Author: bharati

  • CBSE ने क्लास 10 के लिए जारी की नई गाइडलाइन, उत्तर पुस्तिका में लिखने का तरीका बदला

    CBSE ने क्लास 10 के लिए जारी की नई गाइडलाइन, उत्तर पुस्तिका में लिखने का तरीका बदला


    नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए छात्रों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के प्रश्नों के उत्तर लिखने के तरीके में बड़ा बदलाव किया है। अब छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिका को अलग-अलग सेक्शनों में बांटकर लिखना अनिवार्य होगा।

    तीन हिस्सों में विज्ञान का प्रश्नपत्र

    CBSE के अनुसार विज्ञान का प्रश्नपत्र तीन हिस्सों में विभाजित होगा:

    सेक्शन A: बायोलॉजी

    सेक्शन B: केमिस्ट्री

    सेक्शन C: फिजिक्स

    छात्रों को उत्तर पुस्तिका में भी इसी क्रम में तीन अलग-अलग सेक्शन बनाकर अपने उत्तर लिखने होंगे। अगर किसी छात्र ने फिजिक्स का उत्तर गलती से बायोलॉजी वाले सेक्शन में लिखा, तो उस प्रश्न के अंक नहीं मिलेंगे।

    चार हिस्सों में सामाजिक विज्ञान का प्रश्नपत्र

    सामाजिक विज्ञान के प्रश्नपत्र को चार सेक्शनों में बांटा गया है:

    सेक्शन A: इतिहास

    सेक्शन B: भूगोल

    सेक्शन C: राजनीति विज्ञान

    सेक्शन D: अर्थशास्त्र

    छात्रों को उत्तर पुस्तिका में भी चार स्पष्ट सेक्शन बनाकर ही उत्तर लिखना होगा। किसी भी उत्तर को गलत सेक्शन में लिखने पर उसे मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।

    CBSE के मुख्य निर्देश

    विज्ञान की उत्तर पुस्तिका में तीन सेक्शन, और सामाजिक विज्ञान की उत्तर पुस्तिका में चार सेक्शन बनाना अनिवार्य है।

    किसी भी उत्तर को गलत सेक्शन में नहीं लिखा जा सकता।

    अगर कोई छात्र ऐसा करता है, तो उस उत्तर का मूल्यांकन नहीं होगा, और री-चेकिंग या री-इवैल्युएशन में भी इसे सही नहीं किया जा सकेगा।

    बोर्ड ने साफ किया है कि यह बदलाव उत्तर पुस्तिका को व्यवस्थित और मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए किया गया है। छात्रों को समय रहते इन नई गाइडलाइन्स को समझकर अभ्यास करना जरूरी होगा।

  • शशि थरूर ने ठुकराया वीर सावरकर अवॉर्ड, आयोजकों का दावा: कांग्रेस के डर से पीछे हटे सांसद

    शशि थरूर ने ठुकराया वीर सावरकर अवॉर्ड, आयोजकों का दावा: कांग्रेस के डर से पीछे हटे सांसद


    नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। इस बार वजह है वीर सावरकर अवॉर्ड। हाल ही में पुरस्कार आयोजकों ने इस वर्ष के विजेताओं की सूची में थरूर का नाम शामिल किया, लेकिन सांसद ने यह अवॉर्ड स्वीकार करने से साफ इंकार कर दिया।

    थरूर का पक्ष

    शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्हें मीडिया रिपोर्ट्स के माध्यम से ही पता चला कि उन्हें अवॉर्ड के लिए चुना गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें इसके बारे में कोई पूर्व जानकारी नहीं थी और न ही उन्होंने इसे स्वीकार किया था। थरूर ने इसे आयोजकों की गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाई बताया।

    उन्होंने कहा, “पुरस्कार की प्रकृति, इसे देने वाले संगठन या अन्य विवरणों की जानकारी न होने के कारण, मेरे शामिल होने या पुरस्कार स्वीकार करने का सवाल ही नहीं उठता।”

    आयोजकों का पलटवार

    वहीं, पुरस्कार आयोजक हाई रेंज रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी (HRDS) इंडिया ने थरूर के आरोपों को खारिज कर दिया। HRDS के सचिव अजी कृष्णन ने कहा कि थरूर को काफी पहले ही सूचित किया गया था। उन्होंने दावा किया कि संगठन और जूरी के चेयरमैन ने थरूर से उनके आवास पर मुलाकात कर उन्हें समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था।

