Author: bharati

  • ओंकारेश्वर में अनोखी पहल: आटे के दीपकों से दीपदान, नर्मदा संरक्षण के साथ महिलाओं को मिल रहा रोजगार

    ओंकारेश्वर में अनोखी पहल: आटे के दीपकों से दीपदान, नर्मदा संरक्षण के साथ महिलाओं को मिल रहा रोजगार


    नई दिल्ली।  मध्यप्रदेश के ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी के संरक्षण और स्वच्छता को लेकर एक अनूठी पहल शुरू की गई है। अब यहां नर्मदा महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा प्लास्टिक या थर्माकोल के दीपों के बजाय आटे से बने पर्यावरण अनुकूल दीपकों से दीपदान किया जा रहा है। यह कदम नदी में प्रदूषण को रोकने और नर्मदा को स्वच्छ बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

     हर शाम होती है भव्य नर्मदा महाआरती, बढ़ रही श्रद्धालुओं की भागीदारी
    ओंकारेश्वर में हर शाम मां नर्मदा के तट पर भव्य महाआरती का आयोजन किया जा रहा है, जो अब हरिद्वार और ऋषिकेश की गंगा आरती की तर्ज पर प्रसिद्ध हो रहा है।
    देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु इस आध्यात्मिक आयोजन में शामिल होकर आस्था व्यक्त करते हैं और आटे के दीपकों से दीपदान करते हैं।

    आटे के दीपक बने पर्यावरण संरक्षण का माध्यम
    प्रशासन के अनुसार, आटे से बने दीपकों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि दीपक जलने के बाद उनका अवशेष पानी में घुल जाता है। इससे नदी में कोई प्रदूषण नहीं होता।
    इसके अलावा यह आटा जलीय जीवों के लिए भोजन का भी काम करता है, जिससे नर्मदा के पारिस्थितिकी तंत्र को भी लाभ मिलता है।

    महिलाओं को मिल रहा रोजगार, आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
    इस पहल का सामाजिक प्रभाव भी बेहद सकारात्मक है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्थानीय स्व-सहायता समूहों की महिलाएं इन आटे के दीपकों का निर्माण कर रही हैं। इससे न केवल उन्हें रोजगार मिल रहा है, बल्कि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बन रही हैं।

    पर्यावरण और आस्था का संगम बना ओंकारेश्वर का प्रयास
    खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता के अनुसार, यह पहल धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं में स्वच्छता और प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

    अन्य धार्मिक स्थलों के लिए बन सकता है मॉडल
    प्रशासन का मानना है कि ओंकारेश्वर में शुरू हुई यह पहल अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है, जहां बड़े पैमाने पर नदी प्रदूषण की समस्या देखी जाती है।

  • इंदौर जैन मंदिर में बड़ी चोरी: 10 लाख से अधिक की चांदी व अष्टधातु की मूर्तियां गायब, CCTV में कैद हुए चोर

    इंदौर जैन मंदिर में बड़ी चोरी: 10 लाख से अधिक की चांदी व अष्टधातु की मूर्तियां गायब, CCTV में कैद हुए चोर


    नई दिल्ली। इंदौर के सुपर कॉरिडोर क्षेत्र स्थित ग्रेटर बाबा जैन मंदिर में सोमवार तड़के बड़ी चोरी की घटना सामने आई। अज्ञात चोर रात करीब 2:18 बजे मंदिर परिसर में दाखिल हुए और लगभग 42 मिनट तक अंदर रहे। इसके बाद वे 3 बजे के आसपास वहां से फरार हो गए। चोरों ने मंदिर की रेकी पहले से की थी, जिससे उन्हें वारदात को अंजाम देने में आसानी हुई।

     चांदी और अष्टधातु की मूर्तियां सहित धार्मिक सामग्री चोरी
    चोर मंदिर से भारी मात्रा में धार्मिक सामान लेकर फरार हुए। चोरी गए सामान में शामिल हैं-

    5 चांदी की मूर्तियां
    1 मिश्र धातु की मूर्ति
    1 शिला
    2 शांति धारा पात्र
    28 कलश
    पूरे सामान की कीमत 10 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।

