Author: bharati

  • IPL 2026: ऋषभ पंत की बैटिंग पोजीशन पर सस्पेंस खत्म, कोच जस्टिन लैंगर ने दिया जवाब

    IPL 2026: ऋषभ पंत की बैटिंग पोजीशन पर सस्पेंस खत्म, कोच जस्टिन लैंगर ने दिया जवाब


    नई दिल्ली। IPL 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच होने वाले मुकाबले से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है कि कप्तान ऋषभ पंत किस नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे। लेकिन इस सवाल का जवाब अगर किसी के पास नहीं है। टीम के हेड कोच जस्टिन लैंगर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ तौर पर कहा कि वह पंत की बैटिंग पोजीशन का खुलासा नहीं करेंगे।

    रणनीति के तहत छिपाया गया प्लान

    लैंगर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर वह अभी पंत का बैटिंग ऑर्डर बता देंगे, तो डिफेंस टीम को रणनीति बनाने में आसानी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि फैंस को भी बाकी सभी की तरह मैच का इंतजार करना होगा। इससे साफ है कि एलएसजी इस मुकाबले में कोई सरप्राइज प्लान लेकर उतर सकती है।

    शानदार फॉर्म में हैं पंत

    लैंगर ने पंत की जमकर बल्लेबाजी करते हुए कहा कि वह बेहतरीन मानसिक और खेल फॉर्म में हैं। उनके अनुसार पंत इस समय आत्मविश्वास से भरे हुए हैं, आक्रामक हैं और मैदान पर पूरी ऊर्जा के साथ उतर रहे हैं। कोच ने यह भी कहा कि दबाव पंत के लिए नया नहीं है और वह इससे और मजबूत बनकर उभर रहे हैं।

    महंगे खिलाड़ी पर बड़ी ज़िम्मेदारी

    गौरतलब है कि ऋषभ पंत IPL इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी हैं, जिन्हें 2025 की नीलामी में 27 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। ऐसे में इस सीज़न में उनसे बड़ी पारियों और बेहतर कप्तानी की उम्मीद होगी। पिछले सीज़न में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था—उन्होंने कुल 269 रन बनाए थे और टीम प्लेऑफ़ में भी नहीं पहुँच पाई थी।

    IPL 2026 पंत के करियर के लिए अहम

    यह सीज़न पंत के लिए सिर्फ IPL तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के नतीजों से भी बहुत ज़रूरी है। अगर वह भारत की ODI और T20 टीम से बाहर चल रहे हैं, ऐसे में इस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन उनके भविष्य की दिशा तय कर सकता है।

    क्या हो सकती है बैटिंग पोजीशन?

    हालांकि आधिकारिक तौर पर कुछ तय नहीं है, लेकिन टीम की ज़रूरत के हिसाब से पंत मिडिल ऑर्डर (नंबर 4 या 5) में बल्लेबाज़ करते नज़र आ सकते हैं, जहाँ वह मैच फ़िनिशर की भूमिका निभा सकें। ज़रूरत पड़ने पर उन्हें ऊपर भी भेजा जा सकता है।

    सार: नई दिल्ली। IPL 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच होने वाले मुकाबले से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है कि कप्तान ऋषभ पंत किस नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे। लेकिन इस सवाल का जवाब अगर किसी के पास नहीं है। टीम के हेड कोच जस्टिन लैंगर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ तौर पर कहा कि वह पंत की बैटिंग पोजीशन का खुलासा नहीं करेंगे।

    रणनीति के तहत छिपाया गया प्लान

    लैंगर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर वह अभी पंत का बैटिंग ऑर्डर बता देंगे, तो डिफेंस टीम को रणनीति बनाने में आसानी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि फैंस को भी बाकी सभी की तरह मैच का इंतजार करना होगा। इससे साफ है कि एलएसजी इस मुकाबले में कोई सरप्राइज प्लान लेकर उतर सकती है।

    शानदार फॉर्म में हैं पंत

    लैंगर ने पंत की जमकर बल्लेबाजी करते हुए कहा कि वह बेहतरीन मानसिक और खेल फॉर्म में हैं। उनके अनुसार पंत इस समय आत्मविश्वास से भरे हुए हैं, आक्रामक हैं और मैदान पर पूरी ऊर्जा के साथ उतर रहे हैं। कोच ने यह भी कहा कि दबाव पंत के लिए नया नहीं है और वह इससे और मजबूत बनकर उभर रहे हैं।