    कृष्णन ने कहा कि थरूर ने उस समय अन्य अवॉर्ड विजेताओं की सूची भी मांगी और उन्हें वह सूची दे दी गई। उन्होंने सीधे आरोप लगाया कि शायद थरूर कांग्रेस की प्रतिक्रिया के डर से अवॉर्ड लेने से पीछे हटे।

    राजनीतिक बहस

    सावरकर पर अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए जाने जाने वाले थरूर का यह कदम अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस पार्टी, जो ऐतिहासिक रूप से सावरकर की विचारधारा की आलोचक रही है, के एक सांसद का पुरस्कार ठुकराना पार्टी लाइन के अनुरूप है।

    हालांकि आयोजकों के दावे ने विवाद को नया आयाम दिया है। अब यह मामला केवल पुरस्कार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक बहस और मीडिया में बड़े पैमाने पर चर्चा का केंद्र बन गया है।

  • र।जकोट 6 सल की बच्ची से निर्भय जैसी दरिंदगीरेप में नकम होने पर प्रइवेट पर्ट में रॉड डली 35 वर्षीय आरोपी गिरफ्तर

    र।जकोट 6 सल की बच्ची से निर्भय जैसी दरिंदगीरेप में नकम होने पर प्रइवेट पर्ट में रॉड डली 35 वर्षीय आरोपी गिरफ्तर



    राजकोट । गुजरात के राजकोट जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला राजकोट के अटकोट गाँव का है जहाँ एक 6 साल की मासूम बच्ची के साथ निर्भया कांड जैसी क्रूरता को अंजाम दिया गया। इस अमानवीय कृत्य को सुनकर हर किसी की रूह कांप उठी है।

    अटकोट गाँव में दरिंदगी की हद

    मिली जानकारी के अनुसार यह वीभत्स घटना अटकोट गाँव में घटी जहाँ एक मजदूर की 6 साल की बेटी अपने घर के पास खेतों में खेल रही थी। इसी दौरान आरोपी ने मासूमियत का फायदा उठाया और उसे बहला-फुसलाकर एक सुनसान इलाके में ले गया। वहाँ उस दरिंदे ने बच्ची के साथ घिनौना अपराध करने की कोशिश की। जाँच में पता चला है कि आरोपी ने पहले बच्ची का गला घोंटकर उसके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया।
    जब बच्ची ने अपनी जान बचाने के लिए चीख-पुकार मचाई तो हैवानियत पर उतारू आरोपी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। उसने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए बच्ची के गुप्त अंग प्राइवेट पार्ट में एक रॉड जैसा हथियार डाल दिया। इस जघन्य हमले से मासूम बच्ची बुरी तरह जख्मी हो गई और लहूलुहान होकर अर्द्ध बेहोशी की हालत में वहीं पड़ी रह गई। आरोपी उसे उसी दर्दनाक स्थिति में छोड़कर मौके से फरार हो गया।

    गंभीर हालत में अस्पताल में इलाज जारी

    जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी तो उसके परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की। बच्ची को ढूँढ़ते हुए वे उस सुनसान जगह पहुँचे जहाँ उन्होंने अपनी बेटी को खून से लथपथ और गंभीर हालत में पाया। यह भयावह दृश्य देखकर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। तत्काल बच्ची को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत राजकोट के सरकारी बच्चों के अस्पताल में रेफर कर दिया। इस समय बच्ची का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है और डॉक्टर्स उसकी जान बचाने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं।

    पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को दबोचा

    मामले की गंभीरता और जघन्यता को देखते हुए राजकोट पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।विशेष टीमों का गठन राजकोट पुलिस ने मामले की गहन जाँच के लिए विशेष टीमों का गठन किया।सघन पूछताछ और स्कैनिंग पुलिस ने घटना के संबंध में लगभग 100 संदिग्धों से पूछताछ की। साथ ही आस-पास के गाँवों के सभी सीसीटीवी फुटेज को स्कैन किया गया
    और मोबाइल डेटा की भी बारीकी से जाँच की गई।पहचान में सफलता विशेषज्ञों की मदद से जख्मी बच्ची से आरोपी की पहचान करने के लिए कहा गया और उसने उस दरिंदे को पहचान लिया।लंबी और व्यापक तलाश के बाद पुलिस ने आखिरकार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान रामसिंह तेरसिंग के रूप में हुई है जो मध्य प्रदेश के अलीराजपुर का रहने वाला है।

    तीन बेटियों का बाप निकला दरिंदा

    गिरफ्तार आरोपी रामसिंह तेरसिंग की उम्र करीब 35 साल बताई जा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी रामसिंह खुद तीन बेटियों का पिता है। रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस पूछताछ में रामसिंह ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। पुलिस ने इस जघन्य कृत्य के लिए आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
    पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल कर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे इस घटना ने एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित स्थान क्या है और ऐसी मानसिकता वाले अपराधियों के लिए कानून में कितनी सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए।

  • स्मृति मंधन की मैदन पर वपसीभरत और श्रीलंक के बीच टी20 सीरीज 21 दिसंबर से

    स्मृति मंधन की मैदन पर वपसीभरत और श्रीलंक के बीच टी20 सीरीज 21 दिसंबर से


    नई दिल्ली । भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना जल्द ही मैदान पर वापसी करने वाली हैं। आगामी भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के साथ मंधाना क्रिकेट की दुनिया में अपना कदम वापस रख रही हैं। इस सीरीज के दौरान मंधाना पर विशेष ध्यान रहेगाक्योंकि वह भारतीय महिला टीम की उपकप्तान हैं और उनकी वापसी को लेकर फैन्स के बीच काफी उत्साह है।

    टीम इंडिया का ऐलान और सीरीज का शेड्यूल

    भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली पांच मैचों की सीरीज के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम का ऐलान कर दिया गया है। यह सीरीज 21 दिसंबर को विशाखापट्टनम में होने वाले पहले टी20 मैच से शुरू होगी और 30 दिसंबर तक चलेगी। इस सीरीज के शेड्यूल का पहले ही ऐलान हो चुका थालेकिन अब टीम का भी ऐलान कर दिया गया है। यह भारतीय महिला टीम का वनडे विश्व कप के बाद पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा। टीम की कमान हरमनप्रीत कौर के हाथों में रहेगीजबकि स्मृति मंधाना उपकप्तान के रूप में उनकी मदद करेंगी।

    स्मृति मंधाना का ध्यान आकर्षित करना व्यक्तिगत जीवन और क्रिकेट

    स्मृति मंधाना इस समय चर्चा का केंद्र बनी हुई हैंन केवल अपनी क्रिकेटिंग उपलब्धियों के लिएबल्कि उनके व्यक्तिगत जीवन के कारण भी। हाल ही मेंमंधाना अपनी शादी को लेकर सुर्खियों में थीं। हालांकिउनके पिता की अचानक तबीयत खराब हो जाने के कारण शादी की तारीख को टाल दिया गया था। बाद मेंमंधाना ने खुद सोशल मीडिया पर यह स्पष्ट किया कि अब उनकी शादी नहीं हो रही हैलेकिन इस घटनाक्रम ने मीडिया में काफी हलचल मचाई।

    टी20 इंटरनेशनल में स्मृति मंधाना के शानदार आंकड़े

    स्मृति मंधाना ने अब तक अपने टी20 इंटरनेशनल करियर में 154 मुकाबले खेले हैंजिसमें उन्होंने कुल 3984 रन बनाए हैं। इस दौरानउनके नाम एक शतक और 31 अर्धशतक दर्ज हैं। उनका औसत और स्ट्राइक रेट शानदार रहा हैजो उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टार बनाता है। इस समयस्मृति मंधाना आईसीसी की टी20 रैंकिंग में तीसरे नंबर पर हैंऔर उनकी रेटिंग 767 है। अगर मंधाना इस सीरीज में शानदार प्रदर्शन करती हैंतो वह जल्द ही पहले नंबर पर भी काबिज हो सकती हैं।

    टी20 सीरीज का पूरा शेड्यूल

    पहला टी20 मैच 21 दिसंबरविशाखापट्टनम
    दूसरा टी20 मैच 23 दिसंबरविशाखापट्टनम
    तीसरा टी20 मैच 26 दिसंबरतिरुवनंतपुरम
    चौथा टी20 मैच 28 दिसंबरतिरुवनंतपुरम
    पांचवां टी20 मैच 30 दिसंबरतिरुवनंतपुरम

    भारतीय महिला टीम का स्क्वॉड

    भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर हैंजबकि उपकप्तान स्मृति मंधाना हैं। इसके अलावा टीम में दीप्ति शर्मास्नेह राणाजेमिमा रोड्रिग्सशेफाली वर्माहरलीन देयोलअमनजोत कौरअरुंधति रेड्डीक्रांति गौड़रेणुका सिंह ठाकुरऋचा घोष विकेटकीपर जी कमलिनी विकेटकीपर श्री चरणीऔर वैष्णवी शर्मा भी शामिल हैं।

    स्मृति मंधाना पर सबकी नजरें

    स्मृति मंधाना के लिए यह सीरीज एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकती है। भारत की स्टार ओपनर पर सभी की नजरें रहेंगीखासकर उनकी व्यक्तिगत और क्रिकेटिंग उपलब्धियों के संदर्भ में। मंधाना की बल्लेबाजी में जो आकर्षण हैवह हर मैच में दर्शकों को अपने साथ जोड़े रखता है। अगर मंधाना अपनी शानदार फॉर्म जारी रखती हैंतो न केवल भारत को सीरीज जीतने में मदद मिल सकती हैबल्कि वह अपनी रैंकिंग में और ऊपर भी जा सकती हैं। टी20 सीरीज के दौरान भारत और श्रीलंका के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगाजिसमें मंधाना की टीम के प्रति महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह सीरीज निश्चित ही महिला क्रिकेट के प्रशंसकों के लिए रोमांचक होने वाली है।

  • 1 फरवरी 2026 को रविवार को खुलेगा शेयर बाजार, पेश होगा आम बजट

    1 फरवरी 2026 को रविवार को खुलेगा शेयर बाजार, पेश होगा आम बजट


    नई दिल्ली। आमतौर पर सप्ताहांत में बंद रहने वाले बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) 1 फरवरी 2026 (रविवार) को खुलेंगे। इस दिन केंद्र सरकार आम बजट पेश करेगी, इसलिए बाजार नियामकों और वित्त मंत्रालय की सहमति के बाद एक्सचेंज खुलने का निर्णय लिया गया है।

    बजट डे पर बाजार खुलने का मकसद

    सरकार का यह कदम निवेशकों को सीधे बजट के प्रभाव को बाजार में तुरंत देखने का मौका देने के लिए है। आम दिनों में शनिवार और रविवार को बाजार बंद रहते हैं, लेकिन बजट जैसे अहम आर्थिक दिन को अपवाद माना गया है।

    बजट के फैसले सीधे शेयर बाजार पर असर डालते हैं। टैक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग, मैन्युफैक्चरिंग और कैपिटल मार्केट से जुड़े एलानों के आधार पर निवेशक अपनी रणनीति बनाते हैं। इसलिए बजट के दिन बाजार खुला रहने से अगले दिन बड़े उतार-चढ़ाव से बचा जा सकेगा।

    इकोनॉमिक सर्वे की तारीख

    आम बजट के दिन इकोनॉमिक सर्वे भी पेश किया जाता है। इस बार यह संभवत: 31 जनवरी (शनिवार) या 30 जनवरी (शुक्रवार) को संसद में पेश किया जाएगा। इकोनॉमिक सर्वे देश की आर्थिक स्थिति और नीतिगत दिशा का संकेत देता है, जिस पर निवेशकों की खास नजर रहती है।

    पहले भी खुल चुका है बाजार

    पहले भी बजट के दिन शेयर बाजार रविवार या शनिवार को खुल चुका है। उदाहरण के लिए, 1 फरवरी 2025 को शनिवार था और बाजार खुला था। वहीं, 28 फरवरी 1999 को रविवार को बजट पेश किया गया था।

    बजट की थीम पर कयास

    हालांकि बजट में अभी करीब 50 दिन बाकी हैं, लेकिन निवेशक पहले से ही अटकलें लगाने लगे हैं। उम्मीद है कि बजट में आयकर में राहत, इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े खर्च, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और कैपिटल मार्केट सुधार जैसे फैसले हो सकते हैं।

    कुल मिलाकर, रविवार को बजट पेश होना और शेयर बाजार खुलना निवेशकों के लिए रोमांचक रहेगा। सरकार का मकसद है कि बजट का असर अर्थव्यवस्था और बाजार पर तुरंत स्पष्ट रूप से दिखाई दे।

  • संजय कपूर की वसीयत पर विवाद प्रिय‍ ,सचदेव कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट में विदेशी संपत्तियों पर दलील दी

    संजय कपूर की वसीयत पर विवाद प्रिय‍ ,सचदेव कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट में विदेशी संपत्तियों पर दलील दी


    नई दिल्ली। उद्योगपति संजय कपूर की बहु-करोड़ की संपत्ति को लेकर उनके परिवर में कनूनी विवद तेज हो गय है। उनकी विधव पत्नी प्रिय‍। सचदेव कपूर और उनके नबलिग बेटे ने मंगलवर को दिल्ली हई कोर्ट में यह दलील दी कि ब्रिटेन और अमेरिक में स्थित उनकी संपत्तियों पर दिल्ली हई कोर्ट क कोई अधिकर क्षेत्र नहीं है। यह ममल संजय कपूर की वसीयत के करण उठ हैजिसे लेकर परिवर के सदस्य एक-दूसरे पर आरोप लग रहे हैं।

    यह विवद तब शुरू हुआ जब संजय कपूर की पहली पत्नी और बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्म कपूर के बच्चे समयर और कियनअपनी मं को अभिभवक बनकर अदलत पहुंचे। उन्होंने आरोप लगय कि प्रिय‍। कपूर ने संजय की वसीयत को फर्जी तरीके से तैयर किय हैऔर वह इस वसीयत के आधर पर विदेशों में स्थित करोड़ों रुपये की संपत्तियों पर मलिकन हक जतन चहती हैं।

    दिल्ली हई कोर्ट में सुनवई और दलीलें

    मंगलवर को दिल्ली हई कोर्ट में सुनवई के दौरन प्रिय‍। कपूर और उनके नबलिग बेटे के वकील ने यह दलील दी कि विदेशों में स्थित अचल संपत्तियों को लेकर किसी भी प्रकर क आदेश विदेशी न्ययलयों के अधिकर क्षेत्र में आत है। ऐसे में दिल्ली हई कोर्ट इन संपत्तियों पर कोई स्टेटस-को य प्रतिबंध लगने क आदेश नहीं दे सकती। इस पर न्ययमूर्ति ज्योति सिंह ने सभी पक्षकरों की दलीलें सुनीं और सभी को लिखित जवब दखिल करने क निर्देश दिय। कोर्ट ने ममले को 22 दिसंबर के लिए सूचीबद्ध कियजब यह तय किय जएग कि दिल्ली हई कोर्ट विदेशी संपत्तियों पर कोई अंतरिम रहत दे सकती है य नहीं।

    करिश्म कपूर के बच्चों क पक्ष

    इस दौरन करिश्म कपूर के बच्चों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्त महेश जेठमलनी ने अदलत से अनुरोध किय कि यदि कोर्ट सीधे विदेशी संपत्तियों पर आदेश नहीं दे सकतीतो कम से कम प्रिय‍ कपूर को फर्जी वसीयत क इस्तेमल करके विदेशों में स्थित संपत्तियों क मलिकन हक लेने से रोक जए। करिश्म के बच्चों क आरोप है कि संजय कपूर द्वर तैयर की गई कथित वसीयत में लगभग 30000 करोड़ रुपये की संपत्तियों क उल्लेख हैऔर इस वसीयत की सत्यत पर गंभीर सवल उठए ज रहे हैं।

    AIPL में शेयरों क विवद

    प्रिय‍। कपूर के नबलिग बेटे के वकील अखिल सिब्बल ने कोर्ट में यह स्पष्ट किय कि प्रिय‍ कपूर क में स्थित शेयरों को बेचने क कोई इरद नहीं है। उनके अनुसरये शेयर संजय कपूर की मृत्यु के बद कनूनी रूप से प्रिय‍ के नम ट्रंसफर हुए हैं। यह विवद केवल विदेशों में स्थित अचल संपत्तियों के संबंध में हैजिन पर दिल्ली हई कोर्ट कोई आदेश नहीं दे सकती।

