Author: bharati

  • सतना में वन स्टॉप सेंटर से लापता किशोरी का सुराग: रामपुर बघेलान से दूसरी बालिका सकुशल मिली, एक अब भी लापता

    सतना में वन स्टॉप सेंटर से लापता किशोरी का सुराग: रामपुर बघेलान से दूसरी बालिका सकुशल मिली, एक अब भी लापता


    नई दिल्ली। सतना के जवाहरनगर स्थित वन स्टॉप सेंटर (सखी) से 27 अप्रैल को तीन नाबालिग बालिकाओं के लापता होने का मामला सामने आया था। घटना की रिपोर्ट सेंटर की प्रशासक नीता श्रीवास्तव द्वारा दर्ज कराई गई, जिसके बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी थी।
    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने विशेष टीम गठित कर बालिकाओं की तलाश तेज करने के निर्देश दिए थे।

    तकनीकी इनपुट और मुखबिर की मदद से मिली दूसरी सफलता
    पुलिस ने लगातार तलाश अभियान चलाते हुए पहले चरण में 30 अप्रैल को एक बालिका को कटनी से सकुशल बरामद किया था। अब 3 मई को दूसरी किशोरी को रामपुर बघेलान क्षेत्र से सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया है।
    पुलिस के अनुसार, दोनों किशोरियों को सुरक्षित परिजनों या संबंधित संरक्षण व्यवस्था में सौंपने की प्रक्रिया जारी है।

    तीसरी किशोरी अब भी लापता, यूपी के बिजनौर की रहने वाली है
    तीनों में से एक नाबालिग बालिका अभी भी लापता है, जिसकी तलाश पुलिस लगातार कर रही है। जानकारी के अनुसार, यह किशोरी उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की निवासी है। पुलिस टीम विभिन्न तकनीकी और खुफिया इनपुट के आधार पर उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

    पुलिस ने घोषित किया था इनाम, तलाश अभियान जारी
    तीनों बालिकाओं के लापता होने के बाद पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने उनके बारे में पुख्ता जानकारी देने पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद से ही पुलिस ने खोजबीन अभियान को और तेज कर दिया है।

    प्रशासन सतर्क, तीसरी किशोरी की सुरक्षित वापसी पर फोकस
    दो किशोरियों की बरामदगी के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है, लेकिन तीसरी बालिका की बरामदगी अब भी प्राथमिकता बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि उसे जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

  • शादी समारोह के दौरान हुई वारदात, दिव्यांग युवती से किया गया जघन्य अपराध

    शादी समारोह के दौरान हुई वारदात, दिव्यांग युवती से किया गया जघन्य अपराध


    नई दिल्ली। सतना जिले के सभापुर क्षेत्र में 29 अप्रैल को एक शादी समारोह के दौरान हुई घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। आरोप है कि चार लोगों ने मिलकर 20 वर्षीय मूकबधिर दिव्यांग युवती को जबरन कार में खींचा और उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस गंभीर घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

     तेजी से हुई पुलिस कार्रवाई, तीन आरोपी सलाखों के पीछे

    पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की।

    सबसे पहले मुख्य आरोपी किशन सिंह को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 72 घंटे के भीतर दूसरे आरोपी अभयानंद द्विवेदी को भी पुलिस ने दबोच लिया। जांच को आगे बढ़ाते हुए रविवार को तीसरे आरोपी अमन उर्फ रवि गुप्ता को भी मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया गया।

     कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी को जेल भेजा गया

    गिरफ्तारी के बाद अमन गुप्ता को अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक प्रक्रिया के तहत उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और पीड़िता के बयान के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

     चौथा आरोपी अब भी फरार, पुलिस कर रही लगातार तलाश

    इस मामले में अब भी चौथा आरोपी विकास उर्फ गोलू गुप्ता फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

    इसके साथ ही पुलिस आरोपी की संपत्ति और संपर्कों का भी ब्यौरा जुटा रही है, ताकि उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

    संवेदनशील मामला, पुलिस की सख्त निगरानी जारी

    यह मामला बेहद संवेदनशील होने के कारण पुलिस प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर गंभीरता से निगरानी रखे हुए है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • बिना दफ्तर शुरू हुआ विंध्य विकास प्राधिकरण: पहले ही दौरे में सामने आई अव्यवस्था, अध्यक्ष ने मांगा कार्यालय

