Author: bharati

  • फ्रांस में आज बड़े विरोध-प्रदर्शन की तैयारी…., सुरक्षा के कड़े इंतजाम…. 70 हजार पुलिस जवान तैनात

    फ्रांस में आज बड़े विरोध-प्रदर्शन की तैयारी…., सुरक्षा के कड़े इंतजाम…. 70 हजार पुलिस जवान तैनात


    पेरिस।
    फ्रांस (France) में आज शनिवार को एक बार फिर बड़े विरोध प्रदर्शन (Protest) होने जा रहे हैं. पिछले सप्ताह देश में हुई हिंसा और लूटपाट को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. सरकार की कोशिश है कि इस बार प्रदर्शन के दौरान हिंसा और दंगों जैसी स्थिति दोबारा न बने. इसके लिए देशभर में करीब 70 हजार पुलिसकर्मियों (70,000 Police Personnel) को तैनात किया गया है.

    फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, शनिवार को होने वाले प्रदर्शनों के दौरान विशेष पुलिस बल, हेलीकॉप्टर, बख्तरबंद वाहन, पुलिस डॉग स्क्वॉड (Police Dog Squad) और पानी की बौछार करने वाली गाड़ियां भी तैनात रहेंगी. प्रशासन ने किसी भी तरह की हिंसा और तोड़फोड़ से सख्ती से निपटने की तैयारी की है।

    गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज (Home Minister Laurent Nuñez) ने शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ किसी तरह की नरमी नहीं बरतेगी. उन्होंने कहा कि हिंसा और नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


    आज पेरिस में होगा बड़ा प्रदर्शन

    शनिवार दोपहर पेरिस में बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया गया है. फ्रांस की मुख्य छात्र यूनियन UNEF ने इसका आयोजन किया है. देश की बड़ी ट्रेड यूनियन CGT ने भी इसमें शामिल होने का ऐलान किया है. किसानों, जलवायु कार्यकर्ताओं और येलो वेस्ट आंदोलन से जुड़े लोगों के भी प्रदर्शन में शामिल होने की उम्मीद है।

    पेरिस में होने वाले इस प्रदर्शन को प्रशासन ने मंजूरी दी है. हालांकि, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शनिवार को ट्रेड यूनियनों से जुड़े प्रदर्शनों के अलावा दूसरे विरोध प्रदर्शनों पर रोक लगा दी है. सरकार का कहना है कि इसका मकसद देश में बढ़ रही अशांति को नियंत्रित करना है।


    पिछले सप्ताह हुई थी हिंसा और लूटपाट

    फ्रांस में पिछले कुछ हफ्तों से शिक्षा व्यवस्था, रोजगार के खराब अवसर और बढ़ती महंगाई को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. शुरुआत में ये प्रदर्शन शांतिपूर्ण थे और इनमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल थे. लेकिन बाद में कई जगहों पर हालात बिगड़ गए और हिंसा शुरू हो गई. पिछले सप्ताह हुए प्रदर्शनों के दौरान देश के कई हिस्सों में हिंसा और लूटपाट की घटनाएं सामने आई थीं. इसे हाल के वर्षों में देश में हुई सबसे गंभीर और व्यापक हिंसा में से एक माना गया।


    70 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती

    रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को होने वाले प्रदर्शनों के लिए फ्रांस में करीब 70 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. पुलिस के साथ विशेष सुरक्षा इकाइयों और भारी हथियारों से लैस मोबाइल दस्तों को भी तैनात किया गया है.अधिकारियों को आशंका है कि कट्टरपंथी समूह और कुछ युवा हिंसा और लूटपाट का फायदा उठाकर स्थिति बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं. इसी वजह से सुरक्षा बलों की बड़े स्तर पर तैनाती की गई है।


    प्रवासियों और कट्टरपंथी इस्लाम पर आरोप

    फ्रांस में जारी हिंसा को लेकर कुछ दक्षिणपंथी नेताओं ने प्रवासियों और कट्टरपंथी इस्लाम को जिम्मेदार ठहराया है. हालांकि, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इन आरोपों को खारिज किया है. सरकार का पूरा फोकस अब शनिवार को होने वाले प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है. पुलिस के अलावा हेलीकॉप्टर, बख्तरबंद वाहन और पानी की बौछार करने वाली गाड़ियों को भी तैयार रखा गया है।


    पेरिस में सुरक्षा बढ़ाई गई

    प्रदर्शनों के बीच पेरिस में सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ा दी गई है. शुक्रवार को शहर के कई हिस्सों में पुलिस की तैनाती देखी गई. फ्रांस की आतंकवाद रोधी व्यवस्था के तहत पेरिस में आम तौर पर गश्त करने वाले सेना के जवानों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है. इसका मकसद पुलिस को स्थायी सुरक्षा ड्यूटी से मुक्त करना है, ताकि उन्हें प्रदर्शन वाले इलाकों में तैनात किया जा सके. प्रशासन अब शनिवार को होने वाले प्रदर्शनों के दौरान किसी भी तरह की हिंसा और लूटपाट को रोकने के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • MP को बड़ी सौगात… रेल मंत्री आज देवेंद्रनगर–चुरहट ट्रेन को दिखाएंगे हरी झंडी… आजादी के बाद पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ेगा सीधी जिला

    MP को बड़ी सौगात… रेल मंत्री आज देवेंद्रनगर–चुरहट ट्रेन को दिखाएंगे हरी झंडी… आजादी के बाद पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ेगा सीधी जिला


