Author: bharati

  • क्यों लीजेंडरी किशोर कुमार ने डैनी डेंजोंगपा से गवाए थे ट्राइबल गीत?

    क्यों लीजेंडरी किशोर कुमार ने डैनी डेंजोंगपा से गवाए थे ट्राइबल गीत?

    नई दिल्ली।भारतीय संगीत जगत के बेताज बादशाह किशोर कुमार अपनी गायकी के साथ-साथ अपने काम के प्रति अनोखे जुनून के लिए भी जाने जाते थे। उनके जीवन का एक बेहद दिलचस्प और प्रेरक किस्सा अभिनेता डैनी डेंजोंगपा से जुड़ा है, जो यह दर्शाता है कि किशोर दा किसी भी अभिनेता के लिए अपनी आवाज को ढालने के लिए किस हद तक मेहनत करते थे। बात साल 1977 की है जब फिल्म ‘अभी तो जी लें’ का निर्माण हो रहा था। इस फिल्म में डैनी डेंजोंगपा एक अहम भूमिका निभा रहे थे और संगीतकार जगमोहन बक्शी व सपन सेनगुप्ता ने किशोर कुमार को डैनी के लिए एक गीत गाने का प्रस्ताव दिया। जैसे ही किशोर कुमार को पता चला कि उन्हें डैनी के लिए अपनी आवाज देनी है, उन्होंने तुरंत अभिनेता को अपने घर आने का न्यौता भेज दिया।

    उस समय डैनी फिल्म जगत में एक उभरते हुए कलाकार थे और किशोर कुमार जैसे महान गायक का बुलावा पाकर वह काफी घबरा गए थे। जब डैनी उनके घर पहुंचे, तो किशोर कुमार ने उनके सामने एक अजीब सी फरमाइश रख दी। उन्होंने डैनी से कहा कि वह उन्हें अपनी आवाज में कुछ नेपाली और असमी लोकगीत सुनाएं। डैनी काफी हैरान थे कि आखिर एक महान गायक उनसे गाने क्यों सुनना चाहता है, लेकिन उन्होंने हिचकते हुए किशोर दा को अपनी मातृभाषा के कुछ पारंपरिक गीत सुनाए। डैनी वहां से यह सोचकर चले गए कि शायद किशोर दा महज मनोरंजन के लिए गाने सुन रहे थे, लेकिन असल में उस महान कलाकार के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था।

    दरअसल, किशोर कुमार केवल गाने नहीं सुन रहे थे, बल्कि वह डैनी की आवाज की बनावट, उनके चेहरे के हाव-भाव, गाना गाते समय उनके गले की हरकतों और उनके उच्चारण के लहजे को बहुत गहराई से समझ रहे थे। डैनी के जाने के बाद किशोर कुमार ने कई अन्य नेपाली और ट्राइबल गीतों का अध्ययन किया ताकि वह डैनी की आवाज के करीब पहुंच सकें। इसी कड़ी मेहनत का परिणाम था फिल्म का सुपरहिट गाना ‘तू लाली है सवेरे वाली’। जब यह गाना रिलीज हुआ, तो लोग अपनी कानों पर यकीन नहीं कर पाए। पर्दे पर डैनी को लिप-सिंकिंग करते देख ऐसा लग रहा था मानो वह खुद गा रहे हों। किशोर कुमार ने अपनी मूल आवाज को इस तरह बदला था कि उसमें डैनी का व्यक्तित्व पूरी तरह समा गया था।

    इतिहास गवाह है कि यह गाना न केवल उस समय हिट हुआ बल्कि आज भी किशोर कुमार के सबसे बेहतरीन प्रयोगों में गिना जाता है। डैनी खुद भी बाद में इस बात को स्वीकार कर चुके हैं कि किशोर दा की उस लगन ने उन्हें अचंभित कर दिया था। इसके बाद किशोर कुमार ने डैनी के लिए एक बंगाली गाना भी गाया, जिसमें फिर से वही जादू देखने को मिला। किशोर कुमार का यह अंदाज साबित करता है कि वह महज एक गायक नहीं बल्कि एक बेहतरीन अभिनेता भी थे, जो माइक के पीछे रहकर पर्दे पर दिखने वाले कलाकार की आत्मा को अपनी आवाज में उतार लेते थे। भले ही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन डैनी और किशोर कुमार का यह अनूठा संगम संगीत प्रेमियों के लिए हमेशा एक अनमोल धरोहर बना रहेगा।

  • त्यागराज जयंती पर विरासत बचाने का संकल्प, पवन कल्याण ने संगीत संरक्षण पर उठाए बड़े कदम

    त्यागराज जयंती पर विरासत बचाने का संकल्प, पवन कल्याण ने संगीत संरक्षण पर उठाए बड़े कदम

    नई दिल्ली। संत त्यागराज की 259वीं जयंती के अवसर पर देशभर में उनके योगदान को याद किया जा रहा है। कर्नाटक शास्त्रीय संगीत को नई दिशा देने वाले इस महान संत-संगीतकार की विरासत आज भी भारतीय संस्कृति की आत्मा मानी जाती है। इस विशेष अवसर पर पवन कल्याण ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी संगीत परंपरा को संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    उन्होंने अपने संदेश में कहा कि संत त्यागराज ने भक्ति और संगीत को जिस तरह एक साथ पिरोया, वह भारतीय सांस्कृतिक इतिहास में अद्वितीय है। उनकी रचनाएं केवल संगीत नहीं, बल्कि आध्यात्मिक साधना का माध्यम भी हैं। माना जाता है कि उन्होंने हजारों कृतियों की रचना की थी, जिनमें से आज केवल सीमित रचनाएं ही उपलब्ध हैं, जो इस विरासत के संरक्षण की आवश्यकता को और भी महत्वपूर्ण बनाती हैं।