    बिना दफ्तर शुरू हुआ विंध्य विकास प्राधिकरण: पहले ही दौरे में सामने आई अव्यवस्था, अध्यक्ष ने मांगा कार्यालय

    नई दिल्ली। रीवा में क्षेत्रीय विकास को गति देने के उद्देश्य से गठित विंध्य विकास प्राधिकरण की शुरुआत ही अव्यवस्थाओं के बीच होती नजर आई। हाल ही में नियुक्त हुए अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति के पहले औपचारिक दौरे में यह साफ हो गया कि प्राधिकरण के पास न तो स्थायी कार्यालय है और न ही कामकाज के लिए आवश्यक बुनियादी संसाधन।
    इस स्थिति ने न केवल प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि भविष्य में योजनाओं के प्रभावी संचालन को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।

    पहले ही दिन उठी कार्यालय की मांग, कमिश्नर से की गई अपील
    अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति ने स्थिति का जायजा लेने के बाद संभागीय कमिश्नर से औपचारिक रूप से कार्यालय उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बिना स्थायी दफ्तर के किसी भी विकास प्राधिकरण का सुचारू संचालन संभव नहीं है।

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि योजनाओं की समीक्षा, बैठकों का आयोजन और फील्ड स्तर पर क्रियान्वयन जैसे कार्यों के लिए जरूरी है कि प्राधिकरण के पास एक सुव्यवस्थित कार्यालय हो।

    नियुक्तियों के बाद बढ़ी उम्मीदें, लेकिन शुरुआती स्तर पर ही चुनौतियां
    राज्य सरकार ने हाल ही में विंध्य विकास प्राधिकरण का गठन करते हुए पूर्व विधायक पंचूलाल प्रजापति को अध्यक्ष नियुक्त किया है। साथ ही डॉ. अजय सिंह पटेल और संजय तीर्थानी को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    इन नियुक्तियों के बाद क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर उम्मीदें बढ़ी थीं, लेकिन शुरुआती चरण में ही संसाधनों की कमी ने प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    संसाधन और ढांचे की कमी से रुका कामकाज, फील्ड कार्य भी प्रभावित
    स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि यदि प्राधिकरण के गठन के साथ ही कार्यालय और संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाती, तो कामकाज की शुरुआत बेहतर तरीके से हो सकती थी।

    वर्तमान में स्थिति यह है कि कार्यालय के अभाव में न तो बैठकें नियमित रूप से हो पा रही हैं और न ही विकास योजनाओं पर फील्ड स्तर पर कोई ठोस कार्य शुरू हो सका है।
    आगे की राह: भवन मिलने के बाद ही शुरू होगा असली काम
    प्रशासनिक स्तर पर अब यह उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही प्राधिकरण को स्थायी कार्यालय और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके बाद ही विंध्य क्षेत्र में विकास योजनाओं का वास्तविक क्रियान्वयन शुरू हो सकेगा।
    फिलहाल, शुरुआत में ही सामने आई इन चुनौतियों ने प्राधिकरण की तैयारियों और योजना निर्माण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
  • पार्षद को धमकी मामला: 7 साल पुराने भुगतान विवाद में बंडा नगर परिषद में हंगामा, FIR दर्ज

    पार्षद को धमकी मामला: 7 साल पुराने भुगतान विवाद में बंडा नगर परिषद में हंगामा, FIR दर्ज


    नई दिल्ली। सागर जिले के बंडा नगर परिषद में वार्ड क्रमांक-2 के पार्षद प्रभुदयाल राठौर और नगर परिषद प्रशासन के बीच पुराना भुगतान विवाद अब गंभीर कानूनी और आपराधिक मोड़ पर पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि पार्षद का एक टेंडर कार्य का भुगतान पिछले लगभग 7 वर्षों से लंबित था। इसी भुगतान को लेकर उन्होंने हाल ही में नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को लीगल नोटिस भेजा था।

    घटना 2 अप्रैल की दोपहर करीब 12:30 बजे की है, जब पार्षद नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और उपयंत्री कक्ष में नाली निर्माण कार्य की जानकारी लेने के बाद CMO कक्ष में जाकर नोटिस सौंपा।