    संजय कपूर क परिवर और संपत्ति क विवद

    इस ममले में केवल करिश्म कपूर के बच्चे ही नहींबल्कि संजय कपूर की मं और बहन भी वसीयत की प्रमणिकत पर सवल उठ चुकी हैं। संजय कपूरजो Sona Comstar के चेयरमैन थेइस वर्ष जून में लंदन में एक पोलो मैच के दौरन निधन हो गए थे। संजय की शदी पहले करिश्म कपूर से 2003 से 2016 तक रहीऔर फिर 2017 में प्रिय‍ सचदेव कपूर से हुई थी।

    आने वली सुनवई और संभवित कनूनी मोड़

    22 दिसंबर को अदलत यह तय करेगी कि क्य दिल्ली हई कोर्ट विदेशी संपत्तियों के संबंध में कोई अंतरिम रहत दे सकती हैय फिर इस ममले को संबंधित विदेशी न्ययलयों के अधिकर क्षेत्र में भेज जएग। यह ममल संजय कपूर की संपत्ति को लेकर कनूनी दंव-पेच क हिस्स बन चुक है और कपूर परिवर को कई हिस्सों में बंटने वल है। आने वले दिनों में यह ममल और भी महत्वपूर्ण कनूनी मोड़ ले सकत हैजिससे परिवर के रिश्तों और संपत्तियों की भविष्यवणी करन मुश्किल हो सकत है। संपत्ति विवदों के इस जटिल ममले ने कपूर परिवर में दररें पैद कर दी हैं और यह पूरी कनूनी लड़ई न केवल एक परिवरबल्कि भरतीय फिल्म इंडस्ट्री के एक प्रमुख परिवर के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

  • हरियाणा में डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें

    हरियाणा में डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें


    हरियाणा। में सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर बुधवार (10 दिसंबर) से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। सरकार की ओर से डॉक्टरों पर ESMA (Essential Services Maintenance Act) लागू किया गया है, साथ ही No Work No Pay का नियम भी लगाया गया, लेकिन डॉक्टर अपनी मांगें मनवाने के लिए हड़ताल जारी रखेंगे।

    इस वजह से सरकारी अस्पतालों में मरीज दवा लेने और इलाज कराने के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं और कई जगहों पर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    डॉक्टरों की मुख्य मांगें

    हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजेश ख्यालिया ने कहा कि सरकार ने पिछले साल लिखित रूप में कहा था कि सरकारी डॉक्टरों की पदोन्नति के लिए Assured Career Progression (ACP) लागू किया जाएगा, लेकिन अब तक यह लागू नहीं हुआ है।
    डॉ. ख्यालिया ने कहा कि सरकार ने हाल ही में 200 SMO (Senior Medical Officer) भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें 160 पद सीधे भरे जाएंगे। उनका कहना है कि यह मौजूदा सरकारी डॉक्टरों के साथ अन्याय है, क्योंकि इन पदों पर उनकी पदोन्नति होनी चाहिए थी।

    खाली पदों की समस्या

    राज्य में लगभग 600 मेडिकल ऑफिसर्स के पद खाली हैं। डॉक्टरों का कहना है कि पहले इन पदों को भरा जाना चाहिए, न कि हड़ताल करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

    भूख हड़ताल का ऐलान

    डॉ. ख्यालिया ने बताया कि स्वास्थ्य निदेशालय पंचकूला में तीन डॉक्टरों ने हड़ताल के समर्थन में भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

    सरकार की प्रतिक्रिया

    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने डॉक्टरों की कुछ मांगें मान ली हैं और शेष पर बातचीत जारी है। इसके बावजूद डॉक्टर अपनी हड़ताल जारी रखेंगे।

    इस हड़ताल के चलते हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी असर पड़ रहा है और मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

  • झाबुआ में धर्म परिवर्तन विवाद: ईसाई बने शख्स को ‘जय श्रीराम’ न बोलने पर पीटा, वीडियो वायरल

    झाबुआ में धर्म परिवर्तन विवाद: ईसाई बने शख्स को ‘जय श्रीराम’ न बोलने पर पीटा, वीडियो वायरल