    चौकीदार को नहीं लगी भनक, सुबह खुला मामला
    मंदिर के चौकीदार राकेश त्रिवेदी ने बताया कि रोज की तरह रात 10:30 बजे मंदिर बंद किया गया था। सुबह 5 बजे जब मंदिर खोला गया, तब गर्भगृह से मूर्तियां गायब मिलीं।
    उन्होंने बताया कि रात में किसी तरह की हलचल का पता नहीं चला और न ही उन्हें चोरी की कोई भनक लगी।

     CCTV में कैद हुई पूरी वारदात, पुलिस जांच में जुटी
    एरोड्रम थाना पुलिस के अनुसार, चोर बाइक से मंदिर परिसर पहुंचे थे। इनमें से एक आरोपी ने दीवार फांदकर अंदर प्रवेश किया और चोरी की घटना को अंजाम दिया।
    पूरी वारदात मंदिर में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान और तलाश में जुट गई है।

    फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, समाज में आक्रोश
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र किए। जैन समाज के लोगों ने घटना पर नाराजगी जताई और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की। स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि हाल के दिनों में जैन मंदिरों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे चिंता बढ़ रही है।

    पुलिस का दावा: जल्द होगी गिरफ्तारी
    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि CCTV फुटेज के आधार पर जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • राष्ट्रपति के पास जा रहे राघव चड्ढा समेत 3 सांसद, 5 मई को होगी मुलाकात; निशाने पर पंजाब सरकार

    राष्ट्रपति के पास जा रहे राघव चड्ढा समेत 3 सांसद, 5 मई को होगी मुलाकात; निशाने पर पंजाब सरकार


    नई दिल्‍ली। आम आदमी पार्टी (AAP) से हाल ही में नाता तोड़ने वाले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अब अपनी पुरानी पार्टी और पंजाब सरकार के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। सांसद चड्ढा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय मांगा था, जिसे राष्ट्रपति भवन द्वारा मंजूर कर लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, यह अहम मुलाकात 5 मई को सुबह 10:40 बजे होगी। इस दौरान राघव चड्ढा के साथ तीन अन्य सांसद भी मौजूद रहेंगे, जिन्होंने हाल ही में AAP का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है।
    क्या है मुलाकात का मुख्य एजेंडा?

    समाचार एजेंसी के हवाले से लिखा है कि इस प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रपति को पंजाब की भगवंत मान सरकार की कथित ‘बदले की राजनीति’ से अवगत कराना है। राघव चड्ढा और अन्य बागी सांसदों का आरोप है कि पंजाब सरकार अपनी शक्तियों और सरकारी मशीनरी का घोर दुरुपयोग कर रही है। उनका दावा है कि जिन नेताओं ने हाल ही में AAP से इस्तीफा देकर BJP के साथ विलय किया है, पंजाब सरकार अब उन्हें जानबूझकर ‘टार्गेट’ कर रही है और उन पर अनुचित कार्रवाई कर रही है। इस मुलाकात में ये सांसद राष्ट्रपति से पंजाब सरकार की इन कथित दमनकारी नीतियों और राजनीतिक प्रतिशोध के खिलाफ हस्तक्षेप करने की मांग करेंगे।
    आप छोड़ भाजपा में गए राघव चड्ढा

    यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पंजाब में राजनीतिक घमासान चरम पर है। 24 अप्रैल 2026 को राघव चड्ढा समेत सात AAP राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर भाजपा में विलय का ऐलान किया था। इनमें छह पंजाब से चुने गए सांसद शामिल हैं। AAP ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए इन सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है, जबकि चड्ढा गुट ने पंजाब सरकार पर दमनकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।

    AAP छोड़ने वालों में राघव चड्ढा के अलावा, संदीप पाठक, अशोक कुमार मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी तथा स्वाति मालीवाल शामिल हैं। चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि AAP मूल सिद्धांतों से भटक गई है। दो-तिहाई बहुमत होने के कारण इन सांसदों का भाजपा में विलय राज्‍यसभा सभापति ने स्वीकार भी कर लिया है।
    संदीप पाठक के खिलाफ मुकदमा