    सतना/रीवा।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के विंध्य क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है. मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Railway Minister Ashwini Vaishnaw) शनिवार को सतना-देवेंद्रनगर और रीवा-चुरहट नए रेलखंडों का वर्चुअली उद्घाटन करेंगे. इस अहम अवसर पर देवेंद्रनगर-चुरहट ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा. इस परियोजना के शुरू होने से विंध्य क्षेत्र के विकास को अभूतपूर्व गति मिलने की उम्मीद है।

    इस पूरे रेल विस्तार में सबसे बड़ी उपलब्धि सीधी जिले का रेल नेटवर्क से जुड़ना है. आजादी के बाद यह पहला अवसर है जब सीधी जिला सीधे तौर पर देश के रेल मानचित्र और मुख्य रेल संपर्क से जुड़ रहा है।

    इस ऐतिहासिक बदलाव से जिले के नागरिकों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा कर्मचारियों, व्यापारियों और मरीजों को आवागमन में बहुत बड़ी राहत मिलेगी. अब क्षेत्रीय नागरिकों को बड़े शहरों और प्रमुख बाजारों तक पहुंचने के लिए सुगम और सुरक्षित परिवहन विकल्प उपलब्ध होंगे, जिससे सड़क मार्ग पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी।

    सतना-देवेंद्रनगर रेलखंड: इस नवनिर्मित रेलखंड की कुल लंबाई 53 किलोमीटर है. रीवा-चुरहट रेलखंड: इस रेलखंड की कुल लंबाई 65 किलोमीटर है। इन दोनों रेलखंडों के शुरू होने से सतना, देवेंद्रनगर, रीवा, चुरहट और आसपास के तमाम क्षेत्रों के बीच सीधा और तीव्र संपर्क स्थापित हो जाएगा, जिससे यात्रियों के समय और यात्रा लागत दोनों में भारी कमी आएगी।


    उद्योग, व्यापार, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

    विशेषज्ञों का मानना है कि रेल नेटवर्क का यह चौमुखी विस्तार विंध्य क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक कायाकल्प में मील का पत्थर साबित होगा बेहतर रेल परिवहन से उद्योगों की स्थापना, व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार, कृषि उत्पादों की आवाजाही और स्थानीय बाजारों को नया प्रोत्साहन मिलेगा. क्षेत्र के खनिज व कृषि उत्पादों को देश के अन्य हिस्सों तक भेजना आसान होगा।


    पर्यटन और आतिथ्य सत्कार

    इस क्षेत्र के ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच सुगम होगी. इससे होटल, परिवहन, खान-पान और हस्तशिल्प क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा. निर्माण, रखरखाव, व्यापार और सेवा क्षेत्र में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के नए द्वार खुलेंगे, जिससे स्थानीय युवाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा।

  • भारत का बड़ा लक्ष्य…. 5 साल में 30 मिलियन टन मछली उत्पादन, 1.25 लाख करोड़ के निर्यात की तैयारी

    भारत का बड़ा लक्ष्य…. 5 साल में 30 मिलियन टन मछली उत्पादन, 1.25 लाख करोड़ के निर्यात की तैयारी


    भोपाल।
    भारत (India) ने मत्स्य पालन (Fisheries) को लेकर बड़ा लक्ष्य (Big Target) रखा है. अगले पांच वर्षों पर फोकस किया गया है. मछली उत्पादन (Fish Production) बढ़ाने की तैयारी है. इसे 30 मिलियन टन तक पहुंचाना है. सीफूड निर्यात बढ़ाने का भी लक्ष्य है. इसे 1.25 लाख करोड़ तक पहुंचाना है. इसके लिए राष्ट्रीय कार्य योजना बनेगी. इसके विकास की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

    यह योजना छोटे मछुआरों पर केंद्रित होगी. खासकर अंतर्देशीय मत्स्य पालन पर फोकस रहेगा. मछुआरों की आजीविका सुधारने पर जोर होगा. उनकी आय बढ़ाने के प्रयास भी होंगे।


    अभी 19.7 मिलियन टन उत्पादन

    भारत का मछली उत्पादन लगातार बढ़ा है. अभी सालाना उत्पादन 19.7 मिलियन टन है. इसका बड़ा हिस्सा अंतर्देशीय क्षेत्र से आता है. करीब तीन-चौथाई उत्पादन इसी क्षेत्र से है. इसमें नदियों और जलाशयों की बड़ी भूमिका है. तालाब और झीलें भी शामिल हैं. भारत का सीफूड निर्यात भी बढ़ा है. यह 70 हजार करोड़ रुपये पार है. अब इसे और बढ़ाने की तैयारी है।


    नेशनल एक्शन प्लान पर काम शुरू

    केंद्रीय मत्स्य पालन विभाग ने पहल शुरू की है. नेशनल प्लान ऑफ एक्शन तैयार होगा. इसे NPOA नाम दिया गया है। केंद्रीय मत्स्य पालन सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी ने शुरुआत की. उन्होंने योजना के विकास चरण को लॉन्च किया. इसमें कई क्षेत्रों पर काम होगा. मछुआरों की आजीविका बेहतर करना प्राथमिकता है. वैल्यू चेन भी मजबूत की जाएगी. मीठे पानी के संसाधनों पर ध्यान रहेगा. इनके बेहतर प्रबंधन की योजना बनेगी।


