Author: bharati

  • प्रभास की फौजी का धमाकेदार टीजर रिलीज! हिटलर के सामने सुभाष चंद्र बोस ने भरी हुंकार, विद्रोही सैनिक बने रिबेल स्टार

    प्रभास की फौजी का धमाकेदार टीजर रिलीज! हिटलर के सामने सुभाष चंद्र बोस ने भरी हुंकार, विद्रोही सैनिक बने रिबेल स्टार


    नई दिल्ली । साउथ सिनेमा के सुपरफिल्म का निर्देशन हनु राघवपुडी ने किया है। वह अपनी कहानी कहने की शैली और भव्य सिनेमाई प्रस्तुति के लिए पहचाने जाते हैं। फौजी का निर्माण मैथरी मूवी मेकर्स ने किया है जबकि टी-सीरीज फिल्म्स इसे प्रस्तुत कर रही है। फिल्म के निर्माता नवीन यरनेनी वाई रवि शंकर और भूषण कुमार हैं। मेकर्स ने इस परियोजना को ऐतिहासिक ड्रामा के रूप में तैयार किया है जिसमें स्वतंत्रता संग्राम की पृष्ठभूमि के साथ बड़े स्तर का एक्शन और भावनात्मक पहलू देखने को मिल सकता है।
    स्टार प्रभास एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपने दमदार अंदाज से दर्शकों का दिल जीतने की तैयारी में हैं। उनकी आगामी फिल्म फौजी का टीजर रिलीज कर दिया गया है। प्रभास के जन्मदिन के मौके पर जारी इस पहली झलक में देशभक्ति का जज्बा इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं और जबरदस्त एक्शन के साथ नजर आ रहा है। फिल्म में प्रभास एक निडर और विद्रोही सैनिक की भूमिका निभाते दिखाई देंगे। टीजर सामने आने के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ गई है। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और प्रभास के अलग अवतार ने इस फिल्म को उनकी आगामी चर्चित परियोजनाओं में शामिल कर दिया है।

    फौजी के टीजर की सबसे खास बात इसमें हिटलर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बीच दिखाई गई बातचीत है। फिल्म की कहानी भारत के स्वतंत्रता संग्राम की पृष्ठभूमि पर आधारित है। टीजर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत की आजादी के लिए समर्थन मांगते नजर आते हैं। वहीं हिटलर ब्रिटेन के लंबे शासन का हवाला देते हुए भारत की आजादी की लड़ाई को मुश्किल बताते हैं। इसके बावजूद नेताजी भारतीयों की क्षमता और उनके साहस पर भरोसा जताते हैं। वह एक ऐसे सैनिक का जिक्र करते हैं जो अपनी बहादुरी से इतिहास बदलने का दम रखता है। इसके बाद प्रभास की दमदार झलक सामने आती है और उनका विद्रोही अंदाज कहानी के रोमांच को बढ़ा देता है।

    टीजर में प्रभास का लुक उनकी पिछली फिल्मों से काफी अलग दिखाई देता है। उनके किरदार में आक्रामकता साहस और देश के लिए लड़ने का जज्बा नजर आता है। फिल्म में उनका चरित्र केवल एक सैनिक तक सीमित नहीं दिखता बल्कि उसे आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाने वाले निडर योद्धा के रूप में पेश किया गया है। प्रभास की मजबूत स्क्रीन प्रेजेंस और ऐतिहासिक माहौल को बड़े स्तर पर दिखाने की कोशिश टीजर को खास बनाती है। हालांकि फिल्म की पूरी कहानी और किरदार के सभी पहलुओं को लेकर अभी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है।

    फिल्म का निर्देशन हनु राघवपुडी ने किया है। वह अपनी कहानी कहने की शैली और भव्य सिनेमाई प्रस्तुति के लिए पहचाने जाते हैं। फौजी का निर्माण मैथरी मूवी मेकर्स ने किया है जबकि टी-सीरीज फिल्म्स इसे प्रस्तुत कर रही है। फिल्म के निर्माता नवीन यरनेनी वाई रवि शंकर और भूषण कुमार हैं। मेकर्स ने इस परियोजना को ऐतिहासिक ड्रामा के रूप में तैयार किया है जिसमें स्वतंत्रता संग्राम की पृष्ठभूमि के साथ बड़े स्तर का एक्शन और भावनात्मक पहलू देखने को मिल सकता है।

    प्रभास की लोकप्रियता केवल दक्षिण भारतीय सिनेमा तक सीमित नहीं है। बाहुबली सीरीज और अन्य बड़ी फिल्मों के बाद उन्होंने देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। दर्शक उन्हें अलग-अलग किरदारों में देखने के लिए उत्साहित रहते हैं। ऐसे में फौजी में उनका देशभक्त सैनिक का किरदार उनके प्रशंसकों के लिए खास आकर्षण बन सकता है। फिल्म का टीजर कहानी को लेकर कई सवाल भी छोड़ता है और दर्शकों को यह जानने के लिए उत्सुक करता है कि प्रभास का किरदार आजादी की लड़ाई में किस तरह की भूमिका निभाएगा।

    रिलीज की बात करें तो फौजी को 19 मार्च 2027 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज करने की योजना है। फिल्म को लेकर अभी से चर्चा शुरू हो गई है। अब दर्शकों की नजर इसके अगले टीजर ट्रेलर और अन्य प्रचार सामग्री पर रहेगी। प्रभास की लोकप्रियता ऐतिहासिक विषय और देशभक्ति से जुड़ी कहानी का मेल बॉक्स ऑफिस पर कैसा प्रदर्शन करता है यह फिल्म रिलीज होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में किसका था शूटरों से संपर्क? चेहरे टीवी पर आते ही मिला ठिकाना छोड़ने का मैसेज

    टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में किसका था शूटरों से संपर्क? चेहरे टीवी पर आते ही मिला ठिकाना छोड़ने का मैसेज