    बता दें कि आम आदमी पार्टी छोड़कर हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब पुलिस ने प्राथमिकियां दर्ज की हैं। सूत्रों ने बताया कि पाठक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

    हालांकि, प्राथमिकी के बारे में अब तक कोई अन्य जानकारी सामने नहीं आई है। पाठक उन सात राज्यसभा सदस्यों में शामिल हैं, जिन्होंने ‘आप’ छोड़कर भाजपा का दामन थामा है।

    पंजाब पुलिस की एक टीम दिल्ली गई लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही पाठक एक एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल) में सवार होकर अपने घर से निकल चुके थे। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में पाठक अपने घर से निकलते हुए दिख रहे हैं और कुछ संवाददाता उनसे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया के बारे में संपर्क करने की कोशिश रहे हैं।

    दिल्ली स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के पूर्व प्रोफेसर पाठक को आम आदमी पार्टी (आप) की चुनाव एवं प्रचार रणनीति तैयार करने और पार्टी संगठन को मजबूत करने का श्रेय दिया जाता है। कभी ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के करीबी माने जाने वाले पाठक ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

    यह घटनाक्रम 30 अप्रैल को पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा ट्राइडेंट लिमिटेड के परिसर पर की गई छापेमारी के तुरंत बाद सामने आया है। राज्यसभा सदस्य राजेंद्र गुप्ता इस कंपनी के मानद चेयरमैन हैं। गुप्ता उन सात सांसदों में से एक हैं जिन्होंने पिछले महीने ‘आप’ छोड़ दी थी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए थे। इससे पहले पंजाब पुलिस ने सांसद और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस ले ली थी।
  • एक ही मां, एक ही जन्म… फिर भी अलग-अलग पिता! DNA टेस्ट ने खोला अनोखा राज

    एक ही मां, एक ही जन्म… फिर भी अलग-अलग पिता! DNA टेस्ट ने खोला अनोखा राज

    नई दिल्ली। यूनाइटेड किंगडम से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मेडिकल साइंस को भी हैरान कर दिया। 49 वर्षीय जुड़वा बहनों ने जब अपना डीएनए टेस्ट कराया, तो खुलासा हुआ कि एक ही मां की कोख से जन्म लेने के बावजूद उनके बायोलॉजिकल पिता अलग-अलग हैं।

    यह दुर्लभ घटना विज्ञान में हेटरोपैटरनल सुपरफेकंडेशन (Heteropaternal Superfecundation) कहलाती है, जिसमें एक महिला के दो अंडों का निषेचन अलग-अलग पुरुषों के शुक्राणुओं से होता है।

    कैसे सामने आई सच्चाई?
    मिशेल और लवीनिया ऑस्बॉर्न नाम की इन बहनों को लंबे समय से अपने पिता की पहचान को लेकर संदेह था। मिशेल को शक था कि जिन जेम्स को वह अपना पिता मानती हैं, उनसे उनकी शक्ल नहीं मिलती। इसी संदेह को दूर करने के लिए उन्होंने घर पर डीएनए टेस्ट कराया।

    रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया—जेम्स उनके बायोलॉजिकल पिता नहीं हैं। इसके बाद लवीनिया ने भी टेस्ट कराया, जिससे पता चला कि दोनों बहनों के पिता अलग-अलग व्यक्ति हैं।

    49 साल तक छुपा रहा सच
    दोनों बहनों की मां ने यह राज जीवनभर छुपाए रखा। साल 2022 में जब डीएनए रिपोर्ट सामने आई, उसी दौरान उनकी मां का निधन हो गया। बाद में BBC Radio 4 के कार्यक्रम “The Gift” में बहनों ने अपनी कहानी साझा की।

    मिशेल के असली पिता एलेक्स निकले, जबकि लवीनिया के पिता आर्थर हैं। दोनों बहनों ने अपने-अपने जैविक पिताओं को खोज लिया है और उनसे मुलाकात भी कर चुकी हैं।

