Author: bharati

  • मां हिंदू, पिता क्रिश्चिय फिर भी दीया मिर्ज़ा ने क्यों अपनाया मुस्लिम सरनेम जानें वजह

    मां हिंदू, पिता क्रिश्चिय फिर भी दीया मिर्ज़ा ने क्यों अपनाया मुस्लिम सरनेम जानें वजह


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की खूबसूरत और टैलेंटेड एक्ट्रेस दीया मिर्ज़ा ने 2001 में बॉलीवुड इंडस्ट्री में कदम रखा और अपनी पहली ही फिल्म से दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बना ली। हालांकि दीया की व्यक्तिगत जिंदगी और उनके बैकग्राउंड के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। उनका परिवार काफी विविधतापूर्ण रहा है उनकी मां हिंदू और पिता क्रिश्चियन थे फिर भी उन्होंने मुस्लिम सरनेम मिर्ज़ा क्यों अपनाया इसके पीछे की कहानी बेहद दिलचस्प और भावुक है। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से।

    दीया मिर्ज़ा का बैकग्राउंड और सरनेम का बदलाव

    दीया मिर्ज़ा का असली सरनेम हैंडरिच था जो उनके ईसाई पिता के परिवार से जुड़ा हुआ था। हालांकि जब वह महज 4 साल की थीं उनके माता-पिता का तलाक हो गया। इसके कुछ साल बाद 9 साल की उम्र में उनके पिता का निधन हो गया। इस घटना ने दीया को एक गहरे भावनात्मक झटके से गुजरने पर मजबूर किया। लेकिन इसके बाद उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव आया जब उनकी मां ने अहमद मिर्ज़ा से शादी की।

    अहमद मिर्ज़ा ने न केवल दीया की मां से विवाह किया बल्कि वह दीया के लिए एक सच्चे पिता की तरह बने। दीया ने एक इंटरव्यू में इस रिश्ते को बेहद खूबसूरत बताया और कहा कि अहमद मिर्ज़ा ने उन्हें हमेशा अपने बच्चे की तरह प्यार दिया। उनका यह प्यार इतना सच्चा था कि दीया ने मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के दौरान अपने सौतेले पिता के प्रति सम्मान और स्नेह दिखाने के लिए उनका सरनेम मिर्ज़ा अपना लिया।

    मिर्ज़ा सरनेम अपनाने का कारण

    दीया मिर्ज़ा का कहना है कि अहमद मिर्ज़ा के साथ उनका रिश्ता बहुत गहरा था और वह हमेशा उनके लिए एक सच्चे पिता की तरह थे। दीया ने बताया कि मिस इंडिया में हिस्सा लेने के समय उन्होंने महसूस किया कि उन्हें अहमद मिर्ज़ा का सरनेम अपनाना चाहिए क्योंकि यह उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका था। उनका कहना था कि यह सिर्फ एक नाम नहीं था बल्कि यह एक संबंध था जो मेरे दिल के करीब था।

    दो पिता खोने का दर्द

    दीया मिर्ज़ा ने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे। वह महज 23 साल की थीं जब उनके सौतेले पिता अहमद मिर्ज़ा का निधन हो गया। दीया ने उस समय को याद करते हुए कहा कि मैंने एक ही जीवन में दो पिता खो दिए हैं। उनके लिए यह बेहद कठिन समय था क्योंकि एक तरफ उन्हें अपने असली पिता का दुख था वहीं दूसरी ओर उन्हें अपने सौतेले पिता को भी खोने का गहरा दुख सहन करना पड़ा।

    दीया का ग्लैमरस सफर

    दीया मिर्ज़ा का बॉलीवुड करियर भी काफी सफल रहा। साल 2000 में उन्होंने मिस एशिया पैसिफिक इंटरनेशनल का खिताब जीता और उसी साल प्रियंका चोपड़ा ने मिस वर्ल्ड का टाईटल जीता था। इसके बाद दीया ने मॉडलिंग और बॉलीवुड दोनों में अपनी पहचान बनाई। अपनी फिल्मी यात्रा में उन्होंने विभिन्न शैलियों और किरदारों को निभाया और अपनी खूबसूरती और अभिनय से दर्शकों का दिल जीता। दीया का ग्लैमरस सफर न केवल उनके अभिनय का बल्कि उनके व्यक्तिगत संघर्षों और धैर्य का भी प्रतीक बन चुका है।