    छोटे मछुआरों तक पहुंचे योजना

    डॉ. लिखी ने आउटरीच पर जोर दिया. उन्होंने मिशन मोड में काम मांगा है. योजना की जानकारी मछुआरों तक पहुंचाई जाएगी. उनका कहना है कि योजना व्यावहारिक होनी चाहिए. यह सिर्फ सरकारी कार्यालयों तक सीमित न रहे. इसका फायदा मछुआरा समुदायों को मिलना चाहिए. मछुआरों की आय बढ़ाने पर भी जोर है. इसके लिए वैल्यू चेन मजबूत होगी. बाजार तक पहुंच सुधारने पर काम होगा।


    जलवायु परिवर्तन बड़ी चुनौती

    – अंतर्देशीय मत्स्य पालन के सामने चुनौतियां भी हैं. जलवायु परिवर्तन इनमें प्रमुख है. पानी की क्वालिटी भी चिंता का विषय है.
    – जलाशयों में ऑक्सीजन कम होना चुनौती है. इसका असर मछलियों पर पड़ सकता है. इसलिए क्लाइमेट रेजिलिएंस पर जोर रहेगा.
    – स्थानीय मछुआरों के अनुभव भी लिए जाएंगे. वे इन समस्याओं का सीधे सामना करते हैं. उनके अनुभव योजना बनाने में मदद करेंगे.


    नदी से तालाब तक होगा फोकस

    – प्रस्तावित योजना का दायरा काफी बड़ा है. इसमें नदियों का मत्स्य पालन शामिल होगा. नहरों को भी योजना में रखा गया है.
    – जलाशयों और झीलों पर भी फोकस होगा. बाढ़ वाले आर्द्रभूमि क्षेत्र भी शामिल होंगे. तालाबों को भी योजना में जगह मिलेगी. ठंडे पानी वाले तंत्र भी शामिल होंगे.
    – अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरतें अलग हैं. इसलिए स्थानीय परिस्थितियों पर ध्यान दिया जाएगा. क्षेत्र के हिसाब से रणनीति बनाई जाएगी.


    FAO के ढांचे में बनेगी योजना

    – यह योजना अंतरराष्ट्रीय ढांचे के तहत बनेगी. संयुक्त राष्ट्र का FAO इसमें शामिल है. केंद्रीय मत्स्य पालन विभाग इसका नेतृत्व करेगा.
    – बे ऑफ बंगाल प्रोग्राम भी सहयोग करेगा. BOBP-IGO योजना तैयार करने में मदद करेगा.

    BOBP-IGO के निदेशक डॉ. पी. कृष्णन ने जानकारी दी. उनके मुताबिक, कई मुद्दों पर फोकस रहेगा. मछली पकड़ने के अधिकार पर ध्यान होगा. संसाधनों का प्रबंधन भी अहम रहेगा. रोजगार और सम्मानजनक काम पर फोकस होगा. लैंगिक समानता को भी जगह मिलेगी.


    वैल्यू चेन मजबूत करने की तैयारी

    – मछली उत्पादन के बाद का कारोबार अहम है. इसलिए वैल्यू चेन पर काम किया जाएगा. पोस्ट-हार्वेस्ट व्यापार भी योजना में शामिल है.
    – आपदा जोखिम पर भी ध्यान दिया जाएगा. जलवायु परिवर्तन से निपटने के उपाय होंगे. छोटे मछुआरों के हितों को प्राथमिकता मिलेगी.

    योजना अभी विकास के चरण में है. स्टेकहोल्डर्स से इस पर चर्चा होगी. उनके सुझाव भी योजना में शामिल होंगे. इसके बाद अंतिम दस्तावेज तैयार किया जाएगा. अगले महीने इसे सार्वजनिक करने की तैयारी है. इसके बाद योजना को लागू किया जाएगा.

  • ईरान के बाद क्यूबा पर ट्रंप का बड़ा दांव! बोले समझौता कराने भेजेंगे मार्को रुबियो CIA के साथ मिलकर बदलाव लाने की अपील

    ईरान के बाद क्यूबा पर ट्रंप का बड़ा दांव! बोले समझौता कराने भेजेंगे मार्को रुबियो CIA के साथ मिलकर बदलाव लाने की अपील


    नई दिल्ली । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बाद क्यूबा को लेकर अपनी रणनीति के संकेत देकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान से निपटने के बाद अमेरिका क्यूबा के मामले पर ध्यान देगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि क्यूबा के साथ समझौते को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इस बयान के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या अमेरिका अब क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार पर दबाव बढ़ाने की तैयारी में है या दोनों देशों के बीच किसी नए समझौते का रास्ता खुलने वाला है।

    फ्लोरिडा में एक रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान से लौटते समय वे क्यूबा के मामले को देखेंगे। उनके इस बयान को क्यूबा के साथ संभावित समझौते की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। ट्रंप पहले भी क्यूबा के साथ समझौता होने की संभावना जता चुके हैं। उन्होंने दावा किया था कि दोनों देशों के बीच जल्द समझौता हो सकता है और इसके लिए सैन्य कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि अभी तक किसी औपचारिक समझौते की घोषणा नहीं हुई है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका किन शर्तों पर क्यूबा के साथ बातचीत आगे बढ़ाना चाहता है।

    इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। रुबियो ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर क्यूबा के लोगों को संबोधित करते हुए बदलाव की अपील की। उन्होंने कहा कि जो लोग क्यूबा में बदलाव चाहते हैं उनके लिए यह सही समय है। रुबियो ने क्यूबा की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए टूटे वादों भ्रष्टाचार और कुछ चुनिंदा लोगों की सुख सुविधाओं का जिक्र किया। उनके बयान से संकेत मिलता है कि अमेरिकी प्रशासन क्यूबा की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव के लिए दबाव बनाने की रणनीति पर विचार कर रहा है।