     नोटिस पढ़ते ही बढ़ा विवाद, गाली-गलौज और हाथापाई के आरोप

    पार्षद प्रभुदयाल राठौर के अनुसार, जैसे ही CMO ने लीगल नोटिस पढ़ा, वे कथित रूप से आवेश में आ गए। उन्होंने नोटिस पर टिप्पणी लिखकर पार्षद के सामने रख दिया और तेज आवाज में बहस करने लगे।

    स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब पार्षद ने मोबाइल से पूरे घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग शुरू की। आरोप है कि इसके बाद CMO ने चैंबर से बाहर आकर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और हाथापाई की। इस धक्का-मुक्की में पार्षद का मोबाइल भी जमीन पर गिर गया। इस पूरे घटनाक्रम ने नगर परिषद कार्यालय के माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।

    थाने से लौटने के बाद फिर बढ़ा विवाद, दी गई जान से मारने की धमकी

    घटना यहीं नहीं रुकी। शिकायत के अनुसार, उसी दिन दोपहर करीब 3:30 बजे CMO थाने से लौटकर नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। उनके साथ कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे।

    आरोप है कि इसी दौरान उनके साथ आए एक व्यक्ति, जिसने खुद को CMO का रिश्तेदार बताया, ने पार्षद के साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इससे पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया।

    एक महीने बाद पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच शुरू

    घटना की शिकायत बंडा थाने में पार्षद द्वारा दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने मामले की जांच लगभग एक महीने तक की और साक्ष्यों के आधार पर अब कार्रवाई करते हुए आरोपी अजितराज उर्फ राजा मसीह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी) और 351(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

     प्रशासनिक कामकाज पर उठे सवाल, माहौल तनावपूर्ण

    इस घटना के बाद नगर परिषद बंडा में प्रशासनिक कार्यशैली और भुगतान लंबित मामलों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर इस विवाद ने माहौल को और गर्म कर दिया है। पुलिस जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

  • ब्रिक्स कृषि कार्य समूह का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 9 से 13 जून तक इंदौर में, 21 देशों के कृषि मंत्री होंगे शामिल

    ब्रिक्स कृषि कार्य समूह का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 9 से 13 जून तक इंदौर में, 21 देशों के कृषि मंत्री होंगे शामिल


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में केन्द्र सरकार द्वारा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 के अंतर्गत कृषि कार्य समूह का महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आगामी 9 से 13 जून तक ग्रेंड शेरेटन होटल में होगा। पांच दिवसीय इस उच्च स्तरीय सम्मेलन में 21 देशों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, नीति निर्धारक एवं विशेषज्ञ शामिल होंगे।

    यह जानकारी रविवार देर शाम केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में इंदौर में आयोजित सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की और इसे ऐतिहासिक अवसर बताया।

    वैश्विक कृषि विमर्श का केंद्र बनेगा इंदौर

    केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह सम्मेलन भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित यह सम्मेलन खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, कृषि व्यापार और किसान कल्याण जैसे विषयों पर नई दिशा तय करेगा। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी तैयारियां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप, समयबद्ध और सुव्यवस्थित हों। सरकार का लक्ष्य केवल आयोजन नहीं, बल्कि भारत की कृषि क्षमता, नवाचार और परंपरा का प्रभावी प्रदर्शन करना है।

    केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि ब्रिक्स देशों का वैश्विक कृषि में बड़ा योगदान है, जिसमें लगभग 42 फीसदी कृषि भूमि, 68 फीसदी छोटे किसान, करीब 45 प्रतिशत अनाज उत्पादन इन देशों से जुड़ा है। सम्मेलन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, यूगांडा, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, कोलम्बिया, इंडोनेशिया सहित कुल 21 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि विश्व के लगभग 68 प्रतिशत किसान इन देशों में निवास करते हैं। उन्होंने कहा कि आयोजन की सभी व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हों।

    केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, जिनमें वैश्विक खाद्य सुरक्षा और पोषण, जलवायु, स्मार्ट कृषि, कृषि व्यापार और आपूर्ति शृंखला, डिजिटल कृषि और प्रिसिजन फार्मिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स, किसान कल्याण और अनुसंधान सहयोग शामिल हैं। यह सम्मेलन केवल औपचारिक बैठक नहीं होगा, बल्कि अतिथियों को इंदौर की स्वच्छता, संस्कृति, मालवा की मेहमाननवाज़ी और कृषि विविधता से भी परिचित कराया जाएगा। इंदौर के 56 दुकान के सुस्वाद कराएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह आयोजन मध्य प्रदेश के लिए गर्व का विषय है और इससे किसानों, कृषि नवाचारों और नई तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा। यह सम्मेलन वैश्विक कृषि सहयोग, खाद्य सुरक्षा और नवाचार के नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जो भारत और मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में आयोजित होने वाला यह सम्मेलन प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है। शहर की स्वच्छता, हरियाली और सुंदरता अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के सामने उत्कृष्ट रूप में प्रदर्शित होना चाहिए। उन्होंने नगर निगम, पुलिस प्रशासन, पर्यटन, लोक निर्माण, स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थलों, प्रमुख मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर विशेष साफ-सफाई, आकर्षक सजावट और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि सम्मेलन के दौरान मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक कला, पारंपरिक खान-पान और कृषि नवाचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाए। विदेशी प्रतिनिधियों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदेश भ्रमण और कृषि उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्मेलन में आने वाले विदेशी मेहमानों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। एयरपोर्ट और होटलों पर अंग्रेजी, रूसी, तुर्की सहित विभिन्न भाषाओं के जानकार गाइड तैनात किए जाएं और उन्हें व्यवहार और आतिथ्य का पूर्व प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि मेहमानों का स्वागत पगड़ी, तिलक और फूलमालाओं के साथ भारतीय परंपरा के अनुरूप गर्मजोशी से किया जाए। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मध्य प्रदेश की लोक संस्कृति, पारंपरिक नृत्य एवं प्रसिद्ध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को शामिल करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि सम्मेलन की ब्रांडिंग में मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए।

    बैठक में जानकारी दी गई कि सम्मेलन दो चरणों में आयोजित होगा। प्रथम चरण में 9 से 11 जून तक वरिष्ठ अधिकारियों की तीन दिवसीय बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें कृषि नवाचार, खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में स्मार्ट कृषि, कृषि अनुसंधान, कृषि व्यापार, किसान कल्याण तथा सतत विकास रणनीतियों जैसे विषयों पर तकनीकी चर्चा होगी। इसके बाद 12 एवं 13 जून को कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें कृषि क्षेत्र में वैश्विक सहयोग और नीति संबंधी विषयों पर विचार-विमर्श होगा। इंदौर के ग्रामीण हाट बाजार में कृषि आधारित विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी।

    समीक्षा बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायकगण मधु वर्मा, रमेश मेंदोला, मालिनी गौड़, उषा ठाकुर, सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, इंदौर संभागायुक्त डॉ सुदाम खाड़े, पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

  • 5 चीनी कंपनियों पर US ने लगाया बैन, चीन की दो टूक….. कहा-हम नहीं करेंगे प्रतिबंध का पालन

    5 चीनी कंपनियों पर US ने लगाया बैन, चीन की दो टूक….. कहा-हम नहीं करेंगे प्रतिबंध का पालन


    बीजिंग।
    चीन (China) के वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि वह ईरान (Iran) से तेल (Oil) खरीदने के कारण अपनी पांच कंपनियों पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों (US Sanctions) का पालन नहीं करेगा। चीन हमेशा से ईरानी तेल का एक प्रमुख और महत्वपूर्ण ग्राहक रहा है। चीन में ईरान से यह तेल मुख्य रूप से स्वतंत्र ‘टीपॉट’ रिफाइनरियों के माध्यम से खरीदा जाता है। ये छोटी और स्वतंत्र रिफाइनरियां होती हैं जो इस्लामिक गणराज्य (ईरान) से भारी छूट पर कच्चा तेल खरीदती हैं। दूसरी तरफ, अमेरिका (America) का मुख्य लक्ष्य ईरान की अर्थव्यवस्था और उसकी आय के स्रोतों को पूरी तरह से बंद करना है, इसीलिए उसने इस तरह की तेल खरीद करने वाली रिफाइनरियों पर प्रतिबंध कड़े कर दिए हैं।


    चीन का कड़ा रुख और तर्क

    चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने पिछले साल से अलग-अलग समय पर घोषित हुए इन अमेरिकी प्रतिबंधों के खिलाफ एक आधिकारिक आदेश जारी किया है। प्रतिबंधों को अस्वीकार करना: चीन ने साफ कहा है कि अमेरिकी उपायों को चीन द्वारा “मान्यता नहीं दी जाएगी, लागू नहीं किया जाएगा या उनका पालन नहीं किया जाएगा।”

    अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला: मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका के ये प्रतिबंध अनुचित रूप से चीनी कंपनियों को तीसरे देशों के साथ सामान्य आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियां करने से रोकते हैं। चीन का मानना है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी नियमों का सीधा उल्लंघन है।

    एकतरफा कार्रवाई का विरोध: चीन ने यह भी स्पष्ट किया कि वह हमेशा से उन एकतरफा प्रतिबंधों का कड़ा विरोध करता रहा है जिन्हें संयुक्त राष्ट्र (UN) की मंजूरी प्राप्त नहीं है।


    किन कंपनियों पर है अमेरिका का निशाना?