    दीया मिर्ज़ा का जीवन केवल फिल्म इंडस्ट्री में उनके योगदान के लिए नहीं जाना जाता बल्कि उनके व्यक्तिगत संघर्ष और परिवार के प्रति उनके प्रेम के लिए भी जाना जाता है। उनके जीवन में एक मुसलमान सौतेले पिता का होना और उनके प्रति सम्मान जताने के लिए मुस्लिम सरनेम अपनाना उनके दिल से जुड़े रिश्तों को दर्शाता है। दीया की यह कहानी हमें यह सिखाती है कि परिवार और प्रेम का कोई धर्म नहीं होता यह भावनाओं और रिश्तों का एक खूबसूरत रूप है।

  • नीतीश के कायल बने ओवैसी के विधायक, बिहार में AIMIM-जेडीयू की सियासत में फिर गर्मा सकती है हवा

    नीतीश के कायल बने ओवैसी के विधायक, बिहार में AIMIM-जेडीयू की सियासत में फिर गर्मा सकती है हवा

    बिहार की सियासत में नई हलचल पैदा हो गई है। AIMIM के विधायक मुर्शीद आलम ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना राजनीतिक गुरु बताया है। मुर्शीद आलम का कहना है कि 2014 में नीतीश कुमार ने उन्हें जेडीयू में राजनीति की राह दिखाई और उन्होंने अपनी सियासी उन्नति में मुख्यमंत्री का योगदान कभी नहीं भुलाया। जोकीहाट सीट से चुने गए इस विधायक ने हाल ही में नीतीश से मुलाकात कर अपने क्षेत्र के लिए दो नए महाविद्यालय और एक अतिरिक्त अंचल की मांग भी रखी।

    सियासी अर्थ और संभावनाएं
    मुर्शीद आलम की तारीफ और उनके नीतीश कुमार के करीब आने से सियासत में अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या AIMIM के विधायक जेडीयू के साथ किसी राजनीतिक समीकरण में शामिल हो सकते हैं। हालांकि AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने मुलाकात को केवल सीमांचल के मुद्दों तक सीमित बताते हुए राजनीतिक अर्थ न निकालने की अपील की। बावजूद इसके, पिछली बार AIMIM के कई विधायक जेडीयू या आरजेडी में शामिल हो चुके हैं, जिससे संभावित गठबंधन को लेकर चर्चाएं बढ़ गई हैं।

    जेडीयू और बीजेपी का परिदृश्य
    2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू ने 85 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि सहयोगी बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या AIMIM के विधायकों को जेडीयू में शामिल कर अपनी संख्या बढ़ाने की रणनीति अपनाई जा सकती है।

    AIMIM के साथ सियासी समीकरण पर सवाल
    मुस्लिम बहुल सीमांचल क्षेत्र से चुने गए AIMIM के पांचों विधायक – मुर्शीद आलम, अख्तरुल ईमान, गुलाम सर्वर, सरवर आलम और मोहम्मद तौसीफ आलम – की नीतीश कुमार के साथ बढ़ती नजदीकियां बिहार की सियासत में नए समीकरण खड़े कर सकती हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या AIMIM और जेडीयू के बीच कोई नया ‘खेला’ सामने आएगा।

  • आयुष्मान कार्ड: साल भर मुफ्त इलाज की सच्चाई और 5 लाख रुपये की सीमा

    आयुष्मान कार्ड: साल भर मुफ्त इलाज की सच्चाई और 5 लाख रुपये की सीमा


    भारत / सरकार ने आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ देने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं, जिनमें आयुष्मान भारत योजना सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। इसे दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में गिना जाता है।

    क्या सच में साल भर मुफ्त इलाज मिलता है?