    रुबियो के बयान में CIA के साथ गुप्त साझेदारी का जिक्र भी चर्चा का विषय बना है। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने क्यूबा में बदलाव चाहने वाले लोगों से अमेरिकी खुफिया एजेंसी के साथ सहयोग करने की अपील की। इस बयान को लेकर कई सवाल खड़े हो सकते हैं क्योंकि किसी दूसरे देश के आंतरिक राजनीतिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप का मुद्दा संवेदनशील माना जाता है। हालांकि उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि इस कथित सहयोग का स्वरूप क्या होगा और क्या इसके तहत कोई औपचारिक पहल की जा रही है।

    क्यूबा और अमेरिका के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण संबंध रहे हैं। अमेरिका छह दशक से अधिक समय से क्यूबा पर विभिन्न प्रतिबंध लगाता रहा है। इस साल की शुरुआत में लगाए गए तेल प्रतिबंधों के बाद क्यूबा की आर्थिक मुश्किलें और बढ़ने की बात सामने आई है। वहां ईंधन की कमी और कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण बिजली कटौती जैसी समस्याएं भी बनी हुई हैं। इन परिस्थितियों में अमेरिकी दबाव क्यूबा की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों की जिंदगी पर असर डाल सकता है।

    क्यूबा पर अमेरिकी दबाव बढ़ने की एक अन्य वजह वेनेजुएला से जुड़े घटनाक्रम को भी माना जा रहा है। खबर के मुताबिक वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना द्वारा पकड़े जाने के बाद क्यूबा को लेकर ट्रंप प्रशासन का रुख और सख्त हुआ है। हालांकि अमेरिका की आगे की कार्रवाई को लेकर अभी कोई स्पष्ट समयसीमा सामने नहीं आई है।

    दूसरी ओर क्यूबा के विदेश मंत्री पहले ही संयुक्त राष्ट्र महासभा में कह चुके हैं कि उनका देश अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत की संभावनाओं पर नजर रहेगी। फिलहाल ट्रंप के बयान और रुबियो की अपील ने क्यूबा को अमेरिकी विदेश नीति के केंद्र में ला दिया है। अब देखना होगा कि ईरान के मुद्दे के बाद अमेरिका वास्तव में बातचीत का रास्ता अपनाता है या क्यूबा पर प्रतिबंधों और राजनीतिक दबाव को और तेज करता है।

  • वाल्मीकि जयंती 2026 कब है? जानें तारीख, धार्मिक महत्व और रामायण के रचयिता से जुड़ी खास बातें

    वाल्मीकि जयंती 2026 कब है? जानें तारीख, धार्मिक महत्व और रामायण के रचयिता से जुड़ी खास बातें

    नई दिल्ली । महर्षि वाल्मीकि जयंती हिंदू धर्म के प्रमुख धार्मिक अवसरों में शामिल है। यह दिन रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि के जीवन, साहित्यिक योगदान और आध्यात्मिक विचारों को याद करने के लिए मनाया जाता है। धार्मिक परंपरा के अनुसार, उनकी जयंती आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाई जाती है। वर्ष 2026 में वाल्मीकि जयंती सोमवार, 26 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इस दिन देश के विभिन्न हिस्सों में पूजा-अर्चना, रामायण पाठ, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    महर्षि वाल्मीकि को संस्कृत साहित्य का आदि कवि कहा जाता है। उन्हें रामायण जैसे महाकाव्य की रचना का श्रेय दिया जाता है। रामायण में भगवान श्रीराम के जीवन, उनके आदर्शों, माता सीता के संघर्ष, लक्ष्मण की निष्ठा और हनुमान की भक्ति का वर्णन मिलता है। यह ग्रंथ भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा में विशेष स्थान रखता है। इसकी कथाओं और पात्रों ने पीढ़ियों से लोगों के जीवन, विचारों और सामाजिक मूल्यों को प्रभावित किया है।

    वाल्मीकि जयंती की तारीख निर्धारित करने में पूर्णिमा तिथि और उदया तिथि का महत्व माना जाता है। उपलब्ध पंचांग संबंधी जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 में पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर को शुरू होकर 26 अक्टूबर की सुबह समाप्त होगी। उदया तिथि की परंपरा के आधार पर कई पंचांगों में 26 अक्टूबर को जयंती मनाने की तारीख बताई गई है। धार्मिक आयोजन करने वाले लोग स्थानीय पंचांग के अनुसार पूजा और कार्यक्रमों का समय निर्धारित कर सकते हैं।

    महर्षि वाल्मीकि का धार्मिक महत्व केवल रामायण की रचना तक सीमित नहीं है। उन्हें ज्ञान, साधना, चिंतन और साहित्यिक प्रतिभा के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है। उनकी रचना में सत्य, कर्तव्य, धैर्य, करुणा और मर्यादा जैसे मूल्यों को प्रमुखता दी गई है। भगवान श्रीराम का जीवन कठिन परिस्थितियों में भी आदर्शों पर बने रहने की प्रेरणा देता है, जबकि रामायण के अन्य पात्र त्याग, निष्ठा और जिम्मेदारी के अलग-अलग उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। इसी कारण यह महाकाव्य धार्मिक पाठ के साथ-साथ नैतिक शिक्षा का भी महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है।

    वाल्मीकि जयंती के अवसर पर अनेक स्थानों पर महर्षि वाल्मीकि के मंदिरों और धार्मिक स्थलों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। श्रद्धालु उनकी प्रतिमा के सामने दीप प्रज्वलित करते हैं और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं। कई जगहों पर शोभायात्राएं निकाली जाती हैं। रामायण का पाठ, भजन-कीर्तन और सामुदायिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि के योगदान और उनके विचारों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।