    ‘हम किसी चमत्कार से कम नहीं’
    इस अनोखे खुलासे के बाद भी बहनों के रिश्ते में कोई बदलाव नहीं आया। उनका कहना है कि भले ही उनके पिता अलग हों, लेकिन उनके बीच का प्यार और जुड़ाव पहले जैसा ही मजबूत है।

    यह मामला न सिर्फ इंसानी रिश्तों की जटिलता को दिखाता है, बल्कि विज्ञान के उन दुर्लभ पहलुओं को भी सामने लाता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।

  • Delhi AC Blast Alert: कब एयर कंडीशनर बन सकता है ‘मौत का बम’? जानें कारण और बचाव के उपाय

    Delhi AC Blast Alert: कब एयर कंडीशनर बन सकता है ‘मौत का बम’? जानें कारण और बचाव के उपाय

    नई दिल्ली। दिल्ली के विवेक विहार में इमारत में लगी भीषण आग की घटना ने राजधानी को झकझोर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस कठिन समय में प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है।

    घटना के बाद स्थानीय प्रशासन, डीडीएमए, दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गईं। अधिकारियों के अनुसार स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधि भी प्रभावित लोगों की मदद में सक्रिय हैं।

    कब और क्यों फट सकता है एसी?
    विशेषज्ञों के अनुसार एयर कंडीशनर में ब्लास्ट की सबसे बड़ी वजह कंप्रेसर के अंदर अत्यधिक प्रेशर बनना होता है। जब सिस्टम सही तरीके से काम नहीं करता—जैसे ओवरहीटिंग, एयरफ्लो बाधित होना या तकनीकी खराबी—तो यूनिट के भीतर दबाव खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। यदि यह दबाव समय पर रिलीज न हो, तो विस्फोट का खतरा बढ़ जाता है।

    एसी ब्लास्ट से बचाव के 11 जरूरी उपाय
    – हर 6 से 12 महीने में एसी की सर्विस जरूर कराएं।
    – एक ही पावर लाइन में कई भारी उपकरण न चलाएं।
    – आउटडोर यूनिट के आसपास हवा का अच्छा प्रवाह सुनिश्चित करें।
    – जलने की गंध, स्पार्क या अजीब आवाज आने पर तुरंत बंद करें।
    – लंबे समय तक घर से बाहर रहने पर मेन स्विच या एमसीबी बंद रखें।
    – एसी को लगातार 8–10 घंटे से ज्यादा न चलाएं।
    – तापमान 24–26 डिग्री सेल्सियस पर रखना सुरक्षित माना जाता है।
    – आउटडोर यूनिट को ढके हुए या बंद स्थान में न रखें।
    – कमजोर एक्सटेंशन बोर्ड या ढीली वायरिंग से एसी न चलाएं।
    – गैस लीकेज को नजरअंदाज न करें, यह ब्लास्ट का बड़ा कारण हो सकता है।
    – नियमित सर्विसिंग न कराने से धूल जमकर कंप्रेसर पर दबाव बढ़ाती है।

    तकनीकी सावधानी बेहद जरूरी
    विशेषज्ञों का कहना है कि एसी को समय-समय पर प्रोफेशनल तकनीशियन से जांच कराना जरूरी है। साथ ही हर 4–5 घंटे के उपयोग के बाद 15–20 मिनट का ब्रेक देना कंप्रेसर के लिए सुरक्षित माना जाता है। वोल्टेज स्टेबलाइजर का उपयोग भी जरूरी है ताकि बिजली के उतार-चढ़ाव से नुकसान न हो। अगर एसी से लगातार जलने की गंध, असामान्य आवाज या बार-बार ट्रिपिंग जैसी समस्या दिखे तो तुरंत उसे बंद कर तकनीकी जांच करानी चाहिए।