    चीनी मंत्रालय के इस आदेश के तहत जिन पांच प्रमुख कंपनियों को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचाया जा रहा है, वे हैं:
    शेडोंग प्रांत की तीन कंपनियां:
    शेडोंग जिनचेंग पेट्रोकेमिकल ग्रुप
    शेडोंग शौगुआंग ल्यूकिंग पेट्रोकेमिकल
    शेडोंग शेंगक्सिंग केमिकल
    चीन के अन्य हिस्सों की दो कंपनियां
    हेंगली पेट्रोकेमिकल (डालियान) रिफाइनरी
    हेबेई सिन्हुआ केमिकल ग्रुप


    अमेरिका की ताजा कार्रवाई

    इसी बीच, शुक्रवार को अमेरिका ने एक और चीनी फर्म पर नए प्रतिबंध लगा दिए। अमेरिका का दावा है कि इस फर्म ने ईरानी कच्चे तेल के “करोड़ों बैरल” का आयात किया है, जिससे तेहरान को अरबों डॉलर की कमाई हुई है। इस फर्म का नाम किंगदाओ हैये ऑयल टर्मिनल कं, लिमिटेड है। हालांकि, चीनी वाणिज्य मंत्रालय के हालिया आदेश में इस कंपनी का जिक्र नहीं किया गया था।


    भू-राजनीतिक स्थिति और आगामी कूटनीति

    यह प्रतिबंध और विवाद ऐसे तनावपूर्ण माहौल में सामने आए हैं।अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत पूरी तरह से ठप है। फरवरी के अंत में ईरान पर हुए अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद से शुरू हुए इस विवाद का फिलहाल कोई स्थायी समाधान नजर नहीं आ रहा है।

    ट्रंप का चीन दौरा: इस बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस महीने के अंत में चीनी नेता शी जिनपिंग के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बातचीत के लिए चीन का दौरा करने वाले हैं। इस बैठक में व्यापार और प्रतिबंधों का मुद्दा अहम होने की उम्मीद है।

  • MP: उज्जैन के नागदा में सीढ़ियां चढ़कर बैंक के अंदर पहुंचे नंदी, देखते ही भाग खड़े हुए ग्राहक

    MP: उज्जैन के नागदा में सीढ़ियां चढ़कर बैंक के अंदर पहुंचे नंदी, देखते ही भाग खड़े हुए ग्राहक


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन (Ujjain) जिले के नागदा (Nagda) में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। महिदपुर रोड स्थित श्रीराम फाइनेंस बैंक (Shriram Finance Bank) में अचानक एक नंदी और गाय घुस गए। बैंक के अंदर मवेशियों को देख स्टाफ और ग्राहकों में अफरा-तफरी मच गई।

    दरअसल, मध्य प्रदेश में आवारा मवेशियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बार आवारा मवेशियों ने बैंक के अंदर बवाल काटा! जानकारी के मुताबिक, नागदा शहर के महिदपुर रोड स्थित पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में श्रीराम फाइनेंस बैंक में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक नंदी और गाय अचानक बैंक के अंदर घुस गए। बैंक में मौजूद ग्राहक और कर्मचारी घबराकर बाहर निकल आए। कुछ देर तक बैंक का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। इस घटना को किसी ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जिसका वीडियो भी सामने आया है।

    वीडियो में देखा जा सकता है कि बैंक के अंदर नंदी और गाय इधर-उधर भागते हुए नजर आ रही है, वहीं कुछ लोग उसे बाहर निकालने का प्रयास करते हुए दिखाई दे रहे है। हालांकि कुछ ही देर बाद नंदी गाय बैंक के बाहर निकल गए। लेकिन इस घटना से एक बार फिर प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह पहली बार नहीं है, आवारा मवेशी अक्सर इस इलाके में नजर आते हैं और कई बार दुकानों और संस्थानों के अंदर भी घुस जाते हैं। ऐसे में हर बार स्थानीय गौ-सेवा संगठनों की मदद लेनी पड़ती है।