    आयुष्मान कार्ड मिलने के बाद अक्सर लाभार्थियों के मन में यही सवाल उठता है कि क्या वे पूरे साल अस्पताल में मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। असल में, योजना तकनीकी रूप से साल में असीमित भर्ती की सुविधा देती है, लेकिन 5 लाख रुपये की वार्षिक सीमा तक ही कैशलेस इलाज संभव है।

    5 लाख की वार्षिक सीमा का मतलब

    यह राशि पूरा परिवार के लिए होती है, न कि प्रति व्यक्ति।

    उदाहरण: यदि परिवार में 6 सदस्य हैं, तो 5 लाख रुपये किसी एक सदस्य के इलाज या सभी के इलाज में साझा किए जा सकते हैं।

    वार्षिक सीमा पूरी होने के बाद का खर्च मरीज को खुद वहन करना होगा।

    किस इलाज में मिलता है लाभ?

    योजना मुख्य रूप से गंभीर बीमारियों और अस्पताल में भर्ती इलाज के लिए है।

    OPD, ब्लड टेस्ट, एक्स-रे या मामूली दवाइयाँ योजना में शामिल नहीं।

    गंभीर इलाज जैसे:

    हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट

    प्रोस्टेट कैंसर

    किडनी ट्रांसप्लांट

    कोरोनरी एंजियोप्लास्टी

    न्यूरो सर्जरी

    सभी प्रक्रियाएं कैशलेस होती हैं और मरीज भारी बिल से राहत पाता है।

    घर बैठे बनाएं अपना आयुष्मान कार्ड

    पहले कार्ड बनवाने के लिए कई सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी हो गई है।

    Ayushman App डाउनलोड करें और अपने स्मार्टफोन से कार्ड बनवाएं।

    लॉगिन के लिए मोबाइल नंबर और आधार का उपयोग होता है।

    राज्य और जिले का चयन कर परिवार की पात्रता (Eligibility) चेक की जा सकती है।

    यदि किसी सदस्य का नाम लिस्ट में है लेकिन कार्ड जनरेट नहीं हुआ है, तो ‘Authenticate’ विकल्प से e-KYC पूरी की जा सकती है।

    वेरिफिकेशन के एक हफ्ते के भीतर कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है।

    आयुष्मान कार्ड गंभीर बीमारियों के लिए साल में कैशलेस इलाज प्रदान करता है, लेकिन यह सुविधा 5 लाख रुपये की वार्षिक सीमा तक ही है और पूरे परिवार के लिए साझा होती है।

  • रात को सोते समय चेहरे पर क्या लगाएं? इस रामबाण नुस्खे से मिलेगा नैचुरल ग्लो

    रात को सोते समय चेहरे पर क्या लगाएं? इस रामबाण नुस्खे से मिलेगा नैचुरल ग्लो


    नई दिल्ली। हर कोई चाहता है कि उसका चेहरा साफ, बेदाग और चमकदार दिखे, लेकिन दिनभर की धूल-मिट्टी, प्रदूषण और तनाव का असर सबसे पहले हमारी त्वचा पर पड़ता है। अक्सर लोग सुबह की स्किन केयर पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन रात को चेहरे की सही देखभाल नहीं करते, जबकि एक्सपर्ट्स के अनुसार त्वचा की असली मरम्मत (रिपेयरिंग) रात के समय ही होती है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि रात को सोने से पहले चेहरे पर क्या लगाना चाहिए, जिससे त्वचा को प्राकृतिक ग्लो मिल सके।’
    नारियल तेल से पाएं गहरी नमी और प्राकृतिक चमक
    नारियल तेल को एक बेहतरीन नेचुरल मॉइस्चराइजर माना जाता है। इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण त्वचा को इंफेक्शन से बचाते हैं। रात को सोने से पहले चेहरे को अच्छे से धोकर कुछ बूंदें नारियल तेल की लगाएं और हल्के हाथों से मसाज करें। इससे त्वचा पूरी रात हाइड्रेट रहती है और सुबह चेहरा मुलायम व चमकदार नजर आता है।

    एलोवेरा जेल से दाग-धब्बों और मुंहासों से राहत

    एलोवेरा जेल स्किन के लिए रामबाण माना जाता है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मुंहासों को कम करने में मदद करते हैं और दाग-धब्बों को हल्का करते हैं। रात को सोने से पहले चेहरे पर ताजा एलोवेरा जेल लगाकर हल्की मसाज करें और सुबह गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। नियमित इस्तेमाल से स्किन साफ, सॉफ्ट और ग्लोइंग बनती है।
    गुलाब जल और ग्लिसरीन का मिश्रण भी है असरदार
    अगर आपकी त्वचा रूखी रहती है तो गुलाब जल में थोड़ी-सी ग्लिसरीन मिलाकर चेहरे पर लगाएं। यह त्वचा को गहराई से पोषण देता है और रातभर नमी बनाए रखता है।

    क्या रखें सावधानी?