  • सोने-चांदी को लेकर एक्सपर्ट्स ने दी बड़ी चेतावनी! बताई अगले हफ्ते की चाल

    सोने-चांदी को लेकर एक्सपर्ट्स ने दी बड़ी चेतावनी! बताई अगले हफ्ते की चाल


    नई दिल्‍ली। आने वाले हफ्ते में सोना और चांदी की कीमतें सीमित दायरे में रह सकती हैं, क्योंकि बाजार की दिशा कई बड़े फैक्टर्स पर निर्भर करेगी। खासकर US-Iran तनाव, वैश्विक आर्थिक डेटा (जैसे PMI, US जॉब डेटा) और रुपये की चाल कीमतों को प्रभावित करेंगे।

    अगले हफ्ते सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी तेजी या गिरावट की बजाय सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, ग्लोबल लेवल पर चल रहे US-ईरान कॉन्फ्लिक्ट और उससे जुड़े घटनाक्रम की दिशा ही बाजार का मूड तय करेगी।

    निवेशक इस समय काफी सतर्क हैं और किसी भी बड़े फैसले से पहले वैश्विक संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। खासतौर पर सप्ताह की शुरुआत में अलग-अलग देशों के PMI डेटा और अंत में आने वाले अमेरिकी रोजगार आंकड़े, जैसे नॉन-फार्म पेरोल, सोने-चांदी की कीमतों पर सीधा असर डाल सकते हैं। ये आंकड़े यह तय करने में मदद करते हैं कि केंद्रीय बैंक आगे क्या रुख अपनाएंगे, जिससे बुलियन की मांग प्रभावित होती है।
    पिछले हफ्ते की बात करें तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (Multi Commodity Exchange-MCX) पर सोना लगभग 1% गिरकर 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि चांदी ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 2.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचकर मजबूती दिखाई। हालांकि, सोने में गिरावट रही, लेकिन इसमें निचले स्तर से रिकवरी भी देखने को मिली, जिसकी एक बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में मुनाफावसूली रही, जिससे महंगाई का दबाव थोड़ा कम हुआ और सोने को सहारा मिला।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी दोनों पर दबाव देखने को मिला। इसकी वजह यह रही कि निवेशक धीरे-धीरे इक्विटी जैसे जोखिम वाले एसेट्स की ओर झुक रहे हैं। साथ ही ऊंचे कच्चे तेल के दामों के चलते महंगाई को लेकर केंद्रीय बैंकों की सख्ती का डर बना हुआ है, जो बुलियन की चमक को थोड़ा फीका कर रहा है।

    ETF निवेशकों ने भी पिछले हफ्ते बिकवाली की, जिससे कीमतों पर असर पड़ा।

    घरेलू स्तर पर एक और अहम फैक्टर रुपये की चाल है। अगर रुपया मजबूत होता है, तो भले ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना स्थिर रहे, भारत में इसकी कीमतों पर दबाव आ सकता है। वहीं, कमजोर रुपया कीमतों को सहारा दे सकता है। इसके अलावा आने वाले राज्य चुनावों के नतीजे भी बाजार में हलचल पैदा कर सकते हैं, जिससे सोना-चांदी प्रभावित हो सकते हैं।

    अगले हफ्ते निवेशकों को बड़े ट्रेंड की बजाय सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए। बाजार फिलहाल पूरी तरह डेटा, वैश्विक तनाव और करेंसी मूवमेंट पर निर्भर रहेगा, ऐसे में जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचना ही समझदारी होगी।

  • उमरिया में मौसम का बड़ा बदलाव: बारिश-ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट, आम की फसल को नुकसान

    उमरिया में मौसम का बड़ा बदलाव: बारिश-ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट, आम की फसल को नुकसान


    नई दिल्ली। उमरिया जिले में पिछले दो दिनों से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। गुरुवार और शुक्रवार को जिले के कई इलाकों में हल्की से तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया।
    मौसम में इस बदलाव के चलते भीषण गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई है।

    तापमान में करीब 5 डिग्री की गिरावट, गर्मी से मिली राहत
    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इन दो दिनों में कुल 7.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इससे पहले 25 से 28 अप्रैल के बीच अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ था।

    बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और 1 मई को अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 20.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे जिले में गर्मी से कुछ राहत महसूस की जा रही है।