    महर्षि वाल्मीकि के जीवन से जुड़ी प्रचलित कथाएं आत्मचिंतन और सकारात्मक बदलाव के महत्व पर जोर देती हैं। उनसे संबंधित परंपरागत जीवनगाथा यह संदेश देती है कि व्यक्ति अपने विचारों और कर्मों में परिवर्तन लाकर बेहतर मार्ग अपना सकता है। हालांकि, उनके जीवन से जुड़ी कई घटनाएं धार्मिक मान्यताओं और लोकपरंपराओं पर आधारित हैं, इसलिए उन्हें उसी संदर्भ में समझा जाता है।

    वाल्मीकि जयंती केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि साहित्य, ज्ञान और मानवीय मूल्यों को याद करने का अवसर भी है। इस दिन रामायण का अध्ययन करना, बच्चों को इसकी प्रेरक कथाओं से परिचित कराना और सत्य, करुणा तथा अच्छे आचरण को अपनाने का संकल्प लेना उपयोगी माना जाता है। महर्षि वाल्मीकि की रचनात्मक विरासत आज भी भारतीय संस्कृति और साहित्य में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।

  • जामिया में छात्र संघ चुनाव की मांग पर प्रदर्शन, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा सांसद नदवी हिरासत में

    जामिया में छात्र संघ चुनाव की मांग पर प्रदर्शन, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा सांसद नदवी हिरासत में


    नई दिल्ली। दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन में अब विपक्षी नेताओं की भी एंट्री हो गई है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी छात्रों के समर्थन में पहुंचे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया। नदवी ने पुलिस पर धक्का-मुक्की और बदसलूकी करने का आरोप लगाया है। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

    यूनिवर्सिटी परिसर में हाल ही में दीवारों पर ‘फ्री कश्मीर’ और ‘फ्री शरजील इमाम’ जैसे नारे लिखे मिलने के बाद विवाद बढ़ गया था। इन नारों को लेकर परिसर से लेकर बाहर तक तनाव का माहौल है। प्रशासन ने विवादित नारों को केमिकल की मदद से मिटा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    इमरान मसूद बोले- कश्मीर भारत का अभिन्न अंग

    कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने ‘आजतक’ से बातचीत में कहा कि वह यूनिवर्सिटी की दीवारों पर लिखे किसी भी विवादित पोस्टर या नारे का समर्थन नहीं करते। उन्होंने कहा, “कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, लेकिन प्रशासन छात्र संघ की बहाली क्यों नहीं कर रहा है?”

    मसूद छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों को समर्थन देने पहुंचे थे। इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

    नदवी ने लगाया धक्का-मुक्की का आरोप

    समाजवादी पार्टी के रामपुर से सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को भी छात्रों से मिलने जाते समय रास्ते में रोककर हिरासत में लिया गया। नदवी ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की।

    नदवी ने कहा कि जामिया के पूर्व छात्र होने के नाते विद्यार्थियों के अधिकारों के लिए आवाज उठाना उनका फर्ज है। हालांकि, हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

    CCTV के तार काटने का भी दावा

    यूनिवर्सिटी प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, जिन जगहों पर विवादित नारे लिखे गए थे, वहां लगे सीसीटीवी कैमरों के तार काटे गए थे। प्रशासन ने नारों को मिटा दिया है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।

    विवाद के बीच दिल्ली पुलिस ने जामिया की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग बढ़ा दी है। इलाके में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस की जांच और पूछताछ के बाद ही लोगों को यूनिवर्सिटी की ओर जाने दिया जा रहा है।

    12 अक्टूबर से जारी है छात्र संघ चुनाव की मांग

    जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 12 अक्टूबर से छात्र संघ चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन चल रहा है। इस दौरान छात्राओं ने भी एकजुट होकर मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी छात्राओं का कहना है कि जब तक चुनाव का शेड्यूल जारी नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

    वहीं, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्र संघ के नए संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए एक कमेटी बनाई है। लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र जल्द से जल्द चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग पर अड़े हुए हैं।

  • आज का राशिफल 24 अक्टूबर 2026: किसी को मिलेगा करियर में आगे बढ़ने का मौका तो किसी को रहना होगा पैसों के मामले में सतर्क

    आज का राशिफल 24 अक्टूबर 2026: किसी को मिलेगा करियर में आगे बढ़ने का मौका तो किसी को रहना होगा पैसों के मामले में सतर्क


    नई दिल्ली। 24 अक्टूबर 2026 का दिन शनिवार है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार आज का दिन कुछ राशियों के लिए आर्थिक अवसर और करियर में प्रगति के संकेत लेकर आ सकता है जबकि कुछ लोगों को लेनदेन और पारिवारिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। नौकरी करने वालों को अपने काम पर ध्यान देना होगा और व्यापारियों के लिए नए संपर्क लाभकारी साबित हो सकते हैं। परिवार में सामंजस्य बनाए रखना और जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना आज की प्रमुख सलाह है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए शनिवार का दिन कैसा रह सकता है।

    मेष राशि के जातकों को खर्चों और बजट पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। कामकाज में धैर्य रखें और किसी भी तरह का जोखिम लेने से पहले अच्छी तरह विचार करें। विदेश से जुड़े कारोबार में रुचि बढ़ सकती है। रिश्तेदारों के साथ संबंध बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा।