    रात को कभी भी मेकअप लगाकर न सोएं। सोने से पहले चेहरा अच्छे क्लींजर से साफ करें। बहुत ज्यादा प्रोडक्ट्स एक साथ लगाने से बचें, इससे स्किन रिएक्शन हो सकता है।

    खूबसूरत और दमकती त्वचा के लिए सिर्फ महंगे प्रोडक्ट्स जरूरी नहीं, बल्कि सही नाइट स्किन केयर रूटीन सबसे अहम है। नारियल तेल, एलोवेरा जेल और गुलाब जल जैसे प्राकृतिक उपाय अपनाकर आप बिना साइड इफेक्ट अपनी त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग बना सकते हैं। नियमित देखभाल से कुछ ही दिनों में चेहरे पर निखार साफ नजर आने लगेगा।

  • करीना शाहिद समेत ये सेलेब्स हो चुके हैं MMS स्कैंडल का शिकार देखें लिस्ट

    करीना शाहिद समेत ये सेलेब्स हो चुके हैं MMS स्कैंडल का शिकार देखें लिस्ट


    नई दिल्ली । हाल ही में सोशल मीडिया पर एक 19 मिनट 34 सेकंड का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक टीनएज लड़का-लड़की दिखाए जा रहे हैं। यह वीडियो तेजी से फैल रहा है और युवाओं के बीच चिंता का कारण बन गया है क्योंकि इंटरनेट पर इस तरह की प्राइवेसी ब्रीच अब आम होती जा रही है। हालांकि यह पहला मामला नहीं है जब किसी सेलेब्रिटी का व्यक्तिगत वीडियो लीक हुआ हो। बॉलीवुड के कई बड़े सितारे भी इस तरह के MMS स्कैंडल का शिकार हो चुके हैं और इन घटनाओं ने प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

    करीना कपूर और शाहिद कपूर

    करीना कपूर और शाहिद कपूर का नाम भी MMS लीक के विवाद में आ चुका है। जब दोनों एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में थे तब एक कथित MMS वीडियो वायरल हुआ था जिसमें दोनों को एक पब्लिक प्लेस पर किस करते हुए दिखाया गया था। वीडियो के वायरल होते ही बवाल मच गया था। करीना और शाहिद दोनों ने इसे फर्जी और मॉर्फ्ड बताया और साफ कहा कि यह उनकी प्राइवेसी का उल्लंघन है। यह मामला काफी सुर्खियों में रहा और स्टार्स को मीडिया और सार्वजनिक जीवन में एक नई तरह की असुविधा का सामना करना पड़ा।

    रिया सेन

    रिया सेन का MMS स्कैंडल भी काफी चर्चा में रहा था। एक वीडियो सामने आया था जिसमें रिया सेन और एक व्यक्ति के बीच कथित तौर पर निजी क्षणों को कैमरे में कैद किया गया था। यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया और रिया ने इस वीडियो को पूरी तरह से झूठा और प्राइवेसी का उल्लंघन बताया था। इस वीडियो के लीक होने के बाद रिया ने काफी समय तक मीडिया से दूरी बनाए रखी और इस मामले पर गहरी चुप्पी साधी थी।

    सोनाली बेंद्रे

    सोनाली बेंद्रे का नाम भी MMS स्कैंडल से जुड़ा है। कुछ साल पहले उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर लीक हो गया था जिसमें वे एक निजी जगह पर कुछ पल बिता रही थीं। इस वीडियो के लीक होने के बाद सोनाली ने खुलकर कहा था कि यह पूरी तरह से उनके साथ धोखा था और उन्होंने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। इस घटना ने बॉलीवुड और मीडिया की दुनिया में प्राइवेसी के महत्व पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