    महंगे खिलाड़ी पर बड़ी ज़िम्मेदारी

    गौरतलब है कि ऋषभ पंत IPL इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी हैं, जिन्हें 2025 की नीलामी में 27 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। ऐसे में इस सीज़न में उनसे बड़ी पारियों और बेहतर कप्तानी की उम्मीद होगी। पिछले सीज़न में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था—उन्होंने कुल 269 रन बनाए थे और टीम प्लेऑफ़ में भी नहीं पहुँच पाई थी।

    IPL 2026 पंत के करियर के लिए अहम

    यह सीज़न पंत के लिए सिर्फ IPL तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के नतीजों से भी बहुत ज़रूरी है। अगर वह भारत की ODI और T20 टीम से बाहर चल रहे हैं, ऐसे में इस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन उनके भविष्य की दिशा तय कर सकता है।

    क्या हो सकती है बैटिंग पोजीशन?

    हालांकि आधिकारिक तौर पर कुछ तय नहीं है, लेकिन टीम की ज़रूरत के हिसाब से पंत मिडिल ऑर्डर (नंबर 4 या 5) में बल्लेबाज़ करते नज़र आ सकते हैं, जहाँ वह मैच फ़िनिशर की भूमिका निभा सकें। ज़रूरत पड़ने पर उन्हें ऊपर भी भेजा जा सकता है।

  • MP में गेहूं खरीदी फिर टली: बारदाने की कमी से 10 अप्रैल तक बढ़ी तारीख, किसानों की बढ़ी चिंता

    MP में गेहूं खरीदी फिर टली: बारदाने की कमी से 10 अप्रैल तक बढ़ी तारीख, किसानों की बढ़ी चिंता


    भोपाल। मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी एक बार फिर टाल दी गई है, जिससे किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं। पहले 16 मार्च से शुरू होने वाली खरीदी को 1 अप्रैल तक बढ़ाया गया था, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाकर 10 अप्रैल कर दिया गया है। इस देरी के पीछे सबसे बड़ी वजह बारदाने (पीपी और एचडीपीपी बैग) की भारी कमी बताई जा रही है। ये बैग पेट्रोलियम उत्पादों से तैयार होते हैं और गेहूं के भंडारण के लिए बेहद जरूरी होते हैं।

    जानकारी के अनुसार, ईरान में चल रहे संघर्ष के कारण पेट्रोलियम सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे इन बैग्स का उत्पादन और आपूर्ति बाधित हो गई है। इसका सीधा असर गेहूं खरीदी प्रक्रिया पर पड़ा है। सीहोर जिले के किसान, जो अपने शरबती गेहूं के लिए प्रसिद्ध हैं, इस स्थिति से सबसे अधिक प्रभावित हैं। रफीकगंज के किसान अवध नारायण का कहना है कि उन्होंने 20 एकड़ में गेहूं की खेती की है। पिछले साल इस समय तक खरीदी और भुगतान दोनों हो चुके थे, लेकिन इस बार फसल कटने के बाद भी खेतों में पड़ी है, जिससे भंडारण की समस्या बढ़ रही है। वहीं किसान नरेश परमार बताते हैं कि फसल कटे करीब एक महीना हो चुका है, लेकिन खरीदी में देरी के कारण उन्हें रोज खेतों की निगरानी करनी पड़ रही है।

    सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल गेहूं खरीदी के लिए करीब 15.60 करोड़ बारदानों की जरूरत है, जबकि अभी केवल 5.50 करोड़ बारदाने ही उपलब्ध हैं। यानी लगभग 10 करोड़ से ज्यादा की कमी बनी हुई है। वेयरहाउस संचालकों के अनुसार, इस बार जूट और पीपी दोनों तरह के बैग समय पर नहीं मिल पाए, जिससे पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई है।

    हालांकि सरकार ने बारदाने की आपूर्ति के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं और जल्द स्थिति सामान्य होने का भरोसा दिलाया है। दूसरी ओर, विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए तैयारी में लापरवाही का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी ने सवाल उठाया कि जब हर साल मार्च में खरीदी होती है, तो पहले से पर्याप्त तैयारी क्यों नहीं की गई। इस पूरी स्थिति का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है, जिन्होंने कर्ज लेकर फसल तैयार की है और अब बिक्री में देरी के चलते आर्थिक दबाव झेल रहे हैं।

  • कल मनाई जाएगी हनुमान जयंती, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

    कल मनाई जाएगी हनुमान जयंती, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त