    पवन कल्याण ने इस बात पर चिंता जताई कि इतनी समृद्ध संगीत परंपरा के बावजूद कई रचनाएं समय के साथ विलुप्त होती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कलाकार या समुदाय की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का कर्तव्य है कि इस धरोहर को सुरक्षित रखा जाए और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जाए।

    उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि त्यागराज की रचनाओं ने न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर संगीत प्रेमियों को प्रभावित किया है। उनकी भक्ति आधारित रचनाएं आज भी संगीतकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं। कई महान कलाकारों ने उनकी कृतियों को मंच पर प्रस्तुत कर इसे वैश्विक पहचान दिलाई है।

    इस अवसर पर उन्होंने दो महत्वपूर्ण सुझाव भी सामने रखे। पहला सुझाव यह है कि आंध्र प्रदेश में एक राज्य स्तरीय त्यागराज आराधना उत्सव का आयोजन किया जाए, जिसमें देश-विदेश के कलाकारों और विद्वानों को शामिल किया जाए ताकि इस परंपरा को और मजबूती मिले। दूसरा सुझाव यह है कि उनकी सभी उपलब्ध रचनाओं, पांडुलिपियों और मौखिक परंपराओं का डिजिटल संरक्षण किया जाए ताकि यह ज्ञान आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुरक्षित रह सके।

    उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार, सांस्कृतिक संस्थान और समाज मिलकर प्रयास करें, तो इस अमूल्य धरोहर को न केवल संरक्षित किया जा सकता है, बल्कि इसे नई पीढ़ी तक और अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सकता है।

     यह अवसर केवल एक जयंती नहीं, बल्कि भारतीय संगीत की उस परंपरा को याद करने और उसे भविष्य के लिए सुरक्षित करने का संकल्प लेने का अवसर बन गया है, जिसे संत त्यागराज ने अपनी साधना और भक्ति से समृद्ध किया था।

  • 5 राज्यों के चुनावी नतीजों में हाई-वोल्टेज ड्रामा: कहीं जश्न, कहीं सन्नाटा; भाजपा-कांग्रेस-TVK की जीत के बीच बदला सियासी माहौल

    5 राज्यों के चुनावी नतीजों में हाई-वोल्टेज ड्रामा: कहीं जश्न, कहीं सन्नाटा; भाजपा-कांग्रेस-TVK की जीत के बीच बदला सियासी माहौल


    नई दिल्ली। देश के पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी की विधानसभा चुनाव मतगणना के बीच राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरम हो गया है। शुरुआती रुझानों ने जहां कई राज्यों में सत्ता परिवर्तन के संकेत दिए हैं, वहीं अलग-अलग दलों के दफ्तरों में जश्न और सन्नाटे का अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है।

    कोलकाता में All India Trinamool Congress (TMC) कार्यालय के बाहर सुबह से ही सन्नाटा पसरा रहा। कार्यकर्ताओं की कम मौजूदगी और शांत माहौल ने राजनीतिक हलचल को साफ दिखा दिया। वहीं दूसरी ओर दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पर जश्न का माहौल देखने को मिला, जहां कार्यकर्ताओं ने पूरी और जलेबी बनाकर खुशी जताई।

    भाजपा कार्यालय में जश्न का माहौल
    दिल्ली स्थित Bharatiya Janata Party (BJP) मुख्यालय में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल रहा। असम में पार्टी की बढ़त और बंगाल में मजबूत प्रदर्शन के चलते कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया। बैंड-बाजा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी भी शुरू हो गई।

    बंगाल में टकराव और सन्नाटा
    पश्चिम बंगाल में भाजपा की बढ़त के बीच कोलकाता और सिलिगुड़ी जैसे इलाकों में अलग-अलग माहौल देखने को मिला। जहां एक ओर भाजपा समर्थकों ने भगवा रंग के अबीर-गुलाल के साथ जश्न मनाया, वहीं TMC कार्यालय शांत नजर आया।

    केरल में कांग्रेस का जश्न
    केरल में Indian National Congress के नेतृत्व वाला UDF गठबंधन बढ़त बनाए हुए है। इस बढ़त के बाद तिरुवनंतपुरम स्थित कांग्रेस कार्यालय में केक काटकर जश्न मनाया गया। इसमें वरिष्ठ नेता के.सी. वेणुगोपाल, शशि थरूर और अन्य नेता शामिल हुए।

    तमिलनाडु में TVK का उभार
    तमिलनाडु में सबसे बड़ा राजनीतिक सरप्राइज Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) का प्रदर्शन रहा। एक्टर Vijay की पार्टी ने शुरुआती रुझानों में 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाकर सभी को चौंका दिया। चेन्नई में TVK समर्थकों ने मिठाई बांटकर और जश्न मनाकर खुशी जाहिर की।