    नई दिल्ली । मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्ट के मुताबिक हमले के बाद फरार आरोपियों को फोन कॉल मैसेज और टेलीविजन पर प्रसारित होने वाली खबरों के जरिए लगातार अपडेट मिल रहे थे। जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जब फायरिंग से जुड़े संदिग्धों की तस्वीरें टीवी पर दिखाई जाने लगीं तो एक शूटर को तुरंत वहां से निकलने का संदेश मिला। इस घटनाक्रम ने जांच एजेंसियों के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर आरोपियों को पुलिस की कार्रवाई और उनकी पहचान उजागर होने की जानकारी कौन दे रहा था।

    इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस सूत्रों ने बताया कि जैसे ही संदिग्धों के चेहरे टेलीविजन पर प्रसारित होने लगे वैसे ही एक आरोपी को मैसेज भेजकर सतर्क किया गया। संदेश में कहा गया कि उनके चेहरे सामने आ गए हैं और उन्हें वहां से निकल जाना चाहिए। इससे जांचकर्ताओं को आशंका है कि हमले में शामिल लोगों के साथ कोई ऐसा व्यक्ति संपर्क में था जो घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रहा था और जरूरत पड़ने पर उन्हें निर्देश दे रहा था। हालांकि पुलिस अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं कर पाई है कि आरोपियों को टीवी समाचारों के अपडेट कौन भेज रहा था।

    जांच के दौरान रेहान अंसारी नाम के आरोपी के संपर्कों को लेकर भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उसे किसी कम्युनिकेशन ऐप के जरिए निर्देश मिल रहे थे। शक जताया गया है कि इस संपर्क के पीछे कथित तौर पर बिश्नोई गैंग से जुड़ा अनिल पंडित या फिर हाल ही में सोनीपत में गिरफ्तार किए गए अंकित खटक और समीर खत्री हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने कथित रूप से हमलावरों और अनिल पंडित के बीच संपर्क स्थापित करने में भूमिका निभाई हो सकती है। हालांकि इन आशंकाओं की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

    पुलिस को संदेह है कि बातचीत के लिए ऐसे ऐप का इस्तेमाल किया गया होगा जिनके जरिए इंटरनेट पर वॉयस कॉल और संदेश भेजे जा सकते हैं। रिपोर्ट में सिग्नल और जंगी जैसे ऐप का जिक्र किया गया है। सीसीटीवी फुटेज में रेहान को लगातार फोन पर बात करते हुए देखे जाने की बात भी सामने आई है। जांचकर्ताओं के अनुसार उन्हें यह अंदेशा था कि बातचीत इंटरनेट आधारित कॉलिंग सेवा के जरिए हो रही है लेकिन इस्तेमाल किए गए ऐप की पहचान करना आसान नहीं था। आरोपियों की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ के बाद पुलिस को दोनों पक्षों के बीच हुई कुछ बातचीत के बारे में जानकारी मिलने की बात कही गई है।

    यह घटना 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी जब टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की गई। अभिनेता इस हमले में सुरक्षित बच गए लेकिन उनके ड्राइवर और एक व्लॉगर को चोटें आईं। पुलिस ने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रिपोर्ट के मुताबिक अब तक कुल दस लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें फूल सिंह रेहान रहिसुद्दीन अंसारी और ऋतिक महतो के नाम भी शामिल हैं।

    इस मामले में अनिल पंडित नाम के व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था और खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया था। हालांकि पुलिस ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां अब हमले की साजिश संपर्कों की कड़ियों और आरोपियों को अलर्ट देने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटी हैं। आने वाले दिनों में पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों से मामले की कई और परतें खुलने की उम्मीद है।

  • यूपी में चुनावी गठबंधन पर फंसा पेंच! कांग्रेस ने सपा को नहीं सौंपी उम्मीदवारों की लिस्ट तो सीट बंटवारे पर बढ़ा विवाद

    यूपी में चुनावी गठबंधन पर फंसा पेंच! कांग्रेस ने सपा को नहीं सौंपी उम्मीदवारों की लिस्ट तो सीट बंटवारे पर बढ़ा विवाद


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर सियासी खींचतान तेज होती दिखाई दे रही है। भारतीय जनता पार्टी को चुनौती देने के उद्देश्य से दोनों दलों के बीच गठबंधन की संभावनाओं पर चर्चा जारी है लेकिन उम्मीदवारों की सूची और सीटों की संख्या को लेकर सहमति बनती नजर नहीं आ रही है। समाजवादी पार्टी चाहती है कि कांग्रेस उन सीटों और उम्मीदवारों का स्पष्ट ब्योरा दे जहां उसकी जीत की संभावना सबसे अधिक है। दूसरी ओर कांग्रेस का तर्क है कि गठबंधन की बातचीत के दौरान उम्मीदवारों के नामों की सूची साझा करना जरूरी नहीं है। इसी मुद्दे पर दोनों दलों के बीच मतभेद गहराने की खबरें सामने आ रही हैं।

    मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से लगभग 180 सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। इस सूची को लेकर समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं में नाराजगी बताई जा रही है। सपा के भीतर यह चिंता है कि कांग्रेस को अधिक सीटें देने से गठबंधन की चुनावी संभावनाओं पर असर पड़ सकता है। सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि अखिलेश यादव कांग्रेस को 100 से कम सीटें देने के पक्ष में हो सकते हैं। हालांकि इस संबंध में उनकी ओर से कोई स्पष्ट सार्वजनिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में सीटों की संख्या को लेकर दोनों दलों के बीच बातचीत का अंतिम नतीजा अभी सामने नहीं आया है।

    कांग्रेस की ओर से उत्तर प्रदेश के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कम से कम 200 सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। उनके इस बयान ने सीट बंटवारे की चर्चा को और गर्म कर दिया है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राजनीतिक राज्य में इतनी अधिक सीटों पर दावा करना गठबंधन के भीतर बातचीत को चुनौतीपूर्ण बना सकता है। दूसरी ओर कांग्रेस का मानना है कि उसके पास ऐसे उम्मीदवार हैं जो कई विधानसभा क्षेत्रों में मजबूत चुनौती पेश कर सकते हैं। पार्टी का कहना है कि सीटों का चयन केवल संख्या के आधार पर नहीं बल्कि उनकी चुनावी स्थिति और जीत की संभावनाओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