    नई दिल्ली। हनुमान जयंती का पावन पर्व हर वर्ष चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। हालांकि देश के कुछ क्षेत्रों में कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भी हनुमान जयंती मनाने की परंपरा है, लेकिन अधिकांश स्थानों पर चैत्र पूर्णिमा को ही यह पर्व मनाया जाता है।

    धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान हनुमान को भगवान शिव का रुद्रावतार माना जाता है। उन्होंने वानर रूप में जन्म लेकर अपना संपूर्ण जीवन भगवान श्रीराम की सेवा में समर्पित किया, इसलिए उन्हें राम भक्तों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। इस वर्ष हनुमान जयंती 2 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी।

    तिथि का समय

    पंचांग के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 6 मिनट से शुरू होकर 2 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक रहेगी।

    पूजन के शुभ मुहूर्त

    हनुमान जयंती पर इस बार पूजा के लिए दो विशेष मुहूर्त मिल रहे हैं। पहला मुहूर्त सुबह 6:10 बजे से 7:44 बजे तक रहेगा, जबकि दूसरा मुहूर्त शाम 6:39 बजे से रात 8:06 बजे तक है। इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:50 बजे तक रहेगा, जिसे पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

    शुभ योग का संयोग

    इस बार हनुमान जयंती पर ध्रुव योग और हस्त नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। ध्रुव योग सूर्योदय से दोपहर 2:20 बजे तक रहेगा, इसके बाद व्याघात योग प्रारंभ होगा। वहीं हस्त नक्षत्र शाम 5:38 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद चित्रा नक्षत्र शुरू हो जाएगा।

    पूजा विधि

    हनुमान जयंती के दिन प्रातः स्नान के बाद घर के मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर उन्हें विराजमान करें और गंगाजल से स्नान कराकर तिलक व अक्षत अर्पित करें। हनुमान जी को सिंदूर और घी चढ़ाना विशेष फलदायी माना जाता है। इसके साथ लाल फूल, जनेऊ और माला अर्पित करें। भोग में गुड़-चना और मौसमी फल जैसे केला, सेब या अंगूर चढ़ाएं। इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें और संभव हो तो सुंदरकांड का पाठ भी करें। अंत में आरती कर प्रसाद वितरित करें।

    हनुमान जयंती मंत्र
    हनुमान जयंती के दिन पूजा और मंत्र जाप से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। एक प्रसिद्ध मंत्र है
    “मनोजवं मारुत तुल्यवेगं, जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।
    वातात्मजं वानरयूथमुख्यं, श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥”

    इस मंत्र में हनुमान जी के तेज, बल, बुद्धि और श्रीराम के प्रति उनकी भक्ति का वर्णन किया गया है। मान्यता है कि कलियुग में भी हनुमान जी का अस्तित्व बना हुआ है और जहां राम कथा होती है, वहां उनकी उपस्थिति अवश्य रहती है।

  • एमपी में 15 अप्रैल के बाद पड़ेगी तेज गर्मी, शुरुआती दिनों में आंधी-बारिश का अलर्ट

    एमपी में 15 अप्रैल के बाद पड़ेगी तेज गर्मी, शुरुआती दिनों में आंधी-बारिश का अलर्ट

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। जहां अप्रैल की शुरुआत आंधी और बारिश के साथ होगी, वहीं 15 अप्रैल के बाद भीषण गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा। खासतौर पर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सबसे ज्यादा तापमान बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा इंदौर, भोपाल, उज्जैन और सागर संभाग भी गर्मी की चपेट में रहेंगे।

    मौसम विभाग ने 1 से 4 अप्रैल तक प्रदेश के करीब आधे हिस्से में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। बुधवार को इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर समेत 29 जिलों में मौसम बिगड़ने की चेतावनी दी गई है। अगले 24 घंटों में ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार और बड़वानी जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