    मध्य प्रदेश। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें झाबुआ जिले के पाटडी गांव का नजारा दिखाई दे रहा है। वीडियो में रावजी डामर नाम का व्यक्ति स्पष्ट रूप से कहता है, मैं अब ईसाई हूं, जय श्री राम नहीं बोलूंगा।” इसके बाद कुछ गांववालों ने उसे रोकने की कोशिश की और उसे मारपीट शुरू कर दी।

    मामला तब और बढ़ गया जब रावजी अपने धर्म के चुनाव पर अडिग रहे। मारपीट के दौरान उन्हें गालियां भी दी गईं। इस घटना के बाद गांव में तनाव बढ़ गया और मामले को लेकर दोनों पक्षों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    थांदला थाना के SDOP नीरज नामदेव ने बताया कि मामले की जांच जारी है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस आरोपियों को जल्द पकड़ने की बात कह रही है।

    वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी विवाद छिड़ गया। लोग अलग-अलग राय दे रहे हैं—कुछ रावजी के समर्थन में हैं, तो कुछ पीटने वाले पक्ष की वजहों को समझने की कोशिश कर रहे हैं। इस घटना ने सिर्फ गांव में ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बहस छेड़ दी है कि किसी को अपने धर्म के चुनाव के लिए दबाव देना कितना सही है।

    इस मामले ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि जय श्री राम कहना या न कहना केवल शब्दों का मामला नहीं, बल्कि अधिकार और धर्म के चुनाव से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है।

  • UP में रोजगार का मेगा मिशन: CM योगी ने गोरखपुर में आधुनिक ITI भवन का किया उद्घाटन, बोले-“50 हजार युवाओं को मिली है सीधे नौकरी”

    UP में रोजगार का मेगा मिशन: CM योगी ने गोरखपुर में आधुनिक ITI भवन का किया उद्घाटन, बोले-“50 हजार युवाओं को मिली है सीधे नौकरी”


    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को कौशल और रोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिपरौली ब्लॉक में नवनिर्मित राजकीय ITI भवन का उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक ITI पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा CSR फंडिंग के तहत बनाया गया है।

    सरकार का यह प्रयास न सिर्फ तकनीकी शिक्षा को आधुनिक बनाएगा, बल्कि गोरखपुर को कौशल विकास का नया केंद्र बनाने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा।

    GIDA के अनुरूप तैयार होगा आधुनिक वर्कफोर्स

    सीएम योगी ने कहा कि यह नया ITI, गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) में तेजी से बढ़ते औद्योगिक माहौल के हिसाब से युवाओं को भविष्य की तकनीकों में दक्ष बनाएगा।
    उन्होंने कहा-
    अब युवाओं को सिर्फ पारंपरिक हुनर नहीं, बल्कि ड्रोन, AI, रोबोटिक्स, 3D प्रिंटिंग और IoT जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए ITI में अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों प्रकार के कोर्स शुरू किए गए हैं।

    सरकार का लक्ष्य है कि हर युवा नई टेक्नोलॉजी पर पकड़ बनाए और रोजगार की नई संभावनाओं का लाभ उठा सके।

    GIDA में 15,000 करोड़ का निवेश-50,000 को मिली नौकरी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि बीते आठ वर्षों में गोरखपुर के GIDA क्षेत्र में अब तक 12–15 हजार करोड़ का निवेश हो चुका है।
    इससे सीधे 50,000 युवाओं को नौकरी मिली है।

    उन्होंने कहा-
    “UP अब निवेश का नया गढ़ बन चुका है। उद्योगों के स्थापित होने से युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिल रहा है।”

    यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि योगी सरकार प्रदेश में उद्योग, तकनीकी प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट को मजबूत करने पर बेहद जोर दे रही है।

    UP में हर गांव से निकलेगा नया टैलेंट

    हाल ही में सीएम योगी ने 75 जिलों में एक साथ बड़े पैमाने पर कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव, हर ब्लॉक और हर जिले से तकनीकी रूप से प्रशिक्षित युवा निकलकर रोजगार और उद्यमिता के नए अवसरों को अपनाएं।

    राज्य में सांस्कृतिक प्रोजेक्ट्स को भी बढ़ावा

    इसी बीच योगी सरकार ने सांस्कृतिक विकास के लिए भी बड़े कदम उठाए हैं-

    दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची में शामिल किए जाने पर CM ने प्रसन्नता जताई।