    दूसरी ओर DMK कार्यालय में पहले जहां उत्साह था, वहीं रुझान बदलने के बाद टेंट हटाए जाने और माहौल शांत होने की खबरें सामने आईं।

    असम और पुडुचेरी का हाल
    असम में भाजपा मजबूत स्थिति में दिख रही है, जबकि कांग्रेस कुछ सीटों पर पीछे चल रही है। वहीं पुडुचेरी में भी भाजपा गठबंधन बढ़त बनाए हुए है।

    कुल मिलाकर तस्वीर
    इन पांच राज्यों के शुरुआती रुझानों ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखाया है। कहीं सत्ता की वापसी की तैयारी है, तो कहीं नई राजनीतिक ताकतें उभरती नजर आ रही हैं। हालांकि अंतिम नतीजों का इंतजार अभी जारी है।

  • दक्षिण भारत में सियासी भूचाल: तमिलनाडु में TVK का ऐतिहासिक उभार, केरल में कांग्रेस की वापसी, असम में BJP की सत्ता बरकरार; पुडुचेरी में भी NDA आगे

    दक्षिण भारत में सियासी भूचाल: तमिलनाडु में TVK का ऐतिहासिक उभार, केरल में कांग्रेस की वापसी, असम में BJP की सत्ता बरकरार; पुडुचेरी में भी NDA आगे


    नई दिल्ली। दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के चार राज्यों तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी की 2026 विधानसभा चुनावों की मतगणना ने शुरुआती रुझानों में बड़ा राजनीतिक उलटफेर दिखाया है। कई दिग्गज दल पीछे होते नजर आ रहे हैं, जबकि नई और क्षेत्रीय पार्टियां मजबूत स्थिति में उभरकर सामने आई हैं।

    तमिलनाडु में सबसे बड़ा राजनीतिक झटका सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) को लगा है। यहां 234 सीटों में से DMK केवल 41 सीटों पर आगे है, जबकि अभिनेता विजय की नई पार्टी तमिलागा वेट्ट्री कज़गम (टीवीके) ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 108 सीटों पर बढ़त बना ली है और सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर रही है। वहीं अन्नाद्रमुक 63 सीटों पर आगे चल रही है। शुरुआती रुझानों के बाद चेन्नई स्थित DMK कार्यालय में गतिविधियां शांत पड़ गईं और कई तैयारियां रोक दी गईं।

    द्रमुक प्रमुख और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन अपनी सीट कोलाथुर से पीछे बताए जा रहे हैं, जिससे पार्टी के भीतर चिंता बढ़ गई है। दूसरी ओर टीवीके  कार्यकर्ताओं में कोयंबटूर सहित कई शहरों में जश्न का माहौल देखा गया।

    केरल में कांग्रेस की बड़ी वापसी
    केरल में 140 सीटों के रुझानों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नेतृत्व वाला यूडीएफ गठबंधन 93 सीटों पर आगे है, जबकि सीपीआई(एम)  के नेतृत्व वाला LDF 44 सीटों पर सिमटता दिख रहा है। यह रुझान राज्य में सत्ता परिवर्तन का संकेत दे रहे हैं। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन समेत कई मंत्री पीछे चल रहे हैं।कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इसे “बदलाव की लहर” बताया और कहा कि मतदाताओं ने नई राजनीतिक दिशा चुनी है।

    असम में फिर BJP की मजबूत पकड़
    असम की 126 सीटों में से भारतीय जनता पार्टी (BJP) 95 सीटों पर आगे चल रही है। कांग्रेस 29 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा अपनी जालुकबारी सीट से आगे हैं, जबकि अधिकांश मंत्री भी मजबूत स्थिति में बताए जा रहे हैं। गुवाहाटी में BJP कार्यालय में जश्न की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

    पुडुचेरी में भी NDA की बढ़त
    पुडुचेरी की 30 सीटों में से भाजपा गठबंधन 22 सीटों पर आगे है, जबकि कांग्रेस गठबंधन 6 सीटों पर सिमटता दिख रहा है। मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी अपनी सीट पर मिश्रित स्थिति में हैं।

    विजय और TVK का राजनीतिक उभार
    टीवीके प्रमुख विजय की राजनीति में एंट्री अब बड़ा फैक्टर बनती दिख रही है। शुरुआती रुझानों में उनकी पार्टी सबसे आगे चल रही है, जिससे तमिलनाडु की राजनीति में नया समीकरण बन गया है।

    कुल मिलाकर तस्वीर
    शुरुआती रुझानों ने साफ संकेत दिया है कि दक्षिण भारत की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। जहां तमिलनाडु में नया राजनीतिक उभार दिख रहा है, वहीं केरल में सत्ता परिवर्तन के संकेत और असम में मौजूदा सरकार की पकड़ मजबूत नजर आ रही है। हालांकि अंतिम नतीजों के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी

  • 'बाहुबली 2' का साम्राज्य ध्वस्त, रणवीर सिंह की 'धुरंधर 2' ने रचा इतिहास, अब 'दंगल' के रिकॉर्ड पर महाप्रहार!

    'बाहुबली 2' का साम्राज्य ध्वस्त, रणवीर सिंह की 'धुरंधर 2' ने रचा इतिहास, अब 'दंगल' के रिकॉर्ड पर महाप्रहार!