    पिछले दो दिनों से पूरे प्रदेश में मौसम का असर बना हुआ है। 12 जिलों में ओलावृष्टि हुई, जबकि 41 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश दर्ज की गई। मंगलवार को धार जिले के कुक्षी और मनावर में ओले गिरे, वहीं रात के समय भी कई इलाकों में मौसम बदला रहा। हालांकि इन सबके बीच गर्मी का असर भी लगातार बना हुआ है। नर्मदापुरम में तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। खजुराहो में 39.2 डिग्री, रतलाम और नौगांव में 39 डिग्री, दमोह में 39.1 डिग्री और खरगोन, रायसेन व उमरिया में 38 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश के प्रमुख शहरों की बात करें तो भोपाल और जबलपुर में 37 डिग्री, इंदौर और ग्वालियर में 36.6 डिग्री तथा उज्जैन में 36 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सक्रिय हैं। इसके साथ ही 2 अप्रैल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर भी देखने को मिलेगा, जिससे 4 अप्रैल तक कहीं आंधी तो कहीं बारिश होने की संभावना है। इसके बाद मौसम साफ होते ही गर्मी तेजी से बढ़ेगी। अप्रैल के दूसरे सप्ताह से तापमान में तेज उछाल आएगा, जबकि महीने के आखिरी सप्ताह में ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी और नौगांव-खजुराहो जैसे क्षेत्रों में तापमान 44 से 45 डिग्री तक पहुंच सकता है। दतिया, मुरैना, श्योपुर, बड़वानी, खरगोन और धार में भी तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। आमतौर पर अप्रैल में प्रदेश के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में गर्म हवाएं चलती हैं, जो भीषण गर्मी का कारण बनती हैं।

  • सिंधु जल संधि पर हेग कोर्ट का रुख, पाकिस्तान के पक्ष में फैसला होने की आशंका

    सिंधु जल संधि पर हेग कोर्ट का रुख, पाकिस्तान के पक्ष में फैसला होने की आशंका

    नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच जल संकट को लेकर दशकों पुरानी सिंधु जल संधि एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर विवाद का केंद्र बन गई है। नीदरलैंड के हेग में स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायालय (पीसीए) में चल रही कार्यवाही को लेकर भारत की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि संकेत मिल रहे हैं कि अदालत पाकिस्तान के पक्ष में स्थायी अंतरिम निर्णय दे सकती है। भारत में पहले ही इन कार्यवाहियों को “अवैध” से निष्कासित कर दिया गया है और इसमें भाग लेने से इंकार किया जा रहा है।

    भारत का साफ रुख: पीसीए की प्रक्रिया ठीक

    भारत का कहना है कि पीसीए के तहत हो रही अयोध्या सिंधु जल संधि के उद्यमियों के लिए कोई आधार नहीं है। भारत ने बार-बार यह प्रमाणित किया है कि उसके लिए केवल वास्तुशिल्प दस्तावेजों की प्रक्रिया ही वैध है। इसके बावजूद पीसीए ने 12 मार्च और 21 मार्च को आदेश जारी करते हुए आगे की सुनवाई रद्द कर दी। भारत को 30 मार्च तक अपना रुख स्पष्ट करने का मौका मिला था, लेकिन भारत ने अपनी स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया।

    पाकिस्तान की अपील पर अस्थायी राहत संभव

    पीसीए अब पाकिस्तान की ओर से धार्मिक स्थलों पर तीर्थयात्रा राहत देने पर विचार कर सकता है। जम्मू-कश्मीर में चल रहे रैटल और किशन जैसे प्रोजेक्ट्स पर रोक की मांग शामिल है। यदि अदालत ने फैसला रद्द कर दिया है, तो इससे दोनों देशों के बीच तनाव और वृद्धि हो सकती है, खासकर तब जब भारत पहले ही संधि को निलंबित करने की बात कह चुका है।

    अप्रैल अंत में अहम् सुनवाई

    पीसीए ने संकेत दिया है कि 26 अप्रैल से 28 अप्रैल तक हेग के पीस पैलेस के बीच इस मामले की सुनवाई हो सकती है। यदि भारत इसमें शामिल नहीं है, तो पाकिस्तान अपने पिछलग्गुओं को असामान्य तरीकों से पेश करेगा, जिससे निर्णय का संतुलन प्रभावित हो सकता है। यही कारण है कि यह मामला भारत के लिए पत्रकारिता और पुरातत्व विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बन गया है।

    सिंधु जल संधि क्या है?

    1960 में जवाहरलाल नेहरू और अयूब खान के बीच इस एक्ट में छह नदियों के जल का बंटवारा तय किया गया था।

    भारत को: रावी, व्यास और सतलुज (पूर्वी नदियाँ)
    पाकिस्तान को: सिंधु, झेलम और चिनाब (पश्चिमी नदियाँ)

    भारत में पश्चिमी नदियों के पानी का सीमित उपयोग (लगभग 20%), सीच, बिजली और घरेलू समुद्र तट के लिए किया जाता है। इस संधि के तहत एक स्थायी सिंधु आयोग भी बनाया गया था, जो देशों के बीच डेटा साझा करने और विवाद का काम करता है।

    क्या?