    जूही चावला

    जूही चावला का नाम भी एक MMS विवाद से जुड़ा था जो उनकी पर्सनल लाइफ से संबंधित था। उनका एक कथित वीडियो वायरल हुआ था जो बाद में फर्जी साबित हुआ। जूही ने इस वीडियो को पूरी तरह से नकारते हुए इसे उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का एक प्रयास बताया। हालांकि जूही ने कभी इस मामले में खुलकर बात नहीं की लेकिन यह घटना उनकी पर्सनल लाइफ को लेकर मीडिया में चर्चाओं का कारण बनी।

    5. मलाइका अरोड़ा

    मलाइका अरोड़ा भी MMS लीक स्कैंडल का शिकार हो चुकी हैं। एक वीडियो सामने आया था जिसमें मलाइका और एक अन्य व्यक्ति के बीच निजी क्षण थे। इस वीडियो के वायरल होने के बाद मलाइका ने इसे एक गलतफहमी और मीडिया द्वारा फैलाए गए अफवाहों का हिस्सा बताया था। इस घटना ने एक बार फिर से इंटरनेट पर व्यक्तिगत वीडियो की सुरक्षा और प्राइवेसी के बारे में सवाल उठाए थे।

    प्राइवेसी और सुरक्षा पर बढ़ती चिंताएं

    इन घटनाओं ने यह साबित कर दिया कि बॉलीवुड सितारे भी इंटरनेट और सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी प्राइवेसी की रक्षा करने के लिए असुरक्षित महसूस करते हैं। प्राइवेसी ब्रीच के इन मामलों ने एक गंभीर सवाल खड़ा किया है कि क्या आज के डिजिटल दौर में किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी या वीडियो सुरक्षित रह सकते हैं? जहां एक ओर इंटरनेट का इस्तेमाल जानकारी के आदान-प्रदान के लिए किया जाता है वहीं दूसरी ओर इस तरह की घटनाएं लोगों के व्यक्तिगत जीवन को नुकसान पहुंचाती हैं।

    MMS लीक और स्कैंडल के मामलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सेलेब्रिटी भी किसी नॉर्मल व्यक्ति की तरह प्राइवेसी के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। इन घटनाओं ने एक बार फिर से यह बताने की कोशिश की है कि हमें अपनी डिजिटल प्राइवेसी को लेकर अधिक जागरूक रहना चाहिए। हालांकि इन विवादों के बावजूद बॉलीवुड सितारों ने हमेशा अपनी छवि की रक्षा करने की कोशिश की है और यह उनके लिए एक कठिन लड़ाई साबित हुई है।

  • छिंदवाड़ा में स्लीपर बस पलटी छह घायल दो की हालत गंभीर

    छिंदवाड़ा में स्लीपर बस पलटी छह घायल दो की हालत गंभीर



    छिंदवाड़ा ।
    छिंदवाड़ा जिले के हर्रई थाना क्षेत्र में सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात एक बड़ी सड़क दुर्घटना हुईजिसमें एक स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। यह बस टीकमगढ़ से नागपुर जा रही थी और दुर्घटना तेदनी के पास हुई। इस हादसे में कुल छह यात्री घायल हुए हैंजिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। के अनुसारयह हादसा रात के लगभग 3 बजे हुआजब बस अचानक असंतुलित हो गई और सड़क किनारे पलट गई। बस पलटते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गईऔर गंभीर रूप से घायल यात्रियों को नरसिंहपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
    बाकी घायल यात्रियों का इलाज छिंदवाड़ा जिले के स्थानीय अस्पतालों में जारी है। हादसे के बाद पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और राहत कार्य शुरू किया। चूंकि यह हादसा रात में हुआ थाइसलिए बचाव कार्य में कुछ दिक्कतें आईं। लेकिनस्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को बस से बाहर निकालकर अस्पताल भेज दिया गया। समय पर किए गए इस राहत कार्य ने यात्रियों के लिए बड़ी राहत प्रदान की।