    नई दिल्ली। भारतीय फिल्म उद्योग के इतिहास में आज एक ऐसा अध्याय लिखा गया है जिसने वैश्विक स्तर पर हिंदी सिनेमा की ताकत का लोहा मनवा दिया है। अभिनेता रणवीर सिंह और निर्देशक आदित्य धर की जुगलबंदी से बनी स्पाई एक्शन थ्रिलर ‘धुरंधर द रिवेंज’ ने बॉक्स ऑफिस पर वह कारनामा कर दिखाया है जिसका इंतजार भारतीय फिल्म समीक्षक दशकों से कर रहे थे। फिल्म ने अपनी रिलीज के महज कुछ ही हफ्तों के भीतर महान निर्देशक एसएस राजामौली की कल्ट क्लासिक फिल्म ‘बाहुबली 2’ के लाइफटाइम वर्ल्डवाइड कलेक्शन के जादुई आंकड़े को पार कर लिया है। इस असाधारण बढ़त के साथ ही अब यह फिल्म दुनिया भर में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली दूसरी भारतीय फिल्म बन गई है। इस सफलता ने न केवल बॉलीवुड को संजीवनी दी है बल्कि दक्षिण भारतीय फिल्मों के बॉक्स ऑफिस वर्चस्व को भी कड़ी चुनौती दी है।

    मार्च के महीने में बड़े पर्दे पर दस्तक देने वाली ‘धुरंधर 2’ की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। व्यापारिक आंकड़ों के अनुसार फिल्म ने अब तक कुल 1788 करोड़ रुपये से अधिक का वैश्विक कारोबार कर लिया है। यह आंकड़ा बाहुबली के कुल संग्रह से थोड़ा अधिक है, जो इसे अब तक की सबसे सफल एक्शन फिल्मों की सूची में शीर्ष पर ले जाता है। अब फिल्म की सीधी टक्कर आमिर खान की फिल्म ‘दंगल’ से है, जिसने चीन के बाजार में अभूतपूर्व प्रदर्शन की बदौलत 2070 करोड़ रुपये का विशाल साम्राज्य खड़ा किया था। हालांकि ‘धुरंधर 2’ अभी इस शिखर से लगभग 282 करोड़ रुपये दूर है, लेकिन जिस तरह की दीवानगी दर्शकों में सातवें हफ्ते के बाद भी देखी जा रही है, उससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि फिल्म जल्द ही इस फासले को भी कम कर देगी।

    फिल्म की इस विराट सफलता के पीछे तीन प्रमुख आधार स्तंभ रहे हैं जिनमें सबसे महत्वपूर्ण इसका अंतरराष्ट्रीय स्तर का निर्माण और यथार्थवादी कहानी है। बॉलीवुड में अब तक कई जासूसी फिल्में बनी हैं, लेकिन ‘धुरंधर 2’ ने काल्पनिक वीरता के बजाय वास्तविक स्पाई ऑपरेशन और परिष्कृत एक्शन दृश्यों पर ध्यान केंद्रित किया, जिसने युवाओं और शहरी दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित किया। फिल्म की कहानी में बुना गया देशप्रेम और गहन रहस्य दर्शकों को अंत तक अपनी सीटों से बांधे रखता है। इसके अलावा रणवीर सिंह के अभिनय ने इस फिल्म में जान फूंक दी है। उन्होंने एक गुप्त एजेंट के रूप में जो शारीरिक रूपांतरण और संजीदगी दिखाई है, उसे उनके करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है।

    बाजार के रुख की बात करें तो ‘धुरंधर 2’ ने केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं बल्कि घरेलू स्तर पर भी रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया है। फिल्म ने भारतीय बाजारों में कुल 1362 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया है, जबकि विदेशी धरती पर भी इसकी धमक सुनाई दे रही है जहां से लगभग 426 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की गई है। मजबूत माउथ पब्लिसिटी और नकारात्मक चर्चाओं के अभाव ने इसे सिनेमाघरों में लंबे समय तक टिके रहने में मदद की। वर्तमान में यह फिल्म 1790 करोड़ के अगले पड़ाव की ओर बढ़ रही है और फिल्म उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह फिल्म इसी गति से चलती रही, तो वह दिन दूर नहीं जब यह ‘दंगल’ के सिंहासन को हिलाकर भारतीय सिनेमा की निर्विवाद नंबर एक फिल्म बन जाएगी। कुल मिलाकर यह जीत केवल एक फिल्म की नहीं बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री की है जिसने वैश्विक पटल पर नए मानक स्थापित किए हैं।

  • बंगाल चुनाव रुझानों में बड़ा उलटफेर: भाजपा 194 सीटों पर आगे, वोट शेयर में 6% उछाल से बढ़ी जीत की लहर; TMC को भारी नुकसान का अनुमान

    बंगाल चुनाव रुझानों में बड़ा उलटफेर: भाजपा 194 सीटों पर आगे, वोट शेयर में 6% उछाल से बढ़ी जीत की लहर; TMC को भारी नुकसान का अनुमान


    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की 293 विधानसभा सीटों पर जारी मतगणना के बीच शुरुआती रुझानों ने राज्य की राजनीति में बड़ा हलचल मचा दिया है। एक सीट फालता पर 21 मई को पुनर्मतदान होना है, जबकि बाकी सीटों की गिनती जारी है।