    यदि पीसीए पाकिस्तान के पक्ष में अंतरिम निर्णय देता है, तो भारत के लिए यह नामांकित चुनौती बन सकता है। हालाँकि, भारत पहले ही इस प्रक्रिया को मान्य नहीं करता है, इसलिए किसी भी निर्णय का वास्तविक प्रभाव सीमित भी रह सकता है। फिर भी, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर यह मामला भारत-पाक समझौते और क्षेत्रीय स्थिरता पर प्रभाव डाल सकता है।

  • IPL 2026: चहल-वैशाक की धार और कोनोली का तूफान, पंजाब ने गुजरात को हराया

    IPL 2026: चहल-वैशाक की धार और कोनोली का तूफान, पंजाब ने गुजरात को हराया


    नई दिल्ली।आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबले में Punjab Kings ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Gujarat Titans को 3 विकेट से हराकर टूर्नामेंट में जीत के साथ धमाकेदार आगाज किया। न्यू चंडीगढ़ (मुल्लांपुर) में खेले गए इस मैच में आखिरी ओवर तक सस्पेंस बना रहा, लेकिन अंततः कूपर कोनोली की नाबाद पारी ने पंजाब को जीत दिला दी। पहले गेंदबाजी करते हुए पंजाब ने अनुशासित प्रदर्शन के दम पर गुजरात को 20 ओवर में 162/6 के स्कोर पर रोक दिया। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब की टीम ने 19.1 ओवर में 165/7 बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। इस मुकाबले में गेंद और बल्ले दोनों से पंजाब का संतुलित प्रदर्शन देखने को मिला, जिसने जीत की नींव रखी।

    चहल और वैशाक ने पलटा मैच का रुख

    पंजाब की जीत में Yuzvendra Chahal और Vijaykumar Vyshak की गेंदबाजी अहम रही। चहल ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए मिडिल ओवर्स में 4 ओवर में 28 रन देकर 2 विकेट झटके, जबकि वैशाक ने 3/34 का शानदार प्रदर्शन किया। शुरुआत में गुजरात ने तेज रन बनाए और पावरप्ले में 54/1 तक पहुंच गई थी, लेकिन मिडिल ओवर्स में चहल की चालाकी और वैशाक की सटीक गेंदबाजी ने रनगति पर ब्रेक लगा दिया। कप्तान Shubman Gill (39) और Jos Buttler (38) ने अच्छी शुरुआत दी, लेकिन टीम इसे बड़े स्कोर में नहीं बदल सकी। अंत में गुजरात की पारी 162/6 पर सिमट गई, जो इस पिच पर एक चुनौतीपूर्ण लेकिन हासिल किया जा सकने वाला लक्ष्य था।

    कोनोली बने जीत के हीरो

    लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन एक समय स्कोर 83/1 से गिरकर 118/6 हो गया और मैच गुजरात की तरफ झुकता नजर आया। ऐसे मुश्किल समय में Cooper Connolly ने जिम्मेदारी संभाली और अंत तक टिके रहे। उन्होंने 44 गेंदों में नाबाद 72 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 5 छक्के शामिल थे। उनकी यह पारी पंजाब के लिए गेम-चेंजर साबित हुई। आखिरी ओवरों में Marco Jansen और जेवियर बार्टलेट ने भी छोटे लेकिन अहम योगदान दिए, जिससे टीम लक्ष्य तक पहुंच सकी।

    गुजरात की कोशिश रही अधूरी

    गुजरात की ओर से Prasidh Krishna ने 3 विकेट लेकर मैच को रोमांचक बनाया, जबकि Rashid Khan और वॉशिंगटन सुंदर ने भी विकेट हासिल किए। हालांकि, गेंदबाजों के प्रयास के बावजूद टीम जीत हासिल नहीं कर सकी। खासकर मिडिल ऑर्डर का दबाव में बिखरना और अंत में रन रोकने में असफलता हार का कारण बना।

    मैच का टर्निंग पॉइंट

    इस मुकाबले का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट मिडिल ओवर्स में चहल की गेंदबाजी और कोनोली की संयमित पारी रही। जहां एक तरफ चहल ने गुजरात को बड़े स्कोर से रोका, वहीं दूसरी तरफ कोनोली ने दबाव में शानदार बल्लेबाजी करते हुए मैच को पंजाब की झोली में डाल दिया। यह मुकाबला आईपीएल 2026 के शुरुआती चरण का सबसे रोमांचक मैच साबित हुआ।