    रिपोर्ट के मुताबिक 19 अक्टूबर को राहुल गांधी के आवास पर आयोजित चाय पार्टी के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने प्रियंका गांधी वाड्रा के सामने उम्मीदवारों और सीटों की सूची का मुद्दा उठाया था। बताया जाता है कि प्रियंका गांधी ने इस पर सूची साझा करने का आश्वासन दिया था। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि 180 सीटों की सूची को अंतिम निर्णय नहीं माना जाना चाहिए। उनके मुताबिक यह सूची बातचीत शुरू करने का एक आधार है और दोनों दल आपसी सहमति से सीटों की संख्या तय कर सकते हैं। चर्चा के दौरान 80 से 90 सीटों पर भी समझौते की संभावना का जिक्र किए जाने की बात सामने आई है।

    कांग्रेस सूत्रों के अनुसार पार्टी ने आंतरिक सर्वे के आधार पर सीटों को चार श्रेणियों में बांटा है। इसका उद्देश्य उन विधानसभा क्षेत्रों की पहचान करना है जहां पार्टी की स्थिति मजबूत है और जहां जीत की संभावना अधिक हो सकती है। वहीं समाजवादी पार्टी चाहती है कि कांग्रेस अपने संभावित उम्मीदवारों की जानकारी देकर गठबंधन की रणनीति को स्पष्ट करे। सपा नेताओं की चिंता है कि कमजोर उम्मीदवारों को मैदान में उतारने से विपक्षी वोटों का नुकसान हो सकता है और इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है।

    गौरतलब है कि 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ा था और 40 प्रतिशत सीटों पर महिला उम्मीदवार उतारने की रणनीति अपनाई थी। हालांकि पार्टी को केवल दो सीटों पर जीत मिली थी। इसी पिछले प्रदर्शन को देखते हुए सीटों के बंटवारे में कांग्रेस की चुनावी ताकत को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। अब दोनों दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ऐसा फॉर्मूला तैयार करने की है जिससे सीटों पर सहमति भी बने और भाजपा के खिलाफ विपक्षी गठबंधन की एकजुटता भी कायम रहे। फिलहाल उम्मीदवारों की सूची और सीटों की संख्या पर जारी मतभेद के कारण बातचीत पर सभी की नजरें टिकी हैं।
  • 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने दिग्गज बल्लेबाजों को पछाड़ा! टी20 में 200 के पार स्ट्राइक रेट, टॉप-5 में चार भारतीयों का दबदबा

    15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने दिग्गज बल्लेबाजों को पछाड़ा! टी20 में 200 के पार स्ट्राइक रेट, टॉप-5 में चार भारतीयों का दबदबा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने अपने तूफानी बल्लेबाजी अंदाज से टी20 क्रिकेट में अलग पहचान बना ली है। महज 15 साल की उम्र में इस बल्लेबाज ने ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम किया है जिसने बड़े-बड़े बल्लेबाजों को पीछे छोड़ दिया है। टी20 क्रिकेट में कम से कम 1000 रन बनाने वाले बल्लेबाजों के स्ट्राइक रेट की सूची में वैभव सूर्यवंशी पहले स्थान पर हैं। उनके नाम 214.83 का शानदार स्ट्राइक रेट दर्ज है। इस सूची में भारतीय टीम के विस्फोटक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा भी शामिल हैं जो 178.32 के स्ट्राइक रेट के साथ चौथे पायदान पर हैं। खास बात यह है कि शीर्ष पांच बल्लेबाजों में चार भारतीय खिलाड़ी मौजूद हैं। यह आंकड़ा भारतीय क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।

    वैभव सूर्यवंशी ने अब तक इंटरनेशनल आईपीएल और घरेलू टी20 क्रिकेट को मिलाकर 42 पारियों में 1723 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 42.02 और स्ट्राइक रेट 214.83 रहा है। उनका बाउंड्री प्रतिशत भी 36.15 बताया गया है। इतनी कम उम्र में इतने आक्रामक अंदाज से रन बनाना उनकी बल्लेबाजी क्षमता को दिखाता है। वैभव मैदान पर उतरते ही तेजी से रन बनाने की कोशिश करते हैं और बड़े शॉट खेलने से नहीं हिचकते। यही वजह है कि वह टी20 क्रिकेट के सबसे खतरनाक युवा बल्लेबाजों में गिने जाने लगे हैं। हालांकि उनके करियर में अभी तक पारियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है और आगे लगातार बेहतर प्रदर्शन करना उनके लिए अहम होगा।

    इस सूची में ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक बल्लेबाज मिच ओवन दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 86 टी20 पारियों में 1813 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 181.30 और औसत 22.66 है। ओवन ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से कई मौकों पर टीम को तेज शुरुआत दिलाई है लेकिन स्ट्राइक रेट के मामले में वह वैभव से काफी पीछे हैं। तीसरे स्थान पर भारतीय बल्लेबाज उर्विल पटेल हैं जिनका स्ट्राइक रेट 180.69 है। उन्होंने 64 पारियों में 1554 रन बनाए हैं और उनका औसत 25.90 रहा है। इस तरह सूची के शुरुआती तीन स्थानों में दो भारतीय बल्लेबाजों की मौजूदगी भारत की टी20 प्रतिभा को सामने लाती है।

    भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा इस सूची में चौथे स्थान पर हैं। उन्होंने 215 पारियों में 6466 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 32.65 और स्ट्राइक रेट 178.32 है। अभिषेक अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाते हैं और पावरप्ले के दौरान तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। पांचवें स्थान पर भारतीय बल्लेबाज प्रियांश आर्या हैं जिनका स्ट्राइक रेट 176.78 है। उन्होंने 59 पारियों में 1683 रन बनाए हैं और उनका औसत 29.01 है।

    अब सबकी नजर भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले दूसरे टी20 मुकाबले पर है। ईशान किशन के चोटिल होने के कारण टीम संयोजन में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में मौका मिलने की चर्चा तेज हो गई है। यदि उन्हें खेलने का अवसर मिलता है तो उनके पास अपनी प्रतिभा दिखाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव छोड़ने का मौका होगा। हालांकि अंतिम एकादश में उनका चयन टीम प्रबंधन के फैसले पर निर्भर करेगा। वैभव के रिकॉर्ड ने उम्मीदें जरूर बढ़ा दी हैं लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में निरंतरता बनाए रखना उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी।