    ताजा रुझानों के अनुसार Bharatiya Janata Party (भाजपा) 194 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि All India Trinamool Congress (TMC) 94 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। वोट शेयर की बात करें तो भाजपा को लगभग 45% और टीएमसी को करीब 42% वोट मिलते दिख रहे हैं।

    वोट शेयर में बड़ा बदलाव
    पिछले चुनाव की तुलना में इस बार भाजपा के वोट शेयर में करीब 6% की बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसी बदलाव का असर सीटों पर भी दिख रहा है, जहां भाजपा को लगभग 117 सीटों का फायदा मिलता दिख रहा है, जबकि टीएमसी को उतना ही नुकसान होने का अनुमान है।

    हाई-प्रोफाइल सीटों पर कड़ा मुकाबला
    राज्य की सबसे चर्चित भवानीपुर सीट पर मुख्यमंत्री Mamata Banerjee आगे चल रही हैं। चौथे राउंड की गिनती के बाद वह लगभग 8400 वोटों से आगे बताई जा रही हैं।

    वहीं नंदीग्राम सीट से भाजपा नेता Suvendu Adhikari पहले राउंड के बाद करीब 3100 वोटों से आगे चल रहे हैं, जिससे मुकाबला और भी रोचक हो गया है।

    कई सीटों पर रोचक बढ़त
    काकद्वीप में टीएमसी उम्मीदवार मंतूराम पाखीरा 2750 वोटों से आगे हैं, जबकि हावड़ा की अमता सीट पर भाजपा उम्मीदवार अमित सामंत 734 वोटों से बढ़त बनाए हुए हैं।

    आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले से जुड़ी भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ भी अपने क्षेत्र में 2763 वोटों से आगे चल रही हैं।

    जश्न और राजनीतिक माहौल
    नादिया और अन्य कई जिलों में भाजपा समर्थकों के जश्न की तस्वीरें सामने आई हैं। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी जताई और इसे “बड़े बदलाव का संकेत” बताया।

    प्रशासन की निगरानी और सफाई
    मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कंट्रोल रूम से पूरे राज्य की मतगणना पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। वहीं कूड़े में मिली VVPAT पर्चियों को लेकर अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ये मॉक पोल की थीं और वास्तविक मतदान से उनका कोई संबंध नहीं है।

    कुल मिलाकर स्थिति
    शुरुआती रुझानों ने बंगाल चुनाव को बेहद रोमांचक मोड़ पर ला दिया है। भाजपा की बढ़त और वोट शेयर में उछाल ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं, हालांकि अंतिम नतीजों का इंतजार अभी जारी है।

  • समुद्र में मौत का साया: क्रूज जहाज पर फैला रहस्यमयी हंतावायरस, 3 की मौत के बाद अफ्रीका तट पर मचा हड़कंप

    समुद्र में मौत का साया: क्रूज जहाज पर फैला रहस्यमयी हंतावायरस, 3 की मौत के बाद अफ्रीका तट पर मचा हड़कंप


    नई दिल्ली। अटलांटिक महासागर में एक क्रूज शिप पर हंतावायरस संक्रमण का संदिग्ध मामला सामने आया है। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई है और कम से कम तीन लोग बीमार हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और दक्षिण अफ्रीका स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को इसकी पुष्टि की।

    MV होंडियस नाम के इस क्रूजशिप को फिलहाल अफ्रीकी देश केप वर्डे की राजधानी प्राया में रोका गया है। अभी यात्रियों को उतरने की अनुमति नहीं मिली है। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि संक्रमण फैलने के खतरे को नियंत्रित किया जा सके।

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, जहाज पर 6 लोगों में संक्रमण जैसे लक्षण मिले हैं। इनमें से एक मामले की पुष्टि लैब में हो चुकी है। एक मरीज दक्षिण अफ्रीका के अस्पताल में आईसीयू में भर्ती है, जबकि दो को जहाज से निकालने की तैयारी की जा रही है।

    यह भी अभी पता नहीं है कि सभी बीमार लोग हंतावायरस से संक्रमित हैं या नहीं। यह बीमारी आखिर कैसे और कहां से फैली है, इसकी जांच चल रही है।
    7 हफ्ते में कई देशों से गुजरा क्रूज

    नीदरलैंड के झंडे वाला यह क्रूज शिप 20 मार्च को अर्जेंटीना के उशुआइया से रवाना हुआ था। इसके बाद यह दक्षिणी ध्रुव के आसपास के इलाकों में गया और फिर अटलांटिक पार करते हुए यूरोप की ओर बढ़ रहा था। इसे सबसे आखिर में स्पेन के कैनरी द्वीप तक पहुंचना था, जो अफ्रीका के पास अटलांटिक में स्थित एक प्रमुख पर्यटन क्षेत्र है।

    जहाज में कुल 170 यात्री और 71 क्रू सदस्य मौजूद हैं। इनमें एक डॉक्टर भी शामिल है। पहला मृतक 70 साल का एक व्यक्ति था, जिसकी मौत जहाज पर ही हो गई थी। वह अपनी पत्नी के साथ इस यात्रा पर था। इसके बाद उसका शव दक्षिण अटलांटिक में स्थित सेंट हेलेना में उतारा गया।