     ओलावृष्टि का असर, आम की फसल को नुकसान की आशंका
    इस मौसमी बदलाव का सबसे ज्यादा असर कृषि पर पड़ा है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. धनंजय सिंह के अनुसार, बारिश और ओलावृष्टि के कारण आम की फसल को नुकसान पहुंचा है।

    कई इलाकों में बागवानी फसलों पर ओलों की मार देखी गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में नुकसान का आकलन किया जाएगा।

     मौसम सामान्य होने के बाद फिर लौटी दिनचर्या
    मौसम खुलने के बाद जिले में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। सुबह के समय लोग सब्जी और अन्य जरूरतों के लिए मंडियों में पहुंचने लगे हैं।
    फिलहाल उमरिया में धूप और छांव का मिश्रित दौर जारी है, जिससे मौसम सुहावना बना हुआ है।

     आगे भी मौसम में उतार-चढ़ाव की संभावना
    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

  • शहडोल में दर्दनाक सड़क हादसा: बोरवेल गाड़ी ने 3 को कुचला, मां-बेटे की मौत, 10 साल की बच्ची गंभीर

    शहडोल में दर्दनाक सड़क हादसा: बोरवेल गाड़ी ने 3 को कुचला, मां-बेटे की मौत, 10 साल की बच्ची गंभीर


    नई दिल्ली।  शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र में रविवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जब एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित बोरवेल मशीन गाड़ी ने पैदल जा रहे एक परिवार को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया।

    हादसे में सूखा गांव की रहने वाली अंशु उरमलिया (30) और उनके 6 वर्षीय बेटे राधा रमन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 वर्षीय बच्ची आस्था तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गई।

    गर्भवती महिला की मौके पर मौत, हादसे ने बढ़ाया दर्द

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि अंशु उरमलिया बोरवेल गाड़ी के टायर के नीचे आ गईं। वे 7 महीने की गर्भवती थीं और हादसे में उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि गंभीर चोटों के कारण उनका शरीर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मृतका अंशु उरमलिया, लाइनमैन राम गोपाल द्विवेदी की बेटी थीं।

     मासूम बेटे ने अस्पताल में तोड़ा दम, बच्ची की हालत नाजुक

    हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल 6 वर्षीय राधा रमन को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। वहीं 10 साल की आस्था तिवारी का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी में लगातार उपचार कर रही है।

     टक्कर के बाद मौके से फरार हुआ चालक, पुलिस ने दर्ज किया केस

    हादसे की सूचना मिलते ही ब्यौहारी थाना पुलिस और एसडीओपी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
    फरार बोरवेल गाड़ी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश में पुलिस की टीम लगातार दबिश दे रही है।

    गांव में मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

    इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। मृतकों के घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आरोपी चालक की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

    इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार भारी वाहनों और ग्रामीण सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमों का पालन और नियंत्रण होता, तो यह दर्दनाक घटना टाली जा सकती थी।

  • सिंगरौली बैंक डकैती का बड़ा खुलासा: बिहार से दो आरोपी गिरफ्तार, अंतरराज्यीय गिरोह का नेटवर्क उजागर

    सिंगरौली बैंक डकैती का बड़ा खुलासा: बिहार से दो आरोपी गिरफ्तार, अंतरराज्यीय गिरोह का नेटवर्क उजागर


    नई दिल्ली। सिंगरौली जिले के वैढ़न स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा में 17 अप्रैल को हुई सनसनीखेज डकैती मामले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। वैढ़न थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बिहार से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चंदन उर्फ चईया यादव (21) और गुलशन (19) के रूप में हुई है, जो बिहार के नालंदा जिले के नगरनौसा थाना क्षेत्र के खीरूबिगहा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।

    पुलिस रिमांड पर पूछताछ, गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश
    दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर सात दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और डकैती की पूरी साजिश का खुलासा किया जा सके।
    अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से कई अहम सुराग मिल सकते हैं, जो पूरे नेटवर्क को उजागर करने में मदद करेंगे।