    वृषभ राशि वालों के लिए कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा मौका मिल सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों और सहयोगियों का समर्थन मिलने से रुके काम आगे बढ़ सकते हैं। व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना है।

    मिथुन राशि के जातकों के लिए दिन सक्रियता और नई योजनाओं का हो सकता है। कार्यक्षेत्र में रचनात्मक सोच का लाभ मिलेगा। अनुभवी लोगों की सलाह से महत्वपूर्ण काम पूरे करने में मदद मिल सकती है। आर्थिक मामलों में भी सकारात्मक अवसर सामने आ सकते हैं।

    कर्क राशि वालों को कार्यक्षेत्र में अच्छी खबर मिल सकती है। योजनाओं को आगे बढ़ाने और आर्थिक स्थिति मजबूत करने के अवसर बन सकते हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा। धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना लाभकारी होगा।

    सिंह राशि के जातकों को कामकाज में सावधानी बरतनी चाहिए। आर्थिक लेनदेन में स्पष्टता रखें और अनावश्यक जिम्मेदारियां लेने से बचें। परिवार के साथ तालमेल बनाए रखना जरूरी होगा। स्वास्थ्य और दिनचर्या पर भी ध्यान दें।

    कन्या राशि वालों के लिए साझेदारी और टीमवर्क से लाभ मिलने की संभावना है। व्यापार में नए प्रस्ताव मिल सकते हैं और आर्थिक फैसले अनुकूल साबित हो सकते हैं। सहकर्मियों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर चलना सफलता की राह आसान करेगा।

    तुला राशि के जातकों को कामकाज में धैर्य और समय प्रबंधन पर ध्यान देना होगा। कुछ मामले लंबित रह सकते हैं। पैसों के लेनदेन में जल्दबाजी से बचें और दिखावे में खर्च करने से पहले अपनी जरूरतों का आकलन करें।

    वृश्चिक राशि के लिए दिन उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। महत्वपूर्ण कामों में तेजी आएगी और अनुभवी लोगों का सहयोग मिल सकता है। आर्थिक मामलों में सोच समझकर कदम उठाएं और अपनी योजनाओं पर ध्यान बनाए रखें।

    धनु राशि के जातकों का ध्यान परिवार और निजी मामलों पर रह सकता है। घर या वाहन खरीदने की योजना पर विचार कर सकते हैं। कार्यक्षेत्र में प्रयासों का लाभ मिलने की संभावना है। बड़ों का सम्मान करें और बातचीत में विनम्रता बनाए रखें।

    मकर राशि वालों के संपर्क और सामाजिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कामकाज में अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। नए लोगों से मुलाकात उपयोगी साबित हो सकती है। लक्ष्य पर ध्यान रखें और आर्थिक फैसले सोच समझकर लें।

    कुंभ राशि के लिए परिवार का सहयोग महत्वपूर्ण रहेगा। घरेलू सुख सुविधाओं पर खर्च करने की इच्छा हो सकती है। व्यापार और करियर में नए प्रस्ताव मिल सकते हैं। बचत पर ध्यान देना और जिम्मेदारियों को संतुलित रखना लाभकारी होगा।

    मीन राशि के जातकों के लिए रचनात्मक काम और पेशेवर गतिविधियां महत्वपूर्ण रहेंगी। नई जानकारी मिल सकती है और मित्रों का सहयोग प्राप्त हो सकता है। आर्थिक फैसले लेते समय धैर्य रखें और लंबी अवधि की योजनाओं पर ध्यान दें।

  • ट्रंप की ईरान पर फिर हमले की धमकी, तेहरान की चेतावनी- समुद्र के नीचे इंटरनेट केबल काट देंगे

    ट्रंप की ईरान पर फिर हमले की धमकी, तेहरान की चेतावनी- समुद्र के नीचे इंटरनेट केबल काट देंगे


    नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई के संकेत के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान पर फिर हमला कर सकता है। इसके जवाब में ईरानी सुरक्षा अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इजराइल ने दोबारा हमला किया, तो ईरान खाड़ी में समुद्र के नीचे बिछी संचार केबल को निशाना बना सकता है। इससे क्षेत्र में इंटरनेट कनेक्टिविटी और वैश्विक कारोबार प्रभावित होने का खतरा है।

    रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दो वरिष्ठ ईरानी सुरक्षा अधिकारियों ने समुद्र के नीचे बिछी संचार केबल को निशाना बनाने की योजना की जानकारी दी है। एक अधिकारी ने कहा कि ईरान पर हमला होने की स्थिति में समुद्र के नीचे की केबल और सैन्य ठिकानों समेत कोई भी जगह सुरक्षित नहीं रहेगी। अधिकारी ने दावा किया कि ईरान की इन केबल तक पहुंच है और वह उन्हें नष्ट कर सकता है।

    ट्रंप बोले- एक और ‘लिटिल एपिक फ्यूरी’ कर सकते हैं

    ट्रंप ने शुक्रवार को फ्लोरिडा में एक रैली के दौरान कहा कि अमेरिका एक और ‘लिटिल एपिक फ्यूरी’ कर सकता है। यह नाम 28 फरवरी को शुरू हुए ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान के लिए इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि नई कार्रवाई कब और किस तरह की हो सकती है।

    इससे पहले भी ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका युद्ध को बहुत जल्दी खत्म कर सकता है। हालांकि, उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या युद्ध को तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए या फिर इसे धीरे-धीरे कमजोर पड़ने देना चाहिए। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका के पास संघर्ष खत्म करने की क्षमता है, लेकिन यह फैसला करना बाकी है कि ऐसा कब किया जाए।

