर्शिता और राष्ट्रसेवा के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए प्रशिक्षण शिविर के सफल आयोजन की कामना की।

    उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम संगठन को मजबूत बनाने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं में वैचारिक स्पष्टता और जनसेवा की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं।