मेट्रो से बॉर्डर 2 देखने जा रहे थे वरुण
डिसक्लेमर के साथ होना चाहिए था वीडियो
लोगों ने उड़ाया वरुण का मजाक

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रिपोर्ट के मुताबिक न्यू इंग्लैंड समेत अमेरिका का अधिकतर इलाका इस समय बर्फीले तूफान से जूझ रहा है। इसमें आठ लोगों को ले जा रहा बॉम्बार्डियर चैलेंजर 600 विमान रविवार रात को उड़ान भरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। बोस्टन से लगभग 200 मील उत्तर में स्थित हवाई अड्डे को दुर्घटना के बाद बंद कर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक विमान उड़ान भरने की कोशिश करते समय पलट गया और उसमें आग लग गई। यह रविवार शाम लगभग 7:45 बजे हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। एनटीएसबी ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि विमान उड़ान भरने के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ और दुर्घटना के बाद उसमें आग लग गई, लेकिन जांचकर्ताओं के एक-दो दिन में पहुंचने के बाद ही वे कोई और बयान जारी करेंगे।
बैंगोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से ऑरलैंडो फ्लोरिडा वॉशिंगटन डी.सी. और शार्लट नॉर्थ कैरोलाइना जैसे शहरों के लिए सीधी उडानें उपलब्ध हैं। यह हवाई अड्डा बोस्टन से लगभग 200 मील 320 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। हादसे के कुछ ही देर बाद एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया और इसे कम से कम बुधवार दोपहर तक बंद रखा जाएगा। यह हादसा ऐसे समय हुआ जब न्यू इंग्लैंड और देश के बड़े हिस्से भीषण शीतकालीन तूफान से जूझ रहे थे। सावेद्रा ने बताया कि रविवार को बैंगोर में लगातार बर्फबारी हो रही थी, हालांकि हादसे के समय के आसपास विमान उतर और उड़ान भर रहे थे।

बॉर्डर 2 बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट दिन कलेक्शन
लाइव अपडेट
सुबह 8 बजे तक – 0.05 करोड़ रुपये
सुबह 9 बजे तक – 0.18 करोड़ रुपये
सुबह 10 बजे तक – 0.41 करोड़ रुपये
सुबह 11 बजे तक – 0.72 करोड़ रुपये
दोपहर 12 बजे तक – 1.3 करोड़ रुपये

आईसीसी के अनुसार, अगर कोई खिलाड़ी या टीम बिना पूर्व अनुमति इंटरनेशनल मैच में काली पट्टी या किसी तरह का प्रतीक पहनती है, तो इसे नियमों के विरुद्ध माना जाएगा. इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं. 2023 में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी उस्मान ख्वाजा को बिना अनुमति काली पट्टी पहनने पर आईसीसी की ओर से सख्त चेतावनी दी गई थी.
पाकिस्तान पर क्या हो सकता है एक्शन
अगर पाकिस्तान की टीम बिना अनुमति काली पट्टी पहनती है, तो पहली बार में आईसीसी फटकार या चेतावनी दे सकती है. इसे ‘अन्य उल्लंघन’ की श्रेणी में रखा जाता है. वहीं, अगर नियमों का दोबारा उल्लंघन हुआ तो खिलाड़ियों पर मैच फीस का 25 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है. गंभीर स्थिति में टीम पर और भी सख्त कार्रवाई संभव है.
बांग्लादेश मुद्दे पर पाकिस्तान का खुला समर्थन
दरअसल, सुरक्षा कारणों से भारत में खेलने से इनकार करने के बाद आईसीसी ने बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर कर दिया था और उसकी जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया गया. इस फैसले से पाकिस्तान नाखुश है और वह लगातार बांग्लादेश के पक्ष में खड़ा नजर आ रहा है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भले ही अपनी टीम का ऐलान कर दिया हो, लेकिन यह साफ कर दिया गया है कि टूर्नामेंट में खेलने का अंतिम फैसला सरकार के स्तर पर लिया जाएगा.
काली पट्टी पहनना क्यों बना चर्चा का विषय
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान बांग्लादेश के समर्थन में वर्ल्ड कप के दौरान काली पट्टी पहनकर उतर सकता है. आमतौर पर काली पट्टी विरोध या शोक का प्रतीक मानी जाती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इसे पहनना नियमों के खिलाफ माना जाता है. आईसीसी के क्लोथिंग और इक्विपमेंट नियम खिलाड़ियों को बिना अनुमति किसी भी तरह का राजनीतिक, धार्मिक या व्यक्तिगत संदेश प्रदर्शित करने की इजाजत नहीं देते.