  • राकेश बेदी को पाकिस्तान से मिला प्यार, पॉलिटिशियन का खास मैसेज वायरल

    राकेश बेदी को पाकिस्तान से मिला प्यार, पॉलिटिशियन का खास मैसेज वायरल


    नई दिल्ली।आदित्य धर की धुरंधर में राकेश बेदी के रोल को पसंद किया जा रहा है। एक्टर ने एक पाकिस्तानी पॉलिटिशियन जमील जमाली का किरदार निभाया है। दोनों ही फिल्म में उनके काम को पसंद किया गया। कुछ के मुताबिक वो फिल्म की जान थे। अब राकेश बेदी के इस किरदार पर पाकिस्तानी पॉलिटिशियन नबील गबोल का रिएक्शन सामने आया है। नबील के मुताबिक राकेश बेदी का किरदार जमील जमाली उन्हीं से इंस्पायर्ड है। उन्होंने राकेश बेदी के लिए मैसेज दिया है।

    राकेश बेदी के लिए पाकिस्तान से मैसेज
    एक नए इंटरव्यू में नबील ने माना कि वो धुरंधर को मिले रिएक्शन को देखकर हैरान हैं। उन्होंने ये भी वीकार किया कि भारत के लोगों ने फिल्म देखने के बाद वीडियोज बनाए और उन्हें एजेंट कहा। आगे नबील से राकेश बेदी के लिए मैसेज देने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा, ‘राकेश बेदी एक एक्टर हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि हम दिखने में एक जैसे हो सकते हैं। हमारा दिल, खून, चेहरा सबका एक जैसा है। मैं उनके साथ पर्सनल नहीं होना चाहता हूं।’ उन्होंने आगे कहा, राकेश बेदी को मेरा मैसेज देना कि सीनियर एक्टर के तौर पर मैं उनकी इज्जत और उनसे प्यार करता हूं।

    किरदार से नहीं है खुश
    पिछले साल दिसंबर में जब धुरंधर रिलीज हुई थी तब नबील गबोल ने अपनी नाखुशी जाहिर की थी। उन्होंने मीडिया में बात करते हुए कहा था कि जो उनका रोल दिखाया गया है वो सही नहीं है। उन्होंने कहा था कि उनका किरदार असल में बहुत दबंग किस्म का है। मेकर्स ने उनका रोल सही तरीके से नहीं दिखाया।

    धुरंधर 2 का बॉक्स ऑफिस
    बता दें, धुरंधर के बाद दूसरा पार्ट भी बॉक्स ऑफिस पर धमाका कर रहा है। 19 मार्च को रिलीज ही धुरंधर 2 सिर्फ 13 दिनों में शानदार कमाई कर चुकी है। फिल्म ने इंडियन बॉक्स ऑफिस पर 900 करोड़ और वर्ल्डवाइड 1300 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन कर लिया है। फिल्म ने अपने दूसरे ही हफ्ते में कल्कि, KGF 2, धुरंधर जैसी फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ दिए। पुष्पा 2 का हिंदी कलेक्शन भी पीछे रह गया है। अब बाहुबली 2 के कलेक्शन पर नजर टिकी हुई है।

  • Ranbir Kapoor ने क्यों किया था ‘रामायण’ का किरदार रिजेक्ट, जानिए पूरी कहानी

    Ranbir Kapoor ने क्यों किया था ‘रामायण’ का किरदार रिजेक्ट, जानिए पूरी कहानी


    नई दिल्ली।बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित फिल्म Ramayana को लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह है। फिल्म की घोषणा के बाद से ही दर्शक इसकी पहली झलक का इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच एक्टर Ranbir Kapoor ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने शुरुआत में भगवान राम का किरदार निभाने से साफ इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में उनकी सोच पूरी तरह बदल गई।

    पहले क्यों ठुकराया भगवान राम का रोल?

    हाल ही में न्यूयॉर्क में फिल्म की पहली झलक लॉन्च के दौरान Ranbir Kapoor ने बताया कि जब उन्हें करीब चार साल पहले यह रोल ऑफर हुआ, तो उन्होंने तुरंत मना कर दिया था। उनका मानना था कि वह इस महान किरदार के साथ न्याय नहीं कर पाएंगे।  उन्होंने कहा कि भगवान राम जैसा पवित्र और आदर्श चरित्र निभाना बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और उस समय उन्हें खुद पर पूरा भरोसा नहीं था।

    किरदार के लिए ऐसे की खास तैयारी

    जब उन्होंने इस रोल को स्वीकार किया, तो खुद को तैयार करने के लिए उन्होंने गहन तैयारी की। Ranbir Kapoor ने सबसे पहले Ramayan (निर्देशक Ramanand Sagar) को देखा, ताकि भगवान राम की यात्रा और व्यक्तित्व को गहराई से समझ सकें।