    उसकी पत्नी बाद में दक्षिण अफ्रीका पहुंचीं, जहां से उन्हें अपने देश नीदरलैंड लौटना था। लेकिन एयरपोर्ट पर ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, वह बेहोश हो गईं और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई। क्रूज चलाने वाली कंपनी ओशनवाइड एक्सपेडिशंस ने बताया कि तीसरे मृतक का शव अभी भी जहाज पर केप वर्डे में मौजूद है।

    संक्रमण कैसे फैला, इसकी जांच की जा रही

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि संक्रमण आया कहां से। अर्जेंटीना के जिस इलाके से जहाज रवाना हुआ, वहां हंतावायरस का कोई मामला दर्ज नहीं है। जहाज ऐसे क्षेत्रों में भी नहीं गया जहां यह वायरस आम है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि संक्रमण जहाज के अंदर हो सकता है।

    चूहों के संपर्क में आने से फैलता है हंतावायरस

    सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल के मुताबिक, हंतावायरस व्यक्ति के चूहे या गिलहरी के संपर्क में इंसान के आने से फैलता है। यह मुख्य रूप से चूहों में होता है। इसके कारण चूहों में कोई बीमारी नहीं होती, लेकिन इंसानों की मौत हो जाती है।

    हंतावायरस का 1993 में पहली बार पता चला था। तब अमेरिका में एक कपल संक्रमित होने के कारण मर गया था। इसके बाद कुछ ही महीनों में इस बीमारी से 600 लोगों की मौत हो गई थी।

    चूहे के यूरिन, मल और लार के संपर्क में आने पर इंसान संक्रमित हो जाते हैं। इसकी वजह से पल्मोनरी सिंड्रोम नाम की बीमारी होती है।
    3 तरीके से फैलता है हंतावायरस

    पहला: अगर वायरस का वाहक चूहा किसी इंसान को काट ले, हालांकि ऐसे मामले कम ही सामने आते हैं।

    दूसरा : किसी जगह या चीज पर मौजूद चूहे का मल-मूत्र या लार के संपर्क में इंसान आता है और अपने नाक-मुंह को छूता है।

    तीसरा : अगर इंसान ऐसी चीज खाता है जिस पर चूहे का मल-मूत्र या लार मौजूद हो।

    हंतावायरस कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक

    वैज्ञानिकों के मुताबिक, हंतावायरस हवा के जरिए नहीं फैलता फिरभी कोरोना वायरस के मुकाबले ज्यादा खतरनाक है। इस बीमारी का कोई खास इलाज नहीं है, सिर्फ लक्षणों के आधार पर इलाज किया जाता है। गंभीर मरीजों को सांस लेने में मदद के लिए वेंटिलेटर की जरूरत पड़ सकती है।

    इस बीमारी में करीब 38% मरीजों की मौत हो जाती है। अगर मरीज बुजुर्ग हो या पहले से कमजोर हो, तो खतरा और बढ़ जाता है। वैज्ञानिकों ने अब तक हंतावायरस के 5 स्ट्रेन खोजे हैं, इनमें से सबसे ज्यादा खतरनाक अराराक्वॉरा वायरस है जिसका इन्फेक्शन होने पर डेथ रेट 54% पाया गया है।

    वही, एक दूसरा स्ट्रेन सिन नॉम्ब्रे वायरस है जिसके केस में डेथ रेट 40% है। तीसरा स्ट्रेन हंतान वायरस होता है। इसका डेथ रेट 5-10% के बीच है। इन तीनों में से किसी से इन्फेक्शन होने पर मौत का खतरा कोरोना की तुलना में कहीं ज्यादा हो सकता है।

    अब तक इसकी वैक्सीन तैयार नहीं हो सकी है और न ही कोई तय इलाज है। ऐसे मरीजों को विशेष केयर की जरूरत होती है और ऑक्सीजन थैरेपी दी जाती है। जितनी जल्दी मामला पकड़ में आता है उतना ही बेहतर है। अगर बीमारी गंभीर हो जाए, तो करीब 7–10 दिनों के अंदर मरीज की मौत हो सकती है।

    पिछले साल अमेरिकी अभिनेता की पत्नी की मौत हुई थी

    यह बीमारी पिछले साल भी चर्चा में आई थी, जब अमेरिकी अभिनेता जीन हैकमैन की पत्नी बेट्सी अराकावा की इससे मौत हुई थी। दोनों 26 फरवरी को अपने घर सांता फे में मृत पाए गए थे। उनके घर के आसपास चूहों के निशान भी मिले थे।

    बाद में पता चला कि 95 साल के हैकमैन की मौत 18 फरवरी को दिल की बीमारी से हुई थी। वहीं अराकावा का शव बाथरूम में मिला। अराकावा अपनी मौत से पहले लगातार इंटरनेट पर फ्लू जैसे लक्षण, सांस लेने के तरीके और कोविड जैसी बीमारियों के बारे में जानकारी खोज रही थीं।

    अमेरिका में 1993 से लेकर 2023 तक सिर्फ 890 मामले सामने आए हैं। ज्यादातर केस न्यू मेक्सिको राज्य में मिले हैं, जहां जीन हैकमैन और उनकी पत्नी रहते थे।