लॉयड्स ऑक्शंसद्वारा बेची गई इस बैगी ग्रीन पर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट का कोट ऑफ आर्म्सबना है और उसके नीचे 1947-48कढ़ा हुआ है। भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज 1947-48 ब्रैडमैन की आखिरी घरेलू टेस्ट सीरीज थी। इसके बाद उन्होंने 1948 में 99.94 के औसत के साथ क्रिकेट से संन्यास लिया। उन्हें खेल के इतिहास का महानतम बल्लेबाज माना जाता है। भारत ने स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में इस यह श्रृंखला के लिए अपना पहला टेस्ट दौरा किया था। लाला अमरनाथ की अगुआई में भारतीय टीम ने ब्रैडमैन के नेतृत्व वाली मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम का पांच मैचों की श्रृंखला में सामना किया था। ऑस्ट्रेलिया ने श्रृंखला में 4-0 से जीत दर्ज की थी, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा।
नीलामी के दौरान इस टोपी को हॉली ग्रेल ऑफ क्रिकेट क्रिकेट का बेशकीमती या दुर्लभ चीज करार देते हुए लॉयड्स ऑक्शनियर्स एंड वैल्यूअर्सके मुख्य परिचालन अधिकारी ली हेम्स ने कहा कि सोहोनी की अंतिम इच्छा थी कि यह कैप ऑस्ट्रेलिया के पास रहे। गार्जियनकी रिपोर्ट के अनुसार, हेम्स ने कहा, यह 75 वर्षों तक छिपाकर रखी गई थी, यानी तीन पीढ़ियों तक ताले में बंद रही। परिवार के सदस्यों को भी 16 वर्ष की उम्र के बाद सिर्फ पांच मिनट के लिए इसे देखने की अनुमति थी। लॉयड्स ऑक्शंसके एक प्रवक्ता ने बताया कि यह टोपी अब ऑस्ट्रेलिया में ही रहेगी और इसे किसी प्रमुख संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाएगा। टोपी के अंदर डी. जी. ब्रैडमैन और एस. डब्ल्यू. सोहोनी के नाम अंकित हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नीलामी की बोली एक डॉलर से शुरू हुई और ऑस्ट्रेलिया, भारत और ब्रिटेन के खरीदारों की गहरी दिलचस्पी के बीच यह 4.60 लाख डॉलर में बिकीं।
इसके मुताबिक, 75 वर्षों तक एक ही परिवार द्वारा सहेजी गई यह टोपी डॉन ब्रैडमैन के अजेय दौर और भारतीय टीम के साथ हुए यादगार आदान-प्रदान से जुड़ाव का प्रतीक है। मौजूदा समय में ब्रैडमैन की केवल 11 बैगी ग्रीनटोपी ज्ञात हैं। उस दौर में टेस्ट क्रिकेटरों को हर श्रृंखला के लिए अलग टोपी दी जाती थी। ब्रैडमैन की 1928 की पहली बैगी ग्रीन 2020 में 4.50 लाख डॉलर में बिकी थी, जबकि 1948 के इंग्लैंड दौरे की कैप 2003 में 4.25 अमेरिकी डॉलर में नीलाम हुई थी।
ब्रैडमैन की एक धूप से फीकी और घिसी हुई बैगी ग्रीन2024 में 4,79,700 डॉलर में बिकी थी, जो उनकी पहनी गई किसी टोपी के लिए अब तक की सबसे ऊंची कीमत है। बैगी ग्रीनके लिए सर्वकालिक रिकॉर्ड शेन वॉर्न की टोपी के नाम है, जो 2020 में ऑस्ट्रेलिया रेड क्रॉस बुशफायरराहत के लिए 10,07,500 डॉलर में बिकी थी।

विशेषज्ञों की कमी होगी दूर डिप्टी सीएम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को फर्स्ट रेफरल यूनिट’ के रूप में सशक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि 1377 विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया में से 500 विशेषज्ञों की सूची प्राप्त हो चुकी है, जिनकी नियुक्ति शीघ्र करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका सीधा लाभ मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में मिलेगा। साथ ही, नर्सिंग शिक्षकों की भर्ती में आ रही प्रक्रियात्मक बाधाओं को दूर करने के लिए भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश भी सामान्य प्रशासन विभाग को भेजे गए हैं।
कैंसर उपचार और बुनियादी ढांचे का विस्तार प्रदेश के मरीजों को इलाज के लिए बाहर न भटकना पड़े, इसके लिए ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर मेडिकल कॉलेजों में उन्नत कैंसर उपचार सुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिए गए हैं। श्री शुक्ल ने कहा कि अधोसंरचना विकास और अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता समय-सीमा में सुनिश्चित की जाए।
तीन नए मेडिकल कॉलेजों का आगाज उप मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि बुधनी, छतरपुर और दमोह में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों का संचालन आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रस्तावित है। इसके लिए नेशनल मेडिकल कमीशन के मापदंडों के अनुसार फर्नीचर उपकरण और शैक्षणिक मैनपावर की भर्ती का कार्य पूर्ति चरण में है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि विभागीय उदासीनता के कारण किसी भी निर्माण कार्य में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में सीएम-डे केयर योजना और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन के लिए बजट उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