  • तेहरान में अनूठा विरोध… ट्रंप को पिंजरे में कैद कर ईरानी जता रहे अपना गुस्सा…

    तेहरान में अनूठा विरोध… ट्रंप को पिंजरे में कैद कर ईरानी जता रहे अपना गुस्सा…


    तेहरान।
    ईरान और अमेरिका (Iran and America) के बीच बढ़ता तनाव अब केवल कूटनीतिक बयानों और सैन्य सीमाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तेहरान की सड़कों पर एक अनोखे विरोध के रूप में सामने आया है। ईरान की राजधानी के सबसे व्यस्त इलाकों में शुमार तज्रीश स्क्वायर पर एक विशाल इलेक्ट्रॉनिक बिलबोर्ड (Electronic billboard) से लोहे का पिंजरा लटकाया गया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) का हमशक्ल बंद है।

    ईरान सरकार के तेहरान ब्यूटिफिकेशन ऑर्गनाइजेशन की तरफ से शुरू किए गए 15 दिवसीय इस अभियान का मकसद अमेरिकी हमले की ओर दुनिया का ध्यान खींचना है। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी हमलों और ईरान को पाषाण युग में धकेलने जैसे बयानों ने आम ईरानी नागरिकों के गुस्से को भड़का दिया है। अमेरिकी सैन्य ताकत के खिलाफ उपजी एकजुटता को हवा देने के लिए ऐसे प्रदर्शनों को एक नया मनोवैज्ञानिक हथियार माना जा रहा है।

    मास्क और विग पहने कलाकार दिन-रात पिंजरे में रहता है, जहां उसके रहने के लिए बिस्तर, टॉयलेट और सिंक की व्यवस्था की गई है। यह कभी सलाखों को झकझोरता है, तो कभी पॉप म्यूजिक पर डांस करता है।


    यह संदेश न देखना अपराध…

    इस नाटकीय प्रदर्शन के पीछे एक गंभीर राजनीतिक संदेश छिपा है। पिंजरे के पीछे बिलबोर्ड पर लगातार उन तस्वीरों का प्रसारण हो रहा है, जो पिछले महीने ईरान के कुहस्तक कस्बे में एक शादी समारोह पर अमेरिकी बमबारी के भीषण दृश्यों को दिखाती हैं। तस्वीरों के साथ एक पीले रंग की क्राइम सीन टेप पर । लिखा गया है-इस दृश्य को न देखना एक अपराध है।

    चौराहे पर कई जगह पर ऐसे होर्डिंग भी लगाए गए हैं जिसमें ट्रंप के अलावा इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को निशाना बनाया गया है।


    हार्न बजाकर जता रहे समर्थन

    लाइव प्रदर्शन को देखने के लिए राहगीरों और वाहन चालकों की भारी भीड़ जुट रही है। लोग गाड़ियां रोककर वीडियो बना रहे हैं और हॉर्न बजाकर अपना समर्थन जता रहे हैं। अमूमन तेहरान में ऐसे प्रदर्शनों के लिए इंकलाब स्क्वायर का इस्तेमाल होता रहा है, लेकिन इस बार व्यापारिक और व्यस्त इलाके तज्जीश स्क्वायर को चुना गया है।

  • दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर रहा पाकिस्तान का लाहौर…. खतरनाक स्तर पर पहुंची वायु गुणवत्ता

    दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर रहा पाकिस्तान का लाहौर…. खतरनाक स्तर पर पहुंची वायु गुणवत्ता


    लाहौर।
    पाकिस्तान (Pakistan) का लाहौर (Lahore) शुक्रवार को दुनिया का सर्वाधिक प्रदूषित शहर (Most Polluted City) रहा। एक वायु गुणवत्ता निगरानी मंच के अनुसार, शहर में वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लेवल 410 दर्ज किया गया। एक्यूआई वायु प्रदूषण मापने का संख्यात्मक पैमाना है। इसका स्तर जितना अधिक होता है, हवा की गुणवत्ता उतनी ही खराब होती है और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं।

    स्विट्जरलैंड के निगरानी मंच आईक्यूएयर के पैमाने के अनुसार, 300 से अधिक एक्यूआई को ‘खतरनाक’ श्रेणी में रखा जाता है। आईक्यूएयर की रिपोर्ट के अनुसार, लाहौर में पीएम2.5 प्रदूषकों की सांद्रता विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के वार्षिक दिशानिर्देश मूल्य से 45.2 गुना अधिक थी।

    पीएम2.5 का मतलब 2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम व्यास वाले बारीक कणों से है। ये कण फेफड़ों में गहराई तक पहुंच सकते हैं और रक्तप्रवाह में प्रवेश कर सकते हैं। इनके लंबे समय तक संपर्क में रहने से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

    पंजाब प्रांत की सरकार के अनुसार, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के लाहौर और अन्य हिस्सों में हर साल अक्टूबर से फरवरी के बीच धुंध छाने की समस्या रहती है। हाल के वर्षों में वायु प्रदूषण का बढ़ता स्तर इस प्रांत में सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए बड़ी चिंता बनकर उभरा है।

  • रात में नींद नहीं आती तो अपनाएं ये आसान उपाय, तनाव से लेकर मोबाइल इस्तेमाल तक जानें प्रमुख कारण

    रात में नींद नहीं आती तो अपनाएं ये आसान उपाय, तनाव से लेकर मोबाइल इस्तेमाल तक जानें प्रमुख कारण

    नई दिल्ली । रात में बिस्तर पर जाने के बाद भी देर तक नींद न आना, बार-बार आंख खुलना या सुबह उठने के बाद थकान महसूस होना कई लोगों की परेशानी है। कभी-कभी काम का दबाव, पारिवारिक जिम्मेदारियां या दिनचर्या में बदलाव इसकी वजह बन सकते हैं। वहीं, कुछ लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण भी पर्याप्त नींद नहीं मिल पाती। नींद पूरी नहीं होने का असर व्यक्ति के मूड, एकाग्रता और रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ सकता है। ऐसे में नींद की परेशानी के कारणों को समझना और सोने की आदतों में सुधार करना जरूरी है।