    दुर्घटना के कारणों का पता अभी तक नहीं चल पाया हैलेकिन यह माना जा रहा है कि बस का संतुलन बिगड़ने के कारण यह हादसा हुआ। दुर्घटना के बादपुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन ने घायल यात्रियों की मदद के लिए अस्पतालों में विशेष इंतजाम किए हैं और उन्हें हर संभव सहायता देने की कोशिश की जा रही है। छिंदवाड़ा जिले में इस प्रकार की सड़क दुर्घटनाएं एक बड़ी चिंता का विषय बन गई हैं। स्लीपर बसों का संचालन लगातार बढ़ रहा हैलेकिन सुरक्षा उपायों की कमी और ओवरस्पीडिंग जैसी समस्याएं इन हादसों को बढ़ावा दे रही हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त यातायात नियमों का पालन और बेहतर निगरानी की जरूरत है। इस हादसे ने यह भी साफ किया है कि रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में बचाव कार्य में समय की अहमियत है। पुलिस और अन्य राहत टीमों द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई ने कई यात्रियों की जान बचाई। आने वाले समय में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को और भी कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।

    अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बस के ड्राइवर की कोई गलती थी या तकनीकी खराबी के कारण यह दुर्घटना हुई। पुलिस और प्रशासन इस मामले की जांच कर रहे हैंताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। घायलों की स्थिति के बारे में बताया गया कि गंभीर रूप से घायल दो यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद नरसिंहपुर भेजा गया हैजहां उनका इलाज किया जाएगा। बाकी घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में जारी है और उनकी स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

    इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के मुद्दे को गंभीर बना दिया है। यात्रियों और ड्राइवरों को भी जागरूक करने की आवश्यकता है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और अपनी यात्रा को सुरक्षित बनाएं। कुल मिलाकरयह एक दर्दनाक हादसा थालेकिन समय पर किए गए राहत कार्य ने कई लोगों की जान बचाई। अब देखना होगा कि प्रशासन इस तरह के हादसों को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।

  • दमोह-टीकमगढ़, पन्ना-कटनी में खुलेगा मेडिकल कॉलेज; सागर में बनेगा इंडस्ट्रियल पार्क, 30 हजार को मिलेगा रोजगार

    दमोह-टीकमगढ़, पन्ना-कटनी में खुलेगा मेडिकल कॉलेज; सागर में बनेगा इंडस्ट्रियल पार्क, 30 हजार को मिलेगा रोजगार


    खजुराहो/ मध्यप्रदेश के खजुराहो में आयोजित तीन दिवसीय विशेष कैबिनेट बैठक ने बुंदेलखंड और आसपास के जिलों के लिए कई विकास योजनाओं की सौगात दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक के बाद प्रेस वार्ता में बताया कि आने वाले समय में बुंदेलखंड को चार मेडिकल कॉलेज मिलने जा रहे हैंजो दमोहटीकमगढ़पन्ना और कटनी में स्थापित किए जाएंगे। ये मेडिकल कॉलेज अगले शैक्षणिक सत्र से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया हैजिससे क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाएँ और रोजगार के अवसर दोनों बढ़ेंगे।

    दमोह सिंचाई परियोजना को 165 करोड़ की मंजूरी
    मुख्यमंत्री ने बताया कि दमोह जिले की बहुप्रतीक्षित झापड़ नाला माध्यम सिंचाई परियोजना को 165 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी गई है। इस परियोजना से हजारों किसानों को पानी मिलेगा और कृषि उत्पादकता में वृद्धि होगी।प्रदेश सरकार का लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और सिंचाई सुविधाओं को अधिक से अधिक क्षेत्रों तक पहुंचाना है।सागर में बनेगा विशाल इंडस्ट्रियल पार्क30 हजार रोजगार बैठक में सबसे बड़ी घोषणा सागर को लेकर की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सागर जिले में एक बड़ा इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किया जाएगा। इसमें 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आएगा।