    उन्होंने बताया कि इस भूमिका के लिए उन्हें सिर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि भावनात्मक और आध्यात्मिक स्तर पर भी खुद को तैयार करना पड़ा। उनका लक्ष्य था कि वह इस किरदार को पूरी सच्चाई और ईमानदारी के साथ निभा सकें।

    पिता बनने के बाद बदली जिंदगी और फैसला

    Ranbir Kapoor ने खुलासा किया कि उनकी सोच में बदलाव तब आया जब वह पिता बने। उसी समय उन्हें यह फिल्म ऑफर हुई, जिसे उन्होंने एक खास संयोग बताया।

    उनके मुताबिक, पिता बनने के बाद उनकी सोच और जीवनशैली में बड़ा बदलाव आया। डर की जगह एक जिम्मेदारी और कृतज्ञता का भाव आया, जिसने उन्हें इस किरदार को स्वीकार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इसे अपनी जिंदगी का महत्वपूर्ण मोड़ बताया।

    स्टार कास्ट और रिलीज डेट

    फिल्म Ramayana का निर्देशन Nitesh Tiwari कर रहे हैं। इसमें:

    Ranbir Kapoor  भगवान राम
    Sai Pallavi  माता सीता
    Sunny Deol  हनुमान
    Ravi Dubey  लक्ष्मण
    Yash रावण

    फिल्म की पहली झलक Hanuman Jayanti (2 अप्रैल) के मौके पर रिलीज की जाएगी, जबकि फिल्म दिवाली पर सिनेमाघरों में दस्तक देगी।

    फैंस में जबरदस्त उत्साह

    फिल्म की स्टारकास्ट और भव्य पैमाने को देखते हुए फैंस की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। Ranbir Kapoor का यह ट्रांसफॉर्मेशन और उनके किरदार को लेकर समर्पण फिल्म को और खास बना रहा है।

  • जनगणना 2027: आज से शुरू होगा पहला चरण….पहली बार पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल

    जनगणना 2027: आज से शुरू होगा पहला चरण….पहली बार पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल


    नई दिल्ली।
    भारत (India) की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना (Census-2027) का पहला चरण (First Phase) आज यानी एक अप्रैल 2027 से शुरू हो रहा है। यह दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा जनगणना अभियान होगा, जो पहली बार पूरी तरह से डिजिटल माध्यमों (Digital-Process) से संचालित किया जाएगा। इस बार नागरिकों के लिए ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन’ (Self-Enumeration) यानी स्व-गणना भरने का विकल्प भी उपलब्ध होगा। नागरिक डिजिटल माध्यम से खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

    दो चरणों में होगी जनगणना
    पहले चरण में भवन सूचीकरण और आवास जनगणना: यह चरण अप्रैल से सितंबर 2026 तक छह महीने की अवधि में संपन्न होगा। इसमें घरों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और घरेलू संपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। भवन सूचीकरण कार्य के 30 दिनों की अवधि से ठीक पहले 15 दिनों के लिए स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध होगा।

    दूसरे चरण में जनसंख्या गणना: यह चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रत्येक व्यक्ति से जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, शिक्षा, प्रवासन, प्रजनन क्षमता आदि से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। इस चरण में जातियों की गणना भी की जाएगी, जैसा कि सीसीपीए द्वारा निर्णय लिया गया है। जनसंख्या गणना की सटीक तारीखें और इस चरण में शामिल किए जाने वाले प्रश्न जल्द ही अधिसूचित किए जाएंगे।


    जनगणना में डिजिटल क्रांति

    जनगणना 2027 के लिए केंद्र सरकार ने 11,718.24 करोड़ रुपये के परिव्यय को मंजूरी दी है। इस बार जनगणना के लिए कागजी फॉर्मों का उपयोग नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, गणनाकर्ता स्मार्ट फोन पर मोबाइल ऐप के माध्यम से सीधे डेटा एकत्र और जमा करेंगे। इसके अतिरिक्त, दोनों चरणों में सेल्फ-एन्यूमरेशन के लिए एक ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध होगी। मोबाइल ऐप और स्व-गणना पोर्टल हिंदी और अंग्रेजी सहित 16 भाषाओं में उपलब्ध होंगे।