    उन्होंने यह भी दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही जारी है और अमेरिका को वह सब मिल रहा है, जिसकी उसे जरूरत है।

    ट्रंप पहले भी युद्ध के उद्देश्यों और उसकी समयसीमा को लेकर अलग-अलग बयान दे चुके हैं। इसी महीने उन्होंने कहा था कि अगले महीने होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले अमेरिका ईरान पर हमला नहीं करेगा। इन चुनावों में अमेरिकी संसद पर नियंत्रण को लेकर फैसला होना है।

    तुर्की और फ्रांस ने नई सैन्य कार्रवाई से किया आगाह

    ईरान पर दोबारा हमले की आशंका के बीच कई देशों ने तनाव कम करने की अपील की है। शुक्रवार को इस्तांबुल में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, तुर्की, मिस्र, पाकिस्तान, सऊदी अरब और इटली के प्रतिनिधियों की बैठक हुई।

    तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने कहा कि ईरान पर नया हमला तनाव बढ़ा सकता है और युद्ध पूरे क्षेत्र में फैलने का खतरा है। उन्होंने संघर्ष खत्म करने के लिए बातचीत और कूटनीति को जरूरी बताया।

    फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो ने भी नई सैन्य कार्रवाई से बचने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने से किसी को फायदा नहीं होगा और इसका तेल की कीमतों पर गंभीर असर पड़ सकता है।

    वहीं, जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडेफुल ने कहा कि जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन ईरान के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं, ताकि वह परमाणु हथियार हासिल न करे।

    होर्मुज के नीचे मौजूद 7 इंटरनेट केबल निशाने पर

    ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के राजनीतिक मामलों के उप प्रमुख यदोल्लाह जावानी ने भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ, तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य के नीचे मौजूद सात प्रमुख इंटरनेट केबल को निशाना बना सकता है।

    समुद्र के नीचे बिछी केबल वैश्विक इंटरनेट व्यवस्था की रीढ़ हैं। इनके जरिए दुनिया के करीब 99 प्रतिशत इंटरनेट ट्रैफिक का संचार होता है। हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य से अंतरराष्ट्रीय बैंडविड्थ का एक प्रतिशत से भी कम हिस्सा गुजरता है। इसके बावजूद इस क्षेत्र में कई केबल कटने से इंटरनेट सेवाओं और संचार व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

    केबल क्षतिग्रस्त होने पर इंटरनेट की रफ्तार धीमी हो सकती है। इसके अलावा वित्तीय लेनदेन, ऑनलाइन कारोबार और क्लाउड सेवाओं में भी बाधा आने की आशंका है। असर कितना व्यापक होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि इंटरनेट ट्रैफिक को वैकल्पिक नेटवर्क पर कितनी जल्दी भेजा जा सकता है और उन नेटवर्क में कितनी अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध है।

    युद्ध की स्थिति में केबल की मरम्मत भी मुश्किल हो सकती है। समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा जोखिम, बीमा लागत में बढ़ोतरी और मरम्मत के लिए अनुमति मिलने में देरी से बहाली का काम प्रभावित हो सकता है।

    खाड़ी देशों के टेक्नोलॉजी निवेश पर भी खतरा

    खाड़ी के देश तेल पर अपनी निर्भरता कम करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बड़े केंद्र बनने के लिए तकनीकी बुनियादी ढांचे में भारी निवेश कर रहे हैं। अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ उनकी साझेदारी भी बढ़ी है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च में ईरान के हमलों के दौरान संयुक्त अरब अमीरात में अमेजन वेब सर्विसेज की दो सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की बात कही गई थी। बहरीन में भी उसकी एक सुविधा के पास बुनियादी ढांचे को नुकसान हुआ था।

    हालांकि, इंटरनेट ट्रैफिक के लिए जमीन के रास्ते वैकल्पिक नेटवर्क मौजूद हैं। खाड़ी देशों की सरकारें और अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियां कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए नए बुनियादी ढांचे में निवेश कर रही हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने 2030 तक मध्य पूर्व में समुद्र के नीचे और जमीन के रास्ते कनेक्टिविटी पर 40 करोड़ डॉलर से अधिक निवेश करने की योजना बनाई है।

    फिलहाल, अमेरिका की ओर से संभावित नई सैन्य कार्रवाई और ईरान की चेतावनी ने क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक इंटरनेट और कारोबारी नेटवर्क पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

  • शरद पूर्णिमा पर बनाएं ब्राउन राइस की हेल्दी खीर, स्वाद के साथ पोषण का रखें ध्यान..

    शरद पूर्णिमा पर बनाएं ब्राउन राइस की हेल्दी खीर, स्वाद के साथ पोषण का रखें ध्यान..

    नई दिल्ली । शरद पूर्णिमा का त्योहार चांदनी रात, पूजा-पाठ और पारंपरिक पकवानों के लिए खास माना जाता है। इस अवसर पर कई घरों में दूध और चावल से बनी खीर तैयार की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात खीर को चांदनी में रखने और अगले दिन उसका सेवन करने की परंपरा है। अगर आप इस बार पारंपरिक खीर में कुछ बदलाव करना चाहते हैं, तो ब्राउन राइस से बनी खीर एक विकल्प हो सकती है। इसे दूध, मेवे, इलायची और केसर के साथ तैयार किया जा सकता है। हालांकि, इसे हेल्दी बनाने के लिए मिठास और मात्रा का ध्यान रखना भी जरूरी है।

    हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन चंद्रमा पूर्ण अवस्था में दिखाई देता है और कई घरों में मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात चंद्रमा की रोशनी में रखी खीर का सेवन शुभ माना जाता है। इसी परंपरा के कारण इस पर्व को खीर पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। दूध, चावल और मेवों से तैयार खीर त्योहार की परंपरा और पारिवारिक उत्सव का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    इस बार खीर को अलग अंदाज में बनाने के लिए सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस का इस्तेमाल किया जा सकता है। ब्राउन राइस में फाइबर और कुछ जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। वहीं, दूध से प्रोटीन और कैल्शियम मिलता है। बादाम और पिस्ता जैसे मेवे खीर में स्वाद और पोषक तत्व जोड़ते हैं। मिठास के लिए ब्राउन शुगर का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन ध्यान रखें कि इसमें भी चीनी होती है। इसलिए इसे शुगर-फ्री विकल्प नहीं समझना चाहिए और इसकी मात्रा सीमित रखनी चाहिए।

    ब्राउन राइस की खीर बनाने के लिए ब्राउन राइस, अपनी पसंद के अनुसार फुल क्रीम या अन्य दूध, थोड़ी ब्राउन शुगर, इलायची पाउडर, कटे हुए बादाम और पिस्ता तथा केसर की जरूरत होगी। सामग्री की मात्रा खीर बनाने वाले लोगों की संख्या के अनुसार तय की जा सकती है।

    खीर बनाने के लिए सबसे पहले ब्राउन राइस को अच्छी तरह धो लें और लगभग 30 मिनट तक पानी में भिगोकर रखें। इससे चावल को पकने में मदद मिलेगी। इसके बाद एक भारी तले वाले बर्तन में दूध गर्म करें। दूध में उबाल आने पर भीगे हुए चावल डाल दें। अब इसे धीमी आंच पर पकने दें और बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि चावल बर्तन के तले में न चिपके।

    जब चावल अच्छी तरह नरम हो जाएं और दूध गाढ़ा होने लगे, तो खीर को आंच से उतार लें। इसे थोड़ा ठंडा होने दें और फिर स्वाद के अनुसार ब्राउन शुगर मिलाएं। अंत में इलायची पाउडर, केसर और कटे हुए बादाम-पिस्ता डालकर अच्छी तरह मिला दें। इस तरह ब्राउन राइस की खीर तैयार हो जाएगी। चावल के प्रकार और पकाने के तरीके के अनुसार इसे तैयार होने में अधिक समय लग सकता है, इसलिए चावल के पूरी तरह नरम होने तक पकाना जरूरी है।

    खीर को संतुलित आहार का हिस्सा बनाने के लिए अतिरिक्त चीनी डालने से बचें और ब्राउन शुगर भी सीमित मात्रा में इस्तेमाल करें। मेवे स्वाद बढ़ाते हैं, लेकिन उनकी मात्रा भी अपनी जरूरत के अनुसार रखें। यदि आप मधुमेह या किसी अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण मीठे का सेवन सीमित करते हैं, तो खीर की मात्रा और मिठास का विशेष ध्यान रखें।

    शरद पूर्णिमा पर खीर को चांदनी में रखने की परंपरा निभाते समय खाद्य सुरक्षा को नजरअंदाज न करें। दूध से बनी खीर को पूरी रात खुले में या कमरे के तापमान पर छोड़ने से उसमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ सकता है। खीर को ढककर रखें और लंबे समय तक बाहर न छोड़ें। सुरक्षित रखने के लिए इसे उचित समय पर फ्रिज में रखें। इस तरह त्योहार की परंपरा निभाने के साथ स्वाद और सेहत, दोनों का ध्यान रखा जा सकता है।

  • MP में रात के तापमान में गिरावट शुरू, अमरकंटक सबसे ठंडा, अगले 4 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं

    MP में रात के तापमान में गिरावट शुरू, अमरकंटक सबसे ठंडा, अगले 4 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं


    भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले आठ दिनों से पश्चिमी हिस्से में जारी बारिश का दौर अब थम गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश में कहीं भी आंधी या बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि, रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। बीती रात अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन में प्रदेश का सबसे कम तापमान रहा।

    मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट हो सकती है। रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की कमी आने के आसार हैं। इससे सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ेगी।

    अमरकंटक में 13 डिग्री, कई शहरों में गिरा पारा

    अनूपपुर जिले के अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, कटनी के करौंदी में 13.1 डिग्री, दमोह में 14.5 डिग्री और शाजापुर में 15.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। नीमच के मरुखेड़ा, रीवा और उमरिया में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

    दिन के तापमान में भी 1 से 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। खजुराहो, रतलाम, गुना, खरगोन, भोपाल, खंडवा, छतरपुर, ग्वालियर, बालाघाट, राजगढ़, उज्जैन, मंडला और सागर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।

    शुक्रवार को कहीं बादल, कहीं हुई बूंदाबांदी

    शुक्रवार को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला। चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) का प्रभाव इंदौर और उज्जैन संभाग में अधिक रहा। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में तेज बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। वहीं, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में धूप खिली रही।

    इंदौर संभाग के आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा और बैतूल में भी मौसम में बदलाव देखा गया। इन क्षेत्रों में कहीं बादल छाए रहे तो कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई।

    अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में फिर हो सकती है बारिश

    मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है। नए मौसम सिस्टम का असर खासतौर पर प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में दिखाई दे सकता है। इस दौरान रात के तापमान में भी गिरावट होने के आसार हैं। ऐसे में महीने के आखिरी सप्ताह में बारिश के साथ ठंडक का असर भी बढ़ सकता है।