    30 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।

    इंडस्ट्रियल पार्क से बुंदेलखंड और महाकौशल क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।साथ ही यहां निवेशक सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगाजिससे नए उद्योगों को आकर्षित किया जा सके।पर्यटन को बढ़ावा: खजुराहो में फाइव स्टार होटल और कन्वेंशन सेंटर का बेहतर उपयोग खजुराहोजो विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैअब और बेहतर सुविधाएँ प्राप्त करेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि- कन्वेंशन सेंटर के साथ पीपीपी मॉडल पर फाइव स्टार होटल बनाने की योजना है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पन्ना नेशनल पार्क में 10 नई कैंटर बसें शुरू की गई हैं ताकि बड़े ग्रुप भी एक साथ सफारी का आनंद ले सकें। G-20 की सफलता के बाद खजुराहो को लगातार अंतरराष्ट्रीय आयोजन स्थलों की सूची में मजबूत करने की योजना पर भी चर्चा हुई।

    पन्ना नेशनल पार्क व वन्यजीव संरक्षण को नया प्रोत्साहन
    पन्ना टाइगर रिजर्व में मंत्री मंडल ने रोमांचक सफारी का अनुभव लिया। मंत्री प्रहलाद पटेलविजय शाहइंदर सिंह परमार और लखन पटेल ने दो बार बाघ देखने का अनुभव साझा किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि- कूनो में 28 और गांधीसागर में 2 चीते हैं। जनवरी में बोत्सवाना से 8 नए चीते मध्यप्रदेश लाए जाएंगे। उन्हें नौरादेही और दुर्गावती अभयारण्य में पुनर्स्थापित किया जाएगा। पन्ना पार्क में हाथियों की संख्या भी लगातार बढ़ रही हैजिससे भविष्य में यह हाथियों के लिए भी आदर्श आवास बन सकता है। युवाओं को विदेश भेजने की योजनाअस्पतालों का उन्नयनबैठक में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी कई योजनाओं को मंजूरी दी गई- पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के 600 युवाओं को जर्मनी और जापान भेजने की योजना तैयार की गई है। प्रदेश के 12 अस्पतालों को अपग्रेड किया जाएगा। एमपी में अग्निशमन सेवा विस्तार के लिए 397 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए।

    कैनबिनेट मीटिंग से पहले- बाद के कार्यक्रम
    मंगलवार सुबह सभी मंत्रियों ने पन्ना टाइगर रिजर्व पहुंचकर सफारी का आनंद लिया। फील्ड डायरेक्टर नरेश यादव ने मंत्रियों का स्वागत कर उन्हें पीटीआर की विशेष कैप पहनाकर प्रवेश दिलाया।मंत्रियों ने कहा कि यह अनुभव बेहद शानदार रहा और पन्ना का वन्यजीव संरक्षण मॉडल देश के लिए उदाहरण बन सकता है।इसके अलावा मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की बैठक भी लीजिसमें योजनाओं की समीक्षा और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई।खजुराहो की इस कैबिनेट बैठक ने बुंदेलखंड को मेडिकल कॉलेजसिंचाई परियोजनापर्यटन विकास और औद्योगिक प्रगति जैसी बड़ी सौगातें दी हैं। आने वाले वर्षों में क्षेत्र में रोजगारस्वास्थ्य सेवाओं और पर्यटन के नए अवसर पैदा होंगे।

  • उदयपुर: फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और पत्नी श्वेतांबरी भट्ट 7 दिन की पुलिस रिमांड पर, 30 करोड़ की ठगी केस में सबूत जुटाए जाएंगे

    उदयपुर: फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और पत्नी श्वेतांबरी भट्ट 7 दिन की पुलिस रिमांड पर, 30 करोड़ की ठगी केस में सबूत जुटाए जाएंगे


    उदयपुर / पुलिस ने फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को 30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार कर 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दोनों को मुंबई से ट्रांजिट रिमांड के तहत उदयपुर लाया गया और मंगलवार को एसीजेएम कोर्ट-4 में पेश किया गया।

    पुलिस के अनुसार, आरोप है कि भट्ट दंपती ने फिल्म निर्माण के नाम पर बड़ी रकम ली, लेकिन न तो शूटिंग पूरी की और न ही रकम लौटाई। शिकायत इंदिरा ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. अजय मर्डिया द्वारा दर्ज कराई गई थी, जो इंदिरा आईवीएफ से जुड़ा मामला है।

    रिमांड के दौरान पुलिस क्या करेगी?