  • आम से बना रॉयल समर डेजर्ट, मैंगो रबड़ी फालूदा से पाएं चिलचिलाती गर्मी में राहत

    आम से बना रॉयल समर डेजर्ट, मैंगो रबड़ी फालूदा से पाएं चिलचिलाती गर्मी में राहत

    नई दिल्ली।
    चिलचिलाती गर्मी में जब शरीर थकान और गर्म हवाओं से परेशान होने लगता है, तब कुछ ठंडा और मीठा खाने का मन होना आम बात है। ऐसे मौसम में आम से बना मैंगो रबड़ी फालूदा एक बेहतरीन विकल्प बन जाता है, जो स्वाद और ठंडक दोनों का शानदार मेल पेश करता है। यह डेजर्ट न सिर्फ खाने में लाजवाब होता है, बल्कि गर्मी में शरीर को ठंडक देने में भी मदद करता है।

    इस डेजर्ट की खासियत इसकी लेयरिंग और अलग-अलग टेक्सचर में छिपी होती है। इसमें मीठे पके आम का गाढ़ा पल्प, ठंडी रबड़ी, फालूदा सेव और भीगे हुए सब्जा बीज मिलकर इसे एक रॉयल मिठाई का रूप देते हैं। ऊपर से आइसक्रीम और ड्राई फ्रूट्स इसे और भी स्वादिष्ट बना देते हैं।

    इसे बनाने के लिए सबसे पहले पके हुए आम का गूदा निकालकर उसे अच्छे से ब्लेंड किया जाता है ताकि एक स्मूद प्यूरी तैयार हो सके। इसके साथ ही दूध को धीमी आंच पर पकाकर गाढ़ी रबड़ी बनाई जाती है, जिसमें हल्की मिठास और खुशबू के लिए इलायची मिलाई जाती है। अगर समय कम हो तो पहले से तैयार रबड़ी का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

    दूसरी तरफ फालूदा सेव को हल्का उबालकर ठंडा किया जाता है, ताकि वह नरम और स्वादिष्ट बन जाए। सब्जा के बीज को पानी में भिगोकर तैयार रखा जाता है, जो शरीर को ठंडक देने में मदद करते हैं।

    इसके बाद एक लंबे गिलास में परत दर परत सामग्री डाली जाती है। सबसे पहले भीगे हुए सब्जा बीज, फिर फालूदा सेव, उसके बाद आम का पल्प और फिर ऊपर से रबड़ी डाली जाती है। अंत में आइसक्रीम का एक स्कूप और ड्राई फ्रूट्स डालकर इसे खूबसूरत और स्वादिष्ट बनाया जाता है।

    ठंडा-ठंडा मैंगो रबड़ी फालूदा न सिर्फ गर्मी में राहत देता है, बल्कि परिवार और मेहमानों के लिए भी एक शानदार समर ट्रीट बन जाता है। यह आसान रेसिपी घर पर बिना ज्यादा मेहनत के रेस्टोरेंट जैसा स्वाद देने में पूरी तरह सक्षम है।

  • MP: दतिया में महूअर नदी में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत, खेल-खेल में गई भाई-बहन की जान

    MP: दतिया में महूअर नदी में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत, खेल-खेल में गई भाई-बहन की जान


    दतिया।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के दतिया जिले (Datia district) में रविवार को एक हृदयविदारक हादसे में सगे भाई-बहन की महुअर नदी (Mahuar River) में डूबने से मौत हो गई। खेलते-खेलते नदी किनारे पहुंचे दोनों मासूम गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते जिंदगी की जंग हार बैठे। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतक भाई सुमित केवट की उम्र 7 साल और बहिन ज्योतिष केवट की उम्र 5 साल है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, भैंसा सुनारी के सिद्धपुरा इलाके में रहने वाले महेश केवट के बेटे सुमित केवट और ज्योतिष केवट अन्य बच्चों के साथ खेल रहे थे। खेलते-खेलते वे महुअर नदी के किनारे पहुंच गए।बताया जा रहा है कि नदी किनारे फिसलन अधिक थी और पानी भी गहरा था, जिससे संतुलन बिगड़ने पर दोनों बच्चे सीधे नदी में जा गिरे और डूबने लगे।घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने बच्चों को डूबता देख तुरंत उन्हें बाहर निकाला और बिना देरी किए जिला अस्पताल पहुंचाया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।

    बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त बच्चों के माता-पिता दतिया शहर में रिश्तेदारी के एक कार्यक्रम के लिए खरीदारी करने गए थे। बच्चों को परिवार के अन्य सदस्यों के भरोसे छोड़ा गया था।जैसे ही हादसे की सूचना मिली, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और घर में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही बड़ौनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि छोटे बच्चों की निगरानी में जरा सी लापरवाही भी कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। प्रशासन और ग्रामीणों के लिए यह जरूरी है कि नदी-तालाब जैसे खतरनाक स्थलों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नदी के किनारे काफी फिसलन थी और पानी भी गहरा था।इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से दोनों बच्चे अचानक नदी में गिर पड़े और देखते ही देखते गहरे पानी में चले गए। इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। खासकर गांवों में नदी, तालाब और कुओं के आसपास बच्चों का अकेले जाना बेहद खतरनाक हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी किनारे सुरक्षा के कोई विशेष इंतजाम नहीं हैं, जिससे ऐसे हादसे होने की आशंका बनी रहती है।

  • MP: रीवा एयरपोर्ट पर 72 की जगह पहुंचा 48 सीटर विमान…. यात्रियों को चढ़ने से रोका…जमकर हुआ हंगामा

    MP: रीवा एयरपोर्ट पर 72 की जगह पहुंचा 48 सीटर विमान…. यात्रियों को चढ़ने से रोका…जमकर हुआ हंगामा


    रीवा।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रीवा एयरपोर्ट (Rewa Airport) से लापरवाही भरी ऐसी खबर सामने आई है, जिसे सुनकर आप भी अपने सिर के बाल खींचने लग सकते हैं। दरअसल 72 सीटों वाला यात्री विमान (72-Seater Passenger Aircraft) बुक था, लेकिन एयरपोर्ट पर 48 सीटर विमान पहुंचा, तो स्टाफ ने कई यात्रियों को यात्रा करने से रोक दिया। घटना के दौरान एयरपोर्ट पर काफी हंगामा हुआ। एक युवती ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है।


    2 घंटे पहले आ गई, लेकिन फिर भी नहीं चढ़ने दिया

    वीडियो शेयर करने वाली युवती अमरपाटन निवासी है। उसने एयरलाइन और एयरपोर्ट प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक वीडियो जारी किया है। युवती के अनुसार, उसने Alliance Air की फ्लाइट के लिए दिल्ली का टिकट बुक किया था। वह तय समय से लगभग 2 घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंच गई। लेकिन, जब वह बोर्डिंग के लिए आगे बढ़ी, तो उसे यह कहकर रोक दिया गया कि उसके नाम का कोई टिकट उपलब्ध नहीं है।


    एयरपोर्ट पर दिखी तीखी झड़प

    युवती ने अपनी टिकट भी शेयर की, जिसमें 3 मई की हवाई यात्रा दर्ज है। फ्लाइट रात 9.05 बजे से रीवा एयरपोर्ट से उड़ान भरकर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रात 11.15 बजे पहुंचनी थी। लेकिन, एयरपोर्ट स्टाफ ने उसे यात्रा करने से रोक दिया। वीडियो में युवती के साथ मौजूद शख्स स्टाफ के साथ तीखी बहस करता हुआ नजर आया।


    72 सीटों की जगह भेज दिया 48 सीटर विमान

    हैरानी की बात ये है कि ऐसा केवल उसके साथ ही नहीं हुआ, बल्कि कई अन्य यात्रियों को भी बोर्डिंग करने से रोक दिया गया। इस कारण एयरपोर्ट पर यात्रियों में खासा गुस्सा देखने को मिला। युवती ने आरोप लगाया कि जिस फ्लाइट के लिए 72 सीटों की बुकिंग की गई थी, उसकी जगह 48 सीटों वाली छोटा विमान भेज दिया गया है।

    रीवा से दिल्ली के लिए नवंबर महीने में 72 सीटर विमान सेवा की शुरुआत की गई थी। इसका उद्देश्य लोगों को रीवा से डायरेक्ट दिल्ली की सुविधा देना था, ताकि लोगों का समय बच सके। मगर अब इसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे है। फिलहाल इस मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।