    नींद न आने की एक प्रमुख वजह तनाव और जरूरत से ज्यादा सोचना हो सकती है। कार्यालय के काम, आर्थिक चिंताएं, पारिवारिक जिम्मेदारियां या भविष्य को लेकर बेचैनी होने पर दिमाग शांत करना मुश्किल हो जाता है। शरीर आराम करना चाहता है, लेकिन मन में विचार चलते रहते हैं। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को बिस्तर पर जाने के बाद भी नींद आने में समय लग सकता है।

    सोने और जागने का समय बार-बार बदलना भी नींद की प्राकृतिक लय को प्रभावित करता है। देर रात तक जागना, सुबह अलग-अलग समय पर उठना या दिन में लंबे समय तक सोना रात की नींद में बाधा बन सकता है। शरीर को नियमित समय पर सोने और जागने की आदत डालने से इस परेशानी को कम करने में मदद मिल सकती है।

    सोने से ठीक पहले मोबाइल चलाना, वीडियो देखना या लैपटॉप पर काम करना भी नींद को प्रभावित कर सकता है। स्क्रीन की रोशनी और लगातार मिलने वाली सूचनाएं दिमाग को सक्रिय बनाए रख सकती हैं। इससे शरीर को आराम की स्थिति में आने में परेशानी होती है। इसलिए सोने से पहले स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना बेहतर माना जाता है।

    खानपान की आदतों पर ध्यान देना भी जरूरी है। शाम या रात में चाय-कॉफी पीने से कुछ लोगों की नींद प्रभावित हो सकती है, क्योंकि इनमें मौजूद कैफीन सतर्कता बढ़ाता है। इसके अलावा देर रात भारी भोजन करने से पेट में असहजता या एसिडिटी हो सकती है, जिससे सोने में परेशानी आती है। कैफीन के प्रति संवेदनशील लोगों को दोपहर के बाद इसका सेवन सीमित करने से लाभ मिल सकता है।

    कुछ मामलों में दर्द, एसिडिटी, दवाओं के दुष्प्रभाव या सोते समय सांस लेने में परेशानी जैसी स्वास्थ्य समस्याएं भी नींद बिगाड़ सकती हैं। तेज खर्राटों के साथ सांस रुकने जैसी समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि नींद की परेशानी बार-बार हो रही है, तो इसके पीछे की वजह जानने के लिए चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

    बेहतर नींद के लिए सबसे पहले सोने और जागने का समय तय करें। कोशिश करें कि छुट्टी वाले दिन भी इस समय में बहुत अधिक बदलाव न हो। नियमित दिनचर्या शरीर की प्राकृतिक नींद-जागने की लय को बनाए रखने में मदद करती है। सोने से करीब 30 से 60 मिनट पहले मोबाइल और अन्य स्क्रीन से दूरी बनाएं। इस दौरान हल्की किताब पढ़ना, धीमा संगीत सुनना या शांत वातावरण में बैठना उपयोगी हो सकता है।

    यदि अगले दिन के कामों को लेकर चिंता बनी रहती है, तो सोने से पहले जरूरी कामों की सूची कागज पर लिख लें। कुछ मिनट धीरे-धीरे सांस लेने का अभ्यास भी मन को शांत करने में मदद कर सकता है। दिन के समय नियमित टहलना, हल्का व्यायाम करना और सुबह प्राकृतिक रोशनी में समय बिताना नींद की गुणवत्ता के लिए उपयोगी आदतें हैं। हालांकि, सोने के बिल्कुल पहले बहुत तेज व्यायाम करने से कुछ लोगों को परेशानी हो सकती है।

    दिन में झपकी लेने की आदत है, तो उसे छोटा रखें और देर शाम सोने से बचें। यदि बिस्तर पर काफी देर तक लेटने के बाद भी नींद नहीं आती, तो खुद पर सोने का दबाव न डालें। उठकर कुछ समय शांत गतिविधि करें और नींद महसूस होने पर वापस बिस्तर पर जाएं। बार-बार घड़ी देखने से बचना भी मददगार हो सकता है।

    अगर नींद की समस्या लगातार बनी रहती है, दिनभर थकान रहती है या कामकाज और मानसिक स्थिति प्रभावित होने लगती है, तो डॉक्टर से सलाह लें। लगातार परेशानी को केवल तनाव मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही कारण की पहचान और समय पर मदद से नींद में सुधार की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।

  • तिब्बत में फिर महसूस किए भूकंप के झटके…. कुछ घंटों में तीन बार कांपी धरती

    तिब्बत में फिर महसूस किए भूकंप के झटके…. कुछ घंटों में तीन बार कांपी धरती


    ल्हासा।
    तिब्बत (Tibet) में शनिवार, 24 अक्तूबर 2026 को कुछ ही घंटों के भीतर तीन बार भूकंप (Earthquakes) दर्ज किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) National Center for Seismology – NCS) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इन भूकंपों की तीव्रता (Earthquakes Intensity) 4.0, 4.6 और 4.5 रही। इनमें सबसे तेज झटका 4.6 तीव्रता का था, जिसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया। एनसीएस के आंकड़ों के मुताबिक, तीनों भूकंप भारतीय समयानुसार रात 1 बजे से सुबह 6 बजे के बीच दर्ज हुए।


    कुछ घंटों में तीन बार दर्ज हुए भूकंप

    नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, तिब्बत में भूकंपीय गतिविधियों का ब्योरा इस प्रकार है:
    – पहला भूकंप: रात 1 बजकर 8 मिनट पर 4.0 तीव्रता का झटका दर्ज किया गया। इसकी गहराई 15 किलोमीटर रही।
    – दूसरा भूकंप: रात 2 बजकर 7 मिनट पर 4.6 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज हुआ।
    – तीसरा भूकंप: सुबह 5 बजकर 38 मिनट पर 4.5 तीव्रता का झटका दर्ज किया गया। इसकी गहराई भी 10 किलोमीटर रही।