    बैंक स्टेटमेंट और भुगतान स्रोतों की जांच

    अनुबंधों की वैधता और परियोजना का वित्तीय लेखा-जोखा देखना

    डिजिटल सबूत जैसे ईमेल, व्हाट्सएप चैट और अन्य संचार रिकॉर्ड की जांच

    संभावित गवाहों और संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत छानबीन

    पुलिस का कहना है कि रिमांड अवधि में सभी महत्वपूर्ण सबूत जुटाकर आरोपीयों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

    भट्ट दंपती का बयान

    विक्रम और श्वेतांबरी भट्ट ने आरोपों का खंडन किया है और कहा कि आरोप निराधार हैं। उनके वकीलों ने बताया कि वे न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करेंगे और सच्चाई सामने आएगी।

    स्थानीय प्रशासन ने भी कहा कि जांच को निष्पक्ष और तेज गति से पूरा किया जाएगा, ताकि पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके। रिमांड अवधि के बाद कोर्ट अगली सुनवाई में हिरासत या जमानत से जुड़े आदेश देगा।

  • गोवा नाइट क्लब अग्निकांड: फरार लूथरा ब्रदर्स को पकड़ने इंटरपोल से ब्लू कॉर्नर नोटिस की तैयारी

    गोवा नाइट क्लब अग्निकांड: फरार लूथरा ब्रदर्स को पकड़ने इंटरपोल से ब्लू कॉर्नर नोटिस की तैयारी


    गोवा/ के एक नाइट क्लब में हुए भीषण अग्निकांड के बाद फरार क्लब मालिक सौरव और गौरव लूथरा की तलाश तेज हो गई है। हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई थी और कई अभी भी इलाजरत हैं। जांच एजेंसियां दोनों भाइयों के खिलाफ इंटरपोल के जरिए ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर रही हैं। जानकारी के अनुसार, आग लगने के कुछ ही घंटे बाद लूथरा ब्रदर्स थाईलैंड के फुकेट भाग गए।

    फुकेट के लिए उड़ान:
    सूत्रों के अनुसार, 7 दिसंबर की सुबह 5:30 बजे इंडिगो की फ्लाइट 6ई-1073 से मुंबई होते हुए दोनों भाई फुकेट के लिए रवाना हुए। घटना के तुरंत बाद गोवा पुलिस ने उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया था।

    दिल्ली में घर बंद:
    गोवा पुलिस की टीमें दिल्ली में जीटीबी नगर स्थित उनके आवास पर पहुंचीं। वहां ताला लगा मिला और घर में कोई मौजूद नहीं था। पुलिस को शक है कि फरारी की योजना पहले से बनाई गई थी।

    तीसरे पार्टनर अजय गुप्ता की तलाश:
    जांच में यह सामने आया कि नाइट क्लब के संचालन में अजय गुप्ता नाम का तीसरा पार्टनर भी शामिल था। पुलिस अब उसकी भूमिका की जांच कर रही है और उसकी तलाश तेज कर दी गई है।

    25 लोगों की मौत, कई घायलों का इलाज जारी:
    यह हादसा शनिवार देर रात पणजी से 25 किलोमीटर दूर नाइट क्लब में हुआ। आग लगने से 25 लोगों की मौत हुई, जिनमें 20 कर्मचारी और 5 पर्यटक शामिल थे। मृतकों में 4 पर्यटक दिल्ली से थे। पांच घायलों का इलाज गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) में जारी है।

    एफआईआर और इंटरपोल मदद:
    गोवा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। फरारी की पुष्टि के बाद इमिग्रेशन ब्यूरो से उनके यात्रा ब्योरे जुटाए गए। अब इंटरपोल के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ने की तैयारी की जा रही है।

    अग्निकांड की गुत्थी:
    पुलिस को संदेह है कि क्लब में सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की गई। लूथरा ब्रदर्स और उनके तीसरे पार्टनर की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा लापरवाही का नतीजा था या इसके पीछे कोई साजिश थी।

    यह खबर राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा नियमों और अग्नि सुरक्षा के पालन की गंभीर चेतावनी भी देती है।