घायलों का उपचार और स्थिति हादसे में घायल किशोरों की पहचान कृष्णा तिवारी, अंश दुबे, सहज राजपूत और अर्णव जाट के रूप में हुई है। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के दौरान दो किशोरों की स्थिति बेहद चिंताजनक पाई गई। डॉक्टरों ने तत्काल उनका सीटी स्कैन कराने के बाद बेहतर इलाज और न्यूरो केयर की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें लक्ष्मी नारायण अस्पताल रेफर कर दिया है। शेष दो घायलों का उपचार जिला अस्पताल में ही जारी है। राहत की बात यह है कि ताजा अपडेट के अनुसार फिलहाल चारों की स्थिति स्थिर बनी हुई है।
जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने मामले को संज्ञान में ले लिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार की रफ्तार अधिक थी, जिसके कारण चालक मोड़ पर संतुलन खो बैठा। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या दुर्घटना तकनीकी खराबी की वजह से हुई या फिर मानवीय लापरवाही इसका मुख्य कारण थी। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। बायपास रोड पर बढ़ते हादसों को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से यहाँ सुरक्षा संकेतक लगाने की मांग भी की है।

उदयपुर अपनी भव्य स्थापत्य कला और समृद्ध इतिहास के लिए दुनिया भर के पुरातत्व प्रेमियों के बीच प्रसिद्ध है। यहाँ का भव्य ‘नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर’ पहले से ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित राष्ट्रीय स्मारक है। अब इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय ने गांव की चार अन्य महत्वपूर्ण धरोहरों को ‘राज्य संरक्षित स्मारक’ के रूप में अधिसूचित कर दिया है। सरकार की इस योजना के तहत उदयसागर तालाब, प्राचीन गणेश मंदिर और ऐतिहासिक बावड़ी जैसे स्थलों का विशेष जीर्णोद्धार और संरक्षण किया जाएगा।
विरासत गांव के तौर पर विकसित होने से यहाँ बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार का लक्ष्य यहाँ आने वाले पर्यटकों को मध्य प्रदेश की पौराणिक और शिवकालीन वास्तुकला से रूबरू कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि गंजबसौदा के उदयपुर में वो तमाम खूबियाँ मौजूद हैं जो इसे खजुराहो या ओरछा जैसी पहचान दिला सकती हैं। संरक्षण की इस पहल से उदयपुर की प्राचीन गलियां, मंदिर और जल संरचनाएं एक बार फिर अपने पुराने वैभव को प्राप्त कर सकेंगी।

घटनास्थल पर पहुँचकर उप मुख्यमंत्री ने देखा कि बालक अंकित कुमार यादव गंभीर रूप से घायल है और उसे तत्काल इलाज की आवश्यकता है। एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय श्री शुक्ल ने अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल को किनारे रखा और अपने ही काफिले के ‘फॉलो वाहन’ से बालक को तुरंत निकटतम अस्पताल रवाना किया। इतना ही नहीं, उन्होंने स्वयं संबंधित जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और मेडिकल स्टाफ को फोन कर घायल बच्चे के उपचार के लिए विशेष निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री की इस तत्परता का सुखद परिणाम यह रहा कि बालक अंकित को ‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज मिल सका। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुँचने के कारण अब बालक का स्वास्थ्य स्थिर है और उसकी जान खतरे से बाहर है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम अब आगे की चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी कर रही है। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में उप मुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना की जा रही है, जो यह संदेश देता है कि पद और पावर से ऊपर किसी की जान बचाना सबसे बड़ा धर्म है।

साजिश या लापरवाही बताया जा रहा है कि इन गोदामों में एक डेकोरेटिंग कंपनी और एक प्रसिद्ध मोमो चेन का काम होता था। यहां रहने वाले मजदूर पुरबा मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना के निवासी थे। चश्मदीदों और भाजपा विधायक अशोक डिंडा के अनुसार, आधी रात को गोदाम का मुख्य गेट बाहर से बंद था, जिसके कारण आग लगने पर मजदूर बाहर नहीं निकल पाए और अंदर ही फंस गए। हालांकि, चार मजदूरों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन लापता लोगों की संख्या 10 से अधिक होने की आशंका जताई जा रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासनिक चुनौतियां दमकल की 12 गाड़ियों ने करीब 7 घंटे तक आग से लोहा लिया, तब जाकर सुबह 10 बजे लपटों पर काबू पाया जा सका। बिजली मंत्री आरूप बिस्वास ने बताया कि गोदाम के भीतर धुआं इतना घना था कि कोलकाता नगर निगम की डिमोलिशन टीम को दीवारें तोड़ने के लिए बुलाना पड़ा। बारुईपुर के पुलिस अधीक्षक शुभेंदु कुमार ने स्पष्ट किया कि मलबा पूरी तरह साफ होने के बाद ही मौतों का सटीक आंकड़ा सामने आ पाएगा।
सियासी घमासान शुरू इस त्रासदी ने बंगाल की राजनीति में भी उबाल ला दिया है। नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए कहा कि जब मजदूर मर रहे थे, तब वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री छुट्टी मना रहे थे। दूसरी ओर, अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस ने कहा कि सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है और मालिकों की जवाबदेही तय की जाएगी। फिलहाल, पूरे इलाके में मातम छाया हुआ है और बचाव दल मलबे में दबे संभावित जिंदगियों की तलाश में जुटा है।