     जेल में बंद मास्टरमाइंड ने रची थी पूरी साजिश
    पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हाई-प्रोफाइल डकैती का मास्टरमाइंड सुबोध सिंह है, जो फिलहाल पटना की बेऊर जेल में बंद है। बताया जा रहा है कि उसने ओडिशा की कुचिंडा जेल में बंद अपने सहयोगी पीयूष जायसवाल के जरिए इस वारदात की योजना बनाई और उसे अंजाम तक पहुंचाया।
    गिरफ्तार आरोपी लूटे गए माल को ठिकाने लगाने और नेटवर्क को सपोर्ट करने में भूमिका निभा रहे थे।

     पहले से कई आरोपी गिरफ्तार, अंतरराज्यीय गैंग का खुलासा
    इस मामले में पहले ही फंटूस, कमलेश, पंकज, राजेश और छोटू सहित कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में यह साफ हो गया है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह है, जो कई राज्यों में सक्रिय था। पुलिस अब गिरोह के वित्तीय नेटवर्क और फरार आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

    लूटे गए माल की बरामदगी पर अभी भी सस्पेंस
    पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने बताया कि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। हालांकि, डकैती में लूटे गए सोने और नकदी की बरामदगी को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    बैंक में हुई थी करोड़ों की डकैती, पूरे क्षेत्र में मचा था हड़कंप
    गौरतलब है कि 17 अप्रैल को दिनदहाड़े बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हथियारबंद बदमाशों ने फायरिंग कर करीब 9-10 किलो सोना और लगभग 20 लाख रुपये नकद लूट लिए थे। इस वारदात की कुल कीमत करीब 15 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था।

  • सतना में वन स्टॉप सेंटर से लापता किशोरी का सुराग: रामपुर बघेलान से दूसरी बालिका सकुशल मिली, एक अब भी लापता

    सतना में वन स्टॉप सेंटर से लापता किशोरी का सुराग: रामपुर बघेलान से दूसरी बालिका सकुशल मिली, एक अब भी लापता


    नई दिल्ली। सतना के जवाहरनगर स्थित वन स्टॉप सेंटर (सखी) से 27 अप्रैल को तीन नाबालिग बालिकाओं के लापता होने का मामला सामने आया था। घटना की रिपोर्ट सेंटर की प्रशासक नीता श्रीवास्तव द्वारा दर्ज कराई गई, जिसके बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी थी।
    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने विशेष टीम गठित कर बालिकाओं की तलाश तेज करने के निर्देश दिए थे।

    तकनीकी इनपुट और मुखबिर की मदद से मिली दूसरी सफलता
    पुलिस ने लगातार तलाश अभियान चलाते हुए पहले चरण में 30 अप्रैल को एक बालिका को कटनी से सकुशल बरामद किया था। अब 3 मई को दूसरी किशोरी को रामपुर बघेलान क्षेत्र से सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया है।
    पुलिस के अनुसार, दोनों किशोरियों को सुरक्षित परिजनों या संबंधित संरक्षण व्यवस्था में सौंपने की प्रक्रिया जारी है।

    तीसरी किशोरी अब भी लापता, यूपी के बिजनौर की रहने वाली है
    तीनों में से एक नाबालिग बालिका अभी भी लापता है, जिसकी तलाश पुलिस लगातार कर रही है। जानकारी के अनुसार, यह किशोरी उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की निवासी है। पुलिस टीम विभिन्न तकनीकी और खुफिया इनपुट के आधार पर उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

    पुलिस ने घोषित किया था इनाम, तलाश अभियान जारी
    तीनों बालिकाओं के लापता होने के बाद पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने उनके बारे में पुख्ता जानकारी देने पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद से ही पुलिस ने खोजबीन अभियान को और तेज कर दिया है।

    प्रशासन सतर्क, तीसरी किशोरी की सुरक्षित वापसी पर फोकस
    दो किशोरियों की बरामदगी के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है, लेकिन तीसरी बालिका की बरामदगी अब भी प्राथमिकता बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि उसे जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।