    कल भी तिब्बत में आया था भूकंप, 16 की गई थी जान

    इससे पहले गुरुवार शाम आए 7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 76 लोग घायल हुए हैं। चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार, उत्तरी तिब्बत के नागचू शहर में भूकंप के झटकों से सैकड़ों मकान ढह गए।

    नागचू के अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप के कारण 339 घर और पशुओं को रखने के 20 बाड़े गिर गए। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। इस काम में 1,600 से अधिक बचावकर्मियों को लगाया गया है। प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत सामग्री भी भेजी गई है। इसमें करीब 3,000 तंबू, 1,000 तैयार आवासीय इकाइयां, फोल्डिंग बेड, टॉर्च और सर्दियों में काम आने वाले कपड़े शामिल हैं।


    चीन में भी 4.6 तीव्रता का भूकंप

    इसके अलावा चीन में भी भारतीय समयानुसार सुबह 4 बजकर 9 मिनट पर 4.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर था। इसका केंद्र 32.920 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 93.761 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था।


    क्यों आते हैं भूकंप?

    पृथ्वी की बाहरी परत कई बड़ी और छोटी टेक्टोनिक प्लेटों में बंटी हुई है। ये प्लेटें लगातार गति करती रहती हैं। जब इनके बीच दबाव बढ़ता है और चट्टानों में जमा ऊर्जा अचानक निकलती है, तो भूकंपीय तरंगें पैदा होती हैं। इन्हीं तरंगों से धरती की सतह पर कंपन महसूस होता है।

    भूकंप का असर उसके केंद्र से दूरी, गहराई, तीव्रता और स्थानीय जमीन की प्रकृति पर निर्भर करता है। अधिक तीव्रता वाले भूकंप के झटके दूर तक महसूस किए जा सकते हैं, लेकिन नुकसान की मात्रा केवल तीव्रता से तय नहीं होती।


    भूकंप की तीव्रता कैसे मापी जाती है?

    भूकंप की तीव्रता और उससे निकलने वाली ऊर्जा का आकलन आधुनिक भूकंपमापी उपकरणों और वैज्ञानिक माप-पद्धतियों से किया जाता है। समाचारों में अक्सर भूकंप का परिमाण बताया जाता है, जिसे कई बार सामान्य बोलचाल में रिक्टर स्केल की तीव्रता कहा जाता है। वैज्ञानिक रिपोर्टों में इसकी गणना के लिए अलग-अलग पैमानों का इस्तेमाल हो सकता है।

  • शेयर बाजार में जियो का ऐतिहासिक धमाका! 1 करोड़ आवेदन का आंकड़ा पार कर दुनिया में बनाया नया रिकॉर्ड

    शेयर बाजार में जियो का ऐतिहासिक धमाका! 1 करोड़ आवेदन का आंकड़ा पार कर दुनिया में बनाया नया रिकॉर्ड


    नई दिल्ली । रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने निवेशकों के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल करते हुए एक नया इतिहास रच दिया है। कंपनी के आईपीओ को 1.2 करोड़ से अधिक आवेदन मिलने का दावा किया गया है। यह आंकड़ा भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में किसी आईपीओ के लिए सबसे अधिक बताया जा रहा है। इसके साथ ही जियो प्लेटफॉर्म्स का इश्यू दुनिया का पहला ऐसा आईपीओ बन गया है जिसे एक करोड़ से ज्यादा आवेदन मिले हैं। इस उपलब्धि के साथ कंपनी ने वारी एनर्जीज के पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। वारी एनर्जीज के आईपीओ को लगभग 97 लाख आवेदन मिले थे। जियो के आईपीओ को मिले इस शानदार रिस्पॉन्स ने शेयर बाजार में कंपनी को लेकर निवेशकों के उत्साह को साफ तौर पर जाहिर किया है।

    जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की शुरुआत से ही निवेशकों की दिलचस्पी देखने को मिली। 21 अक्टूबर को खुला यह इश्यू महज दो घंटे के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। पहले दिन कंपनी के आईपीओ के लिए लगभग 30.5 लाख आवेदन आए। इसके बाद दूसरे दिन के अंत तक आवेदनों की संख्या बढ़कर 75 लाख के पार पहुंच गई। तीसरे दिन निवेशकों की भागीदारी ने एक करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया। आईपीओ के अंतिम दिन तक आवेदन 1.2 करोड़ से अधिक हो गए। सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों के मुताबिक इश्यू को कुल मिलाकर 22 गुना से ज्यादा बोलियां मिलीं। कंपनी के 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 438 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाई गईं। योग्य संस्थागत खरीदारों की श्रेणी में भी भारी मांग रही और यह हिस्सा लगभग 70 गुना सब्सक्राइब हुआ।

    जियो प्लेटफॉर्म्स के इस आईपीओ का प्राइस बैंड 1065 रुपये से 1119 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया था। निवेशकों के लिए एक लॉट में 12 शेयर रखे गए थे। कंपनी ने इश्यू के अपर प्राइस बैंड पर लगभग 30213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई थी। इसके आधार पर कंपनी का मूल्यांकन करीब 108 अरब डॉलर आंका गया। आईपीओ की एक खास बात यह भी है कि इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज या अन्य मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहे हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार इश्यू में नए शेयर जारी किए गए हैं।

    आईपीओ खुलने से पहले ही बड़े संस्थागत निवेशकों ने जियो प्लेटफॉर्म्स पर भरोसा जताया था। कंपनी ने 19 अक्टूबर को 212 एंकर निवेशकों से लगभग 8110 करोड़ रुपये जुटाए थे। इन निवेशकों को 1119 रुपये प्रति शेयर की दर से शेयर आवंटित किए गए। एंकर निवेशकों की श्रेणी में 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिलने की बात कही गई। इसमें ब्लैकरॉक फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स जीआईसी और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे बड़े वैश्विक निवेशक शामिल थे।

    आईपीओ से जुटाई जाने वाली राशि का इस्तेमाल कंपनी अपनी कारोबारी योजनाओं को आगे बढ़ाने और वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए करेगी। जियो प्लेटफॉर्म्स की योजना 27500 करोड़ रुपये तक अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम का कर्ज चुकाने में लगाने की है। शेष राशि का उपयोग पूंजीगत खर्च और कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। कुल मिलाकर जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को मिला यह ऐतिहासिक रिस्पॉन्स भारतीय शेयर बाजार में बड़े सार्वजनिक निर्गमों के प्रति निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाता है। हालांकि आईपीओ में भारी मांग मिलने का मतलब यह नहीं है कि लिस्टिंग के बाद शेयर से मुनाफा होना तय है।

  • Ind vs NZ: दूसरा टी-20 आज….ईशान किशन हुए बाहर तो क्या वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका?