    विभिन्न राज्यों के लिए अनुसूची

    देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भवन सूचीकरण और आवास जनगणना की अलग-अलग तारीखें तय की गई हैं। उदाहरण के लिए, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दिल्ली, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम में 16 अप्रैल से 15 मई तक भवन सूचीकरण और आवास जनगणना होगी, जिसमें एक अप्रैल से 15 अप्रैल तक सेल्फ-एन्यूमरेशन की अवधि शामिल होगी। वहीं, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़ और हरियाणा में 1 मई से 30 मई तक भवन सूचीकरण जनगणना शुरू होगी, जिसमें 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक सेल्फ-एन्यूमरेशन की अवधि होगी।


    इन राज्यों में अलग है संदर्भ तिथि

    जनगणना 2027 के लिए संदर्भ तिथि 1 मार्च, 2027 की आधी रात 00:00 बजे है। हालांकि, जम्मू और कश्मीर के बर्फीले गैर-सिंक्रोनस क्षेत्रों और उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश राज्यों के लिए यह संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर, 2026 की आधी रात 00:00 बजे होगी। इस डिजिटल जनगणना से डेटा संग्रह की प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और कुशल होने की उम्मीद है, जो भविष्य की नीतियों के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेगी।

  • देश में ईंधन का मौजूदा भंडार 20 से 40 दिनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त

    देश में ईंधन का मौजूदा भंडार 20 से 40 दिनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त


    नई दिल्ली।
    पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (Petroleum and Natural Gas Regulatory Board- PNGRB) के सचिव अंजन कुमार मिश्रा (Anjan Kumar Mishra) ने कहा है कि भारत का तरल ईंधन का मौजूदा भंडार देश की 20 से 40 दिनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। हालांकि, इसे इस तरह से नहीं बढ़ाया जा सकता कि यह कई महीनों तक चल सके। नई दिल्ली में आयोजित ‘पीएचडीसीसीआई हाइड्रोकार्बन समिट 2026’ के दौरान उन्होंने मौजूदा ऊर्जा स्थिति और वैश्विक संकट पर विस्तार से चर्चा की।


    ईंधन भंडार और पश्चिम एशिया संकट का प्रभाव

    मिश्रा ने कहा कि हमारे पास पहले से ही तरल ईंधन का रिजर्व मौजूद है, लेकिन ऐसा भंडार नहीं बनाया जा सकता जो छह महीने तक चले। यह 20 से 40 दिनों की मांग को पूरा कर सकता है, लेकिन उससे लंबी अवधि के लिए नहीं। पश्चिम एशिया में चल रहे संकट पर बात करते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि इसका असर भारत पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘मैं यह झूठ नहीं बोलूंगा कि इसका असर भारत पर हो रहा है, लेकिन निश्चित रूप से सरकार ने पूरी योजना बना ली है और हम स्थिति पर बहुत करीब से नजर रख रहे हैं।’


    देश में कोई संकट नहीं, पड़ोसियों की भी हो रही मदद

    वैश्विक तनाव के कारण पैदा हुई चिंताओं को खारिज करते हुए पीएनजीआरबी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि देश में जीवाश्म ईंधन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में तरल ईंधन का कोई संकट नहीं है और पैनिक करने की कोई आवश्यकता नहीं है। मिश्रा ने बताया कि भारत इस संकट की घड़ी में केवल अपनी जरूरतें पूरी नहीं कर रहा, बल्कि बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों की भी मदद कर रहा है।


    आयात निर्भरता और तेल खरीद के नए विकल्प

    आयात पर निर्भरता कम करने के सवाल पर मिश्रा ने कहा कि घरेलू कच्चे तेल के उत्पादन को बढ़ाना एक क्रमिक प्रक्रिया है। सरकार के हालिया प्रयासों और नई खोजों के बावजूद इसे रातों-रात हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि भारत ने हाल के वर्षों में कच्चे तेल की खरीद का दायरा काफी बढ़ाया है। अब आपूर्ति केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं है, बल्कि रूस और वेनेजुएला जैसे देशों से भी तेल आ रहा है। इसके अलावा मोजाम्बिक और अंगोला में भी नए विकल्प तलाशे जा रहे हैं।


    कीमतों में उछाल अस्थायी होगा

    अगर वैश्विक संघर्ष लंबा खिंचता है और कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी होती है, तो इस चिंता पर मिश्रा ने कहा कि इसका असर केवल कुछ समय के लिए होगा। उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा कि अगर कीमतें बढ़ती हैं, तो हम स्थिति को संभालने में सक्षम होंगे… जो भी मूल्य वृद्धि होगी, वह बहुत ही अस्थायी होगी।” उन्होंने उम्मीद जताई कि कीमतें अंततः संकट से पहले के स्तर पर लौट आएंगी।