  • बंगाल चुनाव रुझानों में बड़ा सियासी उलटफेर: भाजपा बहुमत की ओर, 192 सीटों पर बढ़त; वोट शेयर में 6% उछाल से बदला पूरा समीकरण

    बंगाल चुनाव रुझानों में बड़ा सियासी उलटफेर: भाजपा बहुमत की ओर, 192 सीटों पर बढ़त; वोट शेयर में 6% उछाल से बदला पूरा समीकरण


    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय बड़ा सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है। 293 विधानसभा सीटों पर जारी मतगणना के शुरुआती रुझानों ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है। एक सीट फालता पर 21 मई को पुनर्मतदान होना है, जबकि बाकी सीटों की गिनती जारी है।

    ताजा रुझानों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 192 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि सत्ताधारीअखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 92 सीटों पर आगे चल रही है। शुरुआती आंकड़ों में भाजपा को लगभग 45% और टीएमसी को करीब 42% वोट शेयर मिलता दिख रहा है।

    रुझानों ने इस बार चुनावी तस्वीर को काफी बदल दिया है। पिछले चुनाव की तुलना में भाजपा के वोट प्रतिशत में लगभग 6% की बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसी बढ़त का सीधा असर सीटों पर भी पड़ा है, जहां भाजपा को लगभग 115 सीटों का फायदा मिलता दिख रहा है, जबकि टीएमसी को उतना ही नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

    हाई-प्रोफाइल सीटों पर कांटे की टक्कर
    राज्य की सबसे चर्चित सीट भवानीपुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आगे चल रही हैं। यह सीट हमेशा से बंगाल की राजनीति का केंद्र मानी जाती रही है और इस बार भी यहां मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा।वहीं, नंदीग्राम से जुड़े प्रमुख नेता सुवेंदु अधिकारी पीछे बताए जा रहे हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    इसके अलावा झाड़ग्राम, बिनपुर, गोपीबल्लभपुर और नयाग्राम जैसी सीटों पर भाजपा मजबूत स्थिति में दिख रही है। इन इलाकों में पार्टी का प्रदर्शन खासा चर्चा का विषय बना हुआ है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी सभाओं और रैलियों का असर माना जा रहा है।

    जश्न का माहौल और कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया
    कई जगहों से भाजपा कार्यकर्ताओं के जश्न की तस्वीरें सामने आई हैं। नादिया और दुर्गापुर जैसे इलाकों में समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी जताई। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह परिणाम “बदलाव की शुरुआत” है और जनता ने इस बार बड़ा संदेश दिया है।कुछ कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि पहले जहां चुनावी माहौल तनावपूर्ण होता था, अब वहां जीत की खुशी दिखाई दे रही है।

    प्रशासनिक सफाई भी सामने आई
    इस बीच राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतगणना के दौरान कूड़े में मिलीं VVPAT पर्चियों पर सफाई दी है। उन्होंने बताया कि ये पर्चियां मॉक पोल की थीं और इनका वास्तविक मतदान से कोई संबंध नहीं है। साथ ही जांच की प्रक्रिया भी जारी है ताकि किसी तरह की गलतफहमी न रहे।

    एक और बड़ा अपडेट
    आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले से जुड़ी भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ भी अपने क्षेत्र में 2763 से अधिक वोटों से आगे चल रही हैं। यह नतीजा भी इस चुनावी रुझान को और ज्यादा सुर्खियों में ला रहा है।

    राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज
    भाजपा नेताओं का कहना है कि जनता का रुझान स्पष्ट है और वोट शेयर में बढ़ोतरी इसका प्रमाण है। वहीं टीएमसी खेमे में अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे बेहद अहम और निर्णायक रुझान मान रहे हैं।

    कुल मिलाकर, बंगाल चुनाव के शुरुआती रुझानों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखाया है। हालांकि अंतिम नतीजों तक तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होना बाकी है, लेकिन फिलहाल मुकाबला बेहद रोचक और कांटे का बना हुआ है।

  • होर्मुज में बड़ा खेल? अमेरिका ने ईरानी जहाज छोड़कर पाकिस्तान को क्यों सौंपा, ट्रम्प के ‘रेस्क्यू मिशन’ से बढ़ा समुद्री तनाव

    होर्मुज में बड़ा खेल? अमेरिका ने ईरानी जहाज छोड़कर पाकिस्तान को क्यों सौंपा, ट्रम्प के ‘रेस्क्यू मिशन’ से बढ़ा समुद्री तनाव


    नई दिल्ली। मध्य पूर्व में तनाव के बीच एक बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी सेना ने जब्त किए गए ईरानी जहाज ‘टूस्का’ को अब पाकिस्तान को सौंप दिया है। यह जहाज पहले चीन से लौटते समय अमेरिकी कार्रवाई में पकड़ा गया था।

    यह जानकारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड United States Central Command (CENTCOM) के प्रवक्ता ने दी है। बताया जा रहा है कि जहाज को उसके क्रू के साथ आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत ईरान वापस भेजने की तैयारी की जा रही है।

    क्यों पकड़ा गया था जहाज?
    अमेरिकी अधिकारियों का दावा था कि यह जहाज ऐसे सामान लेकर जा रहा था जो हथियार निर्माण से जुड़े हो सकते हैं। इसी आधार पर 21 अप्रैल को इसे जब्त किया गया था। हालांकि ईरान ने इस कार्रवाई को “समुद्री डकैती” बताते हुए कड़ी आलोचना की थी।