    Ind vs NZ: दूसरा टी-20 आज….ईशान किशन हुए बाहर तो क्या वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका?


    क्राइस्टचर्च।
    भारतीय टीम (Indian Team) ने न्यूजीलैंड (Zealand) के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले (India vs New Zealand) में 4 विकेट से जीत दर्ज कर सीरीज में बढ़त बना ली है. वहीं रोमांचक अंदाज में मैच भी जीत लिया. लेकिन इस जीत के बाद टीम इंड‍िया की जीत के बाद भी कई सवाल उठ रहे हैं. गेंदबाजी तो इसके केंद्र में है ही, सवाल ‘बेबी बॉस’ वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) की एंट्री को लेकर भी है. क्योंकि ईशान किशन (Ishan Kishan) इंजरी (दाह‍िने जांघ की मांसपेशी में ख‍िंचाव) की वजह से क्राइस्टचर्च में ही होने वाले दूसरे टी20 मुकाबले से बाहर हो गए हैं।

    आज (24 अक्टूबर) को एक बार फ‍िर क्राइस्टचर्च में टीम इंड‍िया के सामने कुछ सवाल होंगे और कुछ सुधार भी जरूरी रहेंगे। क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में गुरुवार को 226 रन के टारगेट का पीछा करते हुए टीम इंडिया एक समय मुश्किल में फंस गई थी. संजू सैमसन, श्रेयस अय्यर और नमन धीर की पारियों ने भारत को जीत दिलाई, लेकिन मुकाबले में कुछ ऐसी कमियां भी सामने आईं, जिन पर टीम को ध्यान देना होगा।

    भारत ने 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में खेले गए मुकाबले में न्यूजीलैंड के 225/4 के जवाब में 230/6 रन बनाकर जीत हासिल की. वेस्टइंडीज के खिलाफ हाई स्कोरिंग सीरीज के पांच दिन बाद भारतीय टीम एक बार फिर बड़े स्कोर वाले मुकाबले में उतरी. जीत के बावजूद फील्डिंग और गेंदबाजी के कुछ पहलुओं में सुधार की जरूरत दिखाई दी.


    1. फील्डिंग में सुधार जरूरी

    प‍िछले मैच में भारतीय फील्डर से कैच छूटा, म‍िसफील्ड‍िंंग हुई… न्यूजीलैंड की पारी के 11वें ओवर में मयंक यादव की गेंद पर डेरिल मिचेल ने लॉन्ग ऑन की तरफ सीधा शॉट खेला. वहां तैनात अभिषेक शर्मा के पास कैच लेने का अच्छा मौका था, लेकिन वह इसे पकड़ नहीं सके. मिचेल को जीवनदान मिला और भारत के खाते में एक अहम विकेट जुड़ने से रह गया. म‍िचेल ने मैच में 10 गेंदों पर 28 रन बनाए।

    टी20 क्रिकेट में एक कैच मैच का रुख बदल सकता है. ऐसे में भारतीय टीम को फील्डिंग में अपनी चुस्ती और कैच पकड़ने की क्षमता पर काम करना होगा.


    2. शुरुआती ओवरों में लगाम लगानी होगी

    भारतीय गेंदबाजी में शुरुआती ओवर भी चिंता का विषय रहे. नई गेंद से विकेट निकालने और विपक्षी टीम के रनरेट पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी संभालने वाले अर्शदीप को शुरुआत में रन रोकने होंगे. न्यूजीलैंड जैसी आक्रामक बल्लेबाजी वाली टीम के खिलाफ शुरुआती ओवरों में ज्यादा रन देना आगे के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा सकता है.

    भारत को पावरप्ले में सही लाइन-लेंथ और बेहतर गेंदबाजी योजनाओं के साथ उतरना होगा, ताकि विरोधी बल्लेबाजों को शुरुआत से ही खुलकर खेलने का मौका न मिले. यहां ध्यान देना होगा भुवनेश्वर कुमार ने अपनी इंटरनेशनल वापसी में पहले ओवर में 4 रन द‍िए लेकिन अगले ओवर में 17 रन लुटवा द‍िए. इसी तरह अर्शदीप ने अपने पहले ओवर ओवर में 8 रन द‍िए, तो दूसरे ओवर में उनहों ने भी 17 रन पड़वाए. न्यूजीलैंड ने क्राइस्टचर्च में पावरप्ले (शुरुआती 6 ओवर्स) में 65 रन बनाए.

    भुवनेश्वर कुमार की वापसी के बाद शुरुआती ओवरों में उनका प्रदर्शन अच्छा रहा और डेथ ओवर्स में भी उन्होंने ठीक गेंदबाजी की. हालांकि, बीच के ओवरों में वह महंगे साबित हुए. टी20 मुकाबलों में मिडिल ओवर्स का महत्व काफी बढ़ जाता है, क्योंकि इसी दौरान बल्लेबाज पारी को आगे बढ़ाने के साथ बड़े शॉट खेलने की कोशिश करते हैं.


    3. अक्षर पटेल को मिलेगा सेंटनर-ब्रेसवेल जैसा स्पिन पार्टनर?

    न्यूजीलैंड के स्पिनरों मिचेल सेंटनर और माइकल ब्रेसवेल ने भारतीय बल्लेबाजों को मिडिल ओवर्स में परेशान किया. दोनों ने दो-दो विकेट लेकर मैच में भारत की रफ्तार रोक दी. भारत 93 रन पर बिना विकेट गंवाए मजबूत स्थिति में था, लेकिन इसके बाद 22 गेंदों के भीतर 29 रन पर चार विकेट गंवा दिए. ब्रेसवेल ने हाईस्कोर‍िंग मुकाबले में 4 ओवर्स में 37 रन देकर 2 विकेट लिए, वहीं सेंटनर ने भी 4 ओवर में 39 रन देकर 2 विकेट लिए थे.