    बरेली के छह प्राचीन मंदिरों के विकास के लिए 11.98 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।

    गोरखपुर ITI का उद्घाटन, GIDA में बढ़ता निवेश और हजारों युवाओं को मिली नौकरी-ये सब दर्शाते हैं कि योगी सरकार तकनीक, कौशल और रोजगार को लेकर तेजी से आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में UP का हर जिला आधुनिक शिक्षा और औद्योगिक विकास का बड़ा केंद्र बन सकता है।

  • धर्मेंद्र की दिल्ली प्रेयर मीट में ईशा देओल के एक्स पति भरत तख्तानी भी होंगे शामिल

    धर्मेंद्र की दिल्ली प्रेयर मीट में ईशा देओल के एक्स पति भरत तख्तानी भी होंगे शामिल


    नई दिल्ली बॉलीवुड के लिजेंडरी एक्टर धर्मेंद्र के निधन के बाद उनका परिवार अभी भी गहरे शोक में डूबा हुआ है। ऐसे में उनकी याद में आयोजित की जा रही प्रेयर मीट में परिवार और दोस्तों की उपस्थिति विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो गई है। इस बार हेमा मालिनी और उनकी बेटी ईशा देओल ने नई दिल्ली में एक प्रेयर मीट आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह आयोजन 11 दिसंबर को डॉक्टर अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर जनपथ में होने जा रहा है। यह एक इमोशनल अवसर होगा जब परिवार और धर्मेंद्र के शुभचिंतक उनके 90वें जन्मदिन पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

    इस प्रेयर मीट की खबरों के अनुसार ईशा देओल के एक्स पति भरत तख्तानी भी इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। भरत और ईशा का तलाक हो चुका है लेकिन फिर भी दोनों के बीच दोस्ती और समझदारी बनी हुई है। उनका रिश्ता अब भले ही शादीशुदा नहीं रहा लेकिन वे एक-दूसरे के हर सुख-दुख में साथ हैं। पिछले साल उनका तलाक हुआ था लेकिन इस कठिन समय में भी भरत अपनी बेटी राध्या और मिराया के लिए ईशा के साथ खड़े हैं।

    यह घटनाक्रम दर्शाता है कि परिवार और रिश्तों की अहमियत जीवन में हमेशा बनी रहती है चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों। ईशा के बुरे वक्त में भरत का समर्थन एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि लोग भले ही अलग हो जाएं लेकिन इंसानियत और मानवीय संबंधों का सम्मान हमेशा महत्वपूर्ण रहता है।

    हेमा मालिनी ने 27 नवंबर को मुंबई में भी धर्मेंद्र की याद में एक प्रेयर मीट का आयोजन किया था जिसमें भरत तख्तानी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। यह मीट भी एक भावुक अवसर था जहां धर्मेंद्र के फैंस और परिवार ने उनके प्रति सम्मान और श्रद्धा व्यक्त की। इस मीट में भरत के साथ उनके परिवार के सदस्य भी शामिल हुए थे और ईशा के दुख में उनका साथ दिया था।

    अब दिल्ली में आयोजित होने वाली प्रेयर मीट में ईशा देओल की बहन अहाना देओल भी अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकती हैं। अहाना अपने पति वैभव वोहरा के साथ इस कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस प्रकार यह आयोजन पूरी देओल परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण और भावुक अवसर होगा जहां वे अपने प्रिय धर्मेंद्र की याद में एकजुट होंगे।

    धर्मेंद्र के 90वें जन्मदिन पर आयोजित इस प्रेयर मीट में सनी और बॉबी देओल ने भी भाग लिया था। इस दौरान वे फैंस के साथ मिले और धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि अर्पित की। सनी और बॉबी ने न केवल भारत से बल्कि विदेशों से आए फैंस के साथ भी अपनी भावनाएँ साझा कीं। धर्मेंद्र का योगदान भारतीय सिनेमा में अनमोल रहेगा और उनकी फिल्मों और व्यक्तित्व के प्रति प्रशंसा हमेशा बरकरार रहेगी। इस प्रकार धर्मेंद्र के परिवार द्वारा आयोजित किए गए यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम एक यादगार और भावुक मौका होगा जिसमें उनके साथ बिताए गए समय की यादें और उनके योगदान को सम्मानित किया जाएगा।