    होर्मुज स्ट्रेट में नया अभियान
    इसी बीच अमेरिका ने Donald Trump के नेतृत्व में होर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए एक नया रेस्क्यू अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। यह इलाका वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है।

    ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि कई देशों के जहाज वहां फंस गए हैं और अमेरिका उन्हें सुरक्षित रास्ता देगा ताकि वे बिना खतरे के अपना संचालन जारी रख सकें।

    ईरान को चेतावनी
    अमेरिकी प्रशासन ने साफ किया है कि यह रेस्क्यू ऑपरेशन सोमवार सुबह से शुरू होगा। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि ईरान ने इस अभियान में कोई बाधा डाली तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

    बढ़ता तनाव
    जहाज को पाकिस्तान को सौंपे जाने और रेस्क्यू मिशन की घोषणा के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान संबंधों पर बड़ा असर डाल सकता है।

  • शराब पीकर पंजाब चला रहे भगवंत मान, इन्हें हटाएं; भाजपा की राज्यपाल से मांग

    शराब पीकर पंजाब चला रहे भगवंत मान, इन्हें हटाएं; भाजपा की राज्यपाल से मांग

    नई दिल्‍ली। भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पद से हटाए जाने की मांग की है। राज्यपाल से मुलाकात के दौरान भाजपा की पंजाब इकाई के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री मान शराब पीकर पंजाब चला रहे हैं।
    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के विधानसभा में क​थित तौर पर शराब पीकर आने पर सियासत अभी भी गर्म है। पंजाब भाजपा के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। भाजपा नेताओं ने राज्यपाल के सामने मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने राज्य का मुख्यमंत्री बदलने की मांग की। उन्होंने कहा कि शराबी आदमी को कोई कार नहीं चलाने देता, भगवंत मान पंजाब चला रहे हैं। यह ऐसा है जैसे किसी ने कलंक के ऊपर मुहर लगाई है। आप विधायकों द्वारा विधानसभा में विश्वासमत पर बाबा साहिब और संविधान की बेअदबी की जाखड़ ने कहा कि असली फ्लोर टेस्ट राज्यपाल के पास ही होगा, क्योंकि ‘आप’ के कई विधायक अपनी सरकार के खिलाफ जल्द ही राजभवन आएंगे।

    भाजपा ने मांग की कि पंजाब के मुख्यमंत्री को इलाज के लिए डी-एडिक्शन सेंटर भेज देना चाहिए। जाखड़ ने आरोप लगाया कि विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान का आचरण उन्हें पंजाब जैसे संवेदनशील सीमावर्ती राज्य का नेतृत्व करने के लिए अयोग्य बनाता है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि वे सत्ताधारी पार्टी के नेतृत्व से बात कर नया नेता चुनने के लिए कहें, क्योंकि भगवंत मान ने मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है।

    मीडिया से बातचीत करते हुए जाखड़ ने कहा कि पार्टी ने राज्यपाल से पंजाब के मुख्य सचिव को बुलाकर यह पता लगाने की मांग की है कि कहीं वे किसी दबाव में तो काम नहीं कर रहे। 1 मई को विधानसभा सत्र से पहले हुई कैबिनेट बैठक में दो मंत्रियों के अलावा मुख्य सचिव को भी कथित रूप से धमकाया और अपमानित किया गया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को बुलाकर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वे बिना किसी डर के, कानून के अनुसार काम कर सकें और उन्हें यह भरोसा दिलाया जाए कि नियमों के तहत काम करने पर संविधान और केंद्र सरकार उनकी सुरक्षा करेगी।

    जाखड़ ने कहा कि मजदूर दिवस के अवसर पर बुलाया गया विधानसभा सत्र केवल एक बहाना था और वास्तव में मुख्यमंत्री ने इसे अपनी कुर्सी बचाने के लिए बुलाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्र के बाद भ्रष्टाचार के मामले में जेल जा चुके विधायक रमन अरोड़ा को पुलिस सुरक्षा दी गई, जो यह दर्शाता है कि सरकार भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दे रही है और अपने विधायकों को भ्रष्टाचार करने की खुली छूट दे रही है। उन्होंने इसे एक खतरनाक प्रवृत्ति बताया और कहा कि मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी खोने के डर में फैसले ले रहे हैं, जो उनकी शपथ के विपरीत है।
    विधायकों पर एफआईआर का डर दिखाकर डरा रहे

    जाखड़ ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि केजरीवाल खुद शराब नीति मामले में जेल रहकर आए हैं, ऐसे में वह भगवंत भगवंत मान को कैसे बदलेंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि संदीप पाठक के जरिए विधायकों पर एफआईआर का डर दिखाकर उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है ताकि वो पार्टी न छोड़ें। सांसद संदीप पाठक के खिलाफ दर्ज एफ.आई.आर. के सवाल पर जाखड़ ने कहा कि भाजपा ऐसी कार्रवाइयों से डरने वाली नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला सत्ताधारी पार्टी के भीतर लोगों को डराने और उन्हें पार्टी छोड़ने से रोकने के लिए दर्ज किया गया है।