    ऐसे में सवाल है कि क्या भारत को अक्षर के साथ मिडिल ओवर्स में विकेट निकालने और रन रोकने वाला एक और प्रभावी स्पिन विकल्प उतारना चाहिए? सेंटनर और ब्रेसवेल ने जिस तरह भारतीय बल्लेबाजों को बांधा, उससे भारत के स्पिन विभाग के संतुलन पर चर्चा जरूर होगी. हालांकि अक्षर ने 4 ओवर्स में 51 रन देकर 1 विकेट हास‍िल किया. वो सबसे महंगे गेंदबाज रहे. अब देखना होगा कि कुलदीप यादव या वरुण चक्रवर्ती में से किसे टीम में जगह म‍िलेगी?


    4. क्या नीतीश की जगह श‍िवम दुबे अंदर आएंगे

    भारत ने इस मुकाबले में शिवम दुबे की जगह नीतीश कुमार रेड्डी को मौका दिया. इसके चलते अक्षर पटेल को छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया. अक्षर ने 14 गेंदों में 24 रन बनाकर श्रेयस अय्यर के साथ 24 गेंदों में 45 रन की साझेदारी की. इस साल 18 टी20 इंटरनेशनल पारियों में अक्षर का औसत 8.66 और स्ट्राइक रेट 106.55 रहा था, हालांकि वह ज्यादातर आठवें नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे थे. नीतीश ने गेंदबाजी में 4 ओवर्स में 40 रन द‍िए और 1 विकेट लिए, वहीं बल्लेबाजी में वो 2 रन पर नाबाद रहे. हालांक‍ि, नीतीश को बाहर कर श‍िवम दुबे के आने की संभावना कम है, लेक‍िन वो ईशान किशन की जगह टीम में आ सकते हैं. ऐसे में त‍िलक वर्मा नंबर 3 पर ही खेलते द‍िख सकते हैं.


    5. दूसरे टी20 में वैभव सूर्यवंशी की प्लेइंग 11 पर नजर

    पहले मुकाबले में भारत की जीत के बावजूद दूसरे टी20 के लिए टीम कॉम्ब‍िनेशन चर्चाओं का बाजार गर्म. ईशान किशन के बाहर होने और वैभव सूर्यवंशी की प्लेइंग 11 में जगह को लेकर कंफ्यूजन के बीच भारतीय टीम को यह तय करना होगा कि बल्लेबाजी क्रम और गेंदबाजी विकल्पों में किस तरह का बैलेंस रखा जाए. क्या ईशान की जगह श‍िवम दुबे को लाया जाएगा, या वैभव भी एक ऑप्शन के तौर पर ईशान किशन की जगह नंबर 3 पर खेलते द‍िख सकते हैं.

    पहले मैच ने दिखाया कि भारत के पास बड़े लक्ष्य का पीछा करने के लिए बल्लेबाजी में गहराई है, लेकिन फील्डिंग और गेंदबाजी में निरंतरता भी उतनी ही जरूरी है. सीरीज के अगले मुकाबले में टीम इंडिया इन कमियों को कितना सुधार पाती है, इस पर नजर रहेगी।


    क्राइस्टचर्च में होने वाले दूसरे टी20 में भारत की संभावित प्लेइंग XI:
    वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, अर्शदीप सिंह और मयंक यादव.


    क्राइस्टचर्च में होने वालेदूसरे टी20 में न्यूजीलैंड की संभावित प्लेइंग XI:
    फिन एलन, टिम सीफर्ट (विकेटकीपर), डेरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, बेवन जैकब्स, माइकल ब्रेसवेल, मिचेल सेंटनर (कप्तान), नाथन स्मिथ, काइल जेमिसन, मैट हेनरी और लॉकी फर्ग्यूसन.


    भारत का फुल स्क्वॉड:
    संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (दूसरे मैच से बाहर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नमन धीर, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, प्रिंस यादव, मयंक यादव, कुलदीप यादव, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह और वैभव सूर्यवंशी.


    न्यूजीलैंड का फुल स्क्वॉड:
    फिन एलन, टिम सीफर्ट (विकेटकीपर), डेवोन कॉन्वे, ग्लेन फिलिप्स, डेरिल मिचेल, माइकल ब्रेसवेल, मिचेल सेंटनर (कप्तान), नाथन स्मिथ, काइल जेमिसन, मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन, जोश क्लार्कसन, जैकब डफी, बेवन जैकब्स, एडम मिल्ने और ब्लेयर टिकनर.


    भारतीय टीम का न्यूजीलैंड दौरा

    पहला टी20: 22 अक्टूबर, क्राइस्टचर्च, भारत की 4 विकेट से जीत
    दूसरा टी20: 24 अक्टूबर, क्राइस्टचर्च, दोपहर 12:30 बजे
    तीसरा टी20: 27 अक्टूबर, वेलिंगटन, दोपहर 12:30 बजे
    चौथा टी20: 30 अक्टूबर, ऑकलैंड, दोपहर 12:30 बजे
    पांचवां टी20: 1 नवंबर, हैमिल्टन, दोपहर 12:30 बजे
    पहला वनडे: 4 नवंबर, ऑकलैंड, सुबह 7:30 बजे
    दूसरा वनडे: 7 नवंबर, वेलिंगटन, सुबह 7:30 बजे
    तीसरा वनडे: 10 नवंबर, हैमिल्टन, सुबह 7:30 बजे
    चौथा वनडे: 13 नवंबर, माउंट माउंगानुई, सुबह 7:30 बजे
    पांचवां वनडे: 15 नवंबर, माउंट माउंगानुई, सुबह 7:30 बजे
    पहला टेस्ट: 19 से 23 नवंबर, वेलिंगटन, सुबह 3:30 बजे
    दूसरा टेस्ट: 27 से 1 द‍िसंबर, क्राइस्टचर्च, सुबह 3:30 बजे